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राजनीतिक हलचल: 7 सांसद BJP के संपर्क में, मंत्री के दावे से सियासत गरमाई

मुंबई  महाराष्ट्र के जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन ने  दावा किया कि विपक्षी खेमे के कुछ सांसद, विशेषकर शिवसेना (UBT) के सांसद, भाजपा के संपर्क में हैं और संकेत दिया कि आने वाले दिनों में संसद में पार्टी का संख्याबल बढ़ेगा। शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए भाजपा नेता ने कहा कि महाराष्ट्र में ‘ठाकरे ब्रांड’ अपनी प्रासंगिकता खो चुका है। महाजन ने सोलापुर जिले के प्रसिद्ध पंढरपुर मंदिर में दर्शन करने के बाद संवाददाताओं से कहा, 'भाजपा के सांसदों की संख्या और बढ़ेगी। पहले चार सांसद हमारे संपर्क में थे, अब तीन और के जुड़ने की संभावना है। ये सांसद विभिन्न दलों के हैं, लेकिन अधिकतर शिवसेना (UBT) गुट से हैं।' ‘सामना’ के कार्यकारी संपादक संजय राउत के साथ एक साक्षात्कार में, उद्धव ने कहा है कि ठाकरे केवल एक ‘ब्रांड’ नहीं है, बल्कि महाराष्ट्र, मराठी मानुस और हिंदू गौरव की पहचान है। महाजन ने कहा, 'ठाकरे ब्रांड बहुत पहले ही अपनी प्रासंगिकता खो चुका है। बालासाहेब ठाकरे असली शिवसेना के नेता थे, लेकिन 2019 में उद्धव ठाकरे के कांग्रेस के साथ गठबंधन करने के बाद स्थिति बदल गई। उन्होंने बालासाहेब की विचारधारा को त्याग दिया। तभी ठाकरे ब्रांड का अस्तित्व समाप्त हो गया।' एकनाथ शिंदे ने कसा तंज महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए रोम के सम्राट नीरो का जिक्र किया। शिवसेना प्रमुख शिंदे ने उद्धव का नाम लिए बिना कहा, 'यह अजीब बात है कि कुछ लोग तब भी जश्न मना रहे हैं, जब लोग उनकी पार्टी (शिवसेना-उबाठा) छोड़ रहे हैं। हमने इस तरह का व्यवहार पहले कभी नहीं देखा। ‘जब रोम जल रहा था, नीरो बांसुरी बजा रहा था’।' उन्होंने विपक्ष के चुनाव हारने पर निर्वाचन आयोग की 'चुनिंदा' आलोचना पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि आत्मनिरीक्षण करने के बजाय, कुछ नेता सिर्फ आरोप-प्रत्यारोप में लगे हैं और दूसरों को कोस रहे हैं।

मध्य प्रदेश में कानून व्यवस्था पर सवाल? भाजपा नेता श्यामलाल धाकड़ की हत्या से हड़कंप

 मंदसौर मंदसौर जिले के नाहरगढ़ थाने के गांव हिंगोरिया बड़ा में गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात में भाजपा नेता पूर्व मंडल उपाध्यक्ष 45 वर्षीय श्यामलाल धाकड़ पुत्र दौलतराम धाकड़ की हत्या कर दी गई। शुक्रवार सुबह खून से सनी लाश मकान की दूसरी मंजिल पर कमरे में मिली। रात में धाकड़ अपने कमरे में अकेले ही सोए थे। उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा का विधानसभा क्षेत्र होने से उन्होंने भी मामले में जल्द ही हत्यारों को पकड़ने को कहा। एसपी अभिषेक आनंद व एफएसएल टीम ने भी मौके पर पहुंचकर जांच की। स्वजनों और ग्रामीणों से बातचीत भी की गई है। पुलिस को हत्यारे की तलाश है। धारदार हथियार से गले पर वार मिली जानकारी के अनुसार श्यामलाल धाकड़ गुरुवार रात में घर की ऊपरी मंजिल पर अकेले सो रहे थे, जबकि उनके स्वजन नीचे के कमरों में थे। रात के अंधेरे में किसी ने धारदार हथियार से हमला कर गले पर वार कर हत्या कर दी। गले में गहरी चोट होने से घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई। शुक्रवार सुबह स्वजनों ने रक्त रंजित शव देखा। इसके बाद नाहरगढ़ थाना प्रभारी प्रभातसिंह गौड़ पुलिस बल के साथ पहुंचे। इधर पुलिस अधीक्षक अभिषेक आनंद एवं एफएसएल टीम भी मौके पर पहुंची। प्रारंभिक जांच में हत्या के कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। श्यामलाल धाकड़ भारतीय जनता पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता थे और मंडल उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं। श्यामलाल का एक बेटा और बेटी है। हत्या की खबर मिलते ही भाजपा कार्यकर्ताओं व ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई थी। दोपहर 3 बजे शव को पोस्ट मार्टम के लिए मंदसौर ले जाया गया। एसपी अभिषेक आनंद ने बताया कि पुलिस कई एंगल पर जांच कर रही है। जब तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंचते कुछ भी कहना संभव नहीं है। उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने तेजी से जांच करने को कहा उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने सोशल मीडिया पर एक्स व फेसबुक पर पोस्ट की, जिसमें लिखा है कि नाहरगढ़ थाना क्षेत्र के हमारे पार्टी समर्थित कार्यकर्ता श्यामलाल धाकड़ का शव घर में मिला। कार्यकर्ताओं ने हत्या उनकी आशंका व्यक्त की है। मैंने एसपी अभिषेक आनंद व अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा कर कहा है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए। घटना का जल्द से जल्द खुलासा हो। परिवार को न्याय दिलाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।

