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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गीता जयंती के पावन अवसर पर इंदौर को दी अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त नये गीता भवन की सौगात

गीता का प्रत्येक अध्याय ज्ञान, विज्ञान, दर्शन, योग और कर्तव्य की भावना से परिपूर्ण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गीता जयंती के पावन अवसर पर इंदौर को दी अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त नये गीता भवन की सौगात प्रदेश के हर नगर में बनेंगे नये गीता भवन – मुख्यमंत्री डॉ. यादव की घोषणा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव और गीता जयंती के पावन अवसर पर एक बड़ी सौगात देते हुए मध्यप्रदेश में शासकीय क्षेत्र के पहले अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त नये गीता भवन का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस तरह के गीता भवन प्रदेश के सभी नगर निगम, नगर पालिकाओं और नगर पंचायत स्तर पर भी बनाये जाएंगे। इंदौर का लोकार्पित यह नया गीता भवन परंपरा एवं आधुनिकता का अनूठा संगम है। राज्य शासन द्वारा धार्मिक एवं सांस्कृतिक अध्ययन एवं इससे जुड़े विभिन्न आयामों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से गीता भवन परियोजना के अंतर्गत ऐतिहासिक गोपाल मंदिर परिसर को आधुनिक गीता भवन के रूप में विकसित कर प्रदेश को समर्पित किया गया है। इस योजना के तहत स्मार्ट सिटी द्वारा इस नये गीता भवन में विकसित विविध आधुनिक सुविधाएँ नागरिकों के लिए उपलब्ध कराई गई हैं। कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक गोलु शुक्ला, सुमित मिश्रा, श्रवण सिंह चावड़ा, अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम के अध्यक्ष सावन सोनकर, गौरव रणदिवे, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव, भारत न्यास के सचिव राम तिवारी, स्मार्ट सिटी के सीईओ अर्थ जैन विशेष रूप से मौजूद थे। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मालवा की गौरवशाली विरासत, कृष्ण भक्ति और गीता का संदेश मध्यप्रदेश की दिशा तय करते हैं। उन्होंने कहा कि मालवा क्षेत्र कृष्ण लीलाओं से अछूता नहीं है। कृष्ण भगवान ने मालवा के उज्जैन में शिक्षा ग्रहण की। उन्होंने कहा कि मालवा की अहिल्या बाई होलकर ने देश में अनेक धर्म स्थलों का जीर्णोद्धार कराया और सांस्कृतिक धरोहरों की रक्षा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गीता संघर्ष में आत्मबल और जीवन में मार्गदर्शन देती है। गीता का प्रत्येक अध्याय ज्ञान, विज्ञान, दर्शन, योग और कर्तव्य की भावना से परिपूर्ण है। भगवान कृष्ण ने अपने विराट स्वरूप के माध्यम से मानव को भय से मुक्त कर कर्तव्य के प्रति जागरूक किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में गीता जयंती के अवसर पर अनेक रिकार्ड कायम किये गये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गीता जयंती के अवसर पर आयोजित प्रतियोगिता के विजेताओं की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि विजेताओं का नगद के साथ ही ई-रिक्शा, ई-बाईक, लैपटॉप आदि प्रदान किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भगवान कृष्ण के जीवन से संघठन, साहस, धर्म की रक्षा और अन्याय के प्रतिकार का संदेश मिलता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गीता जीवन के हर चरण में मार्गदर्शक है। गीता से भक्ति मार्ग, ज्ञान मार्ग और कर्म मार्ग से मोक्ष प्राप्ति का रास्ता भी दिखायी देता है। गीता संकट में बल देती है, संघर्ष में , उलझन में सारथी और अंधकार में अटल साथी बनती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है ‍कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्मार्ट सिटी परियोजना प्रारंभ की है। इस परियोजना से विरासत का संरक्षण करते हुए हम विकास की ओर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य शासन के संस्कृति विभाग के अंतर्गत वीर भारत न्यास द्वारा प्रकाशित तथा रामेश्‍वर लखनलाल पाटीदार द्वारा ‍लिखित कृष्ण चरित मानस और राघवदास पंडितदास द्वारा लिखित अमृतस्य अवंतिका का विमोचन भी किया। उन्होंने कृष्ण चरित मानस के लेखक रामेश्वर लखनलाल पाटीदार को पाँच लाख रूपये ‍दिये जाने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम के बाद संजीव मालवीय द्वारा निर्देशित कृष्ण लीलाओं पर आधारित नृत्य नाटिका को भी देखा। इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि इंदौर के लिये आज गौरव का दिन है। उन्होंने कहा कि गीता ने ‍सिखाया है कि अगर हम सभी अपने-अपने धर्म एवं कर्तव्यों का पालन करेंगे तो अधिकारों का संरक्षण स्वत: होगा। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में मध्यप्रदेश में नया सांस्कृतिक प्रवाह देखने को मिल रहा है। राज्य सरकार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नेतृत्व में विरासत से ‍विकास की ओर तेजी से बढ़ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गोपाल मंदिर में किया पूजन-अर्चन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम के पूर्व ऐतिहासिक गोपाल मंदिर में पूजन-अर्चन किया। उन्होंने प्रदेश की खुशहाली और समृद्धि के लिए कामना की। उन्होंने गोपाल मंदिर में हुए विकास कार्यों विशेषकर अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त लाइब्रेरी और प्रदर्शनी विथिका का अवलोकन भी किया। अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त गीता भवन इंदौर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के अंतर्गत राजवाड़ा स्थित गोपाल मंदिर में नया गीता भवन बनाया गया है। इस गीता भवन की विशेषता यह है कि यहां सांस्कृतिक कार्यक्रमों, प्रवचनों और शैक्षणिक आयोजनों हेतु अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त 550 सीट का एक खूबसूरत सभागृह भी बनाया गया है। सकारात्मक एवं आध्यात्मिक वातावरण से युक्त 50-सीटर रीडिंग हॉल तथा आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना की गई है। लाइब्रेरी में अध्यात्म, दर्शन, योग, ध्यान, भारतीय संस्कृति, माइंडफुलनेस तथा जीवन-प्रबंधन से संबंधित लगभग 1200 पुस्तकों का समृद्ध संग्रह उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त, डिजिटल आर्काइव के माध्यम से अनेक ई-बुक्स, ऑडियो-वीडियो व्याख्यान, ऑनलाइन कोर्स तथा अन्य डिजिटल संसाधनों तक सरलतापूर्वक पहुँच सुनिश्चित की गई है। लाइब्रेरी की आंतरिक सज्जा को प्राकृतिक रंगों, आध्यात्मिक कलाकृतियों, इनडोर पौधों तथा सौम्य प्रकाश व्यवस्था के माध्यम से इस प्रकार डिज़ाइन किया गया है कि उपयोगकर्ताओं को शांत, प्रेरणादायी तथा एकाग्रता-उन्मुख वातावरण प्राप्त हो सके। मंदिर परिसर के पुनर्विकसित भागों में प्रदर्शनी कक्ष विकसित किए गए हैं, जिससे यह स्थल धार्मिक विरासत के संरक्षण के साथ-साथ कला एवं संस्कृति को एक साथ बढ़ावा देते हुए जनता के लिए एक समावेशी सांस्कृतिक अवसंरचना भी प्रदान करेगा। मुख्य बिंदु इंदौर का ऐतिहासिक गोपाल मंदिर परिसर आधुनिक सुविधाओं से युक्त गीता भवन के रूप में विकसित। स्मार्ट सिटी परियोजना के अंतर्गत भवन में सभागार, रीडिंग हॉल, डिजिटल लाइब्रेरी एवं प्रदर्शनी कक्ष जैसी उन्नत सुविधाएँ स्थापित। मालवा की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत, कृष्ण भक्ति और गीता का संदेश प्रदेश की दिशा निर्धारित करते हैं। गीता संघर्ष में आत्मबल, जीवन में मार्गदर्शन और … Read more

