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बिहार के 4 कोर्ट को उड़ाने की धमकी के बाद परिसर करवाए गए खाली

पटना. बिहार के 4 कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। इसमें पटना सिविल कोर्ट, पटना सिटी कोर्ट, किशनगंज सिविल कोर्ट, गयाजी सिविल कोर्ट शामिल है। धमकी एक अज्ञात मेल के जरिए दी गई है, जिसमें लिखा है- 'कोर्ट परिसर में 3 RDX रखा है। 2.30 बजे कोर्ट को बम से उड़ा देंगे।' धमकी के बाद प्रदेश के सभी कोर्ट की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। सूचना मिलने के बाद कोर्ट परिसर को खाली कराया जा रहा है। वकील और जज अपने चैंबर से बाहर निकल गए हैं। पटना के पीरबहोर थाने की पुलिस कोर्ट परिसर में छानबीन कर रही है। फिलहाल कोर्ट को बंद कर दिया गया है। किसी को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं है। पटना सिविल कोर्ट में जो भी लोग आ रहे हैं, उन्हें लौटाया जा रहा है। कैदी, गवाह सभी को लौटा दिया गया है। धमकी मिलने के बाद पटना सिविल कोर्ट को खाली कर दिया गया है। धमकी मिलने के बाद पटना सिविल कोर्ट को खाली कर दिया गया है। धमकी के बाद किशनगंज सिविल कोर्ट में जांच बढ़ा दी गई है। पटना सिविल कोर्ट के वकील दिनकर दुबे ने कहा, 'पटना सिविल कोर्ट को फिर से उड़ाने की धमकी दी गई। ये धमकी सुबह 11 बजे ई-मेल के जरिए मिली है। ये तीसरी बार है जब कोर्ट परिसर को उड़ाने की धमकी मिली है, लेकिन एक बार भी एक्शन नहीं लिया गया है। यही नेता मंत्री के साथ होता तो एक्शन होता। धमकी देने वालों की गिरफ्तारी होनी चाहिए।' किशनगंज: तमिलनाडु से आया मेल किशनगंज सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। यह धमकी एक ईमेल के माध्यम से आई, जिसमें कोर्ट परिसर में विस्फोटक होने का दावा किया गया। इस घटना के बाद पुलिस प्रशासन अलर्ट हो गया है। SP सागर कुमार ने बताया, 'धमकी भरा ईमेल तमिलनाडु से भेजा गया है। धमकी मिलने के बाद, कोर्ट परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस की विशेष टीमों ने कोर्ट परिसर की तलाशी ली, हालांकि अभी तक कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है।' 3 महीने पहले भी मिली थी धमकी धमकी मिलने की यह 5वीं घटना है। इससे पहले 16 अक्टूबर 2025 में पटना और बाढ़ सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। ये धमकी ईमेल के जरिए दी गई थी। इमेल में लिखा था, कोर्ट परिसर में RDX रखा गया है। इस सूचना के बाद अफरा-तफरी का माहौल बन गया है। 28 अगस्त 2025 को भी मिली थी धमकी इससे पहले 28 अगस्त को पटना सिविल कोर्ट को ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। ई-मेल में लिखा गया, '4RDX ILEDs न्यायधीश के रूम और कोर्ट कैंपस में लगाए हैं। यह अभियान पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के सहयोग से किया गया है।' 'बिहार से तमिलनाडु आने वाले प्रवासी मजदूरों की संख्या बढ़ने से तमिलनाडु की स्थानीय जनसंख्या की संरचना प्रभावित हो रही है।'

