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महिलाओं की बढ़ती भागीदारी! बिहार विधानसभा चुनाव में तोड़ा वोटिंग का रिकॉर्ड, पुरुषों को छोड़ा पीछे

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दोनों चरणों का मतदान संपन्न हो गया है. पहले चरण में 6 नवंबर को 65.08% और दूसरे चरण में इससे भी अधिक मतदान दर्ज किया गया, जिससे स्पष्ट है कि इस बार जनता ने बढ़-चढ़कर अपनी राय रखी है. खासतौर पर महिलाओं और युवाओं की भागीदारी ने इस चुनाव को ऐतिहासिक बना दिया है. किस पार्टी को मिला महिलाओं का वोट? पीपुल्स पल्स रिसर्च ऑर्गनाइजेशन के एग्जिट पोल के अनुसार, बिहार की महिलाओं ने एनडीए के पक्ष में बड़ी संख्या में मतदान किया है. सर्वे के मुताबिक 45.8% मतदाताओं ने एनडीए को वोट दिया, जबकि कुल 66.8% ने गठबंधन के प्रति सकारात्मक रुख दिखाया. लिंग आधारित विश्लेषण में 38.2% पुरुषों ने महागठबंधन को समर्थन दिया, जबकि केवल 24.8% महिलाओं ने विपक्ष को वोट किया. इसका अर्थ है कि महिला वोटर एनडीए के पक्ष में निर्णायक भूमिका निभा रही हैं. महिलाओं ने क्यों NDA को दिया ज्यादा वोट? महिलाओं द्वारा एनडीए को अधिक वोट देने के पीछे “जीविका दीदी योजना” को अहम कारण माना जा रहा है. इस योजना के तहत बिहार सरकार ने 1.5 करोड़ महिलाओं को 10-10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी थी. यह योजना एनडीए के लिए “गेमचेंजर” साबित हुई, क्योंकि इससे महिला मतदाताओं में भारी उत्साह पैदा हुआ. विशेषज्ञों का मानना है कि इस स्कीम का प्रभाव लगभग 4.5 करोड़ मतदाताओं तक पड़ सकता है, जिससे चुनावी समीकरण पर सीधा असर पड़ा. राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए को महिलाओं का यह समर्थन निर्णायक बढ़त दिला सकता है. दूसरी ओर, महागठबंधन महिला वोट बैंक में पिछड़ता दिख रहा है. बिहार में इस बार महिलाएं बनेंगी गेमचेंजर?  बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में महिलाओं ने मतदान के इतिहास की नई पटकथा लिख दी है. राज्य में दो चरणों की वोटिंग में ना सिर्फ रिकॉर्ड मतदान हुआ, बल्कि महिलाओं ने भागीदारी के मामले में पुरुषों को पीछे छोड़ दिया. दोनों चरणों को मिलाकर 71.06 फीसदी यानी 3.51 करोड़ महिलाओं ने मतदान किया, जो अब तक का सबसे हाई आंकड़ा है. यह पिछले चुनावों की तुलना में करीब 10 प्रतिशत ज्यादा है. दूसरी ओर, पुरुषों में 62.8 फीसदी यानी 3.93 करोड़ मतदाताओं ने वोट डाले. यानी महिला और पुरुष वोटिंग में करीब 9 प्रतिशत (8.8%) का अंतर रिकॉर्ड किया गया है. राज्य में कुल 66.91 फीसदी मतदान के साथ 1951 से अब तक का सबसे हाई वोटिंग रिकॉर्ड बना है. पहले चरण में 69.04 फीसदी महिलाओं और दूसरे चरण में 74.03 फीसदी महिलाओं ने वोट डालकर दिखा दिया कि बिहार की 'नारी शक्ति' अब सिर्फ दर्शक नहीं, बल्कि चुनावी गणित बदलने वाली संभावित गेमचेंजर बन चुकी है. दोनों चरणों में 71 फीसदी महिलाओं ने वोट किया बिहार में दो चरणों 6 नवंबर और 11 नवंबर को वोटिंग में नारी शक्ति ने बढ़चढ़कर हिस्सा लिया और पुरुषों को पीछे छोड़ दिया. दोनों चरणों में 71.06 फीसदी यानी 3,51,45,791 महिलाओं ने वोटिंग में हिस्सा लिया. यह अब तक का सर्वोच्च मतदान है. पिछले उच्च मतदान से 10 प्रतिशत ज्यादा है. पुरुषों की बात करें तो दोनों चरणों में 39379366 ने मतदान किया. यानी कुल 62.8 फीसदी पुरुषों ने मतदान में हिस्सा लिया. यह आंकड़ा भी पिछले दो दशकों में सबसे ज्यादा है. हालांकि, 1990 के दशक के मतदान से कम है. 9 फीसदी कम रहा पुरुषों का मतदान आंकड़े के मुताबिक, पुरुष मतदाताओं की हिस्सेदारी महिला वोटर्स के मुकाबले करीब 9 फीसदी (8.8%) कम रही. महिला और पुरुषों के बीच वोटिंग में 4233575 का अंतर रहा. पहले चरण में वोटिंग की बात करें तो 69.04 फीसदी यानी 1,76,77,219 और दूसरे चरण में 74.03 फीसदी यानी 1,74,68,572 महिलाओं ने मतदान किया.  पुरुषों की बात करें तो पहले चरण में 61.56 फीसदी यानी 1,98,35,325  और दूसरे चरण में 64.1 फीसदी यानी 1,95,44,041 ने मताधिकार का प्रयोग किया. कितने महिला-पुरुषों ने मतदान किया? कुल मतदाताओं की बात करें तो पहले चरण में 37513302 महिला-पुरुषों ने वोटिंग में हिस्सा लिया. यानी पहले चरण में 65.08 फीसदी वोटिंग हुई. दूसरे चरण में 37013556 महिला-पुरुषों ने वोटिंग की और 68.76% वोटिंग हुई. कुल 74526858 लोगों ने मतदान में हिस्सा लिया और दोनों चरणों में कुल 66.91 प्रतिशत मतदान रहा. हालांकि, ये आंकड़े अंतिम नहीं हैं और इसमें डाक मत पत्र शामिल नहीं हैं. मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने साथी आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी के साथ दूसरे चरण में सभी 45,399 मतदान केंद्रों की वेबकास्टिंग सुविधा के जरिए ईसीआई के नियंत्रण केंद्र से चुनावों के संचालन की निगरानी की. 8.5 लाख से ज्यादा कर्मचारी उतरे मैदान में बिहार में दो चरणों में हुए चुनावों में 8.5 लाख से ज्यादा मतदान संबंधी कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई. 2,616 उम्मीदवार मैदान में उतरे और 1.4 लाख से ज्यादा मतदान एजेंट बनाए गए. 243 सामान्य पर्यवेक्षक, 38 पुलिस पर्यवेक्षक और 67 व्यय पर्यवेक्षक चुनाव संचालन और निगरानी करने वाली चुनाव मशीनरी का हिस्सा रहे. इस वर्ष पहली बार, अंतर्राष्ट्रीय चुनाव आगंतुक कार्यक्रम (IEVP) के अंतर्गत, दक्षिण अफ्रीका, इंडोनेशिया, थाईलैंड, फिलीपींस, बेल्जियम और कोलंबिया जैसे छह देशों के 16 प्रतिनिधियों ने बिहार का दौरा किया और चुनाव प्रक्रिया देखी. प्रतिनिधियों ने बिहार चुनावों की सराहना करते हुए कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सबसे सुव्यवस्थित, पारदर्शी, कुशल और सहभागी चुनावों में से एक है. किस पार्टी को मिले कितने प्रतिशत वोट? पीपुल्स पल्स के एग्जिट पोल के आंकड़ों के अनुसार, एनडीए को लगभग 46.2% वोट मिलने का अनुमान है, जबकि महागठबंधन को 37.9% वोट मिलने की संभावना जताई गई है. प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी को 9.7% वोट मिलने का अनुमान है, जबकि शेष छोटे दलों को करीब 6.2% वोट मिलने की संभावना है. कुल मिलाकर, बढ़ी महिला भागीदारी ने बिहार चुनाव की दिशा तय कर दी है.

