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शुजालपुर नगरपालिका परिषद ने जन सेवा और लोक कल्याण के 100 वर्ष पूर्ण किए हैं

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नगरपालिका परिषद का शताब्दी वर्ष शुजालपुर के हर नागरिक के सम्मान का उत्सव है। यह हमारी विरासत, उपलब्धियों और सामूहिक संकल्प का पर्व है। जटाशंकर महादेव की असीम कृपा से शुजालपुर नगरपालिका ने जन सेवा और लोक कल्याण के 100 वर्ष पूर्ण किए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुजालपुर नगरपालिका के नए भवन के लिए 3 करोड़ रुपए और नगरपालिका क्षेत्र में सड़कों सहित अन्य विकास कार्य के लिए दो करोड़ रुपए नगरपालिका परिषद शुजालपुर को उपलब्ध कराने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को शुजालपुर नगरपालिका परिषद के 100 वर्ष पूर्ण होने पर शुजालपुर में आयोजित शताब्दी वर्ष समारोह को मंत्रालय भोपाल से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। शुजालपुर में हुए कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह सिंह परमार, नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती बबीता परमार उपस्थित रही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शुजालपुर में स्वच्छता से संबंधित गतिविधियों में निरंतर प्रगति हो रही है। नगर को राष्ट्रीय रैंकिंग में और बेहतर स्थान पर लाने के लिए आगामी वर्षों में अतिरिक्त प्रयास किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि गत 2 वर्षों में शुजालपुर में ऑडिटोरियम और सीसी रोड के लिए 5 करोड़ रुपए, कायाकल्प योजना के अंतर्गत सड़क निर्माण के लिए 6 करोड़ 60 लाख रुपए, अमृत 2 के अंतर्गत जलप्रदाय के लिए 12 करोड़ रुपए की राशि उपलब्ध कराई गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शुजालपुर वीरों की भूमि रही है। जब पेशवा बाजीराव प्रथम ने मालवा में विजय का परचम लहराया तब शुजालपुर उनकी रणनीतिक प्राथमिकता में था। इस पावन धरा पर पेशवाओं की सेना का नेतृत्व करते हुए राणो जी शिंदे ने मातृभूमि के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया। उनकी स्मृति में बना भव्य शिव मंदिर और ऐतिहासिक छतरी आज भी हमें शौर्य की प्रेरणा देते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शौर्य और संकल्प की नींव पर आज से ठीक 100 वर्ष पहले 1926 में नगरपालिका परिषद का गठन शुजालपुर में हुआ था। एक उज्जवल भविष्य का संकल्प आज वट वृक्ष बन चुका है। वर्तमान में शुजालपुर विकास का मॉडल बन रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य में जारी गतिविधियों के परिणाम स्वरूप शुजालपुर क्षेत्र में सड़कों, स्वास्थ्य, शिक्षा सुविधाओं, व्यापार-व्यवसाय गतिविधियों आदि में निरंतर प्रगति हो रही है। परिषद के माध्यम से राज्य सरकार हर घर तक सड़क-बिजली और पानी पहुंचाने के संकल्प को सिद्ध कर रही है। शहर की पेयजल समस्या का समाधान काफी हद तक करने का प्रयास किया गया है। नगर में 21 करोड़ 55 लाख रुपए की लागत से जमघड़ नदी को साफ रखने की तैयारी है। यह पहल आने वाली पीढ़ियों के लिए एक उपहार के समान होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुजालपुर को विकास के शिखर पर ले जाने के लिए जन भागीदारी को प्रोत्साहित करने का आहवान किया। उच्च शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में गत 2 वर्षों में विकास और जनकल्याण की दृष्टि से क्षेत्र का कायाकल्प हुआ है। मंत्री श्री परमार ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से नए और बड़े बस स्टैंड के लिए भूमि आवंटित करने का अनुरोध किया। कार्यक्रम को नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती बबीता परमार ने भी संबोधित किया। शुजालपुर के कार्यक्रम में पूर्व मंत्री श्री विजेंद्र सिंह सिसोदिया, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री हेमराज सिंह सिसोदिया, जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और बड़ी संख्या में स्थानीय जन उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जलालपुर पहुँचकर विधायक लोधी की माताजी के निधन पर शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं

भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को ग्वालियर जिले के ग्राम जलालपुर पहुँचकर विधायक श्री प्रीतम लोधी की माताजी स्व. श्रीमती भागवती बाई के निधन पर शोक संवेदनाएँ व्यक्त कीं। उन्होंने दिवंगत स्व. भागवती जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि प्रदान की। इस अवसर पर वरिष्ठ विधायक एवं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष श्री हेमंत खंडेलवाल, श्री जयप्रकाश राजौरिया, श्री प्रेमसिंह राजपूत सहित जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। विधायक श्री प्रीतम लोधी की माताजी श्रीमती भागवती बाई का गत 26 फरवरी को लगभग 100 वर्ष की अवस्था में निधन हो गया था।  

स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती का जीवन संस्कृति, सनातन परंपरा एवं राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पण का प्रेरक उदाहरण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ब्रह्मलीन शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती का जीवन भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा एवं राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पण का प्रेरक उदाहरण है। उन्होंने कहा कि स्वामी जी के जन्म स्थल सिवनी में उनके दिव्य स्तंभ की स्थापना सौभाग्य का विषय है तथा यह भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को जबलपुर एयरपोर्ट से सिवनी जिला मुख्यालय स्थित शंकराचार्य चौक के लोकार्पण कार्यक्रम में वर्चुअली शामिल होकर संबोधित करते हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम सभी का दायित्व है कि शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के विचारों एवं संस्कारों को न केवल आत्मसात करें, बल्कि उन्हें समाज में व्यापक रूप से प्रचारित कर आगे बढ़ाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार सनातन मूल्यों से प्रेरणा लेकर सुशासन की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में भगवान कृष्ण की लीलाओं से जुड़े सभी स्थलों को तीर्थ के रूप में विकसित करने का कार्य किया जा रहा है। दिव्य स्तंभ के लोकार्पण अवसर पर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती महाराज ने आदि शंकराचार्य के जीवन एवं सनातन धर्म में उनके योगदान पर प्रकाश डाला तथा ब्रह्मलीन शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी महाराज के आध्यात्मिक योगदान एवं राष्ट्रधर्म के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को स्मरण किया।  

मुख्यमंत्री ने चित्रकूट के पं. दीनदयाल उपाध्याय शोध संस्थान के कार्यक्रम को किया वर्चुअली संबोधित

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राष्ट्रऋषि नानाजी देशमुख केवल एक राजनेता नहीं बल्कि सामाजिक परिवर्तन के महान साधक थे। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन ग्राम विकास-शिक्षा-स्वावलंबन के लिए समर्पित कर दिया और समाज सेवा के उद्देश्य को तप के साथ सिद्ध किया। स्व. नानाजी देशमुख का मानना था कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है। जब गांव मजबूत होंगे तभी राष्ट्र मजबूत बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव राष्ट्रऋषि नानाजी देशमुख की 16वीं पुण्यतिथि के संदर्भ में चित्रकूट स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय शोध संस्थान में आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम