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8वां वेतन आयोग आज 1 जनवरी 2026 से लागू, सैलरी, पेंशन और DA पर होंगे अहम अपडेट

नई दिल्ली 8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच उत्सुकता तेज हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार द्वारा मंजूर यह आयोग आज 1 जनवरी 2026 से लागू हुआ! इसके तहत केंद्र सरकार के कर्मचारियों और रिटायर्ड कर्मियों की सैलरी, पेंशन और भत्तों में बदलाव किया जाएगा। सबसे ज्यादा चर्चा सैलरी बढ़ोतरी और फिटमेंट फैक्टर को लेकर हो रही है। माना जा रहा है कि नए वेतन आयोग से लाखों परिवारों की आमदनी पर सीधा असर पड़ेगा। 2025 में 8वें वेतन आयोग पर क्या हुआ? साल 2025 में सरकार ने 8वें वेतन आयोग को लेकर तीन अहम कदम जरूर उठाए।     सरकार ने यह फैसला लिया कि केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स की सैलरी, पेंशन और अन्य भत्तों की समीक्षा के लिए 8वां वेतन आयोग नियुक्त किया जाएगा।     इसके बाद 8वें वेतन आयोग का औपचारिक गठन किया गया और इसके चेयरमैन व अन्य सदस्यों की नियुक्ति भी कर दी गई।     तीसरे अहम कदम के तौर पर सरकार ने 8वें वेतन आयोग के लिए Terms of Reference (TOR) को भी अधिसूचित कर दिया। TOR जारी होने से पहले सरकार ने विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और कर्मचारी संगठनों से बातचीत की। इसमें NC-JCM स्टाफ साइड भी शामिल रहा, जिसने TOR को लेकर अपने सुझाव नोटिफिकेशन से पहले और बाद में सरकार को सौंपे। 2026 में कर्मचारियों और पेंशनर्स को क्या मिलेगा? 7वें वेतन आयोग का 10 साल का कार्यकाल 31 दिसंबर 2025 को पूरा हो जाएगा। इसके बावजूद सरकार ने अब तक यह साफ नहीं किया है कि 8वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से लागू होगा या नहीं। हाल ही में संसद में सरकार की ओर से संकेत दिया गया कि 8वें वेतन आयोग की लागू होने की तारीख पर फैसला तब लिया जाएगा, जब आयोग अपनी सिफारिशें सौंप देगा। इसका सीधा मतलब यह है कि 1 जनवरी 2026 से ही नई सैलरी या नई पेंशन मिलना तय नहीं है। क्या बाद में एरियर मिलने की उम्मीद है? हालांकि, जब भी 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होंगी, तब कर्मचारियों और पेंशनर्स को 1 जनवरी 2026 से एरियर मिलने की संभावना जरूर बनी रहेगी। इसके पीछे दो अहम वजहें मानी जाती हैं। पहली, 7वें वेतन आयोग का कार्यकाल 31 दिसंबर 2025 को खत्म हो रहा है, इसलिए सामान्य तौर पर नया वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से प्रभावी माना जाना चाहिए। दूसरी, सरकार आमतौर पर वेतन से जुड़े फैसले अगर देरी से लागू करती है, तो प्रभावी तारीख से एरियर देती है। हालांकि, एरियर और लागू होने की तारीख पर अंतिम फैसला पूरी तरह सरकार के हाथ में होगा। क्या 8वां वेतन आयोग 2026 में रिपोर्ट देगा? 8वें वेतन आयोग के 2026 में अपनी सिफारिशें सौंपने की संभावना काफी कम मानी जा रही है। वजह यह है कि आयोग का गठन हाल ही में हुआ है और सरकार ने उसे 18 महीने तक का समय दिया है। अगर आयोग तय समय के भीतर अपना काम पूरा करता है, तो 2027 में सिफारिशें सामने आ सकती हैं। इसके बाद भी इन्हें लागू करने से पहले सरकार की मंजूरी जरूरी होगी। सैलरी में बढ़ोतरी कब तक नहीं होगी?     सदस्यों की घोषणा के बाद कर्मचारियों को लगा कि जल्द ही सैलरी बढ़ जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं है।     आमतौर पर वेतन आयोग की सिफारिशें हर दस साल में लागू होती हैं।     कैबिनेट ने अपनी अधिसूचना में साफ कहा था कि 8वीं वेतन आयोग की सिफारिशें सामान्य तौर पर 1 जनवरी 2026 से लागू होने की उम्मीद है। लेकिन अभी आयोग की सिफारिशें आई ही नहीं हैं। आयोग को अपनी रिपोर्ट देने में करीब 18 महीने का समय दिया गया है। इसलिए 1 जनवरी से आपकी सैलरी में कोई तुरंत बढ़ोतरी नहीं होगी। अभी पुरानी 7वीं वेतन आयोग की व्यवस्था ही लागू रहेगी। कर्मचारी और पेंशनभोगी अभी भी मौजूदा डीए और अन्य भत्तों के हिसाब से ही पैसे पा सकेंगे। एरियर का क्या होगा? अच्छी खबर यह है कि आयोग लागू होने की तारीख 1 जनवरी 2026 ही मानी जा रही है। यानी जब भी सिफारिशें सरकार स्वीकार करेगी और नई सैलरी लागू होगी, तो 1 जनवरी 2026 से लेकर लागू होने की तारीख तक का एरियर कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को मिलेगा। पिछले वेतन आयोगों में भी ऐसा ही हुआ था। सिफारिशें आने में समय लगता है, लेकिन प्रभावी तारीख से एरियर जमा होता रहता है। इससे कर्मचारियों को एकमुश्त बड़ी रकम मिल सकती है, जब नई सैलरी लागू होगी। सैलरी हाइक कब लागू होगा? यह अभी तय नहीं है कि नई सैलरी कब से मिलनी शुरू होगी। आयोग अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगा, फिर सरकार उसकी समीक्षा करेगी और मंजूरी देगी। उसके बाद ही नई पे मैट्रिक्स, फिटमेंट फैक्टर और बढ़ी हुई सैलरी लागू होगी। अनुमान है कि रिपोर्ट आने के बाद 2027 या 2028 में पूरी तरह लागू हो सकता है, लेकिन एरियर 2026 से ही गिना जाएगा। कर्मचारियों को धैर्य रखना होगा, क्योंकि प्रक्रिया में समय लगता है। लाखों परिवारों की नजर इस पर टिकी है, और उम्मीद है कि नई सिफारिशें महंगाई और जीवन स्तर को ध्यान में रखकर बनेंगी।  कर्मचारियों को क्या राहत मिलती रहेगी? 8वें वेतन आयोग के लागू होने से पहले तक केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनर्स को 7वें वेतन आयोग के नियमों के तहत महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) में बढ़ोतरी मिलती रहेगी। यानी जब तक नया वेतन आयोग लागू नहीं होता, तब तक DA और DR में समय-समय पर बढ़ोतरी ही कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए मुख्य राहत बनी रहेगी।

