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यात्री नहीं मिले तो बदला प्लान: भोपाल मेट्रो का 14 दिन में शेड्यूल रिवाइज

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की मेट्रो को अब एक चौथाई पैसेंजर भी नहीं मिल रहे हैं। यही कारण है कि, मेट्रो कॉर्पोरेशन ने शुरुआत के सिर्फ 14 दिन बाद मेट्रो की टाइमिंग में बदलाव करने के साथ ही ट्रिप भी घटा दी है। अब मेट्रो एम्स स्टेशन से सुबह 09 बजे की बजाय 03 घंटे की देरी से दोपहर 12 बजे शुरू होगी, जबकि यही से शाम साढ़े सात बजे आखिरी ट्रिप चलेगी। नया शेड्यूल 05 जनवरी से लागू होने जा रहा है। भोपाल मेट्रो का उद्घाटन 20 दिसंबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने किया था। इसके अगले दिन यानी 21 दिसंबर से कमर्शियल रन शुरू हो गया। इस दिन से आम लोग मेट्रो में सफर करने लगे। ऐसे में कमर्शियल रन के पहले दिन मेट्रो में सफर करने को लेकर लोगों में उत्साह देखने को मिला था। इस दौरान 6568 पैसेंजर सवार हुए थे। अब करीब एक हजार यात्री मेट्रो में हो रहे सवार वहीं, अब एक हजार के आसपास ही यात्री मेट्रो में सवार हो रहे हैं। इस वजह से मेट्रो कॉर्पोरेशन ने टाइमिंग और ट्रिप दोनों में बदलाव कर दिया है।   ऐसा रहेगा नया शेड्यूल -मेट्रो अब 3 घंटे देरी से दोपहर 12 बजे से चलेगी।, जबकि रात 7:55 बजे तक इसका संचालन होगा -शाम 7:30 बजे एम्स से सुभाष नगर के बीच आखिरी मेट्रो दौड़ेगी, जो 25 मिनट में सुभाष नगर स्टेशन पहुंचेंगी। -पहले की तरह 75 मिनट के अंतराल में मेट्रो मिलेगी। यानी, एक गाड़ी छूटने के बाद दूसरी गाड़ी सवा घंटे बाद ही मिल सकेगी। -पहले दोनों ओर कुल 17 ट्रिप लगाई जा रही थी, जो घटाकर 13 कर दी गई है। -एम्स से सुभाषनगर के बीच सात और सुभाषनगर से एम्स के बीच छह ट्रिप लगेगी।   अब ये रहेगी टाइमिंग -पहली मेट्रो दोपहर 12 बजे एम्स स्टेशन से शुरू होगी, जो दोपहर 12:40 बजे सुभाषनगर स्टेशन पहुंचेगी। -आखिरी मेट्रो शाम 7:30 बजे एम्स से शुरू होकर 7:55 बजे सुभाषनगर स्टेशन पर पहुंचेगी। किस दिन कितने पैसेंजर मिले -21 दिसंबर को मिले 6,568 पैसेंजर। -22 दिसंबर को मिले 2,896 पैसेंजर। -23 दिसंबर को मिले 2,163 पैसेंजर। -24 दिसंबर को मिले 1,787 पैसेंजर। -25 दिसंबर को मिले 4,264 पैसेंजर। -26 दिसंबर को मिले 1,473 पैसेंजर। -27 दिसंबर को मिले 1,200 पैसेंजर। -28 दिसंबर को मिले 2,349 पैसेंजर। -29 दिसंबर को मिले 1,100 पैसेंजर। -30 दिसंबर को मिले 9,67 पैसेंजर। -31 दिसंबर को मिले 1113 पैसेंजर। -01 जनवरी को मिले 2,023 पैसेंजर। -02 जनवरी को मिले 1,065 पैसेंजर।

भोपाल में मेट्रो को यात्री न मिलने से 14 दिन बाद ही घटाया समय और ट्रिप

भोपाल. भोपाल मेट्रो को अब एक चौथाई पैसेंजर भी नहीं मिल रहे हैं। यही कारण है कि मेट्रो कॉर्पोरेशन ने शुरुआत के सिर्फ 14 दिन बाद ही मेट्रो की टाइमिंग में बदलाव करने के साथ ही ट्रिप भी घटा दी है। अब मेट्रो एम्स स्टेशन से सुबह नौ बजे की बजाय तीन घंटे की देरी से दोपहर 12 बजे शुरू होगी, जबकि यही से शाम साढ़े सात बजे आखिरी ट्रिप चलेगी। नया शेड्यूल पांच जनवरी से लागू होगा। भोपाल मेट्रो का उद्घाटन 20 दिसंबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मनोहरलाल ने किया था। इसके अगले दिन यानी 21 दिसंबर से कमर्शियल रन शुरू हो गया। इस दिन से आम लोग मेट्रो में सफर करने लगे। ऐसे में कमर्शियल रन के पहले दिन मेट्रो में सफर करने को लेकर लोगों में उत्साह देखने को मिला था। इस दौरान 6568 पैसेंजर सवार हुए थे। अब करीब एक हजार यात्री मेट्रो में हो रहे सवार वहीं, अब एक हजार के आसपास ही यात्री मेट्रो में सवार हो रहे हैं। इस वजह से मेट्रो कॉर्पोरेशन ने टाइमिंग और ट्रिप दोनों में बदलाव कर दिया है। ऐसा रहेगा नया शेड्यूल मेट्रो अब तीन घंटे देरी से दोपहर 12 बजे शुरू होगी, जबकि रात 7:55 बजे तक यह चलेगी। शाम 7:30 बजे एम्स से सुभाष नगर के बीच आखिरी मेट्रो दौड़ेगी, जो 25 मिनट में सुभाष नगर स्टेशन पहुंचेंगी। पहले की तरह 75 मिनट के अंतराल में मेट्रो मिलेगी। यानी, एक गाड़ी छूटने के बाद दूसरी गाड़ी सवा घंटे बाद ही मिल सकेगी। पहले दोनों ओर कुल 17 ट्रिप लगाई जा रही थी, जो घटाकर 13 कर दी गई है। एम्स से सुभाषनगर के बीच सात और सुभाषनगर से एम्स के बीच छह ट्रिप लगेगी। अब ये रहेगी टाइमिंग पहली मेट्रो दोपहर 12 बजे एम्स स्टेशन से शुरू होगी, जो दोपहर 12:40 बजे सुभाषनगर स्टेशन पहुंचेगी। आखिरी मेट्रो शाम 7:30 बजे एम्स से शुरू होकर 7:55 बजे सुभाषनगर स्टेशन पर पहुंचेगी। किस दिन कितने पैसेंजर मिले 21 दिसंबरः 6,568 पैसेंजर 22 दिसंबरः 2,896 पैसेंजर 23 दिसंबरः 2,163 पैसेंजर 24 दिसंबरः 1,787 पैसेंजर 25 दिसंबरः 4,264 पैसेंजर 26 दिसंबरः 1,473 पैसेंजर 27 दिसंबरः 1,200 पैसेंजर 28 दिसंबरः 2,349 पैसेंजर 29 दिसंबरः 1,100 पैसेंजर 30 दिसंबरः 9,67 पैसेंजर 31 दिसंबरः 1113 पैसेंजर 01 जनवरीः 2,023 पैसेंजर 02 जनवरीः 1,065 पैसेंजर

