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लॉरेंस गैंग की वापसी से हड़कंप: किसान के फार्महाउस में तोड़फोड़-आगजनी, मुख्य आरोपी शशांक पांडेय पकड़ा गया

पश्चिम चंपारण पश्चिम चंपारण जिले के मैनाटांड़ थाना क्षेत्र के चिउटाहा गांव में शनिवार को ऐसा मंजर देखने को मिला जिसने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। पुरैनिया गांव के किसान जीशान जुल्फेकार का फार्महाउस उस समय तबाह हो उठा, जब लॉरेंस बिश्नोई गैंग का कुख्यात शूटर शशांक पांडेय अपने दर्जनों गुर्गों के साथ वहां धावा बोल दिया। घटना के दौरान फार्महाउस की बाउंड्री दीवार को तोड़ा गया और हथियारों से लैस भीड़ भीतर घुस पड़ी। अंदर प्रवेश के बाद तोड़फोड़, लूटपाट और आगजनी का ऐसा कोहराम मचा कि कुछ ही मिनटों में पूरा परिसर मलबे और राख में तब्दील होने लगा। किसान जीशान के मुताबिक, करीब 200 लोग फार्महाउस में घुसे थे। कई के हाथों में धारदार हथियार थे, जबकि कई लोग पिस्टल लिए हुए थे। हमलावरों ने फार्महाउस के कमरों, स्टोर और शेड में रखे धान व गेहूं को लूट लिया, मवेशियों को भगा दिया और कई स्थानों पर आग लगा दी। इसी अफरातफरी के बीच कुख्यात शशांक पांडेय खुद जीशान के सामने पहुंचा और कनपटी पर पिस्टल सटाकर धमकी देते हुए बोला, "फार्महाउस मेरे नाम कर दो, नहीं तो यहीं खत्म कर दूंगा!" जब पड़ोसी महिला सहबुन खातून ने इस वारदात को रोकने की कोशिश की, तो शशांक ने उन्हीं पर पिस्टल तान दी। उसके बाद उसके साथी अविनाश मिश्रा ने लोहे की रॉड से हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। हमलावर सहबुन खातून के घर में भी घुसे और वहां से जेवर व कीमती सामान लूटकर फरार हो गए। गांव का पूरा माहौल वारदात के दौरान खामोशी से जकड़ा रहा। दहशत ऐसी कि कोई भी आवाज़ उठाने की हिम्मत नहीं जुटा सका। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और छापेमारी अभियान चलाकर शनिवार को शशांक पांडेय, उसके तीन साथियों अविनाश मिश्रा, हरिराज मांझी, और रघु मांझी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। हालांकि गांव में दहशत का माहौल अभी भी कायम है और पुलिस लगातार कैंप कर रही है। कौन है शशांक पांडेय? शशांक कोई सामान्य अपराधी नहीं बल्कि लंबे समय से लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के लिए काम करता रहा है। हथियारों के साथ रील बनाकर सोशल मीडिया पर दहशत फैलाना उसकी पहचान मानी जाती है। इन्हीं वीडियो के जरिए वह गैंग के संपर्क में आया। बताया जाता है कि वह लॉरेंस के भाई अनमोल बिश्नोई और गैंगस्टर विक्रम बरार का करीबी है। नेपाल में बेस बनाना, नए युवकों की भर्ती करना और उन्हें धमकी व रंगदारी की ट्रेनिंग देना उसकी मुख्य भूमिका रही है। 2023 में मोतिहारी पुलिस उसे मेड-इन-इटली 9MM पिस्टल के साथ पकड़ चुकी है। उसका नाम सलमान खान फायरिंग केस में भी सामने आया था। अप्रैल 2024 में गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर हुई फायरिंग में शामिल दोनों शूटर बेतिया के रहने वाले थे और उन्हें नेपाल में शशांक ने ही ट्रेनिंग दी थी। इसके अलावा वह अंबाला में AAP नेता से 50 लाख की रंगदारी मांगकर फायरिंग कर चुका है और जयपुर की एक ज्वेलरी दुकान से 1 करोड़ की लूट में भी शामिल था। सबसे चौंकाने वाली बात यह कि शशांक ने सिकटा विधानसभा क्षेत्र से एमएलए चुनाव लड़ने के लिए तेजप्रताप की पार्टी से नामांकन भी किया था, लेकिन बाद में उसका नामांकन रद्द कर दिया गया। एसडीपीओ जयप्रकाश सिंह ने बताया कि मामले में 17 ज्ञात तथा 100–200 अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने शशांक पांडेय सहित चार लोगों को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई तेज कर दी है।

