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शंकराचार्य विवाद में सियासत गरमाई: अविमुक्तेश्वरानंद से अखिलेश की मुलाकात, भाजपा पर साधा निशाना

लखनऊ शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से लखनऊ में सपा मुखिया अखिलेश यादव ने गुरुवार को मुलाकात की। इस दौरान उन्होने संतों को हाथ जोड़कर प्रणाम किया। उनके साथ पूर्व सांसद अनु टंडन भी मौजूद रहे। आपको बता दें शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने 7 मार्च को वाराणसी से गो-प्रतिष्ठा जनजागरण अभियान की शुरूआत की थी। जौनपुर, सुल्तानपुर, सीतापुर होते हुए 4 दिन में यानी 10 मार्च को लखनऊ पहुंचे थे। यहां बुधवार को गो-प्रतिष्ठा जनजागरण अभियान का शंखनाद किया था। इस दौरान उन्होने की बड़े ऐलान किए। यूपी की परिक्रमा करेंगे अविमुक्तेश्वरानंद उन्होने बताया कि वे 52 दिन की यात्रा के बाद 3 मई से 23 जुलाई तक 81 दिन यूपी की परिक्रमा करेंगे। इसका नाम गविष्टि यात्रा होगा। शुरुआत और समापन गोरखपुर से होगा। 24 जुलाई को लखनऊ के इसी मंच पर फिर जुटेंगे। अंत में शंकराचार्य चतुरंगिणी सेना गठित करने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि गो हत्या रोकने, सनातन धर्म की रक्षा के लिए लोग आगे आएं। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने किसी का नाम तो नहीं लिया लेकिन प्रदेश सरकार पर तीखे बाण छोड़े। 26 शर्तों के साथ कार्यक्रम की अनुमति मिली कांशीराम स्मृति उपवन में आयोजित कार्यक्रम में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि शंखनाद कार्यक्रम हुआ। पहले काशी के मठ में रोकने की योजना बनी, फिर लखनऊ में न घुसने देने की, फिर कहा अनुमति न दो, मंगलवार को रात 9 बजे 16 शर्तों के साथ साथ अनुमति दी गई। कुछ देर बाद 10 शर्तें और जोड़कर 26 कर दी गईं। फिलहाल वे लखनऊ के कृष्णा नगर में प्रवास कर रह रहे हैं। हम कोई पार्टी नहीं बना रहे- अविमुक्तेश्वरानंद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि हम कोई पार्टी नहीं बना रहे हैं। हमें किसी पार्टी से भी गुरेज नहीं और प्यार भी नहीं है। हम जनता के बीच जाएंगे तो यही समझाएंगे कि गाय के लिए जो काम करे, उसे वोट दीजिए। राजा गलत दिशा में जाए तो रास्ता दिखाएं। शंकराचार्य पद सनातन धर्म का सुप्रीम कोर्ट है, महामंडलेश्वर हाईकोर्ट और साधु-संत लोअर कोर्ट हैं। यही हमारी हिन्दू पद्धति है। यह भीड़तंत्र नहीं भिड़नेवाला तंत्र है। गाय हमारी माता है और इसके बगैर अस्तित्व ही नहीं रहेगा। गाय-ब्राह्मण का अपमान करने वाले निशाचर हैं। उन्होंने किसी का नाम लिए बगैर कहा कि तुमसे हमारा रिश्ता एक ही हो सकता है और वह है युद्ध का। अखाड़ों को लिखेंगे पत्र शंकराचार्य ने कहा कि हमारे साधु समाज में भी विकृति आ गई है। एक लकीर खींच दी गई है। सब अखाड़ों को पत्र लिखकर पूछेंगे कि वह किसके साथ हैं। उनकी सेना में सन्यासी, बैरागी, उदासीन होंगे। और गृहस्थ होंगे। हमारी सेना में आने वाले सभी का पहले पुलिस सत्यापन कराएंगे। हरदम उस पर नजर रखेंगे। यदि उसके ऊपर किसी ने आरोप लगाया है तो उसका केस हम लड़ेंगे। कुछ साधु संत घर (संसार) छोड़कर चले गए। संप्रदायों का वस्त्र धारण करने के बाद प्रोफेसर, सांसद, विधायक, मंत्री, मुख्यमंत्री बन रहे हैं। यह नहीं चलेगा। हमारे गेरुआ वस्त्र उतारकर रख दो। सनातन धर्म जीवन में मनमानी की अनुमति नहीं देता। कार्यक्रम में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय, लखनऊ मध्य से विधायक रविदास मेहरोत्रा, पूर्व पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री, संत समाज के प्रतिनिधि शामिल हुए।  