भागलपुर में रेलवे की जमीन पर बनीं 80 दुकानों पर चला बुलडोजर

भागलपुर/नवगछिया. नवगछिया रेलवे स्टेशन की जमीन पर अवैध रूप से संचालित विभिन्न प्रकार की दुकानों पर बुलडोज़र चला कर मंगलवार को ध्वस्त कर दिया गया। रेल प्रशासन के साथ ही स्थानीय प्रशासन द्वारा रेलवे स्टेशन और रोड के बीच अवैध रूप से संचालित इन दुकारों को तोड़कर रेलवे की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। इस दौरान बिहपुर के आइएन केके मिश्रा, आइओडब्लू अविनाश कुमार, आरपीएफ इंस्पेक्टर मुन्ना कुमार पासी, कटिहार के रेल इंस्पेक्टर राकेश रंजन झा, नवगछिया जीआरपी थानाध्यक्ष अरुण कुमार चौधरी एवं नवगछिया बीडीओ सह दंडाधिकारी पंकज कुमार दास मौजूद रहे। दंगा निरोधक दस्ता के साथ-साथ स्थानीय पुलिस भी इस दौरान मुस्तैद रही। मौके पर केके मिश्रा ने बताया कि गेट नंबर 12 मिल टोला के समीप से काली स्थान के बीच में लगभग 80 दुकानों को बुलडोज़र से तोड़ा गया है। इस से बाजार में हड़कंप मच गया। लोग अतिक्रमित की गई जगह को तत्काल खाली करने लगे जिससे वहां पर अफरातफरी का माहौल बन गया। अवैध रूप से लगी दुकानों को हटा लेने को लेकर रेलवे ने दुकानदारों को पहले ही सूचना दे दी थी। नहीं हटाने वालों की दुकानें तोड़ी गई। इधर, स्थानीय लोगों ने रेल प्रशासन की इस पहल का स्वागत किया है। मालूम हो कि रेलवे की ज़मीन पर लगभग 153 अस्थाई दुकानें हैं जो रेलवे द्वारा स्वीकृत की गई हैं। अस्थाई दुकान को लेकर लगभग 57 लाख की लागत से संवेदक तय किया गया है। जो 97 मीटर में 30 दुकान निर्माण कर आवंटित किए जाएंगे। मौके पर आरपीएफ के दारोगा रवि कुमार, जीआरपी के एएसआइ रास बिहारी सहित पुलिस पदाधिकारी मौजूद थे। इधर, भाकपा माले व खेग्रामस ने अतिक्रमण हटाने के खिलाफ वैशाली चौक पर प्रदर्शन किया। नवगछिया, कटारिया व खरीक के बीच रेलवे ने लिया 4 घंटा ब्लाक नवगछिया, कटरिया एवं खरीक रेलवे स्टेशन के बीच अपलाइन की पटरी पर मरम्मत को लेकर दोपहर 1:00 बजे से लेकर संध्या 4:00 बजे तक अपलाइन ब्लाक रखा गया। ब्लाक के कारण अपलाइन से गुजरने वाली सभी गाड़ियां डाउनलाइन प्लेटफार्म संख्या एक से गुजराई गई। ब्लॉक एवं ट्रेन विलंब होने को लेकर यात्रियों में अफरातफरी रही। प्लेटफार्म नंबर 2 से कटिहार की ओर से आने वाले सभी गाड़ियां प्लेटफार्म संख्या एक होकर गुजरी। जिसमें टाटा लिंक एक्सप्रेस, सवारी गाड़ी, राधिकापुर एक्सप्रेस एवं राजधानी एक्सप्रेस आदि ट्रेनें थी। यात्रियों द्वारा बताया गया कि अचानक ट्रेन को दो नंबर के बदले एक नंबर प्लेटफार्म आने की घोषणा के कारण यात्रियों को या तो प्लेटफार्म के फुट ओवर ब्रिज से आना पर रहा था। जीआरपी थानाध्यक्ष के द्वारा पटरी पार करने पर कई लोगों को फटकार भी लगाई गई। बताया गया कि ब्लाक आगे एक सप्ताह तक रहने की आशंका है। पटरी की मरम्मत कार्य चल रहा है।

आस्था का महामिलन: पहली शिवलिंग पूजा की तिथि पर ही बिहार में होगा दुनिया के सबसे बड़े शिवलिंग का लोकार्पण

बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में इन दिनों आस्था की बयार बह रही है. चकिया-केसरिया मार्ग पर स्थित विराट रामायण मंदिर परिसर में दुनिया के सबसे बड़े शिवलिंग की प्राण-प्रतिष्ठा की भव्य तैयारी चल रही है. यह विशाल शिवलिंग तमिलनाडु के महाबलीपुरम से पूर्वी चंपारण लाया गया है. इस शिवलिंग की स्थापना 17 जनवरी 2026 को विधि-विधान के साथ की जाएगी. पूर्वी चंपारण के रामायण मंदिर परिसर में शिवलिंग की स्थापना के अवसर पर हरिद्वार, प्रयागराज, गंगोत्री, कैलाश मानसरोवर और सोनपुर सहित पांच पवित्र स्थलों के जल से शिवलिंग का महाभिषेक किया जाएगा. इसके साथ ही हेलिकॉप्टर से पुष्पवर्षा भी होगी. माघ कृष्ण चतुर्दशी तिथि क्यों है खास? 17 जनवरी को माघ कृष्ण चतुर्दशी तिथि है, जिसे धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शिवलिंग उत्पत्ति का दिन माना जाता है. इसी दिन भगवान शिव की पहली बार शिवलिंग रूप में पूजा हुई थी. पटना स्थित महावीर मंदिर न्यास के अनुसार, यह शिवलिंग सहस्र शिवलिंग के रूप में स्थापित किया जा रहा है और पिछले एक हजार वर्षों में इस प्रकार की सहस्र शिवलिंग की स्थापना कहीं नहीं हुई है. यही कारण है कि इस आयोजन को अत्यंत दुर्लभ और ऐतिहासिक माना जा रहा है. पंडित भवनाथ झा की देखरेख में होगी शिवलिंग की स्थापना विराट रामायण मंदिर परिसर में सहस्र शिवलिंग की पीठ-स्थापना और पूजा की जिम्मेदारी प्रसिद्ध विद्वान पंडित भवनाथ झा की देखरेख में की जाएगी. उन्होंने बताया कि पीठ-स्थापना माघ कृष्ण चतुर्दशी, जिसे नरक निवारण चतुर्दशी भी कहा जाता है, इस दिन की जाएगी. शास्त्रों के अनुसार यह तिथि शिवरात्रि के समान ही शिव पूजा के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है. ईशान संहिता में उल्लेख है कि इसी महानिशा में भगवान शिव शिवलिंग रूप में प्रकट हुए थे. इस पवित्र अवसर पर परंपरागत रूप से व्रत भी रखा जाता है. इसी कारण सहस्र शिवलिंग की पीठ-स्थापना इसी दिन की जा रही है. पूजा पूरी तरह शास्त्रीय विधि से होगी, जिसके अंतर्गत एक भव्य यज्ञ का आयोजन भी किया जाएगा. इस यज्ञ में चारों वेदों और आगम शास्त्रों के विद्वान भाग लेंगे. भगवान शिव के सहस्र स्वरूप स्थापित होंगे पंडित भवनाथ झा ने बताया कि शिव लिंग की स्थापना प्रक्रिया में विशेष सावधानी बरती जा रही है, क्योंकि यह सदियों बाद हो रहा है. विभिन्न पवित्र नदियों और संगम स्थलों से जल, बालू और मिट्टी मंगाई जा रही है. ग्रंथों के अनुसार विधि तैयार की गई है, जिसके तहत अष्टकमल यंत्र पर शिव के आठ स्वरूपों की स्थापना होगी. आठों दिशाओं में देवताओं का आवाहन किया जाएगा और मध्य में पार्वती सहित भगवान शिव के सहस्र स्वरूप स्थापित होंगे, जो युगों तक श्रद्धालुओं का कल्याण करेंगे. स्थापना के दिन सुबह 8:30 बजे से पूजा शुरू होगी और दोपहर में शिवलिंग की स्थापना की जाएगी. पूजा के बाद प्रसाद और भोजन का वितरण होगा. महावीर मंदिर से सात पंडित विशेष रूप से पूजन के लिए आएंगे. शिवलिंग की स्थापना के बाद अलग से नंदी का निर्माण भी किया जाएगा, जिसे ब्लैक ग्रेनाइट स्टोन से तैयार किया जाएगा.  