सीएम डॉ. यादव: श्रीमद्भगवद्गीता के प्रति आस्था और अभिरूचि सराहनीय

श्रीमद्भगवद्गीता के प्रति अभिरूचि और श्रद्धा भाव प्रशंसनीय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव गीता के सस्वर पाठ और ऑन लाइन स्पर्धा में भागीदारी करने वाले अभिनंदन के पात्र भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ऑन लाइन श्रीमद्भगवद्गीता ज्ञान प्रतियोगिता के विजेता प्रतिभागियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रतियोगिता में शामिल होने वालों ने अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ाव का परिचय दिया है। प्रतिभागियों की श्रीमद्भगवद्गीता में निहित ज्ञान के प्रति अभिरूचि और समर्पण अत्यंत प्रशंसनीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता के विचारों और अंशों का अध्ययन, मनन, युवा वर्ग द्वारा भी किया जा रहा है, जो सराहनीय है। जिस उत्साह और उमंग के साथ प्रदेश में सभी आयु वर्ग के नागरिकों की सहभागिता दिखाई दी है, वह ऐतिहासिक है। भोपाल में अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में आचार्यों और संतों के सान्निध्य में श्रीमद्भगवद्गीता के 15वें अध्याय का 11 हजार नागरिकों द्वारा सामूहिक सस्वर पाठ सम्पन्न हुआ। इसी तरह 88 हजार 100 स्कूली विद्यार्थियों और कृष्णभक्तों की प्रतियोगिता में भागीदारी भी अद्वितीय रही। इन सभी गतिविधियों में शामिल होने वाले युवा और अन्य सभी नागरिक अभिनंदन के पात्र है।  