भोपाल मेट्रो में लागू नए नियम, नो डिस्टरबेंस जोन में शांति बनाए रखना जरूरी, उल्लंघन पर सजा

भोपाल  भोपाल मेट्रो के शुरू होते ही प्रशासन यात्रियों की सुरक्षा को लेकर कोई भी कोर-कसर बाकी नहीं रखना चाहता, इसी का नतीजा है कि यात्रियों की सुविधाओं के साथ ही प्रशासन ने उनकी सुरक्षा को लेकर भी बड़ा कदम उठाया है। दरअसल मेट्रो प्रबंधन ने प्लेटफॉर्म पर बड़े-बड़े पोस्टर लगाए हैं। ये वही पोस्टर हैं, जिनपर लिखा है… भोपाल मेट्रो में सफर करने वाले यात्रियों को अब नियमों का सख्ती से पालन करना होगा। नियमों का उल्लंघन करने पर 6 महीने की जेल और जुर्माने समेत दोनों के तहत दंड दिए जाने का प्रावधान भी किया गया है। मेट्रो भोपाल में सफर करने से पहले… क्या करें और क्या न करें…? परिचालन और अनुरक्षण अधिनियम 2002 के तहत होगी सजा इन पोस्टर्स पर लिखे गए नियमों को लेकर यात्रियों को सख्त हिदायत दी गई है। यदि वे किसी भी नियम का उल्लंघन करते पाए गए, तो उनके खिलाफ मेट्रो रेलवे परिचालन और अनुरक्षण अधिनियम 2002 के तहत कार्रवाई की जाएगी। इस अधिनियम के मुताबिक नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर जुर्माना और जेल तक की सजा का प्रावधान है। इन गतिविधियों पर रोक इन पोस्टर्स पर स्पष्ट तौर पर लिखा गया है कि मेट्रो परिसर में और ट्रेन में भीख मांगना, भीड़ जुटाना या किसी भी तरह की नारेबाजी, उत्पादों की मांग करना और किसी भी तरह की सामुहिक गतिविधियों को प्रतिबंधित किया गया है। धारा 62 रहेगी लागू यहां मेट्रो अधिनियम की धारा 62 भी लागू की गई है। इसके तहत मेट्रो परिसर में प्रदर्शन करने, लिखने, चिपकाने और निर्देशों का पालन न करने पर 500 रुपए तक का जुर्माना और यात्री को ट्रेन से बाहर करने की कार्रवाई भी की जा सकती है। इसके अलावा मेट्रो परिसर में या ट्रेन में पालतू जानवरों को लाने की अनुमति नहीं है। मेट्रो प्रबंधन का कहना है कि इससे यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा दोनों प्रभावित होंगी। धारा 73 के तहत सामान बेचा तो जुर्माना भीड़ और अव्यवस्था को रोक्ने के लिए मेट्रो परिसर में भीख मांगना, सामान बेचना या यात्रियों को किसी भी तरह से परेशान करने पर भी सख्ती से निपटा जाएगा। धारा 73 के तहत मेट्रो परिसर में अनाधिकृत रूप से सामान बेचने पर 400 रुपए जुर्माना वसूला जाएगा। प्रबंधन ने की अपील, कतार में रहें मेट्रो प्रबंधन ने यात्रियों से अपील भी की है कि वे मेट्रो परिसर में कतार में रहें। अपने सामान का ध्यान रखें। टिकट जांच के समय अधिकृत कर्मचारी को ही टिकट दिखाएं, जरूरत पड़ने पर मेट्रो सुरक्षा और ग्राहक सेवा केंद्र से संपर्क करें। यहां पढ़ें यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए सख्त नियम मेट्रो ट्रैक पर उतरने या चलने पर धारा 64-2 के तहत 6 महीने की जेल या 500 रुपए का जुर्माना महिलाओं के आरक्षित कोच में बैठने पर 3 महीने की जेल या 250 रुपए जुर्माना इमरजेंसी अलार्म का दुरुपयोग करने पर 10 हजार रुपए तक का जुर्माना ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों के काम में बाधा डालने वाले पर 1000 रुपए का जुर्माना और 1 साल की जेल का प्रावधान मेट्रो अधिनियम 2002 के तहत ये धाराएं लागू धारा- 59:भोपाल मेट्रो या मेट्रो परिसर में शराब पीना, उपद्रव करना, ट्रेन में फर्श पर बैठना, थूकना या झगड़ा करने पर 200 रुपए जुर्माना वसूला जाएगा। टिकट या पास जब्त किया जा सकता है, ट्रेन से बाहर भी निकाला जा सकता है। धारा 60: आपत्तिजनक सामग्री ले जाने पर 200 रुपए का जुर्माना। धारा 62: रेलवे पर प्रदर्शन करने, कोच में लिखने/चिपकाने या हटने से इनकार करने पर 500 रुपए का जुर्माना और ट्रेन से बाहर निकाला जाना धारा 63: मेच्रो की छत पर यात्रा करने पर 5 हजार का जुर्माना धारा 64-1: महिलाओं के आरक्षित कोच में बैठने पर 3 महीने की जेल औऱ 250 रुपए जुर्माने का या दोनों का प्रावधान धारा 64-2: मेट्रो ट्रेक पर अवैध प्रवेश, पैदल चलने पर 69 महीने की जेल या 500 रुपए जुर्माना या दोनों की सजा धारा 68: ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों के कार्य में बाधा डाले जाने पर 1 साल की जेल या 1000 रुपए जुर्माना या दोनों। धारा 69: बिना वैध पास या टिकट के यात्रा करने पर 50 रुपए का सरचार्ज और तय किराये का अधिकतम किराया देना होगा।

