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CM हाउस में BJP विधायक की खिंचाई? आंदोलन की चेतावनी के बाद मचा सियासी घमासान

भोपाल/उज्जैन मध्यप्रदेश की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब अनिल जैन कालूखेड़ा द्वारा उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण का विरोध करने का मामला पार्टी नेतृत्व तक पहुंच गया। उज्जैन उत्तर से बीजेपी विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा ने पहले सड़क चौड़ीकरण के खिलाफ जनता के साथ आंदोलन करने की चेतावनी दी थी, लेकिन अब उन्होंने अपने रुख में बड़ा बदलाव कर लिया है। जानकारी के मुताबिक यह पूरा मामला उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण को लेकर शुरू हुआ था। स्थानीय लोगों के समर्थन में विधायक ने विरोध जताते हुए आंदोलन की बात कही थी। मामला जब प्रदेश नेतृत्व तक पहुंचा तो उन्हें तुरंत सीएम हाउस भोपाल तलब किया गया। बताया जा रहा है कि बैठक में मुख्यमंत्री मोहन यादव, प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और संगठन के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने विधायक को कड़ी फटकार लगाई। पार्टी नेतृत्व ने साफ संदेश दिया कि सिंहस्थ जैसे बड़े धार्मिक आयोजन को देखते हुए विकास कार्यों में किसी भी तरह का विरोध बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बैठक के बाद विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा के सुर बदलते नजर आए। उन्होंने आंदोलन की चेतावनी वापस लेते हुए कहा कि अब वे सड़क चौड़ीकरण का विरोध नहीं करेंगे और सिंहस्थ से जुड़े विकास कार्यों में पूरा सहयोग करेंगे। गौरतलब है कि  Kumbh Mela को देखते हुए उज्जैन में बड़े स्तर पर सड़क और बुनियादी ढांचे के विकास कार्य चल रहे हैं, जिन्हें लेकर सरकार किसी भी तरह की बाधा नहीं चाहती।

बीजेपी विधायक का बयान- सिंगरौली में पेड़ कटाई से कोई नुकसान नहीं, कांग्रेस MLA ने उठाया मुद्दा