चुनाव से पहले सतर्कता बढ़ी: पलामू सीमा 48 घंटे में होगी सील, सुरक्षा बलों की तैनाती तेज

पलामू झारखंड के पलामू जिले में बिहार के पड़ोसी इलाकों गया, औरंगाबाद और रोहतास में 11 नवंबर को होने वाली बिहार विधानसभा चुनाव की वोटिंग को लेकर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। बिहार में चुनाव की प्रक्रिया को सुरक्षित और शांतिपूर्ण बनाने के लिए पलामू और गढ़वा जिले के सीमावर्ती इलाके को अगले 48 घंटों में पूरी तरह से सील कर दिया जाएगा। इसके साथ ही नक्सलियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान चलाया जाएगा, जिसमें केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), झारखंड जगुआर, बिहार एसटीएफ सहित कई बलों को तैनात किया जाएगा। जोनल आईजी शैलेंद्र कुमार सिन्हा ने बताया कि सीमावर्ती इलाके में नक्सली गतिविधियों पर लगातार कड़ी निगरानी रखी जा रही है। नक्सलियों की हरकतों पर रोक के लिए चेक पोस्ट के माध्यम से सख्त कारर्वाई की जा रही है। साथ ही बिहार में प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को ध्यान में रखते हुए सीमावर्ती इलाकों की सुरक्षा और भी कड़ी कर दी गई है। मतदान से पहले क्षेत्र के सभी नक्सली कमांडरों और उनके समर्थकों की सूची हाल ही में दोनों राज्यों ने साझा की है। इस सूची के आधार पर हर नक्सली कमांडर और उनका समर्थक विशेष रूप से निशाना बनाया जाएगा। साथ ही सीमावर्ती इलाके को वोटिंग से पहले पूरी तरह से सेनेटाइज भी किया जाएगा। सुरक्षा बढ़ाने के लिए पलामू और गढ़वा जिले में इंटर स्टेट चेक पोस्ट का निर्माण किया गया है। पलामू में चार चेक पोस्ट बनाए गए हैं, जहां पुलिस और दंडाधिकारी तैनात हैं और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी रखी जा रही है। वोटिंग से ठीक 48 घंटे पहले इन चेक पोस्ट के माध्यम से बॉडर्र को पूरी तरह से सील कर दिया जाएगा ताकि किसी भी तरह की अनुचित गतिविधि को रोका जा सके।  

सीतामढ़ी के परिहार व सुरसंड में एनडीए प्रत्याशियों के समर्थन में उमड़ा जनसैलाब, बोले सीएम योगी— बिहार में माफिया की उलटी गिनती शुरू

