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ऊर्जा क्षेत्र को नई रफ्तार, मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मौजूदगी में बिजली उत्पादन के बड़े करार

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में 4 हजार मेगावॉट बिजली उत्पादन के लिए हुए अनुबंध (एमओयू) मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बिजली का महत्व शरीर में प्राणों की समान है। जैसे समस्त गतिविधियों के संचालन के लिए शरीर में प्राण आवश्यक है, वैसे ही किसी भी राज्य की प्रगति और उन्नति के लिए पर्याप्त विद्युत उपलब्धता आवश्यक है। प्रदेश में 60 हजार करोड़ रूपए की लागत से 4 हजार मेगावॉट बिजली उत्पादन के लिए हुए समझौते प्रदेश के स्थाई विकास का आधार बनेंगे। इससे प्रदेश में कुल विद्युत उपलब्धता में बढ़ोत्तरी होने के साथ-साथ बिजली की मांग की शत-प्रतिशत आपूर्ति संभव होगी। डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ओन एंड ऑपरेट (डीबीएफओओ) मॉडल पर स्थापित होने वाले इन नए विद्युत संयंत्रों से लगभग 8 हजार लोगों को प्रत्यक्ष और प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में मंगलवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में 4 हजार मेगावॉट बिजली के पॉवर सप्लाई एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर हुए। अपर मुख्य सचिव  नीरज मंडलोई ने अनुबंध के संबंध में जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी के प्रबंध संचालक  विशेष गढ़पाले तथा टोरेंट पॉवर लिमिटेड के  जिगिश मेहता, अदानी पॉवर लिमिटेड के  एस.बी. खिलया तथा हिन्दुस्तान थर्मल प्रोजेक्ट्स के  रतुल पुरी के बीच पॉवर सप्लाई एग्रीमेंट का आदान-प्रदान हुआ। यह नए पॉवर हाउस अनूपपुर में स्थापित होंगे। कार्यक्रम के आरंभ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का उद्योग समूह के प्रतिनिधियों ने पुष्प-गुच्छ भेंट कर अभिवादन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्योग मित्र नीतियों, सशक्त अधोसंरचना और सुशासन आधारित व्यवस्था के परिणाम स्वरूप मध्यप्रदेश देश -विदेश के निवेशकों और औद्योगिक समूहों के लिए पहली प्राथमिकता बनता जा रहा है। विद्युत उत्पादन में भूमि-जल- पर्यावरण-कोयला- रेलवे लाइन आदि का बेहतर समन्वय आवश्यक है। इन सब आधारों पर मध्यप्रदेश उपयुक्त है। प्रदेश ने नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण उपलब्धियां अर्जित की हैं। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की पहल पर प्रदेश को मिला पीएम मित्र पार्क विकास के नए आयाम और रोजगार के भरपूर अवसर प्रदान करेगा। प्रदेश में वर्ष-2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है। इससे उद्यमिता, स्वरोजगार और खाद्य प्रसंस्करण गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा। राज्य सरकार रोजगार परक उद्योगों को विशेष महत्व दे रही है। प्रदेश में उद्योग समूहों की गतिविधियों के विस्तार के लिए पर्याप्त संभावनाएं विद्यमान हैं। एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी ने राज्य में स्थापित किए जाने वाले नए विद्युत संयंत्रों से डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ओन एंड ऑपरेट (डीबीएफओओ) के तहत विद्युत दर आधारित प्रतिस्पर्धात्मक बोली प्रक्रिया के माध्यम से 3200 मेगावाट बिजली खरीद के लिए बोलियां आमंत्रित की थीं। इसमें बिजली खरीद के ग्रीन शू विकल्प के तहत अतिरिक्त 800 मेगावॉट की बिजली खरीद का विकल्प भी शामिल था। इसके अनुसार मेसर्स हिन्दुस्तान थर्मल प्रोजेक्ट्स लिमिटेड को 800 मेगावॉट, मेसर्स टोरेंट पॉवर लिमिटेड को 1600 मेगावॉट तथा मेसर्स अदानी पॉवर लिमिटेड को 800 मेगावॉट व ग्रीन्शू विकल्प के अंतर्गत अतिरिक्त 800 मेगावॉट क्षमता आवंटित की गई है। टोरेंट द्वारा 24 हजार करोड़ रुपए, अडाणी पॉवर द्वारा 24 हजार करोड़ रुपए तथा हिन्दुस्थन थर्मल द्वारा 12 हजार करोड़ रुपए का निवेश प्रस्तावित है। इन सभी क्षमताओं के लिये विद्युत आपूर्ति अनुबंध संबंधित चयनित विकासकों द्वारा गठित स्पेशल पर्पस व्हीकल्स के साथ किए गए हैं। इन विद्युत आपूर्ति अनुबंधों के अंतर्गत वर्ष 2030 से विद्युत आपूर्ति होना संभावित है।  

पुष्पों की रंगीन दुनिया: मुख्यमंत्री डॉ. यादव उद्घाटन करेंगे 30 जनवरी को

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में 30 जनवरी 2026 को राजधानी के हृदय स्थल गुलाब गार्डन में पुष्प महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। महोत्सव में 5 हज़ार से अधिक गमले ओर 2 हज़ार से अधिक कट फ्लॉवर में विभिन्न किस्म के पुष्प की सुगंध का आनंद भोपालवासी उठा सकेंगे। महोत्सव की तैयारी की बैठक आयुक्त उद्यानकी ख़ाद्य संस्करण श्री अरविंद दुबे की अध्यक्षता में हुई। बेठक में नेशनल रोज सोसायटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष श्री सुशील प्रकाश, मध्यप्रदेश रोज सोसायटी के अध्यक्ष श्री गर्दे सहित अन्य सदस्य गण ओर विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। आयुक्त श्री दुबे ने बताया कि राज्य सरकार वर्ष-2026 को कृषि वर्ष के रूप में मना रही है। इसी कड़ी में भव्य पुष्प महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। महोत्सव में भोपाल अलावा प्रदेश अन्य प्रमुख जिलो इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, पचमढ़ी, गुना ग्वालियर सहित अन्य जिलों से 5 हजार से अधिक गमलो ओर 2 हज़ार कट फ्लॉवर, प्रदर्शन किया जाएगा, जिलो से आने किसानों के पुष्प स्टॉल, नर्सरी के उत्पाद, आम जन के क्रय करने के लिए उपलब्ध रहेंगे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सशुल्क वरिष्ठजन निवास संध्या छाया का किया लोकार्पण

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि देश-प्रदेश में विकास का अर्थ केवल अधोसंरचना निर्माण नहीं है, विकसित राष्ट्र के लिए, समाज के सभी वर्गों को बेहतर और सुरक्षित जीवन जीने के अवसर उपलब्ध कराना भी विकास है और यह राज्य सरकार का सर्वोच्च दायित्व भी है। राज्य सरकार दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण और वृद्धजनों की सेवा के लिए संकल्पित है। राजधानी में वरिष्ठजनों को परिवार जैसा वातावरण देने के लिए सेवा भारती के माध्यम से इस सर्व-सुविधायुक्त सशुल्क वरिष्ठजन निवास की शुरुआत की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण के लिए हर कदम पर उनके साथ है। राज्य सरकार ने वृद्धजनों की सेवा और 'ओल्ड एज होम' की स्थापना के लिए समाज को साथ जोड़ा है। राज्य सरकार दिव्यांगजन को भी विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से प्रोत्साहित कर उनमें क्षमताएं विकसित करने का प्रयास कर रही है। दिव्यांगजनों के पास अद्भुत बौद्धिक क्षमता होती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव नव निर्मित सशुल्क वृद्धाश्रम "संध्या छाया" के लोकार्पण अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा पत्रकार कॉलोनी लिंक रोड नं. 3 पर निर्मित सर्व सुविधायुक्त वृद्धाश्रम में आयोजित कार्यक्रम का मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पीपीपी मोड पर बने "संध्या छाया" ओल्ड एज होम का शुभारंभ कर अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां रह रहे एक दम्पत्ति का अभिवादन कर स्वागत भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्यस्तरीय दिव्यांगजन स्पर्श मेला-2026 में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए कलाकारों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने कलाकारों से संवाद कर उन्हें प्रोत्साहित भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना में 54.52 लाख से अधिक पेंशन हितग्राहियों को 327.15 करोड़ रूपये से अधिक राशि का सिंगल क्लिक से अंतरण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्यस्तरीय दिव्यांगजन स्पर्श मेला-2026 में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कारों का वितरण भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने भारत को सभी क्षेत्रों में विश्व का सर्वश्रेष्ठ देश बनाने का बीड़ा उठाया है। हमारा देश गौरवशाली और समृद्ध विरासत का सभी प्रकार से संरक्षण करते हुए निरंतर विकास के पथ पर अग्रसर है। प्रदेश सरकार भी विकसित भारत के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। मध्यप्रदेश भारत के सबसे तेज गति से आगे बढ़ने वाले 3 राज्यों में शामिल हुआ है। मध्यप्रदेश नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में देश में अग्रणी भूमिका में है। हमारी सरकार ग्रीन एनर्जी को आगे बढ़ाते हुए दुनिया में सबसे सस्ती बिजली उपलब्ध करा रही है। प्रदेश में सोलर एनर्जी, विंड एनर्जी और पम्प स्टोरेज से ऊर्जा क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने की अपार संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी की प्रेरणा से इस बार दावोस के वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में भारत का सबसे बड़ा दल शामिल हुआ। सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री  नारायण सिंह कुशवाहा ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं। यह ओल्ड एज होम ''संध्या छाया'' वृद्धजनों की सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाया गया है। विभाग की प्रमुख सचिव मती सोनाली वायंगण्कर ने कहा कि सर्वसुविधायुक्त सशुल्क वरिष्ठजन निवास ''संध्या छाया'' लगभग 24 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किया गया है। वृद्धाश्रम में 34 कमरे हैं, जिसमें 56 वृद्धजनों के रहने की व्यवस्था है। इसमें उच्च गुणवत्ता का भोजन, पार्क जैसी सभी सुविधाएं मिलेंगी। यहां पर दिव्यांगजन स्पर्श मेला भी आयोजित किया गया, जिसमें 450 से अधिक बच्चों ने विभिन्न खेल गतिविधियों एवं प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिकों, समाज सेवियों और विद्यार्थियों ने भाग लिया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव: सामूहिक विवाह से मजबूत होती है सामाजिक एकता

भोपाल  बसंत पंचमी पर सामूहिक विवाह सामाजिक एकता की है मिसाल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बसंत पंचमी पर हिन्दू और मुस्लिम समुदाय के 121 जोड़ों के सामूहिक विवाह को सामाजिक एकता की मिसाल निरूपित करते हुए नवदम्पत्तियों को भावी जीवन के लिये शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने नवदम्पत्तियों को मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह/निकाह योजना में 51-51 हजार रुपये की राशि के चेक भी भेंट किये। इस अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री  जगत प्रकाश नड्डा ने भी नवदम्‍पत्तियों को आशीर्वाद दिया। सामूहिक विवाह समारोह में एक ही मंडप के नीचे 118 हिंदू जोड़ों का वैदिक रीति-रिवाज से विवाह और 3 मुस्लिम जोड़ों का निकाह मौलवियों ने संपन्न कराया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस एकता की सराहना करते हुए कहा कि विभिन्न धर्मों के लोग एक साथ नए जीवन की शुरुआत कर रहे हैं। उन्होंने सभी जोड़ों से देश और समाज के विकास में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने की अपेक्षा की। कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक स्वस्तिवाचन और पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। वर-वधुओं ने जैसे ही एक-दूसरे को वरमाला पहनाई, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उन पर फूलों की वर्षा कर पूरे माहौल को उत्सवमय बना दिया। विवाह की खुशी में झूमते परिजनों के नृत्य ने समारोह की रौनक और बढ़ा दी। समारोह में स्वामी राघवदेवाचार्य और साध्वी ज्ञानेश्वरी दीदी, केंद्रीय मंत्री  नड्डा के साथ लोक निर्माण मंत्री  राकेश सिंह, सांसद  आशीष दुबे, राज्यसभा सांसद मती सुमित्रा बाल्मीकि, महापौर  जगत बहादुर सिंह अन्नू', विधायक  अशोक रोहाणी, डॉ. अभिलाष पांडे,  नीरज सिंह और  संतोष बरकड़े, नगर निगम अध्‍यक्ष  रिकुंज विज,  रत्‍नेश सोनकर,  राजकुमार पटेल,  अखिलेश जैन सहित अन्‍य प्रतिष्ठित नागरिक उपस्थित रहे।

प्रधानमंत्री मोदी के हरित ऊर्जा विज़न से प्रेरित मध्यप्रदेश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार को दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम–2026 में शामिल होने पहुँचे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने "डी-रीस्किंग द ग्रीन लीप: सब नेशनल ब्लू प्रिंट फॉर यूटिलिटी स्केल एनर्जी ट्रांजीशन" विषय पर आयोजित उच्च स्तरीय राउंड टेबल मीटिंग में भागीदारी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य की ऊर्जा यात्रा में नवकरणीय ऊर्जा की केंद्रीय भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नवकरणीय ऊर्जा मध्यप्रदेश के समावेशी और टिकाऊ विकास की आधारशिला है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन को प्रेरणा बताते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य स्वच्छ, सस्ती और भरोसेमंद ऊर्जा की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी की दूरदर्शी सोच से प्रेरित होकर मध्यप्रदेश ने हरित ऊर्जा को विकास की मुख्य धारा में शामिल किया है। उन्होंने बताया कि अन्तर्राज्यीय सहयोग और बेहतर समन्वय से राज्य में बिजली और जल आपूर्ति में स्थिरता आई है। इससे आम उपभोक्ताओं के साथ उद्योगों को भी लाभ मिला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य में सौर ऊर्जा एवं ऊर्जा भंडारण से जुड़ी नई नवकरणीय परियोजनाओं की प्रगति और आगामी योजनाओं की जानकारी भी दी। राउण्ड टेबल मीटिंग के समापन-सत्र में केंद्रीय नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री तथा उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री श्री प्रहलाद जोशी ने भारत और प्रधानमंत्री श्री मोदी के हरित ऊर्जा विज़न को साझा किया। उन्होंने नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में नीति स्थिरता के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि यह उपभोक्ताओं और ऊर्जा क्षेत्र के लिए लाभकारी सिद्ध होगी। केन्द्रीय मंत्री श्री जोशी ने सुधारोन्मुख राज्यों, विशेषकर मध्यप्रदेश की सराहना की। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की सौर ऊर्जा संबंधित उपलब्धियाँ वैश्विक स्तर पर साझा की जा सकती हैं। उन्होंने श्रम, भूमि और ऊर्जा के बेहतर समन्वय से स्वच्छ ऊर्जा में जोखिम कम करने के मध्यप्रदेश मॉडल को उल्लेखनीय बताया और प्रौद्योगिकी निवेश और ब्लेंडेड फाइनेंस पर ज़ोर दिया। राउण्ड टेबल मीटिंग में मध्यप्रदेश के नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला, महानिदेशक, अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन श्री अशोक खन्ना, अपर मुख्य सचिव नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा श्री मनु श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार श्री मनीष सिंह, प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन श्री राघवेन्द्र कुमार सिंह, प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड डॉ. इलैया राजा टी, आयुक्त जनसम्पर्क श्री दीपक कुमार सक्सेना एवं एमडी एमपीआईडीसी श्री चन्द्रमौली शुक्ला उपस्थित रहे। मीटिंग में नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में निजी निवेश को प्रोत्साहित करने के लिये एक ड्रॉफ्ट फ्रेमवर्क प्रस्तुत किया। विदेश में म.प्र. की नवकरणीय ऊर्जा नीति की हुई सराहना इंडोनेशिया के ईस्ट जावा प्रांत के उप-राज्यपाल श्री एमिल एलेस्टियान्तो डार्डक ने कहा कि उप-राष्ट्रीय सरकारें भी राष्ट्रीय नीतियों में परिवर्तन की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में मध्यप्रदेश की प्रगतिशील नीतियों की सराहना की। राउंड टेबल मीटिंग में प्रतिभागियों में वैश्विक और घरेलू कंपनियों के कॉरपोरेट प्रतिनिधि और निवेशक शामिल थे, जिन्होंने राज्य की नीतियों, हरित ऊर्जा की उपलब्धता, तथा डेटा सेंटर जैसी नई प्रौ‌द्योगिकी एवं नवाचारों के संबंध में जानकारी ली। चर्चाओं में नियामकीय आवश्यकताओं और जमीनी वास्तविकताओं के बीच संतुलन की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। साथ ही यह भी चर्चा हुई कि किस प्रकार से मध्यप्रदेश जैसे क्षेत्रीय या उप-राष्ट्रीय सरकारें इस क्षेत्र में नवाचार का नेतृत्व कर सकती हैं।  

सौर ऊर्जा के बढ़ते क्षेत्र से दिनों-दिन कम हो रही है पारंपरिक ऊर्जा संसाधनों पर निर्भरता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश सौर ऊर्जा के क्षेत्र में आगे बढ़ते हुए पारंपरिक ऊर्जा के संसाधनों पर अपनी निर्भरता दिनों दिन कम करता जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश में वर्ष 2070 तक कार्बन फुट-प्रिंट को शून्य तक लाने और समाप्त होते जीवाश्म ईंधन के विकल्प तलाशने के लिए वर्ष 2030 तक 500 गीगावाट (अक्षय) नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। इस राष्ट्रीय लक्ष्य को प्राप्त करने में मध्यप्रदेश पूर्ण समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ योगदान दे रहा है। राज्य में पिछले 12 वर्षों में नवीन और नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में 14 प्रतिशत अभूतपूर्व वृद्धि हुई है, जिससे अब कुल ऊर्जा उत्पादन में सहभागिता 30 प्रतिशत से अधिक हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने गत वर्ष हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट भोपाल में सौर ऊर्जा के क्षेत्र देश में मध्यप्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए बताया कि राज्य वर्तमान में लगभग 31 हजार मेगावाट की विद्युत उत्पादन क्षमता रखता है, जिसमें से 30% हरित ऊर्जा है। हमारे लिये गौरव की बात है कि मध्यप्रदेश के रीवा सोलर पार्क और देश के सबसे बड़े ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर प्लांट का भी उल्लेख पूरे देश में हो रहा है। इससे अक्षय ऊर्जा उत्पादन को नई दिशा मिली है। मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है, जिसने टेक्नोलॉजी एग्नोस्टिक रिन्यूएबल एनर्जी पॉलिसी लागू की है। इस नीति में सौर और पवन ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए निवेशकों को अनुकूल और लचीले अवसर प्रदान किए जा रहे हैं, जिससे ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में नया आयाम जुड़ रहा है। मध्यप्रदेश अपनी भौगोलिक स्थिति और प्राकृतिक संसाधनों की प्रचुरता के कारण देश के अग्रणी ऊर्जा सरप्लस राज्यों में से एक है। राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा आत्म निर्भरता को प्राथमिकता देते हुए नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में निरंतर प्रयासरत है। मध्यप्रदेश हरित ऊर्जा हब के रूप में उभर रहा है। वर्तमान में राज्य में 5 बड़ी सौर परियोजनाएँ संचालित हैं, जिनकी कुल उत्पादन क्षमता 2.75 गीगावाट (2,750 मेगावाट) है। सरकार की योजना वर्ष 2030 तक नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर 20 गीगावाट (20,000 मेगावाट) करने की है। नवकरणीय ऊर्जा में 5.72 लाख करोड़ से अधिक के निवेश से 1.4 लाख से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। मध्यप्रदेश सरकार नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में 5.21 लाख करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित कर रही है, जिससे 1.46 लाख रोजगार सृजित होंगे। राज्य सरकार की यह पहल भारत के 'नेट ज़ीरो कार्बन लक्ष्य वर्ष-2070 को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। मध्यप्रदेश तेजी से नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में देश का नेतृत्वकर्ता बन रहा है और आत्मनिर्भर भारत व स्वच्छ ऊर्जा मिशन में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए तैयार है।  

देशभक्ति और जन सेवा की भावना मजबूत करते हुए प्रदेश को आंतरिक सुरक्षा का आदर्श राज्य बनाए रखना हम सबका लक्ष्य

पुलिस बल का हर परिस्थिति में अपने कर्तव्य पर डटे रहना और उनका अनुशासन सराहनीय देश को नारकोटिक्स से मुक्त करने का अभियान आगामी एक अप्रैल से होगा आरंभ भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश से नक्सलियों का पूरी तरह सफाया करना असंभव को संभव करने जैसा था। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इस उपलब्धि पर संतोष व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश से नक्सल उन्मुलन के लिए पुलिस अधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि पुलिस की ड्यूटी में कई तरह की चुनौतियां होती हैं, लेकिन पुलिस बल हर समय अपने कर्तव्य पर उत्साह और उमंग के साथ डटा रहता है। सभी पुलिसकर्मी अभिनंदन के पात्र हैं, पुलिस का अनुशासन सराहनीय और अनुकरणीय है। प्रदेश सरकार के लिए वर्ष 2025 उपलब्धियों से भरा रहा है। राष्ट्र विरोधी ताकतों को मध्यप्रदेश पुलिस जड़ से खत्म कर रही है। राज्य में संगठित अपराध के लिए कोई स्थान नहीं है। नशा विरोधी अभियान में प्रदेश पुलिस निरंतर सराहनीय उपलब्धियां हासिल कर रही है। राज्य सरकार और पुलिस नए अनुभवों के साथ आगे बढ़ रही है। देशभक्ति और जन सेवा की भावना को और मजबूत करते हुए मध्यप्रदेश को आंतरिक सुरक्षा का आदर्श प्रदेश बनाए रखना हम सबका लक्ष्य हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आईपीएस सर्विस मीट का शुभारंभ कर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना तथा अध्यक्ष भारतीय पुलिस सेवा संघ श्री चंचल शेखर ने पुष्पगुच्छ और पौधा भेंट कर स्वागत किया। कार्यक्रम स्थल पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सलामी ली और भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों के साथ उनका ग्रुप फोटो हुआ। पुलिस महानिदेशक श्री मकवाना तथा आईपीएस ऐसोसिएशन के अध्यक्ष श्री चंचल शेखर द्वारा मुख्यमंत्री को स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। लोकतंत्र और कानून-व्यवस्था की मजबूती में पुलिस का महत्वपूर्ण योगदान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोकतंत्र और कानून-व्यवस्था की मजबूती में पुलिस का महत्वपूर्ण योगदान है। जल्द ही प्रदेश पुलिस को पदोन्नति की स्वीकृति का समाचार मिलेगा। इसके साथ ही पुलिस विभाग में पर्याप्त भर्तियां भी होंगी। नए कानून लागू करने में प्रदेश पुलिस देश के लिए आदर्श उदाहरण है। मध्यप्रदेश में साइबर अपराधों सहित सभी तरह के संगठित गिरोह और अपराधियों पर अंकुश लगाया जा रहा है। पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्यवाही से प्रदेश में किसी भी राष्ट्र विरोधी ताकत को पनपने का अवसर नहीं मिला। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने आतंकवाद और अपराध के गठजोड़ के प्रति सभी को चेताया है। हमें भी पराम्परागत तरीके बदलकर बड़े पैमाने पर काम करना होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2026 भविष्य की पुलिसिंग की दिशा तय करने का अवसर है। आने वाले वर्षों में हम तकनीक में दक्ष, निर्णय में तेज और जनता के प्रति अधिक संवेदनशील पुलिस व्यवस्था समाज और प्रदेशवासियों को प्रदान करें, हम सब इस संकल्प के साथ आगे बढ़ें। नक्सलमुक्त प्रदेश करने में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मार्गदर्शन और त्वरित निर्णय रहे महत्वपूर्ण : डीजीपी श्री मकवाना पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना ने कहा कि प्रदेश को नक्सलमुक्त करने में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मार्गदर्शन और उनके द्वारा लिए गए त्वरित निर्णयों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। नक्सल आपरेशन्स में पुलिस निरीक्षक आशीष शर्मा का शहीद होना दुर्भाग्यपूर्ण रहा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल पर ही उनके परिवार को एक करोड़ रुपए की राहत राशि और छोटे भाई को उप निरीक्षक के पद पर नियुक्ति प्रदान की गई। श्री मकवाना ने कहा कि डायल 112 योजना का छह माह में क्रियान्वयन और नए अपराधिक कानूनों को लागू करना वर्ष 2025 की बड़ी उपलब्धि रही। इसके लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में संसाधन और रिक्त पदों की पूर्ति करते हुए तैयारियां जारी हैं। मध्यप्रदेश पुलिस बल साइबर अपराध की चुनौती का सामना करने के लिए स्वयं को निरंतर सशक्त और सक्षम बना रहा है। सिंहस्थ, सड़क सुरक्षा और साइबर सक्षमता विकास पुलिस की प्राथमिकताओं में पुलिस महानिदेशक श्री मकवाना ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह द्वारा आगामी एक अप्रैल 2026 से नारकोटिक्स से देश को मुक्त करने का अभियान आरंभ किया जा रहा है। देश को ड्रग्स मुक्त बनाने के लिए तीन वर्ष का लक्ष्य रखा गया है। ड्रग्स माफिया के विरूद्ध पुलिस का अभियान निरंतर जारी रहेगा। ड्रग्स के बारे में जागरूकता के लिए प्रदेश में "नशे से दूरी है जरूरी" अभियान का भी वर्ष 2025 में सफलतापूर्वक संचालन किया गया। उन्होंने बताया कि पुलिस कर्मियों में तनाव प्रबंधन और उनके मानसिक स्वास्थ्य की बेहतरी के लिए हॉर्ट फुलनेस संस्था से समन्वय कर गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। सिंहस्थ-2028, सड़क सुरक्षा, साइबर सक्षमता विकास पुलिस की प्राथमिकताओं में है।  

एक करोड़ 25 लाख से अधिक लाड़ली बहनों के खातों में आएंगे 1836 करोड़ रूपये

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरुवार, 16 जनवरी को माखन नगर (बाबई), जिला नर्मदापुरम में आयोजित लाड़ली बहनों के राज्य स्तरीय सम्मेलन में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना अंतर्गत प्रदेश की बहनों के खातों में राशि का अंतरण करेंगे। प्रदेश की लगभग 1 करोड़ 25 लाख 31 हजार से अधिक पात्र बहनों के खातों में 1836 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित की जायेगी। साथ ही 29 लाख बहनों को गैस सिलेंडर रीफिलिंग के लिए 90 करोड़ से अधिक राशि का अंतरण करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा विभिन्न विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण किया जायेगा। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की शुरुआत जून 2023 से की गई थी। योजना के अंतर्गत माह नवंबर 2025 से राशि में 250 रुपये की वृद्धि की गई है। अब पात्र हितग्राही महिलाओं को 1,500 रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। योजना में जून 2023 से दिसंबर 2025 तक मासिक आर्थिक सहायता की 31 किश्तों का नियमित रूप से अंतरण किया जा चुका है। जनवरी 2026 में योजना की 32वीं किश्त का लाड़ली बहनों के खातों में अंतरण किया जायेगा। योजना अंतर्गत अब तक जून 2023 से दिसंबर 2025 की अवधि में कुल 48 हजार 632 करोड़ 70 लाख रुपये की राशि हितग्राही महिलाओं के खातों में अंतरित की जा चुकी है। जनवरी 2024 से दिसंबर 2025 के दौरान 38 हजार 635 करोड़ 89 लाख रुपये का अंतरण किया गया है। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना से प्रदेश की महिलाओं के जीवन में आर्थिक सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और सम्मान सुनिश्चित किया गया है। आगामी समय में योजना की हितग्राही महिलाओं को विभिन्न रोजगार, स्वरोजगार एवं कौशल उन्नयन कार्यक्रमों से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे, जिससे वे आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बन सकें।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लांच की मध्यप्रदेश स्पेसटेक नीति-2026

एआई वर्तमान समय में शासन, उद्योग और समाज के लिए एक परिवर्तनकारी शक्ति एआई पर मिशन मोड पर होगा कार्य प्रधानमंत्री श्री मोदी के विजन को दृष्तिगत रखकर आगे बढ़ रहा है मध्यप्रदेश जन-कल्याणकारी योजनाओं में एआई का प्रभावी उपयोग करेगा मध्यप्रदेश प्रदेश में जल्द लाई जाएगी राज्य एआई नीति मुख्यमंत्री ने ‘मध्यप्रदेश रीजनल एआई इम्पैक्ट कॉन्फ्रेंस-2026’ का किया शुभारंभ भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार एआई को नागरिक-केंद्रित, पारदर्शी और कुशल शासन की आधारशिला के रूप में स्थापित करने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है। एआई आधारित प्रशासनिक व्यवस्था और प्रबंधन, तकनीक-प्रौद्योगिकी और अकादमिक क्षेत्र में एआई आधारित नवाचार विकसित भारत@ 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में प्रभावी रूप से सहायक होंगे। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी हर क्षेत्र में भारत को आगे बढ़ाने के लिए कार्य कर रहे हैं। मध्यप्रदेश में भगवान श्रीकृष्ण का अध्ययन केंद्र और शंकराचार्य जी की साधना का केंद्र भी है। राज्य सरकार मानवीय संवेदनाओं के साथ आगे बढ़ रही है। राज्य सरकार सभी विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए एआई का उपयोग कर रही है। एआई वर्तमान समय में शासन, उद्योग और समाज के लिए एक परिवर्तनकारी शक्ति है। हमारा राज्य जल्द ही एआई नीति भी लाएगा और एआई के लिए मिशन मोड पर व्यापक रूप से कार्य किया जाएगा। प्रदेश के माइनिंग और हेल्थ सेक्टर में एआई के उपयोग की बड़ी संभावनाएं हैं। मध्यप्रदेश अपार संभावनाओं वाला राज्य है, जिसमें आगे बढ़ने की पर्याप्त क्षमता है। विकसित भारत के लक्ष्य प्राप्ति में हमारी सरकार हर कदम पर प्रधानमंत्री श्री मोदी के विजन के अनुरूप कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को भोपाल के ताज लेक फ्रंट में ‘मध्यप्रदेश रीजनल एआई इम्पैक्ट कांफ्रेंस-2026’ का शुभारंभ कर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एआई लिटरेसी मिशन के तहत फ्यूचर स्किल्स फॉर एआई पावर्ड भारत के लिए कौशल रथ को झंडी दिखाकर रवाना किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश स्पेस टेक नीति-2026 लांच की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में विभिन्न समझौता ज्ञापनों (एमओयू) का आदान-प्रदान हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन सिंहस्थ-2028 के संचालन के लिए आयोजित उज्जैन महाकुंभ हैकाथॉन और मध्यप्रदेश इनोटेक प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया। अपर मुख्य सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी श्री संजय दुबे ने “एआई फॉर पीपल, प्लेनेट एंड प्रोग्रेस-मध्यप्रदेश रोडमैप टू इंपैक्ट” पर राज्य का प्रमुख एआई विजन प्रस्तुत किया। एआई को राष्ट्रीय आंदोलन बनाने के उद्देश्य से एआई लिटरेसी मिशन के अंतर्गत आरंभ युवा एआई फॉर ऑॅल पर लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। एम.पी. राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम लिमिटेड के महाप्रबंधक श्री आशीष वशिष्ठ ने कॉन्फ्रेंस के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत एमपीएसईडीसी प्रदेश में एआई इंफ्रॉस्ट्रक्चर स्थापित करने के लिए नोडल एजेंसी है।  स्पेस टेक नीति – अंतरिक्ष आधारित अनुप्रयोगों को बढ़ावा देने की पहल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रीजनल एआई इंपैक्ट कॉन्फ्रेंस में प्रदेश की स्पेस टेक नीति लांच की। उन्होंने कहा कि नीति राज्य को भारत के उभरते अंतरिक्ष क्षेत्र में एक अग्रणी और भविष्य-उन्मुख केंद्र के रूप में स्थापित करेगी। नीति के तहत स्पेस टेक स्टार्ट-अप्स, एमएसएमई और उद्योगों को वित्तीय, अवसंरचनात्मक और अनुसंधान सहयोग प्रदान कर कृषि, आपदा प्रबंधन, जल संसाधन एवं शहरी नियोजन जैसे क्षेत्रों में अंतरिक्ष-आधारित अनुप्रयोगों को बढ़ावा दिया जाएगा। यह नीति निवेश, नवाचार और राष्ट्रीय अंतरिक्ष पारिस्थितिकी तंत्र में मध्यप्रदेश की भूमिका को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। नवाचार और कौशल विकास के लिए हुए 7 एमओयू पर हस्ताक्षर मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा 6 समझौता ज्ञापन-यंगोवेटर (आंसर फाउंडेशन), सीईईडब्ल्यू (कॉउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वॉटर), गूगल, नैसकॉम, एआईएसईसीटी और भाषिणी के साथ किए गए। ये समझौते शैक्षणिक संस्थानों में नवाचार एवं रोबोटिक्स को बढ़ावा देने, जलवायु परिवर्तन व सतत विकास से जुड़े क्षेत्रों में एआई आधारित शोध एवं निर्णय सहयोग विकसित करने, शासकीय विभागों में एआई और क्लाउड तकनीक के उपयोग को प्रोत्साहित करने, राज्य में एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना एवं कौशल विकास को गति देने, राष्ट्रीय एआई मिशन से जुड़कर कंप्यूटर एवं डेटा संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने, ग्रामीण एवं वंचित क्षेत्रों में डिजिटल साक्षरता और एआई जागरूकता बढ़ाने और एआई आधारित शासन को सक्षम करने के उद्देश्य से किए गए हैं। इसके अलावा इंडिया एआई और तकनीकी शिक्षा,कौशल विकास एवं रोजगार विभाग के मध्य एक समझौता ज्ञापन हुआ। उच्च गुणवत्ता वाली एआई शिक्षा तक पहुंच को व्यापक बनाने के लिए इंडिया एआई मिशन देश के टियर-2 एवं टियर-3 शहरों में 570 डेटा एवं एआई लैब्स की स्थापना कर रहा है। तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग, मध्य प्रदेश सरकार के सहयोग से मध्यप्रदेश में 30 डेटा एवं एआई लैब्स स्थापित की जाएंगी।   आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब केवल तकनीक नहीं, नीति, समाज और अर्थव्यवस्था से जुड़ा एक सशक्त माध्यम बना : मुख्य सचिव श्री जैन मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने कहा है कि एआई के उपयोग से प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी और निर्णय प्रक्रिया अधिक तेज, सटीक व नागरिक-केंद्रित होगी। मुख्य सचिव श्री जैन ने बताया कि यह कांफ्रेंस आगामी इंडिया एआई इंपैक्ट समिट-2026 से पूर्व देश में एआई इको सिस्टम को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा निर्धारित सतत आर्थिक विकास लक्ष्य को प्राप्त करने में गवर्नेंस में एआई की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने उद्योग और अकादमिक संस्थानों के सहयोग, स्किलिंग व री-स्किलिंग की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि भविष्य रिसर्च, इनोवेशन और नॉलेज आधारित होगा। डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने यूपीआई को भारत की वैश्विक पहचान बताया। मध्यप्रदेश में समग्र आईडी जैसी पहलों के माध्यम से डेटा-आधारित और परिवार-केंद्रित शासन को बढ़ावा दिया जा रहा है। मुख्य सचिव श्री जैन  ने कहा कि ऐसे मंच नवाचार और सहयोग को नई दिशा देते हैं। मध्यप्रदेश इस राष्ट्रीय प्रयास में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। एआई के प्रभावी क्रियान्वयन के लिये राज्य ने बनाये 4 प्रमुख स्तंभ : एसीएस श्री दुबे अपर मुख्य सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी श्री संजय दुबे ने कहा कि प्रदेश सरकार ने “AI for People, Planet, and Progress” के … Read more

प्रोजेक्ट मॉनीटरिंग ग्रुप और प्रगति प्लेटफार्म से देश में अटकी निवेश परियोजनाओं को पुन: किया गया सक्रिय

प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व से दशकों से लम्बित परियोजनाओं को करना हुआ संभव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सशक्त नेतृत्व एवं केन्द्र और राज्य की डबल इंजन सरकार के प्रभावी समन्वय के फलस्वरूप आज देश में बुनियादी ढांचा विकास को गति मिल रही है। प्रोजेक्ट मॉनीटरिंग ग्रुप (पीएमजी) और प्रोएक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इंप्लीमेंटेशन (प्रगति) प्लेटफार्म की शुरुआत होने से देश में अटकी हुई निवेश परियोजनाओं को पुन: सक्रिय किया गया है। इस संस्थागत व्यवस्था से केंद्र और राज्य के सभी हितग्राहियों को एक मंच पर लाकर निर्णय-निर्माण प्रक्रिया को तेज किया गया। प्रधानमंत्री श्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व, स्पष्ट नीति-निर्देश एवं प्रो-एक्टिव गवर्नेंस से भी देश में दशकों से लम्बित परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से पूर्ण करना संभव हुआ है। राजनैतिक आपाधापी के साथ, व्यवस्थाओं में हो रहे सुधार को समझना सभी के लिए आवश्यक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सशक्त नेतृत्व तथा केंद्र और राज्य में डबल इंजन सरकार के प्रभावी समन्वय के परिणाम स्वरूप प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग ग्रुप की उपलब्धियों मीडिया प्रतिनिधियों से साझा की। मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने प्रोएक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इंप्लीमेंटेशन (प्रगति) पर प्रेजेंटेशन दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश को विभिन्न केन्द्रीय मंत्रालयों के माध्यम से प्रदेश में 209 बड़े प्रोजेक्ट्स की सौगात मिली है। इनमें से 2 लाख 61 हजार 340 करोड़ निवेश वाली 108 केंद्रीय विकास परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं। प्रदेश में अभी 5 लाख 24 हजार 471 करोड़ रुपए से अधिक लागत की 101 परियोजनाएं क्रियान्वयन के अधीन हैं। केंद्रीय परियोजनाओं के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश ने 97 प्रतिशत सफलता हासिल की है। इन परियोजनाओं में रेल मंत्रालय की 14, सड़क परिवहन मंत्रालय की 13, विद्युत मंत्रालय की 5 और नवकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल हैं। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर वन्यजीव पर्यटन योजनाओं को आगे बढ़ा रही है। प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में चीते अपना घर बना चुके हैं। धार के पीएम मित्र पार्क से कपास उत्पादक किसानों को लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्र और राज्यों के बीच परस्पर समन्वय ही हमारी सबसे शक्ति है। जब विभाग आपस में समन्वय से काम करते हैं, तो विकास की रफ्तार दोगुनी हो जाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने शासन की व्यवस्थाओं को केवल प्रक्रियात्मक न रखकर परिणामोन्मुख और जवाबदेह बनाया, जहां प्रत्येक परियोजना की प्रगति, बाधा और समाधान की सीधी निगरानी सुनिश्चित की गई है। पहले जहां सामान्यत: बड़ी योजनाएं कागजों पर तो बहुत भव्य दिखती थीं, लेकिन धरातल पर साकार होने से पहले ही विभागों के आपसी तालमेल की कमी के कारण निष्प्रभावी हो जाती थीं। अब प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ने पीएमजी और प्रगति पोर्टल से पुरानी प्रणाली को जड़ से खत्म कर असंभव दिखने वाली परियोजनाओं को साकार किया है। अब देश में विकास के साथ आवश्यकताओं का युक्तियुक्तकरण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पीएम "प्रगति" और प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग ग्रुप के माध्यम से मध्यप्रदेश में ऐसा ईको-सिस्टम तैयार हो चुका है जहां केंद्र और राज्य सरकार मिलकर आधुनिक तकनीक के बल पर अधोसंरचना विकास की महत्वपूर्ण परियोजनाओं को समय पर पूरा कर रही हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने समय, लागत और विश्वास तीनों स्तर पर ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। अपनी जिम्मेदारियों के साथ कार्य पूर्ण करना सुशासन (गुड गवर्नेंस) का प्रमाण है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने दुनिया के सामने भारत सरकार की एक विशिष्ट छवि बनाई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्यों के बीच राजनैतिक दृष्टि से भले ही दलों में मतभिन्नता हो, लेकिन राष्ट्र के विकास की दृष्टि से सभी राज्यों का महत्व है। "प्रगति" पोर्टल से देश के विकास में भू-गर्भ संपदा का दोहन देशहित में अधिक प्रभावी तरीके से होगा। भारत सरकार के अधिकारी इस पोर्टल से राज्य तथा अन्य मंत्रालयों में आने वाली प्रक्रियागत कठिनाइयों को समय रहते दूर कर लेंगे। केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना पर पिछली सरकार में ध्यान नहीं दिया गया, अब प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में 3 नदी परियोजनाओं पर कार्य हो रहा है। बदलते दौर में केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय बेहतर हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रेलवे की 285 किलोमीटर लम्बी जबलपुर-गोंदिया गेज परिवर्तन परियोजना से अब मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के बीच सीधा और अधिक क्षमता वाला रेल संपर्क स्थापित हो गया है। इससे प्रदेश के जबलपुर, बालाघाट, मंडला, सिवनी जिले की कनेक्टिविटी नागपुर, मुम्बई, कोलकाता, चेन्नई जैसे प्रमुख शहरों से बढ़ गई है। अब जबलपुर से सीधे गोंदिया, कोलकाता और चेन्नई के लिए ट्रेन उपलब्ध रहेगी। मध्यप्रदेश को 18.5 हजार करोड़ लागत की इंदौर-मनमाड़ रेल लाइन की सौगात भी मिली है। इसका लाभ उज्जैन को भी मिलेगा। मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने अपने प्रेजेंटेशन में बताया कि प्रगति प्लेटफार्म की शुरूआत 25 मार्च 2015 को हुई थी। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने शुभारंभ अवसर पर कहा था कि " आज पूरा विश्व भारत को बड़ी उत्सुकता से देख रहा है। ऐसे समय में यह अत्यंत आवश्यक है कि भारत की शासन-व्यवस्था और अधिक प्रभावी, और अधिक संवेदनशील बने।