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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ममलेश्वर में जलाभिषेक एवं पूजन किया

नर्मदा जल लेकर पहुँचे मंदिर भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दादा गुरु जी की चौथी "नर्मदा सेवा परिक्रमा" के समापन अवसर पर मंगलवार को खंडवा जिले के ओंकारेश्वर स्थित ममलेश्वर मंदिर में विधिवत पूजा अर्चना कर मां नर्मदा के जल से अभिषेक किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान ममलेश्वर से प्रदेशवासियों के लिए सुख-समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद पटेल, दादा गुरुजी के साथ ओंकारेश्वर के गजानन आश्रम से नर्मदा जल का कलश लेकर पदयात्रा करते हुए ममलेश्वर मंदिर पहुंचे। इस अवसर पर मांधाता क्षेत्र के विधायक श्री नारायण पटेल सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और श्रद्धालु मौजूद रहे।  

मुख्यमंत्री यंग इंटर्न्स फॉर गुड-गवर्नेस प्रोग्राम को मंजूरी

निःशक्तजन को वृत्तिकर से छूट को 31 मार्च 2030 तक निरंतर किये जाने की स्वीकृति 7 जिलों के लिए "एक जिला-एक उत्पाद" परियोजना का किया अनुमोदन सिंगरौली में कनिष्ठ व्यवहार न्यायाधीश सहित 7 पदों की स्वीकृति मैहर, कैमोर और निमरानी में 3 नये औषधालयों को मंजूरी भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद ने कल्याणकारी योजनाओं सहित विभिन्न 7 विभागों की महत्वपूर्ण योजनाओं की आगामी 5 वर्षों तक निरंतरता के लिए लगभग 33 हजार 240 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। मंत्रि-परिषद ने मुख्यमंत्री यंग इंटनर्स फॉर गुड-गवर्नेंस प्रोगाम को भी मंजूरी दी है। सिंगरौली के चितरंगी में कनिष्ठ व्यवहार न्यायाधीश सहित कुल 7 नवीन पदों के सृजन की भी मंत्रि-परिषद द्वारा स्वीकृति दी है। मंत्रि-परिषद ने मैहर, कैमोर जिला कटनी और निमरानी जिला खरगोन में कर्मचारी राज्य बीमा निगम के 3 औषधालय खोलने सहित चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टॉफ के 51 पदों के सृजन को स्वीकृति दी गयी है। मुख्यमंत्री यंग इंटर्नस फॉर गुड-गवर्नेस प्रोग्राम को 3 वर्ष क्रियान्वयन के लिए 190 करोड़ रूपये की स्वीकृति त्रि-परिषद द्वारा "मुख्यमंत्री यंग इंटर्नस फॉर गुड-गवर्नेस प्रोग्राम" को 3 वर्ष के लिए क्रियान्वयन के लिए लगभग 190 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है। लोक सेवा प्रबंधन विभाग को अग्रिम कार्यवाही तथा प्रक्रिया निर्धारण कर नियमों एवं निर्देशों को जारी कर क्रियान्वयन के लिए अधिकृत किया गया है। निःशक्त जन को वृत्तिकर से छूट की निरंतरता कीस्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश वृत्तिकर अधिनियम, 1995 के अंतर्गत निःशक्त जन को वृत्तिकर से छूट को 31 मार्च, 2030 तक निरंतर किये जाने की स्वीकृति दी गयी गई है। 7 जिलों के लिए "एक जिला-एक उत्पाद" परियोजना का अनुमोदन मंत्रि-परिषद द्वारा "एक जिला-एक उत्पाद" परियोजना अंतर्गत चयनित 07 जिलों में पारंपरिक व विशिष्ट उत्पाद के सरंक्षण, विकास और विपणन हेतु आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए आगामी 5 वर्षों में 37.50 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है। इस परियोजना में चयनित 07 जिलों में सीधी जिले में दरी एवं कारपेट, दतिया में गुड़, अशोकनगर में चंदेरी, हाथकरघा वस्त्र, भोपाल मे जरी-जरदोजी एवं जूट उत्पाद (जैसे पर्स आदि), धार में बाग प्रिंट, सीहोर में लकड़ी के खिलौने तथा उज्जैन में बटिक प्रिंट में आगामी 5 वर्षों के लिए 37.50 करोड़ रूपये की डी.पी.आर, तैयार की गयी है।