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राज्य सरकार किसानों सहित सभी से संवाद करते हुए लैंड पूलिंग और विकास कार्यों के मार्ग पर है अग्रसर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सिंहस्थ : 2028 के विकास कार्यों के लिए सभी का मिल रहा है समर्थन: मुख्यमंत्री डॉ. यादव राज्य सरकार किसानों सहित सभी से संवाद करते हुए लैंड पूलिंग और विकास कार्यों के मार्ग पर है अग्रसर हम किसी को नाराज नहीं करना चाहते, राज्य सरकार सभी को साथ लेकर चलने के लिये प्रतिबद्ध किसान हित को सर्वोपरि रखते हुये सबकी सहमति के आधार पर होगा अधोसंरचना विकास सिंहस्थ : 2028 के लिए उज्जैन को ग्लोबल स्पिरिचुअल सिटी के रूप में विकसित करने की संकल्पना वर्षा-आंधी हो या सुरक्षा का प्रबंध, हर स्थिति में व्यवस्था बनाए रखना राज्य शासन का दायित्व भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सिंहस्थ : 2028 के विकास कार्यों के लिए हमें सभी का समर्थन मिल रहा है। विकास के क्रम को बनाए रखना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। सबके हितों का ध्यान रखते हुए और सभी से संवाद करते हुए राज्य सरकार लैंड पूलिंग सहित सभी प्रकार के विकास कार्यों के मार्ग पर अग्रसर हो रही है। प्रयागराज महाकुंभ के ऐतिहासिक आयोजन में करोड़ों लोगों के आगमन, व्यवस्था और उनके सुरक्षा प्रबंधन के दृष्टिगत केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने स्थायी संरचनाओं के विकास पर बल दिया, इससे क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को भी प्रोत्साहन मिला। उज्जैन में सिंहस्थ-2028 के लिए स्थायी निर्माण के संबंध में किसानों से संवाद जारी है, हम किसी को नाराज नहीं करना चाहते, राज्य सरकार सभी को साथ लेकर चलने के लिए प्रतिबद्ध है। विकास का क्रम निरंतर जारी रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह विचार कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में मीडिया से चर्चा में व्यक्त किए। सिंहस्थ का आयोजन प्रदेश के लिए गौरव का विषय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इतिहास में अब तक के सबसे बड़े सिंहस्थ मेले का आयोजन उज्जैन में वर्ष-2028 में होने जा रहा है। वर्तमान में उज्जैन की अर्थव्यवस्था में महाकाल लोक बनने से भारी वृद्धि हुई है। सिंहस्थ के आयोजन से उज्जैन का आध्यात्मिक नगरी के रूप में विकास होने से पर्यटन को और बढ़ावा मिलेगा। उज्जैन सिंहस्थ में 30 करोड़ श्रद्धालुओं के सम्मिलित होने की आशा है। सिंहस्थ आयोजन का गौरवशाली इतिहास रहा है, राज्य शासन वर्ष 2028 के सिंहस्थ का आयोजन आस्था, गरिमा और भव्यता के साथ करने के लिये कृत संकल्पित है। यह आयोजन उज्जैन सहित समूचे प्रदेश के लिये अत्यंत गौरव का विषय है। सिंहस्थ आयोजन में, स्थानीय किसान बंधुओं का सदैव मिला सहयोग मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह सुनिश्चित करना राज्य शासन का कर्तव्य है कि हज़ारों साधु-संतों और करोड़ों श्रद्धालुओं को सिंहस्थ के दौरान उच्च स्तरीय सुविधाएं मिलें और उन्हें कोई परेशानी न हो। पिछले अनुभवों के आधार पर इस प्रकार की अधोसंरचना बनानी आवश्यक है, जिससे वर्षा-आंधी की स्थिति में भी मेले में किसी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न न हो। भव्य और विशाल आयोजन में सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित करते हुए संपूर्ण व्यवस्था बनाए रखना शासन का दायित्व है। इस वृहद आयोजन के लिये हज़ारों एकड़ भूमि की आवश्यकता होती है। सिंहस्थ के आयोजन में, स्थानीय किसान बंधु शासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग करते आये हैं। सिंहस्थ : 2016 के दौरान लगभग 650 करोड़ रूपए की लागत से 3000 हेक्टेयर भूमि पर अस्थाई अधोसंरचना निर्माण कार्य किए गए थे, जिन्हें आयोजन उपरांत हटा दिया गया था। सिंहस्थ : 2028 के लिए उज्जैन को ग्लोबल स्पिरिचुअल सिटी के रूप में विकसित करने की संकल्पना की गई है। जिसके तहत किसानों के हितों को सर्वोपरि रखते हुये सबकी सहमति के आधार पर अस्थायी के स्थान पर स्थायी अधोसंरचना का विकास किया जायेगा।  