बीजेपी में राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की तैयारी चल रही, पार्टी ने कई राज्यों में संगठन चुनाव पूरे कर लिए

नई दिल्ली मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का एक साल पूरा हो चुका है। इस बीच केंद्रीय मंत्रिमंडल में फेरबदल की भी योजना बन रही है। सूत्रों के अनुसार नए भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव और राज्यपालों में बदलाव (सोमवार को तीन नए राज्यपालों की नियुक्ति) के बाद मंत्रिमंडल में फेर बदल हो सकता है। बीजेपी के कई राज्यों के भी अध्यक्ष के चुनाव हो रहे हैं। माना जा रहा है इसके पूरा होने के बाद मोदी सरकार के मंत्रिमंडल में बदलाव हो सकता है। हरियाणा और गोवा के लिए नए राज्यपाल नियुक्त किए जा चुके हैं जबकि लद्दाख को भी नया उपराज्यपाल मिल चुका है। वहीं मोदी सरकार द्वारा राज्यसभा के लिए चार नए सदस्यों (एडवोकेट उज्ज्वल निकम, मीनाक्षी जैन, हर्षवर्धन श्रृंगला और सी सदानंदन मास्टर) के नामांकन की घोषणा की घोषणा भी हो चुकी है। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि इन बदलावों के जरिए कैबिनेट फेरबदल के लिए जमीन तैयार की जा रही है। हाल ही में हरियाणा, गोवा के लिए राज्यपाल और लद्दाख के लिए उपराज्यपालों की नियुक्ति की है। इससे एक दिन पहले ही एडवोकेट उज्ज्वल निकम, मीनाक्षी जैन, हर्षवर्दन श्रृंगला और सी सदानंद मास्टर को राज्यसभा के लिए नॉमिनेट किया गया है। अखबार से बातचीत में भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, 'बड़े मंत्रालय वाले अधिकांश मंत्रियों को पिछली मोदी सरकार से रिपीट किया गया है…। अब तक इस बात पर जोर दिया जाता था कि निरंतरता बनी रही, लेकिन अब कैबिनेट को विदेश मामलों जैसी नई प्राथमिकताओं के साथ-साथ अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए टैरिफ के चलते वाणिज्य मंत्रालय फिर संतुलित किया जा सकता है।' रिपोर्ट में भाजपा सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि कैबिनेट में राज्यसभा सांसद बदले जा सकते हैं, जिनका कार्यकाल अंतिम दौर में है और उन्हें संगठन में जगह दी जा सकती है। वहीं, अन्य का कहना है कि भाजपा जनता दल यूनाइटेड, लोक जनशक्ति पार्टी और तेलुगु देशम पार्टी से नेताओं को देख सकती है। खास बात है कि बिहार में विधानसभा चुनाव हैं और लोजपा और जदयू बिहार आधारित पार्टियां हैं। एक भाजपा नेता ने अखबार से कहा, 'चीजें चल रही हैं और सवाल एक ही है कि अब आगे क्या होगा, गवर्नर में फेरबदल, अगले राष्ट्रीय अध्यक्ष और अन्य नेताओं की पार्टी संघठन में नियुक्ति की घोषणा या कैबिनेट फेरबदल।' कहा जा रहा है कि भाजपा 37 इकाइयों में से आधे से ज्यादा में अध्यक्षों का चुनाव कर चुकी है। साथ ही जल्द राष्ट्रीय अध्यक्ष की घोषणा हो सकती है। फिलहाल, भाजपा की कमान केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा के हाथों में है। अध्यक्ष पद के लिए कई दिग्गज नेताओं के नाम चर्चा में हैं. कुछ प्रमुख संभावित उम्मीदवार के नाम सामने आ रहे हैं, जिनमें धर्मेंद्र प्रधान, भूपेंद्र यादव, शिवराज सिंह चौहान और मनोहर लाल खट्टर शामिल हैं. धर्मेंद्र प्रधान: केंद्रीय शिक्षा मंत्री और ओडिशा से ताल्लुक रखने वाले धर्मेंद्र प्रधान को एक मजबूत दावेदार माना जा रहा है. उनकी संगठनात्मक