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किसान सम्मेलन का आयोजन: भोपाल और नर्मदापुरम संभाग के किसान होंगे शामिल

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में शनिवार 18 अक्टूबर को मुख्यमंत्री निवास पर किसान सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। सम्मेलन में नर्मदापुरम, भोपाल, सीहोर, राजगढ़, रायसेन एवं विदिशा जिले से लगभग 2500 किसान शामिल होंगे। भावांतर योजना की दी जाएगी जानकारी सम्मेलन में किसानों को भावांतर योजना के संबंध में जानकारी दी जाएगी एवं योजना का अधिकाधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। योजना अंतर्गत किसान 24 अक्टूबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक मंडी में फसल बेच सकेंगे। किसानों को 15 दिवस में भावांतर की राशि उनके आधार लिंक बैंक खातों में सीधे अंतरित की जाएगी। भावांतर योजना के ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन 17 अक्टूबर तक होंगे।  

प्रदेश में चलाया गया दुग्ध समृद्धि सम्पर्क अभियान

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गो-माता और गो-पालन का हमारी सनातन संस्कृति में महत्वपूर्ण स्थान है। जो गो-पालन करता है वह गोपाल है और जहां गो-पालन होता है वह घर गोकुल है। गो-संरक्षण एवं संवर्धन सरकार की उच्च प्राथमिकता है, जिसके लिए सरकार समाज के सहयोग से निरंतर कार्य कर रही है। मध्यप्रदेश में दुग्ध उत्पादन को बढ़ाकर पशुपालक किसानों की आय को दोगुना किया जाएगा। मध्यप्रदेश अपनी प्राकृतिक संपदा के साथ गो-वंश से समृद्ध राज्य है। देश के दुग्ध उत्पादन का लगभग 9प्रतिशत मध्यप्रदेश में होता है। हमारी सरकार का लक्ष्य है इसे 20 प्रतिशत तक ले जाना। इसके लिए प्रदेश के गांव-गांव में दुग्ध समृद्ध‍ि संपर्क चलाया जा रहा है, जिसके अंतर्गत पशु चिकित्सक घर-घर जाकर पशुपालकों को दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के विभिन्न आधुनिक तरीकों, पशुओं में नस्ल सुधार, पशु स्वास्थ्य एवं पशु पोषण आदि के संबंध में जानकारी दे रहे हैं। प्रदेश में वर्ष 2024-25 को गो-संरक्षण एवं संवर्धन वर्ष के रूप में मनाया गया। हर जिले में मनाया जाएगा गोवर्धन पर्व मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 21 अक्टूबर को गोवर्धन पर्व लोक अनुष्ठान और सांस्कृतिक परंपराओं के अनुसार मनाया जाए। आयोजन में गौशालाओं तथा पशुपालकों को विशेष रूप से सहभागी बनाया जाए। साथ ही गोवर्धन पर्व पर पशुपालन तथा दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में विशेष उपलब्धियां दर्ज करने और नवाचार करने वाले उद्यमियों को सम्मानित भी किया जाएगा। प्रदेश की गौ-शालाओं में गोवर्धन पर्व का सामुदायिक आयोजन होगा। गोवर्धन पर्व का मुख्य आयोजन रवीन्द्र भवन भोपाल में किया जाएगा, जिसमें गोवर्धन पूजन, परिक्रमा, अन्नकूट भोग मुख्य होगा। इस अवसर पर पशुचारक समुदायों की कला, बरेदी और ठाट्या नृत्य आदि का प्रस्तुतीकरण होगा। कार्यक्रम में जैविक उत्पादक, दुग्ध उत्पाद, गोबर आधारित शिल्प के स्टॉल लगाए जाएंगे, साथ ही पशुपालन, कृषि, सहकारिता विभाग की योजनाओं की जानकारी देने के लिए विशेष व्यवस्था होगी। इसके साथ ही ग्रामीण आजीविका के लिए दुग्ध उत्पादन और वृंदावन ग्राम योजना के विस्तार के लिए भी गतिविधियों का संचालन होगा। गोवर्धन पर्व पर सभी जिलों में गतिविधियां संचालित की जाएंगी। आंगनवाड़ी केंद्रों में पंचगव्य उत्पाद जैसे घी, दूध, पनीर और दही से बनी सामग्री का वितरण किया जाएगा। प्रदेश में चलाया गया दुग्ध समृद्धि सम्पर्क अभियान राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती 2 अक्टूबर से पूरे प्रदेश में दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान चलाया गया। अभियान के अंतर्गत गांव गांव में घर-घर जाकर पशुपालकों को पशुओं में नस्ल सुधार, कृत्रिम गर्भाधान, पशुओं के टीकाकरण, उनकी स्वास्थ्य रक्षा, संतुलित पशु आहार, पशु पोषण आदि के बारे में तकनीकी और व्यावहारिक जानकारी दी गई। पशुपालकों को उपलब्ध संसाधनों में कम खर्च पर अधिक दूध उत्पादन करने और ज्यादा लाभ कमाने के बारे में जागरूक किया गया। अभियान के प्रथम चरण के अंतर्गत विभाग के अधिकारी–कर्मचारियों द्वारा 10 या अधिक गौवंश–भैंस वंश पालने वाले पशुपालकों से संवाद करने के लक्ष्य अनुसार समस्त जिलों में तीन लाख 70 हजार से अधिक पशुपालकों से उनके घर पहुंचकर भेंट की और उन्हें पशुपालन के संबंध में जानकारी दी, साथ ही