न्याय व्यवस्था में बड़ा सुधार: डिप्टी सीएम ने बताए किन जिलों में खुलेंगे नए फास्ट ट्रैक कोर्ट

पटना बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ी घोषणा की है। उन्होंने कहा कि बिहार में 100 फास्ट ट्रैक न्यायालयों (FTC) का गठन किया जाएगा। इसकी स्थापना का मुख्य उद्देश्य न्यायालयों में लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन, न्यायालय का बोझ कम करना और संवेदनशील प्रकृति के मामलों पर उचित ध्यान और समय देना है। उन्होंने कहा- राज्य के विभिन्न न्यायालयों में 18 लाख से अधिक लंबित मामलों के मद्देनज़र ये फास्ट ट्रैक न्यायालय बड़ी राहत देने वाले साबित होंगे। उन्होंने बताया कि पटना में आठ फास्ट ट्रैक अदालतें प्रस्तावित हैं जबकि गया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा और भागलपुर में चार-चार अदालतें स्थापित की जाएंगी। नालंदा (बिहारशरीफ), रोहतास (सासाराम), सारण (छपरा), बेगूसराय, वैशाली (हाजीपुर), पूर्वी चंपारण (मोतिहारी), समस्तीपुर और मधुबनी में तीन-तीन फास्ट ट्रैक अदालतें बनाई जाएंगी। इसी तरह पश्चिम चंपारण (बेतिया), सहरसा, पूर्णिया, मुंगेर, नवादा, जहानाबाद, अरवल, औरंगाबाद, कैमूर (भभुआ), बक्सर, भोजपुर (आरा), सीतामढ़ी, शिवहर, सीवान, गोपालगंज, सुपौल, मधेपुरा, अररिया, किशनगंज, कटिहार, बांका, जमुई, शेखपुरा, लखीसराय और खगड़िया में दो-दो फास्ट ट्रैक अदालतें संचालित होंगी। इसके अतिरिक्त नवगछिया और बगहा उप-मंडलीय न्यायालय में एक-एक फास्ट ट्रैक अदालत स्थापित करने का प्रस्ताव है। 900 पदों पर नियुक्ति भी की जाएगी उन्होंने बताया कि जिलापदाधिकारी, वरीय पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक द्वारा संयुक्त रूप से चिन्हित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन किया जाएगा।  राज्य के 38 जिलों और उप-मंडलों में कुल 100 फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित किए जाने के लिए कर्मियों की नियुक्ति भी बड़े पैमाने पर की जाएगी। प्रत्येक अदालत के लिए आठ प्रकार के पदों जैसे, बेंच क्लर्क, कार्यालय लिपिक, स्टेनोग्राफर, डिपोज़िशन राइटर, डेटा एंट्री ऑपरेटर, ड्राइवर, प्रोसेस सर्वर और चपरासी या ऑर्डर्ली के कुल 900 पदों पर नियुक्ति प्रस्तावित है। 79 न्यायालय एक्ट कोर्ट के रूप में नामित उपमुख्यमंत्री चौधरी ने कहा- शस्त्र अधिनियम से संबंधित लंबित मामलों के त्वरित निपटारे हेतु 79 न्यायालयों को एक्ट कोर्ट के रूप में नामित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का मानना है कि शस्त्र अधिनियम जैसे गम्भीर मामलों का शीघ्र समाधान कानून व्यवस्था को मजबूत करेगा।  राज्य सरकार न्यायिक प्रक्रिया को गति देने के लिए प्रतिबद्ध है। यही वजह है कि 100 फास्ट ट्रैक अदालतों के गठन किया जाएगा।

ठिठुरन से कांप रहा बिहार, लोगों को बर्फीली हवाओं से सावधान रहने की चेतावनी

पटना पटना में सुबह- शाम ठिठुरन तेजी से बढ़ने लगी है और दिन में अच्छी धूप निकलने के बावजूद दोपहर की हवा में भी ठंडक महसूस हो रही है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले 10 दिनों तक पटना का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे जाने की संभावना कम है। साथ ही फिलहाल घने कुहासे को लेकर भी कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है। औरंगाबाद में 7.3 डिग्री सेल्सियस तापमान मौसम विज्ञान केंद्र ने बताया है कि दक्षिण-पूर्वी बिहार के कुछ हिस्सों में न्यूनतम तापमान में एक से तीन डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की जा सकती है। शुक्रवार को प्रदेश के 10 जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया। इनमें सबसे कम तापमान औरंगाबाद में 7.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। राज्य में सबसे अधिक अधिकतम तापमान फारबिसगंज और मोतिहारी में 28.2 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं राजधानी पटना में दिन का अधिकतम तापमान 25 डिग्री और न्यूनतम 13 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग का कहना है कि रात और सुबह के वक्त ठिठुरन में और इजाफा हो सकता है, लेकिन फिलहाल शीतलहर जैसी स्थिति बनने की संभावना कम है।  