बिहार विधानसभा चुनाव सीतामढ़ी में सीएम योगी की हुंकार, बोले- जो राम का नहीं, वह हमारे किसी काम का नहीं   सीतामढ़ी के परिहार व सुरसंड में एनडीए प्रत्याशियों के समर्थन में उमड़ा जनसैलाब, बोले सीएम योगी— बिहार में माफिया की उलटी गिनती शुरू  सीएम योगी ने कहा— अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर के बाद अब सीतामढ़ी में मां जानकी धाम पर भी बनेगा भव्य मंदिर – बोले सीएम योगी— कांग्रेस-राजद ने बिहार की पहचान को किया धूमिल, मोदी-नीतीश के नेतृत्व में बदली देश की तस्वीर – सीतामढ़ी की जनसभा में सीएम योगी की जनता से किया आह्वान- कमल और तीर पर बटन दबाकर बिहार को माफिया मुक्त बनाइए  – परिहार और गोरखपुर के बीच आस्था और संस्कार का गहरा रिश्ता है, यह हजारों वर्षों की एक साझा विरासत है – सीएम योगी – बिहार को RJD और कांग्रेस ने भ्रष्टाचार और अराजकता में झोंक दिया था- योगी आदित्यनाथ – पहचान का संकट पैदा करने वालों को बिहार की जनता ने नकारा, बिहार अब विकास चुन रही है – राम लला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे”, आज सपना साकार हुआ – मोदी-नीतीश की जोड़ी ने बदला भारत और बिहार का चेहरा, अब बिना भेदभाव हर गरीब तक योजनाओं का लाभ पहुंचा रही सरकार – अब बिहार में भी यूपी की तरह माफिया राज समाप्त होगा, जो खानदानी माफिया हैं, उनकी उलटी गिनती शुरू हो चुकी है सीतामढ़ी बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के प्रचार में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को सीतामढ़ी जिले के परिहार और सुरसंड विधानसभाओं में एनडीए प्रत्याशियों के समर्थन में जनसभा को संबोधित किया। परिहार से भाजपा प्रत्याशी गायत्री देवी और सुरसंड से जदयू प्रत्याशी नागेंद्र राउत के पक्ष में विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि बिहार की जनता अब पहचान का संकट से निकलकर, विकास का विकल्प चुन रही है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने भगवान श्रीराम और जानकी पर सवाल उठाए उनको सबक सिखाना है, क्योंकि जो राम का नहीं है, वह हमारे किसी काम का नहीं है। माता जानकी की जन्मभूमि की धरती को नमन करते हुए सीएम योगी ने कहा कि यह वही क्षेत्र है जिसे भगवान श्रीराम के अनुज लक्ष्मण के वंशजों ने संरक्षित किया था। यह माता सीता की भूमि है, जिसे नमन करना हर भारतीय का सौभाग्य है। उन्होंने कहा कि परिहार और गोरखपुर के बीच आस्था और संस्कार का गहरा रिश्ता है। यहाँ के लोग गोरखनाथ बाबा को खिचड़ी चढ़ाने आते हैं, गोरखपुर के बाजारों में यहीं के लोगों की पहचान है। यह हजारों वर्षों की एक साझा विरासत है, राम और जानकी की विरासत। पहचान का संकट पैदा करने वालों को बिहार की जनता ने नकारा सीएम योगी ने जनता से सवाल किया कि कौन थे वे लोग जिन्होंने बिहार के नौजवानों के सामने पहचान का संकट खड़ा किया?” उन्होंने कहा कि जिस बिहार ने देश को बुद्ध, महावीर, डॉ. राजेंद्र प्रसाद, जयप्रकाश नारायण और कर्पूरी ठाकुर दिए, उस बिहार को RJD और कांग्रेस ने भ्रष्टाचार और अराजकता में झोंक दिया था। सीएम योगी ने कहा कि बिहार के नौजवानों ने अपनी मेधा से दुनिया में नाम कमाया, लेकिन कांग्रेस-राजद ने उसी बिहार की पहचान धूमिल की। अब बिहार की जनता ठगी के मायाजाल में नहीं फँसेगी। राम लला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे”, आज सपना साकार हुआ सीएम योगी ने विपक्ष पर करारा प्रहार करते हुए कहा कि कांग्रेस और राजद ने भगवान श्रीराम के मंदिर निर्माण का विरोध किया था। उन्होंने कहा कि वे कहते थे राम हुए ही नहीं, उन्होंने रथयात्रा रोकी, रामभक्तों पर गोलियां चलवाईं। लेकिन हमने कहा था ‘राम लला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे’ और आज अयोध्या में भव्य राम मंदिर बन गया है। उन्होंने यह भी बताया कि  अब माता जानकी के धाम सीतामढ़ी में भी भव्य मंदिर निर्माण का कार्य शुरू हो चुका है। यह काम केवल एनडीए ही कर सकता है। मोदी-नीतीश की जोड़ी ने बदला भारत और बिहार का चेहरा मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में हुए परिवर्तन का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले 11 वर्षों में भारत की तस्वीर और तकदीर दोनों बदली है। उन्होंने कहा कि आज बिहार में सड़क, बिजली, पानी, रेलवे और एयर कनेक्टिविटी सब बेहतर हुई है। हर जिले में मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज खुले हैं। गरीब कल्याणकारी योजनाओं से हर परिवार तक राहत पहुंची है। उन्होंने कि 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन, 50 करोड़ को स्वास्थ्य बीमा, 12 करोड़ को उज्ज्वला योजना, 4 करोड़ को आवास और 3 करोड़ को मुफ्त बिजली कनेक्शन मिले हैं। यह एनडीए की सरकार ही है जो बिना भेदभाव हर गरीब तक योजनाओं का लाभ पहुंचा रही है। अब बिहार में माफिया पस्त, नौजवान मस्त होगा सीएम योगी ने जनता से आह्वान करते हुए कहा कि जो राम का नहीं, वह हमारे किसी काम का नहीं। अब बिहार में भी यूपी की तरह माफिया राज समाप्त होगा। जो खानदानी माफिया हैं, उनकी उलटी गिनती शुरू हो चुकी है। उन्होंने कहा कि जैसे उत्तर प्रदेश में माफिया पस्त हुआ, वैसे ही बिहार में भी एनडीए की सरकार बनते ही माफिया का अंत निश्चित है। योगी ने जनता से अपील करते हुए कहा कि भाजपा की गायत्री देवी और जदयू के नागेंद्र राउत को भारी मतों से विजयी बनाइए। कमल और तीर के निशान पर बटन दबाकर बिहार को विकास के पथ पर अग्रसर करिए।