इस परियोजना से स्थानीय शिल्पकारों, बुनकरों और कारीगरों को प्रशिक्षण, डिजिटलीकरण, ब्रांडिंग, विपणन तथा बाजार उपलब्धता जैसी सुविधायें प्रदान की जाएगी। यह परियोजना प्रदेश में स्थानीय उद्यमिता को बढावा, रोजगार सृजन एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। सिंगरौली में कनिष्ठ व्यवहार न्यायाधीश सहित 7 पदों की स्वीकृति मंत्रि-परिषद ने चितरंगी जिला सिंगरौली में व्यवहार न्यायालय की स्थापना के लिए व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ खण्ड का एक नवीन पद और उनके कार्यालयीन अमले के लिए तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के 6 नवीन पद सहित कुल 7 नवीन पदों का सृजन किये जाने की स्वीकृत प्रदान की है। मैहर, कैमोर और निमरानी में 3 नये औषधालयों को मंजूरी मंत्रि-परिषद ने भारत सरकार के कर्मचारी राज्य बीमा निगम (इएसआईसी) द्वारा मैहर (जिला-मैहर), कैमोर (जिला कटनी), तथा निमरानी (जिला खरगौन) में 3 नये औषधालयों को खोलने एवं चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टॉफ के 51 पदों का सृजन की स्वीकृति प्रदान की गयी है। मैहर, कैमोर तथा निमरानी में नये कर्मचारी राज्य बीमा औषधालय खोलने एवं नये पद सृजित करने की स्वीकृति प्रदान की गयी है। इससे रजिस्टर्ड 15,686 श्रमिकों एवं उन पर आश्रित लगभग 62,744 परिजनों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त होंगी। रिवेम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम के अंतर्गत केन्द्रांश पर देय एसजीएसटी की राशि वितरण कंपनियों को अंशपूंजी के रूप में प्रदान करने की स्वीकृति मंत्रि-परिषद् द्वारा निर्णय लिया गया कि रिवेम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम के अंतर्गत वितरण अधोसंरचना के उन्नयन, यथा वितरण हानियों में कमीं तथा वितरण प्रणाली सुदृढ़ीकरण एवं आधुनिकीकरण से संबंधित बुनियादी अधोसंरचना के निर्माण और विकास कार्यों के लिए प्राप्त केन्द्रांश पर देय एसजीएसटी की राशि राज्य की वितरण कंपनियों को राज्य शासन द्वारा अनुदान के स्थान पर अंशपूंजी के रूप में उपलब्ध कराई जायेगी।स्कीम के अंतर्गत माह नवम्बर 2024 तक ऋण के रूप में प्रदत्त राशि 887 करोड़ 91 लाख रूपये को राज्य शासन द्वारा वितरण कंपनियों को अंशपूंजी के रूप में प्रदान किए जाने का अनुमोदन किया गया। विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण व विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति के उद्देश्य से वित्तीय रूप से साध्य व परिचालन में दक्ष वितरण क्षेत्र विकसित करने के लिए रिवेम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) लागू की गई है। योजना अन्तर्गत विद्युत अधोसंरचनात्मक कार्यों के लिए केन्द्र शासन द्वारा 60 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है एवं शेष 40 प्रतिशत राशि राज्य शासन द्वारा वितरण कंपनियों को अंशपूंजी के रूप में प्रदान की जा रही है। लोक वित्त पोषित कार्यक्रमों और योजनाओं की निरंतरता के लिए 63 करोड़ 76 लाख रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद् द्वारावित्त विभाग की लोक वित्त पोषित कार्यक्रमों, योजनाओं एवं परियोजनाओं के परीक्षण तथा प्रशासकीय अनुमोदन की प्रक्रिया के अन्तर्गत 16 वें केन्द्रीय वित्त आयोग की अवधि (01 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक) के लिए निरंतरता के लिए कुल 63 करोड़ 76 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है। ग्रामीण, पिछड़े और खनिज क्षेत्रों में ग्रामीण अवसंरचना एवं पेयजल आपूर्ति के लिए 6090 करोड़ रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा खनिज साधन विभाग के अंतर्गत "खनिज अधिभार का रक्षित निधि में अतंरण" योजना