भोपाल  मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का आज बुधवार को आठवां दिन है। सिंगरौली में अदानी समूह की कोल माइंस के लिए पेड़ कटाई के मामले पर भाजपा विधायक रामनिवास शाह ने कहा कि पेड़ कटाई से सिंगरौली का एक पैसे का नुकसान नहीं होगा।उन्होंने कहा कि कोल माइंस के लिए पेड़ काटना जरूरी है, क्योंकि बिना कोयले के बिजली और बिना बिजली के पानी संभव नहीं है। उन्होंने जोर दिया कि पेड़ कटाई के बजाय विस्थापन और मुआवजे के मुद्दे पर चर्चा होनी चाहिए। सिंगरौली के प्रदूषण पर उन्होंने कहा कि वे वहीं के निवासी हैं और असली समस्या जमीन, विस्थापन और मुआवजे की है, जिस पर सरकार काम कर रही है।अदानी को खदान मिलने पर उन्होंने कहा कि खदान नीलामी प्रक्रिया से मिलती है और अदानी के अलावा एस्सार, जेपी और नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड जैसी कंपनियां भी वहां काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि जहां उद्योग होगा, वहां प्रदूषण होगा, लेकिन उसके रोकथाम के लिए सरकार प्रयास कर रही है और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस मामले को लेकर गंभीर हैं।इधर, चुरहट से कांग्रेस विधायक और पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल और पोहरी विधायक कैलाश कुशवाह प्रदेश में निराश्रित जानवरों से किसानों की फसलें नष्ट होने और सड़कों पर ट्रैफिक प्रभावित होने और एक्सीडेंट का मामला ध्यानाकर्षण के जरिए उठाएंगे। जबलपुर उत्तर पूर्व से बीजेपी विधायक अभिलाष पांडेय प्रदेश में बढ़ती आगजनी की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए फायर सेफ्टी कानून और नियमित ऑडिट की व्यवस्था न होने का मामला ध्यानाकर्षण के जरिए उठाएंगे।वहीं, विधानसभा में पूर्व केंद्रीय मंत्री मुकुल राय और मध्य प्रदेश के पूर्व राज्यमंत्री तेजीराम सरयाम को श्रद्धांजलि दी जाएगी। निराश्रित पशुओं से फसल नुकसान और यातायात बाधा का मुद्दा उठा विधायक अजय अर्जुन सिंह ने प्रदेश में निराश्रित पशुओं के कारण किसानों की फसलें नष्ट होने और सड़कों पर यातायात बाधित होने से उत्पन्न गंभीर स्थिति की ओर पशुपालन मंत्री का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि सरकार की उदासीनता के चलते किसानों को न तो मुआवजा मिल पा रहा है और न ही समस्या का स्थायी समाधान हो रहा है। इस पर पशुपालन मंत्री लखन पटेल ने जवाब देते हुए कहा कि सरकार की ओर से आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। नगर निगम द्वारा आवारा पशुओं को पकड़ा गया है तथा संबंधित पशुपालकों पर जुर्माना भी लगाया गया है। वन भूमि अतिक्रमण और बाहरी मजदूरों पर विधानसभा में हंगामा सरोज विकासखंड में बाहरी मजदूरों से काम कराए जाने और वन भूमि पर अतिक्रमण को लेकर विधानसभा में तीखी बहस देखने को मिली। विधायक उमाकांत शर्मा ने आरोप लगाया कि सरोज विकासखंड में स्थानीय मजदूरों की अनदेखी कर बाहर के मजदूरों से कार्य कराया गया, जिसमें अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले की जांच के लिए गठित समिति में उन्हें भी शामिल किया जाए। शर्मा ने कहा कि लटेरी और सिरोंज क्षेत्र में वन भूमि पर कब्जा कर खेती की जा रही है, लेकिन अब तक अतिक्रमण नहीं हटाया गया। उन्होंने बताया कि इस संबंध में मंत्री को आवेदन दिया गया था और एक ऑडियो क्लिप भी उपलब्ध कराई गई है, जिसमें वनरक्षक, डिप्टी रेंजर और ठेकेदार के बीच बातचीत सामने आई है। उनका आरोप है कि ऐसे मामलों से सरकार की छवि धूमिल हो रही है और कुछ अधिकारी सरकार को नुकसान पहुंचा रहे हैं। वहीं कांग्रेस विधायक अजय सिंह ने पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर मंत्री के जवाब को गोलमोल बताते हुए कहा कि दो दिन पहले उमरिया जिले में शेर के शिकार के मामले में कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया था, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं होने के कारण वे रिहा हो गए। इस पर मंत्री दिलीप अहिरवार ने कहा कि जहां स्थानीय स्तर पर मजदूर उपलब्ध नहीं होते, वहां बाहर से मजदूर बुलाना आवश्यक हो जाता है। पौधों के मूल्यांकन के लिए बाहरी संस्थाओं की सेवाएं ली जाती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूरे प्रकरण में किसी प्रकार की अनियमितता नहीं हुई है। श्रमिकों के भुगतान पर विधानसभा में घमासान वनमंडल विदिशा में पौधरोपण कार्य और श्रमिकों के भुगतान को लेकर विधानसभा में सवाल उठा। बीजेपी विधायक उमाकांत शर्मा ने श्रमिकों के भुगतान संबंधी जानकारी मांगी, लेकिन वन विभाग ने बैंक खातों के नंबर साझा करने से इंकार कर दिया। विधायक उमाकांत शर्मा ने कहा कि भुगतान का पूरा विवरण नहीं दिया गया और बैंक खाते की जानकारी भी उपलब्ध नहीं कराई गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मौके पर बाहरी मजदूरों को काम करते देखा गया है। उन्होंने मामले की प्रदेश स्तरीय टीम से जांच कराने की मांग की। इस पर वन राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार ने जवाब देते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति के बैंक खाते की जानकारी सार्वजनिक करने की एक मर्यादा होती है। उन्होंने आश्वस्त किया कि व्यक्तिगत तौर पर आवश्यक जानकारी उपलब्ध करा दी जाएगी। प्रश्नकाल में जजों की सुरक्षा पर गरमाई बहस, हर मजिस्ट्रेट को गनमैन देने की मांग विधानसभा के प्रश्नकाल के दौरान जजों की सुरक्षा का मुद्दा गूंजा। भाजपा विधायक हरिशंकर खटीक ने हर न्यायिक मजिस्ट्रेट को एक-एक गनमैन उपलब्ध कराने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। इस पर मंत्री गौतम टेटवाल ने जवाब देते हुए कहा कि जजों को आवश्यकता के अनुसार सुरक्षा मुहैया कराई जाती है। यदि कोई विशेष परिस्थिति उत्पन्न होती है तो स्थानीय स्तर पर पुलिस अधीक्षक (SP) सुरक्षा को लेकर निर्णय लेते हैं। इसके अलावा आवेदन प्राप्त होने पर राज्य सुरक्षा समिति द्वारा समीक्षा कर आवश्यक सुरक्षा उपलब्ध कराई जाती है। विधायक हरिशंकर खटीक ने पुनः मांग दोहराते हुए कहा कि प्रत्येक न्यायिक मजिस्ट्रेट को अनिवार्य रूप से एक-एक गनमैन दिया जाना चाहिए। सहारा समूह से जुड़े मामलों को लेकर घमासान विधानसभा के प्रश्नकाल में सहारा समूह से जुड़े मामलों और निवेशकों की धनवापसी का मुद्दा जोरदार ढंग से उठा। जयवर्धन सिंह ने सरकार से सहारा इंडिया कंपनी के विरुद्ध दर्ज प्रकरणों और निवेशकों की राशि वापसी पर विस्तृत जानकारी मांगी, जबकि मंत्री शिवाजी पटेल ने विभाग की ओर से स्थिति स्पष्ट की। सहारा समूह पर एफआईआर को लेकर सवाल प्रश्नकाल के दौरान जयवर्धन सिंह ने वर्ष 2020 से अब तक सहारा इंडिया के … Read more

