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मेट्रो का रोमांचक सफर: भोपाल में मार्च से शुरू होगा रैंप निर्माण, ट्रेन जाएगी जमीन से ऊपर

 भोपाल  शहर में मेट्रो परियोजना के लिए तकनीकी रूप से सबसे महत्वपूर्ण माने जा रहे मेट्रो रैंप निर्माण का काम मार्च से शुरू होने की संभावना है। यह मेट्रो रैंप पुल पातरा और सिंधी कॉलोनी क्षेत्र के पास प्रस्तावित है, जो अंडरग्राउंड और एलिवेटेड मेट्रो कारिडोर को आपस में जोड़ेगा। मेट्रो ट्रेन भूमिगत सेक्शन से बाहर निकलकर एलिवेटेड ट्रैक पर दौड़ेगी, इसलिए इसका निर्माण पूरे प्रोजेक्ट के लिए बहुत अहम माना जा रहा है। हालांकि, फिलहाल निर्माण की राह में कई अड़चनें हैं। पहली पुल पातरा की ओर टिंबर मार्केट, जो रैंप निर्माण में बाधा बना हुआ है। इसके शिफ्ट होने के बाद यहां सबसे पहले रैंप का निर्माण शुरू किया जाएगा। वहीं, दूसरी सिंधी कॉलोनी क्षेत्र में मकान और दुकानें रैंप के दायरे में आ रहे हैं। यह मामला अभी ज्वाइंट सर्वे में उलझा हुआ है। मेट्रो प्रबंधन अपनी ओर से सर्वे पूरा कर चुका है, लेकिन जिला प्रशासन की तरफ से सर्वे प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हो पाई है। मेट्रो के अधिकारी बताते हैं कि टिंबर मार्केट की शिफ्टिंग को लेकर गुरुवार को लॉटरी है। इसके बाद टिंबर मार्केट की दुकानें शिफ्ट होने लगेंगी। इसलिए रैंप बनाने के काम की शुरुआत सबसे पहले पुल पतारा से होगी। ट्रैफिक डायवर्जन के लिए कार्ययोजना की जा रही तैयार निर्माण के दौरान यातायात व्यवस्था को लेकर मेट्रो प्रबंधन ने योजना तैयार करने को कहा है। मेट्रो रैंप निर्माण कार्य के दौरान क्षेत्र में आंशिक ट्रैफिक डायवर्जन किया जाएगा, ताकि आम लोगों को कम से कम परेशानी हो। कुल मिलाकर मेट्रो रैंप निर्माण मेट्रो परियोजना को नई गति देने वाला अहम कदम साबित होगा। मेट्रो रैंप निर्माण को लेकर टेस्ट पाइल का कार्य जारी है और अतिक्रमण हटने के बाद ज्वाइंट सर्वे किया जाएगा। उम्मीद जताई जा रही है कि अगले सप्ताह ज्वाइंट सर्वे हो सकता है। इसके बाद जिन मकानों और दुकानों का निर्माण कार्य में हस्तक्षेप हो रहा है, उन्हें मुआवजा देकर भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई की जाएगी। मेट्रो रैंप का निर्माण शुरू होते ही अंडरग्राउंड सेक्शन के काम को भी तय समय सीमा में पूरा करने में मदद मिलेगी। टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) समेत अन्य जरूरी मशीनरी साइट पर पहुंचने लगी है। रेलवे स्टेशन के पास अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशन के लिए खुदाई पहले ही शुरू हो चुकी है। टनल बोरिंग मशीन के जरिए अंडर ग्राउंड कारिडोर बनाया जाना है।

भोपाल मेट्रो में यात्रियों की कमी, शेड्यूल में बदलाव—अब ट्रेन चलेगी दोपहर से शाम तक