क्षमता और केंद्र सरकार में महत्वपूर्ण भूमिका की वजह से उन्हें इस दौड़ में आगे रखा जा रहा है. साथ ही पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और संघ दोनों से ही उनके संबंध भी सामान्य हैं. भूपेंद्र यादव: केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव का नाम भी प्रमुखता से चर्चा में है. राजस्थान से आने वाले यादव को संघ का करीबी माना जाता है, और उनकी शांत और रणनीतिक कार्यशैली पार्टी के लिए फायदेमंद भी रही है. साथ ही उन्हें संगठन का भी काफी लंबा अनुभव है, और पार्टी ने कई राज्यों में उन्हें चुनाव प्रभार भी दिया था. शिवराज सिंह चौहान: मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की लोकप्रियता और संगठन में गहरी पकड़ उन्हें भी एक मजबूत दावेदार बना रही है. मगर सूत्रों का मानना है कि उनके नाम पर मुहर तभी लग पाएगी जब संघ की तरफ से दबाव डाले जाएगा. मनोहर लाल खट्टर: हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का नाम भी बीजेपी अध्यक्ष की रेस में शुरू से ही रहा है. हालांकि बीच में सूत्रों से ये भी खबर आई थी कि खट्टर ने उम्र की वजह से अपनी तबीयत का हवाला देते हुए ऐसे किसी पद को लेने से मना किया. मगर इसकी कोई आधिकारिक सूचना नहीं हुई. इसके अलावा, सूत्रों की मानें तो पार्टी इस संभावना पर भी चर्चा कर रही है कि बीजेपी पहली बार किसी महिला को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने पर विचार कर सकती है, जिससे संगठन में एक नया संदेश जाए. पार्टी का कोर वोटर वर्तमान में महिलाओं का वोट बैंक ही है, इसलिए पार्टी मुख्य पदों पर भी महिलाओं को आगे लाना चाह रही है. जुलाई में हो सकता है नए अध्यक्ष का ऐलान सूत्रों की मानें तो बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की घोषणा जुलाई 2025 में होने की संभावना है, क्योंकि संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई से शुरू होने वाला है. पार्टी के आंतरिक संगठनात्मक चुनाव लगभग अंतिम चरण में हैं. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की 4 से 6 जुलाई तक दिल्ली में होने वाली प्रांत प्रचारकों की बैठक में इस मुद्दे पर महत्वपूर्ण चर्चा हो सकती है. इस बैठक के बाद बीजेपी राष्ट्रीय परिषद की मुहर के साथ नए अध्यक्ष का ऐलान कर सकती है. सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी और आरएसएस के बीच नए अध्यक्ष के चयन को लेकर सहमति फिलहाल नहीं बन पाई है. सूत्रों के अनुसार, दोनों संगठन किसी एक नाम पर पूरी तरह सहमत नहीं हो पा रहे हैं. संघ अपनी वैचारिक दृष्टि और दीर्घकालिक रणनीति को ध्यान में रखते हुए ऐसे नेता को प्राथमिकता देना चाहता है, जो संगठन की जड़ों को मजबूत करे और हिंदुत्व के एजेंडे को आगे बढ़ाए. वहीं, बीजेपी शीर्ष नेतृत्व, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह शामिल हैं, एक ऐसे नेता की तलाश में हैं जो सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर सके. संघ की 4-6 जुलाई की बैठक में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की मौजूदगी में इस मुद्दे पर अंतिम फैसला होने की संभावना है. यह बैठक न केवल नए बीजेपी अध्यक्ष के चयन पर केंद्रित होगी, बल्कि संघ की शताब्दी समारोह की तैयारियों और संगठनात्मक गतिविधियों की … Read more

