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असम में एम्बुलेंस-ट्रक टक्कर में 6 लोगों की जान गई, दो गंभीर रूप से घायल

तेजपुर असम के सोनितपुर जिले में बीती एक एम्बुलेंस और ट्रक की टक्कर हो गई, जिसमें एम्बुलेंस में सवार छह लोगों की मौत हो गई जबकि दो अन्य घायल हो गए. सोनितपुर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार एम्बुलेंस में एक मरीज और उसके परिवार के सदस्य सवार थे. एम्बुलेंस तेजपुर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल की ओर जा रही थी, तभी ढेकियाजुली पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग 15 पर यह टक्कर हो गई. इस हादसे में छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और गंभीर रूप से घायल दो लोगों को तेजपुर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में भर्ती कराया गया है. घटना की सूचना मिलने पर पुलिस और आपातकालीन सेवा दल तुरंत दुर्घटनास्थल पर पहुंचे, बचाव अभियान शुरू किया और राजमार्ग को साफ किया. बताया जाता है कि नेशनल हाईवे 15 पर ढेकियाजुली पुलिस स्टेशन के अंतर्गत यह भयानक सड़क हादसा हुआ. इस घटना से पूरे इलाके में शोक की गहरी लहर है. रिपोर्टों के अनुसार यह दुखद घटना तब हुई जब तेजपुर से गुवाहाटी की ओर जा रहे एक ट्रक की, विपरीत दिशा से आ रहे एक वाहन से आमने-सामने टक्कर हो गई. टक्कर इतनी जोरदार थी कि छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई. दुर्घटना के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है. यह त्रासदी राष्ट्रीय राजमार्ग-15 पर सड़क सुरक्षा को लेकर जारी चिंताओं को उजागर करती है. यह एक व्यस्त हाईवे है जहां अक्सर भारी ट्रैफिक और तेज गति से वाहनों की आवाजाही देखने को मिलती है.

न्यूयॉर्क एयरपोर्ट पर एयर कनाडा का विमान फायर ट्रक से टकराया, चार लोग घायल

न्यूयॉर्क न्यूयॉर्क के ला गार्डिया एयरपोर्ट पर सोमवार को एक बड़ा विमान हादसा हो गया. खराब मौसम के बीच गेट की तरफ जा रहा एयर कनाडा का एक जेट रनवे पर खड़े फायर ट्रक से टकरा गया।  फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा और स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, हादसे का शिकार हुआ विमान 'एयर कनाडा एक्सप्रेस CRJ-900' है, जो मॉन्ट्रियल से न्यूयॉर्क पहुंचा था. टक्कर इतनी जोरदार थी कि इसमें चार दमकलकर्मी घायल हो गए हैं. उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।  हादसे के समय विमान में लगभग 100 यात्री सवार थे. आपातकालीन बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया. सोशल मीडिया पर साझा की गई तस्वीरों और वीडियो में यात्री विमान के अगले हिस्से और 'नोज' को भारी नुकसान पहुंचता दिख रहा है।  पूरा एयरपोर्ट हुआ बंद ला गार्डिया काफी बिजी और भीड़भाड़ वाला एयरपोर्ट है. प्लेन क्रैश होने की वजह से फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) ने ला गार्डिया एयरपोर्ट पर सभी उड़ानों के लिए 'ग्राउंड स्टॉप' जारी कर दिया है. शुरुआत में 05:30 GMT तक उड़ानों पर रोक लगाई गई थी, लेकिन स्थिति की गंभीरता को देखते हुए इसे 18:00 GMT तक बंद रखा जा सकता है. एयरपोर्ट प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां रनवे से मलबा हटाने और जांच करने में जुटी हैं।  शुरुआती रिपोर्ट की मानें तो हादसे की वजह खराब मौसम और विजिबिलिटी की कमी बताई जा रही है. फिलहाल इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि दमकल की गाड़ी रनवे पर क्यों मौजूद थी. रेगुलेटर ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और सिक्योरिटी स्टैंडर्ड की भी समीक्षा की जाएगी। 

ऑटो और बाइक की टक्कर में बाइक चालक को गंभीर चोटें, पैर की दो उंगलियां टूटने की आशंका