बीजेपी विधायक का तंज- राजस्थान में 200 जिले बना देते गहलोत

जयपुर. राजस्थान विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर बहस के आखिरी दिन जमकर हंगामा ​हुआ। केकड़ी से बीजेपी विधायक शत्रुघ्न गौतम ने गुरुवार को पूर्व सीएम अशोक गहलोत पर तीखे तंज कसे। उन्होंने कहा कि गहलोत ने जाते-जाते बिना सोचे समझे राजस्थान में नए जिले बना दिए। गहलोत को अगर कोई यह गारंटी दे देता कि सरकार रिपीट हो जाएगी, तो वे 200 जिले बना देते। राज्यपाल के अभिभाषण पर बहस के दौरान भाजपा विधायक शत्रुघ्न गौतम ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने हर क्षेत्र में बंटाधार किया। शिक्षा को नाथी का बाड़ा किसने बनाया? गहलोत ने जाते-जाते जिले बना दिए, उन्हें अगर जिले ही बनाने थे साल 2019 में बनाते। लेकिन, जब लगा कि हमारे नेता नहीं जीतेंगे तो व​हां-वहां बिना सोचे समझो जिले बना दिए। उन्होंने कहा कि गहलोत राज में केकड़ी, मालपुरा, शाहपुरा, दूदू को जिला बना दिया। लेकिन, क्या हुआ जीत पाए? गहलोत को अगर कोई यह गारंटी दे देता कि सरकार रिपीट हो जाएगी ते वे 200 जिले बना देते। दूदू को नया प्रदेश ही बना देते। जयपुर की खराब ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर कांग्रेस पर हमला बीजेपी विधायक शत्रुघ्न गौतम ने जयपुर में पुलिस कमिश्नरेट के बाद भी खराब ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर भी कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने मुंबई पुलिस से ज्यादा ताकतवर जयपुर में कमिश्नरेट बनाया। विधानसभा में इसलिए हुआ हंगामा इस पर कांग्रेस विधायक रोहित बोहरा ने टोकते हुए कहा कि तत्कालीन भाजपा सरकार के समय गुलाबचंद कटारिया गृह मंत्री थे, उनकी सिफारिश से ही जयपुर में पुलिस कमिश्नरेट बना था। बीच में टोकने पर संसदीय कार्यमंत्री ने आपत्ति जताई तो सदन में हंगामा शुरू हो गया।

मध्यप्रदेश: भाजपा विधायक को गांव में घेरा, भीड़ ने बरसाए पत्थर

धार मध्यप्रदेश के धार जिले में धरमपुरी विधानसभा सीट से भाजपा विधायक कालूसिंह ठाकुर पर हमला कर दिया गया। विधायक के गांव में ही कुछ लोगों ने उन पर पत्थर बरसा दिए। इस घटना में विधायक के सिर में चोट आई है। पुलिस ने बताया कि धार मुख्यालय से करीब 50 किलोमीटर दूर सिरसोदिया गांव में विधायक ठाकुर अपने घर के पास खेत पर चल रहे काम देखने गए थे। इसी दौरान पड़ोसियों ने उन पर पत्थरों से हमला कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर धामनोद पुलिस मौके पर पहुंची और घायल विधायक को धामनोद के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। पुलिस ने बताया जानलेवा हमला धामनोद थाने के उप निरीक्षक नारायण कटारे ने बताया कि विधायक की सिरसोदिया गांव में जमीन है, जहां काम चल रहा था। उसी समय पड़ोसियों ने पत्थरों से उन पर जानलेवा हमला किया। विधायक की शिकायत पर प्रारंभिक जांच शुरू कर दी गई है। कटारे के अनुसार, इस मामले में प्रिन्स उर्फ पिंटू, गेंदाबाई और रंजु गिरवाल के खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है। हालांकि अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। विधायक ने क्या कहा? घटना के संबंध में विधायक कालूसिंह ठाकुर ने कहा कि वह अपने घर के पास खेत पर खड़े थे, तभी दो-तीन लोग आए और उन पर पत्थरों से हमला कर दिया, जिनमें एक-दो महिलाएं भी शामिल थीं। उन्होंने बताया कि हमलावरों को वह शक्ल से पहचान सकते हैं, लेकिन नाम नहीं जानते। विधायक ने यह भी कहा कि पहले भी उन पर गोली चलने की घटना हो चुकी है। हालांकि उनकी किसी से व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है।  

