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अचानक बाजार में आई जोरदार रैली, जानें ये 5 कारण जिन्होंने इसे प्रेरित किया

मुंबई  अचानक सोमवार को शेयर बाजार ने सबको हैरान कर दिया है. सुबह की शुरुआत गिरावट के साथ हुई थी. लेकिन दोपहर 12.30 बजे मार्केट ने पलटी मार दी, और धीरे-धीरे बाजार अब मजबूती के संकेत दे रहे हैं।  दोपहर ढाई बजे सेंसेक्स 641.81 अंक चढ़कर 73,950 पर कारोबार रहा था. वहीं निफ्टी 190 अंक चढ़कर 22,906 पर कारोबार कर रहा था. एक्सपर्ट्स की मानें तो बाजार में इस अचानक आए उछाल के पीछे वैश्विक के साथ-साथ घरेलू कारण भी हैं. अब निवशेक धीरे-धीरे बाजार को लेकर सकारात्मक नजरिया अपना रहे हैं।  कारोबार के दौरान Trent के शेयर में 7 फीसदी, श्रीराम ट्रांसपोर्ट फाइनेंस के शेयर में करीब 4 फीसदी, टाइटन के शेयर में 3.50 फीसदी, एक्सिस बैंक के शेयर में करीब 4 फीसदी की तेजी देखी जा रही है. मिडकैप कैटेगरी में कल्याण ज्वेलर्स के शेयर में 6.30 फीसदी की जोरदार तेजी है।  शेयर बाजार में इस तेजी के मुख्य तौर पर 5 कारण हैं. 1. मिडिल-ईस्ट में तनाव कम होने के संकेत अमेरिका और ईरान में सुलह के संकेत से बाजार को बल मिला है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों देश 45 दिनों के युद्धविराम के लिए चर्चा कर रहे हैं. इस खबर ने बाजार में छाई अनिश्चितता को कम किया है. ईरान द्वारा ओमान के साथ मिलकर 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज'में आवाजाही के लिए एक प्रोटोकॉल तैयार करने की घोषणा से भी निवेशकों ने राहत की सांस ली, क्योंकि इससे वैश्विक तेल आपूर्ति बाधित होने का डर कम हुआ।  2. आरबीआई (RBI) की मौद्रिक नीति बैठक भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की तीन दिवसीय बैठक सोमवार से शुरू हो गई है. बाजार के जानकारों का मानना है कि केंद्रीय बैंक इस बार भी ब्याज दरों (Repo Rate) को 5.25% पर स्थिर रख सकता है. महंगाई पर नियंत्रण और विकास दर को संतुलित रखने के आरबीआई के प्रयासों ने निवेशकों को भरोसा दिया है।  3. नए वित्त वर्ष से निवेश का आगाज इसके अलावा अप्रैल का महीना नए वित्त वर्ष की शुरुआत का समय होता है. पिछले महीने (मार्च) में भारी बिकवाली और सुधार के बाद, कई शेयरों के वैल्युएशन (Valuation) काफी आकर्षक हो गए थे. संस्थागत निवेशकों और रिटेल निवेशकों ने नए वित्त वर्ष के लिए नए सिरे से पूंजी निवेश शुरू कर दिया है. जिसे बाजार की तेजी का एक तकनीकी कारण माना जा रहा है।  4. आईटी और बैंकिंग सेक्टर में शानदार खरीदारी HDFC और Axis बैंक ने चौथी तिमाही के रिजल्ट से पहले अपडेट दिया है, जो कि बाजार को पसंद आया है. यही कारण है कि बाजार की इस रिकवरी को लीड बैंकिंग, आईटी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स शेयरों ने किया है. बैंक निफ्टी में निचले स्तरों से मजबूत रिकवरी देखी गई. इसके अलावा, आईटी सेक्टर में अमेरिकी अर्थव्यवस्था के स्थिर संकेतों के कारण सकारात्मक रुख बना रहा।  5. घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) का समर्थन भले ही विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPIs) बिकवाली कर रहे थे, लेकिन घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने बाजार को सहारा देना जारी रखा है. एलआईसी (LIC) और घरेलू म्यूचुअल फंड्स की ओर से की गई खरीदारी ने बाजार को बड़े क्रैश से बचाया है और सोमवार को रिकवरी का आधार तैयार किया। 

