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UP Tex-2026 में ब्रजेश पाठक का बड़ा बयान, बोले- नई तकनीक और निवेश से तेजी पकड़ रहा उत्तर प्रदेश का वस्त्र उद्योग

बहुत तेजी से तरक्की कर रहा उत्तर प्रदेश का वस्त्र उद्योग: ब्रजेश पाठक  डिप्टी सीएम ने यूपी टेक्स-2026 के समापन समारोह को किया संबोधित  लखनऊ आज का उत्तर प्रदेश बहुत तेजी से तरक्की कर रहा है। वस्त्र उद्योग भी पीछे नहीं है। एक व्यक्ति की मूलभूत आवश्यकताओं में रोटी, कपड़ा और मकान होता है। आज वस्त्र उद्योग ने भी बहुत तरक्की की है। नई तकनीक के आधार पर वस्त्रो का उत्पादन हो रहा है।  यह कहना है प्रदेश की डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का। वे बुधवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में हथकरघा एवं वस्त्र उद्योग विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय “यूपी टेक्स-2026” के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। हमारी सरकार ने दिया वस्त्र उद्योग को मार्केट डिप्टी सीएम ने कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य में वस्त्र पहले से स्थापित है लेकिन उसे मार्केट नहीं मिल पाता था। डबल इंजन की भाजपा सरकार ने वस्त्र को मार्केट दिया और आज उत्तर प्रदेश का वस्त्र देश और दुनिया में जा रहा है। उत्तर प्रदेश में वस्त्र उद्योग को लेकर काफी निवेश भी आ रहा है।  उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि उत्तर प्रदेश के हथकरघा और वस्त्र क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए सरकार निरंतर प्रतिबद्ध है। समृद्ध हथकरघा एवं वस्त्र परंपरा हमारी सांस्कृतिक विरासत  उप मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की समृद्ध हथकरघा एवं वस्त्र परंपरा हमारी सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ लाखों कारीगरों, बुनकरों एवं उद्यमियों की आजीविका का महत्वपूर्ण आधार है। यह आयोजन प्रदेश की पारंपरिक कला, आधुनिक तकनीक, नवाचार और उद्यमिता को एक मंच पर लाने का सराहनीय कार्य है।हमारी सरकार का संकल्प है कि प्रदेश के बुनकरों एवं हस्तशिल्पियों को सशक्त बनाते हुए उनके हुनर को वैश्विक बाजार तक पहुंचाया जाए, ताकि ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश’ के संकल्प को और मजबूती मिले। इस अवसर पर मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार राकेश सचान, प्रमुख सचिव, हथकरघा अनिल कुमार सागर, आयुक्त एवं निदेशक, हथकरघा के. विजेंद्र पांडियन, विशेष सचिव, हथकरघा शेषमणि पांडेय, महासचिव, सी०आई०टी०आई चंद्रिमा चटर्जी एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।

UP Education: AI से नहीं बदलेगी शिक्षकों की भूमिका, ब्रजेश पाठक ने बताया शिक्षा में तकनीक का नया रास्ता

एआई शिक्षकों का विकल्प नहीं, शिक्षा को नई दिशा देने का माध्यम : ब्रजेश पाठक इंस्पिरेशन एकेडमिक कंसल्टेंट्स के शिक्षण संवाद कार्यक्रम में डिप्टी सीएम ने रखे विचार  कहा- शिक्षा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा उत्तर प्रदेश लखनऊ इंस्पिरेशन एकेडमिक कंसल्टेंट्स की ओर से लखनऊ में आयोजित ‘शिक्षक संवाद’ कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को लेकर रोजगार समाप्त होने की आशंका जताई जा रही है, लेकिन तकनीक के विकास के साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। एआई को चुनौती के बजाय अवसर के रूप में स्वीकार करने की जरूरत है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की शिक्षा परंपरा अत्यंत समृद्ध रही है। तक्षशिला और नालंदा जैसे विश्वविद्यालय हमारी गौरवशाली शैक्षिक विरासत के प्रतीक हैं। आज बदलते तकनीकी दौर में शिक्षा व्यवस्था को भी समय की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करना जरूरी है। एआई और आधुनिक तकनीक का बेहतर उपयोग शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।  शिक्षक भावी पीढ़ी के निर्माण और संस्कारों के संवाहक उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान देने वाले नहीं, बल्कि भावी पीढ़ी के निर्माण और संस्कारों के संवाहक हैं। बदलते शिक्षा परिवेश में शिक्षकों की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। शिक्षा से जुड़े अभियानों के माध्यम से प्रदेश में बड़ी संख्या में बच्चे विद्यालयों से जुड़ रहे हैं। 83 मेडिकल कॉलेज पूरी क्षमता से कर रहे काम डिप्टी सीएम ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में 83 मेडिकल कॉलेज पूरी क्षमता से काम कर रहे हैं। वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में करीब 40 मेडिकल कॉलेज थे। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा कौशल विकास के क्षेत्र में भी लगातार कार्य किया जा रहा है, जिससे युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध हो सकें। ओडीओपी से पूरी दुनिया में मिली पहचान उन्होंने ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ (ओडीओपी) योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश के स्थानीय उत्पादों को देश ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में पहचान मिल रही है। स्थानीय हुनर और उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। शिक्षकों के सवालों का दिया जवाब कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री ने लखनऊ के विभिन्न विद्यालयों से आए शिक्षकों के साथ शिक्षा की गुणवत्ता, तकनीकी बदलाव, एआई, नवाचार और विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े विषयों पर विस्तार से संवाद किया। शिक्षकों ने विभिन्न मुद्दों पर सवाल और सुझाव रखे, जिनका उपमुख्यमंत्री ने जवाब दिया। कार्यक्रम में इंस्पिरेशन एकेडमिक कंसल्टेंट्स की प्रेरणा त्रिपाठी सहित लखनऊ के विभिन्न विद्यालयों के सम्मानित एवं प्रतिष्ठित शिक्षण समुदाय के शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे।