बिहार का एंटी-टेरर मास्टरप्लान: ATS कमांड ऑफिस किन जिलों में बनेंगे, क्या होगी जिम्मेदारी

पटना आतंकवाद से लड़ने के लिए बिहार पुलिस महकमा में गठित विशेष इकाई एटीएस (आतंकवाद निरोध दस्ता) के चार नए क्षेत्रीय कार्यालय बनेंगे। पटना में मौजूद एटीएस के मुख्यालय के अलावा गया, मोतिहारी, दरभंगा और पूर्णिया में भी एक-एक क्षेत्रीय कार्यालय बनाए जाएंगे। इससे संबंधित प्रस्ताव तैयार करके पुलिस महकमा ने गृह विभाग को भेज दिया है। अनुमति मिलने के साथ ही इनके गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। यह जानकारी एडीजी (विधि-व्यवस्था) पंकज कुमार दराद ने दी। वह सोमवार को पुलिस मुख्यालय सरदार पटेल भवन के सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ये क्षेत्रीय कार्यालय जहां मौजूद रहेंगे, वहां के आसपास के जिलों को इससे जोड़ा जाएगा। एडीजी दराद ने कहा कि इन क्षेत्रीय कार्यालय का गठन होने से एटीएस की कार्य क्षमता का विकास होगा। इनकी जवाबदेही आतंकवाद से जुड़ी गतिविधि पर नजर रखने के साथ ही धार्मिक, राष्ट्रविरोधी और आपराधिक गतिविधि पर भी नजर रखने की होगी। यह सभी जिलों में मौजूद स्पेशल ब्रांच के समानांतर काम करेगा। प्रत्येक क्षेत्रीय कार्यालय की कमान डीएसपी रैंक के अधिकारी के पास होगी। उन्होंने कहा कि एटीएस सीमावर्ती इलाकों में आतंकवाद से जुड़ी गतिविधियों पर भी निरंतर नजर बनाए रखता है। राष्ट्र विरोधी गतिविधियों से संबंधित धाराओं में जेल में बंद जो लोग छूटकर बाहर आते हैं, उन पर भी निरंतर नजर बनाए रखने और इनसे संबंधित सूचना एकत्र करने का काम भी एटीएस के स्तर से की जाती है। उन्होंने कहा कि एटीएस की सोशल मीडिया इकाई के माध्यम से 176 व्यक्ति को चरमपंथी विचारधारा के कारण चिन्हित किया गया है। इसमें 12 लोगों को अतिचरमपंथी उन्माद की प्रवृति को लेकर मानसिक रूप से प्रेरित करके समझाने का काम किया गया है। एडीजी ने कहा कि सभी जिलों में मौजूद तमाम थानों में एक अधिकारी और एक सिपाही को खासतौर से आसूचना एकत्र करने के लिए रखा गया है। इनकी जवाबदेही मादक पदार्थों की तस्करी, शराब के अवैध व्यापार, आतंकवाद, अपराध समेत अन्य सभी जरूरी मुद्दों पर आसूचना एकत्र कर इसे जिला से लेकर मुख्यालय तक पहुंचाने की होगी। जिलों में मौजूद सीएटी की टीम के साथ समन्वय स्थापित कर ये कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि एसटीएस के अंतर्गत गठित विशेष स्वाट (एसडब्ल्यूएटी यानी स्पेशल वेपन एंड टैक्टिस टीम) टीम की जिम्मेदारी राज्य में मौजूद 257 संवेदनशील संस्थानों के निगरानी की है। इसमें पिछले वर्ष 194 और इस वर्ष 41 में मॉक ड्रील एवं रेकी की गई है। उन्होंने कहा कि एटीएस के अब तक 176 कमांडों को विशेष रूप से ट्रेनिंग दी जा चुकी है। इन्हें एसजी के मनेसर और कोलकाता स्थित केंद्रों पर खासतौर से प्रशिक्षण दिया गया है।  

