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उज्जैन से होने वाला प्रसारण आकाशवाणी के इतिहास में लिखेगा नई इबारत : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री ने किया उज्जैन के आकाशवाणी केन्द्र का लोकार्पण आकाशवाणी का उज्जैन केन्द्र बनेगा युवाओं के रोजगार और प्रसारण कौशल का जरिया: केन्द्रीय राज्यमंत्री डॉ. मुरूगन प्रदेश का 20वां आकाशवाणी केन्द्र है उज्जैन रोज सुबह 5.55 से शुरू होकर रात 11 बजे तक लगातार जारी रहेगा प्रसारण उज्जैन जिले को दी 179 करोड़ रूपए के विकास कार्यों की बड़ी सौगात भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि यह आकाशवाणी का उज्जैन केन्द्र है, ऐसा सुनने की हसरत अब जाकर पूरी हुई है। आकाशवाणी का भवन तैयार था, परंतु प्रसारण की मंजूरी के कारण अटका था। मंजूरी मिलने के मात्र 6 माह में उज्जैन के आकाशवाणी केंद्र से प्रसारण प्रारम्भ हो गया है। यह प्रदेश का 20वां आकाशवाणी केन्द्र है। इस केंद्र से निकले एक-एक शब्द उज्जैन और सिंहस्थ की प्रतिष्ठा होंगे। आकाशवाणी के कार्यक्रम, इसकी प्रस्तुति गांव-गांव तक उज्जैन और सिंहस्थ की महिमा पहुंचाएगी। मुझे विश्वास है कि आकाशवाणी अपना यह दायित्व, पूर्ण निष्ठा के साथ निभाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मनोरंजन के साथ आकाशवाणी ने समाज सेवा और जन-जागरूकता में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उज्जैन से होने वाला प्रसारण आकाशवाणी के इतिहास में नई इबारत लिखकर चार चांद लगाएगा। यहां रोजाना सुबह 5.55 बजे से प्रारंभ होकर रात 11 बजे तक लगातार प्रसारण जारी रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को उज्जैन में आकाशवाणी उज्जैन के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्यमंत्री डॉ. एल. मुरुगन भी उपस्थित थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उज्जैन जिले को भी सौगातें दी। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम से उज्जैन जिले के लिए करीब 179 करोड़ की लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इसमें 55 करोड़ 27 लाख की लागत से महाराजवाड़ा में तैयार सांदीपनि स्कूल का एवं 30 करोड़ 21 लाख की लागत से उज्जैन रेलवे ओवर ब्रिज का लोकार्पण शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 50 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विभिन्न मार्गों के निर्माण और उन्नयन कार्य, 32 करोड़ 69 लाख रुपये की लागत से शासकीय धनवंतरी आयुर्वेदिक महाविद्यालय में 250 सीटर बालक और बालिका छात्रावास का निर्माण, 8 करोड़ 37 लाख की लागत से रेप्टाइल पार्क एवं स्नेक पार्क तथा करीब 3 करोड़ की लागत से हाईटेक नर्सरी के निर्माण कार्य का भूमिपूजन भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति से उपचार और इसके प्रचार-प्रसार के मामले में सिरमौर है, इसलिए उज्जैन में आयुर्वेद का एम्स बनाने की दिशा में भी हम केन्द्र सरकार को अपना प्रस्ताव भेजेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नगरवासियों को आकाशवाणी केंद्र के शुभारंभ की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह उज्जैन के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण हैं। यहां के लोगों के कान अपने आकाशवाणी केंद्र की आवाज सुनने को तरस गए थे। यह स्वप्न प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्यमंत्री डॉ. एल. मुरुगन के प्रयासों से पूरा हो रहा है। उज्जैन की हवा में बाबा महाकाल की भक्ति और शक्ति निरंतर रहती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा स्थली रही है। उज्जैन के कण-कण में सम्राट विक्रमादित्य का गौरव महसूस होता है। वे आज भी हमारे आदर्श हैं। यह आकाशवाणी केन्द्र उज्जैन के लिए देववाणी और महालोक वाणी बनेगा। उन्होंने कहा कि 2028 में सिंहस्थ आने वाला है। युवाओं, कलाकारों ने अपनी तैयारियां कर ली हैं। उज्जैन में भगवान श्रीकृष्ण का शिक्षा आश्रम है। राज्य सरकार श्रीकृष्ण से जुड़े सभी लीला स्थलों