samacharsecretary.com

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भारत की प्रथम महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले की जयंती पर किया नमन

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भारत की प्रथम महिला शिक्षिका महान समाज सुधारक एवं नारी सशक्तिकरण की अग्रदूत स्वर्गीय सावित्रीबाई फुले की जयंती (3 जनवरी) पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सावित्रीबाई फुले ने उस दौर में महिला शिक्षा की अलख जगाई, जब समाज में अनेक कुरीतियाँ और बंधन व्याप्त थे। उन्होंने न केवल महिलाओं को शिक्षित होने के लिए प्रेरित किया, बल्कि स्वयं आगे बढ़कर उन्हें शिक्षा का अधिकार दिलाने के लिए आजीवन संघर्ष किया। छुआछूत, लैंगिक भेदभाव और सामाजिक असमानताओं के विरुद्ध उनका संघर्ष साहस, संकल्प और सामाजिक चेतना का अद्वितीय प्रतीक है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि स्त्री अधिकारों, समानता और शिक्षा के क्षेत्र में सावित्रीबाई फुले का योगदान अमूल्य तथा अविस्मरणीय है। उनके विचार और कर्म आज भी समाज को प्रगतिशील दिशा देने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे सावित्रीबाई फुले के जीवन से प्रेरणा लेते हुए शिक्षा, समानता और सामाजिक न्याय के मूल्यों को अपने जीवन में आत्मसात करें।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय झारखंड के मांझाटोली में अंतरराज्यीय जन सांस्कृतिक समागम -कार्तिक जतरा में हुए शामिल

रायपुर  भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने  गुमला (झारखंड) में आयोजित अंतर्राज्यीय जन-सांस्कृतिक समागम ‘कार्तिक जतरा’ कार्यक्रम में जशपुर जिले की स्व-सहायता समूहों से जुड़ी जनजातीय महिलाओं के कार्यों, कौशल और आत्मनिर्भरता की प्रशंसा की। उन्होंने विशेष रूप से ‘जशक्राफ्ट’ से जुड़ी बहनों के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके द्वारा तैयार किए जा रहे आभूषण एवं पर्यावरण-अनुकूल उत्पाद महिला सशक्तिकरण के सशक्त उदाहरण हैं। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने जशपुर वनमंडल अंतर्गत वन प्रबंधन समिति शब्दमुंडा, ग्राम कोटानपानी के स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों को जनजातीय सृजनशीलता, आत्मनिर्भरता और सांस्कृतिक संरक्षण का प्रेरक प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रयास न केवल आजीविका के साधन बढ़ाते हैं, बल्कि परंपरागत कला और हस्तशिल्प को नई पहचान भी दिलाते हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने  कहा कि जशपुर की जनजातीय मातृशक्ति, विशेषकर ‘जशक्राफ्ट’ से जुड़ी बहनों के कौशल और स्वावलंबन की प्रशंसा पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम कोटानपानी की स्व-सहायता समूह की बहनों द्वारा तैयार आभूषण एवं पर्यावरण-अनुकूल उत्पाद हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और महिलाओं की मेहनत व सृजनात्मकता के जीवंत प्रतीक हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति का यह स्नेहपूर्ण आशीर्वाद और प्रोत्साहन जनजातीय मातृशक्ति के आत्मविश्वास, आत्मनिर्भर भारत के संकल्प तथा “वोकल फॉर लोकल” की भावना को और अधिक सशक्त करेगा। उन्होंने जशपुर की समस्त जनजातीय बहनों की ओर से राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के दौरान जनजातीय हस्तशिल्प, पारंपरिक लोककला तथा स्व-सहायता समूहों के उत्पादों की प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र रही। छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधि दल ने जशपुर जिले की विशिष्ट शिल्प परंपरा और स्थानीय उत्पादों का प्रदर्शन कर जनजातीय सशक्तिकरण का सशक्त संदेश दिया। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि युवाओं और आने वाली पीढ़ियों को जनजातीय समुदायों की परंपराओं से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। अपनी जनजातीय विरासत और पहचान को सुरक्षित रखते हुए हमारे युवाओं को आधुनिक विकास के मार्ग पर तेजी से आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनजातीय समुदाय के सभी सदस्य अपनी धरोहर को संजोए रखते हुए प्रगति के पथ पर निरंतर आगे बढ़ते रहेंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह अत्यंत सौभाग्य की बात है कि  मांझाटोली (झारखंड) में अंतरराज्यीय जन सांस्कृतिक समागम – कार्तिक यात्रा  का आयोजन हुआ है। यह आयोजन न केवल सांस्कृतिक विरासत का सम्मान है, बल्कि जनजातीय समाज को जोड़ने वाला सेतु भी है। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में शामिल होना उनके लिए गर्व और आस्था दोनों का विषय है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संपूर्ण देश भगवान बिरसा मुंडा की जयंती 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाता है।भगवान बिरसा मुंडा केवल एक महान स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं, बल्कि जंगल, जल और जमीन की रक्षा के प्रतीक हैं। उनकी प्रेरणा ने आदिवासी समाज में आत्मगौरव की भावना को सशक्त किया है।  मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पंकजराज साहेब कार्तिक उरांव जैसे जननायकों ने भी शिक्षा, सामाजिक एकता और जनजातीय पहचान के संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि एक समय था जब बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद ने विकास के रास्ते रोक रखे थे। सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं वहां तक नहीं पहुंच पाती थीं लेकिन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह के मजबूत नेतृत्व और स्पष्ट नीति के कारण अब स्थितियाँ बदल रही हैं। बस्तर में तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं, सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ हुई है और शासन व्यवस्था गांव-गांव तक पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद अब अपनी अंतिम सांसें गिन रहा है। 400 से अधिक गांव नक्सली प्रभाव से मुक्त हो चुके हैं और लोगों के जीवन में नई उम्मीद जगी है। आज उन इलाकों में सड़क, बिजली, पानी, राशन, चिकित्सा सुविधाएं और शिक्षा के अवसर उपलब्ध हो रहे हैं। बस्तर के लोग लंबे समय से शांति और विकास चाहते थे, और अब उनका यह सपना धरातल पर उतरता दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में भी राज्य सरकार लगातार प्रयासरत है, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह भी हर्ष का विषय है कि पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में ही झारखंड और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों का गठन संभव हो पाया। उन्होंने कहा कि आज इन राज्यों की जनता अपने अलग पहचान और तेज़ी से प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि तीनों राज्यों का यह सांस्कृतिक संगम आगे भी शांति, प्रगति और समृद्धि का संदेश देता रहेगा तथा नक्सलवाद पर निर्णायक विजय का अध्याय आने वाले समय में पूरा होगा।

