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छिंदवाड़ा में आर्सेनिक जहर मिली काजू की मिठाई खाकर मरे थे 3 लोग

छिंदवाड़ा. जुन्नारदेव के मिठाई कांड में खाद्य विभाग की पहली रिपोर्ट सामने आ चुकी है। लावारिस थैली में रखी मिठाई में आर्सेनिक की मात्रा अधिक होने की पुष्टि जांच रिपोर्ट में हुई है। जिसके कारण मिठाई जहरीली हो गई थी। गौरतलब है कि बीते दिन मिठाई के सेवन से तीन लोगों की मौत हो चुकी है। अब खाद्य विभाग की रिपोर्ट आने के बाद पुलिस को बिसरा की रिपोर्ट का इंतजार है। अब उम्मीद की जा रही है कि इस मामले में और भी कई खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल खाद विभाग की रिपोर्ट आने के बाद यह तो तय हो गया है की लावारिस मिठाई हत्या के उद्देश्य से ही रखी गई थी। पुलिस मामले में संदिग्ध से पूछताछ कर रही है। थाना प्रभारी राकेश बघेल ने बताया कि मिठाई में अत्यधिक मात्रा में आर्सेनिक मिला होने की पुष्टि हुई है। इसके बाद संदेह के आधार पर स्थानीय लोगों और स्वजनों से भी पूछताछ की जा रही है। जबलपुर फॉरेंसिक लैब से पोस्टमार्टम की बिसरा की रिपोर्ट का इंतजार भी किया जा रहा है। मिठाई मामले में दसरू यदुवंशी (उम्र 53 वर्ष) एवं सुंदरलाल कथूरिया (उम्र 75 वर्ष) और 22 वर्षीय खुशबू की मौत हो चुकी है। मिठाई कांड में यह कथूरिया परिवार में मृत होने वाली खुशबू (नातिन) इस मामले में सुंदरलाल कथूरिया (दादा) के बाद मौत का शिकार होने वाली दूसरी सदस्य है। कथुरिया परिवार की दूसरी बेटी खुशबू का विवाह चांद क्षेत्र के थावड़ी ग्राम में हुआ था, जिससे उसे चार माह की दूधमुंही बच्ची भी है। मिठाई को लेकर रहस्य गहराया खाद्य एवं औषधि प्रशासन की जांच में सामने आया है कि यह पंजाबी पिन्नी स्थानीय बाजारों में आम तौर पर नहीं मिलती।दुकानदारों का कहना है कि छिंदवाड़ा में इसकी मांग भी नहीं है। मिठाई की पैकेजिंग अच्छी क्वालिटी की थी, लेकिन डिब्बे पर किसी दुकान या निर्माता का नाम नहीं लिखा था। बाजार में इसकी कीमत करीब 700 से 800 रुपए बताई जा रही है। फिलहाल दो महिलाएं, संतोषी बाई (45) और पूजा (19), जुन्नारदेव स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती हैं।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने छिंदवाड़ा में पीड़ित परिजनों को बंधाया ढांढस

सरकार हर संभव सहायता के लिए प्रतिबद्ध दोषियों पर की जाएगी सख्त कार्यवाही भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल छिंदवाड़ा जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचे और दिवंगत बच्चों के परिजनों से भेंट की। उन्होंने परिवारजनों से बातचीत कर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं और उन्हें ढांढस बंधाया। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि पीड़ा की इस घड़ी में मध्यप्रदेश सरकार प्रत्येक प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार इस घटना से प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए सभी आवश्यक उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि घटना से प्रभावित अन्य बीमार बच्चों के इलाज हेतु उच्च स्तरीय एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग एवं स्थानीय प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे।