को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर रखे जाने के लिए 6090 करोड़ 12 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है। यह योजना खनिज साधन विभाग के अंतर्गत पूर्व से संचालित योजना पूर्णतः राज्य वित्त पोषित एवं भारित व्यय से संबंधित योजना है। इस राशि का उपयोग ग्रामीण क्षेत्रों, पिछड़े क्षेत्रों, खनि क्षेत्रों में ग्रामीण अवसंरचना, पेयजल आपूर्ति योजना तथा सड़क विकास कार्यक्रम के क्रियान्वयन के लिये किया जायेगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास की योजनाओं के सुचारू संचालन के लिये 7,127 करोड़ रूपये की स्वीकृति मंत्रि परिषद द्वारा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की 31 मार्च 2031 तक निरंरता एवं सुचारू संचालन के लिये 7,127 करोड़ 38 लाख रूपये की स्वीकृति दी गयी है। स्वीकृति अनुसार विभागीय परिसंपत्तियों का संधारण के लिए 16 करोड़ 78 लाख रूपये, महात्मा गांधी राज्य ग्रामीण … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बहनों से सुरक्षा की गारंटी वाले टीके का लाभ लेने का किया आहवान

स्वस्थ नारी ही सशक्त समाज की आधारशिला राज्य सरकार लाड़ली बहनों और लाड़ली लक्ष्मी बेटियों के साथ महिलाओं को बना रही है सशक्त मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आगामी नवरात्रि पर्व एवं गुड़ी पड़वा की दीं मंगलकामनाएं भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में माताओं-बहनों के स्वास्थ्य की चिंता करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सर्वाइकल कैंसर बेटियों की जिंदगी में सबसे कठिन समय होता है। मध्यप्रदेश में बड़े पैमाने पर एचवीपी टीकाकरण अभियान की शुरुआत की गई है। इसमें 14 वर्ष से अधिक आयु की बेटियों को 4 हजार रुपए मूल्य का यह टीका नि:शुल्क लगाया जा रहा है। वैक्सीन का एक टीका गर्भाशय एवं ग्रीवा कैंसर के प्रति भविष्य में बेटियों को जीवनभर की सुरक्षा की गारंटी देगा और उन्हें गंभीर रोग से बचाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को जबलपुर के नेताजी सुभाषचंद्र बोस कल्‍चरल एंड इंर्फोमेशन सेंटर में महिलाओं के लिए आयोजित निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर और एचपीवी टीकाकरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आहवान किया कि बहनें और बेटियां सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए टीकाकरण का लाभ लेकर टीका अवश्य लगवा लें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने टीका लगवा चुकी बेटियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए। साथ ही जबलपुर में 37 करोड़ रूपये से अधिक के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार लाड़ली बहनों से लेकर लाड़ली लक्ष्मी बेटियों तक निरंतर जनकल्याणकारी कार्यों को आगे बढ़ा रही है। लाड़ली बहनों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए राज्य सरकार योजना की राशि को निरंतर बढ़ा रही है। प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख से अधिक लाड़ली बहनों को अब 1500 रुपए की राशि हर माह उनके बैंक खातों में अंतरित की जा रही है। राज्य सरकार ने बहनों को रोजगारपरक उद्योगों में काम करने पर 5 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि अलग से देने का निर्णय लिया है। प्रदेश में लैंगिग असमानता को खत्म करने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य हो रहे हैं। स्थानीय निकायों के चुनाव में 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। लोकसभा और विधानसभा में भी महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिलेगा। बेटियां सेना से लेकर हर क्षेत्र