8th Pay Commission: 1 जनवरी 2026 से लागू होगा आठवां वेतन आयोग, कर्मचारियों की सैलरी में होगी जबरदस्त बढ़ोतरी

भोपाल  नए साल की शुरुआत केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए बड़ी राहत लेकर आ सकती है। केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत 8वां वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर बड़ी अपडेट सामने आ रही है। चर्चाओं के मुताबिक, यह वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से लागू किया जा सकता है, जिससे देशभर के करीब एक करोड़ से अधिक कर्मचारी और पेंशनर्स सीधे लाभान्वित होंगे। हालांकि, अभी तक आयोग की आधिकारिक सिफारिशें सार्वजनिक नहीं की गई हैं, लेकिन शुरुआती अनुमानों और रिपोर्ट्स ने कर्मचारियों की उम्मीदें काफी बढ़ा दी हैं। क्या होता है वेतन आयोग और क्यों है यह अहम? केंद्र सरकार हर 10 साल में वेतन आयोग का गठन करती है, ताकि कर्मचारियों की सैलरी, पेंशन और भत्तों को महंगाई, जीवन-यापन की लागत और आर्थिक हालात के अनुसार संशोधित किया जा सके। 7वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2016 से लागू हुआ था और अब उसकी अवधि पूरी होने के बाद 8वें वेतन आयोग की बारी है। इस बार आयोग की सिफारिशों में बढ़ती महंगाई, DA का असर और कर्मचारियों की वास्तविक आय में आई गिरावट को प्रमुख आधार माना जा रहा है। क्या है डिटेल मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगर फिटमेंट फैक्टर ऊपरी स्तर पर तय होता है तो मौजूदा ₹18,000 की न्यूनतम बेसिक सैलरी बढ़कर करीब ₹51,480 तक पहुंच सकती है। हालांकि, सरकार ने अभी सैलरी बढ़ोतरी के प्रतिशत पर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। मिंट की रिपोर्ट के अनुसार, देश में करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारी (रक्षा कर्मियों सहित) और लगभग 65 लाख पेंशनभोगी हैं, जिन्हें 8वें वेतन आयोग का फायदा मिलेगा। सरकार हर 10 साल में वेतन आयोग बनाकर कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन की समीक्षा करती है। DA पर सरकार ने दी सफाई इस बीच महंगाई भत्ते (DA) को लेकर फैल रही अफवाहों पर भी सरकार ने सफाई दी है। 13 दिसंबर 2025 को सरकार ने सोशल मीडिया पर साफ किया कि यह दावा गलत है कि नए फाइनेंस एक्ट 2025 के बाद पेंशनभोगियों को DA नहीं मिलेगा। सरकार ने कहा कि DA और अन्य रिटायरमेंट लाभ जारी रहेंगे, जब तक किसी कर्मचारी को गंभीर अनुशासनहीनता के कारण बर्खास्त न किया गया हो। CCS पेंशन नियमों में बदलाव केवल ऐसे मामलों पर लागू होता है। फिटमेंट फैक्टर पर एनालिस्ट की राय फिटमेंट फैक्टर को लेकर एनालिस्ट्स की राय है कि सरकार महंगाई, वेतन में आई गिरावट, और सरकारी वित्तीय स्थिति को ध्यान में रखेगी। शुरुआती अनुमान बताते हैं कि फिटमेंट फैक्टर 1.83 से 2.57 के बीच हो सकता है। टैक्स एक्सपर्ट सीए चांदनी आनंदन के अनुसार, अभी कोई अंतिम आंकड़ा तय नहीं हुआ है। गौरतलब है कि 7वें वेतन आयोग में भी फिटमेंट फैक्टर 2.57 था, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि सैलरी उतनी ही गुना बढ़ेगी। अंतिम फैसला आयोग की रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगा। Fitment Factor क्या है? क्यों इसी पर टिकी है पूरी सैलरी बढ़ोतरी वेतन आयोग का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है Fitment Factor। इसी फैक्टर से मौजूदा बेसिक सैलरी को गुणा करके नई बेसिक सैलरी तय की जाती है। रिपोर्ट्स के अनुसार, 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 1.83 से 2.57 के बीच रहने की संभावना जताई जा रही है। अगर 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू होता है, तो कर्मचारियों की सैलरी में रिकॉर्डतोड़ बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। कितनी बढ़ेगी आपकी Basic Pay? समझिए पूरा कैलकुलेशन अगर फिटमेंट फैक्टर 2.57 लागू होता है, तो मौजूदा 7वें वेतन आयोग की बेसिक सैलरी सीधे 2.57 गुना हो जाएगी। कर्मचारियों की निगाहें सरकार के फैसले पर फिलहाल केंद्रीय कर्मचारी संगठनों की निगाहें सरकार के आधिकारिक ऐलान पर टिकी हुई हैं। अगर समय पर आयोग लागू होता है, तो 2026 की शुरुआत कर्मचारियों के लिए आर्थिक रूप से बेहद मजबूत साबित हो सकती है।

7वां वेतन आयोग खत्म, 8वें की तैयारी: नए साल से पहले जानें आपकी सैलरी कितनी बढ़ेगी