भोपाल मेट्रो: एक गलती पर 10 हजार का जुर्माना, स्टेशन और ट्रेन में थूकने पर 200 का फाइन

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आमजन के लिए शुरु हुई मेट्रो ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों के लिए रेल प्रबंधन की ओर से सख्त गाइडलाइन जारी की गई है। आप में से कई लोग जानतें होंगे कि, जिस तरह हवाई यात्रियों के लिए नियम होते हैं, करीब-करीब वैसे ही नियम भोपाल मेट्रो के लिए भी लागू होंगे। ऐसे में शहरवासियों से अपील है कि, मेट्रो में यात्रा करने से पहले इन नियमों को जान लें वरना छोटी से चूक भी बड़ी भारी पड़ सकती है। मेट्रो रेल प्रबंधन की ओर से जारी गइडलाइन के अनुसार, कोई भी यात्री मेट्रो में पालतू पशु या पक्षी साथ लेकर सफर नहीं कर सकेगा। ऐसे में बेवजह इमरजेंसी बटन दबाने वाले को 10 हजार रुपए तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है। यात्री अपने साथ पेट्रोल-डीजल, हथियार, खुले बीड़ी-सिगरेट, माचिस-लाइटर, गुटखा, तंबाकू, सूखा नाश्ता भी नहीं ले जा सकते। मोबाइल या स्मार्ट वॉच ले जाने की परमिशन तो है, लेकिन ड्रोन, सैटेलाइट फोन, पोर्टेबल और रेडियो संचार उपकरण, कैमरा आदि ले जाना वर्जित है। मेट्रो में ये काम करना पड़ेगा भारी अगर आप मेट्रो में सफर कर रहे हैं, तो सबसे पहले ये समझ लीजिए कि थूकना या कचरा फेंकना अब सीधे जेब पर भारी पड़ेगा. प्लेटफॉर्म या ट्रेन के अंदर गंदगी फैलाने पर जुर्माना तय किया गया है. मेट्रो प्रशासन का साफ कहना है कि सार्वजनिक परिवहन को साफ रखना यात्रियों की भी जिम्मेदारी है. ये खेल उपकरण पैक कर ले जा सकेंगे मेट्रो में सफर करने वाले यात्री तीरंदाजी, मार्शल आर्ट, तलवारबाजी या नानचाकू जैसे खेल उपकरण सक्रिय खिलाड़ी या संचालक की अनुमति से ढककर या पैक कर ले जा सकते हैं। पेट्स के साथ नो एंट्री अब आप पालतू जानवर (Pets) के साथ मेट्रो में सफर नहीं कर सकेंगे. चाहे छोटा डॉग हो या कोई और पेट, मेट्रो ट्रेन में उन्हें ले जाने की अनुमति नहीं होगी. नियम का उल्लंघन करने पर कार्रवाई तय है. ये सामान ले गए तो पकड़े जाएंगे मेट्रो में सफर के दौरान कई चीजों पर पूरी तरह पाबंदी है. सभी 8 स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरों से नजर भोपाल में मेट्रो का प्रायोरिटी कॉरिडोर सुभाष नगर से एम्स तक है। इस दौरान कुल 8 स्टेशन- सुभाष नगर, केंद्रीय स्कूल, डीबी मॉल, एमपी नगर, रानी कमलापति, डीआरएम ऑफिस, अलकापुरी और एम्स हैं। इन सभी स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, जो यात्रियों पर नजर रखे हुए हैं। मेट्रो ट्रेन में भी सीसीटीवी सर्विलांस है। हर हरकत कैमरे में कैद हो रही है। दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश की सिक्योरिटी कंपनी के ढाई सौ गार्ड भी तैनात किए गए हैं। पहले और दूसरे दिन कुछ यात्रियों ने गार्ड्स के गलत व्यवहार की शिकायत भी मेट्रो अफसरों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से की है। 25 किलो वजनी सामान ही ले जा सकेंगे यात्री संक्रामक रोग से ग्रसित व्यक्ति, मानसिक रूप से परेशान और असंयमी, शराबी पैसेंजर सफर नहीं कर सकेगा। विमान की तरह ही इसमें सामान लेजाने का नियम निर्धारित किा गया है। एक यात्री मेट्रो में अधिकतम 25 किलो वजन का सामान ही ले जा सकता है। इसी तरह स्टेशन परिसर या मेट्रो ट्रेन के भीतर थूकने वाले पर 200 रुपए जुर्माना लगाया जाएगा। इनमें शामिल हैं पेट्रोल और डीजल, हथियार, माचिस और ज्वलनशील पदार्थ, गुटखा, पान, तंबाकू, खाने-पीने का सामान और नाश्ता. सुरक्षा के लिहाज से इन चीजों को खतरनाक माना गया है, इसलिए चेकिंग के दौरान पकड़े जाने पर जुर्माना या कार्रवाई हो सकती है. इमरजेंसी बटन से मजाक पड़ेगा भारी अगर किसी ने बेवजह इमरजेंसी बटन दबाया, तो सीधे 10,000 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा. यह बटन सिर्फ आपात स्थिति के लिए है, न कि मजाक या प्रयोग के लिए. प्रशासन का कहना है कि फर्जी अलर्ट से यात्रियों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है. हर हरकत पर CCTV की नजर मेट्रो स्टेशन और ट्रेन के अंदर CCTV कैमरों से 24×7 निगरानी की जा रही है. हर गतिविधि रिकॉर्ड हो रही है, इसलिए नियम तोड़कर बच निकलना अब आसान नहीं होगा. क्यों जरूरी हैं ये नियम? मेट्रो प्रशासन का कहना है कि इन नियमों का मकसद यात्रियों को परेशान करना नहीं, बल्कि सुरक्षित, साफ और अनुशासित सफर देना है. नियम मानेंगे तो सफर आसान और आरामदायक रहेगा, वरना चालान और कार्रवाई तय है.

