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स्टार्टअप और नवाचार को बढ़ावा, छात्र स्टार्टअप एवं नवाचार नीति के लिए 5 करोड़ का प्रावधान

  नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तकनीकी शिक्षा का विस्तार, जगरगुंडा और ओरछा में नए आईटीआई 145 शासकीय आईटीआई में आधुनिक मशीन और उपकरणों के लिए 25 करोड़ रुपये 35 आईटीआई में भवन निर्माण और मरम्मत कार्यों के लिए 25 करोड़ का प्रावधान लाईवलीहुड कॉलेज योजना के लिए 33 करोड़, युवाओं को मिलेगा कौशल प्रशिक्षण नवा रायपुर में बनेगा अंतर्राष्ट्रीय स्तर का लाईवलीहुड सेंटर ऑफ एक्सीलेंसी, छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास प्राधिकरण को 38 करोड़ का बजट रायपुर,   छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र फरवरी-मार्च 2026 में कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने विभागीय बजट प्रस्तुत किया। मंत्री ने कहा कि राज्य के आर्थिक विकास के लिए कृषि, उद्योग, शिक्षा, सेवाएं और प्रौद्योगिकी प्रमुख क्षेत्र हैं। इन क्षेत्रों के विकास के लिए कुशल इंजीनियरों और तकनीकी कौशल से युक्त मानव संसाधन का निर्माण अत्यंत आवश्यक है। राज्य सरकार तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा के समुचित विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है। तकनीकी शिक्षा के विस्तार और अधोसंरचना विकास पर जोर   मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने बताया कि प्रदेश के 33 जिलों में वर्तमान में 4 छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, 2 शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय, 1 सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोकेमिकल्स इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी रायपुर, 1 विश्वविद्यालय शिक्षण विभाग (छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय भिलाई) तथा 20 निजी इंजीनियरिंग महाविद्यालय संचालित हैं। वहीं पॉलीटेक्निक क्षेत्र में 3 सीजीआईटी (पॉलीटेक्निक), 35 शासकीय पॉलीटेक्निक, 1 विश्वविद्यालय शिक्षण विभाग तथा 14 निजी पॉलीटेक्निक संस्थान संचालित हैं। इंजीनियरिंग महाविद्यालयों में 11 हजार 528 तथा पॉलीटेक्निक संस्थानों में 8,408 सीटें उपलब्ध हैं। तकनीकी शिक्षा विभाग का बजट वर्ष 2018 में 265.49 करोड़ रुपये था, जो बढ़कर वर्ष 2026-27 में 372.35 करोड़ रुपये हो गया है।          मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने बताया कि राज्य में विश्वस्तरीय तकनीकी मानव संसाधन तैयार करने के उद्देश्य से रायगढ़, जगदलपुर, कबीरधाम, जशपुर, रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर में छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी की स्थापना के लिए 12.02 करोड़ रुपये तथा मशीन और उपकरणों की खरीद के लिए 98 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि सीजीआईटी रायगढ़ में अतिरिक्त कक्ष निर्माण और ऑडिटोरियम जीर्णाेद्धार के लिए 2.50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।           नया रायपुर स्थित अंतर्राष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान के लिए स्थापना अनुदान के रूप में 15 करोड़ रुपये तथा 18 नए पदों के सृजन के लिए 50 लाख  रुपये का प्रावधान किया गया है। गुरु खुशवंत साहेब ने बताया कि छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय भिलाई के अधोसंरचना विकास हेतु 41.90 करोड़ रुपये की परियोजना में से वर्ष 2026-27 में 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त मशीन एवं उपकरण क्रय के लिए 10 करोड़ रुपये तथा स्थापना अनुदान के लिए 20 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। शासकीय पॉलीटेक्निक संस्थान रायपुर (कन्या), दुर्ग, रायगढ़ और धमतरी में मशीन एवं उपकरणों की खरीद के लिए 2 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। शासकीय कन्या पॉलीटेक्निक रायपुर में 150 सीटर छात्रावास और वाहन स्टैंड निर्माण के लिए 2 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। विद्यार्थियों के लिए योजनाएं और नवाचार          मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा ऋण ब्याज अनुदान योजना के अंतर्गत आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को 4 लाख रुपये तक के शिक्षा ऋण पर ब्याज में राहत प्रदान की जाएगी। इसके लिए 5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। छात्र स्टार्टअप और नवाचार नीति के क्रियान्वयन के लिए 5 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है, जिससे छात्रों को स्टार्टअप और नवाचार गतिविधियों में सहायता मिलेगी। छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल रायपुर के स्थापना अनुदान एवं परीक्षा प्रतिपूर्ति के लिए 30 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। आईटीआई प्रशिक्षण और रोजगार अवसरों का विस्तार          राज्य में वर्तमान में 201 शासकीय तथा 113 निजी आईटीआई संचालित हैं, जिनमें लगभग 61 हजार प्रशिक्षण सीटें उपलब्ध हैं। वर्ष 2025-26 में आईटीआई में प्रवेश के लिए लगभग 76 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिससे युवाओं में व्यावसायिक प्रशिक्षण के प्रति बढ़ती रुचि स्पष्ट होती है। नक्सल प्रभावित ओरछा विकासखंड में नवीन आईटीआई की स्थापना की गई है, जिससे अब राज्य के सभी विकासखंडों में आईटीआई संचालित हो रहे हैं। आईटीआई में मैकेनिक इलेक्ट्रिक व्हीकल, सोलर टेक्नीशियन तथा ड्रोन टेक्नीशियन जैसे आधुनिक और रोजगारोन्मुख कोर्स शुरू किए जा रहे हैं।              जगरगुंडा (सुकमा) और ओरछा (नारायणपुर) में एजुकेशन सिटी के अंतर्गत नवीन आईटीआई स्थापना, पद सृजन, छात्रावास एवं भवन निर्माण के लिए 3 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा 145 शासकीय आईटीआई में मशीन, औजार और उपकरणों की व्यवस्था के लिए 25 करोड़ रुपये तथा 35 आईटीआई में भवन निर्माण एवं विशेष मरम्मत कार्यों के लिए 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।             मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने बताया कि प्रदेश के 33 जिलों में जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र संचालित हैं। वर्ष 2025-26 में 372 प्लेसमेंट कैम्प आयोजित कर 9 हजार 756 युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए। वर्ष 2026-27 में रोजगार मेलों के आयोजन के लिए 3 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। कौशल विकास को मिलेगा नया प्रोत्साहन           छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास प्राधिकरण के लिए वर्ष 2026-27 में 38 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत अब तक 4 लाख 91 हजार 543 युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जिनमें से 2 लाख 72 हजार 754 युवाओं को रोजगार प्राप्त हुआ है। वर्तमान में 366 संस्थाएं कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर रही हैं, जिनमें 212 लघु अवधि के कोर्स संचालित हैं। युवाओं को आधुनिक क्षेत्रों में कौशल प्रशिक्षण देने के लिए महिंद्रा एंड महिंद्रा, साइरोनिक्स टेक्नोलॉजी, नांदी फाउंडेशन, द लॉन्ड्री बैग तथा सत्य साई हेल्थ एंड एजुकेशन ट्रस्ट जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं के साथ अनुबंध किए गए हैं।          राज्य परियोजना लाईवलीहुड कॉलेज सोसायटी के लिए वर्ष 2026-27 में 33 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। योजना के तहत अब तक 67 हजार 118 युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है। नवा रायपुर में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के कौशल प्रशिक्षण संस्थान के रूप में लाईवलीहुड सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की जाएगी, जिसके लिए भूमि लीज अनुबंध हेतु 2 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।          मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि राज्य सरकार तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास … Read more

