samacharsecretary.com

मुख्यमंत्री, म.प्र. संविदा संयुक्त संघर्ष मंच के राज्य स्तरीय सम्मेलन में हुए शामिल

संविदाकर्मियों के श्रम और विश्वास के आधार पर ही जनकल्याणकारी योजनाएं उतार रही हैं धरातल पर संविदाकर्मी राज्य सरकार का कार्यबल ही नहीं, हमारा आत्मबल भी हैं   भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि संविदाकर्मियों के श्रम और विश्वास पर ही राज्य सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने में सफल हो रही है। संविदाकर्मियों की भूमिका हनुमान जी के समान है। आपके श्रम और साझेदारी ने ही शासन-प्रशासन की व्यवस्था बनाई रखी है। संविदाकर्मी अनुबंध से अवश्य आते हैं, किन्तु व्यवस्थाओं के प्रबंधन में विराट भूमिका निभाते हैं। स्वास्थ्य सेवाएं हों या शिक्षा, पंचायत, नगरीय निकाय या तकनीकी सेवाएं मैदानी स्तर पर सर्वे, मॉनीटरिंग और क्रियान्वयन में संविदा भाई-बहन हर जगह व्यवस्था के भरोसेमंद स्तंभ बनकर खड़े हैं। संविदाकर्मियों ने जिस निष्ठा से काम किया है, उसने यह सिद्ध कर दिया कि सेवा पद से बड़ी है। संविदाकर्मी राज्य सरकार का कार्यबल ही नहीं, हमारा आत्मबल भी हैं। भारतीय मजदूर संघ के 'देश के हित में करेंगे काम' के वाक्य को हमारे साथी चरितार्थ कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को टीटी नगर दशहरा मैदान में भारतीय मजदूर संघ द्वारा आयोजित मध्यप्रदेश संविदा संयुक्त संघर्ष मंच के 'संविदा कर्मचारी-अधिकारी सम्मेलन' को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर तथा भारत माता और श्रद्धेय दत्तोपंत ठेंगड़ी जी के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के कार्यक्रम स्थल आगमन पर पुष्प वर्षा कर और बड़ी माला पहनाकर स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि हमारी सरकार संविदा कर्मियों के अधिकारों के लिए सदैव सकारात्मक भाव के साथ खड़ी है। राज्य सरकार द्वारा संविदा कर्मियों के सेवा सुधार, पारिश्रमिक सुधार, कार्य परिस्थिति और भविष्य के सुधारों पर पहले भी सकारात्मक निर्णय लिए गए हैं, भविष्य में भी उनका पूरा ध्यान रखा जाएगा। हमारी सरकार संविदा कर्मियों की सुरक्षा का ध्यान रखते हुए सभी मुद्दों का समाधान निकालेगी। संविदा कर्मचारियों के लिए जो भी निर्णय हो सकते हैं, उससे अधिक करने का प्रयास करेंगे। नियम, न्याय और वित्तीय संतुलन के दायरे में रहते हुए संविदाकर्मियों की कठिनाइयों का हल निकाला जाएगा। मध्यप्रदेश संविदा संयुक्त संघर्ष मंच, वित्त और सामान्य प्रशासन विभाग के साथ समन्वय करते हुए सभी कठिनाइयों का समाधान इस प्रकार किया जाएगा, जिससे संविदाकर्मियों का सम्मान और सुरक्षा दोनों सुनिश्चित हों। संविदाकर्मियों की उचित मांगों पर राज्य सरकार संवेदनशीलता, जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता के साथ उनका सहयोग करेगी। संविदाकर्मियों की मांगों पर रखा जायेगा पूरा ध्यान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव     10 वर्ष से अधिक अनुभवी संविदाकर्मियों को नियमित पदों पर संविलियन की अभी तक 50 प्रतिशत पदों के लिए प्रक्रिया जारी है, इस दिशा में आगे और काम किया जाएगा।     सामान्य प्रशासन विभाग संविदा नीति-2023 के अंतर्गत सभी कंडिकाओं का केंद्र और राज्य पोषित परियोजनाओं में अक्षरश: क्रियान्वयन किया जाएगा। राज्य शासन के निगम मंडल इसे लागू करेंगे।     संविदा नीति-2023 के अंतर्गत सभी विभागों में संविदा कर्मियों के लिए एनपीएस, ग्रेज्युटी, स्वास्थ्य बीमा लाभ, अनुकंपा नियुक्ति के लिए केंद्र पोषित-राज्य पोषित समस्त योजनाओं-परियोजनाओं में एक साथ क्रियान्वयन तथा संविदा कर्मियों के लिए प्रावधान सीसीए रूल 1965, 1966 को पूर्णत: लागू करने के संबंध में नीतिगत निर्णय कराया जाएगा।     विभिन्न विभागों, योजना, परियोजना में पदस्थ संविदा कर्मचारियों की विसंगतिपूर्ण समकक्षता के निर्धारण के लिए अभ्यावेदनों का निराकरण, संविदा के प्रतिनिधियों को शामिल करते हुए अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा समय-सीमा में किया जाएगा।     कृषि विभाग की आत्मा योजना, जिला ई-गवर्नेंस सोसायटी, जिला विकलांग पुनर्वास केन्द्रों में संविदा नीति-2023 के तहत समकक्षता का निर्धारण किया जाएगा। सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का श्री कुलदीप सिंह गुर्जर, श्री दिनेश सिंह तोमर, श्री गोविंद श्रीवास्तव, श्री दुर्गेश तिवारी तथा संयुक्त संघर्ष मंच के प्रतिनिधियों ने स्वागत किया। श्री दिनेश तोमर ने कहा कि मध्यप्रदेश संविदा संयुक्त संघर्ष मंच में प्रदेश के 34 विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार कर्मचारी हित में निरंतर कार्य कर रही है। भारतीय मजदूर संघ ने प्रदेश के संविदा कर्मचारियों की मांगों को समझा है। प्रदेश महामंत्री श्री कुलदीप सिंह गुर्जर ने भी संबोधित किया। सम्मेलन में बड़ी संख्या में प्रदेशभर से पधारे संविदा अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री ने ई-कार्ट से लोक का किया भ्रमण, यज्ञशाला में दी पूर्ण आहुति

