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धार का पीएम मित्रा पार्क बनेगा भारत का सबसे बड़ा टेक्सटाइल हब : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मध्यप्रदेश का नया विज़न – फार्म टू फैशन 3 सितम्बर को दिल्ली में पीएम मित्रा पार्क में निवेश पर "इंटरैक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीस्" भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश अब देश का सबसे बड़ा पीएम मित्रा (मेगा इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल रीजन एंड अपैरल) पार्क स्थापित करने जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की 5F रणनीति – "फार्म टू फाइबर टू फैक्ट्री टू फैशन टू फॉरेन'' को मूर्त रूप देने वाला यह पार्क न केवल प्रदेश बल्कि पूरे भारत के टेक्सटाइल सेक्टर की औद्योगिक तस्वीर बदलने वाला साबित होगा। इसी सिलसिले में 3 सितम्बर 2025 को नई दिल्ली के होटल आईटीसी मौर्य में “इंटरएक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज इन पीएम मित्रा पार्क” का आयोजन होगा। इसमें केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरीराज सिंह मुख्य वक्तव्य देंगे और भारत के वस्त्र उद्योग की वैश्विक भूमिका पर प्रकाश डालेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव विशेष संबोधन देंगे और उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन मीटिंग कर निवेश प्रस्तावों पर चर्चा करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि “पीएम मित्रा पार्क मध्यप्रदेश को ‘फार्म टू फैशन’ की पूरी वैल्यू चेन में अग्रणी बनाएगा। यह पार्क न केवल रोजगार और निवेश का केंद्र बनेगा, बल्कि ‘Made in MP – Wear Across the World’ के विज़न को भी साकार करेगा।” बड़ा निवेश अवसर धार जिले में प्रस्तावित यह पार्क 2,158 एकड़ विकसित औद्योगिक भूमि पर बसाया जा रहा है। राज्य और केंद्र सरकार की आकर्षक प्रोत्साहन नीतियों का लाभ निवेशकों को मिलेगा। भूमि प्रीमियम मात्र 1 रुपये प्रति वर्ग मीटर, डेवलपमेंट चार्ज 120 रुपये प्रति वर्ग फुट, बिजली 4.5 रुपये प्रति यूनिट और पानी 25 रुपये प्रति किलोलीटर की दरों पर उपलब्ध कराया जाएगा। अधोसंरचना और कनेक्टिविटी पार्क को वर्ल्ड क्लास इंडस्ट्रियल हब के रूप में तैयार किया जा रहा है। इसमें 2,063 करोड़ रुपये की लागत से कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है, जिसमें 60 और 45 मीटर चौड़ी सड़कें, सीवरेज और ड्रेनेज नेटवर्क, अंडरग्राउंड केबल, लॉजिस्टिक्स बे, पार्किंग, CETP, सोलर प्लांट, प्लग-एंड-प्ले यूनिट्स और सेंट्रलाइज्ड स्टीम बॉयलर शामिल हैं। पूरी यूटिलिटीज को CCTV, IoT और SCADA से मॉनिटर किया जाएगा। साथ ही 60 मीटर चौड़ा 6-लेन अप्रोच रोड, 220 केवी बिजली लाइन, और 20 एमएलडी जलापूर्ति का निर्माण तेजी से चल रहा है। पार्क राष्ट्रीय राजमार्ग (NH 47) से केवल 40 किमी, इंदौर हवाई अड्डे से 110 किमी और निकटतम रेलवे स्टेशन से 16 किमी की दूरी पर स्थित है। यह डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (रतलाम – 55 किमी) और ड्राई पोर्ट (पिथमपुर/तिही – 90 किमी) से भी जुड़ा रहेगा। सामाजिक और अनुसंधान सुविधाएँ पार्क में केवल औद्योगिक ही नहीं, बल्कि सामाजिक व सहयोगी अधोसंरचना भी विकसित की जा रही है। इसमें आवासीय टावर, कामकाजी महिलाओं के लिए आवास, अस्पताल, चाइल्ड केयर, रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर और टेस्टिंग लैब्स शामिल होंगे। इससे यह पार्क इंडस्ट्री-फ्रेंडली ही नहीं बल्कि वर्कर-फ्रेंडली भी बनेगा। वैश्विक निवेशकों का भरोसा कई अंतरराष्ट्रीय ब्रांड जैसे HanesBrands, PVH Corp, Puma और Mothercare पहले ही मध्यप्रदेश की संभावनाओं में रुचि जता चुके हैं। बायर सोर्सिंग लीडर्स (BSL) के साथ एमओयू से डिजाइन, लॉजिस्टिक्स और स्किल डेवेलपमेंट का एकीकृत नेटवर्क भी तैयार होगा। राष्ट्रीय दृष्टि से महत्व विशेषज्ञ मानते हैं कि भारत में कई राज्य टेक्सटाइल पार्क विकसित कर रहे हैं, लेकिन मध्यप्रदेश का पीएम मित्रा पार्क अपने आकार, नीतिगत सहयोग और वैश्विक स्तर की अधोसंरचना के कारण सबसे बड़ा और सबसे प्रभावशाली होगा। यह राज्य के औद्योगिकीकरण की नई पहचान बनेगा और भारत की निर्यात क्षमता को भी नई ऊँचाइयों तक ले जाएगा।  

अटल प्रतिमा से लेकर आईटीआई तक – चंबल अंचल के सर्वांगीण विकास का रोडमैप तैयार

मुख्यमंत्री ने अंबाह में 21 फीट ऊँची अटल प्रतिमा का किया अनावरण अंबाह-दिमनी विधानसभा क्षेत्र को दी विकास कार्यों की सौगातें दिमनी विधानसभा क्षेत्र में आईटीआई खोलने की घोषणा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारत रत्न स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी की 21 फीट ऊँची भव्य प्रतिमा का अनावरण सौभाग्य का क्षण है। “अटल स्मृति संघ, अंबाह की पुण्य भूमि पर आज एक स्वर्णिम अध्याय की शुरुआत हुई है।” मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को मुरैना जिले के अंबाह में 31 लाख रुपये की लागत से निर्मित प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अटल जी की यह प्रतिमा जयश्वर महादेव पार्क में स्थापित की गई है, जहाँ 25 लाख की लागत से जिम और 40 लाख की लागत से लाइटिंग एवं प्लेटफॉर्म का निर्माण कराया गया है। यह प्रतिमा लगभग 200 करोड़ मूल्य की शासकीय भूमि पर स्थापित की गई है। उन्होंने कहा कि अटल जी के नेतृत्व में गांव-गांव तक सड़कों का जाल बिछाया गया। वर्ष 1956 से 2003 तक प्रदेश में केवल 5 मेडिकल कॉलेज थे, जबकि पिछले डेढ़ वर्षों में प्रदेश में 5 नए मेडिकल कॉलेज खोले गए हैं।    