को विधानसभा भोपाल से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। स्व. नानाजी देशमुख की 16वीं पुण्यतिथि 27 फरवरी को है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चित्रकूट को भगवान  राम की तपोस्थली के साथ-साथ नानाजी देशमुख की कर्मस्थली होने का भी गौरव प्राप्त है। स्व. नानाजी देशमुख ने पं. दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानववाद के सपने को मूर्त रूप देने के संकल्प को, चित्रकूट से ही साकार करने का प्रण किया। इस उद्देश्य से ही ग्रामीण विश्वविद्यालय की स्थापना 1991 में चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय के रूप में की गई। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार स्व. नानाजी देशमुख की शिक्षाओं के अनुरूप समाज और देश के संवर्धन तथा सशक्तिकरण की दिशा में कार्य कर रही है। दीनदयाल शोध संस्थान, ग्रामीण विकास के साथ ही स्वास्थ्य, स्वच्छता, शिक्षा, कृषि, स्वावलंबन और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की दिशा में अनुकरणीय कार्य कर रहा है। राज्य सरकार विरासत के साथ विकास को ध्यान में रखते हुए गांवों को मजबूत कर राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दे रही है। चित्रकूट में स्थानीय सांसद  गणेश सिंह, विश्वविद्यालय के कुलगुरू  आलोक दुबे, दीनदयाल शोध संस्थान के संगठन सचिव  अभय महाजन तथा विषय विशेषज्ञ और शोधार्थी उपस्थित थे।    

सूखे खेतों में पानी पहुँचने पर मिट्टी उगलती है सोना

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों के सूखे खेतों में जब सिंचाई का पानी पहुंचता है तो मिट्टी सोना उगलती है। किसान कल्याण वर्ष 2026 में किसानों की समृद्धि के लिए उनके खेतों में सिंचाई की भरपूर व्यवस्था की जाएगी, जिससे वे वर्ष भर फसलें ले सकें। सिंचाई का रकबा बढ़ाने और हर खेत किसान के खेत तक पानी पहुंचाने के लिये मध्यप्रदेश के बजट 2026-27 में जल प्रदाय योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण प्रावधान किये गये है। प्रदेश में सिंचाई परियोजनाओं के माध्यम से सिंचित रकबे में निरंतर बढ़ोत्तरी हो रही है। शीघ्र ही प्रदेश में सिंचाई के रकबे को 100 लाख हैक्टेयर तक पहुंचाने का लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि आगामी वित्तीय वर्ष में जल प्रदाय योजनाओं के लिये जो प्रावधान किये गये हैं, उनमें मुख्य रूप से नर्मदा घाटी विकास के अंतर्गत एन.वी.डी.ए. के सभी बिजली बिलों के लिए 689 करोड़ रुपये, सेंधवा उद्वहन माइक्रो सिंचाई परियोजना में 500 करोड़ रुपये, सांवेर माइक्रो उद्वहन सिंचाई योजना में 400 करोड़ रुपये, आई.एस.पी. कालीसिंध उद्वहन माइक्रो सिंचाई योजना फेस-2 में 400 करोड़ रुपये, बरगी नहर व्यपवर्तन योजना में 399 करोड़ रुपये, चिंकी बोरास बैराज संयुक्त बहुउद्देशीय माइक्रो सिंचाई परियोजना में 350 करोड़ रुपये, सरदार सरोवर के डूब प्रभावित क्षेत्र का भू-अर्जन तथा अन्य कार्यों पर खर्च के लिये 308 करोड़ रुपये, एन. बी. कम्पनी लिमिटेड का निवेश में 303 करोड़ रुपये, खण्डवा उद्वहम माइक्रो सिंचाई योजना में 300 करोड़ रुपये, नर्मदा (आई.एस.पी.) पार्वती लिंक परियोजना फेस 3 एवं 4 में 300 करोड़ रुपये, शहीद इलाप सिंह माइक्रो सिंचाई योजना में 300 करोड़ रुपये, महेश्वर-जानापाव (लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर) उद्वहन सिंचाई योजना में 200 करोड़ रुपये, निवाली उद्वहन माइक्रो सिंचाई परियोजना में 200 करोड़ रुपये, मोरण्ड गंजाल परियोजना से संबंधित स्थापना व्यय के लिए 200 करोड़ रुपये, राघवपुर परियोजना के लिए 150 करोड़ रुपये, शङ्कर पेंच लिंक संयुक्त परियोजना में 150 करोड़ रुपये, धार उद्वहन माइक्रो सिंचाई परियोजना में 150 करोड़ रुपये, शेर सिंचाई योजना में 100 करोड़ रुपये बसानिया