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मुख्यमंत्री साय ने किया साहित्य उत्सव के लोगो का अनावरण

रायपुर, नए वर्ष की शुरुआत के साथ छत्तीसगढ़ एक बार फिर साहित्यिक ऊर्जा से सराबोर होने को तैयार है। आगामी महीने रायपुर साहित्य उत्सव का आयोजन नवा रायपुर में 23 से 25 जनवरी तक होगा, जिसमें देश भर से 100 से अधिक प्रतिष्ठित साहित्यकार शामिल होंगे। राज्य स्थापना के रजत वर्ष पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा इस आयोजन की परिकल्पना की गई थी। उनकी यह परिकल्पना अब साकार रूप लेने जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज अपने निवास कार्यालय में रायपुर साहित्य उत्सव के लोगो का अनावरण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार  पंकज झा, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शंशाक शर्मा, जनसंपर्क विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, वरिष्ठ साहित्यकार सुशील त्रिवेदी, डॉ. चितरंजन कर, गिरीश पंकज, डॉ. संजीव बक्शी, प्रदीप श्रीवास्तव और शकुंतला तरार उपस्थित थे। लोगो अनावरण के अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने पर पूरा प्रदेश रजत महोत्सव मना रहा है, और रायपुर साहित्य उत्सव उसी श्रृंखला का एक महत्वपूर्ण अध्याय है। उन्होंने कहा कि यह उत्सव न केवल छत्तीसगढ़ को, बल्कि पूरे देश के मूर्धन्य साहित्यकारों को एक साझा मंच प्रदान करेगा, जहाँ उनके अनुभव, विचार और रचनात्मक धारा से अवगत होने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह आयोजन छत्तीसगढ़ को साहित्यिक जगत में एक नई पहचान प्रदान करेगा तथा जनसमुदाय को साहित्य, लेखन और पठन-पाठन की ओर प्रेरित करेगा। साथ ही यह उत्सव राज्य की विकास योजनाओं के लिए भी सकारात्मक सामाजिक चेतना और विमर्श का मंच बनेगा। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की संकल्पना पर आधारित इस आयोजन की व्यापक कार्ययोजना मात्र दो माह में तैयार की गई है। यह तीन दिवसीय महोत्सव 23, 24 एवं 25 जनवरी 2026 को जनजातीय संग्रहालय के समीप आयोजित होगा। इस उत्सव में कुल 11 सत्र शामिल होंगे। इनमें 5 समानांतर सत्र, 4 सामूहिक सत्र, और 3 संवाद सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें साहित्यकारों एवं प्रतिभागियों के बीच सीधा संवाद और विचार-विमर्श होगा। छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक-साहित्यिक विरासत का प्रतीक उत्सव का लोगो अगले महीने आयोजित होने जा रहे रायपुर साहित्य उत्सव के लोगो में छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक और साहित्यिक विरासत को एक प्रभावशाली प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया है। यह लोगो न सिर्फ राज्य की पहचान को दर्शाता है, बल्कि बस्तर की जैव-विविधता, जनजातीय परंपराओं, और छत्तीसगढ़ की आत्मा माने जाने वाले सल्फी पेड़ की सांस्कृतिक महत्ता को भी सशक्त रूप में उजागर करता है। लोगो में सल्फी के पेड़ को छत्तीसगढ़ राज्य के नक्शे का रूप देकर यह संदेश दिया गया है कि राज्य की सभ्यता, संस्कृति और साहित्य सदियों से इसी भूमि की जड़ों से पोषित होते आए हैं। सल्फी का यह पेड़ आदिकाल से चली आ रही पौराणिक परंपराओं, भाईचारे और एकजुटता का प्रतीक माना जाता है। जनजातीय समाज के जीवन में गहराई से रचे-बसे इस पेड़ को साहित्य उत्सव के लोगो में शामिल करने से यह संदेश भी मिलता है कि छत्तीसगढ़ का जनजातीय साहित्य, लोकविश्वास और पारंपरिक ज्ञान-धारा आज भी समकालीन साहित्यिक प्रवाह के केंद्र में है। लोगो में अंकित ‘आदि से अनादि तक’ वाक्य साहित्य की उस अटूट यात्रा को दर्शाता है, जिसमें आदिकालीन रचनाओं से लेकर निरंतर विकसित हो रहे आधुनिक साहित्य तक सभी रूप समाहित हैं। यह संदेश स्पष्ट रूप से प्रकट होता है कि साहित्य कालातीत है, वह समय, समाज, भाषा और पीढ़ियों को जोड़कर चलने वाली निरंतर धारा है। इसी प्रकार लोगो में शामिल ‘सुरसरि सम सबके हित होई’ वाक्य साहित्य को गंगा की तरह मुक्त, समावेशी और सर्वहितकारी शक्ति के रूप में स्थापित करता है। साहित्य सभी जाति, वर्ग, परंपरा और जीवन-रीतियों को अपनी व्यापकता में समाहित कर समाज को दिशा देता है और सबके हित का मार्ग प्रशस्त करता है। रायपुर साहित्य उत्सव का यह लोगो पूरे छत्तीसगढ़ के लिए सांस्कृतिक गर्व का विषय है, क्योंकि इसमें राज्य की हजारों वर्षों पुरानी साहित्यिक जड़ें, जनजातीय परंपराएँ, सामाजिक समरसता और आधुनिक रचनात्मक दृष्टि-सभी का सुंदर, सार्थक और कलात्मक संगम दिखाई देता है। यह लोगो जनमानस तक यह सशक्त संदेश पहुँचाता है कि छत्तीसगढ़ की साहित्यिक यात्रा ‘आदि से अनादि’ तक अविचल, जीवंत और समृद्ध रही है और आगे भी इसी धारा में निरंतर विकास की नई कहानियाँ लिखती रहेगी। रायपुर साहित्य उत्सव के लोगो से छत्तीसगढ़ में आदि-अनादि काल से मजबूत साहित्य की जड़ों और उनसे जुड़ाव का सशक्त संदेश जनमानस तक पहुंचेगा।