शिक्षा के क्षेत्र में सांदीपनि विद्यालयों की स्थापना विकासखंड स्तर पर की जा रही है। इसके अतिरिक्त आईटीआई संस्थान भी खोले जा रहे हैं, जिससे छात्र-छात्राएं पढ़-लिखकर अपने ही जिले में रोजगार प्राप्त कर सकें। इसी क्रम में 500 करोड़ की लागत से ग्राम पिपरसेवा में उद्योग स्थापना हेतु भूमिपूजन किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सिंचाई के क्षेत्र में भी बड़ी उपलब्धि हासिल की गई है। अब तक सिंचित रकबा 44 लाख हेक्टेयर तक बढ़ाया जा चुका है और पिछले सवा साल में 7.5 लाख हेक्टेयर भूमि अतिरिक्त सिंचित की गई है। सरकार का संकल्प है कि वर्ष 2028 तक प्रदेश में 100 लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित की जाए। उन्होंने कहा कि मुरैना बदलते समय के साथ नवीन स्वरूप में दिखाई देगा। विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य एवं रोजगार के क्षेत्र में राज्य सरकार पूर्णतः प्रतिबद्ध है। सरकार का लक्ष्य है कि युवाओं को पढ़ाई के बाद अपने ही क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध हो। इसी उद्देश्य से रजौधा में सांदीपनि विद्यालय का लोकार्पण, कॉलेज का भूमिपूजन और पिपरसेवा में उद्योग स्थापना जैसे ऐतिहासिक कार्य किए गए हैं। उन्होंने कहा कि अंबाह एवं गोठ क्षेत्र में भी सांदीपनि विद्यालय शीघ्र ही पूर्ण होंगे। बच्चों को श्रेष्ठ शिक्षा मिले, इसके लिए वे पूरी लगन से अध्ययन करें। विकास कार्यों की सौगात और घोषणाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अंबाह के विकास हेतु 96 लाख की लागत से विभिन्न विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने 1 करोड़ 30 लाख की लागत से फायर ब्रिगेड की स्थापना, 33 करोड़ की लागत से भारत सरकार द्वारा निर्मित नाले के कार्य को तीव्र गति देने तथा एसबीएम योजना के अंतर्गत नगर पालिका क्षेत्र में दूषित जल को नदियों में जाने से रोकने के लिए योजनाबद्ध कार्य योजना बनाने की घोषणा की। 143 करोड़ की लागत से 30.20 किमी लंबी दिमनी नहर मार्ग पर सड़क निर्माण, 52 करोड़ की लागत से 15.50 किमी लंबी बड़ागांव से सिहोनिया तक की सड़क (जिससे 20 गांव लाभान्वित होंगे) तथा एनएच 52 नहर पर 30 किमी लंबी सड़क (पाय का पुरा से किर्रायच तक) निर्माण की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने दिमनी में एक नवीन आईटीआई संस्थान खोलने, सी.आर.एफ. मद से जींगनी-सुरजनपुर नहर से मानपुर चौराहा तक और मिरधान से बाराहेट तक सड़क निर्माण की घोषणा भी की। इस अवसर पर नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला , सांसद श्री शिवमंगल सिंह तोमर, महापौर श्रीमती शारदा सोलंकी, सबलगढ़ विधायक श्रीमती सरला रावत, अंबाह विधायक श्री देवेंद्र सखवार, पूर्व मंत्री श्री मुंशीलाल, पूर्व विधायक श्री सूबेदार सिंह रजौधा, जनपद अध्यक्ष सुश्री मधुरिमा तोमर, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती अंजली जिनेश जैन, समाजसेवी श्री कमलेश कुशवाह सहित नागरिक एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।    

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- औद्योगिक और ऊर्जा क्रांति का आधार बनेगी नई हाइड्रोजन निर्माण इकाई

चंबल के बीहड़ अब बन रहे विकास और प्रगति की नई पहचान मुरैना उभर रहा है औद्योगिक हब के रूप में मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों से किया संवाद और वितरित किए आशय-पत्र ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में अप्रैल 2024 से अब तक 220 औद्योगिक इकाइयों को भूमि हुई आवंटित, 21 हजार से अधिक युवाओं को मिलेगा रोजगार भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मुरैना के पिपरसेवा में हो रहा हाईड्रोजन निर्माण इकाई का भूमिपूजन नई औद्योगिक क्रांति, नई ऊर्जा क्रांति और नए मध्यप्रदेश की नींव है। मुरैना की ऐतिहासिक धरती पर स्थापित हो रही यह इकाई ग्वालियर-चंबल क्षेत्र की नई विकास यात्रा का प्रतीक बनेगी। चंबल की भूमि उपजाऊ और कमाऊ होने के साथ ही टिकाऊ भी है। मुरैना जो कभी बीहड़ों के कारण जाना जाता था, आज विकास और प्रगति की नई पहचान बना रहा है। मुरैना अब सिर्फ कृषि प्रधान जिला नहीं रहा बल्कि औद्योगिक हब के रूप में भी उभर रहा है। मुरैना की गजक ग्लोबली ट्रेंड हो रही है। देश की संसद के पुराने भवन का डिजाइन भी मुरैना के मितावली मंदिर से लिया गया था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को मुरैना जिले के पिपरसेवा में जीएचटू सोलर लिमिटेड की हाईड्रोजन निर्माण इकाई के भूमि-पूजन अवसर पर उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और उद्योगपतियों से संवाद कर आशय-पत्र भी वितरित किए। देश को ग्रीन हाइड्रोजन और बैटरी एनर्जी स्टोरेज जैसी अत्याधुनिक तकनीक से जोड़ेगी यह इकाई मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी किसानों, गरीबों और लघु उद्यमियों के लिए स्वदेशी की लड़ाई लड़ रहे हैं। राज्य सरकार और प्रदेशवासी पूरी प्रतिबद्धता से उनके साथ हैं। मुरैना में आरंभ हो रही हाईड्रोजन इकाई में कोरिया और ब्रिटेन की अग्रणी कम्पनियां तकनीकी सहयोग कर रही हैं। निकट भविष्य में इससे ग्रीन हाईड्रोजन का उत्पादन किया जाएगा। परियोजना से लगभग 500 युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा, साथ ही रोजगार के कई अप्रत्यक्ष अवसर भी सृजित होंगे। सात एकड़ भूमि पर बनने वाली यह परियोजना पूरे देश को ग्रीन हाइड्रोजन और बैटरी एनर्जी स्टोरेज जैसी अत्याधुनिक तकनीक से जोड़ेगी। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत 21वीं सदी की वैश्विक विकास यात्रा का इंजन बना मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत पूरी दुनिया में एक नए आत्मविश्वास और क्षमता के साथ उभर रहा है। जी20 की सफल अध्यक्षता हो, इंडिया-मीडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमी कॉरिडोर जैसी ऐतिहासिक पहल हो या यूनाईटेड किंगडम के साथ हुआ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट, हर जगह भारत केवल सहभागी नहीं बल्कि मार्गदर्शक राष्ट्र के रूप में खड़ा है। वर्तमान में भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और हम प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में तेजी से तीसरे स्थान की ओर अग्रसर हैं। मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल इंडिया, आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियानों ने भारत को 21वीं सदी की वैश्विक विकास यात्रा का इंजन बना दिया। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र इतिहास और संस्कृति के साथ निवेश-नवाचार और ग्रीन एनर्जी का भी केन्द्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्वालियर-चंबल क्षेत्र इतिहास और संस्कृति के प्रतीक होने के साथ निवेश, नवाचार और ग्रीन एनर्जी का भी केन्द्र हैं। यहां उद्योग, पर्यटन, संस्कृति और तकनीक सभी का संगम है। हाल ही में ग्वालियर में हुई रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में 3 हजार 500 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इस क्षेत्र में अप्रैल 2024 से अब तक 220 इकाइयों को भूमि आवंटित हुई है। जिनमें 12 हजार 500 करोड़ रूपए का निवेश किया जाएगा, जिससे 21 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार मिलेगा। सीतापुर में फुटवियर एंड एक्सेसरीज क्लस्टर का विकास कार्य तेजी से प्रगति पर है, जिसमें लगभग 300 करोड़ रूपए का निवेश और 1200 से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। मालनपुर में एलेक्ज़र इंडस्ट्रीज ने 1500 करोड़ रूपए का निवेश किया है। गौतम सोलर प्रायवेट लिमिटेड 4 हजार करोड़ रूपए के निवेश से सोलर सेल निर्माण इकाई स्थापित कर रही है। राज्य सरकार ने ग्वालियर-चंबल में औद्योगिक क्षेत्रों और पार्कों की श्रृंखला विकसित की है। राज्य सरकार कृषि आधारित उद्योगों को प्रोत्साहित करने है प्रतिबद्ध मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहाकि राज्य सरकार किसानों को उनके उत्पादों का उचित मूल्य दिलाने और कृषि आधारित उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है। शीघ्र ही प्रदेश के किसानों के लिए बड़ा आयोजन होने वाला है। दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और दुग्ध उत्पादों की राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर ब्रांडिंग और मार्केटिंग केलिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश औद्योगिक क्षेत्र में गढ़ रहा है नए कीर्तिमान : विधानसभा अध्यक्ष श्री तोमर विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि मुरैना के विकास के लिए आज ऐतिहासिक दिन है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश औद्योगिक क्षेत्र में नए कीर्तिमान गढ़ रहा है। ग्वालियर में रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में 3500 करोड़ रुपए का निवेश प्राप्त हुआ है। चंबल क्षेत्र में लेदर पार्क की स्थापना हुई है, जिसके लिए उद्योग समूहों द्वारा रूचि प्रकट की जा रही है। कार्यक्रम में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला, सांसद श्री शिवमंगल सिंह तोमर, ग्रीन हाईड्रोजन फैक्ट्री के सूत्रधार श्री अनुराग जैन सहित अनेक उद्यमी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे। शनिचरा मंदिर के नवनिर्मित तोरण द्वार का किया उद्घाटन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुरैना स्थित असीम आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र शनिचरा मंदिर पहुंचकर मंदिर के नवनिर्मित तोरण द्वार का फीता काटकर उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने न्याय के देवता शनि महाराज की मंत्रोच्चारण एवं विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर अभिषेक किया और प्रदेश की उत्तरोत्तर तरक्की एवं प्रदेशवासियों की सुख समृद्धि की कामना की।

बाबा महाकाल की कृपा से सिंहस्थ-2028 पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ेगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

उज्जैन में तीर्थाटन को दिया जायेगा बढ़ावा मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन में मिट्टी गणेश प्रतिमा वितरण कार्यक्रम में हुए शामिल भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बाबा महाकाल की कृपा से इस बार उज्जैन में सिंहस्थ-2028 पिछले सभी रिर्काड तोड़ेगा। उज्जैन में तीर्थाटन को बढ़ावा दिया जायेगा और उज्जैन के विकास में किसी प्रकार कि कमी नहीं आने दी जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को उज्जैन में लोकमान्य तिलक गणेश उत्सव महाआयोजन समिति द्वारा आयोजित मिट्टी की गणेश प्रतिमा वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को गणेश चतुर्थी की हार्दिक मंगलकामना दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम के प्रारंभ में भगवान श्रीगणेश का पूजन-अर्चन किया। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में श्रीगणेश को प्रथम पूज्य देवता माना गया है। रिद्ध‍ि सिद्धि दाता शुभ कार्य को सफल बनाते हैं, इसलिए हर मंगल कार्य के आरंभ में श्रीगणेश की वंदना अनिवार्य समझी गई है। हमारी प्रकृति का यही संदेश है कि घर-घर में मिट्टी के श्रीगणेश हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में स्वदेशी के वातावरण के साथ मिट्टी के गणेश के वितरण का उत्सव मनाया जा रहा है। यह हमारे लिए आनन्द का उत्सव है। भगवान की कृपा से देश के विकास के साथ प्रदेश का विकास हो रहा है, यह हमारे लिए गौरव की बात है। उज्जैन शहर का निरंतर सौन्दर्यीकरण कार्य किया जा रहा है। साथ ही सड़क निर्माण, चौड़ीकरण आदि कार्यों के साथ शीघ्र ही शहर में फ्लाईओवर का निर्माण किया जायेगा। पीथमपुर-इंदौर-उज्जैन त‍क मेट्रो ट्रेन भी चलेगी। गोपाल मंदिर चौक का शीघ्र विस्तारीकरण किया जायेगा। विधायक श्री अनिल जैन कालूहेड़ा ने स्वागत भाषण और कार्यक्रम की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मूर्ति वितरण कार्यक्रम में लगभग 300 मिट्टी से बनी मुर्त‍ियों का वितरण शहर की विभिन्न समितियों और संगठनों को किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का विधायक श्री जैन, महापौर श्री मुकेश ट्टवाल, सभापति श्रीमती कलावती यादव, श्री संजय अग्रवाल आदि ने आत्मीय स्वागत किया और उन्हें श्रीगणेश की प्रतिमा भेंट की। कार्यक्रम में श्री विवेक जोशी, श्री रूप पमनानी, श्री रमेशचंद्र शर्मा, श्री सत्यनारायण खोईवाल, श्री विशाल राजोरिया, श्री शिवेंद्र तिवारी, श्री ओम जैन सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे। संचालन श्री जगदीश पांचाल ने किया।