भोपाल  राजधानी भोपाल में जल्दबाजी में शुरू की गई मेट्रो सेवा अब सवालों के घेरे में है. एक ओर मेट्रो स्टेशनों और रूट को लेकर खामियां सामने आईं, तो दूसरी ओर आधे-अधूरे कॉरिडोर पर चलाई जा रही मेट्रो अब सवारी की कमी से जूझ रही है. हालत यह है कि संचालन के महज 15 दिन में ही भोपाल मेट्रो की रफ्तार थमने लगी है और संचालन समय व ट्रिप में कटौती करनी पड़ रही है. 21 दिसंबर से आम यात्रियों के लिए शुरु हुआ था संचालन भोपाल मेट्रो को 20 दिसंबर 2025 को केंद्रीय शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हरी झंडी दिखाकर किया था. जबकि इसके अगले दिन 21 दिसंबर से आम जनता के लिए मेट्रो के गेट खोल दिए गए. शुरुआती एक-दो दिन लोगों में उत्सुकता दिखी और करीब 5 से 6 हजार यात्रियों ने मेट्रो में सफर किया. लेकिन यह उत्साह ज्यादा दिन टिक नहीं सका. दिन गुजरने के साथ यात्रियों की संख्या लगातार घटती चली गई. अब सुबह 9 बजे से नहीं होगा संचालन वर्तमान में स्थिति यह हो गई कि अब रोजाना केवल 500 से 800 यात्री ही मेट्रो का इस्तेमाल कर रहे हैं. कई बार पूरी की पूरी ट्रेन बिना यात्रियों के ही स्टेशन से गुजरती नजर आ रही है. यात्रियों की इस भारी कमी ने मेट्रो कॉर्पोरेशन की चिंता बढ़ा दी है. इसी के चलते भोपाल मेट्रो कॉर्पोरेशन ने संचालन शेड्यूल में बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है. अब सुबह 9 बजे की जगह दोपहर 12 बजे से मेट्रो का संचालन होगा. अब दोपहर से शाम तक 13 ट्रिप चलेगी टाइम टेबल में बदलाव के साथ भोपाल मेट्रो में ट्रिप की संख्या भी 17 से घटाकर 13 कर दी गई है. नया शेड्यूल 5 जनवरी यानि आज से प्रभावी रहेगा. नए शेड्यूल के अनुसार, मेट्रो दोपहर 12 बजे से शाम साढ़े 7 बजे तक ही चलेगी. पहली ट्रेन दोपहर 12 बजे एम्स स्टेशन से रवाना होकर 12 बजकर 25 मिनट पर सुभाष नगर स्टेशन पहुंचेगी. इसके बाद 12 बजकर 40 मिनट पर सुभाष नगर से रवाना होकर 1 बजकर 5 मिनट पर एम्स पहुंचेगी. इस तरह मेट्रो लगभग 75 मिनट के अंतराल में अपनी राउंड ट्रिप पूरी करेगी. इस तरह घटता गया यात्रियों का ग्राफ यात्रियों के आंकड़े भी मेट्रो की गिरती साख को बयां कर रहे हैं. 21 दिसंबर से 2 जनवरी तक कुल 29 हजार यात्रियों ने भोपाल मेट्रो में सफर किया. पहले दिन 6 हजार 568 यात्रियों ने मेट्रो का इस्तेमाल किया. 22 दिसंबर को 2 हजार 896 यात्रियों. 23 को 2 हजार 163 यात्रियों, 24 को 1 हजार 787 यात्रियों, 25 को 4 हजार 264 यात्रियों, 26 को 1 हजार 473 यात्रियों, 27 को 1200 यात्रियों, 28 को 2 हजार 349 यात्रियों, 29 को 1100 यात्रियों, 30 को 967 यात्रियों, 31 को 1 हजार 113 यात्रियों, एक जनवरी को 2 हजार 23 और दो जनवरी को सिर्फ 1 हजार 65 यात्रियों ने ही सफर किया. सवारियों को आकर्षित करना बड़ी चुनौती आर्किटेक्ट और टाउन प्लानर सुयश कुलश्रेष्ठ का कहना है कि, ''भोपाल में मेट्रो जिस मार्ग पर चल रही है, वहां मेट्रो के अलावा बस व अन्य साधन भी मौजूद हैं. इसके साथ ही भोपाल मेट्रो में एम्स से सुभाष नगर तक करीब 7 किलोमीटर पहुंचने में 35 से 40 मिनट लग रहे हैं. जबकि इसी मार्ग पर महज 10 से 15 मिनट में किसी अन्य परिवहन से पहुंचा जा सकता है.'' कुलश्रेष्ठ ने कहा कि, ''इतने कम समय में शेड्यूल बदलने और ट्रिप घटाने को लेकर सोशल मीडिया पर भी मेट्रो को लेकर तंज कसे जा रहे हैं. फिलहाल भोपाल मेट्रो के सामने सबसे बड़ी चुनौती लोगों को आकर्षित करना और नियमित सवारी बढ़ाना है.'' शाम को 30 मिनट बढ़ाया गया मेट्रो का समय भोपाल मेट्रो के समय में बदलाव क्यों किया गया है, इसको लेकर कोई भी अधिकारी बयान देने से बच रहे हैं. मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कार्पेारेशन के एमडी कृष्णा चैतन्य का कहना है कि, ''सुबह ठंड के कारण लोग कम निकलना पसंद कर रहे हैं. जिससे सुबह के समय लोगों की संख्या कम रहती है. लेकिन दोपहर के बाद सवारियों की भीड़ बढ़ती है. इसलिए पहले मेट्रो का संचालन शाम 7.25 बजे तक किया जा रहा था, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 7.55 बजे तक किया गया है.''

यात्री नहीं मिले तो बदला प्लान: भोपाल मेट्रो का 14 दिन में शेड्यूल रिवाइज

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की मेट्रो को अब एक चौथाई पैसेंजर भी नहीं मिल रहे हैं। यही कारण है कि, मेट्रो कॉर्पोरेशन ने शुरुआत के सिर्फ 14 दिन बाद मेट्रो की टाइमिंग में बदलाव करने के साथ ही ट्रिप भी घटा दी है। अब मेट्रो एम्स स्टेशन से सुबह 09 बजे की बजाय 03 घंटे की देरी से दोपहर 12 बजे शुरू होगी, जबकि यही से शाम साढ़े सात बजे आखिरी ट्रिप चलेगी। नया शेड्यूल 05 जनवरी से लागू होने जा रहा है। भोपाल मेट्रो का उद्घाटन 20 दिसंबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने किया था। इसके अगले दिन यानी 21 दिसंबर से कमर्शियल रन शुरू हो गया। इस दिन से आम लोग मेट्रो में सफर करने लगे। ऐसे में कमर्शियल रन के पहले दिन मेट्रो में सफर करने को लेकर लोगों में उत्साह देखने को मिला था। इस दौरान 6568 पैसेंजर सवार हुए थे। अब करीब एक हजार यात्री मेट्रो में हो रहे सवार वहीं, अब एक हजार के आसपास ही यात्री मेट्रो में सवार हो रहे हैं। इस वजह से मेट्रो कॉर्पोरेशन ने टाइमिंग और ट्रिप दोनों में बदलाव कर दिया है।   ऐसा रहेगा नया शेड्यूल -मेट्रो अब 3 घंटे देरी से दोपहर 12 बजे से चलेगी।, जबकि रात 7:55 बजे तक इसका संचालन होगा -शाम 7:30 बजे एम्स से सुभाष नगर के बीच आखिरी मेट्रो दौड़ेगी, जो 25 मिनट में सुभाष नगर स्टेशन पहुंचेंगी। -पहले की तरह 75 मिनट के अंतराल में मेट्रो मिलेगी। यानी, एक गाड़ी छूटने के बाद दूसरी गाड़ी सवा घंटे बाद ही मिल सकेगी। -पहले दोनों ओर कुल 17 ट्रिप लगाई जा रही थी, जो घटाकर 13 कर दी गई है। -एम्स से सुभाषनगर के बीच सात और सुभाषनगर से एम्स के बीच छह ट्रिप लगेगी।   अब ये रहेगी टाइमिंग -पहली मेट्रो दोपहर 12 बजे एम्स स्टेशन से शुरू होगी, जो दोपहर 12:40 बजे सुभाषनगर स्टेशन पहुंचेगी। -आखिरी मेट्रो शाम 7:30 बजे एम्स से शुरू होकर 7:55 बजे सुभाषनगर स्टेशन पर पहुंचेगी। किस दिन कितने पैसेंजर मिले -21 दिसंबर को मिले 6,568 पैसेंजर। -22 दिसंबर को मिले 2,896 पैसेंजर। -23 दिसंबर को मिले 2,163 पैसेंजर। -24 दिसंबर को मिले 1,787 पैसेंजर। -25 दिसंबर को मिले 4,264 पैसेंजर। -26 दिसंबर को मिले 1,473 पैसेंजर। -27 दिसंबर को मिले 1,200 पैसेंजर। -28 दिसंबर को मिले 2,349 पैसेंजर। -29 दिसंबर को मिले 1,100 पैसेंजर। -30 दिसंबर को मिले 9,67 पैसेंजर। -31 दिसंबर को मिले 1113 पैसेंजर। -01 जनवरी को मिले 2,023 पैसेंजर। -02 जनवरी को मिले 1,065 पैसेंजर।

