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तेज रफ्तार ने ली जान: यमुना एक्सप्रेस-वे पर सड़क दुर्घटना में 6 की मौत

मथुरा यूपी के यमुना एक्सप्रेस-वे पर भीषण सड़क हादसा हो गया। मथुरा जिले में थाना बलदेव के अंतर्गत यमुना एक्सप्रेस-वे पर माइल स्टोन 141 के समीप अनियंत्रित ईको कार पीछे से ट्रक से टकरा गई। इस घटना में कार सवार छह लोगों की मौत हो गई और दो महिला घायल हैं। मृतकों में पिता और दो पुत्र भी शामिल हैं। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेज घायल अस्पताल में भर्ती कराए हैं। वहीं यमुना एक्‍सप्रेसवे पर एक और सड़क हादसा हुआ है। दिल्ली से मध्य प्रदेश जा रही एक बस माइलस्टोन 131 पर डिवाइडर से टकराकर पलट गई। इस हादसे में 30 यात्री घायल हो गए है। घायल हुए आठ लोग जिला अस्पताल में हैं और नौ लोग एसएन आगरा में भर्ती कराए हैं। बाकी लोगों के ज्यादा चोट नहीं है। ईको कार चालक नोएडा से सात सवारियां लेकर एक्सप्रेस वे से आगरा की ओर जा रहा था। बलदेव क्षेत्र में एक्सप्रेस वे पर माइल स्टोन 141 के समीप अनियंत्रित कार आगे चल रहे ट्रक में घुस गई। हादसे की सूचना पर पहुंची पुलिस और टोल टीम ने काफी मशक्कत के बाद कार से लोगों को निकाला। इनमें छह की मौत हो गई जबकि दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गई। एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि आशंका है कि कार चालक को नींद की झपकी आने से अनियंत्रित होकर कार ट्रक के पीछे जा भिड़ी। मृतकों में तीन आगरा जिले के हैं, दो मध्य प्रदेश के हैं और एक की अभी शिनाख्त नहीं हुई है। इस घटना में धर्मवीर पुत्र जवर सिंह, निवासी ग्राम हरलालपुरा, थाना बासोनी, तहसील बाह, जिला आगरा, उनके दो पुत्र रोहित और आर्यन, दलवीर उर्फ छुल्ले और पारस सिंह तोमर पुत्रगण विश्वनाथ सिंह, निवासीगण ग्राम बढ़पुरा हुसैद, थाना महोबा, जिला मुरैना मध्य प्रदेश तथा रोहित के दोस्त (नाम पता अज्ञात) की मौत हो गई। इस घटना में सोनी पत्नी धर्मवीर और पायल पुत्री धर्मवीर निवासीगण हलालपुर थाना बासोनी जिला आगरा घायल हो गए हैं। यमुना एक्सप्रेस वे पर बस पलटी, 30 सवारी घायल वहीं दूसरे हादसे में मथुरा में यमुना एक्सप्रेस वे पर बलदेव थाना क्षेत्र में माइलस्टोन 131 के निकट शनिवार तड़के नोएडा से आगरा की ओर जा रही बस पलटने से करीब 30 सवारियां घायल हो गई। यह बस दिल्ली से मध्य प्रदेश के भिंड के लिए जा रही थी। बस में गरीब 60-65 यात्री बैठे हुए थे। तड़के बस पलटने से चीख पुकार मच गईं। सूचना पर पुलिस और टोल टीम मौके पर पहुंच गई। इस घटना में ग्राम सुंदरपुर, थाना सिविल लाइन, मुरैना निवासी देवी पत्नी अहिवरन सिंह दुर्गेश पुत्र अहिवरन, त्रिलोकपुरी ओल्ड थाना मयूर विहार फेस वन नई दिल्ली निवासी चेतना पुत्री राम लक्ष्मण, पूजा पुत्री राम लक्ष्मण, राजाराम पुत्र बद्री प्रसाद, पीहू पुत्री बंटी ग्राम एरोली थाना अटेरनिवासी अक्षय बघेल पुत्र रूप सिंह बघेल सिपोई मध्य प्रदेश निवासी आकाश पुत्र मोहनश्याम, छतरपुर निवासी, सुनील पुत्र चगेंश, श्रीचन्द्र पुत्र रामदयाल, भिंड निवासी आकाश पुत्र नरेन्द्र, छतरपुर निवासी धर्मेन्द्र पुत्र जयकिशन, रूबी पुत्र बिल्लियां, मुरैना निवासी धनपत पुत्र रामजीलाल, दिल्ली निवासी दयाराम पुत्र सेवाराम, मानसिह पुत्र दयाराम, जुगलकिशोर पुत्र दयाराम, मुरैना निवासी लक्ष्मीनरायन पुत्र रामविलास, संजय शर्मा पुत्र रमेश निवासी वामोर कला, सुशील पुत्र महावीर, दीपक शर्मा पुत्र मोहनश्याम निवासी सिपोई, झांसी निवासी चन्द्रशेखर पुत्र दीनदयाल, छतरपुर निवासी मनीष चौवे पुत्र रामनरायन चौवे, रायपुर निवासी प्रीतमलाल पुत्र रामप्रकाश, राजा नगर निवासी पुष्पेन्द्र पुत्र प्रेमनरायण घायल हो गए। जिनमें से दीपक शर्मा, प्रीतमलाल, चन्द्रशेखर, पुष्पेन्द्र,रूव, श्रीचन्द्रअनुरागी, संजय शर्मा पुत्र रमेश , मनीष चौवे को जिला अस्पताल मथुरा रेफर किया गया। शेष सभी घायल अवस्था मे हैं, जिनका उपचार सीएचसी छौली मे हो रहा है। अन्य लोगों के मामूली चोट आई, जिन्हें अन्य साधनों से गंतव्य को रवाना कर दिया।

काम पर निकले थे, लौटे नहीं: आंध्र प्रदेश में ट्रक पलटने से 9 मजदूरों की दर्दनाक मौत

 अन्नमय्या अन्नमय्या जिले में रात दर्दनाक हादसा हो गया। आमों से लदा एक ट्रक पलट गया जिससे 9 मजदूरों की मौत हो गई और 10 अन्य घायल हैं। मृतकों में 5 महिलाएं शामिल हैं। घायलों को राजमपेट के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह हादसा पुल्लमपेटा मंडल के रेड्डी चेरुवु कट्टा में हुआ, जो कडपा शहर से लगभग 60 किमी दूर है। पुलिस के अनुसार, आमों के ढेर के ऊपर बैठे मजदूर ट्रक पलटने से उसके नीचे दब गए। रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रक चालक इस हादसे में बच गया। ड्राइवर ने पुलिस को बताया कि सामने से आ रही कार से टक्कर से बचने की कोशिश में नियंत्रण खो दिया। रेलवे कोडुरु और तिरुपति जिले के वेंकटगिरी मंडल के 21 दिहाड़ी मजदूर एसुकापल्ली और आसपास के गांवों में आम तोड़ने गए थे। ट्रक आमों के साथ रेलवे कोडुरु बाजार जा रहा था और मजदूर इसके ऊपर बैठे थे। हादसे में मजदूर 30-40 टन आमों के नीचे दब गए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी की मदद से बचाव कार्य शुरू किया। 8 मजदूरों की मौके पर ही मौत ट्रक और आमों के ढेर के नीचे दबने से 8 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई। इनकी पहचान गज्जाला दुर्गैया, गज्जाला लक्ष्मी देवी, गज्जाला रमना, गज्जाला श्रीनु, राधा, वेंकट सुब्बम्मा, चित्तेम्मा और सुब्बा रत्नम्मा के रूप में हुई। मुनिचंद्र की मौत राजमपेट के अस्पताल में हुई। घायलों को बेहतर इलाज के लिए कडपा के रिम्स में शिफ्ट किया गया है। परिवहन मंत्री मंडिपल्ली रामप्रसाद रेड्डी और जिला प्रभारी मंत्री बीसी जनार्दन रेड्डी ने हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया। पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने भी शोक व्यक्त करते हुए घायलों के लिए बेहतर इलाज और मृतकों के परिवारों के लिए सहायता की मांग की।

सतना में दर्दनाक बोरवेल हादसा: दो सहेलियों की मौत, 6 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन

सतना   सतना जिले के नागौद थाना क्षेत्र अंतर्गत रेरुआ कला गांव में रविवार दोपहर एक दर्दनाक हादसा हो गया। खेत में बने एक पुराने और खुले बोरवेल के गड्ढे में डूबकर दो मासूम सहेलियों की मौत हो गई। मृतकों में 16 वर्षीय सोमवती और 12 वर्षीय दुर्गा शामिल हैं। दोनों बच्चियां खेलते-खेलते खेत की ओर चली गई थीं, जहां यह हादसा हुआ। जानकारी के अनुसार, यह घटना रविवार दोपहर करीब 3 बजे की है। खेत में बना पुराना बोरवेल बारिश के कारण खुल गया था और उसमें पानी भर गया था। इसी में दोनों सहेलियां डूब गईं। ग्रामीणों ने तुरंत रेस्क्यू शुरू किया, और पुलिस को सूचित किया गया। पहले सोमवती का शव मिला, दुर्गा का शव 20 फीट गहराई में फंसा था एसडीएम जितेंद्र वर्मा ने बताया कि मौके पर पहुंचते ही रेस्क्यू टीम ने सबसे पहले जेसीबी की मदद से मेड़ को खुदवाकर पानी निकालना शुरू किया। करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद शाम 5 बजे सोमवती का शव बाहर निकाल लिया गया। लेकिन दुर्गा का शव बोरवेल के गड्ढे में करीब 20 फीट अंदर फंसा हुआ था। इसके लिए देर रात एसडीईआरएफ की टीम को बुलाया गया। गड्ढे में उतरकर टीम ने रात 12:45 बजे दुर्गा का शव बरामद किया। खेत में रोपा लगा रहे थे माता-पिता सोमवती के पिता चक्कू अहिरवार ने बताया कि वह अपनी पत्नी के साथ खेत में रोपा (धान की रोपाई) लगाने गए थे। उनकी बेटी सोमवती और उसकी सहेली दुर्गा भी साथ थीं, लेकिन वे दोनों खेलते-खेलते पास के रमेश मिश्रा के खेत तक पहुंच गईं। वहां पानी से भरे गड्ढे में दोनों डूब गईं। ग्रामीणों का कहना है कि पहले एक बच्ची का पैर फिसला और वह डूबने लगी। दूसरी ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन वह भी गड्ढे की गहराई और पानी के दबाव के कारण बाहर नहीं निकल सकी। बारिश से बंद बोरवेल खुल गया था ग्रामीणों ने बताया कि खेत में एक पुराना बोरवेल मौजूद था, जो काफी समय से बंद था। लेकिन लगातार हुई बारिश के कारण उसकी मिट्टी धंस गई और गड्ढा खुल गया। यह गड्ढा लगभग बोरवेल जैसा ही था, जिसमें पानी जमा हो गया था। एसडीएम जितेंद्र वर्मा ने कहा कि सोमवार को जांच की जाएगी कि यह सामान्य गड्ढा था या फिर बोरवेल। यदि यह बोरवेल पाया गया तो संबंधित किसान पर कार्रवाई की जा सकती है। रेस्क्यू में आई कई बाधाएं, कीचड़ और अंधेरे ने बढ़ाई मुश्किलें घटनास्थल तक पहुंचना प्रशासनिक अधिकारियों और एसडीईआरएफ की टीम के लिए आसान नहीं था। हिलौंधा गांव से घटनास्थल तक करीब 3.5 किलोमीटर का कच्चा रास्ता था, जो बारिश और कीचड़ के कारण बेहद खराब हालत में था। रात के अंधेरे में ग्रामीणों और रेस्क्यू टीम ने ट्रैक्टर की मदद से घटनास्थल तक पहुंचकर राहत कार्य किया। कीचड़ भरे रास्ते पर पैदल चलना तक मुश्किल था। भारी बारिश से बंद बोरवेल भी खुल गया ग्रामीणों के अनुसार, खेत में एक बोरवेल था। इसके धंसने से गहरा गड्ढा बन गया था। इसमें पानी भरा था।। भारी बारिश के कारण बंद किया गया बोरवेल भी खुल गया था। बताया जा रहा है कि एक बच्ची का पैर फिसला तो वह डूबने लगी। यह देखकर दूसरी बच्ची उसे बचाने पहुंची थी। केसिंग निकालकर बोर खुला छोड़ा था नागौद एसडीएम जितेंद्र वर्मा ने बताया कि विफल होने पर केसिंग निकालकर बोर यूं ही छोड़ दिया गया था। घटना की सूचना पर पूर्व विधायक कल्पना वर्मा, जनपद सीईओ अशोक मिश्रा और टीआई अशोक पांडेय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे थे। रात करीब एक बजे दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए नागौद अस्पताल ले जाया गया। साढ़े 3 किलोमीटर रास्ते पर पैदल चलना मुश्किल घटनास्थल तक पहुंचने में प्रशासनिक अधिकारियों और एसडीईआरएफ की टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी। हिलौंदा गांव से लगभग साढ़े 3 किलोमीटर का रास्ता ऐसा था, जिस पर पैदल तक नहीं चला जा रहा था। खेतों के बीच से होकर गुजरने वाले कच्चे रास्ते पर मिट्टी और कीचड़ था।

सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, मोटर ट्रांसपोर्ट नियोजकों की कार्यशाला

सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए श्रम विभाग की पहल कामगार सुरक्षा से सड़क सुरक्षा तक: श्रम विभाग ने सड़क हादसों पर नियंत्रण के उपाय जारी किए सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, मोटर ट्रांसपोर्ट नियोजकों की कार्यशाला  भोपाल सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए राज्य सरकार ने प्रभावी कदम उठा रही है। इस दिशा में परिवहन वाहनों जैसे बस, ट्रक, टैक्सी आदि का संचालन करने वाले ड्रायवरों तथा अन्य स्टाफ जैसे कंडक्टर और क्लीनर के कार्य के घंटे के संबंध में प्रावधानों को प्रभावी रूप से लागू किए जाने की पहल की जा रही है।इसी सिलसिले में मोटर ट्रांसपोर्ट नियोजकों की कार्यशाला शुक्रवार को श्रमायुक्त कार्यालय, इंदौर में सम्पन्न हुई। कार्यशाला में श्रमायुक्त श्रीमती रजनी सिंह ने मोटर परिवहन कर्मकार अधिनियम, 1961 के अंतर्गत ट्रांसपोर्ट कार्यों में संलग्न ड्राइवरों और अन्य स्टाफ के कार्य के घंटों, विश्राम अवधि और अन्य सुविधाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अधिनियम के अंतर्गत ट्रांसपोर्ट वर्कर्स के लिए प्रतिदिन 8 घंटे और साप्ताहिक 48 घंटे कार्य की अवधि निर्धारित है। इन प्रावधानों का गंभीरता से पालन किया जाना आवश्यक है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ड्रायवरों और स्टाफ के लगातार लंबी अवधि तक कार्य करने और विश्राम का समय न मिलने से थकान और तनाव की स्थितियाँ उत्पन्न होती हैं, जिससे सड़क दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। श्रमायुक्त ने वाहनचालकों के समय-समय पर नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, विशेषकर नेत्र परीक्षण, सुनिश्चित करने का सुझाव भी दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि विभिन्न तकनीकों और उपकरणों की सहायता से, साथ ही जागरूकता और प्रचार-प्रसार के माध्यम से सड़क दुर्घटनाओं की संभावनाओं को कम किया जा सकता है। इसके लिए ड्रायवरों के कार्य समय और विश्राम अवधि की निगरानी करने तथा अन्य सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करने हेतु मोटर वाहनों में सीसीटीवी कैमरे, जीपीएस प्रणाली जैसे तकनीकी उपकरणों के उपयोग को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। कार्यशाला में अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लिमिटेड (AICTSL) के अधिकारी अभिनव चौहान ने भी भाग लिया। उन्होंने बताया कि उनके संस्थान में संभावित वाहन दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ड्रायवर और पैसेंजर मैनेजमेंट सिस्टम का भविष्य में उपयोग किया जाएगा। इस संबंध में कार्यशाला में एक प्रस्तुति भी दी गई, जिससे सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम में मदद मिलेगी। कार्यशाला में ट्रांसपोर्टर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने अधिनियम के परिपालन के लिए सकारात्मक सुझाव प्रस्तुत किए और मोटर यातायात श्रमिक अधिनियम के प्रावधानों के अनुपालन में सहयोग देने का आश्वासन भी दिया। कार्यशाला में श्रम विभाग से प्रभात दुबे, आशीष पालीवाल, जिला परिवहन अधिकारी प्रदीप शर्मा, अटल इंदौर ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लिमिटेड (AICTSL) के अधिकारी अभिनव चौहान, प्राइम रूट बस ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष गोविंद शर्मा, इंदौर ट्रक ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के सी. एल. मुकाती एवं अन्य ट्रांसपोर्टर्स उपस्थित थे।  

सड़क सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम, जिलों में चलाया जाएगा जीरो फेटेलिटी प्रोग्राम