15 साल का सबसे बुरा वित्तीय साल, निवेशकों ने ढाई महीने में खोए 48 लाख करोड़

 नई दिल्‍ली  शेयर बाजार निवेशकों के लिए कोरोना महामारी के दौर से भी ज्यादा भयानक साल 2026 गुजरा है. इस साल अभी महज ढाई महीने ही बीते हैं, लेकिन जितना नुकसान इतने कम समय में उठाया है, उतना पिछले 15 साल में किसी भी समय नहीं उठाया. भारतीय शेयर बाजार के लिए साल 2026 की शुरुआत तो ठीक रही थी, लेकिन उसके बाद से लगातार दबाव और बिकवाली का ही समय रहा है. आलम यह रहा कि ढाई महीने से भी कम समय में निवेशकों ने 533 अरब डॉलर (48.50 लाख करोड़ रुपये) बाजार में गंवा दिए. आंकड़ों में झांकें तो पता चलता है कि साल 2011 के बाद से अब भारतीय निवेशकों को सबसे ज्‍यादा नुकसान हुआ है. इस साल अभी तक बीएसई पर लिस्‍टेड कंपनयिों का मार्केट कैप 533 अरब डॉलर नीचे आ चुका है, जो 2011 में करीब 625 अरब डॉलर गिरा था. खास बात यह है कि भारतीय शेयर बाजार को हुआ नुकसान मैक्सिको, मलेशिया, दक्षिण अफ्रीका, नॉर्वे, फिनलैंड, वियतनाम और पोलैंड के बाजारों को हुए कुल नुकसान से भी ज्‍यादा है. इतना ही नहीं, भारतीय शेयर बाजार के नुकसान का आंकड़ा चिली, ऑस्ट्रिया, फिलीपींस, कतर और कुवैत को हुए नुकसान से भी दोगुना रहा है. मार्केट कैप एक साल में सबसे कम भारतीय शेयर बाजार में लिस्‍टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप अभी करीब 4.77 ट्रिलियन डॉलर के आसपास है, जो अप्रैल 2025 के बाद से सबसे निचला स्‍तर है. यह साल 2026 की शुरुआत में करीब 5.3 ट्रिलियन डॉलर पहुंच गया था. लिहाजा इसमें सीधे 10 फीसदी की गिरावट दिख रही है. यह गिरावट दिखाती है कि भारतीय शेयर बाजार में साल 2026 की शुरुआत से अब तक किस कदर बिकवाली हावी रही है. जनवरी से ही यहां लगातार उतार-चढ़ाव दिख रहा है. विदेशी निवेशकों की बेरुखी कायम भारतीय शेयर बाजार पर सबसे ज्‍यादा असर डालने वाले विदेशी निवेशकों की बेरुखी 2025 के बाद इस साल भी कायम है. साल 2026 में अब तक विदेशी निवेशकों ने लगातार अपने पैसे निकाले हैं. इसके अलावा कंपनियों की कमाई और ट्रेड वॉर की वजह से भी बाजार पर खासा असर दिखा है. टैरिफ से लेकर मिसाइल तक के युद्ध ने पूरी दुनिया के बाजार को हिला दिया है, जिसका भारतीय बाजार पर कुछ ज्‍यादा ही असर दिखा. ईरान युद्ध ने आग में डाला घी. अभी अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप के टैरिफ वॉर से दुनिया संभली भी नहीं थी कि ईरान के साथ-साथ खाड़ी देशों में शुरू हुए युद्ध ने ग्‍लोबल मार्केट को हिलाकर रख दिया. कच्‍चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल के पार जा पहुंचा है, जिससे भारत में महंगाई और चालू खाते के घाटे के बढ़ने की आशंका भी तेज हो गई है. आयात बिल में होने वाला इजाफा देश की अर्थव्‍यवस्‍था पर भी दबाव डाल रहा है. बार्कलेस का कहना है कि क्रूड में 10 डॉलर प्रति बैरल का भी इजाफा होता है तो भारत के चालू खाते का घाटा 9 अरब डॉलर बढ़ जाता है.  

टैरिफ पर ट्रंप को तगड़ा झटका, जबकि शेयर बाजार में सेंसेक्स और निफ्टी में बमबम रैली