ऑटो और बाइक की भिंडत, बाइक चालक को आया गंभीर चोटें पैर की दो उंगली टूटने की आशंका  राजेंद्रग्राम छबिलाल थाना क्षेत्र राजेंद्रग्राम अंतर्गत आने वाली ग्राम बरगी सांधा जो राजेंद्रग्राम बसनिहा से बेनीबारी को जोड़ती है वही बरगी साधा में ऑटो और बाइक की जोरदार भिंडत होने से बाइक चालक प्रवीण कुमार मराबी 23 वर्ष पिता जान सिंह मरावी ग्राम दमगढ़ का रहने वाला बताया जा रहा है।जो अपने निजी काम से बेनीबारी की ओर गए हुए थे और घर लौटते समय राजेंद्रग्राम की ओर से स्कूली बच्चों को लेकर जा रही ऑटो आमने सामने भिड़ने से ऑटो में सवार एक विद्यार्थी बच्चे को भी चोट लगने की जानकारी बताई जा रही है।और घायल व्यक्ति प्रवीण कुमार मरावी को भी गंभीर चोट लगने की आसंका जताई जा रही है,और प्रवीण मरावी को उनके परिजनों के द्वारा अपने निजी वाहन से अस्पताल लाया गया,लेकिन देख भाल करने वाले डॉक्टरों का कोई अता पता नहीं है,जिससे घायल व्यक्ति को सही तरीके से इलाज किया जा सके।वही ड्रेसिंग करने वालों के द्वारा घायल व्यक्ति के पैर में टांका लगाकर,घाव को साफ कर, मलहम पट्टी लगाकर, जिला अस्पताल अनूपपुर ले जाने की सलाह दी गई,और परिजनों का कहना है की हमारे बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ डॉक्टरों के द्वारा ना किया जाए जिससे होने वाले बीमारी या एक्सीडेंट से डॉक्टरों के द्वारा छुटकारा दिलाया जा सकता है,अगर वो समय से अस्पताल को निगरानि मे रखकर काम करेंगे तो ,नही फिजूल में मरीज अपने मौत को गले लगाने से किसी को बचाया नहीं जा सकता है।

नेपाल में श्रद्धालुओं की बस खाई में गिरी, 7 भारतीयों की मौत, मंदिर से लौट रहे थे यात्री

कपिलवस्तु गोरखा जिले के प्रसिद्ध मनकामना मंदिर में दर्शन कर लौट रहे भारतीय श्रद्धालुओं की माइक्रो बस शनिवार को दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य यात्री घायल हो गए।  प्रारंभिक जानकारी के अनुसार टूरिस्ट माइक्रो बस में 14 यात्री सवार होकर गोरखा में मनकामना मंदिर दर्शन के लिए गए थे। दर्शन के बाद लौटते समय कपिलवस्तु बॉर्डर से करीब डेढ़ सौ किलोमीटर दूर कांटार जिले के शहीद लखन गाऊ पालिका वार्ड नंबर-3 के पास बस अचानक अनियंत्रित हो गई और करीब 200 फुट गहरी खाई में जा गिरी। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और राहत टीम मौके पर पहुंच गई और बचाव कार्य शुरू किया गया। घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। पुलिस सुपरिटेंडेंट भारत बहादुर बीका ने बताया कि मृतकों में पांच पुरुष और तीन महिलाएं शामिल हैं। अभी उनके बारे में विस्तृत जानकारी नहीं मिल पाई है। कहा कि दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है।  इससे पहले अगस्त 2024 में भी अनबुखैरेनी क्षेत्र में भारतीय श्रद्धालुओं से भरी एक बस हादसे का शिकार हो गई थी, जिसमें कम से कम 27 लोगों की मौत हो गई थी. नेपाल में हाल के वर्षों में सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में वृद्धि देखी गई है. नेपाल ट्रैफिक पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक एक दशक पहले देश में 4,999 सड़क हादसे दर्ज किए गए थे, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 में यह संख्या बढ़कर 7,669 हो गई. विश्व बैंक की एक अध्ययन रिपोर्ट के अनुसार नेपाल में सड़क दुर्घटनाओं से होने वाला आर्थिक नुकसान 2007 के बाद से तीन गुना बढ़ चुका है और यह अब देश के सकल राष्ट्रीय उत्पाद का लगभग 1.5 प्रतिशत हो गया है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सड़क हादसों का सबसे ज्यादा असर कमजोर वर्गों पर पड़ता है. नेपाल में सड़क दुर्घटनाओं में मरने वालों में 70 प्रतिशत से अधिक लोग पैदल यात्री, साइकिल चालक और मोटरसाइकिल सवार जैसे संवेदनशील सड़क उपयोगकर्ता होते हैं.

