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सुल्तानपुर में सुखोई और मिराज की उड़ान, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को बनाया जाएगा रनवे

सुल्तानपुर  उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में बनें पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर बुधवार को इंडियन एयरफोर्स का युद्धभ्यास होगा. एक्सप्रेसवे के एक हिस्से में वायुसेना के लिए बने रनवे पर आधुनिक लड़ाकू विमान जैसे सुखोई और मिराज इमरजेंसी लैंडिंग फील्ड एक्टिवेशन एक्सरसाइज करते नजर आएंगे. यह आयोजन युद्ध जैसी आपात स्थित से निपटने के लिए नागरिक प्रशासन के साथ मिलकर किया जा रहा है. इसका आयोजन उस दिन किया जा रहा है, जब आज पहलगाम हमले बरसी है, जिसमें पाकिस्तानी आतंकियों द्वारा 26 निर्दोष भारतियों का कत्लेआम किया गया था. जिसके बाद इंडियन आर्म्ड फोर्सेज की तरफ से 6 मई को ऑपरेशन सिन्दूर के तहत पाकिस्तान पर आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया था।  रिपोर्ट के अनुसार, एक्सप्रेसवे के चयनित हिस्से को इस तरह विकसित किया गया है कि जरूरत पड़ने पर यह पूरी तरह हवाई पट्टी का काम कर सके. इसके लिए सड़क की चौड़ाई, मजबूती और सतह की गुणवत्ता को विशेष मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है. साथ ही आसपास का क्षेत्र भी इस तरह व्यवस्थित किया गया है कि विमान संचालन के दौरान किसी प्रकार की बाधा न आए।  इस समय होगा आयोजन दोपहर 2 बजे से लेकर रात 8 बजे तक लगातार एयर शो का आयोजन होगा. खास बात यह है कि रात के अंधेरे में होने वाला एरियल लाइट शो दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा. बताया जा रहा है कि बड़ी संख्या में फाइटर जेट्स इस हवाई पट्टी पर उतरेंगे, जिससे आयोजन और भी भव्य बनेगा. वहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान और इजराइल के बीच जारी तनाव और पहलगाम हमले की पहली बरसी को देखते हुए इस सैन्य प्रदर्शन ने लोगों में देशभक्ति का जज्बा और भी मजबूत कर दिया है।  ड्रिल का यह है उद्देश्य प्रशासन और वायुसेना के अधिकारियों के बीच इस आयोजन को लेकर लगातार समन्वय किया जा रहा है. आज दोपहर दो बजे से यहां अभ्यास किया जाएगा, जिसमें सुखोई और मिराज जैसे लड़ाकू विमान इस एक्सप्रेसवे पर उतरकर अपनी क्षमता का प्रदर्शन करेंगे. इस अभ्यास का उद्देश्य आपात स्थिति में वैकल्पिक रनवे की उपयोगिता को परखना है. यह अभ्यास इसलिए भी जरूरी है, ताकि युद्ध या अन्य संकट की स्थिति में पारंपरिक एयरबेस के अलावा भी विमानों के संचालन के विकल्प उपलब्ध होंगे. पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पहले से ही उत्तर प्रदेश की एक महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना है, और अब इसका यह सैन्य उपयोग इसे और अधिक रणनीतिक महत्व प्रदान करता है. स्थानीय प्रशासन ने भी सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं, ताकि अभ्यास के दौरान आम लोगों को असुविधा न हो और सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन किया जा सके। 

250 करोड़ का जेट विमान खरीदी मध्यप्रदेश सरकार ने, जल्द मिलेगी किराए के विमान से छुटकारा

