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सुबह 4 बजे रतलाम में बड़ी कार्रवाई, एक्सप्रेसवे किनारे अवैध ढाबों पर चला बुलडोजर

रतलाम  सोमवार तड़के 4 बजे उस वक्त हड़कंप मच गया, जब प्रशासन का बुलडोजर एक ढाबे पर गरजा. यह कार्रवाई नामली थाना क्षेत्र के बड़ौदा गांव के पास फोरलेन और दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस वे के किनारे पर बने ढाबे हुई है. यहां अतिक्रमण और अवैध गतिविधियों की शिकायत मिलने पर पुलिस और प्रशासन ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया है. सुबह 4:00 बजे शुरू हुई अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करीब 8:00 तक चली. इस दौरान 2 ढाबों को प्रशासन की टीम ने जमींदोज किया है. हालांकि, प्रशासन और पुलिस की इस कार्रवाई को ढाबा संचालक और ग्रामीणों ने गलत बताया है. प्रशासन के ऊपर निजी जमीन पर बने ढाबे को जमींदोज करने का आरोप लगाया है. अवैध ढाबों पर चला प्रशासन का बुलडोजर लेबड़ नयागांव फोरलेन पर जावरा से नामली के मध्य कई अवैध ढाबे संचालित हो रहे थे. इन ढाबों में मादक पदार्थों की तस्करी सहित अन्य गैरकानूनी गतिविधियां चलने के आरोप लग रहे थे. मिली शिकायतों के आधार पर स्थानीय पुलिस टीम और प्रशासन द्वारा संयुक्त कार्रवाई सोमवार की सुबह 4 बजे की गई है. दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे के किनारे बने इन ढाबों को जमींदोज कर दिया गया है. इस दौरान मौके पर भारी पुलिस बल मौजूद रहा है. प्रशासन की मनसा पर उठ रहे सवाल हालांकि, कथित अतिक्रमण के खिलाफ हुए पुलिस एक्शन पर सवाल उठ रहे हैं. ढाबा संचालकों का कहना है कि "ढाबे का निर्माण नियमानुसार निजी जमीन पर किया गया था. किसी प्रकार की अवैध गतिविधि यहां संचालित नहीं हो रही थी." बड़ौदा के पूर्व सरपंच अभिषेक शर्मा ने बताया कि "प्रशासन राजनीति से प्रेरित होकर अन्यायपूर्ण कार्रवाई कर रहा है. ऐसी क्या मजबूरी है कि पुलिस और प्रशासन रात के अंधेरे में कार्रवाई करने यहां पहुंचा. हमें सूचना तक नहीं दी गई." रात के अंधेरे में पहुंची पुलिस प्रशासन की टीम दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे के पास हुए कथित अतिक्रमण को हटाने की यह कार्रवाई पुलिस और प्रशासन के द्वारा सुबह 4:00 बजे की गई. इसके लिए आसपास के पुलिस थानों का फोर्स लेकर एडिशनल एसपी, रतलाम सीएसपी, एसडीओपी और प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे. रतलाम ग्रामीण एसडीम विवेक सोनकर ने बताया कि "लंबे समय से हाईवे के किनारे अतिक्रमण कर ढाबे बनाए जाने और अवैध गतिविधियां संचालित करने की शिकायत मिल रही थी. जिस पर सोमवार को पुलिस प्रशासन की टीम द्वारा कार्रवाई की गई है." नामली थाने पहुंचकर ग्रामीणों ने जताई नाराजगी इस कार्रवाई को लेकर ढाबा संचालकों और स्थानीय ग्रामीणों में नाराजगी है. उन्होंने इसे पुलिस की दादागिरी बताया है. साथ ही विरोध दर्ज करवाया है. बुलडोजर एक्शन से आक्रोशित ग्रामीण विरोध प्रदर्शन करने नामली थाने पर पहुंचे हैं. उधर सुबह-सुबह अतिक्रमण हटाने पहुंची प्रशासन की टीम को ग्रामीणों के जोरदार विरोध का सामना करना पड़ गया है.

अवैध निर्माण पर बड़ी कार्रवाई: संभल में मदरसा-मैरिज पैलेस ध्वस्त, सुरक्षा बल तैनात