भाजपा ने लहराया परचम, एमपी के छह निकाय क्षेत्रों में मिली जीत

भोपाल मध्य प्रदेश में नौ नगरीय निकायों में हुए पार्षदों के उपचुनाव के नतीजे घोषित कर दिए गए हैं। नौ स्थानों पर हुए चुनाव में भाजपा छह और कांग्रेस तीन स्थानों पर जीती है। इन उपचुनाव के लिए सात जुलाई को मतदान हुआ था। राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव अभिषेक सिंह ने बताया है कि नौ नगरीय निकायों में एक-एक पार्षद के उप निर्वाचन के परिणाम घोषित किए गए। घोषित परिणामों में छह पार्षद भारतीय जनता पार्टी और तीन पार्षद इंडियन नेशनल कांग्रेस के हैं। राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव ने जानकारी दी है कि भोपाल जिले के नगरीय निकाय बैरसिया के वार्ड सात में भारतीय जनता पार्टी की शाइस्ता सुल्तान, नगरीय निकाय सिवनी के वार्ड 11 में भारतीय जनता पार्टी की निधि, इंदौर जिले के नगरीय निकाय सांवेर के वार्ड 7 में कांग्रेस की हसीना और नगरीय निकाय गौतमपुरा के वार्ड 15 में भारतीय जनता पार्टी के शंकरलाल, मंडला जिले के नगरीय निकाय बिछिया के वार्ड 13 में कांग्रेस की राजकुमारी धुर्वे, शहडोल जिले के नगरीय निकाय खांड के वार्ड 8 में कांग्रेस के शशिधर त्रिपाठी, छिंदवाड़ा जिले के नगरीय निकाय न्यूटन चिखली के वार्ड 4 में भारतीय जनता पार्टी की निकिता बरखे और खरगोन जिले के नगरीय निकाय भीकनगांव के वार्ड 5 में भारतीय जनता पार्टी की कमलेश कौशल को विजेता घोषित किया गया है। पन्ना जिले के नगरीय निकाय ककरहटी के वार्ड 13 में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी हीरालाल आदिवासी निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए हैं। दरअसल, राज्य के नौ नगरीय निकायों में सात जुलाई को एक-एक पार्षद के उप निर्वाचन के लिए मतदान संपन्न हुआ था। कुल 69.68 प्रतिशत मतदाताओं ने मतदान किया था। इसमें 73.01 प्रतिशत पुरुष और 66.36 प्रतिशत महिला मतदाता हैं। निर्वाचन परिणामों की घोषणा गुरुवार को हुई।

भाजपा के नए अध्यक्ष की घोषणा अगले कुछ दिनों में, सूत्रों के मुताबिक तीन प्रमुख महिला नेताओं के नाम चर्चा में