कर्नाटक बजट में अल्पसंख्यकों पर खास ध्यान, शिक्षा-कल्याण के लिए खोला खजाना

बेंगलुरु कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने शुक्रवार को विधानसभा में राज्य का बजट पेश करते हुए अल्पसंख्यक समुदायों के लिए शिक्षा, कल्याण और बुनियादी ढांचे से जुड़ी कई नई योजनाओं की घोषणा की। इन योजनाओं का उद्देश्य अल्पसंख्यक छात्रों के लिए शैक्षिक सुविधाओं का विस्तार करना, कौशल विकास को बढ़ावा देना और आर्थिक सशक्तिकरण सुनिश्चित करना है। अपने बजट भाषण में मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्रों की बढ़ती मांग को देखते हुए छात्रावास सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अधिक मांग वाले जिलों में 150 क्षमता वाले 25 नए पोस्ट-मैट्रिक छात्रावास शुरू किए जाएंगे। सीएम ने कहा कि मौजूदा 25 छात्रावासों की क्षमता में 50 और छात्रों की बढ़ोतरी की जाएगी। बजट पेश करते हुए, उन्होंने कहा कि सरकार माइनॉरिटी स्टूडेंट्स और कम्युनिटीज़ के लिए एजुकेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर और सोशल सपोर्ट सिस्टम को बढ़ाएगी, साथ ही एंटरप्रेन्योरशिप और स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा देगी। स्कूलों का उन्नयन और उच्च शिक्षा की तैयारी उन्होंने कहा कि 2026-27 में 25 नए संत शिशुनाला शरीफ रेजिडेंशियल स्कूल शुरू किए जाएंगे। इसके लिए चालू वित्तीय वर्ष में 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने बजट भाषण में कहा कि 117 मौलाना आज़ाद मॉडल स्कूलों और उर्दू स्कूलों को 600 करोड़ रुपये की लागत से कर्नाटक पब्लिक स्कूलों के तौर पर अपग्रेड करने का काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि इस साल, 400 करोड़ रुपये की लागत से इसी मॉडल के तहत और 100 स्कूलों को अपग्रेड किया जाएगा। लर्निंग सेंटर्स और सिटीज़न सर्विस सेंटर्स का ऐलान सिद्धारमैया ने कहा कि 25 मोरारजी देसाई रेजिडेंशियल स्कूलों में PUC साइंस और कॉमर्स स्ट्रीम शुरू की जाएंगी। इसके अलावा 18 APJ अब्दुल कलाम रेजिडेंशियल स्कूलों में कॉमर्स स्ट्रीम शुरू की जाएगी। सिद्धारमैया ने कहा कि इसके अलावा, माइनॉरिटी रेजिडेंशियल स्कूलों के चुने हुए काबिल PUC स्टूडेंट्स को K-CET, JEE और NEET एग्जाम के लिए अच्छी कोचिंग देने के लिए सेंटर्स ऑफ़ एक्सीलेंस के तौर पर चार रेजिडेंशियल स्कूल बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय के बीच लगातार सीखने को बढ़ावा देने के लिए लर्निंग सेंटर्स और सिटीज़न सर्विस सेंटर्स भी बनाए जाएंगे। चार नए वर्किंग विमेन हॉस्टल्स बनेंगे उन्होंने कहा कि वर्किंग विमेन हॉस्टल्स की डिमांड ज़्यादा है, इसलिए बेंगलुरु में 100 लोगों की कैपेसिटी वाले चार नए वर्किंग विमेन हॉस्टल्स शुरू किए जाएंगे। सिद्धारमैया ने कहा कि सरकार ने जैन, बुद्धिस्ट और सिख कम्युनिटीज़ के बड़े डेवलपमेंट के लिए 100 करोड़ रुपये भी रखे हैं। उन्होंने बुद्धिस्ट कम्युनिटी के धम्मचारियों को 6,000 रुपये महीने का मानदेय देने की घोषणा की। डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन मेधावी अल्पसंख्यक छात्रों में से 5,000 छात्रों को लैपटॉप खरीदने के लिए 50,000 रुपये देने का भी उन्होंने ऐलान किया। आर्थिक सशक्तिकरण और स्वरोजगार मुख्यमंत्री ने कहा कि अल्पसंख्यक युवाओं को स्वरोजगार के अवसर देने के लिए सरकार फास्ट फूड ट्रक या मोबाइल किचन कियोस्क उपलब्ध कराएगी। इसके तहत परियोजना लागत का 75% या अधिकतम 3 लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जाएगी। इसके अलावा महिला स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा देने के लिए अल्पसंख्यक महिला सहकारी समितियां भी स्थापित की जाएंगी। अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं जैन, बौद्ध और सिख समुदायों के समग्र विकास के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान। बौद्ध समुदाय के धम्माचारियों को प्रति माह 6,000 रुपये मानदेय। हुब्बली और कलबुर्गी में नए हज भवनों का निर्माण। वक्फ संस्थानों के 31 महिला पीयू कॉलेजों को डिग्री कॉलेज में अपग्रेड किया जाएगा। सवनूर में एक नया महिला पीयू कॉलेज शुरू होगा। व्यावसायिक क्षेत्रों में स्थित वक्फ संपत्तियों का पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर विकास किया जाएगा। बीजेपी ने किया विरोध इन घोषणाओं पर विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी। भारतीय जनता पार्टी की कर्नाटक इकाई ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार “तुष्टिकरण की राजनीति” कर रही है और राज्य के खजाने का बड़ा हिस्सा अपने वोट बैंक को सुरक्षित रखने के लिए खर्च कर रही है।  

राय जगदलपुर में बजट 2026-27 की योजना, नगर निगम ने सड़क, नाली-पानी और सफाई पर मांगी जनता की राय

