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BMC चुनाव: Exit Poll ने दिखाया बड़ा उलटफेर, उद्धव ठाकरे की शिवसेना को झटका

मुंबई महाराष्ट्र में मुंबई समेत राज्य की 29 नगर निगमों के लिए मतदान प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. वोटिंग शाम 5.30 बजे खत्म हुई. Axis My India के एग्जिट पोल के अनुसार, कुल बीएमसी के 227 वार्ड में से बीजेपी गठबंधन को 131 से 151 सीटें मिलने का अनुमान है. वहीं यूबीटी को 58 से 68 सीटें मिल सकती हैं. महाराष्ट्र में बीएमसी समेत 29 महानगरपालिकाओं के चुनाव परिणाम 16 जनवरी को घोषित होंगे. महाराष्ट्र में बीएमसी समेत 29 महानगरपालिकाओं के चुनाव परिणाम 16 जनवरी को घोषित होंगे. महाराष्ट्र में मुंबई समेत राज्य की 29 नगर निगमों के लिए मतदान प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. वोटिंग शाम 5.30 बजे खत्म हुई. Axis My India के एग्जिट पोल के अनुसार, बीएमसी के कुल 227 वार्ड में से बीजेपी गठबंधन को 131 से 151 सीटें मिलने का अनुमान है. वहीं यूबीटी को 58 से 68 सीटें मिल सकती हैं. मुंबई के साथ-साथ ठाणे, नवी मुंबई, उल्हासनगर, कल्याण-डोंबिवली, भिवंडी-निजामपुर, मीरा-भायंदर, वसई-विरार, पनवेल, नासिक, मालेगाव, अहिल्यानगर, जलगाव, धुले, पुणे, पिंपरी-चिंचवड, सोलापुर, कोल्हापुर, इचलकरंजी, सांगली-मिराज-कुपवाड, छत्रपति संभाजीनगर, नांदेड़-वाघाला, परभणी, जालना, लातूर, अमरावती, अकोला, नागपुर और चंद्रपुर नगर निगमों में भी वोटिंग हुई. बृहन्मुंबई महानगरपालिका के 227 वार्डों के लिए इस बार 1,700 उम्मीदवार मैदान में थे. नतीजों की घोषणा कल यानी शुक्रवार को होगी. सुबह 10 बजे से वोटों की गिनती शुरू हो जाएगी.   मुंबई बीएमसी चुनाव के एग्जिट पोल नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी के प्रवक्ता सैयद जफर इस्लाम ने कहा कि ठाकरे परिवार अब महाराष्ट्र के लोगों के साथ वह कनेक्शन नहीं रखता, जो पहले कभी हुआ करता था. Axis My India के एग्जिट पोल के अनुसार, बीएमसी चुनाव में यूबीटी गठबंधन को 58 से 68 सीटें मिलने का अनुमान है. वहीं बीजेपी गठबंधन को 131 से 151 सीटें मिल सकती हैं.