को तीर्थ के रूप में विकसित करेगी। एक दिसंबर को पूरे प्रदेश में धूमधाम से गीता जयंती मनाई जाएगी। सोने पर सुहागा सिद्ध होगा उज्जैन स्टेशन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आकाशवाणी ने कला-संस्कृति, शिक्षा-स्वास्थय, जनजागरुकता और कृषि समेत हर क्षेत्र के संरक्षण और संवर्धन में अपना अद्वितीय योगदान दिया है। आकाशवाणी ने रंगकर्मियों और विभिन्न कलाधर्मियों को भी सुनहरा मंच दिया है। वर्ष 2028 में सिंहस्थ महाकुंभ जैसे विराट महा-आयोजन की तैयारी हम कर रहे हैं। ऐसे में आकाशवाणी उज्जैन का शुरू होना सोने पर सुहागा सिद्ध होगा। स्थानीय प्रसारण के जरिये देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालु और पर्यटक बाबा महाकाल की नगरी के वैभव का आंखों देखा हाल सुन पाएंगे। उन्होंने बताया कि सिंहस्थ महाकुंभ को यूनेस्को की सूची में भी शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन शहर से कनेक्टिविटी, ट्रैफिक की सुगमता के लिए सड़कों का चौड़ीकरण, उन्नयन हम युद्ध स्तर पर कर रहे हैं। उज्जैन नगरी और बाबा महाकाल की महिमा श्रद्धालुओं को रोचक तरीके से पहुंचाने के लिए रुद्रसागर पर वाटर स्क्रीन प्रोजेक्शन एवं म्यूजिकल फाउंटेन-शो की शुरुआत भी हमने की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आकाशवाणी उज्जैन सिंहस्थ के जीवंत प्रसारण (Live Telecast) का इतिहास लिखेगा और यहां से प्रसारित होने वाले कार्यक्रम उदाहरण बनेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन में स्वास्थ्य सुविधाओं का भी तीव्र विस्तार किया जा रहा है। हमारी सरकार यहां मेडिकल टूरिज्म हब बना रही है। इसी कड़ी में मेडिसिटी का निर्माण हो रहा है। हमने लक्ष्य रखा है कि सिंहस्थ 2028 से संबंधित सभी अवंसरचनात्मक एवं प्रबन्धात्मक कार्य वर्ष 2027 के अंत तक पूरे कर लेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ से पहले उज्जैन में सड़कों के चौड़ीकरण सहित कई प्रकार के अधोसंरचना विकास कार्य जारी हैं। विकास में सब का योगदान होना चाहिए। हम सभी विकास कार्यों के संकल्पों में साथ हैं। उन्होंने उज्जैनवासियों को मंच से अपने पुत्र के शुभविवाह में आने का आमंत्रण दिया।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव से केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने की भेंट

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से बुधवार की शाम मुख्यमंत्री निवास में केंद्रीय संचार और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय मंत्री श्री सिंधिया का स्वागत किया।  

प्रदेश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध: CM डॉ. यादव

प्रदेश में खेल संस्कृति को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव रोइंग चैंपियनशिप की मेजबानी करना राज्य सरकार के लिए गर्व का विषय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 8वीं इंटर स्टेट चैलेंजर्स और 45वीं जूनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप का किया शुभारंभ भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार युवाओं के चहुँमुखी विकास के लिए प्रतिबद्ध है। खेल विभाग प्रदेश में खेल संस्कृति को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न गतिविधियां संचालित कर रहा है। भारत की प्राचीन संस्कृति में खेल केवल मनोरंजन नहीं बल्कि अनुशासन, संतुलन और मानसिक दृढ़ता का माध्यम माने गए हैं। पुराने समय में नौकायन, तैराकी और जल प्रशिक्षण को सामरिक और शारीरिक दक्षता का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता था। वही परंपरा आज वॉटर स्पोर्ट्स के रूप में हमारे सामने है। इसमें तकनीक, सहन शक्ति और फोकस का वास्तविक परीक्षण होता है। राज्य सरकार के लिए रोइंग चैंपियनशिप की मेजबानी करना गर्व और आनंद का विषय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को भोपाल के बड़े तालाब स्थित बोट क्लब पर 8वीं इंटर स्टेट चैलेंजर्स और 45वीं जूनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप के शुभारंभ अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चैंपियनशिप के शुभारंभ की घोषणा की। उन्होंने चैंपियनशिप में शामिल 23 राज्यों के लगभग 500 खिलाड़ियों द्वारा देशभक्ति गीतों की धुनों पर प्रस्तुत मार्च पास्ट का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के आयोजन स्थल पहुंचने पर उन्हें कैप लगाकर स्वागत किया गया। इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  विश्वास सारंग, भोपाल महापौर मती मालती राय सहित अधिकारी एवं खेल प्रेमी विशेष रूप से उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलों के लिए बेहतर माहौल बना है। भारत अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगातार उपलब्धियां हासिल कर रहा है। मध्यप्रदेश ने वॉटर स्पोर्ट्स में एशियन गेम्स जैसे प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय मंच पर पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया है। इसी वर्ष हुए 38वें नेशनल गेम्स, खेलो इंडिया, वॉटर स्पोर्ट्स फेस्टीवल में भी प्रदेश के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल में आयोजित चेंपियनशिप में शामिल होने आए विभिन्न राज्यों के खिलाड़ियों को मध्यप्रदेश की कला-संस्कृति और स्वाद से रू-ब-रू होते हुए भोपाल के आसपास स्थित पर्यटन स्थलों के भ्रमण के लिए भी प्रेरित किया। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  विश्वास सारंग ने कहा कि यह 4 दिवसीय रोइंग चैंपियनशिप, वॉटर स्पोर्ट्स के कुंभ के रूप में स्थापित होगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार खेल-खिलाड़ी और खेल मैदान को प्रोत्साहित करने के लिए संपूर्ण प्रदेश में प्रयास कर रही है। खेलों और खिलाड़ियों को आवश्यक प्रशिक्षण के संबंध में राष्ट्रीय के साथ अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नॉलेज एक्सचेंज के लिए गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों के कोच तथा खिलाड़ी उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे प्रस्फुटन समितियों की राशि का अंतरण

मप्र जन अभियान परिषद मनायेगा संविधान दिवस नागरिक कर्तव्य पर राज्य स्तरीय संगोष्ठी का होगा आयोजन भोपाल  मप्र जन अभियान परिषद द्वारा संविधान दिवस के अवसर पर भारतीय संविधान और नागरिक कर्तव्य पर राज्य स्तरीय संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव संगोष्ठी का शुभारंभ करेंगे। आयोजन स्टेट सेंटर भवन, संचालनालय सामाजिक न्याय एवं निशक्त:जन कल्याण भोपाल में संपन्न होगा। कार्यक्रम में विषय विशेषज्ञ श्री विजय मनोहर तिवारी, एमीयू के कुलगुरू, डॉ. राका आर्य, प्रो. राष्ट्रीय विधि संस्थान विश्वविदयालय भोपाल का प्ररेक उदबोधन दिया जायेगा। इस अवसर पर परिषद के उपाध्यक्ष श्री मोहन नागर, कार्यपालक निदेशक डॉ. बकुल लाड़ सहित कई वरिष्ठजन उपस्थित रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मप्र जन अभियान परिषद द्वारा गठित ग्राम विकास प्रस्फुटन समितियों की प्रोत्साहन राशि का भी अंतरण करेंगे। कार्यक्रम में मप्र जन अभियान परिषद एवं विवेकानंद केन्द्र, राष्ट्रीय सेवा योजना और राष्ट्रीय कैडेट कोर के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर होंगे। इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संविधान शपथ दिलाई जायेगी।  

श्रीराम जन्मभूमि मंदिर पर भगवा ध्वजारोहण सभी को अभिभूत करने वाला : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के पूर्ण होने के प्रतीक स्वरूप मंदिर के शिखर पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा ध्वजारोहण की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अयोध्या धाम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत की गरिमामय उपस्थिति में हुआ दिव्य-भव्य भगवा ध्वजारोह सभी को अभिभूत करने वाला है।  

भारत की ताकत, गांवों-पंचायतों और जनसामान्य की सामूहिक शक्ति में निहित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

