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‘आरोप साबित हुए तो सियासत छोड़ दूंगा’: AAP MLA का मजीठिया पर तीखा वार

लुधियाना लुधियाना हलका सेंट्रल से आम आदमी पार्टी के विधायक अशोक पराशर पप्पी ने अपने ऊपर लगे भ्रष्टाचार, ठगी और अवैध वसूली के गंभीर आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। एक दिन पहले अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया और विधायक के कथित पूर्व पीए। घर को ही प्रेस क्लब बना लिया है प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विधायक अशोक पराशर पप्पी अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया पर जमकर बरसे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा मजीठिया ने अपने घर में ही एक प्रेस क्लब खोल रखा है। जो कोई भी झूठी कहानी लेकर उनके पास पहुंच जाता है, उसे वो अपने साथ बिठा लेते हैं और बिना किसी जांच-पड़ताल के प्रेस कॉन्फ्रेंस कर देते हैं। विधायक ने बड़ी चुनौती देते हुए कहा कि अगर मजीठिया और निखिल सभरवाल अपनी बातों में जरा भी सच्चे हैं तो वे मेरे साथ गुरु घर (गुरुद्वारा साहिब) चलें। वहां पांच प्यारे बैठें और इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करें। अगर मैं इस जांच में दोषी या गलत पाया गया तो मैं उसी वक्त हमेशा के लिए सियासत छोड़ दूंगा। निखिल एक हैकर है, जिन खातों की बात हो रही वो मेरे हैं ही नहीं कल निखिल द्वारा मीडिया के सामने जारी की गई बैंक स्टेटमेंट पर सफाई देते हुए विधायक ने इसे पूरी तरह फर्जी बताया। उन्होंने कहा कि जिन बैंक खातों के नंबर दिखाकर पैसे ट्रांसफर होने के दावे किए जा रहे हैं असल में उन बैंकों में उनका या उनके किसी परिवार वाले का कोई अकाउंट ही नहीं है। विधायक ने निखिल को एक शातिर इंसान और हैकर बताते हुए कहा कि इसने पहले भी एक अन्य व्यक्ति की आईडी हैक की थी। विधायक ने स्पष्ट किया कि वे इस पूरे झूठे प्रकरण को लेकर कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। कल मजीठिया और निखिल ने लगाए थे ये आरोप यह सारा विवाद तब शुरू हुआ जब विधायक के दफ्तर इंचार्ज रहे निखिल सभरवाल जो की चाय का कम करता था बिक्रम सिंह मजीठिया से मुलाकात की। दोनों ने संयुक्त रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस की। मजीठिया ने आम आदमी पार्टी को एक बिजनेस मॉडल बताते हुए विधायक और उनके बेटे पर करोड़ों रुपए ऐंठने का आरोप लगाया था। 30 लाख की ट्रांजेक्शन का दावा निखिल ने बैंक स्टेटमेंट सार्वजनिक करते हुए आरोप लगाया था कि 24 अप्रैल 2024 को नगर निगम के एक बिल्डिंग इंस्पेक्टर ने उसके (निखिल के) खाते में 30 लाख रुपए डाले थे। उसका दावा था कि अगले ही दिन इसमें से 15 लाख रुपए विधायक पप्पी पराशर के खाते में और 99 हजार रुपए उनके बेटे के खाते में ट्रांसफर किए गए। बकाया 14 लाख रुपए कैश निकालकर उसने विधायक को सौंपे थे। मजीठिया ने सवाल उठाया था कि एक इंस्पेक्टर किस हैसियत से निखिल को 30 लाख रुपए दे रहा है? उन्होंने इस मामले में ED की जांच की मांग की थी। डीसी रेट पर भर्ती के लिए 1 लाख रुपए फीस निखिल ने खुद को विधायक के दफ्तर का इंचार्ज बताते हुए अपना आईडी कार्ड भी दिखाया था। उसने दावा किया कि विधायक की तरफ से डीसी रेट पर सरकारी विभागों (39 क्लर्क और 87 कर्मचारी) में भर्ती करवाने के लिए प्रति व्यक्ति एक लाख रुपए की फीस तय की गई थी। निखिल के मुताबिक, उसने 100 से ज्यादा लोगों से पैसे लेकर विधायक को पहुंचाए। नौकरी से निकाला और धमकियां दीं निखिल ने आरोप लगाया कि जब लोगों की भर्तियां नहीं हुईं और वे पैसे वापस मांगने विधायक के दफ्तर आने लगे (जिनमें निखिल के रिश्तेदार भी थे), तो खुद को फंसता देख विधायक ने 2 साल पहले उसे नौकरी से निकाल दिया। उलटा, एसीपी सेंट्रल से कहकर उसी पर ठगी का पर्चा (FIR) दर्ज करवा दिया और सारा दोष उसके सिर मढ़ दिया। निखिल ने वीडियो जारी कर यह भी कहा था कि विधायक ने उसे शहर छोड़ने की धमकी दी है और कहा है कि अगर उसने कहीं उनका नाम लिया तो उसके घर के 2-3 लोगों को मरवाने में उन्हें कोई हिचक नहीं होगी।  