31 देशों की यात्रा अधूरी रह गई, पेरू में बाइक क्रैश के बाद ‘फ्लाइंग खालसा’ ने मम्मी से किया घर लौटने का वादा

बठिंडा इन दिनों भारत में भी लोगों के भीतर ट्रैवलिंग का क्रेज बढ़ गया है. लोग देश से लेकर दुनिया तक ट्रैवल कर रहे हैं. बाइक ट्रैवलिंग का खुमार सिर चढ़कर बोल रहा है. साथ ही लोग ट्रैवल ब्लॉगिंग भी कर रहे हैं. देश भर में ट्रैवल ब्लॉगर में से एक मशहूर ‘फ्लाइंग खालसा’ रघबीर सिंह भरौवाल का नाम है. उनका सपना था 31 देशों में बाइक से घूमने का. लेकिन यह सपना अधूरा रह गया. पंजाब के बठिंडा के रहने वाले रघबीर की मौत पेरू के त्रुजिलो शहर के पास एक हादसे में हो गई है. उन्होंने अपनी हार्ले पर सफर शुरू किया. सोशल मीडिया पर वीडियो साझा किए. मुस्कुराते हुए. जोश से भरे हुए. लेकिन पेरू में उनका सपना टूट गया. मां से किया घर लौटने का वादा भी अधूरा रह गया. रिपोर्ट के अनुसार कनाडा के सरे में बसे रघबीर तीन बच्चों के पिता थे. रघबीर पेशे से रेगुलेटेड कनाडियन इमिग्रेशन कंसल्टेंट थे. उन्होंने अपनी पढ़ाई पंजाब से की थी. सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक., फिर ऑन्टारियो के विंडसर शहर से एमटेक. बाद में कनाडाई नागरिकता मिली. परिवार ने बताया कि तीन दिन पहले उन्होंने फोन कर कहा था कि वह कनाडा लौट रहे हैं, फिर अर्जेंटीना के लिए निकलेंगे. उसके बाद संपर्क टूट गया. GPS लोकेशन पेरू के त्रुजिलो में आखिरी बार दिखी. स्थानीय पुलिस ने हादसे की पुष्टि की. कौन थे रघबीर सिंह भरौवाल? रघबीर सिंह भरौवाल मूल रूप से बठिंडा के निवासी थे और कनाडा के सरे में रहते थे. उनके पिता प्रीतम सिंह भरौवाल इस समय लुधियाना में एक पारिवारिक कार्यक्रम में आए हुए थे, जब दुखद खबर मिली. परिवार के मुताबिक रघबीर साहसी स्वभाव के थे और लंबे समय से वर्ल्ड टूर का सपना देख रहे थे. उन्होंने अपनी इस यात्रा को ‘फ्लाइंग खालसा वर्ल्ड टूर’ नाम दिया था और 31 देशों की लिस्ट बनाई थी.     रघबीर ने अपनी यात्रा के दौरान रेगुलर रूप से वीडियो और तस्वीरें शेयर कीं. वैंकूवर निवासी उनके दोस्त गुरविंदर सिंह ने बताया कि टूर पर निकलने से पहले एबॉट्सफोर्ड शहर में एक पिज्जा स्टोर के उद्घाटन पर दोस्तों के साथ मुलाकात हुई थी. रघबीर ने अपनी पिछली बाइक यात्राओं के किस्से सुनाए थे. किसी ने नहीं सोचा था कि वह आखिरी मुलाकात होगी.     परिवार ने जब कई दिनों तक संपर्क नहीं हुआ तो दूतावासों से संपर्क किया. GPS ट्रैकिंग से लोकेशन पेरू में मिली. त्रुजिलो पुलिस से बात की गई. मंगलवार तड़के जानकारी मिली कि एक घातक सड़क हादसे में उनकी मौत हो गई. यह खबर सुनते ही परिवार और दोस्तों में शोक की लहर दौड़ गई. रघबीर सिंह भरौवाल किस यात्रा पर थे? रघबीर ‘फ्लाइंग खालसा वर्ल्ड टूर’ नाम से 31 देशों की सोलो मोटरसाइकिल यात्रा पर निकले थे. उन्होंने करीब तीन महीने पहले कनाडा से अपनी हार्ले डेविडसन पर सफर शुरू किया था. योजना थी कि कुछ समय के लिए कनाडा लौटकर फिर अर्जेंटीना की ओर बढ़ेंगे. यह यात्रा उनके लिए जुनून और आत्मविश्वास का प्रतीक थी. हादसा कैसे सामने आया? तीन दिन तक संपर्क न होने पर परिवार ने चिंता जताई. उन्होंने दूतावासों से संपर्क किया और GPS लोकेशन ट्रैक की. अंतिम लोकेशन पेरू के त्रुजिलो शहर में मिली. स्थानीय पुलिस ने बाद में पुष्टि की कि एक सड़क दुर्घटना में उनकी मौत हो गई. विस्तृत परिस्थितियों की जांच जारी है. परिवार और दोस्तों की क्या प्रतिक्रिया रही? परिवार गहरे सदमे में है. पिता ने बताया कि रघबीर ने हाल ही में घर लौटने की बात कही थी. दोस्त गुरविंदर सिंह ने कहा कि वह बेहद जिंदादिल और प्रेरणादायक व्यक्ति थे. सोशल मीडिया पर उनके समर्थक और परिचित श्रद्धांजलि दे रहे हैं और उन्हें साहसी यात्री के रूप में याद कर रहे हैं. अधूरा सपना, यादों में जिंदा ‘फ्लाइंग खालसा’ रघबीर सिंह भरौवाल का 31 देशों का सपना अधूरा रह गया, लेकिन उनकी हिम्मत और जज्बा कई युवाओं को प्रेरित करता रहेगा. परिवार अब उनके पार्थिव शरीर को कनाडा लाने की प्रक्रिया में जुटा है. हो सकता है सफर रुक गया हो, लेकिन ‘फ्लाइंग खालसा’ की कहानी दुनिया घूमने का साहस रखने वालों के लिए हमेशा जिंदा रहेगी.