में आगे बढ़कर बेहतर भविष्य का निर्माण कर रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उन्होंने 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर अशोकनगर जिले में करीला धाम पहुंचकर माता जानकी और उनके पुत्र लव-कुश का आशीर्वाद प्राप्त किया और सभी प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना की। मुख्यमंत्री ने जबलपुर को दी 37 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जबलपुर में 10.51 करोड़ लागत से आधुनिक जनपद भवन का भूमि-पूजन और 27.16 करोड़ लागत से नवनिर्मित गीता भवन सहित 3 अन्य विकास कार्यों का लोकार्पण किया। इनमें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 21 स्वास्थ्य एवं उप स्वास्थ्य केंद्र और सोलर ट्रैफिक सिस्टम शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संस्कार धानी जबलपुर की छटा देश में सबसे अलग है। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों को आगामी नवरात्रि पर्व एवं गुड़ी पड़वा की मंगलकामनाएं दीं। नेत्र दिव्‍यांग बालिकाओं का किया सम्‍मान कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एचपीवी टीकाकरण पूर्ण कर चुकी बालिकाओं जिया सेन और अंशी विश्वकर्मा को प्रतीकात्मक रूप से प्रमाण पत्र प्रदान किए। उन्होंने नेत्रहीन कन्या विद्यालय जबलपुर की बालिकाओं से भेंट कर उनका सम्‍मान भी किया। इस अवसर पर मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने लखपति दीदी आरती चौधरी और सीता गोंड को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए। पूर्व मंत्री श्री अजय बिश्नोई ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी देश का नेतृत्व करते हुए हर वर्ग के कल्याण के लिए योजनाएं शुरू कर रहे हैं। बेटियों को सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षित रखने के लिए शुरू की गई टीकाकरण की यह योजना मील का पत्थर सिद्ध होगी। देश और प्रदेश को आगे बढ़ाने में माताओं-बहनों का पूर्ण सहयोग सरकार को मिल रहा है। प्रदेश की आंगनवाड़ी एवं हेल्थ वर्कर्स की सहायता से विभिन्न प्रकार के कैंसर की पहचान करने के लिए आमजन को जागरुक किया जा सकता है। कार्यक्रम में विधायक श्री संतोष बरकड़े सहित जनप्रतिनिधि, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, स्वयंसेवी संस्थाओं के कार्यकर्ता, लाड़ली बहनें एवं बड़ी संख्या में बेटियां उपस्थित थीं।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कूनो राष्ट्रीय उद्यान में 5 शावकों के जन्म पर जताई खुशी

कूनो उद्यान के अधिकारी और कर्मचारी चीतों की बेहतर देखरेख के लिए बधाई के पात्र भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कूनो राष्ट्रीय उद्यान में 5 शावकों के जन्म पर खुशी जताई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कूनो राष्ट्रीय उद्यान से एक और प्रसन्नता देने वाला समाचार मिला है। कूनो उद्यान में मादा चीता "ज्वाला' ने 5 शावकों को जन्म दिया है। चीता परियोजना के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है कि चीतों की पुनर्स्थापन के बाद 10वीं बार सफलतापूर्वक जन्म हुआ है। यह इस बात का प्रतीक है यहां की जलवायु चीतों को रास आ गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मादा चीता ज्वाला के 5 शावकों के जन्म के साथ ही, भारत में चीतों की कुल संख्या 50 का आंकड़ा पार कर 53 हो गई है। चीता पुनर्स्थापन के कार्य वन्य जीव संरक्षण, प्रकृति और पर्यटन विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण सिद्ध हुए हैं। मध्यप्रदेश की चीतों के लिए "अनुकूल घर" के रूप में विशेष पहचान बनी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वन्य जीव संरक्षण के लिए निश्चित ही यह एक गौरवपूर्ण क्षण है। भारत में चीतों की बेहतर देखरेख और उनके पुनर्वास के प्रयासों की सफलता के लिए कूनो राष्ट्रीय उद्यान और वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी बधाई के पात्र हैं।  