मुंबई  अमेरिका (America) में मची किसी भी हलचल का सीधा असर भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) पर देखने को मिलता रहा है. बीते सप्ताह भी यूएस में तमाम बड़े घटनाक्रम देखने को मिले, जिनमें सबसे अहम अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में टैरिफ पर ट्रंप की हार अहम है, US Supreme Court ने राष्ट्रपति ट्रंप के रेसिप्रोकल टैरिफ को गैरकानूनी करार देते हुए रद्द कर दिया, तो ट्रंप ने इस फैसले के तुरंत बाद दुनिया के सभी देशों पर नया 10% का टैरिफ लगा गया और 24 घंटे में ही इसे बढ़ाकर 15% भी कर दिया. इसके असर की बात करें, तो जिस टैरिफ से दुनिया के बाजारों में हड़कंप मचा नजर आया था, उसके हटते ही तेजी देखने को मिली है और Sensex-Nifty भी खुलने के साथ ही रॉकेट बने नजर आए हैं.   Sensex-Nifty ने खुलते ही मचाया गदर शेयर मार्केट में कारोबार ओपन होने के साथ ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स इंडेक्स अपने पिछले बंद 82,814.71 की तुलना में उछलकर 82,906.83 पर खुला और फिर कुछ ही मिनटों में ये 83,486 पर जा पहुंचा. NSE Nifty ने भी सेंसेक्स के कदम से कदम मिलाकर चलते हुए अपने पिछले शुक्रवार के बंद 25,571.25 की तुलना में चढ़कर 25,678 पर ट्रेड शुरू किया और फिर रॉकेट की तरह भागते हुए 25,771.45 के लेवल पर जा पहुंचा. ये 10 शेयर सबसे तेज भागे Share Market में शुरुआती तेजी के दौरान सबसे तेज भागने वाले शेयरों की बात करें, तो बीएसई की लार्जकैप कैटेगरी में शामिल Adani Ports Share (2.80%), Axis Bank Share (2.10%), Kotak Bank Share (1.60%) और HDFC Bank Share (1.50%) उछलकर ट्रेड कर रहा था. मिडकैप कैटेगरी को देखें, तो Bharat Forge Share (2%), Policy Bazar Share (1.95%), Paytm Share (1.95%) और BHEL Share (1.50%) की तेजी लिए हुए दिखा. इसके अलावा स्मॉलकैप शेयरों में सबसे ज्यादा उछाल Cohance Share (4.80%) और IIFL Share (4.20%) में देखने को मिला.  टैरिफ का डर खत्म, तो झूमे बाजार बता दें कि Donald Trump के रेसिप्रोकल टैरिफ का डर खत्म होने का असर दुनियाभर के शेयर बाजारों पर देखने को मिला, एशियाई बाजारों में जापान को छोड़कर लगभग सभी मार्केट ग्रीन जोन में नजर आए थे. विदेशों से मिले इन पॉजिटिव संकेतों के चलते सेंसेक्स-निफ्टी में भी बमबम नजर आया. शुरुआती कारोबार में करीब 1,676 शेयर अपने पिछले बंद के मुकाबले तूफानी तेजी के साथ ओपन हुए, जबकि 830 शेयरों ने गिरावट के साथ शुरुआत की, वहीं 257 शेयर बिना किसी चेंज के खुले यानी इनकी ओपनिंग फ्लैट रही. 

ट्रंप के ऐलान के बाद शेयर बाजार में तूफानी उतार-चढ़ाव, तेजी के बाद आई गिरावट

मुंबई  शेयर बाजार (Stock Market) ने सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को तूफानी तेजी के साथ कारोबार की शुरुआत की थी, लेकिन अचानक ये तेजी बड़ी गिरावट में तब्दील हो गई. ट्रंप की नई टैरिफ धमकी का सीधा असर भारतीय बाजार (Trump Tariff Warning Impact) पर देखने को मिला है. दरअसल अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान के साथ कारोबार करने वाले देशों पर 25% Tariff लगाने का ऐलान किया है और ये धमकी तमाम देशों की टेंशन बढ़ाने वाली है. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स (Sensex) खुलने के बाद करीब 300 अंक अछला था, फिर झटके में 250 अंक से ज्यादा टूट गया. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी (Nifty) का भी ऐसा ही हाल नजर आया.  अचानक सेंसेक्स-निफ्टी की बदली चाल शेयर मार्केट में कारोबार के शुरुआत की बात करें, तो बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 83,878.17 की तुलना में तेजी लेकर 84,000 के स्तर के पार ओपन हुआ था और फिर 84,258 तक उछला था. फिर अचानक ही इसकी तेज रफ्तार पर ब्रेक लग गया और BSE Sensex 250 अंक से ज्यादा टूटकर 83,616 के लेवल पर आ गया.  बात एनएसई के निफ्टी इंडेक्स की करें, तो इसकी भी चाल सेंसेक्स के जैसी ही नजर आई. 50 शेयरों वाला ये इंडेक्स अपने पिछले कारोबारी बंद 25,790 की तुलना में उछलकर 25,897 पर खुला और फिर फिसलकर 25,709 तक आ गया.  ट्रंप की ऐलान से भारत को क्या डर?  बता दें कि Donald Trump ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट के जरिए ऐलान किया कि अमेरिका, ईरान के साथ कारोबार करने वाले किसी भी देश पर 25 फीसदी टैरिफ लगाएगा, जिससे ईरान और उसके कारोबारी साझेदारों पर आर्थिक दबाव बढ़ेगा. ट्रंप ने साफ किया कि जो भी देश इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के साथ व्यापार कर रहा है, उसे अमेरिका के साथ सभी व्यापार पर तत्काल प्रभाव से 25 फीसदी टैरिफ देना होगा और ये आदेश फाइनल है. भारत के लिहाज से देखें, तो अमेरिकी प्रतिबंधों के बाद भारत ने ईरानी तेल का आयात 2019 से ही बंद कर रखा है, लेकिन इसके बावजूद कई अन्य चीजों का आयात-निर्यात (India Export-Import With Iran) किया जाता है. ईरान में जहां भारत से चावल, चाय, चीनी, दवाइयां, कृत्रिम फाइबर, इलेक्ट्रिक मशीनरी और आर्टिफिशियल ज्वेलरी पहुंचती है, तो वहीं जबकि ईरान से भारत में सूखे मेवे, अकार्बनिक/कार्बनिक रसायन के साथ ही कांच के बर्तन आते हैं. अब ऐसे में अगर सभी कारोबार करने वाले देशों पर Trump 25% Tariff लगाते हैं, तो फिर भारत पर पहले से लागू 50% टैरिफ के बढ़कर 75% होने की संभावना बनती है. यही डर शेयर बाजार पर देखने को मिला है.  ये 10 बड़े शेयर बिखरे शेयर बाजार में तूफानी तेजी के बाद अचानक आई गिरावट के चलते जिन शेयरों में सबसे ज्यादा असर देखने को मिला है. उनमें लार्जकैप कैटेगरी में शामिल LT Share (2.30%), HCL Tech Share (2.10%), Bharti Airtel Share (1.50%) फिसलकर कारोबार कर रहे थे. इसके अलावा मिडकैप कैटेगरी में शामिल  Glenmark Share (3.10%), Dixon Tech Share (2.20%), Godrej Properties Share (2.05%) और AU Bank Share (2%) फिसलकर कारोबार कर रहे थे. स्मॉलकैप कैटेगरी में Lotus Chocolate Share (8%), Jubilant Agri Share (5.50%) और NEC Life Share (5%) गिरकर ट्रेड कर रहे थे. 

