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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक

बॉन्ड वाले डॉक्टर्स की भर्ती नियम बदलेगी सरकार, जल्द ही कैबिनेट में लाया जाएगा प्रस्ताव अब प्रदेश में है शासकीय और निजी कुल मिलाकर 52 मेडिकल कॉलेज प्रदेश के एक जिले को मेडिकल टूरिज्म हब के रूप में विकसित करने की तैयारी पन्ना, बैतूल, कटनी और धार में बनेंगे नए मेडिकल कालेज, भूमिपूजन जल्द ही भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं में आमूलचूल परिवर्तन लाना ही सरकार की मंशा है। स्वास्थ्य सेवाओं के आधुनिकीकरण और चिकित्सा शिक्षा के व्यापक विस्तार के लिए सरकार बहुस्तरीय सुधार लागू कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अधिकाधिक नागरिकों को आयुष्मान योजना का लाभ दिलाया जाए। ऐसे अस्पताल या डॉक्टर आयुष्मान योजना के तहत इलाज नहीं करते हैं या इस योजना में इम्पैनल्ड नहीं है, उन्हें भी इस योजना से जोड़ा जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉक्टर्स की आपूर्ति के लिए विभाग भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाए। यह प्रयास किया जाए कि फील्ड में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों के संचालन के लिए निजी चिकित्सकों की भी सेवाएं ली जाए। इसके लिए उन्हें कॉल पर बुलाने के अलावा अच्छा मानदेय (इन्सेंटिव) भी दिया जाए। उन्होंने कहा कि चिकित्सा शिक्षा ग्रहण कर रहे ऐसे विद्यार्थी, जिनकी फीस सरकार द्वारा अदा की जा रही है, ऐसे बॉन्ड वाले डॉक्टर्स को मध्यप्रदेश में ही सेवाएं देने के लिए रोका जाए। ऐसे डॉक्टर्स को प्रदेश के जनजातीय एवं दूरस्थ क्षेत्रों में सेवाएं देने के लिए इन्हें भी आकर्षक मानदेय राशि दी जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में तेजी से नए मेडिकल कॉलेजेस स्थापित हो रहे हैं, ऐसे में अधिक संख्या में डॉक्टर्स की आवश्यकता होगी। बॉन्ड वाले डॉक्टर्स को प्रमोट कर, इनके मानदेय को रिवाईज़ कर सभी नए मेडिकल कॉलेजेस एवं फील्ड के अस्पतालों में इनकी सेवाएं ली जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा सहित खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की योजनाओं, कार्यक्रमों और संचालित गतिविधियों की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में उप मुख्यमंत्री लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा श्री राजेन्द्र शुक्ल, राज्यमंत्री श्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन सहित अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री) श्री नीरज मंडलोई भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी स्वास्थ्य योजनाओं के तहत पात्र हितग्राहियों तक इनका लाभ समय पर और प्रभावी रूप से पहुंचे, इसके लिए डिलेवरी सिस्टम को और मजबूती और पारदर्शिता के साथ लागू किया जाए। मुख्यमंत्री ने फील्ड अमले की भूमिका पर विशेष जोर देते हुए कहा कि फील्ड स्तर पर संवेदनशीलता, तत्परता और जवाबदेही से ही स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि विभागीय सेवाओं का समन्वय और योजनाबद्ध क्रियान्वयन ही सरकार की लक्ष्य पूर्ति का वास्तविक माध्यम है। बैठक में बताया गया कि बॉन्ड वाले डॉक्टर्स को शासकीय डॉक्टर्स के रूप में भर्ती करने के लिए, इनके भर्ती नियम संशोधित किए जा रहे हैं। इसके लिए जल्द ही मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रस्ताव लाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में तेजी से नए मेडिकल कॉलेजेस की स्थापना के लिए विभाग को बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्राइवेट अस्पतालों में गर्भवती माताओं का बेवजह सीजेरियन आपरेशन करने की शिकायत आती रहती हैं, इस पर सख्ती से नियंत्रण किया जाए। उन्होंने कहा कि 108 एम्बुलेंस के चालकों द्वारा ज़बरदस्ती मरीजों को प्राइवेट हॉस्पिटल में ले जाने की शिकायत भी आती हैं, इसकी सख्ती से निगरानी करें और ऐसी प्रवृत्ति को रोकें। बताया गया कि बीते दो साल मे 84000 से अधिक कार्डियक सर्जरी शासकीय अस्पतालों में हुई है। प्राइवेट अस्पतालों की तुलना में शासकीय अस्पतालों में कार्डियक सर्जरी बहुत कम खर्चे में होती है। इस पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभागीय व्यवस्थाओं की सराहना की। बताया गया कि प्रदेश में देहदान करने वाले 38 मृतकों को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया है। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह एक बेहद अच्छी योजना है और पूरे समाज के बीच इसे बेहद प्रमुखता से प्रचारित किया जाना चाहिए। बैठक में उप मुख्यमंत्री लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा श्री राजेन्द्र शुक्ल ने बताया कि अगले तीन सालों में चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा सीएम-केयर योजना के सफल क्रियान्वयन को कार्य योजना में ले लिया गया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2028 की समाप्ति तक राजगढ़, मंडला, छतरपुर, उज्जैन, दमोह एवं बुधनी में निर्माणाधीन गवर्मेंट मेडिकल कॉलेज प्रारंभ कर देने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा पीपीपी मोड पर तैयार किए जाने वाले सभी मेडिकल कॉलेजेस का निर्माण कार्य भी इसी अवधि के दौरान पूरा कर लेने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा प्रदेश के एक जिले को मेडिकल टूरिज्म हब के रूप में विकसित करने का लक्ष्य लिया गया है। प्रदेश के सभी संभागीय मुख्यालय में कैथलैब की स्थापना भी वर्ष 2028 तक कर दी जाएगी। वर्ष 2028 तक मातृ मृत्यु दर 100 प्रति लाख जीवित जन्म करने का लक्ष्य लिया गया है। उन्होंने बताया कि खाद्य प्रशासन के सुदृढ़ीकरण के लिए FSSAI द्वारा वर्ष 2025-26 के लिए 41.07 करोड़ रुपए की कार्य योजना मंजूर कर दी गई है। इसी प्रकार औषधि प्रशासन के सुदृढ़ीकरण के लिए 211 करोड़ रुपए की लागत से 5 साल की कार्य योजना बनाकर CDSCO को भेज दी गई है। इसमें उल्लेखित सभी पूंजीगत कार्य 3 साल की समय-सीमा में पूरे कर लिए जाएंगे।   प्रमुख बिन्दु     प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं में आमूलचूल परिवर्तन लाना सरकार की मंशा।     स्वास्थ्य सेवाओं के आधुनिकीकरण और चिकित्सा शिक्षा के व्यापक विस्तार के लिए सरकार बहुस्तरीय सुधार लागू कर रही।     प्रदेश में अधिकाधिक नागरिकों को आयुष्मान योजना का लाभ दिलाया जाए।     अस्पताल या डॉक्टर आयुष्मान योजना के तहत इलाज नहीं करते हैं या इस योजना में इम्पैनल्ड नहीं है, उन्हें भी इस योजना से जोड़ा जाए।     डॉक्टर्स की आपूर्ति के लिए विभाग भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाए।     चिकित्सा शिक्षा ग्रहण कर रहे ऐसे विद्यार्थी, जिनकी फीस सरकार द्वारा अदा की जा रही है, ऐसे बॉन्ड वाले डॉक्टर्स को मध्यप्रदेश में ही सेवाएं देने के लिए रोका।     डॉक्टर्स को प्रदेश के जनजातीय एवं दूरस्थ क्षेत्रों में सेवाएं देने के लिए इन्हें भी आकर्षक मानदेय राशि दी जाए।     बॉन्ड वाले डॉक्टर्स … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- सहकारी संस्थाएं किसानों को सशक्त बनाने के लिए सभी आवश्यक प्रयास करें

वर्ष 2026 को प्रदेश में कृषि एवं किसान वर्ष के रूप में मनाया जाएगा सहकारी समितियों का प्राथमिकता से किया जाए कंप्यूटराईजेशन पंचायत स्तर पर पैक्स स्थापित किए जाएं पैक्स के डिफॉल्टर किसानों को लाया जाएगा मुख्य धारा में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की सहकारिता विभाग की समीक्षा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों को सशक्त बनाना और उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार लाना सहकारी संस्थाओं का मुख्य उद्देश्य है। आगामी वर्ष 2026 को प्रदेश में कृषि एवं किसान वर्ष के रूप में मनाया जाएगा। अतः किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य दिलवाने और फसल चक्र के अनुसार उन्हें सुगमता से सुविधाऐं उपलब्ध कराने के लिए सहकारिता विभाग कृषि विपणन सहकारी समितियां को मजबूत बनाने बनाने पर विशेष ध्यान दे। सहकारी समितियों का प्राथमिकता के आधार पर कंप्यूटराईजेशन किया जाए, ताकि किसानों को सुगमता और पारदर्शिता के साथ आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समिति के पदाधिकारियों के लिए प्रतिवर्ष संपत्ति का वार्षिक विवरण आवश्यक रूप से देने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पंचायत स्तर पर पैक्स स्थापित किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय में सहकारिता विभाग की समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सहकारिता मंत्री श्री विश्वास सारंग ने अपेक्स बैंक की 4 करोड़ 27 लाख 4 हजार 190 रुपए अंश पूंजी का लाभांश चेक भेंट किया। बैंक के प्रबंध संचालक श्री मनोज गुप्ता इस अवसर पर उपस्थित थे। बैठक में अल्पकालीन कृषि ऋण वितरण, खाद और बीज वितरण, कृषि उपज के समर्थन मूल्य पर उपार्जन, उचित मूल्य दुकानों के संचालन और सहकार से समृद्धि के अंतर्गत संचालित गतिविधियों के तहत पिछले 2 वर्ष में प्राप्त उपलब्धियों, नवाचारों का प्रस्तुतीकरण किया गया। बैठक में आगामी 3 वर्ष की कार्य योजना पर भी विचार विमर्श हुआ। विभाग की 2 वर्ष की उपलब्धियाँ     15 कमजोर जिला सहकारी बैंकों के सुदृढ़ीकरण के लिए प्रत्येक जिला बैंक को 50-50 लाख रूपए की अंशपूंजी शासन द्वारा उपलब्ध कराई गई।     मध्यप्रदेश एम-पैक्स के कम्प्यूटराईजेशन और ऑनलाईन ऑडिट में देश में सबसे आगे है।     कृषकों को उनके खातों के संबंध में जानकारी एस.एम.एस. से उपलब्ध कराई जा रही है।     पैक्स के सोसायटी मैनेजर के लिए कैडर व्यवस्था लागू।     राष्ट्रीयकृत बैंकों के मापदंड के अनुरूप सहकारी बैंकों में प्रबंधकों और बैंकिंग सहायकों की भर्ती तथा प्रशिक्षण की व्यवस्था।     पैक्स से बहुउद्देशीय गतिविधियों का संचालन आरंभ।     कुल 4460 कॉमन सर्विस सेंटर, 4518 प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केन्द्र, 63 जन औषधि केन्द्र, 59 जल कर वसूली केन्द्र, दो एग्री ड्रोन और 25 इफ्को आउटलेट की व्यवस्था।     