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को मंदसौर में भगवान श्री पशुपतिनाथ लोक का लोकार्पण किया। प्रथम चरण में लगभग 25 करोड़ रुपये की लागत से लोक का निर्माण किया गया है। लोकार्पण अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सबसे पहले पशुपतिनाथ मंदिर पहुंच कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। उन्होंने मंदिर परिसर में मंदिर की पूर्व एवं वर्तमान स्थिति को प्रदर्शित करने वाली चित्र प्रदर्शनी का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंदिर परिसर में पालकी में रजत प्रतिमा के रूप में विराजित भगवान पशुपतिनाथ की पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री ने ई-कार्ट में बैठकर पशुपतिनाथ लोक का भ्रमण किया और इसकी भव्यता को सराहा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 22 फीट ऊंचे त्रिनेत्र रुद्राकनी का अनावरण किया। इसके मध्य में स्थापित रुद्राक्ष भगवान शिव के त्रिनेत्र स्वरूप का दिव्य आभास कराता है। एमफी थियेटर परिसर स्थित यज्ञशाला में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ में पूर्णाहुति दी। पशुपतिनाथ लोक मंदसौर की आस्था का प्रमुख केंद्र है, जिसे और अधिक भव्य बनाया गया है। शिवना नदी की बहती जलधारा के समीप स्थित यह लोक पहले से कहीं अधिक आकर्षक एवं मनमोहक हो गया है। चार प्रवेश द्वारों के माध्यम से श्रद्धालुओं की सुगम आवाजाही सुनिश्चित की गई है। पशुपतिनाथ लोक में श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ओपन एयर थियेटर का निर्माण किया गया है, जहां सांस्कृतिक एवं रंगमंचीय कार्यक्रम आयोजित किए जा सकेंगे। श्रद्धालुओं की संख्या अधिक होने पर उन्हें असुविधा न हो, इसके लिए प्रतीक्षालय की व्यवस्था की गई है। आपात परिस्थितियों के लिए प्राथमिक चिकित्सा कक्ष भी बनाया गया है। मंदिर परिसर में शिव-लीलाओं पर आधारित आकर्षक म्यूरल वॉल एवं पशुपतिनाथ महादेव प्रतिमा के इतिहास पर आधारित पेंटिंग्स श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान करती हैं। श्री पशुपतिनाथ लोक में सत्संग भवन, उद्यान, शिव स्तंभ, म्यूरल वॉल, सेल्फी प्वाइंट तथा सुव्यवस्थित पाथवे का निर्माण किया गया है, जिससे पूरा परिसर तीर्थनगरी के स्वरूप में विकसित हुआ है। लोकार्पण कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा, क्षेत्रीय सांसद श्री सुधीर गुप्ता, राज्यसभा सांसद श्री बंशीलाल गुर्जर, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दुर्गा विजय पाटीदार, मंदसौर विधायक श्री विपिन जैन, सुवासरा विधायक श्री हरदीप सिंह डंग, गरोठ विधायक श्री चंदर सिंह सिसोदिया, जिला योजना समिति सदस्य श्री राजेश दीक्षित, पूर्व विधायक श्री यशपाल सिंह सिसोदिया, पर्यटन सचिव श्री दिलीप कुमार यादव, कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग एवं पुलिस अधीक्षक श्री विनोद कुमार मीणा सहित अधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।  

स्पेस टेक नीति लागू करने में हम देश में सबसे अव्वल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री को मंत्रीगण ने दी सफल दावोस यात्रा की बधाई मंत्रिपरिषद् की बैठक से पहले मंत्रीगण को किया संबोधित उपलब्धियों की दी जानकारी भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि 15 जनवरी को मध्यप्रदेश में हुई एआई कॉन्फ्रेंस ने सफलता के नए आयाम स्थापित किए। इस कॉन्फ्रेंस के जरिए बड़े-बड़े नामी संस्थान हमसे जुड़े हैं। हमारी सरकार एआई को नए विजन के साथ लागू करेगी। इससे प्रदेश में प्रशासनिक क्षमता बढ़ेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी कॉन्फ्रेंस के दौरान ही मध्यप्रदेश स्पेस टेक नीति-2026 लागू की गई। स्पेस टेक नीति लागू करने के मामले में मध्यप्रदेश पूरे देश में अव्वल स्थान पर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को मंत्रि-परिषद् की बैठक से पहले मंत्रीगण को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण को सरकार को मिली उपलब्धियों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सफल दावोस यात्रा के लिए मंत्रीगण ने पुष्प-गुच्छ देकर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव हाल ही में वर्ल्ड इकोनामिक फोरम – 2026 में शामिल होने दावोस गए थे। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री श्री गडकरी ने मध्यप्रदेश को दी कई राष्ट्रीय राजमार्गों की सौगात मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण को बताया कि बीता सप्ताह मध्यप्रदेश में अनेकानेक गतिविधियों से परिपूर्ण रहा। गत 17 जनवरी को केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री श्री नितिन गडकरी ने विदिशा में आयोजित कार्यक्रम में मध्यप्रदेश को 4400 करोड़ रुपए की लागत से 181 किमी लंबे राष्ट्रीय राजमार्गों की 4 परियोजनाओं सहित प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर 50 सड़कों के निर्माण के लिए 4500 करोड़ रुपए देने की घोषणा की। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री ने सीआरएफ योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश को सड़क विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त रूप से 1600 करोड़ रुपए देने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के लिए घोषित सभी सड़क परियोजनाओं के पूरा होने पर मध्यप्रदेश राष्ट्रीय राजमार्गों के घनत्व के मामले में देश में अग्रणी भूमिका में होगा। सफल रही दावोस यात्रा, भारत का था सबसे बड़ा दल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण को बताया कि वर्ल्ड इकानामिक फ़ोरम के लिए की गई दावोस यात्रा का मध्यप्रदेश को बड़ा लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि दावोस में सबसे बड़ा दल भारत का ही था। वहां दुबई के बड़े पदाधिकारियों सहित मैनचेस्टर यूनाइटेड फुटबॉल क्लब के एक्जीक्यूटिव्स से भी मुलाकात हुई। उन्होंने मध्यप्रदेश को लेकर बेहद पाज़ीटिव रेस्पांस दिया है। प्रारंभ हुआ महाकाल महोत्सव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मकर संक्राति के दिन 14 जनवरी 2026 से उज्जैन में महाकाल महोत्सव प्रारंभ किया गया है। यह एक बड़ा कदम है, जो महाकाल की धरती पर आने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का विषय होगा। भोपाल में प्रारंभ हुए वृद्धजनों की सेवा के दो प्रकल्प – एक निशुल्क, दूसरा सशुल्क मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल शहर में एक सामाजिक संगठन द्वारा वृद्धजन के लिए बड़ी पहल की गई है। राज्य सरकार के आर्थिक सहयोग से संगठन द्वारा भोपाल में दो नए प्रकल्प शुरू किए गए हैं। इसमें एक नि:शुल्क श्रेणी का है और दूसरा पेड सर्विस (सशुल्क) है। उन्होंने कहा कि इस वृद्धजन निवास स्थान 'संध्या छाया' में कोई भी जरूरतमंद वृद्ध निशुल्क लाभ ले सकता है। यहां जरूरत के अनुसार पेड सर्विस भी पूरी सेवा भावना के साथ उपलब्ध कराई जा रही है। धार में शांतिपूर्वक संपन्न हुई बसंत पंचमी, पूजा भी कराई गई, नमाज भी अता कराई गई मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण से कहा कि शासन-प्रशासन, जनप्रतिनिधि और स्थानीय जनता के परस्पर सहयोग और सामंजस्य से धार में बड़े सौहार्दपूर्ण वातावरण में बसन्त पंचमी मनाई गई। माननीय उच्चतम न्यायालय की गाइडलाइन के अनुसार धार में बसन्त पंचमी के दिन न केवल माता वाग्देवी की पूजा अर्चना, हवन-पूजन कराईं गई, बल्कि पूरे रस्मों-रिवाज़ से शुक्रवार की नमाज भी अता कराई गई। सामाजिक सद्भाव और आपसी भाईचारे की नई मिसाल कायम करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने धार जिले की जनता, सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और व्यवस्था बहाली में अहम् योगदान देने वाले प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों सहित प्रदेश की जनता को बधाई और साधुवाद दिया।  

किसान कल्याण वर्ष में हर खेत तक सिंचाई के लिए पानी पहुंचाने का है संकल्प : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

बाबई-मोहासा औद्योगिक क्षेत्र के विकास से स्थानीय युवाओं को मिलेगा रोजगार प्रधानमंत्री श्री मोदी के कार्यकाल में देश के साथ बदल रहा मध्यप्रदेश भी दो सिंचाई परियोजनाएं मंजूर होने पर सोहागपुर वासियों ने किया मुख्यमंत्री का आत्मीय अभिनंदन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश को हर क्षेत्र में लगातार बड़ी सौगातें मिल रही हैं। पिछले 11 वर्षों के कालखंड में संपूर्ण देश के साथ हमारा प्रदेश भी बदल रहा है। राज्य सरकार ने वर्ष-2026 को किसान कल्याण वर्ष घोषित किया है। पूरे साल में अनेक किसान हितैषी निर्णय लिए जाएंगे। प्रदेश सरकार ने हर खेत तक सिंचाई के लिए पानी पहुंचाने का बीड़ा उठाया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने बुंदेलखंड से केन-बेतवा नदी जोड़ो अभियान की शुरुआत की है। इस परियोजना के पूर्ण होने पर