बिहार भूमि पोर्टल पर बड़ा बदलाव: पारिवारिक जमीन का दाखिल-खारिज होगा एक साथ

पटना  बिहार के उपमुख्यमंत्री और राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने शनिवार को कहा कि पारिवारिक भूमि बंटवारे की प्रक्रिया को सरल, आसान और विवाद मुक्त बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने बंटवारा दाखिल-खारिज की नई व्यवस्था आज से बिहार भूमि पोर्टल पर लागू कर दी गई है। अधिकारियों को व्यवस्था में सुधार के निर्देश सिन्हा ने आज आवासीय कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में बताया कि बंटवारा दाखिल-खारिज की नई व्यवस्था राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के बिहार भूमि पोर्टल पर लागू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि इससे अब एक ही आवेदन के माध्यम से परिवार के सभी हिस्सेदारों के नाम उनके हिस्से की भूमि पर जमाबंदी कायम हो सकेगी। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि पूर्व की व्यवस्था में पारिवारिक बंटवारे के बाद प्रत्येक हिस्सेदार को अपने हिस्से की जमीन के लिए अलग-अलग दाखिल-खारिज कराना पड़ता था, जिससे लोगों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने विभागीय अधिकारियों को व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए थे। उन्होंने कहा कि निर्देशों के आलोक में प्रधान सचिव सी. के. अनिल के नेतृत्व में विभागीय टीम ने अल्प समय में नई व्यवस्था विकसित की, जिसे अब बिहार भूमि पोटर्ल की दाखिल-खारिज सेवा के अंतर्गत लागू कर दिया गया है। इससे आम रैयतों को काफी सहूलियत मिलेगी। जमीन की जमाबंदी अपने नाम से अवश्य कराएं उपमुख्यमंत्री ने आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने पूर्वजों की भूमि का विधिवत बंटवारा कर डिजिटल माध्यम से अपने हिस्से की जमीन की जमाबंदी अपने नाम से अवश्य कराएं।उन्होंने विशेष रूप से उन लोगों से आग्रह किया, जिनके यहां अब तक मौखिक बंटवारा के आधार पर जमीन पर कब्जा और उपयोग हो रहा है, वे इस नई सुविधा का लाभ उठाकर मौखिक बंटवारे को अपने सरकारी दस्तावेजों में दर्ज कराएं। उन्होंने कहा कि मौखिक बंटवारा आगे चलकर पारिवारिक भूमि विवाद का कारण बनता है और ऐसे मामलों में लोग कई सरकारी योजनाओं एवं सुविधाओं से वंचित रह जाते हैं। सिन्हा ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत उत्तराधिकार-सह-बंटवारा की सुविधा भी उपलब्ध है, जिसके अंतर्गत पूर्वज की मृत्यु के बाद उनकी भूमि का बंटवारा करते हुए सभी उत्तराधिकारियों के नाम उनके हिस्से की जमीन पर अलग-अलग जमाबंदी एक साथ की जा सकेगी। राजस्व महाअभियान के दौरान मिले 46 लाख से अधिक आवेदन विजय सिन्हा ने कहा कि इसी वर्ष अगस्त-सितंबर में चलाए गए राजस्व महा-अभियान के दौरान 46 लाख से अधिक आवेदन मिले हैं। उनमें से 40 लाख से अधिक आवेदन बंटवारा एवं उत्तराधिकार नामांतरण से अधिक थे। इन आवेदनों को 31 दिसंबर तक अपलोड कर लिया जाएगा तथा जनवरी से मार्च के बीच पुन: पंचायतों में ही शिविर लगाकर सभी आवेदनों का निष्पादन सुनिश्चित किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री ने बताया कि लोगों को भूमि से संबंधित परेशानियों से निजात दिलाने के उद्देश्य से ही भूमि सुधार जनकल्याण संवाद की शुरुआत की गई है। इस संवाद के माध्यम आमलोगों की परेशानियों को जिलों में जाकर समझने और समय सीमा में लोगों की समस्या का समाधान करना सरकार का उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि यह पहल भूमि प्रशासन को पारदर्शी, सरल और जनोन्मुखी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

बिहार में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूती, नए साल में दो नए मेडिकल कॉलेजों की शुरुआत