अब तक पैक्स को 4060 तथा डेयरी समिति को एक माइक्रो एटीएम वितरित।     सहकारी कानूनों में जनसामान्य की सुविधा की दृष्टि से संशोधन किए गए हैं।     सहकारी, सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की भागीदारी से सहकारी समितियों को व्यवसाय के नए अवसर उपलब्ध हो रहे हैं।     किसानों से पूसा बासमती धान क्रय करने के लिए किसानों का आर्थिक लाभ सुविधा सुनिश्चित करते हुए मैजिस्टिक प्रायवेट लिमिटेड से अनुबंध किया गया है।     पराली की समस्या के निराकरण की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।     बीज संघ द्वारा बीज व्यवसाय को प्रोत्साहन देने के लिए एमपी चीता ब्रांड लांच किया गया है।     नवीन एम पैक्स, डेयरी सहकारी समिति और मत्स्य सहकारी समिति के तहत कुल 1,601 समितियों का गठन।     मध्यप्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में अभिनव पहल CPPP के तहत 19 एम.ओ.यू का निष्पादन।     कंपनियों से 10,000 से अधिक विस्थापित लोगों की 350 सहकारी समितियां गठित कराकर विस्थापितों को सुरक्षा गार्ड, माली, श्रमिक जैसे कार्यों के लिये रोजगार दिया गया। आगामी तीन वर्षों की कार्य योजना     पैक्स के डिफॉल्टर किसानों को मुख्य धारा में लाया जाएगा।     रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया और नेशनल पैमेंट कार्पोरेशन ऑफ इंडिया से आवश्यक अनुमति प्राप्त कर ग्राहकों को क्यूआर कोड की सुविधा उपलब्ध कराना।     समस्त जिला बैंकों में इंटरनेट बैंकिंग (व्यू फैसिलिटी) की सुविधा।     सहकारी क्षेत्र में युवाओं और महिलाओं के कौशल विकास के लिए कौशल इको सिस्टम को विस्तार दिया जाएगा।     प्रमुख बिन्दु     किसानों को सशक्त बनाना और उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार लाना सहकारी संस्थाओं का मुख्य उद्देश्य।     वर्ष 2026 को प्रदेश में कृषि एवं किसान वर्ष के रूप में मनाया जाएगा।     किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य दिलवाने और फसल चक्र के अनुसार उन्हें सुगमता से सुविधाऐं उपलब्ध कराने के लिए सहकारिता विभाग कृषि विपणन सहकारी समितियां को मजबूत बनाने बनाने पर विशेष ध्यान दे।     सहकारी समितियों का प्राथमिकता के आधार पर कंप्यूटराईजेशन किया जाए।     मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पंचायत स्तर पर पैक्स स्थापित किए जाएं।     सहकारिता मंत्री श्री विश्वास सारंग ने अपेक्स बैंक की 4 करोड़ 27 लाख 4 हजार 190 रुपए अंश पूंजी का लाभांश चेक भेंट किया।  

बड़े तालाब पर चलेगी कश्मीर की शिकारा नाव: मुख्यमंत्री डॉ. यादव देंगे नई पर्यटन सुविधा की सौगात

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, झीलों की नगरी भोपाल के सौंदर्य में अभिवृद्धि करते हुए, गुरुवार 4 दिसम्बर को सुबह 9 बजे बड़े तालाब के बोट क्लब पर 20 नवीन 'शिकारा नाव' की सेवा का शुभारंभ करेंगे। विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह तोमर की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में विधानसभा सदस्यों की गरिमामयी उपस्थिति रहेंगी। प्रदेश में पर्यटन विकास के नए आयाम स्थापित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में पर्यटन सुविधाओं का निरंतर विस्तार किया जा रहा है। भोपाल के बड़े तालाब में कश्मीर की प्रसिद्ध डल झील की तर्ज पर शिकारे संचालित करने की यह अनूठी पहल की गई है। यह पहल न केवल प्रदेश के जल-पर्यटन को राष्ट्रीय पटल पर एक नई पहचान देगी, बल्कि पर्यटकों के लिए प्रकृति के सानिध्य में सुकून के कुछ पल बिताने का एक जरिया भी बनेगी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में जल-पर्यटन (वॉटर टूरिज्म) को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मंशानुसार, प्रदेश में पहली बार इतने वृहद स्तर पर शिकारों का संचालन किया जा रहा है। विशेष रूप से पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए, इन सभी 20 शिकारों का निर्माण प्रदूषण रहित आधुनिक तकनीक से किया गया है। इनका निर्माण 'फाइबर रीइन्फोर्स्ड पॉलीयूरिथेन' और उच्च गुणवत्ता वाली नॉन-रिएक्टिव सामग्री से हुआ है, जो जल के साथ किसी भी प्रकार की रासायनिक क्रिया नहीं करती। इससे बड़े तालाब की पारिस्थितिकी और जल की शुद्धता पूर्णतः सुरक्षित रहेगी। ये शिकारे अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त संस्था द्वारा निर्मित किए गए हैं, जिनके द्वारा निर्मित शिकारे पूर्व में केरल, बंगाल और असम में भी पर्यटकों द्वारा अत्यंत पसंद किए जा रहे हैं। भोपाल का बोट क्लब इन आकर्षक शिकारों के साथ पर्यटकों के स्वागत के लिए तैयार होगा। पर्यटक बर्ड वाचिंग, के साथ हैंडीक्रॉफ्ट प्रोडक्ट, स्थानीय व्यंजन, आर्गेनिक वेजिटेबल्स और फ्रूट्स और खरीद सकेंगे इन शिकारा बोट्स राइड के दौरान पर्यटक बर्ड वाचिंग भी कर सकेंगे इसके लिए शिकारे में दूरबीन की व्यवस्था भी की गई हैं साथ ही पर्यटक अन्य शिकारों में उपलब्ध आर्गेनिक वेजिटेबल्स और फ्रूटस और मध्यप्रदेश में निर्मित हस्तशिल्प के उत्पाद भी खरीद सकेंगे, वहीं राइड के दौरान पर्यटक स्थानीय व्यंजन का लुत्फ़ भी ले सकेंगे।  