नई दिल्ली  लोकसभा चुनाव 2024 के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में संगठनात्मक बदलाव की प्रक्रिया तेज हो गई है। पार्टी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन को लेकर चल रही खींचतान के बीच सूत्रों के हवाले से खबर है कि भाजपा पहली बार किसी महिला को राष्ट्रीय अध्यक्ष बना सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि भाजपा ने हाल के वर्षों में महिला मतदाताओं को लुभाने में सफलता पाई है। विशेष रूप से उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, हरियाणा और दिल्ली जैसे राज्यों में यह सफलता मिली है। आपको बता दें कि जेपी नड्डा का कार्यकाल जनवरी 2023 में समाप्त हो चुका था, लेकिन पार्टी ने उन्हें जून 2024 तक का विस्तार दिया था। अब नए अध्यक्ष की घोषणा अगले कुछ दिनों में हो सकती है। सूत्रों के मुताबिक तीन प्रमुख महिला नेताओं के नाम चर्चा में हैं। निर्मला सीतारमण वर्तमान वित्त मंत्री और पूर्व रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण पार्टी संगठन में गहरी पैठ और केंद्र सरकार में लंबे अनुभव के चलते सबसे मजबूत दावेदार मानी जा रही हैं। हाल ही में उन्होंने भाजपा मुख्यालय में जेपी नड्डा और महासचिव बीएल संतोष के साथ बैठक की थी। उनका दक्षिण भारत से आना भाजपा के दक्षिण विस्तार रणनीति के लिए भी फायदेमंद माना जा रहा है। डी. पुरंदेश्वरी आंध्र प्रदेश भाजपा की पूर्व अध्यक्ष डी पुरंदेश्वरी काफी अनुभवी और बहुभाषी नेता हैं। कई राजनीतिक दलों के साथ काम करने का अनुभव और पार्टी में व्यापक स्वीकार्यता है। उन्हें ऑपरेशन सिंदूर जैसे अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक अभियान का हिस्सा भी बनाया गया था। वनाथी श्रीनिवासन तमिलनाडु की कोयंबटूर दक्षिण सीट से विधायक और भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुकी वनाथी श्रीनिवासन 1993 से भाजपा से जुड़ीं और संगठन में कई पदों पर रही हैं। 2022 में केंद्रीय चुनाव समिति की सदस्य बनीं और ऐसा करने वाली पहली तमिल महिला नेता। संघ का समर्थन सूत्र बताते हैं कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने भी इस विचार को समर्थन दिया है कि भाजपा को अब एक महिला को शीर्ष नेतृत्व में लाना चाहिए। यह कदम 33% महिला आरक्षण विधेयक की भावना के अनुरूप भी होगा, जिसका प्रभाव अगले परिसीमन के बाद लोकसभा में दिखेगा।

महाराष्ट्र में कांग्रेस को बड़ा झटका, राहुल गांधी के करीबी नेता कुणाल पाटिल ने छोड़ी पार्टी

मुंबई  भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की महाराष्ट्र इकाई के नए अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने कार्यभार संभालते ही विपक्षी कांग्रेस को बड़ा झटका दे दिया. रवींद्र चव्हाण की मौजूदगी में महाराष्ट्र कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष कुणाल पाटिल ने हाथ का साथ छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया. कुणाल का कांग्रेस छोड़ना उत्तर महाराष्ट्र और धुले में ग्रैंड ओल्ड पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. कुणाल पाटिल की गिनती लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के करीबियों में होती थी. कुणाल पाटिल धुले ग्रामीण विधानसभा सीट से विधायक रह चुके हैं. हफ्तेभर पहले कुणाल पाटिल की रवींद्र चव्हाण के साथ सीक्रेट मीटिंग की खबर आई थी. तब ऐसे कयास लगाए जा रहे थे कि कुणाल सीएम देवेंद्र फडणवीस और रवींद्र चव्हाण की मौजूदगी में बीजेपी का दामन थाम सकते हैं. हालांकि, तब कुणाल पाटिल ने बीजेपी में जाने की अटकलों को खारिज कर दिया था. मुलाकात की बात स्वीकार करते हुए कुणाल पाटिल ने कहा था कि वह अपने निजी काम के सिलसिले में रवींद्र चव्हाण से मिले थे. अब कुणाल बीजेपी में शामिल हो चुके हैं. उन्होंने अपनी पुरानी पार्टी पर तंज करते हुए कहा कि कांग्रेस का जनता से जुड़ाव कम हो गया है. धुले में कुणाल पाटिल का मजबूत प्रभाव कुणाल पाटिल का धुले के साथ ही उत्तर महाराष्ट्र के आसपास के जिलों में भी मजबूत प्रभाव माना जाता है. उनकी पहचान सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में है और युवा वर्ग के बीच उनका अपना आधार है. कुणाल का पार्टी छोड़ना, बीजेपी में शामिल होना विधानसभा चुनाव में खराब प्रदर्शन के बाद अब निकाय चुनाव से पहले कांग्रेस और विपक्षी महा विकास अघाड़ी (एमवीए) के लिए भी बड़ा झटका माना जा रहा है. गौरतलब है कि महाराष्ट्र में स्थानीय निकायों के चुनाव करीब हैं और बीजेपी ने अब दूसरे दलों के मजबूत नेताओं को अपने पाले में लाने की कोशिशें भी तेज कर दी हैं. रवींद्र चव्हाण के महाराष्ट्र बीजेपी की कमान संभालने के बाद दूसरे दलों से नेताओं के बीजेपी में आने का सिलसिला और तेज होने के आसार हैं. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के करीबी रवींद्र चव्हाण पहली फडणवीस कैबिनेट में मंत्री थे. वह एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली एनडीए सरकार में भी मंत्री थे. ठाणे जिले के डोंबिवली से आने वाले चार बार के विधायक रवींद्र चव्हाण की इमेज मुश्किल मसलों के त्वरित समाधान निकालने वाले नेता की है.  