बिहार विधानसभा चुनाव: नीतीश, लालू, राबड़ी और तेजस्वी ने डाला वोट, मोकामा में महिलाओं की लंबी कतारें

पटना   बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में आज 18 जिलों की 121 सीटों पर वोटिंग हो रही है. इस सियासी जंग में कुछ खास सीटें हैं- तेजस्वी यादव की राघोपुर सीट, तेज प्रताप यादव की महुआ, और तारापुर, जहां से डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी चुनाव लड़ रहे हैं.  फोकस में रहने वाली दूसरी सीटें हैं- अलीनगर, जहां से सिंगर मैथिली ठाकुर बीजेपी टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं; डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा की लखीसराय; JDU के उम्मीदवार बाहुबली अनंत सिंह की मोकामा सीट, जिन्हें अपने विरोधी दुलार चंद यादव की हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया है और RJD के उम्मीदवार दिवंगत मोहम्मद शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा शहाब की रघुनाथपुर सीट है. इसके अलावा, 122 सीटों पर वोटिंग दूसरे चरण में 11 नवंबर को होगी. चुनाव नतीजे 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे. चुनाव आयोग ने वोटिंग को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं और बूथों पर निगरानी के लिए कैमरे भी लगाए हैं. आयोग लाइव वेबकास्टिंग के जरिए सभी बूथों की निगरानी करेगा. चुनाव आयोग के मुताबिक, पहले चरण में तीन करोड़ से ज्यादा मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे, जिनमें 1.98 करोड़ पुरुष, 1.76 करोड़ महिलाएं और थर्ड जेंडर शामिल हैं. इस चरण में कई बड़े दिग्गजों की किस्मत का फैसला होगा.  मतदान केवल हमारा अधिकार ही नहीं, दायित्व भी: नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा, "लोकतंत्र में मतदान केवल हमारा अधिकार ही नहीं, दायित्व भी है. आज बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान हो रहा है. सभी मतदाताओं से आग्रह है कि अपने मताधिकार का प्रयोग अवश्य करें. मतदान करें और दूसरों को भी प्रेरित करें. पहले मतदान, फिर जलपान!"  वैशाली में भैंस पर बैठकर वोट डालने पहुंचा शख्स बिहार के वैशाली जिले के भगवानपुर प्रखंड में मतदान के दौरान एक अनोखा नज़ारा देखने को मिला. यहां के निवासी केदार प्रसाद यादव भैंस पर चढ़कर वोट डालने पहुंचे.  बिहार चुनाव पर बोलीं दिल्ली CM – NDA बहुमत से सरकार बनाएगा बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि बिहार की जनता अपने भले-बुरे को अच्छी तरह जानती है. उन्होंने कहा कि पिछले 15 वर्षों में जो विकास बिहार में हुआ है, वह केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नेतृत्व वाली एनडीए सरकार में ही संभव हुआ. रेखा गुप्ता ने विश्वास जताया कि इस बार भी एनडीए गठबंधन पूर्ण बहुमत से सरकार बनाएगा और पहले से ज्यादा वोट और सीटें जीतेगा. उन्होंने कहा, “जो खुद को ‘नायक’ समझते हैं, उन्हें समझ लेना चाहिए कि बिहार की जनता के दिलों पर राज करने वाला ही सच्चा ‘जननायक’ है. जिन्होंने जनता का पैसा लूटा, वो ‘खलनायक’ हैं और जेल जाएंगे. जो जनता को गुमराह करने वाले ‘नालायक’ हैं, वे विदेश जाकर छुट्टियां मनाएंगे.” तेज प्रताप यादव की अपील – बिहार की जनता ज़रूर करे मतदान, हर वोट की अहमियत जन शक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष और महुआ विधानसभा सीट से उम्मीदवार तेज प्रताप यादव ने बिहार की जनता से मतदान करने की अपील की है. उन्होंने कहा कि हर वोट की अपनी कीमत होती है और जनता के आशीर्वाद का अपना अलग महत्व है. तेज प्रताप यादव ने कहा, “बिहार की जनता को अपने मताधिकार का उपयोग ज़रूर करना चाहिए. हर एक वोट बहुत अहम है. माता-पिता का आशीर्वाद जैसा महत्वपूर्ण होता है, वैसे ही जनता का आशीर्वाद भी हमारे लिए सबसे बड़ा वरदान है.” 'तवा से रोटी पलटती रहनी चाहिए…', फर्स्ट फेज इलेक्शन के बीच बोले लालू बिहार में पहले चरण के मतदान के बीच सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, "तवा से रोटी पलटती रहनी चाहिए नहीं तो जल जाएगी. 20 साल बहुत हुआ! अब युवा सरकार और नए बिहार के लिए तेजस्वी सरकार अति आवश्यक है."  सुबह 9 बजे तक 13.13% वोटिंग, सहरसा सबसे आगे और लखीसराय सबसे धीमा बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण के लिए 6 नवंबर 2025 को मतदान जारी है. राज्य के विभिन्न जिलों में मतदान की शुरुआत उत्साहजनक रही है. सुबह 9:00 बजे तक के आंकड़े के अनुसार, लगभग 13.13% मतदान दर्ज किया गया है. राज्य के जिलों में मतदान का रुझान अलग-अलग दिखाई दिया है. सहरसा जिला 15.27% वोटिंग के साथ सबसे आगे रहा है. वहीं, लखीसराय जिले में मतदान की गति सबसे कम रही, जहाँ केवल 7.00% मतदान दर्ज किया गया है. जिलों में मतदान का हाल राज्य के औसत मतदान 13.13% से ज्यादा वोटिंग दर्ज करने वाले जिलों में बेगूसराय (14.60%), मुजफ्फरपुर (14.38%), वैशाली (14.30%), खगड़िया (14.15%), गोपालगंज (13.97%) और मधेपुरा (13.74%) शामिल हैं. मुंगेर (13.37%), सीवान (13.35%), सारण (13.30%) और बक्सर (13.28%) में भी औसत के करीब मतदान हुआ है. राजधानी पटना में मतदान का प्रतिशत 11.22% रहा, जो राज्य के औसत से कम है. नालंदा में भी 12.45% मतदान दर्ज हुआ है, जबकि दरभंगा का आँकड़ा 12.48% रहा है. 'तेजस्वी हारेंगे, तेज प्रताप बहुत अच्छे आदमी…', बोले केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय  केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बिहार चुनाव को लेकर कहा, "बीजेपी प्रचंड बहुमत से सरकार बनाएगी. नीतीश कुमार ही हमारे मुख्यमंत्री होंगे. तेजस्वी यादव राघोपुर से हारेंगे. तेज प्रताप बहुत अच्छे आदमी हैं, भगवान के भक्त हैं. हमारी उनको शुभकामनाएं हैं लेकिन तेजस्वी को हम हर कर्दम लेंगे और हमारे सतीश यादव वहां से जीतेंगे." उन्होंने आगे कहा कि हम तेज प्रताप को अच्छा मानते हैं तो भगवान के भक्त हैं लेकिन हम NDA का समर्थन करते हैं, इसलिए महुआ से भी एनडीए जीतेगा.