बैतूल में दो मासूमों की मौत, जहरीले सिरप से बढ़ता जा रहा संकट

बैतूल मध्य प्रदेश में जहरीले कफ सिरप से बच्च्चों की मौत का सिलसिला थम नहीं रहा है। छिंदवाड़ा जिले में 11 बच्चों की मौत के बाद अब बैतूल जिले के आमला ब्लॉक में दो मासूम बच्चों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से हड़कंप मच गया। प्रारंभिक जांच में इन बच्चों की मौत का कारण भी किडनी फेल होना बताया जा रहा है। दोनों बच्चों का इलाज छिंदवाड़ा जिले के परासिया में ही डॉ. प्रवीण सोनी के पास हुआ था। परासिया में अन्य 11 बच्चों की मौत के मामले में डॉ. सोनी को गिरफ्तार किया जा चुका है। बैतूल जिले में पहला मामला निहाल (2 वर्ष) पुत्र निखिलेश धुर्वे, निवासी जामुन बिछुआ का है। तबीयत बिगड़ने पर बच्चे को बैतूल और फिर एम्स भोपाल रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। दूसरा मामला कबीर (3 वर्ष 11 माह) पुत्र कैलाश यादव, निवासी राम नगर ढाना कलमेश्वरा का है। उसने भी इसी डॉक्टर से इलाज कराया था और 8 सितंबर को उसकी मौत हो गई। दोनों बच्चों के इलाज का समय अलग-अलग था, पर डॉक्टर एक ही निकला। परिजनों ने शक जताया है कि कफ सिरप के सेवन के बाद बच्चों की हालत बिगड़ी थी। फिलहाल इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि दवा प्रतिबंधित थी या नहीं। दोनों मामलों में पोस्टमॉर्टम नहीं होने के कारण वास्तविक कारण की पुष्टि जांच रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी। सीएमएचओ डॉ. मनोज हुरमाड़े ने बताया कि आमला विकासखंड के जामुन बिछुआ और कमलेश्वरा गांव में दो बच्चों की मृत्यु हुई है। दोनों का इलाज परासिया के डॉ. प्रवीण सोनी से कराया गया था। मामले की जांच की जा रही है, और परिजनों से चर्चा के बाद इलाज से जुड़े दस्तावेज एकत्रित किए जाएंगे। अभी यह साफ नहीं है कि दोनों बच्चों को कफ सिरप दिया गया था या नहीं। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. दीप साहू ने बताया कि निहाल को गंभीर किडनी फेल्योर की समस्या थी और उसे भोपाल रेफर किया गया था। मृतक निहाल के पिता निखिलेश धुर्वे ने कहा कि परासिया के डॉक्टर ने जो दवा दी थी, उसे देने के बाद बच्चे की हालत बिगड़ी और वह नहीं बच पाया। उन्होंने कहा कि अब वे चाहते हैं कि प्रशासन सच्चाई सामने लाए। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन ने संयुक्त जांच टीम गठित कर दी है। डॉक्टर द्वारा दी गई दवाओं, इलाज के तरीके और सिरप की जांच की जा रही है।

बच्चों की मौत के बाद छिंदवाड़ा में जांच तेज, डॉक्टर गिरफ्तार, दवा कंपनी पर कार्रवाई

छिंदवाड़ा किडनी खराब होने से बच्चों की मौत के मामले में श्रेषन फार्मास्यूटिकल्स और डॉक्टर प्रवीण सोनी पर हत्या का मुकदमा पुलिस ​ने दर्ज किया है। छिंदवाड़ा के कोतवाली थाना क्षेत्र राजपाल चौक से डॉक्टर प्रवीण सोनी को देर रात एसपी की स्पेशल टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में कठोर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। छिंदवाड़ा एसपी अजय पांडेय ने बताया कि परासिया बीएमओ डॉक्टर अंकित सहलाम की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने तमिलनाडु के कांचीपुरम स्थित श्रेषन फार्मास्यूटिकल्स कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। ​एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की ‘एडल्ट्रेशन ऑफ ड्रग’ (दवाओं में मिलावट) और ‘हत्या की कोटि में आने वाले अपराधिक मानव वध’ जैसी गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। इसके अलावा ड्रग्स एवं कॉस्मेटिक एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जा रही है। इन धाराओं में अधिकतम आजीवन कारावास तक का प्रावधान है। छिंदवाड़ा जिले में एक कफ सिरप त्रासदी ने हड़कंप मचा दिया है। संदिग्ध कफ सिरप के सेवन से अब तक 14 मासूम बच्चों की मौत होने की जानकारी सामने आई है, हालांकि प्रशासन ने अभी तक 10 मौतों की आधिकारिक पुष्टि की है। प्रयोगशाला रिपोर्ट में सिरप में हानिकारक रसायन पाए जाने के बाद राज्य सरकार ने तत्काल प्रभाव से दो कफ सिरप पर पूरे प्रदेश में प्रतिबंध लगा दिया है और कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है।

मंदिर के सामने दुकान में लगी आग से मची अफरातफरी, दमकल ने दो घंटे बाद बुझाई लपटें

छिंदवाड़ा छोटी बाजार स्थित बड़ी माता मंदिर के सामने रात के 11 बजे करीब अहिंसा टेंट सप्लायर की दुकान में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आज ने विकराल रूप ले लिया। दुकान को अपने चपेट में ले लिया। सूचना मिलते ही मौके पर एसडीएम सुधीर जैन, नगर अमला और पुलिस विभाग पहुंच गया। आग बुझाने के लिए नगर निगम अमला को कड़ी मशक्कत करना पड़ी। तकरीबन चार दमकलों से आग पर काबू पाया गया। इस दौरान इस मार्ग से निकल रही मूर्तियों को रोककर अन्य रास्ते से निकाला गया। घटना के बारे में एसडीएम ने बताया की आग से लाखों का नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है। आग लगने का कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाया है, जांच के बाद ही आग लगने की वजह स्पष्ट होगी।   आसपास की दुकानों में भी लग सकती थी आग दुकान में लगी आग ने धीरे-धीरे विकराल रूप ले लिया था, इस दौरान आसपास के दुकान और मकान मालिकों को इस बात का डर सता रहा था कि कहीं आग उनकी दुकान को अपनी चपेट में ना ले ले। हालांकि नगर निगम के अमला ने 2 घंटे की कड़ी में मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया।