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प्रत्येक पात्र हितग्राही को संकल्प से समाधान अभियान का मिले लाभ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में संचालित संकल्प से समाधान अभियान के संबंध में ली बैठक भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि संकल्प से समाधान अभियान जनसामान्य को कल्याणकारी हितग्राही मूलक योजनाओं का सुगमता से लाभ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आरंभ किया गया है। अभियान के अंतर्गत समय-सीमा में पारदर्शी तरीके से गतिविधियां सुनिश्चित की जाएं। किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार को बरदार्शत नहीं किया जाएगा, दोषियों के विरूद्ध कठोर कार्यवाही की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह निर्देश मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में संकल्प से समाधान अभियान की बुधवार को समीक्षा के लिए आयोजित संभागायुक्तों की बैठक में दिए। मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव श्री नीरज मंडलोई सहित संभागायुक्त बैठक में उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अभियान के अंतर्गत योजनाओं के प्रचार-प्रसार पर विशेष ध्यान दिया जाए। हमारा प्रयास है कि सभी हितग्राहियों को योजनाओं की आवश्यक जानकारी हो। संभागीय अधिकारी जिला, विकासखण्ड और ग्राम स्तर तक भ्रमण कर अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अभियान के अंतर्गत स्वास्थ्य परीक्षण, स्वच्छता तथा शिक्षा के लिए प्रेरित करने पर केंद्रित गतिविधियां भी संचालित की जाएं। संकल्प से समाधान अभियान के क्रियान्वयन में सामाजिक और स्वयं सेवी संस्थाओं का भी सहयोग लिया जाए।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पेयजल व्यवस्था सुदृढ़ करने इंदौर को दी 800 करोड़ से अधिक की सौगात

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इंदौर निरंतर प्रगति, विकास और नवाचार की दिशा में आगे बढ़ रहा है। आज इंदौर देश का सबसे तेज़ी से विकसित होने वाला शहर बन चुका है। विकास, स्वच्छता, उद्योग, व्यापार और सुशासन के क्षेत्र में इंदौर ने अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है, जिस पर पूरे मध्यप्रदेश को गर्व है। इंदौर की पहचान उसकी संघर्षशील जनता, अदम्य हौसलों और विकासशील सोच से है। आज प्रदेश का हर जिला इंदौर जैसा बनना चाहता है। उन्होंने कहा कि कठिन समय में सरकार, नगर निगम और प्रशासन ने पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ नागरिकों के साथ खड़े रहकर हरसंभव प्रयास किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को इंदौर शहर की पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़, आधुनिक एवं दीर्घकालिक समाधान प्रदान करने की दिशा में स्वच्छ जल अभियान अंतर्गत अमृत 2.0 इंदौर जलप्रदाय योजना (पैकेज–1) के तहत 800 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से प्रस्तावित बहुप्रतीक्षित जल प्रदाय परियोजना का विधिवत भूमि-पूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मकर संक्रांति पर आयोजित कार्यक्रम में सभी को मंगलकानाएँ दीं। उन्होंने कहा कि भागीरथपुरा क्षेत्र में घटित जल-जनित घटना ने सभी को पीड़ा पहुँचाई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस घटना में दिवंगत हुए नागरिकों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए बाबा महाकाल से दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करने की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मकर संक्रांति केवल पर्व नहीं, बल्कि तिल-तिल करके आगे बढ़ने का संकल्प है। जैसे इस दिन से सूर्य उत्तरायण होता है और प्रकाश बढ़ता है, वैसे ही इंदौर निरंतर प्रगति, विकास और नवाचार की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आपदा के समय राजनीति करना इंदौर स्वीकार नहीं करेगा। सकारात्मक और रचनात्मक विपक्ष लोकतंत्र की शक्ति है, लेकिन पीड़ा पर राजनीति करना सर्वथा अनुचित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मालवा और निमाड़ क्षेत्र को नर्मदा जल से जोड़ने के लिए वर्षों संघर्ष करना पड़ा। सरदार सरोवर बांध को पूर्ण कर देश को जल सुरक्षा देने का श्रेय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को जाता है। इसके माध्यम से सिंचाई क्षमता में ऐतिहासिक वृद्धि हुई है। मध्यप्रदेश में आज 56 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में सिंचाई संभव हो सकी है। उन्होंने नदी जोड़ो परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि पार्वती–कालीसिंध–चंबल (पीकेसी) परियोजना राजस्थान और मध्यप्रदेश के लिए वरदान सिद्ध होगी। केन–बेतवा नदी जोड़ो अभियान पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी का सपना था, जिसे आज प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में साकार किया गया है। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के माध्यम से प्रत्येक गांव और प्रत्येक शहर तक शुद्ध पेयजल पहुँचाना सरकार का संकल्प है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन और राज्य सरकार के पूर्ण सहयोग से इंदौर आत्मनिर्भर बनकर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि इंदौर आगे बढ़ेगा, सरकार पूरी मजबूती से इंदौर के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम के पहले जीवन दायिनी मां नर्मदा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पूजा-अर्चना की। उन्होंने सभागृह परिसर में संविधान निर्माता बाबा साहेब अंबेडकर और स्वर कोकिला लता मंगेशकर की प्रतिमा पर श्रद्धा सुमन भी अर्पित किए। नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने इंदौर में नर्मदा के जल आंदोलन तथा नर्मदा के जल लाने की संघर्ष यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह इंदौर का ऐतिहासिक जन-आंदोलन था। नर्मदा जल परियोजना केवल एक योजना नहीं, बल्कि इंदौर की जनशक्ति और संकल्प का परिणाम है। उन्होंने कहा कि यदि नर्मदा जल नहीं आता, तो इंदौर आज जिस रूप में है, वह कभी नहीं बन पाता। उन्होंने इंदौर की स्वच्छता पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि यहां की पहचान केवल विकास से नहीं, बल्कि नागरिकों की सहभागिता से बनी है। देर रात तक शहर की सफाई में जुटने वाले सफाई कर्मी इंदौर की असली ताकत हैं। इंदौर की स्वच्छता पर हम सबको गर्व है। उन्होंने कहा कि सुबह-सुबह घरों से कचरा गाड़ियों में स्वयं नागरिकों द्वारा कचरा डालना इंदौर की जनभागीदारी का जीवंत उदाहरण है। मंत्री श्री विजयवर्गीय ने कहा कि इंदौर नंबर वन था, इंदौर नंबर वन है और नंबर वन रहेगा। नर्मदा, स्वच्छता और जनता के स्वाभिमान से बनी इंदौर की आन-बान-शान को कोई आंच नहीं आने दी जाएगी। जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने विकसित भारत का जो संकल्प लिया है, उसी