भोपाल को मिली मेट्रो की सौगात, आज होगा शुभारंभ, जानें रूट, किराया और समय

भोपाल यात्रीगण कृपया ध्यान दें … राजधानी को आठ साल बाद आज मेट्रो की सौगात मिलने जा रही है। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज शाम 5.10 सुभाष नगर मेट्रो स्टेशन से मेट्रो को हरी झंडी दिखाएंगे। इसके बाद शाम 5.15 बजे वह मेट्रो में बैठकर एम्स मेट्रो स्टेशन तक जाएंगे। जहां स्वागत कार्यक्रम में वह कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। हालांकि इसके पहले शाम 4 बजे मिंटो हॉल में भोपाल मेट्रो का लोकार्पण कार्यक्रम आयोजित होगा। शाम 4.45 बजे लोकार्पण किया जाएगा। कार्यक्रम में देश के कई बड़े दिग्गज नेता शामिल हो रहे हैं। 21 दिसंबर से शहर के नागरिक मेट्रो में सफर कर सकेंगे। भोपाल मेट्रो सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक चलेगी। मेट्रो का न्यूनतम किराया 20 रुपये से शुरू है। तीन से पांच स्टेशन का किराया 30 रुपये और एम्स से सुभाष नगर तक का किराया 40 रुपये रहेगा। दिनभर में मेट्रो ट्रेन कुल 17 फेरे लगाएगी। सुभाष नगर मेट्रो स्टेशन से 8 फेरे और एम्स मेट्रो स्टेशन से 9 फेरे लगाए जाएंगे। 75 मिनट के अंतराल में मेट्रो को चलाया जाएगा। इस दौरान मेट्रो 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी। यात्री को मैन्युअली टिकट लेना होगा। मेट्रो का टाइम-टेबल क्या है? मेट्रो प्रशासन ने शुक्रवार को संचालन का टाइम-टेबल जारी किया। एम्स मेट्रो स्टेशन से पहली ट्रेन सुबह 9 बजे चलेगी और 9.25 बजे सुभाष नगर पहुंचेगी। सुभाष नगर से पहली ट्रेन 9.40 बजे रवाना होकर 10.05 बजे एम्स पहुंचेगी। एम्स से आखिरी ट्रेन शाम 7 बजे चलेगी, जो 7.25 बजे सुभाष नगर पहुंचेगी। वहीं सुभाष नगर से अंतिम ट्रेन शाम 6.25 बजे रवाना होकर 6.50 बजे एम्स स्टेशन पहुंचेगी।

भोपाल मध्यप्रदेश का दूसरा शहर जहां मेट्रो शुरू, एक दिन में 17 ट्रिप, तेज रफ्तार में यात्रा

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल आज  20 दिसंबर से मेट्रो सिटी बन जाएगी। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्‌टर और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मेट्रो का उद्घाटन करेंगे। 6.22 किलोमीटर लंबे ट्रैक पर मेट्रो में सवार होकर शहर को देखेंगे। पहले ही दिन से चुकाना होगा किराया आज 20 दिसंबर को केंद्रीय शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भोपाल मेट्रो को हरी झंडी दिखाएंगे. जबकि 21 दिसंबर से आम लोग इसमें यात्रा कर सकेंगे. भोपाल मेट्रो में यात्रा करने के लिए शहरवासियों को पहले दिन से ही किराया चुकाना होगा. इसके लिए भोपाल मध्य प्रदेश मेट्रो कॉर्पोरेशन भोपाल ने भोपाल मेट्रो का शेड्यूल भी जारी कर दिया है. खास बात यह है कि एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन पहुंचने में मेट्रो को महज 3 से 4 मिनट ही लगेंगे. सुबह 9 से शाम 7 बजे तक 17 राइड मध्यप्रदेश मेट्रो रेल कार्पोरेशन के प्रबंध संचालक एस कृष्णा चैतन्य ने बताया, '' भोपाल मेट्रो का संचालन सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक किया जाएगा. इस दौरान सुभाष नगर से एम्स साकेत नगर तक मेट्रो की 17 राइड रहेगी. तय शेड्यूल के अनुसार सुभाष नगर स्टेशन से एम्स अस्पताल तक 9 राइड जबकि एम्स से सुभाष नगर तक 8 राइड रहेंगी. शुरुआत में एक ही मेट्रो का संचालन किया जाएगा. लेकिन यदि ट्रैफिक का दबाव बढ़ता है, तो और मेट्रो भी चलाई जा सकती हैं.'' भोपाल में पहले चरण में 27 मेट्रो ट्रेन चलनी है, इनमें से 8 मेट्रो ट्रेन भोपाल डिपो में पहुंच चुकी हैं. 6.22Km में 8 स्टेशन…शुरुआत सुबह 9 बजे से भोपाल में मेट्रो के दो प्रोजेक्ट चल रहे हैं। पहला ऑरेंज लाइन करोंद से एम्स के बीच 16.74 किलोमीटर लंबा है। वहीं दूसरा प्रोजेक्ट ब्लू लाइन 14.16 किलोमीटर भदभदा से रत्नागिरि तक है। दोनों के लिए डिपो सुभाष नगर में बना है। वहीं पुल बोगदा में जंक्शन बनेगा, यानी ट्रेनें यहां से क्रॉस होंगी। सबसे पहले ऑरेंज लाइन के प्रायोरिटी कॉरिडोर सुभाष नगर से एम्स तक 6.22 किमी की शुरुआत हो रही है। इसमें 8 स्टेशन (सुभाष नगर, केंद्रीय स्कूल, डीबी मॉल, एमपी नगर, रानी कमलापति, डीआरएम ऑफिस, अलकापुरी और एम्स) शामिल हैं। एक रूट पर 75 मिनट के अंदर मेट्रो ट्रिप पूरी करेगी। एक दिन में कुल 17 ट्रिप होंगी, जिसमें एम्स से सुभाष नगर के बीच 9 और सुभाष नगर से एम्स के बीच 8 ट्रिप शामिल हैं। पहली ट्रेन सुबह 9 बजे से एम्स स्टेशन से चलेगी और आखिरी स्टेशन सुभाष नगर तक 40 मिनट में पहुंचेगी। वहीं आखिरी ट्रेन भी एम्स से ही शाम 5 बजे चलेगी, जो शाम 6.25 बजे सुभाष नगर पहुंच जाएगी। 3 जोन में बांटा किराया, अधिकतम 40 रुपए रहेगा मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने भोपाल मेट्रो का किराया 3 जोन में बांटा है। इसमें कुल 8 स्टेशन हैं। पहले दो स्टेशन का किराया 20 रुपए है। 3 से 5 स्टेशन का 30 रुपए और 6 से 8 स्टेशन का किराया 40 रुपए लगेगा। उदाहरण के तौर पर यदि आप डीबी मॉल स्टेशन से रानी कमलापति स्टेशन जाते हैं तो आपको 20 रुपए चुकाने होंगे, लेकिन यदि आप एम्स तक की यात्रा कर रहे हैं तो आपको 40 रुपए किराया देना पड़ेगा। भोपाल मेट्रो का किराया कितना है? मेट्रो कॉर्पोरेशन के अधिकारियों ने बताया कि भोपाल मेट्रो का किराया भी अन्य शहरों के बराबर ही रहेगा. पहले दो मेट्रो स्टेशनों के लिए 20 रुपये का किराया तय किया गया है. जबकि 3 से 5 स्टेशन तक सफर करने के लिए 30 रुपये का किराया चुकाना होगा. वहीं 6 से 8 स्टेशनों तक यात्रा करने के लिए 40 रुपये भुगतान करना होगा. कॉर्पोरेशन के एमडी कृष्णा चैतन्य ने बताया कि ये किराया करीब 7.5 किलोमीटर की दूरी के लिए है. बाद में एम्स से करोंद तक जब मेट्रो का संचालन होगा, तब इसका अधिकतम किराया 70 रुपए रहेगा. भोपाल मेट्रो में फ्री राइड क्यों नहीं? अधिकारियों ने बताया कि इंदौर प्रदेश का पहला शहर था, जहां मेट्रो का संचालन सबसे पहले शुरु किया गया था. इसलिए वहां जाय राइड यानी एक सप्ताह तक बिना किराए के यात्रा करने की छूट थी. जबकि इसके बाद तीन महीने तक किराए में छूट दी गई थी. लेकिन भोपाल मेट्रो को लेकर सरकार की कोई प्रमोशनल पॉलिसी नहीं है, इसलिए भोपाल मेट्रो में यात्रियों को पहले दिन से ही किराया चुकाना होगा.