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- वर्तमान युग में विद्युत (ऊर्जा) का महत्व वायु और जल के समान है

पिछले 11 वर्षों में 30% बढ़ी सौर ऊर्जा विद्युत उत्पादन के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का हो रहा है उपयोग मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नव नियुक्त विद्युत कार्मिकों को प्रदान किए नियुक्ति-पत्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव का किया अभिनन्दन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वर्तमान युग में विद्युत (ऊर्जा) का महत्व वायु और जल के समान है। गर्व का विषय है कि हम उद्योगों और किसानों सहित सभी प्रदेशवासियों की बिजली की मांग के साथ देश की बिजली की जरूरत को भी पूरा कर रहे हैं। देश की राजधानी दिल्ली की मेट्रो ट्रेन मध्यप्रदेश की बिजली से चल रही है। अब इस तरह की योजना बनाई जा रही है कि वर्ष 2047 तक बिजली की कोई कमी नहीं होगी, प्रदेश ऊर्जा क्षेत्र में सरप्लस रहेगा। प्रदेश में विद्युत उत्पादन के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है। देश में क्लीन एनर्जी के लिए गतिविधियों का विस्तार हो रहा है। प्रदेश में पिछले 11 वर्षों में सौर ऊर्जा 30 प्रतिशत बढ़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 6 विद्युत कंपनियों के नवनियुक्त 1060 कार्मिकों को नियुक्त-पत्र वितरण और अभिनंदन समारोह को रवीन्द्र भवन में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को औषधीय पौधा भेंट कर स्वागत किया गया। बिजली कंपनियों में 51 हजार से अधिक नए पद भरे जाएंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बिजली कंपनियों के द्वारा एक हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र बांटे जा रहे हैं। प्रदेश की बिजली कंपनियों में 51 हजार से अधिक नए पद भरे जाएंगे। इससे बिजली कम्पनियों की स्थिति सुदृढ़ होगी। किसान भाइयों को लगभग 20 हजार 267 करोड़ रुपए की सब्सिडी इस वर्ष दी जा रही है। प्रदेश के एक करोड़ से अधिक परिवारों को बिजली विभाग ने 6445 करोड़ रुपए की सब्सिडी प्रदान की है। प्रदेश में बिजली तैयार करने के लिए हर उपलब्ध संसाधन का उपयोग किया जा रहा है। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को भी प्रोत्साहन दिया जा रहा है। सांची को प्रदेश की पहली सोलर सिटी बनाया गया है। राज्य के 32 लाख किसानों को सोलर पंप प्रदान किए जा रहे हैं। प्रदेश में उत्पादित क्लीन एनर्जी से बिजली, उद्योग का रूप ले रही है। प्रदेश के अन्य विभागों द्वारा अपनी स्वयं की बिजली बनाने की पहल लोक स्वास्थ्य विभाग ने आरंभ की है। इससे ऊर्जा विभाग की जिम्मेदारी बढ़ेगी तथा प्रबंधन के लिए दक्ष मानव संसाधन की आवश्यकता होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश को सभी क्षेत्रों में देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में शामिल कराने के लिए संकल्पित है। बिजली कंपनियों की उपलब्धियों पर केंद्रित प्रदर्शनी का किया शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर प्रदेश की विभिन्न बिजली कंपनियों की उपलब्धियों पर केंद्रित प्रदर्शनी का शुभारंभ कर अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्युत कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों से भेंट भी की। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश में ऊर्जा क्षेत्र पर केंद्रित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नव नियुक्त विद्य़त कार्मिकों को नियुक्ति-पत्र प्रदान किए। ऊर्जा विभाग के अंतर्गत सभी बिजली कंपनियों के लिये 51 हजार से अधिक नियमित पद स्वीकृत करने पर ऊर्जा मंत्री ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पगड़ी पहना कर तथा अंग वस्त्रम और प्रशस्ति-पत्र भेंट कर अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सम्मान में प्रशस्ति-पत्र का वाचन भी किया गया। इस अवसर पर नव नियुक्त कर्मिकों के अभिभावक भी उपस्थित थे। बिजली कंपनियों को मिला जीवनदान ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि बिजली कंपनियों में बड़ी संख्या में नियुक्ति देकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बिजली कंपनियों को जीवनदान प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि पहली बार इतनी बड़ी संख्या में नियमित पद स्वीकृत किये गये हैं। इसीलिये आज मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अभिनंदन किया गया है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा विभाग लगातार बिजली उपभोक्ताओं और किसानों के हित में कार्य कर रहा है। किसानों को अब कड़कड़ाती ठंडी रातों में सिंचाई नहीं करनी पड़ेगी। अब इन्हें सिंचाई के लिये दिन में बिजली उपलब्ध कराई जायेगी। उन्होंने अधोसंरचना सुधार के लिये राशि की जरूरत पर भी बल दिया। प्रदेश ऊर्जा क्षेत्र में नवाचारों के साथ तेजी से आगे बढ़ रहा है अपर मुख्य सचिव ऊर्जा श्री नीरज मंडलोई ने कहा कि 1000 से अधिक युवा आज ऊर्जा विभाग से नियुक्ति-पत्र लेकर जाएंगे। उनका और उनके अभिभावकों