राष्ट्रीय पार्टी बनने की राह पर सपा! असम चुनाव में उम्मीदवार उतारने की तैयारी में अखिलेश यादव

लखनऊ लोकसभा चुनाव 2024 में जबरदस्‍त सफलता हासिल करने के बाद समाजवादी पार्टी ने राष्‍ट्रीय पार्टी का दर्जा पाने के लक्ष्‍य पर नजर गड़ा दी है। इस रणनीति के तहत पार्टी पहली बार असम विधानसभा चुनाव में हिस्‍सा लेने की योजना बना रही है। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है सपा पांच से 10 सीटों पर अपने उम्‍मीदवार उतार सकती है। जल्‍द ही इसका आधिकारिक ऐलान किया जाएगा। असम में 2026 में विधानसभा चुनाव होने हैं। बताया जा रहा है कि सपा असम के मुस्लिम बहुल इलाकों में अपने प्रत्‍याशी उतारेगी। सपा अध्‍यक्ष अखिलेश यादव भी वहां चुनाव प्रचार करने जा सकते हैं। महाराष्‍ट्र में दो और गुजरात में 1 सपा विधायक यूपी के बाहर की बात करें तो सपा के महाराष्‍ट्र में दो विधायक और गुजरात में एक विधायक हैं। यह राष्‍टीय पार्टी के मानक से काफी कम है। दरअसल, राष्‍ट्रीय पार्टी का दर्जा पाने के लिए लोकसभा या विधानसभा चुनावों में न्‍यूनतम चार राज्‍यों में कुल वैध वोटों का कम से कम 6 प्रतिशत होना जरूरी है। साथ ही लोकसभा में कम से कम चार सीटें होना चाहिए या लोकसभा चुनावों में कम से कम तीन अलग राज्‍यों से कुल सीटों का 2 प्रतिशत यानी 11 सीटें जीती हों। देखा जाए तो सपा के पास लोकसभा में इससे कहीं ज्‍यादा सीटें हैं पर वह एक ही राज्‍य उत्‍तर प्रदेश में है। इसलिए वह राष्‍ट्रीय पार्टी के मानकों को पूरा नहीं करती। यूपी में सपा के 37 सांसद गौरतलब है कि 2024 में सपा ने लोकसभा चुनावों में ऐतिहासिक प्रदर्शन किया था। सीटों के लिहाज से सपा बीजेपी और कांग्रेस के बाद देश की तीसरी सबसे बड़ी पार्टी है। उसके पास 37 सांसद हैं। सपा ने बीजेपी के गढ़ माने जाने वाली कई सीटों पर अपना परचम लहराया था। इसमें अयोध्‍या उल्‍लेखनीय है। असम में इसी साल होने हैं विधानसभा चुनाव राष्‍ट्रीय पार्टी का दर्जा प्राप्‍त करने के लिए समाजवादी पार्टी की नजर असम विधानसभा चुनावों पर है। असम में इसी साल तक चुनाव होने हैं। सपा अपने परंपरागत मुस्लिम वोटों पर नजर गड़ाए हुए हैं। इसी रणनीति के तहत सपा असम के मुस्लिम बहुल इलाकों में ही प्रत्‍याशी खड़ा करने की योजना बनाई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सपा 5 से 10 सीटों पर अपने उम्‍मीदवार खड़े कर सकती है।

सपा को मिला बड़ा सियासी बल, रोहित पांडेय व पूर्व DIG की एंट्री; अखिलेश का BJP पर हमला

उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर हर राजनीतिक दल ने अपनी सियासी गोटियां सेट करनी शुरू कर दी हैं। प्रदेश में सियासी हलचलें काफी तेज हो गई हैं। इस बीच शनिवार को संतकबीरनगर सीट से पूर्व लोकसभा प्रत्याशी रोहित कुमार पांडे ने सैकड़ों समर्थकों के साथ समाजवादी पार्टी ज्वाइन कर ली। लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम में सपा मुखिया और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रोहित के साथ-साथ पूर्व डीआईजी राम शरद राम, डीएनएनएस यादव, अंकित सिंह और पूर्व पुलिस अधिकारी राजीव गुप्ता को भी पार्टी में शामिल कराया। इस मौके पर उन्होंने भाजपा पर जमकर निशाना साधा। अखिलेश यादव ने एलपीजी के बढ़े दामों और भारी टैक्स को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि ‘जब जाएंगे भाजपाई, तभी हटेगी महंगाई।’ सपा मुखिया ने कहा कि सरकार टैक्स लगा कर महंगाई बढाती जा रही है। सिलेंडर पर सीधे 60 रुपये बढ़ा दिया गया। उन्होंने कहा कि याद रखना होगा कि महंगाई एक बार बढ़ने के बाद कम नहीं होती है। अखिलेश ने कहा कि जहां-जहां भाजपा की सरकार है वहां-वहां लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कानपुर की एक घटना का हवाला देते हुए सपा मुखिया ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस विभाग के लोग ही अपराधियों को जानकारी लीक कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस वालों की कॉल डिटेल निकली तो पता चला कि वे अपराधियों से मिले हुए हैं। गांजे की तस्करी में भी पुलिस की संलिप्तता है। उन्होंने सवाल उठाया किक आखिर भारी मात्रा में पकड़ा जाने वाला गांजा जाता कहां है? उत्तर प्रदेश में 2012 से 2017 तक रही समाजवादी पार्टी की सरकार की उपलब्धियों गिनाते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि हमारी सरकार में एक्सप्रेसवे, लैपटॉप वितरण, रिवर फ्रंट और थर्मल प्लांट जैसे तमाम बड़े काम हुए। सीएम योगी की विदेश यात्रा पर निशाना साधते हुए अखिलेश याव ने कहा, ‘ये पहले ऐसे सीएम हैं जो अपनी विदाई से पहले घूमने निकल गए।’ उन्होंने भाजपा द्वारा लॉन्च किए गए एक गाने पर आपत्ति जताई और कहा कि हम इस पर एफआईआर करवाएंगे। उन्होंने कहा कि हमें पता है कि कोई पकड़ा नहीं जाएगा क्योंकि इसमें बीजेपी के लोग ही शामिल हैं। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में बेरोजगार की संख्या बढ़ी है। उन्होंने कहा कि खाड़ी देशों में फंसे लोगों को सरकार को जिम्मेदारी से वापस लाना चाहिए। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य से आज हमारी विदेश नीति विदेशों में तय होती है। रूस को भारत का पुराना मित्र बताते हुए उन्होंने कहा कि सस्ता मिले तो रूस से और तेल लेना चाहिए। अखिलेश यादव ने फॉम-7 को लेकर चुनाव आयोग को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि चुनाव आयोग झूठा है। वो झूठ बोल रहा है कि फार्म-7 नहीं भरवाए गए। कौन हैं रोहित पांडे? रोहित कुमार पांडे पूर्व में लोकसभा का चुनाव लड़ चुके हैं। सपाइयों का कहना है कि उनके पार्टी ज्वाइन करने से संगठन को जमीनी स्तर पर बड़ी मजबूती मिलेगी।

योगी के विदेशी दौरे पर सियासत गरम, अखिलेश बोले—100 विधायक लाओ और मुख्यमंत्री बन जाओ!