बॉन्डेड डॉक्टर्स का लागू होगा समान वेतनमान: ब्रजेश पाठक

लखनऊ प्रदेश के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग में कार्यरत बॉन्डेड डॉक्टर्स की वेतन संबंधी मांगों को लेकर उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक बुधवार को हजरतगंज स्थित अटल चौक पहुंचे। बारिश के बीच धरना स्थल पर पहुंचे उप मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों से भेंट कर उनकी समस्याओं और मांगों को आत्मीयता से सुना एवं समान वेतनमान लागू करने हेतु आश्वस्त किया।   बॉन्डेड डॉक्टर्स द्वारा वेतन में असमानता और वेतन विसंगति का मुद्दा उठाए जाने पर उप मुख्यमंत्री ने समान वेतनमान लागू करने की घोषणा की। उन्होंने चिकित्सकों को आश्वस्त किया कि उनकी मांग के संबंध में कल तक शासनादेश जारी कर दिया जाएगा। डिप्टी सीएम ने इस संबंध में मौके से ही संबंधित अधिकारियों को फोन कर आवश्यक निर्देश दिए।  डिप्टी सीएम के इस कथन से बॉन्डेड चिकित्सकों के चेहरे खिल गए। इस दौरान ब्रजेश पाठक ने कहा कि “आप सभी मेरे परिवार का हिस्सा हैं। आपका सम्मान, अधिकार और हित हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी के साथ अन्याय नहीं होने देंगे। हर परिस्थिति में प्रदेश सरकार और व्यक्तिगत रूप से मैं आपके साथ मजबूती से खड़ा हूं।” उप मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद बॉन्डेड डॉक्टर्स ने अपनी मांगों के समाधान की दिशा में उनकी पहल का स्वागत किया।

UP Politics: ब्रजेश पाठक ने सपा-कांग्रेस से पूछा ‘बाबरी मस्जिद चंदे का हिसाब’, सियासत गरमाई

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि राम मंदिर चंदा मामले से जुड़ा विवाद समाजवादी पार्टी और कांग्रेस की एक साजिश का हिस्सा है. उन्होंने सवाल किया कि बाबरी मस्जिद के लिए इकट्ठा किए गए चंदे का क्या हुआ, इस पर किसी ने सवाल क्यों नहीं उठाया।  ब्रजेश पाठक ने कहा, 'बाबरी मस्जिद के लिए भी चंदा इकट्ठा किया गया था. कोई नहीं पूछ रहा है कि उस पैसे का क्या हुआ. समाजवादी पार्टी और कांग्रेस सिर्फ तुष्टिकरण की राजनीति कर रही हैं और मुस्लिम वोटरों को लुभाने के लिए सनातन धर्म पर हमला कर रही हैं।  उनके ये बयान अयोध्या पुलिस द्वारा राम मंदिर चंदे में कथित हेराफेरी के मामले में FIR दर्ज करने के एक दिन बाद आए हैं. यह FIR एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की सिफारिशों के आधार पर दर्ज की गई थी, जिसके बाद कई लोगों को गिरफ्तार किया गया।  विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि इस मामले में केवल निचले स्तर के कर्मचारियों के नाम शामिल किए गए हैं, जबकि वरिष्ठ अधिकारियों को बचाया जा रहा है।  विपक्ष के इस आरोप पर कि केवल जूनियर कर्मचारियों पर केस दर्ज किया गया है, पाठक ने कहा कि पुलिस निष्पक्ष जांच करेगी और BJP सरकार भ्रष्टाचार के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाती है।  न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, ब्रजेश पाठक ने कहा कि पत्रकारों को विपक्षी नेताओं से बाबरी मस्जिद के लिए इकट्ठा किए गए फंड के बारे में सवाल पूछना चाहिए और आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस तुष्टिकरण की राजनीति कर रही हैं।  उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सीमावर्ती जिलों में चल रहे अवैध मदरसों को टेरर फंडिंग मिल रही थी. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने ऐसे संस्थानों की जांच की, अवैध गतिविधियों को बंद कराया और जिम्मेदार लोगों को जेल भेजा। 