मुख्यमंत्री साय से बिहार के पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने की सौजन्य मुलाकात

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में बिहार के पथ निर्माण मंत्री श्री नितिन नवीन ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री  साय ने नितिन नवीन का आत्मीय स्वागत किया तथा उन्हें शॉल एवं प्रतीक चिन्ह नन्दी भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर विधायक किरण देव एवं छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष सौरभ सिंह उपस्थित थे।

विश्व कप स्टार संजू देवी को CM साय की बधाई—रायपुर में किया सम्मानित

रायपुर : मुख्यमंत्री  साय ने महिला कबड्डी विश्व कप की स्टार खिलाड़ी संजू देवी को दी बधाई रायपुर महिला कबड्डी विश्व कप की स्टार खिलाड़ी छत्तीसगढ़ निवासी संजू देवी ने विगत दिवस मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित उनके निवास कार्यालय में सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री  साय ने विश्व कप में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर छत्तीसगढ़ और देश का नाम रोशन करने पर संजू देवी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि “आपने महिला सशक्तिकरण की एक नई मिसाल पेश की है। आपको देखकर प्रदेश की बेटियाँ खेल जगत में और अधिक उत्साह के साथ आगे बढ़ेंगी। यह उपलब्धि निस्संदेह आने वाली पीढ़ियों की खेल प्रतिभा को निखारने में प्रेरक साबित होगी।”मुलाकात के दौरान संजू देवी ने भी अपनी जीवन यात्रा, संघर्ष, और खेल से जुड़े अनुभव मुख्यमंत्री  साय के साथ साझा किए। उल्लेखनीय है कि महिला कबड्डी विश्व कप की स्टार खिलाड़ी संजू देवी कोरबा जिले के ग्राम केराकछार की निवासी हैं। उन्हें महिला कबड्डी विश्व कप में मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर का खिताब भी प्राप्त हुआ है। यह प्रतिष्ठित टूर्नामेंट 17 नवंबर से 24 नवंबर के मध्य बांग्लादेश की राजधानी ढाका में आयोजित किया गया था। मुलाकात के दौरान छत्तीसगढ़ युवा आयोग के अध्यक्ष  विश्व विजय सिंह तोमर, छत्तीसगढ़ कबड्डी संघ के प्रदेश अध्यक्ष  शशिकांत बघेल, कोषाध्यक्ष  सेवा राम साहू, पूर्व कोच  अनुज प्रताप सिंह, वर्तमान कोच  दिल कुमार राठौर सहित अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित थे।