सड़क हादसों पर लगेगा ब्रेक, जिलों में शुरू होगा जीरो फेटेलिटी डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम दुर्घटना मुक्त जिले बनाने की पहल, शुरू होगा जीरो फेटेलिटी डिस्ट्रिक्ट अभियान सड़क सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम, जिलों में चलाया जाएगा जीरो फेटेलिटी प्रोग्राम परिवहन विभाग ने सभी कमिश्नर्स एवं जिला कलेक्टर्स को जारी किये निर्देश भोपाल केन्द्र सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने देश के 100 ऐसे जिले जहां अधिक संख्या में घातक सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं, उन्हें "सेफ लाईफ फाउण्डेशन" के सर्वे के माध्यम से चिन्हित किया है। देश के चिन्हित इन 100 जिलों में मध्यप्रदेश के 6 जिले चिन्हित किये गये हैं। ये जिले धार, सागर, सतना, रीवा, जबलपुर एवं खरगोन हैं। धार जिले में वर्ष 2023 के आकलन अनुसार सबसे अधिक घातक सड़क दुर्घटनाएं हुई है। इन सड़क दुर्घटनाओं की गंभीरता को देखते हुए केन्द्र सरकार द्वारा "जीरो फेटेलिटी डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम" के तहत सभी जिला प्रशासन से अनुरोध किया है कि इन सड़क दुर्घटनाओं के कारणों को चिन्हित करते हुए योजना तैयार की जाये। इसके बाद आवश्यक कार्य किए जाएं जिससे इन सड़क दुर्घटनाओं पर रोक लग सके। आईआईटी मद्रास के "Center of Exellence for Road Safety" द्वारा ऐसी रणनीति पर कार्य किया गया है, जिसके तहत प्रत्येक स्थल एवं सड़क कॉरिडोर जहाँ दुर्घटनाएं अधिक संख्या में हो रही हैं, वहां कम लागत वाले अति स्थानीय कार्यों को चिन्हित किया गया है। उन कार्यों के लिये जिला प्रशासन को सहयोग दिया जाएगा। इस संबंध में राज्य शासन के परिवहन विभाग की ओर से सभी कमिश्नर एवं जिला कलेक्टर्स को विस्तृत निर्देश जारी किये गये हैं। मुख्य सचिव द्वारा भी इस कार्य की लगातार समीक्षा की जा रही है। कार्य योजना के तहत सभी जिला कलेक्टर्स को निर्देशित किया गया है कि वे जिले में एडीएम अथवा एसडीएम स्तर के अधिकारी को नोडल अधिकारी नियुक्त करें तथा यह नोडल अधिकारी जिले की सड़क एजेन्सियों के अधिकारियों के साथ बैठक करके संभावित दुर्घटना स्थलों और सड़क कॉरिडोर की जानकारी संकलित करें। ऐसे स्थल अथवा सड़क कॉरिडोर जहां लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं उन्हें एनआईसी e-DAR पोर्टल से चिन्हित किया जा सकेगा। कुछ ऐसे स्थल, जहां संभावित घातक दुर्घटना हो सकती हैं तथा वर्तमान में छुटपुट दुर्घटनाएं निरंतर हो रही हैं, ऐसे स्थलों की जानकारी जैसे स्थानीय पुलिस, स्थानीय निकायों, आमजन आदि से एकत्रित करने के निर्देश कलेक्टर्स को दिये गये हैं। जिले के ऐसे चिन्हित सड़क दुर्घटनाओं के स्थल एवं सड़क कॉरिडोर का निरीक्षण सभी संबंधित सड़क एजेंसी के जिला अधिकारियों द्वारा व्यक्तिगत रूप से किया जायेगा तथा दुर्घटना के तकनीकी और इंजीनियरिंग कारणों को आंकलित कर लेखबध्द किया जाएगा। मौका निरीक्षण के बाद तकनीकी कारण जिनकी वजह से दुर्घटनाएं हो रही हैं उनकी जानकारी लेने के बाद निराकरण के लिये अतिस्थानीय एवं कम लागत के उपाय भी संबंधित सड़क एजेन्सी के इंजीनियर करेंगे। जिला कलेक्टर, नोडल अधिकारी एवं सड़क एजेन्सी के इंजीनियर के माध्यम से जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में इनकी प्रस्तुतीकरण की जायेगी। इन कम लागत से होने वाले व्यय के लिये लोक निर्माण विभाग को निर्देशित किया गया है कि प्रत्येक जिले में समुचित बजट प्रावधान सुनिश्चित किया जाये। इस पर होने वाले व्यय के लिये राशि जिला खनिज प्रतिष्ठान निधि, सांसद एवं विधायक निधि से प्राप्त करने के प्रयास किये जायेंगे।

रायसेन में बड़ा सड़क हादसा, मजदूरों से भरी पिकअप पलटी; कई घायल, गंभीरों को भोपाल भेजा गया