बिलासपुर हादसा: ट्रेलर की टक्कर से 4 की मौत, परिवार सालगिरह मनाकर लौट रहा था, शव गैस कटर से निकाले गए

बिलासपुर  बिलासपुर में रायपुर-रतनपुर नेशनल हाईवे पर ग्राम सम्बलपुरी स्थित यादव ढाबा के सामने तेज रफ्तार ट्रेलर और स्कॉर्पियो की आमने-सामने टक्कर में चार लोगों की मौके पर मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है। घायल को सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया. देर रात करीब 2 बजे ट्रेलर (CG 11 BD 9044) सकरी-रतनपुर की ओर से रायपुर जा रहा था। इसी दौरान ट्रेलर अनियंत्रित होकर रॉन्ग साइड में पहुंच गया और सामने से आ रही स्कॉर्पियो (CG 04 MQ 4220) को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रेलर पास में खड़े एक अन्य ट्रेलर को भी अपनी चपेट में लेते हुए पलट गया। स्कॉर्पियो बुरी तरह डैमेज हो गई और उसमें सवार लोग वाहन के अंदर फंस गए। घटना की सूचना मिलते ही सकरी पुलिस मौके पर पहुंची। वाहन में फंसे लोगों को निकालने के लिए गैस कटर का सहारा लिया गया। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद सभी को बाहर निकाला गया, तब तक चार लोगों की मौत हो चुकी थी। सालगिरह मनाकर लौट रहा था परिवार बताया जा रहा है कि स्कॉर्पियो में पांच लोग सवार थे, जो यादव ढाबा में आयोजित एक पारिवारिक शादी की 25वीं सालगिरह के कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। कार्यक्रम से लौटते ही कुछ ही दूरी पर यह दर्दनाक हादसा हो गया। कैसे हुआ हादसा? प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बिलासपुर-रायपुर रोड पर तेज रफ्तार से आ रहे ट्रेलर ने सामने से आ रही स्कॉर्पियो को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि स्कॉर्पियो के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार लोग बुरी तरह फंस गए। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद शवों को बाहर निकाला। घायल युवक को गंभीर हालत में अस्पताल रेफर किया गया है, जहां उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है। मृतकों की पहचान में जुटी पुलिस मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक सभी मृतक तखतपुर-मुंगेली क्षेत्र के बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद हाईवे पर कुछ समय के लिए जाम की स्थिति बन गई थी। ट्रेलर चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि तेज रफ्तार और लापरवाही इसकी वजह हो सकती है।