लखनऊ अखिलेश यादव ने कहा कि यदि कोई अपने साथ 100 विधायक तोड़कर लाता है तो विपक्ष उसे मुख्यमंत्री बनने में पूरा सहयोग और समर्थन करेगा। उन्होंने दोनों डिप्टी सीएम का उल्लेख करते हुए कहा कि सीएम बनने की इच्छा दोनों की है। जो भी 100 विधायक लाएगा वो सीएम बनने का मौका पाएगा। जो नहीं लाएगा वो क्या पाएगा? उत्तर प्रदेश में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सियासी माहौल धीरे-धीरे गरमाने लगा है। रविवार को जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेरठ से कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर जमकर निशाना साधा वहीं सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने लखनऊ में एक प्रेस कांफ्रेंस की। सपा प्रमुख ने इसमें रविवार से शुरू हो रही सीएम योगी की विदेश यात्रा (सिंगापुर और जापान) पर तंज कसा और दोनों डिप्टी सीएम का उल्लेख करते हुए कहा कि सीएम तो बाहर जा रहे हैं, पीछे से हम ऑफर देते हैं कि 100 विधायक लेकर आएं और यूपी के सीएम बन जाएं। यह ऑफर दोहराते हुए उन्होंने दोनों डिप्टी सीएम का जिक्र करते हुए उन्होंने दोहराया कि जो 100 विधायक लाएगा वो सीएम बन जाएगा। उन्होंने इस ऑफर की वैलिडिटी भी बताई। कहा कि एक हफ्ते तक के लिए यह ऑफर है। बता दें कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इसके पहले भी इस तरह का खुला ऑफर दिया था। उन्होंने कहा कि यदि कोई अपने साथ 100 विधायक तोड़कर लाता है तो विपक्ष उसे सीएम बनाने में पूरा सहयोग और समर्थन करेगा। उन्होंने दोनों डिप्टी सीएम का उल्लेख करते हुए कहा कि सीएम बनने की इच्छा दोनों की है। जो भी 100 विधायक लाएगा वो सीएम बनने का मौका पाएगा। जो नहीं लाएगा वो क्या पाएगा? बता दें कि सीएम योगी आदित्यनाथ रविवार की शाम को सिंगापुर और जापान के चार दिवसीय दौरे पर रवाना हो रहे हैं। इस यात्रा उद्देश्य यूपी को भारत का मैन्युफैक्चरिंग हब बनाना है। यात्रा के दौरान सीएम योगी वैश्विक दिग्गज कंपनियों को यूपी में निवेश के लिए आमंत्रित करेंगे। इस दौरान उनकी कई कंपनियों के साथ चर्चा होगी। प्रेस कांफ्रेंस में अखिलेश यादव ने कई और मुद्दों पर भी बात की। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे पीड़ा बढ़ रही है, वैसे-वैसे पीडीए परिवार भी बढ़ रहा है। सीएम योगी की विदेश यात्रा पर एक और तंज कसते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि किसी चापलूस अधिकारी की सलाह पर वो वहां जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जापान जाकर उन्हें अफसोस होगा कि दस साल में उन्होंने क्या नहीं किया। सपा प्रमुख ने भ्रष्टाचार का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि पानी की टंकियां अब भ्रष्टाचार का भार नहीं सह पा रही हैं। एक लाख करोड़ की बुलेट ट्रेन अब दो लाख करोड़ में बन रही है। अखिलेश यादव ने कहा कि भले ही उनकी सुरक्षा हटा ली जाए लेकिन वह सरकार को हटाकर ही मानेंगे।  

शंकराचार्य मुद्दे पर सियासी घमासान, अखिलेश ने योगी सरकार को घेरा

लखनऊ समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती द्वारा सीएम योगी को लेकर दिए गए बयान से मैं सहमत हूं। राजधानी लखनऊ में पार्टी ऑफिस में पत्रकारों को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि कोई मुख्यमंत्री, जो अपने आप को योगी कह रहे हों, पूजनीय शंकराचार्य को लेकर ऐसा कह सकते हैं क्या? इतना व्यवहार खराब हो सकता है? अखिलेश यादव ने सवाल उठाया कि हम शंकराचार्य से 100 प्रतिशत सहमत हैं। रविवार को लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस से इस्तीफा देने वाले नसीमुद्दीन सिद्दीकी समाजवादी पार्टी (सपा) में शामिल हो गए। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सिद्दीकी को सपा की सदस्यता ग्रहण कराई। उनके साथ उनकी पत्नी और 7 अन्य नेताओं ने भी रविवार को समाजवादी पार्टी का दामन थामा। नसीमुद्दीन सिद्दीकी बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की सरकार में कैबिनेट मंत्री थे। मायावती का साथ छोड़ने के बाद उन्होंने कांग्रेस ज्वाइन की थी। पिछले महीने उन्होंने कांग्रेस से भी इस्तीफा दे दिया था। सिद्दीकी ने अखिलेश यादव की मौजूदगी में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि मैं अलग-अलग दलों में रहते हुए भी हमेशा मुलायम सिंह यादव से प्रभावित रहा। इसी तरह मैंने हमेशा अखिलेश यादव को ही अपना नेता माना। पिछले महीने, नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को इस्तीफा भेजकर पार्टी छोड़ने का कारण व्यक्तिगत बताया था। अपने लिखित इस्तीफा पत्र में सिद्दीकी ने कहा कि वे 'अपरिहार्य कारणों' से अपनी प्राथमिक सदस्यता और सभी संगठनात्मक जिम्मेदारियों का त्याग कर रहे हैं। नसीमुद्दीन सिद्दीकी उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक जाना-पहचाना चेहरा हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत बसपा से की और मायावती सरकार में कई महत्वपूर्ण विभागों का कार्यभार संभाला।