भोपाल में मेट्रो सेवा की शुरुआत, आम जनता को पहले दिन से ही देना होगा किराया, अधिकतम 40 रुपए

भोपाल   राजधानी भोपाल मध्यप्रदेश का दूसरा शहर है जहां मेट्रो ट्रेन रफ्तार भरने को तैयार है. इंदरौ के बाद भोपाल में मेट्रो की शुरुआत हो रही है लेकिन इस खुशखबरी के बाद एक खबर आपको निराश भी कर सकती है. भोपालवासियों के लिए निराशा की बात ये है कि भोपाल में इंदौर की तरह यात्रियों को न तो एक सप्ताह तक फ्री जॉय राइड की सुविधा मिलेगी और न ही उन्हें किराए में तीन महीने तक कोई छूट दी जाएगी. पहले ही दिन से चुकाना होगा किराया 20 दिसंबर को केंद्रीय शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भोपाल मेट्रो को हरी झंडी दिखाएंगे. जबकि 21 दिसंबर से आम लोग इसमें यात्रा कर सकेंगे. भोपाल मेट्रो में यात्रा करने के लिए शहरवासियों को पहले दिन से ही किराया चुकाना होगा. इसके लिए भोपाल मध्य प्रदेश मेट्रो कॉर्पोरेशन भोपाल ने भोपाल मेट्रो का शेड्यूल भी जारी कर दिया है. खास बात यह है कि एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन पहुंचने में मेट्रो को महज 3 से 4 मिनट ही लगेंगे. एक दिन में मेट्रो सुभाष नगर से एम्स के बीच कुल 17 ट्रिप लगाएगी। 3 मिनट में एक से दूसरे स्टेशन पर पहुंचेगी और न्यूनतम किराया 20 रुपए होगा। 6.22Km में 8 स्टेशन…शुरुआत सुबह 9 बजे से भोपाल में मेट्रो के दो प्रोजेक्ट चल रहे हैं। पहला ऑरेंज लाइन करोंद से एम्स के बीच 16.74 किलोमीटर लंबा है। वहीं दूसरा प्रोजेक्ट ब्लू लाइन 14.16 किलोमीटर भदभदा से रत्नागिरि तक है। दोनों के लिए डिपो सुभाष नगर में बना है। वहीं पुल बोगदा में जंक्शन बनेगा, यानी ट्रेनें यहां से क्रॉस होंगी। सबसे पहले ऑरेंज लाइन के प्रायोरिटी कॉरिडोर सुभाष नगर से एम्स तक 6.22 किमी की शुरुआत हो रही है। इसमें 8 स्टेशन (सुभाष नगर, केंद्रीय स्कूल, डीबी मॉल, एमपी नगर, रानी कमलापति, डीआरएम ऑफिस, अलकापुरी और एम्स) शामिल हैं। एक रूट पर 75 मिनट के अंदर मेट्रो ट्रिप पूरी करेगी। एक दिन में कुल 17 ट्रिप होंगी, जिसमें एम्स से सुभाष नगर के बीच 9 और सुभाष नगर से एम्स के बीच 8 ट्रिप शामिल हैं। पहली ट्रेन सुबह 9 बजे से एम्स स्टेशन से चलेगी और आखिरी स्टेशन सुभाष नगर तक 40 मिनट में पहुंचेगी। वहीं आखिरी ट्रेन भी एम्स से ही शाम 5 बजे चलेगी, जो शाम 6.25 बजे सुभाष नगर पहुंच जाएगी। 3 जोन में बांटा किराया, अधिकतम 40 रुपए रहेगा मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने भोपाल मेट्रो का किराया 3 जोन में बांटा है। इसमें कुल 8 स्टेशन हैं। पहले दो स्टेशन का किराया 20 रुपए है। 3 से 5 स्टेशन का 30 रुपए और 6 से 8 स्टेशन का किराया 40 रुपए लगेगा। उदाहरण के तौर पर यदि आप डीबी मॉल स्टेशन से रानी कमलापति स्टेशन जाते हैं तो आपको 20 रुपए चुकाने होंगे, लेकिन यदि आप एम्स तक की यात्रा कर रहे हैं तो आपको 40 रुपए किराया देना पड़ेगा। किराए में कोई छूट नहीं दी जाएगी इंदौर में 31 मई को मेट्रो का कमर्शियल रन हुआ था। शुरुआती 7 दिन तक लोगों को मुफ्त में सफर कराया गया था। वहीं एक महीने तक 25% से 75% तक किराए में छूट मिली थी। उम्मीद थी कि किराए का ये मॉडल भोपाल में भी अपनाया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। मेट्रो एमडी कृष्ण एस. चैतन्य ने बताया कि भोपाल में किराए में छूट नहीं दी जाएगी। मेट्रो ट्रेन में यात्री अंदर कैसे जाएंगे? स्टेशन से टिकट लेने के बाद यात्री प्लेटफॉर्म पर पहुंचेंगे। यहां पर मेट्रो ट्रेन आने के 10 सेकंड बाद प्लेटफॉर्म और मेट्रो के गेट एक साथ खुलेंगे। इस दौरान अनाउंसमेंट भी होगा कि गेट से दूरी बनाकर रखें, गेट खुलने वाले हैं। कितने लोगों के बैठने की क्षमता है? मेट्रो में कुल 980 यात्रियों की क्षमता है। हालांकि, एक कोच में लगभग 330 यात्री ही सफर कर सकते हैं। एक कोच में बैठने के लिए सिर्फ आमने-सामने दोनों तरफ मिलाकर 6 चेयर हैं। 6 में से कुछ चेयर पर 5 तो कुछ पर 7 यात्रियों के बैठने की जगह है। इस लिहाज से एक कोच में 50 यात्री ही बैठ सकेंगे। बाकी 280 यात्रियों को खड़े होकर ही यात्रा करनी होगी। मेट्रो एमडी चैतन्य ने कहा कि क्षमता तो अधिक है, लेकिन 250 यात्री बेहतर तरीके से यात्रा कर सकते हैं। एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन की दूरी कितनी है? सुभाष नगर से एम्स के बीच 6.22 किमी के प्रायोरिटी कॉरिडोर पर मेट्रो चलेगी। इस दौरान कुल 8 स्टेशन आएंगे। एम्स से बैठने के बाद सबसे पहला स्टेशन अलकापुरी आएगा, जहां ट्रेन 3 मिनट में पहुंचेगी। मेट्रो ट्रेन को एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन तक पहुंचने में 2 से 3 मिनट का ही समय लेगा।