स्कूल शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय कर गतिविधियों का करें संचालन

लाड़ली लक्ष्मी बेटियों के ड्राप आऊट पर रखें सख़्त निगरानी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की पूर्णत: ऑनलाइन पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया लागू करने में देश का पहला राज्य बना मध्यप्रदेश टेक होम राशन की फेस रिकग्निशन सिस्टम प्रक्रिया में मध्यप्रदेश प्रथम लाभ पहुँचाने में राष्ट्रीय स्तर पर मिली सराहना स्पॉन्सरशिप योजना में 20,243 बच्चों को लाभ, देश में दूसरा स्थान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की महिला बाल विकास विभाग की समीक्षा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि महिला एवं बाल विकास विभाग की गतिविधियां बच्चों और महिलाओं के पोषण व स्वस्थ सर्वांगीण विकास और महिला सशक्तिकरण पर केंद्रित हैं। अधिक से अधिक लोगों तक विभाग की योजनाओं और कार्यक्रमों का सुगमता पूर्वक लाभ पहुंचाने के लिए सुशासन की भावना के अनुसार पारदर्शिता सुनिश्चित करते हुए गतिविधियों का संचालन किया जाए। कार्यक्रम क्रियान्वयन के अनुवीक्षण में आईटी का अधिक से अधिक उपयोग करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभागीय अधिकारियों को बच्चों और महिलाओं के पोषण व स्वास्थ्य के लिए स्कूल शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग तथा महिलाओं की आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण के लिए कौशल उन्नयन व रोजगार की दृष्टि से तकनीकी शिक्षा तथा उद्योग विभाग से बेहतर समन्वय कर गतिविधियां संचालित करने के निर्देश महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक में दिए। मंत्रालय में हुई बैठक में महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव श्री नीरज मंडलोई तथा विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में विभाग की दो वर्ष की उपलब्धियों और नवाचारों का प्रेजेंटेशन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आगामी वर्षों की कार्य योजना के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लाड़ली लक्ष्मी योजना प्रदेश की बेटियों के उज्ज्वल भविष्य से जुड़ी अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है। विभाग यह सुनिश्चित करे कि किसी भी चरण पर लाड़ली लक्ष्मी बेटियों का ड्रॉप आउट न हो। ड्रॉपआउट होने वाली बालिकाओं पर सख़्त निगरानी रखी जाए और तुरंत कारणों का निराकरण कर उन्हें योजना में पुनः जोड़ा जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि महिलाओं और बच्चों से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य पारदर्शिता, समयबद्धता और लाभार्थी-केंद्रित व्यवस्था को और मजबूत बनाना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिला स्तर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से समन्वय कर आंगनवाड़ियों की बाउण्ड्रीवॉल बनवाने के संबंध में निर्देश दिए। मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने जिलों द्वारा किए जा रहे नवाचारों की प्रभावशीलता का अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन संस्थान से वैज्ञानिक आधार पर अध्ययन कराने और उनकी उपयुक्तता के आधार पर अन्य जिलों में क्रियान्वित करने के निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में महिला बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने जानकारी देते हुए कहा कि पीएम जनमन योजना अंतर्गत भवनों की डिज़ाइन एवं ऑनलाइन मॉनिटरिंग मॉड्यूल को भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया। इसी योजना में प्रदेश को सर्वाधिक 704 आंगनवाड़ी भवनों की स्वीकृति मिली है, जिनमें निर्माण प्रगति देश में सर्वोच्च है। कुपोषण निवारण में झाबुआ जिले के “मोटी आई” नवाचार को देश के सर्वोच्च सम्मान—प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया।  विभाग की दो वर्ष की उपलब्धियों आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की पूर्णत: ऑनलाइन पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया लागू करने में मध्यप्रदेश, देश का पहला राज्य बना।     टेक होम राशन की एफआरएस प्रक्रिया में मध्यप्रदेश प्रथम। राष्ट्रीय स्तर पर हुई सराहना।     स्पॉन्सरशिप योजना में 20,243 बच्चों को लाभ। प्रदेश, देश में दूसरे स्थान पर रहा।     भवन निर्माण की रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए अत्याधुनिक मॉड्यूल विकसित किया गया।     उपस्थिति के लिए 20 मीटर जियो-फेंसिंग व्यवस्था डिजिटल पारदर्शिता की मिसाल बनी।     प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में 9.70 लाख गर्भवती महिलाओं को 512 करोड़ रूपए से अधिक की सहायता उपलब्ध कराई गई।     