samacharsecretary.com

पेंशन बढ़ेगी या नहीं? 8th Pay Commission पर राज्यसभा में स्पष्ट संकेत

नई दिल्ली अगर आप केंद्र सरकार के कर्मचारी हैं या रिटायर हो चुके हैं, तो आपकी भविष्य की आर्थिक सुरक्षा को लेकर संसद से एक बड़ी खबर आई है। 8वें वेतन आयोग को लेकर चल रही तमाम अटकलों और पेंशन संशोधन के सवालों पर वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने राज्यसभा में स्थिति साफ कर दी है। इस जानकारी से उन लोगों को बड़ी राहत मिली है, जो 31 दिसंबर 2025 तक रिटायर होने वाले हैं या पेंशन में होने वाले बदलावों को लेकर चिंतित थे। वेतन आयोग की तैयारी: शुरू हुआ फीडबैक का दौर सरकार ने स्पष्ट किया है कि 8th Pay Commission अब कागजों से निकलकर एक्शन मोड में आ गया है। 3 नवंबर 2025 को इसके गठन की अधिसूचना जारी होने के बाद अब आयोग ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट भी लॉन्च कर दी है। इतना ही नहीं, 'MyGov' पोर्टल के जरिए कर्मचारियों और पेंशनभोगियों से उनकी राय और सुझाव मांगे जा रहे हैं। आयोग को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है, जिसके आधार पर वेतन, भत्ते और पेंशन की नई दरों का फैसला होगा। रिटायरमेंट की तारीख और पेंशन का गणित सबसे बड़ा सवाल यह था कि क्या 31 दिसंबर 2025 या उससे पहले रिटायर होने वाले कर्मचारी 8वें वेतन आयोग के दायरे में आएंगे? सरकार ने साफ किया है कि पेंशन में किसी भी तरह का बदलाव या बढ़ोतरी 'पेंशन नियम 2021' और आयोग की सिफारिशों के आधार पर जारी होने वाले सामान्य आदेशों से तय होती है। फाइनेंस बिल 2025 के जरिए किसी की पेंशन में अपने आप कोई बदलाव नहीं होता, बल्कि यह एक व्यवस्थित कानूनी प्रक्रिया है। क्या फाइनेंस एक्ट से बदल जाएंगे नियम? सांसद आनंद भदौरिया के सवाल का जवाब देते हुए मंत्री ने बताया कि फाइनेंस एक्ट 2025 मौजूदा पेंशन नियमों को सिर्फ मजबूती देता है, वह वर्तमान में मिल रही सिविल या डिफेंस पेंशन के ढांचे में कोई सीधा बदलाव नहीं करता। पेंशन में संशोधन तभी लागू होता है जब सरकार वेतन आयोग जैसी विशेषज्ञ संस्था की सिफारिशों को स्वीकार कर लेती है। यानी, जो भी बदलाव होंगे, वे तय नियमों के तहत सभी पात्र श्रेणियों पर लागू किए जाएंगे। फिलहाल सरकार का पूरा ध्यान आयोग के जरिए मिलने वाले फीडबैक और डेटा पर है, ताकि आने वाले समय में एक संतुलित और मजबूत वेतन ढांचा तैयार किया जा सके।

8th Pay Commission पर बवाल: 2.5 लाख कर्मचारियों को नहीं मिला लाभ, वित्त मंत्री को लिखा पत्र

नई दिल्ली केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में घोषित कंपोजिट सैलरी अकाउंट पैकेज (CSAP) को लेकर विवाद गहरा गया है। ऑल इंडिया एनपीएस इंप्लॉई फेडरेशन ने इस योजना से केंद्र शासित प्रदेशों और स्वायत्त निकायों (Autonomous Bodies) के कर्मचारियों को बाहर रखने पर कड़ी आपत्ति जताई है। फेडरेशन ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखकर इस 'नाइंसाफी' को दूर करने की मांग की है। 2.5 लाख कर्मचारियों के साथ भेदभाव का आरोप फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मंजीत सिंह पटेल ने वित्त मंत्री को भेजे पत्र में स्पष्ट किया है कि देश की करीब 5,000 सेंट्रल ऑटोनोमस बॉडीज में लगभग 2.5 लाख कर्मचारी कार्यरत हैं। ये कर्मचारी केंद्र सरकार के ही नियमों के तहत सेवाएं देते हैं, फिर भी उन्हें इस महत्वपूर्ण वेलफेयर बूस्टर से वंचित रखा गया है।   इसमें दिल्ली सरकार (GNCTD) और अन्य केंद्र शासित प्रदेशों के कर्मचारी भी शामिल हैं, जो व्यावहारिक रूप से केंद्र के ही अधीन काम करते हैं। क्या है कंपोजिट सैलरी अकाउंट पैकेज? केंद्र सरकार ने 16 जनवरी को केंद्रीय कर्मचारियों के लिए इस विशेष पैकेज की घोषणा की थी। इसे आठवें वेतन आयोग के लागू होने से पहले एक बड़े सुधार के रूप में देखा जा रहा है। इस योजना के मुख्य लाभ इस प्रकार हैं:     बैंकिंग सुविधाएं: एक ही खाते के माध्यम से सभी वित्तीय लेनदेन।     बीमा कवर: कर्मचारियों को बेहतर बीमा सुरक्षा का प्रावधान।     ऋण और कार्ड: आसान लोन प्रक्रिया और विशेष कार्ड सुविधाएं।     वित्तीय सुरक्षा: बैंकिंग जरूरतों को एक ही स्थान पर एकीकृत कर सामाजिक सुरक्षा मजबूत करना। फेडरेशन की प्रमुख मांगें फेडरेशन ने केंद्र सरकार से मांग की है कि प्रधानमंत्री के 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' के विजन को ध्यान में रखते हुए समानता सुनिश्चित की जाए। पत्र के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:     समानता का अधिकार: सभी केंद्र शासित प्रदेशों और ऑटोनोमस बॉडीज के कर्मचारियों को तुरंत इस पैकेज में शामिल किया जाए।     सामाजिक न्याय: वित्तीय सुरक्षा के इस लाभ को केवल मंत्रालयों तक सीमित न रखा जाए।     वित्तीय समावेश: 2.5 लाख वंचित कर्मचारियों को भी बैंकिंग और बीमा के ये विशेष लाभ दिए जाएं।