भोपाल में मेट्रो को यात्री न मिलने से 14 दिन बाद ही घटाया समय और ट्रिप

भोपाल. भोपाल मेट्रो को अब एक चौथाई पैसेंजर भी नहीं मिल रहे हैं। यही कारण है कि मेट्रो कॉर्पोरेशन ने शुरुआत के सिर्फ 14 दिन बाद ही मेट्रो की टाइमिंग में बदलाव करने के साथ ही ट्रिप भी घटा दी है। अब मेट्रो एम्स स्टेशन से सुबह नौ बजे की बजाय तीन घंटे की देरी से दोपहर 12 बजे शुरू होगी, जबकि यही से शाम साढ़े सात बजे आखिरी ट्रिप चलेगी। नया शेड्यूल पांच जनवरी से लागू होगा। भोपाल मेट्रो का उद्घाटन 20 दिसंबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मनोहरलाल ने किया था। इसके अगले दिन यानी 21 दिसंबर से कमर्शियल रन शुरू हो गया। इस दिन से आम लोग मेट्रो में सफर करने लगे। ऐसे में कमर्शियल रन के पहले दिन मेट्रो में सफर करने को लेकर लोगों में उत्साह देखने को मिला था। इस दौरान 6568 पैसेंजर सवार हुए थे। अब करीब एक हजार यात्री मेट्रो में हो रहे सवार वहीं, अब एक हजार के आसपास ही यात्री मेट्रो में सवार हो रहे हैं। इस वजह से मेट्रो कॉर्पोरेशन ने टाइमिंग और ट्रिप दोनों में बदलाव कर दिया है। ऐसा रहेगा नया शेड्यूल मेट्रो अब तीन घंटे देरी से दोपहर 12 बजे शुरू होगी, जबकि रात 7:55 बजे तक यह चलेगी। शाम 7:30 बजे एम्स से सुभाष नगर के बीच आखिरी मेट्रो दौड़ेगी, जो 25 मिनट में सुभाष नगर स्टेशन पहुंचेंगी। पहले की तरह 75 मिनट के अंतराल में मेट्रो मिलेगी। यानी, एक गाड़ी छूटने के बाद दूसरी गाड़ी सवा घंटे बाद ही मिल सकेगी। पहले दोनों ओर कुल 17 ट्रिप लगाई जा रही थी, जो घटाकर 13 कर दी गई है। एम्स से सुभाषनगर के बीच सात और सुभाषनगर से एम्स के बीच छह ट्रिप लगेगी। अब ये रहेगी टाइमिंग पहली मेट्रो दोपहर 12 बजे एम्स स्टेशन से शुरू होगी, जो दोपहर 12:40 बजे सुभाषनगर स्टेशन पहुंचेगी। आखिरी मेट्रो शाम 7:30 बजे एम्स से शुरू होकर 7:55 बजे सुभाषनगर स्टेशन पर पहुंचेगी। किस दिन कितने पैसेंजर मिले 21 दिसंबरः 6,568 पैसेंजर 22 दिसंबरः 2,896 पैसेंजर 23 दिसंबरः 2,163 पैसेंजर 24 दिसंबरः 1,787 पैसेंजर 25 दिसंबरः 4,264 पैसेंजर 26 दिसंबरः 1,473 पैसेंजर 27 दिसंबरः 1,200 पैसेंजर 28 दिसंबरः 2,349 पैसेंजर 29 दिसंबरः 1,100 पैसेंजर 30 दिसंबरः 9,67 पैसेंजर 31 दिसंबरः 1113 पैसेंजर 01 जनवरीः 2,023 पैसेंजर 02 जनवरीः 1,065 पैसेंजर

भोपाल मेट्रो में लागू नए नियम, नो डिस्टरबेंस जोन में शांति बनाए रखना जरूरी, उल्लंघन पर सजा