खेत तालाबों के निर्माण में श्रेष्ठ कार्य के लिए अनूपपुर और बालाघाट को किया सम्मानित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिलों के कलेक्टर एवं अधिकारियों को किया गया सम्मानित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आत्मनिर्भर पंचायत-समृद्ध मध्यप्रदेश विषय पर आयोजित तीन दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का किया शुभारंभ भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारतीय व्यवस्था की मूल आत्मा स्थानीय स्वशासन रही है। हमारे यहां शासन गांव से शुरू होकर राष्ट्र की ओर बढ़ने वाला रहा है। इसी का परिणाम है कि भारतीय चिंतन में गांव को स्वराज और आत्मनिर्भरता की प्रथम इकाई माना गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जब आत्मनिर्भर भारत और सुशासन का दृष्टिकोण रखा, तब उन्होंने स्पष्ट कहा था कि भारत की ताकत उसके गांवों, पंचायतों और जनसामान्य की सामूहिक शक्ति में निहित है। आत्मनिर्भर पंचायत-समृद्ध मध्यप्रदेश विषय पर आयोजित यह वर्कशॉप, ग्राम स्वराज, स्थानीय आत्मनिर्भरता और विकसित भारत@2047 के लिए उठाया गया निर्णायक कदम है। गर्व का विषय है कि पंचायतों को प्रशासनिक रूप से दक्ष, वित्तीय रूप से सक्षम और सामुदायिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की ठोस रणनीति तैयार करने की इस यात्रा का नेतृत्व प्रदेश के पंचायत प्रतिनिधि कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पंचायत संस्थाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। जिला पंचायत और जनपद पंचायतों के उपाध्यक्ष अभी शिक्षा समितियों के अध्यक्ष होते हैं, लेकिन निरीक्षण के दौरान उनके सुझावों को शामिल नहीं किया जाता है। लेकिन अब उनके द्वारा किए विद्यालय के निरीक्षण और सुझावों को लिपिबद्ध किया जाएगा और शासन इन्हें अमल में लेकर कार्य करेगा। राज्य सरकार ने सरपंचों को पंचायत की गतिविधियों के लिए 25 लाख रूपए तक की राशि खर्च करने का अधिकार दिया है। यह तो केवल शुरुआत है, इस दिशा में आगे भी और पहल की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव पंचायतों को आत्मनिर्भर व समृद्ध बनाने के लिए आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित कार्यशाला का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना वाटर शेड विकास 2.0 के अंतर्गत वॉटर शेड महोत्सव का शुभारंभ किया। उन्होंने जल गंगा संवर्धन अभियान में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों, सहयोगी संस्थाओं और नॉलेज पार्टनर संस्थाओं को पुरस्कृत भी किया। पुरस्कृत अधिकारियों और संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ मुख्यमंत्री डॉ. यादव का समूह चित्र भी हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ने स्मृति चिन्ह भेंट किया। कार्यशाला में पंचायत और ग्रामीण विकास राज्यमंत्री श्रीमती राधा सिंह सहित बड़ी संख्या में जन-प्रतिनिधि, विषय-विशेषज्ञ व प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग कि यह कार्यशाला 26 नवंबर तक चलेगी। पंचायतें निवेश और निवास की बेहतर व्यवस्था के लिए बनाएं मास्टर प्लान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल गंगा संवर्धन अभियान में पुरस्कार प्राप्त करने वाले अधिकारी-कर्मचारी और संगठनों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पंचायतों को पीने के पानी का प्रबंध करने का अधिकार दिया है। पंचायतें विकास का संकल्प लेकर आगे बढ़ें। निवेश और निवास की बेहतर व्यवस्था के लिए मास्टर प्लान बनाएं। इसकी शुरुआत विदिशा जिले से की जा रही है। राज्य सरकार किसानों को सोलर पंप योजना के माध्यम से लाभ पहुंचा रही है। अगर कोई किसान तीन हॉर्स पावर से 5 हॉर्स पावर तक का सोलर पंप लेता है तो उसे 90 प्रतिशत का अनुदान मिलेगा। पंचायतें इस योजना को भी आगे बढ़ाएं। राज्य सरकार किसानों को बिजली के लिए आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है। प्रदेश सरकार ने पंचायतों के माध्यम से एक बगिया