8वां वेतन आयोग: जानें, लेवल 1 से 18 तक कर्मचारियों की सैलरी में क्या बढ़ोतरी हो सकती है

 नई दिल्‍ली 8वें वेतन आयोग की मंजरी मिलने के बाद कमर्चारी यह जानने की उत्‍सुक हैं कि उनकी सैलरी कितनी बढ़ जाएगी. हालांकि अभी तक 8वें वेतन आयोग के तहत सैलरी स्‍ट्रक्चर या सैलरी बढ़ोतरी के बारे में कोई अधिकार‍िक जानकारी सामने नहीं आई है, सिर्फ एक्‍सपर्ट्स कैलकुलेशन के माध्‍यम से अनुमान लगाया जा रहा है कि कि 8वां वेतन आयोग के तहत कितनी सैलरी बढ़ सकती है. आइए जानते हैं ग्रुप A, B, C और D लेवल के कर्मचारियों की कितनी सैलरी बढ़ सकती है .  मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सैलरी और पेंशन में बढ़ोतरी फिटमेंट फैक्टर पर निर्भर करेगा. जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाली समिति इसे तय करेगी. इसे बाद केंद्र सरकार इसकी समीक्षा करेगी और यह पूरी प्रक्रिया 2027 की दूसरी छमाही तक पूरा होने की उम्‍मीद है.  कितनी रह सकता है फिटमेंट फैक्‍टर?  एक्‍सपर्ट्स की राय है कि 8वें वेतन आयोग के तहत फिटमेंट फैक्‍टर 1.70 से 2.86 के बीच रह सकता है और इसे सभी लेवल के कर्मचारियों पर एक समान तौर पर लागू किया जा सकता है. उनका कहना है कि समान फिटमेंट फैक्टर से सभी कर्मचारियों को बराबर लाभ मिलता है, लेकिन उच्च पदों पर रुपये में बढ़ोतरी अधिक होती है.  किसकी कितनी बढ़ जाएगी सैलरी?  2.15 फिटमेंट फैक्टर पर सैलरी बढ़ोतरी      लेवल 1 के कर्मचारियों के लिए ₹18,000 से ₹38,700 यानी कि कुल ₹20,700 की बढ़ोतरी हो सकती है.     लेवल 10 के कर्मचारियों के लिए ₹56,100 से  ₹1,20,615 यानी कि ₹64,515 की बढ़ोतरी हो सकती है.      लेवल 18 के कर्मचारियों के लिए ₹2,50,000 से ₹5,37,500  यानी कि ₹2,87,500 की बढ़ोतरी हो सकती है.  2.86 फिटमेंट फैक्टर पर संभावित सैलरी      लेवल 1 के कर्मचारियों के लिए ₹18,000 से ₹51,480 यानी ₹33,480 का इजाफा होगा.      लेवल 3 के कर्मचारियों के लिए ₹21,700 से बढ़कर ₹62,062 यानी ₹40,362 का इजाफा होगा.      लेवल 6 के कर्मचारियों के लिए ₹35,400 से बढ़कर  ₹1,01,244 यानी ₹65,844 का इजाफा होगा.      लेवल 10 के कर्मचारियों के लिए ₹65,844 से बढ़कर ₹1,60,446 यानी ₹1,04,346 का इजाफा होगा.  1.7 फिटमेंट फैक्टर पर निचले कर्मचारियों की सैलरी     लेवल 1 के कर्मचारियों के लिए सैलरी ₹18,000 से बढ़कर ₹30,600      लेवल 3 के कर्मचारियों के लिए सैलरी ₹21,700 से बढ़कर ₹36,890     लेवल 6 के कर्मचारियों के लिए सैलरी ₹35,400 से बढ़कर ₹60,000  

8वें वेतन आयोग का ऐलान, कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी—किसे मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा?