कपास और रेशम उत्पादक किसानों की तकदीर बदल देगा पीएम मित्रा पार्क

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि कृषि आधारित उद्योगों के प्रचार-प्रसार के लिए कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन एवं मत्स्य पालन विभाग द्वारा आपसी तालमेल से बहुउद्देशीय कृषि मेले आयोजित किए जाएं। इन मेलों में किसानों को उनकी फसल सहित अन्य सहायक उत्पादों के लाभयुक्त विक्रय एवं मार्केटिंग की जानकारियां भी दी जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि धार जिले के भैंसोला गांव में निर्मित हो रहे पीएम मित्रा पार्क से प्रदेश के कपास और रेशम उत्पादक किसानों की जीवन रेखा बदल जाएगी। उन्होंने कहा कि पीएम मित्रा पार्क से प्रदेश के 6 लाख से अधिक कपास उत्पादक किसानों को लाभ मिलने के साथ 1 लाख लोगों को प्रत्यक्ष एवं 2 लाख लोगों को अप्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि पीएम मित्रा पार्क में निवेश करने के लिए बड़ी-बड़ी कंपनियों ने रुचि व्यक्त की है। जिस तेजी से पीएम मित्रा पार्क में निवेश के लिए कंपनियां आ रही हैं, यह हमें और बेहतर करने के लिए उत्साहित करता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार की देर रात मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग की गतिविधियों की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पीएम मित्रा पार्क बनने से मालवा क्षेत्र के किसानों द्वारा उत्पादित कपास की खपत लोकल लेवल पर ही हो जाएगी। इससे लोगों को रोजगार मिलेगा और रॉ-मैटेरियल सप्लाई की एक पूरी चैन तैयार होगी। पीएम मित्रा पार्क प्रदेश के किसानों के लिए वरदान की तरह है। प्रदेश में निवेश करने के इच्छुक सभी निवेशकों का सरकार पलक पावड़े बिछाकर स्वागत करेगी। हम निवेशकों को सभी जरूरी मदद और सहयोग भी उपलब्ध कराऐंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सार्वजनिक/लोक उपक्रमों में निजी भागीदारी से ही देश का विकास संभव है। पीएम मित्रा पार्क में निवेशकों द्वारा किए जाने वाले पूंजी निवेश से जितनी उच्च कोटि के परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं, हर संभव प्रयास कर हम यह करके दिखाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पीएम मित्रा पार्क का प्रचार-प्रसार इस तरह किया जाए कि प्रदेश में मौजूद सभी प्रकार के कृषि आधारित उद्योग को भी भरपूर प्रोत्साहन मिले। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश में कुल 7 पीएम मित्रा पार्क मंजूर किए गए हैं। जहां दूसरे राज्य पीएम मित्रा पार्क की स्थापना के लिए प्राथमिक तैयारियां ही कर रहे हैं, वहीं प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन एवं प्रेरणा से हमारी सरकार 17 सितंबर को धार जिले के भैंसोला गांव में देश के पहले और सबसे बड़े पीएम मित्रा पार्क का भूमिपूजन कराने जा रही है। उन्होंने कहा कि हम इसे देश का मॉडल पीएम मित्रा पार्क बनायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पीएम मित्रा पार्क प्रदेश की कॉटन इंडस्ट्री को पुनर्स्थापित करेगा। यहां कपास से धागा, धागे से कपड़ा और रेडीमेड गारमेंट्स, होजियरी आइटम्स सहित ऑल वेदर वियरिंग्स तैयार किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पीएम मित्रा पार्क की स्थापना के बारे में प्रदेश के किसानों को हर तरीके से जानकारी दी जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हर्ष व्यक्त करते हुए बताया कि देश के सबसे बड़े इंडस्ट्रियल पार्क (पीएम मित्रा पार्क) में भूमिपूजन होने से पहले ही लैंड एलॉटमेंट की कार्रवाई पूरी कर ली गई है। पीएम मित्रा पार्क में भूमि आवंटन के लिए 114 कंपनियों के आवेदन मिले थे। इन कंपनियों ने पीएम मित्रा पार्क में निवेश करने की प्रबल रुचि व्यक्त कर लैंड अलॉटमेंट के लिए के लिए आवेदन किया है। आवेदन करने वाली कंपनियों में से 91 कंपनियों के आवेदन मंजूर कर