जगदलपुर जगदलपुर नगर निगम ने बजट वर्ष 2026-27 की तैयारी शुरू कर दी है। शहर के विकास को ध्यान में रखते हुए निगम प्रशासन ने नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, व्यापारी वर्ग, युवाओं और मीडिया से सुझाव मांगे हैं। निगम का कहना है कि सड़क, नाली, पेयजल, स्वच्छता, कचरा प्रबंधन, उद्यान, स्ट्रीट लाइट, सार्वजनिक परिवहन, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला-बाल सुरक्षा, पर्यावरण और जल संरक्षण जैसे विषयों पर व्यवहारिक सुझाव दिए जा सकते हैं, ताकि शहर की जरूरतों के अनुसार बजट तैयार किया जा सके। विकास कामों से जुड़े सुझाव को देंगे प्राथमिकता नगर निगम के मेयर संजय पांडेय ने कहा कि बजट बनाने से पहले शहर के अलग-अलग वर्गों से सुझाव लेने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके तहत शहर के विकास से जुड़े कामों को प्राथमिकता दी जाएगी। नागरिक अपने वार्ड और क्षेत्र की जरूरतों के अनुसार प्रस्ताव भेज सकते हैं, जिससे बजट में जरूरी कार्यों को शामिल किया जा सके। महापौर ने कहा कि बजट केवल आय-व्यय का दस्तावेज नहीं होता, बल्कि इससे शहर के विकास की दिशा तय होती है। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने क्षेत्र की जरूरतों और समस्याओं के आधार पर सुझाव जरूर दें, ताकि शहर के लिए बेहतर और जनहित से जुड़ा बजट तैयार किया जा सके। सुझाव पसंद आया तो बजट में लाएंगे निगम प्रशासन के अनुसार, प्राप्त सभी सुझावों का परीक्षण किया जाएगा और उपयोगी प्रस्तावों को बजट निर्माण प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। इसके बाद बजट को सामान्य सभा में प्रस्तुत कर स्वीकृति के लिए रखा जाएगा और राशि के आबंटन के लिए राज्य सरकार को भेजा जाएगा। राशि उपलब्ध होने के आधार पर शहर में विकास कार्य किए जाएंगे। नागरिक अपने सुझाव ई-मेल कर सकते हैं नागरिक अपने सुझाव jagdalpurnagarnigam@yahoo.com, व्हाट्सएप नंबर 8839522213 या सीधे महापौर कार्यालय, नगर निगम जगदलपुर में जमा कर सकते हैं। निगम प्रशासन ने शहरवासियों से इस प्रक्रिया में भाग लेने की अपील की है, ताकि सामूहिक सुझावों के आधार पर शहर के विकास की योजना तैयार की जा सके। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने  भाजपा जिला कार्यालय में आहूत पत्र वार्ता में बजट के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डालते कहा कि हमारी सरकार का पहला बजट ज्ञान पर आधारित था और दूसरा गति पर, इस वर्ष का बजट संकल्प की थीम पर आधारित है, यह बजट प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के स्वप्न को विकसित छत्तीसगढ़ के माध्यम से साकार करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है। श्री देव ने कहा कि बजट में राज्य के सर्वांगीण विकास को गति देने के लिए सरकार ने 5 विशेष मिशनों की घोषणा की है, जो भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं- सड़कों, पुलों और भवनों के आधुनिक निर्माण के लिए मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन, प्रदेश को तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में अग्रणी बनाने हेतु मुख्यमंत्री एआई (AI) मिशन, छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहर को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन, युवाओं को 'जॉब सीकर' के बजाय 'जॉब क्रिएटर' बनाने हेतु मुख्यमंत्री स्टार्टअप मिश और खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएँ प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन। श्री देव ने मजबूत अर्थव्यवस्था के प्रामाणिक आँकड़ों को रेखांकित कर कहा कि छत्तीसगढ़ की जीएसडीपी 12 प्रतिशत की दर से बढ़कर 7,09,553 करोड़ रुपए होने का अनुमान है, पूंजीगत व्यय में 63 प्रतिशत की भारी वृद्धि दर्शाती है कि सरकार राज्य में संपत्ति निर्माण पर निवेश कर रही है। राज्य का स्वयं का कर राजस्व 14 प्रतिशत बढ़कर 52,000 करोड़ रुपए होने का अनुमान है।  

पंजाब बजट सत्र: महिलाओं के लिए ₹1000 की घोषणा, गवर्नर ने AAP सरकार की उपलब्धियां साझा की, मान सरकार का आखिरी बजट 8 मार्च को

चंडीगढ़  पंजाब विधानसभा का बजट सेशन आज (6 मार्च) से शुरू हो गया है। पहले दिन गवर्नर गुलाब चंद कटारिया ने अभिभाषण दिया। उन्होंने सत श्री अकाल कहकर संबोधन शुरू किया। उनके अभिभाषण शुरू करते ही कांग्रेस ने विरोध शुरू कर दिया।  गवर्नर के अभिभाषण के दाैरान कांग्रेस विधायकों ने राज्यपाल के बजट अभिभाषण के दौरान नारेबाजी की और सदन से वाकआउट कर दिया। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि पंजाब में कानून व्यवस्था की स्थिति खराब है। आये दिन हाल बिगड़ते जा रहे हैं और उस पर चर्चा करवाई जानी चाहिए। सभी कांग्रेस विधायकों ने जमकर नारेबाजी की। हालांकि राज्यपाल ने कहा कि आपको  अपनी बात रखने का उचित समय मिलेगा, लेकिन बावजूद इसके कांग्रेस विधायकों ने नारेबाजी जारी रखी। सत्र से पहले सीएम भगवंत मान ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-2027 के बजट अनुमान को पंजाब मंत्रिमंडल ने पारित कर दिया है। यह बजट रविवार को पेश किया जाएगा। इस दिन को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह बजट प्रत्येक पंजाबी की प्रगति और समृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान देगा और पंजाब को एक बार फिर रंगला पंजाब बनाने में सहायक होगा। वुमन्स डे पर भगवंत मान सरकार दे सकती है 1000 रुपये का ‘गिफ्ट’ हर महिला के खाते में आएंगे 1000 रुपये AAP ने 2021 में 'मिशन पंजाब' रैली के दौरान घोषणा की थी कि अगर पार्टी सत्ता में आई तो 18 साल से अधिक उम्र की हर महिला को हर महीने 1000 रुपये सीधे उनके बैंक खाते में दिए जाएंगे। अरविंद केजरीवाल ने खुद यह वादा दोहराया था। पंजाब में लगभग एक करोड़ महिला मतदाता हैं, और यदि योजना सभी वयस्क महिलाओं पर लागू हुई तो सालाना खर्च 12,000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। सरकार विभिन्न विकल्पों पर विचार कर रही है, जैसे कि आय समूह के आधार पर लक्षित लाभार्थी या सभी के लिए वैकल्पिक योजना। वित्त विभाग फिस्कल प्रभाव का आकलन कर रहा है। पंजाब सरकार ने लागू की कई योजनाएं पंजाब सरकार ने सत्ता संभालने के बाद कई प्रमुख योजनाएं लागू की हैं। 2022 में घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 300 यूनिट मुफ्त बिजली शुरू की गई। कृषि ट्यूबवेल के लिए मुफ्त बिजली सब्सिडी जारी है, जिससे सब्सिडी बिल 22,000 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। आम आदमी क्लीनिक्स की शुरुआत हुई, जहां अब 881 क्लीनिक चल रहे हैं जो ग्रामीण और शहरी इलाकों में मुफ्त परामर्श, दवाएं और 38 जांचें प्रदान करते हैं। बजट 8 मार्च को पेश होगा। जिसमें AAP सरकार 2022 में किए महिलाओं को हर महीने 1 हजार रुपए के चुनावी वादे को पूरा करेगी। हालांकि महिलाओं को यह राशि देने का काम 18 मार्च से शुरू होगा। महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपये देने की घोषणा के साथ-साथ कुछ महीने का बकाया देने पर भी विचार चल रहा क्योंकि विपक्ष सूबे की महिलाओं को सरकार से 48 महीने का बकाया मांगने के लिए उकसा रहा है। पंथक एजेंडे को मजबूती देने के लिए कुछ विशेष घोषणाएं भी की जा सकती हैं। ये घोषणाएं पंजाब में धार्मिक नगरियों व स्थानों के विकास से संबंधित हो सकती हैं। विधानसभा में 7 मार्च को शनिवार के दिन अवकाश रहेगा। 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आप सरकार अपना पांचवां बजट पेश करेगी। माना जा रहा है कि इस बजट में महिलाओं के लिए विशेष घोषणाएं की जा सकती हैं। 9 मार्च को राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा होगी, जबकि 10 और 11 मार्च को विधायकों द्वारा बजट पर चर्चा की जाएगी। 12 मार्च को वैधानिक कार्य निपटाए जाएंगे। 13 से 15 मार्च तक प्रगतिशील पंजाब निवेशक सम्मेलन के चलते सदन की कार्यवाही स्थगित रहेगी। 16 मार्च को सत्र के अंतिम दिन विभिन्न विधेयक विधानसभा में पेश किए जाएंगे। अधूरे वादों और कानून-व्यवस्था पर कांग्रेस का प्रदर्शन विधानसभा सत्र के दौरान पंजाब प्रदेश कांग्रेस ने भी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन की तैयारी की है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक और नेता पंजाब भवन से विधानसभा तक रोष मार्च निकालेंगे। कांग्रेस का कहना है कि वह सरकार को अधूरे चुनावी वादों, बढ़ते गैंगस्टरवाद और बिगड़ती कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर घेरने जा रही है। खासतौर पर महिलाओं को प्रति माह 1000 रुपये देने के वादे को लेकर कांग्रेस सरकार से जवाब मांगेगी। कांग्रेस का दावा है कि 2022 में किए गए इस वादे के आधार पर सरकार को प्रत्येक महिला को चार साल के 48 हजार रुपये देने चाहिए। विपक्ष कथित फर्जी मुठभेड़ों और कानून-व्यवस्था के मुद्दे को भी सत्र के दौरान जोरदार तरीके से उठाने की तैयारी में है। प्रताप बाजवा की टिप्पणी के विरोध में मंत्री ईटीओ ने बजवाया बैंड कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने शुक्रवार को विधानसभा परिसर में बैंड बाजा बजवाकर प्रदर्शन किया। कुछ दिन पहले नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने मंत्री पर बैंड बाजे से संबंधित आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। मंत्री ने एसएसपी अमृतसर को प्रताप बाजवा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए शिकायत भी दी है।  फरवरी में अजनाला रैली के दौरान बाजवा ने कहा था कि मंत्री हरभजन ईटीओ बैंड बजाते थे लेकिन अब वह पंजाब का बैंड बजा रहा हैं। इस पर पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर राजा वड़िंग ने मंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इस पर अब मंत्री ईटीओ कहा कि यदि वे मेहनत के बूते जमीन से उठकर मंत्री पद तक पहुंचे हैं तो कांग्रेस को क्या दिक्कत है। दरअसल, ये बयान कांग्रेसियों की मानसिकता को दर्शाते हैं।  