भोपाल  भोपाल मेट्रो के शुरू होते ही प्रशासन यात्रियों की सुरक्षा को लेकर कोई भी कोर-कसर बाकी नहीं रखना चाहता, इसी का नतीजा है कि यात्रियों की सुविधाओं के साथ ही प्रशासन ने उनकी सुरक्षा को लेकर भी बड़ा कदम उठाया है। दरअसल मेट्रो प्रबंधन ने प्लेटफॉर्म पर बड़े-बड़े पोस्टर लगाए हैं। ये वही पोस्टर हैं, जिनपर लिखा है… भोपाल मेट्रो में सफर करने वाले यात्रियों को अब नियमों का सख्ती से पालन करना होगा। नियमों का उल्लंघन करने पर 6 महीने की जेल और जुर्माने समेत दोनों के तहत दंड दिए जाने का प्रावधान भी किया गया है। मेट्रो भोपाल में सफर करने से पहले… क्या करें और क्या न करें…? परिचालन और अनुरक्षण अधिनियम 2002 के तहत होगी सजा इन पोस्टर्स पर लिखे गए नियमों को लेकर यात्रियों को सख्त हिदायत दी गई है। यदि वे किसी भी नियम का उल्लंघन करते पाए गए, तो उनके खिलाफ मेट्रो रेलवे परिचालन और अनुरक्षण अधिनियम 2002 के तहत कार्रवाई की जाएगी। इस अधिनियम के मुताबिक नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर जुर्माना और जेल तक की सजा का प्रावधान है। इन गतिविधियों पर रोक इन पोस्टर्स पर स्पष्ट तौर पर लिखा गया है कि मेट्रो परिसर में और ट्रेन में भीख मांगना, भीड़ जुटाना या किसी भी तरह की नारेबाजी, उत्पादों की मांग करना और किसी भी तरह की सामुहिक गतिविधियों को प्रतिबंधित किया गया है। धारा 62 रहेगी लागू यहां मेट्रो अधिनियम की धारा 62 भी लागू की गई है। इसके तहत मेट्रो परिसर में प्रदर्शन करने, लिखने, चिपकाने और निर्देशों का पालन न करने पर 500 रुपए तक का जुर्माना और यात्री को ट्रेन से बाहर करने की कार्रवाई भी की जा सकती है। इसके अलावा मेट्रो परिसर में या ट्रेन में पालतू जानवरों को लाने की अनुमति नहीं है। मेट्रो प्रबंधन का कहना है कि इससे यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा दोनों प्रभावित होंगी। धारा 73 के तहत सामान बेचा तो जुर्माना भीड़ और अव्यवस्था को रोक्ने के लिए मेट्रो परिसर में भीख मांगना, सामान बेचना या यात्रियों को किसी भी तरह से परेशान करने पर भी सख्ती से निपटा जाएगा। धारा 73 के तहत मेट्रो परिसर में अनाधिकृत रूप से सामान बेचने पर 400 रुपए जुर्माना वसूला जाएगा। प्रबंधन ने की अपील, कतार में रहें मेट्रो प्रबंधन ने यात्रियों से अपील भी की है कि वे मेट्रो परिसर में कतार में रहें। अपने सामान का ध्यान रखें। टिकट जांच के समय अधिकृत कर्मचारी को ही टिकट दिखाएं, जरूरत पड़ने पर मेट्रो सुरक्षा और ग्राहक सेवा केंद्र से संपर्क करें। यहां पढ़ें यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए सख्त नियम मेट्रो ट्रैक पर उतरने या चलने पर धारा 64-2 के तहत 6 महीने की जेल या 500 रुपए का जुर्माना महिलाओं के आरक्षित कोच में बैठने पर 3 महीने की जेल या 250 रुपए जुर्माना इमरजेंसी अलार्म का दुरुपयोग करने पर 10 हजार रुपए तक का जुर्माना ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों के काम में बाधा डालने वाले पर 1000 रुपए का जुर्माना और 1 साल की जेल का प्रावधान मेट्रो अधिनियम 2002 के तहत ये धाराएं लागू धारा- 59:भोपाल मेट्रो या मेट्रो परिसर में शराब पीना, उपद्रव करना, ट्रेन में फर्श पर बैठना, थूकना या झगड़ा करने पर 200 रुपए जुर्माना वसूला जाएगा। टिकट या पास जब्त किया जा सकता है, ट्रेन से बाहर भी निकाला जा सकता है। धारा 60: आपत्तिजनक सामग्री ले जाने पर 200 रुपए का जुर्माना। धारा 62: रेलवे पर प्रदर्शन करने, कोच में लिखने/चिपकाने या हटने से इनकार करने पर 500 रुपए का जुर्माना और ट्रेन से बाहर निकाला जाना धारा 63: मेच्रो की छत पर यात्रा करने पर 5 हजार का जुर्माना धारा 64-1: महिलाओं के आरक्षित कोच में बैठने पर 3 महीने की जेल औऱ 250 रुपए जुर्माने का या दोनों का प्रावधान धारा 64-2: मेट्रो ट्रेक पर अवैध प्रवेश, पैदल चलने पर 69 महीने की जेल या 500 रुपए जुर्माना या दोनों की सजा धारा 68: ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों के कार्य में बाधा डाले जाने पर 1 साल की जेल या 1000 रुपए जुर्माना या दोनों। धारा 69: बिना वैध पास या टिकट के यात्रा करने पर 50 रुपए का सरचार्ज और तय किराये का अधिकतम किराया देना होगा।

भोपाल मेट्रो: एक गलती पर 10 हजार का जुर्माना, स्टेशन और ट्रेन में थूकने पर 200 का फाइन