भोपाल  देशभर के सरकारी कर्मचारियों, अधिकारियों और पेंशनर्स के बीच इन दिनों 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर चर्चा चरम पर है। केंद्र सरकार ने इसकी प्रक्रिया की शुरुआत पहले ही कर दी है, वहीं राज्यों में भी हलचल तेज हो गई है। नए साल पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बड़ा ऐलान करते हुए 8वें राज्य वेतन आयोग के गठन की घोषणा कर दी। इसके साथ ही असम यह फैसला लेने वाला देश का पहला राज्य बन गया। इस ऐलान के बाद अब मध्यप्रदेश समेत अन्य राज्यों में भी उम्मीदें बढ़ गई हैं। एमपी में तेज हुई हलचल, कर्मचारी संघ सक्रिय असम की पहल के बाद मध्यप्रदेश में भी 8वें वेतन आयोग को लेकर कवायद तेज हो गई है। राज्य कर्मचारी संघ ने इसे लेकर रणनीति बनानी शुरू कर दी है। कर्मचारियों को होने वाले संभावित लाभ का पूरा हिसाब-किताब तैयार करने की तैयारी चल रही है। राज्य कर्मचारी संघ के महामंत्री जितेंद्र सिंह, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य संजय अवस्थी और प्रवक्ता अनिल भार्गव ने बताया कि जल्द ही इस विषय पर विशेष बैठक बुलाई जाएगी।  8वें वेतन आयोग: जानें किस वर्ग को मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा 8वां वेतन आयोग क्या है? सरकार हर 10 साल में वेतन आयोग का गठन करती है, ताकि सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन व पेंशन की समीक्षा की जा सके। 8वां वेतन आयोग भी इसी उद्देश्य से बनाया गया है। इसके तहत सैलरी स्ट्रक्चर, भत्ते और पेंशन में संशोधन किया जाएगा, ताकि बढ़ती महंगाई का असर कर्मचारियों पर कम हो सके। कितने लोग होंगे लाभार्थी? इस वेतन आयोग से करीब 50 लाख केंद्र सरकार के कर्मचारी (रक्षा कर्मियों सहित) और लगभग 65 लाख पेंशनभोगी (रक्षा सेवानिवृत्तों सहित) लाभान्वित होंगे। यानी कुल मिलाकर करीब एक करोड़ लोग इस फैसले के दायरे में आएंगे। वेतन बढ़ोतरी कैसे तय होगी? 8वें वेतन आयोग में वेतन बढ़ोतरी का आधार फिटमेंट फैक्टर होगा। अभी सरकार ने इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स और विशेषज्ञों के अनुमान के मुताबिक फिटमेंट फैक्टर 2.15 से लेकर 2.57 तक हो सकता है। फिटमेंट फैक्टर जितना ज्यादा होगा, बेसिक सैलरी में उतनी ही ज्यादा बढ़ोतरी होगी। उदाहरण के तौर पर, अगर फिटमेंट फैक्टर 2.15 रखा जाता है, तो न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये से बढ़कर लगभग 38,700 रुपये हो सकती है। कितना बढ़ेगा वेतन? विशेषज्ञ करेंगे गणना कर्मचारी संघ के मुताबिक –  6वें और 7वें वेतनमान का तुलनात्मक अध्ययन किया जाएगा सभी संवर्ग, श्रेणी, वेतनमान और ग्रेड पे के आधार पर आकलन होगा वित्त विशेषज्ञों से चर्चा कर संभावित लाभ का खाका तैयार किया जाएगा इसके बाद निष्कर्षों के आधार पर राज्य सरकार को ज्ञापन सौंपा जाएगा। संघ का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री कार्यालय, सामान्य प्रशासन विभाग और वित्त विभाग के अधिकारियों से भी मुलाकात करेगा। केंद्र सरकार का बड़ा कदम गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने 3 नवंबर 2025 को 8वें केंद्रीय वेतन आयोग का गठन किया है। इस आयोग की अध्यक्षता सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति रंजना देसाई कर रही हैं। केंद्र सरकार ने आयोग को 18 महीने में रिपोर्ट सौंपने का समय दिया है। अब सवाल यही—कब मिलेगा फायदा? असम की पहल के बाद उम्मीद की जा रही है कि अन्य राज्य भी जल्द बड़ा फैसला ले सकते हैं। अगर मध्यप्रदेश में भी 8वां वेतन आयोग लागू होता है, तो लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स को वेतन और पेंशन में बड़ा फायदा मिल सकता है। नजरें अब सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं… कितना फायदा होगा, इसका करेंगे हिसाब किताब राज्य कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों के अनुसार 8 वें वेतनमान में कर्मचारियों, अधिकारियों को होनेवाले फायदे का पूरा हिसाब निकाला जाएगा। वित्त विशेषज्ञों से भी इस संबंध में बात करेंगे। इससे जो निचोड़ निकलेगा, राज्य सरकार को उसकी जानकारी देंगे। संघ के महामंत्री जितेंद्र सिंह, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य संजय अवस्थी और प्रवक्ता अनिल भार्गव के अनुसार जल्द ही इसके लिए बैठक बुलाई जाएगी। संभावित लाभ के आकलन के लिए कठिन कवायद राज्य कर्मचारी संघ का कहना है कि मध्यप्रदेश में 8 वें वेतन आयोग के लिए 6 वें और 7 वें वेतनमान का तुलनात्मक अध्ययन करेंगे। इसके साथ ही प्रदेश के सभी संवर्ग और श्रेणी के अधिकारियों, कर्मचारियों के वेतनमान और ग्रेड पे के हिसाब से 8 वें वेतनमान से संभावित लाभ का आकलन करेंगे।कर्मचारियों, विशेषज्ञों से चर्चा के बाद निष्कर्षो से राज्य सरकार को अवगत कराने ज्ञापन तैयार करेंगे। इसके साथ ही राज्य कर्मचारी संघ का प्रतिनिधिमंडल सीएम कार्यालय जाएगा। प्रदेश के सामान्य प्रशासन विभाग और वित्त विभाग के अधिकारियों को भी यह ज्ञापन दिया जाएगा।