दिल्ली पहुंचे डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य-ब्रजेश पाठक, यूपी कैबिनेट विस्तार जल्द संभव

  लखनऊ  उत्‍तर प्रदेश में बहुप्रतीक्षित मंत्रिमंडल विस्‍तार जल्‍द ही हो सकता है। पश्चिम बंगाल चुनाव नतीजों के बाद योगी आदित्‍यनाथ सरकार में कुछ नए मंत्री शामिल हो सकते हैं। शनिवार को दोनों डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक और भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी दिल्ली रवाना हो गए। सूत्रों के अनुसार, तीनों राष्ट्रीय नेताओं से मुलाकात करेंगे। इससे यूपी में बड़े बदलावों की चर्चा फिर तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार, अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कई बदलावों पर मंत्रणा हो सकती है। चुनाव की तैयारी, यूपी मंत्रिमंडल विस्तार के साथ क्षेत्रीय संतुलन पर मंथन हो सकता है। खासतौर से पश्चिमी यूपी के समीकरण साधने और क्षेत्रीय संतुलन पर चर्चा होगी। मंत्रिमंडल में शामिल हो सकते हैं नए चेहरे पश्चिम बंगाल चुनाव निपटाने के बाद भाजपा का पूरा ध्‍यान अब उत्‍तर प्रदेश पर है। सूत्रों का कहना है कि अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले कई मंत्रियों के विभागों में बदलाव हो सके हें। मंत्रिमंडल में कुछ नए चेहरों को भी शामिल किया जा सकता है। इसके साथ ही पंकज चौधरी के नेतृत्‍व वाली यूपी बीजेपी संगठन में भी एक नई टीम देखने को मिल सकती है। बताया जा रहा है कि जिन नेताओं ने संगठन को मजबूत करने में अहम योगदान दिया है, उनको सरकार में जगह मिल सकती है। इसके अलावा संगठन को और मजबूत करने, बूथ स्‍तर पर पकड़ बनाने और चुनावी मुद्दों को धार देने पर चर्चा होगी। अप्रैल में विनोद तावड़े ने सीएम योगी से की थी मुलाकात बीते अप्रैल में भाजपा भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और केंद्रीय चुनाव पर्यवेक्षक विनोद तावड़े ने सोमवार को सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी। माना गया कि तावड़े ने सीएम से प्रदेश भाजपा की नई टीम, निगम-आयोग में खाली पदों पर नियुक्ति के साथ मंत्रिमंडल विस्तार में शामिल होने वाले संभावित चेहरों को लेकर चर्चा की। वह वित्त मंत्री सुरेश खन्ना और राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा से भी मिले थे। खराब कामकाज वाले मंत्रियों को संगठन में भेजा जा सकता है कई मंत्रियों के कामकाज से संगठन खुश नहीं है। माना जा रहा है कि जिनका काम खराब है, उन्हें संगठन में भेजा जा सकता है। कुछ को केंद्रीय संगठन और कुछ को प्रदेश संगठन में मौका मिल सकता है। वहीं, संगठन में जिन्हें एमएलसी या विधायक बनाया जा चुका है, उन्हें संगठन के काम से मुक्त किया जा सकता है।

सपा की नोएडा रैली फ्लॉप, मिनी सीएम और वसूली मॉडल को जनता ने किया खारिज: ब्रजेश पाठक