जनप्रतिनिधियों संग मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम की 129वीं कड़ी का श्रवण

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास में जनप्रतिनिधियों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 129वीं कड़ी का श्रवण किया। इस अवसर पर सांसद संतोष पाण्डेय, विधायक प्रबोध मिंज एवं विधायक पुरंदर मिश्रा भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वर्ष के अंतिम ‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वदेशी अपनाने, देश में निर्मित उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा देने तथा बिना चिकित्सकीय परामर्श के एंटीबायोटिक दवाओं के सेवन से बचने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर राष्ट्र को मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि ‘मन की बात’ के माध्यम से प्रधानमंत्री निरंतर जनभागीदारी, नवाचार, आत्मनिर्भरता, स्वास्थ्य जागरूकता और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को सशक्त बनाते हैं। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2025 को भारत के लिए उपलब्धियों से भरा गौरवशाली वर्ष बताया। उन्होंने देश की सुरक्षा, खेल, विज्ञान एवं अंतरिक्ष अनुसंधान, पर्यावरण संरक्षण तथा समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के क्षेत्र में हुई ऐतिहासिक सफलताओं का उल्लेख किया। उन्होंने खिलाड़ियों और पैरा-एथलीटों के उत्कृष्ट प्रदर्शन तथा युवाओं के नवाचारों और ‘स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन’ जैसे मंचों की सकारात्मक भूमिका को भी रेखांकित किया। मन की बात में प्रधानमंत्री ने मणिपुर के युवा मोइरांगथेम सेठ के सौर ऊर्जा से जुड़े प्रयासों की सराहना करते हुए ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ का उल्लेख किया। साथ ही ओडिशा की स्वतंत्रता सेनानी पार्वती गिरि के योगदान को नमन करते हुए उन्होंने समाज सेवा और त्याग के मूल्यों को अपनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में आईसीएमआर की रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने एंटीबायोटिक दवाओं के अनियंत्रित उपयोग पर चिंता व्यक्त की और नागरिकों से चिकित्सक की सलाह के अनुसार ही दवा लेने की अपील की। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ के तहत स्वास्थ्यप्रद जीवनशैली अपनाने का संदेश देते हुए सभी देशवासियों को वर्ष 2026 के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ‘मन की बात’ देश को जोड़ने वाला और सकारात्मक ऊर्जा देने वाला कार्यक्रम है, जिसकी प्रत्येक कड़ी प्रेरणा, जागरूकता और जनभागीदारी की नई भावना का संचार करती है और जिसका सभी नागरिकों को बेसब्री से इंतजार रहता है।