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आमजन के लिए शुरु हुई मेट्रो ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों के लिए रेल प्रबंधन की ओर से सख्त गाइडलाइन जारी की गई है। आप में से कई लोग जानतें होंगे कि, जिस तरह हवाई यात्रियों के लिए नियम होते हैं, करीब-करीब वैसे ही नियम भोपाल मेट्रो के लिए भी लागू होंगे। ऐसे में शहरवासियों से अपील है कि, मेट्रो में यात्रा करने से पहले इन नियमों को जान लें वरना छोटी से चूक भी बड़ी भारी पड़ सकती है। मेट्रो रेल प्रबंधन की ओर से जारी गइडलाइन के अनुसार, कोई भी यात्री मेट्रो में पालतू पशु या पक्षी साथ लेकर सफर नहीं कर सकेगा। ऐसे में बेवजह इमरजेंसी बटन दबाने वाले को 10 हजार रुपए तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है। यात्री अपने साथ पेट्रोल-डीजल, हथियार, खुले बीड़ी-सिगरेट, माचिस-लाइटर, गुटखा, तंबाकू, सूखा नाश्ता भी नहीं ले जा सकते। मोबाइल या स्मार्ट वॉच ले जाने की परमिशन तो है, लेकिन ड्रोन, सैटेलाइट फोन, पोर्टेबल और रेडियो संचार उपकरण, कैमरा आदि ले जाना वर्जित है। मेट्रो में ये काम करना पड़ेगा भारी अगर आप मेट्रो में सफर कर रहे हैं, तो सबसे पहले ये समझ लीजिए कि थूकना या कचरा फेंकना अब सीधे जेब पर भारी पड़ेगा. प्लेटफॉर्म या ट्रेन के अंदर गंदगी फैलाने पर जुर्माना तय किया गया है. मेट्रो प्रशासन का साफ कहना है कि सार्वजनिक परिवहन को साफ रखना यात्रियों की भी जिम्मेदारी है. ये खेल उपकरण पैक कर ले जा सकेंगे मेट्रो में सफर करने वाले यात्री तीरंदाजी, मार्शल आर्ट, तलवारबाजी या नानचाकू जैसे खेल उपकरण सक्रिय खिलाड़ी या संचालक की अनुमति से ढककर या पैक कर ले जा सकते हैं। पेट्स के साथ नो एंट्री अब आप पालतू जानवर (Pets) के साथ मेट्रो में सफर नहीं कर सकेंगे. चाहे छोटा डॉग हो या कोई और पेट, मेट्रो ट्रेन में उन्हें ले जाने की अनुमति नहीं होगी. नियम का उल्लंघन करने पर कार्रवाई तय है. ये सामान ले गए तो पकड़े जाएंगे मेट्रो में सफर के दौरान कई चीजों पर पूरी तरह पाबंदी है. सभी 8 स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरों से नजर भोपाल में मेट्रो का प्रायोरिटी कॉरिडोर सुभाष नगर से एम्स तक है। इस दौरान कुल 8 स्टेशन- सुभाष नगर, केंद्रीय स्कूल, डीबी मॉल, एमपी नगर, रानी कमलापति, डीआरएम ऑफिस, अलकापुरी और एम्स हैं। इन सभी स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, जो यात्रियों पर नजर रखे हुए हैं। मेट्रो ट्रेन में भी सीसीटीवी सर्विलांस है। हर हरकत कैमरे में कैद हो रही है। दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश की सिक्योरिटी कंपनी के ढाई सौ गार्ड भी तैनात किए गए हैं। पहले और दूसरे दिन कुछ यात्रियों ने गार्ड्स के गलत व्यवहार की शिकायत भी मेट्रो अफसरों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से की है। 25 किलो वजनी सामान ही ले जा सकेंगे यात्री संक्रामक रोग से ग्रसित व्यक्ति, मानसिक रूप से परेशान और असंयमी, शराबी पैसेंजर सफर नहीं कर सकेगा। विमान की तरह ही इसमें सामान लेजाने का नियम निर्धारित किा गया है। एक यात्री मेट्रो में अधिकतम 25 किलो वजन का सामान ही ले जा सकता है। इसी तरह स्टेशन परिसर या मेट्रो ट्रेन के भीतर थूकने वाले पर 200 रुपए जुर्माना लगाया जाएगा। इनमें शामिल हैं पेट्रोल और डीजल, हथियार, माचिस और ज्वलनशील पदार्थ, गुटखा, पान, तंबाकू, खाने-पीने का सामान और नाश्ता. सुरक्षा के लिहाज से इन चीजों को खतरनाक माना गया है, इसलिए चेकिंग के दौरान पकड़े जाने पर जुर्माना या कार्रवाई हो सकती है. इमरजेंसी बटन से मजाक पड़ेगा भारी अगर किसी ने बेवजह इमरजेंसी बटन दबाया, तो सीधे 10,000 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा. यह बटन सिर्फ आपात स्थिति के लिए है, न कि मजाक या प्रयोग के लिए. प्रशासन का कहना है कि फर्जी अलर्ट से यात्रियों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है. हर हरकत पर CCTV की नजर मेट्रो स्टेशन और ट्रेन के अंदर CCTV कैमरों से 24×7 निगरानी की जा रही है. हर गतिविधि रिकॉर्ड हो रही है, इसलिए नियम तोड़कर बच निकलना अब आसान नहीं होगा. क्यों जरूरी हैं ये नियम? मेट्रो प्रशासन का कहना है कि इन नियमों का मकसद यात्रियों को परेशान करना नहीं, बल्कि सुरक्षित, साफ और अनुशासित सफर देना है. नियम मानेंगे तो सफर आसान और आरामदायक रहेगा, वरना चालान और कार्रवाई तय है.

भोपाल को मिली मेट्रो की सौगात, आज होगा शुभारंभ, जानें रूट, किराया और समय

भोपाल यात्रीगण कृपया ध्यान दें … राजधानी को आठ साल बाद आज मेट्रो की सौगात मिलने जा रही है। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज शाम 5.10 सुभाष नगर मेट्रो स्टेशन से मेट्रो को हरी झंडी दिखाएंगे। इसके बाद शाम 5.15 बजे वह मेट्रो में बैठकर एम्स मेट्रो स्टेशन तक जाएंगे। जहां स्वागत कार्यक्रम में वह कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। हालांकि इसके पहले शाम 4 बजे मिंटो हॉल में भोपाल मेट्रो का लोकार्पण कार्यक्रम आयोजित होगा। शाम 4.45 बजे लोकार्पण किया जाएगा। कार्यक्रम में देश के कई बड़े दिग्गज नेता शामिल हो रहे हैं। 21 दिसंबर से शहर के नागरिक मेट्रो में सफर कर सकेंगे। भोपाल मेट्रो सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक चलेगी। मेट्रो का न्यूनतम किराया 20 रुपये से शुरू है। तीन से पांच स्टेशन का किराया 30 रुपये और एम्स से सुभाष नगर तक का किराया 40 रुपये रहेगा। दिनभर में मेट्रो ट्रेन कुल 17 फेरे लगाएगी। सुभाष नगर मेट्रो स्टेशन से 8 फेरे और एम्स मेट्रो स्टेशन से 9 फेरे लगाए जाएंगे। 75 मिनट के अंतराल में मेट्रो को चलाया जाएगा। इस दौरान मेट्रो 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी। यात्री को मैन्युअली टिकट लेना होगा। मेट्रो का टाइम-टेबल क्या है? मेट्रो प्रशासन ने शुक्रवार को संचालन का टाइम-टेबल जारी किया। एम्स मेट्रो स्टेशन से पहली ट्रेन सुबह 9 बजे चलेगी और 9.25 बजे सुभाष नगर पहुंचेगी। सुभाष नगर से पहली ट्रेन 9.40 बजे रवाना होकर 10.05 बजे एम्स पहुंचेगी। एम्स से आखिरी ट्रेन शाम 7 बजे चलेगी, जो 7.25 बजे सुभाष नगर पहुंचेगी। वहीं सुभाष नगर से अंतिम ट्रेन शाम 6.25 बजे रवाना होकर 6.50 बजे एम्स स्टेशन पहुंचेगी।