का हार्दिक अभिनंदन है। प्रदेश की 6 ऊर्जा कंपनियों में 51 हजार 700 नए स्थाई पद स्वीकृत किए गए हैं। यह प्रयास प्रदेश को भारत में ऊर्जा क्षेत्र में नए मानकों के साथ स्थापित करेगा। ऊर्जा विभाग ने हमेशा प्रदेश और देश की ऊर्जा मांग को पूरा किया है। प्रदेश का ऊर्जा विभाग सौर ऊर्जा और पारंपरिक ऊर्जा क्षेत्र में नवाचारों के साथ तेजी से आगे बढ़ रहा है। हमारी कोशिश है कि प्रदेश में आने वाले नए उद्योगपतियों को हर संभव सहयोग उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने ऊर्जा विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों और कर्मचारी संगठनों का उनके सहयोग के लिये आभार माना। कार्यक्रम में महापौर श्रीमती मालती राय, विधायक सर्वश्री रामेश्वर शर्मा और विष्णु खत्री, एमडी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी श्री अविनाश लवानिया सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- ग्वालियर के पर्यटन क्षेत्र में निवेश को मिलेगा नया आयाम

पर्यटन के क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं से निवेशकों को करायेंगे अवगत भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ग्वालियर में 29 एवं 30 अगस्त को होने वाली रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में निवेशकों से रू-ब-रू होकर प्रदेश में पर्यटन क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं से अवगत करा कर सीधा संवाद भी करेंगे। प्रदेश में पर्यटकों की संख्या में वृद्धि और ग्वालियर–चंबल एवं सागर संभाग में पर्यटन निवेश को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से ग्वालियर में रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव होगा। ग्वालियर के राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय में होने वाले इस रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर की विशेष उपस्थिति होगी। पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने बताया कि मध्यप्रदेश में पर्यटकों की संख्या में वृद्धि के साथ पर्यटन व्यवसायियों, टूर ऑपरेटर्स और होटल इंडस्ट्री के बीच सहयोग और साझेदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ग्वालियर में रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव आयोजित किया जा रहा है। इससे ग्वालियर के पर्यटन श्रेत्र में निवेश को नया आयाम मिलेगा। “टाइमलेस ग्वालियर: इकोज़ ऑफ़ कल्चर, स्पिरिट ऑफ़ लेगेसी” थीम पर केन्द्रित यह कॉन्क्लेव पर्यटन निवेश, सांस्कृतिक धरोहर, अनुभवात्मक पर्यटन और क्षेत्रीय विकास को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। प्रमुख सचिव पर्यटन और संस्कृति एवं प्रबंध संचालक टूरिज्म बोर्ड श्री शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि कॉन्क्लेव में होटल, रिसोर्ट, वेलनेस और ईको-टूरिज्म क्षेत्र के निवेशकों को लेटर ऑफ अवॉर्ड (LoA) प्रदान किए जाएंगे। साथ ही एमओयू एवं अनुबंध भी होंगे। इन परियोजनाओं से स्थानीय समुदाय को पर्यटन आधारित रोजगार प्राप्त होगा और क्षेत्रीय पर्यटन को स्थायित्व के साथ बल मिलेगा। क्षेत्र के विकास को गति देने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिये जाएंगे। कॉन्क्लेव में विशेष पर्यटन प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जिसमें मध्यप्रदेश के विविध पर्यटन स्थलों, पर्यटन इकाइयों, हॉस्पिटैलिटी ब्रांड्स, होम-स्टे, रिसॉर्ट्स, हैंडलूम/हैंडिक्राफ्ट, साहसिक गतिविधियाँ और सांस्कृतिक धरोहरों को समर्पित स्टॉल शामिल किये जायेंगे। प्रमुख सचिव श्री शुक्ला ने बताया कि रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में दो महत्वपूर्ण सत्र होंगे। पहला “टूरिज़्म ऐज़ अ कल्चरल ब्रिज – ब्रांडिंग ग्वालियर एंड हार्टलैंड ऑफ़ एमपी” विषय पैनल डिस्कशन होगा, जिसमें ग्वालियर की सांस्कृतिक धरोहर, शास्त्रीय संगीत और स्थापत्य कला को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की रणनीतियों पर विचार होगा। दूसरा पैनल डिस्कशन “ग्वालियर एंड चंबल राइजिंग – इनबाउंड अपील थ्रू हेरिटेज, लग्ज़री एंड एक्सपीरियंस” विषय पर केंद्रित होगा, जिसमें विरासत, लग्ज़री स्टे, डेस्टिनेशन वेडिंग और अनुभवात्मक पर्यटन जैसे नए आयामों पर संवाद होगा।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा – लोन चुकता होते ही बंधक संपत्ति मॉर्टगेज या डबल मॉर्टगेज से हो जाएगी मुक्त

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि उद्योगों के हित में ही राष्ट्र का हित निहित है। लघु और कुटीर उद्योग भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। सीमित संसाधनों का समुचित उपयोग कर हम इन उद्योगों के विकास की ओर बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वतंत्रता के अमृत काल में लघु उद्योग भारती के प्रदेश कार्यालय का लोकार्पण हमारे उत्कर्ष को दर्शाता है। उद्योगों के विकास के लिए हमें पूरे देश के परिदृश्य में सोचना होगा। सभी जगह समान रूप से उद्योग लगाने होंगे, तभी संतुलित विकास हो सकेगा। देश हित में हम सब मिलजुलकर काम करेंगे। उन्होंने कहा कि हम उद्योगों को विस्तार देने के लिए उद्योगपतियों के साथ कदम से कदम मिलाकर चलेंगे। हमने समाज के सभी वर्गों का बराबर ध्यान रखा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को लघु उद्योग भारती के गोविंदपुरा औद्योगिक प्रक्षेत्र में नवनिर्मित प्रदेश कार्यालय के लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लघु उद्योग भारती के करीब 4 करोड़ रुपए की लागत से नवनिर्मित प्रदेश कार्यालय भवन 'उद्यम सेतु'का वैदिक मंत्रोच्चार के बीच फीता काटकर लोकार्पण किया।