इन्हें लैंड एलॉटमेंट कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि पीएम मित्रा पार्क में लैंड अलॉटमेंट कमेटी द्वारा विभिन्न कंपनियों और निर्माण इकाइयों को कुल 1294.19 एकड़ भूमि आवंटित करने की अनुशंसा कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम मित्रा पार्क में अधोसंरचना विकास के लिए सभी जरूरी निर्माण कार्य जारी हैं। इन निर्माण कार्यों के साथ लैंड अलॉटमेंट पाने वाली कंपनियों द्वारा अपने कारखाने और निर्माण इकाइयां भी समानांतर रूप से निर्मित की जाएंगी। इससे आने वाले एक से डेढ़ साल के दौरान ही निवेशक कंपनियों की निर्माण इकाइयों में उत्पादन भी प्रारंभ हो जाएगा। बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव वन, पर्यावरण श्री अशोक वर्णवाल, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय एवं ऊर्जा श्री नीरज मंडलोई, सचिव किसान कल्याण एवं कृषि विकास श्री निशांत बरवड़े, आयुक्त जनसंपर्क श्री दीपक कुमार सक्सेना सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पटना में की भगवान श्रीकृष्ण के विचारों पर केंद्रित सांस्कृतिक सम्मेलन में सहभागिता

तीन सौ से अधिक सांदीपनि विद्यालयों के जरिए हमारी सरकार दे रही गुरुकुल शिक्षा पद्धति को प्रोत्साहन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। हमारे पूर्वजों ने लोकतंत्र रूपी पौधे की जड़ों को इतनी खूबसूरती से सींचा है कि अब यह विशाल वटवृक्ष बन चुका है। भगवान श्रीकृष्ण सच्चे अर्थों में लोकतांत्रिक व्यवस्था के पक्षधर थे। उन्होंने अपने राजकाज में लोकतांत्रिक मूल्यों और सभी के विचारों को महत्व दिया। हमारी सरकार भगवान श्रीकृष्ण के बताए मार्ग पर ही चल रही है। उनके विचार हमारे लिए अमूल्य पूंजी और हमारी सांस्कृतिक धरोहर हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार भगवान श्रीकृष्ण की स्मृतियों को चिरस्थाई बनाने के लिए मध्यप्रदेश एवं देश में उनकी लीला स्थलों को चिन्हित कर श्रीकृष्ण पाथेय विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। श्रीकृष्ण के लीला स्थलों को तीर्थ के रूप में विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को पटना (बिहार) में भगवान श्रीकृष्ण के विचारों का जन समरस 'सांस्कृतिक सम्मेलन' को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने यहां अखिल भारतीय यादव महासभा अहीर की बिहार इकाई द्वारा आयोजित नियमित समाज सुधार श्रृंखला में भी सहभागिता की और समाज सुधार की दिशा में अपने विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सांस्कृतिक सम्मेलन में कहा कि भगवान श्रीकृष्ण यदुकुल के महान गौरव हैं। वे योगीराज थे। सभी ललित कलाओं में निपूण थे। उन्होंने मात्र 11 साल की उम्र में कंस जैसे शक्तिशाली एवं आततायी राजा से युद्ध कर तत्समय लोकतंत्र के मूल्यों की रक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व को गीता का ज्ञान देने वाले भगवान श्रीकृष्ण के सम्मान में हमारी सरकार मध्यप्रदेश के हर नगरीय निकायों में गीता भवनों का निर्माण करने जा रही है। भगवान श्रीकृष्ण के गुरु सांदीपनि के नाम पर हम मध्यप्रदेश में 300 से अधिक स्थानों पर सांदीपनि विद्यालयों की स्थापना कर गुरुकुल शिक्षा पद्धति को प्रोत्साहित कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पाटलिपुत्र (पटना) और अवन्तिका (उज्जैन) देश के सबसे पुराने नगर हैं। कभी पाटलिपुत्र में सम्राट, तो अन्वतिका (उज्जैन) में युवराज विराजते थे। बौद्ध धर्म के विचारों का प्रवाह बिहार से ही पूरे विश्व में फैला। इस मायने में बिहार ने पूरे विश्व को शांति, अहिंसा और सामाजिक सद्भावना की दिशा दी है। उन्होंने कहा कि भारत की मूल पहचान हमारी समृद्ध संस्कृति है। यदि आप विदेश में भारत का नाम लिए बगैर सिर्फ इतना कह दें कि आप राम-कृष्ण-बुद्ध की धरती से आएं हैं, तो भी विदेशी यह समझ जाएंगे कि हम भारतीय हैं। यही हमारी मूल पहचान है। उन्होंने कहा कि भगवान गोपाल श्रीकृष्ण की इस पावन धरती पर हम अपनी संस्कृति, अपने