नई दिल्ली सातवें वेतन आयोग की समय सीमा 31 दिसंबर 2025 को खत्म हो रही है यानी 8 दिन बाद आठवां वेतन आयोग (8th Pay Commission) लागू होने की संभावना है। देशभर में इसकी चर्चा तेज हो गई है। क्योंकि, इसका सीधा असर 1.19 करोड़ से ज्यादा कर्मचारियों और पेंशनर्स पर पड़ने वाला है। ऐसे में केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स में उम्मीदें भी तेज हो गई हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर फिटमेंट फैक्टर 2.15 तय होता है, तो सैलरी और पेंशन में असल बढ़ोतरी कितनी होगी? सैलरी में इजाफा पूरी तरह फिटमेंट फैक्टर पर निर्भर करेगा, क्योंकि यही फैक्टर नई बेसिक सैलरी तय करता है। इस खबर में हम आपको बताने जा रहे हैं कि आखिर लेवल-1 से लेवल-18 तक यानी चपरासी से लेकर आईएएस तक के कर्मचारियों की सैलरी में कितनी बढ़ोतरी होगी? नया वेतन 1 जनवरी 2026 से लागू होने की संभावना है, लेकिन सरकार को रिपोर्ट मंजूर करने में करीब दो साल लग सकते हैं। ऐसे में कर्मचारियों को एरियर जरूर मिलेगा, पर बढ़ी हुई सैलरी थोड़ा इंतजार कराने के बाद ही हाथ आएगी। फिटमेंट फैक्टर दरअसल वह गुणांक होता है, जिससे मौजूदा बेसिक सैलरी को गुणा कर नई सैलरी तय की जाती है। Nexdigm के डायरेक्टर रामचंद्रन कृष्णमूर्ति के अनुसार, फिटमेंट फैक्टर तय करते समय महंगाई, जीवन-यापन की लागत, CPI इंडेक्स, सरकार की वित्तीय स्थिति और प्राइवेट सेक्टर से तुलना जैसे कई पहलुओं को देखा जाता है। आमतौर पर बेसिक पे और ग्रेड पे को आधार बनाकर यह तय किया जाता है कि कर्मचारियों को कितना इंक्रीमेंट दिया जा सकता है। महंगाई जितनी ज्यादा होती है, फिटमेंट फैक्टर उतना ही ऊंचा रखने की जरूरत महसूस होती है। दोगुने से ज्यादा का असर दिखेगा अगर 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.15 तय होता है, तो सैलरी में सीधा दोगुने से ज्यादा का असर दिखेगा। उदाहरण के तौर पर, अगर किसी कर्मचारी की मौजूदा बेसिक सैलरी ₹18,000 है, तो 2.15 फिटमेंट फैक्टर के हिसाब से नई बेसिक सैलरी ₹38,700 हो सकती है। वहीं, ₹50,000 बेसिक पाने वाले कर्मचारी की सैलरी बढ़कर करीब ₹1,07,500 तक पहुंच सकती है। यही नहीं, चूंकि DA, HRA और पेंशन जैसी सुविधाएं बेसिक सैलरी पर ही निर्भर करती हैं, इसलिए कुल मासिक आय और रिटायरमेंट बेनिफिट्स में भी बड़ा उछाल आएगा। अलग-अलग लेवल के कर्मचारियों की सैलरी अगर अलग-अलग लेवल की बात करें, तो लेवल-1 में ₹18,000 की बेसिक सैलरी बढ़कर ₹38,700, लेवल-6 में ₹35,400 से ₹76,110 और लेवल-10 में ₹56,100 से बढ़कर करीब ₹1.20 लाख हो सकती है। वहीं, सीनियर अधिकारियों के लिए यह बढ़ोतरी और भी ज्यादा होगी। लेवल-15 में ₹1.82 लाख की बेसिक सैलरी ₹3.91 लाख, जबकि लेवल-18 में ₹2.50 लाख से बढ़कर करीब ₹5.37 लाख तक पहुंच सकती है। कुल मिलाकर, अगर 2.15 का फिटमेंट फैक्टर लागू होता है, तो 8वां वेतन आयोग सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए बड़ी राहत और मजबूत बढ़ोतरी लेकर आ सकता है। चपरासी से IAS तक, कितनी कितनी बढ़ेगी सैलरी?  ग्रेड वर्तमान बेसिक पे अनुमानित बेसिक पे Level 1 ₹ 18,000 ₹ 38,700.00 Level 2 ₹ 19,900 ₹ 42,785.00 Level 3 ₹ 21,700 ₹ 46,655.00 Level 4 ₹ 25,500 ₹ 54,825.00 Level 5 ₹ 29,200 ₹ 62,780.00 Level 6 ₹ 35,400 ₹ 76,110.00 Level 7 ₹ 44,900 ₹ 96,535.00 Level 8 ₹ 47,600 ₹ 102,340.00 Level 9 ₹ 53,100 ₹ 114,165.00 Level 10 ₹ 56,100 ₹ 120,615.00 Level 11 ₹ 67,700 ₹ 145,555.00 Level 12 ₹ 78,800 ₹ 169,420.00 Level 13 ₹ 118,500 ₹ 254,775.00 Level 13 ₹ 131,100 ₹ 281,865.00 Level 14 ₹ 144,200 ₹ 310,030.00 Level 15 ₹ 182,200 ₹ 391,730.00 Level 16 ₹ 205,400 ₹ 441,610.00 Level 17 ₹ 225,000 ₹ 483,750.00 Level 18 ₹ 250,000 ₹ 537,500.00  8वां वेतन आयोग कब से लागू होगा? 7वें वेतन आयोग का कार्यकाल 31 दिसंबर 2025 को खत्म हो रहा है। ऐसे में नई सैलरी 1 जनवरी 2026 से लागू होने की संभावना है। हालांकि, सरकार को 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें मंजूर करने में करीब दो साल लग सकते हैं। ऐसे में कर्मचारियों को एरियर मिलने की उम्मीद भी है। फिटमेंट फैक्टर क्या होता है?  फिटमेंट फैक्टर एक मल्टीप्लायर होता है, जिससे मौजूदा बेसिक सैलरी को गुणा कर नई बेसिक सैलरी तय की जाती है। जितना ज्यादा फिटमेंट फैक्टर, उतनी ज्यादा सैलरी और पेंशन। फिटमेंट फैक्टर कैसे तय होता है? एक्सपर्ट बताते हैं कि फिटमेंट फैक्टर तय करते समय कई आर्थिक और संस्थागत पहलुओं को देखा जाता है। आमतौर पर इसमें बेसिक पे + ग्रेड पे को आधार बनाकर जरूरी बढ़ोतरी का आकलन किया जाता है।  