छत्तीसगढ़ का 1.72 लाख करोड़ रुपये का बजट 2026-27 के लिए पेश, किसानों की आय में होगी बढ़ोतरी

रायपुर: छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी ने मंगलवार को विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 1.72 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया। यह बजट 'संकल्प' (एसएएनकेएएलपी) विषयवस्तु पर आधारित है, जिसमें समावेशी विकास एवं अवसंरचना को तेज करना और निवेश को बढ़ावा देना शामिल है। वर्ष 2023 में सत्ता में आई भाजपा के नेतृत्व वाली विष्णु देव साय सरकार का यह तीसरा बजट है। सरकार का पहला बजट 'ज्ञान' (गरीब, युवा, अन्नदाता, नारी) विषयवस्तु पर आधारित था, जबकि पिछले साल यह 'गति' (सुशासन, अवसंरचना को तेज करना, प्रौद्योगिकी और आद्योगिक विकास) पर केंद्रित था। किसानों के लिए खास तोहफा राज्य सरकार ने भूमिहीन कृषि मजदूर योजना के लिए 600 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इस योजना के तहत भूमिहीन श्रमिकों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। कृषक उन्नति योजना के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। वित्त मंत्री ने बताया कि पिछले तीन वर्षों में राज्य में 437 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई, जो किसानों के हित में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह आंकड़ा राज्य की कृषि उत्पादन क्षमता और समर्थन मूल्य नीति की सफलता को भी दर्शाता है। सिंचाई सुविधा को सुदृढ़ करने के लिए निशुल्क पंप योजना हेतु 5500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे किसानों को बिजली आधारित सिंचाई साधनों का लाभ मिलेगा और खेती की लागत में कमी आएगी। फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पाम ऑयल की खेती को प्रोत्साहित किया जाएगा, जिसके लिए 150 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। सरकार का लक्ष्य पारंपरिक धान आधारित खेती के साथ-साथ वैकल्पिक फसलों को बढ़ावा देना है, ताकि किसानों की आय के स्रोत बढ़ सकें। महिलाओं और स्वास्थ्य के लिए बड़े प्रावधान महिला सशक्तिकरण को मजबूती देते हुए सरकार ने महतारी वंदन योजना के तहत अब तक 70 लाख महिलाओं को 14 हजार करोड़ रुपये वितरित किए जाने की जानकारी दी। नए बजट में इस योजना के लिए 8,200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री लखपति दीदी भ्रमण योजना और महतारी सदन के लिए 275 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। बालिकाओं के जन्म पर ‘दुर्गावती योजना’ शुरू की जाएगी, जिसके तहत 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर 1.50 लाख रुपये दिए जाएंगे। स्वास्थ्य क्षेत्र में 5 नई आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए 42 करोड़, आयुष्मान योजना के लिए 1,500 करोड़ और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लिए 2,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। दवाओं की गुणवत्ता जांच हेतु 25 करोड़ रुपये की लागत से लैब स्थापित की जाएगी। रायपुर में नया होम्योपैथी कॉलेज भी खोला जाएगा। बजट पेश करते हुए चौधरी ने कहा कि इस साल का बजट 'संकल्प' – समावेशी विकास, अवसंरचना, निवेश, कुशल मानव संसाधन, अंत्योदय, जीवनयापन और नीति से परिणाम तक, पर केंद्रित है जिसका मकसद राज्य के विकास के सफर को तेज करना है। उन्होंने कहा कि सरकार राज्य में रानी दुर्गावती योजना शुरू करेगी, जिसके तहत बालिकाओं को 18 साल की उम्र पूरी होने पर 1.5 लाख रुपये मिलेंगे। वित्त मंत्री ने कहा कि बस्तर इलाके के अबूझमाड़ और जगरगुंडा में शिक्षा शहर बनाने के लिए एक सौ करोड़ रुपये दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि कुनकुरी, मनेंद्रगढ़ और दंतेवाड़ा में नए मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। चौधरी ने कहा कि राज्य में खेल एवं संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए बजट में बस्तर और सरगुजा ओलंपिक के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। वित्त मंत्री ने कहा कि बस्तर नेट परियोजना के लिए पांच करोड़ रुपये मंजूर करके दूरदराज के इलाकों में डिजिटल संपर्क को मजबूत किया जाएगा। वहीं बस्तर में इंद्रावती नदी पर मतनार और देउरगांव बैराज बनाने के लिए बजट में 2,024 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढञ में निवेश और रोजगार बढ़ाने, 23 नए औद्योगिक पार्क बनाने के लिए बजट में 250 करोड़ रुपये का प्रावधान है। वहीं सरगुजा के मैनपाट में पर्यटन विकास के लिए पांच करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। उन्होंने अपने बजट भाषण में कहा कि जगदलपुर और अंबिकापुर में हवाई सेवाओं का विस्तार किया जाएगा।   बस्तर-सरगुजा पर खास ध्यान बजट में बस्तर और सरगुजा अंचल के विकास को प्राथमिकता दी गई है। इंटरनेट सेवाओं के सुदृढ़ीकरण और 70 नई बस सेवाओं के संचालन के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए होम स्टे पॉलिसी हेतु 10 करोड़ और मैनपाट पर्यटन विकास के लिए 5 करोड़ रुपये रखे गए हैं। कृषि और रोजगार सृजन के लिए निवेशकों को 100 करोड़ रुपये का अनुदान दिया जाएगा। मेडिकल कॉलेज के लिए 50 करोड़ रुपये और विशेषज्ञ डॉक्टरों की भर्ती की भी घोषणा की गई है। आधारभूत संरचना में निवेश सड़क और नगरीय विकास कार्यों में भी उल्लेखनीय राशि आवंटित की गई है। नारायणपुर-जटलूर मार्ग के लिए 28 करोड़, दंतेवाड़ा के लिए 9 करोड़, सुकमा के लिए 7 करोड़, बलरामपुर के लिए 10 करोड़ तथा इंद्रावती क्षेत्र में 68 किलोमीटर नगर निर्माण के लिए 2024 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। कांकेर बैराज परियोजना के लिए 400 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। बस्तर विकास प्राधिकरण को 75 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। Chhattisgarh Budget 2026: सत्र की पृष्ठभूमि छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र 23 फरवरी से 20 मार्च तक चलेगा। सत्र की शुरुआत राज्यपाल रमेन डेका के अभिभाषण से हुई थी, जिसमें राज्य के विकास की संभावनाओं पर प्रकाश डाला गया था। साय सरकार का यह तीसरा बजट ‘संकल्प’ थीम के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, आदिवासी क्षेत्रों के विकास और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने पर केंद्रित नजर आता है। बिजली सब्सिडी के लिए 5,500 करोड़ बजट में विद्युत पंपों की बिजली सब्सिडी के लिए 5,500 करोड़, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए 820 करोड़ वहीं दीनदयाल भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण के लिए 600 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। बजट में गन्ना किसानों को बोनस हेतु 60 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। बजट में ये एलान भी किए गए स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट शाला योजना के लिए 100 करोड़ रुपये तो बैगा और पुजारी को … Read more