गांव-गांव को बारहमासी सड़कों से जोड़ने का ऐतिहासिक कार्य अटलजी ने किया : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

  जन्म–शताब्दी वर्ष में सभी नगरीय निकायों में अटल परिसरों का निर्माण : अटलजी की स्मृतियों को चिरस्थायी बनाने का संकल्प रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती के अवसर पर राज्य के 115 नगरीय निकायों में नवनिर्मित अटल परिसरों का लोकार्पण किया। उन्होंने राजधानी रायपुर में अटल एक्सप्रेस-वे के फुंडहर चौक पर स्थापित अटलजी की प्रतिमा का अनावरण तथा अटल परिसर का लोकार्पण करते हुए राज्यभर में आयोजित कार्यक्रमों से वर्चुअल रूप से जुड़कर अन्य 114 नगरीय निकायों में निर्मित अटल परिसरों का भी लोकार्पण किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह तथा तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरू खुशवंत साहेब कार्यक्रम में उपस्थित थे। मुख्यमंत्री साय ने फुंडहर खेल मैदान में आयोजित कार्यक्रम में रायपुर नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत 186 करोड़ 98 लाख रुपये की लागत से स्वीकृत 23 कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इनमें 185 करोड़ 49 लाख रुपये के 17 कार्यों का भूमिपूजन तथा एक करोड़ 49 लाख रुपये के 6 कार्यों का लोकार्पण शामिल है। इस अवसर पर उन्होंने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा प्रकाशित अटल परिसरों पर आधारित कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के पाँच हितग्राहियों को भवन निर्माण अनुज्ञा-पत्र एवं पीएम स्वनिधि योजना के तहत पाँच महिला हितग्राहियों को 50-50 हजार रुपये के चेक वितरण किए गए। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने संबोधन में अटलजी की 101वीं जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उपस्थित नागरिकों को सुशासन दिवस की बधाई दी। उन्होंने कहा कि तीन करोड़ छत्तीसगढ़वासी आज अटलजी को कृतज्ञतापूर्वक नमन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अटलजी तीन बार देश के प्रधानमंत्री रहे, वे अजातशत्रु, प्रखर वक्ता, संवेदनशील कवि एवं श्रेष्ठ साहित्यकार थे। विरोधी दल भी उनके भाषणों को सुनने के लिए उत्सुक रहते थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से अटलजी ने गांव-गांव तक पक्की सड़कों का जाल बिछाया और बारहमासी सड़कों से ग्रामीण भारत को जोड़ा, जिससे छह लाख से अधिक गांवों में विकास के द्वार खुले। किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से किसानों को सुलभ कृषि ऋण उपलब्ध कराया गया, जिसका लाभ आज करोड़ों किसान उठा रहे हैं। अटल जी ने आदिम जाति विकास मंत्रालय का गठन कर उन्होंने आदिवासी कल्याण की योजनाओं को नई दिशा दी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज प्रदेश के 115 नगरीय निकायों में अटल परिसरों का लोकार्पण किया गया है। इससे पूर्व 60 स्थानों पर परिसरों का लोकार्पण हो चुका है। अटलजी के जन्म-शताब्दी वर्ष में सभी नगरीय निकायों में अटल परिसर निर्मित किए जा रहे हैं, ताकि छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता अटलजी की स्मृतियाँ चिरस्थायी बनी रहें। उन्होंने कहा कि राज्य गठन के पश्चात छत्तीसगढ़ के विकास को नई गति मिली है। अटलजी की दूरदृष्टि और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दृढ़ संकल्प के साथ छत्तीसगढ़ विकसित राज्य बनने की दिशा में तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत रायपुर में 1023 आवासों की स्वीकृति दी गई है। विधायक किरण सिंह देव ने कहा कि अटलजी ने अपना वादा निभाते हुए छत्तीसगढ़ को अलग राज्य का स्वरूप प्रदान किया। आज डबल-इंजन की सरकार सभी वर्गों के विकास के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि ‘गुड गवर्नेंस’ की अवधारणा को देश ने अटलजी के नेतृत्व में अनुभव किया। विधायक मोतीलाल साहू ने कहा कि प्राकृतिक संपदा से परिपूर्ण होते हुए भी आर्थिक रूप से पिछड़े इस क्षेत्र की आवश्यकता को अटलजी ने पहचाना और नया राज्य देकर विकास का मार्ग प्रशस्त किया। उन्होंने कहा कि बीते दो वर्षों में रायपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में लगभग 500 करोड़ रुपये के कार्य स्वीकृत किए गए हैं। महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में रायपुर शहर का सर्वांगीण विकास हो रहा है और विकास के कार्य अंतिम पंक्ति तक पहुँच रहे हैं। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस ने अपने स्वागत उद्बोधन में अटल परिसरों के निर्माण तथा आज लोकार्पित एवं भूमिपूजित कार्यों का विवरण प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायकगण राजेश मूणत, सुनील सोनी, पुरंदर मिश्रा, इंद्रकुमार साहू, अनुज शर्मा, नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष नंदकुमार साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, निगम आयुक्त विश्वदीप, राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के सीईओ शशांक पाण्डेय सहित नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग एवं रायपुर नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारी एवं जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।  