मां के नाम की शुरुआत की है। इस दिशा में भी ग्राम स्तर पर कार्य करने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य स्तरीय कार्यक्रम में पधारे जिला पंचायत प्रतिनिधियों को उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में जिला, जनपद और ग्राम पंचायतों को बनाया जा रहा है सशक्त मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रदेश के गठन के बाद से इस कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में विभानसभा सत्र आयोजित होते थे, हमारी इच्छा है कि आप सभी (पंचायत प्रतिनिधि) नई विधानसभा तक पहुंचे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मंशा है कि आत्मनिर्भर भारत के लिए हमारी पंचायतें भी आत्मनिर्भर बने। उनके मार्गदर्शन में जिला पंचायत, जनपद पंचायत और ग्राम पंचायतों को सशक्त बनाया जा रहा है। गत वर्ष के समान दूसरे सम्मेलन का आयोजन कर पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए राज्य सरकार ने आपको आमंत्रित किया है। राज्य सरकार पंचायतों के समग्र विकास के लिए हर कदम पर साथ खड़ी है। जिला, जनपद और पंचायत प्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक : मंत्री पटेल पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि यह राज्य स्तरीय कार्यशाला त्रि-स्तरीय पंचायत व्यवस्था बेहतर क्रियान्वयन के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है। विकास और जनकल्याण गतिविधियों के बेहतर संचालन के लिए पंचायत प्रतिनिधियों और जिला जनपद अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। भारत में परम्परागत रूप से ग्राम विकास की व्यवस्था समाज और सरकार की संयुक्त भागीदारी पर आधारित थी। वर्तमान में भी गतिविधियों के बेहतर संचालन के लिए सामुदायिक सहभागिता आवश्यक है। मंत्री पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की हर पंचायत में दिसम्बर 2026 तक शमशान घाट और उसके लिए सभी बुनियादी सुविधाएं जुटाने का संकल्प लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पांचवें वित्त की राशि 6 हजार करोड़ की गई है, जो वर्तमान में पंचायतों के विकास का आधार बनी है। प्रदेश के दूरदराज के गांव पीएम जनमन योजना से पक्की सड़क से जुड़ रहे हैं। हमारा प्रदेश पीएम जनमन और पीएम आवास में देश में अग्रणी है। मंत्री पटेल ने कहा कि पंचायतों को आत्मनिर्भरता को केवल आर्थिक सम्पन्नता और स्वतंत्रता के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। गांवों में बीमारियां न हों, स्वच्छता के हरसंभव उपाय हों, गांव नशामुक्त हों, गांव में आपसी विवाद न हों और सामाजिक बुराइयों को रोकने में ग्राम पंचायतें सामूहिक इच्छा शक्ति के साथ कार्य करें, यह भी आदर्श आत्मनिर्भर पंचायत के लिए आवश्यक है। जल गंगा संवर्धन अभियान में श्रेष्ठ कार्य करने वालों का हुआ सम्मान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत श्रेष्ठ कार्य करने वाले … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय जल पुरस्कार पाने वाले जिलों के कलेक्टर्स को वाटर शेड महोत्सव में दी बधाई

  भोपाल राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा विगत 18 नवंबर को नई दिल्ली में आयोजित छठवें राष्ट्रीय जल पुरस्कार वितरण समारोह में मध्यप्रदेश के तीन जिलों को उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया था। इस विशिष्ट उपलब्धि पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को भोपाल में आयोजित वाटर शेड महोत्सव में जल संचय के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम करने वाले जिला कलेक्टर्स एवं संबंधित अधिकारियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश को मिला यह सम्मान सरकार के सतत प्रयासों, नवाचारों और जल संरक्षण की दिशा में समाज एवं प्रशासन के साझा संकल्प का परिणाम है। उन्होंने कहा कि इन उपलब्धियों से अन्य जिले भी प्रेरित होंगे और जल संवर्धन, जल सुरक्षा तथा जन भागीदारी आधारित विकास का यह सफल मॉडल पूरे प्रदेश में और मजबूत होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी से जल संरक्षण के क्षेत्र में मध्यप्रदेश को अग्रणी राज्य बनाने में निरंतर योगदान देने की अपील की है। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति द्वारा खरगोन जिले को सर्वश्रेष्ठ जिला श्रेणी (West Zone) में प्रथम पुरस्कार, खंडवा जिले को जल संचय–जन भागीदारी पहल (Western Zone) में प्रथम पुरस्कार तथा नगर पालिका परिषद गुना, जिला गुना को Best Urban Local Body श्रेणी में प्रथम पुरस्कार दिया गया है।