2026 में शेयर बाजार ने दिखाया जोरदार उछाल, सेंसेक्स 223.54 अंक बढ़ा

मुंबई  साल 2026 (New Year) की शुरुआत हो चुकी है और नए साल को भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) भी सलाम किया है. Sensex-Nifty दोनों इंडेक्स 1 जनवरी 2026 को तेज रफ्तार के साथ ग्रीन जोन में ओपन हुए. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स जहां ओपनिंग के साथ ही 200 अंक से ज्यादा उछल गया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 भी अपने पिछले बंद की तुलना में तेज रफ्तार के साथ ग्रीन जोन में खुला. इस बीच कई शेयर खुलते ही 10 से 15 फीसदी तक उछल गए.  सेंसेक्स-निफ्टी की धांसू शुरुआत 2026 के पहले दिन शेयर मार्केट (Stock Market) पॉजिटिव नोट के साथ ओपन हुआ. बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले कारोबारी बंद 85,220 की तुलना में ओपन होने के साथ ही 223.54 अंक की तेजी लेकर 85,444.14 के स्तर पर जा पहुंचा, तो वहीं एनएसई का निफ्टी अपने पिछले बंद 26,139 के मुकाबले ग्रीन जोन में खुलने के बाद 65.75 अंक चढ़कर 26,195.35 पर ट्रेड करता हुआ नजर आया.  1284 कंपनियों के शेयरों की तेजी ओपनिंग शुरुआती कारोबार में शेयर बाजार में मौजूद करीब 1284 कंपनियों के शेयरों ने अपने पिछले बंद के मुकाबले जोरदार तेजी लेकर कारोबार की शुरुआत की थी. इसके अलावा 728 कंपनियों के शेयर ऐसे थे, जो पिछले बंद की तुलना में गिरावट के साथ लाल निशान पर ओपन हुए थे. इसके अलावा 151 कंपनियों के स्टॉक्स ने फ्लैट ओपनिंग की, यानी इनकी कीमतों में कोई बदलाव देखने को नहीं मिला. Tata Steel, Jio Financial, L&T, Reliance Industries, Bajaj Finserv सबसे तेज भागने वाले शेयरों में शामिल थे.  भारतीय शेयर बाजारों ने मजबूत आशावाद के साथ ट्रेडिंग वर्ष की शुरुआत की, जिसमें प्रमुख बेंचमार्क सूचकांकों ने शुरुआती कारोबार में उल्लेखनीय लाभ दर्ज किया। बेंचमार्क सेंसेक्स में 223.54 अंकों की महत्वपूर्ण उछाल देखी गई, जो प्रभावशाली 85,444.14 पर पहुंच गया। साथ ही, निफ्टी सूचकांक ने भी 65.75 अंक बढ़कर 26,195.35 पर कारोबार करते हुए ठोस लाभ दर्ज किया। 2024 ट्रेडिंग कैलेंडर के पहले दिन इस सकारात्मक शुरुआत ने निवेशकों के आत्मविश्वास को बढ़ाया है और वर्ष की वित्तीय गतिविधियों के लिए एक उत्साहजनक माहौल तैयार किया है। बाजार की प्रतिक्रिया व्यापार के शुरुआती घंटों में विभिन्न क्षेत्रों में मजबूत खरीदारी रुचि देखी गई। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में ऊपर की ओर बढ़ी हुई चाल, नए ट्रेडिंग वर्ष में प्रवेश करते समय बाजार सहभागियों के बीच प्रचलित बुलिश सेंटिमेंट (तेजी की भावना) का सुझाव देती है। यह शुरुआती गति अक्सर साल के अंत के नतीजों के बाद नए सिरे से आशावाद और आगामी आर्थिक घटनाओं की प्रत्याशा से प्रेरित होती है। विश्लेषक इसे एक सकारात्मक संकेत के रूप में देखते हैं, जो बाद के ट्रेडिंग सत्रों में बाजार के रुझानों को प्रभावित कर सकता है और महीने के लिए एक रचनात्मक दिशा निर्धारित कर सकता है। वित्तीय निहितार्थ बेंचमार्क सूचकांकों में तत्काल वृद्धि समग्र मार्केट कैपिटलाइजेशन (बाजार पूंजीकरण) में एक बड़ी वृद्धि को दर्शाती है। इक्विटी रखने वाले निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो मूल्यों में वृद्धि का अनुभव होने की संभावना है, जो बाजार की सकारात्मक भावना को दर्शाता है। यह ऊपर की ओर प्रदर्शन निवेशक के आत्मविश्वास को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ा सकता है, जिससे पूरे वर्ष स्टॉक मार्केट में भागीदारी और पर्याप्त निवेश प्रवाह बढ़ सकता है। यदि यह प्रवृत्ति बनी रहती है तो कंपनियों को पूंजी जुटाने की गतिविधियों के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ भी मिल सकती हैं।