बिहार चुनाव चरण-2: कांग्रेस के स्टार प्रचारक घोषित, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी संभालेंगे मोर्चा

पटना बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दूसरे चरण को लेकर कांग्रेस ने अपने स्टार प्रचारकों की आधिकारिक सूची जारी कर दी है। कुल 40 नेताओं को इस सूची में जगह दी गई है, जो दूसरे चरण में पार्टी के उम्मीदवारों के लिए चुनाव प्रचार की कमान संभालेंगे। कांग्रेस की ओर से जारी सूची में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से लेकर क्षेत्रीय स्तर के कई अनुभवी और लोकप्रिय चेहरे शामिल हैं। सूची में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा सबसे प्रमुख नाम हैं। ये सभी नेता चुनाव प्रचार के दौरान पार्टी के मुख्य संदेश को मतदाताओं तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएंगे।  इसके अलावा संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत, भूपेश बघेल, दिग्विजय सिंह, अधीर रंजन चौधरी, पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार और युवा नेता सचिन पायलट भी इस सूची में शामिल हैं। कांग्रेस ने इस बार अनुभवी और युवा नेतृत्व का संतुलन बनाए रखने की कोशिश की है। दूसरे चरण के स्टार प्रचारकों की सूची में मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी, केसी वेणुगोपाल, प्रियंका गांधी वाड्रा, सुखविंदर सिंह सुक्खू, अशोक गहलोत, भूपेश बघेल, दिग्विजय सिंह, अधीर रंजन चौधरी, मीरा कुमार, कृष्णा अल्लावरु, सचिन पायलट, रणदीप सिंह सुरजेवाला, सैयद नसीर हुसैन, गौरव गोगोई, तारिक अनवर, डॉ. मोहम्मद जावेद और सुप्रिया श्रीनेत जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं। इनके अलावा अखिलेश प्रसाद सिंह, मनोज राम, राकिबुल हुसैन, प्रमोद तिवारी, कन्हैया कुमार, पवन खेड़ा, इमरान प्रतापगढ़ी, शकील अहमद, सुखदेव भगत, राजेश कुमार राम, शकील अहमद खान, मदन मोहन झा, सुबोध कांत सहाय, अजय राय, जिग्नेश मेवाणी, रंजीत रंजन, राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव, अनिल जयहिन्द, राजेंद्र पाल गौतम, फुरकान अंसारी और प्रदीप नरवाल के नाम भी शामिल हैं। कांग्रेस को उम्मीद है कि इन नेताओं की मौजूदगी और जनसंपर्क अभियान पार्टी को दूसरे चरण में मजबूती देगा। बता दें कि बिहार में विधानसभा चुनाव 2025 के लिए दूसरे चरण के लिए 11 नवंबर को वोट डाले जाएंगे और 14 नवंबर को वोटों की गिनती होगी। इसके साथ ही चुनाव के नतीजे सामने आएंगे।  

बिहार विधानसभा चुनाव: NDA 30 अक्टूबर को करेगा घोषणा पत्र जारी, फोकस रहेगा युवाओं और रोजगार पर

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा नीत एनडीए का घोषणापत्र 30 अक्टूबर को जारी किया जा सकता है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, एनडीए राज्य में घोषणापत्र को 'विकसित बिहार' शीर्षक के साथ जारी करेगा। बिहार में एनडीए के घोषणापत्र में छात्र, स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्र पर अधिक फोकस किया जा सकता है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ओर से 25 अक्टूबर को खगड़िया में रैली के दौरान इसके संकेत दिए गए थे। उन्होंने कहा था, "बिहार डबल इंजन से लैस होकर विकास के रास्ते पर आगे बढ़ चला है। एनडीए सरकार बिहार को आगे ले जाने के लिए तैयार है। हमारी स्पष्ट नीति है, स्कूल-कॉलेज में पढ़ाई, टाइम पर दवाई, खेतों में सिंचाई और हर घर में पानी की सप्लाई।" अमित शाह ने कहा था, "इन चार सूत्रों पर हमारा बिहार अब आगे बढ़ने वाला है।" बिहार में एनडीए के घटक दलों में भारतीय जनता पार्टी, जनता दल (यूनाइटेड), लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा शामिल हैं। 2025 के बिहार चुनाव में मुख्य मुकाबला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन और महागठबंधन के बीच है। राष्ट्रीय जनता दल के नेतृत्व वाले महागठबंधन में कांग्रेस, भाकपा, भाकपा-माले, माकपा और मुकेश सहनी की विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) शामिल हैं। हालांकि, बिहार में महागठबंधन मंगलवार शाम को अपना घोषणापत्र जारी करेगा। तेजस्वी यादव पहले ही नाई, कुम्हार, बढ़ई, लोहार, माली और मोची जैसी मेहनतकश जातियों के स्वरोजगार, आर्थिक उत्थान और उन्नति के लिए 5 साल के लिए 5 लाख की एकमुश्त ब्याज रहित राशि देने की घोषणा कर चुके हैं। महागठबंधन के मुख्यमंत्री उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने यह भी घोषणा की कि उनकी सरकार आने पर त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों और ग्राम कचहरी सदस्यों को पेंशन दी जाएगी। ग्राम कचहरी प्रतिनिधियों का 50 लाख रुपये तक का बीमा कराया जाएगा। सरकार 'जन वितरण प्रणाली' के तहत वित्तीय सहायता भी बढ़ाएगी और प्रति क्विंटल भुगतान की दर भी बढ़ाएगी।

बिहार विधानसभा चुनाव : चुनावी रण में उतरे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री