संकल्प को मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में साकार रूप दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकास कार्य तेज गति से संचालित हो रहे हैं और शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। यह विकास केवल अधोसंरचना तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, जल संसाधन और रोजगार के क्षेत्रों में भी नए आयाम स्थापित कर रहा है। महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार मानते हुए कहा कि उन्होंने इंदौर के भविष्य की जल-आवश्यकताओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए 1100 करोड़ रुपये की योजना को दूरदृष्टि के साथ 2400 करोड़ रुपये तक विस्तार दिया। यह निर्णय आने वाले दशकों की जरूरतों को ध्यान में रखकर लिया गया है। आज जिस परियोजना का भूमि-पूजन किया गया है, यह केवल निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके अंतर्गत 10 वर्षों का संचालन एवं संधारण (O&M) भी शामिल।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तुलसीपीठाधीश्वर स्वामी रामभद्राचार्य के जन्म दिवस पर दीं शुभकामनाएं

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पद्म विभूषण' से सम्मानित, तुलसीपीठाधीश्वर, रामानंदाचार्य स्वामी श्री रामभद्राचार्य महाराज को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वामी जी की असाधारण विद्वत्ता, साधना और मार्गदर्शन से भारतीय सनातन परंपरा, शिक्षा और साहित्य जगत एवं सामाजिक समरसता को नई ऊर्जा व दिशा मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रभु श्रीराम से स्वामी रामभद्राचार्य के लिए आरोग्यता और दीर्घायु की प्रार्थना है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश रीजनल एआई इम्पैक्ट कांफ्रेंस-2026 में होंगे शामिल

एआई-सक्षम शासन और आर्थिक परिवर्तन के लिए प्रदेश का रोडमैप होगा प्रस्तुत प्रदेश की स्पेसटेक नीति होगी लांच भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरुवार 15 जनवरी को भोपाल में ‘मध्यप्रदेश रीजनल एआई इम्पैक्ट कांफ्रेंस-2026’ में एआई-सक्षम शासन और आर्थिक परिवर्तन के लिए मध्यप्रदेश के रणनीतिक रोडमैप को प्रस्तुत करेंगे। यह कांफ्रेंस एआई इनेबल्ड गवर्नेंस फॉर एन एम्पावर्ड भारत की थीम पर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा इंडिया एआई मिशन के सहयोग से आयोजित की जा रही है।इससे एआई आधारित शासन,तकनीक एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अकादमिक और उद्योग समन्वय को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ प्रदेश सरकार एआई को नागरिक-केंद्रित, पारदर्शी और कुशल शासन की आधारशिला के रूप में स्थापित करने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है। कांफ्रेंस में मध्यप्रदेश 'इनोवेशन एक्सपो' का शुभारंभ भी किया जाएगा, जिसमें इंडिया एआई पेवेलियन, मध्यप्रदेश पेवेलियन, स्टार्ट-अप शो-केस, हैकाथॉन एरिना और स्टार्ट-अप प्रतियोगिता शामिल होंगी। कांफ्रेंस में केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अपर सचिव एवं सीईओ इंडिया एआई श्री अभिषेक सिंह और आईआईटी इंदौर के निदेशक श्री सुहास एस. जोशी संबोधित करेंगे। अपर मुख्य सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी श्री संजय दुबे द्वारा “एआई फॉर पीपल,प्लेनेट एंड प्रोग्रेस – मध्यप्रदेश रोडमैप टू इंपैक्ट ” पर राज्य का प्रमुख एआई विजन प्रस्तुत किया जाएगा। मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन कांफ्रेंस को संबोधित करेंगे। कांफ्रेंस में स्पेसटेक नीति लांच होगी, विभिन्न समझौता ज्ञापनों और नवाचार एवं युवा एआई पहलों से संबंधित महत्वपूर्ण घोषणाएं की जाएंगी। कांफ्रेंस में तीन उच्चस्तरीय थीमैटिक सत्र—टेक्नोलॉजी लेड गवर्नेंस फॉर ऑल, एआई फॉर इकोनॉमिक ग्रोथ एंड सोशल गुड और रेज़िलिएंस, इनोवेशन एंड डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर आयोजित किए जाएंगे। इनमें डिजिटल इंडिया- भाषिणी, यूआईडीएआई, एनईपीडी विभिन्न राज्य सरकारों और गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, डिलोट्टी और ईवाई जैसे अग्रणी संगठनों के विशेषज्ञ अपने विचार साझा करेंगे। साथ ही एमपी इनोटेक स्टार्ट-अप पिच कंटेस्ट और उज्जैन महाकुंभ हैकाथॉन के विजेताओं की घोषणा भी की जाएगी। यह कांफ्रेंस इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट-2026 की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट-2026 की घोषणा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा फ्रांस एआई एक्शन समिट में की गई थी। सम्मेलन का आयोजन 16 से 20 फरवरी 2026 तक नई दिल्ली में किया जाएगा।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को दी माघ बिहू एवं पोंगल की शुभकामनाएं

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को राष्ट्रीय एकात्मता और कृषि संस्कृति के प्रतीक माघ बिहू, भोगी, उत्तरायण एवं पोंगल पर्व की बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ये सभी पावन पर्व नागरिकों के जीवन में सुख-शांति, सद्भावना और धन-धान्य लेकर आएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कामना करते हुए कहा कि हर घर-आंगन में खुशहाली हो तथा देश के किसान और हमारे सभी भाई-बहन समृद्ध बनें।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभ्युदय म.प्र. के विजयी प्रतियोगियों को किया पुरस्कृत

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वीर भारत न्यास द्वारा आयोजित अभ्युदय मध्यप्रदेश क्विज के विजयी प्रतियोगियों को एक समारोह में पुरस्कार प्रदान किए। विजयी प्रतियोगियों को ई-स्कूटी, ई-बाइक, लैपटॉप और विक्रमादित्य घड़ी के साथ नासा किट पुरस्कार के रूप में प्रदान की गई। कार्यक्रम में ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, संचालक संस्कृति श्री एमपी नामदेव उपस्थित थे। वीर भारत न्यास के संचालक और संस्कृति सलाहकार श्री राम तिवारी ने बताया कि ऑनलाइन क्विज में डेढ़ लाख प्रतियोगियों ने विजिट किया। करीब 30 हजार प्रतियोगी रजिस्टर्ड हुए। क्विज में 24 प्रतियोगी विजयी हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी विजेताओं को बधाई देते हुए उनका अभिनंदन किया। इसके साथ ही खगोल विज्ञान केंद्र उज्जैन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बच्चों के सवालों के जवाब भी दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन की साइंस सिटी में तारामंडल का सभी बच्चों को अवलोकन करना चाहिए, जहां अंतरिक्ष विज्ञान के संबंध में रोचक ढंग से महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त होती हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्विज के सभी प्रतिभागियों को उनकी जागरूकता के लिए भी बधाई दी। क्विज प्रतियोगिता के विजेता अभ्युदय मध्यप्रदेश क्विज विजेताओं में बीना से कीन्स अहिरवार, मंडला से आशीष मरकाम, राजगढ़ से संदीप बादल, शाजापुर से सचिन मीणा, बैतूल से प्रमोद देशमुख, इंदौर से अमन उपाध्याय, शाजापुर सुभाष पाटीदार, मंदसौर से जलज वर्मा, जबलपुर से नवीन केवट, ग्वालियर से देवेन्द्र सिंह, उज्जैन से राहुल शर्मा, नर्मदापुरम से दीपशिखा जाटव, भोपाल से अंजली जैन, विदिशा से सलोनी व्यास, देवास से दीपिका यादव, भोपाल से पारूल खरे, छतरपुर से रोमिका चौरसिया, सागर से पलक पासी, शुजालपुर से ज्योति जायसवाल, अनूपपुर से आंचल तिवारी, सतना से तनुजा सिंह, बालाघाट से पीहू स्वामी, नर्मदापुरम से रजनी परिहार और इंदौर से नरेन्द्र कुमार हैं।  

स्कूल शिक्षा मंत्री सिंह नरसिंहपुर के राजमार्ग में रुकमणि देवी पब्लिक स्कूल में होंगे शामिल

भोपाल स्वामी विवेकानंद जयंती के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय युवा दिवस आज प्रति वर्ष की भाँति इस वर्ष भी प्रदेश के समस्त विद्यालयों में सामूहिक सूर्य नमस्कार का आयोजन होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भोपाल के सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में और स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह नरसिंहपुर के राजमार्ग में रुकमणि देवी पब्लिक स्कूल में विद्यार्थियों के साथ सूर्य नमस्कार और योग करेंगे। युवा दिवस के अवसर पर प्रदेश की समस्त शिक्षण संस्थाओं में प्रातः 9:30 से 10:15 बजे तक आकाशवाणी से प्रसारित होने वाले कार्यक्रम में राष्ट्रगीत वंदे-मातरम, स्वामी विवेकानन्द का रिकार्डेड ऑडियो और मुख्यमंत्री डॉ. यादव के संदेश का प्रसारण होगा। इसके बाद रेडियों प्रसारण में दिए गए संकेतों के अनुसार सामूहिक सूर्य नमस्कार एवं प्राणायाम किया जायेगा। यह कार्यक्रम प्रदेश के सभी आकाशवाणी के केन्द्रों से एक साथ प्रसारित किया जाएगा। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार सामूहिक सूर्य नमस्कार का आयोजन सभी शिक्षण संस्थाओं में एक साथ-एक संकेत पर किया जाएगा। जिलों में होने वाले सामूहिक सूर्य नमस्कार के आयोजन में स्थानीय जन-प्रतिनिधि, विभिन्न शिक्षण संस्थाओं, समितियों एवं गणमान्य नागरिक भी सम्मिलित होंगे। इस आयोजन में कक्षा 6वीं से 12वीं तक के छात्र – छात्राएँ स्वैच्छिक रूप से शामिल होंगे। प्राथमिक शाला के बच्चे सूर्य नमस्कार करने में शामिल नहीं होंगे। कार्यक्रम में वे दर्शक के रूप में उपस्थित रह सकेंगे।

राज्य सरकार सैनिक कल्याण के लिए प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सैनिक केवल भारत की सीमाओं की रक्षा नहीं करते बल्कि देश के स्वाभिमान की भी रक्षा करते हैं। उन्होंने कहा कि जो वर्दी पहन कर देश के लिए खड़ा होता है, उसके सामने पूरा राष्ट्र नतमस्तक होता है। मातृभूमि के प्रति सैनिकों के प्रेम और समर्पण के कारण ही भारत का तिरंगा शान से लहरा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत माता की सेवा में सर्वस्व न्यौछावर करने वाले वीर शहीदों के चरणों में श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन में राज्य सैनिक रैली को भोपाल के राजकीय विमानतल से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी हम सबके लिए प्रेरणा स्त्रोत हैं, सैनिकों के प्रति उनकी संवेदनाएं सराहनीय हैं। उन्होंने कहा कि हमारे उन वीर सैनिकों जिन्होंने देश की रक्षा में अपने प्राण न्यौछावर किए, उनकी कमी तो पूरी नहीं की जी सकती, लेकिन ऐसे वीरों के परिवारों के साथ सरकार हर कदम पर खड़ी है। राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि शहीद आश्रितों को पेंशन, वित्तीय सहायता, रोजगार और सभी मूलभूत सुविधाएँ समय पर और सम्मानपूर्वक प्राप्त हों। उन्होंने कहा कि जहाँ भी आवश्यकता होगी, इन योजनाओं को और अधिक सशक्त किया जाएगा। राज्य सरकार ने शहीदों के माता-पिता को दी जाने वाली मासिक सहायता राशि अब 10 हजार रूपए प्रतिमाह कर दी है। शहीदों की पुत्रियों और बहनों के विवाह पर 51 हजार रुपए की सहायता राशि प्रदान की जा रही है। युद्ध एवं सैन्य कार्रवाई में शहीद हुए सेना एवं केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के जवानों के आश्रितों को दी जाने वाली सहायता राशि बढ़ाकर 1 करोड़ रूपए की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में निवासरत द्वितीय विश्व युद्ध के सैनिकों और उनकी पत्नियों की मासिक पेंशन राशि 8 हजार से बढ़ाकर 15 हजार प्रतिमाह की गई है, जो देश मे सर्वाधिक है। विभिन्न शौर्य एवं विशिष्ट सेवा अलंकरणों से नवाजे गए सैनिकों एवं उनके आश्रितों को राज्य शासन द्वारा सर्वाधिक सम्मान राशि दी जाती है। मध्यप्रदेश निवासी ऐसे माता-पिता, जिनकी पुत्री सेना में है, उनकी सम्मान निधि 10 हजार रुपए से बढ़ाकर 20 हजार रुपए प्रतिवर्ष की गई। इन्हीं प्रयासों के परिणाम स्वरूप वर्ष 2025 में मध्यप्रदेश सैनिक कल्याण निदेशालय को रक्षा मंत्री द्वारा "प्रोगेसिव स्टेट ट्रॉफी" से सम्मानित किया गया। उन्होंने बताया कि जिला सैनिक कल्याण कार्यालयों को और अधिक सुदृढ़ किया जा रहा है, साथ ही सैनिक विश्राम गृहों के उन्नयन का कार्य भी जारी है। प्रदेश में रोजगार एवं स्व-रोजगार के अवसरों को विस्तारित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सैनिक रैली राष्ट्र गौरव और एकता की भावना को और सुदृढ़ करे, यही कामना है। उन्होंने सभी को गणतंत्र दिवस की अग्रिम शुभकामनाएँ भी दीं।  

राष्ट्रीय युवा दिवस पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे खेलो एमपी यूथ गेम्स का शुभारंभ

देश में पहली बार आधुनिक तकनीक से 4K वॉटर प्रोजेक्शन से होगा ऐतिहासिक इवेंट शुभारंभ समारोह में दिखेगी भोपाल के बड़े तालाब की भव्यता होगा आधुनिक तकनीक का अद्भुत संगम भोपाल खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने गुरुवार को बड़े तालाब स्थित वॉटर स्पोर्ट्स अकादमी पहुँचकर खेलो एमपी यूथ गेम्स की लॉन्चिंग तैयारियों का निरीक्षण किया। मंत्री श्री सारंग ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि कार्यक्रम में अधिक से अधिक खेल प्रेमियों की सहभागिता सुनिश्चित की जाए तथा सुरक्षा, तकनीकी एवं व्यवस्थागत सभी इंतजाम पूर्णतः पुख्ता हों। मंत्री श्री सारंग ने बताया कि स्वामी विवेकानंद की जयंती ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ 12 जनवरी को खेलो एमपी यूथ गेम्स का भव्य शुभारंभ किया जाएगा। यह शुभारंभ कार्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में शाम 6 बजे बड़े तालाब से किया जाएगा। उन्होंने बताया कि देश में पहली बार लॉन्चिंग इवेंट के दौरान दर्शकों को 4K वॉटर प्रोजेक्शन देखने को मिलेगा। यह वॉटर प्रोजेक्शन दर्शकों को एक इमर्सिव और सिनेमाई अनुभव प्रदान करेगा, जो अब तक राज्य स्तर के किसी भी खेल आयोजन में देखने को नहीं मिला है। देश में पहली बार फ्लोटिंग स्टेज पर ऐतिहासिक लॉन्चिंग देश में पहली बार किसी राज्य स्तरीय यूथ स्पोर्ट्स इवेंट की लॉन्चिंग फ्लोटिंग स्टेज पर की जाएगी, जहाँ 4K वॉटर प्रोजेक्शन इस ऐतिहासिक समारोह का मुख्य आकर्षण होगा। भोपाल के बड़े तालाब की प्राकृतिक भव्यता के बीच जल-परदे पर अत्याधुनिक 4K तकनीक के माध्यम से खेलो एमपी यूथ गेम्स की थीम, लोगो, विज़ुअल स्टोरी और खेल भावना को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस अत्याधुनिक प्रस्तुति के साथ हाई-क्वालिटी विजुअल डिस्प्ले, टॉर्च लाइटिंग के माध्यम से आकर्षक फायर वर्क तथा 20 फीट ऊँची ‘लार्जर दैन लाइफ’ जर्सी जैसे विशेष आकर्षण समारोह की भव्यता को बढ़ायेंगे। आधुनिक तकनीक और खेल संस्कृति के इस अद्वितीय संगम के माध्यम से यह शुभारंभ समारोह मध्यप्रदेश की नवाचार क्षमता, खेल प्रतिबद्धता और सांस्कृतिक गौरव को राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करेगा। लोगो, मैस्कॉट, एंथम और जर्सी का होगा अनावरण मंत्री श्री सारंग ने बताया कि शुभारंभ समारोह के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा खेलो एमपी यूथ गेम्स के लोगो, मैस्कॉट, एंथम एवं आधिकारिक जर्सी का भव्य लोकार्पण किया जाएगा। यह क्षण खेलो एमपी यूथ गेम्स की पहचान और भावना को सशक्त रूप से प्रस्तुत करेगा। इस अवसर पर प्रदेश एवं राष्ट्रीय स्तर के विभिन्न खेल संघों के पदाधिकारी, प्रतिनिधि एवं वरिष्ठ खेल प्रशासक भी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। शुभारंभ समारोह में दिखेगी भोपाल के तालाबों की भव्यता मंत्री श्री सारंग ने बताया कि खेलो एमपी यूथ गेम्स का शुभारंभ समारोह विशेष रूप से आकर्षक एवं यादगार बनाया गया है। इस अवसर पर ताल-तलैयों की नगरी भोपाल के ऐतिहासिक तालाबों की भव्यता दिखेगी। शुभारंभ समारोह के माध्यम से एमपी की पहचान केवल खेलों के राज्य के रूप में ही नहीं, बल्कि संस्कृति, सौंदर्य और युवाशक्ति के केंद्र के रूप में भी देश के सामने प्रस्तुत की जाएगी। यह आयोजन खिलाड़ियों, दर्शकों और आमजन के लिए प्रेरणादायी एवं उत्साहवर्धक अनुभव सिद्ध होगा। देश में पहली बार खेल विभाग और सभी खेल संघ मिलकर करेंगे आयोजन मंत्री श्री सारंग ने कहा कि यह देश में पहली बार हो रहा है, जब खेल विभाग के साथ सभी मान्यता प्राप्त खेल संघ मिलकर समन्वित रूप से यूथ गेम्स का आयोजन एवं संचालन कर रहे हैं। यह पहल खेल विभाग का एक ऐतिहासिक और नवाचारी कदम है। खेलो एमपी यूथ गेम्स केवल एक खेल आयोजन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह भविष्य की राज्य टीम चयन प्रक्रिया का सशक्त, व्यवस्थित और पारदर्शी मंच बनेगा। इस व्यवस्था के माध्यम से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान प्रारंभिक स्तर पर ही हो सकेगी, जिससे उन्हें आगे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुँचने का सशक्त अवसर प्राप्त होगा। 28 खेलों के लिये चरणबद्ध चयन प्रक्रिया खेलो एमपी यूथ गेम्स की चयन प्रक्रिया ब्लॉक स्तर से प्रारंभ की जाएगी। इसके अंतर्गत ब्लॉक स्तरीय प्रतियोगिताएँ 12 से 16 जनवरी 2026, जिला स्तरीय प्रतियोगिताएँ 16 से 20 जनवरी 2026, संभाग स्तरीय प्रतियोगिताएँ 21 से 25 जनवरी 2026 तथा राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएँ 28 से 31 जनवरी 2026 तक आयोजित की जाएँगी। यूथ गेम्स के अंतर्गत कुल 28 खेलों की प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाएँगी। खेल संघों के साथ बेहतर एवं प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विभाग द्वारा समन्वय अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। क्षेत्रीय परंपरा के अनुसार खेल आयोजन मंत्री श्री सारंग ने बताया कि प्रतियोगिताओं का आयोजन इस सिद्धांत पर किया जाएगा कि जिन खेलों की परंपरा एवं लोकप्रियता जिस क्षेत्र में है, वहीं संबंधित खेलों का आयोजन किया जाए। राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएँ भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, रीवा, शिवपुरी, ग्वालियर, सागर एवं नर्मदापुरम में प्रस्तावित हैं। ब्लॉक स्तर से प्रारंभ होने वाली इस चयन प्रक्रिया में जिला स्तर पर प्रदेश के 313 विकासखंडों की सहभागिता सुनिश्चित की गई है। राज्य स्तर पर प्रदेश के 10 संभागों की टीमें प्रतियोगिताओं में भाग लेंगी। पहली बार पारंपरिक एवं लोकप्रिय खेलों को किया शामिल मंत्री श्री सारंग ने बताया कि यूथ गेम्स में पहली बार पारंपरिक एवं लोकप्रिय खेलों को विशेष स्थान दिया गया है। इस क्रम में पिट्टू और रस्साकशी जैसे पारंपरिक खेलों के साथ-साथ क्रिकेट और थ्रो बॉल को भी प्रतियोगिता में शामिल किया गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रेशम उत्पादन की बारीकियों को जाना और बुनकरों से किया संवाद

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरूवार को अपने असम प्रवास के दौरान गुवाहाटी के समीप स्थित ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान के केंद्र सुआलकुची का भ्रमण किया। मुख्यमंत्री ने 'सिल्क विलेज' के नाम से विख्यात सुआलकुची पहुँचकर रेशम उत्पादन की प्राचीन और पारंपरिक प्रक्रिया को बेहद करीब से देखा और इस कला की बारीकियों के बारे में जानकारी प्राप्त की। बुनकरों के कौशल से अभिभूत हुए मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सुआलकुची में बुनकरों के घरों और कार्यशालाओं का अवलोकन किया। उन्होंने देखा कि किस तरह यहाँ की समृद्ध विरासत को सहेजते हुए लगभग हर घर में हाथकरघों (हैंडलूम) के माध्यम से कलाकृतियाँ उकेरी जा रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुनकरों से सीधे संवाद कर उनके श्रम और शिल्प कौशल की सराहना की। उन्होंने कहा कि यहाँ की पारंपरिक बुनाई तकनीक न केवल कला का उत्कृष्ट उदाहरण है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था की सुदृढ़ रीढ़ भी है। 'पूर्व का मैनचेस्टर' है सुआलकुची उल्लेखनीय है कि गुवाहाटी से लगभग 35 किलोमीटर दूर स्थित सुआलकुची को 'पूर्व का मैनचेस्टर' कहा जाता है। यह गाँव अपनी विशिष्ट रेशम बुनाई तकनीकों के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है। यहाँ मुख्य रूप से तीन प्रकार के रेशम मूगा (सुनहरा), पैट (हाथीदांत जैसा सफेद) और एरी (हल्का बेज) का उत्पादन किया जाता है, जो असम की मूल पहचान हैं। संग्रहालय और वस्त्र कला का अवलोकन भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 'बस्त्रा उद्यान' और 'आमार सुआलकुची' संग्रहालय का भी दौरा किया। संग्रहालय में प्रदर्शित हाथकरघा गतिविधियों और इस शिल्प के क्रमिक विकास की प्रदर्शनी ने मुख्यमंत्री को विशेष रूप से प्रभावित किया। उन्होंने यहाँ तैयार होने वाले पारंपरिक परिधानों जैसे मेखला चादर, साड़ियाँ, कुर्ते और गमछे की निर्माण पद्धति को भी समझा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के इस भ्रमण का उद्देश्य अन्य राज्यों की श्रेष्ठ पारंपरिक कलाओं और कुटीर उद्योगों की कार्यप्रणाली को समझना और उनके अनुभवों से प्रदेश के शिल्प क्षेत्र को लाभान्वित करना है।