परियोजना में 100 करोड़ रुपये और अपर बुढ़नेर सिंचाई योजना में 100 करोड़ रुपये, हाट पिपल्या सिंचाई योजना के में 100 करोड़ रुपये, अपर नर्मदा परियोजना में 100 करोड़ रुपये, बहोरीबंद माइक्रो उद्वहन सिंचाई योजना में 100 करोड़ रुपये, माँ रेवा उद्वहन सिंचाई परियोजना में 100 करोड़ रुपये, सोंडवा उद्वहन माइक्रो सिंचाई परियोजना के लिए 100 करोड़ रुपये, भू अर्जन के लिये मुआवजा के लिये 100 करोड़ रुपये, सिंचाई एवं पेयजल योजनाओं का सौर उर्जीकरण के लिए 100 करोड़ रुपये, हण्डिया बैराज परियोजना में 100 करोड़ रुपये, नर्मदा नदी के किनारे घाट निर्माण के लिए 80 करोड़ रुपये, मुख्य अभियंता आई.एस.पी. के अधीन संचालित सभी योजनाओं के स्थापना व्यय के लिए 74 करोड़ रुपये, मुख्य अभियंता आर.ए.बी.एल.एस. के अधीन संचालित सभी योजनाओं के स्थापना व्यय में 66 करोड़ रुपये, मुख्यालय स्थापना के लिए 53 करोड़ रुपये, दूधी परियोजना में 50 करोड़ रुपये, कुक्षी उद्वहन माइक्रो सिंचाई परियोजना के लिए 50 करोड़ रुपये, मछरेवा सिंचाई योजना के लिए 50 करोड़ रुपये और खालवा उद्वहन माइक्रो सिंचाई योजना के लिए 50 करोड़ रुपये के प्रावधान शामिल हैं। जल संसाधन विभाग के अंतर्गत किये गए प्रावधानों में बांध तथा संलग्न कार्य के लिए 3062 करोड़ रुपये, केन बेतवा लिंक राष्ट्रीय परियोजना के लिए 1000 करोड़ रुपये, कार्यपालिक स्थापना के लिए रुपये 992 करोड़, नहर तथा उससे संबंधित निर्माण कार्य के लिए 450 करोड़ रुपये, बांध तथा नहरें के लिए 312 करोड़ रुपये, लघु एवं लघुतम सिंचाई योजनाएं के लिए 300 करोड़ रुपये, कान्ह डायवर्सन क्लोज डक्ट परियोजना के लिए 290 करोड़ रुपये, लघु सिंचाई योजनाओं के लिए 200 करोड़ रुपये, नहरें तथा तालाब के लिए 198 करोड़ रुपये, अन्य लघु सिंचाई निर्माण कार्य के लिए 115 करोड़ रुपये और निर्वाचित कृषक संस्थाओं को राशि की व्यवस्था के लिए 61 करोड़ रुपये के प्रावधान शामिल हैं।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीसी से ग्वालियर के कृषि मंथन में कृषि वैज्ञानिकों को दिया संदेश

कृषि में शोध बढ़ायेंगे, मंडी निर्यात नीति भी लायेंगे सरसों को भी लायेंगे भावांतर के योजना में दलहन-तिलहन, औषधीय और मसाला फसलों का भी बढ़ा रहे उत्पादन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसान हमारे प्रदेश की अर्थव्यवस्था के आधार स्तंभ हैं। इनके अथक परिश्रम से ही हमारे बाजार गुलजार है। हम वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मना रहे हैं। यह वर्ष प्रदेश के इतिहास में किसानों के हित और समग्र कल्याण के मामले में मील का पत्थर साबित होगा।उन्होंने कहा कि यह वर्ष 'खेत से लेकर कारखाने तक और बाग से लेकर बाजार तक' की पूरी मूल्य संवर्धन श्रृंखला को एक सूत्र में जोड़ेगा। इस वर्ष हम क़ृषि उत्पादों के प्रसंस्करण और इनमें वैल्यू एडिशन के लिए अधिकाधिक रोजगार आधारित उद्योगों के विकास, उन्नत किस्म के बीजोत्पादन, पशुपालन, दुग्धोत्पादन, मत्स्योत्पादन में वृद्धि सहित हर वो कदम उठाएंगे, जिनसे खेती और अन्नदाताओं का विकास हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास से कृषि विश्वविद्यालय परिसर, ग्वालियर में हो रहे 'कृषि मंथन एवं कृषि प्रौद्योगिकी मेला 2026' को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना संबंधी कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश में तेज़ी से सिंचाई सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। हमारी सरकार प्रदेश में औषधीय और मसाला फसलों का उत्पादन बढ़ाने के सभी प्रयास कर रही है। हम जल्द ही कृषि उत्पादन निर्यात नीति लाने वाले हैं। हम कृषि में शोध कार्य भी बढ़ायेंगे। उन्होंने कहा कि हम खेती-किसानी और फल-फूलों की खेती को लाभकारी व्यवसाय बनाने के लिए कोई कसर नहीं रखेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस कृषि मंथन से जो अमृत निकलेगा, वह हमें किसानो के कल्याण के लिये प्रभावी और कारगर कदम उठाने में सहायक होगा। 