गैरतगंज  बुधवार की सुबह रायसेन जिले में एक बड़ा सड़क हादसा हुआ, जिसने मजदूरों को लेकर जा रहे एक पिकअप वाहन को पलट दिया। इस दर्दनाक घटना में 28 मजदूर घायल हो गए, जिनमें से 5 की हालत गंभीर होने पर उन्हें भोपाल रेफर किया गया है। यह हादसा देहगांव थाना क्षेत्र के मुड़िया खेड़ा के पास भोपाल-सागर मुख्य मार्ग पर हुआ। प्राप्त जानकारी के अनुसार, गढ़ी कस्बे के खैरुआ मोहल्ले से लगभग 40 मजदूर धान लगाने एक पिकअप वाहन में बैठकर जा जा रहे थे। इसी दौरान सुबह करीब 9 बजे, पिकअप वाहन मुड़िया खेड़ा के पास तेज रफ्तार के कारण अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय ग्रामीणों ने फौरन मदद के लिए हाथ बढ़ाया और घायलों को वाहन से बाहर निकाला। 100 डायल की सहायता से सभी घायलों को तत्काल रायसेन अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज शुरू किया गया। पांच गंभीर घायलों को बेहतर उपचार के लिए भोपाल रेफर किया गया है। घायलों के नाम हरिराम कुशवाहा, दीपेश कुशवाहा, गंगाबाई अहिरवार, सोनू अहिरवार, रानी बाई, कमल ठाकुर, बलवान, केसर बाई अहिरवार, परशुराम कुशवाहा, राजेश बंसल, अंजलि, रागनी, शीला बाई, कमल सिंह, लक्ष्मी नारायण, अजय सिंह, सविता आदिवासी, कल्लू आदिवासी, पूनम बाई, हल्की अहिरवार, कमलेश आदिवासी, रूप सिंह अहिरवार, किशोरी, रानी बाई, राजकुमारी, दीपाली, लखन रैकवार, प्रवेश शामिल है।

वडोदरा : महिसागर नदी पर बना पुल टूटा, दो की मौत, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

