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छत्तीसगढ़ में पेयजल व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार, जल जीवन मिशन से 32 लाख से अधिक घरों तक पहुँचा नल से जल

रायपुर : प्रत्येक ग्रामीण परिवार को सुरक्षित, शुद्ध एवं सतत पेयजल उपलब्ध कराना सरकार का लक्ष्य : उपमुख्यमंत्री साव छत्तीसगढ़ में पेयजल व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार, जल जीवन मिशन से 32 लाख से अधिक घरों तक पहुँचा नल से जल  जल जीवन मिशन के तहत लगभग 41.87 लाख घरेलू नल कनेक्शन 5,564 ग्राम ‘हर घर जल ग्राम’ घोषित रायपुर   छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन के प्रभावी और पारदर्शी क्रियान्वयन से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था में व्यापक और ऐतिहासिक परिवर्तन आया है। उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज नवा रायपुर अटल नगर स्थित संवाद ऑडिटोरियम में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान पत्रकारों को यह जानकारी दी।  उपमुख्यमंत्री श्री साव ने बताया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत राज्य में अब तक 40 लाख 87 हजार 27 घरेलू नल कनेक्शन प्रदान किए जा चुके हैं, जिससे 32 लाख घरों तक नल के माध्यम से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित हुई है। उन्होंने बताया कि मिशन लागू होने से पूर्व प्रदेश में केवल 3 लाख 19 हजार 741 घरेलू नल कनेक्शन उपलब्ध थे, जबकि वर्तमान सरकार के कार्यकाल के बीते दो वर्षों में इस संख्या में तेज़ी से वृद्धि हुई है। प्रेस वार्ता में उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि राज्य सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि प्रत्येक ग्रामीण परिवार को सुरक्षित, शुद्ध एवं सतत पेयजल उपलब्ध कराया जाए और छत्तीसगढ़ को शीघ्र ही ‘हर घर जल’ राज्य के रूप में स्थापित किया जाए। श्री साव ने कहा कि वर्तमान में 6,572 ग्रामों में शत-प्रतिशत घरेलू नल कनेक्शन पूर्ण हो चुके हैं। वहीं 5,564 ग्रामों को ‘हर घर जल ग्राम’ घोषित किया गया है, जिनमें से 4,544 ग्रामों को विधिवत प्रमाणित किया जा चुका है, विगत दो वर्षों में हर घर सर्टिफाइड ग्रामों की संख्या में पूर्व की तुलना में 750 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसके साथ ही 5,088 ग्राम पंचायतों को जलापूर्ति व्यवस्थाओं का हस्तांतरण भी किया गया है। प्रेस वार्ता में उपमुख्यमंत्री ने बताया कि जल जीवन मिशन से पूर्व ग्रामीण क्षेत्रों में 3,08,287 हैंडपंप, 4,440 नलजल योजनाएं और 2,132 स्थल जल प्रदाय योजनाएं संचालित थीं। वर्तमान में 70 समूह जल प्रदाय योजनाएं प्रगतिरत हैं, जिनसे 3,208 ग्राम लाभान्वित हो रहे हैं तथा 9 लाख 85 हजार से अधिक घरेलू नल कनेक्शन इन योजनाओं के माध्यम से जुड़े हैं। जल गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए श्री साव ने बताया कि राज्य में 77 जल परीक्षण प्रयोगशालाएं संचालित हैं, जिनमें 47 प्रयोगशालाएं एनएबीएल मान्यता प्राप्त हैं। आम नागरिकों की सुविधा के लिए पेयजल से संबंधित समस्याओं के त्वरित निराकरण हेतु टोल फ्री नंबर 1800-233-0008 भी प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है। उपमुख्यमंत्री श्री साव ने स्पष्ट किया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जा रहा है। दोषपूर्ण कार्यों के कारण बीते दो वर्षों में 28 करोड़ 38 लाख रुपये से अधिक का अर्थदंड लगाया गया, 629 अनुबंध निरस्त किए गए तथा 11 फर्मों को ब्लैकलिस्ट किया गया। इसके साथ ही दोषी अधिकारियों एवं ठेकेदारों के विरुद्ध सख्त विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई भी की गई है। उन्होंने आगामी कार्ययोजना की जानकारी देते हुए बताया कि शेष बचे लगभग 8 लाख घरेलू नल कनेक्शन (एफएचटीसी) का निर्माण, 21 हजार से अधिक अधूरी योजनाओं को पूर्ण करना, 24 हजार से अधिक योजनाओं को ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित करना तथा सभी प्रगतिरत समूह जल प्रदाय योजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करना सरकार की प्राथमिकता है। मानव संसाधन सुदृढ़ीकरण पर जानकारी देते हुए उपमुख्यमंत्री ने बताया कि बीते दो वर्षों में विभाग में 403 रिक्त पदों का सृजन, 213 पदों पर नियुक्ति, 103 कर्मचारियों को पदोन्नति तथा 877 शासकीय सेवकों को समयमान-वेतनमान का लाभ प्रदान किया गया है।

अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज एमसी मैरी कॉम से छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरुण साव की मुलाकात

