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बड़े तालाब में अतिक्रमण का खुलासा, 300 से ज्यादा बंगलों और होटलों पर लाल निशान, कार्रवाई जल्द

 भोपाल  शहर की लाइफ लाइन बड़े तालाब की सीमाओं को चिह्नित करने के लिए पिछले महीने सीमांकन की कार्रवाई शुरू की गई थी। इसके तहत संत हिरदाराम नगर और टीटीनगर वृत्त के राजस्व अमले ने सीमांकन करते हुए एफटीएल से 50 मीटर दायरे में कोठी, बंगले, फार्म हाउस, होटल सहित 300 से अधिक निर्माण चिह्नित किए गए हैं। इन सभी पर राजस्व अमले ने लाल निशान लगाकर निर्माणकर्ताओं को नोटिस देकर दस्तावेज पेश करने का समय तक दिया था। इसको लेकर तहसीलदारों ने अतिक्रमणों की रिपोर्ट तैयार कर ली है, जिसे जल्द ही एसडीएम द्वारा कलेक्टर के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। इसके बाद ही इन पर बुलडोजर चलाने का फैसला लिया जाएगा। सोमवार को हुई समय सीमा बैठक में कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने बड़े तालाब की सीमा में हुए अतिक्रमणों पर सख्ती से कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। जानकारी के अनुसार, संत हिरदराम नगर वृत्त के राजस्व अमले ने टीएंडसीपी, नगर निगम व वन विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में 25 फरवरी से वीआईपी रोड पर सीमांकन शुरू करवाया था। इस दौरान वीआइपी रोड पर शासकीय बंगला, निजी इमारत, कोचिंग सेंटर, खानूगांव में मैरिज गार्डन, लान, झुग्गी, आर्मी का खेल परिसर, डेयरी, हलालपुर में मैरिज गार्डन, स्टील फैक्ट्री, बोरवन, बेहटा सहित अन्य में करीब 150 झुग्गियां 50 मीटर दायरे में चिह्नित की गई थी। इसी तरह टीटीनगर वृत्त के राजस्व अमले ने प्रेमपुरा, सूरज नगर, गौरा, सेवनियां गौड़, बिशनखेड़ी सहित अन्य क्षेत्र में बड़े तालाब की सीमाओं को चिह्नित करने सीमांकन कराया गया था। इस दौरान आलीशान कोठी, बंगले, फार्म हाउस, होटल, रेस्टोरेंट सहित 100 से अधिक निर्माण मिले थे। दोनों ही वृत्त के तहसीलदारों ने चिह्नित निर्माण के आधार पर नाम सहित रिपोर्ट तैयार की है, जिसमें निजी व शासकीय दोनों ही भूमि 50 मीटर दायरे में स्थित हैं। अब दस्तावेज के आधार पर किया जाएगा फैसला तहसीलदारों ने दोनों वृत्त की रिपोर्ट तैयार कर एसडीएम को सौंप दी है, अब जल्द ही कलेक्टर के साथ होने वाली बैठक में वह रिपोर्ट पेश करेंगे। सभी निर्माणकर्ताओं को दस्तावेज पेश करने का समय दिया था, लेकिन अधिकांश ने अनुमति संबंधी दस्तावेज नहीं दिए हैं। ऐसे में जल्द ही जिला प्रशासन, नगर निगम के साथ मिलकर अतिक्रमणों को तोड़ने की बड़ी कार्रवाई कर सकता है।     बड़े तालाब के एफटीएल से 50 मीटर दायरे में सीमांकन की कार्रवाई लगभग पूरी हो चुकी है। राजस्व अमले ने अतिक्रमण चिह्नित किए हैं, जिनके निर्माण हैं उन्हें दस्तावेज पेश करने का समय दिया गया था। अब जल्द ही अतिक्रमण हटाने और तालाब को संरक्षित करने की कार्रवाई की जाएगी। कौशलेंद्र विक्रम सिंह, कलेक्टर  

बड़े तालाब में अतिक्रमण पर कड़ी कार्रवाई, IAS बंगला और 200 अन्य अवैध निर्माण चिन्हित