यूपी SIR बना सियासी संग्राम: अखिलेश बोले– पहले फार्म-7 खारिज करो, फिर बात करो

लखनऊ समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने यूपी एसआईआर को लेकर भाजपा पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने मांग की कि अब तक जमा किए गए सभी फार्म-7 निरस्त किए जाएं। फार्म-7 पर आयोग का होलोग्राम लगाया जाए। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि फार्म-7 को लेकर पूरे प्रदेश से खबर आ रही है। भाजपा बड़े पैमाने पर धांधली कर रही है। समाजवादी पार्टी ने चुनाव आयोग से शिकायत की है। उन्होंने कहा कि गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ एफआईआर होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में एक करोड़ 99 हजार 710 वोट काटने की तैयारी है। मंगलवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में सपा मुखिया ने आरोप लगाया कि सबसे पहले सीतापुर में ये खेल हुआ है। वहां जांच में पता चला कि जिसने शिकायत की है वो लिख भी नहीं सकता है। वह अंगूठा लगाता है जबकि शिकायत पर उसके हस्ताक्षर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने भाजपा से मिलकर लाखों की संख्या में फार्म-7 छपवाए हैं। टारगेट करके पीडीए खासकर मुस्लिम समाज के लोगों के वोट काटे जा रहे हैं। इस आईएएस का नाम बाद में बताऊंगा उन्होंने आरोप लगाया कि आईएएस अफसर सीएम ऑफिस में बैठकर बीएलओ को धमका रहे हैं। उनके नाम की घोषणा मैं बाद में करूंगा। अखिलेश ने कहा कि मुझे लग रहा है कि मुझे लग रहा है कि वन नेशन वन इलेक्शन की तरफ जा रहे हैं और न जानें कहां जा रहे हैं? उन्होंने कहा कि मतदाता को वोटल लिस्ट नहीं दिखाई जा रही है। मतदाता पूछते हैं तो उन्हें पंचायत चुनाव की लिस्ट दिखा दी जा रही है। इस दौरान पूर्व मंत्री योगेश ने आरोप लगाया कि उनके विधानसभा क्षेत्र में 6321 वोट काटने की तैयारी है। फार्म भरकर भेज दिए अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि सभी विधानसभा क्षेत्रों में फार्म भरकर भेज दिए गए हैं। सुल्तानपुर में तो मुस्लिम महिला बीएलओ का ही नाम काट दिया गया। छपे-छपाए फार्म पर इपिक नंबर और डिटेल भरकर विधानसभावार भेजा जा रहा है। भाजपा हर विधानसभा में 10 हजार वोट कटवाना चाहती है। सदर सुल्तानपुर और कन्नौज में भी इसी तरह वोट काटा जा रहा है। लखनऊ सरोजनीनगर में 100 से अधिक फार्म पर दशरथ ने हस्ताक्षर कर जमा किए हैं। उन्होंने कहा कि नियम कहता है कि कोई गलत फार्म जमा करता है तो लोक अधिनियम के तहत एफआईआर होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पीडीए प्रहरी से अपील है कि एक भी वोट करने न पाए।  

बजट पर अखिलेश का हमला: न जनता का जिक्र, न महंगाई की फिक्र

लखनऊ केंद्रीय बजट पेश होने के बाद शेयर माकेर्ट में आई गिरावट को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि 'हमने पहले ही कहा था, सवाल यह नहीं है कि बाज़ार कब खुलेगा, सवाल यह है कि और कितना गिरेगा।' 'भाजपाई भ्रष्टाचार की अद्दश्य खाता-बहीः अखिलेश अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट करते हुए अखिलेश यादव ने बयान जारी कर कहा कि जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार से जनता को कोई उम्मीद नहीं है, तो उसके बजट से भी क्या अपेक्षा की जा सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा का हर बजट '1/20 का बजट' होता है, क्योंकि यह केवल 5 प्रतिशत लोगों के हित में तैयार किया जाता है। उन्होंने कहा कि यह बजट अपने कमीशन और अपने लोगों को सेट करने का दस्तावेज़ है तथा इसे 'भाजपाई भ्रष्टाचार की अद्दश्य खाता-बही' बताया। 'बजट में न आम जनता का जिक्र है और न ही उनकी फिक्र' सपा अध्यक्ष का कहना है कि इस बजट में न आम जनता का जिक्र है और न ही उनकी फिक्र। महंगाई के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि बेतहाशा बढ़ती कीमतों के बावजूद आम लोगों को टैक्स में कोई राहत नहीं दी गई, जो सीधे तौर पर 'टैक्स-शोषण' है। वहीं दूसरी ओर अमीरों के कारोबार और घूमने-फिरने पर कई तरह की छूटें दी गईं, जबकि बेकारी और बेरोज़गारी से जूझ रहे युवाओं व आम नागरिकों की उम्मीदों की थाली खाली रह गई। उन्होंने बजट को 'निराशाजनक और निंदनीय' बताते हुए कहा कि यह आम आदमी की ज़रूरतों से पूरी तरह कटा हुआ है।