नवा रायपुर  नवा रायपुर अटल नगर निवास कार्यालय में 6 बार के विश्व चैंपियन एवं ओलंपिक पदक विजेता, पदम् विभूषण से सम्मानित अंतरराष्ट्रीय महिला मुक्केबाज एमसी मैरी कॉम जी से छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरुण साव से सौजन्य भेंट हुई । इस दौरान उनकी मुलाकात में बस्तर ओलंपिक के आयोजन पर सकारात्मक चर्चा हुई, और अनुभव साझा किए गए । साथ ही छत्तीसगढ़ के युवाओं के खेल में सुधार के लिए हर संभव मदद की बात भी की गई ।   मैरी कॉम जी ने बस्तर ओलंपिक के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि दूरस्थ गांवों से पहुंचे युवाओं को देख उनकी पुरानी यादें ताजा हो गई। सरकार खेल को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। आगामी समय में प्रदेश को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मेडल जरूर मिलेगा।

छत्तीसगढ़ में 24 नई बसों का आगाज, 180 गांवों को मिला सीधा परिवहन कनेक्शन

रायपुर  छत्तीसगढ़ के सुदूर वनांचलों में परिवहन सुविधा को मजबूत बनाने वाली मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना ने आज एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास से योजना के द्वितीय चरण का शुभारंभ किया और वर्चुअली बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। 10 जिलों की 23 रूटों पर 24 नई बसें, 180 गांव सीधे जुड़े दूसरे चरण के तहत बस्तर और सरगुजा संभाग के 10 जिलों में 23 मार्गों पर 24 नई बसें संचालित होने लगीं। इससे 180 गांव पहली बार सीधे बस सेवा से जुड़ गए हैं, जो क्षेत्र के ग्रामीण परिवहन नेटवर्क के लिए बड़ा बदलाव माना जा रहा है। कार्यक्रम में कई ग्रामीण उसी बस में सवार होकर पहुंचे, जो योजना के प्रथम चरण में शुरू की गई थी। ग्रामीणों ने बताया कि अब ब्लॉक मुख्यालयों तक पहुंचना पहले की तुलना में बहुत आसान हो गया है। पहले मुश्किल था सफर, अब सड़क से संभव सुकमा–दोरनापाल–कोंटा मार्ग से आए ग्रामीणों ने बताया कि वे 110 किलोमीटर की यात्रा बस से कर कार्यक्रम तक पहुंचे। पहले यह सफर बेहद कठिन, असुविधाजनक और समय लेने वाला था। कोई गांव विकास से अछूता न रहे- मुख्यमंत्री साय  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि सरकार का संकल्प है कि छत्तीसगढ़ का कोई भी गांव विकास की मुख्यधारा से अलग न रहे     योजना से परिवहन सुविधा में वृद्धि हो रही ह     गांवों को शहरों, सेवाओं और अवसरों से जोड़कर सामाजिक–आर्थिक समानता को मजबूत किया जा रहा है उन्होंने 180 गांवों के लोगों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि अब उनकी यात्रा सुरक्षित, समयबद्ध और सुविधाजनक होगी, जिससे विकास के नए रास्ते खुलेंगे। परिवहन मंत्री बोले- वनांचलों में बसें पहुंचाना ऐतिहासिक कदम परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि जिन पहाड़ी, वनांचल और दूरस्थ गांवों तक कभी सार्वजनिक परिवहन नहीं पहुंचा था, वहाँ भी अब बस सेवाएँ चालू हो गई हैं। यह योजना विशेष रूप से जनजातीय बहुल क्षेत्रों के लिए वरदान साबित हो रही है। पहले चरण में 250 गांव जुड़े थे मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का प्रथम चरण 4 अक्टूबर 2025 को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शुरू किया था। तब 250 गांव बस सेवा से जुड़े थे। अब दूसरे चरण में 180 और गांव जुड़ने से यह संख्या और बढ़ गई है। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, मंत्रिमंडल के सदस्य, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, परिवहन सचिव एस. प्रकाश समेत वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

रायपुर : सरोवर निर्माण, सौंदर्यीकरण एवं मंगल भवन के लिए 90 लाख स्वीकृत

रायपुर : सरोवर निर्माण, सौंदर्यीकरण एवं मंगल भवन के लिए 90 लाख स्वीकृत उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा स्वीकृति आदेश जारी रायपुर नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने सारंगढ़ नगर पालिका में दो कार्यों के लिए 90 लाख रुपए की प्राविधिक स्वीकृति प्रदान की है। इनमें ऊपर घोघरा नाला के पास सरोवर निर्माण एवं सौंदर्यीकरण के लिए 60 लाख रुपए तथा काली मंदिर के पास मंगल भवन के निर्माण के लिए 30 लाख रुपए की राशि शामिल है। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने संचालनालय से इनकी मंजूरी के आदेश जारी कर दिए हैं। विभाग द्वारा चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रावधानित अधोसंरचना मद से ये कार्य स्वीकृत किए गए हैं। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने दोनों कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए समय-सीमा में काम पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।

उप मुख्यमंत्री साव बनवाएंगे जी.ई. रोड पर बहुप्रतीक्षित फ्लाईओवर, 173 करोड़ किए मंजूर