संभल उत्तर प्रदेश के संभल जिले में अवैध निर्माण के खिलाफ एक बार फिर से बुलडोजर से कार्रवाई जारी है। कई एकड़ भूमि पर बने इस निर्माण में लोग मदरसा और बारात घर चला रहे थे। इसको लेकर कोई विरोध ना हो, इसके लिए इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। साथ ही माहौल तनावपूर्ण न हो, इसके लिए पूरे क्षेत्र को छावनी में बदल दिया गया है, साथ ही लोगों को घरों से बाहर न निकलने की हिदायत दी गई है। अतिक्रमण के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी इस मामले पर संभल के डीएम डॉ. राजेंद्र पेंसिया ने कहा कि जिले भर में अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है। यह तालाब की जमीन है जिस पर एक बड़ा मैरिज पैलेस बना है। तहसीलदार ने 30 दिन पहले इसे गिराने का आदेश जारी किया था। इसके बाद कोई अपील दायर नहीं की गई इसलिए आज ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने आगे कहा, 'कोर्ट में सभी पक्षों को सुना गया। उसके बाद तहसीलदार कोर्ट ने आदेश जारी किया और हम उसी के अनुसार आगे बढ़ रहे हैं। सभी की राय है कि अगर यह अवैध रूप से बना है तो इसे गिरा दिया जाना चाहिए।' प्रशासन ने इसे खुद गिराने का फैसला किया डीएम के अलावा संभल के एसपी केके बिश्नोई ने बताया, 'संभल के असमोली थाने के अंतर्गत राय बुजुर्ग गांव में एक तालाब और खाद के गड्ढों के लिए जमीन है। उन्हें इसे गिराने के लिए 30 दिन का समय दिया गया था। 30 दिन की समय सीमा बीत जाने के बावजूद उन्होंने अभी तक इसे नहीं गिराया है। प्रशासन ने इसे खुद गिराने का फैसला किया है। यह अवैध निर्माण था। उन्हें पर्याप्त समय दिया गया था। यह अवैध निर्माण मदरसे और बारात घर की तरह उपयोग में लिया जा रहा था और कई एकड़ जमीन पर फैला हुआ था।'

धर्मांतरण केस में कार्रवाई तेज: जेल में बंद सबरोज का घर धराशायी, बुलडोजर एक्शन जारी

बलरामपुर  उत्तर प्रदेश में आजकल धर्मांतरण के मामले लागातार सामने आ रहे हैं. यह मुद्दा गरमाता जा रहा है. छांगुर बाबा सिंडिकेट का भांडा फूटने के बाद आगरा, अलीगढ़ समेत अब सुल्तानपुर में धर्म परिवर्तन का मामला सामने आया. प्रशासन ऐसे मामलों में लगातार सख्ती से कार्रवाई कर रहा है. अब बलरामपुर में अवैध धर्मांतरण के मास्टरमाइंड जमालुद्दीन उर्फ छांगुर के भतीजे पर बुलडोजर एक्शन का कहर बरपा है. जेल में बंद सबरोज का घर आज बुलडोजर से ढहा दिया गया. बताया जा रहा है कि गांव की जमीन पर अवैध कब्जा कर घर बनाया गया था. इसलिए ये कार्रवाई हुई है. इससे पहले छांगुर की आलीशान कोठी पर बुलडोजर चल चुका है. सबरोज का मकान छांगुर की कोठी से 1 किमी दूर रेहरा माफी गांव में ही बना हुआ था. सबरोज एटीएस की गिरफ्त में हैं. छांगुर के बाद एटीएस ने 19 जुलाई को उसे गिरफ्तार किया था. सबसे पहले सबरोज के घर उतरौला कोतवाली की फोर्स यानी 30 पुलिसकर्मी, सीओ राघवेंद्र सिंह और एएसपी विशाल पांडेय पहुंचे. वहां सुरक्षा व्यवस्था देखी. इसके बाद एसडीएम सत्यपाल प्रजापति पहुंचे. फिर सुबह 11 बजे टीम उतरौला तहसील की टीम दो बुलडोजर लेकर पहुंची. दो बुलडोजर ने 7 मिनट में छत ढहाई और 10 मिनट में दीवारें गिरा दी. इसके बाद पिलर खोद दिए. कुल 20-25 मिनट में पूरे घर को जमींदोज कर दिया गया. कार्रवाई के दौरान कुछ लोग मौजूद थे. मगर, जैसे ही कार्रवाई पूरी तो सब गायब हो गए. वहीं, प्रशासन ने कहा कि सबरोज को 3 बार नोटिस दिया जा चुका था. आखिरी नोटिस 18 जुलाई को दिया गया था. सबरोज का यह घर गौडास बुजुर्ग क्षेत्र के ग्राम रेहरा माफी में बना हुआ है. प्रशासन का कहना है कि यह आवास अवैध कब्जा करके बनाया गया था. लगभग 300 स्क्वायर फीट में बना हुआ था. इसमें एक किचन, एक कमरा और एक बरामदा बना हुआ था. बता दें, सबरोज की पत्नी के अलावा दो बच्चे हैं. बड़ा बेटा 10 साल और छोटा 6 साल का है. आसपास के लोगों ने बताया कि ​सबरोज की पत्नी बच्चों को लेकर मायके चली गई है.