उनकी समस्याओं का निराकरण भी किया। अभियान के दौरान मुख्य फोकस पशुओं के दुग्ध उत्पादन को बढ़ाकर पशुपालकों की आमदनी बढ़ाने पर रहा. अभियान के अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में मंत्रीगण, सांसद, विधायक, अन्य जनप्रतिनिधि, संभागीय आयुक्त, जिलों के कलेक्टर, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं अन्य अधिकारियों और समाज के गणमान्य व्यक्तियों द्वारा भी विभिन्न स्थानों पर पशुपालकों से भेंट की गई और उन्हें दूध उत्पादन और पशुपालन से ज्यादा लाभ उठाने के बारे में आवश्यक जानकारी प्रदान की गई एवं पशुपालकों के अनुभव भी साझा किए गए। किसानों और पशुपालकों ने भी उत्साहपूर्वक इस अभियान में सहभागिता की। गो-शालाओं की अनुदान राशि में वृद्धि मध्यप्रदेश शासन गो-पालन, गो-संवर्धन व गो-वंश के बेहतर व्यवस्थापन के लिए कृत संकल्पित है। राज्य शासन ने गो-शालाओं में गो-वंश के आहार आदि के लिए दी जाने वाली अनुदान राशि को 20 रुपये प्रति गो-वंश प्रतिदिन से बढ़ाकर 40रुपये प्रति गो-वंश प्रतिदिन कर दिया है। गो-शालाओं में उपलब्ध गो-वंश के भरण-पोषण के लिए 2 वर्ष पहले तक 90 करोड़ रूपये का बजट था, जिसे पिछले वर्ष बढ़ा कर 250 करोड रूपये किया गया। वित्त वर्ष 2025-26 में इस राशि को बढ़ा कर 600 करोड़ रूपये कर दिया गया है। गो-वंश के व्यवस्थापन के लिए डीबीटी के माध्यम से अनुदान की राशि सीधे गो-शालाओं के बैंक खातों में अंतरित की जा रही है। प्रत्येक माह लगभग 50 करोड़ रूपये की राशि गो-शालाओं को अंतरित की जा रही है। 1000 से अधिक नवीन गो- शालाएं वर्तमान में प्रदेश में 2900 गो-शालाएं संचालित है, जिनमें लगभग 4 लाख 25 हजार गो-वंश का व्यवस्थापन किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्र में मुख्यमंत्री गो-सेवा योजना के अंतर्गत 2203 गो-शालाएं निर्मित कर संचालित की जा रही हैं, जिनमें 2 लाख 11हजार गो-वंश का व्यवस्थापन किया जा रहा है। विगत एक वर्ष में 1000 से अधिक नवीन गो-शालाएं प्रारंभ की गई हैं, जिनमें एक लाख से अधिक गो-वंश का व्यवस्थापन किया जा रहा है। नगरीय क्षेत्रों में उपलब्ध गो-वंश के आश्रय एवं भरण-पोषण के लिए नगर पालिक निगम ग्वालियर, उज्जैन औरइंदौर में वृहद गौशालाएं खोली गई हैं। भोपाल में 69.18 एकड़ भूमि पर 10,000 गौवंश क्षमता की वृहद गो-शाला का निर्माण कार्य किया जा रहा है, जिसकी कुल लागत लगभग 45करोड़ रूपये है। 

प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री शाह के नेतृत्व में लागू की गई रणनीति से वामपंथी उग्रवाद समाप्ति की ओर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

नक्सलियों द्वारा हथियार त्याग कर मुख्यधारा में लौटने की घटना ऐतिहासिक दो दिन में छत्तीसगढ़ में 170 और महाराष्ट्र में 61 सहित देश में कुल 258 वामपंथी उग्रवादियों के आत्मसमर्पण की उपलब्धि भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और गृहमंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में लागू की गई रणनीति से वामपंथी उग्रवाद समाप्ति की ओर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह द्वारा सोशल मीडिया पर छत्तीसगढ़ में गुरूवार को और महाराष्ट्र में बुधवार को नक्सलियों के आत्मसमर्पण के संबंध में दी गई जानकारी पर प्रतिक्रिया व्यक्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 170 और महाराष्ट्र में बुधवार को 61 नक्सलियों ने हथियार त्याग कर मुख्यधारा में लौटने का कार्य किया है। यह घटना एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि हिंसा छोड़कर आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने वालों का सदैव स्वागत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे सुरक्षा बल नक्सलवाद के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने में तत्पर रहते हैं। उल्लेखनीय है कि गत दो दिवस में 258 वामपंथी उग्रवादियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी और केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में सरकार की निरंतर कोशिशों का ही यह परिणाम है कि देश में नक्सलवाद दम तोड़ रहा है। नक्सलियों के विरुद्ध हमारी नीति स्पष्ट है, जो हिंसा त्यागना चाहते हैं उनका स्वागत है। लेकिन जो लोग हथियार उठाए रहेंगे, उन्हें हमारी सुरक्षा बलों की कठोर कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी नक्सलियों से मेरी अपील है कि वे अपने हथियार त्याग दें और मुख्यधारा में लौट आएं।  