डिप्टी सीएम साव ने दी राजधानी को बहुप्रतीक्षित फ्लाईओवर की मंजूरी उप मुख्यमंत्री साव बनवाएंगे जी.ई. रोड पर बहुप्रतीक्षित फ्लाईओवर, 173 करोड़ किए मंजूर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने पी.टी.एस. चौक में फ्लाईओवर का प्रस्ताव अगले बजट में शामिल करने के दिए निर्देश रायपुर उप मुख्यमंत्री, लोक निर्माण तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव की पहल पर राजधानी रायपुर के यातायात को व्यवस्थित करने तथा रेलवे स्टेशन से एयरपोर्ट तक सुगम यातायात के लिए शहर के बीच कई फ्लाईओवर्स की कार्ययोजना को धरातल पर उतारा जा रहा है। उप मुख्यमंत्री श्री साव के अनुमोदन के बाद लोक निर्माण विभाग ने आज जी.ई. रोड पर बहुप्रतीक्षित गुरू तेगबहादुर उद्यान से तेलीबांधा में नेताजी सुभाष चौक से गुरूनानक चौक तक फ्लाईओवर के लिए 173 करोड़ रुपए की स्वीकृति दे दी है। इसके निर्माण से गुरू तेगबहादुर उद्यान से नेताजी सुभाष चौक से गुरूनानक चौक तक जी.ई. रोड पर शहर का यातायात सुगम हो जाएगा। इससे लोगों को काफी राहत मिलेगी।  रायपुर शहर के यातायात को व्यवस्थित करने चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में इस फ्लाईओवर के निर्माण को शामिल किया गया था। करीब डेढ़ किलोमीटर लंबे इस फोरलेन (16.61 मीटर चौड़ा) फ्लाईओवर के निर्माण से शंकर नगर चौक, केनाल रोड क्रासिंग व गुरूनानक चौक में यातायात की समस्या से निजात मिलेगी। इस फ्लाईओवर से नगर घड़ी चौक से यातायात सीधे तेलीबांधा थाने तक पहुंच जाएगी तथा नगर घड़ी चौक का ट्रैफिक तेलीबांधा चौक से पहले बांयी ओर मुड़कर अटल एक्सप्रेस-वे से सीधे एयरपोर्ट तक पहुंच जाएगा।  एक्सप्रेस-वे के फुंडहर चौक में भी फ्लाईओवर प्रस्तावित है। फुंडहर चौक से आगे अटल एक्सप्रेस-वे को व्ही.आई.पी. रोड (एयरपोर्ट रोड) से जोड़ने के लिए राज्य शासन द्वारा पहले ही फ्लाईओव्हर निर्माण की स्वीकृति दी जा चुकी है। इसका निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ करने के लिए कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने पी.टी.एस. चौक में फ्लाईओवर निर्माण का प्रस्ताव आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में शामिल करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए हैं। इन फ्लाईओवर्स के निर्माण से रेलवे स्टेशन से एयरपोर्ट तक यातायात सुगम हो जाएगा।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफल होने के लिए मानसिक मजबूती जरूरी – सुश्री संजू देवी

रायपुर : छत्तीसगढ़ का गौरव है संजू, अपने खेल से राज्य को दिलाई अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा – श्री अरुण साव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफल होने के लिए मानसिक मजबूती जरूरी – सुश्री संजू देवी उप मुख्यमंत्री श्री साव और अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी संजू ने प्रेस-कॉन्फ्रेंस में कबड्डी विश्व कप में भारत के खिताबी सफर को किया साझा रायपुर उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव और छत्तीसगढ़ की अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी सुश्री संजू देवी ने बांग्लादेश में आयोजित महिला कबड्डी विश्व कप में भारत के खिताबी जीत के सफर को साझा किया। इस विश्व कप में छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के छोटे से गांव केराकछार की 23 साल की सुश्री संजू देवी रावत को टूर्नामेंट का मोस्ट वेल्युबल प्लेयर चुना गया। फाइनल में भारत को मिले कुल 35 प्वाइंट्स में से 16 प्वाइंट्स अकेले संजू ने दिलाए। सेमी-फाइनल सहित अन्य मैचों में भी उन्होंने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से भारत को चैंपियन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। संजू की इस उपलब्धि के खास मायने हैं। वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने वाली राज्य की पहली कबड्डी खिलाड़ी हैं। कबड्डी विश्व कप के साथ ही उन्होंने इस साल मार्च में ईरान में आयोजित एशियन कबड्डी चैम्पियनशिप में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया था और भारत को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई थी।   