जशपुर जिले में शिल्पकारों के लिए स्थापित होगा ग्लेज़िंग यूनिट: मुख्यमंत्री साय

कुम्हारों को 100 इलेक्ट्रॉनिक चाक का वितरण कुम्हार समाज के मंगल भवन के विस्तार के लिए 25 लाख रुपए की घोषणा  विष्णु महायज्ञ चक्र पूजा कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज जशपुर जिले के ग्राम नारायणपुर में कुम्हार समाज द्वारा आयोजित श्री विष्णु महायज्ञ एवं चक्र पूजा कार्यक्रम में शामिल हुए और पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। उन्होंने इस अवसर पर ग्राम गोरिया में माटी कला बोर्ड के माध्यम से कुम्हारों के लिए ग्लेज़िंग यूनिट स्थापित करने तथा कुम्हार समाज के मंगल भवन के विस्तार के लिए 25 लाख रुपए की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में सरगुजा संभाग के 100 कुम्हारों को इलेक्ट्रॉनिक चाक का भी वितरण किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कुम्हार समाज द्वारा आयोजित श्री विष्णु महायज्ञ का यह पवित्र आयोजन हमारी सांस्कृतिक विरासत का जीवंत उदाहरण है। चक्र पूजा केवल मिट्टी के चाक की आराधना नहीं, बल्कि सृष्टि के निर्माण, परिश्रम, रचनात्मकता और मानव जीवन की निरंतरता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि कुम्हार समाज छत्तीसगढ़ी संस्कृति का अभिन्न अंग है। आप सभी मिट्टी की कला में सिद्धहस्त हैं। आपकी रचनात्मक मेहनत हमारे तीज-त्योहारों और धार्मिक अनुष्ठानों को जीवंत और पूर्णता प्रदान करती है। हमारी सरकार आपकी इस अनमोल विरासत के संरक्षण, संवर्धन और सशक्तिकरण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ माटी कला बोर्ड के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक चाक (इलेक्ट्रिक पॉटर व्हील) का वितरण किया जा रहा है, जिससे मेहनत कम होगी, उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और उत्पादों को बेहतर फिनिशिंग मिलेगी। इससे बाजार में ऊँचा मूल्य मिलेगा और वर्षभर स्थिर आमदनी सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि कारीगरों के प्रशिक्षण के लिए नई डिजाइन, आधुनिक तकनीक और उद्यमिता से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किए जा रहे हैं। हमारी सरकार कुम्हारों को वित्तीय सहायता भी प्रदान कर रही है, जिससे आप नए उपकरण खरीदकर अपने व्यवसाय का विस्तार कर सकें। मार्केटिंग के लिए मेलों, प्रदर्शनियों और ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म्स का उपयोग बढ़ाया जा रहा है, जिससे आपकी कला पूरे देश में ही नहीं, बल्कि विदेशों तक पहुँच सके। उन्होंने छत्तीसगढ़ की माटी कला को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने की अपील की। कार्यक्रम में वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, विधायक गोमती साय और  रायमुनी भगत, पद्मश्री जागेश्वर यादव, माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष शंभूराम चक्रवर्ती, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका अध्यक्ष जशपुर अरविंद भगत, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका जशपुर उपाध्यक्ष  यश प्रताप सिंह जूदेव,  कृष्ण कुमार राय, विजय आदित्य प्रताप सिंह जूदेव सहित अनेक जनप्रतिनिधि, सामाजिक बंधु और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे।