शादी जा रहे चार भाइयों की बाइक दुर्घटना में तीन की दुखद मौत, फतेहपुर से रिपोर्ट

 फतेहपुर  यूपी के फतेहपुर जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया. ऐरायां मशायक गांव के पास स्थित एक कोल्ड स्टोर के समीप दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई. इस भीषण भिड़ंत में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हैं. हादसे की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और गांव में मातम पसर गया. खुशी के सफर का अंत मातम में जानकारी के अनुसार हुसैनगंज थाना क्षेत्र के पतरहा गांव निवासी श्याम सिंह (45) अपने भाई मनथाल सिंह (40), गोरेलाल (32) और चचेरे भाई राजेंद्र सिंह (30) के साथ एक ही मोटरसाइकिल पर सवार होकर सुल्तानपुर घोष क्षेत्र के एक गांव में शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे. परिवार में उत्सव का माहौल था. शाम ढल रही थी और वे समय से पहुंचने की जल्दी में थे. इसी दौरान ऐरायां मशायक गांव के पास सामने से आ रही दूसरी मोटरसाइकिल से उनकी सीधी भिड़ंत हो गई. दूसरी बाइक पर मोतीलाल पासवान (50) निवासी गौती, थाना सुल्तानपुर घोष सवार थे. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों बाइकों के परखच्चे उड़ गए और सवार कई फीट दूर जा गिरे. मौके पर बिखरा खून और चीख-पुकार टक्कर के बाद कुछ पल के लिए सड़क पर सन्नाटा छा गया, फिर चीख-पुकार मच गई. आसपास के ग्रामीण दौड़कर मौके पर पहुंचे. दृश्य बेहद भयावह था. तीन लोगों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया था, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हालत में तड़प रहे थे. ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी. पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर शवों को कब्जे में लिया और घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हथगांव भिजवाया. प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने दोनों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया, जहां उनका इलाज जारी है. मृतकों की पहचान और गांव में शोक हादसे में जिन तीन लोगों की मौत हुई, वे एक ही परिवार से थे. श्याम सिंह, मनथाल सिंह और गोरेलाल की मौके पर ही जान चली गई. राजेंद्र सिंह और मोतीलाल पासवान गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं. जैसे ही यह खबर पतरहा गांव पहुंची, घरों से रोने की आवाजें आने लगीं. शादी में शामिल होने की तैयारी कर रहे परिवार को अचानक अंतिम संस्कार की तैयारी करनी पड़ी.  पुलिस की प्रारंभिक जांच पुलिस के अनुसार प्रथम दृष्टया मामला तेज रफ्तार और ओवरलोडिंग का प्रतीत होता है. एक मोटरसाइकिल पर चार लोग सवार थे, जिससे संतुलन बिगड़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि सड़क पर मोड़ या दृश्यता की कोई समस्या तो नहीं थी. थाना प्रभारी ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है. दुर्घटना के कारणों की स्पष्ट जानकारी जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगी. सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल यह हादसा एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा की स्थिति पर सवाल खड़े करता है. अक्सर लोग छोटी दूरी समझकर हेलमेट नहीं पहनते और एक ही बाइक पर तीन-चार लोग सवार हो जाते हैं. तेज रफ्तार और लापरवाही मिलकर जानलेवा साबित होती है. स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐरायां मशायक के पास वाली सड़क पर भारी वाहनों की आवाजाही रहती है और शाम के समय दृश्यता भी कम हो जाती है. ऐसे में थोड़ी सी चूक बड़ा हादसा बन जाती है. परिजनों की आंखों में सवाल मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. घर के आंगन में जहां शादी में जाने की तैयारी थी, वहां अब शोक की चादर बिछी है. महिलाएं बेसुध हैं और बच्चे सहमे हुए. परिवार के एक सदस्य ने बताया कि हम लोग खुशी में जा रहे थे, किसे पता था रास्ते में ऐसा हो जाएगा.  घायलों की हालत नाजुक बताई जा रही है. डॉक्टरों की टीम लगातार निगरानी कर रही है. परिजन जिला अस्पताल के बाहर दुआ कर रहे हैं कि कम से कम बाकी दो जिंदगियां बच जाएं. प्रशासन की अपील हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यातायात नियमों का पालन करें, बाइक पर निर्धारित संख्या से अधिक सवारी न बैठाएं और हेलमेट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें. पुलिस ने कहा कि सड़क दुर्घटनाएं अक्सर छोटी लापरवाही के कारण होती हैं, जिनकी कीमत पूरी जिंदगी चुकानी पड़ती है.