ओरछा में हो रहे हैं 239 करोड़ रूपए से अधिक लागत के कई निर्माण कार्य

प्रदेश में ओरछा सहित हो रहा 18 लोकों का निर्माण निवाड़ी प्रदेश का दूसरा जिला, जहां हर घर नल से पहुंच रहा है जल पृथ्वीपुर में 3200 करोड़ रूपए से 300 हेक्टेयर में हो रही इंटीग्रेटेड स्टील प्लांट की स्थापना श्रीराम राजा लोक के निर्माण के दूसरे चरण के कार्यों का हुआ भूमिपूजन मुख्यमंत्री ने 332.85 करोड़ के विकास कार्यों का किया भूमिपूजन एवं लोकार्पण भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि श्रीराम का नाम ही काफी है। यथा नाम तथा गुण। राम अपने गुणों से, अपने आचरण से, अपनी पितृभक्ति से और प्रजाजन का पालनहार बनकर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम बने। ओरछावासी बड़े ही भाग्यशाली हैं कि भगवान श्रीराम ने अपने दरबार के लिए ओरछा को चुना। ओरछा के लोगों को हर दिन अवधपति श्रीराम राजा सरकार के दरबार दर्शन का पुण्य मिलता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को निवाड़ी जिले के ओरछा में श्रीराम राजा लोक के दूसरे चरण के निर्माण कार्यों के भूमिपूजन सहित अन्य‍ विकास कार्यों के भूमिपूजन एवं लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूर्ण विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर श्रीराम राजा लोक में दूसरे चरण के निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ओरछा के प्रमुख मंदिर पहुंचकर श्रीराम राजा सरकार के दरबार में दर्शन कर पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री ने श्रीराम राजा लोक के भव्य निर्माण के लिए पहले चरण में मंजूर एवं वर्तमान में निर्माणाधीन कार्यों का मौके पर जाकर अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ओरछा के साथ चित्रकूट में भी करीब 2200 करोड़ रूपए के निर्माण कार्य चल रहे हैं। श्रीराम वन गमन पथ और श्रीकृष्ण के लीला स्थलों को तीर्थ क्षेत्र बनाया जाएगा। इसके लिए सरकार ने राशि मंजूर कर दी है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश इलेक्ट्रानिक विकास निगम एवं एक एनजीओ के बीच करार की प्रक्रिया पूरी होने पर संस्था को लेटर ऑफ अवार्ड भी प्रदान किया। निवाड़ी को नगर पालिका परिषद का दर्जा शीघ्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवाड़ी शहर को 'नगर पालिका परिषद' का दर्जा देने के लिए जल्द ही परीक्षण कराने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि ओरछा को धार्मिक पर्यटन सहित एयर एम्बुलेंस एवं हेलीकॉप्टर सेवाओं से भी जोड़ा जाएगा। इसके लिए एयर स्ट्रीप बनाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने नेंदुआ के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का उन्नयन कर नया अस्पताल बनाने की घोषणा की। साथ ही क्षेत्रीय आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए नए सड़क मार्गों के निर्माण की भी घोषणा की गई। 332 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अयोध्या और ओरछा का 500 साल से अधिक पुराना नाता है। ओरछा के बुंदेला शासक मधुकर शाह की महारानी कुंवरि गणेश जो भगवान श्रीराम की उपासक थीं, 16वीं शताब्दी में भगवान श्रीराम को अयोध्या से लेकर ओरछा आई थीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ओरछा में जिस रूप में श्रीराम राजा पूजे जाते हैं, वैसे कहीं और नहीं पूजे जाते। उन्होंने ओरछा के विषय में बताया कि मर्यादा पुरूषोत्तम श्रीराम अपना दिन ओरछा में ही बिताते हैं, केवल शयन करने के लिए ही अयोध्या जाते हैं। उन्होंने कहा‍कि आज निवाड़ी जिले को 332.85 करोड़ रुपए की लागत के 21 से अधिक विकास कार्यों की सौगात मिली है। क्षेत्रवासियों को नया सांदीपनि विद्यालय और नया शासकीय महाविद्यालय भी आज मिला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रभु श्रीराम की अनंत कृपा से हम ओरछा में एक दिव्य और भव्य श्रीराम राजा लोक का निर्माण कर रहे हैं। आज श्रीराम राजा लोक निर्माण के पहले चरण के 130 करोड़ रुपए की लागत वाले विभिन्न कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास भी हो रहा है। उन्होंने कहा कि आज ही श्रीराम राजा लोक के दूसरे चरण के लगभग 125 करोड़ रूपए की लागत वाले दूसरे चरण के निर्माण कार्यों की आधारशिला भी रखी जा रही है। साथ ही यहां के ऐतिहासिक स्मारकों के संरक्षण एवं पुरातात्विक परिसर का भूमिपूजन भी किया जा रहा है। देशी-विदेशी पयर्टकों को मिलेगी सुविधा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा‍कि श्रीराम राजा लोक के पहले चरण में लगभग 5.50 करोड़ रूपए की लागत से तैयार 103 नवीन दुकानों एवं प्लाज़ा का लोकार्पण भी आज ही किया जा रहा है। यह विकास कार्य ओरछा आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों की सुविधाओं में और अधिक इजाफा करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि ओरछा में श्रीराम राजा लोक के निर्माण के दोनों चरणों सहित सात विभिन्न प्रकार की विकास परियोजनाओं पर करीब 239 करोड़ रुपए से अधिक की लागत के कई निर्माण कार्य प्रगति पर हैं। यह सभी कार्य श्रीराम राजा सरकार के चरणों में अर्पित हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि निवाड़ी प्रदेश का दूसरा जिला जहां हर घर में नल से जल इंटीग्रेटेड स्टील प्लांट की स्थापना होगी। प्रदेश का दूसरा ऐसा जिला है, जहां हर घर में नल से जल पहुंच रहा है। निवाड़ी केन-बेतवा परियोजना से भी लाभान्वित होने जा रहा है। इससे संपूर्ण क्षेत्र को भरपूर लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्रीराम राजा लोक के निर्माण से ओरछा में धार्मिक एवं पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था का निर्माण होगा। क्षेत्र का विकास होगा, रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि लाड़पुरा खास एवं राधापुर ग्राम की महिलाओं द्वारा संचालित होम-स्टे मध्यप्रदेश में पहले एवं दूसरे स्थान पर रहे हैं। इस वर्ष चंदपुरा तथा जमुनियां खास में एक दर्जन नए होमस्टे प्रारंभ किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया‍कि निवाड़ी औद्योगिक विकास में भी आगे आ रहा है। जिले के पृथ्वीपुर में पेसिफिक इंडस्ट्री मेटल लिमिटेड द्वारा 3200 करोड़ रूपए की लागत से करीब 300 हेक्टेयर भूमि में 'इंटीग्रेटेड स्टील प्लांट' की स्थापना की जा रही है। इससे बड़ी संख्या में जिले के युवाओं को ही रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ओरछा अब वैश्विक पर्यटन स्थल के रूप में नई पहचान बनाने की ओर अग्रसर है। पर्यटन मंत्रालय भारत सरकार द्वारा ओरछा में पर्यटन अधोसंरचनाओं और सुविधाओं के विकास के लिए स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के तहत टूरिस्ट एक्सपीरियंस सेंटर, हुनरशाला, एंट्री प्लाजा के साथ यात्रा पथ का विकास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि ओरछा को यूनेस्को की एच.यू.एल. (हिस्टोरिकल अर्बन लैंडस्केप) पहल के तहत चुना गया है। … Read more