महिला कबड्डी विश्व कप विजेता संजू देवी को CM साय की बधाई

रायपुर, महिला कबड्डी विश्व कप की स्टार खिलाड़ी छत्तीसगढ़ निवासी संजू देवी ने विगत दिवस मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित उनके निवास कार्यालय में सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्व कप में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर छत्तीसगढ़ और देश का नाम रोशन करने पर संजू देवी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि “आपने महिला सशक्तिकरण की एक नई मिसाल पेश की है। आपको देखकर प्रदेश की बेटियाँ खेल जगत में और अधिक उत्साह के साथ आगे बढ़ेंगी। यह उपलब्धि निस्संदेह आने वाली पीढ़ियों की खेल प्रतिभा को निखारने में प्रेरक साबित होगी।”मुलाकात के दौरान संजू देवी ने भी अपनी जीवन यात्रा, संघर्ष, और खेल से जुड़े अनुभव मुख्यमंत्री श्री साय के साथ साझा किए। उल्लेखनीय है कि महिला कबड्डी विश्व कप की स्टार खिलाड़ी संजू देवी कोरबा जिले के ग्राम केराकछार की निवासी हैं। उन्हें महिला कबड्डी विश्व कप में मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर का खिताब भी प्राप्त हुआ है। यह प्रतिष्ठित टूर्नामेंट 17 नवंबर से 24 नवंबर के मध्य बांग्लादेश की राजधानी ढाका में आयोजित किया गया था। मुलाकात के दौरान छत्तीसगढ़ युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर, छत्तीसगढ़ कबड्डी संघ के प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत बघेल, कोषाध्यक्ष सेवा राम साहू, पूर्व कोच अनुज प्रताप सिंह, वर्तमान कोच दिल कुमार राठौर सहित अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित थे।

युवक-युवती सम्मेलन में मुख्यमंत्री साय ने किया पुस्तकों का विमोचन, गोंड समाज को आर्थिक सहायता भी दी

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के टिकरापारा स्थित गोंडवाना भवन में आयोजित गोंड युवक-युवती परिचय सम्मेलन में शामिल हुए। मुख्यमंत्री का पारंपरिक जनजातीय रीति-रिवाजों के अनुसार स्वागत किया गया और उन्होंने भगवान बूढ़ादेव का पूजन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने गोंड समाज को सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए 05 लाख रुपये की सहयोग राशि प्रदान करने की घोषणा की। कार्यक्रम में आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधीय पादप बोर्ड के अध्यक्ष श्री विकास मरकाम द्वारा लिखित दो पुस्तकों का विमोचन भी किया गया। आदिवासी ऐतिहासिक निरंतरता से वर्तमान चुनौतियों तक विरासत का सम्मान : वैश्विक दृष्टिकोण पर सवाल मुख्यमंत्री साय ने कहा कि गोंड समाज का इतिहास अत्यंत समृद्ध और गौरवशाली रहा है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनजातीय समाज के हितों के प्रति संवेदनशील हैं और केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं के माध्यम से जनजातीय समुदाय के सर्वांगीण विकास के लिए व्यापक कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि सरकार जनजातीय नायकों के गौरवशाली इतिहास को सम्मान देने के लिए प्रतिबद्ध है और नागरिकों से नया रायपुर स्थित जनजातीय संग्रहालय का भ्रमण करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवक-युवती परिचय सम्मेलन समाज के लोगों को एक-दूसरे को समझने और सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है। इस अवसर पर विकास मरकाम ने गोंड समाज के गौरवशाली इतिहास, परंपराओं और नवाचारों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि डबल-इंजन की सरकार में जनजातीय समुदाय के हितों, विकास और उत्थान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ गोंड समाज कल्याण समिति के अध्यक्ष श्री जग्गू सिंह, उपाध्यक्ष श्री किशोर ध्रुव, श्री सेवाराम ध्रुव, श्री हरि सिंह ठाकुर सहित समाज के अनेक सदस्य उपस्थित रहे। 