मुख्यमंत्री ने इंदौर में किया आश्रय स्थल का औचक निरीक्षण

परिक्रमावासियों की सेवा कर धन्य हुए हम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने इंदौर में किया आश्रय स्थल का औचक निरीक्षण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आश्रयग्राहियों को वितरित किए कंबल, व्यवस्थाओं की ली जानकारी भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार रात इंदौर के दयालबाग स्थित आश्रय स्थल का देर रात 10:30 बजे औचक निरीक्षण किया। उन्होंने वहां अस्थायी रूप रह रहे लोगों से बातचीत की और आश्रय स्थल पर उपलब्ध सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने सभी आश्रयग्राहियों को कंबल वितरित किए, जिससे उन्हें ठंड में उन्हें राहत मिल सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने झाबुआ व दाहोद से परीक्षा देने आए विद्यार्थी  कमल, दाहोद के संकेत एवं संजय तथा इंदौर में पानी टंकी की चौकीदारी कर रहे चुन्नी लाल सहित अन्य श्रमिकों से उनके यहां आने के कारण, कार्य-स्थिति और आश्रय स्थल पर मिल रही सुविधाओं के बारे में चर्चा की।  उन्होंने आश्रय स्थल में ठहरे लोगों की दिनचर्या, समस्याओं और उनकी जरूरतों के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। इस दौरान परिक्रमावासी अनिल से भी मुख्यमंत्री ने संवाद किया। परिक्रमावासी  अनिल ने बताया कि वे धार्मिक परिक्रमा पूरी कर वापस लौटे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उनसे चर्चा करते हुए कहा कि आपकी सेवा व दर्शन कर हम भी धन्य हो गए है। इस दौरान विधायक  गोलू शुक्ला,  सुमित मिश्रा,  गौरव रणदीवे सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं इंदौर सम्भागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, कलेक्टर  शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त  दिलीप कुमार यादव व अन्य अधिकारीगण मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने काल भैरव धाम में किए दर्शन    आश्रय स्थल निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ,  काल भैरव धाम पहुंचे। उन्होंने मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली और जनकल्याण की कामना की। प्रमुख बिंदु मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने दयालबाग के आश्रय स्थल का 10:30 बजे किया औचक निरीक्षण। आश्रय स्थल में किए गए प्रबंधों की ली जानकारी। आश्रय स्थल में मौजूद लोगों को वितरित किए कंबल। परिक्रमावासी  अनिल से की चर्चा। निरीक्षण के बाद  काल भैरव धाम मंदिर में किए दर्शन

गीता अद्भुत और पवित्र ग्रंथ है, जीवन की सारी जिज्ञासाओं का समाधान गीता में है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