भोपाल  राजधानी भोपाल की लाइफलाइन कहे जाने वाले बड़े तालाब को अतिक्रमण से मुक्त कराने की कार्रवाई तेज हो गई है. प्रशासन ने सर्वे के बाद बड़ा तालाब के एफटीएल (फुल टैंक लेवल) और 50 मीटर दायरे में बने करीब 200 अवैध निर्माणों को चिन्हित कर लिया है, जिनमें एक आईएएस के बंगले के साथ 150 से अधिक झुग्गियां भी शामिल हैं। अलग से एडिशनल कलेक्टर तैनात करने की मांग बड़े तालाब के सीमांकन के बीच भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने साफ कहा है कि "तालाब क्षेत्र में बने किसी भी अवैध निर्माण को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह धार्मिक स्थल ही क्यों न हो. उन्होंने तालाब संरक्षण और अतिक्रमण हटाने के लिए अलग से एडिशनल कलेक्टर तैनात करने की मांग भी की है। 'प्रभावशाली लोगों के खिलाफ भी होगी कार्रवाई' सांसद आलोक शर्मा ने कहा कि "भोपाल का बड़ा तालाब इस शहर की जीवनरेखा है. करीब 1100 वर्ष पहले राजा भोज ने इसका निर्माण कराया था और आज भी शहर की आधी से ज्यादा आबादी इसी तालाब के पानी पर निर्भर है. तालाब के एफटीएल क्षेत्र और आसपास किसी भी तरह का अतिक्रमण स्वीकार नहीं किया जाएगा. यदि किसी प्रभावशाली व्यक्ति ने भी नियमों का उल्लंघन किया है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। 'बड़े तालाब को लेकर मुख्यमंत्री से करेंगे चर्चा' सांसद आलोक शर्मा ने बताया कि "इस मुद्दे को लेकर वे जल्द ही मुख्यमंत्री से भी चर्चा करेंगे. साथ ही समय-समय पर समीक्षा बैठक कर तालाब संरक्षण की कार्रवाई को तेज किया जाएगा." उन्होंने कलेक्टर भोपाल से कहा है कि "प्रशासनिक कार्यों के बढ़ते दबाव को देखते हुए तालाब संरक्षण के लिए अलग से एक एडिशनल कलेक्टर की जिम्मेदारी तय की जाए और अतिक्रमण हटाने के लिए अलग दस्ता बनाया जाए। सीमांकन में सामने आए 200 अवैध निर्माण बड़े तालाब की सीमांकन प्रक्रिया इन दिनों लगातार जारी है. संत हिरदाराम नगर तहसील के राजस्व अमले ने गुरुवार को ग्राम लाउखेड़ी, बोरवन और बेहटा में एफटीएल और 50 मीटर दायरे का सीमांकन किया. इस दौरान करीब 150 से अधिक झुग्गियां चिन्हित की गईं, जिन पर अमले ने लाल निशान लगाए. सीमांकन के दौरान कुछ रहवासियों ने विरोध भी किया, लेकिन अधिकारियों ने टीएंडसीपी के नक्शे और एनजीटी व सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए कार्रवाई पूरी कराई। कई क्षेत्रों में हुई कार्रवाई जानकारी के अनुसार बड़े तालाब के सीमांकन की प्रक्रिया एक सप्ताह पहले वीआइपी रोड क्षेत्र से शुरू हुई थी. होली के अवकाश के कारण इसे बीच में रोका गया था, जिसे अब दोबारा शुरू किया गया है. गुरुवार को राजस्व, वन विभाग और नगर निगम की संयुक्त टीम ने टीएंडसीपी के नक्शे के अनुसार एफटीएल और 50 मीटर दायरे का सीमांकन किया. अमले ने ग्राम बोरवन में करीब 100 झुग्गियों पर लाल निशान लगाए, जबकि ग्राम बेहटा के ओल्ड डेयरी फार्म क्षेत्र में 60 से 70 झुग्गियां चिन्हित की गईं. इसके अलावा वीआइपी रोड, खानूगांव और हलालपुर क्षेत्र में भी कई निर्माण इस दायरे में पाए गए हैं। वीआईपी रोड से गांवों तक अतिक्रमण राजस्व अमले ने वीआईपी