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बिहार का एंटी-टेरर मास्टरप्लान: ATS कमांड ऑफिस किन जिलों में बनेंगे, क्या होगी जिम्मेदारी

पटना आतंकवाद से लड़ने के लिए बिहार पुलिस महकमा में गठित विशेष इकाई एटीएस (आतंकवाद निरोध दस्ता) के चार नए क्षेत्रीय कार्यालय बनेंगे। पटना में मौजूद एटीएस के मुख्यालय के अलावा गया, मोतिहारी, दरभंगा और पूर्णिया में भी एक-एक क्षेत्रीय कार्यालय बनाए जाएंगे। इससे संबंधित प्रस्ताव तैयार करके पुलिस महकमा ने गृह विभाग को भेज दिया है। अनुमति मिलने के साथ ही इनके गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। यह जानकारी एडीजी (विधि-व्यवस्था) पंकज कुमार दराद ने दी। वह सोमवार को पुलिस मुख्यालय सरदार पटेल भवन के सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ये क्षेत्रीय कार्यालय जहां मौजूद रहेंगे, वहां के आसपास के जिलों को इससे जोड़ा जाएगा। एडीजी दराद ने कहा कि इन क्षेत्रीय कार्यालय का गठन होने से एटीएस की कार्य क्षमता का विकास होगा। इनकी जवाबदेही आतंकवाद से जुड़ी गतिविधि पर नजर रखने के साथ ही धार्मिक, राष्ट्रविरोधी और आपराधिक गतिविधि पर भी नजर रखने की होगी। यह सभी जिलों में मौजूद स्पेशल ब्रांच के समानांतर काम करेगा। प्रत्येक क्षेत्रीय कार्यालय की कमान डीएसपी रैंक के अधिकारी के पास होगी। उन्होंने कहा कि एटीएस सीमावर्ती इलाकों में आतंकवाद से जुड़ी गतिविधियों पर भी निरंतर नजर बनाए रखता है। राष्ट्र विरोधी गतिविधियों से संबंधित धाराओं में जेल में बंद जो लोग छूटकर बाहर आते हैं, उन पर भी निरंतर नजर बनाए रखने और इनसे संबंधित सूचना एकत्र करने का काम भी एटीएस के स्तर से की जाती है। उन्होंने कहा कि एटीएस की सोशल मीडिया इकाई के माध्यम से 176 व्यक्ति को चरमपंथी विचारधारा के कारण चिन्हित किया गया है। इसमें 12 लोगों को अतिचरमपंथी उन्माद की प्रवृति को लेकर मानसिक रूप से प्रेरित करके समझाने का काम किया गया है। एडीजी ने कहा कि सभी जिलों में मौजूद तमाम थानों में एक अधिकारी और एक सिपाही को खासतौर से आसूचना एकत्र करने के लिए रखा गया है। इनकी जवाबदेही मादक पदार्थों की तस्करी, शराब के अवैध व्यापार, आतंकवाद, अपराध समेत अन्य सभी जरूरी मुद्दों पर आसूचना एकत्र कर इसे जिला से लेकर मुख्यालय तक पहुंचाने की होगी। जिलों में मौजूद सीएटी की टीम के साथ समन्वय स्थापित कर ये कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि एसटीएस के अंतर्गत गठित विशेष स्वाट (एसडब्ल्यूएटी यानी स्पेशल वेपन एंड टैक्टिस टीम) टीम की जिम्मेदारी राज्य में मौजूद 257 संवेदनशील संस्थानों के निगरानी की है। इसमें पिछले वर्ष 194 और इस वर्ष 41 में मॉक ड्रील एवं रेकी की गई है। उन्होंने कहा कि एटीएस के अब तक 176 कमांडों को विशेष रूप से ट्रेनिंग दी जा चुकी है। इन्हें एसजी के मनेसर और कोलकाता स्थित केंद्रों पर खासतौर से प्रशिक्षण दिया गया है।  