कानून की नजर में अधिकारी-कर्मचारी और आमजन सभी समान हैं: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

कानून का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव कानून की नजर में अधिकारी-कर्मचारी और आमजन सभी समान हैं: मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश को अपराध मुक्त बनाने और नागरिकों की सुरक्षा के लिए हम प्रतिबद्ध हैं: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिवनी प्रकरण में हुई कार्रवाई पर की मीडिया से चर्चा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि कानून का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। कानून की नजर में अधिकारी-कर्मचारी और आम जन सभी समान हैं और जो भी गलती करेगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सिवनी प्रकरण में लिप्त पुलिस के सभी अधिकारियों-कर्मचारियों पर कायमी होने के साथ-साथ उनके विरुद्ध कार्रवाई भी की गई है। राज्य सरकार कानून व्यवस्था के प्रति विशेष संवेदनशील है। प्रदेश को अपराध मुक्त बनाने और नागरिकों की सुरक्षा के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिवनी हवाला मनी लूट मामले में दोषी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के विरूध एफआईआर दर्ज करने के संबंध में मंत्रालय में मीडिया से चर्चा में यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों पर नागरिकों के हित और अधिकारों की सुरक्षा का दायित्व है, उनके द्वारा अमानत में खयानत निंदनीय और अक्षम्य है। जिन पर आम जन को लूट और अपराध से बचाने का दायित्व है यदि वे ही यह करने लगे तो अराजकता फैलेगी। सिवनी प्रकरण में दोषी पाए गए अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जा रही है। प्रदेश में कानून सबके लिए बराबर है, यह भावना स्थापित करने के लिए यह कार्यवाही मिसाल बनेगी। प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में हम आमजन की बेहतरी और कल्याण के लिए समर्पित हैं। बेहतर कार्य के लिए हम अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रोत्साहन देंगे लेकिन कोई गलती करेगा तो उसे दण्डित किया जाएगा।  