बिहार में चक्रवात का प्रभाव: तापमान गिरा, कोहरे से जनजीवन प्रभावित

पटना दित्वाह चक्रवात का असर आज से बिहार में दिखने लगा है। सोमवार की सुबह राज्य के ज्यादातर हिस्सों में धूप नदारद रही। पटना, पूर्णिया, बेतिया, बेगूसराय, मोतिहारी, गोपालगंज समेत कई जिलों में देर रात से कोहरा छाया रहा। पछुआ हवा चलने के कारण सुबह और रात में ठंड अचानक बढ़ गई। मौसम विभाग ने लोगों से सावधान रहने की अपील की है। विभाग का कहना है कि चक्रवाती प्रणाली की वजह से अगले कुछ दिनों में राज्य के अधिकतर हिस्सों में ठंड और तेज़ी से बढ़ेगी। बताया गया है कि 5 दिसंबर के बाद न्यूनतम तापमान गिरावट के साथ 10 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है, जिससे ठंड का असर और व्यापक होगा। बिहार में पिछले 24 घंटों के दौरान मौसम पूरी तरह शुष्क रहा और राज्य के किसी भी हिस्से में बारिश दर्ज नहीं की गई। अधिकतम तापमान 26.0 डिग्री सेल्सियस से 29.5 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा, जिसमें अररिया में 29.4 डिग्री सेल्सियस का सर्वाधिक तापमान रिकॉर्ड किया गया। वहीं, न्यूनतम तापमान 12.6 डिग्री सेल्सियस से 20.5 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा और किशनगंज में सबसे कम 12.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पूर्णिया में 500 मीटर की न्यूनतम दृश्यता के साथ सुबह के समय हल्का कोहरा छाया रहा, जबकि तापमान में कोई खास उतार-चढ़ाव नहीं देखा गया। मौसम विभाग के अनुसार राज्य के ऊपर बहने वाली हवाओं की दिशा और दबाव में बदलाव फिलहाल दो सक्रिय पश्चिमी विक्षोभों के कारण है। उत्तरी पंजाब और आसपास ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, जिसका असर उत्तरी हरियाणा तक पहुंच रहा है। इसके साथ ही 5.8 किमी ऊंचाई पर मौजूद द्रोणिका के रूप में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ 20 डिग्री उत्तरी अक्षांश के उत्तर में 61 डिग्री पूर्वीदेशांतर की ओर बढ़ रहा है। इन दोनों प्रणालियों की वजह से पछुआ हवा लगातार बिहार में प्रवेश कर रही है, जिससे ठंड का प्रभाव धीरे-धीरे बढ़ने लगा है।   मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक सुबह के समय हल्के से मध्यम कोहरे की संभावना जताई है और वाहन चालकों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। आगामी 4 से 5 दिनों में अधिकतम तापमान में किसी खास परिवर्तन की उम्मीद नहीं है, जबकि न्यूनतम तापमान अगले 48 घंटों तक स्थिर रहेगा। इसके बाद राज्य के अधिकांश हिस्सों में रात का पारा नीचे जाने के आसार हैं, जिससे ठंड और बढ़ेगी।  

दुनिया का सबसे बड़ा ‘विराट रामायण मंदिर’ बन रहा बिहार में, 12 शिखरों की भव्यता करेगी मंत्रमुग्ध