लोकार्पण अवसर पर लघु उद्योग भारती का द्वि-वार्षिक प्रादेशिक सम्मेलन और स्टार्टअप एवं लघु उद्यमी महाकुंभ-2025 भी आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अन्य अतिथियों के साथ लघु उद्योग भारती के नए ब्रोशर का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घोषणा की कि किसी भी प्रकार का संस्थागत या बैंक लोन चुकता होते ही संबंधित बंधक संपत्ति मॉर्टगेज या डबल मॉर्टगेज से मुक्त हो जाएगी। इस प्रावधान का लाभ हम सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम उद्योगों (एमएसएमई इंडस्ट्री) को भी देंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लघु उद्योगों की स्थापना और इससे जुड़ी सभी कठिनाइयों का समुचित हल भी निकाला जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम एमएसएमई उद्योगों की स्थापना से जुड़ी सभी प्रकार की अनुमतियां को समयबद्ध कार्य योजना की अनुरूप समय-सीमा में देने का प्रावधान करने जा रहे हैं। प्रदेश में रोजगार आधारित उद्योग लगाने वाले उद्योगपतियों को प्रोत्साहन दे रहे हैं। प्रदेश में नया आईटीआई पॉलिटेक्निक कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने के लिए भी नीति से प्रावधान अनुसार सब्सिडी दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम प्रदेश में रिसर्च वर्क को बढ़ावा देने के लिए आगे आ रहे हैं। आईआईटी इंदौर में शोध कार्यों के लिए देशी और विदेशी शिक्षण संस्थानों के स्टडी सेंटर के लिए हमारी चर्चा चल रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार लघु उद्योगों के साथ हमेशा साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमें लघु उद्योगों को पुनर्जीवित करना होगा। इसी से हमारी अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि विरासत से विकास का सबसे सटीक उदाहरण भारतीय लघु उद्योग ही हैं। यह कारोबार नहीं, बल्कि करोड़ों परिवारों की आशा, आत्म-सम्मान और आर्थिक स्वावलंबन का आधार हैं। जैसे शरीर की मजबूती रीढ़ पर टिकी होती है, वैसे ही भारत की अर्थव्यवस्था की मजबूती लघु उद्योगों पर टिकी है। लघु उद्योग सिर्फ कारखाने नहीं हैं, ये रोज़गार के सबसे बड़े निर्माता हैं। एमएसएमई वह पुल है, जो मेहनतकश हाथों को बड़े बाज़ारों से जोड़ता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज भारत में 6 करोड़ से अधिक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग (एमएसएमई) हैं, जो देश की जीडीपी में लगभग 30 प्रतिशत से अधिक योगदान देते हैं और कुल निर्यात में 45 प्रतिशत हिस्सेदारी रखते हैं। आज हम विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन पाए हैं, तो इसमें एक बड़ा योगदान लघु उद्योगों का ही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का "मेक इन इंडिया" और "वोकल फॉर लोकल" का आव्हान हमें बताता है कि आत्मनिर्भर भारत का मार्ग बड़े -बड़े उद्योगों से नहीं, बल्कि घर-घर की चौखट से चलने वाले छोटे उद्योगों से ही निकलता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री ने माइक्रो, स्माल और मीडियम इंटरप्राइजेज को मैक्सिमम स्पोर्ट देने की बात कहीं है, जिससे ये सभी उद्योग मैक्सिमम ग्रोथ हासिल कर सकें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लघु उद्योग भारती से जुड़े लघु उद्योगपति केवल मुनाफे के लिए काम नहीं करते, गौरव, परंपरा और नवाचार को बढ़ावा देते हैं। आप हर छोटे उद्यमी की आवाज़ बन रहे हैं। आप संगठन में शक्ति को चरितार्थ कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि लघु उद्योगपति "दाम कम, दम ज्यादा" मंत्र के साथ अपनी विश्वसनीयता बनाएं, एक बार जो आपका प्रोडक्ट खरीदे, वो बार-बार खरीदें। तकनीकी से जुड़ें, मार्केटिंग सीखें, ऑनलाइन बाजार से जुड़ें। अपने उत्पादों को ई-कॉमर्स बेवसाइट से जोड़कर लोकल से ग्लोबल बनाएं। कौशल भारत अभियान और नई शिक्षा नीति इस दिशा में बड़ा कदम है। छोटे उद्योगों के केंद्र में हमारी मातृशक्ति है। लाड़ली बहनों की भागीदारी से न सिर्फ परिवार की आमदनी बढ़ती है, साथ ही समाज में आर्थिक आत्मनिर्भरता और सामाजिक सशक्तिकरण का मार्ग भी खुलता है। लघु उद्योग ही स्वदेशी का आधार हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 में जब भारत विकसित और आत्मनिर्भर होगा, उसमें लघु उद्योगों की भूमिका सबसे बड़ी होगी।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- बच्चे देश की अमूल्य धरोहर हैं

बागवानी संवर्धन और फ्लॉवर डेकोरेशन को बढ़ावा दे रही हमारी सरकार उज्जैन में समाज की धर्मशाला निर्माण के लिए देंगे सहायता राशि भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि बच्चे देश की अमूल्य धरोहर हैं। इनमें निहित असीमित प्रतिभाओं को निखारना और आगे बढ़ाना हम सबका दायित्व है। बच्चों और युवाओं की प्रतिभाएं ही देश को विकास पथ पर आगे ले जाती है। उन्होंने कहा कि बच्चे खूब पढ़े-लिखें और अपना भविष्य संवारें, सरकार हर घड़ी उनके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रायमरी कक्षा से लेकर उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को हमारी सरकार छात्रवृत्ति दे रही है। सबके रोजगार की व्यवस्था भी हम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम 1 लाख पदों पर भर्ती करने जा रहे हैं। अगले पांच साल में 2.50 लाख शासकीय पदों पर भर्ती करेंगे। पुलिस की भर्तियां भी जारी हैं। इस साल 7500 पदों पर भर्तियां निकाली हैं। पुलिस की भर्ती के लिए अलग से पुलिस भर्ती बोर्ड भी बनाया जा रहे हैं। अगले तीन साल में हर साल 7500 पदों पर भर्ती कर हम पुलिस विभाग के सभी रिक्त पदों की पूर्ति कर लेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को भोपाल स्थित हिन्दी भवन में फूल माली समाज के 16वें राज्यस्तरीय प्रतिभा सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समारोह में विभिन्न परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने और प्रावीण्य सूची में स्थान पाने वाले फूल माली समाज के प्रतिभाशाली एवं मेधावी विद्यार्थियों को मंच से प्रशस्ति-पत्र और सम्मान निधि देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि फूल-माली समाज के व्यवसाय को बढ़ाने के लिए हमारी सरकार पुष्प कलाकारी (फ्लॉवर डेकोरेशन) को बढ़ावा दे रही है। अभी हाल ही में जन्माष्टमी में सरकार ने सभी श्री कृष्ण मंदिरों में पुष्प सज्जा के लिए आकर्षक पुरस्कार भी घोषित किए। उन्होंने कहा कि पुष्प और संस्कार दोनों एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। जिस तरह फूल सभी को प्रिय हैं, उसी प्रकार फूल-माली समाज भी सबका प्रिय है। खेती-किसानी और बागवानी का चोली-दामन का साथ है। किसान खेत में परिश्रम करता है और फूल माली समाज बागों में। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बागवानी संवर्धन के लिए भी राज्य सरकार अनेक कदम उठा रही है।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि फूल माली समाज ने अपने परिश्रम, लगन और कर्मठता से एक अलग पहचान बनाई है। समाज के बच्चों और युवाओं ने अपनी प्रतिभा से न केवल प्रदेश, बल्कि देश-विदेश में भी नाम रोशन किया है। ऐसे होनहारों का सम्मान करना वास्तव में हम सबके लिए गर्व की बात है। मुख्यमंत्री ने बच्चों और युवाओं को कड़ी मेहनत, लगन और ईमानदारी से अपने सपनों को पूरा करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि वे बड़ा करने का सपना देखें। सपने पूरा करने के लिए मध्यप्रदेश सरकार हमेशा उनके साथ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार समाज के बच्चों की पढ़ाई-लिखाई, स्वरोजगार, व्यवसाय के साथ पुष्प श्रृंगार कला को और अधिक संवर्धन पर ध्यान दे रही है। राज्य सरकार सबका साथ-सबका विकास के साथ-साथ सबका विश्वास-सबका प्रयास के मूल मंत्र पर काम कर रही है। विकास की धारा से किसी भी समाज को वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का फूलमाली समाज के प्रतिनिधियों द्वारा पगड़ी पहनाकर स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समाज के मांग-पत्र पर उज्जैन में समाज के लिए धर्मशाला निर्माण के लिए सहायता राशि दिए जाने और समाज की राष्ट्रीय विभूतियों को भारत रत्न दिए जाने के लिए समर्थन की मांग की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में समाज की धर्मशाला के निर्माण के लिए हर संभव सहायता देने की बात कही। स्वागत उद्बोधन में फूल माली समाज के प्रादेशिक पदाधिकारी श्री हरिनारायण माली ने बताया कि समाज का यह 16वां प्रतिभा सम्मान समारोह है। समाज की गतिविधियों के विस्तार के लिए सरकार का साथ चाहिए। समारोह में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, विधायक श्री भगवान दास सबनानी, नगर निगम अध्यक्ष श्री किशन सूर्यवंशी, समाजसेवी श्री रविन्द्र यति, श्री जी.पी. माली, श्री हरिनारायण माली, श्री भगवान भाई माली, श्रीमती शांति, श्री गीता प्रसाद,श्री नरेन्द्र राहुल सहित समाज के अन्य पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में समाजजन एवं विद्यार्थी उपस्थित थे।  

प्रदेश के स्थापना दिवस पर राजधानी भोपाल में होगा सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का मंचन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सम्मान समारोह के साथ सुगम संगीत और ड्रोन शो भी होगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्थापना दिवस समारोह की तैयारियों की ली जानकारी अधिक से अधिक युवाओं को कार्यक्रमों से जोड़ने के निर्देश भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरूवार को मंत्रालय में आयोजित बैठक में आगामी 1 नवंबर को मध्यप्रदेश स्थापना दिवस समारोह की तैयारियों की जानकारी प्राप्त की। प्रस्तावित कार्यक्रमों के अनुसार स्थापना दिवस कार्यक्रमों के अंतर्गत विभिन्न प्रस्तुतियां होंगी। भोपाल के लाल परेड मैदान में राज्य स्तरीय कार्यक्रम में सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का मंचन होगा। जनकल्याण, सुशासन और शौर्य के पर्याय सम्राट विक्रमादित्य के जीवन और योगदान से नागरिकों को महानाट्य के माध्यम से परिचित करवाने के लिए दक्ष कलाकार राजधानी आएंगे। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष नई दिल्ली में भी सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का मंचन सफलतापूर्वक हुआ है, जिसे व्यापक प्रशंसा मिली। इसके साथ ही स्थापना दिवस पर प्रख्यात कलाकारों द्वारा सुगम संगीत कार्यक्रम एवं ड्रोन-शो का आयोजन होगा। ड्रोन-शो के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के माध्यम से आवश्यक तैयारियां प्रारंभ की गई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिक से अधिक संख्या में युवाओं को कार्यक्रम से जोड़ने के निर्देश दिए। मध्यप्रदेश स्थापना दिवस राजधानी से लेकर जिलों तक मनाया जाएगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राजधानी भोपाल सहित जिलों में होने वाले स्थापना दिवस कार्यक्रम के गरिमामय आयोजन के लिए आवश्यक तैयारी की जाए। नारी सशक्तिकरण के प्रतीक स्व-सहायता समूह की बहनों को भी आमंत्रित किया जाए। नागरिकों की व्यापक भागीदारी होना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि स्वास्थ्य सहित विभिन्न सेवा क्षेत्र में गतिविधियों का आयोजन किया जाए। प्रदेश के स्थापना दिवस का अवसर उल्लास और उमंग का अवसर है और इसमें हर व्यक्ति की सहभागिता होना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शिक्षा विभाग के सहयोग से सामान्य ज्ञान और अन्य स्पर्धाएं आयोजित की जाएं। राज्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन की जानकारी और प्रमुख उपलब्धियां भी जन-जन पहुंचे। इसके लिए प्रदर्शनी भी आयोजित की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी क्षेत्र, नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र, सुशासन