स्थापना दिवस से अटल जी की जयंती 25 दिसंबर तक राज्योत्सव के रूप में होंगे अनेक कार्यक्रम

इस वर्ष स्थापना दिवस की थीम होगी उद्योग एवं रोजगार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्थापना दिवस से अटल जी की जयंती 25 दिसंबर तक राज्योत्सव के रूप में होंगे अनेक कार्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले किया संबोधन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को मंत्रालय में मंत्रिपरिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में कलेक्टर कमिश्नर कॉन्फ्रेंस में हुए भावांतर योजना, केन्द्र सरकार द्वारा प्रदेश को रेलवे के क्षेत्र में मिली सौगातों और सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्यम विभाग द्वारा 13 अक्टूबर को भोपाल में आयोजित उद्यमी सम्मेलन में वितरित प्रोत्साहन सहायता राशि के संबंध में जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीपावली, गोवर्धन पूजा और मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के संबंध में भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि इस वर्ष के स्थापना दिवस की थीम उद्योग एवं रोजगार वर्ष होगी। उन्होंने कहा कि सभी विधानसभा क्षेत्रों में आत्मनिर्भर भारत-आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश विषय पर भी कार्यक्रम आयोजित किऐ जाएं। इन गतिविधियों में उद्योग लगाने वालों से लेकर रोजगार पाने वालों तक को शामिल किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आगामी त्यौहारों का उल्लेख करते हुए कहा कि 20 अक्टूबर को दीपावली और 21 अक्टूबर को गोवर्धन पूजा का पर्व है। उन्होंने मंत्रीगण से अपने-अपने क्षेत्र में सार्वजनिक रूप से गोवर्धन पूजा का आयोजन लोक परंपरा अनुसार करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 1 नवंबर को मध्यप्रदेश स्थापना दिवस है। इस वर्ष 25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व.  अटल बिहारी वाजपेई का शताब्दी वर्ष भी है। स्थापना दिवस 1 नवंबर से अटल बिहारी वाजपेई की जयंती 25 दिसंबर तक रोजगार एवं उद्योग वर्ष की थीम पर निरंतर गतिविधियां संचालित की जाएंगी। उद्योग, कौशल उन्नयन, रोजगार के अवसर, एमएसएमई, भारी उद्योग, कुटीर उद्योग सहित स्वावलंबन पर केंद्रित गतिविधियां संचालित की जाएंगी। सभी जिलों में राज्योत्सव के रूप में गतिविधियां संचालित हों। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भावांतर योजना के अंतर्गत पंजीयन 3 अक्टूबर से आरंभ हुआ है जो 17 अक्टूबर तक चलेगा। एमएसपी से कम कीमत पर सोयाबीन बिकता है तो किसानों के घाटे की भरपाई भावांतर योजना के तहत सरकार द्वारा की जाएगी। किसान पहले की भांति मंडियों में सोयाबीन का विक्रय करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा रेलवे मल्टी ट्रैकिंग परियोजना को दी गई मंजूरी के लिए प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी का आभार मानते हुए कहा कि इससे प्रदेश को बहुत लाभ होगा। प्रदेश में 237 किलोमीटर लंबी इटारसी -भोपाल- बीना चौथी लाइन और गुजरात व मध्य प्रदेश के बीच 259 किलोमीटर लंबी बड़ोदरा-रतलाम तीसरी और चौथी लाइन को मंजूरी मिली है। इससे पर्यटन के साथ-साथ कोयला, कंटेनर, सीमेंट, फ्लाई ऐश, खाद्यान्न, इस्पात आदि के परिवहन के लिए अतिरिक्त सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल में 13 अक्टूबर को हुए एमएसएमई सम्मेलन में 700 एमएसएमई इकाइयों को सिंगल क्लिक से 197 करोड रुपए से अधिक की प्रोत्साहन राशि वितरित की गई। शासन की नवीन स्टार्टअप नीति के अंतर्गत 63 स्टार्टअप ईआइआर सहायता योजना के तहत सालाना 1 लाख 20 हजार रुपए प्रति स्टार्टअप की दर से एक करोड रुपए से अधिक की सहायता राशि के चेक वितरित किए गए। इसके साथ ही 237 एमएसएमई उद्यमियों को भू आवंटन आशय पत्र भी प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत 5084 युवाओं को 347 करोड रुपए से अधिक की बैंक ऋण सहायता राशि वितरित की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 7- 8 अक्टूबर को भोपाल में हुई कलेक्टर कमिश्नर कॉन्फ्रेंस के संबंध में बताया कि दो दिवसीय कांफ्रेंस के आठ सत्रों में कानून व्यवस्था, कृषि एवं उद्यानिकी, स्वास्थ्य, औद्योगिक निवेश एवं रोजगार, नगरीय विकास, शिक्षा, ग्रामीण विकास, जनजाति विकास और सुशासन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने बताया कि अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। कॉन्फ्रेंस में जिलों में हुए नवाचारों का प्रस्तुतीकरण भी हुआ।  