मुख्यमंत्री गोंड युवक-युवती परिचय सम्मेलन में हुए शामिल

आदिवासी ऐतिहासिक निरंतरता से वर्तमान चुनौतियों तक तथा विरासत का सम्मान : वैश्विक दृष्टिकोण पर सवाल” पुस्तकों का विमोचन रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के टिकरापारा स्थित गोंडवाना भवन में छत्तीसगढ़ गोंड समाज कल्याण समिति द्वारा आयोजित गोंड युवक-युवती परिचय सम्मेलन में शामिल हुए। मुख्यमंत्री का पारंपरिक जनजातीय रीति-रिवाजों के अनुसार स्वागत किया गया तथा उन्होंने भगवान बूढ़ादेव का पूजन कर विधि-विधान से कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने गोंड समाज को सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए 05 लाख रुपये की सहयोग राशि प्रदान करने की घोषणा की। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधीय पादप बोर्ड के अध्यक्ष श्री विकास मरकाम द्वारा लिखित दो महत्वपूर्ण पुस्तकों—“आदिवासी ऐतिहासिक निरंतरता से वर्तमान चुनौतियों तक” तथा “विरासत का सम्मान : वैश्विक दृष्टिकोण पर सवाल” का विमोचन किया।मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि गोंड समाज का इतिहास अत्यंत समृद्ध और गौरवशाली रहा है। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जनजातीय समाज के हितों के प्रति बेहद संवेदनशील हैं। देश के सर्वोच्च पद पर जनजातीय समाज की गौरवपूर्ण उपस्थिति इस सम्मान का प्रत्यक्ष प्रतीक है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पीएम जनमन और प्रधानमंत्री धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना के माध्यम से जनजातीय समुदाय के सर्वांगीण विकास के लिए व्यापक कार्य किए जा रहे हैं। विशेष पिछड़ी जनजातियों के उत्थान हेतु भी सरकार ने कई विशेष पहल प्रारंभ की हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय नायकों के गौरवशाली इतिहास को सम्मान देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने उपस्थित लोगों से नया रायपुर में स्थापित जनजातीय संग्रहालय का भ्रमण करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जनजातीय वीरों ने सदैव अपनी माटी और संस्कृति की रक्षा की है, और इस गौरवमयी परंपरा की सुंदर झलक आपको संग्रहालय में देखने को मिलेगी। श्री साय ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर मनाया जाने वाला जनजातीय गौरव दिवस आदिवासी समाज की विरासत को सम्मान देने का एक सशक्त माध्यम है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को आपस में जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। इससे भावी पीढ़ी अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक जड़ों से परिचित होती है। युवक-युवती परिचय सम्मेलन समुदाय के लोगों को एक-दूसरे को समझने, जानने और रिश्तों के निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए आयोजकों को शुभकामनाएँ भी दीं। इस अवसर पर आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधीय पादप बोर्ड के अध्यक्ष श्री विकास मरकाम ने गोंड समाज के गौरवशाली इतिहास पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि गोंड समाज का इतिहास समृद्ध परंपराओं और वीरता की गाथाओं से भरा हुआ है। उन्होंने बताया कि ऐतिहासिक कालखंडों में गोंड राजाओं ने शासन, प्रबंधन और सामाजिक संरचना को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, जिनका उल्लेख विभिन्न ऐतिहासिक दस्तावेजों में मिलता है। श्री मरकाम ने कहा कि डबल-इंजन की सरकार में जनजातीय समुदाय के हितों, विकास और उत्थान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ आज बड़े पैमाने पर जनजातीय समाज तक पहुँच रहा है। उन्होंने समाज को एकजुट होकर प्रगति की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया तथा गोंड समाज द्वारा संचालित विभिन्न गतिविधियों, सामुदायिक प्रयासों एवं नवाचारों की जानकारी देते हुए कहा कि सामूहिक प्रयास ही समाज को सशक्त बनाते हैं। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ गोंड समाज कल्याण समिति के अध्यक्ष श्री जग्गू सिंह, उपाध्यक्ष श्री किशोर ध्रुव, श्री सेवाराम ध्रुव, श्री हरि सिंह ठाकुर सहित समाज के अनेक सदस्य उपस्थित थे।

