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एन्यूमेरेशन फॉर्म को लेकर भ्रम, लोग बूथों पर तलाश रहे BLO

नई दिल्ली  स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की प्रक्रिया में लोगों की परेशानियां कम नहीं हो रही हैं। अब कई इलाकों में बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) डोर टु डोर नहीं पहुंच रहे हैं। लोग उन्हें खोजते हुए बूथों पर पहुंच रहे हैं। यहां नंबर लेकर फोन लगा रहे हैं और अपने घर बुला रहे हैं। इससे समस्या और बढ़ती जा रही है। कई इलाकों में आरडब्ल्यूए ने बूथों पर बीएलओ के बैठने की व्यवस्था की है। ताकि लोगों को आसानी से समझाकर फॉर्म भरवाए जा सकें। यहीं उनको फॉर्म भी बांटे जा रहे हैं। लेकिन, पूरी व्यवस्था ऐसे नहीं चल रही है। कई बीएलओ डोर टु डोर सर्वे भी कर रहे हैं। इससे भ्रम पैदा हो रहा है। लोगों में नाराजगी, कॉल करके घर बुला रहे बीएलओ को     कई इलाकों के लोग दूसरे बूथों पर जाकर फॉर्म मांग रहे हैं। लेकिन, फॉर्म नहीं मिल रहे हैं।     मटियामहल विधानसभा के 78 नंबर वार्ड में बने बूथ में बुजुर्ग एजाज खान पहुंचे थे।     उन्होंने बताया कि हमें मालूम हुआ कि यहां एन्यूमेरेशन फॉर्म मिल रहे हैं। यहां आकर पता चला कि हमारे इलाके चमड़े वाली गली के बीएलओ यहां नहीं हैं।     इनसे नंबर लिया है और बीएलओ से बात की है। उन्होंने कहा है कि वह जल्द पहुंचकर फॉर्म देंगी।     लोगों को एन्यूमेरेशन फॉर्म भरने के बारे में जानकारी नहीं है। ऐसे में वह गलतियां कर रहे हैं।     वहीं बीएलओ एक-एक फॉर्म ही दे रहे हैं। लोगों को पता नहीं है कि उन्हें दो फॉर्म दिए जाने हैं।     ऐसे में वह बीएलओ से दूसरा फॉर्म मांग रहे हैं और विवाद की स्थिति बन रही है।     चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने कहा, बीएलओ को दो फॉर्म देने हैं।     अगर कोई फॉर्म नहीं भर पा रहा है तो पेंसिल से भरने को कहा जाना चाहिए।     उसको ठीक करके वापस पेन से भरना चाहिए। जरूरी है कि बीएलओ दो फॉर्म दे।  

फर्जी कॉल्स से बचें: SIR पोर्टल के नाम पर OTP ठगी के खिलाफ आयोग का अलर्ट

जगदलपुर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत गणना फार्म भरने वाले मतदाताओ और नागरिकों को साइबर ठगी को लेकर सतर्क किया है। राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी द्वारा इस संबंध में गुरुवार को एक सूचना जारी की गई है। आयोग की ओर से जारी सूचना में कहा गया कि एसआईआर फार्म भरते समय मोबाइल नंबर देना पूरी तरह से सुरक्षित है, लेकिन नागरिकों को विशेष रूप से सतर्क रहने की आवश्यकता है। कुछ साइबर अपराधी इसी बहाने ठगी करने की कोशिश कर सकते हैं। बताया गया कि बीएलओ (बूथ लेवल आफिसर) के माध्यम से एसआईआर फार्म भरने के लिए किसी भी प्रकार के ओटीपी की आवश्यकता नहीं होती है। कोई भी अधिकारी, कर्मचारी या बीएलओ आपसे ओटीपी नहीं मांगता है। यदि कोई व्यक्ति फोन करे और कहे कि आपके एसआईआर से जुड़े मोबाइल पर जो ओटीपी आया है, वह हमें दे दीजिए तो उन्हें तुरंत मना कर दें। कॉल करने वाले व्यक्ति को साफ-साफ मना करते हुए निर्वाचन कार्यालय अथवा बीएलओ से संपर्क कर इसकी जानकारी दे दी जाए। आयोग ने दबाव या धमकी की स्थिति में पुलिस को सूचना देने के लिए कहा है। पुलिस ने भी की अपील पुलिस ने भी नागरिकों को एसआईआर फार्म भरने की प्रक्रिया से जुड़ी एक नई प्रकार की ऑनलाइन धोखाधड़ी (स्कैम) के प्रति सतर्क किया है। साथ ही लोगों से अपील की है कि वे किसी भी सूरत में अपने मोबाइल फोन में प्राप्त वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) किसी अज्ञात व्यक्ति के साथ साझा न करें। आवश्यकता पड़ने पर जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर 1950 तथा इंटरनेट मीडिया पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी छत्तीसगढ़ के फेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम में जुड़ सकते हैं। एसआईआर ने पकड़ा जोर बस्तर जिले में एसआईआर का कार्य जोर पकड़ चुका है। बीएलओ गणना पत्रक भरवा रहे हैं। मतदाता और अन्य नागरिक भी इस कार्य में पूरा सहयोग कर रहे हैं। नईदुनिया ने शुक्रवार को शहर के समीप ग्राम पंचायत आड़ावाल के नयापारा में एसआईआर गणना पत्रक भरने एकत्र लोगों से चर्चा की तो उनका कहना था कि बीएलओ फार्म भरने में सहयोग कर रहे हैं। 2003 की मतदाता सूची से मतदाता संबंधी जानकारी भी बता रहे हैं इससे काम आसान हो गया है।