गीता हमें कर्मवाद की शिक्षा देती है, यह मोह माया को तजकर कर्तव्य पथ को चुनना सिखाती है भगवान श्रीकृष्ण के जहाँ जहाँ चरण पड़े, उन्हें तीर्थ बनाएगी सरकार प्रदेश में गीता भवन भी बनाएंगे प्रदेश का पहला गीता भवन इंदौर में बनकर हुआ तैयार भोपाल में अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव का हुआ भव्य शुभारंभ 11000 कृष्ण-मार्गियों एवं कृष्ण भक्तों ने किया एक स्वर में गीता के 15वें अध्याय का पाठ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव का शुभारंभ भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि श्रीमद्भगवद्गीता एक अद्भुत, अनुपम और पवित्र ग्रंथ है। गीता के अध्ययन मात्र से ही मनुष्य के जीवन के सभी प्रश्नों और सभी जिज्ञासाओं का शमन (समाधान) हो जाता है। उन्होंने कहा कि गीता का ज्ञान ही सम्पूर्ण सृष्टि के समग्र ज्ञान और चेतना का मूल आधार है। योगीराज भगवान श्रीकृष्ण ने मानव जीवन को धर्म, कर्म और मर्म का वास्तविक मार्ग दिखाया है। भगवान श्रीकृष्ण ने कर्मयोग, निष्काम कर्म और धर्म पालन को ही मनुष्य के जीवन का सर्वोच्च मार्ग इंगित किया है। उन्होंने वीर अर्जुन को सिखाया कि लौकिक जगत में रहते हुए भी मनुष्य को अपने कर्तव्य (स्वधर्म) का पालन करना चाहिए। कर्म करते हुए भी फल की इच्छा नहीं करनी चाहिए। यही अलौकिक धर्म का मार्ग है, जिससे मनुष्य मोक्ष और परम शांति की ओर बढ़ता है। भगवान श्रीकृष्ण ने विश्व समुदाय को कर्मयोग के जरिए ही अपने धर्म का पालन करने की प्रेरणा दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को रवीन्द्र भवन में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी प्रदेशवासियों को गीता जंयती की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि गीता का ज्ञान हम सबको सिखाता है कि मनुष्य के आत्मा रूपी पिंड को एक दिन अंतत: परमात्मा में ही समाहित हो जाना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गीता जयंती के पावन पर्व पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दीप प्रज्ज्वलित करने के साथ योगीराज भगवान श्रीकृष्ण के चित्र पर माल्यार्पण कर अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव का विधिवत् शुभारंभ किया। गीता महोत्सव में श्रीकृष्ण आराधना एवं आचार्यों/संतों की सन्निधि में 11000 कृष्णमार्गियों/ कृष्ण भक्तों/बटुकों/स्कूली विद्यार्थियों द्वारा एक स्वर में श्रीमद्भगवद्गीता के 15वें अध्याय का सुमधुर पाठ किया गया। गीता के इस पुरूषोत्तम अध्याय के सस्वर पाठ ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत प्रोत कर दिया। धर्म, संस्कृति और तकनीक के इस अनूठे आयोजन ने गीता की शिक्षाओं को नए आयामों में प्रस्तुत किया। साथ ही समाज में गीता के मूल्यों के प्रति नई चेतना का जागरण भी किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी गीता पाठियों के साथ समूह चित्र खिंचवाए और उनके आह्लाद में भी शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि गीता जयंती के पावन पर्व पर ऐसा लग रहा है कि गोपाल कृष्ण हमारे आसपास ही विद्यमान हैं। बीते वर्ष लाल परेड ग्राउंड पर 3500 विद्यार्थियों ने एक साथ गीता पाठ कर अद्भुत रिकॉर्ड बनाया था। इस गीता जयंती पर प्रदेश के सभी 55 जिलों, 10 संभागों और 313 विकासखंडों में करीब 3 लाख से अधिक गीता पाठियों के 15वें अध्याय के सस्वर पाठ से अद्वितीय रिकार्ड बनेगा। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने कंस को मारने के बाद अपने जीवन में शिक्षा को सर्वोपरि रखा। भारत में 5 हजार वर्ष पहले से विद्यार्थियों के लिए गुरुकुल जाकर शिक्षा ग्रहण करने की व्यवस्था थी। भगवान श्रीकृष्ण भी उज्जैन के सांदीपनि आश्रम आए और यहां पर चारों वेद, सभी उपनिषद्, 64 कलाएं और 14 विद्याएं सीखीं। भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की अमर मित्रता की नींव मध्यप्रदेश की धरा में स्थित इसी आश्रम में पड़ी थी। इन दोनों की मित्रता से हमें यह सीख मिलती है कि कोई कहीं भी पहुंच जाए, अपने बचपन के मित्रों को नहीं भूलना चाहिए। मित्र यदि गरीब हो, तो बिना बताए ही उसकी भरपूर सहायता कर देनी चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन संघर्ष और कर्मवादी रहा है। उन्होंने महाभारत के युद्ध में अर्जुन को कर्मवाद की शिक्षा दी। मनुष्य को कर्तव्यों के निर्वहन के लिए मोहमाया और कर्म में से किसी एक मार्ग को चुनना पड़ता है। यह कर्तव्य मार्ग होता है। उन्होंने कहा कि हर प्राणी के जन्म के साथ ही उसकी मृत्यु निश्चित है। भगवान श्रीकृष्ण ने 15वें अध्याय में आत्मा और परमात्मा के माध्यम से पुरुषोत्तम ज्ञान दिया। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण के जीवन के हर पल से कुछ न कुछ सीखने को मिलता है। कर्मवाद के आधार पर भगवान को भी पृथ्वी पर मनुष्य रूप में जन्म लेना पड़ा। उन्होंने भी जीवन में सुख-दु:ख का अनुभव किया। मनुष्य को जन्म के साथ ही अपने सभी संचित, अकिंचन और अर्जित कर्मों का फल भोगना पड़ता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं से जुड़े प्रत्येक स्थान को तीर्थस्थल के रूप में विकसित कर रही है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के चरण जहां-जहां पड़े उसे रेखांकित करते हुए 'श्रीकृष्ण पाथेय' का रूप दिया जा रहा है। इसी के साथ प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में सामुदायिक भवनों की आवश्यकता की पूर्ति करने वाले गीता भवन तैयार किए जा रहे हैं। प्रदेश का पहला गीता भवन इंदौर के राजवाड़ा में बनकर तैयार है। इसका लोकार्पण किया जा रहा है। अपर मुख्य सचिव गृह, संस्कृति एवं पर्यटन श्री शिवशेखर शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में सांस्कृतिक आयोजनों को नई दिशा मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सच्चे अर्थों में मध्यप्रदेश की कला और संस्कृति के संरक्षक हैं। गीता जयंती के अवसर पर आज उज्जैन में 11 हजार भक्तों ने श्रीमद्भगवद्गीता के 15वें अध्याय का सस्वर पाठ किया।  

प्रदेश में उत्तम शिक्षा एवं कौशल विकास के केन्द्र बन रहे हैं सांदीपनि विद्यालय: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