अटलजी का जीवन राष्ट्रसेवा, सुशासन और लोकहित के प्रति समर्पण का अद्वितीय उदाहरण : मुख्यमंत्री

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनकी जयंती के अवसर पर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अटलजी का संपूर्ण जीवन राष्ट्रहित के लिए समर्पित रहा। लोकतांत्रिक मूल्यों के संरक्षण, सुशासन की स्थापना और जनकल्याण के व्यापक दृष्टिकोण के कारण वे देशवासियों के हृदय में सदैव अमर रहेंगे। वे केवल महान राजनेता ही नहीं, बल्कि संवेदनशील कवि, दूरदर्शी राजनेता और करुणा से भरे जननायक थे, जिन्होंने राजनीति को जनसेवा का सशक्त माध्यम बनाया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अटलजी के नेतृत्व में देश ने विकास, पारदर्शिता और सुशासन की नई दिशा प्राप्त की।  उनका समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुँचाने का संकल्प आज भी हमारी शासन-नीति का केंद्रीय आधार है। यही भावना छत्तीसगढ़ सरकार के प्रत्येक कार्यक्रम, योजना और निर्णय का मार्गदर्शन करती है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन को सशक्त बनाने के लिए प्रशासनिक सुधार, पारदर्शी व्यवस्था, समयबद्ध सेवाओं की आपूर्ति और जनविश्वास की पुनर्स्थापना के प्रयास लगातार जारी हैं। यह यात्रा अटलजी के विचारों, आदर्शों और प्रेरणा से ऊर्जा प्राप्त करती है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे अटल बिहारी वाजपेयी के आदर्शों—ईमानदारी, संवेदनशीलता, संवाद और समावेशी विकास—को अपने जीवन और कार्य में अपनाएँ तथा विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदार बनें। इस अवसर पर विधायक श्री किरण सिंह देव उपस्थित थे।

विनोद कुमार शुक्ल को नम आंखों से श्रद्धांजलि, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पार्थिव शरीर को दिया कंधा