क्षेत्र के कई जिलों के किसानों के खेतों में फसलें लहलहाएंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश की प्रगति में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। मंगलवार को हुई मंत्रि-परिषद् की बैठक में नर्मदापुरम जिले में 2 सिंचाई परियोजनाओं के लिए 215 करोड़ 47 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई है। इससे सोहागपुर और पिपरिया क्षेत्र के किसानों एवं स्थानीय जनजातीय भाई-बहनों को अनुपम सौगात मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार की शाम मुख्यमंत्री निवास में आयोजित अभिनंदन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर सोहागपुर विधायक श्री विजयपाल सिंह ने क्षेत्रवासियों को मिली सौगातों के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार माना। सोहागपुर से आए पार्टी पदाधिकारी, स्थानीयजन एवं विस्थापित जनजातीय परिवारों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आत्मीय अभिनंदन किया। विरासत भी और विकास भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश का वार्षिक बजट अब 4 लाख 21 हजार करोड़ रुपए हो चुका है। प्रदेश में औद्योगिक विकास को गति प्रदान करने के लिए हमारी सरकार संकल्पित है और इसके सुखद परिणाम अब जमीन पर नजर आने लगे हैं। नर्मदापुरम जिले में बाबई-मोहासा औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जा रहा है। इससे निकट भविष्य में सोहागपुर-पिपरिया और आसपास के क्षेत्र के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। राज्य सरकार विरासत के संरक्षण के साथ विकास के पथ पर अग्रसर है। प्रदेश के गरीब, किसान, युवा और नारी कल्याण के लिए जनहितैषी निर्णय लिए गए हैं। प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पचमढ़ी में कैबिनेट बैठक आयोजित कर हमने क्षेत्र के गौरव राजा भभूत सिंह का स्मरण किया। इसी प्रकार इंदौर, खजुराहो, ग्वालियर जैसे स्थानों पर भी कैबिनेट बैठकों में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। सोहागपुर विधानसभा के 63 गांवों को मिलेगा पर्याप्त जल विधायक श्री विजयपाल सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश का कोना-कोना सिंचाई सुविधा से लैस हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोहागपुर विधानसभा क्षेत्र की जनता से किया अपना वादा निभाया और आज कैबिनेट ने क्षेत्रवासियों के कल्याण के लिए लगभग 226 करोड़ रुपए लागत की दो महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजनाएं स्वीकृत की हैं। उन्होंने कहा कि तवा परियोजना (दायीं तट नहर) की बागरा शाखा नहर होज सिंचाई परियोजना से बाबई एवं सोहागपुर तहसील के 33 गांवों की 4200 हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचित होगी। वहीं, तवा परियोजना की दांयी तट नहर से पिपरिया ब्रांच केनाल होज सिंचाई परियोजना से 6000 हैक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध होगा। परियोजना से सोहागपुर तहसील के 30 ग्राम लाभान्वित होंगे। दोनों परियोजनाओं से सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के आसपास रहने वाला जनजातीय समुदाय सर्वाधिक लाभान्वित होगा और उन्हें स्वच्छ पेयजल के साथ सिंचाई की सुविधा भी मिलेगी। अभिनंदन समारोह में नर्मदापुरम के लोकसभा सांसद श्री दर्शन सिंह चौधरी, राज्यसभा सदस्य श्रीमती माया नारोलिया, श्री राजेंद्र सिंह, श्री महेश उपाध्याय सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्थानीयजन उपस्थित थे।  

ऊर्जा क्षेत्र को नई रफ्तार, मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मौजूदगी में बिजली उत्पादन के बड़े करार

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में 4 हजार मेगावॉट बिजली उत्पादन के लिए हुए अनुबंध (एमओयू) मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बिजली का महत्व शरीर में प्राणों की समान है। जैसे समस्त गतिविधियों के संचालन के लिए शरीर में प्राण आवश्यक है, वैसे ही किसी भी राज्य की प्रगति और उन्नति के लिए पर्याप्त विद्युत उपलब्धता आवश्यक है। प्रदेश में 60 हजार करोड़ रूपए की लागत से 4 हजार मेगावॉट बिजली उत्पादन के लिए हुए समझौते प्रदेश के स्थाई विकास का आधार बनेंगे। इससे प्रदेश में कुल विद्युत उपलब्धता में बढ़ोत्तरी होने के साथ-साथ बिजली की मांग की शत-प्रतिशत आपूर्ति संभव होगी। डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ओन एंड ऑपरेट (डीबीएफओओ) मॉडल पर स्थापित होने वाले इन नए विद्युत संयंत्रों से लगभग 8 हजार लोगों को प्रत्यक्ष और प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में मंगलवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में 4 हजार मेगावॉट बिजली के पॉवर सप्लाई एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर हुए। अपर मुख्य सचिव  नीरज मंडलोई ने अनुबंध के संबंध में जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी के प्रबंध संचालक  विशेष गढ़पाले तथा टोरेंट पॉवर लिमिटेड के  जिगिश मेहता, अदानी पॉवर लिमिटेड के  एस.