भोपाल मध्यप्रदेश का दूसरा शहर जहां मेट्रो शुरू, एक दिन में 17 ट्रिप, तेज रफ्तार में यात्रा

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल आज  20 दिसंबर से मेट्रो सिटी बन जाएगी। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्‌टर और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मेट्रो का उद्घाटन करेंगे। 6.22 किलोमीटर लंबे ट्रैक पर मेट्रो में सवार होकर शहर को देखेंगे। पहले ही दिन से चुकाना होगा किराया आज 20 दिसंबर को केंद्रीय शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भोपाल मेट्रो को हरी झंडी दिखाएंगे. जबकि 21 दिसंबर से आम लोग इसमें यात्रा कर सकेंगे. भोपाल मेट्रो में यात्रा करने के लिए शहरवासियों को पहले दिन से ही किराया चुकाना होगा. इसके लिए भोपाल मध्य प्रदेश मेट्रो कॉर्पोरेशन भोपाल ने भोपाल मेट्रो का शेड्यूल भी जारी कर दिया है. खास बात यह है कि एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन पहुंचने में मेट्रो को महज 3 से 4 मिनट ही लगेंगे. सुबह 9 से शाम 7 बजे तक 17 राइड मध्यप्रदेश मेट्रो रेल कार्पोरेशन के प्रबंध संचालक एस कृष्णा चैतन्य ने बताया, '' भोपाल मेट्रो का संचालन सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक किया जाएगा. इस दौरान सुभाष नगर से एम्स साकेत नगर तक मेट्रो की 17 राइड रहेगी. तय शेड्यूल के अनुसार सुभाष नगर स्टेशन से एम्स अस्पताल तक 9 राइड जबकि एम्स से सुभाष नगर तक 8 राइड रहेंगी. शुरुआत में एक ही मेट्रो का संचालन किया जाएगा. लेकिन यदि ट्रैफिक का दबाव बढ़ता है, तो और मेट्रो भी चलाई जा सकती हैं.'' भोपाल में पहले चरण में 27 मेट्रो ट्रेन चलनी है, इनमें से 8 मेट्रो ट्रेन भोपाल डिपो में पहुंच चुकी हैं. 6.22Km में 8 स्टेशन…शुरुआत सुबह 9 बजे से भोपाल में मेट्रो के दो प्रोजेक्ट चल रहे हैं। पहला ऑरेंज लाइन करोंद से एम्स के बीच 16.74 किलोमीटर लंबा है। वहीं दूसरा प्रोजेक्ट ब्लू लाइन 14.16 किलोमीटर भदभदा से रत्नागिरि तक है। दोनों के लिए डिपो सुभाष नगर में बना है। वहीं पुल बोगदा में जंक्शन बनेगा, यानी ट्रेनें यहां से क्रॉस होंगी। सबसे पहले ऑरेंज लाइन के प्रायोरिटी कॉरिडोर सुभाष नगर से एम्स तक 6.22 किमी की शुरुआत हो रही है। इसमें 8 स्टेशन (सुभाष नगर, केंद्रीय स्कूल, डीबी मॉल, एमपी नगर, रानी कमलापति, डीआरएम ऑफिस, अलकापुरी और एम्स) शामिल हैं। एक रूट पर 75 मिनट के अंदर मेट्रो ट्रिप पूरी करेगी। एक दिन में कुल 17 ट्रिप होंगी, जिसमें एम्स से सुभाष नगर के बीच 9 और सुभाष नगर से एम्स के बीच 8 ट्रिप शामिल हैं। पहली ट्रेन सुबह 9 बजे से एम्स स्टेशन से चलेगी और आखिरी स्टेशन सुभाष नगर तक 40 मिनट में पहुंचेगी। वहीं आखिरी ट्रेन भी एम्स से ही शाम 5 बजे चलेगी, जो शाम 6.25 बजे सुभाष नगर पहुंच जाएगी। 3 जोन में बांटा किराया, अधिकतम 40 रुपए रहेगा मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने भोपाल मेट्रो का किराया 3 जोन में बांटा है। इसमें कुल 8 स्टेशन हैं। पहले दो स्टेशन का किराया 20 रुपए है। 3 से 5 स्टेशन का 30 रुपए और 6 से 8 स्टेशन का किराया 40 रुपए लगेगा। उदाहरण के तौर पर यदि आप डीबी मॉल स्टेशन से रानी कमलापति स्टेशन जाते हैं तो आपको 20 रुपए चुकाने होंगे, लेकिन यदि आप एम्स तक की यात्रा कर रहे हैं तो आपको 40 रुपए किराया देना पड़ेगा। भोपाल मेट्रो का किराया कितना है? मेट्रो कॉर्पोरेशन के अधिकारियों ने बताया कि भोपाल मेट्रो का किराया भी अन्य शहरों के बराबर ही रहेगा. पहले दो मेट्रो स्टेशनों के लिए 20 रुपये का किराया तय किया गया है. जबकि 3 से 5 स्टेशन तक सफर करने के लिए 30 रुपये का किराया चुकाना होगा. वहीं 6 से 8 स्टेशनों तक यात्रा करने के लिए 40 रुपये भुगतान करना होगा. कॉर्पोरेशन के एमडी कृष्णा चैतन्य ने बताया कि ये किराया करीब 7.5 किलोमीटर की दूरी के लिए है. बाद में एम्स से करोंद तक जब मेट्रो का संचालन होगा, तब इसका अधिकतम किराया 70 रुपए रहेगा. भोपाल मेट्रो में फ्री राइड क्यों नहीं? अधिकारियों ने बताया कि इंदौर प्रदेश का पहला शहर था, जहां मेट्रो का संचालन सबसे पहले शुरु किया गया था. इसलिए वहां जाय राइड यानी एक सप्ताह तक बिना किराए के यात्रा करने की छूट थी. जबकि इसके बाद तीन महीने तक किराए में छूट दी गई थी. लेकिन भोपाल मेट्रो को लेकर सरकार की कोई प्रमोशनल पॉलिसी नहीं है, इसलिए भोपाल मेट्रो में यात्रियों को पहले दिन से ही किराया चुकाना होगा.