बिहार भूमि पोर्टल पर बड़ा बदलाव: पारिवारिक जमीन का दाखिल-खारिज होगा एक साथ

पटना  बिहार के उपमुख्यमंत्री और राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने शनिवार को कहा कि पारिवारिक भूमि बंटवारे की प्रक्रिया को सरल, आसान और विवाद मुक्त बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने बंटवारा दाखिल-खारिज की नई व्यवस्था आज से बिहार भूमि पोर्टल पर लागू कर दी गई है। अधिकारियों को व्यवस्था में सुधार के निर्देश सिन्हा ने आज आवासीय कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में बताया कि बंटवारा दाखिल-खारिज की नई व्यवस्था राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के बिहार भूमि पोर्टल पर लागू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि इससे अब एक ही आवेदन के माध्यम से परिवार के सभी हिस्सेदारों के नाम उनके हिस्से की भूमि पर जमाबंदी कायम हो सकेगी। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि पूर्व की व्यवस्था में पारिवारिक बंटवारे के बाद प्रत्येक हिस्सेदार को अपने हिस्से की जमीन के लिए अलग-अलग दाखिल-खारिज कराना पड़ता था, जिससे लोगों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने विभागीय अधिकारियों को व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए थे। उन्होंने कहा कि निर्देशों के आलोक में प्रधान सचिव सी. के. अनिल के नेतृत्व में विभागीय टीम ने अल्प समय में नई व्यवस्था विकसित की, जिसे अब बिहार भूमि पोटर्ल की दाखिल-खारिज सेवा के अंतर्गत लागू कर दिया गया है। इससे आम रैयतों को काफी सहूलियत मिलेगी। जमीन की जमाबंदी अपने नाम से अवश्य कराएं उपमुख्यमंत्री ने आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने पूर्वजों की भूमि का विधिवत बंटवारा कर डिजिटल माध्यम से अपने हिस्से की जमीन की जमाबंदी अपने नाम से अवश्य कराएं।उन्होंने विशेष रूप से उन लोगों से आग्रह किया, जिनके यहां अब तक मौखिक बंटवारा के आधार पर जमीन पर कब्जा और उपयोग हो रहा है, वे इस नई सुविधा का लाभ उठाकर मौखिक बंटवारे को अपने सरकारी दस्तावेजों में दर्ज कराएं। उन्होंने कहा कि मौखिक बंटवारा आगे चलकर पारिवारिक भूमि विवाद का कारण बनता है और ऐसे मामलों में लोग कई सरकारी योजनाओं एवं सुविधाओं से वंचित रह जाते हैं। सिन्हा ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत उत्तराधिकार-सह-बंटवारा की सुविधा भी उपलब्ध है, जिसके अंतर्गत पूर्वज की मृत्यु के बाद उनकी भूमि का बंटवारा करते हुए सभी उत्तराधिकारियों के नाम उनके हिस्से की जमीन पर अलग-अलग जमाबंदी एक साथ की जा सकेगी। राजस्व महाअभियान के दौरान मिले 46 लाख से अधिक आवेदन विजय सिन्हा ने कहा कि इसी वर्ष अगस्त-सितंबर में चलाए गए राजस्व महा-अभियान के दौरान 46 लाख से अधिक आवेदन मिले हैं। उनमें से 40 लाख से अधिक आवेदन बंटवारा एवं उत्तराधिकार नामांतरण से अधिक थे। इन आवेदनों को 31 दिसंबर तक अपलोड कर लिया जाएगा तथा जनवरी से मार्च के बीच पुन: पंचायतों में ही शिविर लगाकर सभी आवेदनों का निष्पादन सुनिश्चित किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री ने बताया कि लोगों को भूमि से संबंधित परेशानियों से निजात दिलाने के उद्देश्य से ही भूमि सुधार जनकल्याण संवाद की शुरुआत की गई है। इस संवाद के माध्यम आमलोगों की परेशानियों को जिलों में जाकर समझने और समय सीमा में लोगों की समस्या का समाधान करना सरकार का उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि यह पहल भूमि प्रशासन को पारदर्शी, सरल और जनोन्मुखी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

बिहार में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूती, नए साल में दो नए मेडिकल कॉलेजों की शुरुआत

