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इंडिगो विमान को मिली बम धमकी, कुवैत से दिल्ली आ रही फ्लाइट की अहमदाबाद में इमरजेंसी लैंडिंग

 अहमदाबाद बीते कुछ वक्त से विमानों को धमकी भरे संदेश लगातार मिल रहे हैं। इस बीच शुक्रवार को अब कुवैत से दिल्ली आ रहे इंडिगो के विमान को बम से उड़ाने और हाईजैक करने की धमकी दी गई, जिसके बाद सतर्कता बरतते हुए विमान की अहमदाबाद एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। हाईजैक करने और बम से उड़ाने की धमकी जानकारी के मुताबिक एक टिशू पेपर पर लिखे नोट में प्लेन को हाईजैक करने और बम से उड़ाने की धमकी दी गई। जिसके बाद सभी 180 यात्रियों और उनके सामान की अच्छी तरह से जांच की गई और हर यात्री की पहचान की पुष्टि की जा रही है। इधर, विमान की सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (एसवीपीआईए) पर सुरक्षित आपातकालीन लैंडिंग कराई गई है। सुरक्षा एजेंसियां एक्टिव, जांच जारी धमकी भरा नोट मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां फौरन सक्रिय हो गई है। फिलहाल हवाई अड्डे के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अभी तक किसी भी तरह की संदिग्ध या आपत्तिजनक वस्तु नहीं मिली है। एयरपोर्ट पुलिस स्टेशन के अनुसार बम निरोधक दस्ते ने विमान की पूरी तरह से जांच की है। सुरक्षा जांच पूरी हो चुकी है और प्रोटोकॉल के अनुसार आगे की जांच जारी है। वहीं दिल्ली के लिए उड़ान में लगभग दो घंटे की देरी हो सकती है। 18 और 22 जनवरी को भी मिली थी धमकी आज की घटना से पहले 18 जनवरी और 22 जनवरी को भी इसी तरह की घटना सामने आई थी।  18 जनवरी (रविवार) को दिल्ली से पश्चिम बंगाल के बागडोगरा जा रही इंडिगो की फ्लाइट में बम की धमकी मिली थी। जिसको आनन-फानन में लखनऊ की ओर मोड़ा गया था। इसके बाद 22 जनवरी को दिल्ली से पुणे जा रही इंडिगो फ्लाइट को बम से उड़ाने की धमकी मिली। विमान के टॉयलेट में हाथ से लिखा धमकी भरा नोट मिला, जिसके बाद पुणे एयरपोर्ट पर विमान की सुरक्षित लैंडिंग कराई गई।

भारत को मिली खुशखबरी: 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स का आयोजन अब अहमदाबाद में