अखिलेश यादव का बयान: संतों के सम्मान के लिए सपा खड़ी रहेगी

लखनऊ छोटे लोहिया के नाम से विख्यात समाजवादी विचारक डॉ. जनेश्वर मिश्र की पुण्यतिथि पर गुरुवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जनेश्वर मिश्र पार्क जाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि प्रयागराज माघ मेले में साधु-संतों के साथ दुर्व्यवहार की घटना सामने आई है। उन्होंने कहा कि अगर किसी भी साधु-संत का अपमान होगा तो समाजवादी पार्टी उनके सम्मान की लड़ाई में उनके साथ खड़ी रहेगी।         'सपा पीडीए की लड़ाई को आगे बढ़ा रही है' अखिलेश यादव ने कहा कि सपा पीडीए की लड़ाई को आगे बढ़ा रही है। जनेश्वर मिश्र ने जो सिद्धान्त, जो आंदोलन दिया, उसे आगे बढ़ने का हम संकल्प लेते हैं।  अखिलेश यादव ने नोएडा में इंजीनियर की मौत के प्रकरण को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि घटना के बाद भी सरकारी तंत्र समय रहते पीड़ति की जान नहीं बचा सका। अखिलेश ने आरोप लगाया कि कई घंटे तक इसलिए कारर्वाई नहीं की गई क्योंकि यह कहकर टाल दिया गया कि पानी ठंडा है। उन्होंने इसे प्रशासनिक संवेदनहीनता बताते हुए कहा कि सरकार बताए कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं। वहीं सम्भल प्रकरण में सीओ समेत अन्य पर केस दर्ज कराने का आदेश देने वाले जज के ट्रांसफर पर सपा अध्यक्ष ने कहा कि 'सच्चाई को ट्रांसफर नहीं किया जा सकता।' 'सरकार सच सामने आने से घबराती है' सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि सरकार सच सामने आने से घबराती है। उन्होंने कहा कि मौजूदा दौर में पूंजीवादी ताकतें हावी हो रही हैं। ऐसे में समाजवादियों की जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि वे जनेश्वर मिश्र, डॉ. लोहिया, बाबा साहब और नेताजी के विचारों को आगे बढ़ाकर समाजवादी आंदोलन को मजबूती दें। इस दौरान अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर हमला बोलते हुए कहा कि हम सभी ने देखा है कि जब वह योग कर रहे थे तो एक टांग पर लड़खड़ा रहे थे, क्या आप लोग उन्हें योगी कहेंगे। उन्होंने कहा कि बीजेपी के लोग, वे लोग हैं जब उन्हें लगता है कि धर्म के आधार पर वोट नहीं मिल सकता है, सनातन के रास्ते से वोट नहीं मिल सकता है तो इस तरह का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि सनातन का रास्ता सत्य का रास्ता है, धर्म का रास्ता, न्याय का रास्ता है। हम सबको साथ लेकर चले, वही सनातनी रास्ता है। हमारे साधु संत और जितने भी पूजनीय लोग हैं उनका सम्मान करें। उनके पास समय-समय पर जाकर राय मशविरा करें। यही सनातन है।         'सतुआ बाबा को नहीं जानते हैं' इस दौरान सतुआ बाबा के बारे में पूछने पर अखिलेश यादव ने कहा कि सतुआ बाबा को नहीं जानते हैं, हम भी मुख्यमंत्री रहे हैं। सतुआ बाबा को देखा है, वह हमारे आजम साहब से कान में क्या कहते थे मुझे पता है। तमाम साधु संतों से कहूंगा कि सरकार को ना भड़काएं। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के बयान पर पलटवार करते हुए उन्होंने तंज कसा कि उप मुख्यमंत्री को 'दंडवत होकर माफी मांगनी चाहिए।' उन्होंने प्रेरणा स्थल का नाम लिए बिना कहा कि 'तीन प्रतिमाओं की तरह खड़ा होना पड़ेगा न हिलो, न डुलो।'उन्होंने आगे तंज कसते हुए कहा कि जिस सरकार में वह डिप्टी सीएम हैं, वहां उन्हें कई बार 'डपट' भी पड़ जाती है। 