गुणवत्ता शिक्षा में सांदीपनि विद्यालय को मिल रही है अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान अगले शैक्षणिक सत्र तक 250 से अधिक विद्यालयों के होंगे अपने भवन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में नई शिक्षा नीति वर्ष 2020 के अनुरूप स्कूल शिक्षा में गुणवत्ता सुधार के लिये राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है। प्रदेश के सांदीपनि विद्यालयों ने अपनी उच्च गुणवत्ता के कारण अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। सांदीपनि विद्यालयों के माध्यम से बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिये जाने के साथ ही उनके कौशल विकास और उन्हें रोजगार से जोड़ने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। राज्य में सांदीपनि विद्यालय की शुरूआत वर्ष 2022-23 शैक्षणिक सत्र से प्रारंभ हुई। इस सत्र में प्रथम चरण में प्रदेश में 274 सांदीपनि विद्यालय शुरू किये गये। इन विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों की संख्या 3 लाख से ऊपर हो गयी है। विद्यालय में केजी-वन से कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान की जा रही है। वर्ष 2024-25 में कक्षा 10वीं का परीक्षा परिणाम 88 प्रतिशत और कक्षा 12वीं का परीक्षा परिणाम 84 प्रतिशत तक रहा है। उत्कृष्ट अधोसंरचना स्कूल शिक्षा विभाग ने सांदीपनि विद्यालयों में अधोसंरचना के विस्तार को प्राथमिकता दी है। राज्य में 256 सांदीपनि विद्यालय भवनों के निर्माण का कार्य प्रारंभ किया गया। विद्यालयों के भवन निर्माण एवं संसाधनों की सुविधा के लिये स्कूल शिक्षा विभाग ने लगभग 10 हजार करोड़ रूपये की कार्ययोजना तैयार की है। अब तक 44 सांदीपनि विद्यालयों के नवीन भवन बनकर तैयार हो गये हैं। इन नवीन भवनों में सांदीपनि विद्यालयों का संचालन किया जा रहा है। अगले शैक्षणिक सत्र वर्ष 2026-27 में 256 विद्यालयों का भवन निर्माण पूरा कर लिया जायेगा। सांदीपनि विद्यालयों में निकटस्थ 10 से 15 किलोमीटर दूरी के विद्यार्थियों को लाने के लिये नि:शुल्क परिवहन सेवा भी प्रदान की जा रही है। पूर्णत: सुसज्जित प्रयोगशालाएं प्रदेश में संचालित सभी सांदीपनि विद्यालयों में पूर्णत: सुसज्जित प्रयोगशालाएं, कम्प्यूटर लेब, आर्ट एण्ड क्राफ्ट रूम, म्यूजिक रूम, आधुनिक लाइब्रेरी और खेल मैदान के साथ ऑडिटोरियम की सुविधा भी दी गई है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार सांदीपनि विद्यालयों ने अपने कुशल संचालन से अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार प्राप्त किये हैं। वर्ष 2024 में सांदीपनि बिनोवा विद्यालय रतलाम ने नवाचार श्रेणी में अंतर्राष्ट्रीय संस्था टी-4 एजुकेशन का प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया। विद्यालय को पुरस्कार स्वरूप 10 हजार डॉलर राशि प्रदान की गई। इसी तरह सांदीपनि विद्यालय झाबुआ को सर्पोटिंग हेल्थी लाइफ श्रेणी में विश्व के प्रथम 10 विद्यालयों में चयनित किया जा चुका है। वर्ष 2025 में सांदीपनि विद्यालय मालव कन्या को फिक्की द्वारा एक्सीलेंस अवार्ड प्रदान किया गया।  