पटना बिहार में नए साल के आगाज के साथ ही राज्य को दो नए अत्याधुनिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल मिलने जा रहे हैं, जिससे बिहार में मेडिकल कॉलेजों की कुल संख्या बढ़कर 15 हो जाएगी। स्वास्थ्य विभाग के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, वैशाली जिले के महुआ में निर्मित मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल और भोजपुर जिले के आरा में स्थापित वीर कुंवर सिंह मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल का संचालन जनवरी, 2026 से शुरू कर दिया जाएगा। दोनों संस्थानों में 500- 500 बेड की सुविधा होगी। 100-100 यूजी छात्रों को मिलेगा नामांकन इन दोनों के निर्माण में क्रमश: 500 करोड़ और 543 करोड़ रुपये की लागत आई है। इन मेडिकल कॉलेजों में प्रत्येक में 100-100 यूजी छात्रों को नामांकन दिया जाएगा। छात्रों के लिए आधुनिक छात्रावास भवन और डॉक्टरों और कर्मचारियों के लिए आवासीय सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। दोनों संस्थान नेशनल मेडिकल काउंसिल (NMC) के मानकों के अनुरूप संचालित होंगे। मेडिकल कॉलेजों में जनरल मेडिसिन, सर्जरी, पीडियाट्रिक्स, गायनेकोलॉजी, आईसीयू जैसी प्रमुख स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी। इसके साथ ही मरीजों को इंडोर- आउटडोर इलाज, जांच, दवा वितरण, ऑप्टोसी ब्लॉक, डेमो रूम और म्यूजियम जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं भी मिलेंगी। 10 वर्ष पहले केवल 6 राजकीय मेडिकल कॉलेज थे उल्लेखनीय है कि 10 वर्ष पहले बिहार में केवल 6 राजकीय मेडिकल कॉलेज थे, लेकिन बीते एक दशक में यह संख्या बढ़कर 11 जिलों में 13 मेडिकल कॉलेजों तक पहुंच गई है। वर्तमान में पटना, गया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, भागलपुर, मधेपुरा, बेतिया, नालंदा, छपरा, पूर्णिया और समस्तीपुर समेत कई जिलों में मेडिकल कॉलेज सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि आने वाले पांच वर्षों में शेष जिलों में भी एक-एक मेडिकल कॉलेज का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा। सीवान और बेगूसराय में निर्माण कार्य लगभग 45 से 50 प्रतिशत, जबकि बक्सर, मधुबनी सहित अन्य जिलों में 60 से 80 प्रतिशत तक कार्य पूरा हो चुका है।  

शीतलहर से कांपा बिहार, मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए रेड/ऑरेंज अलर्ट जारी किया