इलाज के लिए उड़ान बनी आखिरी सफर: आग में झुलसे संजय और एयर एम्बुलेंस हादसे का सच

  रांची झारखंड के चतरा जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र के केंदू कसारी स्थित करम टॉड़ के घने जंगल में रांची से दिल्ली जा रही एयर एम्बुलेंस दुर्घटनाग्रस्त हो गई. इस हादसे में विमान में सवार सभी सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई. ये एयर एम्बुलेंस एक हादसे में झुलसे मरीज संजय कुमार को बेहतर इलाज के लिए रांची से दिल्ली लेकर जा रही थी. परिवार के सदस्यों ने बताया कि डॉक्टरों की सलाह पर संतोष को दिल्ली ले जाने के लिए लोन लेकर 8 लाख रुपये में एयर एम्बुलेंस बुक की थी. जानकारी के अनुसार, संजय कुमार चंदवा कस्बे में एक छोटा-सा रेस्टोरेंट चलाते थे. सोमवार को होटल में शॉर्ट सर्किट से लगी आग में वे गंभीर रूप से झुलस गए थे (करीब 63-65 प्रतिशत). उनका इलाज पहले रांची के देवकमल अस्पताल में चल रहा था, लेकिन हालत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने परिवार के सदस्यों को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली ले जाने की सलाह दी और उन्हें दिल्ली के लिए रेफर कर दिया था. लोन लेकर बुक की एयर एम्बुलेंस इसके बाद बेहतर इलाज की आस में परिवार ने करीब 8 लाख रुपये खर्च कर एयर एम्बुलेंस बुक की थी. इसके लिए परिवार ने लोन और अपने रिश्तेदारों से कर्ज लिया, ताकि संजय को तुरंत दिल्ली पहुंचाया जा सके. लेकिन एयर एम्बुलेंस उड़ान के दौरान अचानक मौसम खराब हो गया. तेज हवाओं और खराब विजिबिलिटी के कारण विमान संतुलन खो बैठा और सिमरिया के घने जंगल में क्रैश हो गया. हादसा इतना भीषण था कि किसी को बचने का मौका नहीं मिला और सभी की मौके पर ही मौत हो गई. एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत इस हादसे ने एक ही परिवार के तीन लोगों की जान छीन ली. मृतकों में मरीज संजय कुमार, उनकी पत्नी बसंती देवी और उनका भांजा ध्रुव शामिल हैं. इनके अलावा विमान के पायलट स्वराज दीप सिंह, सह-पायलट विवेक, डॉक्टर विकास कुमार गुप्ता और नर्सिंग स्टाफ सचिन कुमार मिश्रा ने भी अपनी जान गंवा दी. परिवार के सदस्यों की अचानक हुई इस मौत से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और इलाके के लोग इस घटना से गहरे सदमे में हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि संजय का परिवार बेहद गरीब पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखता है और ये रकम कर्ज पर ली गई थी, जिसमें इलाज के लिए पहले से भी लाखों रुपये कर्ज में थे. खबर से मिली हादसे की जानकारी परिवार के एक सदस्य ने बताया कि उन्हें इस हादसे की जानकारी खबरों से मिली. उन्होंने बताया कि रांची एयरपोर्ट से एयर एम्बुलेंस के उड़ा भरने के बाद वो लोग अपने घर आ गए थे और थोड़ी देर बाद विमान में मौजूद अपने परिवार के सदस्यों को फोन किया तो उनका फोन नहीं मिला. इसके कुछ देर बाद ही उन लोगों को एक प्लेन के क्रैश होने की खबर मिली तो उनकी चिंताएं बढ़ गई. उन्होंने बताया कि बाद में हम लोगों ने प्रशासन से संपर्क किया तो पता चला कि हादसे में सभी लोगों की मौत हो गई.  