पर्यटन को उद्योग का दर्जा देने की प्रक्रिया में लायें तेजी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रदेश में प्राकृतिक सौंदर्य, विरासत और सांस्कृतिक विविधता का है अद्भुत खजाना भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश के पास प्राकृतिक सौंदर्य, विरासत और सांस्कृतिक विविधता का अद्भुत खजाना है, जिसे और अधिक सशक्त बनाने की आवश्यकता है। पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिलने से पर्यटन क्षेत्र को राज्य सरकार की औद्योगिक नीतियों का लाभ मिल सकेगा। इससे पर्यटन निवेश को बढ़ावा मिलेगा और प्रदेश में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि पर्यटन उद्योग का दर्जा मिलने पर होटल, रिसॉर्ट, एडवेंचर टूरिज़्म, ट्रेवल सर्विसेज़ सहित पर्यटन से जुड़े अन्य क्षेत्रों को विभिन्न प्रकार की सब्सिडी (अनुदान सहायता), कर रियायतें और अन्य प्रोत्साहन उपलब्ध होंगे। इससे निजी निवेशकों का विश्वास भी बढ़ेगा और पर्यटन ढाँचा और अधिक मजबूत होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश में पर्यटन विकास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए बीते दिनों पर्यटन विभाग के अधिकारियों की एक उच्चस्तरीय बैठक ली। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को पर्यटन क्षेत्र को उद्योग का दर्जा देने की दिशा में ठोस और त्वरित कार्यवाही करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि पर्यटन विकास से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाया जाए, ताकि इस क्षेत्र में इंट्रेस्ट रखने वाले निवेशकों एवं उद्यमियों को सुगमता हो और मध्यप्रदेश को देश के प्रमुख पर्यटन राज्य के रूप में स्थापित किया जा सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार के इस बड़े निर्णय से राज्य में पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलेगी और प्रदेश की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि निवेशकों को राज्य की पर्यटन विकास नीति एवं प्रोत्साहन नियमों का भरपूर लाभ मिले।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के विजन और प्रयासों से म.प्र. बना आइडियल इंवेस्टमेंट स्टेट

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मध्यप्रदेश में निवेश और औ‌द्योगिक विकास की दिशा को एक नई स्पष्टता और मजबूती दे रहे हैं। उनके नेतृत्व में उद्योगों से जुड़े नवाचार अब नीतियाँ और घोषणाओं तक सीमित नहीं रहे, बल्कि वास्तविक परियोजनाओं, निवेशकों के बढ़ते विश्वास और जमीन पर दिखाई देने वाली औ‌द्योगिक गतिविधियों के रूप में सामने आ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुरुआत से ही यह लक्ष्य तय किया कि मध्यप्रदेश को ऐसा निवेश-अनुकूल राज्य बनाया जाए, जहाँ उद्‌द्योगों को दीर्घकालिक अवसर मिले, युवाओं के लिए रोजगार का विस्तार हो और प्रदेश की अर्थव्यवस्था अधिक स्थिर, सक्षम और टिकाऊ बने। उनकी कार्यशैली की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि वे प्रत्येक नवाचार को व्यावहारिक और क्रियान्वयन-केंद्रित तरीके से आगे बढ़ाते हैं। निवेशकों से संवाद, नीतियों का सरलीकरण, प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और औ‌द्योगिक अवसंरचना के विस्तार आदि हर स्तर पर उन्होंने समयबद्ध और परिणाम-केंद्रित कार्य शैली को प्राथमिकता दी है। इसी कारण आज प्रदेश में उ‌द्योग स्थापना की गति पहले की तुलना में तेज दिखाई देती