छत्तीसगढ़ बजट 2026-27 सत्र 23 फरवरी से, मंतातरण विरोधी कानून और 2 लाख करोड़ के बजट पर फोकस

 रायपुर छत्तीसगढ़ विधानसभा का आगामी बजट सत्र 23 फरवरी से शुरू होने जा रहा है, जो राजनीतिक दृष्टि से बेहद गरमागरम रहने के आसार हैं। इस सत्र में साय सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 का पूर्ण बजट पेश करने के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण विधायी कार्य निपटाएगी। चर्चा है कि सरकार इस सत्र में बहुप्रतीक्षित मंतातरण विरोधी विधेयक पेश कर सकती है। राजनीतिक सरगर्मियां तेज सत्र की तैयारियों और सदन में घेराबंदी की रणनीति बनाने के लिए राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने 23 फरवरी की शाम चार बजे राजीव भवन में कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई है। इस बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत अन्य वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। वहीं, सत्तापक्ष भाजपा ने भी सदन की कार्यवाही को लेकर रणनीति तैयार करने के लिए उसी दिन अपने विधायक दल की बैठक आहूत की है। 24 फरवरी को वित्‍त मंत्री करेंगे पेश, विजन 2047 पर जोर 24 फरवरी 2026 को विधानसभा सत्र में अपना बजट पेश करेगी. वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने जानकारी दी कि यह बजट नई थीम और विजन के साथ आएगा, जैसा कि पिछले बजट में “ज्ञान” और “गति” पर जोर था. उन्होंने बताया कि इस बार बजट का दृष्टिकोण विजन 2047 के अनुरूप होगा, जिसमें दीर्घकालिक विकास और रणनीति को स्थान दिया जाएगा जबकि मुख्य वर्गों के लिए विशेष पहल बनाए जाने की बातें उठीं. बजट सत्र 23 फरवरी से शुरू होगा, जिसमें पहले दिन राज्यपाल अभिभाषण देंगे और अगले दिन यानि 24 फरवरी को बजट दस्तावेज पेश किया जाएगा. वित्त मंत्री का कहना है कि बजट 2026-27 में महिलाओं, युवाओं और किसानों के साथ-साथ आधारभूत संरचना, खेल एवं स्वास्थ्य जैसी प्राथमिकताओं पर विशेष ध्यान होगा. बजट सत्र लगभग 20 मार्च तक चलेगा, जिसमें कुल 15 बैठकें शामिल होंगी. बजट की तैयारी और प्राथमिकताएँ में विजन 2047  छत्तीसगढ़ का यह बजट केवल आर्थिक दस्तावेज नहीं होगा, बल्कि आने वाले दशकों के लिए रोडमैप भी पेश करेगा. वित्त मंत्री ने कहा है कि बजट में नए विजन और दीर्घकालिक रोडमैप के साथ 2047 तक प्रदेश के विकास की दिशा दिखाई जाएगी और इसमें रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा औद्योगिक विकास जैसे प्रमुख लक्ष्यों को शामिल किया जाएगा. महिला, युवा और किसान केंद्रित योजनाएँ वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया है कि इस बार बजट में महिलाओं, युवाओं और किसानों के लिए विशेष अनुदान और योजनाओं पर जोर दिया जाएगा. पिछले बजट के अनुभवों से सीख लेकर इस बार इन वर्गों के लिए सामाजिक सुरक्षा नेट और रोजगार सृजन से जुड़े उपायों को प्राथमिकता दी जा रही है. इन्फ्रास्ट्रक्चर और खेल सुविधाएँ सूत्रों के मुताबिक इस बजट में राज्य के नगर पंचायतों, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में रिंग रोड निर्माण के लिए लगभग ₹100 करोड़ का प्रावधान किया जा सकता है. इसके अलावा नए खेल परिसर, इंडोर स्टेडियम और नवीनीकरण योजनाएँ भी शामिल होने की संभावना है, जिससे युवा वर्ग के लिए खेल और कौशल विकास के अवसर बढ़ेंगे. आयुष्मान योजना, ग्रामीण स्वास्थ्य सशक्तिकरण, इन्फ्रास्ट्रक्चर निर्माण पर फोकस इस बजट में आयुष्मान योजना, ग्रामीण स्वास्थ्य सशक्तिकरण, इन्फ्रास्ट्रक्चर निर्माण और कृषि प्रोत्साहन के लिए मजबूत प्रावधान किए जाने की बात सामने आ रही है. बजट पेश होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि किन क्षेत्रों को कितना वित्तीय समर्थन मिलेगा और किस तरह की दीर्घकालिक योजनाएँ लागू होंगी.  विशेषज्ञों का मानना है कि बजट 2026-27 प्रदेश की आर्थिक गति को बनाए रखने और सामाजिक कल्याण के लक्ष्यों को पूरा करने में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा. इसे विकास, रोजगार और आधारभूत सेवाओं को मजबूत करने वाले प्रावधानों के रूप में देखा जा रहा है, जो छत्तीसगढ़ के दीर्घकालिक विजन के अनुरूप हो सकते हैं. दो लाख करोड़ का हो सकता है बजट सत्र के दूसरे दिन यानी 24 फरवरी को वित्त मंत्री ओपी चौधरी सदन में राज्य का वार्षिक बजट प्रस्तुत करेंगे। अनुमान है कि इस बार बजट का आकार दो लाख करोड़ रुपये के आसपास होगा। इस बजट में युवाओं, महिलाओं और किसानों के लिए विशेष प्राविधान और बड़ी योजनाओं की घोषणा की जा सकती है। 1,000 से अधिक सवाल 20 मार्च तक चलने वाले इस सत्र में कुल 15 बैठकें प्रस्तावित हैं। अब तक विधानसभा सचिवालय में एक हजार से अधिक प्रश्न लगाए जा चुके हैं। आधा दर्जन से अधिक विधेयकों के सदन के पटल पर रखे जाने की संभावना है, जिनमें से मंतातरण विरोधी कानून पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।  