अध्यक्ष की रेस में सबसे प्रबल दावेदार के रूप में पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का नाम था, फिर ऐसा क्या हुआ …….

  भोपाल  एमपी में बीजेपी को नया प्रदेश अध्यक्ष मिल गया है। हेमंत खंडेलवाल के नाम की घोषणा हो गई है। 18 साल बाद कोई विधायक एमपी में बीजेपी का प्रदेश अध्यक्ष बना है। हेमंत खंडेलवाल के पिता भी सांसद रहे हैं। इस रेस में कई लोगों के नाम आगे चल रहे थे। सबसे प्रबल दावेदार के रूप में पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का नाम था। माना जा रहा था कि नरोत्तम मिश्रा को इस बार पार्टी कोई बड़ी जिम्मेदारी देगी। चेहरे से चमक गायब दरअसल, नरोत्तम मिश्रा चुनाव हारने के बाद लोकसभा चुनाव के दौरान काफी एक्टिव रहे थे। उन्होंने हजारों की संख्या में कांग्रेस नेताओं को बीजेपी की सदस्यता दिलवाई थी। साथ ही केंद्रीय नेतृत्व के नेताओं से लगातार मुलाकातें भी चल रही थी। इसकी वजह से रेस में उनका नाम था कि पार्टी के वे वरिष्ठ नेता हैं। मंगलवार को नामांकन के साथ ही नरोत्तम मिश्रा रेस से बाहर हो गए। बुधवार को पार्टी ऑफिस जब वह पहुंचे तो उनका चेहरा उतरा हुआ था। दिल के अरमा आंसुओं में बह गए अब नरोत्तम मिश्रा पर यह गाना बिल्कुल फिट बैठ रहा है कि दिल के अरमा आंसुओं में बह गए। बीजेपी ऑफिस में नरोत्तम मिश्रा पहुंचे तो उनका चेहरा उतरा हुआ था। साथ ही बॉडी लैंग्वेज यह बताने को काफी था कि यह मौका हाथ से निकलने का उनके मन में मसोस है। उतरे मन से वह पार्टी ऑफिस में पहुंचे थे। मंच पर बैठे नरोत्तम मिश्रा के मन में बेचैनी दिख रही थी। कभी भी उनके चेहरे पर चमक नहीं दिखी। गौरतलब है कि नरोत्तम मिश्रा एमपी में बीजेपी के कद्दावर नेता रहे हैं। केंद्रीय नेतृत्व के साथ भी अच्छे संबंध हैं लेकिन विधानसभा चुनाव हारने के बाद वह पद की उम्मीद में बैठे हैं। अब प्रदेश अध्यक्ष के रूप में उनकी नियुक्ति नहीं हुई है। ऐसे में अब अटकलें हैं कि आगे चलकर उन्हें किसी महत्वपूर्ण बोर्ड और निगम में उन्हें एडजस्ट किया जा सकता है।