'कृषि मंथन' राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय, ग्वालियर, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् (आईसीएआर) नई दिल्ली और कृषि विभाग, म.प्र. शासन के संयुक्त तत्वावधान में हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि "समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश" की थीम पर हो रहा कृषि मंथन निश्चित ही किसानों को खेती में जरूरी सुधार और बदलाव लाने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार आधुनिक कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, डेयरी और मत्स्य क्षेत्रों में मूल्य-श्रृंखला विकास, प्रोसेसिंग, तकनीक अपनाने और ग्रामीण युवाओं की उद्यमिता को बढ़ावा देकर व्यापक रोजगार सृजन करने पर फोकस कर रही है। तकनीकी नवाचार, विविधीकरण और नीतिगत समर्थन से इन क्षेत्रों में न केवल उत्पादकता बढ़ाई जा सकेगी, बल्कि विपणन एवं प्रसंस्करण के क्षेत्र में बाजार अनुरूप लाभकारी व्यवस्था कृषकों के लिए निर्मित होगी। हम कृषि के अलावा उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन एवं सहकारिता क्षेत्र में भी नई सोच से आगे बढ़ रहे है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज कृषि जलवायु परिवर्तन के बढ़ते जोखिमों का सामना कर रही है। इस मंथन में देश के विभिन्न कृषि संस्थानों के वरिष्ठ वैज्ञानिक विचार मंथन कर नई तकनीकों के विकास की राह प्रशस्त करेंगे। वीडियो काँफ्रेंसिंग में सचिव कृषि एवं किसान कल्याण विभाग निशांत वरवड़े, सचिव परिवहन एवं आयुक्त जनसम्पर्क मनीष सिंह ने भोपाल से सहभागिता की। यूनिवर्सिटी परिसर में हो रहे इस कृषि मंथन में कृषि विश्वविद्यालय ग्वालियर के कुलगुरू प्रो. (डॉ.) अरविंद कुमार शुक्ला, आचार्य नरेन्द्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, अयोध्या के कुलपति डा. ब्रजेन्द्र सिंह, यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेज, धारवाड़, कर्नाटक के कुलपति डॉ. पी.एल पाटिल, भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान, मोदीपुरम, मेरठ के निदेशक डॉ. सुनील कुमार, देश के विभिन्न कृषि संस्थानों से आये वैज्ञानिक, आईसीएआर के पदाधिकारी सहित कृषि अधिकारी भी उपस्थित थे।  

ड्रोन, एआई, स्मार्ट सिंचाई और डिजिटल मार्केटिंग को बढ़ावा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि युवा, कृषि क्षेत्र में नवाचार और तकनीक के साथ आगे आएंगे तो मध्यप्रदेश न केवल खाद्यान्न उत्पादन में बल्कि कृषि आधारित उद्योगों, जैविक उत्पादों और एग्री-एक्सपोर्ट में भी देश में अग्रणी स्थान प्राप्त करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को इंदौर के बास्केटबाल कॉम्पलेक्स में एक निजी मीडिया संस्थान द्वारा आयोजित “किसान कल्याण की बात युवाओं के साथ” कार्यक्रम में रूबरू हुए। साथ ही युवाओं और विशेषज्ञ किसानों से संवाद किया। कार्यक्रम का उद्देश्य कृषि क्षेत्र में युवाओं की भूमिका को सशक्त बनाना, किसान कल्याण की नीतियों पर संवाद स्थापित करना, आधुनिक खेती और तकनीक को बढ़ावा देना रहा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवा, किसान, कृषि वैज्ञानिक एवं उद्यमी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संवाद कार्यक्रम में प्रश्नों के जवाब में कहा कि मध्यप्रदेश कृषि के क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रहा है और राज्य को देश का अग्रणी कृषि राज्य बनाने की दिशा में सरकार प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। यह वर्ष कृषि और किसानों को समर्पित कर किसान कल्याण वर्ष मनाया जा रहा है। कार्यक्रम में युवा किसान और