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यूपी में ब्रजेश पाठक और राजभर के बीच तेज हुई ब्राह्मण सियासत

लखनऊ. उत्तर प्रदेश की राजनीति में 'प्रबुद्ध वर्ग' यानी ब्राह्मणों का झुकाव सत्ता की चाबी माना जाता है। यही कारण है कि मिशन 2027 से पहले सूबे के सभी प्रमुख दल इस वोट बैंक को अपने पाले में करने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं। हालिया 'शिखा विवाद' के बाद शुरू हुई यह सियासी जंग अब घर-घर पूजन और रैलियों तक पहुंच गई है। ब्रजेश पाठक का 'बटुक पूजन' और डैमेज कंट्रोल सियासत की ताजा लहर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के उस बयान से शुरू हुई, जिसमें उन्होंने प्रयागराज माघ मेले में ब्राह्मण बटुकों की चोटी (शिखा) खींचे जाने की घटना को 'महापाप' करार दिया। भाजपा की ब्राह्मण राजनीति के प्रमुख चेहरे माने जाने वाले पाठक यहीं नहीं रुके; उन्होंने बीते कल अपने सरकारी आवास पर बटुकों को आमंत्रित कर उनका विधि-विधान से पूजन किया, उनके पैर पखारे और आशीर्वाद लिया। इसे प्रयागराज की घटना के बाद ब्राह्मण समाज में उपजे असंतोष को शांत करने के 'डैमेज कंट्रोल' के तौर पर देखा जा रहा है। ओपी राजभर की आजमगढ़ रैली और 'प्रबुद्ध' कार्ड डिप्टी सीएम के इस कदम के तुरंत बाद सुभासपा प्रमुख और कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने भी बड़ा दांव चल दिया है। रविवार को आजमगढ़ में होने वाली अपनी 'सामाजिक समरसता रैली' को सफल बनाने के लिए राजभर ने खास रणनीति बनाई है। उन्होंने इस रैली में दस हजार प्रबुद्ध ब्राह्मणों को विशेष रूप से आमंत्रित किया है। राजभर का यह कदम संकेत दे रहा है कि वे केवल पिछड़ों के नेता बनकर नहीं रहना चाहते, बल्कि सवर्णों, विशेषकर ब्राह्मणों को जोड़कर अपनी राजनीतिक स्वीकार्यता बढ़ाना चाहते हैं। मायावती को याद आया 2007 का 'सोशल इंजीनियरिंग' बसपा प्रमुख मायावती ने भी इस रेस में खुद को पीछे नहीं रखा है। उन्होंने हाल ही में ब्राह्मणों से खुलकर बसपा का समर्थन करने की अपील करते हुए वादा किया कि उनके शासनकाल में ब्राह्मणों का पूरा सम्मान सुरक्षित रहेगा। मायावती ने याद दिलाया कि 2007 में बसपा ने 'दलित-ब्राह्मण' गठजोड़ (सोशल इंजीनियरिंग) के जरिए ही पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई थी। वे एक बार फिर सतीश चंद्र मिश्रा के जरिए इसी पुराने फॉर्मूले को जिंदा करने की कोशिश में हैं। अखिलेश का 'हाता' और अपमान का आरोप वहीं, समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव लगातार योगी सरकार पर ब्राह्मणों के उत्पीड़न का आरोप लगा रहे हैं। अखिलेश अक्सर पूर्वांचल के कद्दावर नेता रहे हरिशंकर तिवारी के गोरखपुर आवास (हाता) का जिक्र करते हुए कहते हैं कि मौजूदा सरकार को 'हाता' नहीं भाता है। वे विकास दुबे एनकाउंटर से लेकर विभिन्न घटनाओं का हवाला देकर यह संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं कि भाजपा राज में ब्राह्मण उपेक्षित और असुरक्षित हैं। अलंकार अग्निहोत्री का इस्तीफा: नया सियासी मोड़ इस ब्राह्मण राजनीति में सबसे चौंकाने वाला मोड़ बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट और वरिष्ठ पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने दिया है। ब्राह्मणों के सम्मान और स्वाभिमान के मुद्दे पर उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया और एक नई राजनीतिक पार्टी बनाने का ऐलान किया है। एक प्रशासनिक अधिकारी का इस मुद्दे पर कुर्सी छोड़ना यह बताने के लिए काफी है कि पर्दे के पीछे ब्राह्मण अस्मिता की आंच कितनी तेज है। कुल मिलाकर, यूपी में 12 से 13 प्रतिशत की आबादी रखने वाला यह समाज एक बार फिर सत्ता के गलियारों में चर्चा का विषय है। अब देखना यह है कि बटुक पूजन, रैलियों के न्योते और सम्मान के वादों के बीच ब्राह्मण समाज किस पर अपना भरोसा जताता है।

ब्रजेश पाठक बोले: सपा शासन में अस्पतालों का ढांचा बेहद कमजोर, हालत थी तबेला जैसी