आप विधायक को दुष्कर्म मामले में सात दिन का रिमांड, पुलिस ने शुरू की पूछताछ

चंडीगढ़  दुष्कर्म मामले में गिरफ्तार आम आदमी पार्टी के विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा को रविवार को चार दिनों का पुलिस रिमांड खत्म होने पर अदालत में पेश किया गया। जहां पुलिस ने और पूछताछ के लिए पठान माजरा के लिए 10 दिन के रिमांड की मांग की है। अदालत में दोनों पक्षों को सुनने के बाद पठानमाजरा को 7 दिनों के रिमांड पर भेज दिया है। पठान माजरा को हाल ही में पटियाला पुलिस ने मध्य प्रदेश में ग्वालियर के नजदीक से गिरफ्तार किया था। गौरतलब है कि जीरकपुर की एक महिला की शिकायत पर पटियाला के थाना सिविल लाइन में पठान माजरा के खिलाफ 1 सितंबर 2025 को दुष्कर्म करने और धमकियां देने के आरोप में केस दर्ज हुआ था। इसके बाद पठानमाजरा हरियाणा के करनाल में अपने रिश्तेदार के पास भाग गए थे। पठानमाजरा को पकड़ने के लिए पटियाला पुलिस वहां पहुंची। आरोप है कि पठानमाजरा के साथियों ने पुलिस पार्टी पर पत्थरबाजी की और फायरिंग की। इस दौरान एक पुलिस मुलाजिम भी घायल हो गया। बाद में पठान माजरा पुलिस हिरासत से फरार हो गया था। इसी बीच पता चला कि पठान माजरा ऑस्ट्रेलिया भाग गया है।  पुलिस ने जारी किया था LOC पुलिस ने उनका लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी कर रखा था। पठानमाजरा 2022 में पटियाला की सनौर विधानसभा सीट से MLA चुने गए हैं। केस में राहत के लिए पठानमाजरा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर रखी थी। इसकी सुनवाई आज ही होनी थी। इसी को लेकर वह करीब 9 दिन पहले ऑस्ट्रेलिया से भारत लौटे थे। उनके दिल्ली से आने की पुलिस को भनक लग गई थी जिसके बाद उन्हें मध्यप्रदेश के शिवपुरी में ग्वालियर बाइपास पर गिरफ्तार कर लिया। केस दर्ज होने के बाद वह पिछले 6 महीने से फरार चल रहे थे। पठानमाजरा पर बाढ़ के दौरान अफसरों के खिलाफ बयानबाजी के बाद केस दर्ज हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया था कि AAP की दिल्ली टीम के खिलाफ बोलने की वजह से उनके खिलाफ पुराने मामले में FIR की गई है। महिला ने कहा- तलाकशुदा बताकर शादी रचाई, रेप किया- MLA पठानमाजरा पर 1 सितंबर, 2025 को पटियाला के सिविल लाइंस थाने में रेप, फ्रॉड और धमकाने के आरोप में FIR दर्ज हुई थी। इसमें महिला ने बताया कि साल 2013-14 में उसकी मुलाकात पठानमाजरा से फेसबुक के जरिए हुई थी। पठानमाजरा ने कहा था कि उनका तलाक हो गया है। वह शादी के लिए दूसरा रिश्ता ढूंढ रहे हैं। इसके बाद उसकी पठानमाजरा से जान-पहचान हो गई। इसी दौरान विधायक ने खुद को तलाकशुदा बताते हुए शादी का प्रपोजल रखा। लुधियाना के जगराओं स्थित गुरुद्वारे में हुई थी शादी- महिला ने कहा कि पठानमाजरा के तलाकशुदा होने पर यकीन कर उसने हां कर दी। इसके बाद 14 अगस्त 2021 को लुधियाना के जगराओं स्थित गुरुद्वारे पत्ती मुल्तानी में दोनों का आनंदकारज (शादी) हुआ। इस दौरान पठानमाजरा ने गुरुद्वारे के ग्रंथी के सामने भी खुद को तलाकशुदा बताया। महिला का कहना है कि विवाह के बाद उसे लुधियाना के मजीठिया एन्क्लेव स्थित एक मकान में रखा गया, जहां वह खुद को विधायक की कानूनी पत्नी मानकर उनके साथ रहती रही। महिला ने आगे कहा- मार्च 2022 में जब पठानमाजरा ने AAP के टिकट पर सनौर सीट से चुनाव लड़ा, तो हलफनामे में उन्होंने अपनी पहली पत्नी का नाम लिखा और खुद को विवाहित बताया। यह देखकर उसे पता चला कि पठानमाजरा का तलाक नहीं हुआ था। विधायक ने झूठ बोलकर न केवल धोखा दिया बल्कि लगातार शारीरिक शोषण और रेप किया। अंतरंग पलों के वीडियो बनाने का पठानमाजरा पर आरोप पठानमाजरा पर आरोप लगाने वाली महिला ने यह भी आरोप लगाया कि विधायक ने उसके साथ अंतरंग पलों के वीडियो बनाए और बाद में इन्हीं वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर दबाव बनाया। जुलाई 2024 में भी उसे एक कॉल आई जिसमें विधायक ने कहा कि अगर वह उनके पास नहीं आई तो वीडियो वायरल कर दिया जाएगा। पीड़ित महिला ने इसकी शिकायत 14 अगस्त 2022 को दी थी। हालांकि, 2025 तक पुलिस ने इस मामले में FIR दर्ज नहीं की। मगर, पिछले साल अचानक 3 साल बाद पुलिस ने महिला की शिकायत का संज्ञान लेते हुए विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा के खिलाफ धारा 420 (धोखाधड़ी), 506 (धमकी) और 376 (रेप) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया।

AAP विधायक का इस्तीफा, पंजाब में पार्टी को बड़ा नुकसान

चंडीगढ़ बीते दिनों मुक्तसर माघी मेले में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ये कहा था कि जो गुरु ग्रंथ साहिब जी के लापता पावन स्वरूपों का मामला चल रहा है उसमें से कुछ स्वरूप बंगा के पास गांव माजारा नौ आबाद में धार्मिक अस्थान रसोखाना श्री नाभ कंवल राजा साहिब से मिले हैं। इस बयान के बाद उक्त धार्मिक अस्थान से जुड़ी संगत ने सख्त प्रतिक्रिया दी और मान सरकार की कड़ी निंदा की। उसी दिन देर शाम इस इलाके के विधायक डॉ. सुखविंदर सुक्खी, जो अकाली दल बादल की टिकट से जीतकर आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए थे और आम आदमी पार्टी ने उन्हें कैबिनेट रैंक दिया था। इसके साथ ही विभाग का चेयरमैन कन्वीनर लगाया गया था। उन्होंने उसी दिन देर रात श्री राजा साहिब अस्थान पर जाकर इस बयान की निंदा की था और इसे अपनी आस्था का केंद्र बताया था। इस मामले से अस्थान से श्रद्धा से जुड़ी संगत में सरकार के प्रति काफी रोष पैदा हुआ है। वहीं आज फिर करीब 12 बजे विधायक डॉ. सुखविंदर सुक्खी ने अस्थान पर जाकर अपना रोष जताते हुए चेयरमैन पद से इस्तीफा देने का ऐलान किया और कहा कि इस मामले में उन्हें बहुत ठेस पहुंची है। उन्होंने सीधे शब्दों में आम आदमी सरकार के इस कदम से माहौल खराब होने के बारे में खुलासा करते हुए कहा कि वह कुछ लोग गलत प्रोपेगैंडा फैला रहे हैं, जिससे वे दुखी हैं। 