8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर का असर, पूरी सैलरी कैलकुलेशन समझें

नई दिल्ली सातवें वेतन आयोग की समय-सीमा 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो रही है। ऐसे में आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि 1 जनवरी 2026 से नई वेतन संरचना लागू हो सकती है, जिसका सीधा लाभ देश के करीब 1.19 करोड़ केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स (Salary Hike) को मिलेगा। फिटमेंट फैक्टर का सैलरी पर पड़ेगा ये असर कर्मचारियों के बीच सबसे बड़ा सवाल फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) को लेकर है। अगर फिटमेंट फैक्टर 2.15 तय होता है, तो सैलरी और पेंशन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हो सकती है। वेतन में इजाफा इसी फैक्टर पर निर्भर करता है, क्योंकि इसी के आधार पर नई बेसिक सैलरी (Salary calculations) तय की जाती है। विशेषज्ञों के मुताबिक, फिटमेंट फैक्टर तय करते समय महंगाई, जीवन-यापन की लागत, CPI और CPI-IW के आंकड़े, सरकार की वित्तीय स्थिति, बजट और प्राइवेट सेक्टर की सैलरी से तुलना जैसे कई पहलुओं पर विचार किया जाता है। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी कर्मचारी की मौजूदा बेसिक सैलरी 18,000 रुपये है और फिटमेंट फैक्टर 2.15 होता है, तो नई बेसिक सैलरी 38,700 रुपये हो जाएगी। वहीं, 50,000 रुपये बेसिक सैलरी वाले कर्मचारी की नई बेसिक सैलरी 1,07,500 रुपये तक पहुंच सकती है। ग्रेड              वर्तमान बेसिक पे (₹)     अनुमानित बेसिक पे (₹) Level 1            18,000                    38,700.00 Level 2             19,900                   42,785.00 Level 3             21,700                   46,655.00 Level 4            25,500                    54,825.00 Level 5             29,200                   62,780.00 Level 6             35,400                   76,110.00 Level 7            44,900                    96,535.00 Level 8            47,600                    102,340.00 Level 9            53,100                      114,165.00 Level 10         56,100                   120,615.00 Level 11         67,700                    145,555.00 Level 12        78,800                   169,420.00 Level 13       118,500                  254,775.00 Level 13       131,100                   281,865.00 Level 14        144,200                    310,030.00 Level 15        182,200                   391,730.00 Level 16        205,400                      441,610.00 Level 17          225,000                    483,750.00 Level 18           250,000                 537,500.00 DA-HRA में भी बड़ा इजाफा संभव चूंकि महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA) और पेंशन जैसी सुविधाएं बेसिक सैलरी से जुड़ी होती हैं, इसलिए कुल मासिक आय और रिटायरमेंट लाभों में भी बड़ा इजाफा संभव है। हालांकि, आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों को अंतिम रूप देने में सरकार को करीब दो साल लग सकते हैं, ऐसे में कर्मचारियों को एरियर मिलने की भी संभावना जताई जा रही है।

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए खुशखबरी! 8वें वेतन आयोग से कितना होगा वेतन बढ़ोतरी, जानें पूरी टाइमलाइन

नई दिल्ली साल 2025 खत्म होने वाला है और नए साल (New Year 2026) का आगाज होने जा रहा है. नए साल का इंतजार केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को बेसब्री से है, क्योंकि ऐसा माना जा रहा है कि 1 जनवरी 2026 से 8वां वेतन आयोग (8th Pay Commission) लागू होने वाला है. इसके बाद कर्मचारियों को जबर्दस्त सैलरी हाइक (Salary Hike) मिलेगी, इसे लेकर तमाम एक्सपर्ट्स अपने अनुमान जाहिर कर रहे हैं. वहीं बढ़ा हुआ पैसे कर्मचारियों के बैंक अकाउंट (Bank Account) तक कब पहुंचेगा, इसके बारे में संकेत पहले लागू हुए वेतन आयोगों को देखकर लगाया जा सकता है.   8वां वेतन लागू होते ही मिलेगा बढ़ा हुआ पैसा?  8th Pay Commission ने वेतन वृद्धि के संकेत दे दिए हैं. सवाल उठता है कि बढ़ा हुआ वेतन और बकाया राशि क्या इसके लागू होने के तुरंत बाद खाते में पहुंच जाएगी. इसके जबाव के लिए इतिहास पर नजर डालें, तो संशोधित वेतन और बकाया राशि वास्तव में कर्मचारियों तक पहुंचने में समय लगता है. 7th Pay Commission 31 दिसंबर 2025 को औपचारिक रूप से समाप्त हो जाएगा और इसके साथ ही केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच 8वें वेतन आयोग का आगाज होगा.  हालांकि अगले वेतन संशोधन के बारे में तो तमाम अनुमान आ रहे हैं, लेकिन इसकी डेडलाइन और वास्तविक भुगतान पर स्पष्टता अभी बाकी है. पूर्व की परंपरा को देखें तो अगर 1 जनवरी 2026 को कागजों पर नया सैलरी स्ट्रक्चर प्रभावी हो सकता है, लेकिन एक्सपर्ट कह रहे हैं कि वास्तविक वेतन संशोधन और बकाया राशि मिलने में समय लग सकता है, पहले के वेतन आयोगों की तरह कर्मचारियों को प्रतीक्षा के लिए तैयार रहना चाहिए. यानी यह उम्मीद नहीं करनी चाहिए कि बढ़ी हुई सैलरी तुरंत उनके बैंक खातों में दिखाई देगी.  एक्सपर्ट ने साफ की तस्वीर  इस साल अक्टूबर 2025 में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के नेतृत्व वाले केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 8th Pay Commission के लिए टर्म्स ऑफ रेफरेंस को मंजूरी दी थी. इस आयोग को नवंबर 2025 से लगभग 18 महीने का समय दिया गया है, ताकि वह वेतन, भत्ते और पेंशन पर वो अपनी सिफारिशें प्रस्तुत कर सके. कर्मा मैनेजमेंट ग्लोबल कंसल्टिंग सॉल्यूशंस के एमडी प्रतीक वैद्य का कहना है कि आधिकारिक प्रभावी तिथि और वास्तविक भुगतान के बीच आमतौर पर अंतर होता है. वैद्य के मुताबिक,कागज़ पर 8th CPC को 1 जनवरी 2026 से प्रभावी वेतन संशोधन का कार्य सौंपा गया है. लेकिन, पिछले अनुभव से पता चलता है कि प्रभावी तिथि और बैंक खातों में पहला बढ़ा हुआ वेतन आने के बीच आमतौर पर एक अंतराल होता है. उन्होंने 7वें वेतन आयोग का उदाहरण देते हुए कहा कि ये वेतन संशोधन जनवरी 2016 से लागू हो गया था, लेकिन कैबिनेट की मंजूरी उसी वर्ष जून में मिली थी और बकाया राशि का भुगतान बाद के महीनों में किया गया था. कितना हो सकता है Salary Hike?  अब बात करते हैं कि 8वां वेतन आयोग लागू होने के बाद कर्मचारियों की सैलरी में कितनी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है. हालांकि, अभी तक इसका कोई आधिकारिक आंकड़ा नहीं है, लेकिन इसे लेकर कई शुरुआती अनुमान जारी किए जा चुके हैं. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, पिछले वेतन आयोगों और वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों के आधार पर ये सभी अनुमान लगाए जा रहे हैं. 6वें वेतन आयोग के लागू होने के बाद औसत वेतन में करीब 40% की बढ़ोतरी हुई थी. वहीं सातवें वेतन आयोग ने 2.57 के फिटमेंट फैक्टर के आधार पर लगभग 23-25% की वृद्धि की थी. 8वें वेतन आयोग के लिए प्रारंभिक अनुमानों से पता चलता है कि वेतन में 20% से 35% तक का इजाफा देखने को मिल सकता है. सैलरी तय करने में अहम माना जाने वाले Fitment Factor 2.4 और 3.0 के बीच रहने की उम्मीद है. इससे खासतौर पर न्यूनतम और एंट्री लेवल पर सैलरी में अधिक वृद्धि हो सकती है. हालांकि, एक्सपर्ट इस बात पर जोर देते हैं कि ये सिर्फ अनुमान ही हैं, गारंटी नहीं. वैद्य ने कहा सैलरी में इजाफे का अंतिम आंकड़ा अगले 12-18 महीनों में महंगा, 16वें वित्त आयोग के बाद राजकोषीय गुंजाइश और राजनीतिक इच्छाशक्ति पर निर्भर करेगा.