पूर्वी चंपारण बिहार के पूर्वी चंपारण में बन रहा विराट रामायण मंदिर दुनिया का सबसे बड़ा रामायण-केंद्रित मंदिर होगा। जिले के कल्याणपुर प्रखंड में स्थित कैथवलिया गांव के पास विराट रामायण मंदिर का निर्माण तेज़ी से जारी है। पटना महावीर मंदिर ट्रस्ट की इस ₹500 करोड़ की भव्य परियोजना को निर्धारित समय में पूरा किए जाने की उम्मीद है। अयोध्या राम मंदिर से तीन गुना बड़ा मंदिर की लंबाई 1080 फीट और चौड़ाई 540 फीट होगी। इसका कुल परिसर 140 एकड़ में फैला है। यह आकार इसे अयोध्या के राम मंदिर से लगभग तीन गुना बड़ा बनाता है। यह मंदिर अपने विशाल आकार और अनूठे डिज़ाइन के कारण भारत ही नहीं बल्कि विश्व के सबसे बड़े रामायण-थीम आधारित मंदिरों में शामिल होगा। मुख्य संरचनात्मक विशेषताएं:     कुल 12 शिखर (पहले 18 प्रस्तावित थे, बाद में अनुमति के अनुसार घटे)     मुख्य शिखर की ऊंचाई 270 फीट (पहले 405 फीट प्रस्तावित)     त्रिवेदी कॉर्पोरेशन फिनिशिंग कार्य के लिए प्रस्तावित     टाटा कंसल्टेंसी इंजीनियर्स और सनटेक इंफ्रा सॉल्यूशंस मुख्य ठेकेदार     दुनिया का सबसे बड़ा 33 फुट ऊंचा शिवलिंग परियोजना का सबसे बड़ा आकर्षण है दुनिया का सबसे बड़ा ग्रेनाइट शिवलिंग, जिसकी ऊंचाई: 33 फीट, वजन: 210 मीट्रिक टन और कीमत: ₹3 करोड़ है। इसका निर्माण महाबलीपुरम में 10 वर्षों में पूरा हुआ है। इसे 96 चक्कों वाले विशेष ट्रेलर से लाया जा रहा है और यह दिसंबर के तीसरे या अंतिम सप्ताह तक कैथवलिया पहुंच जाएगा। इसकी स्थापना नए साल की शुरुआत में हो सकती है। 22 छोटे मंदिर और 20,000 श्रद्धालुओं की क्षमता वाला सभागार मंदिर परिसर में कुल 22 छोटे मंदिर बनाए जा रहे हैं, जो रामायण के प्रमुख चरित्रों- राम, सीता, लक्ष्मण, हनुमान आदि को समर्पित होंगे। इसके अलावा, परिसर में 20,000 श्रद्धालुओं की क्षमता वाला विशाल सभागार, इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से रामायण कथा प्रदर्शन, और 800 फीट लंबा शिव गंगा तालाब भी शामिल है।

राजद से दूरी बनाएगी कांग्रेस? गठबंधन पर बिहार नेताओं की उठी आपत्तियाँ

पटना बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में करारी हार झेलने के बाद महागठबंधन में टूट की अटकलें चलने लगी हैं। हाल ही में समीक्षा के दौरान कांग्रेस के अधिकतर उम्मीदवारों ने लालू एवं तेजस्वी यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) से गठबंधन को चुनावी हार के लिए जिम्मेदार ठहराया। इनमें से कई ने तो कांग्रेस आलाकमान को राजद से गठबंधन तोड़ने की वकालत भी कर दी। इसके बाद से सियासी पारा गर्माया हुआ है। हालांकि, पार्टी के किसी भी बड़े नेता की तरफ से गठबंधन के भविष्य को लेकर कोई भी बयान नहीं आया है। पिछले दिनों संपन्न हुए बिहार चुनाव के नतीजों में कांग्रेस, राजद और अन्य विपक्षी दलों के गठबंधन को शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा। कांग्रेस 71 सीटें लड़कर महज 6 पर जीत दर्ज कर पाई। राजद ने भी 143 सीटें लड़ी और 25 पर ही जीत नसीब हुई। अन्य घटक दलों की स्थिति भी खराब रही। महागठबंधन कुल 243 में से महज 35 विधानसभा सीटों पर जीत दर्ज कर पाया। बीते गुरुवार को नई दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में कांग्रेस ने बिहार चुनाव की हार की समीक्षा बैठक बुलाई। इसमें सभी 61 सीटों पर चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों के अलावा प्रदेश स्तर के नेता मौजूद रहे। बैठक में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सभी उम्मीदवारों से 10-10 के समूह में बात की। सूत्रों के अनुसार, अधिकतर उम्मीदवारों ने आलाकमान को बताया कि तेजस्वी यादव की पार्टी राजद से गठबंधन की वजह से कांग्रेस को बुरी हार का सामना करना पड़ा है। अगर कांग्रेस इस चुनाव में अकेले मैदान में उतरती तो परिणाम बेहतर होते। प्रत्याशियों ने कहा कि कांग्रेस को राजद से गठबंधन खत्म कर देना चाहिए। उन्होंने महागठबंधन में सीट बंटवारे में देरी होने और लगभग एक दर्जन सीटों पर फ्रेंडली फाइट को भी हार की वजह माना। हालांकि, कांग्रेस के वरीय नेता इस पर कुछ बोल नहीं रहे हैं। दिल्ली में समीक्षा बैठक के बाद बिहार कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह से जब राजद से गठबंधन तोड़ने के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने आलाकमान इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इसका फैसला आलाकमान करेगा। फिलहाल महागठबंधन में शामिल घटक दल अपने-अपने स्तर पर हार की समीक्षा कर रहे हैं। राजद में प्रमंडलवार प्रत्याशियों से फीडबैक लिया जा रहा है। चुनाव में विरोधियों के हित में काम करने वाले भितरघातियों की पहचान भी की जा रही है। उन पर ऐक्शन हो सकता है। इस बीच, बिहार विधानसभा का सत्र 1 दिसंबर से शुरू होने वाला है। इसमें नवनिर्वाचित विधायकों को शपथ दिलाई जाएगी। राज्य में प्रचंड जीत के बाद गदगद नीतीश सरकार अपना अनुपूरक बजट भी सदन में पेश करेगी। विधानसभा सत्र से पहले शनिवार को पटना में तेजस्वी यादव के आवास पर महागठबंधन की बैठक बुलाई गई है। इसमें राजद, कांग्रेस और वाम दलों के विधायक शामिल होंगे। इसमें विधानसभा सत्र की रणनीति को लेकर चर्चा की जाएगी।  