सेंसेक्स-निफ्टी के साथ जापान से हांगकांग तक गिरावट, इन 10 शेयरों ने तोड़ा दम

मुंबई     विदेशी शेयर बाजारों में कोहराम (Stock Market Crash) मचा हुआ है, जापान का Nikkei हो, हांगकांग का Hang Seng हो या फिर साउथ कोरिया का Kospi इंडेक्स तेज गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं. सप्ताह के पहले कारोबारी दिन एशियाई बाजारों में मची इस भगदड़ का असर भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) पर भी देखने को मिल रहा है. सेंसेक्स-निफ्टी दोनों इंडेक्स फिसलकर रेड जोन में ओपन हुए. बीएसई लार्जकैप में शामिल 30 में से 28 शेयर गिरावट के साथ लाल निशान पर ट्रेड कर रहे हैं.   सेंसेक्स-निफ्टी की खराब शुरुआत सोमवार को शेयर मार्केट कारोबार शुरू होने पर बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स अपने पिछले बंद 85,267 की तुलना में तेजी से फिसलते हुए 84,891.75 पर खुला. तो वहीं निफ्टी का हाल भी Sensex के जैसा ही नजर आया. एनएसई का ये इंडेक्स बीते शुक्रवार को 26,046.95 पर क्लोज हुआ था, लेकिन सप्ताह के पहले कारोबारी दिन ये तेज गिरावट लेकर 25,930.05 पर खुला.  खबर लिखे जाने तक बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 390 अंक की गिरावट लेकर 84,860 के लेवल पर कारोबार कर रहा था, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स 145 अंक टूटकर 25,910 पर ट्रेड करता हुआ दिखाई दिया.  अमेरिकी मार्केट में भी गिरावट  न सिर्फ एशियाई बाजार, बल्कि अमेरिकी शेयर बाजार (US Stock Markets) में भी गिरावट देखने को मिली. बीते कारोबारी दिन जहां डाउ फ्यूचर्स 115 अंक की बढ़त के साथ बंद हुआ, तो वहीं Dow Jones 245 अंक की गिरावट लेकर 48,479.04 के लेवल पर बंद हुआ. इसके अलावा S&P Index भी 1.06 फीसदी या 73.11 अंक फिसलकर 6,848.89 पर क्लोज हुआ था.  एशियाई बाजारों में खुलते ही बुरा हाल बात Asian Stock Markets की करें, तो जापान से लेकर कोरिया तक में हड़कंप मचा हुआ है. Japan Nikkei Index सोमवार को शुरुआती कारोबार में ही 1.50 फीसदी या 745 अंकों की बड़ी गिरावट लेकर 50,092.10 पर ट्रेड कर रहा था. इसके अलावा हांगकांग का Hang Seng 235 अंकों की गिरावट के साथ 25,741 पर कारोबार करता हुआ नजर आया.  अन्य एशियाई बाजारों की बात करें, तो साउथ कोरिया का Kospi Index 1.61 फीसदी या 68 अंक फिसलकर 4,099 पर ट्रेड करता नजर आया. इससे पहले खुलने के साथ ही ये 2 फीसदी से ज्यादा फिसल गया था. ऑस्ट्रेलिया में S&P/ASX 200 इंडेक्स करीब 0.66% गिर गया. इन 10 शेयरों में सबसे तेज गिरावट  Share Market में शुरुआती कारोबार के दौरान जिन शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई, उनमें टॉप-10 में लार्जकैप कैटेगरी से M&M Share (1.60%), Bharti Airtel Share (1.10%), Trent Share (1.05%) फिसलकर कारोबार कर रहे थे. इसके अलावा मिडकैप कैटेगरी में शामिल NIACL Share (2.40%), Endurance Share (2.35%), Aegisvopak Share (2%) की गिरावट में नजर आए. स्मॉलकैप कैटेगरी पर नजर डालें, तो SHK Share (7%), Kotic Share (5%), VLS Finance Share (4.80%) और Rama Steel Share (4.70%) की गिरावट में था. 