8वां वेतन आयोग आज 1 जनवरी 2026 से लागू, सैलरी, पेंशन और DA पर होंगे अहम अपडेट

नई दिल्ली 8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच उत्सुकता तेज हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार द्वारा मंजूर यह आयोग आज 1 जनवरी 2026 से लागू हुआ! इसके तहत केंद्र सरकार के कर्मचारियों और रिटायर्ड कर्मियों की सैलरी, पेंशन और भत्तों में बदलाव किया जाएगा। सबसे ज्यादा चर्चा सैलरी बढ़ोतरी और फिटमेंट फैक्टर को लेकर हो रही है। माना जा रहा है कि नए वेतन आयोग से लाखों परिवारों की आमदनी पर सीधा असर पड़ेगा। 2025 में 8वें वेतन आयोग पर क्या हुआ? साल 2025 में सरकार ने 8वें वेतन आयोग को लेकर तीन अहम कदम जरूर उठाए।     सरकार ने यह फैसला लिया कि केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स की सैलरी, पेंशन और अन्य भत्तों की समीक्षा के लिए 8वां वेतन आयोग नियुक्त किया जाएगा।     इसके बाद 8वें वेतन आयोग का औपचारिक गठन किया गया और इसके चेयरमैन व अन्य सदस्यों की नियुक्ति भी कर दी गई।     तीसरे अहम कदम के तौर पर सरकार ने 8वें वेतन आयोग के लिए Terms of Reference (TOR) को भी अधिसूचित कर दिया। TOR जारी होने से पहले सरकार ने विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और कर्मचारी संगठनों से बातचीत की। इसमें NC-JCM स्टाफ साइड भी शामिल रहा, जिसने TOR को लेकर अपने सुझाव नोटिफिकेशन से पहले और बाद में सरकार को सौंपे। 2026 में कर्मचारियों और पेंशनर्स को क्या मिलेगा? 7वें वेतन आयोग का 10 साल का कार्यकाल 31 दिसंबर 2025 को पूरा हो जाएगा। इसके बावजूद सरकार ने अब तक यह साफ नहीं किया है कि 8वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से लागू होगा या नहीं। हाल ही में संसद में सरकार की ओर से संकेत दिया गया कि 8वें वेतन आयोग की लागू होने की तारीख पर फैसला तब लिया जाएगा, जब आयोग अपनी सिफारिशें सौंप देगा। इसका सीधा मतलब यह है कि 1 जनवरी 2026 से ही नई सैलरी या नई पेंशन मिलना तय नहीं है। क्या बाद में एरियर मिलने की उम्मीद है? हालांकि, जब भी 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होंगी, तब कर्मचारियों और पेंशनर्स को 1 जनवरी 2026 से एरियर मिलने की संभावना जरूर बनी रहेगी। इसके पीछे दो अहम वजहें मानी जाती हैं। पहली, 7वें वेतन आयोग का कार्यकाल 31 दिसंबर 2025 को खत्म हो रहा है, इसलिए सामान्य तौर पर नया वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से प्रभावी माना जाना चाहिए। दूसरी, सरकार आमतौर पर वेतन से जुड़े फैसले अगर देरी से लागू करती है, तो प्रभावी तारीख से एरियर देती है। हालांकि, एरियर और लागू होने की तारीख पर अंतिम फैसला पूरी तरह सरकार के हाथ में होगा। क्या 8वां वेतन आयोग 2026 में रिपोर्ट देगा? 8वें वेतन आयोग के 2026 में अपनी सिफारिशें सौंपने की संभावना काफी कम मानी जा रही है। वजह यह है कि आयोग का गठन हाल ही में हुआ है और सरकार ने उसे 18 महीने तक का समय दिया है। अगर आयोग तय समय के भीतर अपना काम पूरा करता है, तो 2027 में सिफारिशें सामने आ सकती हैं। इसके बाद भी इन्हें लागू करने से पहले सरकार की मंजूरी जरूरी होगी। सैलरी में बढ़ोतरी कब तक नहीं होगी?     सदस्यों की घोषणा के बाद कर्मचारियों को लगा कि जल्द ही सैलरी बढ़ जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं है।     आमतौर पर वेतन आयोग की सिफारिशें हर दस साल में लागू होती हैं।     कैबिनेट ने अपनी अधिसूचना में साफ कहा था कि 8वीं वेतन आयोग की सिफारिशें सामान्य तौर पर 1 जनवरी 2026 से लागू होने की उम्मीद है। लेकिन अभी आयोग की सिफारिशें आई ही नहीं हैं। आयोग को अपनी रिपोर्ट देने में करीब 18 महीने का समय दिया गया है। इसलिए 1 जनवरी से आपकी सैलरी में कोई तुरंत बढ़ोतरी नहीं होगी। अभी पुरानी 7वीं वेतन आयोग की व्यवस्था ही लागू रहेगी। कर्मचारी और पेंशनभोगी अभी भी मौजूदा डीए और अन्य भत्तों के हिसाब से ही पैसे पा सकेंगे। एरियर का क्या होगा? अच्छी खबर यह है कि आयोग लागू होने की तारीख 1 जनवरी 2026 ही मानी जा रही है। यानी जब भी सिफारिशें सरकार स्वीकार करेगी और नई सैलरी लागू होगी, तो 1 जनवरी 2026 से लेकर लागू होने की तारीख तक का एरियर कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को मिलेगा। पिछले वेतन आयोगों में भी ऐसा ही हुआ था। सिफारिशें आने में समय लगता है, लेकिन प्रभावी तारीख से एरियर जमा होता रहता है। इससे कर्मचारियों को एकमुश्त बड़ी रकम मिल सकती है, जब नई सैलरी लागू होगी। सैलरी हाइक कब लागू होगा? यह अभी तय नहीं है कि नई सैलरी कब से मिलनी शुरू होगी। आयोग अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगा, फिर सरकार उसकी समीक्षा करेगी और मंजूरी देगी। उसके बाद ही नई पे मैट्रिक्स, फिटमेंट फैक्टर और बढ़ी हुई सैलरी लागू होगी। अनुमान है कि रिपोर्ट आने के बाद 2027 या 2028 में पूरी तरह लागू हो सकता है, लेकिन एरियर 2026 से ही गिना जाएगा। कर्मचारियों को धैर्य रखना होगा, क्योंकि प्रक्रिया में समय लगता है। लाखों परिवारों की नजर इस पर टिकी है, और उम्मीद है कि नई सिफारिशें महंगाई और जीवन स्तर को ध्यान में रखकर बनेंगी।  कर्मचारियों को क्या राहत मिलती रहेगी? 8वें वेतन आयोग के लागू होने से पहले तक केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनर्स को 7वें वेतन आयोग के नियमों के तहत महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) में बढ़ोतरी मिलती रहेगी। यानी जब तक नया वेतन आयोग लागू नहीं होता, तब तक DA और DR में समय-समय पर बढ़ोतरी ही कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए मुख्य राहत बनी रहेगी।

8th Pay Commission: 1 जनवरी 2026 से लागू होगा आठवां वेतन आयोग, कर्मचारियों की सैलरी में होगी जबरदस्त बढ़ोतरी