 वडोदरा  गुजरात के वडोदरा जिले में बुधवार को एक बड़ा हादसा हो गया जब वडोदरा और आणंद को जोड़ने वाला गम्भीरा पुल भरभराकर गिर गया. इस हादसे में कम से कम 9 लोगों की मौत हो गई जबकि कई अन्य घायल हुए हैं. पुल के गिरते ही पांच वाहन सीधे नदी में जा गिरे, जिनमें एक ट्रक और एक पिकअप वाहन अब भी नदी में फंसे हुए हैं. यह हादसा पादरा क्षेत्र में हुआ जहां महिसागर नदी पर गम्भीरा पुल 43 साल पहले बना था. घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन मौके पर पहुंचा और रेसक्यू ऑपरेशन शुरू किया गया. पुल गिरने के स्थान पर नदी में पानी जमा है, लेकिन रेस्क्यू ऑपरेशन अधिकारियों को खासा मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के वडोदरा जिले में पुल ढहने की घटना पर दुख जाहिर किया. इस हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई और कई घायल भी हुए हैं. पीएम मोदी ने मृतकों के परिजनों के लिए सहायता राशि की घोषणा की है. वहीं घायलों को भी आर्थिक मदद मिलेगी. प्रधानमंत्री ने घायलों के जल्दी ठीक होने की कामना भी की है. पीएम मोदी ने एक्स पोस्ट के जरिए कहा, ''गुजरात के वडोदरा जिले में पुल के ढहने की वजह से हुई जनहानि बेहद दुखद है. जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी संवेदनाएँ. घायलों के जल्दी स्वस्थ होने की कामना करता हूँ. प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से प्रत्येक मृतक के परिजन को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी. घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएँगे.'' मुख्यमंत्री ने दिए जांच के आदेश दरअसल वडोदरा जिले की महिसागर नदी पर बना एक पुल ढह गया, जिसकी वजह से 9 लोगों की मौत हो गई और कई घायल हुए हैं. पुल ढहने की वजह से 5 गाड़ियां भी नीचे गिर गईं. एक ट्रक बमुश्किल पुल पर अटका हुआ दिखाई दिया. जानकारी के मुताबिक पुल को 1985 में बनाया गया था. गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने जांच के आदेश दिए हैं. भूपेंद्र पटेल ने बताया हादसे का कारण गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने भी दुख जाहिर किया. उन्होंने एक्स पोस्ट के जरिए पुल ढहने का कारण भी बताया. मुख्यमंत्री ने लिखा, "आणंद और वडोदरा को जोड़ने वाले गंभीरा पुल के 23 गर्डरों में से एक गर्डर के टूटने से हुई दुर्घटना दुखद है. मैं इस दुर्घटना में मारे गए लोगों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं." नदी में पानी कम, कीचड़ में रेस्क्यू टीम को हो रही मुश्किल रेस्क्यू टीम नाव की मदद से घटनास्थल तक पहुंचने की कोशिश कर रही है, लेकिन नदी में पानी कम होने और कीचड़ के जमा होने की वजह से वे मौके तक नहीं पहुंच पा रहे हैं. पानी में गिरे वाहनों को निकालने की जद्दोजहद में अधिकारी लगे हैं, और पुलिस टीम भी कीचड़ से वाहनों को निकालने की कोशिश कर रही है. पानी में जा गिरे ट्रक को रस्सी से बांधकर निकालने की कोशिश की जा रही है. इसके लिए यहां क्रेन भी लाया गया है, ताकि रस्सी से बांधकर ट्रक को ऊपर लाया जा सके. इसमें रेस्क्यू टीम को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. एक अधिकारी ने बताया कि यह घटना सुबह 8.30 बजे के आसपास की है. वडोदरा के कलेक्टर अनिल धमेलिया ने बताया कि अब तक 9 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है और 6 लोग घायल हुए हैं. घायलों में से दो को बेहतर इलाज के लिए वडोदरा के एसएसजी अस्पताल रेफर किया गया है. रेस्क्यू ऑपरेशन अब भी जारी है और मौके पर NDRF और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौजूद हैं.  कलेक्टर ने बताया कि नदी में अब भी एक ट्रक और एक पिकअप फंसे हुए हैं जिन्हें निकालने की कोशिश की जा रही है. हादसे के पीछे की वजह पुल का अचानक टूटना बताया जा रहा है. हालांकि, पुल में किसी तरह का क्रैक था, या यह पुल कैसे गिरा इसकी जांच अभी बाकी है. मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है और तुरंत पुल डिजाइन टीम, मुख्य इंजीनियर और विशेषज्ञों को मौके पर भेजने के निर्देश दिए हैं. साथ ही उन्होंने हादसे की विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी है. बताया जा रहा है कि यह पुल पिछले साल ही मरम्मत किया गया था. पुल पर बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए राज्य सरकार ने तीन महीने पहले 212 करोड़ की लागत से एक नए पुल को मंजूरी दी थी. इस नए पुल के डिजाइन और टेंडरिंग की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है. गुजरात के वडोदरा जिले में बुधवार तड़के एक जर्जर पुल के ढह जाने से कई वाहन महिसागर नदी में गिर गए, जिससे कम से कम दो लोगों की मौत हो गई और पांच अन्य को बचा लिया गया। वडोदरा के ज़िला कलेक्टर अनिल धमेलिया ने बताया , “हमने 5 लोगों को बचाया है जिन्हें मामूली चोटें आई हैं और दो की मौत की पुष्टि हो चुकी है। बचाव अभियान जारी है। हमें पता चला है कि पुल का एक हिस्सा अचानक टूट जाने से दो ट्रक, एक ईको वैन, एक पिकअप वैन और एक ऑटो-रिक्शा नदी में गिर गए।” घायलों को वडोदरा जिले के स्थानीय अस्पताल ले जाया गया है। धमेलिया ने बताया कि बचाए गए 5 लोगों में से 4 को मामूली चोटें आयीं हैं। गुजरात के वडोदरा में मध्य गुजरात को सौराष्ट्र से जोड़ने वाला महिसागर नदी पर बना 45 साल पुराना ब्रिज मंगलवार सुबह अचानक टूट गया। इस हादसे में ब्रिज से गुजर रहे दो ट्रक, एक बोलेरो समेत 4 वाहन नदी में गिर गए। इस हादसे में 2 लोगों की मौत हो गई, 3 लोगों को स्थानीय लोगों ने रेस्क्यू कर बचा लिया। हादसे वाली जगह पर फायर ब्रिगेड की तीन टीमें भेजी गई हैं।ब्रिज के टूटने से दक्षिण गुजरात के पर्यटन और परिवहन व्यवस्था पर बड़ा असर पड़ेगा। यह पुल भरूच, सूरत, नवसारी, तापी और वलसाड को सौराष्ट्र से जोड़ता था। अब ब्रिज टूटने के बाद दक्षिण गुजरात के लोगों को सौराष्ट्र पहुंचने में ज्यादा समय लगेगा शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, एक ट्रक, एक वैन और एक कार पुल पार कर रहे थे तभी पुल टूट … Read more

भीषण सड़क हादसा अयोध्या दर्शन से लौट रहे श्रद्धालुओं की गाड़ी पेड़ से टकराई, 3 महिलाओं की मौत, 15 घायल