मूल्यों और अपने विचारों पर दृढ़ता से आगे बढ़ें, यही हमारा संकल्प होना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बिहार राज्य के नागरिकों को मध्यप्रदेश आने का आमंत्रण देते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने हमारे प्रदेश में अपना बाल्यकाल बिताया। यहीं सांदीपनि आश्रम में उनकी शिक्षा-दीक्षा हुई। श्रीकृष्ण-सुदामा की अजर-अमर दोस्ती की नींव भी यहीं पड़ी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में हम परम सौभाग्यशाली हैं कि मध्यप्रदेश के कण-कण में भगवान श्रीकृष्ण की स्मृतियां और उनकी लीलाएं समाई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सबका समग्र विकास ही लोक कल्याणकारी राज्य का मूल उद्देश्य है। यह शासन का लक्ष्य भी है और कर्तव्य भी। सबके विकास की चिंता कर शासन की सुव्यवस्था (सुशासन) के जरिए हर जरूरतमंद को सरकार की योजनाओं और सुविधाओं का लाभ दिलाने के लिए मध्यप्रदेश तेजी से अग्रसर है। हम विरासत से विकास की अवधारणा को हृदय से आत्मसात कर देश के विकास में योगदान के लिए समर्पित हैं। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं अन्य विशिष्ट अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन एवं भगवान श्रीकृष्ण का पूजन कर सांस्कृतिक सम्मेलन का शुभारंभ किया। सम्मेलन में बिहार राज्य के विधानसभा अध्यक्ष श्री नंदकिशोर यादव, छत्तीसगढ़ राज्य के मंत्री श्री हरिलाल यादव, पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्री रामप्रकाश यादव, श्री गजेन्द्र यादव, श्री हंसराज यादव, अखिल भारतीय यादव महासभा अहीर के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांस्कृतिक सम्मेलन के सूत्रधार डॉ. अशोक यादव सहित बड़ी संख्या में यादव समाजजन उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवजात बछिया का किया नामकरण

मुख्यमंत्री निवास की गौशाला में हुआ बछिया का जन्म कमला के नाम से जानी जाएगी नवजात बछिया भोपाल  मुख्यमंत्री निवास स्थित गौशाला में हाल ही में गाय ने एक प्यारी सी बछिया को जन्म दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस बछिया का जन्म होने पर अत्यंत हर्ष व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि गौसेवा और पशुधन संवर्धन के लिए हमारी सरकार ने अनेक प्रयास प्रारंभ किए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को महालक्ष्मी व्रत पूजन के दिन साक्षात् लक्ष्मी के रूप में मुख्यमंत्री निवास में जन्मी नवजात बछिया का स्वागत सत्कार किया। मुख्यमंत्री ने नवजात बछिया का नामकरण भी कर दिया। अब यह बछिया मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए 'कमला' नाम से जानी जाएगी। 'कमला' पहली ऐसी बछिया है, जिसका जन्म मुख्यमंत्री निवास की गौशाला में ही हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रतिदिन की तरह रविवार की सुबह गौशाला पहुंचकर यहां मौजूद सभी गायों को रोटी खिलाई। सभी गायों के साथ 'कमला' को भी तिलक लगाकर निवास में उसका स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने 'कमला' को गोद मे लेकर दुलार किया और मुख्यमंत्री निवास में पदस्थ सभी अधिकारी-कर्मचारियों को मिष्ठान्न खिलाकर कमला के आगमन पर अपनी आत्मीय खुशी जाहिर की।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चंबल नदी में बोटिंग कर जेट स्काय की सवारी की

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को गांधीसागर में चंबल नदी के अद्भुत और आकर्षक प्राकृतिक नजारे का अनुभव करते हुए बोटिंग की। बोट में बैठकर उन्होंने नदी की मनोहारी छटा को निहारा और इस मनमोहक सफर का आनंद लिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में पर्यटन को नई पहचान दिलाने के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है। चंबल नदी क्षेत्र में विकसित हो रही पर्यटन गतिविधियाँ न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजित करेंगी बल्कि देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए भी विशेष आकर्षण का केंद्र बनेंगी। बोटिंग के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चंबल नदी में जेट स्काय की सवारी भी की। पानी की लहरों पर बाइक बोट चलाते हुए मुख्यमंत्री अत्यंत प्रसन्नचित और उत्साहित नजर आए। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ न केवल पर्यटन को बढ़ावा देंगी बल्कि प्रदेश की प्राकृतिक धरोहरों को देखने-समझने का नया अवसर भी प्रदान करेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सफारी जीप में बैठकर टेंट सिटी का भी अवलोकन किया और यहां की पर्यटन सुविधाओं एवं आकर्षक व्यवस्थाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ सांसद श्री सुधीर गुप्ता, गरोठ विधायक श्री चंदर सिसोदिया, कमिश्नर श्री आशीष सिंह, आईजी श्री उमेश जोगा, कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग, पुलिस अधीक्षक श्री विनोद कुमार मीणा सहित पर्यटक मौजूद रहे।  

मुख्यमंत्री ने जिले में खराब हुई सोयाबीन की फसल का सर्वे कराने के दिये निर्देश

भोपाल  प्रदेश सरकार किसानों के साथ है और हम किसानों को किसी तरह का नुकसान नहीं होने देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरूवार को शाजापुर जिले की पोलायकलां तहसील के ग्राम खड़ी में विभिन्न कारणों से खराब हुई सोयाबीन की फसल के अवलोकन के बाद किसानों को यह भरोसा दिलाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शाजापुर कलेक्टर सहित प्रदेश के सभी कलेक्टर्स को खराब हुई सोयाबीन की फसल का सर्वे कराने के निर्देश दिये। किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना, विधायक श्री घनश्याम चन्द्रवंशी, श्री अरूण भीमावद, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री हेमराज सिंह सिसोदिया एवं डॉ. रवि पाण्डेय भी इस अवसर पर मौजूद थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसान चौपाल में कहा कि बारिश कम होने एवं कीट प्रकोप के कारण जहां-जहां भी सोयाबीन की फसल को नुकसान हुआ है, उसका पूरा सर्वे कराया जायेगा, किसानों को नुकसान नहीं होने देंगे। किसानों को अधिकतम लाभ दिया जायेगा। किसानों की जिंदगी बेहतर हो, इसके लिए केन्द्र एवं राज्य की सरकार लगातार प्रयासरत हैं। उन्होंने कलेक्टर शाजापुर को निर्देश दिये कि जिन किसानों को पिछले वर्षों की बीमा राशि प्राप्त नहीं हुई है, उनके प्रकरणों का निराकरण कराएं। आने वाले समय में शाजापुर जिले के किसानों को नर्मदा-पार्वती-चंबल-कालीसिंध लिंक परियोजना से पानी उपलब्ध कराया जायेगा। इससे गरीब किसानों के जीवन में बदलाव आएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देशी गाय पालन को प्रोत्साहन देने के लिए शुरू की गई कामधेनु योजना के बारे में बताते हुए कहा कि इस योजना में किसानों से गाय का दूध क्रय किया जायेगा। उन्होंने 25 गाय के पालन पर लगने वाली राशि 40 लाख पर सरकार द्वारा 10 लाख रूपये का अनुदान भी दिया जायेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में गायों के लिए गौशालाएं भी बनाई जायेगी। गौशालाओं को गायों के रखरखाव के लिए 40 रूपये प्रति गाय की दर से अनुदान दिया जायेगा। पांच हजार से अधिक पशु रखकर गौशाला संचालित करने पर भूमि भी उपलब्ध कराई जायेगी। इसी तरह क्षेत्र में विचरण कर रहे वन्यप्राणियों हिरण, नील गाय आदि के समुचित व्यवस्थापन के निर्देश भी वन विभाग को दिये। उन्होंने कहा कि किसान बिना किसी चिंता के अपनी फसलों का उत्पादन प्राप्त करें और खुशहाल बनें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने “एक बगिया माँ के नाम” योजना के बारे में बताया और कहा कि किसानों को एक एकड़ जमीन में फलोद्यान लगाने पर प्रथम वर्ष 2 लाख रूपये तथा इसके अगले वर्ष 55 हजार रूपये इस प्रकार 3 वर्ष तक अनुदान दिया जायेगा। कपास उत्पादन को प्रदेश सरकार प्रोत्साहित करेगी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में कपास उत्पादन को प्रोत्साहित किया जायेगा। इसके लिए धार जिले के बदनावर में “पीएम मित्रा” औद्योगिक पार्क विकसित