भोपाल  नए साल की शुरुआत केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए बड़ी राहत लेकर आ सकती है। केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत 8वां वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर बड़ी अपडेट सामने आ रही है। चर्चाओं के मुताबिक, यह वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से लागू किया जा सकता है, जिससे देशभर के करीब एक करोड़ से अधिक कर्मचारी और पेंशनर्स सीधे लाभान्वित होंगे। हालांकि, अभी तक आयोग की आधिकारिक सिफारिशें सार्वजनिक नहीं की गई हैं, लेकिन शुरुआती अनुमानों और रिपोर्ट्स ने कर्मचारियों की उम्मीदें काफी बढ़ा दी हैं। क्या होता है वेतन आयोग और क्यों है यह अहम? केंद्र सरकार हर 10 साल में वेतन आयोग का गठन करती है, ताकि कर्मचारियों की सैलरी, पेंशन और भत्तों को महंगाई, जीवन-यापन की लागत और आर्थिक हालात के अनुसार संशोधित किया जा सके। 7वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2016 से लागू हुआ था और अब उसकी अवधि पूरी होने के बाद 8वें वेतन आयोग की बारी है। इस बार आयोग की सिफारिशों में बढ़ती महंगाई, DA का असर और कर्मचारियों की वास्तविक आय में आई गिरावट को प्रमुख आधार माना जा रहा है। क्या है डिटेल मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगर फिटमेंट फैक्टर ऊपरी स्तर पर तय होता है तो मौजूदा ₹18,000 की न्यूनतम बेसिक सैलरी बढ़कर करीब ₹51,480 तक पहुंच सकती है। हालांकि, सरकार ने अभी सैलरी बढ़ोतरी के प्रतिशत पर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। मिंट की रिपोर्ट के अनुसार, देश में करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारी (रक्षा कर्मियों सहित) और लगभग 65 लाख पेंशनभोगी हैं, जिन्हें 8वें वेतन आयोग का फायदा मिलेगा। सरकार हर 10 साल में वेतन आयोग बनाकर कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन की समीक्षा करती है। DA पर सरकार ने दी सफाई इस बीच महंगाई भत्ते (DA) को लेकर फैल रही अफवाहों पर भी सरकार ने सफाई दी है। 13 दिसंबर 2025 को सरकार ने सोशल मीडिया पर साफ किया कि यह दावा गलत है कि नए फाइनेंस एक्ट 2025 के बाद पेंशनभोगियों को DA नहीं मिलेगा। सरकार ने कहा कि DA और अन्य रिटायरमेंट लाभ जारी रहेंगे, जब तक किसी कर्मचारी को गंभीर अनुशासनहीनता के कारण बर्खास्त न किया गया हो। CCS पेंशन नियमों में बदलाव केवल ऐसे मामलों पर लागू होता है। फिटमेंट फैक्टर पर एनालिस्ट की राय फिटमेंट फैक्टर को लेकर एनालिस्ट्स की राय है कि सरकार महंगाई, वेतन में आई गिरावट, और सरकारी वित्तीय स्थिति को ध्यान में रखेगी। शुरुआती अनुमान बताते हैं कि फिटमेंट फैक्टर 1.83 से 2.57 के बीच हो सकता है। टैक्स एक्सपर्ट सीए चांदनी आनंदन के अनुसार, अभी कोई अंतिम आंकड़ा तय नहीं हुआ है। गौरतलब है कि 7वें वेतन आयोग में भी फिटमेंट फैक्टर 2.57 था, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि सैलरी उतनी ही गुना बढ़ेगी। अंतिम फैसला आयोग की रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगा। Fitment Factor क्या है? क्यों इसी पर टिकी है पूरी सैलरी बढ़ोतरी वेतन आयोग का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है Fitment Factor। इसी फैक्टर से मौजूदा बेसिक सैलरी को गुणा करके नई बेसिक सैलरी तय की जाती है। रिपोर्ट्स के अनुसार, 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 1.83 से 2.57 के बीच रहने की संभावना जताई जा रही है। अगर 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू होता है, तो कर्मचारियों की सैलरी में रिकॉर्डतोड़ बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। कितनी बढ़ेगी आपकी Basic Pay? समझिए पूरा कैलकुलेशन अगर फिटमेंट फैक्टर 2.57 लागू होता है, तो मौजूदा 7वें वेतन आयोग की बेसिक सैलरी सीधे 2.57 गुना हो जाएगी। कर्मचारियों की निगाहें सरकार के फैसले पर फिलहाल केंद्रीय कर्मचारी संगठनों की निगाहें सरकार के आधिकारिक ऐलान पर टिकी हुई हैं। अगर समय पर आयोग लागू होता है, तो 2026 की शुरुआत कर्मचारियों के लिए आर्थिक रूप से बेहद मजबूत साबित हो सकती है।

7वां वेतन आयोग खत्म, 8वें की तैयारी: नए साल से पहले जानें आपकी सैलरी कितनी बढ़ेगी