डिजिटल पंजीयन में मध्यप्रदेश ने रचा इतिहास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रदेश का पहला पूर्ण पेपरलैस ई-रजिस्ट्रेशन सिस्टम संपदा 2.0 और सायबर पंजीयन कार्यालय से कहीं से भी होगा दस्तावेजों का फेसलैस पंजीयन हर साल 11 हजार करोड़ से अधिक राजस्व भोपाल मध्यप्रदेश में पंजीयन प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राज्य सरकार ने संपदा 2.0 प्रणाली से दस्तावेजों का पूर्णतः पेपरलेस ई-पंजीयन शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित यह व्यवस्था नागरिकों को त्वरित सेवाएं देने के साथ-साथ प्रशासन में पारदर्शिता और सुगमता सुनिश्चित करेगी। पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग राज्य के प्रमुख राजस्व अर्जित करने वाले विभागों में शामिल है। प्रदेश में प्रतिवर्ष लगभग 16 लाख दस्तावेजों का पंजीयन किया जाता है, जिससे 11 हजार करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त होता है। विभाग की वेब आधारित संपदा प्रणाली के माध्यम से ई-पंजीयन और ई-स्टाम्पिंग की सुविधा प्रदान कर पूरी प्रक्रिया को एंड-टू-एंड इलेक्ट्रॉनिक बनाया गया है। पेपरलैस और डिजिटल पंजीयन में मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य संपदा 2.0 के माध्यम से दस्तावेजों का पूर्णतः पेपरलेस और डिजिटल पंजीयन संभव हुआ है और यह व्यवस्था लागू करने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है। इस प्रणाली में कोई भी व्यक्ति कहीं से भी ई-स्टाम्प तैयार कर सकता है। साथ ही संपत्ति की पहचान भू-अभिलेख और नगरीय प्रशासन के डेटाबेस से की जाती है तथा संपत्ति की जियो-टैगिंग भी की जाती है, जिससे संपत्ति संबंधी विवादों में कमी आएगी। कृषि भूमि के पूर्ण अंतरण के बाद सायबर तहसील के माध्यम से स्वतः नामांतरण की सुविधा भी शुरू की गई है, वहीं कलेक्टर ऑफ स्टाम्प न्यायालय की प्रक्रिया को भी पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया गया है। ई-गवर्नेंस को और मजबूत बनाने के लिए भोपाल स्थित महानिरीक्षक पंजीयन कार्यालय में सायबर पंजीयन कार्यालय स्थापित किया गया है। इसके माध्यम से लगभग 75 प्रकार के दस्तावेजों का फेसलेस पंजीयन किया जा सकेगा। सायबर सब-रजिस्ट्रार राज्य के किसी भी जिले के दस्तावेजों का ऑनलाइन पंजीयन कर सकेंगे।        फेसलेस पंजीयन प्रक्रिया में पक्षकारों के लिए आधार आधारित वीडियो KYC करना अनिवार्य होगा। दस्तावेजों के डिजिटल निष्पादन के बाद उन्हें ऑनलाइन सायबर उप-पंजीयक के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। इससे नागरिकों को उप पंजीयक कार्यालय आने की आवश्यकता नहीं रहेगी। नई व्यवस्था के तहत लीज, मॉर्टगेज, डी-मॉर्टगेज, संपत्ति में पत्नी या बेटी का नाम जोड़ने और मुख्तियारनामा जैसे दस्तावेज अब कहीं से भी ऑनलाइन तैयार कर पंजीकृत किए जा सकते हैं। डिजिटल तकनीक के उपयोग से मध्यप्रदेश ने ई-गवर्नेंस के क्षेत्र में नई मिसाल कायम की है और आने वाले समय में यह व्यवस्था नागरिक सेवाओं को और अधिक सरल, पारदर्शी तथा भरोसेमंद बनाएगी।

देशभर की 25 महिला बाइकर्स करेंगी भोपाल से खजुराहो की 1,400 किमी लंबी बाइक ट्रेल