और अन्य कई क्षेत्रों में नवाचार किए गए हैं। अनेक उपलब्धियां राज्य ने अर्जित की हैं। इन उपलब्धियां की जानकारी आम लोगों तक पहुंचना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिला पर्यटन परिषद को भी आयोजनों से जोड़ा जाए। बैठक में बताया गया कि भोपाल के लाल परेड मैदान पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम के साथ ही जिला मुख्यालय पर भी स्थापना दिवस के कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की गई है। जिला स्तर पर जिला उत्पादों का प्रदर्शन और उत्कृष्ट कार्यो पर आधारित प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। सभी शासकीय भवनों में एक नवंबर को प्रकाश सज्जा की जाएगी। बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव श्री नीरज मंडलोई, प्रमुख सचिव पर्यटन श्री शिव शेखर शुक्ला, आयुक्त एवं सचिव जनसंपर्क डॉ. सुदाम खाड़े और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।  

रेयर अर्थ एलिमेंट्स का भंडार MP में, चीन से आज़ादी की राह आसान: मुख्यमंत्री यादव

मध्यप्रदेश अब बनेगा क्रिटिकल मिनरल्स हब: मुख्यमंत्री डॉ. यादव रेयर अर्थ एलिमेंट्स का भंडार MP में, चीन से आज़ादी की राह आसान: मुख्यमंत्री यादव मध्यप्रदेश में मिला रेयर अर्थ एलिमेंट्स का भंडार, चीन पर निर्भरता होगी समाप्त: मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश अब क्रिटिकल मिनरल्स हब बनेगा। मध्यप्रदेश ऊर्जा राजधानी के साथ क्रिटिकल मिनरल्स की राजधानी भी कहलाएगा। इसके साथ ही भारत वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अग्रणी देश बनेगा। सिंगरौली जिले में रेयर अर्थ एलिमेंट्स (आरईई) का अकूत भंडार मिलने से अब भारत की चीन जैसे देशों पर निर्भरता नहीं रहेगी। केन्द्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने संसद में जानकारी दी थी कि भारत में पहली बार इतनी विशाल मात्रा में इन दुर्लभ तत्वों का पता चला है। यह उपलब्धि भारत को ग्रीन एनर्जी, इलेक्ट्रॉनिक्स और रक्षा तकनीक के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। भारत को आत्मनिर्भर बनाने की ओर बड़ा कदम रेयर अर्थ एलिमेंट्स को आधुनिक तकनीक का आधार कहा जाता है। अब तक भारत इन खनिजों के लिए चीन और अन्य देशों पर निर्भर रहा है। प्रदेश के सिंगरौली की यह खोज भारत को आयात-निर्भरता से मुक्त कर वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अग्रणी बनाएगी। आने वाले समय में यह खोज आत्मनिर्भर भारत अभियान को मजबूती देने के साथ ही औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देगी। सिंगरौली : भविष्य का क्रिटिकल मिनरल हब कोल इंडिया लिमिटेड द्वारा किए गए शोध में सिंगरौली की कोयला खदानों और चट्टानों में REEs (जैसे स्कैंडियम, यिट्रियम आदि) की आशाजनक सांद्रता पाई गई है। कोयले में इनकी औसत मात्रा 250 पीपीएम और गैर-कोयला स्तर पर लगभग 400 पीपीएम आंकी गई है। जुलाई 2025 में इस खोज की आधिकारिक घोषणा हुई। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में कोयले की राख और ओवरबर्डन भी क्रिटिकल मिनरल्स का सैकण्डरी स्रोत बन सकते हैं। आईआरईएल के साथ सहयोग रेयर अर्थ एलिमेंट्स की खोज को देखते हुए राज्य सरकार अब इनके प्रसंस्करण और शोध-अन्वेषण के लिए बेसिक इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित करने में जुटी है। हाल ही में खनिज संसाधन विभाग के प्रतिनिधिमंडल ने इंडियन रेयर अर्थ लिमिटेड (आईआरईएल) की भोपाल इकाई का दौरा किया और संभावित सहयोग पर चर्चा की। विभाग रेयर अर्थ एलिमेंट्स पर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने की संभावनाएं तलाश रहा है, जो अनुसंधान, प्रशिक्षण और उद्योग को विश्वस्तरीय आधार प्रदान करेगा। वैश्विक नेतृत्व की ओर भारत सिंगरौली जिले में मिले इस खजाने से भारत ग्रीन एनर्जी, इलेक्ट्रिक वाहनों और उच्च तकनीकी उद्योगों में आत्मनिर्भर बनेगा। आने वाले वर्षों में मध्यप्रदेश केवल ऊर्जा राजधानी ही नहीं बल्कि क्रिटिकल मिनरल्स की राजधानी भी कहलाएगा। चीन पर निर्भरता समाप्त होगी और भारत वैश्विक मंच पर शक्तिशाली देश के रूप में स्थापित होगा। प्रमुख स्रोत और भूगर्भीय संरचनाएँ रेयर अर्थ एलिमेंट्स प्राकृतिक रूप से कई खनिज संरचनाओं में पाए जाते हैं। इनमें बास्टनेसाइट, जेनोटाइम, लोपेराइट और मोनाजाइट प्रमुख हैं। भारत के तटीय क्षेत्रों की रेत और अपक्षयित ग्रेनाइट मिट्टी भी इन तत्वों से समृद्ध मानी जाती है। रेयर अर्थ एलिमेंट्स के उपयोग रेयर अर्थ एलिमेंट्स का उपयोग अनेक आधुनिक उद्योगों में किया जाता है, इसमें प्रमुख हैं:-     रक्षा और अंतरिक्ष तकनीक : सैमरियम-कोबाल्ट और नियोडिमियम चुम्बक उच्च-प्रदर्शन वाले हथियारों, उपग्रह संचार और रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स में अनिवार्य हैं।     पेट्रोलियम उद्योग : लैंथेनम और सेरियम का उपयोग ऑटोमोटिव कैटेलिटिक कन्वर्टर्स और रिफाइनिंग में उत्सर्जन कम करने में होता है।     स्थायी चुम्बक : नियोडिमियम-आयरन-बोरॉन तथा सैमरियम-कोबाल्ट चुम्बक इलेक्ट्रिक वाहनों और पवन ऊर्जा संयंत्रों के लिए आवश्यक हैं।     डिस्प्ले और प्रकाश उपकरण : यूरोपियम, टर्बियम और यिट्रियम एलईडी, एलसीडी और फ्लैट पैनल डिस्प्ले में उपयोग में आते हैं। कैमरा और स्मार्टफोन लेंस 50% तक लैथेनम से निर्मित होता है।     ऑटोमोबाइल सेक्टर : हाइब्रिड वाहनों की बैटरियों में लैथेनम आधारित मिश्र धातुओं का प्रयोग होता है।     इस्पात और मिश्रधातु : मिशमेटल (सेरियम, लैथेनम, नियोडिमियम और प्रेजोडायमियम का मिश्रण) इस्पात की गुणवत्ता सुधारने में उपयोगी है।     स्वास्थ्य क्षेत्र : गैडोलीनियम MRI स्कैन में कंट्रास्ट एजेंट के रूप में प्रयोग होता है, जबकि ल्यूटेटियम और यिट्रियम समस्थानिक कैंसर उपचार और PET इमेजिंग में सहायक हैं।