उत्तराखंड बीजेपी के महेंद्र भट्ट बने लगातार दूसरी बार बने प्रदेश अध्यक्ष, पार्टी

देहरादून भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पद पर महेंद्र भट्ट का लगातार दूसरी बार चुना जाना गया है। प्रदेश अध्यक्ष पद पर नामांकन की प्रक्रिया में केवल भट्ट का ही नामांकन हुआ था। राष्ट्रीय परिषद सदस्य के लिए पूर्व सीएम डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, त्रिवेंद्र सिंह रावत, तीरथ सिंह समेत आठ वरिष्ठ नेताओं का चुना गया है। आज मंगलवार को प्रांतीय परिषद की बैठक में केंद्रीय चुनाव अधिकारी हर्ष मल्होत्रा भट्ट के प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय परिषद के सदस्यों के निर्वाचित होने का औपचारिक ऐलान किया। सोमवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय परिषद सदस्य के लिए नामांकन की प्रक्रिया शुरू हुई थी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम समेत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में महेंद्र भट्ट ने प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए अपना नामांकन पत्र प्रदेश चुनाव अधिकारी खजान दास को सौंपा। इस पूरी संगठन चुनाव प्रक्रिया के दौरान सह चुनाव अधिकारी पुष्कर काला, मीरा रतूड़ी, राकेश गिरी के साथ सरकार में दायित्वधारी ज्योति गैरोला, सुभाष बड़थ्वाल, कुलदीप कुमार, प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश कोली,प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान समेत बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी एवं वरिष्ठ कार्यकर्ता मौजूद रहे। इन नेताओं ने भट्ट के नाम का किया प्रस्ताव नामांकन प्रक्रिया संपन्न होने के बाद चुनाव अधिकारी खजान दास ने कहा कि पांच सेटों में दाखिल उनके नामांकन पत्र पर 10 अलग-अलग प्रस्तावकों ने हस्ताक्षर किए थे। जिसमें सभी सेटों के मुख्य प्रस्तावक मुख्यमंत्री पुष्कर धामी, पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी एवं गढ़वाल लोकसभा सांसद अनिल बलूनी, नैनीताल सांसद अजय भट्ट व अल्मोड़ा सांसद व केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा शामिल हुए। अन्य प्रस्तावक के रूप में प्रदेश महामंत्री संगठन अजेय कुमार, पूर्व सीएम डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, कल्पना सैनी, टिहरी लोकसभा सांसद महारानी माला राज्यलक्ष्मी शाह, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, गणेश जोशी, सुबोध उनियाल, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष एवं विधायक बिशन सिंह चुफाल, विधायक विनोद चमोली, उमेश शर्मा काऊ, विनोद कंडारी, राम सिंह कैड़ा, महंत दिलीप सिंह रावत व बृजभूषण गैरोला प्रमुख थे। राष्ट्रीय परिषद के लिए ये नेता चुने गए राष्ट्रीय परिषद सदस्य के लिए कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा, पूर्व सीएम डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, त्रिवेंद्र सिंह रावत, तीरथ सिंह रावत, अजय भट्ट, माला राज्य लक्ष्मी शाह व कल्पना सैनी ने नामांकन किया था। इन सभी नेताओं का राष्ट्रीय परिषद के लिए चुना गया। महेंद्र भट्ट के अध्यक्ष बनने के बाद हमें सभी चुनाव में विजय मिली। संगठन का विस्तार हुआ। सामान्य कार्यकर्ता से लेकर प्रदेश अध्यक्ष तक की यात्रा में उनका लंबा राजनीतिक अनुभव रहा है। उन्होंने सबको साथ लेकर संगठन को गति देने में बड़ा योगदान दिया है। सभी वरिष्ठ नेताओं ने आज उनके नामांकन का प्रस्ताव किया था। लगातार दूसरी बार वह भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चुने गए हैं।  – पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री आज भाजपा का संगठन पर्व चल रहा है। भाजपा देश की अकेली ऐसी पार्टी है जहां सबसे निचली इकाई से लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष तक चुनाव की प्रक्रिया अपनाई जाती है। चुनाव में प्रत्येक सक्रिय व आम कार्यकर्ता भाग ले सकता है। प्रदेश अध्यक्ष व राष्ट्रीय परिषद सदस्य पद के लिए आज घोषणा कर दी गई है। -अनिल बलूनी, राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी भाजपा व गढ़वाल सांसद लगातार दूसरी बार अध्यक्ष बनने का भट्ट बनाया रिकार्ड मंगलवार को औपचारिक घोषणा के साथ ही महेंद्र भट्ट उत्तराखंड भाजपा के लगातार दूसरी बार अध्यक्ष बनने का रिकॉर्ड बनाया। उनसे पहले किसी भी अध्यक्ष को दूसरी बार संगठन की बागडोर संभालने का अवसर नहीं मिला। भट्ट भाजपा के 10वें प्रदेश अध्यक्ष बने हैं।

भाजपा ने हिमाचल में भी चुन लिया अध्यक्ष, राजीव बिंदल को क्यों मिला फिर से मौका?