भोपाल मेट्रो का पहला चरण: एम्स से सुभाष नगर तक सिर्फ 10 मिनट, पहले सप्ताह यात्रा निःशुल्क

 भोपाल  भोपाल मेट्रो पटरियों पर 70 से 80 की रफ्तार से दौड़ेगी। चूंकि स्टेशन एक-एक किलोमीटर की दूरी पर हैं, इसलिए मेट्रो अपनी निर्धारित 90 की रफ्तार से नहीं चल पाएगी। एम्स से सुभाष नगर मेट्रो स्टेशन तक की दूरी मेट्रो मात्र 10 मिनट पूरी करेगी। हर स्टेशन पर मेट्रो एक मिनट का हाल्ट लेगी। यही दूरी यदि दो पहिया वाहन से तय करने में कम से कम आधा घंटा लगाता है। वहीं चार पहिया वाहन से यह दूरी तय करने में 20 मिनट लगते हैं। इस लिहाज से देखा जाए तो मेट्रो से सफर करने में यात्री मात्र 10 मिनट में सुभाष नगर से एम्स तक पहुंच जाएंगे। इससे यात्रियों को समय भी बचेगा और ट्रैफिक जाम से निजात मिलेगी। पहले सप्ताह जनता के लिए फ्री रहेगी मेट्रो शहर के नागरिकों को लोकार्पण के बाद पहले सप्ताह फ्री में यात्रा करने को मौका मिलेगा । इसके बाद यात्री मैन्युअली टिकट खरीदकर मेट्रो में यात्रा कर सकें। ज्ञात हो कि तुर्किए से हुआ अनुबंध के समाप्त होने के बाद से ऑन लाइन टिकट सिस्टम शुरू नहीं हुआ है। मंथली पास और स्कीम पर हो रहा मंथन मेट्रो का किराया 20 रुपये से शुरू होगा, जो अधिकतम 30 रुपये तक जाएगा। यात्री 30 रुपये में सुभाष नगर से एम्स तक पहुंचेंगे। मंथली पास और स्कीम पर मंथन चल रहा है। इसकी जानकारी मेट्रो प्रबंधन सोमवार यानी 14 दिसंबर को आधिकारिक रूप से जारी करेगा। जानकारी के अनुसार महिलाएं, विद्यार्थी और सीनियर सिटीजन के लिए स्कीम लगा सकता है। पहले चरण में एम्स से सुभाष नगर तक चलेगी मेट्रो भोपाल मेट्रो प्रायोरिटी कारिडोर के पहले चरण में तैयार किए गए एम्स मेट्रो स्टेशन से सुभाष नगर मेट्रो स्टेशन तक चलेगी। यह रूट 7.5 किलोमीटर का है। इसमें आठ मेट्रो स्टेशन हैं, जो इस प्रकार हैं, एम्स, अलकापुरी, डीआरएम आफिस, रानी कमलापति रेलवे स्टेशन, एमपी नगर, बोर्ड आफिस चौराहा, केंद्रीय विद्यालय, सुभाष नगर। दूसरे चरण में पुल बोगदा से करोंद तक चलेगी मेट्रो आरेंज लाइन कारिडाेर के दूसरे चरण में करीब 9.24 किलोमीटर का रूट तैयार किया जा रहा है। इस रूट पर भी आठ मेट्रो स्टेशन हैं। जब यह रूट तैयार हो जाएगा, तब मेट्रो पुल बोगदा, ऐशबाग, रेलवे स्टेशन, नादरा बस स्टैंड, सिंधी कालोनी, डीआइजी बंगला, कृषि उपज मंडी, करोंद चौराहा मेट्रो स्टेशन तक चलेगी। इन दिनों रूट की कुल लंबाई 16.74 किलोमीटर है। ब्लू लाइन का भी शुरू हुआ काम आरेंज लाइन के साथ-साथ ब्लू लाइन पर भी मेट्रो का काम शुरू हो चुका है। भदभदा से रत्नागिरी तक बनाए जाने वाले इस कॉरिडोर पर करीब 14 मेट्रो स्टेशन रहेंगे। मेट्रो स्टेशन बनाने के लिए मिट्टी की टेस्टिंग हो चुकी है। पिलर बनाए जाने के लिए स्थान का चयन हो चुका है। कुछ स्थानों पर बेरिकेड्स कर खोदने का काम शुरू हो गया है। आरेंज और ब्लू लाइन कारिडोर की कुल लंबाई करीब 30.95 किलोमीटर है। इन दोनों कारिडोर को वर्ष 2030 तक पूरा किया जाना प्रस्तावित है। एस कृष्ण चैतन्य, एमडी, एमपी मेट्रो कारर्पोरेशन का कहना है मेट्रो के आपरेशन से जुड़ी समस्त जानकारी आधिकारिक रूप से 14 दिसंबर को जारी की जाएगी । फिलहाल सिर्फ लोकार्पण की तारीख और कार्यक्रम स्थल का तय हुआ है।