नई दिल्ली सातवें वेतन आयोग की समय सीमा 31 दिसंबर 2025 को खत्म हो रही है यानी 8 दिन बाद आठवां वेतन आयोग (8th Pay Commission) लागू होने की संभावना है। देशभर में इसकी चर्चा तेज हो गई है। क्योंकि, इसका सीधा असर 1.19 करोड़ से ज्यादा कर्मचारियों और पेंशनर्स पर पड़ने वाला है। ऐसे में केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स में उम्मीदें भी तेज हो गई हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर फिटमेंट फैक्टर 2.15 तय होता है, तो सैलरी और पेंशन में असल बढ़ोतरी कितनी होगी? सैलरी में इजाफा पूरी तरह फिटमेंट फैक्टर पर निर्भर करेगा, क्योंकि यही फैक्टर नई बेसिक सैलरी तय करता है। इस खबर में हम आपको बताने जा रहे हैं कि आखिर लेवल-1 से लेवल-18 तक यानी चपरासी से लेकर आईएएस तक के कर्मचारियों की सैलरी में कितनी बढ़ोतरी होगी? नया वेतन 1 जनवरी 2026 से लागू होने की संभावना है, लेकिन सरकार को रिपोर्ट मंजूर करने में करीब दो साल लग सकते हैं। ऐसे में कर्मचारियों को एरियर जरूर मिलेगा, पर बढ़ी हुई सैलरी थोड़ा इंतजार कराने के बाद ही हाथ आएगी। फिटमेंट फैक्टर दरअसल वह गुणांक होता है, जिससे मौजूदा बेसिक सैलरी को गुणा कर नई सैलरी तय की जाती है। Nexdigm के डायरेक्टर रामचंद्रन कृष्णमूर्ति के अनुसार, फिटमेंट फैक्टर तय करते समय महंगाई, जीवन-यापन की लागत, CPI इंडेक्स, सरकार की वित्तीय स्थिति और प्राइवेट सेक्टर से तुलना जैसे कई पहलुओं को देखा जाता है। आमतौर पर बेसिक पे और ग्रेड पे को आधार बनाकर यह तय किया जाता है कि कर्मचारियों को कितना इंक्रीमेंट दिया जा सकता है। महंगाई जितनी ज्यादा होती है, फिटमेंट फैक्टर उतना ही ऊंचा रखने की जरूरत महसूस होती है। दोगुने से ज्यादा का असर दिखेगा अगर 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.15 तय होता है, तो सैलरी में सीधा दोगुने से ज्यादा का असर दिखेगा। उदाहरण के तौर पर, अगर किसी कर्मचारी की मौजूदा बेसिक सैलरी ₹18,000 है, तो 2.15 फिटमेंट फैक्टर के हिसाब से नई बेसिक सैलरी ₹38,700 हो सकती है। वहीं, ₹50,000 बेसिक पाने वाले कर्मचारी की सैलरी बढ़कर करीब ₹1,07,500 तक पहुंच सकती है। यही नहीं, चूंकि DA, HRA और पेंशन जैसी सुविधाएं बेसिक सैलरी पर ही निर्भर करती हैं, इसलिए कुल मासिक आय और रिटायरमेंट बेनिफिट्स में भी बड़ा उछाल आएगा। अलग-अलग लेवल के कर्मचारियों की सैलरी अगर अलग-अलग लेवल की बात करें, तो लेवल-1 में ₹18,000 की बेसिक सैलरी बढ़कर ₹38,700, लेवल-6 में ₹35,400 से ₹76,110 और लेवल-10 में ₹56,100 से बढ़कर करीब ₹1.20 लाख हो सकती है। वहीं, सीनियर अधिकारियों के लिए यह बढ़ोतरी और भी ज्यादा होगी। लेवल-15 में ₹1.82 लाख की बेसिक सैलरी ₹3.91 लाख, जबकि लेवल-18 में ₹2.50 लाख से बढ़कर करीब ₹5.37 लाख तक पहुंच सकती है। कुल मिलाकर, अगर 2.15 का फिटमेंट फैक्टर लागू होता है, तो 8वां वेतन आयोग सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए बड़ी राहत और मजबूत बढ़ोतरी लेकर आ सकता है। चपरासी से IAS तक, कितनी कितनी बढ़ेगी सैलरी?  ग्रेड वर्तमान बेसिक पे अनुमानित बेसिक पे Level 1 ₹ 18,000 ₹ 38,700.00 Level 2 ₹ 19,900 ₹ 42,785.00 Level 3 ₹ 21,700 ₹ 46,655.00 Level 4 ₹ 25,500 ₹ 54,825.00 Level 5 ₹ 29,200 ₹ 62,780.00 Level 6 ₹ 35,400 ₹ 76,110.00 Level 7 ₹ 44,900 ₹ 96,535.00 Level 8 ₹ 47,600 ₹ 102,340.00 Level 9 ₹ 53,100 ₹ 114,165.00 Level 10 ₹ 56,100 ₹ 120,615.00 Level 11 ₹ 67,700 ₹ 145,555.00 Level 12 ₹ 78,800 ₹ 169,420.00 Level 13 ₹ 118,500 ₹ 254,775.00 Level 13 ₹ 131,100 ₹ 281,865.00 Level 14 ₹ 144,200 ₹ 310,030.00 Level 15 ₹ 182,200 ₹ 391,730.00 Level 16 ₹ 205,400 ₹ 441,610.00 Level 17 ₹ 225,000 ₹ 483,750.00 Level 18 ₹ 250,000 ₹ 537,500.00  8वां वेतन आयोग कब से लागू होगा? 7वें वेतन आयोग का कार्यकाल 31 दिसंबर 2025 को खत्म हो रहा है। ऐसे में नई सैलरी 1 जनवरी 2026 से लागू होने की संभावना है। हालांकि, सरकार को 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें मंजूर करने में करीब दो साल लग सकते हैं। ऐसे में कर्मचारियों को एरियर मिलने की उम्मीद भी है। फिटमेंट फैक्टर क्या होता है?  फिटमेंट फैक्टर एक मल्टीप्लायर होता है, जिससे मौजूदा बेसिक सैलरी को गुणा कर नई बेसिक सैलरी तय की जाती है। जितना ज्यादा फिटमेंट फैक्टर, उतनी ज्यादा सैलरी और पेंशन। फिटमेंट फैक्टर कैसे तय होता है? एक्सपर्ट बताते हैं कि फिटमेंट फैक्टर तय करते समय कई आर्थिक और संस्थागत पहलुओं को देखा जाता है। आमतौर पर इसमें बेसिक पे + ग्रेड पे को आधार बनाकर जरूरी बढ़ोतरी का आकलन किया जाता है।  

8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर का असर, पूरी सैलरी कैलकुलेशन समझें