नई दिल्ली हिमाचल प्रदेश में डॉ राजीव बिंदल को एक बार फिर बीजेपी का अध्यक्ष चुना गया है. केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने इसकी घोषणा की है. ये तीसरी बार है जब बिंदल को ये बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है. चुनाव अधिकारी राजीव भारद्वाज के मुताबिक विपक्ष के नेता और बीजेपी विधायक दल के नेता जयराम ठाकुर, पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर और सभी भाजपा सांसदों और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मंत्री गोविंद ठाकुर और अन्य प्रदेश पदाधिकारियों की ओर से बिंदल के नाम के तीन नामांकन पत्र दाखिल किए गए थे. भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तेलंगाना, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में अपने प्रदेश अध्यक्षों के नाम की घोषणा कर दी है. उत्तराखंड में महेंद्र भट्ट को लगातार दूसरी बार बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष चुना गया है, जबकि हिमाचल प्रदेश में राजीव बिंदल को पार्टी की कमान सौंपी गई है तो एन. रामचंद्र राव को तेलंगाना बीजेपी प्रमुख घोषित किया गया है. वहीं, आज शाम तक मध्य प्रदेश के बीजेपी अध्यक्ष को लेकर तस्वीर साफ हो जाएगी तो पश्चिम बंगाल में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष के लिए 3 जुलाई को चुनाव होगा. राजीव बिंदल 2002 से 2022 के बीच सोलन से तीन और नाहन से दो विधानसभा चुनाव जीतकर विधायक रहे. उन्होंने 2007 से 2012 तक प्रेम कुमार धूमल के नेतृत्व वाली सरकार में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री के रूप में भी कार्य किया. उन्हें 10 जनवरी 2018 को सर्वसम्मति से 13वीं विधानसभा का अध्यक्ष चुना गया था और वे जनवरी 2020 तक इस पद पर रहे और कुछ समय के लिए राज्य भाजपा प्रमुख का पदभार संभाला और अप्रैल 2023 में उन्हें फिर से पार्टी की राज्य इकाई का अध्यक्ष नियुक्त किया गया. हिमाचल बीजेपी प्रमुख के रूप में उनका नया कार्यकाल मंगलवार (1 जुलाई) से शुरू होगा राजीव बिंदल को क्यों मिला फिर से मौका? राजनीतिक विशेषज्ञों ने इसके पीछे की बड़ी वजह सामाजिक समीकरण साधना बताया है। राजीव बिंदल वैश्य समुदाय से आते हैं। उन्हें भाजपा ने सामाजिक समीकरण साधने के लिए फिर से प्रदेश अध्यक्ष बनाया है। दरअसल नेता विपक्ष जयराम ठाकुर राजपूत बिरादरी के हैं। इसके अलावा ब्राह्मण समाज के जेपी नड्डा केंद्र में मंत्री हैं। ऐसे में संतुलन बनाने के लिए बिंदल को मौका दिया गया है। जानिए बिंदल का राजनीतिक सफर राजीव बिंदल 2002 से 2022 तक पांच बार विधायक रह चुके हैं। उन्होंने सोलन से तीन और नाहन से दो विधानसभा चुनाव जीते हैं। उन्होंने 2007 से 2012 तक प्रेम कुमार धूमल के नेतृत्व वाली सरकार में स्वास्थ्य मंत्री के रूप में भी काम किया। उन्हें 10 जनवरी, 2018 को सर्वसम्मति से 13वीं विधानसभा का अध्यक्ष चुना गया और वे जनवरी 2020 तक इस पद पर रहे। अप्रैल 2023 में फिर से नियुक्त होने से पहले उन्होंने राज्य भाजपा प्रमुख के रूप में एक संक्षिप्त कार्यकाल पूरा किया। राष्ट्रीय परिषद के सदस्य और पदेन सदस्य पूर्व मंत्री गोविंद ठाकुर और पार्टी महासचिव बिहारी लाल शर्मा, त्रिलोक कपूर, पवन काजल, रश्मि धर सूद, पायल वैद्य, राजीव सैजल और संजीव कटवाल को राष्ट्रीय परिषद का सदस्य चुना गया। हिमाचल प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता जय राम ठाकुर, पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर, लोकसभा सदस्य सुरेश कश्यप, कंगना रनौत और राजीव भारद्वाज और राज्यसभा सदस्य इंदु गोस्वामी, सिकंदर कुमार और हर्ष महाजन को राष्ट्रीय परिषद का पदेन सदस्य चुना गया।