21 दिसंबर से भोपाल मेट्रो में मुफ्त सफर, पीएम और केंद्रीय मंत्री खट्टर वर्चुअली करेंगे उद्घाटन

भोपाल  भोपाल में मेट्रो का कमर्शियल रन 21 दिसंबर को होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इवेंट में वर्चुअली जुड़ेंगे। केंद्रीय शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर मेट्रो का उद्घाटन करेंगे। वे फूलों से सजी 3 कोच की मेट्रो से भोपाल को देखेंगे।  कमर्शियल रन की तारीख में बदलाव भी हो सकता है। 21 की जगह 20 दिसंबर को ही मेट्रो की शुरुआत हो सकती है। हालांकि, सीएम डॉ. मोहन यादव खजुराहो के कन्वेंशन सेंटर में 21 दिसंबर को मेट्रो की शुरुआत करने की बात कह चुके हैं। इससे पहले कमर्शियल रन के कार्यक्रम को लेकर बीजेपी संगठन, सरकार और अफसरों के बीच मंथन का दौर जारी है। कौन-कौन से स्टेशन में होगा स्टॉपेज अधिकारियों ने बताया कि सुभाष नगर, केंद्रीय स्कूल, डीबी मॉल, एमपी नगर, रानी कमलापति, डीआरएम तिराहा, अलकापुरी और एम्स शामिल हैं। हालांकि स्टेशनों पर फिनिशिंग का कुछ काम शेष है, लेकिन विशेषज्ञों का दावा है कि इससे मेट्रो के संचालन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। भोपाल अब उस क्लब में शामिल होने जा रहा है जहां आधुनिक यातायात प्रणाली न केवल समय बचाएगी, बल्कि शहर के प्रदूषण और जाम की समस्या से भी निजात दिलाएगी। कितना होगा किराया मेट्रो का किराया पहले से ही तय कर दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, मेट्रो संचालन के पहले 7 दिन तक लोग मेट्रो में फ्री सफर कर सकेंगे। उसके बाद लोग अगले तीन महीने तक कम छूट पर मेट्रो का सपर कर सकते हैं। CMRS दे चुकी ग्रीन सिग्नल, अब सिर्फ हरी झंडी का इंतजार बता दें कि कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) की टीम ने भोपाल मेट्रो के प्रायोरिटी कॉरिडोर के लिए ग्रीन सिग्नल दे दिया है। सीएमआरएस टीम 12 नवंबर को भोपाल पहुंची थी। 13, 14 और 15 नवंबर को टीम ने डिपो से लेकर ट्रैक और ट्रेन तक निरीक्षण किया था। कमिश्नर नीलाभ्र सेनगुप्ता के साथ टीम ने मेट्रो के नट-बोल्ट भी देखे थे। अफसर बोले- काम बचा, लेकिन कमर्शियल रन पर असर नहीं भोपाल मेट्रो से जुड़े अफसरों का कहना है कि ऑरेंज लाइन के कमर्शियल रन के लिए वे सभी काम पूरे हो चुके हैं, जो जरूरी है। स्टेशनों का कुछ काम जरूर बचा है, लेकिन उससे कमर्शियल रन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। हालांकि, स्टेशन के बाहर जरूरी काम निपटाए जा रहे हैं। बुधवार को सुभाष नगर मेट्रो स्टेशन के बाहर सड़क निर्माण किया गया। ऐसा ही रानी कमलापति, एमपी नगर, केंद्रीय स्कूल, डीआरएम तिराहा, अलकापुरी और एम्स में भी बाकी बचे कामों पर फोकस रहा। सुरक्षा के कड़े इंतजाम, प्राइवेट गार्ड तैनात मेट्रो के कमर्शियल रन और पीएम मोदी के आने की खबरों के चलते सभी मेट्रो स्टेशनों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। मेट्रो ने स्टेशनों पर प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड तैनात किए हैं। किराया तय, 7 दिन फ्री सफर मेट्रो में सफर के लिए किराया भी लगभग तय किया जा चुका है। एमपी नगर स्टेशन पर तो किराया सूची भी चस्पा कर दी गई है। हालांकि, मेट्रो कॉर्पोरेशन ने आधिकारिक रूप से किराए का खुलासा नहीं किया है, लेकिन इंदौर जैसा मॉडल ही अपनाए जाने की बात कही जा रही है। अफसरों की मानें तो 7 दिन तक लोग मेट्रो में फ्री सफर कर सकेंगे। वहीं, 3 महीने तक टिकट पर 75%, 50% और 25% की छूट दी जाएगी। छूट खत्म होने के बाद सिर्फ 20 रुपए में मेट्रो का सफर किया जा सकेगा। अधिकतम किराया 80 रुपए होगा। 31 मई को इंदौर में चलाई गई मेट्रो के लिए भी यही मॉडल रहा था। अधिकतम 80 रुपए किराया तब होगा, जब ऑरेंज लाइन के रूट का काम पूरा हो जाएगा। 30 से 80 किमी प्रति घंटा रहेगी मेट्रो की स्पीड भोपाल के सुभाष नगर से एम्स तक मेट्रो कोच को ट्रैक पर दौड़ाकर ट्रायल रन किया जा रहा है। ट्रायल रन में न्यूनतम 30 और अधिकतम 80 किमी प्रतिघंटा रफ्तार रखी जा रही है। बीच-बीच में 100 से 120 किमी की रफ्तार से भी मेट्रो दौड़ाई जा रही है। ट्रेन की तर्ज पर मेट्रो में भी मैनुअल टिकट लेनी पड़ेगी मेट्रो का टिकट सिस्टम ऑनलाइन न होकर मैनुअल ही रहेगा। जैसे आप ट्रेन में टिकट लेकर सफर करते हैं, वैसे ही मेट्रो में भी कर सकेंगे। इंदौर में अभी यही सिस्टम है। भोपाल और इंदौर मेट्रो में ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन सिस्टम लगाने वाली तुर्किए की कंपनी 'असिस गार्ड’ से काम छिनने और नई कंपनी के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू किए जाने से यह स्थिति बनेगी। बता दें कि असिस गार्ड का मामला पिछले 4 महीने से सुर्खियों में था। आखिरकार अगस्त में असिस गार्ड का टेंडर कैंसिल कर दिया गया। नई कंपनी के लिए टेंडर भी कॉल किए हैं। इस पूरी प्रक्रिया में दो से तीन महीने का वक्त लग सकता है।

