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महाराष्ट्र में रेल निर्माण स्थल पर त्रासदी, 4 बच्चों की झुलसती मौत

यवतमाल  महाराष्ट्र के यवतमाल जिले के दारव्हा में एक दुखद घटना सामने आई है, जहां रेलवे निर्माण के लिए खोदे गए एक गहरे गड्ढे में डूबकर चार मासूम बच्चों की जान चली गई. यह हादसा बुधवार शाम को दारव्हा-नेर मार्ग के पास रेलवे स्टेशन परिसर में हुआ. इस घटना में मारे गए बच्चों की पहचान रिहान असलम खान (13), गोलू पांडुरंग नारनवरे (10), सोम्या सतीश खडसन (10) और वैभव आशीष बोधले (14) के रूप में हुई है, ये सभी दारव्हा के रहने वाले थे. दरअसल, वर्धा-यवतमाल-नांदेड रेलवे परियोजना का काम तेजी से चल रहा है. इस दौरान पुलों के खंभे बनाने के लिए कई गहरे गड्ढे खोदे गए हैं. गड्ढों में उतर गए थे बच्चे हाल की भारी बारिश के कारण ये गड्ढे पानी से भर गए थे, लेकिन इनके चारों ओर कोई भी सुरक्षा घेरा नहीं बनाया गया था. बुधवार दोपहर ये बच्चे नहाने के लिए इन गड्ढों में उतर गए. पानी की गहराई का अंदाजा न होने के कारण वे डूबने लगे. आसपास के लोगों ने उन्हें बाहर निकाला और तुरंत दारव्हा के उप जिला अस्पताल ले गए. बाद में, गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें यवतमाल के संजीवनी अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने चारों को मृत घोषित कर दिया.

तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने ली पांच जानें, अनूपपुर में भीषण सड़क हादसा

अनूपपुर  अनूपपुर में सोमवार को भीषण हादसे में पांच लोगों की मौत की खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि, जिले के रामनगर थाना इलाके में एक तेज रफ्तार स्कार्पियो मोटरसाइकल को जोरदार टक्कर मारने के बाद भाग रही थी। इसी दौरान अनियंत्रित होकर एक घर की दीवार तोड़ते हुए अंदर जा घुसी। हादसे में बाइक चालक और उसके साथी समेत स्कार्पियो सवार तीन यानी कुल 5 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि 4 लोग गंभीर रूप से घायल हुए है। सभी घायलों को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोतमा पहुंचाया गया है। बताया जा रहा है कि, रामनगर थाना अंतर्गत भीषण सड़क दुर्घटना में 5 लोगों की मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि, स्कॉर्पियो में सवार होकर 7 लोग कोतमा से बेलिया की ओर जा रह थे। रास्ते में स्कॉर्पियो ने सामने से आई एक बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार अमृत चौधरी और उसके साथ बाइक पर सवार युवक की मौत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि, बाइक सवार दोनों युवकी की पहचान कर पाना संभव नहीं हो पा रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो हादसे के बाद स्कॉर्पियो चालक ने मौके से भागने का प्रयास किया, लेकिन वाहन अनियंत्रित होने से सड़क से उतरकर समीप के घर में जा घुसी। ऐसे में स्कार्पियो सवार 3 लोगों की भी मौत हो गई। स्कार्पियो ने बाइक को मारी टक्कर जानकारी के मुताबिक, रामनगर थाना अंतर्गत भीषण सड़क दुर्घटना में 5 युवकों की मृत्यु हो गई है. स्कॉर्पियो वाहन में सवार होकर 7 लोग कोतमा से बेलिया जा रह थे. रास्ते में स्कॉर्पियो की सामने से आ रही बाइक से टक्कर हो गई. जिसमें बाइक सवार अमृत चौधरी और साथी की मौके पर मौत हो गई. हादसा इतना भीषण था कि बाइक सवारों को चेहरे पूरी तरह बिगड़ गए. इसके बाद भी स्कार्पियो नहीं रुकी और अनियंत्रित होकर सड़क से उतरकर समीप के घर में जा घुसी. जिसमें स्कार्पियो में सवार 3 लोगों की मौत हो गई. अनूपपुर में भीषण सड़क हादसे में पांच की मौत मृतकों में कार में सवार शुभम अहिरवार, राहुल केवट और सौरव प्रधान शामिल हैं. घटना में कुल 5 लोग की मौत हुई है. वहीं 4 लोग घायल हुए हैं, जिन्हें कोतमा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया है और जिनका इलाज जारी है. सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई और मामले पर विवेचना कर रही है. मृतकों में एक शख्स उरतान और 4 लोग बेलिया के रहने वाले बताए जा रहे हैं. बताया जा रहा है कि, बाइक चालक निगवानी निवासी अमृत लाल चौधरी अपने साथी के साथ बैड बजाने के काम से मरवाही जा रहा था. वहीं घायलों में विकास सिंह, गुड्डा, कोलन उर्फ छोहरी और आशीष केवट शामिल हैं. घायलों का अस्पताल में इलाज जारी रामनगर थाना प्रभारी सुमित कौशिक ने बताया कि, स्कॉर्पियो काफी तेज रफ्तार में थी. नेशनल हाईवे 43 पर झिरिया टोला के पास कार अनियंत्रित हो गई. पहले कार ने बाइक को टक्कर मारी, जिसमें दोनों बाइक सवारों की मौत हो गई. इसके बाद कार सड़क से नीचे उतरकर एक घर में घुस गई. हादसे में कार सवार तीन लोगों की जान चली गई. पांचों शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है. मामले में जांच पड़ताल की जा रही है.''  घायलों का अस्पताल में इलाज जारी हादसे की जानकारी देते हुए रामनगर थाना प्रभारी सुमित कौशिक ने बताया कि, स्कॉर्पियो की रफ्तार काफी तेज थी। नेशनल हाईवे-43 पर झिरिया टोला के पास कार अनियंत्रित हो गई। पहले कार ने बाइक को टक्कर मारी, जिसमें दोनों बाइक सवारों की मौत हो गई। इसके बाद कार सड़क से नीचे उतरकर एक घर में जा घुसी। हादसे में कार सवार 3 लोगों की भी मौत हो गई। पांचों शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है। मामले की जांच जारी है।