छत्तीसगढ़ का गौरव है संजू, अपने खेल से राज्य को दिलाई अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा – श्री अरुण साव उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज नवा रायपुर स्थित अपने शासकीय निवास कार्यालय में आयोजित प्रेस-कॉन्फ्रेंस में बताया कि संजू देवी ने महिला कबड्डी विश्व कप में भारत को ऐतिहासिक जीत दिलाने में निर्णायक भूमिका निभाई। उन्होंने अपने उत्कृष्ट खेल कौशल से छत्तीसगढ़ को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित किया है। वे छत्तीसगढ़ की ही नहीं, अपितु पूरे भारत की गौरव हैं। राज्य शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा संचालित बिलासपुर के बहतराई आवासीय बालिका कबड्डी अकादमी में प्रशिक्षण हासिल कर विश्व विजेता बनी संजू देशभर के लिए प्रेरणास्त्रोत बन गई है। वे वहां जुलाई-2023 से प्रशिक्षण ले रही हैं। अपनी लगन, कड़ी मेहनत और कबड्डी के प्रति जुनून से उन्होंने एक छोटे से गांव से निकलकर दो-दो अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में भारत को चैंपियन बनाने में महती भूमिका निभाई है।  छत्तीसगढ़ का गौरव है संजू, अपने खेल से राज्य को दिलाई अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा – श्री अरुण साव उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बताया कि बहतराई के स्वर्गीय बी.आर. यादव राज्य प्रशिक्षण केंद्र में अभी कबड्डी में 38 बालिकाएं, हॉकी में 35 बालक और 38 बालिकाएं, तीरंदाजी में 14 बालक और 14 बालिकाएं तथा एथलेटिक्स में 12 बालक और 7 बालिकाएं प्रशिक्षण ले रही हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार खेल और खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने तथा इनके प्रशिक्षण व आयोजनों के लिए जरूरी अधोसंरचनाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। खिलाड़ियों को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे। विगत 24 नवम्बर को बांग्लादेश में संपन्न हुई महिला विश्व कप कबड्डी की विजेता भारतीय टीम की सदस्य और टूर्नामेंट की मोस्ट वेल्युबल प्लेयर चुनी गई संजू देवी ने प्रेस-कॉन्फ्रेंस में कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफल होने के लिए मानसिक रूप से मजबूत होना जरूरी है। जब आप सभी बाधाओं से लड़कर पहली सीढ़ी पार करते हैं तभी दूसरी सीढ़ी पर चढ़ने का मौका मिलता है। संजू ने अपने गांव केराकछार से कबड्डी विश्व कप तक के सफर के बारे में बताया कि उन्होंने जनवरी-2024 में कोलकाता में आयोजित ईस्ट जोन इंटरयुनिवर्सिटी टूर्नामेंट में और जनवरी-2025 में भटिंडा में ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी टूर्नामेंट में बिलासपुर विश्वविद्यालय की ओर से तथा विशाखापट्टनम, तमिलनाडु, नागपुर, महासमुंद और भजियापार (महाराष्ट्र) के ऑल इंडिया टूर्नामेंट में राज्य की ओर से भागीदारी की है। संजू ने बताया कि पिछले साल छत्तीसगढ़ कबड्डी संघ द्वारा आयोजित चयन स्पर्धा में अच्छे प्रदर्शन के फलस्वरूप इंडिया कैंप के लिए उनका चयन हुआ। इंडिया कैंप में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर ईरान में हुए एशियन कबड्डी चैम्पियनशिप के लिए उन्हें भारतीय टीम में स्थान मिला। इसमें लगातार अच्छे प्रदर्शन के कारण उन्हें महिला कबड्डी वर्ल्ड कप की टीम में भी शामिल किया गया। वे भारतीय टीम के लिए गांधी नगर और सोनीपत में आयोजित चार कैंपों में शामिल हो चुकी हैं। युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्व विजय सिंह तोमर, खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक श्रीमती तनूजा सलाम, उप संचालक श्रीमती रश्मि ठाकुर, छत्तीसगढ़ कबड्डी संघ के अध्यक्ष श्री शशिकांत बघेल और संजू देवी के कोच श्री दिल कुमार राठौर भी प्रेस-कॉन्फ्रेंस में मौजूद थे।