रोड, खानूगांव, हलालपुर, लाउखेड़ी, बोरवन और बेहटा में सीमांकन करते हुए करीब 200 निर्माण चिन्हित किए हैं. इनमें केके हाउस, सुपर बिल्डर, कोचिंग सेंटर, शासकीय बंगला, गुलबाग लॉन, एक आईएएस का बंगला, चादर शेड और बड़ी संख्या में झुग्गियां शामिल हैं। संत हिरदाराम नगर एसडीएम रविशंकर राय ने बताया कि "बड़े तालाब की सीमाएं चिन्हित करने की कार्रवाई लगातार जारी है. जिन निर्माणों पर लाल निशान लगाए गए हैं, उन पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

‘लाइफलाइन’ पर खतरा! मंत्री और IAS के बंगले भी अवैध दायरे में

भोपाल राजधानी की लाइफ-लाइन कहे जाने वाले बड़े तालाब को निगलने वाले रसूखदारों पर प्रशासन ने सीधा प्रहार शुरू कर दिया है। तालाब की सीमाओं को स्पष्ट करने के लिए शुरू हुआ सीमांकन अभियान बैरागढ़ वृत्त के वीआइपी रोड से होते हुए खानूगांव और हलालपुर तक पहुंच गया है। इसके तहत लाल-पीले निशान तालाब की सीमा को चिह्नित करने के लिए लगाए गए हैं। सीमांकन के दौरान फुल टैंक लेवल (एफटीएल) और उसके 50 मीटर के प्रतिबंधित दायरे में 50 से अधिक निर्माण मिले हैं। इनमें आलीशान बंगले, रिसार्ट, मैरिज गार्डन, क्लब, गोदाम और फैक्ट्रियां शामिल हैं। अवैध निर्माणों पर चला प्रशासन का बुलडोजर शनिवार को हलालपुर में मोहम्मद अमीन खान के द्वारा बनाए गए गोदाम, शकील खान द्वारा बनाए गए रायल, क्रिसेंट मैरिज गार्डन की 100 मीटर लंबी स्थायी सुरक्षा दीवार को ढहाकर प्रशासन ने अपने इरादे साफ कर दिए हैं। शनिवार को अवैध निर्माण तोड़ने की कार्रवाई के दौरान एफटीएल और 50 मीटर दायरे में निर्माण करने वाले लोगों ने दस्तावेज पेश करने के लिए दो से तीन दिन की मोहलत मांगी थी। एसडीएम बैरागढ़ रविशंकर राय ने उन्हें चेतावनी दी है कि वह अनुमति के दस्तावेज पेश करें, जिनकी जांच कराई जाएगी। इसके बाद दोबारा से अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाने की कार्रवाई की जाएगी। हुजूर में सीमांकन शुरू, टीटीनगर को नक्शे का इंतजार हुजूर तहसील क्षेत्र में सीमांकन की कार्रवाई शनिवार से शुरू कर दी गई है। एसडीएम विनोद सोनकिया ने बताया कि भैंसाखेड़ी सहित अन्य गांवों में बड़ा तालाब की सीमा को चिह्नित किया गया है जहां पर अधिकांश क्षेत्र में खेती की जा रही है। वहीं, टीटीनगर वृत्त को टीएंडसीपी से नक्शा मिलने का इंतजार है। एसडीएम अर्चना शर्मा ने नक्शे के लिए टीएंडसीपी को पत्र भी लिखा है। नक्शा मिलते ही तालाब का सीमांकन शुरू कर सीमाओं को चिह्नित किया जाएगा। तालाब की जद में आए कई बड़े और रसूखदार निर्माण यह बड़े निर्माण अब तक आए तालाब की जद में वीआइपी रोड से बुधवार को शुरू हुए बड़े तालाब के सीमांकन के दौरान कई बड़े निर्माण इसकी सीमा के अंदर होना मिले हैं, जिनमें राज्यमंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल को आवंटित शासकीय बांग्ला, केके हाउस, सुपर बिल्डर की बिल्डिंग, कोचिंग सेंटर, गुलबाग लान, आइएएस के बंगले का कुछ हिस्सा, आर्मी वाटर स्पोर्ट्स सेंटर, भैंस डेरी, पक्के मकान, गोदाम, स्टील फैक्ट्री, मैरिज गार्डन आदि शामिल हैं। प्रशासन ने सभी को दस्तावेज पेश करने का समय दिया है, जिनकी जांच पड़ताल कर होली के बाद चिह्नित निर्माणों को तोड़ने की कार्रवाई शुरु होगी।  