है, बड़े निवेश वास्तविक रूप से जमीन पर उतर रहे हैं और नए रोजगार अवसर निरंतर बढ़ रहे हैं। मध्यप्रदेश की वर्तमान औ‌द्योगिक प्रगति यह दर्शाती है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव का नेतृत्व दूरदर्शी होने के साथ स्थिर, भरोसेमंद और परिणाम देने वाला है। प्रदेश अब केवल निवेश आकर्षित करने वाला राज्य नहीं, बल्कि उ‌द्योगों के लिए एक विश्वसनीय विकल्प और रोजगार सृजन के लिए एक मजबूत आधार के रूप में अपनी पहचान स्थापित कर रहा है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्रदेश ने औ‌द्योगिक विकास और निवेश आकर्षण के नए आयाम स्थापित किए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में निवेश से जुड़े प्रयास व्यापक और बहु-स्तरीय रहे, जिनमें अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर पर निवेशक समुदाय के साथ संवाद को नए आयाम दिए गए। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यूनाइटेड किंगडम, जर्मनी, जापान, दुबई और स्पेन में आयोजित सत्र महत्वपूर्ण साबित हुए, जिनसे प्रदेश को 89 हजार करोड़ रुपये से अधिक की निवेश अभिरुचि प्राप्त हुई। राष्ट्रीय स्तर पर मुंबई, बेंगलुरु, कोलकाता, पुणे, नई दिल्ली, कोयम्बटूर, सूरत, लुधियाना और असम में आयोजित संवादों ने 2.3 लाख करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव और लगभग 2 लाख रोजगार अवसरों का आधार निर्मित किया। प्रदेश के विभिन्न संभागों और जिलों जैसे उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर, सागर, रीवा, नर्मदापुरम और शहडोल में आयोजित क्षेत्रीय उ‌द्योग सम्मेलन (RIC) तथा रतलाम के राइज- रीजनल इंडस्ट्री स्किल एंड एम्प्लॉयमेंट कॉन्क्लेवकार्यक्रम ने 2.65 लाख करोड़ रुपये के निवेश और 3 लाख रोजगार अवसरों का सुदृढ़ आधार तैयार किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का उद्देश्य केवल संवाद बढ़ाना नहीं रहा, बल्कि निवेश को वास्तविक रूप से धरातल पर उतारना उनकी प्रमुख प्राथमिकता रही है। इसी दृष्टि से मध्यप्रदेश जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) अधिनियम 2025 के माध्यम से 20 अधिनियमों के 44 प्रावधानों को अपराधमुक्त किया गया, जिससे निवेशकों और उ‌द्यमियों के लिए अनुपालन प्रक्रिया अधिक सरल, पारदर्शी और उ‌द्योग अनुकूल बनी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रयासों के प्रत्यक्ष परिणाम जीआईएस 2025 में स्पष्ट रूप से दिखाई दिए, जहाँ प्रदेश को 26.61 लाख करोड़ रूपये की निवेश प्रस्ताव और लगभग 17 लाख रोजगार सृजित होंगे। इनमें से 6,20,325 करोड़ रुपये का निवेश वास्तविक रूप से जमीन पर उतर चुका है, जो निवेशकों के विश्वास और प्रदेश की निवेश-अनुकूल नीतियों का मजबूत प्रमाण है। औ‌द्योगिक अधोसंरचना के विस्तार में भी प्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति की है। पिछले दो वर्षों में 4,237 एकड़ भूमि उद्‌द्योगों को आवंटित की गई, जिससे 2 लाख करोड़ रूपये से अधिक निवेश और करीब 2.5 लाख रोजगार सृजन की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की गई है। प्रदेश के 16,936 हेक्टेयर में विकसित 25 नए औ‌द्योगिक पार्क उ‌द्योगों के विस्तार के नए केंद्र बनकर उभर रहे हैं। विशेष औ‌द्योगिक पार्कों के विकास में भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव की दूरदर्शिता स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। धार में पीएम मिही पार्क वस्त्र उ‌द्योग के लिए नई संभावनाओं का केंद्र बन रहा है। यहाँ 2,158 एकड़ क्षेत्र में विकसित पार्क प्रदेश में 1 लाख प्रत्यक्ष और 2 लाख अप्रत्यक्ष रोजगार सृजन की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देगा। उज्जैन में मेडिकल डिवाइस पार्क चिकित्सा उपकरण निर्माण के क्षेत्र में प्रदेश को नई पहचान दे रहा है। मुरैना का मेगा लेदर फुटवियर पार्क चमड़ा और फुटवियर उ‌द्योग के लिए बड़े पैमाने पर अवसर तैयार कर रहा है। मोहासा-बाबई, नर्मदापुरम में विकसित नवीकरणीय ऊर्जा उपकरण निर्माण