लोरमी का मानस मंच नया स्वरूप पाकर तैयार — उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने किया उद्घाटन

रायपुर : उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने लोरमी के भव्य मानस मंच के जीर्णोद्धार कार्य का किया लोकार्पण लोरमी के लिए 123 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया लोरमी के चौक-चौराहों में लगे सीसीटीवी कैमरों से होगी निगरानी, अपराध में आएगी कमी, ट्रैफिक व्यवस्था होगी दुरुस्त : उप मुख्यमंत्री अरुण साव दीवारों पर उकेरे गए रामचरितमानस की चौपाइयों को पढ़कर जीवन में उतारेंगे तो जीवन में सुख, शांति का होगा संचार : अरुण साव "लोरमी का मानस मंच धर्म और संस्कृति का अनूठा केंद्र साबित होगा" कार्यक्रम में आए वरिष्ठजनों को उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बेर से बनी प्रभु राम की प्रतिमा भेंट की रायपुर उप मुख्यमंत्री एवं स्थानीय विधायक अरुण साव ने आज लोरमी के भव्य मानस मंच के जीर्णोद्धार कार्य का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कुल 123 करोड़ रुपए की लागत से पांच सड़कों के निर्माण कार्य, चौक-चौराहों में लगाए गए सीसीटीवी कैमरों का लोकार्पण, तथा एक सड़क निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। साथ ही लोरमी के निजी अस्पताल में सोनोग्राफी मशीन समर्पित किया। साव ने कार्यक्रम में आए वरिष्ठजनों को बेर से बनी प्रभु राम की प्रतिमा भेंट की। आगामी 2 नवंबर को भव्य कलश यात्रा के साथ प्रसिद्ध कथा वाचक चिन्मयानंद बाबू जी मानस मंच पर राम कथा का वाचन करेंगे। 10 नवंबर को कथा का समापन होगा। साव ने समस्त लोरमी वासियों को कथा श्रवण के लिए आमंत्रित किया। कार्यक्रम में साव ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि लोरमी के मानस मंच का लोकार्पण मेरे लिए अत्यंत हर्ष का विषय है। यह मंच लोरमी नगर की आस्था, श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक है। 1982 में स्थापित यह मंच पिछले 45 वर्षों से सतत कथा आयोजन का केंद्र रहा है, जहां नगरवासी और श्रद्धालु बड़े-बड़े विद्वानों से राम कथा का श्रवण करते आए हैं। उन्होंने कहा कि दीवारों पर रामचरितमानस के चित्रों के साथ अंकन का उद्देश्य समाज में धार्मिक, नैतिक और सांस्कृतिक मूल्यों का प्रसार करना है। जब लोग इन चौपाइयों को पढ़ेंगे और जीवन में उतारेंगे, तो निश्चित रूप से उनके जीवन में सुख, शांति और सदाचार का संचार होगा। हमारे भगवान राम जीवन को सतमार्ग की ओर ले जाने वाले आदर्श हैं। इस अवसर पर नगरवासियों ने दीप प्रज्ज्वलन कर अयोध्या के स्वरूप में प्रभु राम के प्रति श्रद्धा भाव प्रकट किया। मानस मंच परिसर की दीवारों पर राम जन्म से लेकर राजतिलक तक के प्रसंगों का चित्रण किया गया है, जिसकी चौपाइयों को पढ़ने में घंटों लगेंगे। मानस मंच का सौंदर्यीकरण कार्य 1 करोड़ 71 लाख रुपए की लागत से पूर्ण किया गया है। वहीं 45 लाख 47 हजार रुपए की लागत से सार्वजनिक स्थलों एवं चौक-चौराहों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसके अतिरिक्त 24 करोड़ 14 लाख रुपए की लागत से मुंगेली-लोरमी मार्ग (ग्राम तुलसाघाट से लपटी रपटा तक), 2 करोड़ 62 लाख रुपए में तुलसाघाट से लपटी रपटा मार्ग, 1 करोड़ 99 लाख रुपए में तिलकपुर से झलरी पहुंच मार्ग, 1 करोड़ 37 लाख रुपए में ग्राम अखरार श्मशान घाट पहुंच मार्ग, 1 करोड़ 14 लाख रुपए में ग्राम नवरंगपुर डिंडोरी डी-3 नहर से आवास मोहल्ला तक ब्रिज निर्माण, तथा 70 लाख रुपए में कारीडोंगरी सीसी रोड निर्माण कार्य का लोकार्पण किया गया। इसके साथ ही 88 करोड़ 65 लाख रुपए की लागत से बनने वाले लोरमी–पंडरिया मार्ग (शासकीय कॉलेज से गोड्खाम्ही तक फोरलेन सड़क) का भूमिपूजन किया गया। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष सुजीत वर्मा, उपाध्यक्ष अशोक जायसवाल, जनपद अध्यक्ष मती वर्षा सिंह, गुरमीत सलूजा, विनय साहू और सुशील यादव उपस्थित रहे। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने वरिष्ठ जन पं. सच्चिानंद तिवारी (राजपुरोहित), विवेक गिरी महराज, गौरकापा, पूर्व विधायक ठाकुर भूपेन्द्र सिंह, कोमल गिरी, राधेश्याम अग्रवाल, रामलाल जायसवाल, रतनमणी केशरवानी, पवन अग्रवाल, रामावतार ध्रुव, बंशी साहू, विद्या दुबे, नवरंगपुर, परमानंद तिवारी, उदय साहू, लाखासार, सत्यनारायण तिवारी, शारधा, जगदीश सोनी, अध्यक्ष राम कथा समिति महेत्तर कश्यप, बटहा, शिवकुमार पाण्डेय, पिपरखुटी, दर्शन महराज, कोतरी, अशोक उपाध्याय, नवागॉव जैत, मणिककांत पाठक, मसनी, राजाराम, लालपुर कला, विश्राम तिवारी, लोरमी, मती लक्ष्मी शर्मा, लोरमी, कुमारी अदिति तिवारी, शिवकुमार पाठक, विनोद तिवारी, रमाकांत मिश्र, गौरकापा, मूलचंद तिवारी, अशोक शर्मा, शिक्षक फणेश्वर पाटले, सुदर्शन साई तेली, खाम्ही सहित अन्य लोगों को लोरमी में बेर से बनी प्रभु राम की प्रतिमा भेंट की।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने तैयारियों की समीक्षा की, 20 अक्टूबर पंजीयन की अंतिम तिथि