पटना बिहार में नए साल के आगाज के साथ ही राज्य को दो नए अत्याधुनिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल मिलने जा रहे हैं, जिससे बिहार में मेडिकल कॉलेजों की कुल संख्या बढ़कर 15 हो जाएगी। स्वास्थ्य विभाग के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, वैशाली जिले के महुआ में निर्मित मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल और भोजपुर जिले के आरा में स्थापित वीर कुंवर सिंह मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल का संचालन जनवरी, 2026 से शुरू कर दिया जाएगा। दोनों संस्थानों में 500- 500 बेड की सुविधा होगी। 100-100 यूजी छात्रों को मिलेगा नामांकन इन दोनों के निर्माण में क्रमश: 500 करोड़ और 543 करोड़ रुपये की लागत आई है। इन मेडिकल कॉलेजों में प्रत्येक में 100-100 यूजी छात्रों को नामांकन दिया जाएगा। छात्रों के लिए आधुनिक छात्रावास भवन और डॉक्टरों और कर्मचारियों के लिए आवासीय सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। दोनों संस्थान नेशनल मेडिकल काउंसिल (NMC) के मानकों के अनुरूप संचालित होंगे। मेडिकल कॉलेजों में जनरल मेडिसिन, सर्जरी, पीडियाट्रिक्स, गायनेकोलॉजी, आईसीयू जैसी प्रमुख स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी। इसके साथ ही मरीजों को इंडोर- आउटडोर इलाज, जांच, दवा वितरण, ऑप्टोसी ब्लॉक, डेमो रूम और म्यूजियम जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं भी मिलेंगी। 10 वर्ष पहले केवल 6 राजकीय मेडिकल कॉलेज थे उल्लेखनीय है कि 10 वर्ष पहले बिहार में केवल 6 राजकीय मेडिकल कॉलेज थे, लेकिन बीते एक दशक में यह संख्या बढ़कर 11 जिलों में 13 मेडिकल कॉलेजों तक पहुंच गई है। वर्तमान में पटना, गया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, भागलपुर, मधेपुरा, बेतिया, नालंदा, छपरा, पूर्णिया और समस्तीपुर समेत कई जिलों में मेडिकल कॉलेज सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि आने वाले पांच वर्षों में शेष जिलों में भी एक-एक मेडिकल कॉलेज का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा। सीवान और बेगूसराय में निर्माण कार्य लगभग 45 से 50 प्रतिशत, जबकि बक्सर, मधुबनी सहित अन्य जिलों में 60 से 80 प्रतिशत तक कार्य पूरा हो चुका है।  

शीतलहर से कांपा बिहार, मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए रेड/ऑरेंज अलर्ट जारी किया