बी. खिलया तथा हिन्दुस्तान थर्मल प्रोजेक्ट्स के  रतुल पुरी के बीच पॉवर सप्लाई एग्रीमेंट का आदान-प्रदान हुआ। यह नए पॉवर हाउस अनूपपुर में स्थापित होंगे। कार्यक्रम के आरंभ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का उद्योग समूह के प्रतिनिधियों ने पुष्प-गुच्छ भेंट कर अभिवादन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्योग मित्र नीतियों, सशक्त अधोसंरचना और सुशासन आधारित व्यवस्था के परिणाम स्वरूप मध्यप्रदेश देश -विदेश के निवेशकों और औद्योगिक समूहों के लिए पहली प्राथमिकता बनता जा रहा है। विद्युत उत्पादन में भूमि-जल- पर्यावरण-कोयला- रेलवे लाइन आदि का बेहतर समन्वय आवश्यक है। इन सब आधारों पर मध्यप्रदेश उपयुक्त है। प्रदेश ने नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण उपलब्धियां अर्जित की हैं। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की पहल पर प्रदेश को मिला पीएम मित्र पार्क विकास के नए आयाम और रोजगार के भरपूर अवसर प्रदान करेगा। प्रदेश में वर्ष-2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है। इससे उद्यमिता, स्वरोजगार और खाद्य प्रसंस्करण गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा। राज्य सरकार रोजगार परक उद्योगों को विशेष महत्व दे रही है। प्रदेश में उद्योग समूहों की गतिविधियों के विस्तार के लिए पर्याप्त संभावनाएं विद्यमान हैं। एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी ने राज्य में स्थापित किए जाने वाले नए विद्युत संयंत्रों से डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ओन एंड ऑपरेट (डीबीएफओओ) के तहत विद्युत दर आधारित प्रतिस्पर्धात्मक बोली प्रक्रिया के माध्यम से 3200 मेगावाट बिजली खरीद के लिए बोलियां आमंत्रित की थीं। इसमें बिजली खरीद के ग्रीन शू विकल्प के तहत अतिरिक्त 800 मेगावॉट की बिजली खरीद का विकल्प भी शामिल था। इसके अनुसार मेसर्स हिन्दुस्तान थर्मल प्रोजेक्ट्स लिमिटेड को 800 मेगावॉट, मेसर्स टोरेंट पॉवर लिमिटेड को 1600 मेगावॉट तथा मेसर्स अदानी पॉवर लिमिटेड को 800 मेगावॉट व ग्रीन्शू विकल्प के अंतर्गत अतिरिक्त 800 मेगावॉट क्षमता आवंटित की गई है। टोरेंट द्वारा 24 हजार करोड़ रुपए, अडाणी पॉवर द्वारा 24 हजार करोड़ रुपए तथा हिन्दुस्थन थर्मल द्वारा 12 हजार करोड़ रुपए का निवेश प्रस्तावित है। इन सभी क्षमताओं के लिये विद्युत आपूर्ति अनुबंध संबंधित चयनित विकासकों द्वारा गठित स्पेशल पर्पस व्हीकल्स के साथ किए गए हैं। इन विद्युत आपूर्ति अनुबंधों के अंतर्गत वर्ष 2030 से विद्युत आपूर्ति होना संभावित है।  

पुष्पों की रंगीन दुनिया: मुख्यमंत्री डॉ. यादव उद्घाटन करेंगे 30 जनवरी को

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में 30 जनवरी 2026 को राजधानी के हृदय स्थल गुलाब गार्डन में पुष्प महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। महोत्सव में 5 हज़ार से अधिक गमले ओर 2 हज़ार से अधिक कट फ्लॉवर में विभिन्न किस्म के पुष्प की सुगंध का आनंद भोपालवासी उठा सकेंगे। महोत्सव की तैयारी की बैठक आयुक्त उद्यानकी ख़ाद्य संस्करण श्री अरविंद दुबे की अध्यक्षता में हुई। बेठक में नेशनल रोज सोसायटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष श्री सुशील प्रकाश, मध्यप्रदेश रोज सोसायटी के अध्यक्ष श्री गर्दे सहित अन्य सदस्य गण ओर विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। आयुक्त श्री दुबे ने बताया कि राज्य सरकार वर्ष-2026 को कृषि वर्ष के रूप में मना रही है। इसी कड़ी में भव्य पुष्प महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। महोत्सव में भोपाल अलावा प्रदेश अन्य प्रमुख जिलो इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, पचमढ़ी, गुना ग्वालियर सहित अन्य जिलों से 5 हजार से अधिक गमलो ओर 2 हज़ार कट फ्लॉवर, प्रदर्शन किया जाएगा, जिलो से आने किसानों के पुष्प स्टॉल, नर्सरी के उत्पाद, आम जन के क्रय करने के लिए उपलब्ध रहेंगे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सशुल्क वरिष्ठजन निवास संध्या छाया का किया लोकार्पण