BMC चुनाव में महायुति का बड़ा ऐलान, AI तकनीक से बांग्लादेशियों की होगी ट्रैकिंग

नई दिल्ली महायुति गठबंधन ने रविवार को मुंबई में होने वाले नगर निकाय चुनावों (BMC Elections) के लिए घोषणापत्र (मेनिफेस्टो) जारी किया, जिसमें टेक्नोलॉजी-आधारित शासन का वादा किया गया है। बेस्ट की बसों में महिलाओं के लिए किराए में 50 प्रतिशत की छूट और शहर को एआई की मदद से बांग्लादेशी प्रवासियों से मुक्त करने का वादा किया गया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, जिन्होंने यह दस्तावेज जारी किया, ने कहा कि बीजेपी-शिवसेना-आरपीआई (ए) गठबंधन पुरानी नागरिक समस्याओं से निपटने और नागरिकों के मोबाइल फोन तक सेवाएं पहुंचाने के लिए जापानी टेक्नोलॉजी को स्थानीय प्रशासन के साथ जोड़ेगा। घोषणापत्र में भ्रष्टाचार को कम करने, क्लीयरेंस में तेजी लाने और सर्विस डिलीवरी में सुधार के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल पर जोर दिया गया है। उन्होंने कहा, "शहर ने नागरिक शासन में 25 साल की अक्षमता देखी है, और अब मैं लोगों से कहना चाहता हूं कि हमें नागरिक प्रशासन में पारदर्शिता लाने का मौका दें।" फडणवीस ने कहा, "हमारा लक्ष्य भ्रष्टाचार मुक्त नगर निगम है और आपके मोबाइल पर नगर पालिका पहल और बिल्डिंग अप्रूवल में तेजी लाने और रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए AI-संचालित प्लेटफॉर्म की रूपरेखा बताई। उन्होंने छात्रों को भविष्य के लिए तैयार कौशल से लैस करने के लिए सभी नगर निगम स्कूलों में एआई लैब का भी वादा किया। परिवहन और महिलाओं की सुरक्षा घोषणापत्र में प्रमुखता से शामिल थे। फडणवीस ने कहा कि गठबंधन का लक्ष्य बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट (BEST) बेड़े को लगभग 5,000 से बढ़ाकर 10,000 बसें करना, इलेक्ट्रिक वाहनों पर स्विच करना और महिला यात्रियों के लिए किराए में 50 प्रतिशत की छूट देना है। उन्होंने कहा कि नई मिडी और मिनी सेवाएं मेट्रो और रेलवे स्टेशनों के आसपास लास्ट-माइल कनेक्टिविटी में सुधार करेंगी। फडणवीस ने कहा, "हम मुंबई को बांग्लादेशियों और रोहिंग्याओं से मुक्त करेंगे। आईआईटी की मदद से, हम बांग्लादेशी प्रवासियों की पहचान करने के लिए एक एआई टूल विकसित करेंगे।" उन्होंने कहा कि जलवायु कार्य योजना के लिए 17,000 करोड़ रुपये का वादा किया गया है, जिसके तहत एक सर्कुलर अर्थव्यवस्था तैयार की जाएगी। धारावी पुनर्विकास परियोजना के बारे में बात करते हुए, फडणवीस ने कहा कि क्षेत्र में छोटे व्यवसायों के अपग्रेडेशन को सुनिश्चित करने के लिए एक इकोसिस्टम बनाया जाएगा, और यहां तक ​​कि अयोग्य निवासियों को भी शामिल किया जाएगा। घोषणापत्र में बाढ़ मुक्त मुंबई योजना का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें वादा किया गया है कि जापानी तकनीकों को अपनाकर और IIT और VJTI जैसे संस्थानों के साथ मिलकर उपायों के माध्यम से पांच साल के भीतर शहर को जलभराव से मुक्त कर दिया जाएगा। फडणवीस ने कहा कि इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) का एक रिसर्च ग्रुप शहर की टोपोग्राफी का अध्ययन करेगा, और इस प्लान में चार नए अंडरग्राउंड बाढ़ के पानी के टैंक बनाना और मौजूदा ड्रेनेज लाइनों को ठीक करना शामिल है।  

बीएमसी चुनाव से पहले बड़ा सियासी दांव: उद्धव–राज साथ आए, बोले— मुंबई की सत्ता मराठी हाथों में रहेगी

मुंबई   महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा और ऐतिहासिक घटनाक्रम देखने को मिला है। पंचायत चुनाव में असफलता देख शिवसेना (UBT) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) ने आगामी बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनावों के लिए गठबंधन का ऐलान कर दिया है। लंबे समय से अलग-अलग राह पर चल रहे ठाकरे बंधुओं (उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे) का साथ आना महाराष्ट्र की सियासत के लिए एक बड़ी घटना है। उद्धव ठाकरे ने मनसे प्रमुख राज ठाकरे के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता में कहा कि हम साथ रहने के लिए एक साथ आए हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग भाजपा के भीतर जारी घटनाओं को सहन नहीं कर सकते, वे शिवसेना (UBT)-मनसे गठबंधन के साथ भी आ सकते हैं। राज ठाकरे ने कहा, "महाराष्ट्र किसी भी झगड़े से बड़ा है। हम घोषणा करते हैं कि हमारा गठबंधन बन गया है, मुंबई का मेयर मराठी होगा और हमारा होगा।" कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने साफ शब्दों में कहा कि महाराष्ट्र की सियासत में नेतृत्व का अधिकार ठाकरे परिवार के पास ही रहा है और आगे भी रहेगा। उन्होंने कहा, “महाराष्ट्र का नेतृत्व ठाकरे परिवार का है। महाराष्ट्र को सिर्फ ठाकरे ही नेतृत्व दे सकते हैं।” उद्धव ठाकरे की इस बात पर सभा में मौजूद समर्थकों ने जोरदार तालियों और नारों के साथ समर्थन जताया। इस गठबंधन की घोषणा के बाद शिवसेना (UBT) के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने इसे एक ऐतिहासिक दिन करार दिया। उन्होंने कार्यक्रम में उमड़ी भारी भीड़ और लोगों के उत्साह का हवाला देते हुए कहा कि जनता इस एकजुटता का खुले दिल से स्वागत कर रही है। संजय राउत ने कहा, “यहां मौजूद लोगों की संख्या और उत्साह को देखते हुए कहा जा सकता है कि आज का दिन ऐतिहासिक है। यह सिर्फ मंच साझा करने का नहीं, बल्कि जनता के भरोसे का प्रतीक है।”