पटना बिहार में ठंड का सितम लगातार बढ़ता जा रहा है। शीतलहर के बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में अत्यधिक घने कोहरे को लेकर Orange Alert जारी किया है। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों में ठंड और बढ़ सकती है, जिससे जनजीवन और यातायात पर असर पड़ने की आशंका है। 10 डिग्री से नीचे लुढ़का पारा, औरंगाबाद-सबौर सबसे ठंडा IMD Bihar के मुताबिक शुक्रवार को राज्य के अधिकांश जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। Aurangabad और Bhagalpur ke Sabour बिहार के सबसे ठंडे स्थान रहे, जहां न्यूनतम तापमान 7.4°C रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा तापमान का हाल इस प्रकार रहा—     Gaya: 7.6°C     Bhagalpur & Sheikhpura: 8.9°C     Valmiki Nagar (West Champaran) & Dehri: 9.0°C     Jehanabad: 9.3°C     Saharsa: 9.5°C लगातार गिरते तापमान ने लोगों की कंपकंपी बढ़ा दी है।  इन जिलों में घना कोहरा हो की  चेतवानी मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को राज्य के कई जिलों में घने से बहुत घने कोहरे की संभावना है। IMD ने जिन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट फॉर डेनसे फोग Orange Alert for Dense Fog जारी किया है, वे हैं—पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सिवान, सारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, वैशाली, पटना, भोजपुर, बक्सर, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, अरवल और जहानाबाद। सुबह के समय दृश्यता बेहद कम रहने की आशंका है। IMD Patna के मुताबिक शुक्रवार को राज्य के कई हिस्सों में कोहरे के कारण दृश्यता काफी घट गई थी। Low Visibility के चलते सड़क दुर्घटनाओं, ट्रेन लेट होने और फ्लाइट ऑपरेशन प्रभावित होने की संभावना रहती है। लोगों को खासतौर पर सुबह और देर रात अनावश्यक यात्रा से बचने और सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने अगले 72 घंटे तक सतर्क रहने को कहा है। IMD ने जारी की चेतावनी मौसम विभाग ने शनिवार के लिए कोल्ड डे भी जारी किया है। ऐसे में दिन के समय भी ठंड का असर बना रह सकता है और धूप बेहद कमजोर रहने की संभावना है। 28 दिसंबर को मौसम का पूर्वानुमान आने वाले कल (28 दिसंबर 2025) को बिहार के उत्तरी और दक्षिणी हिस्सों में घने से अत्यधिक घने कोहरे की संभावना है। IMD ने विशेष रूप से इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है: पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सिवान, सारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, वैशाली, पटना, भोजपुर, बक्सर, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, अरवल और जहानाबाद। इसके अलावा, कोल्ड डे की स्थिति बनी रह सकती है, जहां दिन में भी धूप कमजोर रहेगी और ठंडक बरकरार रहेगी।  जानिए कोल्ड डे का मतलब जब किसी क्षेत्र में न्यूनतम तापमान शीतलहर की श्रेणी में पहुंच जाए और साथ ही अधिकतम तापमान भी सामान्य से काफी नीचे चला जाए, तो उसे कोल्ड डे कहा जाता है। इस स्थिति में पूरे दिन ठंड बनी रहती है और सूरज की गर्माहट का असर बहुत कम होता है।  

मद्य निषेध विभाग में तबादलों की लिस्ट जारी, बिहार में 6 अधिकारियों की नई तैनाती

पटना बिहार में मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल किया। करीब आधा दर्जन अधिकारियों का तबादला कर दिया गया। इस संबंध में विभाग की ओर से अधिसूचना जारी कर जानकारी दी गई है। कई अधिकारियों को वर्त्तमान पदस्थापन से स्थानांतरित कर नए स्थानों पर पदस्थापित किया गया है। यह आदेश अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा। किन अधिकारियों का हुआ तबादला? जारी अधिसूचना के अनुसार, अमृता कुमारी को आयुक्त उत्पाद के सचिव के साथ सहायक आयुक्त मद्यनिषेध का दायित्व सौंपा गया है। वहीं आदित्य कुमार को दानापुर का मद्यनिषेध अधीक्षक तो दीपक कुमार मिश्र को किशनगंज का मद्यनिषेध अधीक्षक नियुक्त किया गया है। इसके अतिरिक्त मनोज कुमार राय को औरंगाबाद का मद्यनिषेध अधीक्षक, मनोज कुमार को सहरसा का मद्यनिषेध सहायक आयुक्त, अशोक कुमार को सुपौल का मद्यनिषेध अधीक्षक नियुक्त किया गया है।  