बल्लारी में हिंसा को लेकर सनसनीखेज दावा, विपक्ष के नेता ने कहा– भाजपा विधायक को मारने की थी योजना

बेंगलुरु कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर अशोक ने शुक्रवार को बीजेपी विधायक जी जनार्दन रेड्डी के घर के बाहर हिंसा को साजिश बताया है। उन्होंने दावा किया कि यह रेड्डी की हत्या करने का प्लान था। अशोक ने कहा कि पुलिस पर दबाव डालकर गोलीबारी को मिसफायर बताने को मजबूर किया गया, जबकि एक व्यक्ति की मौत हो गई। यह बैनर विवाद से उपजी झड़प थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस विधायक नारा भरत रेड्डी के समर्थकों ने जनार्दन के घर के अंदर बैनर लगाए, जो 3 जनवरी को वाल्मीकि प्रतिमा स्थापना समारोह के लिए थे। विवाद बहस से शुरू होकर हाथापाई, पथराव और गोलीबारी तक पहुंच गया, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज करके भीड़ को तितर-बितर किया।   आर अशोक ने कहा, 'वे खुद गोली चला रहे थे, खुद हत्या कर रहे थे और अब जनार्दन रेड्डी को दोष देना असहनीय है। यह उनकी पहले से बनाई गई साजिश थी।' उन्होंने दावा किया कि अगर गोली रेड्डी की ओर से चली होती तो इसे मिसफायर न कहा जाता। हिंसा के दौरान बीजेपी नेता बी श्रीरामुलू पर हमला भी हुआ। अशोक ने मामले की न्यायिक जांच की मांग की और चेतावनी दी कि यह अन्य जिलों में न फैले। उन्होंने सिद्धारमैया सरकार पर आंध्र प्रदेश जैसी राजनीतिक हिंसा फैलाने का आरोप लगाया। पुलिस ने जनार्दन रेड्डी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। राज्य की कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष विजयेंद्र येडियुरप्पा ने भी घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने तलवारें, कुल्हाड़ियां और लाठियां लहराते हुए गुंडागर्दी की। यह बल्लारी में गुंडा राज का स्पष्ट प्रमाण है, जहां थाने कांग्रेस कार्यालय के विस्तार बन गए हैं। कर्नाटक में कांग्रेस शासन के तहत कानून-व्यवस्था चरमरा गई है। वहीं, पुलिस के सीनियर अधिकारी ने कहा कि स्थिति को नियंत्रण में कर लिया गया है और अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं। फिलहाल स्थिति शांतिपूर्ण है और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सभी एहतियाती उपाय किए गए हैं।  

धर्मांतरण पर अब सख्त कार्रवाई, 10 साल तक की सजा का प्रावधान होगा: विधायक रामेश्वर शर्मा

भोपाल   भोपाल में धर्मांतरण कराने वाले पर विधायक रामेश्वर शर्मा का बड़ा बयान सामने आया है। रामेश्वर शर्मा ने कहा कि जो भी लोग हिंदूओं को मुस्लिम और ईसाई धर्म में परिवर्तित कर रहे  हैं उन पर सख्त कार्रवाई होगी। शर्मा ने कहा कि  देशभर के कानूनों को अध्ययन करके सख्त कानून बनाया जाएगा जाएगा ताकि इस तरह का काम करने वालों को सख्त सजा मिले। धर्मांतरण करने वालों को 10 साल या उससे अधिक की सजा दी जाएगी।  साथ ही धर्मांतरण कराने वालों के हाथ पैर तोड़े जाएंगे। आने वाले दिनों में सख्त कानून सरकार बनाने जा रही है। रामेश्वर शर्मा ने कहा कि अपराधियों को समझ आ जाएगा कि बाबा साहब का संविधान कितना मजबूत है।