भ्रष्टाचार पर ACB-EOW का शिकंजा, मुख्यमंत्री साय ने कहा— दोषियों को किसी हाल में नहीं छोड़ा जाएगा

रायपुर छत्तीसगढ़ में रविवार सुबह एसीबी-ईओडब्ल्यू की टीम ने रायपुर, बिलासपुर सहित कई जिलों में एक साथ छापेमारी की। आबकारी और डीएमएफ घोटाले से जुड़े लगभग 18 ठिकानों पर दबिश दी गई है, जहां अधिकारी दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ACB-EOW की इस कार्रवाई पर बयान देते हुए कहा कि हमारी सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। भ्रष्टाचार की शिकायतों पर एजेंसियां जांच कर रही हैं और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई भी होगी। जांच एजेंसी अपना काम कर रही है – अरुण साव उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि दोनों मामलों में लंबे समय से इन्वेस्टिगेशन चल रही है। दोनों ही मामलों की जांच पहले से ही की जा रही है। जांच के आधार पर यह कार्रवाई हो रही है, जांच एजेंसी अपना काम कर रही है। बता दें कि ACB–EOW की टीम ने सुबह से ही कई जिलों में छापा मारा। आबकारी और डीएमएफ घोटाले से जुड़े ठिकानों में रायपुर, बिलासपुर, अंबिकापुर, कोंडागांव समेत विभिन्न जिले शामिल हैं। कहां-कहां हुई ACB-EOW की छापेमार कार्रवाई रायपुर – रामा ग्रीन कॉलोनी में पूर्व आबकारी आयुक्त निरंजन दास और अमलीडीह स्थित ला विस्टा कॉलोनी में कारोबारी हरपाल अरोरा के ठिकानों पर। दुर्ग –  रिटायर्ड आबाकरी अधिकारी निरंजन दास के बेटे डॉ. अभिषेक दास के घर। बिलासपुर – शराब घोटाले से जुड़े अनिल टुटेजा के रिश्तेदार अशोक टुटेजा के घर। कोंडागांव – वर्ष 2019-20 में डीएमफ सप्लाई में शामिल रहे हैं कोणार्क जैन के घर। जगदलपुर – निरंजन दास के भाई चितरंजन दास के मैत्री संघ स्थित आवास। अंबिकापुर – पर्राडांड निवासी डॉक्टर तनवीर अहमद और सत्ती पारा निवासी अमित अग्रवाल के घर। बलरामपुर – कारोबारी मनोज अग्रवाल के घर।

प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया के नेतृत्व में श्रम सुधारों का ऐतिहासिक क्रियान्वयन : मुख्यमंत्री साय

रायपुर  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज देश में चार श्रम संहिताओं के ऐतिहासिक क्रियान्वयन पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया जी के दूरदर्शी नेतृत्व की सराहना की है।  मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रम सुधारों का यह महत्वपूर्ण निर्णय देश के 40 करोड़ से अधिक श्रमिकों के अधिकार, सुरक्षा, सामाजिक सम्मान और आर्थिक सशक्तिकरण की एक अभूतपूर्व गारंटी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज का दिन भारत के श्रम क्षेत्र के इतिहास में एक मील का पत्थर है। चारों श्रम संहिताओं के लागू होने से न्यूनतम वेतन का अधिकार, महिलाओं को समान वेतन का प्रावधान, फिक्स्ड टर्म कर्मचारियों को ग्रेच्युटी, प्रत्येक श्रमिक के लिए सामाजिक सुरक्षा, मुफ्त स्वास्थ्य जांच की सुविधा और ओवरटाइम पर डबल वेतन जैसी व्यवस्थाएँ पूरे देश में सुनिश्चित होंगी। उन्होंने कहा कि इन प्रावधानों से न केवल श्रमिक वर्ग को लाभ मिलेगा, बल्कि औद्योगिक वातावरण अधिक पारदर्शी, संतुलित और श्रमिक-हितैषी होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने जिस समावेशी और आत्मनिर्भर भारत का संकल्प लिया है, श्रम संहिताओं का लागू होना उस दिशा में एक बड़ा परिवर्तनकारी कदम है। उन्होंने कहा कि भारत की कार्यशील जनसंख्या राष्ट्र की उत्पादन शक्ति और आर्थिक समृद्धि की आधारशिला है, और उनके अधिकारों का संरक्षण किसी भी सशक्त राष्ट्र की प्राथमिकता है। यह संहिताएँ देश की श्रम शक्ति को अधिक सुरक्षित, सम्मानजनक और सशक्त वातावरण प्रदान करेंगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने  कहा कि श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा, उनके कल्याण और सामाजिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने वाले इस निर्णय के लिए वह प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया जी के प्रति आभार प्रकट करते हैं। उन्होंने कहा कि यह सुधार नई अर्थव्यवस्था, बेहतर औद्योगिक संबंधों और मजबूत श्रम बाजार का आधार साबित होगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि इन श्रम संहिताओं के प्रभावी क्रियान्वयन से देशभर में रोजगार, उत्पादन, निवेश और औद्योगिक विकास की गति और अधिक मजबूत होगी, जिससे भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता भी बढ़ेगी।