करने जा रहे हैं, जिसका 17 सितम्बर को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शिलान्यास किया जायेगा। उन्होंने कहा कि धार जिले सहित मालवा निमाड़ अंचल के कपास उत्पादक किसानों के जीवन में अभूतपूर्व परिवर्तन लाने का माध्यम बनेगा। किसान से नुकसान की जानकारी ली मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्राम खड़ी के किसान श्री परवत सिंह बगाना के निवास पर जाकर उनसे सोयाबीन की खराब हुई फसल से हुए नुकसान की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- पीएम मित्रा पार्क से क्षेत्र का होगा समग्र विकास

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का 17 सितंबर को धार जिले के ग्राम भैंसोला में प्रस्तावित आगमन अत्यंत गौरवपूर्ण क्षण है। उन्होंने कहा कि पीएम मित्रा पार्क के ज़रिए नया दौर आने वाला है, जिससे क्षेत्र के विकास में सकारात्मक बदलाव आएगा। यह अवसर प्रदेश के किसानों, महिलाओं और आम नागरिकों के लिए भी महत्वपूर्ण साबित होगा। प्रधानमंत्री का दौरा पीएम मित्रा पार्क का भूमिपूजन के अलावा स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार अभियान की शुरुआत भी करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 17 सितंबर को प्रस्तावित प्रधानमंत्री श्री मोदी के दौरे को लेकर धार जिले के ग्राम भैंसोला में गुरूवार को कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित और समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम राज्य के समग्र विकास में मील का पत्थर साबित होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पीएम मित्रा पार्क का निर्माण प्रधानमंत्री जन-कल्याण के उद्देश्य को साकार करने में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि देशभर में सात पीएम मित्रा पार्क बनेंगे, जिनमें से सबसे पहले मध्यप्रदेश पार्क का भूमि-पूजन प्रधानमंत्री श्री मोदी करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह क्षेत्र कपास की खेती के लिए प्रसिद्ध है और अब कृषि आधारित उद्योगों के विस्तार से किसानों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खुलेंगे। पार्क के प्रारंभ हो जाने पर इससे लगभग 6 लाख किसानों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा और एक लाख लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार भी प्रदान किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम स्थल की सजावट, मंच व्यवस्था, बैठने की व्यवस्था, ध्वनि और प्रकाश व्यवस्था सहित सभी व्यवस्थाओं का व्यक्तिगत रूप से अवलोकन करें। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने को कहा। पुलिस विभाग, सुरक्षाबल एवं अन्य संबंधित एजेंसियों के अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि प्रधानमंत्री के आगमन से पहले हर प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। कार्यक्रम स्थल, प्रधानमंत्री के आवागमन मार्ग और आसपास के क्षेत्रों में विशेष निगरानी व्यवस्था लागू की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को यातायात प्रबंधन का प्रभावी ढंग से संचालन करने के निर्देश दिए जिससे जनता को सुचारू आवागमन की सुविधा मिल सके। उन्होंने नागरिकों से भी सहयोग की अपील की, जिससे आयोजन सुरक्षित, भव्य और सफलतापूर्वक संपन्न हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के दौरे से प्रदेश में किसान आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि पीएम मित्रा पार्क की सौगात से भैंसोला क्षेत्र में सामाजिक, आर्थिक और कृषि क्षेत्र में समग्र विकास की नई दिशा मिलेगी। प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन श्री राघवेन्द्र सिंह और धार कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने कार्यक्रम की तैयारियों और व्यवस्थाओं की जानकारी दी। सोयाबीन फसल के नुकसान सर्वे के निर्देश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर्स को निर्देश दिए कि जिन जिलों में सोयाबीन की फसल