धारा 163 पाँच दिनों तक प्रभावी: जानें बिहार जिले में आदेश क्यों हुए जारी

पटना बिहार में नयी सरकार के गठन के बाद आगामी एक दिसंबर से शुरू होने वाले विधानसभा के शीतकालीन सत्र को लेकर राजधानी पटना के जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। एक से पांच दिसंबर 2025 तक चलने वाले इस सत्र के दौरान पटना में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 लागू रहेगी, जिसके तहत किसी भी प्रकार के प्रदर्शन, जुलूस और सार्वजनिक विरोध कार्यक्रम पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध प्रभावी होगा। जुलूस, घेराव, धरना पर प्रतिबंध पटना सदर के अनुमंडल पदाधिकारी गौरव कुमार द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि सत्र के दौरान विभिन्न संगठनों और राजनीतिक दलों द्वारा अपनी मांगों के समर्थन में विरोध प्रदर्शन की आशंका रहती है। इस संभावना को देखते हुए प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पांच या उससे अधिक व्यक्तियों के गैरकानूनी रूप से एकत्र होने, जुलूस, घेराव, धरना या किसी भी प्रकार की आक्रामक गतिविधि प्रतिबंधित रहेगी। बिना पूर्व अनुमति के लाउडस्पीकर का इस्तेमाल पूर्णतः निषिद्ध आदेश में आग्नेयास्त्र, विस्फोटक सामग्री, फरसा, गड़ासा, भाला, छुरा जैसे हथियारों के साथ घूमने को भी दंडनीय अपराध करार दिया गया है। जिला प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि बिना पूर्व अनुमति के लाउडस्पीकर का इस्तेमाल पूर्णतः निषिद्ध रहेगा। यह आदेश एक दिसंबर से लागू होगा और पांच दिसंबर तक प्रभावी रहेगा। अधिकारियों के अनुसार, विधानसभा परिसर और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती की जाएगी तथा संबंधित मार्गों पर विशेष ट्रैफिक नियंत्रण व्यवस्था लागू की जाएगी। जिला प्रशासन का कहना है कि यह कदम विधानसभा की कार्यवाही को बिना किसी व्यवधान के संपन्न कराने और शहर में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक है।

बिहार में छह बदमाशों ने ज्वेलरी शॉप लूटी, फायरिंग कर मौके से फरार

सारण उधर पटना में बिहार के पुलिस महानिदेशक माफिया राज को खत्म करने को लेकर बड़ा बयान दे रहे थे और इधर सीवान मैं हथियारबंद अपराधियों ने तकरीबन एक करोड़ की लूट की बड़ी घटना को दिनदहाड़े अंजाम दिया। एक ज्वेलरी शॉप में हुई इस लूट की घटना के दौरान 5-6 राउंड फायरिंग कर अपराधियों ने दहशत फैला दिया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जगह भारतीय जनता पार्टी के सम्राट चौधरी के पास पहली बार गृह विभाग आया है और अब इतनी बड़ी घटना के साथ अपराधियों ने अपने मनोबल का प्रमाण दिया है। नकाबपोश छह अपराधी ज्वेलरी शॉप में घुसे और दिनदहाड़े लूट के वारदात को अंजाम देकर निकल भी गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अपराधी बड़ी आसानी से दुकान में घुसे, लाखों रुपये के जेवरात और कैश लूट लिया और निकलते समय फायरिंग करते हुए फरार हो गए। गोलियों की आवाज से पूरा बाजार दहशत में आ गया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और छानबीन शुरू कर दी है। इलाके के व्यापारियों में प्रशासन के प्रति गुस्सा है और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नाराजगी बढ़ गई है।