शून्यकाल में वित्त मंत्री का बजट प्रस्तुतीकरण, छात्रों और रैयतों समेत कक्षपालों की समस्याएं उठीं

रांची झारखंड विधानसभा के शून्यकाल में शुक्रवार को कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने 6450 करोड़ रुपए का तृतीय अन्नपूर्णक बजट पेश किया। कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने सरकार से आग्रह किया कि जेपीएससी की कट ऑफ डेट पर तुरंत निर्णय लिया जाए, क्योंकि आवेदन की अंतिम तिथि नजदीक है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द फैसला नहीं हुआ तो छात्रों को कोई लाभ नहीं मिलेगा। विधायक पूर्णिमा साहू ने कहा कि B.Ed की छात्राओं को छात्रवृत्ति मिलने तक फीस जमा करने की बाध्यता से राहत दी जाए। लोजपा विधायक जनार्दन पासवान ने रैयतों के मुआवजे का भुगतान होने तक एनटीपीसी और अडानी के खनन पर रोक लगाने की मांग की और कहा कि विवादित मामलों को रैयतों की सहमति से हल किया जाना चाहिए। विधायक अमित महतो ने कक्षपाल नियुक्ति में उम्र सीमा में छूट देने की मांग उठाई। उन्होंने बताया कि सरकार ने पहले ही इस छूट का प्रावधान किया था, लेकिन अब तक इसे लागू नहीं किया गया।  

मध्य प्रदेश बजट 2026 में खेल और सुरक्षा पर जोर, हर विधानसभा को मिलेगा स्टेडियम

भोपाल  प्रदेश सरकार ने बजट 2026 युवाओं और महिलाओं के साथ ही मजदूरों पर फोकस नजर आया है। सीएम युवा शक्ति योजना के तहत प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों में सर्वसुलभ स्टेडियम विकसित करने की तैयारी है। ताकि ग्रामीण और शहरी युवाओं को स्थानीय स्तर पर खेल सुविधाएं मिल सकें। वहीं महिलाओं, श्रमिकों को आर्थिक सुरक्षा के लिए बड़ा सहारा बनकर आया है। इसके साथ ही बजट में जन-धन योजना और बीमा योजनाओं को लेकर जमीनी विस्तार भी दिखा। कल्याण विभाग के लिए 815 करोड़ का बजट कल्याण विभाग के लिए 815 करोड़ का बजट तय किया गया है। सरकार का कहना है कि यह राशि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के विस्तार में खर्च की जाएगी। महिला सशक्तिकरण की दिशा में लाड़ली लक्ष्मी योजना का दायरा लगातार बढ़ा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अब तक 52 लाख 29 हजार बालिकाएं इस योजना से लाभान्वित हो चुकी हैं। योजना का उद्देश्य बालिकाओं की शिक्षा और भविष्य की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करना है। वित्त मंत्री देवड़ा ने बताया कि श्रम विभाग के लिए 1335 करोड़ रुपए का बजटीय प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। इसका मकसद गरीब वर्ग को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ना है। ताकि उन्हें बीमा, पेंशन और अन्य सुविधाएं मिल सकें। प्रदेश में बढ़ी है केंद्र सरकार की भागीदारी बढ़ी केंद्र सरकार की योजनाओं में भी प्रदेश की भागीदारी बढ़ी है। प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत राज्य में अब तक 4 करोड़ 61 लाख से अधिक बैंक खाते खोले जा चुके हैं। जिससे बड़ी आबादी औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ी है। इसी तरह प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में 3 करोड़ 64 लाख का पंजीयन हो चुका है। दुर्घटना की स्थिति में यह योजना बीमा सुरक्षा प्रदान करती है। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना में अब तक 1 करोड़ 54 लाख से ज्यादा लोग नामांकन करवा चुके हैं। इससे उनके परिवारों को आर्थिक सहायता और सुरक्षा का आधार है। सरकार का दावा है कि यह बजट युवाओं के खेल, बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ महिलाओं और श्रमिक वर्ग को सुरक्षा कवच देने की दिशा में अहम कदम है।

सरकार का बड़ा ऐलान: किसानों के लिए 1 लाख सोलर पंप और 25 हजार करोड़ रुपये का ऋण प्रस्ताव, आबकारी नीति पास