पटना बिहार में ठंड का सितम लगातार बढ़ता जा रहा है। शीतलहर के बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में अत्यधिक घने कोहरे को लेकर Orange Alert जारी किया है। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों में ठंड और बढ़ सकती है, जिससे जनजीवन और यातायात पर असर पड़ने की आशंका है। 10 डिग्री से नीचे लुढ़का पारा, औरंगाबाद-सबौर सबसे ठंडा IMD Bihar के मुताबिक शुक्रवार को राज्य के अधिकांश जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। Aurangabad और Bhagalpur ke Sabour बिहार के सबसे ठंडे स्थान रहे, जहां न्यूनतम तापमान 7.4°C रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा तापमान का हाल इस प्रकार रहा—     Gaya: 7.6°C     Bhagalpur & Sheikhpura: 8.9°C     Valmiki Nagar (West Champaran) & Dehri: 9.0°C     Jehanabad: 9.3°C     Saharsa: 9.5°C लगातार गिरते तापमान ने लोगों की कंपकंपी बढ़ा दी है।  इन जिलों में घना कोहरा हो की  चेतवानी मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को राज्य के कई जिलों में घने से बहुत घने कोहरे की संभावना है। IMD ने जिन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट फॉर डेनसे फोग Orange Alert for Dense Fog जारी किया है, वे हैं—पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सिवान, सारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, वैशाली, पटना, भोजपुर, बक्सर, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, अरवल और जहानाबाद। सुबह के समय दृश्यता बेहद कम रहने की आशंका है। IMD Patna के मुताबिक शुक्रवार को राज्य के कई हिस्सों में कोहरे के कारण दृश्यता काफी घट गई थी। Low Visibility के चलते सड़क दुर्घटनाओं, ट्रेन लेट होने और फ्लाइट ऑपरेशन प्रभावित होने की संभावना रहती है। लोगों को खासतौर पर सुबह और देर रात अनावश्यक यात्रा से बचने और सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने अगले 72 घंटे तक सतर्क रहने को कहा है। IMD ने जारी की चेतावनी मौसम विभाग ने शनिवार के लिए कोल्ड डे भी जारी किया है। ऐसे में दिन के समय भी ठंड का असर बना रह सकता है और धूप बेहद कमजोर रहने की संभावना है। 28 दिसंबर को मौसम का पूर्वानुमान आने वाले कल (28 दिसंबर 2025) को बिहार के उत्तरी और दक्षिणी हिस्सों में घने से अत्यधिक घने कोहरे की संभावना है। IMD ने विशेष रूप से इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है: पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सिवान, सारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, वैशाली, पटना, भोजपुर, बक्सर, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, अरवल और जहानाबाद। इसके अलावा, कोल्ड डे की स्थिति बनी रह सकती है, जहां दिन में भी धूप कमजोर रहेगी और ठंडक बरकरार रहेगी।  जानिए कोल्ड डे का मतलब जब किसी क्षेत्र में न्यूनतम तापमान शीतलहर की श्रेणी में पहुंच जाए और साथ ही अधिकतम तापमान भी सामान्य से काफी नीचे चला जाए, तो उसे कोल्ड डे कहा जाता है। इस स्थिति में पूरे दिन ठंड बनी रहती है और सूरज की गर्माहट का असर बहुत कम होता है।  

मद्य निषेध विभाग में तबादलों की लिस्ट जारी, बिहार में 6 अधिकारियों की नई तैनाती

पटना बिहार में मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल किया। करीब आधा दर्जन अधिकारियों का तबादला कर दिया गया। इस संबंध में विभाग की ओर से अधिसूचना जारी कर जानकारी दी गई है। कई अधिकारियों को वर्त्तमान पदस्थापन से स्थानांतरित कर नए स्थानों पर पदस्थापित किया गया है। यह आदेश अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा। किन अधिकारियों का हुआ तबादला? जारी अधिसूचना के अनुसार, अमृता कुमारी को आयुक्त उत्पाद के सचिव के साथ सहायक आयुक्त मद्यनिषेध का दायित्व सौंपा गया है। वहीं आदित्य कुमार को दानापुर का मद्यनिषेध अधीक्षक तो दीपक कुमार मिश्र को किशनगंज का मद्यनिषेध अधीक्षक नियुक्त किया गया है। इसके अतिरिक्त मनोज कुमार राय को औरंगाबाद का मद्यनिषेध अधीक्षक, मनोज कुमार को सहरसा का मद्यनिषेध सहायक आयुक्त, अशोक कुमार को सुपौल का मद्यनिषेध अधीक्षक नियुक्त किया गया है।  