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को मुख्यमंत्री निवास से सुबह 9 बजे ‘क्वींस ऑन द व्हील्स’ के तीसरे संस्करण को फ्लैग ऑफ करेंगे। प्रदेश के समृद्ध व ऐतिहासिक पर्यटन गंतव्यों को देश-दुनिया में प्रचारित करने के उद्देश्य से 25 महिला सुपर बाइकर्स को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। ‘क्वींस ऑन द व्हील्स’ के पिछले दो संस्करणों की सफलता के बाद, महिला सशक्तिकरण, स्वतंत्रता एवं विरासत का यह 7 दिवसीय आयोजन भोपाल से खजुराहो तक लगभग 1,400 किलोमीटर लंबी बाइक ट्रेल को पूरा करेगा।   सचिव पर्यटन और प्रबंध संचालक मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड डॉ. इलैयराजा टी ने बताया कि एमपी टूरिज्म बोर्ड की पहल क्वींस ऑन द व्हील्स’ केवल एक बाइक राइड नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण, साहस और मध्यप्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक एवं पर्यटन धरोहर का उत्सव है। हमें गर्व है कि देशभर से आईं 25 महिला सुपरबाइकर्स इस अनूठी यात्रा के माध्यम से भोपाल से खजुराहो तक प्रदेश के विविध पर्यटन स्थलों का अनुभव करेंगी और उन्हें देश-दुनिया तक पहुंचाने में सहभागी बनेंगी। मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड का उद्देश्य ऐसे नवाचारपूर्ण आयोजनों के माध्यम से प्रदेश को एक सुरक्षित, रोमांचक और विश्वस्तरीय पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करना है। 13 मार्च को भोपाल में होगा समापन भोपाल से शुरू होकर यह 7-दिन की यात्रा सांची, उदयगिरि, चंदेरी, शिवपुरी, कूनो, ग्वालियर, दतिया, ओरछा और खजुराहो से होते वापस भोपाल में 13 मार्च को समाप्त होगी। मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड के इस कदम से राज्य की ऐतिहासिक और पुरातात्विक विरासत को प्रमुखता देगा, साथ ही मध्य प्रदेश को महिलाओं के लिए सुरक्षित और समृद्धिशाली पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित किया जाएगा। यह अभियान कम-ज्ञात स्थलों का प्रचार करेगा, रूरल टूरिज्म सर्किट्स को मजबूत करने और राज्य भर में रिस्पॉन्सिबल ट्रैवल को बढ़ावा देने का सशक्त माध्यम बनेगा।  

शुजालपुर नगरपालिका परिषद ने जन सेवा और लोक कल्याण के 100 वर्ष पूर्ण किए हैं

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नगरपालिका परिषद का शताब्दी वर्ष शुजालपुर के हर नागरिक के सम्मान का उत्सव है। यह हमारी विरासत, उपलब्धियों और सामूहिक संकल्प का पर्व है। जटाशंकर महादेव की असीम कृपा से शुजालपुर नगरपालिका ने जन सेवा और लोक कल्याण के 100 वर्ष पूर्ण किए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुजालपुर नगरपालिका के नए भवन के लिए 3 करोड़ रुपए और नगरपालिका क्षेत्र में सड़कों सहित अन्य विकास कार्य के लिए दो करोड़ रुपए नगरपालिका परिषद शुजालपुर को उपलब्ध कराने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को शुजालपुर नगरपालिका परिषद के 100 वर्ष पूर्ण होने पर शुजालपुर में आयोजित शताब्दी वर्ष समारोह को मंत्रालय भोपाल से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। शुजालपुर में हुए कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह सिंह परमार, नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती बबीता परमार उपस्थित रही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शुजालपुर में स्वच्छता से संबंधित गतिविधियों में निरंतर प्रगति हो रही है। नगर को राष्ट्रीय रैंकिंग में और बेहतर स्थान पर लाने के लिए आगामी वर्षों में अतिरिक्त प्रयास किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि गत 2 वर्षों में शुजालपुर में ऑडिटोरियम और सीसी रोड के लिए 5 करोड़ रुपए, कायाकल्प योजना के अंतर्गत सड़क निर्माण के लिए 6 करोड़ 60 लाख रुपए, अमृत 2 के अंतर्गत जलप्रदाय के लिए 12 करोड़ रुपए की राशि उपलब्ध