भोपाल के बड़ा तालाब पर VIP निर्माणों का कब्जा, कांग्रेस विधायक के संस्थान पर भी लगा लाल निशान

 भोपाल  राजधानी भोपाल वासियों की लाइफलाइन कहे जाने वाले बड़े तालाब की सीमा तय करने के लिए किए जा रहे सीमांकन के दौरान कई चौंकाने वाले कब्जे देखने को मिले। नायब तहसीलदार के.के पंडोले के नेतृत्व में आरआई और पटवारियों ने शुक्रवार की दोपहर 02 बजे से सीमांकन कार्रवाई शुरू की, जो शाम 05 बजे तक चली। बता दें कि, बुधवार से शुरू हुए बड़े तालाब के सीमांकन के दौरान कैचमेंट दायरे 50 मीटर में राज्यमंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल को आवंटित शासकीय बंगला, के.के हाउस, गुलबाग लॉन, आईएएस मुजीबउर्रहमान के बंगले का हिस्सा समेत 25 से अधिक निर्माण चिह्नित किए गए थे। चार घंटे चला सीमांकन बताया जा रहा है कि, राजस्व अमला सीमांकन करते हुए खानूगांव स्थित कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद के इंदिरा प्रियदर्शनी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स पहुंचा, जहां तालाब के फुल टैंक लेवल से सीमांकन करते हुए 50 मीटर कैचमेंट दायरा तय करने पर सामने आया कि, शैक्षणिक संस्थान कैचमेंट क्षेत्र के पास ही बना है। यहां पटवारी अरविंद गिरी ने नायब तहसीलदार के.के पंडोले की निगरानी ने लाल निशान लगाकर तालाब की सीमा निर्धारित की। आर्मी वाटर स्पोर्ट केंद्र के बाद मिले अवैध निर्माण राजस्व अमले ने बड़ा तालाब के कैचमेंट क्षेत्र में सेना के वाटर स्पोर्ट सेंटर के आगे जब सीमांकन किया तो कैचमेंट में पक्के मकान, बाउंड्री वाल, रेस्टोरेंट, फैक्ट्री आदि का निर्माण होना मिला। इतना ही नहीं, कुछ दूर चलने के बाद पता चला कि एक बड़े फार्म हाउस की तरह निर्माण कैचमेंट में किया जा रहा था। इसके पास ही भैंस भी बंधी हुई थीं। यहां मजदूर दीवार उठाने का काम कर रहे थे। पूछताछ में उन्होंने आदिल नाम के व्यक्ति द्वारा निर्माण कार्य किया जाना बताया। यह निर्माण करीब दो एकड़ से अधिक जमीन में किया जा रहा था, जिसे नायब तहसीलदार ने चिह्नित करवाया है। उन्होंने मौके पर बताया कि अब तक का यह सबसे बड़ा अतिक्रमण कैचमेंट क्षेत्र में मिला है, जिसे जल्द से जल्द जमींदोज करने की कार्रवाई की जाएगी। कैचमेंट में झुग्गी सहित धार्मिक स्थल खानूगांव में बड़ा तालाब के कैचमेंट में एक-दो नहीं, बल्कि दो दर्जन से अधिक अवैध मकान मिले हैं। सीमांकन के दौरान एक परिवार तालाब के अंदर ही झुग्गी बनाकर रहता हुआ मिला। पटवारी ने मौके पर ही बच्चों से जानकारी ली। इसके आगे कुछ लोगों ने तालाब किनारे स्थित जमीन पर निजी संपत्ति का बोर्ड लगा रखा था। यहां आगे ही राजस्व अमले ने कैचमेंट में बने एक धार्मिक स्थल के कुछ हिस्से को भी चिह्नित किया है। पहले भी जारी हुए हैं आदेश NGT की सेंट्रल बेंच ने 15 फरवरी को आर्या श्रीवास्तव की पिटीशन पर अपने ऑर्डर में भोपाल म्युनिसिपल कमीशन (BMC) के वकील से सख्ती से कहा था कि वह जमीन पर टाइटल