प्रदीप मिश्रा की कथा से लौट रहे भक्तों की गाड़ी का एक्सीडेंट, खड़े ट्रक से भिड़ंत में एक की मौत

इंदौर गुरुवार अलसुबह इंदौर के कनाड़िया बायपास पर एक सड़क हादसा हो गया, जिसमें एक युवक की मौत हो गई, जबकि लगभग 14 लोग घायल हो गए। सभी घायलों को उपचार के लिए एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया गया है।  इंदौर शहर के बिचौली मर्दाना क्षेत्र में रात करीब साढ़े तीन बजे ओवरब्रिज पर एक तूफान गाड़ी खड़े हुए ट्रक से टकरा गई। हादसे में तूफान गाड़ी में सवार 13 में से एक व्यक्ति की मौत हो गई और 11 लोग घायल हो गए। इनमें से एक को कोई चोट नहीं लगी है। सभी घायलों को इलाज के लिए एमवायएच अस्पताल में भर्ती किया गया है। जानकारी के मुताबिक ये सभी खरगोन जिले के निवासी हैं, जो कुबरेश्वर धाम से लौट रहे थे। ऐसे हुआ हादसा एक ट्रक टायर फटने की वजह से ओवर ब्रिज पर खड़ा हुआ था। देर रात कुबरेश्वर धाम से लौट रहे श्रद्धालुओं की गाड़ी का ड्राइवर ओवर ब्रिज पर ट्रक को देखकर रुक नहीं पाया। गाड़ी ट्रक के पिछले हिस्से में जा घुसी। मौके पर ही मंटू पिता मुन्नालाल वर्मा निवासी इंदिरा नगर, खरगोन की मौत हो गई। स्थानीय लोगों ने की मदद प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा होते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। वहां से गुजर रहे लोगों ने तत्काल पुलिस और एम्बुलेंस को सूचना दी। पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से वाहन में फंसे घायलों को बाहर निकाला गया। पुलिस के मुताबिक, दो घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है और उनका उपचार चल रहा है। वह बीकॉम पीजी कॉलेज का छात्र था और पार्ट टाइम सब्जी का ठेला भी लगाता था। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया। इसके बाद दोनों दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटवाकर रास्ते को चालू करवाया। पुलिस ने ट्रक चालक को भी पकड़ लिया है। हादसे में घायल हुए लोगों के नाम     कीर्ति पति संतोष उम्र 35 साल निवासी मोतीपुरा खरगोन     संदीप पिता अमर सिंह उम्र 34 साल निवासी जैत पुर खरगोन     गौरव पिता बद्रीलाल उम्र 45 साल निवास इंदिरा नगर खरगोन     संतोष पिता मोतीलाल उम्र 39 साल निवासी मोतीपुरा खरगोन     मोहन पिता सखाराम उम्र 58 साल निवासी मोतीपुरा खरगोन     वासुबाई पति आनंद राम उम्र 60 साल निवासी संजय नगर खरगोन     विमलाबाई पति शंभू सिंह उम्र 60 साल निवासी इंदिरा नगर खरगोन     मनु वर्मा पति कक्का उम्र 45 साल निवासी मोतीपुरा खरगोन     विमला बाई पति सुरेश उम्र 40 साल निवासी मोतीपुरा खरगोन     भगवती बाई पति बंसीलाल उम्र 40 साल निवासी मोतीपुरा खरगोन     कंचन पति कर्मा उम्र 42 साल निवासी मोतीपुरा खरगोन  

हाथियों के साथ फोटो लेना पड़ा भारी, 39 वर्षीय CEO की ट्रैजिक डेथ

नई दिल्ली  दक्षिण अफ्रीका के एक गेम रिजर्व में बड़ा हादसा हुआ है।  गेम रिजर्व के मालिक और करोड़पति सीईओ की ही हाथी ने कुचलकर हत्या कर दी। यह घटना सुबह 8 बजे गोंडवाना प्राइवेट गेम रिजर्व में हुई।  हाथी ने सीईओ पर दातों से किया हमला डेली मेल के अनुसार, हाथियों के एक झुंड को पर्यटक आवासों से दूर ले जाने का प्रयास कर किया जा रहा था। तभी, हाथियों का भगाने का काम गड़बड़ा गया और एक बड़ा वजनी हाथी ने करोड़पति सीईओ पर हमला कर दिया। कथित तौर पर हाथी ने फ्रेंकोइस क्रिश्चियन कॉनराडी को अपने दांतों से मारा और उन्हें कई बार कुचला, जिससे आस-पास के रेंजर अपनी पूरी कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाने में असमर्थ रहे। हाथियों से था गहरा लगाव कॉनराडी एक केलिक्स ग्रुप स्पोर्ट्स मैनेजमेंट कंपनी के भी मालिक थे। उनके बारे में कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें हाथियों और नेचर से गहरा लगाव था और वे अक्सर उनकी तस्वीरें लेने के लिए जंगलों और रिजर्व में जाते थे। उनके पास जूलॉजी, पशु अध्ययन, कॉमर्स एंड मार्केटिंग की डिग्री थी। गोंडवाना के एक अधिकारी ने कहा कि कॉनराडी के हादसे के बारे में उनकी कंपनी के कर्मचारियों को कुछ न कहने की चेतावनी दी गई है कि वे कुछ भी न कहें, वरना उन्हें उसी दिन नौकरी से निकाल दिया जाएगा।  

श्रद्धा की राह पर मौत का कहर: ग्वालियर में कार ने कांवड़ियों को मारा, तीन एक ही परिवार के थे

ग्वालियर   आगरा-मुंबई नेशनल हाईवे पर मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हुआ, जिसमें कांवड़ियों का एक जत्था तेज रफ्तार कार की चपेट में आ गया. हादसे में 4 कांवड़ यात्रियों की मौत हो गई, जबकि 6 अन्य घायल हो गए. हादसा नेशनल हाईवे के शिवपुरी लिंक रोड स्थित शीतला माता मंदिर गेट के पास मंगलवार देर रात करीब 1 बजे हुआ। हादसे के बाद कार समेत कांवड़िए सड़क किनारे खाई में जा गिरे थे। कंपू, जनकगंज, झांसी रोड, माधौगंज थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और सभी को खाई से निकालकर जेएएच के ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया। डॉक्टरों ने तीन कांवड़ियों को मृत घोषित कर दिया। सीएसपी हीना खान ने बताया, कार काफी स्पीड में थी। इसी दौरान टायर फट गया, जिस कारण अचानक बेकाबू होकर कांवड़ियों को कुचलते हुए हाईवे से नीचे झाड़ियों में पलट गई। पुलिस पहुंची तो कार में कोई नहीं मिला। कार सवारों की तलाश की जा रही है। हादसे में इनकी गई जान     पूरन बंजारा निवासी सीडना का चक सिमरिया घाटीगांव     रमेश बंजारा निवासी सिमरिया घाटीगांव     दिनेश बंजारा निवासी सिमरिया घाटीगांव     धर्मेंद्र उर्फ छोटू निवासी घाटीगांव सभी कांवड़िए एक ही गांव के रहने वाले थे जानकारी के अनुसार, दो दिन पहले सिमरिया पंचायत में बंजारों का पुरा से एक परिवार और समाज के 13 लोग कांवड़ भरने के लिए निकले थे। सभी भदावना के शिवमंदिर के झरने से जल लेकर घाटीगांव के सिमरिया लौट रहे थे। कांवड़ में भरे जल से बुधवार को महादेव का अभिषेक करना था। शीतला माता मंदिर तिराहा पर पहुंचे ही थे कि हादसा हो गया। घटनास्थल से उनका गांव 35 किमी ही दूर था। हाल ही में सिवनी में हुआ था भीषण हादसा कुछ दिन पहले मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में भी एक भीषण हादसा हुआ था। एक ट्रक ने 10 लोगों को कुचल दिया, जिसमें से 2 की मौत हो गई और 8 लोग घायल हो गए। बताया जा रहा है कि ट्रक ड्राइवर शराब पीकर गाड़ी चला रहा था। घटना का वीडियो सामने आया, जिसमें ट्रक झूमते हुए सड़क पर चला और फिर एक साथ 10 लोगों को कुचलते हुए निकल गया। यह हादसा नेशनल हाईवे 44 पर, कुरई थाना क्षेत्र के रुखड़ गांव के पास हुआ था। यह हादसा सड़क पर शराब पीकर गाड़ी चलाने की गंभीर समस्या को उजागर करता है, जो देश में रोज़ाना सैकड़ों मौतों का कारण बनती है।  

तेज रफ्तार ने ली जान: यमुना एक्सप्रेस-वे पर सड़क दुर्घटना में 6 की मौत

मथुरा यूपी के यमुना एक्सप्रेस-वे पर भीषण सड़क हादसा हो गया। मथुरा जिले में थाना बलदेव के अंतर्गत यमुना एक्सप्रेस-वे पर माइल स्टोन 141 के समीप अनियंत्रित ईको कार पीछे से ट्रक से टकरा गई। इस घटना में कार सवार छह लोगों की मौत हो गई और दो महिला घायल हैं। मृतकों में पिता और दो पुत्र भी शामिल हैं। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेज घायल अस्पताल में भर्ती कराए हैं। वहीं यमुना एक्‍सप्रेसवे पर एक और सड़क हादसा हुआ है। दिल्ली से मध्य प्रदेश जा रही एक बस माइलस्टोन 131 पर डिवाइडर से टकराकर पलट गई। इस हादसे में 30 यात्री घायल हो गए है। घायल हुए आठ लोग जिला अस्पताल में हैं और नौ लोग एसएन आगरा में भर्ती कराए हैं। बाकी लोगों के ज्यादा चोट नहीं है। ईको कार चालक नोएडा से सात सवारियां लेकर एक्सप्रेस वे से आगरा की ओर जा रहा था। बलदेव क्षेत्र में एक्सप्रेस वे पर माइल स्टोन 141 के समीप अनियंत्रित कार आगे चल रहे ट्रक में घुस गई। हादसे की सूचना पर पहुंची पुलिस और टोल टीम ने काफी मशक्कत के बाद कार से लोगों को निकाला। इनमें छह की मौत हो गई जबकि दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गई। एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि आशंका है कि कार चालक को नींद की झपकी आने से अनियंत्रित होकर कार ट्रक के पीछे जा भिड़ी। मृतकों में तीन आगरा जिले के हैं, दो मध्य प्रदेश के हैं और एक की अभी शिनाख्त नहीं हुई है। इस घटना में धर्मवीर पुत्र जवर सिंह, निवासी ग्राम हरलालपुरा, थाना बासोनी, तहसील बाह, जिला आगरा, उनके दो पुत्र रोहित और आर्यन, दलवीर उर्फ छुल्ले और पारस सिंह तोमर पुत्रगण विश्वनाथ सिंह, निवासीगण ग्राम बढ़पुरा हुसैद, थाना महोबा, जिला मुरैना मध्य प्रदेश तथा रोहित के दोस्त (नाम पता अज्ञात) की मौत हो गई। इस घटना में सोनी पत्नी धर्मवीर और पायल पुत्री धर्मवीर निवासीगण हलालपुर थाना बासोनी जिला आगरा घायल हो गए हैं। यमुना एक्सप्रेस वे पर बस पलटी, 30 सवारी घायल वहीं दूसरे हादसे में मथुरा में यमुना एक्सप्रेस वे पर बलदेव थाना क्षेत्र में माइलस्टोन 131 के निकट शनिवार तड़के नोएडा से आगरा की ओर जा रही बस पलटने से करीब 30 सवारियां घायल हो गई। यह बस दिल्ली से मध्य प्रदेश के भिंड के लिए जा रही थी। बस में गरीब 60-65 यात्री बैठे हुए थे। तड़के बस पलटने से चीख पुकार मच गईं। सूचना पर पुलिस और टोल टीम मौके पर पहुंच गई। इस घटना में ग्राम सुंदरपुर, थाना सिविल लाइन, मुरैना निवासी देवी पत्नी अहिवरन सिंह दुर्गेश पुत्र अहिवरन, त्रिलोकपुरी ओल्ड थाना मयूर विहार फेस वन नई दिल्ली निवासी चेतना पुत्री राम लक्ष्मण, पूजा पुत्री राम लक्ष्मण, राजाराम पुत्र बद्री प्रसाद, पीहू पुत्री बंटी ग्राम एरोली थाना अटेरनिवासी अक्षय बघेल पुत्र रूप सिंह बघेल सिपोई मध्य प्रदेश निवासी आकाश पुत्र मोहनश्याम, छतरपुर निवासी, सुनील पुत्र चगेंश, श्रीचन्द्र पुत्र रामदयाल, भिंड निवासी आकाश पुत्र नरेन्द्र, छतरपुर निवासी धर्मेन्द्र पुत्र जयकिशन, रूबी पुत्र बिल्लियां, मुरैना निवासी धनपत पुत्र रामजीलाल, दिल्ली निवासी दयाराम पुत्र सेवाराम, मानसिह पुत्र दयाराम, जुगलकिशोर पुत्र दयाराम, मुरैना निवासी लक्ष्मीनरायन पुत्र रामविलास, संजय शर्मा पुत्र रमेश निवासी वामोर कला, सुशील पुत्र महावीर, दीपक शर्मा पुत्र मोहनश्याम निवासी सिपोई, झांसी निवासी चन्द्रशेखर पुत्र दीनदयाल, छतरपुर निवासी मनीष चौवे पुत्र रामनरायन चौवे, रायपुर निवासी प्रीतमलाल पुत्र रामप्रकाश, राजा नगर निवासी पुष्पेन्द्र पुत्र प्रेमनरायण घायल हो गए। जिनमें से दीपक शर्मा, प्रीतमलाल, चन्द्रशेखर, पुष्पेन्द्र,रूव, श्रीचन्द्रअनुरागी, संजय शर्मा पुत्र रमेश , मनीष चौवे को जिला अस्पताल मथुरा रेफर किया गया। शेष सभी घायल अवस्था मे हैं, जिनका उपचार सीएचसी छौली मे हो रहा है। अन्य लोगों के मामूली चोट आई, जिन्हें अन्य साधनों से गंतव्य को रवाना कर दिया।