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि देश-प्रदेश में विकास का अर्थ केवल अधोसंरचना निर्माण नहीं है, विकसित राष्ट्र के लिए, समाज के सभी वर्गों को बेहतर और सुरक्षित जीवन जीने के अवसर उपलब्ध कराना भी विकास है और यह राज्य सरकार का सर्वोच्च दायित्व भी है। राज्य सरकार दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण और वृद्धजनों की सेवा के लिए संकल्पित है। राजधानी में वरिष्ठजनों को परिवार जैसा वातावरण देने के लिए सेवा भारती के माध्यम से इस सर्व-सुविधायुक्त सशुल्क वरिष्ठजन निवास की शुरुआत की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण के लिए हर कदम पर उनके साथ है। राज्य सरकार ने वृद्धजनों की सेवा और 'ओल्ड एज होम' की स्थापना के लिए समाज को साथ जोड़ा है। राज्य सरकार दिव्यांगजन को भी विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से प्रोत्साहित कर उनमें क्षमताएं विकसित करने का प्रयास कर रही है। दिव्यांगजनों के पास अद्भुत बौद्धिक क्षमता होती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव नव निर्मित सशुल्क वृद्धाश्रम "संध्या छाया" के लोकार्पण अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा पत्रकार कॉलोनी लिंक रोड नं. 3 पर निर्मित सर्व सुविधायुक्त वृद्धाश्रम में आयोजित कार्यक्रम का मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पीपीपी मोड पर बने "संध्या छाया" ओल्ड एज होम का शुभारंभ कर अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां रह रहे एक दम्पत्ति का अभिवादन कर स्वागत भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्यस्तरीय दिव्यांगजन स्पर्श मेला-2026 में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए कलाकारों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने कलाकारों से संवाद कर उन्हें प्रोत्साहित भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना में 54.52 लाख से अधिक पेंशन हितग्राहियों को 327.15 करोड़ रूपये से अधिक राशि का सिंगल क्लिक से अंतरण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्यस्तरीय दिव्यांगजन स्पर्श मेला-2026 में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कारों का वितरण भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने भारत को सभी क्षेत्रों में विश्व का सर्वश्रेष्ठ देश बनाने का बीड़ा उठाया है। हमारा देश गौरवशाली और समृद्ध विरासत का सभी प्रकार से संरक्षण करते हुए निरंतर विकास के पथ पर अग्रसर है। प्रदेश सरकार भी विकसित भारत के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। मध्यप्रदेश भारत के सबसे तेज गति से आगे बढ़ने वाले 3 राज्यों में शामिल हुआ है। मध्यप्रदेश नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में देश में अग्रणी भूमिका में है। हमारी सरकार ग्रीन एनर्जी को आगे बढ़ाते हुए दुनिया में सबसे सस्ती बिजली उपलब्ध करा रही है। प्रदेश में सोलर एनर्जी, विंड एनर्जी और पम्प स्टोरेज से ऊर्जा क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने की अपार संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी की प्रेरणा से इस बार दावोस के वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में भारत का सबसे बड़ा दल शामिल हुआ। सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री  नारायण सिंह कुशवाहा ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं। यह ओल्ड एज होम ''संध्या छाया'' वृद्धजनों की सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाया गया है। विभाग की प्रमुख सचिव मती सोनाली वायंगण्कर ने कहा कि सर्वसुविधायुक्त सशुल्क वरिष्ठजन निवास ''संध्या छाया'' लगभग 24 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किया गया है। वृद्धाश्रम में 34 कमरे हैं, जिसमें 56 वृद्धजनों के रहने की व्यवस्था है। इसमें उच्च गुणवत्ता का भोजन, पार्क जैसी सभी सुविधाएं मिलेंगी। यहां पर दिव्यांगजन स्पर्श मेला भी आयोजित किया गया, जिसमें 450 से अधिक बच्चों ने विभिन्न खेल गतिविधियों एवं प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिकों, समाज सेवियों और विद्यार्थियों ने भाग लिया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव: सामूहिक विवाह से मजबूत होती है सामाजिक एकता