भोपाल  मध्य प्रदेश की मोहन सरकार आज विधानसभा में ₹4.65 लाख करोड़ का ऐतिहासिक बजट पेश कर रही है। क्या युवाओं को मिलेगी पक्की नौकरी? क्या किसानों और महिलाओं के लिए खुलेगा सरकारी खजाना? विकास की सौगात से लेकर स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश तक, बजट की हर बड़ी घोषणा और उसका आपकी जेब पर होने वाला सीधा असर देखिए हमारे इस लाइव ब्लॉग में। विधानसभा से हर पल की सटीक और सबसे तेज अपडेट के लिए हमारे साथ बने रहें। जन धन योजना: 4.61 करोड़ खातों के साथ वित्तीय समावेशन वित्त मंत्री ने प्रधानमंत्री जन धन योजना की सफलता का उल्लेख करते हुए बताया कि मध्य प्रदेश में अब तक 4 करोड़ 61 लाख खाते खोले जा चुके हैं। इसने बैंकिंग सेवाओं को गरीब से गरीब व्यक्ति तक पहुंचाने का काम किया है। श्रम विभाग के लिए 1 हजार 335 करोड़ का प्रावधान- वित्त मंत्री वित्त मंत्री देवड़ा ने कहा- सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए श्रम विभाग के लिए 1335 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान प्रस्तावित किया है। इस बजट का उद्देश्य मजदूरों, असंगठित क्षेत्र के कामगारों और गरीब वर्ग को सामाजिक सुरक्षा से जोड़ना है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत अब तक राज्य में 4 करोड़ 61 लाख से ज्यादा खाते खोले जा चुके हैं। इससे बड़ी संख्या में लोगों को बैंकिंग सिस्टम से जोड़ा गया है। वहीं, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में अब तक 3 करोड़ 64 लाख लोगों का पंजीयन हो चुका है। इस योजना के तहत दुर्घटना की स्थिति में बीमा सुरक्षा दी जाती है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना से भी बड़ी संख्या में लोग जुड़े हैं। इस योजना में अब तक 1 करोड़ 54 लाख से ज्यादा लोगों ने पंजीयन कराया है, जिससे उनके परिवार को आर्थिक सुरक्षा मिल रही है। शिक्षा के लिए खास बजट में शिक्षा के लिए स्कूलों को बेहतर बनाने के लिए 100 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। वहीं, छात्रवृत्ति के लिए 986 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। किसानों को लिए ये भी     पीएम फसल बीमा योजना के लिए 1,299 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।     सीएम कृषक उन्नति योजना के लिए 5,500 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।     किसानों को 337 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।     वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष घोषित किया गया है।     6.69 लाख किसानों को 337 करोड़ रुपये की राशि वितरित की जाएगी।     1 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया है। श्रम विभाग को मिले ₹1335 करोड़, श्रमिकों का होगा कल्याण असंगठित और संगठित क्षेत्र के श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए श्रम विभाग के बजट में ₹1,335 करोड़ का प्रस्ताव रखा गया है। यह राशि श्रमिकों के कल्याण, उनके अधिकारों की सुरक्षा और विभिन्न सहायता योजनाओं पर खर्च की जाएगी। जनजातीय विकास: 11,277 गांवों के लिए ₹793 करोड़ जनजातीय क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार ने विशेष बजट आवंटित किया है। जनजातीय क्षेत्रों के 11,277 गांवों के विकास के लिए ₹793 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिसका सीधा लाभ पिछड़े और दुर्गम क्षेत्रों के निवासियों को मिलेगा। ग्रामीण सड़कों का जाल: ₹21,630 करोड़ की मंजूरी ग्रामीण कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए सरकार ने 'मुख्यमंत्री मजरा–टोला सड़क योजना' के तहत ₹21,630 करोड़ की भारी-भरकम राशि को मंजूरी दी है। इससे प्रदेश के दूर-दराज के इलाकों को मुख्य सड़कों से जोड़ा जा सकेगा। मत्स्य पालन क्षेत्र के लिए ₹412 करोड़ का फंड नीली क्रांति को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने मत्स्य उत्पादन क्षेत्र में ₹412 करोड़ के निवेश का प्रावधान किया है। इससे न केवल मत्स्य पालकों की आर्थिक स्थिति सुधरेगी, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था में इस सेक्टर की हिस्सेदारी भी बढ़ेगी। 'देश का तीसरा युवा प्रदेश' बनेगा आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश की जनसांख्यिकी का जिक्र करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि हम देश के तीसरे सबसे युवा प्रदेश हैं। उन्होंने संकल्प दोहराया कि युवाओं के कौशल विकास और स्वरोजगार के लिए सरकार कोई कोर-कसर नहीं छोड़ेगी। युवाओं को सशक्त बनाने के लिए बजट में विशेष प्रावधानों का खाका खींचा गया है। सिंहस्थ 2028 के लिए 'विशेष फंड' का प्रावधान उज्जैन में होने वाले आगामी सिंहस्थ कुंभ के लिए सरकार ने अभी से तैयारी तेज कर दी है। चूंकि केंद्र सरकार के बजट में इसके लिए अलग से राशि नहीं मिली थी, इसलिए राज्य सरकार ने अपने बजट में सिंहस्थ से जुड़े बुनियादी ढांचे के लिए विशेष प्रावधान किए हैं। वित्त मंत्री ने लक्ष्य रखा है कि आयोजन से जुड़े अधिकांश बड़े निर्माण कार्य वित्त वर्ष 2026-27 में ही पूरे कर लिए जाएं। किसान सम्मान निधि और कल्याण योजना से ₹12,000 की मदद वित्त मंत्री ने खेती को लाभ का धंधा बनाने के संकल्प को दोहराया। उन्होंने जानकारी दी कि वर्तमान में किसान परिवारों को 'किसान सम्मान निधि' और 'मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना' के संयोजन से प्रति वर्ष कुल ₹12,000 की नकद सहायता दी जा रही है। इससे छोटे और सीमांत किसानों को खाद-बीज की खरीद में सीधी मदद मिल रही है। सोयाबीन के लिए किसानों को करोड़ों का भुगतान जगदीश देवड़ा ने कहा, ''मध्य प्रदेश देश का तीसरा सबसे युवा प्रदेश है. मध्य प्रदेश में युवाओं की बड़ी संख्या है. प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी के नेतृत्व में हमारी सरकार जैविक एवं प्राकृतिक खेती को प्रस्थान तथा पोस्ट हार्वेस्ट कार्रवाई प्रबंधन जैसी गतिविधियों द्वारा कृषि कार्य के प्रत्येक चरण में किसानों के साथ हमारी सरकार खड़ी है. इसके साथ ही किसानों के लिए मुख्यमंत्री किसान सम्मन निधि तथा शून्य ब्याज पर कृषि दिन जैसी आर्थिक समर्थन की योजनाएं भी प्रचलित है कृषि उत्पादन में वृद्धि के लिए सिंचाई की आवश्यकता सर्वोपरि है. किसानों को स्थाई सिंचाई पंप कनेक्शन की योजना अंतर्गत 125000 ट्रांसफार्मर स्थापित है. सिंचाई के लिए ऊर्जा की निर्माण आपूर्ति के सुधार करने के लिए प्रधानमंत्री कृषक सूर्यमित्र योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 में रुपए 3000 करोड़ की लागत से 11 सोलर सिंचाई पंप किसानों को उपलब्ध कराया जाना लक्षण है. हमारी सरकार किसानों के लिए कृषि उद्यानिकी पशुपालन तथा मत्स्य पालन आदि को मूल्य संवर्धन से जोड़कर … Read more

MP में बजट सत्र शुरू, राज्यपाल के अभिभाषण में मोहन सरकार के विकास पर जोर, जानें बजट में क्या शामिल