नोएडा में सपा की रैली फ्लॉप, मिनी सीएम और वसूली मॉडल को जनता ने किया खारिज: ब्रजेश पाठक खाली कुर्सियों ने खोली सपा की जमीनी हकीकत अंधविश्वास छोड़ सत्ता की चाह में पहुंचे अखिलेश, नहीं मिला जनसमर्थन मोदी-योगी के नेतृत्व में बदला नोएडा-दादरी का चेहरा सपा राज में अराजकता, अब निवेश और रोजगार का बड़ा केंद्र बना दादरी बीमारू छवि से बाहर निकल तेज़ी से आगे बढ़ रहा उत्तर प्रदेश लखनऊ  नोएडा में अखिलेश यादव की हालिया रैली फ्लॉप साबित हुई, जहां खाली पड़ी कुर्सियों ने सपा की जमीनी स्थिति को उजागर कर दिया। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि जिस नोएडा को समाजवादी पार्टी ने अपने शासनकाल में कई मिनी सीएम देकर ठेका, पट्टा और वसूली का अड्डा बना दिया था, उसी नोएडा की जनता ने आज सपा को पूरी तरह नकार दिया है। ब्रजेश पाठक ने कहा कि रैली में अपेक्षित भीड़ का न जुटना यह साफ संकेत है कि सपा अब जमीन से कट चुकी है। जनसभा में खाली कुर्सियां यह बता रही हैं कि जनता अब जातिवादी और अवसरवादी राजनीति से दूर जा चुकी है और विकास को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि वर्षों तक अपशकुन और अंधविश्वास के कारण नोएडा से दूरी बनाए रखने वाले अखिलेश यादव अब सत्ता की लालसा में वहां पहुंचे, लेकिन जनता ने उन्हें स्वीकार नहीं किया। “यह वही नोएडा है, जहां सपा सरकार के दौरान कानून व्यवस्था बदहाल थी और आम लोग असुरक्षा के माहौल में जीने को मजबूर थे,” उन्होंने कहा। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा शासन में नोएडा और दादरी क्षेत्र गुंडागर्दी और अराजकता का केंद्र बन गए थे। माताएं, बहनें, व्यापारी और युवा तक वहां जाने से कतराते थे। आज वही क्षेत्र विकास, निवेश और रोजगार का बड़ा केंद्र बन चुका है। यह बदलाव सरकार की नीतियों और मजबूत इच्छाशक्ति का परिणाम है। ब्रजेश पाठक ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में नोएडा-दादरी क्षेत्र में अभूतपूर्व परिवर्तन हुआ है। जेवर में बना अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा प्रदेश को वैश्विक पहचान दिला रहा है और आने वाले समय में यह क्षेत्र देश के सबसे बड़े निवेश केंद्रों में शामिल होगा। ब्रजेश पाठक ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने बीते वर्षों में बीमारू राज्य की छवि से बाहर निकलकर विकास की नई दिशा तय की है। प्रति व्यक्ति आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और प्रदेश तेजी से देश की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में अपनी जगह बना रहा है। उन्होंने कहा कि सपा आज भी समाज को जाति में बांटने और संकीर्ण राजनीति में उलझी हुई है, जबकि भाजपा विकास, सुशासन और सबका साथ-सबका विकास के सिद्धांत पर काम कर रही है। जनता अब काम और परिणाम देख रही है, यही कारण है कि सपा की राजनीति अब असरहीन होती जा रही है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब रुकने वाला नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश तेजी से प्रगति के पथ पर अग्रसर है और आने वाले वर्षों में यह देश की अर्थव्यवस्था का प्रमुख स्तंभ बनकर उभरेगा।