 भोपाल  मध्यप्रदेश सरकार को जल्द ही किराए के विमान से मुक्ति मिल जाएगी। राज्य सरकार ने 250 करोड़ का जेट विमान खरीदा है जिसकी जल्द डिलीवरी होगी। कनाडा में सरकार का नया विमान लगभग तैयार हो चुका है। भोपाल लाने के पहले इसका परीक्षण किया जाएगा। इसके लिए पायलट व दो इंजीनियर जून में कनाडा जाएंगे। विमान की जांच के ही इस काम में 50 लाख रुपए लगेंगे। अभी सरकार के पास खुद का विमान नहीं है। जरूरत के वक्त राज्य सरकार द्वारा किराए से विमान लिए जा रहे हैं। कनाडा में राज्य सरकार का नया जेट विमान (चैलेंजर 3500) लगभग तैयार हो गया है। इसे तैयार कर रही बाम्बार्डियर कंपनी जून 2026 के अंत तक सरकार को सौंपने जा रही है। डिलीवरी लेने से पहले विमान की तकनीकी जांच की जाएगी जिसके लिए सरकार ने समिति गठित कर दी है। विमान की तकनीकी जांच के लिए विशेषज्ञों की टीम चिह्नित की गई है। ये निजी विशेषज्ञ हैं, जो जांच के लिए 50 लाख रुपए ले रहे हैं। विमान की जांच टीम में विमानन विभाग में पदस्थ पायलट विश्वास राय, तकनीकी विशेषज्ञ जेपी शर्मा और रश्मि सिंह शामिल हैं। 250 करोड़ का है विमान, एक बार में करीब 3500 किमी का सफर तय करेगा राज्य सरकार के नए विमान की कीमत 250 करोड़ है। यह अत्याधुनिक जेट विमान है जिसमें अनेक खूबियां हैं। नया विमान 870 प्रति किमी तक की रफ़्तार से उड़ान भर सकता है। विमानन विशेषज्ञों के अनुसार यह जेट विमान एक बार में करीब 3500 किमी का सफर तय करेगा। एक वरिष्ठ अफसर ने इसे अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस विमान बताया है। अधिकारी के अनुसार ​इसमें 8 से 10 यात्री सफर कर सकते हैं। विमान में दो कैबिन क्रू अलग से होंगे। नया जेट विमान आते ही राज्य सरकार को किराए से राहत मिल जाएगी बता दें, अभी सरकार के पास खुद का विमान नहीं है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के हवाई दौरों या अन्य अनिवार्य सेवाओं के लिए जरूरत के वक्त राज्य सरकार द्वारा किराए से विमान लिए जा रहे हैं। इसपर हर महीने लाखों रुपए खर्च हो रहे हैं। नया जेट विमान आते ही राज्य सरकार को किराए से राहत मिल जाएगी।

US एयरक्राफ्ट करियर पर ईरान ने मिसाइल हमले का दावा, अमेरिका ने बताया असफल

तेहरान पश्चिम एशिया के समुद्र में ईरान और अमेरिका के बीच सैन्य टकराव एक बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है. ईरान की 'इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स' (IRGC) ने दावा किया है कि उसने अमेरिकी विमानवाहक पोत USS अब्राहम लिंकन पर सटीक मिसाइल और ड्रोन हमला किया है, जिससे पोत को भारी नुकसान पहुंचा है. हालांकि, अमेरिका ने इन दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए इसे एक असफल खतरा बताया है।  ईरानी सरकारी मीडिया 'प्रेस टीवी' के अनुसार, IRGC ने ओमान के पास समुद्र में एक "सटीक ऑपरेशन" को अंजाम दिया. ईरान का दावा है कि उसके उन्नत हथियारों ने ईरानी सीमा से 340 किमी दूर इस युद्धपोत को निशाना बनाया।  IRGC के बयान में कहा गया है कि इस हमले के बाद 'लिंकन' ऑपरेशनल नहीं रहा और उसे उच्च गति के साथ क्षेत्र से हटने के लिए मजबूर होना पड़ा. इसके साथ ही ईरान ने बहरीन स्थित अमेरिका के मीना सलमान नौसैनिक अड्डे पर भी दो लहरों में ड्रोन हमले करने का दावा किया है।  अमेरिका का पलटवार: ईरानी जहाज को मार गिराया दूसरी ओर, अमेरिकी अधिकारियों ने ईरान के दावों को कोरी कल्पना बताया है. 'सीबीएस न्यूज' की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी नौसेना ने विमानवाहक पोत के बेहद करीब आ रहे एक ईरानी जहाज को समय रहते रोक दिया।  अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि पहले 'मार्क-45' गन से चेतावनी दी गई और बाद में हेलफायर मिसाइलों से लैस हेलीकॉप्टर ने उस ईरानी जहाज पर दो सटीक प्रहार किए. अमेरिका ने स्पष्ट किया कि उसका कोई भी पोत सुरक्षित है और उसने खतरे को सफलतापूर्वक खत्म कर दिया है।  यह सैन्य टकराव ईरान के नए क्रांतिकारी नेता मुजतबा खामेनेई के उस बयान के कुछ ही घंटों बाद हुआ है, जिसमें उन्होंने दुश्मनों को "पछताने" वाली कार्रवाई की चेतावनी दी थी. वहीं, इराक में ईरान समर्थित गुटों द्वारा एक अमेरिकी रिफ्यूलिंग एयरक्राफ्ट (KC-135) को मार गिराने की खबरों ने स्थिति को और भी गंभीर बना दिया है. फिलहाल, दोनों महाशक्तियां अपनी सैन्य श्रेष्ठता का दावा कर रही हैं, जिससे खाड़ी क्षेत्र में पूर्ण युद्ध का खतरा मंडरा रहा है। 