नई दिल्ली सातवें वेतन आयोग की समय-सीमा 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो रही है। ऐसे में आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि 1 जनवरी 2026 से नई वेतन संरचना लागू हो सकती है, जिसका सीधा लाभ देश के करीब 1.19 करोड़ केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स (Salary Hike) को मिलेगा। फिटमेंट फैक्टर का सैलरी पर पड़ेगा ये असर कर्मचारियों के बीच सबसे बड़ा सवाल फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) को लेकर है। अगर फिटमेंट फैक्टर 2.15 तय होता है, तो सैलरी और पेंशन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हो सकती है। वेतन में इजाफा इसी फैक्टर पर निर्भर करता है, क्योंकि इसी के आधार पर नई बेसिक सैलरी (Salary calculations) तय की जाती है। विशेषज्ञों के मुताबिक, फिटमेंट फैक्टर तय करते समय महंगाई, जीवन-यापन की लागत, CPI और CPI-IW के आंकड़े, सरकार की वित्तीय स्थिति, बजट और प्राइवेट सेक्टर की सैलरी से तुलना जैसे कई पहलुओं पर विचार किया जाता है। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी कर्मचारी की मौजूदा बेसिक सैलरी 18,000 रुपये है और फिटमेंट फैक्टर 2.15 होता है, तो नई बेसिक सैलरी 38,700 रुपये हो जाएगी। वहीं, 50,000 रुपये बेसिक सैलरी वाले कर्मचारी की नई बेसिक सैलरी 1,07,500 रुपये तक पहुंच सकती है। ग्रेड              वर्तमान बेसिक पे (₹)     अनुमानित बेसिक पे (₹) Level 1            18,000                    38,700.00 Level 2             19,900                   42,785.00 Level 3             21,700                   46,655.00 Level 4            25,500                    54,825.00 Level 5             29,200                   62,780.00 Level 6             35,400                   76,110.00 Level 7            44,900                    96,535.00 Level 8            47,600                    102,340.00 Level 9            53,100                      114,165.00 Level 10         56,100                   120,615.00 Level 11         67,700                    145,555.00 Level 12        78,800                   169,420.00 Level 13       118,500                  254,775.00 Level 13       131,100                   281,865.00 Level 14        144,200                    310,030.00 Level 15        182,200                   391,730.00 Level 16        205,400                      441,610.00 Level 17          225,000                    483,750.00 Level 18           250,000                 537,500.00 DA-HRA में भी बड़ा इजाफा संभव चूंकि महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA) और पेंशन जैसी सुविधाएं बेसिक सैलरी से जुड़ी होती हैं, इसलिए कुल मासिक आय और रिटायरमेंट लाभों में भी बड़ा इजाफा संभव है। हालांकि, आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों को अंतिम रूप देने में सरकार को करीब दो साल लग सकते हैं, ऐसे में कर्मचारियों को एरियर मिलने की भी संभावना जताई जा रही है।

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए खुशखबरी! 8वें वेतन आयोग से कितना होगा वेतन बढ़ोतरी, जानें पूरी टाइमलाइन

नई दिल्ली साल 2025 खत्म होने वाला है और नए साल (New Year 2026) का आगाज होने जा रहा है. नए साल का इंतजार केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को बेसब्री से है, क्योंकि ऐसा माना जा रहा है कि 1 जनवरी 2026 से 8वां वेतन आयोग (8th Pay Commission) लागू होने वाला है. इसके बाद कर्मचारियों को जबर्दस्त सैलरी हाइक (Salary Hike) मिलेगी, इसे लेकर तमाम एक्सपर्ट्स अपने अनुमान जाहिर कर रहे हैं. वहीं बढ़ा हुआ पैसे कर्मचारियों के बैंक अकाउंट (Bank Account) तक कब पहुंचेगा, इसके बारे में संकेत पहले लागू हुए वेतन आयोगों को देखकर लगाया जा सकता है.   8वां वेतन लागू होते ही मिलेगा बढ़ा हुआ पैसा?  8th Pay Commission ने वेतन वृद्धि के संकेत दे दिए हैं. सवाल उठता है कि बढ़ा हुआ वेतन और बकाया राशि क्या इसके लागू होने के तुरंत बाद खाते में पहुंच जाएगी. इसके जबाव के लिए इतिहास पर नजर डालें, तो संशोधित वेतन और बकाया राशि वास्तव में कर्मचारियों तक पहुंचने में समय लगता है. 7th Pay Commission 31 दिसंबर 2025 को औपचारिक रूप से समाप्त हो जाएगा और इसके साथ ही केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच 8वें वेतन आयोग का आगाज होगा.  हालांकि अगले वेतन संशोधन के बारे में तो तमाम अनुमान आ रहे हैं, लेकिन इसकी डेडलाइन और वास्तविक भुगतान पर स्पष्टता अभी बाकी है. पूर्व की परंपरा को देखें तो अगर 1 जनवरी 2026 को कागजों पर नया सैलरी स्ट्रक्चर प्रभावी हो सकता है, लेकिन एक्सपर्ट कह रहे हैं कि वास्तविक वेतन संशोधन और बकाया राशि मिलने में समय लग सकता है, पहले के वेतन आयोगों की तरह कर्मचारियों को प्रतीक्षा के लिए तैयार रहना चाहिए. यानी यह उम्मीद नहीं करनी चाहिए कि बढ़ी हुई सैलरी तुरंत उनके बैंक खातों में दिखाई देगी.  एक्सपर्ट ने साफ की तस्वीर  इस साल अक्टूबर 2025 में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के नेतृत्व वाले केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 8th Pay Commission के लिए टर्म्स ऑफ रेफरेंस को मंजूरी दी थी. इस आयोग को नवंबर 2025 से लगभग 18 महीने का समय दिया गया है, ताकि वह वेतन, भत्ते और पेंशन पर वो अपनी सिफारिशें प्रस्तुत कर सके. कर्मा मैनेजमेंट ग्लोबल कंसल्टिंग सॉल्यूशंस के एमडी प्रतीक वैद्य का कहना है कि आधिकारिक प्रभावी तिथि और वास्तविक भुगतान के बीच आमतौर पर अंतर होता है. वैद्य के मुताबिक,कागज़ पर 8th CPC को 1 जनवरी 2026 से प्रभावी वेतन संशोधन का कार्य सौंपा गया है. लेकिन, पिछले अनुभव से पता चलता है कि प्रभावी तिथि और बैंक खातों में पहला बढ़ा हुआ वेतन आने के बीच आमतौर पर एक अंतराल होता है. उन्होंने 7वें वेतन आयोग का उदाहरण देते हुए कहा कि ये वेतन संशोधन जनवरी 2016 से लागू हो गया था, लेकिन कैबिनेट की मंजूरी उसी वर्ष जून में मिली थी और बकाया राशि का भुगतान बाद के महीनों में किया गया था. कितना हो सकता है Salary Hike?  अब बात करते हैं कि 8वां वेतन आयोग लागू होने के बाद कर्मचारियों की सैलरी में कितनी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है. हालांकि, अभी तक इसका कोई आधिकारिक आंकड़ा नहीं है, लेकिन इसे लेकर कई शुरुआती अनुमान जारी किए जा चुके हैं. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, पिछले वेतन आयोगों और वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों के आधार पर ये सभी अनुमान लगाए जा रहे हैं. 6वें वेतन आयोग के लागू होने के बाद औसत वेतन में करीब 40% की बढ़ोतरी हुई थी. वहीं सातवें वेतन आयोग ने 2.57 के फिटमेंट फैक्टर के आधार पर लगभग 23-25% की वृद्धि की थी. 8वें वेतन आयोग के लिए प्रारंभिक अनुमानों से पता चलता है कि वेतन में 20% से 35% तक का इजाफा देखने को मिल सकता है. सैलरी तय करने में अहम माना जाने वाले Fitment Factor 2.4 और 3.0 के बीच रहने की उम्मीद है. इससे खासतौर पर न्यूनतम और एंट्री लेवल पर सैलरी में अधिक वृद्धि हो सकती है. हालांकि, एक्सपर्ट इस बात पर जोर देते हैं कि ये सिर्फ अनुमान ही हैं, गारंटी नहीं. वैद्य ने कहा सैलरी में इजाफे का अंतिम आंकड़ा अगले 12-18 महीनों में महंगा, 16वें वित्त आयोग के बाद राजकोषीय गुंजाइश और राजनीतिक इच्छाशक्ति पर निर्भर करेगा.

