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प्रदेश के विभिन्न अंचलों में होंगी कृषि कैबिनेट

भोपाल . मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में जहां-जहां भी ओला-पाला से फसलें प्रभावित हुई हैं, उन जिलों के कलेक्टर्स, सर्वे कराकर तत्काल सहायता राशि किसानों को उपलब्ध कराएं। किसानों के सभी प्रकार के हित सुनिश्चित करने और उनकी आय दोगुना करने के उद्देश्य से ही वर्ष-2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। कृषक कल्याण कृषि वर्ष में मालवा, निमाड़, चंबल और विंध्य अंचलों में कृषि कैबिनेट आयोजित की जाएगी। कृषि के साथ उद्यानिकी, दुग्ध उत्पादन, मत्स्य पालन जैसी गतिविधियां अपनाने के लिए कृषकों को प्रेरित किया जा रहा है। हाल ही में प्रदेश में पहली बार राज्य स्तरीय पुष्प महोत्सव आयोजित किया गया। पुष्प उत्पादन और देश-विदेश में फूलों की बेहतर मार्केटिंग व्यवस्था को प्रोत्साहित किया जाएगा। प्रदेश में नरवाई प्रबंधन और पराली जलाने पर नियंत्रण के लिए भी विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। भावांतर योजना में सरसों और अन्य तिलहन फसलों को भी शामिल करने पर विचार किया जा रहा है। मूंग के स्थान पर उड़द को प्रोत्साहित करने के लिए नीति बनाई जा रही है। इसके लिए किसानों को प्रेरित करना आवश्यक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को कैबिनेट की बैठक से पहले मंत्रि-परिषद सदस्यों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने प्रदेश में राज्य स्तरीय एमपी यूथ गेम्स-2026 के भव्य आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रतिष्ठित आयोजनों में देशज खेलों को भी शामिल किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रीवा मेडिकल कॉलेज में 750 बेड की क्षमता वृद्धि की गई है। प्रदेश के अन्य मेडिकल कॉलेज की क्षमता को भी बढ़ाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रीपशुपतिनाथ लोक में विकसित की गई सुविधाओं और प्रतिमा के क्षरण को रोकने के लिए किए गए उपाय को अनुकरणीय बताया। उन्होंने बताया कि मंदसौर के मल्हारगढ़ में आयोजित "अन्नदाता सम्मान समारोह" में भावांतर योजना में सोयाबीन उत्पादक एक लाख 17 हजार किसानों के खातें में 200 करोड़ रुपए की भावांतर राशि अंतरित की गई। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि प्रधानमंत्रीनरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रस्तुत केंद्रीय बजट विकसित भारत के संकल्पों की सिद्धि की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है। राजनैतिक विषयों के स्थान पर वित्त आयोग के सुझावों को महत्व देना बजट की विशेषता है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने मंत्रि-परिषद सदस्यों को अपने-अपने क्षेत्रों में केंद्रीय बजट की विशेषताओं से जनसामान्य को अवगत कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कच्छ में आयोजित 'रण उत्सव' में टेंट सिटी के माध्यम से की गई ईको-सेंसेटिव आवास व्यवस्था और रोजगार के अवसर सृजित करने के नवाचार सराहनीय हैं। उन्होंने गिर राष्ट्रीय उद्यान में सफारी और रेस्क्यू सेंटर में सिंहों को देखने के लिए किए गए प्रयोगों से प्रेरणा लेते हुए उन्हें प्रदेश में लागू करने की दिशा में गतिविधियां संचालित करने की आवश्यकता बताई। 

गुजरात की धरा ने दिया है, मानव कल्याण और सनातन का संदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जन्म उत्सव में एक साथ श्लोक पाठ का बना नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड मुख्यमंत्री डॉ. यादव वडोदरा में महंत स्वामी महाराज के 92वें जन्मजयंती महोत्सव में हुए शामिल मध्यप्रदेश से जुड़ी हैं स्वामी जी की जीवन यात्रा की जड़ें भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गुजरात की धरती भारत सहित अनेक राष्ट्रों में धर्म, आध्यात्म, सनातनी परम्परा, मानव कल्याण और सेवा मूल्यों को चेतना से जोड़ने का कार्य कर रही है। इस धरा से कभी महात्मा गांधी और सरदार पटेल जैसी विभूतियों ने राष्ट्र को योगदान दिया, वहीं अब प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह इस परम्परा को आगे बढ़ा रहे हैं। आज सऊदी अरब सहित अबूधाबी और अमेरिका में स्वामी नारायण अक्षर धाम के पारम्परिक हिन्दू मंदिर और विश्व के अनेक देशों में 600 से अधिक मंदिरों का निर्माण उल्लेखनीय है। सत्संगदीक्षा जैसे शास्त्रसम्मत ग्रंथ की रचना और हजारों सेवाभावी नवयुवान संतों का निर्माण सनातन की परम्परा को ऊंचाइयां दे रहा है। यह गर्व की बात है कि महंत स्वामी महाराज की जीवन यात्रा की जड़ें मध्यप्रदेश से भी जुड़ी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को गुजरात के वडोदरा में पूज्य महंत स्वामी महाराज की 92वीं जन्म वर्षगांठ पर उनके दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त कर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वामी को जन्म दिवस की बधाई देते हुए उनके शतायु होने की कामना की और आशा व्यक्त की कि आने वाले वर्षों में स्वामी जी का जन्म शताब्दी समारोह अधिक भव्य रूप में आयोजित होगा। कार्यक्रम में गुजरात के मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र भाई पटेल भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वडोदरा एक नगर नहीं बल्कि उस सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है जहां भक्ति के साथ सेवा की सुदीर्घ परम्परा है। इस धरती से गुरू के उस संदेश का प्रसार हो रहा है, जो भगवान स्वामी नारायण से लेकर पूज्य महंत स्वामीजी के जीवन में अभिव्यक्त होता है। अमृत बरसाने वाली यह धारा निरंतर प्रवाहित रहेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संत वृंद ईश्वर के रूप में विराजमान रहते हैं। उनकी सामूहिक उपस्थिति बगिया में अनेक पुष्पों के एक साथ खिलने की तरह होती है। अपनी शिक्षाओं से वे बच्चों को आलोकित करते हैं। निश्चित ही यह बच्चे भारतीय संस्कृति को जीवंत करने का कार्य करेंगे। दीक्षित हो रहे बच्चे भी वंदन अभिनंदन के पात्र हैं। संस्कृत श्लोकों के सामूहिक पाठ का बना नया रिकार्ड मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महंत स्वामी महाराज के 92वें जन्मजयंती महोत्सव में 15 हजार 666 बच्चों को एक साथ स्वामी जी द्वारा रचित 'सत्संग दीक्षा' ग्रंथ के 315 श्लोकों का पाठ किए जाने को एक उपलब्धि बताया। इस गतिविधि का नया गिनीज वर्ल्ड रिकार्ड भी बना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और गुजरात के मुख्यमंत्री श्री पटेल ने महंत स्वामी महाराज से जनकल्याण के लिए आशीर्वाद प्राप्त किया। स्वामी जी ने दोनों मुख्यमंत्रियों का पुष्पमाला से अभिनंदन किया। कार्यक्रम में श्री गुणातितानंद स्वामी की अद्भुत महिमा एवं जीवन पर केंद्रित नाटक का मंचन किया गया। इसमें गौंड साम्राज्य के राजा श्री भगवत सिंह के चरित्र के माध्यम से गुणातितानंद स्वामी के सामाजिक और धार्मिक कार्यों की जानकारी दी गई। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव के वडोदरा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचने पर गुजरात के मुख्यमंत्री श्री पटेल ने आत्मीय स्वागत किया।

खेती को मुनाफे का सौदा बनाने की दिशा में सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

कृषि वर्ष आयोजन के लिए सरकार ने तय की रूपरेखा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों की आय में हर तरीके से वृद्धि करना ही हमारा मूल लक्ष्य है और यह उनकी फसल का उत्पादन एवं उत्पादकता बढ़ाने से ही संभव है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश के एक करोड़ से अधिक किसानों के हित में 'समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश' के समावेशी मॉडल/थीम पर हम वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष (कृषि वर्ष) के रूप में मना रहे हैं। इस दौरान कृषि उत्पादों का मजबूत विपणन तंत्र स्थापित किया जाएगा, साथ ही खाद्य प्रसंस्करण को भी बढ़ावा दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों को उच्च उत्पादकता वाली फसल किस्मों/बीजों का वितरण, डिजिटलीकृत एवं नवीन कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा, प्राकृतिक एवं जैविक खेती को प्रोत्साहन, कृषि स्टार्टअप एवं एफपीओ जैसी कृषि आधारित रोजगार श्रृंखला को बढ़ावा, कृषि से संबद्ध सभी क्षेत्रों को एकीकृत करते हुए जिला-आधारित क्लस्टर्स का विकास तथा खेती-किसानी में फसल चक्र में बदलाव (विविधीकरण) को प्रोत्साहन देना कृषि वर्ष के प्रमुख लक्ष्य तय किए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गत दिवस किसान कल्याण वर्ष-2026 के आयोजन की रूपरेखा के संबंध में हुई बैठक में यह जानकारी दी। कृषि केबिनेट की जाएगी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों का कल्याण हमारे लिए एक मिशन है। इनके समग्रहित में इसके लिए कृषि वर्ष के दौरान प्रदेश के अलग-अलग जिलों में कृषि केबिनेट भी की जाएगी। कृषि केबिनेट की शुरूआत निमाड़ अंचल से की जाएगी। किसान हित के सभी जरूरी निर्णय फील्ड में होने वाली कृषि केबिनेट में ही लिए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि खेती-किसानी से पर्यावरण में भी व्यापक सुधार आता है। उन्होंने कहा कि निमाड़ क्षेत्र में खेती-किसानी से बढ़ते लाभ और दिनों-दिन सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से दूसरे किसान भी खेती की तरफ बढ़े हैं। इससे निमाड़ अंचल में चारों तरफ हरियाली ही हरियाली है और इस हरियाली का सबसे बड़ा लाभ यह हुआ है कि पूरे निमाड़ अंचल का तापमान पहले से चार डिग्री कम हो गया है। यह उपलब्धि हमें किसानों की बेहतरी के लिए और अधिक प्रयास करने के लिए प्रोत्साहित करती है। कृषि में तकनीक के उपयोग पर रहेगा जोर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि वर्ष के दौरान प्रदेश के किसानों के लिए कृषि तकनीक के उपयोग पर विशेष फोकस किया जाएगा। यह तय किया जाएगा कि किसानों को उनके सभी प्रकार के हितलाभ एग्री स्टैक के जरिए ही दिए जाएं। इसके लिए किसानों के बैंक खातों को समग्र आई.डी. के साथ जोड़ दिया जाएगा। साथ ही मोबाईल एवं क्यू.