में मोजेक बीमारी के कारण नुकसान हुआ है। वहां तत्काल सर्वेक्षण प्रारंभ किया जाए। उन्होंने कलेक्टरों से मुआवजे की प्रक्रिया को प्रभावी रूप से पूरा करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, श्री चेतन्य कुमार काश्यप, सुश्री निर्मला भूरिया, केंद्रीय राज्यमंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर, श्री हेमंत खंडेलवाल, सांसद श्री सुधीर गुप्ता, विधायक सर्वश्री हितानंद शर्मा, राजेन्द्र गुप्ता, मथुरालाल डामोर, जितेन्द्र पंडया, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सरदार सिंह मेढ़ा, धार विधायक श्रीमती नीना वर्मा, श्री नीलश भारती, श्री राजवर्धन दत्तीगांव समेत जनप्रतिनिधिगण, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नेपाल में छतरपुर के नागरिकों के फंसे होने की सूचना पर लिया संज्ञान

अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने छतरपुर के कुछ परिवारों के सदस्यों के नेपाल में फंसे होने के समाचार पर संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि नेपाल में इन दिनों सामान्य स्थिति नहीं है और वहां छतरपुर जिले के कुछ नागरिकों का फंसा होना चिंता का विषय है। उनकी सकुशल वापसी के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत सरकार के अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर उनकी सकुशल भारत वापसी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। संकट की इस घड़ी में मध्यप्रदेश सरकार सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ नेपाल में फंसे प्रदेश के नागरिकों की हरसंभव मदद के लिए तत्पर है।  

बालिकाओं को सेनिटेशन-हाईजीन सहायता की राशि का भी सिंगल क्लिक से करेंगे अंतरण

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शासकीय हायर सेकेन्डरी स्कूलों की 12वीं कक्षा में प्रथम स्थान अर्जित करने वाले 7832 विद्यार्थियों को निःशुल्क स्कूटी प्रदाय योजना के तहत राशि प्रदान करेंगे। कार्यक्रम का आयोजन 11 सितम्बर गुरूवार को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में प्रात: 11 बजे से होगा। कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह, जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह, खेल एवं युवा कल्याण, सहकारिता मंत्री श्री विश्वास सारंग, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री चैतन्य कुमार काश्यप और पिछड़ा वर्ग एंव अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर भी उपस्थित रहेंगी। टॉपर विद्यार्थियों को मिलेंगी स्कूटी की राशि प्रदेश मे निःशुल्क ई-स्कूटी/आईसीईएस योजना शैक्षणिक सत्र 2022-23 से संचालित की जा रही हैं। इस योजना के अंतर्गत ऐसे छात्र-छात्राऐं पात्र होते हैं जिन्होंने प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग एवं जनजातीय कार्य विभाग अन्तर्गत संचालित शासकीय हायर सेकेण्डरी शाला में नियमित विद्यार्थी के रूप में अध्ययन कर माध्यमिक शिक्षा मण्डल की हायर सेकेण्ड्री कक्षा 12वीं में समस्त संकाय को शामिल कर अपनी शाला में नियमित परीक्षार्थी के रूप में टॉप किया हो। बालिका विद्यालय की दशा में स्कूल की टॉपर एक बालिका को, बालक विद्यालय होने की दशा में एक टॉपर बालक को एवं को-एड स्कूल जिसमें बालक बालिकाएं दोनों अध्ययनरत हों की दशा में स्कूल की एक टॉपर बालिका एवं एक टॉपर बालक अर्थात एक स्कूल से दो विद्यार्थियों को स्कूटी प्रदान किए जाने का प्रावधान है। वर्ष 2024-25 के लिए 12वीं की परीक्षा में 7,832 स्कूल टॉपर्स विद्यार्थियों को स्कूटी राशि प्रदान की जायेगी। बालिकाओं को मिलेगी व्यक्तिगत स्वास्थ्य एवं स्वच्छता सहायता कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव समग्र शिक्षा की सेनिटेशन एवं हाईजीन योजना अंतर्गत वर्ष 2025 में कक्षा 7वीं से 12वीं की 20 लाख 37 हजार 439 बालिकाओं को लगभग 61 करोड़ रूपये डीबीटी द्वारा बालिकाओं के बैंक खाते में अंतरित करेंगे। इस योजना के तहत शासकीय विद्यालयों की कक्षा सातवीं से 12वीं तक अध्ययनरत बालिकाओं को स्वास्थ्य स्वच्छता के लिये300 रूपये की राशि प्रतिवर्ष प्रदान की जाती है। 