इस दिवाली करें इन शेयरों में निवेश, आपकी किस्मत हो सकती है चमकदार

मुंबई   इस साल की तीसरी तिमाही की शुरुआत में ही शेयर बाजार को लेकर निवेशकों की उम्मीदें बढ़ने लगी हैं. एक तरफ सरकार की ओर से जीएसटी में सुधार के कदम उठाए गए हैं, तो दूसरी ओर भारतीय रिज़र्व बैंक ने भी कई बार ब्याज दरों में कटौती कर अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने की कोशिश की है. वहीं, नवंबर में भारत-अमेरिका के बीच व्यापार समझौता होने की भी उम्मीद है. लगभग एक साल के कमजोर प्रदर्शन के बाद अब ऐसा लग रहा है कि इक्विटी मार्केट के लिए हालात धीरे-धीरे अनुकूल दिशा में बढ़ रहे हैं. इसी माहौल को देखते हुए JM Financial Services Ltd ने दिवाली के मौके पर कुछ खास स्टॉक्स की सिफारिश की है, जिनमें आने वाले एक साल में मजबूत रिटर्न मिलने की संभावना जताई गई है. इन स्टॉक्स को अगले एक साल के निवेश दृष्टिकोण से चुना गया है. कंपनी का मानना है कि मौजूदा स्तर पर या आने वाले दिनों में गिरावट पर इन स्टॉक्स में निवेश करने का अच्छा मौका हो सकता है. इन स्टॉक्स का औसतन 62% तक अपसाइड संभावित है, जो निवेशकों के लिए एक आकर्षक मौका माना जा रहा है. कुल 5 स्टॉक्स को इस बास्केट में शामिल किया गया है, जिन पर ₹10 लाख का समान निवेश मॉडल तैयार किया गया है. एक स्टॉक में 87 प्रतिशत की संभावना सबसे पहले बात करें SAMMAANCAP की तो यह स्टॉक ₹162.7 के कॉस्ट प्राइस पर शामिल किया गया है, जिसका टारगेट ₹300 रखा गया है. इसका मतलब है कि इसमें करीब 84% तक की बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है. दूसरा बड़ा दांव HINDCOPPER पर लगाया गया है. इसका टारगेट ₹600 तय किया गया है, जो मौजूदा स्तर से 74% की संभावित तेजी को दर्शाता है. तांबा सेक्टर में बढ़ती मांग और वैश्विक कीमतों में मजबूती इसके लिए सहायक हो सकती है. तीसरा स्टॉक BANKINDIA है, जिसे ₹127.1 के कॉस्ट प्राइस पर चुना गया है और इसका टारगेट ₹200 रखा गया है. इसमें 57% तक की संभावित अपसाइड बताई गई है. बैंकिंग सेक्टर में हाल के समय में सुधार के संकेत मिले हैं और NPA की स्थिति में सुधार भी निवेशकों का भरोसा बढ़ा सकता है. चौथा स्टॉक BORORENEW है, जिसका टारगेट ₹1000 रखा गया है. इस स्टॉक में 67% तक की संभावित तेजी की संभावना जताई गई है. कंपनी अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में काम करती है और इस सेक्टर में सरकार की नीतिगत मदद से अच्छे रिटर्न की उम्मीद की जा रही है. स्विगी भी दे सकता है अच्छा रिटर्न पांचवां और आखिरी स्टॉक SWIGGY है, जिसका टारगेट ₹550 रखा गया है. इसमें 28% की संभावित बढ़ोतरी बताई गई है. ऑनलाइन फूड डिलीवरी का बाजार तेजी से बढ़ रहा है और आने वाले साल में इस कंपनी के बिजनेस के विस्तार की संभावना को देखते हुए इसमें निवेश की सिफारिश की गई है. कुल मिलाकर, इन पांचों स्टॉक्स में समान राशि यानी 2-2 लाख रुपये का निवेश दिखाया गया है, जिससे कुल निवेश 10 लाख रुपये का होता है. अगर यह बास्केट अपने औसतन टारगेट तक पहुंचती है, तो निवेशकों को लगभग 62% का रिटर्न मिलने की संभावना है. यह किसी भी पारंपरिक निवेश साधन के मुकाबले काफी बेहतर माना जा सकता है. कंपनी का कहना है कि इस निवेश के लिए एक साल का टाइम फ्रेम रखा गया है और 20% बास्केट स्टॉप लॉस सुझाया गया है, ताकि निवेशक जोखिम को सीमित रख सकें. मौजूदा आर्थिक माहौल और बाजार की दिशा को देखते हुए यह रणनीति संतुलित और अवसरों से भरी मानी जा सकती है. इस तरह देखा जाए तो दिवाली से अगले दिवाली तक ये पांच स्टॉक्स निवेशकों के लिए एक मजबूत पोर्टफोलियो बनाने का मौका दे सकते हैं.