भोपाल में मेट्रो सेवा की शुरुआत, आम जनता को पहले दिन से ही देना होगा किराया, अधिकतम 40 रुपए

भोपाल   राजधानी भोपाल मध्यप्रदेश का दूसरा शहर है जहां मेट्रो ट्रेन रफ्तार भरने को तैयार है. इंदरौ के बाद भोपाल में मेट्रो की शुरुआत हो रही है लेकिन इस खुशखबरी के बाद एक खबर आपको निराश भी कर सकती है. भोपालवासियों के लिए निराशा की बात ये है कि भोपाल में इंदौर की तरह यात्रियों को न तो एक सप्ताह तक फ्री जॉय राइड की सुविधा मिलेगी और न ही उन्हें किराए में तीन महीने तक कोई छूट दी जाएगी. पहले ही दिन से चुकाना होगा किराया 20 दिसंबर को केंद्रीय शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भोपाल मेट्रो को हरी झंडी दिखाएंगे. जबकि 21 दिसंबर से आम लोग इसमें यात्रा कर सकेंगे. भोपाल मेट्रो में यात्रा करने के लिए शहरवासियों को पहले दिन से ही किराया चुकाना होगा. इसके लिए भोपाल मध्य प्रदेश मेट्रो कॉर्पोरेशन भोपाल ने भोपाल मेट्रो का शेड्यूल भी जारी कर दिया है. खास बात यह है कि एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन पहुंचने में मेट्रो को महज 3 से 4 मिनट ही लगेंगे. एक दिन में मेट्रो सुभाष नगर से एम्स के बीच कुल 17 ट्रिप लगाएगी। 3 मिनट में एक से दूसरे स्टेशन पर पहुंचेगी और न्यूनतम किराया 20 रुपए होगा। 6.22Km में 8 स्टेशन…शुरुआत सुबह 9 बजे से भोपाल में मेट्रो के दो प्रोजेक्ट चल रहे हैं। पहला ऑरेंज लाइन करोंद से एम्स के बीच 16.74 किलोमीटर लंबा है। वहीं दूसरा प्रोजेक्ट ब्लू लाइन 14.16 किलोमीटर भदभदा से रत्नागिरि तक है। दोनों के लिए डिपो सुभाष नगर में बना है। वहीं पुल बोगदा में जंक्शन बनेगा, यानी ट्रेनें यहां से क्रॉस होंगी। सबसे पहले ऑरेंज लाइन के प्रायोरिटी कॉरिडोर सुभाष नगर से एम्स तक 6.22 किमी की शुरुआत हो रही है। इसमें 8 स्टेशन (सुभाष नगर, केंद्रीय स्कूल, डीबी मॉल, एमपी नगर, रानी कमलापति, डीआरएम ऑफिस, अलकापुरी और एम्स) शामिल हैं। एक रूट पर 75 मिनट के अंदर मेट्रो ट्रिप पूरी करेगी। एक दिन में कुल 17 ट्रिप होंगी, जिसमें एम्स से सुभाष नगर के बीच 9 और सुभाष नगर से एम्स के बीच 8 ट्रिप शामिल हैं। पहली ट्रेन सुबह 9 बजे से एम्स स्टेशन से चलेगी और आखिरी स्टेशन सुभाष नगर तक 40 मिनट में पहुंचेगी। वहीं आखिरी ट्रेन भी एम्स से ही शाम 5 बजे चलेगी, जो शाम 6.25 बजे सुभाष नगर पहुंच जाएगी। 3 जोन में बांटा किराया, अधिकतम 40 रुपए रहेगा मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने भोपाल मेट्रो का किराया 3 जोन में बांटा है। इसमें कुल 8 स्टेशन हैं। पहले दो स्टेशन का किराया 20 रुपए है। 3 से 5 स्टेशन का 30 रुपए और 6 से 8 स्टेशन का किराया 40 रुपए लगेगा। उदाहरण के तौर पर यदि आप डीबी मॉल स्टेशन से रानी कमलापति स्टेशन जाते हैं तो आपको 20 रुपए चुकाने होंगे, लेकिन यदि आप एम्स तक की यात्रा कर रहे हैं तो आपको 40 रुपए किराया देना पड़ेगा। किराए में कोई छूट नहीं दी जाएगी इंदौर में 31 मई को मेट्रो का कमर्शियल रन हुआ था। शुरुआती 7 दिन तक लोगों को मुफ्त में सफर कराया गया था। वहीं एक महीने तक 25% से 75% तक किराए में छूट मिली थी। उम्मीद थी कि किराए का ये मॉडल भोपाल में भी अपनाया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। मेट्रो एमडी कृष्ण एस. चैतन्य ने बताया कि भोपाल में किराए में छूट नहीं दी जाएगी। मेट्रो ट्रेन में यात्री अंदर कैसे जाएंगे? स्टेशन से टिकट लेने के बाद यात्री प्लेटफॉर्म पर पहुंचेंगे। यहां पर मेट्रो ट्रेन आने के 10 सेकंड बाद प्लेटफॉर्म और मेट्रो के गेट एक साथ खुलेंगे। इस दौरान अनाउंसमेंट भी होगा कि गेट से दूरी बनाकर रखें, गेट खुलने वाले हैं। कितने लोगों के बैठने की क्षमता है? मेट्रो में कुल 980 यात्रियों की क्षमता है। हालांकि, एक कोच में लगभग 330 यात्री ही सफर कर सकते हैं। एक कोच में बैठने के लिए सिर्फ आमने-सामने दोनों तरफ मिलाकर 6 चेयर हैं। 6 में से कुछ चेयर पर 5 तो कुछ पर 7 यात्रियों के बैठने की जगह है। इस लिहाज से एक कोच में 50 यात्री ही बैठ सकेंगे। बाकी 280 यात्रियों को खड़े होकर ही यात्रा करनी होगी। मेट्रो एमडी चैतन्य ने कहा कि क्षमता तो अधिक है, लेकिन 250 यात्री बेहतर तरीके से यात्रा कर सकते हैं। एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन की दूरी कितनी है? सुभाष नगर से एम्स के बीच 6.22 किमी के प्रायोरिटी कॉरिडोर पर मेट्रो चलेगी। इस दौरान कुल 8 स्टेशन आएंगे। एम्स से बैठने के बाद सबसे पहला स्टेशन अलकापुरी आएगा, जहां ट्रेन 3 मिनट में पहुंचेगी। मेट्रो ट्रेन को एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन तक पहुंचने में 2 से 3 मिनट का ही समय लेगा।