BMC Chunav: कांग्रेस हुई अलग-थलग, ठाकरे बंधु और शरद पवार ने किया किनारा

मुंबई  मुंबई नगरपालिका के चुनाव में कांग्रेस पार्टी अलग-थलग पड़ती दिख रही है. राज्य विधानसभा और उससे पहले लोकसभा चुनाव में जो महाविकास अघाड़ी बनी थी वो अब दरकती दिख रही है. महाविकास अघाड़ी के दो दल शिव सेना उद्धव गुट और एनसीपी शरद गुट ने हाथ मिला लिया है. इन दोनों ने कांग्रेस को दरकिनार कर इस गठबंधन में मनसे को शामिल किया है. इससे बीएमसी चुनाव काफी दिलचस्प होते जा रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक बीएमसी चुनाव की घोषणा के साथ ही उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के बीच सीट बंटवारे पर चर्चा शुरू हो चुकी है. ऐसी प्रबल संभावना है कि ठाकरे समूह और राष्ट्रवादी शरद पवार समूह मुंबई नगर निगम चुनाव में एमएनएस के साथ गठबंधन करेंगे. ठाकरे बंधुओं का गठबंधन लगभग पक्का हो चुका है और दूसरी ओर, ऐसी खबरें हैं कि सीट बंटवारे का फॉर्मूला भी लगभग अंतिम रूप ले चुका है. गठबंधन में कौन-कौन हैं शामिल? शिवसेना (ठाकरे गुट), एमएनएस और एनसीपी शरद गुट ने मुंबई नगर निगम का चुनाव संयुक्त रूप से लड़ने पर लगभग सहमति बना ली है. इस बात की प्रबल संभावना है कि वामपंथी दल भी इस गठबंधन में शामिल होंगे. लेकिन, इस पूरे गठबंधन से कांग्रेस को अलग रखा गया है. यह भी कहा जा सकता है कि कांग्रेस पार्टी ने खुद को गठबंधन से अलग रखा है. ठाकरे गुट के एक नेता के मुताबिक प्रारंभिक चर्चा के आधार पर ठाकरे गुट 120 से 125 वार्डों में चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा है. संभावना है कि 75 से 80 वार्ड एमएनएस को और 20 से 27 वार्ड एनसीपी शरद गुट को मिलेंगे. चूंकि यह लगभग तय है कि कांग्रेस अकेले चुनाव लड़ेगी, इसलिए माना जा रहा है कि इन तीनों पार्टियों ने गठबंधन किया है. फरवरी 2017 में हुए नगर निगम चुनावों में शिवसेना के 84 पार्षद चुने गए थे. ठाकरे समूह ने 36 से 40 नए वार्डों पर दावा किया है, जबकि मौजूदा वार्डों को बरकरार रखा है. हालांकि गठबंधन में वार्डों के आवंटन पर अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है, लेकिन पार्टी कम से कम 120 से 125 सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए अड़ी हुई है. जानकारी मिली है कि एमएनएस और शिवसेना के वरिष्ठ नेता इस बात पर चर्चा करेंगे कि कौन से वार्ड किसे दिए जाएं और फिर अंतिम निर्णय लेंगे. एमएनएस को कितनी सीटें मिलेंगी? एमएनएस को 75 से 80 वार्ड मिलने की संभावना है और एमएनएस ठाकरे समूह द्वारा पिछले चुनावों में जीते गए कुछ वार्डों की मांग कर सकती है, जिनमें 2017 में चुने गए सात पार्षदों के वार्ड भी शामिल हैं. इनमें माहिम, सेवरी, वर्ली, भांडुप और विक्रोली विधानसभा क्षेत्रों के वार्ड शामिल हैं. इसलिए, इन स्थानों पर सीटों के आवंटन के दौरान तकरार की संभावना है. हालांकि, नगर निगम चुनाव एक साथ लड़ने का निर्णय लिया जा चुका है, इसलिए ठाकरे समूह को कुछ रियायतें देनी होंगी और कुछ वार्ड छोड़ने होंगे. एनसीपी के लिए कितनी सीटें हैं? राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में फूट पड़ने के कारण मुंबई में शरद पवार गुट का प्रभाव अपेक्षाकृत कम हो गया है. फिर भी, महा विकास अघाड़ी में घटक दल होने के नाते एनसीपी को 20 से 27 वार्ड मिल सकते हैं. 2017 के चुनावों में एनसीपी के नौ पार्षद चुने गए थे. इन वार्डों के अलावा एनसीपी शरद ने घाटकोपर, कुर्ला, चुनाभट्टी, मलाड, भांडुप, कंजूरमार्ग, अनुशक्ति नगर, बायकुला आदि क्षेत्रों में 10 से 15 अन्य वार्डों पर भी दावा किया है. यहां एनसीपी का काफी प्रभाव है.