संसद में उठाया सवाल: 8वें वेतन आयोग का एरियर कब मिलेगा? जानें लेटेस्ट अपडेट

 नई दिल्‍ली केंद्र सरकार के कर्मचारी और पेंशनर्स 8वें वेतन आयोग के लागू होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, क्‍योंकि बढ़ती महंगाई और घरेलू खर्चों के उच्‍च स्‍तर पर बने रहने के कारण वेतन संशोधन से उम्‍मीदें और भी तेज हो गई हैं. इस बीच एक खास सवाल यह है कि क्‍या 1 जनवरी 2026 से ही 8th Pay Commission के तहत कर्मचारियों का एरियर मिलेगा? या फिर कर्मचारियों को बढ़ी हुई सैलरी या पिछला बकाया पाने के लिए इंतजार करना पड़ेगा.  1 जनवरी 2026 को एक संभावित डेट माना जा रहा है,  लेकिन सरकार ने अबतक इसकी अधिकारिक ऐलान नहीं किया है. इससे लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स में यह अनिश्चितता बनी हुई है कि उन्हें वास्तविक वित्तीय राहत कब मिलेगी?   संसद में सरकार ने क्‍या दिया जवाब?  8वें वेतन आयोग के लागू करने को लेकर मामला संसद के शीतकालीन सत्र में भी उठाया गया. इस पर जवाब देते हुए वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि 8वें वेतन आयोग को लागू करने की तारीख सरकार उचित समय पर तय करेगी. उन्होंने यह भी कहा कि आयोग की सिफारिशें स्वीकार होने के बाद उसके लिए आवश्यक बजटीय प्रावधान किए जाएंगे. इस बयान से यह संकेत तो मिल रहा है कि सरकार इसे जल्‍द लागू करने की कोशिश कर रही है, लेकिन एरियर 1 जनवरी से दिया जाएगा, यह स्‍पष्‍ट नहीं है.  कब लागू होगा आठवां वेतन आयोग?  नवंबर 2025 में सरकार ने 8वें वेतन आयोग के टर्म्स ऑफ रेफरेंस को मंजूरी दी थी और आयोग को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया है. ऐसे में देखा जाए तो आयोग की रिपोर्ट 2027 के मिड में आने की संभावना है. जब रिपोर्ट आएगी तो सरकार के सिफारिशों की समीक्षा होगी. इसके बाद कैबिनेट से मंजूरी और नए वेन स्‍ट्रक्‍चर का नोटिफिकेशन जारी करने में 3 से 6 महीने का अतिरिक्‍त समय लग सकता है. इस हिसाब से इसे आगे लागू होने की आशंका है. पिछली वेतन आयोगों का इतिहास  अभी भले ही वेतन आयोगों के लागू होने में देरी हुई हो, लेकिन पिछले एक्‍सप्रीएंस कुछ हद तक राहत देने वाल रहे हैं. पहले सैलरी आयोगों में एरियर का पेमेंट औमतौर पर उस तारीख से किया गया है, जिस दिन पहले वेतन आयोग समाप्‍त हुआ था. 7वां वेतन आयोग जून 2016 में लागू हुआ था, लेकिन सैलरी और पेंशन 1 जनवरी 2016 से दी गई थी . इसी तरह 6वां वेतन आयोग अगस्‍त 2008 में मंजूरी हुआ था, लेकिन एरियर 1 जनवरी 2006 से दिया गया था. 5वां वेतन आयोग में भी देरी के बावजूद कर्मचारियों को पिछला भुगतान मिला था. इसी वजह से उम्‍मीद की जा रही है कि 8वें वेतन आयोग का एरियर भी 1 जनवरी 2026 से दिया जा सकता है.  कर्मचारियों की कितनी बढ़ सकती है सैलरी? सैलरी में वास्तविक बढ़ोतरी फिटमेंट फैक्टर पर निर्भर करेगी, जिसे आयोग सुझाएगा और सरकार स्वीकार करेगी. अगर 2.0 के फिटमेंट फैक्टर को आधार मानें, तो एक अनुमान के जरिए वेतन में बदलाव को समझा जा सकता है. अगर किसी कर्मचारी का बेसिक वेतन ₹76,500, महंगाई भत्ता ₹44,370 और मकान किराया भत्ता ₹22,950 है, तो कुल मासिक वेतन ₹1,43,820 बनता है. वेतन संशोधन के बाद बेसिक वेतन बढ़कर करीब ₹1,53,000 हो सकता है और एचआरए बढ़कर लगभग ₹41,310 तक पहुंच सकता है. इससे कुल मासिक वेतन करीब ₹1,94,310 हो जाएगा.