US-China ट्रेड वार का झटका! खुलते ही धराशायी हुआ बाजार, टॉप 10 स्टॉक्स में भारी गिरावट

मुंबई  शेयर बाजार में सप्ताह के पहले दिन कारोबार की शुरुआत गिरावट के साथ लाल निशान पर हुई. डोनाल्ड ट्रंप के चीन पर 100% टैरिफ के ऐलान का असर एशियाई शेयर बाजारों के साथ ही भारतीय स्टॉक मार्केट पर भी देखने को मिला. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स जहां ओपनिंग के बाद कुछ ही मिनटों में 400 अंक से ज्यादा फिसल गया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स भी 120 अंक के आस-पास की गिरावट लेकर कारोबार कर रहा था. शुरुआती कारोबारी में Tata Motors से लेकर Go-Digit तक के शेयर सबसे ज्यादा बिखरे हुए नजर आए.  विदेशों से मिल रहे थे खराब संकेत  शेयर मार्केट में कारोबार की खराब शुरुआत के संकेत पहले ही विदेशी बाजारों से मिल रहे थे. दरअसल, चीन पर 100% ट्रंप टैरिफ के ऐलान के बाद सोमवार को एशियाई बाजारों में जब कारोबार शुरू हुआ, तो जापान से लेकर हांगकांग और साउथ कोरिया तक के मार्केट क्रैश नजर आए.  शुरुआती कारोबार में Nikkei 491.64 अंक लेकर 48.088.80 पर, हांगकांग का Hang Seng 534.33 अंक फिसलकर 25,756 पर, तो साउथ कोरिया के KOSPI 38.31 अंक टूटकर 3,572.29 पर कारोबार कर रहा था. अन्य एशियाई बाजारों में भी तेजी गिरावट देखने को मिली थी. खुलते ही बुरी तरह फिसले इंडेक्स सोमवार को शेयर बाजार ओपन होने के साथ ही दोनों इंडेक्स बुरी तरह फिसलकर खुले और फिर टूटते ही चले गए. बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले कारोबारी बंद 82,500.82 की तुलना में टूटकर रेड जोन में खुला और खुलने के बाद 82,049 तक फिसल गया. इसी तरह एनएसई का निफ्टी-50 ने भी लाल निशान पर कारोबार की शुरुआत की. इस इंडेक्स ने अपने पिछले बंद 25,285.35 की तुलना में फिसलकर 25,177 पर ओपनिंग की और फिर ये फिसलते हुए 25,152 पर आ गया.  सबसे ज्यादा टूटे ये 10 शेयर  सबसे ज्यादा टूटने वाले शेयरों की बात करें, तो बीएसई की लार्जकैप कैटेगरी में शामिल टाटा मोटर्स (1.80%) और इंफोसिस का शेयर (1.20%) की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था. वहीं मिडकैप कंपनियों में Kaynes Share (3.68%), Tata Comm (2.40%), Patanjali Share (1.90%) और Go-Digit Share (1.87%) फिसलकर ट्रेड कर रहा था. इस बीच स्मॉलकैप कैटेगरी पर नजर डालें, तो BLS Share (11.93%), BLSE (7%), Reliance Power (5.02%) और Timex Share (3.12%) की गिरावट में कारोबार कर रहा था. हालांकि, शेयर बाजार में गिरावट के बावजूद भी आरती इंडस्ट्रीज, यूनोमिंडा, ग्लैंडफार्मा, एमआरएफ और मुथूट फाइनेंस जैसे कंपनियों के शेयर बढ़त के साथ कारोबार करते हुए दिखाई दिए. 

बाजार में बड़ी गिरावट से मचा हड़कंप, अडानी स्टॉक्स ने फिर जीता भरोसा

मुंबई  पूरे हफ्ते के दौरान तेजी के बाद शुक्रवार को भारतीय बाजार में गिरावट देखी जा रही है. सेंसेक्‍स-निफ्टी गिरावट पर कारोबार कर रहे हैं, जबकि अडानी के शेयरों ने आज कमाल का प्रदर्शन किया है. अडानी के शेयर शुक्रवार को शानदार कारोबार कर रहे हैं. अडानी के शेयरों में यह तेजी, सेबी द्वारा हिंडनबर्ग केस खत्‍म करने के बाद आया है.  सप्‍ताह के आखिरी कारोबारी दिन सेंसेक्‍स 240 अंक गिरकर 82771 पर और निफ्टी 60 अंक गिरकर 25361 पर कारोबार कर रहा है. निफ्टी बैंक में भी गिरावट देखी जा रही है, जो करीब 150 अंक टूट चुका है.  BSE के टॉप 30 शेयरों में से सिर्फ 7 शेयर ही उछाल पर थे, जिसमें अडानी पोर्ट सबसे ऊपर कारोबार कर रहा था. वहीं 23 शेयर मामूली गिरावट पर थे. टीसीएस में एक फीसदी की गिरावट रही.  क्‍यों आई ये गिरावट?  यह गिरावट लार्जकैप के शेयरों में आई गिरावट के कारण है. सप्‍ताहभर तेजी के बाद आज इन शेयरों में बिकवाली हो रही है. इसके अलावा, अमेरिका से टैरिफ और ट्रेड डील को लेकर भी रुख स्‍पष्‍ट नहीं हो रहा है. अमेरिकी केंद्रीय बैंक द्वारा भी फेड रेट में कटौती के कारण भी शेयर बाजार में दबाव दिख रहा है.  कौन से शेयर सबसे ज्‍यादा टूटे?  Zydus Wellness, डीसीएम श्रीराम, जेन टेक्‍नोलॉजी के शेयर 2 प्रतिशत से ज्‍यादा टूटकर कारोबार कर रहे थे. इसके अलावा, आईएफसीआई, इंडियामार्ट और सोनट सॉफ्टवेयर जैसे शेयरों में भी गिरावट देखने को मिली.  अडानी के शेयरों ने किया कमाल!  अडानी पावर का शेयर 7 फीसदी चढ़कर 675 के करीब पहुंच गया. अडानी इंटरप्राइजेज के शेयर में करीब 4 फीसदी की तेजी रही. अडानी एनर्जी सॉल्‍यूशन 3 फीसदी, अडानी पोर्ट 2 फीसदी और अडानी ग्रीन एनर्जी के शेयर में भी करीब 3 फीसदी की तेजी रही.  132 शेयरों में अपर सर्किट BSE पर आज कुल 3538 शेयर ट्रेड कर रहे हैं, जिसमें से 1,980 शेयरों में तेजी और 1,380 शेयरों में गिरावट है. बाकी 178 शेयर अनचेंज हैं. वहीं 132 शेयरों ने अपर सर्किट टच किया है, जबकि 61 ने लोअर सर्किट टच किया है. 87 शेयर 52 सप्‍ताह के हाई पर और 29 52 सप्‍ताह के लो पर कारोबार कर रहे हैं. 