या हक तय करने के लिए नहीं है, बल्कि अतिक्रमण हटाना चाहता है। उन्होंने कहा कि भदभदा की तरफ अपर लेक के किनारे 35 अतिक्रमण पहचाने गए थे, लेकिन लोकल लोगों के विरोध के कारण सिर्फ 9 ही हटाए जा सके। कुछ मामलों में, पार्टियों के अधिकार, टाइटल और हित को लेकर कोर्ट में केस पेंडिंग है। कांग्रेस नेता की जमीन भी कैचमेंट में इसी के पास स्थित स्कूल के मैदान से होते हुए अमला आगे बढ़ा तो कांग्रेस नेता अरुणेश्वर सिंहदेव की जमीन का कुछ हिस्सा कैचमेंट में पाया गया, जिसमें खेती चल रही है। बता दें कि, 04 महीने पहले खानूगांव में जब राजस्व अमले ने सीमांकन किया था, तब कांग्रेस विधायक के शैक्षणिक संस्थान के पीछे कीचड़-दलदल होने की वजह से निशान लगाया था, लेकिन तब तक कैचमेंट की सीमा तय नहीं हुई थी। कहां मिले कब्जे     टीटी नगर अनुभाग के ग्राम सेवनिया गौड़, धर्मपुरी, प्रेमपुरा, आमखेड़ा, पीपलखेड़ी, कोटरा सुल्तानाबाद, बरखेड़ी खुर्द में कुल 108 निर्माण मिले हैं। इनमें अधिकांश पक्के मकान शामिल हैं, जबकि कुछ झुग्गियां भी हैं। भदभदा इलाके में दो दिन पहले कार्रवाई भी हुई है, जबकि आगे बड़े स्तर पर कार्रवाई की तैयारी है।     खानूगांव के आसपास 3 मकान, हलालपुरा में 7, कोहेफिजा में 35 मकान दायरे में आ रहे हैं।     खानूगांव में 15 सरकारी जमीन पर कब्जे सामने आए हैं। शुक्रवार को विधायक आरिफ मसूद के कॉलेज की बाउंड्रीवॉल के पास भी राजस्व अमले ने लाल निशान लगाए हैं।     वीआईपी रोड पर एक मंत्री और आईएएस के बंगले के पास भी लाल निशान लगाए जा चुके हैं।     हुजूर के मुगालिया छाप, खजूरी में सीमांकन चल रहा है। यहां भी बड़े स्तर पर अतिक्रमण मिला है। होली से पहले पूरा होगा सीमांकन कलेक्टर सिंह ने बड़ा तालाब के आसपास के हिस्से के अधिकार क्षेत्र वाले सभी एसडीएम को होली से पहले हर हाल में सीमांकन पूरा करने को कहा है। साथ ही एमपी पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड को वाटर बॉडी में मिलने वाले गंदे नालों का पता लगाने की बात कही गई है। पानी को दूषित करने वाले सभी सोर्स का पता लगाया जाएगा। ऐसे दो स्तर पर होगी कार्रवाई बता दें कि वेटलैंड एक्ट 16 मार्च 2022 को लागू हुआ था। ऐसे में इसके बाद एफटीएल के दायरे में होने वाले सभी निर्माण एक तरह से अवैध ही माने जाएंगे। चाहे इसे लेकर निगम या पंचायत स्तर से कोई भी अनुमति दी ही क्यों न गई हो। शहर में 50 मीटर और ग्रामीण में 250 मीटर का पैमाना निर्धारित है। यदि इससे पहले का कोई निर्माण है, लेकिन वह तालाब की जद में आ रहा है तो संबंधित से नगर निगम, पंचायत, टीएंडसीपी, पर्यावरण, वन आदि संबंधित विभागों की अनुमति के बारे में दस्तावेज मांगे जाएंगे। साथ ही परमिशन देने वालों की जानकारी भी ली जाएगी। अब तक 3 बार सर्वे, ठोस कार्रवाई नहीं बता दें कि बड़ा तालाब का बीते दस साल में 3 बार सर्वे हो चुका है। इनमें बड़ी संख्या में अतिक्रमण सामने आए, लेकिन सर्वे रिपोर्ट का आज तक पता नहीं है। इस वजह से बैरागढ़, खानूगांव, सूरज नगर, गौरागांव, बिसनखेड़ी समेत कई जगहों पर अतिक्रमण हुए। कई मैरिज गार्डन, फार्म हाउस, स्कूल-कॉलेज, घरों की सीमाएं बड़ा तालाब में हैं। 5 प्वॉइंट में पढ़िए पूरी खबर का सार 1. रामसर साइट और वेटलैंड नियमों के तहत तालाब के FTL (Full Tank Level) से 50 मीटर … Read more