शहडोल  मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में सोमवार तड़के एक भीषण सड़क हादसे ने तीन परिवारों की खुशियां छीन लीं। अयोध्या से दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं का टेम्पो ट्रैक्स वाहन (CG 10 BP 8657) अनियंत्रित होकर पेड़ से जा टकराया, जिसमें तीन महिलाओं की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि चार की हालत गंभीर बताई जा रही है। यह हादसा ब्यौहारी थाना क्षेत्र के जोरा गांव के समीप सोमवार सुबह करीब 4:40 बजे हुआ। हादसे के वक्त वाहन में कुल 20 लोग सवार थे, जिनमें अधिकतर महिलाएं और बच्चे शामिल थे। बताया जा रहा है कि सभी श्रद्धालु छत्तीसगढ़ के निवासी हैं, जो अयोध्या में भगवान श्रीराम के दर्शन कर अपने घर लौट रहे थे। मृतकों में तीनों महिलाएं, 15 अन्य घायल इस हादसे में जिन तीन महिलाओं की मौके पर ही मौत हुई, उनकी पहचान गायत्री कंवर (55), मालती पटेल (50) और इंदिरा बाई के रूप में हुई है। वहीं अन्य 15 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से चार की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी घायलों को तत्काल ब्यौहारी अस्पताल लाया गया, जहां से गंभीर रूप से घायल लोगों को बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज शहडोल रेफर किया गया है।

डिवीजनल कमिश्नर को योजना की नियमित मॉनीटरिंग करने के निर्देश

सड़क दुर्घटना पीड़ितों की नगदी रहित उपचार स्कीम  सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिये नगदी रहित उपचार योजना के क्रियान्वयन के लिये कलेक्टर्स को निर्देश भी जारी किये डिवीजनल कमिश्नर को योजना की नियमित मॉनीटरिंग करने के निर्देश भोपाल देश में सड़क सुरक्षा एवं दुर्घटनाओं को रोकने के लिये सर्वोच्च न्यायालय द्वारा समय-समय पर निर्देश जारी किए जाते रहे हैं। इस बात को ध्यान में रखते हुए सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑन रोड सेफ्टी सम्पूर्ण देश में नियमित मॉनीटरिंग कर रही है। समय-समय पर यह कमेटी विभिन्न राज्यों से रिपोर्ट प्राप्त कर सड़क सुरक्षा संबंधी विभिन्न योजनाओं एवं सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से जारी गाइड-लाइन्स की समीक्षा कर सर्वोच्च न्यायालय में प्रतिवेदन प्रस्तुत करती है। परिवहन सचिव मनीष सिंह ने सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिये नगदी रहित उपचार योजना के क्रियान्वयन के लिये कलेक्टर्स को निर्देश भी जारी किये हैं। निर्देशों में बताया गया है कि यह स्कीम और गाइड-लाइन्स मई-2025 और जून-2025 में जारी हुई हैं। इसी के साथ मंत्रालय द्वारा 21 मई, 2025 को यूजर मैनेजमेंट पोर्टल भी जारी किया गया है। निर्देशों में बताया गया है कि सड़क दुर्घटना प्रकरणों में जहाँ दोषी मोटरयान के पास वैध तृतीय पक्ष बीमा कव्हरेज था, उसका भुगतान केन्द्र सरकार द्वारा साधारण बीमा कम्पनियों के सहयोग से बनाये गये फण्ड से स्टेट हेल्थ एजेंसी (एसएचए) द्वारा अस्पताल के दावे को मंजूरी दिये जाने के 10 दिनों की समयावधि में जिला कलेक्टर्स के अनुमोदन से जिला स्तर पर ही केन्द्र सरकार द्वारा निर्धारित फण्ड से किया जायेगा। योजना में अस्पताल से दुर्घटना तारीख से अधिकतम 7 दिनों की अवधि में प्रति व्यक्ति के लिये एक लाख 50 हजार रूपये तक के उपचार की व्यवस्था है। दुर्घटना में पीड़ित व्यक्ति या उसका परिवार दुर्घटना का विवरण हेल्पलाइन नम्बर 112 में खबर दे सकता है। नियमित समीक्षा परिवहन सचिव द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि योजना के क्रियान्वयन के लिये किसी अधीनस्थ अधिकारी को जिम्मेदारी देते हुए इसकी नियमित मॉनीटरिंग जिला स्तर पर की जाये। समस्त संभागायुक्तों को भी निर्देश दिये गये हैं कि महत्वपूर्ण योजना की आवश्यक गतिविधियों की नियमित मॉनीटरिंग की जाये। जिला कलेक्टर्स को योजना से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश भी परिवहन विभाग द्वारा भेजे गये हैं।