मार्केट में वापसी! रिलायंस ने दिलाई रफ्तार, सेंसेक्स 300 अंक उछला

मुंबई  शेयर बाजार में तेजी लगातार दूसरे दिन जारी है, मिले-जुले ग्लोबल संकेतों के बीच सेंसेक्स-निफ्टी मंगलवार को भी ग्रीन जोन में ओपन हुए. एक ओर जहां बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 80500 के पार ओपन हुआ, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स भी अपने पिछले बंद के मुकाबले उछाल के साथ कारोबार की शुरुआत करता नजर आया. इस बीच काफी दिनों से सुस्त पड़े देश की सबसे मूल्यवान कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर में ओपनिंग के साथ ही जोरदार तेजी देखने को मिली है.  सेंसेक्स-निफ्टी में तेजी जारी बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 80,364.49 की तुलना में 80,520.09 के लेवल पर ओपन हुआ और कुछ ही मिनटों में ये 8057.94 के स्तर पर कारोबार करता हुआ नजर आया. इसके साथ ही एनएसई का निफ्टी अपने पिछले कारोबारी बंद 24,625.05 के मुकाबले मामूली उछाल के साथ 24,653 पर खुला और फिर इसके बाद ये तेज रफ्तार पकड़ते हुए नजर आया और 24,685.85 पर ट्रेड करने लगा.  सुस्ती से जागा रिलायंस का शेयर  शेयर बाजार में कारोबार ओपन होने के साथ ही कई दिनों से गिरावट झेल रहा मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस का शेयर मंगलवार को ओपनिंग के साथ ही रफ्तार पकड़ता हुआ नजर आया. ये अंबानी स्टॉक 2.05% की उछाल के साथ 1381 रुपये पर ट्रेड कर रहा था. शेयर में लौटी तेजी के चलते रिलायंस का मार्केट कैपिटल भी उछलकर एक बार फिर 19 लाख करोड़ रुपये के पार जा पहुंचा.  इसके अलावा लार्जकैप कंपनियों में शामिल एटरनल शेयर (1.74%), एनटीपीसी शेयर (1.36%), पावर ग्रिड शेयर (1.35%), एचयूएल शेयर (1.20%) की तेजी लेकर कारोबार करता दिखा.  मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों पर नजर  लार्जकैप स्टॉक्स के अलावा अगर नजर डालें, मिडकैप और स्मॉलकैप कैटेगरी में शामिल कंपनियों के शेयरों पर, तो सन टीवी शेयर (6.54%), फोनिक्स शेयर (4.47%), जेएसडब्ल्यू इंफ्रा शेयर (2.18%) और ओलेक्ट्रा शेयर (2.10%) की तेजी लेकर कारोबार कर रहे थे. इसके अलावा पीएसबी, एमआईएसीएल, सेंट्रल बैंक, गोदरेज प्रॉपर्टी के शेयर भी ग्रीन जोन में बने हुए थे.  वहीं स्मॉलकैप में रेणुका इंडस्ट्री का शेयर 12.20 फीसदी की जोरदार तेजी लेकर ट्रेड कर रहा था. इसके अलावा शुगर कंपनियों के स्टॉक्स में भी तेजी देखने को मिली. इनमें शामिल धर्मपुर शुगर जहां 11.59%, अवध शुगर में 8.92%, तो वहीं उत्तम शुगर 8.83% की उछाल के साथ कारोबार कर रहा था. इसके अलावा मोबीक्विक शेयर (9.59%), आईटीआई शेयर (8.30%) चढ़कर ट्रेड कर रहा था.