कृषि क्षेत्र से जुड़े युवा प्रतिनिधियों ने कृषि क्षेत्र से जुड़े विभिन्न विषयों पर मुख्यमंत्री से सीधे संवाद भी किया। इस दौरान रोबोट द्वारा भी मुख्यमंत्री जी से कृषि विकास को लेकर प्रश्न किया गया। इसका जवाब देते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवाओं से कहा कि यदि वे नई तकनीक, ड्रोन, जैविक खेती, फूड प्रोसेसिंग और कृषि आधारित उद्योगों से जुड़ेंगे, तो न केवल अपनी आय बढ़ा सकेंगे बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बनाएंगे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कृषि में युवाओं की भागीदारी से उत्पादन, गुणवत्ता और निर्यात में वृद्धि संभव है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों और युवाओं के हित में विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है, जिनका लाभ लेकर युवा आत्मनिर्भर बन सकते हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा कर सकते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नई तकनीकों—जैसे ड्रोन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित कृषि प्रबंधन, स्मार्ट सिंचाई प्रणाली और डिजिटल मार्केटिंग के माध्यम से कृषि को आधुनिक स्वरूप दिया जा रहा है। भावांतर योजना के तहत किसानों को समर्थन मूल्य के अंतर की राशि प्रदाय की जा रही है। सरकार द्वारा कृषि स्टार्टअप को प्रोत्साहन, प्रशिक्षण कार्यक्रम, सब्सिडी योजनाएं तथा किसान उत्पादक संगठनों को सशक्त बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर मिल सकें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार किसान कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए फसल बीमा, न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी, कृषि यंत्रीकरण, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना और निर्यात को बढ़ावा देने जैसे कदम उठा रही है। प्रदेश ने गेहूं, सोयाबीन, चना और अन्य फसलों के उत्पादन में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने बताया कि सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, नर्मदा परियोजनाओं के माध्यम से जल उपलब्धता बढ़ाने, माइक्रो इरिगेशन को प्रोत्साहन, जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने तथा फसल विविधीकरण जैसी पहलों से किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित की जा रही है। प्रदेश में बिजली की सरप्लस उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। किसानों को 24 घंटे बिजली प्रदाय की जा रही है। सोलर पंप पर सब्सिडी दी जा रही है, जिससे प्रदेश में लगातार सिंचाई के रकबे में वृद्धि हो रही है। आज मध्यप्रदेश में सिंचाई का रकबा 55 लाख हेक्टेयर पहुंच गया है, जिसे वर्ष 2028 तक 100 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि कृषि अब केवल जीविकोपार्जन का साधन नहीं, बल्कि नवाचार, स्टार्टअप और मूल्य संवर्धन के माध्यम से आर्थिक समृद्धि का मजबूत आधार बन रही है। आज कृषि केवल पारंपरिक खेती तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आधुनिक तकनीक, नवाचार और स्टार्टअप के माध्यम से तेजी से विकसित हो रहा क्षेत्र है। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आधुनिक एवं नवाचार आधारित खेती करने वाले प्रगतिशील किसानों का सम्मान भी किया। प्रारंभ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फीता काटकर “किसान कल्याण की बात युवाओं के साथ” कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम स्थल पर युवाओं द्वारा लगायी गई कृषि आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया और सराहना की। इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, सांसद शंकर लालवानी, विधायक राकेश गोलू शुक्ला, रमेश मेंदोला, श्रीमती मालिनी गौड़ और महेन्द्र हार्डिया, सुमित मिश्रा सहित संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर शिवम वर्मा, आयोजक राजेश राठौर राज राठौर भी मौजूद थे।  