भोपाल मेट्रो का पहला चरण: एम्स से सुभाष नगर तक सिर्फ 10 मिनट, पहले सप्ताह यात्रा निःशुल्क

 भोपाल  भोपाल मेट्रो पटरियों पर 70 से 80 की रफ्तार से दौड़ेगी। चूंकि स्टेशन एक-एक किलोमीटर की दूरी पर हैं, इसलिए मेट्रो अपनी निर्धारित 90 की रफ्तार से नहीं चल पाएगी। एम्स से सुभाष नगर मेट्रो स्टेशन तक की दूरी मेट्रो मात्र 10 मिनट पूरी करेगी। हर स्टेशन पर मेट्रो एक मिनट का हाल्ट लेगी। यही दूरी यदि दो पहिया वाहन से तय करने में कम से कम आधा घंटा लगाता है। वहीं चार पहिया वाहन से यह दूरी तय करने में 20 मिनट लगते हैं। इस लिहाज से देखा जाए तो मेट्रो से सफर करने में यात्री मात्र 10 मिनट में सुभाष नगर से एम्स तक पहुंच जाएंगे। इससे यात्रियों को समय भी बचेगा और ट्रैफिक जाम से निजात मिलेगी। पहले सप्ताह जनता के लिए फ्री रहेगी मेट्रो शहर के नागरिकों को लोकार्पण के बाद पहले सप्ताह फ्री में यात्रा करने को मौका मिलेगा । इसके बाद यात्री मैन्युअली टिकट खरीदकर मेट्रो में यात्रा कर सकें। ज्ञात हो कि तुर्किए से हुआ अनुबंध के समाप्त होने के बाद से ऑन लाइन टिकट सिस्टम शुरू नहीं हुआ है। मंथली पास और स्कीम पर हो रहा मंथन मेट्रो का किराया 20 रुपये से शुरू होगा, जो अधिकतम 30 रुपये तक जाएगा। यात्री 30 रुपये में सुभाष नगर से एम्स तक पहुंचेंगे। मंथली पास और स्कीम पर मंथन चल रहा है। इसकी जानकारी मेट्रो प्रबंधन सोमवार यानी 14 दिसंबर को आधिकारिक रूप से जारी करेगा। जानकारी के अनुसार महिलाएं, विद्यार्थी और सीनियर सिटीजन के लिए स्कीम लगा सकता है। पहले चरण में एम्स से सुभाष नगर तक चलेगी मेट्रो भोपाल मेट्रो प्रायोरिटी कारिडोर के पहले चरण में तैयार किए गए एम्स मेट्रो स्टेशन से सुभाष नगर मेट्रो स्टेशन तक चलेगी। यह रूट 7.5 किलोमीटर का है। इसमें आठ मेट्रो स्टेशन हैं, जो इस प्रकार हैं, एम्स, अलकापुरी, डीआरएम आफिस, रानी कमलापति रेलवे स्टेशन, एमपी नगर, बोर्ड आफिस चौराहा, केंद्रीय विद्यालय, सुभाष नगर। दूसरे चरण में पुल बोगदा से करोंद तक चलेगी मेट्रो आरेंज लाइन कारिडाेर के दूसरे चरण में करीब 9.24 किलोमीटर का रूट तैयार किया जा रहा है। इस रूट पर भी आठ मेट्रो स्टेशन हैं। जब यह रूट तैयार हो जाएगा, तब मेट्रो पुल बोगदा, ऐशबाग, रेलवे स्टेशन, नादरा बस स्टैंड, सिंधी कालोनी, डीआइजी बंगला, कृषि उपज मंडी, करोंद चौराहा मेट्रो स्टेशन तक चलेगी। इन दिनों रूट की कुल लंबाई 16.74 किलोमीटर है। ब्लू लाइन का भी शुरू हुआ काम आरेंज लाइन के साथ-साथ ब्लू लाइन पर भी मेट्रो का काम शुरू हो चुका है। भदभदा से रत्नागिरी तक बनाए जाने वाले इस कॉरिडोर पर करीब 14 मेट्रो स्टेशन रहेंगे। मेट्रो स्टेशन बनाने के लिए मिट्टी की टेस्टिंग हो चुकी है। पिलर बनाए जाने के लिए स्थान का चयन हो चुका है। कुछ स्थानों पर बेरिकेड्स कर खोदने का काम शुरू हो गया है। आरेंज और ब्लू लाइन कारिडोर की कुल लंबाई करीब 30.95 किलोमीटर है। इन दोनों कारिडोर को वर्ष 2030 तक पूरा किया जाना प्रस्तावित है। एस कृष्ण चैतन्य, एमडी, एमपी मेट्रो कारर्पोरेशन का कहना है मेट्रो के आपरेशन से जुड़ी समस्त जानकारी आधिकारिक रूप से 14 दिसंबर को जारी की जाएगी । फिलहाल सिर्फ लोकार्पण की तारीख और कार्यक्रम स्थल का तय हुआ है।