आर कोड आधारित तकनीक के उपयोग से कृषि आदानों की उपलब्धता (ट्रेसबिलिटी) भी सुनिश्चित की जाएगी। उन्नत पशुपालन तकनीक सीखने के लिए ब्राजील जाएंगे मप्र के पशुपालक कृषि वर्ष के दौरान सरकार का एक लक्ष्य दुग्ध उत्पादन में वृद्धि कर इसे वर्तमान से दुगना करना भी है। इसके लिए प्रदेश के पशुपालकों को उन्नत पशुपालन की नई-नई तकनीकें सीखने के लिए ब्राजील भेजा जाएगा। राज्य के पशुपालक उन्नत तकनीक से पशुपालन करेंगे तथा नई विधियों और पद्धतियों से उन्नत नस्लों के पशुओं से दुग्ध उत्पादन के लिए तैयार करेंगे। नई तकनीक से पशुपालकों के दुग्ध उत्पादन और आय दोनों में वृद्धि होगी। पैक्स समितियों के जरिए किसानों को दिलाएंगे अधिकतम सुविधाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि वर्ष के दौरान किसानों को अधिकतम सेवाएं और सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। वर्ष के दौरान राजस्व विभाग द्वारा ऐसे किसान, जो किसी वजह से अबतक केसीसी धारक नहीं हैं, उनकी सूची निकटतम प्राथमिक सहकारी साख समितियों (पैक्स) को उपलब्ध कराई जाएगी। पैक्स समितियां किसानों से सम्पर्क कर पात्र किसानों से तय प्रारूप में आवेदन लेंगी और बैंक स्तर पर केसीसी मंजूर कराने की कार्यवाही भी करेंगी। मंजूरी वाले प्रकरणों को एकत्रित कर कैम्प लगाकर किसानों को केसीसी वितरित किए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में प्रदेश में 4500 से अधिक पैक्स समितियां कार्यरत हैं और करीब 23 लाख से अधिक किसान इन पैक्स समितियों से सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं। भोपाल में होगा 'आम महोत्सव' किसान कल्याण वर्ष आयोजन की रूपरेखा को अंतिम रूप देने के संबंध में हुई इस बैठक में बताया गया कि आगामी मई माह में भोपाल में आम महोत्सव आयोजित किया जाएगा। महोत्सव में आम उत्पादकों, व्यापारियों, निर्यातकों और विशेषज्ञों की सहभागिता होगी। महोत्सव के दौरान आम की खेती से संबंधित नई तकनीक पर मार्गदर्शन और प्रेजेन्टेशन दिया जाएगा। साथ ही आम की सभी किस्मों का प्रदर्शन भी किया जाएगा। राज्यस्तरीय केन्द्रीय गुणवत्ता प्रयोगशाला का होगा लोकार्पण मध्यप्रदेश सहकारी दुग्ध महासंघ (एमपीसीडीएफ) द्वारा भोपाल में तैयार की जा रही राज्यस्तरीय केन्द्रीय गुणवत्ता प्रयोगशाला का लोकार्पण भी कृषि वर्ष के दौरान किया जाएगा। लगभग 12.65 करोड़ रूपए की लागत से निर्मित हो रही इस बड़ी प्रयोगशाला की सुविधा मिल जाने से पेस्टीसाइड, रसायन, भारी खनिज, वेजीटेबल आइल, शर्करा तथा दुग्ध उत्पादों और दूध में मिलावट की गहन जांच अब स्थानीय स्तर पर ही संभव होगी। इससे दीर्घ अवधि में मिलावटी दूध एवं दूध से बने उत्पादों पर अंकुश लगेगा। गुणवत्तापूर्ण उत्पादन मिलने से उपभोक्ताओं में सांची ब्रांड से बने उत्पादों की साख भी बढ़ेगी। सितम्बर में बालाघाट में होगा 'सिंघाड़ा एवं मखाना महोत्सव' किसान कल्याण वर्ष में सितम्बर के संभवत: पहले सप्ताह में बालाघाट जिले में 'सिंघाड़ा एवं मखाना महोत्सव' आयोजित किया जाएगा। महोत्सव में सिंघाड़ा उत्पादकों, व्यापारियों, निर्यातकों एवं फसल विशेषज्ञों द्वारा सहभागिता की जाएगी। सिंघाड़ा और मखाना कैश क्राप की तरह हैं। इनका सेवन स्वाथ्यवर्धक होता है। यह महिलाओं के लिए विशेष रूप से लाभकारी है।

आर्थिक प्रगति को बढ़ाने, जन सामान्य की उम्मीदों को पूरा करने और सबका साथ सबका विकास की भावना के अनुरूप है बजट

विकास को मिलेगी और अधिक गति गरीब, युवा, अन्नदाता और महिलओं पर विशेष फोकस शहरी विकास, तीर्थ स्थल सुधार, महिला छात्रावास निर्माण, अस्पतालों के अपग्रेडेशन और टेक्सटाईल्स क्षेत्र की सौगातों से प्रदेश को मिलेगा विशेष लाभ भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय वित्त मंत्री मती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत वर्ष 2026-27 का बजट विकसित भारत@2047 के लक्ष्य की प्राप्ति की दिशा में प्रभावी कदम है। बजट में गरीबों, युवाओं, अन्नदाताओं और महिलाओं पर विशेष फोकस है। यह बजट विकास को और अधिक गति देगा तथा भारतीय अर्थव्यवस्था को वैश्विक अर्थव्यवस्था में उच्च स्थान दिलवाले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। आर्थिक प्रगति को बढ़ाना, जन सामान्य की उम्मीदों को पूरा करना और सबका साथ सबका विकास बजट की मुख्य विशेषता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 5 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों के विकास और सभी शहरी आर्थिक क्षेत्रों पर 5 साल में 5000 करोड़ रुपए खर्च करने, छोटे शहरों में तीर्थ स्थल विकसित करने, प्रत्येक जिले में एक महिला छात्रावास के निर्माण और जिला अस्पतालों को अपग्रेड करने की व्यवस्था से प्रदेश को बहुत लाभ होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डेली कॉलेज इंदौर में केंद्रीय बजट पर विषय-विशेषज्ञों से संवाद और विचारों के आदान-प्रदान के बाद केन्द्रीय बजट 2026-27 पर अपनी प्रतिक्रिया दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्रीय बजट की सभी क्षेत्रों में सराहना हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्रीय बजट में वस्त्र उद्योग सेक्टर में रिफॉर्म पर बल दिया गया है, इससे मध्य प्रदेश को भी लाभ मिलेगा। प्रधानमंत्री  मोदी ने मध्यप्रदेश को पीएम मित्र पार्क के रूप में टैक्सटाइल क्षेत्र की बड़ी सौगात दी है। इससे तीन लाख लोगों को