लखनऊ यूपी के उपमुख्‍यमंत्री ब्रजेश पाठक ने सोमवार को विधानसभा में आरोप लगाया कि 2017 से पहले समाजवादी पार्टी (सपा) सरकार ने अस्पतालों को तबेला बनाकर रख दिया था। पाठक ने कहा, प्रदेश में निजी चिकित्सकों का परामर्श शुल्क एवं विभिन्न चिकित्सकीय जांचों आदि का रेट निर्धारित कर एक समान करने और उनमें मनचाही वृद्धि रोकने के लिए राज्य सरकार द्वारा कोई नीति नहीं लाई गयी थी। प्रदेश में 2012 से 2017 तक समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के नेतृत्‍व की सरकार थी। राज्य सरकार में स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्‍सा विभाग संभाल रहे उपमुख्‍यमंत्री पाठक विधानसभा के प्रश्नकाल में सपा सदस्य समरपाल सिंह और अखिलेश के प्रश्नों का उत्‍तर दे रहे थे। सपा सदस्य समरपाल सिंह ने आरोप लगाया कि प्रदेश की स्‍वास्‍थ्‍य व्‍यवस्‍था बदहाल हो गई है और सरकारी चिकित्सक अपने घरों पर मरीजों का इलाज कर उनसे पैसे ऐंठते हैं। उन्‍होंने अस्पतालों में चिकित्सा सुविधाओं का अभाव बताया। आजमगढ़ जिले के मुबारकपुर क्षेत्र से सपा विधायक अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि मरीजों को अस्पतालों में सुविधा नहीं मिलती और निजी अस्पतालों में भारी शुल्क लिया जाता है। अखिलेश ने अपने पूरक प्रश्न में पूछा कि क्या सरकार निजी अस्पतालों के एक समान शुल्क के लिए कोई नियम बनाएगी। ब्रजेश पाठक ने अखिलेश का जवाब देते हुए कहा कि सभी सरकारी अस्पतालों में चिकित्सा जांच, उपचार और दवाएं मुफ्त दी जाती हैं। उन्‍होंने प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र, सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र और जिला अस्पतालों से लेकर उच्‍च स्‍तरीय सुविधा वाले सरकारी अस्पतालों में मिलने वाली सुविधाओं का ब्‍यौरा दिया। पाठक ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा स्थापित विभिन्न चिकित्सालय में जन सामान्य को निशुल्क इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत आयुष्मान कार्ड धारकों को सरकारी एवं निजी चिकित्सालय में निर्धारित पैकेज के अनुसार पांच लाख रुपये की सीमा तक निशुल्क चिकित्सा दी जाती है तथा 70 वर्ष से अधिक आयु वाले वरिष्ठ नागरिकों को आयुष्मान वय वंदन योजना के अंतर्गत चिकित्सकीय लाभ प्रदान किया जाता है।

उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने सपा सुप्रीमो पर किया कड़ा प्रहार

समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव पूरी तरह से दिग्भ्रमितः ब्रजेश पाठक उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने सपा सुप्रीमो पर किया कड़ा प्रहार पीडीए सच में है पर्सनल डेवलपमेंट एसोसिएशनः उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक बोलेः कुर्सी की भूख अखिलेश को झूठ बोलने पर करती है मजबूर लखनऊ  उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव पर कड़ा प्रहार किया है। गुरुवार को उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव जिस पीडीए की चर्चा करते हैं, वह वास्तव में पर्सनल डेवलपमेंट एसोसिएशन है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के मुखिया पूरी तरह दिग्भ्रमित हो चुके हैं। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि अखिलेश यादव सच्चाई को देखकर भी सच नहीं कह सकते, क्योंकि कुर्सी की भूख उन्हें झूठ बोलने पर मजबूर करती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार जनता को गुणवत्तापूर्ण जीवन देने के लिए प्रतिबद्ध है और उसी दिशा में लगातार तेजी से काम किया जा रहा है। डेवलप्ड स्टेट के रूप में तेजी से परिवर्तित हो रहा उत्तर प्रदेश ब्रजेश पाठक ने कहा कि अखिलेश यादव जब उत्तर प्रदेश के वर्तमान आंकड़ों को देखते होंगे, राउंड द क्लॉक बिजली आपूर्ति, बेहतर कनेक्टिविटी, जीवन स्तर में सुधार और सुदृढ़ स्वास्थ्य सेवाएं, तो उन्हें निश्चित रूप से आश्चर्य होता होगा। स्वाभाविक है कि वे इन उपलब्धियों की तुलना अपने शासनकाल से करते होंगे, जब प्रदेश में टूटी सड़कें थीं, रात में अंधेरा रहता था, अस्पतालों को तबेला बना दिया गया था और स्कूलों में न बाउंड्री वॉल थी और न ही पढ़ाई का माहौल।उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश पूरी तरह बदल चुका है और एक डेवलप्ड स्टेट के रूप में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदूषण के आंकड़ों पर उठाए जा रहे सवालों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और आईआईटी द्वारा लगाए गए सेंसर से ही रीडिंग ली जाती है, जिनमें सरकार का कोई हस्तक्षेप नहीं होता। पुलिस और एसटीएफ ने सभी घटनाओं का किया निष्पक्ष अनावरण उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि प्रदेश की जनता भली-भांति जानती है कि उत्तर प्रदेश पुलिस और एसटीएफ ने हर घटना का निष्पक्ष और प्रभावी अनावरण किया है। एसटीएफ द्वारा कुख्यात अपराधियों को ढेर किया जा चुका है, जो संगठित माफिया गिरोह के रूप में प्रदेश में सक्रिय थे।उन्होंने कहा कि चाहे अतीक अहमद हो, मुख्तार अंसारी हो या बद्दो जैसे कुख्यात अपराधी, अंतरराज्यीय गैंग चलाने वाले माफियाओं का उत्तर प्रदेश से पूरी तरह सफाया हो चुका है। अब प्रदेश में कोई माफिया नहीं है। माफिया दुम दबाकर प्रदेश से भाग चुके हैं। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि आप इसलिए पीड़ित हैं क्योंकि आप उन्हीं माफियाओं के समर्थक थे और उन्हीं के सहारे सत्ता चला रहे थे। आज उत्तर प्रदेश की जनता जागरूक है और उसने समाजवादी पार्टी के खाते को बंद कर दिया है। समाजवादी पार्टी को नहीं है कुछ भी कहने का अधिकार ब्रजेश पाठक ने पुलिस भर्ती और लेखपाल भर्ती का उल्लेख करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी को इन विषयों पर बोलने का कोई अधिकार नहीं है। उन्हें पहले अपने गिरेबान में झांककर देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि सपा सरकार के कार्यकाल में भर्तियों में जातिवाद और भाई-भतीजावाद के गंभीर आरोप लगते थे। एसडीएम जैसे 86 पदों में से 56 नियुक्तियां एक ही जाति की थीं। उन्होंने कहा कि उनके शासनकाल में लेखपाल भर्ती के दौरान पर्ची सिस्टम चलता था, जबकि वर्तमान सरकार में 8,085 पदों पर पूरी तरह मेरिट और बुद्धि कौशल के आधार पर नियुक्तियां की गई हैं। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि इन भर्तियों पर सवाल उठाना उन हजारों युवाओं की मेधा और प्रतिभा पर सवाल उठाने जैसा है। केवल बयानवीर बनना है लक्ष्य ब्रजेश पाठक ने कहा कि वर्तमान सरकार ने अपने कार्यकाल में लाखों नौकरियों में निष्पक्ष और पारदर्शी भर्ती की है। एक भी भर्ती में गड़बड़ी नहीं हुई है और आरक्षण के सभी नियमों का पूर्ण पालन किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने 68 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को भू माफियाओं से मुक्त कराया है। अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य केवल बयानबाजी करना रह गया है। एयर क्वालिटी इंडेक्स को लेकर उन्होंने कहा कि सरकार इसे निर्धारित नहीं करती। यह मौसम विभाग और राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों द्वारा तय किया जाता है। सरकार सभी मानकों के अनुरूप कार्य कर रही है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी मुख्यालयों पर 24 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। सभी जिलों को फोरलेन से जोड़ने का कार्य किया गया है। सर्वाधिक एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश में हैं और निवेश के मामले में भी यूपी देश में अग्रणी है।

स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए हर संभव सहयोग करेगी प्रदेश सरकार- उपमुख्यमंत्री