लाड़ली बहना योजना में जनवरी 2024 से नवंबर 2025 तक 36 हजार 778 करोड़ रूपए का अंतरण कि किया गया।     1 लाख 72 हजार महिलाओं को महिला हेल्पलाइन से सहायता प्रदान की गई। वन स्टॉप सेन्टर्स द्वारा 52,095 महिलाओं को सुरक्षा उपलब्ध कराई गई।     बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के अंतर्गत 6,520 ड्राइविंग लाइसेंस और 8,637 बालिकाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं का प्रशिक्षण उपलब्ध कराया गया।     आंगनवाड़ी केंद्रों का बड़े पैमाने पर उन्नयन करते हुए 12 हजार 670 केंद्र ‘सक्षम आंगनवाड़ी’घोषित किए गए। जिलों में हुए नवाचार डिण्डौरी में संचालित रेवा प्रोजेक्ट के अंतर्गत्‍ बच्चों की स्वास्थ्य जाँच के साथ-साथ उन्हें पोषण किट और स्वच्छता किट उपलब्ध कराई जा रही है।     अशोकनगर में हृदय अभियान के अंतर्गत बच्चों को जनसहयोग से पोषण सामग्री वितरित की जा रही है और पोषण स्तर का निरंतर फॉलोअप किया जा रहा है।     देवास में किलकारी अभियान के अंतर्गत विभाग की गतिविधियों में निजी संस्थाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित किया जा रहा है।     नीमच में 'हमारी आंगनवाड़ी अभियान' में कुपोषित बच्चों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने, उनकी देखभाल और नियकित हेल्थ चेक अप में पोषण मित्र महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।     दतिया में मेरा बच्चा अभियान के अंतर्गत सक्षम व्यक्तियों को कुपोषित बच्चों को गोद लेने और उनका फॉलोअप करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। आगामी 3 वर्ष की कार्य योजना के अंतर्गत निम्न बिन्दुओं पर हुआ विचार-विमर्श      मध्यप्रदेश में सेंट्रल किचन से शहरी आंगनवाड़ियों में गर्म भोजन की व्यवस्था 2026 से लागू की जाएगी।     विजन 2047 अनुरूप शाला पूर्व शिक्षा की गुणवत्ता वृद्धि के लिए वर्क बुक और विकास कार्ड की व्यवस्था की जाएगी।     मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना के अंतर्गत 34 लाख से अधिक बालिकाओं को छात्रवृत्ति/प्रोत्साहन राशि का भुगतान किया जाएगा।     आंगनवाड़ी भवन निर्माण के मेगा प्लान के अंतर्गत अगले तीन वर्षों में 9,000 नए भवन बनाए जाएंगे।     हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वुमन योजना के अंतर्गत जेंडर, सुरक्षा व कानूनी सहायता के संबंध में बड़े पैमाने जागरूकता गतिविधियों का संचालन किया जाएगा।     बेटो बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत शाला त्यागी बालिकाओं को स्कूल शिक्षा पूर्ण कराने, बालिकाओं के कौशल प्रशिक्षण, आत्मरक्षा व ड्राइविंग लायसेंस उपलब्ध कराने के लिए गतिविधियों का संचालन किया जाएगा। प्रमुख बिन्दु     कार्यक्रम क्रियान्वयन के अनुवीक्षण में आईटी का अधिक से अधिक उपयोग … Read more

चीता परियोजना के अभूतपूर्व परिणाम, चीतों की संख्या बढ़कर हुई 32

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अंतर्राष्ट्रीय चीता दिवस पर गुरुवार 4 दिसम्बर को श्योपुर जिले के कूनो नेशनल पार्क में 3 चीतों, जिनमें मादा चीता 'वीरा' और उसके 10 माह के 2 शावकों को बड़े बाड़े से खुले जंगल में छोड़ेंगे। साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. यादव कूनो राष्ट्रीय उद्यान के वर्ष 2026 का कैलेण्डर तथा 'फील्ड मैन्युअल फॉर क्लीनिकल मैनेजमेंट ऑफ फ्री-रेंजिंग चीताज़ इन कूनो नेशनल पार्क' का विमोचन करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कूनो राष्ट्रीय उद्यान में नव-निर्मित सोवेनियर शॉप का लोकार्पण भी करेंगे। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर 3 वर्ष पूर्व मध्यप्रदेश को चीता परियोजना की सौगात मिली थी। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने 17 सितम्बर, 2022 को अपने जन्म-दिवस पर कूनो पालपुर में चीते छोड़कर प्रोजेक्ट की शुरूआत की थी। नामीबिया से 8 चीतों को कूनो राष्ट्रीय उद्यान लाया गया था। वर्तमान में कूनो पालपुर और गाँधी सागर अभयारण्य में चीतों की संख्या बढ़कर 32 हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में प्रोजेक्ट चीता को "इनोवेटिव इनिशिएटिव्स अवॉर्ड'' से सम्मानित किया गया है। चीतों ने भारतीय वातावरण को आश्चर्यजनक रूप से पूरी तरह अपना लिया है। पिछले 3 वर्षों में 5 मादा चीता द्वारा 6 बार शावकों को जन्म देना इस परियोजना की सफलता और लचीलापन का परिचायक है। परिणाम स्वरूप चीते न केवल जीवित रहे, बल्कि चीतों ने सफलतापूर्वक अपना परिवार भी बढ़ाया है। अंतर्राष्ट्रीय चीता दिवस का मुख्य उद्देश्य चीतों की घटती आबादी, उनके आवास के नुकसान और शिकार जैसी समस्याओं के बारे में जागरूकता बढ़ाने और उनके संरक्षण के लिये वैश्विक प्रयासों को बढ़ावा देना है। एपीसीसीएफ एवं निदेशक लॉयन प्रोजेक्ट मध्यप्रदेश ने बताया कि चीता परिवार की सुरक्षा और प्राकृतिक परिवेश में सफल अनुकूलन सुनिश्चित करने के लिये उन्नत रेडियो-ट्रेकिंग प्रणाली और समर्पित फील्ड टीमों के माध्यम से सतत निगरानी की जायेगी। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम कूनो राष्ट्रीय उद्यान के परोंड वन क्षेत्र में आयोजित होगा, जो निर्धारित पर्यटन जोन है। इस क्षेत्र में चीता परिवार की मौजूदगी से ईको पर्यटन के नये अवसरों के साथ ही प्रोजेक्ट चीता के प्रति जन-सहभागिता और रुचि में और अधिक वृद्धि होने की अपेक्षा है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर की पैरा एथलीट पूजा को पुरस्कार मिलने पर दी बधाई

राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस पर पैरा एथलीट को किया सम्मानित भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर की प्रतिभाशाली पैरा एथलीट पूजा गर्ग को वर्ष 2025 के लिए 'श्रेष्ठ दिव्यांगजन' पुरस्कार से सम्मानित होने पर बधाई दी। उन्होंने एथलीट उज्ज्वल भविष्य के लिए कामना की है। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने बुधवार को अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस के अवसर पर पैरा एथलीट पूजा गर्ग को नई दिल्ली में यह पुरस्कार प्रदान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर की बेटी सुश्री पूजा ने नाथुला दर्रे पर तिरंगा फहराने वाली विश्व की पहली महिला होने की ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। मध्यप्रदेश को उन पर गर्व है। राज्य सरकार खेलों और खिलाड़ियों को भरपूर प्रोत्साहन दे रही है।  

प्रदेश की सिंचाई क्षमता 100 लाख हैक्टयर तक बढ़ाएंगे: मुख्यमंत्री डॉ.यादव

प्रदेश में दो वर्ष में 7.31 लाख हैक्टेयर सिंचाई क्षेत्र का हुआ विस्तार : मुख्यमंत्री डॉ.यादव प्रदेश की सिंचाई क्षमता 100 लाख हैक्टयर तक बढ़ाएंगे: मुख्यमंत्री डॉ.यादव प्रधानमंत्री गतिशक्ति पोर्टल पर होगी प्रदेश की सिंचाई योजनाओं की समीक्षा: मुख्यमंत्री डॉ.यादव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में गत दो वर्ष में 7.31 लाख हैक्टयर क्षेत्र में नई सिंचाई क्षमता विकसित हुई है। प्रदेश की सिंचाई क्षमता में वर्ष 2026 तक 8.44 लाख हैक्टयर की वृद्धि होगी। प्रदेश में सिंचाई क्षेत्र 100 लाख हैक्टेयर तक ले जाने का लक्ष्य लेकर कार्य किया जा रहा है। प्रदेश की सिंचाई परियोजनाओं की समीक्षा प्रधानमंत्री गतिशक्ति पोर्टल का प्रयोग कर की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को विधानसभा समिति कक्ष में जल संसाधन विभाग और नर्मदा घाटी विकास विभाग की गतिविधियों की समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पार्वती-काली-सिंध और चम्बल अंतर्राज्यीय लिंक परियोजना, केन-बेतवा अंतर्राज्यीय लिंक परियोजना की स्वीकृति और केंद्र सरकार के सहयोग को राज्य की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए राज्य में भी विभिन्न नदियों को जोड़ने के लिए नदी जोड़ो परियोजना के क्रियान्वयन के निर्देश दिए। बैठक में जल संसाधन विभाग द्वारा जानकारी दी गई कि इस दिशा में राज्य में अध्ययन और सर्वेक्षण का कार्य किया गया है। राज्य में नदी जोड़ो परियोजना अंतर्गत उज्जैन जिले में कान्ह-गंभीर, मंदसौर, नीमच और उज्जैन में कालीसिंध-चंबल, सतना जिले में केन और मंदाकिनी, सिवनी एवं छिंदवाड़ा जिले में शक्कर पेंच और दूधी तामिया, रायसेन जिले में जामनेर नेवन और नेवन-बीना नदियों का सर्वेक्षण किया गया है। इस सभी के क्रियान्वयन से कुल 5 लाख 97 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की जा सकेगी। इनकी अनुमानित लागत 9870 करोड़ रुपए होगी। सात जिलों के हजारों किसान इन योजनाओं से लाभान्वित होंगे। राज्य की नदियों में बाढ़, जल प्रबंधन, जल के समुचित उपयोग नदी कछारों में पर्याप्त जल की उपलब्धता सुनिश्चित किए जाने के उद्देश्य से राज्य की नदियों को आपस में जोड़ने के लिए तकनीकी दल का गठन 13 नवम्बर 2024 को किया गया था । मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल की झील की प्राचीन तकनीक का अध्ययन कर इस तर्ज पर कम लागत में सुरक्षित जलाशय एवं बांध निर्माण की अवधारणा पर कार्य करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल के इस मॉडल का प्रदर्शन करने के निर्देश भी विभाग को दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को जानकारी दी गई कि राज्य में जल संसाधन और नर्मदा घाटी विकास विभाग द्वारा सिंचाई सुविधाओं के विस्तार का कार्य निरंतर किया जा रहा है। बैठक में बताया गया कि सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी परियोजना उज्जैन जिसकी लागत 614.53 करोड़ रुपए है। इसकी भौतिक प्रगति 48 प्रतिशत है। इसी तरह कान्ह डायवर्सन क्लोज डक्ट परियोजना उज्जैन की लागत 919.94 करोड़ है। इस परियोजना की भौतिक प्रगति 42 प्रतिशत है। सिंहस्थ: 2028 में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए घाट निर्माण एवं संबद्ध कार्य किए जा रहे हैं, जिनकी लागत 778.91 करोड़ है। बैठक में जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन और संबंधित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। प्रमुख बिन्दु     प्रदेश में गत दो वर्ष में 7.31 लाख हैक्टयर क्षेत्र में नई सिंचाई क्षमता विकसित।     