काम पर निकले थे, लौटे नहीं: आंध्र प्रदेश में ट्रक पलटने से 9 मजदूरों की दर्दनाक मौत

 अन्नमय्या अन्नमय्या जिले में रात दर्दनाक हादसा हो गया। आमों से लदा एक ट्रक पलट गया जिससे 9 मजदूरों की मौत हो गई और 10 अन्य घायल हैं। मृतकों में 5 महिलाएं शामिल हैं। घायलों को राजमपेट के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह हादसा पुल्लमपेटा मंडल के रेड्डी चेरुवु कट्टा में हुआ, जो कडपा शहर से लगभग 60 किमी दूर है। पुलिस के अनुसार, आमों के ढेर के ऊपर बैठे मजदूर ट्रक पलटने से उसके नीचे दब गए। रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रक चालक इस हादसे में बच गया। ड्राइवर ने पुलिस को बताया कि सामने से आ रही कार से टक्कर से बचने की कोशिश में नियंत्रण खो दिया। रेलवे कोडुरु और तिरुपति जिले के वेंकटगिरी मंडल के 21 दिहाड़ी मजदूर एसुकापल्ली और आसपास के गांवों में आम तोड़ने गए थे। ट्रक आमों के साथ रेलवे कोडुरु बाजार जा रहा था और मजदूर इसके ऊपर बैठे थे। हादसे में मजदूर 30-40 टन आमों के नीचे दब गए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी की मदद से बचाव कार्य शुरू किया। 8 मजदूरों की मौके पर ही मौत ट्रक और आमों के ढेर के नीचे दबने से 8 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई। इनकी पहचान गज्जाला दुर्गैया, गज्जाला लक्ष्मी देवी, गज्जाला रमना, गज्जाला श्रीनु, राधा, वेंकट सुब्बम्मा, चित्तेम्मा और सुब्बा रत्नम्मा के रूप में हुई। मुनिचंद्र की मौत राजमपेट के अस्पताल में हुई। घायलों को बेहतर इलाज के लिए कडपा के रिम्स में शिफ्ट किया गया है। परिवहन मंत्री मंडिपल्ली रामप्रसाद रेड्डी और जिला प्रभारी मंत्री बीसी जनार्दन रेड्डी ने हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया। पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने भी शोक व्यक्त करते हुए घायलों के लिए बेहतर इलाज और मृतकों के परिवारों के लिए सहायता की मांग की।

सतना में दर्दनाक बोरवेल हादसा: दो सहेलियों की मौत, 6 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन

सतना   सतना जिले के नागौद थाना क्षेत्र अंतर्गत रेरुआ कला गांव में रविवार दोपहर एक दर्दनाक हादसा हो गया। खेत में बने एक पुराने और खुले बोरवेल के गड्ढे में डूबकर दो मासूम सहेलियों की मौत हो गई। मृतकों में 16 वर्षीय सोमवती और 12 वर्षीय दुर्गा शामिल हैं। दोनों बच्चियां खेलते-खेलते खेत की ओर चली गई थीं, जहां यह हादसा हुआ। जानकारी के अनुसार, यह घटना रविवार दोपहर करीब 3 बजे की है। खेत में बना पुराना बोरवेल बारिश के कारण खुल गया था और उसमें पानी भर गया था। इसी में दोनों सहेलियां डूब गईं। ग्रामीणों ने तुरंत रेस्क्यू शुरू किया, और पुलिस को सूचित किया गया। पहले सोमवती का शव मिला, दुर्गा का शव 20 फीट गहराई में फंसा था एसडीएम जितेंद्र वर्मा ने बताया कि मौके पर पहुंचते ही रेस्क्यू टीम ने सबसे पहले जेसीबी की मदद से मेड़ को खुदवाकर पानी निकालना शुरू किया। करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद शाम 5 बजे सोमवती का शव बाहर निकाल लिया गया। लेकिन दुर्गा का शव बोरवेल के गड्ढे में करीब 20 फीट अंदर फंसा हुआ था। इसके लिए देर रात एसडीईआरएफ की टीम को बुलाया गया। गड्ढे में उतरकर टीम ने रात 12:45 बजे दुर्गा का शव बरामद किया। खेत में रोपा लगा रहे थे माता-पिता सोमवती के पिता चक्कू अहिरवार ने बताया कि वह अपनी पत्नी के साथ खेत में रोपा (धान की रोपाई) लगाने गए थे। उनकी बेटी सोमवती और उसकी सहेली दुर्गा भी साथ थीं, लेकिन वे दोनों खेलते-खेलते पास के रमेश मिश्रा के खेत तक पहुंच गईं। वहां पानी से भरे गड्ढे में दोनों डूब गईं। ग्रामीणों का कहना है कि पहले एक बच्ची का पैर फिसला और वह डूबने लगी। दूसरी ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन वह भी गड्ढे की गहराई और पानी के दबाव के कारण बाहर नहीं निकल सकी। बारिश से बंद बोरवेल खुल गया था ग्रामीणों ने बताया कि खेत में एक पुराना बोरवेल मौजूद था, जो काफी समय से बंद था। लेकिन लगातार हुई बारिश के कारण उसकी मिट्टी धंस गई और गड्ढा खुल गया। यह गड्ढा लगभग बोरवेल जैसा ही था, जिसमें पानी जमा हो गया था। एसडीएम जितेंद्र वर्मा ने कहा कि सोमवार को जांच की जाएगी कि यह सामान्य गड्ढा था या फिर बोरवेल। यदि यह बोरवेल पाया गया तो संबंधित किसान पर कार्रवाई की जा सकती है। रेस्क्यू में आई कई बाधाएं, कीचड़ और अंधेरे ने बढ़ाई मुश्किलें घटनास्थल तक पहुंचना प्रशासनिक अधिकारियों और एसडीईआरएफ की टीम के लिए आसान नहीं था। हिलौंधा गांव से घटनास्थल तक करीब 3.5 किलोमीटर का कच्चा रास्ता था, जो बारिश और कीचड़ के कारण बेहद खराब हालत में था। रात के अंधेरे में ग्रामीणों और रेस्क्यू टीम ने ट्रैक्टर की मदद से घटनास्थल तक पहुंचकर राहत कार्य किया। कीचड़ भरे रास्ते पर पैदल चलना तक मुश्किल था। भारी बारिश से बंद बोरवेल भी खुल गया ग्रामीणों के अनुसार, खेत में एक बोरवेल था। इसके धंसने से गहरा गड्ढा बन गया था। इसमें पानी भरा था।। भारी बारिश के कारण बंद किया गया बोरवेल भी खुल गया था। बताया जा रहा है कि एक बच्ची का पैर फिसला तो वह डूबने लगी। यह देखकर दूसरी बच्ची उसे बचाने पहुंची थी। केसिंग निकालकर बोर खुला छोड़ा था नागौद एसडीएम जितेंद्र वर्मा ने बताया कि विफल होने पर केसिंग निकालकर बोर यूं ही छोड़ दिया गया था। घटना की सूचना पर पूर्व विधायक कल्पना वर्मा, जनपद सीईओ अशोक मिश्रा और टीआई अशोक पांडेय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे थे। रात करीब एक बजे दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए नागौद अस्पताल ले जाया गया। साढ़े 3 किलोमीटर रास्ते पर पैदल चलना मुश्किल घटनास्थल तक पहुंचने में प्रशासनिक अधिकारियों और एसडीईआरएफ की टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी। हिलौंदा गांव से लगभग साढ़े 3 किलोमीटर का रास्ता ऐसा था, जिस पर पैदल तक नहीं चला जा रहा था। खेतों के बीच से होकर गुजरने वाले कच्चे रास्ते पर मिट्टी और कीचड़ था।

सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, मोटर ट्रांसपोर्ट नियोजकों की कार्यशाला

सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए श्रम विभाग की पहल कामगार सुरक्षा से सड़क सुरक्षा तक: श्रम विभाग ने सड़क हादसों पर नियंत्रण के उपाय जारी किए सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, मोटर ट्रांसपोर्ट नियोजकों की कार्यशाला  भोपाल सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए राज्य सरकार ने प्रभावी कदम उठा रही है। इस दिशा में परिवहन वाहनों जैसे बस, ट्रक, टैक्सी आदि का संचालन करने वाले ड्रायवरों तथा अन्य स्टाफ जैसे कंडक्टर और क्लीनर के कार्य के घंटे के संबंध में प्रावधानों को प्रभावी रूप से लागू किए जाने की पहल की जा रही है।इसी सिलसिले में मोटर ट्रांसपोर्ट नियोजकों की कार्यशाला शुक्रवार को श्रमायुक्त कार्यालय, इंदौर में सम्पन्न हुई। कार्यशाला में श्रमायुक्त श्रीमती रजनी सिंह ने मोटर परिवहन कर्मकार अधिनियम, 1961 के अंतर्गत ट्रांसपोर्ट कार्यों में संलग्न ड्राइवरों और अन्य स्टाफ के कार्य के घंटों, विश्राम अवधि और अन्य सुविधाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अधिनियम के अंतर्गत ट्रांसपोर्ट वर्कर्स के लिए प्रतिदिन 8 घंटे और साप्ताहिक 48 घंटे कार्य की अवधि निर्धारित है। इन प्रावधानों का गंभीरता से पालन किया जाना आवश्यक है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ड्रायवरों और स्टाफ के लगातार लंबी अवधि तक कार्य करने और विश्राम का समय न मिलने से थकान और तनाव की स्थितियाँ उत्पन्न होती हैं, जिससे सड़क दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। श्रमायुक्त ने वाहनचालकों के समय-समय पर नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, विशेषकर नेत्र परीक्षण, सुनिश्चित करने का सुझाव भी दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि विभिन्न तकनीकों और उपकरणों की सहायता से, साथ ही जागरूकता और प्रचार-प्रसार के माध्यम से सड़क दुर्घटनाओं की संभावनाओं को कम किया जा सकता है। इसके लिए ड्रायवरों के कार्य समय और विश्राम अवधि की निगरानी करने तथा अन्य सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करने हेतु मोटर वाहनों में सीसीटीवी कैमरे, जीपीएस प्रणाली जैसे तकनीकी उपकरणों के उपयोग को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। कार्यशाला में अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लिमिटेड (AICTSL) के अधिकारी अभिनव चौहान ने भी भाग लिया। उन्होंने बताया कि उनके संस्थान में संभावित वाहन दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ड्रायवर और पैसेंजर मैनेजमेंट सिस्टम का भविष्य में उपयोग किया जाएगा। इस संबंध में कार्यशाला में एक प्रस्तुति भी दी गई, जिससे सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम में मदद मिलेगी। कार्यशाला में ट्रांसपोर्टर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने अधिनियम के परिपालन के लिए सकारात्मक सुझाव प्रस्तुत किए और मोटर यातायात श्रमिक अधिनियम के प्रावधानों के अनुपालन में सहयोग देने का आश्वासन भी दिया। कार्यशाला में श्रम विभाग से प्रभात दुबे, आशीष पालीवाल, जिला परिवहन अधिकारी प्रदीप शर्मा, अटल इंदौर ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लिमिटेड (AICTSL) के अधिकारी अभिनव चौहान, प्राइम रूट बस ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष गोविंद शर्मा, इंदौर ट्रक ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के सी. एल. मुकाती एवं अन्य ट्रांसपोर्टर्स उपस्थित थे।  

सड़क सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम, जिलों में चलाया जाएगा जीरो फेटेलिटी प्रोग्राम