दिल्ली-NCR के भविष्य की सुरक्षा: अखिलेश यादव ने अरावली संरक्षण पर दी लंबी पोस्ट

लखनऊ सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने दिल्लीवासियों को अरावली पहाड़ियों को बचाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि अरावली को बचाना कोई विकल्प नहीं बल्कि संकल्प होना चाहिए। एक्स पर लिखे गए एक लंबे संदेश में उन्होंने कहा कि बची रहे जो ‘अरावली’ तो दिल्ली रहे हरीभरी! उन्होंने कहा कि अरावली को बचाना कोई विकल्प नहीं है बल्कि ये तो संकल्प होना चाहिए। मत भूलिए कि अरावली बचेगी तो ही एनसीआर बचेगा। अरावली को बचाना अपरिहार्य है क्योंकि यह दिल्ली और एनसीआर के लिए एक प्राकृतिक सुरक्षा कवच है या कहें क़ुदरती ढाल है। अरावली ही दिल्ली के ओझल हो चुके तारों को फिर से दिखा सकती है, पर्यावरण को बचा सकती है। अरावली पर्वतमाला ही दिल्ली के वायु प्रदूषण को कम करती है और बारिश-पानी में अहम भूमिका निभाती है। अरावली से ही एनसीआर की जैव विविधता बची हुई है। जो वेटलैंड गायब होते चले जा रहे हैं, उन्हें यही बचा सकती है। गुम हो रहे परिंदों को वापस बुला सकती है। अरावली से ही एनसीआर का तापमान नियंत्रित होता है। इसके अलावा अरावली से एक भावात्मक लगाव भी है जो दिल्ली की सांस्कृतिक-ऐतिहासिक धरोहर का हिस्सा है। अरावली को बचाना, दिल्ली के भविष्य को बचाना है, नहीं तो एक-एक साँस लेने के लिए संघर्ष कर रहे दिल्लीवासी स्मॉग जैसे जानलेवा हालात से कभी बाहर नहीं आ पाएंगे। आज एनसीआर के बुज़ुर्ग, बीमार और बच्चों पर प्रदूषण का सबसे ख़राब और ख़तरनाक असर पड़ रहा है। यहाँ के विश्व प्रसिद्ध हॉस्पिटल और मेडिकल सर्विस सेक्टर तक बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जो लोग बीमारी ठीक करने दिल्ली आते थे, वो अब और बीमार होने नहीं आ रहे हैं। – यही हाल रहा तो उत्तर भारत के सबसे बड़े बाज़ार और आर्थिक केंद्र के रूप में भी दिल्ली अपनी अहमियत खो देगी। – ⁠विदेशी तो छोड़िए, देश के पर्यटक भी यहाँ नहीं आएंगे। – ⁠न ही दिल्ली में कोई बड़ा इवेंट आयोजित होगा। – ⁠न ही कोई राजनीतिक, शैक्षिक, अकादमिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, साहित्यिक सम्मेलन आयोजित होगा। – ⁠न ही ओलंपिक, कॉमनवेल्थ या एशियाड जैसी कोई बड़ी खेल प्रतियोगिता आयोजित होगी। – ⁠यहाँ का होटल, रेस्टोरेंट, टैक्सी-कैब, गाइड, हैंडीक्राफ़्ट बिज़नेस, हर काम-कारोबार व अन्य सभी आर्थिक-सामाजिक गतिविधियाँ ठप्प हो जाने के कगार पर पहुँच जाएंगी। – ⁠जब प्रदूषण की वजह से हवाई जहाज़ नहीं चलेंगे, ट्रेनें घंटों लेट होंगी, सड़क परिवहन असुरक्षित हो जाएगा, तो दिल्ली कौन आएगा। – ⁠यहाँ तक कि इसका असर ये भी पड़ेगा कि लोग अपने बेटी-बेटे की शादी तय करने से पहले दिल्ली के हवा-पानी के बारे में सोचने लगेंगे। – ⁠इसीलिए हर नागरिक के साथ हर स्कूल-कोचिंग, हर व्यापारी, हर कारोबारी, हर दुकानदार, हर रेहड़ी-पटरीवाले, हर घर-परिवार तक को ‘अरावली बचाओ’ अभियान का हिस्सा बनना चाहिए। – ⁠हर चैनल, हर अख़बार को ये अभियान चलाना चाहिए। अरावली को बचाना मतलब ख़ुद को बचाना है। अगर अरावली का विनाश नहीं रोका गया तो भाजपा की अवैध खनन को वैध बनाने की साज़िश और ज़मीन की बेइंतहा भूख देश की राजधानी को दुनिया की ‘प्रदूषण राजधानी’ बना देगी और लोग दिल्ली छोड़ने को बाध्य हो जाएंगे। इसीलिए आइए हम सब मिलकर अरावली बचाएं और भाजपा की गंदी राजनीति को जनता और जनमत की ताक़त से हराएं! उनका ये संदेश सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है।