नई दिल्ली  भारत 20 साल बाद कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करेगा और बुधवार को ग्लास्गो में कॉमनवेल्थ गेम्स की आमसभा की बैठक में अहमदाबाद को मेजबान के तौर पर औपचारिक मंजूरी मिल गई । बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व संयुक्त सचिव (खेल) कुणाल, भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) की अध्यक्ष पी टी उषा और गुजरात के खेल मंत्री हर्ष संघवी सहित अन्य लोगों ने किया । कॉमनवेल्थ स्पोर्ट के अध्यक्ष ने क्या कहा? कॉमनवेल्थ स्पोर्ट के अध्यक्ष डॉ डोनाल्ड रुकारे ने कहा, ‘यह कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए एक नए सुनहरे दौर की शुरुआत है। भारत व्यापकता, युवा शक्ति, महत्वाकांक्षा, समृद्ध संस्कृति, अपार खेल-जुनून और प्रासंगिकता लेकर आता है। हम कॉमनवेल्थ गेम्स के अगले शतक की शुरुआत मजबूत स्थिति में कर रहे हैं।’ राष्ट्रमंडल खेल 2030 में अपने सौ साल भी पूरे कर रहे हैं लिहाजा यह संस्करण विशेष रहने वाला है। भारत के लिए कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी हासिल करना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि देश 2036 में होने वाले ओलंपिक खेलों की मेजबानी हासिल करने की दौड़ में भी है और अहमदाबाद को ही मेजबान शहर के रूप में पेश किया गया है । 2010 में दिल्ली ने की थी कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी भारत ने इससे पहले 2010 में दिल्ली में कॉमनवेल्थ गेम्स का आयोजन किया था लेकिन 2030 में इन खेलों को अहमदाबाद में आयोजित किया जाएगा जिसने पिछले एक दशक में अपने खेल ढांचे को नए स्तर तक पहुंचाया है। राष्ट्रमंडल खेल बोर्ड ने मूल्यांकन समिति की देखरेख में एक प्रक्रिया पूरी करने के बाद भारत को मेजबानी देने की की सिफारिश की थी। इसने मेजबानी के दावेदार शहरों का ‘तकनीकी वितरण, खिलाड़ियों के अनुभव, बुनियादी ढांचे, प्रशासन और राष्ट्रमंडल खेल मूल्यों के साथ अनुकूलता’ के आधार पर मूल्यांकन किया था । राष्ट्रमंडल खेल 2030 की मेजबानी के लिए भारत को नाइजीरिया के शहर अबुजा से कड़ी टक्कर मिल रही थी, लेकिन कॉमनवेल्थ स्पोर्ट ने 2034 के खेलों की मेजबानी के लिए अफ्रीका के इस शहर के नाम पर विचार करने का फैसला किया। 2010 के कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने खर्च किए थे तकरीबन 70,000 करोड़ रुपये कॉमनवेल्थ स्पोर्ट ने मंगलवार को एक बयान में कहा, ‘यह राष्ट्रमंडल खेल आंदोलन के भविष्य के लिए एक निर्णायक क्षण होगा और इसके 100 साल के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ेगा।’ भारत ने 2010 के कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी पर लगभग 70,000 करोड़ रुपये खर्च किए थे, जो शुरुआती अनुमान 1600 करोड़ रुपये से कहीं अधिक था। चार साल में एक बार होने वाले इन खेलों में 72 देश हिस्सा लेते हैं जिनमें से ज़्यादातर पूर्व ब्रिटिश उपनिवेश हैं। राष्ट्रमंडल खेल के अंतरिम अध्यक्ष डॉ. डोनाल्ड रुकारे ने कहा था कि कार्यकारी बोर्ड को भारत और नाइजीरिया दोनों के प्रस्ताव ‘‘प्रेरक’’ लगे, लेकिन आखिर में 2030 में होने वाले खेलों की मेजबानी के लिए अहमदाबाद को चुना गया। अहमदाबाद ने हाल के महीनों में राष्ट्रमंडल भारोत्तोलन चैंपियनशिप, एशियाई एक्वेटिक्स चैंपियनशिप और फुटबॉल के एएफसी अंडर-17 एशियाई कप 2026 क्वालीफायर की मेजबानी की। कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले इन इवेंट्स को भी होस्ट करेगा अहमदाबाद यह शहर अगले साल एशियाई भारोत्तोलन चैंपियनशिप और एशिया पैरा-तीरंदाजी कप की मेजबानी करेगा। इसके अलावा 2029 में विश्व पुलिस और अग्निशमन खेल अहमदाबाद, गांधीनगर और एकता नगर में आयोजित किए जाएंगे। सरदार वल्लभभाई पटेल खेल परिसर उन प्रमुख स्थलों में से एक है, जिसको इन खेलों के लिए तैयार किया जा रहा है। इनमें एक लाख से अधिक दर्शकों की क्षमता वाला नरेन्द्र मोदी क्रिकेट स्टेडियम भी शामिल है। इसके अलावा इस परिसर में एक जलक्रीड़ा केंद्र और एक फुटबॉल स्टेडियम के साथ-साथ इनडोर खेलों के लिए दो मैदान भी होंगे। इस परिसर के अंदर 3,000 लोगों के रहने की क्षमता वाला खेल गांव भी बनाया जाएगा। ग्लास्गो में 2026 में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स का बजट बहुत कम कर दिया गया है। यह शहर पूरे आयोजन को आठ मील (लगभग 12 किमी) के दायरे में आयोजित करना चाहता है। उसने इन खेलों का बजट 114 मिलियन पाउंड (लगभग 1300 करोड़ रुपये) रखा है। इस कारण कुश्ती, निशानेबाजी, बैडमिंटन और हॉकी जैसे कुछ प्रमुख खेलों को बाहर कर दिया गया। भारत इसका कड़ा विरोध कर रहा था क्योंकि इससे उसकी पदक जीतने की क्षमता पर गहरा असर पड़ा। भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) ने हालांकि स्पष्ट कर दिया था कि 2030 के खेलों में उन सभी खेलों को शामिल किया जाएगा जिन्हें ग्लासगो खेलों से हटा दिया गया है। आईओए के संयुक्त सचिव कल्याण चौबे ने कहा था, ‘‘योजना यह है कि निशानेबाजी, तीरंदाजी, कुश्ती आदि जैसे सभी खेलों को इसमें शामिल किया जाए। हमारे पारंपरिक खेल जैसे कबड्डी और खो-खो को भी इसमें शामिल किया जाना चाहिए।’’