रायपुर : बस्तर ओलंपिक-2025 की तैयारियां जोरों पर, अब तक 3.09 लाख खिलाड़ियों ने कराया पंजीयन उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने तैयारियों की समीक्षा की, 20 अक्टूबर पंजीयन की अंतिम तिथि बस्तर ओलंपिक के व्यापक और सुव्यवस्थित आयोजन के लिए सभी व्यवस्थाएं समय के पहले सुनिश्चित करने के निर्देश बस्तर ओलंपिक की ख्याति पूरे देश में, यह मात्र क्षेत्रीय आयोजन नहीं –  अरुण साव रायपुर बस्तर संभाग के सभी विकासखंडों में आयोजित होने वाले बस्तर ओलंपिक-2025 की तैयारियाँ जोरों पर हैं। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  अरुण साव ने वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों तथा बस्तर संभाग के सभी जिला खेल अधिकारियों की बैठक लेकर इसकी तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने बस्तर ओलंपिक के व्यापक और सुव्यवस्थित आयोजन के लिए विकासखंड स्तरीय आयोजनों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने खेल मैदानों की उपलब्धता, उनकी मैपिंग, भोजन, यातायात, आवास, प्राथमिक चिकित्सा, निर्णायकों एवं रेफरियों की व्यवस्था के साथ ही सभी मूलभूत जरूरतों की अग्रिम तैयारी सुनिश्चित करने को कहा। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव  यशवंत कुमार और संचालक मती तनूजा सलाम भी समीक्षा बैठक में उपस्थित थीं। बस्तर संभाग के सभी जिला खेल अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बैठक में शामिल हुए। नवा रायपुर स्थित विश्राम भवन में आयोजित बैठक में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बस्तर ओलंपिक में भागीदारी के लिए अब तक तीन लाख नौ हजार से अधिक खिलाड़ियों ने अपना पंजीयन कराया है। इनमें कांकेर जिले के 42 हजार 228, कोंडागांव के 43 हजार 333, दंतेवाड़ा के 44 हजार 395, नारायणपुर के 46 हजार 074, बस्तर के 52 हजार 312, बीजापुर के 40 हजार 437 तथा सुकमा जिले के 40 हजार 830 प्रतिभागी शामिल हैं। विगत 22 सितम्बर से बस्तर ओलंपिक के लिए पंजीयन की शुरूआत की गई थी। खिलाड़ियों के पंजीयन का काम आगामी 20 अक्टूबूर तक जारी रहेगा। बस्तर ओलंपिक का विकासखंड स्तर पर आयोजन 25 अक्टूबर से 5 नवम्बर तक, जिला स्तरीय आयोजन 5 नवम्बर से 15 नवम्बर तक तथा संभाग स्तरीय आयोजन 24 नवम्बर से 30 नवम्बर तक किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने बैठक में बस्तर ओलंपिक की पंजीयन प्रक्रिया एवं व्यापक प्रचार-प्रसार की समीक्षा की। उन्होंने ग्राम स्तर से लेकर जिला स्तर तक प्रचार-प्रसार की योजनाओं—जैसे दीवार लेखन, मशाल यात्रा, पोस्टर, बैनर, पैंपलेट वितरण, हाट-बाज़ारों में प्रचार इत्यादि की जानकारी ली। उन्होंने इसे और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।  साव ने प्रत्येक विकासखण्ड में पंजीयन की स्थिति की समीक्षा कर जिन क्षेत्रों में पंजीयन कम हैं, वहां विशेष अभियान चलाकर ज्यादा से ज्यादा पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने महिलाओं की तुलना में पुरुष प्रतिभागियों के कम पंजीयन को देखते हुए जिला खेल अधिकारियों को पुरुषों की भागीदारी बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास करने को कहा।  साव ने बैठक में अधिकारियों से कहा कि बस्तर ओलंपिक अब केवल क्षेत्रीय आयोजन नहीं रह गया है, बल्कि इसकी ख्याति पूरे देश में फैल चुकी है। अतः इसे राष्ट्रीय महत्व का आयोजन मानते हुए विकासखंड से लेकर संभाग स्तर तक उच्च गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ आयोजित किया जाए। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर के निर्णायकों की भागीदारी सुनिश्चित करने तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को प्रेरणा स्रोत के रूप में आमंत्रित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने 25 अक्टूबर से 5 नवम्बर तक होने वाले विकासखंड स्तरीय आयोजनों के लिए सभी जिलों को समय पूर्व संपूर्ण तैयारी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।  साव ने फुटबॉल, हॉकी, वॉलीबॉल जैसे खेलों में पंजीयन बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास करने तथा खेल विभाग से प्राप्त बजट के अतिरिक्त जिला कलेक्टरों के सहयोग से सीएसआर निधि से वित्तीय आवश्यकताओं की पूर्ति करने को कहा। खेल एवं युवा कल्याण विभाग की उप संचालक मती रश्मि ठाकुर तथा खेल अधिकारी  गिरीश शुक्ला भी बैठक में मौजूद थे। 11 खेलों की स्पर्धाएं होंगी, नक्सल हिंसा के दिव्यांग और आत्मसमर्पित नक्सली भी दिखाएंगे अपना दमखम विकासखंड, जिला और संभाग स्तर पर एक महीने से भी अधिक समय तक चलने वाले बस्तर ओलंपिक में 11 खेलों को शामिल किया गया है। जूनियर वर्ग में बालक और बालिकाओं तथा सीनियर वर्ग में महिला और पुरूषों के लिए प्रतियोगिताएं होंगी। नक्सल हिंसा के दिव्यांगों तथा आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए भी संभाग स्तर पर पुरूषों और महिलाओं के लिए प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। बस्तर ओलंपिक के दौरान एथलेटिक्स, तीरंदाजी, बैडमिंटन, फुटबॉल, हॉकी, वेटलिफ्टिंग, कराटे, कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल और रस्साखींच में पूरे बस्तर के खिलाड़ी अपना खेल कौशल दिखाएंगे। 

कांग्रेस की सरकारों ने नहीं की इंफ्रास्ट्रक्चर, अर्थव्यवस्था और एक्सपोर्ट की चिंता :CM