मुख्यमंत्री ने चंदेरी इको रिट्रीट के शुभारंभ पर दिया बधाई संदेश

स्वदेशी के महत्व को बढ़ाने वाला कार्यक्रम है चंदेरी इको रिट्रीट : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने चंदेरी इको रिट्रीट के शुभारंभ पर दिया बधाई संदेश चंदेरी में प्रारंभ हुआ इको रिट्रीट, शिल्प, कला एवं रोमांच का बना संगम केंद्रीय मंत्री  सिंधिया ने की अध्यक्षता प्रमुख फैशन ब्रांड्स के साथ चंदेरी की पारंपरिक बुनाई और अनूठी विरासत को समर्पित फैशन एवं संगीत समारोह तीन माह से अधिक संचालित होगी लग्जरी सुविधाओं से लैस टेंट सिटी मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा सनसेट डेजर्ट कैम्प के सहयोग से हो रहा आयोजन भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने स्वदेशी उत्पादों और कारीगरों को भरपूर प्रोत्साहन दिया है। इस नाते मध्यप्रदेश सरकार इस दिशा में भरसक प्रयास करते हुए शिल्पकारों को आगे बढ़ाने का कार्य करेगी। चंदेरी जैसे स्थानों की ख्याति ऐतिहासिक, प्राकृतिक सौन्दर्य, पर्यटन के साथ ही वस्त्र बुनाई के कारण भी है। यहां के बुनकर चंदेरी साड़ियों के निर्माण में लगे हैं, जिसे गुणवत्ता के आधार पर जीआई टैग प्राप्त हुआ है, यह एक अहम उपलब्धि है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को उज्जैन से चंदेरी में हो रही ईको रिट्रीट आयोजन के लिए भेजे विशेष संदेश में यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चंदेरी का इतिहास गौरवशाली है। प्रकृति ने भी इस स्थान को अनेक खूबियां दी हैं, जिससे यह स्थान पर्यटकों को आकर्षित करता है। तीन माह के लिए पर्यटक टेंट सिटी का लाभ ले सकेंगे। इको रिट्रीट की सौगात स्थानीय बुनकरों के लिए भी लाभकारी है। यह स्थान सिने जगत के लिए भी महत्वपूर्ण डेस्टिनेशन बन रहा है। यहां अनेक फिल्मों और वेबसीरीज का फिल्मांकन हो रहा है। फैशन की दुनिया के लोग इको रिट्रीट के माध्यम से यहां पहुंचे हैं। वे लाईव वीविंग देखकर अभिभूत होंगे। मेहनतकश बुनकर अनोखी बुनाई करते हैं। उद्योग और रोजगार वर्ष 2025 में राज्य सरकार ने चंदेरी के शिल्पियों को प्रोत्साहित करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इको रिट्रीट के माध्यम से यहां की जग प्रसिद्ध साड़ियों की ब्रांडिंग हो रही है। बॉयर सेलर मीट, हैण्डलूम प्रदर्शन, व्यंजन मेले और लाइट एंड साउंड-शो के माध्यम से चंदेरी का महत्व देश और दुनिया के सामने स्थापित होगा। स्व-सहायता समूहों की आर्थिक प्रगति में भी ये सभी कार्यक्रम उपयोगी सिद्ध होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एडवेंचर स्पोर्ट्स के माध्यम से स्थानीय युवक और पर्यटक न सिर्फ आनंद प्राप्त करेंगे, बल्कि खेलों और खिलाड़ियों के प्रोत्साहन की दृष्टि से भी यह महत्वपूर्ण गतिविधि सिद्ध होगी। टेंट सिटी लुभाएंगी पर्यटकों को चंदेरी इको रिट्रीट–2025 के तृतीय संस्करण का आयोजन मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड ने चंदेरी जिला प्रशासन एवं सनसेट डेजर्ट कैम्प के सहयोग से किया। चंदेरी इको रिट्रीट की अध्यक्षता केंद्रीय संचार एवं उत्तर–पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री  ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने की। चंदेरी इको रिट्रीट, कटी घाटी के पास स्थापित टेंट सिटी तीन महीने से अधिक समय तक देश–विदेश के पर्यटकों के लिए खुली रहेगी। चंदेरी की ऐतिहासिक धरोहर हमारे अतीत की समृद्धि का प्रमाण : केन्द्रीय मंत्री  सिंधिया केंद्रीय संचार एवं उत्तर–पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री  सिंधिया ने कहा कि चंदेरी केवल एक भूगोल नहीं है, यह भारत की सांस्कृतिक आत्मा का वह अध्याय है जिसमें, गौरवशाली इतिहास, अद्भुत स्थापत्य और शताब्दियों पुरानी बुनाई परंपरा एक साथ सांस लेती है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की 'लोकल फॉर वोकल' और 'लोकल टू ग्लोबल' की संकल्पना को चंदेरी ने साकार किया है। चंदेरी के किले, बावड़ियां, महल और ऐतिहासिक धरोहरें न केवल हमारे अतीत की समृद्धि का प्रमाण हैं, बल्कि बुंदेलखंड की सांस्कृतिक वीरता और सौंदर्यबोध का जीवित साक्ष्य भी हैं। चंदेरी की साड़ी और यहां की हथकरघा परंपरा भारत की सबसे प्रतिष्ठित और विशिष्ट कलाओं में से एक है- इसकी पारदर्शी बुनावट, महीन ज़री-कढ़ाई और पीढ़ियों से चली आ रही पारंपरिक तकनीकें आज भी दुनिया को आकर्षित करती हैं। यहां के बुनकरों ने कठिन परिस्थितियों में भी अपनी कला को न केवल जीवित रखा बल्कि उसे वैश्विक पहचान दिलाई है। चंदेरी केवल स्मृतियों का स्थान नहीं, बल्कि भारतीय शिल्प, परंपरा और सौंदर्यशास्त्र का जीवंत प्रतीक है। चंदेरी आने वाले समय में अपने इतिहास, अपने हैंडलूम और अपनी सांस्कृतिक विरासत के माध्यम से विश्व मानचित्र पर और सशक्त पहचान बनाएगा। फैशन-शो में दिखी चंदेरी की सांस्कृतिक झलक चंदेरी की पारंपरिक बुनाई और अनूठी विरासत को समर्पित फैशन एवं संगीत समारोह – “Threads of Time: The Chanderi Saga” टेंट सिटी में शुभारंभ के बाद आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में चंदेरी वस्त्र की ऐतिहासिक और कलात्मक यात्रा को आधुनिक दृष्टि से प्रस्तुत किया गया। फैशन-शो में FabIndia, Taneria, Itokri, Noize Jeans और Zee’s by Tajwar जैसे प्रमुख फैशन ब्रांड्स ने अपनी विशेष प्रस्तुतियाँ दीं। रोमांचक गतिविधियों का आनंद ले सकेंगे पर्यटक चंदेरी इको रिट्रीट में पर्यटक रोमांचक गतिविधियों का आनंद ले सकेंगे। साथ ही बघेलखंड और बुंदेलखंड के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद भी पर्यटक चख सकेंगे। परिवार एवं बच्चों के लिए किड्स ज़ोन तथा इनडोर–आउटडोर गेम्स की भी व्यवस्था रहेगी। इस अवसर पर नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री  राकेश शुक्ला, चंदेरी विधायक  जगन्नाथ सिंह रघुवंशी, मुंगावली विधायक  ब्रजेन्द्र सिंह यादव के अलावा  आलोक तिवारी, अशोकनगर कलेक्टर  आदित्य सिंह, मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड के डिप्टी डायरेक्टर (इवेंट एंड मार्केटिंग)  युवराज पडोले, फैब इंडिया के एमडी  विलियम विसेल, टाटा तनेरिया के सीईओ  अम्बुज नारायण उपस्थित रहे।  