गौ-शालाओं और पशुपालकों को आयोजन में बनायें सहभागी: मुख्यमंत्री डॉ.यादव

लोक अनुष्ठान और सांस्कृतिक परंपराओं के अनुसार मनाया जाए गोवर्धन पर्व : मुख्यमंत्री डॉ.यादव गौ-शालाओं और पशुपालकों को आयोजन में बनायें सहभागी: मुख्यमंत्री डॉ.यादव दुग्ध उत्पादन तथा पशुपालन में विशेष उपलब्धियां दर्ज कराने और नवाचार करने वाले उद्यमियों को करें सम्मानित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गोवर्धन पर्व संबंधी बैठक में दिए निर्देश भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में 21 अक्टूबर को गोवर्धन पर्व लोक अनुष्ठान और सांस्कृतिक परंपराओं के अनुसार मनाया जाए। आयोजन में गौशालाओं तथा पशुपालकों को विशेष रूप से सहभागी बनाया जाए। साथ ही गोवर्धन पर्व पर पशुपालन तथा दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में विशेष उपलब्धियां दर्ज करने और नवाचार करने वाले उद्यमियों को सम्मानित भी किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ.यादव गोवर्धन पर्व आयोजन के संबंध में सोमवार को मंत्रालय में आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्य सचिव  अनुराग जैन सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में बताया गया कि प्रदेश की गौ-शालाओं में गोवर्धन पर्व का सामुदायिक आयोजन होगा। गोवर्धन पर्व का मुख्य आयोजन रवीन्द्र भवन भोपाल में किया जाएगा, जिसमें गोवर्धन पूजन, परिक्रमा, अन्नकूट भोग मुख्य होगा। इस अवसर पर पशुचारक समुदायों की कला, बरेदी और ठाट्या नृत्य आदि का प्रस्तुतीकरण होगा। कार्यक्रम में जैविक उत्पादक, दुग्ध उत्पाद, गोबर आधारित शिल्प के स्टॉल लगाए जाएंगे, साथ ही पशुपालन, कृषि, सहकारिता विभाग की योजनाओं की जानकारी देने के लिए विशेष व्यवस्था होगी। इसके साथ ही ग्रामीण आजीविका के लिए दुग्ध उत्पादन और वृंदावन ग्राम योजना के विस्तार के लिए भी गतिविधियों का संचालन होगा। गोवर्धन पर्व पर सभी जिलों में गतिविधियां संचालित की जाएंगी। आंगनवाड़ी केंद्रों में पंचगव्य उत्पाद जैसे घी, दूध, पनीर और दही से बनी सामग्री का वितरण किया जाएगा।  

मेधावी प्रशिक्षणार्थियों की मुख्यमंत्री डॉ. यादव से सौजन्य भेंट, ITI में चमकी प्रतिभा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से सोमवार को मंत्रालय में मध्यप्रदेश के विभिन्न औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं (आईटीआई) के मेधावी प्रशिक्षणार्थियों ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने सभी होनहार प्रशिक्षणार्थियों को उनकी विशिष्ट उपलब्धियों के लिए बधाई देकर उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम टेटवाल, विधायक एवं प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खण्डेलवाल सहित कौशल विकास एवं रोजगार विभाग के अधिकारी भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से बैतूल जिले की सुश्री त्रिशा तावड़े (ऑल इंडिया में केंद्रीय जोन की टॉपर), भोपाल जिले की सुश्री चंचल सैवारिक (ऑल इंडिया में ट्रेड कंप्यूटर ऑपरेटर एंड प्रोग्रामिंग असिस्टेंट (VI & OD) में महिला टॉपर), जबलपुर जिले की सुश्री पूजा जाटव (ऑल इंडिया में ट्रेड ड्रोन तकनीशियन में महिला टॉपर), उज्जैन जिले के श्री श्याश महेश्वरी (ऑल इंडिया में ट्रेड फैशन डिजा़इन एंड टेक्नोलॉजी में पुरुष टॉपर, बालाघाट जिले के श्री अमन गजभिये (ऑल इंडिया में ट्रेड मेसन बिल्डिंग कंस्ट्रक्टर में पुरुष टॉपर) जबलपुर जिले की सुश्री श्रुति विश्वकर्मा (ऑल इंडिया में ट्रेड मैकेनिक (ट्रैक्टर) में महिला टॉपर, बैतूल जिले के श्री अरविंद कुमरे (ऑल इंडिया में ट्रेड मैकेनिक कंप्यूटर हार्डवेयर में पुरुष टॉपर), बैतूल जिले की सुश्री निकिता तायवडे (ऑल इंडिया में ट्रेड मैकेनिक कंप्यूटर हार्डवेयर में महिला टॉपर), भोपाल जिले के श्री अभिजीत सिंह सिसोदिया (ऑल इंडिया में ट्रेड मिल्क एवं मिल्क प्रोडक्ट तकनीशियन में पुरुष टॉपर) एवं खरगोन जिले के श्री शिवम यादव (ऑल इंडिया में ट्रेड स्टेनोग्राफर एवं सेक्रेटेरियल असिस्टेंट (हिंदी) में पुरुष टॉपर) ने भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को राज्यमंत्री श्री टेटवाल ने इन प्रशिक्षणार्थियों की विशिष्ट उपलब्धियों से अवगत कराया। राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2025 प्राप्त तीन शिक्षकों ने भी की भेंट मुख्यमंत्री डॉ. यादव से सोमवार को मंत्रालय में ही राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2025 प्राप्त मध्यप्रदेश के तीन शिक्षकों ने भी सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी शिक्षकों को इस उपलब्धि के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं।  