कराई गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शुजालपुर वीरों की भूमि रही है। जब पेशवा बाजीराव प्रथम ने मालवा में विजय का परचम लहराया तब शुजालपुर उनकी रणनीतिक प्राथमिकता में था। इस पावन धरा पर पेशवाओं की सेना का नेतृत्व करते हुए राणो जी शिंदे ने मातृभूमि के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया। उनकी स्मृति में बना भव्य शिव मंदिर और ऐतिहासिक छतरी आज भी हमें शौर्य की प्रेरणा देते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शौर्य और संकल्प की नींव पर आज से ठीक 100 वर्ष पहले 1926 में नगरपालिका परिषद का गठन शुजालपुर में हुआ था। एक उज्जवल भविष्य का संकल्प आज वट वृक्ष बन चुका है। वर्तमान में शुजालपुर विकास का मॉडल बन रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य में जारी गतिविधियों के परिणाम स्वरूप शुजालपुर क्षेत्र में सड़कों, स्वास्थ्य, शिक्षा सुविधाओं, व्यापार-व्यवसाय गतिविधियों आदि में निरंतर प्रगति हो रही है। परिषद के माध्यम से राज्य सरकार हर घर तक सड़क-बिजली और पानी पहुंचाने के संकल्प को सिद्ध कर रही है। शहर की पेयजल समस्या का समाधान काफी हद तक करने का प्रयास किया गया है। नगर में 21 करोड़ 55 लाख रुपए की लागत से जमघड़ नदी को साफ रखने की तैयारी है। यह पहल आने वाली पीढ़ियों के लिए एक उपहार के समान होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुजालपुर को विकास के शिखर पर ले जाने के लिए जन भागीदारी को प्रोत्साहित करने का आहवान किया। उच्च शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में गत 2 वर्षों में विकास और जनकल्याण की दृष्टि से क्षेत्र का कायाकल्प हुआ है। मंत्री श्री परमार ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से नए और बड़े बस स्टैंड के लिए भूमि आवंटित करने का अनुरोध किया। कार्यक्रम को नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती बबीता परमार ने भी संबोधित किया। शुजालपुर के कार्यक्रम में पूर्व मंत्री श्री विजेंद्र सिंह सिसोदिया, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री हेमराज सिंह सिसोदिया, जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और बड़ी संख्या में स्थानीय जन उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जलालपुर पहुँचकर विधायक लोधी की माताजी के निधन पर शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं

भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को ग्वालियर जिले के ग्राम जलालपुर पहुँचकर विधायक श्री प्रीतम लोधी की माताजी स्व. श्रीमती भागवती बाई के निधन पर शोक संवेदनाएँ व्यक्त कीं। उन्होंने दिवंगत स्व. भागवती जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि प्रदान की। इस अवसर पर वरिष्ठ विधायक एवं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष श्री हेमंत खंडेलवाल, श्री जयप्रकाश राजौरिया, श्री प्रेमसिंह राजपूत सहित जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। विधायक श्री प्रीतम लोधी की माताजी श्रीमती भागवती बाई का गत 26 फरवरी को लगभग 100 वर्ष की अवस्था में निधन हो गया था।  