Su-30 MKI फाइटर जेट क्रैश, वायुसेना के दो पायलटों की मृत्यु

गुवाहाटी भारतीय वायुसेना का एक सुखोई-30 एमकेआई फाइटर जेट गुरुवार शाम को असम में लापता हो गया. देर रात इसके क्रैश होने की पुष्टि हुई. फाइटर जेट ने असम के जोरहाट से उड़ान भरी थी और शाम 7.42 बजे के बाद रडार से उसका संपर्क टूट गया. विमान का पता लगाने के लिए भारतीय वायुसेना (IAF) ने सर्च और रेस्क्यू मिशन शुरू किया है। वायुसेना ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा है कि IAF स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरगकर के निधन पर दुख जताता है, जिन्हें Su-30 क्रैश में जानलेवा चोटें आईं। IAF के सभी कर्मचारी गहरी संवेदना जताते हैं, और इस दुख की घड़ी में दुखी परिवार के साथ मजबूती से खड़े हैं। भारतीय वायुसेना ने अपने X हैंडल पर खोए हुए फाइटर जेट का अपडेट शेयर करते हुए लिखा, 'हमारे एक Su-30 MKI के लापता होने की खबर है. एयरक्राफ्ट ने असम के जोरहाट से उड़ान भरी थी और आखिरी बार शाम 7.42 बजे रडार के संपर्क में आया था. आगे की जानकारी का पता लगाया जा रहा है. एक सर्च और रेस्क्यू मिशन शुरू किया गया है।'  इसकी सबसे बड़ी खासियत इसकी सुपरमैन्यूवरबिलिटी, लंबी मारक क्षमता और दो इंजन वाला शक्तिशाली डिजाइन है. सुखोई-30 एमकेआई ब्रह्मोस जैसी सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ले जाने में भी सक्षम है, जिससे इसकी स्ट्राइक कैपेसिटी कई गुना बढ़ जाती है. इसमें आधुनिक एवियोनिक्स, मल्टी-फंक्शन रडार, थ्रस्ट वेक्टर कंट्रोल और लंबी दूरी तक उड़ान की क्षमता है. यह लड़ाकू विमान भारतीय वायुसेना की रीढ़ माना जाता है और देश की वायु सुरक्षा व सामरिक ताकत में इसकी भूमिका बेहद अहम है। सुखोई-30 एमकेआई भारतीय वायुसेना का सबसे ताकतवर और भरोसेमंद मल्टी रोल फाइटर जेट है. इसे 2000 के दशक की शुरुआत में भारतीय वायुसेना में शामिल किया गया था. यह रूस के सुखोई डिजाइन ब्यूरो द्वारा विकसित किया गया है. भारतीय वायुसेना इस फाइटर जेट का विशेष रूप से कस्टमाइज संस्करण इस्तेमाल करती है, जिसमें MKI का अर्थ है मॉडर्नाइज्ड, कमर्शियल और इंडियन. यह विमान हवा से हवा, हवा से जमीन और समुद्री लक्ष्यों पर हमला करने में सक्षम है। रूस में इस एयरक्राफ्ट का प्रोडक्शन 2000 में शुरू हुआ था, जब नई दिल्ली ने मॉस्को से 140 Su-30 फाइटर एयरक्राफ्ट बनाने के लिए कहा था. पहला एयरक्राफ्ट 2002 में भारतीय वायुसेना में शामिल किया गया था, और तब से, समय के साथ इसकी संख्या बढ़ती ही गई है।. आज, Su-30 भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों के बेड़े में सबसे बड़ा हिस्सा रखता है