भोपाल  बसंत पंचमी पर सामूहिक विवाह सामाजिक एकता की है मिसाल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बसंत पंचमी पर हिन्दू और मुस्लिम समुदाय के 121 जोड़ों के सामूहिक विवाह को सामाजिक एकता की मिसाल निरूपित करते हुए नवदम्पत्तियों को भावी जीवन के लिये शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने नवदम्पत्तियों को मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह/निकाह योजना में 51-51 हजार रुपये की राशि के चेक भी भेंट किये। इस अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री  जगत प्रकाश नड्डा ने भी नवदम्‍पत्तियों को आशीर्वाद दिया। सामूहिक विवाह समारोह में एक ही मंडप के नीचे 118 हिंदू जोड़ों का वैदिक रीति-रिवाज से विवाह और 3 मुस्लिम जोड़ों का निकाह मौलवियों ने संपन्न कराया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस एकता की सराहना करते हुए कहा कि विभिन्न धर्मों के लोग एक साथ नए जीवन की शुरुआत कर रहे हैं। उन्होंने सभी जोड़ों से देश और समाज के विकास में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने की अपेक्षा की। कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक स्वस्तिवाचन और पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। वर-वधुओं ने जैसे ही एक-दूसरे को वरमाला पहनाई, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उन पर फूलों की वर्षा कर पूरे माहौल को उत्सवमय बना दिया। विवाह की खुशी में झूमते परिजनों के नृत्य ने समारोह की रौनक और बढ़ा दी। समारोह में स्वामी राघवदेवाचार्य और साध्वी ज्ञानेश्वरी दीदी, केंद्रीय मंत्री  नड्डा के साथ लोक निर्माण मंत्री  राकेश सिंह, सांसद  आशीष दुबे, राज्यसभा सांसद मती सुमित्रा बाल्मीकि, महापौर  जगत बहादुर सिंह अन्नू', विधायक  अशोक रोहाणी, डॉ. अभिलाष पांडे,  नीरज सिंह और  संतोष बरकड़े, नगर निगम अध्‍यक्ष  रिकुंज विज,  रत्‍नेश सोनकर,  राजकुमार पटेल,  अखिलेश जैन सहित अन्‍य प्रतिष्ठित नागरिक उपस्थित रहे।

प्रधानमंत्री मोदी के हरित ऊर्जा विज़न से प्रेरित मध्यप्रदेश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार को दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम–2026 में शामिल होने पहुँचे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने "डी-रीस्किंग द ग्रीन लीप: सब नेशनल ब्लू प्रिंट फॉर यूटिलिटी स्केल एनर्जी ट्रांजीशन" विषय पर आयोजित उच्च स्तरीय राउंड टेबल मीटिंग में भागीदारी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य की ऊर्जा यात्रा में नवकरणीय ऊर्जा की केंद्रीय भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नवकरणीय ऊर्जा मध्यप्रदेश के समावेशी और टिकाऊ विकास की आधारशिला है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन को प्रेरणा बताते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य स्वच्छ, सस्ती और भरोसेमंद ऊर्जा की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी की दूरदर्शी सोच से प्रेरित होकर मध्यप्रदेश ने हरित ऊर्जा को विकास की मुख्य धारा में शामिल किया है। उन्होंने बताया कि अन्तर्राज्यीय सहयोग और बेहतर समन्वय से राज्य में बिजली और जल आपूर्ति में स्थिरता आई है। इससे आम उपभोक्ताओं के साथ उद्योगों को भी लाभ मिला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य में सौर ऊर्जा एवं ऊर्जा भंडारण से जुड़ी नई नवकरणीय परियोजनाओं की प्रगति और आगामी योजनाओं की जानकारी भी दी। राउण्ड टेबल मीटिंग के समापन-सत्र में केंद्रीय नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री तथा उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री श्री प्रहलाद जोशी ने भारत और प्रधानमंत्री श्री मोदी के हरित ऊर्जा विज़न को साझा किया। उन्होंने नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में नीति स्थिरता के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि यह उपभोक्ताओं और ऊर्जा क्षेत्र के लिए लाभकारी सिद्ध होगी। केन्द्रीय मंत्री श्री जोशी ने सुधारोन्मुख राज्यों, विशेषकर मध्यप्रदेश की सराहना की। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की सौर ऊर्जा संबंधित उपलब्धियाँ वैश्विक स्तर पर साझा की जा सकती हैं। उन्होंने श्रम, भूमि और ऊर्जा के बेहतर समन्वय से स्वच्छ ऊर्जा में जोखिम कम करने के मध्यप्रदेश मॉडल को उल्लेखनीय बताया और प्रौद्योगिकी निवेश और ब्लेंडेड फाइनेंस पर ज़ोर दिया। राउण्ड टेबल मीटिंग में मध्यप्रदेश के नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला, महानिदेशक, अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन श्री अशोक खन्ना, अपर मुख्य सचिव नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा श्री मनु श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार श्री मनीष सिंह, प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन श्री राघवेन्द्र कुमार सिंह, प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड डॉ. इलैया राजा टी, आयुक्त जनसम्पर्क श्री दीपक कुमार सक्सेना एवं एमडी एमपीआईडीसी श्री चन्द्रमौली शुक्ला उपस्थित रहे। मीटिंग में नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में निजी निवेश को प्रोत्साहित करने के लिये एक ड्रॉफ्ट फ्रेमवर्क प्रस्तुत किया। विदेश में म.