यूपी में ब्रजेश पाठक और राजभर के बीच तेज हुई ब्राह्मण सियासत

लखनऊ. उत्तर प्रदेश की राजनीति में 'प्रबुद्ध वर्ग' यानी ब्राह्मणों का झुकाव सत्ता की चाबी माना जाता है। यही कारण है कि मिशन 2027 से पहले सूबे के सभी प्रमुख दल इस वोट बैंक को अपने पाले में करने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं। हालिया 'शिखा विवाद' के बाद शुरू हुई यह सियासी जंग अब घर-घर पूजन और रैलियों तक पहुंच गई है। ब्रजेश पाठक का 'बटुक पूजन' और डैमेज कंट्रोल सियासत की ताजा लहर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के उस बयान से शुरू हुई, जिसमें उन्होंने प्रयागराज माघ मेले में ब्राह्मण बटुकों की चोटी (शिखा) खींचे जाने की घटना को 'महापाप' करार दिया। भाजपा की ब्राह्मण राजनीति के प्रमुख चेहरे माने जाने वाले पाठक यहीं नहीं रुके; उन्होंने बीते कल अपने सरकारी आवास पर बटुकों को आमंत्रित कर उनका विधि-विधान से पूजन किया, उनके पैर पखारे और आशीर्वाद लिया। इसे प्रयागराज की घटना के बाद ब्राह्मण समाज में उपजे असंतोष को शांत करने के 'डैमेज कंट्रोल' के तौर पर देखा जा रहा है। ओपी राजभर की आजमगढ़ रैली और 'प्रबुद्ध' कार्ड डिप्टी सीएम के इस कदम के तुरंत बाद सुभासपा प्रमुख और कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने भी बड़ा दांव चल दिया है। रविवार को आजमगढ़ में होने वाली अपनी 'सामाजिक समरसता रैली' को सफल बनाने के लिए राजभर ने खास रणनीति बनाई है। उन्होंने इस रैली में दस हजार प्रबुद्ध ब्राह्मणों को विशेष रूप से आमंत्रित किया है। राजभर का यह कदम संकेत दे रहा है कि वे केवल पिछड़ों के नेता बनकर नहीं रहना चाहते, बल्कि सवर्णों, विशेषकर ब्राह्मणों को जोड़कर अपनी राजनीतिक स्वीकार्यता बढ़ाना चाहते हैं। मायावती को याद आया 2007 का 'सोशल इंजीनियरिंग' बसपा प्रमुख मायावती ने भी इस रेस में खुद को पीछे नहीं रखा है। उन्होंने हाल ही में ब्राह्मणों से खुलकर बसपा का समर्थन करने की अपील करते हुए वादा किया कि उनके शासनकाल में ब्राह्मणों का पूरा सम्मान सुरक्षित रहेगा। मायावती ने याद दिलाया कि 2007 में बसपा ने 'दलित-ब्राह्मण' गठजोड़ (सोशल इंजीनियरिंग) के जरिए ही पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई थी। वे एक बार फिर सतीश चंद्र मिश्रा के जरिए इसी पुराने फॉर्मूले को जिंदा करने की कोशिश में हैं। अखिलेश का 'हाता' और अपमान का आरोप वहीं, समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव लगातार योगी सरकार पर ब्राह्मणों के उत्पीड़न का आरोप लगा रहे हैं। अखिलेश अक्सर पूर्वांचल के कद्दावर नेता रहे हरिशंकर तिवारी के गोरखपुर आवास (हाता) का जिक्र करते हुए कहते हैं कि मौजूदा सरकार को 'हाता' नहीं भाता है। वे विकास दुबे एनकाउंटर से लेकर विभिन्न घटनाओं का हवाला देकर यह संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं कि भाजपा राज में ब्राह्मण उपेक्षित और असुरक्षित हैं। अलंकार अग्निहोत्री का इस्तीफा: नया सियासी मोड़ इस ब्राह्मण राजनीति में सबसे चौंकाने वाला मोड़ बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट और वरिष्ठ पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने दिया है। ब्राह्मणों के सम्मान और स्वाभिमान के मुद्दे पर उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया और एक नई राजनीतिक पार्टी बनाने का ऐलान किया है। एक प्रशासनिक अधिकारी का इस मुद्दे पर कुर्सी छोड़ना यह बताने के लिए काफी है कि पर्दे के पीछे ब्राह्मण अस्मिता की आंच कितनी तेज है। कुल मिलाकर, यूपी में 12 से 13 प्रतिशत की आबादी रखने वाला यह समाज एक बार फिर सत्ता के गलियारों में चर्चा का विषय है। अब देखना यह है कि बटुक पूजन, रैलियों के न्योते और सम्मान के वादों के बीच ब्राह्मण समाज किस पर अपना भरोसा जताता है।