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के शैलेन्द्र नगर स्थित वरिष्ठ साहित्यकार एवं ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित स्वर्गीय विनोद कुमार शुक्ल के निवास पहुंचे और उनके अंतिम दर्शन कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. मुख्यमंत्री ने उनके पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित कर नमन किया तथा ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की. इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने स्वर्गीय शुक्ल के पार्थिव शरीर को कंधा देकर उन्हें भावपूर्ण अंतिम विदाई दी. उन्होंने शोक संतप्त परिजनों से भेंट कर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं तथा असंख्य पाठकों और साहित्य-प्रेमियों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की. मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की माटी से उपजे महान साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल के निधन से हिंदी साहित्य जगत को अपूरणीय क्षति पहुँची है. उनकी रचनाएँ संवेदनशीलता, मानवीय सरोकारों और सरल किंतु गहन अभिव्यक्ति की अनुपम मिसाल हैं. विनोद कुमार शुक्ल जी के निवास पहुँचकर उनके अंतिम दर्शन किया। उन्हें सम्पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गयी। यह एक ऐसे सृजनशील व्यक्तित्व की अंतिम यात्रा थी, जिन्होंने साहित्य जगत को ऐसी अनमोल कृतियाँ दीं, जो साहित्य संसार की थाती है। उन्होंने कहा कि शुक्ल की लेखनी ने हिंदी साहित्य को नई ऊँचाइयाँ प्रदान की. उनका साहित्य न केवल पाठकों को गहराई से स्पर्श करता है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा और मार्गदर्शन का स्रोत बना रहेगा. साहित्य जगत में उनका अवदान सदैव स्मरणीय रहेगा. शुक्ल को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई. इस अवसर पर कवि डॉ. कुमार विश्वास, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार पंकज झा, मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी अलोक सिंह, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा, वरिष्ठ साहित्यकार, जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारी गण उपस्थित रहे.

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल के निधन पर व्यक्त की गहरी शोक-संवेदना

रायपुर  छत्तीसगढ़ के गौरव, वरिष्ठ एवं विख्यात साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल के निधन पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने गहरा शोक व्यक्त किया है।  मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्री विनोद कुमार शुक्ल का निधन हिंदी साहित्य और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक चेतना के लिए अपूरणीय क्षति है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नौकर की कमीज और दीवार में एक खिड़की रहती थी जैसी कालजयी कृतियों के माध्यम से विनोद कुमार शुक्ल ने साधारण जीवन को असाधारण गरिमा प्रदान की। उनकी लेखनी में मानवीय संवेदना, सादगी और जीवन की सूक्ष्म अनुभूतियाँ अत्यंत सहजता से अभिव्यक्त होती थीं, जिसने पाठकों की अनेक पीढ़ियों को गहराई से प्रभावित किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्री विनोद कुमार शुक्ल की रचनाएँ केवल साहित्य नहीं, बल्कि मानवीय मूल्यों और जीवन-दर्शन की सजीव अभिव्यक्ति हैं। उनकी संवेदनशील दृष्टि और मौलिक भाषा-शैली सदैव पाठकों को प्रेरणा देती रहेंगी और हिंदी साहित्य में उनका योगदान अमिट रहेगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने ईश्वर से प्रार्थना की कि वे इस दुःख की घड़ी में सभी को संबल प्रदान करें तथा पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें।

बलिदान और कर्तव्य के गौरवशाली इतिहास से नई पीढ़ी को परिचित कराना हमारा नैतिक दायित्व : मुख्यमंत्री

साहसिक गतिविधियों और भव्य झांकियों के साथ 5 हजार से अधिक स्कूली छात्र-छात्राओं ने निकाली ऐतिहासिक रैली रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग द्वारा  आयोजित वीर बाल रैली में शामिल हुए। मुख्यमंत्री साय ने राजधानी रायपुर के मरीन ड्राइव से रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस भव्य रैली में लगभग 5,000 से अधिक स्कूली छात्र-छात्राओं, स्काउट-गाइड एवं एनसीसी कैडेट्स ने सहभागिता की। रैली में सिख परंपरा की वीरता को दर्शाती गतका जैसी साहसिक गतिविधियों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों एवं प्रेरणादायी झांकियों ने उपस्थित जनसमूह को गहरे भावनात्मक स्तर पर जोड़ा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस के रूप में हम दशम गुरु गुरु गोबिंद सिंह जी के साहिबजादों — बाबा जोरावर सिंह जी और बाबा फतेह सिंह जी — के अद्वितीय बलिदान को नमन करते हैं। उन्होंने कहा कि केवल 9 वर्ष और 7 वर्ष की अल्पायु में साहिबजादों ने जिस अदम्य साहस, आस्था और बलिदान का परिचय दिया, वह मानव इतिहास में अनुकरणीय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इतनी छोटी उम्र में भी साहिबजादे किसी दबाव के आगे नहीं झुके, अपनी आस्था से विचलित नहीं हुए और धर्म एवं सत्य की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। यह बलिदान केवल सिख समाज ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण मानवता के लिए प्रेरणास्रोत है। साय ने कहा कि सिख धर्म की यह गौरवशाली परंपरा हम सभी के लिए गर्व का विषय है। नई पीढ़ी को साहिबजादों के बलिदान और मूल्यों से परिचित कराना हमारा नैतिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2022 से वीर बाल दिवस को राष्ट्रीय स्तर पर मनाने की पहल अत्यंत सराहनीय है। इससे बच्चों और युवाओं में शौर्य, साहस और राष्ट्रप्रेम की भावना प्रबल हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हम साहिबजादों के जीवन को देखते हैं, तो हमें दशम गुरु गुरु गोबिंद सिंह जी द्वारा दिए गए संस्कारों और शिक्षाओं पर गर्व होता है। उन्होंने खालसा पंथ की स्थापना कर अन्याय और अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष का मार्ग दिखाया। उनकी प्रेरक पंक्तियाँ “सवा लाख से एक लड़ाऊँ, चिड़ियन ते मैं बाज लड़ाऊँ, तबै गुरु गोबिंद सिंह नाम कहलाऊँ।” आज भी हर भारतीय के भीतर साहस और संघर्ष की चेतना जागृत करती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पंक्तियाँ हमें सिखाती हैं कि साधन नहीं, साहस और संकल्प ही विजय का मार्ग प्रशस्त करते हैं। भारत की धरती धन्य है, जिसने ऐसे महान गुरुओं और साहिबजादों को जन्म दिया। उन्होंने इस ऐतिहासिक आयोजन के लिए छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग एवं शिक्षा विभाग को बधाई और शुभकामनाएँ दीं। कैबिनेट मंत्री खुशवंत साहेब ने कहा कि साहिबजादों का बलिदान हमें निर्भीकता, सत्यनिष्ठा और राष्ट्रप्रथम की भावना का मार्ग दिखाता है। उनका जीवन हर पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है। छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा ने साहिबजादों की शहादत के ऐतिहासिक प्रसंगों से उपस्थित जनसमूह को अवगत कराया। इस अवसर पर रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा, क्रेडा अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी, सीजीएमएससी अध्यक्ष दीपक म्हस्के, छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा सहित सिख समाज के वरिष्ठ प्रतिनिधि, समाजसेवी एवं विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।  