प्रदेशवासियों के सपनों को साकार करने के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कर रही है कार्य: मुख्यमंत्री साय

मुख्यमंत्री "छत्तीसगढ़ 25 साल बेमिसाल” कार्यक्रम में हुए शामिल रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर में आयोजित “छत्तीसगढ़ 25 साल बेमिसाल” कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने राज्य की 25 वर्ष की स्वर्णिम विकास यात्रा पर विस्तार से चर्चा की और कहा कि छत्तीसगढ़ की प्रगति में प्रत्येक नागरिक की अहम भूमिका रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशवासियों के सपनों को साकार करने के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि डबल इंजन की सरकार ने बस्तर सहित पूरे प्रदेश में विकास में बाधक नक्सलवाद के उन्मूलन के लिए निर्णायक कदम उठाए हैं। सुरक्षा कैंप स्थापित किए जाने से सुदूर और दुर्गम क्षेत्रों में भी विकास की पहुंच सुनिश्चित हुई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में किए जा रहे प्रयासों से नक्सलवाद अब समाप्ति की ओर है और बस्तर अपने मूल स्वरूप में भयमुक्त होकर प्रदेश के विकास में बेहतर भागीदारी देगा। श्री साय ने कहा कि बस्तर ओलम्पिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों के माध्यम से बस्तर की संस्कृति और प्रतिभा को दुनिया ने देखा है। बस्तर में शांति, समृद्धि और खुशहाली के नए युग का आरंभ हो चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार के प्रति हमारी सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति पूरी दृढ़ता से लागू है। पूर्व में जो अनियमितताएं और भ्रष्टाचार हुए, उस पर कड़ा प्रहार किया गया है, जिसका परिणाम भी सभी देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व वाली सरकार ने भूखमरी जैसे अभिशाप को दूर करने के लिए प्रभावी कदम उठाए थे, जिसके तहत गरीब परिवारों को अनाज उपलब्ध कराया गया। साथ ही, जरूरतमंद परिवारों को आज आवास उपलब्ध कराए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी के सुशासन के सपनों को साकार करने की दिशा में सरकार निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की लगभग सभी गारंटियों को पूरा कर दिया गया है। तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए महत्वपूर्ण ‘चरण पादुका योजना’ को भी पुनः प्रारंभ किया गया है। मुख्यमंत्री ने नई उद्योग नीति के आकर्षक प्रावधानों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में निवेश लगातार बढ़ रहा है। अब तक राज्य सरकार को पौने आठ लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं, जिससे आने वाले वर्षों में रोजगार और औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विकास में योगदान देने वाले विभिन्न संस्थानों और व्यक्तियों को सम्मानित भी किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री पंकज झा, मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी श्री अलोक सिंह सहित बड़ी संख्या में प्रबुद्धजन और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।