ठंड से कांपा बिहार: घना कोहरा, कोल्ड वेव के बीच 29 दिसंबर तक ऑरेंज अलर्ट

पटना बिहार इस समय कड़ाके की ठंड और घने कोहरे की चपेट में है। मौसम विभाग ने शीतलहर और घने कोहरे को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है और राज्य को 29 दिसंबर तक ठंड से राहत मिलने की संभावना नहीं है। पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बर्फबारी और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का सीधा असर बिहार के मैदानी जिलों में देखा जा रहा है। बर्फीली पछुआ हवाओं के कारण ठंड बढ़ गई है। हालात की गंभीरता को देखते हुए मौसम विभाग ने पूरे राज्य के लिए शीतलहर और घने कोहरे का ऑरेंज अलर्ट  जारी किया है, जो कम से कम अगले चार से पांच दिनों तक प्रभावी रहेगा। बिहार में कोल्ड डे जैसे हालात मौसम विभाग के अनुसार, 29 दिसंबर तक राज्य के कई हिस्सों में भीषण शीतलहर का दौर जारी रहने की संभावना है। बीते एक सप्ताह से बिहार में ‘कोल्ड-डे' जैसी स्थिति बनी हुई है। लगातार धूप नहीं निकलने के कारण दिन के तापमान में असामान्य गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे दिन में भी अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ रहा है। तापमान 10 डिग्री तक पहुंचा विशेषज्ञों का मानना है कि 30 दिसंबर के बाद ही मौसम में हल्का सुधार संभव है, उससे पहले राहत की उम्मीद कम है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में बिहार का औसत न्यूनतम तापमान 9.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राजधानी पटना में न्यूनतम तापमान गिरकर 11 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जबकि कई जिलों में दिन का तापमान भी 9 से 10 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। इसी कारण ‘शीत दिवस' की स्थिति लोगों के लिए अधिक परेशानी का कारण बन रही है।   29 दिसंबर तक शीत दिवस की स्थिति बने रहने की संभावना मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, जब तक हवाओं की दिशा में बदलाव नहीं होता और पहाड़ी इलाकों से आने वाली बर्फीली हवाओं की तीव्रता कम नहीं होती, तब तक बिहार को इस कंपकंपाती ठंड से राहत मिलना मुश्किल है। विभाग ने बताया कि उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बर्फबारी का सीधा प्रभाव बिहार पर पड़ रहा है। 29 दिसंबर तक शीत दिवस की स्थिति बने रहने और न्यूनतम व अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे रहने का अनुमान है। इसके अलावा अगले चार से पांच दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में सुबह के समय मध्यम से घना कोहरा छाए रहने की संभावना है, जिससे दृश्यता काफी कम रह सकती है।

300 रुपये के लिए चली गोली! बिहार में बदमाशों का कहर, दुकानदार से 10 हजार लूटे

बाढ़ बाढ़ अनुमंडल के पंडारक थाना क्षेत्र में अपराधियों का मनोबल इस कदर बढ़ गया है कि मात्र 300 रुपये मांगने पर किराना दुकानदार को गंभीर चोटें आई हैं। ताजा मामला लेमुआबाद गांव का है, जहां तीन बदमाशों ने एक जनरल स्टोर संचालक पर गोली चला दी। जानकारी के अनुसार, लेमुआबाद गांव निवासी जवाहर साह अपनी जनरल स्टोर की दुकान पर बैठे थे। तभी तीन युवक दुकान में आए और कुछ सामान खरीदा। सामान की कुल कीमत 300 रुपये थी। जब दुकानदार ने पैसे माँगे, तो बदमाशों ने गाली-गलौज करते हुए भुगतान से इनकार कर दिया। इसके बाद उन्होंने हथियार निकालकर दुकानदार पर फायरिंग कर दी। गोली जवाहर साह के हाथ में लगी, जिससे वह लहूलुहान होकर गिर पड़े। गोली की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, तब तक अपराधी फरार हो चुके थे। परिजनों और ग्रामीणों ने घायल दुकानदार को तुरंत बाढ़ अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया गया। घायल दुकानदार ने बताया कि उसके काउंटर में रखे दस हजार रुपये भी अपराधियों ने लूट लिए। घटना के बारे में मुखिया प्रतिनिधि सुमित कुमार ने बताया कि वह दुकान के पास खड़े थे। उन्होंने कहा कि तीन युवक दुकान से सामान खरीदने आए और तीन सौ रुपये के सामान का भुगतान मांगने पर दुकानदार को गोली मार दी। साथ ही काउंटर में रखे रुपए लूट लिए। उन्होंने कहा कि एक आरोपी की पहचान हो चुकी है। थाना अध्यक्ष नवनीत राय ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि तीन युवक दुकान में आए और तीन सौ रुपये के उधार सामान लेने के बाद दुकानदार पर गोली चलाई गई। सभी आरोपी गांव के ही निवासी हैं और उनकी पहचान की जा रही है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की छानबीन शुरू कर दी है और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। हमलावरों की तलाश जारी है।  