प्रदेश की सिंचाई क्षमता में वर्ष 2026 तक 8.44 लाख हैक्टयर की वृद्धि होगी।     प्रदेश में सिंचाई क्षेत्र 100 लाख हैक्टेयर तक ले जाने का लक्ष्य।     प्रदेश की सिंचाई परियोजनाओं की समीक्षा प्रधानमंत्री गतिशक्ति पोर्टल का प्रयोग कर की जाएगी।     राज्य में भी विभिन्न नदियों को जोड़ने के लिए नदी जोड़ो परियोजना के क्रियान्वयन के निर्देश।     राज्य में नदी जोड़ो परियोजना अंतर्गत उज्जैन जिले में कान्ह-गंभीर, मंदसौर, नीमच और उज्जैन में कालीसिंध-चंबल, सतना जिले में केन और मंदाकिनी, सिवनी एवं छिंदवाड़ा जिले में शक्कर पेंच और दूधी तामिया, रायसेन जिले में जामनेर नेवन और नेवन-बीना नदियों का सर्वेक्षण किया गया।     सभी के क्रियान्वयन से कुल 5 लाख 97 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की जा सकेगी।     इनकी अनुमानित लागत 9870 करोड़ रुपए होगी।     सात जिलों के हजारों किसान इन योजनाओं से लाभान्वित होंगे।     राज्य की नदियों को आपस में जोड़ने के लिए तकनीकी दल का गठन 13 नवम्बर 2024 को किया गया।     भोपाल की झील की प्राचीन तकनीक का अध्ययन कर इस तर्ज पर कम लागत में सुरक्षित जलाशय एवं बांध निर्माण की अवधारणा पर कार्य करने के निर्देश।     सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी परियोजना उज्जैन जिसकी लागत 614.53 करोड़ रुपए है। इसकी भौतिक प्रगति 48 प्रतिशत है।     कान्ह डायवर्सन क्लोज डक्ट परियोजना उज्जैन की लागत 919.94 करोड़ है। इस परियोजना की भौतिक प्रगति 42 प्रतिशत है।     सिंहस्थ: 2028 में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए घाट निर्माण एवं संबद्ध कार्य किए जा रहे हैं, जिनकी लागत 778.91 करोड़ है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ थाने को देश के श्रेष्ठ थानों की रैंकिंग में 9वां स्थान प्राप्त होने पर दी बधाई

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मन्त्रि-परिषद की बैठक से पहले किया संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मन्त्रि-परिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में रायपुर (छत्तीसगढ़) में हुई पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कॉन्फ्रेंस में मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ थाने को देश के श्रेष्ठतम पुलिस थानों की रैंकिंग में 9वी रैंक प्राप्त होने पर बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अपराध के ग्राफ, आपराधिक प्रकरणों को सुलझाने की अवधि, स्वच्छता, अधिकारियों-कर्मचारियों के व्यवहार जैसे 70 मापदंडों के परीक्षण के आधार पर प्राप्त यह रैंक प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह द्वारा यह पुरस्कार प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मल्हारगढ़ थाने के पूरे स्टॉफ को भी बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में 14 से 27 नवम्बर तक आयोजित 44वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में राज्यों की श्रेणी में मध्यप्रदेश मंडपम को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए रजत पदक प्राप्त होने की बधाई भी दी। एक भारत श्रेष्ठ भारत की थीम पर आयोजित मेले में मध्यप्रदेश के मंडप को ग्वालियर किले की थीम पर विकसित किया तथा मंडपम केन्द्र में मुरैना जिले के 64 योगिनी मंदिर को दर्शाया गया था। मध्यप्रदेश मंडपम में प्रदेश की विश्व धरोहरों खजुराहो, सांची स्तूप और भीमबेटका के साथ प्रस्तावित धरोहर स्थलों, विभिन्न सांस्कृतिक महोत्सवों, हस्तशिल्प, हाथकरघा, जी.आई., एक जिला एक उत्पाद को भी सजाया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लुटियन्स ने जब भारतीय संसद भवन का डिजाइन तैयार किया था तब उन्होंने भारत वर्ष की प्रसिद्ध इमारतों के डिजाइन बुलवाए थे, जिसमें से उन्होंने मुरैना जिले के 64 योगिनी मंदिर का चुनाव किया था। इसके आधार पर ही लुटियन्स ने भारतीय संसद भवन का निर्माण कराया था।  प्रमुख बिंदु     मन्त्रि-परिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में रायपुर में हुई डीजीपी कॉन्फ्रेंस में मंदसौर के मल्हारगढ़ थाने को देश के श्रेष्ठतम पुलिस थानों की रैंकिंग में 9वी रैंक प्राप्त होने पर बधाई और शुभकामनाएं दीं।     मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मल्हारगढ़ थाने के पूरे स्टॉफ को भी बधाई दी।     केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह द्वारा यह पुरस्कार प्रदान किया गया।     मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश मंडपम को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए रजत पदक प्राप्त होने की बधाई भी दी।     44वां भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला दिल्ली में 14 से 27 नवम्बर तक आयोजित हुआ।     मध्यप्रदेश के मंडप को ग्वालियर किले की थीम पर विकसित किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मल्हारगढ़ थाने को शीर्ष 10 में जगह बनाने पर किया सम्मानित