विकास को बाधित करने के लिए राजद-कांग्रेस ने शुरू की 'बुरके' की शरारतः योगी बिहार विधानसभा चुनाव चुनावी रण में उतरे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री दानापुर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार रामकृपाल यादव की नामांकन रैली में हुए शामिल सीएम ने फुलवारी शरीफ से एनडीए प्रत्याशी श्याम रजक को भी जिताने की अपील की योगी ने दानापुर से किया आह्वान- लोकतंत्र की धरती पर खिलना चाहिए लोकतंत्र का कमल बोले- 1990 से 2005 तक बिहार के जंगलराज व परिवारवाद से हर कोई वाकिफ बिहार में अपराध को बपौती बनाकर अपहरण का उद्योग चलाने का कोई दुस्साहस नहीं कर सकताः योगी राजद व कांग्रेस के भ्रष्टाचार व आपराधिक उद्योग को भी नियंत्रित करेगी एनडीए सरकारः आदित्यनाथ लोकतंत्र का गला घोंटने वाले कांग्रेस की झोली में गिरवी है राजदः सीएम अपहरण उद्योग में लिप्त राजद के पार्टनर यूपी में पहले छाती ठोककर अराजकता फैलाते थे, आज उनकी दुर्गति हो गईः योगी पटना उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार से बिहार विधानसभा के चुनावी रण में उतरे। वे दानापुर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी रामकृपाल यादव की नामांकन रैली में शामिल हुए। सीएम ने फुलवारी शरीफ से एनडीए प्रत्याशी श्याम रजक को भी जिताने की अपील की। सीएम योगी यहां विपक्षी दल राजद व कांग्रेस पर खूब बरसे। उन्होंने कहा कि बिहार में विकास की दौड़ को बाधित करने के लिए राजद, कांग्रेस व इंडी गठबंधन के सहयोगी दलों ने विकास बनाम बुरके की शरारत शुरू की है। जब बिहार विकास की चर्चा कर रहा है तो कांग्रेस, राजद ने बुरके की नई बहस को बढ़ाने का प्रयास किया है। सीएम ने कहा कि इन्हें फर्जी पोलिंग का अधिकार नहीं मिलना चाहिए। राजद व कांग्रेस फर्जी पोलिंग करवाने की चेष्टा कर रहे हैं, लेकिन विदेशी घुसपैठियों को यहां आकर बिहार के नागरिकों, गरीबों व दलितों के अधिकार पर डकैती की छूट नहीं मिलनी चाहिए। यह लोग ईवीएम नहीं, बल्कि पहले के जैसे जबर्दस्ती मतदान और मतपत्रों की छिनैती करना चाहते हैं। राजद व कांग्रेस बिहार को उसी कालखंड में ले जाने का प्रयास कर रही है। 1990 से 2005 तक बिहार के जंगलराज व परिवारवाद से हर कोई वाकिफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 1990 से 2005 तक फैले बिहार के जंगलराज और परिवारवाद को हर कोई जानता है। राजद व कांग्रेस को घेरते हुए सीएम योगी ने कहा कि इन लोगों ने बिहार की आध्यात्मिक ज्ञानभूमि को परिवारवाद और अपराध की भूमि बना दिया था। विकास के नाम पर फैलाई गई अराजकता किसी से छिपी नहीं है। उस समय पेशेवर माफिया, गुंडों को सत्ता का संरक्षण प्रदान कर बिहार के विकास को बाधित कर दिया गया था। जिस बिहार ने कभी भारत का नेतृत्व किया, 2000 वर्ष पहले भारत को स्वर्ण युग दिया। इन लोगों के कारण उस बिहार से लोग पलायन कर रहे थे। राजद-कांग्रेस के भ्रष्टाचार व आपराधिक उद्योग को भी नियंत्रित करेगी एनडीए सरकार सीएम ने कहा कि एनडीए सरकार राजद व कांग्रेस के भ्रष्टाचार व आपराधिक उद्योग को भी नियंत्रित करेगी। यूपी में माफिया जहन्नुम की यात्रा पर जा चुके हैं। यूपी में अपहरण उद्योग में लिप्त राजद के पार्टनर पहले छाती ठोककर अराजकता फैलाते थे, लेकिन आज उनकी दुर्गति हो रही है। इनकी प्रॉपर्टी जब्त कर गरीबों का आवास बना रहे हैं। सीएम ने पीएम मोदी के नेतृत्व में देश में चल रहीं विकास योजनाओं का जिक्र करते हुए विपक्षी दलों पर कटाक्ष किया कि कांग्रेस-राजद के एजेंडे में गरीब कल्याण नहीं, बल्कि परिवार कल्याण था, जबकि एनडीए ने पूरे भारत व बिहार को परिवार मानकर बिना भेदभाव योजनाओं का लाभ दिया। विकास कार्यों में खर्च होने वाले पैसे को चारा महाघोटाला में खर्च किया गया सीएम योगी ने कहा कि एनडीए ने 20 वर्ष में बिहार को उस कलंक से मुक्त किया है। अब बिहार में विकास को कोई बाधित नहीं कर सकता। कोई अपराध को जन्मसिद्ध अधिकार या बपौती बनाकर अपहरण का उद्योग चलाने का दुस्साहस नहीं कर सकता। केंद्र व प्रदेश सरकार ने मिलकर विकास के जिन कार्यों को आगे बढ़ाया है, उसमें पेशेवर माफिया बाधक नहीं बन पाएंगे क्योंकि एनडीए सरकार यहां प्रभावी भूमिका में कार्य कर रही है। बिहार का नौजवान जब बाहर जाता है तो हर क्षेत्र में अपनी पहचान बनाता है, लेकिन 1990 से 2005 तक कुछ लोगों ने बिहार के नौजवानों की प्रतिभा को कुंद कर दिया था। बिहार लंबे समय तक यह दंश झेलता रहा। यहां अनेक घोटाले हुए। विकास कार्यों में खर्च होने वाले पैसे को चारा महाघोटाला में खर्च किया गया, वहीं एनडीए सरकार ने बिहार से पहचान का संकट समाप्त किया है। बिहार में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर दिखाई दे रहा है। फर्जी पोलिंग चाहते हैं राजद-कांग्रेस सीएम योगी ने कहा कि पारदर्शी व स्वच्छ चुनाव प्रक्रिया के तहत हर मतदाता को अपनी पहचान देनी है। पहचान पत्र दिखाकर ही हर कोई मतदान कर सकता है। एनडीए के सभी दल इसे आगे बढ़ाने की कार्रवाई का समर्थन कर रहे हैं, लेकिन राजद, कांग्रेस व उनके सहयोगी दल कहते हैं कि फर्जी पोलिंग होनी चाहिए। सीएम ने इसे लोकतंत्र के लिए चुनौती बताया और कहा कि इन्हें (राजद-कांग्रेस) बिहार के नागरिकों, नौजवानों, दलितों-वंचितों के अधिकार पर डकैती डालने का अवसर नहीं मिलना चाहिए। जब चुनाव आयोग आगे बढ़ा तो यह लोग दुष्प्रचार का सहारा ले रहे हैं। सीएम ने मतदाताओं से पूछा कि दुनिया में हर जगह अपना चेहरा- पहचान दिखानी पड़ती है, लेकिन यह लोग चाहते हैं कि बिना चेहरा-पहचान पत्र देखे, जिसकी मर्जी आए वह वोट डाल दे। लोकतंत्र का गला घोंटने वाले कांग्रेस की झोली में गिरवी है राजद सीएम ने कहा कि जब कांग्रेस ने लोकतंत्र के गले को घोंटा था, तब यही बिहार उठ खड़ा हुआ था। जयप्रकाश जी ने पटना में हुंकार भरी थी और कहा था कि लोकतंत्र का गला घोंटने का अधिकार किसी को नहीं देंगे। जिस कांग्रेस ने लोकतंत्र का गला घोंटा था, उसी की झोली में राजद ने खुद को गिरवी रख दिया है। यह जेपी के सपनों पर पानी फेर रहे हैं और लूट, भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने के लिए कांग्रेस की झोली में चले गए हैं। बिहार ने दुनिया को लोकतंत्र का पाठ पढ़ाया था, वैशाली का गणतंत्र उसका उदाहरण है। बिहार ने … Read more