रोजगार के अवसर मिलने के साथ ही 6 लाख किसानों को लाभ होगा। इस पार्क से प्रदेश का मालवा निमाड़ अंचल नई उड़ान के लिए तैयार है। केंद्र सरकार की वस्त्र उद्योग सेक्टर की दूरगामी नीतियों से संपूर्ण राष्ट्र के साथ मध्यप्रदेश को भी विशेष लाभ होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय बजट 2026-27 के लिए प्रदेशवासियों की ओर से प्रधानमंत्री  मोदी तथा केंद्रीय वित्त मंत्री का अभिवादन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बजट में इनकम टैक्स में छोटे करदाताओं के लिए प्रक्रिया आसान करने की व्यवस्था है। राजकोषीय घाटे का 4.3% का लक्ष्य रखा गया है। राज्यों के लिए एक लाख 40 हजार करोड़ रुपए का अनुदान रखा गया है, जिससे मध्यप्रदेश को भी लाभ प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत को बायोफार्मा हब बनाया जाएगा। क्लिनिकल ट्रायल स्थलों का भी विकास होगा। केंद्रीय बजट में केयर इकोसिस्टम पर विशेष ध्यान देने के प्रावधान किए गए हैं। इससे बुजुर्गों के इलाज के लिए विशेष व्यवस्था होगी। गंभीर बीमारियों की दवाएँ भी सस्ती होंगी, जिससे सभी वर्गों को राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्रीय बजट में विनिर्माण क्षेत्रों का रणनीतिक विकास करने को प्राथमिकता दी गई है, इससे भारत ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनेगा। देश में रिसर्च एंड डेवलपमेंट और ए.आई. के अधिक से अधिक इस्तेमाल पर जोर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों पर पर्याप्त गाइड उपलब्ध कराने की व्यवस्था से पर्यटन क्षेत्र में रोजगार की संभावनाएं बढ़ेंगी। पुरातत्व की दृष्टि से संरक्षित स्थलों को खोलने के निर्णय से देश-विदेश के लोग हमारी समृद्ध प्राचीन विरासत से परिचित और प्रेरित होंगे। उन्होंने कहा कि विदेशी पर्यटकों को टैक्स में दी गई राहत से वैश्विक स्तर पर पर्यटन के क्षेत्र में भारत का महत्व बढ़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मोदी सरकार 3.0 का तीसरा बजट सबका साथ- सबका विकास की भावना के अनुरूप है।  

संतों की वाणी आज भी समाज को सकारात्मक दिशा देने का कर रही है कार्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर में संत रविदास जयंती के कार्यक्रम में हुए शामिल स्वच्छता दीदीयों का किया सम्मान भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि संतों की वाणी आज भी समाज को सकारात्मक दिशा देने का कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को इंदौर प्रवास के दौरान संत रविदास जयंती के अवसर पर नगर निगम के झोन कार्यालय क्रमांक-1 में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संत रविदास महाराज के चित्र पर माल्यार्पण कर विधिवत पूजा-अर्चना एवं आरती की। इस अवसर पर उन्होंने संत रविदास जी के सामाजिक समरसता, समानता और मानवता के संदेश को स्मरण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम के दौरान स्वच्छता अभियान से जुड़ी ‘स्वच्छता दीदियों’ का पुष्पहार से स्वागत किया और उनके योगदान की सराहना करते हुए अभिवादन स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि इंदौर की स्वच्छता पहचान पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत है और इसमें स्वच्छता कर्मियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी नागरिकों से संत रविदास के विचारों को आत्मसात करते हुए स्वच्छ, समरस और जागरूक समाज के निर्माण में सहभागी बनने का आह्वान किया। कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, विधायक श्री गोलू शुक्ला, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, पुलिस कमिश्नर श्री संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर श्री शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त श्री क्षितिज सिंघल, श्री सुमित मिश्रा आदि भी विशेष रूप से मौजूद थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वानिकी सम्मेलन एवं आई.एफ.एस. मीट का किया शुभारंभ

वन विभाग की गतिविधियों का विस्तार जल, थल और नभ सभी ओर है मुख्यमंत्री ने प्रदेश के वनों की सुरक्षा और बेहतरी में योगदान के लिए लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड-2026 प्रदान किया पूर्व पीसीसीएफ डॉ. गंगोपाध्याय को प्रदत्त पुरस्कार उनकी धर्मपत्नी श्रीमती गौरी गंगोपाध्याय ने किया प्राप्त   भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के वन विभाग की गतिविधियों और प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि कूनो राष्ट्रीय उद्यान में चीतों की पुनर्स्थापना वन विभाग की दक्षता से ही संभव हो पाया है। चंबल में घड़ियाल और नर्मदा जी में मगरमच्छ स्वछंद विचरण के लिये छोड़ने का अनुभव अद्भुत रहा। वन वन्य जीव और क्षेत्रीय रहवासियों के बीच सह अस्तित्व की भावना का विकास वन विभाग की सेवाओं से ही संभव हो पाया। राज्य सरकार असम से वन्य जीवों को लाने के लिए प्रयास कर रही है। वन्य जीवों के संरक्षण में प्रदेश की जल संरचनाओं की भी बड़ी भूमिका है। वन विभाग की गतिविधियों का विस्तार नभ, थल, जल सभी ओर है। आईएफएस मीट प्रोफेशनल संवाद के साथ ही पारिवारिक आतमीयता और सहयोगी संबंधों को मजबूत करने का भी अवसर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन अकादमी में वानिकी सम्मेलन एवं आई.एफ.एस. मीट-2026 के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन विभाग के आई.एफ.एस. थीम सॉन्ग तथा उसके वीडियो प्रसारण का लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारतीय वन सेवा के सेवानिवृत्ति अधिकारी और प्रदेश के पूर्व पीसीसीएफ श्रद्धेय डॉ. पी.बी. गंगोपाध्याय को प्रदेश के वनों की सुरक्षा और बेहतरी में उनके योगदान के लिए लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड-2026 प्रदान किया। यह अवार्ड डॉ. गंगोपाध्याय की पत्नी श्रीमती गौरी गंगोपाध्याय ने प्राप्त किया। कार्यक्रम में वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री श्री दिलीप सिंह अहिरवार, अपर मुख्य सचिव श्री अशोक बर्णवाल एवं वन अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रदेश में आईएएस, आईपीएस एवं अब आईएफएस मीट का आयोजन एक सराहनीय प्रयास है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से विभाग के वर्तमान अधिकारी अपने वरिष्ठ अधिकारियों से बहुत कुछ सीखते हैं। भारतीय संस्कृति में वनों के साथ हमारा विशेष संबंध है। सनातन संस्कृति के 4 आश्रमों की व्यवस्था में गृहस्थ के बाद हम वानप्रस्थ आश्रम में वनों की महत्ता को समझते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे वन अधिकारी-कर्मचारी जंगलों के आसपास रहने वाले ग्रामीण परिवारों के लिए एक प्रकार से सहयोगी और मार्गदर्शन के रूप में भी काम करते हैं। वन विभाग के अधिकारी वनग्रामों के लिए सभी जरूरी सुविधाओं का ध्यान रखते हैं। प्रदेश में वन्य जीवों के संरक्षण के लिए राष्ट्रीय अभयारण्य के कोर एरिया और बफर जोन के बीच तार फेंसिंग की शुरुआत सराहनीय है। इससे वन्य जीवों के साथ रहवासियों को भी सुरक्षित वातावरण मिलेगा। प्रदेश सरकार वन विभाग के अधिकारियों के कल्याण के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री वी.एन. अंबाडे ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा शुरू की गई अविरल नर्मदा योजना के अंतर्गत नर्मदा बेसिन में 5000 हैक्टेयर से अधिक क्षेत्र में नदी पुनर्भरण एवं पौध-रोपण के कार्य किए जा रहे हैं। पिछला वर्ष मध्यप्रदेश वन विभाग के लिए सामुदायिक सहभागिता की दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा है। विभाग द्वारा प्रति वर्ष 5 करोड़ से अधिक पौधों का रोपण किया जाता है। रातापानी अभयारण्य को डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर के नाम पर टाइगर रिजर्व घोषित किया गया है। आने वाले वर्षों में वन संरक्षण एवं पौधारोपण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। वन विभाग के फॉरेस्ट गार्ड श्री जगदीश अहिरवार के प्रयास को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम में सराहा है। उन्होंने 125 दुर्लभ वन औषधियों का संकलन करने का कार्य किया है। पर्यावरण संरक्षण को समाज के प्रयासों के साथ भी जोड़ा जा रहा है। मध्यप्रदेश के वन हमारी राष्ट्रीय धरोहर है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ भारतीय वन सेवा के अधिकारियों का समूह चित्र भी लिया गया।

मुख्यमंत्री, म.प्र. संविदा संयुक्त संघर्ष मंच के राज्य स्तरीय सम्मेलन में हुए शामिल

संविदाकर्मियों के श्रम और विश्वास के आधार पर ही जनकल्याणकारी योजनाएं उतार रही हैं धरातल पर संविदाकर्मी राज्य सरकार का कार्यबल ही नहीं, हमारा आत्मबल भी हैं   भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि संविदाकर्मियों के श्रम और विश्वास पर ही राज्य सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने में सफल हो रही है। संविदाकर्मियों की भूमिका हनुमान जी के समान है। आपके श्रम और साझेदारी ने ही शासन-प्रशासन की व्यवस्था बनाई रखी है। संविदाकर्मी अनुबंध से अवश्य आते हैं, किन्तु व्यवस्थाओं के प्रबंधन में विराट भूमिका निभाते हैं। स्वास्थ्य सेवाएं हों या शिक्षा, पंचायत, नगरीय निकाय या तकनीकी सेवाएं मैदानी स्तर पर सर्वे, मॉनीटरिंग और क्रियान्वयन में संविदा भाई-बहन हर जगह व्यवस्था के भरोसेमंद स्तंभ बनकर खड़े हैं। संविदाकर्मियों ने जिस निष्ठा से काम किया है, उसने यह सिद्ध कर दिया कि सेवा पद से बड़ी है। संविदाकर्मी राज्य सरकार का कार्यबल ही नहीं, हमारा आत्मबल भी हैं। भारतीय मजदूर संघ के 'देश के हित में करेंगे काम' के वाक्य को हमारे साथी चरितार्थ कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को टीटी नगर दशहरा मैदान में भारतीय मजदूर संघ द्वारा आयोजित मध्यप्रदेश संविदा संयुक्त संघर्ष मंच के 'संविदा कर्मचारी-अधिकारी सम्मेलन' को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर तथा भारत माता और श्रद्धेय दत्तोपंत ठेंगड़ी जी के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के कार्यक्रम स्थल आगमन पर पुष्प वर्षा कर और बड़ी माला पहनाकर स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि हमारी सरकार संविदा कर्मियों के अधिकारों के लिए सदैव सकारात्मक भाव के साथ खड़ी है। राज्य सरकार द्वारा संविदा कर्मियों के सेवा सुधार, पारिश्रमिक सुधार, कार्य परिस्थिति और भविष्य के सुधारों पर पहले भी सकारात्मक निर्णय लिए गए हैं, भविष्य में भी उनका पूरा ध्यान रखा जाएगा। हमारी सरकार संविदा कर्मियों की सुरक्षा का ध्यान रखते हुए सभी मुद्दों का समाधान निकालेगी। संविदा कर्मचारियों के लिए जो भी निर्णय हो सकते हैं, उससे अधिक करने का प्रयास करेंगे। नियम, न्याय और वित्तीय संतुलन के दायरे में रहते हुए संविदाकर्मियों की कठिनाइयों का हल निकाला जाएगा। मध्यप्रदेश संविदा संयुक्त संघर्ष मंच, वित्त और सामान्य प्रशासन विभाग के साथ समन्वय करते हुए सभी कठिनाइयों का समाधान इस प्रकार किया जाएगा, जिससे संविदाकर्मियों का सम्मान और सुरक्षा दोनों सुनिश्चित हों। संविदाकर्मियों की उचित मांगों पर राज्य सरकार संवेदनशीलता, जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता के साथ उनका सहयोग करेगी। संविदाकर्मियों की मांगों पर रखा जायेगा पूरा ध्यान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव     10 वर्ष से अधिक अनुभवी संविदाकर्मियों को नियमित पदों पर संविलियन की अभी तक 50 प्रतिशत पदों के लिए प्रक्रिया जारी है, इस दिशा में आगे और काम किया जाएगा।     सामान्य प्रशासन विभाग संविदा नीति-2023 के अंतर्गत सभी कंडिकाओं का केंद्र और राज्य पोषित परियोजनाओं में अक्षरश: क्रियान्वयन किया जाएगा। राज्य शासन के निगम मंडल इसे लागू करेंगे।     संविदा नीति-2023 के अंतर्गत सभी विभागों में संविदा कर्मियों के लिए एनपीएस, ग्रेज्युटी, स्वास्थ्य बीमा लाभ, अनुकंपा नियुक्ति के लिए केंद्र पोषित-राज्य पोषित समस्त योजनाओं-परियोजनाओं में एक साथ क्रियान्वयन तथा संविदा कर्मियों के लिए प्रावधान सीसीए रूल 1965, 1966 को पूर्णत: लागू करने के संबंध में नीतिगत निर्णय कराया जाएगा।     विभिन्न विभागों, योजना, परियोजना में पदस्थ संविदा कर्मचारियों की विसंगतिपूर्ण समकक्षता के निर्धारण के लिए अभ्यावेदनों का निराकरण, संविदा के प्रतिनिधियों को शामिल करते हुए अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा समय-सीमा में किया जाएगा।     कृषि विभाग की आत्मा योजना, जिला ई-गवर्नेंस सोसायटी, जिला विकलांग पुनर्वास केन्द्रों में संविदा नीति-2023 के तहत समकक्षता का निर्धारण किया जाएगा। सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का श्री कुलदीप सिंह गुर्जर, श्री दिनेश सिंह तोमर, श्री गोविंद श्रीवास्तव, श्री दुर्गेश तिवारी तथा संयुक्त संघर्ष मंच के प्रतिनिधियों ने स्वागत किया। श्री दिनेश तोमर ने कहा कि मध्यप्रदेश संविदा संयुक्त संघर्ष मंच में प्रदेश के 34 विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार कर्मचारी हित में निरंतर कार्य कर रही है। भारतीय मजदूर संघ ने प्रदेश के संविदा कर्मचारियों की मांगों को समझा है। प्रदेश महामंत्री श्री कुलदीप सिंह गुर्जर ने भी संबोधित किया। सम्मेलन में बड़ी संख्या में प्रदेशभर से पधारे संविदा अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री ने ई-कार्ट से लोक का किया भ्रमण, यज्ञशाला में दी पूर्ण आहुति

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को मंदसौर में भगवान श्री पशुपतिनाथ लोक का लोकार्पण किया। प्रथम चरण में लगभग 25 करोड़ रुपये की लागत से लोक का निर्माण किया गया है। लोकार्पण अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सबसे पहले पशुपतिनाथ मंदिर पहुंच कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। उन्होंने मंदिर परिसर में मंदिर की पूर्व एवं वर्तमान स्थिति को प्रदर्शित करने वाली चित्र प्रदर्शनी का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंदिर परिसर में पालकी में रजत प्रतिमा के रूप में विराजित भगवान पशुपतिनाथ की पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री ने ई-कार्ट में बैठकर पशुपतिनाथ लोक का भ्रमण किया और इसकी भव्यता को सराहा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 22 फीट ऊंचे त्रिनेत्र रुद्राकनी का अनावरण किया। इसके मध्य में स्थापित रुद्राक्ष भगवान शिव के त्रिनेत्र स्वरूप का दिव्य आभास कराता है। एमफी थियेटर परिसर स्थित यज्ञशाला में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ में पूर्णाहुति दी। पशुपतिनाथ लोक मंदसौर की आस्था का प्रमुख केंद्र है, जिसे और अधिक भव्य बनाया गया है। शिवना नदी की बहती जलधारा के समीप स्थित यह लोक पहले से कहीं अधिक आकर्षक एवं मनमोहक हो गया है। चार प्रवेश द्वारों के माध्यम से श्रद्धालुओं की सुगम आवाजाही सुनिश्चित की गई है। पशुपतिनाथ लोक में श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ओपन एयर थियेटर का निर्माण किया गया है, जहां सांस्कृतिक एवं रंगमंचीय कार्यक्रम आयोजित किए जा सकेंगे। श्रद्धालुओं की संख्या अधिक होने पर उन्हें असुविधा न हो, इसके लिए प्रतीक्षालय की व्यवस्था की गई है। आपात परिस्थितियों के लिए प्राथमिक चिकित्सा कक्ष भी बनाया गया है। मंदिर परिसर में शिव-लीलाओं पर आधारित आकर्षक म्यूरल वॉल एवं पशुपतिनाथ महादेव प्रतिमा के इतिहास पर आधारित पेंटिंग्स श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान करती हैं। श्री पशुपतिनाथ लोक में सत्संग भवन, उद्यान, शिव स्तंभ, म्यूरल वॉल, सेल्फी प्वाइंट तथा सुव्यवस्थित पाथवे का निर्माण किया गया है, जिससे पूरा परिसर तीर्थनगरी के स्वरूप में विकसित हुआ है। लोकार्पण कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा, क्षेत्रीय सांसद श्री सुधीर गुप्ता, राज्यसभा सांसद श्री बंशीलाल गुर्जर, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दुर्गा विजय पाटीदार, मंदसौर विधायक श्री विपिन जैन, सुवासरा विधायक श्री हरदीप सिंह डंग, गरोठ विधायक श्री चंदर सिंह सिसोदिया, जिला योजना समिति सदस्य श्री राजेश दीक्षित, पूर्व विधायक श्री यशपाल सिंह सिसोदिया, पर्यटन सचिव श्री दिलीप कुमार यादव, कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग एवं पुलिस अधीक्षक श्री विनोद कुमार मीणा सहित अधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।  

स्पेस टेक नीति लागू करने में हम देश में सबसे अव्वल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री को मंत्रीगण ने दी सफल दावोस यात्रा की बधाई मंत्रिपरिषद् की बैठक से पहले मंत्रीगण को किया संबोधित उपलब्धियों की दी जानकारी भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि 15 जनवरी को मध्यप्रदेश में हुई एआई कॉन्फ्रेंस ने सफलता के नए आयाम स्थापित किए। इस कॉन्फ्रेंस के जरिए बड़े-बड़े नामी संस्थान हमसे जुड़े हैं। हमारी सरकार एआई को नए विजन के साथ लागू करेगी। इससे प्रदेश में प्रशासनिक क्षमता बढ़ेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी कॉन्फ्रेंस के दौरान ही मध्यप्रदेश स्पेस टेक नीति-2026 लागू की गई। स्पेस टेक नीति लागू करने के मामले में मध्यप्रदेश पूरे देश में अव्वल स्थान पर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को मंत्रि-परिषद् की बैठक से पहले मंत्रीगण को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण को सरकार को मिली उपलब्धियों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सफल दावोस यात्रा के लिए मंत्रीगण ने पुष्प-गुच्छ देकर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव हाल ही में वर्ल्ड इकोनामिक फोरम – 2026 में शामिल होने दावोस गए थे। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री श्री गडकरी ने मध्यप्रदेश को दी कई राष्ट्रीय राजमार्गों की सौगात मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण को बताया कि बीता सप्ताह मध्यप्रदेश में अनेकानेक गतिविधियों से परिपूर्ण रहा। गत 17 जनवरी को केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री श्री नितिन गडकरी ने विदिशा में आयोजित कार्यक्रम में मध्यप्रदेश को 4400 करोड़ रुपए की लागत से 181 किमी लंबे राष्ट्रीय राजमार्गों की 4 परियोजनाओं सहित प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर 50 सड़कों के निर्माण के लिए 4500 करोड़ रुपए देने की घोषणा की। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री ने सीआरएफ योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश को सड़क विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त रूप से 1600 करोड़ रुपए देने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के लिए घोषित सभी सड़क परियोजनाओं के पूरा होने पर मध्यप्रदेश राष्ट्रीय राजमार्गों के घनत्व के मामले में देश में अग्रणी भूमिका में होगा। सफल रही दावोस यात्रा, भारत का था सबसे बड़ा दल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण को बताया कि वर्ल्ड इकानामिक फ़ोरम के लिए की गई दावोस यात्रा का मध्यप्रदेश को बड़ा लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि दावोस में सबसे बड़ा दल भारत का ही था। वहां दुबई के बड़े पदाधिकारियों सहित मैनचेस्टर यूनाइटेड फुटबॉल क्लब के एक्जीक्यूटिव्स से भी मुलाकात हुई। उन्होंने मध्यप्रदेश को लेकर बेहद पाज़ीटिव रेस्पांस दिया है। प्रारंभ हुआ महाकाल महोत्सव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मकर संक्राति के दिन 14 जनवरी 2026 से उज्जैन में महाकाल महोत्सव प्रारंभ किया गया है। यह एक बड़ा कदम है, जो महाकाल की धरती पर आने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का विषय होगा। भोपाल में प्रारंभ हुए वृद्धजनों की सेवा के दो प्रकल्प – एक निशुल्क, दूसरा सशुल्क मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल शहर में एक सामाजिक संगठन द्वारा वृद्धजन के लिए बड़ी पहल की गई है। राज्य सरकार के आर्थिक सहयोग से संगठन द्वारा भोपाल में दो नए प्रकल्प शुरू किए गए हैं। इसमें एक नि:शुल्क श्रेणी का है और दूसरा पेड सर्विस (सशुल्क) है। उन्होंने कहा कि इस वृद्धजन निवास स्थान 'संध्या छाया' में कोई भी जरूरतमंद वृद्ध निशुल्क लाभ ले सकता है। यहां जरूरत के अनुसार पेड सर्विस भी पूरी सेवा भावना के साथ उपलब्ध कराई जा रही है। धार में शांतिपूर्वक संपन्न हुई बसंत पंचमी, पूजा भी कराई गई, नमाज भी अता कराई गई मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण से कहा कि शासन-प्रशासन, जनप्रतिनिधि और स्थानीय जनता के परस्पर सहयोग और सामंजस्य से धार में बड़े सौहार्दपूर्ण वातावरण में बसन्त पंचमी मनाई गई। माननीय उच्चतम न्यायालय की गाइडलाइन के अनुसार धार में बसन्त पंचमी के दिन न केवल माता वाग्देवी की पूजा अर्चना, हवन-पूजन कराईं गई, बल्कि पूरे रस्मों-रिवाज़ से शुक्रवार की नमाज भी अता कराई गई। सामाजिक सद्भाव और आपसी भाईचारे की नई मिसाल कायम करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने धार जिले की जनता, सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और व्यवस्था बहाली में अहम् योगदान देने वाले प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों सहित प्रदेश की जनता को बधाई और साधुवाद दिया।  

किसान कल्याण वर्ष में हर खेत तक सिंचाई के लिए पानी पहुंचाने का है संकल्प : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

बाबई-मोहासा औद्योगिक क्षेत्र के विकास से स्थानीय युवाओं को मिलेगा रोजगार प्रधानमंत्री श्री मोदी के कार्यकाल में देश के साथ बदल रहा मध्यप्रदेश भी दो सिंचाई परियोजनाएं मंजूर होने पर सोहागपुर वासियों ने किया मुख्यमंत्री का आत्मीय अभिनंदन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश को हर क्षेत्र में लगातार बड़ी सौगातें मिल रही हैं। पिछले 11 वर्षों के कालखंड में संपूर्ण देश के साथ हमारा प्रदेश भी बदल रहा है। राज्य सरकार ने वर्ष-2026 को किसान कल्याण वर्ष घोषित किया है। पूरे साल में अनेक किसान हितैषी निर्णय लिए जाएंगे। प्रदेश सरकार ने हर खेत तक सिंचाई के लिए पानी पहुंचाने का बीड़ा उठाया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने बुंदेलखंड से केन-बेतवा नदी जोड़ो अभियान की शुरुआत की है। इस परियोजना के पूर्ण होने पर क्षेत्र के कई जिलों के किसानों के खेतों में फसलें लहलहाएंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश की प्रगति में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। मंगलवार को हुई मंत्रि-परिषद् की बैठक में नर्मदापुरम जिले में 2 सिंचाई परियोजनाओं के लिए 215 करोड़ 47 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई है। इससे सोहागपुर और पिपरिया क्षेत्र के किसानों एवं स्थानीय जनजातीय भाई-बहनों को अनुपम सौगात मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार की शाम मुख्यमंत्री निवास में आयोजित अभिनंदन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर सोहागपुर विधायक श्री विजयपाल सिंह ने क्षेत्रवासियों को मिली सौगातों के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार माना। सोहागपुर से आए पार्टी पदाधिकारी, स्थानीयजन एवं विस्थापित जनजातीय परिवारों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आत्मीय अभिनंदन किया। विरासत भी और विकास भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश का वार्षिक बजट अब 4 लाख 21 हजार करोड़ रुपए हो चुका है। प्रदेश में औद्योगिक विकास को गति प्रदान करने के लिए हमारी सरकार संकल्पित है और इसके सुखद परिणाम अब जमीन पर नजर आने लगे हैं। नर्मदापुरम जिले में बाबई-मोहासा औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जा रहा है। इससे निकट भविष्य में सोहागपुर-पिपरिया और आसपास के क्षेत्र के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। राज्य सरकार विरासत के संरक्षण के साथ विकास के पथ पर अग्रसर है। प्रदेश के गरीब, किसान, युवा और नारी कल्याण के लिए जनहितैषी निर्णय लिए गए हैं। प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पचमढ़ी में कैबिनेट बैठक आयोजित कर हमने क्षेत्र के गौरव राजा भभूत सिंह का स्मरण किया। इसी प्रकार इंदौर, खजुराहो, ग्वालियर जैसे स्थानों पर भी कैबिनेट बैठकों में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। सोहागपुर विधानसभा के 63 गांवों को मिलेगा पर्याप्त जल विधायक श्री विजयपाल सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश का कोना-कोना सिंचाई सुविधा से लैस हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोहागपुर विधानसभा क्षेत्र की जनता से किया अपना वादा निभाया और आज कैबिनेट ने क्षेत्रवासियों के कल्याण के लिए लगभग 226 करोड़ रुपए लागत की दो महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजनाएं स्वीकृत की हैं। उन्होंने कहा कि तवा परियोजना (दायीं तट नहर) की बागरा शाखा नहर होज सिंचाई परियोजना से बाबई एवं सोहागपुर तहसील के 33 गांवों की 4200 हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचित होगी। वहीं, तवा परियोजना की दांयी तट नहर से पिपरिया ब्रांच केनाल होज सिंचाई परियोजना से 6000 हैक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध होगा। परियोजना से सोहागपुर तहसील के 30 ग्राम लाभान्वित होंगे। दोनों परियोजनाओं से सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के आसपास रहने वाला जनजातीय समुदाय सर्वाधिक लाभान्वित होगा और उन्हें स्वच्छ पेयजल के साथ सिंचाई की सुविधा भी मिलेगी। अभिनंदन समारोह में नर्मदापुरम के लोकसभा सांसद श्री दर्शन सिंह चौधरी, राज्यसभा सदस्य श्रीमती माया नारोलिया, श्री राजेंद्र सिंह, श्री महेश उपाध्याय सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्थानीयजन उपस्थित थे।