फोटो विवाद पर अखिलेश यादव का पलटवार: कफ सिरप आरोपियों के साथ दिखने वालों पर चले बुलडोजर

लखनऊ  सपा प्रमुख के साथ दिख रहे व्यक्ति को कफ सिरप का वांछित बताए जाने पर अखिलेश यादव ने भाजपा पर पलटवार किया। उन्होंने कहा, कई तस्वीरें दिखाई जा रही हैं। अगर तस्वीर में जो दिख रहा है, उसमें सपाई हैं तो उन सभी के यहां बुलडोर चलवाएं। कालीन भैया, कोडीन भैया सभी के यहाँ बुलडोजर चले। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा, मेरे साथ खड़ा होने वाला अगर माफिया है तो मेरी तस्वीर मुख्यमंत्री और दोनों उपमुख्यमंत्री के साथ भी है। उन्होंने कहा, भाजपा दूसरों पर आरोप लगाती रहती है। भाजपा झूठ बोलती है। अखिलेश ने शेरो-शायरी के जरिए भी भाजपा पर तंज कसा। उन्होंने कहा, अपना चेहरा न पोछा गया आपसे आइना बेवजह तोड़ कर रख दिया। यही कसूर है कि अपनों को बचाते रहे और दूसरों पर लगाते है।   पत्रकारों से बातचीत के दौरान भाजपा पर हमलावर हुए अखिलेश ने कहा, कोडीन मामले में स्टोरी को फालो करे तो पता चल जाएगा। 136 जिलों में एक से अधिक एफआईआर है। पूर्व आईपीएस मामले पर अखिलेश बोले, अमिताभ ठाकुर पुलिस के सामने पत्रकारों से कुछ कहना चाहते थे तो सारी पुलिस सीटी बजाने लगी। आजम खां के ऊपर कितने मुक़दमे लगा दिए गए। ऐसे न जाने कितने मुक़दमे लगा दिए गए। सपा प्रमुख बोले, भाजपा सरकार पर्यावरण को लेकर बिलकुल चिंतित नहीं है। ये सरकार उधोगपतियों के लिए कुछ भी कर सकती है इसीलिए पर्यावरण का अधिक खतरा है। फसल बीमा योजना में किसानो से ज्यादा बीमा कम्पनियो को फायदा है। ये सरकार स्वजातीय लोगो पर कार्रवाई नहीं करती। अखिलेश ने सेना में अहीर रेजिमेंट की मांग दोहराई समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को भारतीय सेना में अहीर रेजिमेंट बनाने की अपनी पुरानी मांग को दोहराते हुए कहा कि यह समुदाय के सैनिकों की बहादुरी और बलिदान के लिए एक सही श्रद्धांजलि होगी। यादव ने केंद्र से देश में, खासकर उत्तर प्रदेश में और मिलिट्री स्कूल स्थापित करने का भी आग्रह किया। पूर्व सैनिकों और 1962 के भारत-चीन युद्ध के दिग्गजों को सम्मानित करने के बाद यादव ने कहा कि अहीर रेजिमेंट की मांग नई नहीं है, और इसे पहले भी समाजवादी पार्टी के घोषणापत्र में शामिल किया गया था। उन्होंने कहा, "आज, जब हम इन बहादुर सैनिकों का सम्मान करते हैं जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपनी जान की परवाह किए बिना लड़ाई लड़ी, तो हम उनके सम्मान और रेजिमेंट के सम्मान के लिए सेना में अहीर रेजिमेंट की मांग को भी दोहराते हैं। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर अन्य रेजिमेंट बनाने की मांगें हैं, तो उन्हें भी आगे लाया जाना चाहिए।