चुनावी मोर्चे पर उत्तर प्रदेश के अफसर तैनात, बिहार में संभालेंगे जिम्मेदारी

लखनऊ  बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Chunav) के लिए एनडीए का सीट बंटवारा हो गया है। एक साथ एनडीए दलों के नेता ने ट्वीट करके बताया है कि बीजेपी और जेडीयू 101-101 यानी बराबर सीट लड़ेगी। चिराग पासवान की लोजपा 29, उपेंद्र कुशवाहा की रालोमो 6 और जीतनराम मांझी की हम 6 सीट लड़ेगी। यह पहली बार होगा कि बिहार में जेडीयू और भाजपा विधानसभा में बराबर सीट लड़ेगी। जेडीयू हमेशा बीजेपी से ज्यादा सीट लड़कर और बड़े भाई के दर्जा में रही है। दिल्ली में बीजेपी कैंडिडेट के चयन के लिए पार्टी दफ्तर में केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक हुई है। आज देर रात या कल सुबह भाजपा अपने उम्मीदवारों की सूची जारी करना शुरू कर देगी। महागठबंधन में सीट बंटवारा फंसा हुआ है। लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव दिल्ली में हैं क्योंकि सोमवार को लैंड फॉर जॉब केस में सुनवाई के दौरान उनकी पेशी है। तेजस्वी की राहुल गांधी से मुलाकात की अभी कोई खबर नहीं है। वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी भी दिल्ली के लिए निकल गए हैं और कहा है कि महागठबंधन बीमार है, दिल्ली में इसका इलाज होगा तो स्वस्थ हो जाएगा। पटना में आरजेडी नेता भाई वीरेंद्र ने कहा है कि महागठबंधन में सीट बंटवारे का ऐलान कल हो जाएगा। बाकी दलों में प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी की दूसरी लिस्ट कल आएगी। पशुपति पारस की पार्टी ने कहा है कि वो परसों तक फैसला करेगी। बताया जा रहा है कि महागठबंधन से 4 सीट का ऑफर मिला था जो पारस को मंजूर नहीं है। अब वो असदुद्दीन ओवैसी और चंद्रशेखर आजाद के साथ गठबंधन की सोच रहे हैं।

चुनावी प्रशासन सख्त: बिहार में पीठासीन पदाधिकारियों की जांच के लिए मेडिकल टीम गठित

पटना निर्वाचन आयोग ने बिहार विधानसभा चुनाव के लिए नियुक्त माइक्रो ऑब्जर्वर, पीठासीन पदाधिकारी और मतदान पदाधिकारियों की स्वास्थ्य जांच के लिए मेडिकल टीम का गठन किया है। यह टीम 17 और 18 अक्टूबर को संबंधित पदाधिकारी और कर्मचारियों की ओर से रखे जाने वाले साक्ष्य और प्रमाण पत्रों के आधार पर उनकी जांच करेगी। आयोग ने शुक्रवार को जानकारी दी कि जो माइक्रो ऑब्जर्वर, पीठासीन पदाधिकारी और मतदान पदाधिकारी गंभीर बीमारी, रोग या दिव्यांगता के कारण निर्वाचन कार्य करने में असमर्थ हैं, उन्हें सूचित किया गया है कि उनके स्वास्थ्य संबंधी विषय को लेकर चिकित्सा जांच दल का गठन किया गया है। निर्वाचन आयोग ने इस संबंध में संबंधित पदाधिकारियों से अनुरोध किया है कि वे निर्धारित तारीखों को सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक मेडिकल टीम के सामने उपस्थित हो सकते हैं। पटना के गांधी मैदान स्थित श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में इन पदाधिकारियों की जांच की जाएगी। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि नियत तारीख के बाद किसी भी गंभीर बीमारी, रोग या विकलांगता के आधार पर चुनाव कार्य से मुक्त करने के लिए कोई आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। इससे पहले, बिहार विधानसभा चुनाव और उपचुनावों के मद्देनजर चुनाव आयोग ने 9 और 10 अक्टूबर को सभी रिटर्निंग ऑफिसर (आरओ) और असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफिसर (एआरओ) के लिए ऑनलाइन ट्रेनिंग सेशन का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में 243 आरओ और 1418 एआरओ ने वर्चुअल माध्यम से भाग लिया। इस ट्रेनिंग सेशन में नामांकन प्रक्रिया, योग्यता-अयोग्यता, मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट (एमसीसी), नामांकन वापसी, प्रतीक आवंटन, मतदान के दिन की व्यवस्थाएं और मतगणना समेत चुनाव संचालन के सभी चरणों को कवर किया गया। राष्ट्रीय स्तर के मास्टर ट्रेनर्स ने आरओ और एआरओ के शंकाओं का समाधान किया, ताकि चुनाव प्रक्रिया सुचारू रूप से संपन्न हो सके। चुनाव आयोग, जनप्रतिनिधित्व अधिनियम-1951 की धारा 21 सहपठित धारा 24 के अनुसार प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र के लिए रिटर्निंग अधिकारियों (आरओ) को नामित या मनोनीत करता है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि चुनाव कानून और उसके तहत बनाए गए नियमों के अनुसार आयोजित किए जाएं। निर्धारित अवधि के दौरान आरओ और एआरओ आयोग के नियंत्रण, अधीक्षण और अनुशासन के अधीन होंगे। आयोग मतदान से पहले सभी मतदान केंद्रों पर पीठासीन अधिकारियों के लिए एप्लीकेशन का ट्रायल रन भी आयोजित करेगा। ये सत्र संबंधित मुख्य निर्वाचन अधिकारियों की ओर से अपने-अपने राज्यों और केंद्र शासित राज्य क्षेत्रों में आयोजित किए जा रहे प्रशिक्षण सत्रों के अतिरिक्त होंगे।

सीट बंटवारे को लेकर कांग्रेस की CEC बैठक कल, बिहार चुनाव को लेकर तैयारी तेज

पटना कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति (सीईसी) बिहार विधानसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों के चयन के मकसद से बुधवार को बैठक करेगी। पार्टी सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। पार्टी यह बैठक उस वक्त करने जा रही है जब उसके सहयोगी राष्ट्रीय जनता दल और वाम दलों के साथ सीट बंटवारे पर बातचीत अंतिम दौर में है। निर्वाचन आयोग द्वारा सोमवार को बिहार में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान किया गया। राज्य विधानसभा चुनाव के लिए आगामी छह नवंबर और 11 नवंबर को दो चरणों में मतदान होगा तथा मतगणना 14 नवंबर होगी।