रेलवे कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग से पहले सैलरी बढ़ोतरी का रास्ता साफ, जानिए क्या है नई योजना

नईदिल्ली  8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के लागू होने से पहले ही भारतीय रेलवे ने कर्मचारियों की सैलरी बढ़ोतरी से जुड़ी तैयारियां तेज कर दी हैं। वेतन और पेंशन पर भविष्य में पड़ने वाले भारी वित्तीय बोझ को देखते हुए रेलवे अभी से खर्च घटाने, बचत बढ़ाने और आय के नए स्रोत मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रहा है। संकेत साफ हैं कि 8वें वेतन आयोग के लागू होते ही रेलवे कर्मचारियों की सैलरी में बड़ा इजाफा देखने को मिल सकता है। कब तक आएगी 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट? 8वें वेतन आयोग का गठन जनवरी 2025 में हुआ था और 28 अक्टूबर 2025 को इसके टर्म ऑफ रेफरेंस (ToR) जारी किए गए। आयोग को अपनी सिफारिशें सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। ऐसे में जनवरी 2026 से पहले रिपोर्ट आने की उम्मीद जताई जा रही है। इसी सीमित समय को देखते हुए रेलवे ने अपनी वित्तीय स्थिति मजबूत करने की कवायद शुरू कर दी है। 7वें वेतन आयोग का अनुभव रेलवे को 7वें वेतन आयोग का असर अब भी याद है। साल 2016 में आयोग लागू होने के बाद कर्मचारियों की सैलरी में 14% से 26% तक की बढ़ोतरी हुई थी, जिससे रेलवे के वेतन और पेंशन खर्च में सालाना करीब 22,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ा था। अब आंतरिक आकलन के मुताबिक, 8वें वेतन आयोग के बाद यह बोझ बढ़कर 30,000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। बढ़ते खर्च से निपटने की रणनीति रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस चुनौती से निपटने के लिए पहले से ही ठोस योजना बनाई जा रही है।     ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ाने पर जोर     फ्रेट यानी माल ढुलाई से होने वाली आय बढ़ाने की रणनीति     आंतरिक संसाधनों का बेहतर और प्रभावी उपयोग रेलवे की मौजूदा वित्तीय स्थिति वित्त वर्ष 2024-25 में रेलवे का ऑपरेटिंग रेश्यो 98.90% रहा, जबकि इस दौरान शुद्ध आय 1,341.31 करोड़ रुपये दर्ज की गई। वहीं, वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ऑपरेटिंग रेश्यो को घटाकर 98.43% करने का लक्ष्य रखा गया है और नेट रेवेन्यू 3,041.31 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। बिजली और कर्ज से होगी बड़ी बचत पूरे रेल नेटवर्क के इलेक्ट्रिफिकेशन से हर साल लगभग 5,000 करोड़ रुपये की बचत होने की उम्मीद है। इसके अलावा, 2027-28 से रेलवे फाइनेंस कॉरपोरेशन (IRFC) को किए जाने वाले भुगतान में भी कमी आने की संभावना है, क्योंकि हाल के वर्षों में पूंजीगत खर्च का बड़ा हिस्सा बजटीय सहायता से पूरा किया गया है। फिटमेंट फैक्टर बना अहम मुद्दा कर्मचारी संगठनों की मांगें भी रेलवे के लिए बड़ी चुनौती हैं। 7वें वेतन आयोग में 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया था, जबकि अब यूनियनें 2.86 फिटमेंट फैक्टर की मांग कर रही हैं। अगर यह मांग मान ली जाती है, तो वेतन खर्च में 22% से ज्यादा की बढ़ोतरी हो सकती है। बजट बढ़ोतरी से मिला भरोसा इन तमाम चुनौतियों के बावजूद रेलवे आश्वस्त नजर आ रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 में कर्मचारियों के वेतन के लिए बजट बढ़ाकर 1.28 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है, जो पिछले साल 1.17 लाख करोड़ रुपये था। पेंशन मद में भी अधिक फंड आवंटित किया गया है। रेलवे का मानना है कि सही योजना, बढ़ती आय और बेहतर प्रबंधन के जरिए 8वें वेतन आयोग के असर को संतुलित किया जा सकेगा, जिसका सीधा लाभ 12.5 लाख से ज्यादा रेलवे कर्मचारियों को मिलेगा।  

पंकज चौधरी ने लोकसभा में किया 8वें वेतन आयोग पर स्पष्टीकरण, कर्मचारियों की वेतन वृद्धि पर अहम जानकारी