भोपाल मेट्रो सीमित सुविधाओं के साथ होगी लॉन्च, कई स्टेशन पर निर्माण जारी रहेगा

भोपाल लंबे इंतजार के बाद भोपाल मेट्रो का 21 दिसंबर को लोकार्पण किया जाएगा, लेकिन मेट्रो यात्रियों को दी जाने वाली सुविधाएं आज भी नदादर है। जबकि मेट्रो प्रोजेक्ट की डीपीआर में यात्री सुविधाओं को शामिल किया गया। इनमें सबसे खास मल्टी मॉडल कनेक्टिविटी और नेशनल कामन मोबिलिटी कार्ड जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं आज भी कागजों में कैद है। चौकाने वाली बात यह है कि जमीनी स्तर पर इन सुविधाओं को शुरू करने के लिए अब तक प्रक्रिया शुरू नहीं हुई। मेट्रो स्टेशन के नीचे एंट्री-एग्जिट स्टेशन पर सिर्फ साइकिल डेक, ड्रॉप ऑफ, पिक पाइंट जैसी बेसिक सुविधाओं के साथ भोपाल मेट्रो को पटरियों पर दौड़ाया जाएगा। यह देखकर कहना गलत नहीं होगा कि एमपी मेट्रो प्रबंधन ने लोकार्पण को मजाक बना दिया है। जबकि यात्रियों सुविधाओं को इसलिए ध्यान दिया जाता है, ताकि शहर के नागरिक अधिक से अधिक मेट्रो का उपयोग कर सकें, लेकिन जब मेट्रो तक पहुंचने के लिए कनेक्टिविटी ही नहीं होगी तो यात्री मेट्रो स्टेशन तक पहुंचेंगे कैसे। इसका खामियाजा आने वाले दिनों में मेट्रो प्रबंधन को भुगतना पड़ेगा। मेट्रो चलेगी, लेकिन यात्रियों को नहीं मिलेंगी ये सुविधाएं लोकार्पण के साथ मेट्रो तो चलेगी, लेकिन मेट्रो यात्रियों को यह सुविधाएं पहले दिन से नहीं मिलेंगी। इनमें सबसे खास स्टेशन पर मल्टी मॉडल कनेक्टिविटी के तहत आने वाली सुविधाएं हैं। जिनमें एलिवेटेड मेट्रो, आईटीपी, फीडर-बे, पार्किंग, बस-बे शामिल हैं। इन सुविधाओं के लिए मेट्रो यात्रियों को कम से कम दो से तीन महीने का इंतजार करना पड़ेगा। यह वह सुविधाएं हैं, मेट्रो स्टेशन से यात्रियों की कनेक्टिविटी को जोड़ती हैं । मेट्रो प्रबंधन का कहना है कि एम्स मेट्रो स्टेशन पर पार्किंग के लिए जगह मिल गई है। जबकि आरकेएमपी मेट्रो स्टेशन पर रेलवे स्टेशन की पार्किंग का उपयोग करने के लिए प्रक्रिया चल रही है। इसी तरह एमपी नगर में भी विकल्प देखे जा रहे हैं। बस इन्हीं सुविधाओं के साथ शुरू होगी मेट्रो लोकार्पण के बाद भोपाल मेट्रो बस इन्हीं सुविधाओं के साथ शुरू होगी। इनमें लिफ्ट, एस्केलेटर, सीढ़ी, एआइ सीसीटीवी, अत्याधुनिक प्रणाली, कोच में स्मार्ट लाइटिंग सिस्टम, मैनुअल टिकट, दिव्यांग व्यक्तियों के लिए निर्धारित स्थान पर स्वचालित दरवाजे, कोच में आपातकालीन संपर्क और आपातकालीन द्वार, पुरुष, महिला, दिव्यांग और ट्रांसजेंडरों के लिए शौचालय, यात्री सूचना प्रदर्शन प्रणाली, साइनेज, आडियो अनाउंसमेंट, कस्टममेर केयर सेंटर, साइकिल डेक, ड्राप आफ और पिक पाइंट की सुविधाओं के साथ मेट्रो शुरू होगी। बाहरी निर्माण कार्य दो माह तक चलते रहेंगे मेट्रो स्टेशनों के नीचे व आसपास चल रहे काम आगामी दो माह तक चलते रहेंगे। मेट्रो प्रबंधन का कहना है कि इन कामों के चलते मेट्रो के परिचालन में कोई दिक्कत नहीं आएगी। सभी स्टेशनों की गत दिवस धुलाई और सफाई का काम करवाया गया है।   एक बार में 750 यात्री कर सकेंगे यात्रा एम्स से सुभाष नगर मेट्रो स्टेशन तक एक बार में 750 यात्री मेट्रो में यात्रा कर सकेंगे। तीन कोच की इस ट्रेन के प्रत्येक कोच की क्षमता 250 यात्रियों की है। फिलहाल तीन कोच की एक मेट्रो ही अप-डाउन करेगी। यात्रियों की संख्या बढ़ने पर दो से तीन मेट्रो चलाई जा सकती हैं। इसके लिए मेट्रो प्रशासन तैयार है।