ATC से टूटा संपर्क प्राप्त जानकारी के अनुसार, विमान ने शाम करीब 7:11 बजे रांची एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी, लेकिन खराब मौसम (तेज हवाएं और कम विजिबिलिटी) के कारण रूट डायवर्ट करने की कोशिश में 23 मिनट बाद ही ATC से संपर्क टूट गया. विमान चतरा के दुर्गम जंगल में क्रैश हो गया. हादसा इतना भीषण था कि किसी को बचने का मौका नहीं मिला. हादसे की जानकारी मिलते ही जिला पुलिस प्रशासन और एसएसबी 35वीं बटालियन के जवान तुरंत हरकत में आए. विमान सड़क से लगभग चार किलोमीटर अंदर घने और दुर्गम जंगल में गिरा था, जिससे राहत कार्य में भारी मुश्किलें आईं. जवानों को मलबे से शवों को निकालने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी. रेस्क्यू टीम ने सभी शवों को अपने कंधों पर उठाकर चार किलोमीटर पैदल दूरी तय की और फिर एंबुलेंस के जरिए उन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेजा दिया. 6000 फुट ऊंचाई पर जाते ही पायलट को हो गया था अंदेशा कोलकाता से संपर्क होने के बाद, विमान ने खराब मौसम की वजह से अपना रास्ता बदलने (deviation) का अनुरोध किया था. इसके बाद, शाम 7:34 बजे वाराणसी से लगभग 100 NM दक्षिण-पूर्व में विमान का कोलकाता कंट्रोल रूम से संपर्क टूट गया और वो रडार से भी गायब हो गया. जानकारी के मुताबिक, IMD ने इस इलाके में पहले ही बिजली गिरने और मौसम खराब रहने का अलर्ट जारी किया था. दुर्घटनास्थल का दौरा करेगी एविएशन मिनिस्ट्री डीसी कीर्तिश्री जी ने एयर एम्बुलेंस हादसे की वजह तूफान बताई. उन्होंने कहा, 'तूफान के कारण ये हादसा हुआ. डॉक्टरों की टीम ने मृतकों की संख्या 7 बताई. इनमें से दो क्रू मेंबर्स थे और बाकी पांच में एक मरीज और उसके परिवार के सदस्य थे. एविएशन मिनिस्ट्री की टीम कल दुर्घटनास्थल का दौरा करेगी ताकि ब्लैक बॉक्स की पहचान की जा सके और आगे की जांच शुरू की जा सके.' बता दें कि AAIB (एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो) की टीम आज दिल्ली स्थित रेडबर्ड एविएशन कार्यालय का दौरा करेगी. टीम यहां रेडबर्ड और क्रैश हुए प्लेन से जुड़े दस्तावेज हासिल कर सकती है. SSB के सेकंड इन कमांड ने सुनाया आंखों देखा हाल SSB के सेकंड इन कमांड रमेश कुमार ने हादसे की पूरी कहानी सुनाई है. उन्होंने बताया, 'हमें सूचना मिली थी कि एक प्लेन क्रैश हो गया है. ये इलाका काफी अंदरूनी है. यहां दो किलोमीटर तक कोई सड़क नहीं है. जब हम रात में यहां पहुंचे, तो हमने देखा कि कोई भी जिंदा नहीं है. शवों को निकालना बहुत मुश्किल था. हमें उन्हें यहां से दो किलोमीटर तक एक तरफ ले जाना पड़ा.' कुमार ने आगे बताया कि उनकी टीम के पास सिर्फ एक स्ट्रेचर था, जो वो एसएसबी से अपने साथ लाए थे. उन्होंने बताया कि प्लेन जंगल के बीचोंबीच क्रैश हुआ था और मेन सड़क यहां से दो किलोमीटर दूर थी. यहां रात में लोगों को निकालना और बचाना उनके लिए काफी मुश्किल रहा.