स्कूलों की छुट्टी की घोषणा, दिसंबर में बच्चों को मिलेगा ब्रेक

पटना नवंबर का महीना खत्‍म होने जा रहा है। वहीं, दिसंबर का महीना शुरू होते ही ठंड बढ़ जाती है और बच्चों को स्कूल जाने में बहुत परेशानीहोती है। ज्यादातर स्कूलों में सर्दियों की छुट्टियों 25 दिसंबर से शुरू हो जाती है। वहीं, अगर बिहार की बात करें तो अभी तक बिहार सरकार की तरफ से आधिकारिक रूप से 2025-26 सत्र के विंटर वेकेशन की घोषणा नहीं की गई है। इतने दिन तक बंद रहेंगे स्कूल बिहार में बीते सालों के आधार पर अनुमान लगाया जा रहा है कि बच्चों को सात दिन की छुट्टियां दी जा सकती हैं, जिसमें क्रिसमस और गुरु गोबिंद सिंह जयंती शामिल हैं। इसी बीच शिक्षा विभाग ने सर्दी की छुट्टियों की संभावित तिथि जारी कर दी है। बिहार में 25 दिसंबर से 31 दिसंबर तक शीतकालीन अवकाश रहने की संभावना है। हालांकि, विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि ठंड ज्यादा होने पर छुट्टियां बढ़ाई जा सकती हैं, जिसके लिए अलग से नोटिस जारी होगा। जानें पिछले साल कितने दिन बंद रहे थे स्कूल हालांकि, अभी तक इन तारीखों की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। पिछले आकंडों को देखें तो क्लास 1 से 8वीं तक के स्कूल 7 दिनों के लिए बंद रहेंगे। अगर पिछले साल की बात करें तो पिछले वर्ष सरकार ने सर्दियों की छुट्टियों की घोषणा 26 दिसंबर से 6 जनवरी तक की थी। इधर, जम्मू-कश्मीर सरकार ने कश्मीर घाटी और जम्मू के विंटर जोन स्कूलो में विंटर वेकेशन की घोषणा कर दी है। 

शराबबंदी पर जीतन राम मांझी का बयान— कानून सही, बदनामी की असली वजह कुछ और

भोजपुर बिहार के भोजपुर जिले के बिहिया में एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने शराबबंदी कानून को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि बिहार में शराबबंदी अब तक का सबसे अच्छा कानून है और इससे बढ़कर कोई कानून हो ही नहीं सकता। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि शराब ने उनके परिवार में भी कई मुश्किलें पैदा की थीं, जिसके बाद उन्होंने शराब छोड़ने की सलाह दी। शराबबंदी बेहद जरूरी इस वजह से बताया उन्होंने कहा कि शराब छोड़ने के बाद ही वे शिक्षा हासिल कर आगे बढ़ पाए और उनका भाई इंस्पेक्टर बना, लेकिन आज वो इस दुनिया में नहीं है। मांझी ने कहा कि शराब इंसान को निशाचर बना देती है। इसलिए शराबबंदी बेहद जरूरी है। हालांकि उन्होंने साफ कहा कि पदाधिकारी और ब्रोकर्स की वजह से बिहार शराबबंदी की बदनामी झेलते आया है। मांझी ने आरोप लगाया कि कई पदाधिकारी और ब्रोकर्स मिलकर शराबबंदी को बदनाम कर रहे हैं। 'असर कमज़ोर पड़ रहा' पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून की मंशा साफ है लेकिन बीच की कड़ी में भ्रष्टाचार और लापरवाही के कारण इसका असर कमज़ोर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को निगरानी तंत्र को और मजबूत करना चाहिए ताकि गलत तरीके से शराब बेचने वाले और कानून का दुरुपयोग करने वाले लोगों पर सख्त कार्रवाई हो सके। मांझी के इस बयान ने एक बार फिर शराबबंदी को लेकर प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।