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ थाने को देश के श्रेष्ठ थानों की रैंकिंग में 9वां स्थान प्राप्त होने पर दी बधाई मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मन्त्रि-परिषद की बैठक से पहले किया संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मन्त्रि-परिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में रायपुर (छत्तीसगढ़) में हुई पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कॉन्फ्रेंस में मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ थाने को देश के श्रेष्ठतम पुलिस थानों की रैंकिंग में 9वी रैंक प्राप्त होने पर बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अपराध के ग्राफ, आपराधिक प्रकरणों को सुलझाने की अवधि, स्वच्छता, अधिकारियों-कर्मचारियों के व्यवहार जैसे 70 मापदंडों के परीक्षण के आधार पर प्राप्त यह रैंक प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री  अमित शाह द्वारा यह पुरस्कार प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मल्हारगढ़ थाने के पूरे स्टॉफ को भी बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में 14 से 27 नवम्बर तक आयोजित 44वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में राज्यों की श्रेणी में मध्यप्रदेश मंडपम को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए रजत पदक प्राप्त होने की बधाई भी दी। एक भारत श्रेष्ठ भारत की थीम पर आयोजित मेले में मध्यप्रदेश के मंडप को ग्वालियर किले की थीम पर विकसित किया तथा मंडपम केन्द्र में मुरैना जिले के 64 योगिनी मंदिर को दर्शाया गया था। मध्यप्रदेश मंडपम में प्रदेश की विश्व धरोहरों खजुराहो, सांची स्तूप और भीमबेटका के साथ प्रस्तावित धरोहर स्थलों, विभिन्न सांस्कृतिक महोत्सवों, हस्तशिल्प, हाथकरघा, जी.आई., एक जिला एक उत्पाद को भी सजाया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लुटियन्स ने जब भारतीय संसद भवन का डिजाइन तैयार किया था तब उन्होंने भारत वर्ष की प्रसिद्ध इमारतों के डिजाइन बुलवाए थे, जिसमें से उन्होंने मुरैना जिले के 64 योगिनी मंदिर का चुनाव किया था। इसके आधार पर ही लुटियन्स ने भारतीय संसद भवन का निर्माण कराया था।  प्रमुख बिंदु     मन्त्रि-परिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में रायपुर में हुई डीजीपी कॉन्फ्रेंस में मंदसौर के मल्हारगढ़ थाने को देश के श्रेष्ठतम पुलिस थानों की रैंकिंग में 9वी रैंक प्राप्त होने पर बधाई और शुभकामनाएं दीं।     मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मल्हारगढ़ थाने के पूरे स्टॉफ को भी बधाई दी।     केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री  अमित शाह द्वारा यह पुरस्कार प्रदान किया गया।     मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश मंडपम को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए रजत पदक प्राप्त होने की बधाई भी दी।     44वां भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला दिल्ली में 14 से 27 नवम्बर तक आयोजित हुआ।     मध्यप्रदेश के मंडप को ग्वालियर किले की थीम पर विकसित किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गत दिवस नवीन घाट निर्माण कार्य का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए

श्रद्धालुओं का सिंहस्थ 2028 का अनुभव होगा भव्य, दिव्य और अलौकिक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गत दिवस नवीन घाट निर्माण कार्य का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन सिंहस्थ-2028 में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए किए जा रहे नवीन घाट निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि घाटों पर हरियाली होनी चाहिए, सभी घाटों के निर्माण में एकरूपता होनी चाहिए, घाट निर्माण के बाद घाटों पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं और संसाधन भी सुनिश्चित किए जाएं। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सिहंस्थ-2028 के सभी कार्य गुणवत्ता पूर्ण और समय अवधि में पूर्ण हो जिससे श्रद्धालुओं का सिंहस्थ-2028 का अनुभव भव्य, दिव्य और अलौकिक बने। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भविष्य में घाट आधारित विकास कार्य योजना पर भी कार्य किया जाएगा। प्रमुख बिन्दु मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन सिंहस्थ-2028 के लिए किए जा रहे नवीन घाट निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। घाटों पर हरियाली होनी चाहिए। सभी घाटों के निर्माण में एकरूपता होनी चाहिए। घाट निर्माण के बाद घाटों पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं और संसाधन भी सुनिश्चित किए जाएं। सभी कार्य गुणवत्ता पूर्ण और समय अवधि में पूर्ण हो। सिंहस्थ-2028 का अनुभव भव्य, दिव्य और अलौकिक बने।