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव व सांसद  अरुण सिंह ने मंगलवार को आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान को लेकर भाजपा प्रदेश कार्यालय में पत्रकार-वार्ता को संबोधित किया – -आत्मनिर्भर भारत से साकार होगा विकसित भारत का संकल्प  -कांग्रेस की सरकारों ने नहीं की इंफ्रास्ट्रक्चर, अर्थव्यवस्था और एक्सपोर्ट की चिंता  -मध्यप्रदेश को तेजी से विकास के रास्ते पर ले जा रही भाजपा की डबल इंजन सरकार  -आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश, आत्मनिर्भर भारत का मजबूत स्तंभ -डबल इंजन सरकारों से साकार होगा आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश का संकल्प – अरुण सिंह  भोपाल  भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव, सांसद व आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान के राष्ट्रीय संयोजक  अरुण सिंह ने मंगलवार को प्रदेश कार्यालय में पत्रकार-वार्ता को संबोधित किया। उन्होंने आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान को लेकर कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी हमेशा इस बात पर चिंतन करते हैं कि देश कैसे आत्मनिर्भर बने। उनका कहना है कि हम आत्मनिर्भर भारत के माध्यम से ही विकसित भारत के संकल्प को साकार करेंगे। प्रधानमंत्री जी के आह्वान पर ही स्वदेशी का यह अभियान देश भर में चलाया जा रहा है और पार्टी के कार्यकर्ता समाज के साथ मिलकर इस अभियान को एक जनआंदोलन बनाने के लिए काम कर रहे हैं। आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश ही आत्मनिर्भर भारत का मजबूत स्तंभ है। डबल इंजन सरकारों से आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश का संकल्प साकार होगा। घर-घर स्वदेशी का मंत्र हमारी शक्ति के रूप में समूचे विश्व के सामने प्रदर्शित हो, इसी लक्ष्य को लेकर देश-प्रदेश में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। पत्रकार-वार्ता में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक  हेमंत खण्डेलवाल की गरिमामयी उपस्थिति रही।  कांग्रेस की सरकारों ने नहीं की देश को आत्मनिर्भर बनाने की चिंता  भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव व सांसद  अरुण सिंह ने कहा कि आजादी के बाद लंबे समय तक कांग्रेस की सरकारों ने शासन किया। उन सरकारों ने सीमेंट, लोहा, औद्योगिक उपकरण जैसे अनेक बड़े क्षेत्रों को सरकार के लिए रिजर्व कर दिया। 1991 में लिबराइजेशन और ग्लोबलाइजेशन का दौर आया और इन क्षेत्रों का निजीकरण किया गया। उसके बाद भी लंबे समय तक कांग्रेस की सरकारें रहीं, लेकिन उन्होंने कभी देश के इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के बारे में नहीं सोचा। यूपीए की सरकार के समय देश में इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर महज 2.5 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाते थे।  नरेंद्र मोदी जी ने प्रधानमंत्री बनने के बाद यह निश्चय किया कि देश का इन्फ्रास्ट्रक्चर वर्ल्ड क्लास होना चाहिए। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी की सरकार आज इन्फ्रास्ट्रक्चर पर हर साल 12 लाख करोड़ रुपये खर्च कर रही है।  प्रधानमंत्री  मोदी जी के प्रयासों का दिखने लगा असर  भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव व सांसद  अरुण सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी ने देश को आत्मनिर्भर और विकसित बनाने के लिए जो कदम उठाए हैं, उनके परिणाम दिखाई देने लगे हैं। भारत जापान को पीछे छोड़ कर दुनिया की चौथी अर्थव्यवस्था बन चुका है और बहुत जल्द जर्मनी को पीछे छोड़कर हम दुनिया की तीसरी अर्थव्यवस्था बन जाएंगे। प्रधानमंत्री जी ने मेक फॉर द वर्ल्ड का आह्वान किया, उसी का परिणाम है कि आज हम दुनिया के दूसरे सबसे बड़े मोबाइल निर्माता हैं। रक्षा क्षेत्र की अगर बात करें तो गोला-बारूद से लेकर बुलेटप्रूफ जैकेट तक हर चीज विदेशों से आती थी, लेकिन प्रधानमंत्री  मोदी जी ने तय किया कि हम रक्षा उत्पादन देश में ही करेंगे। इसका परिणाम है कि आज हम राइफल बना रहे हैं, गोला-बारूद बना रहे हैं, बुलेटप्रूफ जैकेट बना रहे हैं और आकाश तथा ब्रह्मोस जैसी मिसाइलें भी बना रहे हैं। ये वही मिसाइलें हैं, जिन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान में स्थित आतंक के अड्डों को ध्वस्त किया था। आज दुनिया के अनेक देश भारत से रक्षा उपकरणों और हथियारों की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि डिफेंस कॉरिडोर के निर्माण के बाद देश के रक्षा उत्पादन में और वृद्धि होगी। कांग्रेस की सरकारों ने दशकों तक शासन करने के बाद भी देश में सेमीकंडक्टर के उत्पादन के बारे में नहीं सोचा। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी के प्रयासों से देश में छह सेमीकंडक्टर उत्पादन यूनिट लग रही हैं और जल्द ही गुजरात में स्थापित यूनिट से उत्पादन भी शुरू हो जाएगा। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी ने डिजिटल इंडिया का आह्वान किया था और मुझे यह बताते हुए गर्व हो रहा है कि हमारा यूपीआई आज दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल प्लेटफॉर्म बन चुका है। विज्ञान और प्रोद्योगिकी के क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी की सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। विकास के रास्ते पर दौड़ रहा मध्यप्रदेश  राष्ट्रीय महासचिव व सांसद  अरुण सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की डबल इंजन वाली सरकार मध्यप्रदेश को तेजी से विकास के रास्ते पर आगे ले जा रही हैं। प्रदेश में नर्मदा विकास पथ, मालवा विकास, विंध्य विकास पथ, बुदेलखंड विकास पथ, चंबल एक्सप्रेस वे, विंध्य एक्सप्रेस वे, नर्मदा एक्सप्रेस जैसी परियोजनाएं लागू की गई हैं। ओंकारेश्वर में दुनिया का सबसे बड़ा फ्लोटिंग सोलर प्लांट लग रहा है। इंदौर-भोपाल में मेट्रो परियोजना, इंदौर में 35 मंजिला स्टार्टअप पार्क बनाया जा रहा है। धार में मेगा टेक्सटाइल पार्क बन रहा है, जहां से कपास और रेशम का एक्सपोर्ट होगा। 44600 करोड़ रुपये लागत वाली केन-बेतवा लिंक परियोजना पर काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश को विकसित और आत्मनिर्भर बनाने के लिए अनेक कदम उठाए हैं। किसानों के हित में भावांतर योजना लागू की गई है, जिसके लिए मैं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का अभिनंदन करता हूं। इसके अलावा प्रदेश में निवेश बढ़ाने के लिए अनेक प्रयास किए जा रहे हैं। करीब 30 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिनसे करीब 23 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा। प्रदेश के सांची दूध को पूरे देश में पहचान दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं। महाकाल लोक की तर्ज पर प्रदेश में 11 नए सांस्कृतिक केंद्रों के विकास का काम चल रहा है।  भविष्य में भी नं.-1 रहेगा मध्यप्रदेश का पार्टी संगठन  राष्ट्रीय महासचिव व सांसद  अरुण सिंह ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत अभियान के अंतर्गत ‘हर घर स्वदेशी,  घर-घर स्वदेशी’ के मंत्र को जन-जन तक पहुंचाने के लिए अनेक कार्यक्रमों की रचना की गई है। युवा … Read more