भोपाल के बड़ा तालाब में 50 मीटर के दायरे में अवैध निर्माण, खानूगांव में 15 सरकारी जमीनों पर कब्जे

भोपाल: SDM की लीडरशिप में डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन की टीमें अपर लेक के फुल टैंक लेवल से नो-कंस्ट्रक्शन जोन की पहचान करने और उस एरिया में कब्ज़ों की पहचान करने के लिए एक और सर्वे कर रही हैं। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या यह काम आखिरकार अपने लॉजिकल नतीजे पर पहुंचेगा। अपर लेक के आसपास के कब्ज़ों को हटाने का काम नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) और कोर्ट के निर्देश पर पहले कम से कम तीन बार किया जा चुका है और फिर भी अपर लेक के किनारों पर कब्जे साल भर में बढ़ते रहे हैं। ये इलाके हैं नो-कंस्ट्रक्शन जोन लेक के फुल टैंक लेवल से 50 मीटर का एरिया, जो भोज वेटलैंड और रामसर साइट का भी हिस्सा है, वेटलैंड नियमों के तहत नो-कंस्ट्रक्शन जोन है और अभी भी इस जोन में सैकड़ों फार्म हाउस, बंगले, मैरिज हॉल, रेस्टोरेंट से लेकर छोटे घर और झुग्गियां बनी हुई हैं। इन सब में बिशनखेड़ी, सूरज नगर, खानूगांव, बैरागढ़ और ऐसे एरिया सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। टास्क फोर्स ने नया सर्वे शुरू किया डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर द्वारा बनाई गई 17 लोगों की टास्क फोर्स को ADM अंकुर मेश्राम लीड कर रहे हैं। यह टीम झील के आसपास के मना किए गए एरिया में सर्वे और डिमार्केशन और बाद में पहचाने गए अतिक्रमणों को हटाने के प्रोसेस पर नजर रखेगी। जब उनसे पूछा गया कि क्या डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन इस बार अतिक्रमण हटाने को लेकर सीरियस है, तो उन्होंने कहा, 'प्रोसेस पहले ही शुरू हो चुका है। अगर आपके मन में कोई खास स्ट्रक्चर है और जब उसे गिरा दिया जाता है, तभी आप मानेंगे कि अतिक्रमण हटाया जा रहा है, यह एक अलग बात है।' उन्होंने कहा कि, 'मैं यह साफ कर दूं कि टास्क फोर्स न तो सर्वे में शामिल होगी और न ही अतिक्रमणों को गिराने में शामिल होगी। यह काम संबंधित SDM की लीडरशिप वाली टीमों को करना है और वे काम पर हैं। जब हम बात कर रहे हैं, तब SDM, टी टी नगर, अपने अधिकार क्षेत्र में कहीं न कहीं तोड़फोड़ कर रही हैं।' जब उनसे पूछा गया कि जब हाल ही में दो बार सर्वे हो चुका है, तो सर्वे क्यों जरूरी है, तो उन्होंने कहा, 'अगर कोई SDM कहता है कि उसके पास इलाके में अतिक्रमण की पूरी लिस्ट है और इलाके में सीमांकन भी पूरा हो गया है, तो हमें कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन जहां काम अधूरा है, उन्हें इसे पूरा करके टास्क फोर्स को रिपोर्ट करना होगा. टास्क फोर्स में कौन-कौन? उन्होंने बताया कि टास्क फोर्स में रेवेन्यू, बीएमसी, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग, MP पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड जैसे सभी संबंधित डिपार्टमेंट के सदस्य, सभी SDM, पुलिस अधिकारी और दो प्राइवेट सदस्य हैं, जो एनवायरनमेंट एक्टिविस्ट हैं। इस हफ्ते की शुरुआत में लोकल MP आलोक शर्मा की मीटिंग के बाद टास्क फोर्स बनाई गई थी, जिसमें अपर लेक के आस-पास से अतिक्रमण हटाने पर चर्चा की गई थी। सांसद क्या बोले? भोपाल से सांसद आलोक शर्मा ने पर्यावरण पर संसद की स्टैंडिंग कमिटी के सदस्य के तौर पर पहल की थी। जब उनसे पूछा गया कि यह काम कितना आगे जाएगा, तो उन्होंने कहा, 'मैं अपर लेक को बचाना चाहता हूं। मेरे लिए, यह भोपाल की शान है। अजीब बात है, राजा भोज ने 11वीं सदी में यह खूबसूरत इंसानों की बनाई बड़ी झील बनवाई और हम इसे बर्बाद कर रहे हैं, जबकि यह हमारे लिए पीने के पानी का सोर्स है।' कब्जा हटाना क्यों है मुश्किल? कमेटी के प्राइवेट मेंबर नितिन श्रीवास्तव ने कहा, 'अगर कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह की नीयत भी अच्छी हो, तो भी इस काम में दो बड़ी दिक्कतें हैं। एक, कुछ लोग भोपाल के पुराने राजाओं के हबीनामा या इनायतनामा दिखाते हैं या कागजात दिखाते हैं कि जिस जमीन पर उनका कब्जा है, वह वक्फ बोर्ड की है। आपके पास अमीर और ताकतवर लोग हैं, जिनके जमीन पर फार्महाउस और बंगले या होटल या मैरिज गार्डन हैं और एडमिनिस्ट्रेशन उन पर एक्शन लेने से कतराता है।' पहले भी जारी हुए हैं आदेश NGT की सेंट्रल बेंच ने 15 फरवरी को आर्या श्रीवास्तव की पिटीशन पर अपने ऑर्डर में भोपाल म्युनिसिपल कमीशन (BMC) के वकील से सख्ती से कहा था कि वह जमीन पर टाइटल या हक तय करने के लिए नहीं है, बल्कि अतिक्रमण हटाना चाहता है। उन्होंने कहा कि भदभदा की तरफ अपर लेक के किनारे 35 अतिक्रमण पहचाने गए थे, लेकिन लोकल लोगों के विरोध के कारण सिर्फ 9 ही हटाए जा सके। कुछ मामलों में, पार्टियों के अधिकार, टाइटल और हित को लेकर कोर्ट में केस पेंडिंग है। 5 प्वॉइंट में पढ़िए पूरी खबर का सार 1. रामसर साइट और वेटलैंड नियमों के तहत तालाब के FTL (Full Tank Level) से 50 मीटर तक कोई भी पक्का निर्माण पूरी तरह प्रतिबंधित है। 2. बिशनखेड़ी, सूरज नगर, खानूगांव और बैरागढ़ में सबसे ज्यादा अवैध निर्माण चिन्हित किए गए हैं, जिनमें रसूखदारों के बंगले और मैरिज हॉल शामिल हैं। 3. NGT के निर्देशों पर पहले भी तीन बार सर्वे हो चुका है, लेकिन इस बार टास्क फोर्स में राजस्व, पुलिस और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के साथ पर्यावरणविद भी शामिल हैं। 4. हब्बीनामा, इनायतनामा और वक्फ बोर्ड की जमीनों के दावों के कारण प्रशासन को कड़ी चुनौती मिल रही है, जिसे लेकर NGT पहले ही नाराजगी जता चुका है। 5. SDM टी.टी. नगर ने अपने क्षेत्र में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी है, जो संकेत है कि इस बार मामला केवल कागजों तक सीमित नहीं रहेगा

भोपाल के बड़े तालाब में होगी 8वीं इंटर स्टेट चैलेंजर्स एवं 45वीं जूनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप

मुख्मंत्री डॉ. यादव करेंगे प्रतियोगिता का शुभारंभ मंत्री सारंग ने आयोजन स्थल का किया निरीक्षण भोपाल भोपाल के बड़े तालाब में खेल एवं युवा कल्याण विभाग तथा भारतीय रोइंग संघ के तत्वावधान में 8वीं इंटर स्टेट चैलेंजर्स एवं 45वीं जूनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप का आयोजन 26 से 30 नवंबर तक किया जा रहा है। इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में 23 राज्यों के लगभग 500 खिलाड़ी प्रतिभागिता करेंगे।खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने सोमवार को आयोजन स्थल पहुंचकर तैयारियों का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएँ अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुसार समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए, जिससे देशभर से आने वाले खिलाडियों और अधिकारियों को उत्कृष्ट अनुभव प्राप्त हो सकें। निरीक्षण के दौरान मंत्री सारंग ने आयोजन स्थल की व्यवस्थाओं, सुरक्षा प्रबंधों, खिलाड़ियों के प्रशिक्षण क्षेत्रों, उपकरणों की उपलब्धता एवं तकनीकी तैयारियों का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ यादव करेंगे शुभारंभ मंत्री सारंग ने बताया कि प्रतियोगिता का शुभारंभ 26 नवंबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बड़े तालाब के प्राकृतिक और अद्भुत सौंदर्य के बीच होने वाली यह प्रतियोगिता खिलाड़ियों और दर्शकों को एक अनूठा अनुभव प्रदान करेगी। राष्ट्रीय स्तर की वॉटर स्पोर्ट्स प्रतियोगिता का प्रमुख केंद्र बन रहा मध्यप्रदेश मंत्री सारंग ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर की वॉटर स्पोर्ट्स प्रतियोगिता का मध्यप्रदेश प्रमुख केंद्र बन रहा है। इस तरह के चैंपियनशिप के आयोजन से मध्यप्रदेश में वॉटर स्पोर्ट्स को और बढ़ावा मिलेगा तथा युवा खिलाड़ियों को नए अवसर प्राप्त होंगे। बड़े तालाब का विस्तृत क्षेत्र और अनुकूल जल परिस्थितियाँ देश के प्रमुख वॉटर स्पोर्ट्स प्रतियोगिता स्थलों में से एक हैं। भोपाल का बड़ा तालाब वॉटर स्पोर्ट्स प्रतियोगिताओं के लिए एक बेहद खूबसूरत और उपयोगी डेस्टिनेशन मंत्री सारंग ने कहा कि भोपाल में इस स्तर की प्रतियोगिता का आयोजन होना प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। भोपाल का बड़ा तालाब वॉटर स्पोर्ट्स प्रतियोगिताओं के लिए एक बेहद खूबसूरत और उपयोगी डेस्टिनेशन है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश वर्तमान में नेशनल रोइंग खेल में नेशनल चैंपियन भी है। यह हमारे खिलाड़ियों की मेहनत और प्रदेश की खेल नीतियों का परिणाम है। इस तरह की प्रतियोगिताओं से प्रदेश के वॉटर स्पोर्ट्स खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए एक उत्कृष्ट मंच मिलेगा। विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप व्यवस्थाएं करें सुनिश्चित मंत्री सारंग ने निरीक्षण के दौरान प्रतियोगिता के लिए सुरक्षा, चिकित्सा, जलपोत प्रबंध, टेक्निकल टीम, रेस ट्रैक मार्किंग सहित सभी व्यवस्थाओं को विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों, अधिकारियों एवं दर्शकों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।