20 हजार से अधिक बालिकाओं के बैंक खातों में 7 करोड का स्टायपंड मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कार्यक्रम में 20 हजार 100 बालिकाओं के बैंक खातों में 7 करोड रूपयों की स्टायपंड राशि भी अंतरित करेंगे। उल्लेखनीय है कि कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय टाईप (IV) योजना अंतर्गत छात्रावासों में निवासरत बालिकाओं को टी.एल.एम एवं स्टायपंड के लिए प्रति बालिका 3400 रूपये प्रति वर्ष प्रदान की जाती है। कार्यक्रम का सजीव प्रसारण भी होगा स्कूल शिक्षा विभाग और जनसंपर्क विभाग के द्वारा उक्त कार्यक्रम का सजीव प्रसारण विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स पर किया जायेगा। एनआईसी वेबकास्ट के साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफार्मस् पर उक्त कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया जायेगा।  

प्रदेश में देसी नस्ल के गौपालन को किया जाए प्रोत्साहित: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

गौ-शालाऔं को स्वावलंबी बनाना जरूरी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश में देसी नस्ल के गौपालन को किया जाए प्रोत्साहित: मुख्यमंत्री डॉ. यादव गौशालाओं के प्रबंधन में धार्मिक संस्थाओं और दानदाताओं को जोड़े: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुई मध्यप्रदेश गौसंवर्धन बोर्ड की बैठक भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आत्मनिर्भर गौशाला, प्रदेश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं। गौ-शालाएं गोबर, गौमूत्र आदि अपशिष्ट से धन अर्जित कर संपन्न बन सकती हैं। स्वावलंबी गौशालाएं विकसित करने के लिए दुग्ध उत्पादों सहित गौमूत्र-गोबर आदि से निर्मित सामग्री के विक्रय की व्यवस्था विकसित की जाए। साथ ही गौशालाओं में उपलब्ध स्थान का उपयोग सौर ऊर्जा से विद्युत उत्पादन के लिए भी किया जाए। प्रदेश के विभिन्न अंचलों में स्थानीय परिवेश के अनुरूप देसी नस्ल के गौपालन को प्रोत्साहित किया जाए। गौशालाओं के प्रबंधन में धार्मिक संस्थाओं और दानदाताओं को जोड़े। प्रदेश में उपलब्ध पशुधन के अनुपात में पशु चिकित्सकों की संख्या कम है। गौवंश के बेहतर प्रबंधन और दुग्ध उत्पादन में वृद्धि के लिए पशु चिकित्सकों की संख्या में बढ़ोतरी आवश्यक है। इस दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह निर्देश मध्यप्रदेश गौसंवर्धन बोर्ड की मंत्रालय में सोमवार को हुई बैठक में दिए। पशुपालन एवं डेयरी विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री लखन पटेल, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की मंशा अनुसार प्रदेश में देसी नस्ल के गौपालन को प्रोत्साहित करने के लिए गिर, साहीवाल, मालवी और नागौरी नस्ल के पशुधन को प्रोत्साहित किया जाए। प्रदेश के जनजातीय अंचलों में भी गौपालन गतिविधियों को बढ़ाने के लिए आवश्यक नवाचार किए जाएं। प्रदेश में पशुपालन-कृषि-उद्यानिकी तथा नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में समन्वित रूप से कार्य करने से किसानों की आय में भी वृद्धि होगी और दुग्ध उत्पादन की दिशा में भी प्रदेश, देश के शीर्षस्थ राज्यों में शामिल हो सकेगा। बैठक में जानकारी दी गई कि गौसंवर्धन बोर्ड द्वारा गौशाला समितियों के बैंक खातों में राज्य स्तर से सीधे राशि अंतरित की जा रही है। बोर्ड द्वारा 937 नवीन गौशालाओं की स्थापना उपरांत पंजीयन किया गया है, जिसमें एक लाख 10 हजार गौवंश को आश्रय प्राप्त है। वर्ष 2024-25 में विदिशा, देवास, आगर-मालवा, ग्वालियर, दमोह, सतना तथा रीवा में बायोगैस सह जैविक खाद निर्माण संयंत्र स्थापित किए गए। नगर निगम ग्वालियर, इंदौर तथा उज्जैन ने वृहद गौशालाओं का संचालन आरंभ किया गया है। भोपाल और जबलपुर में गौशालाओं की स्थापना का कार्य जारी है। बैठक में स्वावलंबी गौशालाओं की स्थापना की नीति की प्रगति पर भी समीक्षा हुई।