ब्रजेश पाठक बोले: सपा शासन में अस्पतालों का ढांचा बेहद कमजोर, हालत थी तबेला जैसी

लखनऊ यूपी के उपमुख्‍यमंत्री ब्रजेश पाठक ने सोमवार को विधानसभा में आरोप लगाया कि 2017 से पहले समाजवादी पार्टी (सपा) सरकार ने अस्पतालों को तबेला बनाकर रख दिया था। पाठक ने कहा, प्रदेश में निजी चिकित्सकों का परामर्श शुल्क एवं विभिन्न चिकित्सकीय जांचों आदि का रेट निर्धारित कर एक समान करने और उनमें मनचाही वृद्धि रोकने के लिए राज्य सरकार द्वारा कोई नीति नहीं लाई गयी थी। प्रदेश में 2012 से 2017 तक समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के नेतृत्‍व की सरकार थी। राज्य सरकार में स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्‍सा विभाग संभाल रहे उपमुख्‍यमंत्री पाठक विधानसभा के प्रश्नकाल में सपा सदस्य समरपाल सिंह और अखिलेश के प्रश्नों का उत्‍तर दे रहे थे। सपा सदस्य समरपाल सिंह ने आरोप लगाया कि प्रदेश की स्‍वास्‍थ्‍य व्‍यवस्‍था बदहाल हो गई है और सरकारी चिकित्सक अपने घरों पर मरीजों का इलाज कर उनसे पैसे ऐंठते हैं। उन्‍होंने अस्पतालों में चिकित्सा सुविधाओं का अभाव बताया। आजमगढ़ जिले के मुबारकपुर क्षेत्र से सपा विधायक अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि मरीजों को अस्पतालों में सुविधा नहीं मिलती और निजी अस्पतालों में भारी शुल्क लिया जाता है। अखिलेश ने अपने पूरक प्रश्न में पूछा कि क्या सरकार निजी अस्पतालों के एक समान शुल्क के लिए कोई नियम बनाएगी। ब्रजेश पाठक ने अखिलेश का जवाब देते हुए कहा कि सभी सरकारी अस्पतालों में चिकित्सा जांच, उपचार और दवाएं मुफ्त दी जाती हैं। उन्‍होंने प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र, सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र और जिला अस्पतालों से लेकर उच्‍च स्‍तरीय सुविधा वाले सरकारी अस्पतालों में मिलने वाली सुविधाओं का ब्‍यौरा दिया। पाठक ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा स्थापित विभिन्न चिकित्सालय में जन सामान्य को निशुल्क इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत आयुष्मान कार्ड धारकों को सरकारी एवं निजी चिकित्सालय में निर्धारित पैकेज के अनुसार पांच लाख रुपये की सीमा तक निशुल्क चिकित्सा दी जाती है तथा 70 वर्ष से अधिक आयु वाले वरिष्ठ नागरिकों को आयुष्मान वय वंदन योजना के अंतर्गत चिकित्सकीय लाभ प्रदान किया जाता है।

उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने सपा सुप्रीमो पर किया कड़ा प्रहार

समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव पूरी तरह से दिग्भ्रमितः ब्रजेश पाठक उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने सपा सुप्रीमो पर किया कड़ा प्रहार पीडीए सच में है पर्सनल डेवलपमेंट एसोसिएशनः उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक बोलेः कुर्सी की भूख अखिलेश को झूठ बोलने पर करती है मजबूर लखनऊ  उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव पर कड़ा प्रहार किया है। गुरुवार को उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव जिस पीडीए की चर्चा करते हैं, वह वास्तव में पर्सनल डेवलपमेंट एसोसिएशन है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के मुखिया पूरी तरह दिग्भ्रमित हो चुके हैं। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि अखिलेश यादव सच्चाई को देखकर भी सच नहीं कह सकते, क्योंकि कुर्सी की भूख उन्हें झूठ बोलने पर मजबूर करती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार जनता को गुणवत्तापूर्ण जीवन देने के लिए प्रतिबद्ध है और उसी दिशा में लगातार तेजी से काम किया जा रहा है। डेवलप्ड स्टेट के रूप में तेजी से परिवर्तित हो रहा उत्तर प्रदेश ब्रजेश पाठक ने कहा कि अखिलेश यादव जब उत्तर प्रदेश के वर्तमान आंकड़ों को देखते होंगे, राउंड द क्लॉक बिजली आपूर्ति, बेहतर कनेक्टिविटी, जीवन स्तर में सुधार और सुदृढ़ स्वास्थ्य सेवाएं, तो उन्हें निश्चित रूप से आश्चर्य होता होगा। स्वाभाविक है कि वे इन उपलब्धियों की तुलना अपने शासनकाल से करते होंगे, जब प्रदेश में टूटी सड़कें थीं, रात में अंधेरा रहता था, अस्पतालों को तबेला बना दिया गया था और स्कूलों में न बाउंड्री वॉल थी और न ही पढ़ाई का माहौल।उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश पूरी तरह बदल चुका है और एक डेवलप्ड स्टेट के रूप में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदूषण के आंकड़ों पर उठाए जा रहे सवालों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और आईआईटी द्वारा लगाए गए सेंसर से ही रीडिंग ली जाती है, जिनमें सरकार का कोई हस्तक्षेप नहीं होता। पुलिस और एसटीएफ ने सभी घटनाओं का किया निष्पक्ष अनावरण उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि प्रदेश की जनता भली-भांति जानती है कि उत्तर प्रदेश पुलिस और एसटीएफ ने हर घटना का निष्पक्ष और प्रभावी अनावरण किया है। एसटीएफ द्वारा कुख्यात अपराधियों को ढेर किया जा चुका है, जो संगठित माफिया गिरोह के रूप में प्रदेश में सक्रिय थे।उन्होंने कहा कि चाहे अतीक अहमद हो, मुख्तार अंसारी हो या बद्दो जैसे कुख्यात अपराधी, अंतरराज्यीय गैंग चलाने वाले माफियाओं का उत्तर प्रदेश से पूरी तरह सफाया हो चुका है। अब प्रदेश में कोई माफिया नहीं है। माफिया दुम दबाकर प्रदेश से भाग चुके हैं। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि आप इसलिए पीड़ित हैं क्योंकि आप उन्हीं माफियाओं के समर्थक थे और उन्हीं के सहारे सत्ता चला रहे थे। आज उत्तर प्रदेश की जनता जागरूक है और उसने समाजवादी पार्टी के खाते को बंद कर दिया है। समाजवादी पार्टी को नहीं है कुछ भी कहने का अधिकार ब्रजेश पाठक ने पुलिस भर्ती और लेखपाल भर्ती का उल्लेख करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी को इन विषयों पर बोलने का कोई अधिकार नहीं है। उन्हें पहले अपने गिरेबान में झांककर देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि सपा सरकार के कार्यकाल में भर्तियों में जातिवाद और भाई-भतीजावाद के गंभीर आरोप लगते थे। एसडीएम जैसे 86 पदों में से 56 नियुक्तियां एक ही जाति की थीं। उन्होंने कहा कि उनके शासनकाल में लेखपाल भर्ती के दौरान पर्ची सिस्टम चलता था, जबकि वर्तमान सरकार में 8,085 पदों पर पूरी तरह मेरिट और बुद्धि कौशल के आधार पर नियुक्तियां की गई हैं। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि इन भर्तियों पर सवाल उठाना उन हजारों युवाओं की मेधा और प्रतिभा पर सवाल उठाने जैसा है। केवल बयानवीर बनना है लक्ष्य ब्रजेश पाठक ने कहा कि वर्तमान सरकार ने अपने कार्यकाल में लाखों नौकरियों में निष्पक्ष और पारदर्शी भर्ती की है। एक भी भर्ती में गड़बड़ी नहीं हुई है और आरक्षण के सभी नियमों का पूर्ण पालन किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने 68 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को भू माफियाओं से मुक्त कराया है। अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य केवल बयानबाजी करना रह गया है। एयर क्वालिटी इंडेक्स को लेकर उन्होंने कहा कि सरकार इसे निर्धारित नहीं करती। यह मौसम विभाग और राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों द्वारा तय किया जाता है। सरकार सभी मानकों के अनुरूप कार्य कर रही है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी मुख्यालयों पर 24 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। सभी जिलों को फोरलेन से जोड़ने का कार्य किया गया है। सर्वाधिक एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश में हैं और निवेश के मामले में भी यूपी देश में अग्रणी है।