ठंड से ठिठुरा बिहार: 14 जिलों में Cold Day का अलर्ट जारी

पटना बिहार के अधिकांश जिलों में इन दिनों गंभीर शीत लहर और कड़ाके की ठंड ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। मौसम विभाग के अनुसार दिन और रात के तापमान में बेहद कम अंतर रह जाने से राज्यभर में कनकनी काफी बढ़ गई है। फिलहाल पटना, अरवल और औरंगाबाद समेत 14 जिलों में शीत दिवस (Cold Day) की स्थिति बनी हुई है और अगले 3 से 4 दिनों तक ठंड से राहत मिलने की संभावना नहीं है। कई इलाकों में छाया रहेगा घना कोहरा मौसम विभाग ने बताया है कि बिहार के अलग-अलग हिस्सों में Dense Fog बने रहने के आसार हैं। सुबह और रात के समय कोहरे का असर ज्यादा रहेगा, जिससे सामान्य जनजीवन के साथ-साथ यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है। 7–8°C के साथ सबसे ठंडा रहा गयाजी बीते 24 घंटों के दौरान गयाजी राज्य का सबसे ठंडा स्थान दर्ज किया गया। यहां न्यूनतम तापमान 7 से 8 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड किया गया, जिससे ठंड का प्रकोप और ज्यादा महसूस किया गया। रेल, सड़क और हवाई सेवाएं प्रभावित घने कोहरे के कारण कम दृश्यता की स्थिति बनी हुई है। इसका सीधा असर रेल, सड़क और हवाई यातायात पर पड़ा है। पटना, दरभंगा और पूर्णिया एयरपोर्ट से आज भी कई नियमित उड़ानें रद्द की गई हैं, जबकि कुछ फ्लाइट्स देरी से संचालित हो रही हैं। वहीं कोहरे की वजह से लंबी दूरी की कई ट्रेनें अपने तय समय से काफी देरी से चल रही हैं। ठंड के चलते स्कूलों में छुट्टी तेज ठंड और शीतलहर से बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ रहे असर को देखते हुए जिला प्रशासन ने स्कूलों को लेकर अहम फैसले लिए हैं—     पटना जिला: कक्षा 8 तक के सभी स्कूल 27 दिसंबर तक बंद     लखीसराय: कक्षा 8 तक शैक्षणिक गतिविधियां 4 जनवरी 2026 तक स्थगित     कक्षा 9 और उससे ऊपर की कक्षाएं सावधानी के साथ जारी     शेखपुरा: कक्षा 8 तक के स्कूलों में 26 दिसंबर तक पठन-पाठन पर रोक     प्रशासन ने अभिभावकों से बच्चों को ठंड से बचाने की अपील की है।