नेपाल: पोखरा-काठमांडू बस दुर्घटना, त्रिशूली नदी में गिरी, 17 की जान गई

काठमांडू नेपाल की राजधानी काठमांडू में एक बड़ा हादसा हो गया, जिसमें 17 लोगों की मौत हो गई. पोखरा से काठमांडू आ रही एक यात्री बस त्रिशूली नदी में गिर गई. इस हादसे में मरने वालों की सूची में 6 महिलाएं और 11 पुरुषों की शामिल हैं. इस हादसे में कुल 27 लोगों को अस्पतालों में भेजा गया है. दुर्घटना में विदेशी पर्यटक भी शामिल हैं. मृतकों और घायलों में एक न्यूजीलैंड का नागरिक भी बताया गया है. बस रात करीब 1 बजे पृथ्वी राजमार्ग के अंतर्गत पोखरा से काठमांडू की ओर आ रही थी. बस धादिंग के बेनिघाट रोरांग में त्रिशूली नदी किनारे जा गिरी. बस सड़क से लगभग 300 मीटर नीचे गिरकर क्षतिग्रस्त अवस्था में मिली. टॉर्च की रोशनी में घायलों का बचाव नाव की मदद से यात्रियों को करीब एक किलोमीटर नीचे तक लाया गया, वहां से उन्हें सड़क तक ऊपर चढ़ाकर एंबुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया. रात का समय, दुर्गम स्थान और राहत सामग्री की कमी के कारण बचाव कार्य में मुश्किल हुई. प्रमुख जिला अधिकारी सुवेदी फोन पर बताया, टॉर्च की रोशनी में घायलों का बचाव किया गया. हमें राहत सामग्री की कमी महसूस हुई. 27 लोगों को पहुंचाया गया अस्पताल सुवेदी ने बताया कि घटनास्थल से 8 महिलाएं, 18 पुरुष और एक बालिका सहित कुल 27 लोगों को बचाकर विभिन्न अस्पतालों में भेजा गया है. उन्होंने हादसे में 6 महिलाओं और 11 पुरुषों की मौत होने की जानकारी दी. दुर्घटनास्थल पर सेना, सशस्त्र प्रहरी बल और नेपाल पुलिस की टीमों ने संयुक्त रूप से बचाव अभियान चलाया. सशस्त्र प्रहरी बल के विपद प्रबंधन बेस आदमघाट से डीएसपी सुनील गिरी के नेतृत्व में एक टीम तथा विपद प्रबंधन प्रशिक्षण शिक्षालय कुरिनटार से गोताखोरों की टीम भी राहत और बचाव कार्य में तैनात है.

रफ्तार बनी मौत की वजह: ट्रैक्टर पलटने से चालक की जान गई, 5 घायल

बालोद छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में रविवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर खेत में पलट गया, जिससे चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।यह हादसा राजहरा थाना क्षेत्र के पत्थराटोला गांव के पास हुआ। बताया जा रहा है कि ट्रैक्टर में 20 से अधिक ग्रामीण सवार थे, जो रजही डेम किनारे खटला खाने गए थे। खाना खाने के बाद सभी लोग पथरकटोला होते हुए अपने गांव लौट रहे थे, तभी रास्ते में ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर खेत में पलट गया। हादसे में ट्रैक्टर चालक गौकरण दर्रो (40 वर्ष) ट्रैक्टर के नीचे दब गए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं ट्रैक्टर में सवार पांच अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई है। ग्रामीणों के अनुसार ट्रैक्टर में क्षमता से अधिक लोग सवार थे, जिससे हादसे की आशंका और बढ़ गई थी। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।