प्रधानमंत्री मोदी ने मन की बात से जनसामान्य को देश हित और सबके विकास के लिए प्रेरित किया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की "मन की बात" देश और देशवासियों की उपलब्धियों को सामने लाने का एक प्रभावी प्लेटफार्म है। देश में मैदानी स्तर पर घटित होने वाली सूक्ष्मतम गतिविधियों का वे ध्यान रखते हैं और उन्हें देशवासियों से साझा करते हैं। किसानों द्वारा एक ही स्थान पर विविध फसलें लेने के लिए किया गया नवाचार हो या केरल में बच्चे के अंगदान का मामला हो मन की बात में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा उल्लेख किए गए यह सब प्रसंग कई लोगों को प्रेरणा देते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा तमिलनाडु की पूर्व प्रधानमंत्री सुजयललिता को याद करना देश की विविधता को अभिव्यक्ति देने के समान है। प्रधानमंत्री मोदी के विचारों में समग्रता और सबके विकास की सोच प्रकट होती है। प्रधानमंत्री मोदी के मन की बात कार्यक्रम की यह विशेषता है कि इस संवाद में कभी राजनैतिक विषय नहीं आते, वे सदैव देश हित को ही प्राथमिकता देते हैं। उनका यह विजन हम सबके लिए प्रेरणादायी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी की मन की बात कार्यक्रम के श्रवण के बाद मीडिया से चर्चा में यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुलिस लाइन स्थित स्टेडियम में दिव्यांग खिलाड़ियों तथा स्थानीय रहवासियों के साथ मन की बात कार्यक्रम का श्रवण किया। इस अवसर पर क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल, विधायक भगवान दास सबनानी, राहुल कोठारी, रविन्द्र यति उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी अन्नदाता, युवा, महिला, गरीब सभी के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा देश के कोने-कोने में विकास, जनकल्याण के लिए हो रहे नवाचारों और पहल का ध्यान रखना और उन्हें देशवासियों से नियमित तौर पर साझा करना सराहनीय है। नई दिल्ली में आयोजित ग्लोबल एआई एम्पैक्ट समिट-2026 के संबंध में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि समिट में प्रदेश के कृषि, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में हो रही पहल को प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश और देश के हित में एआई का किस प्रकार अधिक से अधिक लाभ उठाया जा सकता है, इस पर विचार करना ही हमारी प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश उदार और उदात विचारों के साथ इस दिशा में आगे बढ़ेगा।  

प्रधानमंत्री मोदी ने दिव्यांग कह कर चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में संघर्ष करने वाले निशक्तजनों की इच्छा शक्ति को किया प्रोत्साहित

प्रदेश के खिलाड़ियों ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से किया प्रदेश को गौरवान्वित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश दिव्यांगजन के खेलों के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभर रहा है। प्रदेश के कई खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना कर प्रदेश को गौरवान्वित किया है। समाज सुधारक और चिंतक स्व. कुशाभाऊ ठाकरे की जन्म शताब्दी वर्ष पर 100 घंटे लगातार क्रिकेट खेलने का यह प्रयास केवल रिकॉर्ड बनाने की कोशिश नहीं, बल्कि यह संदेश है कि जब संकल्प समाज के उत्थान के लिए होता है तो सीमाएं स्वयं समाप्त हो जाती हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विकलांग शब्द के स्थान पर दिव्यांग शब्द को स्थापित किया है। उनका यह कदम भारतीय संस्कृति के मनोभाव के अनुरूप है। इस पहल ने विकलांग शब्द से