अहमदाबाद बनेगा 2026 T20 वर्ल्ड कप फाइनल का गवाह, मेजबानी की लिस्ट से बेंगलुरु गायब

अहमदाबाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने अगले साल होने वाले T20 वर्ल्ड कप के लिए अहमदाबाद, दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई और मुंबई को वेन्यू के रूप में शॉर्टलिस्ट किया है. टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला अहमदाबाद में खेला जाएगा.2023 ODI वर्ल्ड कप का फाइनल भी भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच अहमदाबाद में ही खेला गया था, जो दुनिया के सबसे बड़ा स्टेडियम है, जिसकी क्षमता एक लाख से ज्यादा दर्शकों की है. तब उस दौरान कुल 10 मैच वेन्यू पर मुकाबले खेले गए थे. PTI के मुताब‍िक- महिला ODI वर्ल्ड कप की लिस्ट से पहले ही बाहर किए जाने के बाद बेंगलुरु इस बार भी फाइनल वेन्यू की सूची में जगह नहीं बना पाया है. जून में RCB की IPL जीत के जश्न के दौरान चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुई भगदड़ के बाद कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन जरूरी मंजूरी हासिल करने में विफल रहा था. तब इस हादसे में 11 लोगों की मौत हो गई थी और तब से स्टेडियम में कोई भी इंटरनेशनल मैच नहीं खेला गया है. सूत्रों के मुताबिक, ICC फरवरी-मार्च में होने वाले इस टूर्नामेंट का पूरा शेड्यूल अगले हफ्ते जारी करेगा. यह टूर्नामेंट श्रीलंका के साथ मिलकर आयोजित किया जाएगा, जहां श्रीलंका पाकिस्तान के मैचों के लिए एक न्यूट्रल वेन्यू की भूमिका निभाएगा, जो भारत के साथ समझौते के तहत तय किया गया है. श्रीलंका में तीन वेन्यू पर मुकाबले खेले जाएंगे, जिसमें कोलंबो भी शामिल है. भारत घरेलू सरजमीं पर डिफेंडिंग चैम्प‍ियन के तौर पर उतरेगा. टीम ने पिछला T20 वर्ल्ड कप जून में बारबाडोस में जीता था. भारत में चुने गए पांचों वेन्यू टियर-1 शहरों के हैं और उम्मीद है कि यहां बड़ी संख्या में दर्शक मैच देखने पहुंचेंगे. अगर पाकिस्तान फाइनल में पहुंचता है, तो खिताबी मुकाबला श्रीलंका में खेला जाएगा. ICC, BCCI और PCB के बीच हुए समझौते के अनुसार, भारत और पाकिस्तान 2027 तक अपने सभी मुकाबले न्यूट्रल वेन्यू पर खेलेंगे, चाहे मेजबान देश कोई भी हो.