सड़क हादसों पर लगेगा ब्रेक, जिलों में शुरू होगा जीरो फेटेलिटी डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम दुर्घटना मुक्त जिले बनाने की पहल, शुरू होगा जीरो फेटेलिटी डिस्ट्रिक्ट अभियान सड़क सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम, जिलों में चलाया जाएगा जीरो फेटेलिटी प्रोग्राम परिवहन विभाग ने सभी कमिश्नर्स एवं जिला कलेक्टर्स को जारी किये निर्देश भोपाल केन्द्र सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने देश के 100 ऐसे जिले जहां अधिक संख्या में घातक सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं, उन्हें "सेफ लाईफ फाउण्डेशन" के सर्वे के माध्यम से चिन्हित किया है। देश के चिन्हित इन 100 जिलों में मध्यप्रदेश के 6 जिले चिन्हित किये गये हैं। ये जिले धार, सागर, सतना, रीवा, जबलपुर एवं खरगोन हैं। धार जिले में वर्ष 2023 के आकलन अनुसार सबसे अधिक घातक सड़क दुर्घटनाएं हुई है। इन सड़क दुर्घटनाओं की गंभीरता को देखते हुए केन्द्र सरकार द्वारा "जीरो फेटेलिटी डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम" के तहत सभी जिला प्रशासन से अनुरोध किया है कि इन सड़क दुर्घटनाओं के कारणों को चिन्हित करते हुए योजना तैयार की जाये। इसके बाद आवश्यक कार्य किए जाएं जिससे इन सड़क दुर्घटनाओं पर रोक लग सके। आईआईटी मद्रास के "Center of Exellence for Road Safety" द्वारा ऐसी रणनीति पर कार्य किया गया है, जिसके तहत प्रत्येक स्थल एवं सड़क कॉरिडोर जहाँ दुर्घटनाएं अधिक संख्या में हो रही हैं, वहां कम लागत वाले अति स्थानीय कार्यों को चिन्हित किया गया है। उन कार्यों के लिये जिला प्रशासन को सहयोग दिया जाएगा। इस संबंध में राज्य शासन के परिवहन विभाग की ओर से सभी कमिश्नर एवं जिला कलेक्टर्स को विस्तृत निर्देश जारी किये गये हैं। मुख्य सचिव द्वारा भी इस कार्य की लगातार समीक्षा की जा रही है। कार्य योजना के तहत सभी जिला कलेक्टर्स को निर्देशित किया गया है कि वे जिले में एडीएम अथवा एसडीएम स्तर के अधिकारी को नोडल अधिकारी नियुक्त करें तथा यह नोडल अधिकारी जिले की सड़क एजेन्सियों के अधिकारियों के साथ बैठक करके संभावित दुर्घटना स्थलों और सड़क कॉरिडोर की जानकारी संकलित करें। ऐसे स्थल अथवा सड़क कॉरिडोर जहां लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं उन्हें एनआईसी e-DAR पोर्टल से चिन्हित किया जा सकेगा। कुछ ऐसे स्थल, जहां संभावित घातक दुर्घटना हो सकती हैं तथा वर्तमान में छुटपुट दुर्घटनाएं निरंतर हो रही हैं, ऐसे स्थलों की जानकारी जैसे स्थानीय पुलिस, स्थानीय निकायों, आमजन आदि से एकत्रित करने के निर्देश कलेक्टर्स को दिये गये हैं। जिले के ऐसे चिन्हित सड़क दुर्घटनाओं के स्थल एवं सड़क कॉरिडोर का निरीक्षण सभी संबंधित सड़क एजेंसी के जिला अधिकारियों द्वारा व्यक्तिगत रूप से किया जायेगा तथा दुर्घटना के तकनीकी और इंजीनियरिंग कारणों को आंकलित कर लेखबध्द किया जाएगा। मौका निरीक्षण के बाद तकनीकी कारण जिनकी वजह से दुर्घटनाएं हो रही हैं उनकी जानकारी लेने के बाद निराकरण के लिये अतिस्थानीय एवं कम लागत के उपाय भी संबंधित सड़क एजेन्सी के इंजीनियर करेंगे। जिला कलेक्टर, नोडल अधिकारी एवं सड़क एजेन्सी के इंजीनियर के माध्यम से जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में इनकी प्रस्तुतीकरण की जायेगी। इन कम लागत से होने वाले व्यय के लिये लोक निर्माण विभाग को निर्देशित किया गया है कि प्रत्येक जिले में समुचित बजट प्रावधान सुनिश्चित किया जाये। इस पर होने वाले व्यय के लिये राशि जिला खनिज प्रतिष्ठान निधि, सांसद एवं विधायक निधि से प्राप्त करने के प्रयास किये जायेंगे।