जन सामान्य में उपजती हीनता की भावना का अंत किया है, साथ ही चुनौतिपूर्ण परि‍स्थितियों में संघर्ष की अदम्य इच्छा शक्ति को प्रोत्साहित किया है। प्रधानमंत्री मोदी की सकारात्मक सोच के अनुरूप देश को सभी क्षेत्रों में आगे लाने के प्रयास को साकार रूप देने के उद्देश्य से ही राष्ट्रीय दिव्यांगजन क्रिकेट खेल महोत्सव 2026 नॉट आउट@100 का आयोजन किया गया है। मुख्मयंत्री डॉ. यादव राष्ट्रीय दिव्यांगजन क्रिकेट खेल महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुलिस लाइन स्टेडियम में दीप प्रज्ज्वलित करने के साथ भारत माता के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर खेल महोत्सव का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिव्यांग खिलाड़ियों को स्मृति चिन्ह भी भेंट किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्रिकेट पिच पर पहुंचकर खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया तथा एक बॉल खेलकर मैच का शुभारंभ किया। पहला मैच मध्यप्रदेश और राजस्थान की ऑर्थो केटेगरी टीम के बीच रहा। इसके पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव को खेल महोत्सव का बैच लगाया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने टूर्नामेंट की कैप भी धारण की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्रीय दिव्यांग खेल महोत्सव के अंतर्गत दिव्यांगजन का लगातार 100 घंटे क्रिकेट खेलना अद्भुत, आनंददायी और हम सबके लिए गर्व का अवसर है। उन्होंने इस आयोजन के लिए कुशाभाऊ ठाकरे न्यास और इंटर नेशनल पब्लिक पॉलिसी रिसर्च सेंटर को बधाई दी। उन्होंने कहा कि हमारे लिए यह सौभाग्य का विषय है कि प्रधानमंत्री मोदी की "मन की बात" के श्रवण के साथ यह खेल महोत्सव आयोजित हो रहा है। यह सभी क्षेत्रों में सर्वागींण रूप से समान भाव के साथ आगे बढ़ने की प्रधानमंत्री मोदी की प्रतिबद्धता का परिचायक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिव्यांग बेटी संगीता विश्नोई की इच्छाशक्ति की सराहना करते हुए कहा कि बेटियां केवल खिलाड़ी नहीं, आत्मविश्वास और साहस की जीवंत मिसाल हैं। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. राघवेंद्र शर्मा ने बताया कि विश्व में पहली बार एक ऐसा आयोजन हो रहा है जहां खेल की गूंज लगातार 100 घंटे तक रहेगी। दिन हो या रात दिव्यांग खिलाड़ी अपने प्रयासों से एक नया इतिहास बचेंगे। उन्होंने बताया कि दिव्यांगजन खेल महोत्सव में 25 टीमों के 350 खिलाड़ी भाग लेंगे। यह महोत्सव 26 फरवरी तक जारी रहेगा। स्थानीय विधायक भगवानदास सबनानी ने सभी का आभार माना। कार्यक्रम में अजय जामवाल, राहुल कोठारी, रविन्द्र यति और दिव्यांग खिलाड़ी उपस्थित रहे ।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज दतिया को देंगे 532 करोड़ रूपये के विकास की सौगातें

सिंध नदी पर नव निर्मित सेतु का करेंगे लोकार्पण भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज दतिया जिले की तहसील सेवढ़ा में आयोजित कार्यक्रम में 532 करोड़ रूपये के विकास कार्यों की सौगात देंगे। इसमें मुख्य रूप से सिंध नदी पर नव निर्मित सेतु का लोकार्पण शामिल हैं। साथ ही सांदीपनि शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बसई सहित अन्य विकास कार्यों का लोकार्पण भी होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सनकुआ धाम के समीप स्थित द्वारिकाधीश मंदिर में पूजन-अर्चन भी करेंगे। कृषि उपज मंडी प्रांगण सेवढ़ा में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव 299.32 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण हुए 53 विकास कार्यों का लोकार्पण और 233.24 करोड़ रुपये की लागत के 21 कार्यों का भूमिपूजन एवं शिलान्यास करेंगे। साथ ही विभिन्न शासकीय योजनाओं में हितग्राहियों को हितलाभ वितरित करेंगे।