ठंड से कांपा बिहार: घना कोहरा, कोल्ड वेव के बीच 29 दिसंबर तक ऑरेंज अलर्ट

पटना बिहार इस समय कड़ाके की ठंड और घने कोहरे की चपेट में है। मौसम विभाग ने शीतलहर और घने कोहरे को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है और राज्य को 29 दिसंबर तक ठंड से राहत मिलने की संभावना नहीं है। पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बर्फबारी और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का सीधा असर बिहार के मैदानी जिलों में देखा जा रहा है। बर्फीली पछुआ हवाओं के कारण ठंड बढ़ गई है। हालात की गंभीरता को देखते हुए मौसम विभाग ने पूरे राज्य के लिए शीतलहर और घने कोहरे का ऑरेंज अलर्ट  जारी किया है, जो कम से कम अगले चार से पांच दिनों तक प्रभावी रहेगा। बिहार में कोल्ड डे जैसे हालात मौसम विभाग के अनुसार, 29 दिसंबर तक राज्य के कई हिस्सों में भीषण शीतलहर का दौर जारी रहने की संभावना है। बीते एक सप्ताह से बिहार में ‘कोल्ड-डे' जैसी स्थिति बनी हुई है। लगातार धूप नहीं निकलने के कारण दिन के तापमान में असामान्य गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे दिन में भी अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ रहा है। तापमान 10 डिग्री तक पहुंचा विशेषज्ञों का मानना है कि 30 दिसंबर के बाद ही मौसम में हल्का सुधार संभव है, उससे पहले राहत की उम्मीद कम है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में बिहार का औसत न्यूनतम तापमान 9.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राजधानी पटना में न्यूनतम तापमान गिरकर 11 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जबकि कई जिलों में दिन का तापमान भी 9 से 10 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। इसी कारण ‘शीत दिवस' की स्थिति लोगों के लिए अधिक परेशानी का कारण बन रही है।   29 दिसंबर तक शीत दिवस की स्थिति बने रहने की संभावना मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, जब तक हवाओं की दिशा में बदलाव नहीं होता और पहाड़ी इलाकों से आने वाली बर्फीली हवाओं की तीव्रता कम नहीं होती, तब तक बिहार को इस कंपकंपाती ठंड से राहत मिलना मुश्किल है। विभाग ने बताया कि उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बर्फबारी का सीधा प्रभाव बिहार पर पड़ रहा है। 29 दिसंबर तक शीत दिवस की स्थिति बने रहने और न्यूनतम व अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे रहने का अनुमान है। इसके अलावा अगले चार से पांच दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में सुबह के समय मध्यम से घना कोहरा छाए रहने की संभावना है, जिससे दृश्यता काफी कम रह सकती है।

300 रुपये के लिए चली गोली! बिहार में बदमाशों का कहर, दुकानदार से 10 हजार लूटे

बाढ़ बाढ़ अनुमंडल के पंडारक थाना क्षेत्र में अपराधियों का मनोबल इस कदर बढ़ गया है कि मात्र 300 रुपये मांगने पर किराना दुकानदार को गंभीर चोटें आई हैं। ताजा मामला लेमुआबाद गांव का है, जहां तीन बदमाशों ने एक जनरल स्टोर संचालक पर गोली चला दी। जानकारी के अनुसार, लेमुआबाद गांव निवासी जवाहर साह अपनी जनरल स्टोर की दुकान पर बैठे थे। तभी तीन युवक दुकान में आए और कुछ सामान खरीदा। सामान की कुल कीमत 300 रुपये थी। जब दुकानदार ने पैसे माँगे, तो बदमाशों ने गाली-गलौज करते हुए भुगतान से इनकार कर दिया। इसके बाद उन्होंने हथियार निकालकर दुकानदार पर फायरिंग कर दी। गोली जवाहर साह के हाथ में लगी, जिससे वह लहूलुहान होकर गिर पड़े। गोली की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, तब तक अपराधी फरार हो चुके थे। परिजनों और ग्रामीणों ने घायल दुकानदार को तुरंत बाढ़ अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया गया। घायल दुकानदार ने बताया कि उसके काउंटर में रखे दस हजार रुपये भी अपराधियों ने लूट लिए। घटना के बारे में मुखिया प्रतिनिधि सुमित कुमार ने बताया कि वह दुकान के पास खड़े थे। उन्होंने कहा कि तीन युवक दुकान से सामान खरीदने आए और तीन सौ रुपये के सामान का भुगतान मांगने पर दुकानदार को गोली मार दी। साथ ही काउंटर में रखे रुपए लूट लिए। उन्होंने कहा कि एक आरोपी की पहचान हो चुकी है। थाना अध्यक्ष नवनीत राय ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि तीन युवक दुकान में आए और तीन सौ रुपये के उधार सामान लेने के बाद दुकानदार पर गोली चलाई गई। सभी आरोपी गांव के ही निवासी हैं और उनकी पहचान की जा रही है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की छानबीन शुरू कर दी है और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। हमलावरों की तलाश जारी है।