मल्हारगढ़ थाने की राष्ट्रीय उपलब्धि पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी बधाई

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ थाने को उच्च रैंकिंग के लिए दी बधाई गर्व की बात , मल्हारगढ़ देश के सर्वश्रेष्ठ थानों में हुआ शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ थाने को उच्च रैंकिंग प्राप्त होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बधाई दी है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह द्वारा छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित पुलिस महानिदेशकों और पुलिस महानिरीक्षकों की कॉन्फ्रेंस में देश के श्रेष्ठ पुलिस थानों के रैंकिंग की घोषणा की गई। इस रैंकिंग में पुलिस थाना मल्हारगढ़, जिला मंदसौर को देश भर के पुलिस थानों में 9 वीं रैंक प्राप्त हुई है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने थानों की रैंकिंग के लिये विभिन्न 70 पैमाने तय किए थे। इनमें अपराध का ग्राफ, आपराधिक प्रकरण को सुलझाने की अवधि, स्वच्छता और पुलिसकर्मियों का व्यवहार सहित अन्य पैमाने शामिल थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिला पुलिस अधीक्षक मंदसौर सहित संबंधित थाना स्टॉफ और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारियों कर्मचारियों से इस उपलब्धि का स्तर बनाए रखने की अपेक्षा करते हुए अन्य थानों के स्टॉफ को भी मंदसौर से प्रेरणा लेकर श्रेष्ठ कार्य का आह्वान किया है। उन्होंने गर्व का अनुभव करवाने वाली इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए मध्यप्रदेश पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को भी बधाई दी है।  

मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने गीता जयंती महोत्सव के कार्यक्रमों की जानकारी प्राप्त कर दिए निर्देश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने आगामी 1 दिसंबर को गीता जयंती पर अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव पर राज्य में हो रहे कार्यक्रमों की तैयारी की जानकारी प्राप्त की और आवश्यक निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभ्युदय मध्य प्रदेश (गवर्नेंस एंड ग्रोथ समिट) निवेश से रोजगार (अटल संकल्प उज्जवल मध्य प्रदेश ) के अंतर्गत 25 दिसंबर को ग्वालियर में हो रहे कार्यक्रम के संबंध में भी अधिकारियों से चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गीता महोत्सव के संबंध में मुख्यमंत्री निवास समत्व भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा जिला कलेक्टर्स और पुलिस अधिकारियों से चर्चा की। बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन सहित संबंधित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि 1 दिसंबर गीता जयंती पर गीता महोत्सव के अंतर्गत होने वाली गतिविधियों में जन सामान्य की अधिक से अधिक सहभागिता सुनिश्चित की जाए। श्रीमद्भागवत गीता के विभिन्न अध्यायों की संस्कृत और हिंदी में, स्कूल कॉलेज के साथ-साथ जन सामान्य को प्रतियां उपलब्ध करवाकर, गीता पर केंद्रित क्विज आदि प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएं। गीता ज्ञान के प्रसार से जन सामान्य की विचार प्रक्रिया और मानसिकता पर सकारात्मक प्रभाव होगा। उल्लेखनीय है कि श्रीमद्भगवतगीता ऑन लाइन ज्ञान प्रतियोगिता में प्रवृष्ठि 28 नवम्बर तक www.geetamahotsav.com पर होगी। जिसमें तीन श्रेणियों में भागीदारी की जा सकती है। सभी श्रेणियों के लिए पृथक -पृथक पुरस्कारों का प्रावधान भी किया गया है। यह पुरस्कार 26 जनवरी 2026 को दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर्स, को निर्देश दिए कि जिला स्तर पर अधिक से अधिक नागरिकों को विभिन्न प्रतियोगिताओं और गीता पाठ में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करें। गीता पाठ के कार्यक्रमों में होगी व्यापक सहभागिता मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने गीता पाठ कार्यक्रम की तैयारियों की भी जानकारी प्राप्त की। उल्लेखनीय है कि 1 दिसंबर को अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती पर मध्यप्रदेश में सभी विकास खंडों, जिला मुख्यालयों, संभागीय मुख्यालयों पर श्रीमद्भगवद्गीता के 15 वें अध्याय का पाठ किया जा रहा है। जन सामान्य द्वारा युगावतार भगवान श्रीकृष्ण के मानव कल्याण के संदेश को आत्मसात किए जाने के उद्देश्य को इस गीता पाठ से सफल बनाया जा सकता है। वीर भारत न्यास द्वारा गीता पाठ के साथ-साथ गीता प्रतियोगिता का आयोजन भी किया जा रहा है। जिसमें प्रदेश के विद्यार्थी बड़ी संख्या में हिस्सा ले रहे हैं।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव से केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने की भेंट

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से बुधवार की शाम मुख्यमंत्री निवास में केंद्रीय संचार और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय मंत्री श्री सिंधिया का स्वागत किया।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल अद्वितीय और विराट व्यक्तित्व के धनी

नर्मदा प्रवाह यात्रा यूनिटी मार्च का हुआ भव्य स्वागत इंदौर से धार-झाबुआ होते हुए गोधरा के लिए रवाना हुई यात्रा भोपाल  लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की  150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित नर्मदा प्रवाह यूनिटी मार्च यात्रा का बुधवार को इंदौर में अगवानी कर स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में यात्रा सरदार वल्लभ भाई पटेल प्रतिमा से शुरू होकर मधुमिलन चौराहा,  आरएनटी मार्ग होते हुए छावनी चौराहा पहुँची। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की प्रेरणा से नागपुर से  नर्मदा प्रवाह यूनिटी मार्च यात्रा की शुरुआत हुई है , जो नागपुर से बैतूल होते हुई इंदौर पहुंची। उन्होंने कहा कि लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल ने रियासतों को मिलाकर जो कार्य किया वह अद्वितीय है। इसके लिए हमें विराट व्यक्तित्व के धनी सरदार वल्लभ भाई पटेल से प्रेरणा लेना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से प्रगति और विकास के पत्र पर आगे बढ़ रहा है। यात्रा में खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास सारंग ,  नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, सांसद श्री शंकर लालवानी, सुश्री कविता पाटीदार, महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, विधायक श्री मधु वर्मा, श्री महेन्द्र हार्डिया, श्रीमती मालिनी गौड़, श्री रमेश मेंदोला, श्री गोलू शुक्ला, श्री जीतू जिराती, श्री श्रवण चावड़ा, श्री सुमित मिश्रा,  यात्रा प्रभारी श्री कपिल परमार आदि विशेष रूप से शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव नर्मदा प्रवाह यूनिटी मार्च यात्रा के दौरान एक विशाल वाहन में सवार थे। यात्रा में सबसे आगे स्कूल कॉलेज के छात्र-छात्राएं और जनजाति समाज के महिला एवं पुरुष कलाकार लोक नृत्य करते हुए शामिल हुए। यात्रा में देशभक्ति की धून बजाते हुए बैंड भी शामिल थे। साथ ही महिलाएं एवं पुरूष बड़ी संख्या में उपस्थित थे। रास्ते भर विभिन्न मंचों के द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव सभी का अभिवादन स्वीकार कर रहे थे। जगह-जगह मंच लगाकर नागरिकों द्वारा फूलों की पंखुड़ियां उड़ाकर एकता यात्रा का स्वागत किया। महिलाओं ने घरों की छत से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के वाहन पर फूलों की पंखूड़िया उड़ाकर स्वागत किया। यात्रा मार्ग पर भारत माता की जय और सरदार वल्लभ भाई पटेल अमर रहे के उद्घोष लगे। सरदार पटेल प्रतिमा से शुरू होकर नर्मदा प्रवाह यूनिटी मार्च यात्रा विभिन्न स्थानों से होते हुए छावनी चौराहा पहुँची ,  जहां नागरिकों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को भगवान कृष्ण की प्रतिमा और तलवार भेंटकर उनका स्वागत किया।