संसद में उठाया सवाल: 8वें वेतन आयोग का एरियर कब मिलेगा? जानें लेटेस्ट अपडेट

 नई दिल्‍ली केंद्र सरकार के कर्मचारी और पेंशनर्स 8वें वेतन आयोग के लागू होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, क्‍योंकि बढ़ती महंगाई और घरेलू खर्चों के उच्‍च स्‍तर पर बने रहने के कारण वेतन संशोधन से उम्‍मीदें और भी तेज हो गई हैं. इस बीच एक खास सवाल यह है कि क्‍या 1 जनवरी 2026 से ही 8th Pay Commission के तहत कर्मचारियों का एरियर मिलेगा? या फिर कर्मचारियों को बढ़ी हुई सैलरी या पिछला बकाया पाने के लिए इंतजार करना पड़ेगा.  1 जनवरी 2026 को एक संभावित डेट माना जा रहा है,  लेकिन सरकार ने अबतक इसकी अधिकारिक ऐलान नहीं किया है. इससे लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स में यह अनिश्चितता बनी हुई है कि उन्हें वास्तविक वित्तीय राहत कब मिलेगी?   संसद में सरकार ने क्‍या दिया जवाब?  8वें वेतन आयोग के लागू करने को लेकर मामला संसद के शीतकालीन सत्र में भी उठाया गया. इस पर जवाब देते हुए वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि 8वें वेतन आयोग को लागू करने की तारीख सरकार उचित समय पर तय करेगी. उन्होंने यह भी कहा कि आयोग की सिफारिशें स्वीकार होने के बाद उसके लिए आवश्यक बजटीय प्रावधान किए जाएंगे. इस बयान से यह संकेत तो मिल रहा है कि सरकार इसे जल्‍द लागू करने की कोशिश कर रही है, लेकिन एरियर 1 जनवरी से दिया जाएगा, यह स्‍पष्‍ट नहीं है.  कब लागू होगा आठवां वेतन आयोग?  नवंबर 2025 में सरकार ने 8वें वेतन आयोग के टर्म्स ऑफ रेफरेंस को मंजूरी दी थी और आयोग को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया है. ऐसे में देखा जाए तो आयोग की रिपोर्ट 2027 के मिड में आने की संभावना है. जब रिपोर्ट आएगी तो सरकार के सिफारिशों की समीक्षा होगी. इसके बाद कैबिनेट से मंजूरी और नए वेन स्‍ट्रक्‍चर का नोटिफिकेशन जारी करने में 3 से 6 महीने का अतिरिक्‍त समय लग सकता है. इस हिसाब से इसे आगे लागू होने की आशंका है. पिछली वेतन आयोगों का इतिहास  अभी भले ही वेतन आयोगों के लागू होने में देरी हुई हो, लेकिन पिछले एक्‍सप्रीएंस कुछ हद तक राहत देने वाल रहे हैं. पहले सैलरी आयोगों में एरियर का पेमेंट औमतौर पर उस तारीख से किया गया है, जिस दिन पहले वेतन आयोग समाप्‍त हुआ था. 7वां वेतन आयोग जून 2016 में लागू हुआ था, लेकिन सैलरी और पेंशन 1 जनवरी 2016 से दी गई थी . इसी तरह 6वां वेतन आयोग अगस्‍त 2008 में मंजूरी हुआ था, लेकिन एरियर 1 जनवरी 2006 से दिया गया था. 5वां वेतन आयोग में भी देरी के बावजूद कर्मचारियों को पिछला भुगतान मिला था. इसी वजह से उम्‍मीद की जा रही है कि 8वें वेतन आयोग का एरियर भी 1 जनवरी 2026 से दिया जा सकता है.  कर्मचारियों की कितनी बढ़ सकती है सैलरी? सैलरी में वास्तविक बढ़ोतरी फिटमेंट फैक्टर पर निर्भर करेगी, जिसे आयोग सुझाएगा और सरकार स्वीकार करेगी. अगर 2.0 के फिटमेंट फैक्टर को आधार मानें, तो एक अनुमान के जरिए वेतन में बदलाव को समझा जा सकता है. अगर किसी कर्मचारी का बेसिक वेतन ₹76,500, महंगाई भत्ता ₹44,370 और मकान किराया भत्ता ₹22,950 है, तो कुल मासिक वेतन ₹1,43,820 बनता है. वेतन संशोधन के बाद बेसिक वेतन बढ़कर करीब ₹1,53,000 हो सकता है और एचआरए बढ़कर लगभग ₹41,310 तक पहुंच सकता है. इससे कुल मासिक वेतन करीब ₹1,94,310 हो जाएगा.