क्षेत्र में दोनों चरणों में 1050 एकड़ से अधिक भूमि अग्रणी कंपनियों को आवंटित की गई है, जो प्रदेश की ग्रीन एनर्जी क्षमता को मजबूत कर रहा है। नीति सुधारों ने भी प्रदेश में उद्योग-अनुकूल वातावरण तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जीआईएस-2025 के दौरान राज्य सरकार ने 18 नई प्रगतिशील नीतियाँ जारी कीं, जिनमें औ‌द्योगिक प्रोत्साहन नीति 2025, निर्यात प्रोत्साहन नीति 2025 और लॉजिस्टिक्स नीति 2025 जैसी नीतियों विशेष रूप से प्रभावकारी रही हैं। प्रदेश ने 'वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट' कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए सिल्वर अवार्ड 2024 प्राप्त किया। समृद्ध मध्यप्रदेश @2047 दृष्टि-पत्र का विमोचन, उ‌द्योग एवं रोजगार वर्ष 2025 की उपलब्धियों का प्रस्तुतीकरण और इन्वेस्ट एमपीपोर्टल का शुभारंभ प्रदेश के निवेश-केंद्रित दृष्टिकोण को और मजबूती प्रदान करते हैं। इन सभी प्रयासों का सबसे बड़ा प्रभाव यह है कि अब प्रदेश में केवल प्रस्तावों की बात नहीं रही, बल्कि निवेशक वास्तविक रूप से उ‌द्योग स्थापित कर रहे हैं। रोजगार सृजन की गति तेज हुई है, औ‌द्योगिक गतिविधियाँ बढ़ी हैं और निवेशकों तथा सरकार के बीच भरोसे का वातावरण और मजबूत हुआ है। मध्यप्रदेश अपने औ‌द्योगिक सफर के उस चरण में प्रवेश कर चुका है, जहाँ नेतृत्व की स्पष्ट दिशा, प्रशासनिक प्रतिबद्धता और नीति-आधारित स्थिरता मिलकर एक ऐसा निवेश-अनुकूल माहौल निर्मित कर रहे हैं, जो आने वाले वर्षों में प्रदेश को देश के प्रमुख औ‌द्योगिक राज्यों की पंक्ति में मजबूती से स्थापित करता दिखाई देता है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव जतारा विधायक खटीक की सुपुत्री के विवाह समारोह में हुए शामिल

नवविवाहित जोड़े को दीं बधाई और शुभकामनाएं भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार का टीकमगढ़ जिले में जतारा विधायक हरिशंकर खटीक की सुपुत्री के विवाह समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवविवाहित जोड़े को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। साथ ही नवविवाहित जोड़े के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम में जतारा विधायक हरिशंकर खटीक ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत किया और विवाह समारोह में शामिल होने पर उनका आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण, विमुक्त घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु कल्याण विभाग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा टीकमगढ़ जिले की प्रभारी मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर, जतारा विधायक हरिशंकर खटीक, पूर्व विधायक टीकमगढ़ राकेश गिरि गोस्वामी, पूर्व विधायक पृथ्वीपुर डॉ. शिशुपाल सिंह यादव, जनप्रतिनिधि, आईजी सागर श्रीमती हिमानी खन्ना, कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय, पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई सहित संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे। पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को टीकमगढ़ जिले के प्रवास के दौरान स्थानीय पुलिस लाईन परिसर स्थित मां की बगिया में पौधरोपण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कदंब का पौधा रोपा और पर्यावरण-संरक्षण का संदेश दिया। यह कार्यक्रम "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति के प्रति सम्मान को बढ़ावा देना है। इस अवसर पर मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष  नरेन्द्र सिंह तोमर, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण, विमुक्त घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा टीकमगढ़ जिले की प्रभारी मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर, जतारा विधायक हरिशंकर खटीक, पूर्व विधायक पृथ्वीपुर डॉ. शिशुपाल सिंह यादव सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं नागरिक उपस्थित रहे।