गुरु घासीदास बाबा ने समाज को समानता, सद्भाव और मानवता का दिया संदेश: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर, गुरु घासीदास बाबा ने समाज को समानता, सद्भाव और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। बाबा के विचार आज भी सामाजिक एकता, भाईचारे और समरसता को सुदृढ़ करते हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज मुंगेली जिले के खैरा-सेतगंगा धाम में आयोजित बाबा गुरु घासीदास जयंती समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने जैतखंभ में विधिवत पूजा-अर्चना कर पालो चढ़ाया तथा गुरुगद्दी एवं राम जानकी मंदिर में दर्शन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली और जनकल्याण की कामना की। मुख्यमंत्री श्री साय ने सेतगंगा धाम के समग्र विकास के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं करते हुए सामुदायिक भवन निर्माण हेतु 50 लाख रुपये, राम जानकी मंदिर पर्यटन क्षेत्र विकास के लिए 50 लाख रुपये तथा गुरु घासीदास जयंती कार्यक्रम आयोजन के लिए 10 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल, अनुसूचित जाति विकास मंत्री गुरु श्री खुशवंत साहेब, विधायक सर्वश्री पुन्नूलाल मोहले, धरमलाल कौशिक, सुशांत शुक्ला, डोमन लाल कोरसेवाड़ा तथा श्रीमती भावना बोहरा उपस्थित थीं। मुख्यमंत्री साय ने राज्य सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने एवं छत्तीसगढ़ के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर प्रदेशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सड़क, बिजली, सुरक्षा और विकास के कार्य तेज़ी से किए जा रहे हैं। गरीबों को प्रधानमंत्री आवास योजना सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ निरंतर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है और किसानों के धान का एक-एक दाना खरीदा जाएगा। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख से अधिक महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण के उद्देश्य से राशि प्रदान की जा रही है। प्रशासनिक पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ई-ऑफिस प्रणाली को बढ़ावा दिया जा रहा है तथा नक्सलवाद उन्मूलन की दिशा में भी ठोस और प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने सेतगंगा धाम के ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ निरंतर विकास की ओर अग्रसर है। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब एवं खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने भी गुरु घासीदास जयंती की शुभकामनाएं देते हुए समाज के हित में सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। विधायक पुन्नूलाल मोहले ने गुरु घासीदास बाबा के जीवन, विचारों और आदर्शों पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में सतनाम पंथ के अनुयायी उपस्थित थे।

जशपुर के लिए मुख्यमंत्री का तोहफा: 4 प्रमुख सड़कों के लिए 12.69 करोड़ की मंजूरी

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले के सर्वांगीण विकास को नई गति देने के लिए जिले की चार प्रमुख सड़कों के निर्माण के लिए कुल 12 करोड़ 69 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। इस निर्णय से ग्रामीण-शहरी संपर्क मजबूत होगा, आवागमन आसान बनेगा और क्षेत्र की आर्थिक प्रगति को बल मिलेगा। जशपुरवासियों ने मुख्यमंत्री के इस जनहितकारी फैसले पर उत्साह व्यक्त करते हुए श्री साय के प्रति गहरा आभार जताया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा स्वीकृत सड़क परियोजनाओं में 3 किमी लंबी कंडोरा से आराकोना पहुंच मार्ग के लिए 3 करोड़ 86 लाख रुपये, 3 किमी लंबी माडो से ढेंगनी पहुंच मार्ग के लिए 3 करोड़ 77 लाख रुपये, 1.9 किमी लंबी चराईडांड के मलेरिया बस्ती से एनएच-43 तक पहुंच मार्ग के लिए 2 करोड़ 20 लाख रुपये तथा 2.86 किमी लंबी बेहराखार अटल चौक से कुरूमढ़ोड़ा तक पहुंच मार्ग के लिए 3 करोड़ 76 लाख रुपये शामिल हैं। इन सड़कों के निर्माण से दूरस्थ ग्रामीण इलाकों में यातायात सुगम होगा, जिससे व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान हो जाएगी। दो वर्षों में 1000 करोड़ से अधिक की सड़क सौगात, ग्रामीण तस्वीर बदली उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने दो वर्ष के कार्यकाल में जशपुर जिले को सड़क निर्माण के लिए लगभग 1000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि आवंटित की है। इससे न केवल बुनियादी ढांचा मजबूत हुआ है, बल्कि ग्रामीण अंचलों की समग्र विकास की गति तेज हो गई है। राज्य शासन की इस विकासोन्मुखी नीति से जशपुर जैसे आदिवासी बहुल जिलों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हो रहा है, जो छत्तीसगढ़ सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस सौगात पर जशपुर के ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को धन्यवाद ज्ञापित किया है। लोगों का मानना है कि इन सड़कों से न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि क्षेत्र की पर्यटन क्षमता भी मजबूत होगी। छत्तीसगढ़ सरकार की यह पहल राज्य के हर कोने तक विकास पहुंचाने के संकल्प को साकार कर रही है। विष्णुदेव साय सरकार के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ बुनियादी विकास के नए मानक गढ़ रहा है, जिससे लाखों नागरिक लाभान्वित हो रहे हैं।