स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए हर संभव सहयोग करेगी प्रदेश सरकार- उपमुख्यमंत्री

विकसित यूपी- 2047 लक्ष्य की प्राप्ति के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र में खर्च होंगे 1 लाख करोड़ रुपये' :ब्रजेश पाठक  स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए हर संभव सहयोग करेगी प्रदेश सरकार- उपमुख्यमंत्री  विकसित यूपी- 2047 का महत्वपूर्ण लक्ष्य, हर घर तक स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाना   लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप विकसित यूपी 2047 के तहत प्रदेश में स्वास्थ्य एवं स्वास्थ्य शिक्षा के विकास के लिये स्टेकहोल्डर्स की कॉनफ्रेंस का आयोजन राजधानी में किया गया। उप मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के सपने को साकार करने की दिशा में उत्तर प्रदेश का योगदान महत्वपूर्ण है। विकसित यूपी- 2047 बनाने में हेल्थ सेक्टर को मजबूत करने के लिए आने वाले दस वर्षों में 1 लाख करोड़ रुपये खर्च करने का लक्ष्य तय किया गया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 में हमारी सरकार बनने के बाद प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था में तेज विकास हुआ है, लेकिन इसे विकसित देशों के समकक्ष बनाने के लिये हमें अभी और भी प्रयास करना है। कॉन्फ्रेंस के उद्घाटन अवसर पर राज्य मंत्री मयंकेश्वर सिंह, मुख्यमंत्री सलाहकार अवनीश अवस्थी ने भी अपने विचार रखे।  इसके बाद स्वास्थ्य सेवा, स्वास्थ्य शिक्षा, नर्सिंग, पैरामेडिकल व फार्मा से जुड़े हुए स्टेकहोल्डर्स व विभाग के अधिकारियों के विचार मंथन के कई सत्रों का आयोजन किया गया।  विकसित यूपी- 2047 मिशन के तहत आयोजित स्वास्थ्य व स्वास्थ्य शिक्षा के लिए आयोजित स्टेकहोल्डर्स कॉन्फ्रेंस में प्रदेश के उप मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने संबोधित करते हुए कहा कि विकसित यूपी- 2047 का लक्ष्य प्राप्त करने में स्वास्थ्य सेवाओं का सबसे महत्वपूर्ण योगदान है। हमारा लक्ष्य प्रदेश के 25 करोंड़ लोगों तक उनके घर के पास स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 के पहले उत्तर प्रदेश जो एक बीमारू राज्य था आज प्रदेश में सर्वाधिक एक्सप्रेस वे, निर्बाध बिजली आपूर्ति और इंफ्रास्ट्रकचर के निर्माण से यूपी में निवेश को बढ़ावा दिया है। स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में भी जहां प्रदेश में पहले केवल 40 मेडिकल कॉलेज ही थे, उनकी संख्या बढ़कर 81 हो चुकी है। साथ ही प्रत्येक पांच हजार की आबादी पर आरोग्य मंदिरों का संचालन हो रहा है, जहां पैथोलॉजी जॉच से लेकर, प्राथमिक स्वास्थ्य की सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाती हैं। स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में भी पहले की 5000 एमबीबीएस सीटों की तुलना में वर्तमान में 12,000 से अधिक सीटें हो चुकी हैं, वहीं एमएस और एमडी की सीटें भी लगभग दोगुनी बढ़ी हैं। इसके अलावा मिशन निरामया का सफल संचालन किया जा रहा है एवं संजीवनी एप के माध्यम से प्रदेश की चिकित्सकीय सुविधा की उपलब्धता पर लाइव नज़र रखी जाती है। लेकिन अभी हमें स्वास्थ्य सेवाओं को विकसित देशों के समकक्ष बनाने के लिए कई और प्रयास करने हैं। जिसके लिए प्रदेश सरकार हर संभव सहयोग करेगी, साथ ही आने वाले दिनों में विकसित यूपी- 2047 को सफल बनाने के लिए 1 लाख करोड़ रुपये खर्च करने का लक्ष्य रखा गया है।  कॉन्फ्रेंस के उद्घाटन सत्र में बोलते हुए मुख्यमंत्री सलाहकार अवनीश अवस्थी ने कहा कि आजादी के सौवें वर्ष में विकसित भारत का जो लक्ष्य प्रधानमंत्री ने रखा है उसे प्राप्त करने में उत्तर प्रदेश सरकार ने 6 ट्रिलियन डालर का योगदान देने का लक्ष्य तय किया है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने में शिक्षा और स्वास्थ्य आधारभूत स्तंभ हैं। डब्लूएचओ के मानकों के अनुरूप प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के साथ इसमें गुणात्मक सुधार की ओर भी ध्यान देना होगा। हमें प्राइमरी, सेंकेडरी, टर्शियरी के साथ पैरामेडिकल और नर्सिंग सुविधाओं का भी विस्तार करना होगा। इस अवसर पर बोलते हुए अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य व स्वास्थ्य शिक्षा, अमित कुमार घोष ने विकसित भारत, विकसित यूपी- 2047 का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए इकोनामी के साथ सभी क्षेत्रों के विकास पर जोर दिया, साथ ही एडीजी 30 के लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में स्वास्थ्य सेवाओं को मानक अनुरूप विकासित करने की प्रदेश सरकार के प्रयासों की सराहना की साथ ही इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए सभी के सहयोग की अपेक्षा की। इस अवसर पर राज्य मंत्री मंयकेश्वर सरन सिंह ने भी सत्र को संबोधित किया और स्वास्थ्य सुविधाओं को छोटे शहरों से ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विकसित यूपी- 2047 के मिशन को प्राप्त करने के उद्देश्य से स्वास्थ्य एवं स्वास्थ्य शिक्षा की आयोजित कॉफ्रेंस में प्रदेश में स्वास्थ्य, स्वास्थ्य शिक्षा, नर्सिंग, पैरामेडिकल, फार्मा संबंधित विभिन्न सत्रों का आयोजन किया गया। जिसमें विषय से संबंधित राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों ने विचार मंथन के प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं के समक्ष आने वाली चुनौतियों और उनके समाधान का रोडमैप प्रस्तुत किया। साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण व एआई के प्रयोग पर भी जोर दिया। विशेषज्ञों ने प्रदेश की स्वास्थ्य सुविधाओं को डब्लूएचओ के मानकों के अनुरूप बनाने के उद्देश्य से न केवल इंफ्रास्टक्रचर विकास बल्कि चिकित्सकों के साथ अन्य मेडिकल स्टाफ को भी अधिक विषय विशेषज्ञ बनने पर जोर दिया। कोविड जैसे महामारियों का समाना करने के लिए मेडिकल रिसर्च को भी बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।