नई दिल्ली  8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचार‍ियों और पेंशनरों के बीच काफी उत्‍सुकता है. सोशल मीड‍िया पर भी 8वें वेतन आयोग के लागू होने को लेकर कई तरह की बातें हो रही हैं. मसलन 1 जनवरी 2026 से इसे लागू कर द‍िया जाएगा और डीए को बेस‍िक सैलरी में मर्ज कर द‍िया जाएगा. लेक‍िन इन सभी अटकलों को साफ करते हुए  लोकसभा में फाइनेंस स्‍टेट म‍िन‍िस्‍टर पंकज चौधरी ने यह स्‍पष्‍ट कर द‍िया क‍ि फ‍िलहाल 8वें वेतन आयोग को लागू करने की कोई तारीख पक्‍की नहीं हुई है. और ना ही डीए और बेस‍िक सैलरी को मर्ज करने का कोई फैसला ल‍िया गया है. 8वें वेतन आयोग की स‍िफार‍िशों पर जस्टिस (रिटायर्ड) रंजना प्रकाश देसाई की हेडिंग वाला कमीशन अभी काम कर रहा है. बजट में हो सकता है अहम ऐलान हालांक‍ि अपने जवाब में पंकज चौधरी ने एक बात स्‍पष्‍ट कही क‍ि 8वें वेतन आयोग के तहत लगभग 50.14 लाख केंद्र सरकार के कर्मचारी और लगभग 69 लाख पेंशनर के वेतन में वृद्ध‍ि के ल‍िए फंड का भी इंतजाम करना होगा. ल‍िहाजा समझने वाली बात ये है क‍ि अगर बात बजट की है तो उसका ऐलान भी बजट में हो सकता है. उम्‍मीद है क‍ि इस बार 8वें वेतन आयोग के तहत आने वाले कर्मचार‍ियों और पेंशनरों की सैलरी के ल‍िए फंड पर बजट के दौरान बड़ा ऐलान हो सकता है. 8वें वेतन आयोग पर अब तक का अपडेट क्‍या है? भारत सरकार ने यह कन्फर्म किया है कि 8वां सेंट्रल पे कमीशन (CPC) फॉर्मल तौर पर बन गया है और इसका काम चल रहा है. हालांक‍ि 1 जनवरी 2026 इसके लागू होने की तारीख के लिए कोई वादा नहीं किया. सोमवार को लोकसभा में फाइनेंस स्टेट मिनिस्टर पंकज चौधरी के एक लिखित जवाब में कहा है क‍ि 8वें CPC के लिए टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) को ऑफिशियली 3 नवंबर 2025 को नोटिफाई किया गया था. इससे ये पता चलता है क‍ि पे पैनल अपना काम शुरू कर चुका है. लेक‍िन साथ ही यह भी कहा क‍ि 8वां वेतन आयोग लागू करने से पहले कमीशन को देश के मौजूदा आर्थिक हालात, फिस्कल समझदारी की जरूरत और राज्य सरकारों पर पड़ने वाले फाइनेंशियल असर को भी ध्‍यान रखना होगा. सरकार ने संसद को यह भी भरोसा दिलाया है कि मानी गई सिफारिशों को लागू करने के लिए फंड का इंतजाम किया जाएगा. मंत्री ने कन्फर्म है किया कि 8th CPC में लगभग 50.14 लाख केंद्र सरकार के कर्मचारी और लगभग 69 लाख पेंशनर शाम‍िल होंगे. बता दें क‍ि सेंट्रल गवर्नमेंट के कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए सैलरी, अलाउंस और पेंशन स्ट्रक्चर में बदलाव की सिफारिश करने का काम जस्टिस (रिटायर्ड) रंजना प्रकाश देसाई की हेडिंग वाले कमीशन को सौंपा गया है.

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए खुशखबरी! 8वां वेतन आयोग कब लागू होगा, सरकार ने किया साफ

नई दिल्ली  केंद्र सरकार के कर्मचारी 8वें वेतन आयोग के लागू होने का इंतजार कर रहे हैं। सरकार ने इस नए वेतन आयोग का गठन तो कर दिया है लेकिन अब तक इसे लागू किए जाने की तिथि नहीं बताई गई है। दरअसल, 7वें वेतन आयोग का 10 साल का कार्यकाल इस महीने खत्म हो रहा है। ऐसे में नए वेतन आयोग की सिफारिशें एक जनवरी 2026 से लागू किए जाने की उम्मीद है। हालांकि, अब सरकार की ओर से इस पर प्रतिक्रिया दी गई है। हाल ही में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में बताया कि 8वें वेतन आयोग के समय और फंडिंग पर बाद में फैसला लिया जाएगा। इसका मतलब है कि 1 जनवरी 2026 से वेतन आयोग लागू होगा या नहीं, इस पर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। लोकसभा में शीतकालीन सत्र के दौरान एक सवाल के जवाब में पंकज चौधरी ने यह भी स्पष्ट किया कि 8वें वेतन आयोग का गठन हो चुका है और इसके टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) भी अधिसूचित किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि आयोग अपनी रिपोर्ट गठन की तारीख से 18 महीनों के भीतर सरकार को सौंपेगा। मंत्री ने सदन को बताया कि वर्तमान में केंद्र सरकार के लगभग 50.14 लाख कर्मचारी और करीब 69 लाख पेंशनभोगी हैं, जिन पर 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों का सीधा असर पड़ेगा। 8वां वेतन आयोग बता दें कि 8वें वेतन आयोग की घोषणा केंद्र सरकार ने इस साल जनवरी में की थी। उच्चतम न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई को आयोग की कमान सौंपी गई है। आयोग अपनी अंतिम रिपोर्ट 18 महीनों में देगा, जबकि समय-समय पर अंतरिम रिपोर्टें भी देता रहेगा। मंत्रिमंडल ने न्यायमूर्ति देसाई को आयोग का प्रमुख बनाने के साथ भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम), बेंगलूर के प्रोफेसर पुलक घोष को अंशकालिक सदस्य और पेट्रोलियम सचिव पंकज जैन को सदस्य-सचिव बनाने का भी फैसला किया। आमतौर पर हर 10 वर्ष के अंतराल पर केंद्रीय कर्मचारियों के लिए वेतन आयोग की सिफारिशें लागू की जाती हैं। इस परिपाटी को देखते हुए आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों के भी जनवरी, 2026 से लागू किए जाने की संभावना है।  

8वें वेतन आयोग में देरी, कर्मचारियों को एरियर मिलने की संभावना 2026 से, रिपोर्ट 2027 तक हो सकती है