भोपाल  मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र की सोमवार से शुरुआत हो गई। कार्यवाही के प्रारंभ में संपूर्ण छह छंदों में वंदे मातरम् का गायन हुआ, जिसके बाद राज्यपाल मंगु भाई पटेल ने अपना अभिभाषण दिया। अपने संबोधन में राज्यपाल ने सरकार की विकास उपलब्धियों और जनकल्याणकारी योजनाओं से आए बदलावों का उल्लेख किया। साथ ही संकल्प पत्र 2023 में किए गए वादों पर अब तक हुए कार्य और आगामी लक्ष्यों की जानकारी भी दी। सदन में विभिन्न हस्तियों और नेताओं के निधन पर पक्ष-विपक्ष के सदस्यों द्वारा श्रद्धांजलि दी जाएगी। इससे पहले विधानसभा पहुंचने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने राज्यपाल का स्वागत किया। 6 मार्च तक चलेगा सत्र सत्र 16 फरवरी से 6 मार्च तक चलेगा। पहले दिन राज्यपाल का अभिभाषण और कृतज्ञता प्रस्ताव होगा। सत्र के लिए कुल 3478 प्रश्नों की विधानसभा को सूचनाएं, 236 ध्यानाकर्षण, 10 स्थगन प्रस्ताव, 41 अशासकीय संकल्प पेश होंगे। शून्य काल में विधानसभा में 83 सवाल होंगे। जानिए बजट में क्या मिलने वाला है मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 16 फरवरी से शुरू हो रहा है और सबकी निगाहें 18 फरवरी पर टिकी हैं, जब वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा राज्य का 2026-27 का बजट पेश करेंगे। यह डॉ. मोहन यादव सरकार का तीसरा बजट होगा। सूत्रों के अनुसार, इस बार का बजट सिर्फ एक साल का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि भविष्य की एक विस्तृत वित्तीय योजना होगी, जिसमें पूंजीगत व्यय बढ़ाने, इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती देने और राजकोषीय अनुशासन बनाए रखने पर जोर दिया गया है। राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) में लगभग 10% की औसत वार्षिक वृद्धि दर हुई है। इसे देखते हुए, यह अनुमान लगाया जा रहा है कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए वार्षिक बजट का आकार 4.65 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है। इस बजट में सरकार का फोकस स्वास्थ्य, पोषण, किसान, युवा और इंफ्रास्ट्रक्चर पर केंद्रित रहने की उम्मीद है। बजट में करीब 1.40 करोड़ बच्चों को मिड डे मील में टेट्रा पैक दूध देने से लेकर, किसानों की आय बढ़ाने के लिए हर जिले में फूड प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने और 'सीएम केयर' योजना के तहत मेडिकल कॉलेजों में कैंसर और हार्ट जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज की सुविधा देने जैसी बड़ी घोषणाएं हो सकती हैं। पढ़िए, इस बजट में क्या खास रहने वाला है… स्वास्थ्य: 'सीएम केयर' से सुपर स्पेशियलिटी सुविधाओं का विस्तार इस बजट में सरकार 'सीएम केयर' योजना की घोषणा कर सकती है, जिसका मकसद प्रदेश में सुपर-स्पेशलिटी स्वास्थ्य सेवाओं का एक मजबूत नेटवर्क तैयार करना है।     स्टेट कार्डियक सेंटर और अंग प्रत्यारोपण संस्थान: बजट में एक अत्याधुनिक स्टेट कार्डियक सेंटर और एक अंग प्रत्यारोपण संस्थान बनाने की घोषणा हो सकती है, जहां लिवर, किडनी, हार्ट, फेफड़े और कॉर्निया ट्रांसप्लांट की सुविधा उपलब्ध होगी।     मेडिकल कॉलेजों में इलाज: इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा और सागर के मेडिकल कॉलेजों में ऑन्कोलॉजी (कैंसर), ऑन्को-सर्जरी, कार्डियोलॉजी और कार्डियक सर्जरी जैसे सुपर-स्पेशलिटी विभाग शुरू किए जा सकते हैं।     बजट और लागत: इस महत्वाकांक्षी योजना पर अगले पांच सालों में 2,000 करोड़ रुपए खर्च होने का प्रारंभिक अनुमान है, जो परियोजना के आगे बढ़ने पर और बढ़ सकता है।     नए मेडिकल कॉलेज: सीहोर (बुधनी), दमोह और छतरपुर में केंद्र सरकार के सहयोग से नए मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए भी बजट में राशि का प्रावधान किया जा सकता है। वेलनेस टूरिज्म: 12 आस्था स्थल बनेंगे, पर्यटन और आरोग्य का संगम मध्य प्रदेश अब वेलनेस टूरिज्म के क्षेत्र में एक नया अध्याय लिखने जा रहा है। प्रदेश के 12 स्थलों को आस्था, पर्यटन और आरोग्य के संगम के रूप में विकसित किया जा सकता है।     चयनित स्थल: उज्जैन, ओंकारेश्वर, खजुराहो, पचमढ़ी, सिंगरौली, चित्रकूट, चंदेरी, मंदसौर, आलीराजपुर, ओरछा, आगर मालवा और दतिया।     सुविधाएं: इन स्थलों पर 10-10 बेड के झोपड़ीनुमा डीलक्स अस्पताल बनाए जाएंगे, जहां पर्यटक पंचकर्म, योग और ध्यान जैसी भारतीय चिकित्सा पद्धतियों से उपचार करा सकेंगे।     आयुष वीजा: सबसे खास बात यह है कि मध्य प्रदेश, केरल के बाद देश का दूसरा राज्य बनने जा रहा है जो वेलनेस टूरिज्म को आयुष वीजा से जोड़ेगा। इससे विदेशी पर्यटक सीधे वेलनेस के लिए वीजा लेकर यहां आ सकेंगे।     उज्जैन में आयुर्वेदिक एम्स: देश के तीन प्रस्तावित आयुर्वेद AIIMS में से एक उज्जैन में स्थापित किए जाने की कोशिश है, यदि ऐसा हुआ तो ये प्रदेश को आयुर्वेदिक चिकित्सा और शोध के क्षेत्र में एक नई पहचान देगा। पोषण एवं शिक्षा: बच्चों को मिलेगा टेट्रा पैक दूध पहली से आठवीं तक के 98.37 लाख बच्चे और आंगनवाड़ियों में 3 से 6 साल की उम्र के 48 लाख बच्चों के पोषण स्तर को सुधारने के लिए सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। अब मध्यान्ह भोजन के साथ इस भी बच्चों को ट्रेटा पैक दूध भी दिए जाने की योजना है। इसके लिए ग्रामीण एवं पंचायत विभाग मप्र दुग्ध महासंघ के साथ एमओयू साइन करेगा।     टेट्रा पैक दूध की खासियत: यह दूध अल्ट्रा-हाई टेम्परेचर (UHT) तकनीक से कीटाणु रहित किया जाता है और इसे 6-परतों वाली एयर-टाइट पैकेजिंग में सील किया जाता है। इससे यह बिना फ्रिज के 6-9 महीने तक सुरक्षित और ताजा रहता है, जो इसे दूर-दराज के इलाकों में वितरण के लिए आदर्श बनाता है।     शिक्षा: शिक्षा के क्षेत्र में 200 नए सांदीपनि विद्यालय खोलने की घोषणा हो सकती है। साथ ही, जबलपुर स्थित धर्मशास्त्र राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के दूसरे चरण के निर्माण के लिए 197 करोड़ रुपए का प्रावधान किया जा सकता है। किसानों के लिए: सिंचाई से लेकर भावांतर तक किसानों को साधने के लिए बजट में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं होने की उम्मीद है।     सिंचाई: सिंचाई क्षमता को साढ़े सात लाख हेक्टेयर बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए सिंचाई बजट को 17,214 करोड़ से बढ़ाकर 19-20 हजार करोड़ रुपये किया जा सकता है। राजगढ़ की सुल्तानपुर और बरेली की बारना जैसी नई सिंचाई परियोजनाओं के लिए 715 करोड़ रुपये का प्रावधान किया जा सकता है।     भावांतर और जैविक खेती: सोयाबीन के साथ अन्य नकदी फसलों पर भी भावांतर योजना की घोषणा हो सकती है। जैविक खेती … Read more