रायपुर: उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने नगरीय प्रशासन की योजनाओं और प्रगति की समीक्षा की

रायपुर : उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने नगरीय प्रशासन विभाग के कार्यों की समीक्षा की सभी निकायों में दीपावली के पूर्व वेतन भुगतान सुनिश्चित करने के दिए निर्देश मंत्रालय, संचालनालय और सूडा की टीम को समयबद्ध कार्य करते हुए लेट-लतीफी से बचने को कहा रायपुर उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री  अरुण साव ने नवा रायपुर स्थित विश्राम भवन में वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने दीपावली के पहले सभी नगरीय निकायों में कर्मचारियों को वेतन का भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के मंत्रालय, संचालनालय और सूडा की टीम को बेहतर समन्वय के साथ समयबद्ध तरीके से कार्य करते हुए लेट-लतीफी से बचने को कहा। उन्होंने कहा कि सभी कार्य तय समय-सीमा में पूर्ण गुणवत्ता के साथ धरातल पर नजर आने चाहिए। नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस. और संयुक्त सचिव डॉ. रेणुका वास्तव भी समीक्षा बैठक में शामिल हुईं। उप मुख्यमंत्री  साव ने नगरीय निकायों में विकास कार्यों की अद्यतन स्थिति की जानकारी लेते हुए समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने गोधाम योजना के क्रियान्वयन के लिए कार्ययोजना को अंतिम रूप देने के निर्देश दिए। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए हरित आवरण बढ़ाने हेतु एक समग्र कार्ययोजना तैयार कर प्रस्ताव प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने इसके लिए राज्य प्रवर्तित योजना के अंतर्गत राशि आबंटित करने के निर्देश दिए। उन्होंने इसकी प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए राज्य स्तर पर नोडल अधिकारी भी नियुक्त करने को कहा। समीक्षा बैठक में नगरीय निकायों के लंबित विद्युत देयकों की समीक्षा की गई।  साव ने एनर्जी बिल ऑडिट की अद्यतन स्थिति की जानकारी लेते हुए प्राप्त सुझावों के त्वरित क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने सरचार्ज एवं अतिरिक्त भार से होने वाले आर्थिक नुकसान को रोकने के लिए निकायों के सीएमओ, लेखापाल व अभियंताओं के लिए विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित करने के निर्देश दिए।  साव ने बैठक में नवगठित नगरीय निकायों को आवश्यक आधारभूत सुविधाओं के लिए अधोसंरचना मद, चुंगी कर अथवा अन्य स्रोतों से राशि स्वीकृत कर कार्य कराने की कार्ययोजना प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने नवीन निकायों को शीघ्र आवश्यक वित्तीय सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री  साव ने नालंदा परिसरों, अटल परिसरों तथा बजट में शामिल अन्य योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि नगरीय निकायों को सर्वांगीण विकास के लिए सरकार द्वारा भरपूर राशि प्रदान की जा रही है, अतः सभी अधिकारी योजनाओं का त्वरित क्रियान्वयन सुनिश्चित करें, ताकि नागरिकों को इनका शीघ्र लाभ मिल सके। बैठक में नगरीय निकायों के अधिकारियों-कर्मचारियों की पदोन्नति, रिक्त पदों पर भर्ती, वर्गीकरण तथा सेट-अप रिवीजन पर भी विस्तृत चर्चा हुई। उप अभियंताओं की भर्ती हेतु वित्त विभाग से समन्वय कर आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए।  साव ने चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में स्वीकृत 21 नगरीय निकायों की जलप्रदाय योजनाओं एवं एसटीपी निर्माण की प्रगति की समीक्षा करते हुए डीपीआर एवं आरएफपी कार्य शीघ्र पूर्ण करने को कहा। उन्होंने मिशन अमृत 2.0 के अंतर्गत चल रहे कार्यों की निकायवार समीक्षा कर जिला कलेक्टरों के माध्यम से निर्माण में आ रही बाधाएं दूर कर कार्य समय-सीमा में पूर्ण कराने के निर्देश भी दिए। उप मुख्यमंत्री ने नगरीय निकायों की चल-अचल संपत्ति, मशीनरी, वाहनों आदि की ऑडिट कर अद्यतन स्थिति की समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने व्यावसायिक परिसरों एवं दुकानों के नियमानुसार सुचारू संचालन के लिए आवश्यक कार्यवाही करने को कहा। उन्होंने मुक्तिधामों को समुचित सुविधाओं से सुसज्जित करने के लिए शवदाह हेतु शेड, प्रतीक्षालय, पेयजल, गार्ड कक्ष, बाउंड्रीवाल आदि निर्माण के लिए सूडा की राज्य प्रवर्तित योजना से राशि आबंटित करने के निर्देश दिए। राज्य शहरी विकास अभिकरण (सूडा) के सीईओ  शशांक पाण्डेय, अतिरिक्त सीईओ  दुष्यंत कुमार रायस्त, उप सचिव डॉ. ऋतु वर्मा, अपर संचालक  पुलक भट्टाचार्य और मुख्य अभियंता  राजेश शर्मा भी समीक्षा बैठक में मौजूद थे।