पंजाब पुलिस के हाथ आए बिना भागे AAP विधायक, करनाल में दीवार कूदकर निकले

पंजाब  रेप के आरोपी आम आदमी पार्टी के विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। जानकारी के मुताबिक वह हरियाणा के करनाल में अपने एक रिश्तेदार के घर पर छिपे हुए थे। पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने पहुंची तो वह दीवार फांदकर भाग निकले। जानकारी के मुताबिक हरमीत सिंह पठानमाजरा करनाल के डाबरी गांव में अपने एक रिश्तेदार गुरनाम सिंह लाडी के घर पर रुके थे। गुरनाम सिंह हरियाणा शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी के सदस्य हैं। सूत्रों के मुताबिक पंजाब पुलिस की टीम तड़के ही उन्हें दबोचने पहुंच गई। जैसे ही पुलिस घर में घुसी, पठानमाजरा दीवार फांदकर भाग निकले। सूत्रों के मुताबिक उन्होंने पुलिसकर्मियों पर कोई फायरिंग नहीं की है। गिरफ्तारी से पहले वीडियो जारी कर कहा था, आप की दिल्ली टीम मुझे दबा रही पठानमाजरा ने गिरफ्तारी से पहले एक वीडियो जारी कर कहा था कि पंजाब पुलिस ने मेरी पूर्व पत्नी से जुड़े एक पुराने मामले में रेप केस दर्ज किया है। दिल्ली की आम आदमी पार्टी टीम पंजाब पर हावी होने की कोशिश कर रही है और मेरी आवाज दबाई जा रही है। पठानमाजरा पर 2022 में उनकी दूसरी पत्नी गुरप्रीत कौर ने पहली शादी छिपाने और मारपीट का आरोप लगाया था। एक कथित अश्लील वीडियो के वायरल होने के बाद भी वे सुर्खियों में रहे थे। वकील बोले, अभी गिरफ्तारी का पता नहीं वहीं, विधायक पठानमाजरा के वकील बिक्रमजीत सिंह भुल्लर ने बताया कि 1 सितंबर 2025 को पटियाला पुलिस ने पठानमाजरा के खिलाफ केस दर्ज किया है। यह केस जीरकपुर की एक महिला की शिकायत पर हुआ है। वह और पठानमाजरा 2013-14 में सोशल मीडिया पर मिले थे और 2021 में उन्होंने शादी कर ली थी। 23 अगस्त 2022 को उस महिला ने पंजाब हाईकोर्ट में अर्जी दी, जिसके बाद कोर्ट ने 2024 में रोपड़ पुलिस को इस मामले की जांच करने को कहा। महिला के खिलाफ आईटी एक्ट के 4-5 केस दर्ज हैं। एडवोकेट भुल्लर ने कहा कि पटियाला में बाढ़ के कारण हालात खराब हैं और पठानमाजरा अपने क्षेत्र में लोगों की मदद कर रहे थे। उन्होंने एक आईएएस अफसर पर आरोप लगाए थे, जिसके बाद उनके खिलाफ 2013 के एक मामले में केस दर्ज कर लिया गया। उनकी गिरफ्तारी हुई है या नहीं, यह अभी साफ नहीं है।