स्थापना दिवस पर फोकस रहेगा रोजगार और उद्योग पर, सीएम डॉ. यादव ने दी थीम की घोषणा

उद्योग और रोजगार वर्ष की थीम पर मनाया जाए प्रदेश का स्थापना दिवस : मुख्यमंत्री डॉ.यादव आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के लिए हुए प्रयासों को प्रमुखता से करें प्रदर्शित एक नवम्बर को राज्य उत्सव के रूप में मनेगा स्थापना दिवस राजधानी के साथ संभाग और जिला स्तर पर भी हों भव्य कार्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 1 नवंबर मध्यप्रदेश स्थापना दिवस समारोह के संबंध में दिए निर्देश भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि 1 नवंबर मध्यप्रदेश स्थापना दिवस उद्योग एवं रोजगार वर्ष की थीम पर मनाया जाए। आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश को लेकर हुए नवाचारों और विशेष गतिविधियों का प्रभावी रूप से प्रस्तुतीकरण किया जाए। 'रोजगार के मंदिर हैं उद्योग' की थीम के साथ कौशल उन्नयन, तकनीकी शिक्षा, उद्यमशीलता के विकास सहित युवाओं को रोजगार और आत्मनिर्भरता से जोड़ने वाली सभी गतिविधियों का स्थापना दिवस संबंधी कार्यक्रमों में प्रभावी और आकर्षक प्रस्तुतीकरण किया जाए। साथ ही प्रदेश में धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन गतिविधियों से अर्थव्यवस्था में आई गतिशीलता पर भी प्रस्तुतीकरण हों। स्थापना दिवस पर बीते दो वर्षों में हुए नवाचारों को भी प्रदर्शित किया जाए। स्थापना दिवस को राज्य उत्सव के रूप में मनाया जाए। भोपाल में होने वाले राज्य स्तरीय कार्यक्रम के साथ सभी जिला और संभागीय मुख्यालयों पर भी भव्य कार्यक्रम आयोजित हों। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 1 नवंबर मध्यप्रदेश स्थापना दिवस समारोह के संबंध में मंत्रालय में सोमवार को हुई बैठक में यह निर्देश दिए। प्रसिद्ध पार्श्व गायक  जुबिन नौटियाल एक नवम्बर को देंगे प्रस्तुति बैठक में बताया गया कि मध्यप्रदेश स्थापना दिवस 1 नवंबर को भोपाल में होने वाले राज्य स्तरीय कार्यक्रम में प्रसिद्ध पार्श्व गायक  जुबिन नौटियाल प्रस्तुति देंगे। लाल परेड ग्राउंड में होने वाले इस कार्यक्रम में कृष्ण के भक्ति पदों की प्रस्तुति के साथ ही विरासत से विकास की थीम पर ड्रोन-शो होगा। साथ ही आतिशबाजी भी होगी। मध्यप्रदेश स्थापना दिवस पर दो और तीन नवंबर को राज्य स्तरीय कार्यक्रम में लाल परेड ग्राउंड पर महानाट्य -सम्राट विक्रमादित्य की प्रस्तुति होगी। साथ ही दो एवं तीन नवम्बर को सुगम संगीत की प्रस्तुतियां भी होंगी। औद्योगिक विकास और अर्थव्यवस्था की उपलब्धियां भी होंगी प्रदर्शित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्थापना दिवस समारोह की गतिविधियों में विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों के हितग्राहियों को भी शामिल किया जाए। उनके सम्मेलन और रैलियां आयोजित हों। साथ ही जिलों में प्रमुख उद्योगपतियों और प्रदेश की अर्थव्यवस्था में योगदान देने वाले व्यक्तियों और समूहों की उपलब्धियों को भी शामिल किया जाए। प्रदेश के सभी अंचलों में समान रूप से गतिविधियां हों, हर जिला अपनी प्रगति और उपलब्धियों जिला स्तर पर प्रस्तुत करे। साथ ही स्व-सहायता समूह और आईटीआई, पॉलिटेक्निक सहित अन्य संस्थाओं द्वारा युवाओं, महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए किए गए प्रयासों, कृषक संगठनों द्वारा किसान कल्याण के लिए संचालित गतिविधियों के प्रदर्शन को भी समारोह का हिस्सा बनाया जाए। विभिन्न विषयों पर प्रदर्शनियों के साथ लगेगा देशज व्यंजनों का मेला बैठक में बताया गया कि स्थापना दिवस पर जननायकों के जीवन और अवदान पर भोपाल और जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी। इसके साथ 'एक जिला-एक उत्पाद', सम्राट विक्रमादित्य और अयोध्या, सम्राट विक्रमादित्य के सील और सिक्के, मंदिर स्थापत्य तथा भारतीय ऋषि परम्परा पर प्रदर्शनियों को आयोजन किया जाएगा। इसी क्रम में एक से 3 नवम्बर तक वन मेला, ड्रोन टैक वर्कशॉप और एक्सपो, मध्यप्रदेश की पारंपरिक कला प्रदर्शनी, प्रदेश में विरासत से विकास, प्रदेश की बावड़ियों, भोज और भोपाल आदि विषय पर प्रदर्शनी और देशज व्यंजनों का मेला भी आयोजित किया जाएगा। बैठक में मुख्य सचिव  अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव  संजय दुबे,  नीरज मंडलोई,  संजय शुक्ला,  शिवशेखर शुक्ला, प्रमुख सचिव  राघवेंद्र सिंह और मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार  राम तिवारी उपस्थित थे।  