प्र. की नवकरणीय ऊर्जा नीति की हुई सराहना इंडोनेशिया के ईस्ट जावा प्रांत के उप-राज्यपाल श्री एमिल एलेस्टियान्तो डार्डक ने कहा कि उप-राष्ट्रीय सरकारें भी राष्ट्रीय नीतियों में परिवर्तन की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में मध्यप्रदेश की प्रगतिशील नीतियों की सराहना की। राउंड टेबल मीटिंग में प्रतिभागियों में वैश्विक और घरेलू कंपनियों के कॉरपोरेट प्रतिनिधि और निवेशक शामिल थे, जिन्होंने राज्य की नीतियों, हरित ऊर्जा की उपलब्धता, तथा डेटा सेंटर जैसी नई प्रौ‌द्योगिकी एवं नवाचारों के संबंध में जानकारी ली। चर्चाओं में नियामकीय आवश्यकताओं और जमीनी वास्तविकताओं के बीच संतुलन की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। साथ ही यह भी चर्चा हुई कि किस प्रकार से मध्यप्रदेश जैसे क्षेत्रीय या उप-राष्ट्रीय सरकारें इस क्षेत्र में नवाचार का नेतृत्व कर सकती हैं।  

सौर ऊर्जा के बढ़ते क्षेत्र से दिनों-दिन कम हो रही है पारंपरिक ऊर्जा संसाधनों पर निर्भरता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश सौर ऊर्जा के क्षेत्र में आगे बढ़ते हुए पारंपरिक ऊर्जा के संसाधनों पर अपनी निर्भरता दिनों दिन कम करता जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश में वर्ष 2070 तक कार्बन फुट-प्रिंट को शून्य तक लाने और समाप्त होते जीवाश्म ईंधन के विकल्प तलाशने के लिए वर्ष 2030 तक 500 गीगावाट (अक्षय) नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। इस राष्ट्रीय लक्ष्य को प्राप्त करने में मध्यप्रदेश पूर्ण समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ योगदान दे रहा है। राज्य में पिछले 12 वर्षों में नवीन और नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में 14 प्रतिशत अभूतपूर्व वृद्धि हुई है, जिससे अब कुल ऊर्जा उत्पादन में सहभागिता 30 प्रतिशत से अधिक हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने गत वर्ष हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट भोपाल में सौर ऊर्जा के क्षेत्र देश में मध्यप्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए बताया कि राज्य वर्तमान में लगभग 31 हजार मेगावाट की विद्युत उत्पादन क्षमता रखता है, जिसमें से 30% हरित ऊर्जा है। हमारे लिये गौरव की बात है कि मध्यप्रदेश के रीवा सोलर पार्क और देश के सबसे बड़े ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर प्लांट का भी उल्लेख पूरे देश में हो रहा है। इससे अक्षय ऊर्जा उत्पादन को नई दिशा मिली है। मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है, जिसने टेक्नोलॉजी एग्नोस्टिक रिन्यूएबल एनर्जी पॉलिसी लागू की है। इस नीति में सौर और पवन ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए निवेशकों को अनुकूल और लचीले अवसर प्रदान किए जा रहे हैं, जिससे ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में नया आयाम जुड़ रहा है। मध्यप्रदेश अपनी भौगोलिक स्थिति और प्राकृतिक संसाधनों की प्रचुरता के कारण देश के अग्रणी ऊर्जा सरप्लस राज्यों में से एक है। राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा आत्म निर्भरता को प्राथमिकता देते हुए नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में निरंतर प्रयासरत है। मध्यप्रदेश हरित ऊर्जा हब के रूप में उभर रहा है। वर्तमान में राज्य में 5 बड़ी सौर परियोजनाएँ संचालित हैं, जिनकी कुल उत्पादन क्षमता 2.75 गीगावाट (2,750 मेगावाट) है। सरकार की योजना वर्ष 2030 तक नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर 20 गीगावाट (20,000 मेगावाट) करने की है। नवकरणीय ऊर्जा में 5.72 लाख करोड़ से अधिक के निवेश से 1.4 लाख से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। मध्यप्रदेश सरकार नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में 5.21 लाख करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित कर रही है, जिससे 1.46 लाख रोजगार सृजित होंगे। राज्य सरकार की यह पहल भारत के 'नेट ज़ीरो कार्बन लक्ष्य वर्ष-2070 को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। मध्यप्रदेश तेजी से नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में देश का नेतृत्वकर्ता बन रहा है और आत्मनिर्भर भारत व स्वच्छ ऊर्जा मिशन में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए तैयार है।