विकसित यूपी- 2047 लक्ष्य की प्राप्ति के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र में खर्च होंगे 1 लाख करोड़ रुपये' :ब्रजेश पाठक  स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए हर संभव सहयोग करेगी प्रदेश सरकार- उपमुख्यमंत्री  विकसित यूपी- 2047 का महत्वपूर्ण लक्ष्य, हर घर तक स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाना   लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप विकसित यूपी 2047 के तहत प्रदेश में स्वास्थ्य एवं स्वास्थ्य शिक्षा के विकास के लिये स्टेकहोल्डर्स की कॉनफ्रेंस का आयोजन राजधानी में किया गया। उप मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के सपने को साकार करने की दिशा में उत्तर प्रदेश का योगदान महत्वपूर्ण है। विकसित यूपी- 2047 बनाने में हेल्थ सेक्टर को मजबूत करने के लिए आने वाले दस वर्षों में 1 लाख करोड़ रुपये खर्च करने का लक्ष्य तय किया गया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 में हमारी सरकार बनने के बाद प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था में तेज विकास हुआ है, लेकिन इसे विकसित देशों के समकक्ष बनाने के लिये हमें अभी और भी प्रयास करना है। कॉन्फ्रेंस के उद्घाटन अवसर पर राज्य मंत्री मयंकेश्वर सिंह, मुख्यमंत्री सलाहकार अवनीश अवस्थी ने भी अपने विचार रखे।  इसके बाद स्वास्थ्य सेवा, स्वास्थ्य शिक्षा, नर्सिंग, पैरामेडिकल व फार्मा से जुड़े हुए स्टेकहोल्डर्स व विभाग के अधिकारियों के विचार मंथन के कई सत्रों का आयोजन किया गया।  विकसित यूपी- 2047 मिशन के तहत आयोजित स्वास्थ्य व स्वास्थ्य शिक्षा के लिए आयोजित स्टेकहोल्डर्स कॉन्फ्रेंस में प्रदेश के उप मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने संबोधित करते हुए कहा कि विकसित यूपी- 2047 का लक्ष्य प्राप्त करने में स्वास्थ्य सेवाओं का सबसे महत्वपूर्ण योगदान है। हमारा लक्ष्य प्रदेश के 25 करोंड़ लोगों तक उनके घर के पास स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 के पहले उत्तर प्रदेश जो एक बीमारू राज्य था आज प्रदेश में सर्वाधिक एक्सप्रेस वे, निर्बाध बिजली आपूर्ति और इंफ्रास्ट्रकचर के निर्माण से यूपी में निवेश को बढ़ावा दिया है। स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में भी जहां प्रदेश में पहले केवल 40 मेडिकल कॉलेज ही थे, उनकी संख्या बढ़कर 81 हो चुकी है। साथ ही प्रत्येक पांच हजार की आबादी पर आरोग्य मंदिरों का संचालन हो रहा है, जहां पैथोलॉजी जॉच से लेकर, प्राथमिक स्वास्थ्य की सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाती हैं। स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में भी पहले की 5000 एमबीबीएस सीटों की तुलना में वर्तमान में 12,000 से अधिक सीटें हो चुकी हैं, वहीं एमएस और एमडी की सीटें भी लगभग दोगुनी बढ़ी हैं। इसके अलावा मिशन निरामया का सफल संचालन किया जा रहा है एवं संजीवनी एप के माध्यम से प्रदेश की चिकित्सकीय सुविधा की उपलब्धता पर लाइव नज़र रखी जाती है। लेकिन अभी हमें स्वास्थ्य सेवाओं को विकसित देशों के समकक्ष बनाने के लिए कई और प्रयास करने हैं। जिसके लिए प्रदेश सरकार हर संभव सहयोग करेगी, साथ ही आने वाले दिनों में विकसित यूपी- 2047 को सफल बनाने के लिए 1 लाख करोड़ रुपये खर्च करने का लक्ष्य रखा गया है।  कॉन्फ्रेंस के उद्घाटन सत्र में बोलते हुए मुख्यमंत्री सलाहकार अवनीश अवस्थी ने कहा कि आजादी के सौवें वर्ष में विकसित भारत का जो लक्ष्य प्रधानमंत्री ने रखा है उसे प्राप्त करने में उत्तर प्रदेश सरकार ने 6 ट्रिलियन डालर का योगदान देने का लक्ष्य तय किया है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने में शिक्षा और स्वास्थ्य आधारभूत स्तंभ हैं। डब्लूएचओ के मानकों के अनुरूप प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के साथ इसमें गुणात्मक सुधार की ओर भी ध्यान देना होगा। हमें प्राइमरी, सेंकेडरी, टर्शियरी के साथ पैरामेडिकल और नर्सिंग सुविधाओं का भी विस्तार करना होगा। इस अवसर पर बोलते हुए अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य व स्वास्थ्य शिक्षा, अमित कुमार घोष ने विकसित भारत, विकसित यूपी- 2047 का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए इकोनामी के साथ सभी क्षेत्रों के विकास पर जोर दिया, साथ ही एडीजी 30 के लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में स्वास्थ्य सेवाओं को मानक अनुरूप विकासित करने की प्रदेश सरकार के प्रयासों की सराहना की साथ ही इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए सभी के सहयोग की अपेक्षा की। इस अवसर पर राज्य मंत्री मंयकेश्वर सरन सिंह ने भी सत्र को संबोधित किया और स्वास्थ्य सुविधाओं को छोटे शहरों से ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विकसित यूपी- 2047 के मिशन को प्राप्त करने के उद्देश्य से स्वास्थ्य एवं स्वास्थ्य शिक्षा की आयोजित कॉफ्रेंस में प्रदेश में स्वास्थ्य, स्वास्थ्य शिक्षा, नर्सिंग, पैरामेडिकल, फार्मा संबंधित विभिन्न सत्रों का आयोजन किया गया। जिसमें विषय से संबंधित राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों ने विचार मंथन के प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं के समक्ष आने वाली चुनौतियों और उनके समाधान का रोडमैप प्रस्तुत किया। साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण व एआई के प्रयोग पर भी जोर दिया। विशेषज्ञों ने प्रदेश की स्वास्थ्य सुविधाओं को डब्लूएचओ के मानकों के अनुरूप बनाने के उद्देश्य से न केवल इंफ्रास्टक्रचर विकास बल्कि चिकित्सकों के साथ अन्य मेडिकल स्टाफ को भी अधिक विषय विशेषज्ञ बनने पर जोर दिया। कोविड जैसे महामारियों का समाना करने के लिए मेडिकल रिसर्च को भी बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक का सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर पलटवार, बोले – सपा का लोकतंत्र और संविधान से कोई लेना-देना नहीं

जयप्रकाश नारायण की प्रतिमा पर माल्यार्पण सपा का राजनीतिक पाखंड, अखिलेश की राजनीति परिवारवाद और स्वार्थवाद पर आधारित लखनऊ, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने समाजवादी पार्टी और उसके अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सपा हमेशा से लोकतंत्र के विरोध में रही है। आज वही पार्टी कांग्रेस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर सत्ता पाने की साजिश कर रही है, यह वही कांग्रेस है जिसने देश पर आपातकाल थोपकर लोकतंत्र को कुचला था। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि अखिलेश यादव जिस कांग्रेस के साथ मंच साझा कर रहे हैं, उसी कांग्रेस ने जयप्रकाश नारायण जी जैसे लोकतंत्र के प्रहरी को जेल में डाला था। एक तरफ आप जयप्रकाश नारायण की प्रतिमा पर माल्यार्पण करते हैं, दूसरी तरफ उन्हीं को जेल भेजने वालों से गठबंधन करते हैं, यह राजनीतिक पाखंड है। सपा का लोकतंत्र या संविधान से कोई लेना-देना नहीं ब्रजेश पाठक ने कहा कि सपा को लोकतंत्र या संविधान से कोई लेना-देना नहीं, उनका मकसद केवल सुर्खियां बटोरना और सत्ता की कुर्सी पर बैठना है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव की राजनीति परिवारवाद और स्वार्थवाद पर आधारित है, जबकि भारतीय जनता पार्टी सर्व समाज की पार्टी है, जो बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के बनाए संविधान के अनुरूप काम कर रही है। उन्होंने आगे कहा कि जयप्रकाश नारायण जी की जयंती भाजपा पूरे देश और दुनिया में मना रही है, क्योंकि इमरजेंसी के दौरान सबसे अधिक जनसंघ और आरएसएस के कार्यकर्ता जेलों में बंद किए गए थे। वहीं कई समाजवादी भी जेल भेजे गए थे, लेकिन सपा आज उनका त्याग भुलाकर कांग्रेस के साथ मिलकर सत्ता की सौदेबाजी कर रही है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जनता सब जानती है। सपा अब लोकतंत्र की नहीं, केवल सत्ता की पार्टी बन चुकी है। भाजपा जनता की सेवा और संविधान की रक्षा के लिए काम करती रहेगी।