उद्योगों को भूमि आबंटन पत्र और उद्यम क्रांति योजना के युवाओं को होगा ऋण वितरण

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार 13 अक्टूबर को होटल ताज फ्रंट में एमएसएमई सम्मेलन 2025 में शामिल होंगे। सम्मेलन एमएसएमई के विकास एवं स्टार्टअप इकोसिस्टम को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। सम्मेलन में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री चेतन्य काश्यप विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव एमएसएमई विकास नीति के अंतर्गत प्रदेश के 48 जिलों की 700 से अधिक एमएसएमई इकाइयों को सिगंल क्लिक के माध्यम से ₹200 करोड़ से अधिक की अनुदान राशि अंतरित करेंगे। इसी तरह स्टार्टअप नीति 2025 के अंतर्गत प्रदेश के 80 से अधिक स्टार्टअप को ₹1 करोड़ से अधिक की सहायता राशि का वितरण भी किया जाएगा। सम्मेलन दोपहर डेढ़ बजे प्रारंभ होगा। इस दौरान स्टार्टअप और निर्यात प्रोत्साहन पर दो विषयगत सत्र होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बालाघाट और टीकमगढ़ के उद्यमियों और उद्योग संघों से वर्चुअली संवाद करेंगे। उद्योग नीति एवं निवेश प्रोत्साहन प्रमुख सचिव श्री राघवेंद्र कुमार सिंह भी उपस्थित रहेंगे। औद्योगिक भूखंड आशय पत्र और उद्यम क्रांति ऋण वितरण मुख्यमंत्री डॉ. यादव एमएसएमई विभाग के आधिपत्य के औद्योगिक क्षेत्रों में विभिन्न उद्यमों को 200 से अधिक भूखण्डों के आवंटन का आशय पत्र वितरित करेंगे। मुख्यमंत्री ₹113.78 करोड़ की लागत के 03 नवीन औद्योगिक क्षेत्रों का वर्चुअली शिलान्यास करेंगे। इसके अलावा सेवा पखवाड़ा अंतर्गत अभियान चलाया जाकर मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना अंतर्गत 350 से अधिक हितग्राहियों को ऋण उपलब्ध कराया गया है। कार्यक्रम में 100 से अधिक हितग्राहियों को हितलाभ वितरण भी किया जाएगा। सम्मेलन में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग एवं ओएनडीसी के मध्य समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर होंगे। 7.57 करोड़ रूपये की परियोजना लागत के तीन नवीन कार्यालय भवनों का शिलान्यास किया जाएगा। विभाग की एमएसएमई और स्टार्टअप गतिविधियों के अंतर्गत उद्यमियों व स्टार्टअप द्वारा अपने अनुभव भी साझा किये जाएंगे। शाम को विशेष रूप से स्वदेशी एवं स्वावलंबन पर विशेष परिचर्चा सत्र भी होगा।