स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती का जीवन संस्कृति, सनातन परंपरा एवं राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पण का प्रेरक उदाहरण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ब्रह्मलीन शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती का जीवन भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा एवं राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पण का प्रेरक उदाहरण है। उन्होंने कहा कि स्वामी जी के जन्म स्थल सिवनी में उनके दिव्य स्तंभ की स्थापना सौभाग्य का विषय है तथा यह भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को जबलपुर एयरपोर्ट से सिवनी जिला मुख्यालय स्थित शंकराचार्य चौक के लोकार्पण कार्यक्रम में वर्चुअली शामिल होकर संबोधित करते हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम सभी का दायित्व है कि शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के विचारों एवं संस्कारों को न केवल आत्मसात करें, बल्कि उन्हें समाज में व्यापक रूप से प्रचारित कर आगे बढ़ाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार सनातन मूल्यों से प्रेरणा लेकर सुशासन की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में भगवान कृष्ण की लीलाओं से जुड़े सभी स्थलों को तीर्थ के रूप में विकसित करने का कार्य किया जा रहा है। दिव्य स्तंभ के लोकार्पण अवसर पर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती महाराज ने आदि शंकराचार्य के जीवन एवं सनातन धर्म में उनके योगदान पर प्रकाश डाला तथा ब्रह्मलीन शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी महाराज के आध्यात्मिक योगदान एवं राष्ट्रधर्म के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को स्मरण किया।  

मुख्यमंत्री ने चित्रकूट के पं. दीनदयाल उपाध्याय शोध संस्थान के कार्यक्रम को किया वर्चुअली संबोधित

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राष्ट्रऋषि नानाजी देशमुख केवल एक राजनेता नहीं बल्कि सामाजिक परिवर्तन के महान साधक थे। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन ग्राम विकास-शिक्षा-स्वावलंबन के लिए समर्पित कर दिया और समाज सेवा के उद्देश्य को तप के साथ सिद्ध किया। स्व. नानाजी देशमुख का मानना था कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है। जब गांव मजबूत होंगे तभी राष्ट्र मजबूत बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव राष्ट्रऋषि नानाजी देशमुख की 16वीं पुण्यतिथि के संदर्भ में चित्रकूट स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय शोध संस्थान में आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम को विधानसभा भोपाल से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। स्व. नानाजी देशमुख की 16वीं पुण्यतिथि 27 फरवरी को है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चित्रकूट को भगवान  राम की तपोस्थली के साथ-साथ नानाजी देशमुख की कर्मस्थली होने का भी गौरव प्राप्त है। स्व. नानाजी देशमुख ने पं. दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानववाद के सपने को मूर्त रूप देने के संकल्प को, चित्रकूट से ही साकार करने का प्रण किया। इस उद्देश्य से ही ग्रामीण विश्वविद्यालय की स्थापना 1991 में चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय के रूप में की गई। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार स्व. नानाजी देशमुख की शिक्षाओं के अनुरूप समाज और देश के संवर्धन तथा सशक्तिकरण की दिशा में कार्य कर रही है। दीनदयाल शोध संस्थान, ग्रामीण विकास के साथ ही स्वास्थ्य, स्वच्छता, शिक्षा, कृषि, स्वावलंबन और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की दिशा में अनुकरणीय कार्य कर रहा है। राज्य सरकार विरासत के साथ विकास को ध्यान में रखते हुए गांवों को मजबूत कर राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दे रही है। चित्रकूट में स्थानीय सांसद  गणेश सिंह, विश्वविद्यालय के कुलगुरू  आलोक दुबे, दीनदयाल शोध संस्थान के संगठन सचिव  अभय महाजन तथा विषय विशेषज्ञ और शोधार्थी उपस्थित थे।