नई दिल्ली  31 दिसंबर 2025 को 7वां वेतन आयोग का कार्यकाल समाप्त होने जा रहा है, ऐसे में 1 जनवरी 2026 से 8वां वेतन आयोग लागू किया जाना है, जिसकी संभावना कम है, क्योंकि केन्द्र की मोदी सरकार ने 8वें वेतन आयोग के टर्म ऑफ रेफ्रेंस को रिपोर्ट तैयार करने के लिए 18 महीने का समय दिया है, ऐसे में आयोग अप्रैल 2027 तक केन्द्र सरकार को सिफारिशें सौंपेगा और फिर सारे पहलुओं पर विचार करते हुए इसे अक्टूबर नवंबर 2027 तक लागू किया जा सकेगा, ऐसे में जनवरी 2026 से एरियर मिलेगा या नहीं, यह सवाल चर्चाओं में बना हुआ है। इस संबंध में सरकार की ओर से अभी तक कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला है ले्किन संकेत जरूर मिले है कि एरियर मिल सकता है।आईए जानते है विस्तार से… 1 जनवरी 2026 से मिलेगा कर्मचारियों को एरियर?     वर्तमान में केंद्र सरकार 50 लाख कर्मचारी और 68.72 लाख पेंशनर्स है, जिन्हें 8वें वेतन आयोग का लाभ मिलना है लेकिन 1 जनवरी 2026 से एरियर मिलने को लेकर अभी भी संशय बना हुआ है। कर्मचारी संगठनों और सांसदों द्वारा इस बारे में सरकार से स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है। हाल ही में संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान लोकसभा में चार सांसदों ने वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी से 8वें वेतन आयोग को लागू करने की तारीख के बारे में पूछा।     राज्य मंत्री ने अपने जवाब में कहा कि इसे लागू करने की तारीख सरकार तय करेगी।आयोग की स्वीकृत सिफारिशों को लागू करने के लिए सरकार उचित धन का प्रावधान करेगी।बता दे कि 7वां वेतन आयोग फरवरी 2014 में बना और नवंबर 2015 में रिपोर्ट दी गई। इसके बाद करीब 2.5 साल बाद जून 2016 में इसे लागू किया गया लेकिन कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को 1 जनवरी 2016 से एरियर दिया गया।कर्मचारियों को उम्मीद है कि नए वेतन आयोग में भी एरियर दिया जा सकता है, हालांकि सरकार की तरफ से अधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। नए वेतन आयोग में डीए होगा शून्य? फिटमेंट फैक्टर पर पड़ेगा असर?     आमतौर पर वेतन आयोगों की अनुशंसाएं प्रत्येक दस वर्ष के अंतराल पर लागू की जाती हैं। फरवरी 2014 में 7वें वेतन आयोग का गठन हुआ था और 1 जनवरी 2016 से उसकी सिफारिशें लागू की गई थीं।इसके लागू होते ही 2.57 फिटमेंट फैक्टर होने पर कर्मचारियों की मिनिमम बेसिक सैलरी 7000 हजार रुपये से बढ़कर सीधे 18000 रुपये (14.3%) हो गई थी।अगर 7वें वेतन आयोग के फॉर्मूले पर 8वां वेतन आयोग लागू किया जाता है तो कर्मचारियों की मिनिमम बेसिक सैलरी 18000 रुपये से बढ़कर सीधे 34560 या 51,480 रुपये हो सकती है। हालांकि कितनी सैलरी बढ़ेगी यह फिटमेंट फैक्‍टर और DA पर निर्भर करेगा।     7वें वेतन आयोग के तहत फिटमेंट फैक्‍टर 2.57 था, जो 8वें वेतन आयोग के तहत बढ़कर 2.28, 1.92 या फिर 2.86 तय हो सकता है और डीए शून्य हो जाएगा क्योंकि हर वेतन आयोग के लागू होने पर डीए ‘0’ हो जाता है। वर्तमान में 7वें वेतन आयोग के तहत महंगाई भत्ता 58 प्रतिशत है जो जुलाई से दिसंबर 2025 तक लागू रहेगा। जनवरी 2026 में इसके 60% तक जाने की उम्मीद है।विशेषज्ञों की मानें तो जब तक नया वेतन आयोग लागू नहीं होता तब तक DA बेसिक पे के प्रतिशत के रूप में ही बढ़ेगा और आयोग के लागू होने के बाद मौजूदा DA बेसिक पे में मर्ज हो जाएगा, जिससे वेतन संरचना में बदलाव आएगा । 8वें वेतन आयोग में कितनी बढ़ेगी सैलरी?     7वें वेतन आयोग में 2.57 फिटमेंट फैक्टर के कारण वेतन और पेंशन में वृद्धि के बाद केंद्रीय कर्माचारियों की न्यूनतम सैलरी 7,000 से बढ़कर 18,000 रूपये हो गई थी। 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.28, 1.92 या फिर 2.86 तय हो सकता है, जिससे वेतन में 30-50 फीसदी की वृद्धि हो सकती है।अगर 1.92 फिटमेंट फैक्टर होता है तो वेतन में 92% की वृद्धि यानि 18,000 रुपये से बढ़कर 34,560 रुपये हो जाएगा।     2.47 फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया, तो 18,000 रुपये का बेसिक वेतन बढ़कर लगभग 44,460 रुपये हो सकता है।1.83 फिटमेंट फैक्टर होने पर बेसिक वेतन करीब 32,940 रुपये और 1.86 होने पर लगभग 33,480 रुपये तक हो सकता है। 2.86 फिटमेंट होने पर कर्मचारियों की मिनिमम बेसिक सैलरी 18000 रुपये से बढ़कर सीधे 51,480 रुपये हो सकती है।     महंगाई राहत पेंशन पर एक निश्चित फीसदी के रूप में दी जाती है।जब पेंशन बढ़ती है, तो DR की वैल्यू खुद बढ़ जाती है।पुरानी पेंशन 20,000 रुपए है और DR 20% पर 4,000 रुपए और नई पेंशन 30,000 रुपए है और DR 20% तो 6,000 रुपए मिलेगी।इससे साफ है कि जितनी ज्यादा पेंशन बढ़ेगी, उतनी ज्यादा ही महंगाई राहत बढ़ेगी। अगर फिटमेंट फैक्टर 2.86 तक जाता है, तो 25,000 की बेसिक सैलरी बढ़कर 71,500 हो सकती है और कुल सैलरी (DA और HRA समेत) 90,000 से ज्यादा पहुंच सकती है। आठवें वेतन आयोग से किसे लाभ होगा?     केंद्र सरकार के कर्मचारी     रक्षा कर्मी     केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के कर्मचारी     रेलवे कर्मचारी     केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CPC) को अपनाने वाले स्वायत्त और वैधानिक निकाय     केंद्र सरकार के पेंशनभोगी