जमीन की कीमतें आसमान छू रही हैं, बिहार के इस इलाके में बढ़ा रेट

पटना  बिहार भूमि से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल, पटना जिले के शहरी और ग्रामीण इलाकों में जमीन की न्यूनतम मूल्य दर (MVR / सर्किल रेट) में भारी बढ़ोतरी होने जा रही है। जिला मूल्यांकन समिति की सिफारिश और निबंधन विभाग की समीक्षा के बाद जल्द ही नई दरें लागू की जाएंगी। स्टांप ड्यूटी में भी बढ़ोतरी नई MVR लागू होने के बाद जमीन की रजिस्ट्री के समय 10 प्रतिशत स्टांप ड्यूटी नए रेट के अनुसार देनी होगी। उदाहरण के तौर पर ऐसे में ₹3 करोड़ की जमीन पर ₹30 लाख स्टांप शुल्क तो वहीं ₹5 करोड़ की जमीन पर ₹50 लाख स्टांप शुल्क लगेगा पटना के प्रमुख इलाकों में जमीन के नए रेट सूत्रों के अनुसार, पटना के पॉश और विकसित इलाकों में जमीन की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखा जाएगा:     फ्रेजर रोड: न्यूनतम ₹5 करोड़     दानापुर: लगभग ₹2 करोड़     कंकड़बाग (मुख्य सड़क): करीब ₹3 करोड़     बिहटा (कृषि भूमि): ₹70,000–₹80,000 प्रति कट्ठा   शहरी और ग्रामीण इलाकों में कितनी बढ़ी दरें?     शहरी इलाके: सर्किल रेट में लगभग 3 गुना बढ़ोतरी     पटना से सटे ग्रामीण इलाके: लगभग 4 गुना बढ़ोतरी इससे जमीन के बाजार मूल्य और सर्किल रेट के बीच का अंतर काफी हद तक कम हो जाएगा। 10 साल बाद हुआ बड़ा बदलाव ग्रामीण इलाकों में अंतिम बार MVR संशोधन 2013 में शहरी इलाकों में अंतिम संशोधन 2016 में हुआ था। बीते एक दशक में जमीन की कीमतों में तेज़ वृद्धि हुई, लेकिन सर्किल रेट अपडेट नहीं होने से सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा था।  

अगले 7 दिन में सर्दी से संभलें! बिहार के इन जिलों में कोल्ड डे अलर्ट

पटना बिहार में सर्द पछुआ हवाओं ने ठंड को और तीखा कर दिया है और मौसम के इस बदले मिजाज के बीच इस मौसम में पहली बार शीत दिवस की स्थिति  बनी है, जिसे लेकर मौसम विज्ञान केंद्र ने यलो अलर्ट जारी किया है। राजधानी पटना समेत मुजफ्फरपुर, पूर्णिया और राज्य के कई जिलों में लगातार चौथे दिन रविवार को भी धूप नहीं निकल पाई है। विभाग का कहना है कि अगले सात दिनों तक प्रदेश में मौसम शुष्क बना रहेगा। इन जिलों में अलर्ट जारी मौसम विभाग (IMD)  के अनुसार, शीत दिवस के दौरान दिन और रात के तापमान में अंतर काफी कम हो जाता है। इस समय न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस या उससे नीचे चला गया है, जबकि अधिकतम तापमान सामान्य से करीब पांच डिग्री तक नीचे दर्ज किया जा रहा है। ठंडी हवाओं और धूप की कमी के कारण लोगों को दिन में भी कड़ाके की ठंड का एहसास हो रहा है। रविवार को गोपालगंज, सिवान, सारण, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, वैशाली, समस्तीपुर, बेगूसराय, शेखपुरा, नालंदा, जहानाबाद, नवादा, औरंगाबाद, अरवल, रोहतास, भोजपुर, बक्सर, भभुआ, पटना और गया में शीत दिवस का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके साथ ही मौसम विभाग ने घने कोहरे को लेकर भी चेतावनी दी है। पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, पटना, जहानाबाद, गया जी, नालंदा, नवादा और शेखपुरा में ऑरेंज अलर्ट (IMD Alert) जारी किया गया है। अगले 7 दिनों तक शुष्क बना रहेगा मौसम विभाग का कहना है कि घने कोहरे के कारण द्दश्यता में भारी कमी आ सकती है, जिससे सड़क और हवाई यातायात प्रभावित होने की आशंका है। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, 25 दिसंबर तक मौसम में खास बदलाव की संभावना नहीं है। पटना में दिन का तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे रह सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 10 डिग्री तक गिरने के आसार हैं। अगले सात दिनों तक प्रदेश में मौसम शुष्क  बना रहेगा। आगे के पूर्वानुमान के अनुसार, 21 दिसंबर को पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी और मधुबनी में घने कोहरे की संभावना है। 22 दिसंबर को पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सिवान और सारण के एक- दो स्थानों पर घना कोहरा छाया रह सकता है। इसके बाद भी अगले चार से पांच दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में मध्यम से घना कोहरा बने रहने की आशंका है। तापमान को लेकर राहत की फिलहाल कोई उम्मीद नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों में अधिकतम और अगले पांच दिनों में न्यूनतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है।