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मुख्यमंत्री की उपस्थिति में फसल बीमा व कृषक दुर्घटना योजना के लाभार्थियों को मिला मुआवज़ा

लखनऊ प्रदेश में कृषि विभाग द्वारा संचालित प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना एवं मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना योजना के संबंधित बीमा योजनाओं के लाभार्थी किसानों को सहायता राशि प्रदान किए जाने के लिए आज मा0 मुख्यमंत्री की गरिमामयी उपस्थिति में क्षतिपूर्ति वितरण समारोह का आयोजन लखनऊ में किया गया। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण जनपद बुलंदशहर में एनआईसी में किया गया जिसमें जनपद के लाभार्थी किसानों द्वारा प्रतिभाग किया गया। कार्यक्रम में मा0 मुख्यमंत्री द्वारा डीबीटी के माध्यम से योजना के लाभार्थी किसानों के खातों में धनराशि भेजी गई। प्रदेश में मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के 9270 लाभार्थियों को धनराशि 175.5 करोड़ सीधे खातों में हस्तान्तरित की गयी, जिसके अन्तर्गत जनपद बुलंदशहर में 41 लाभार्थियों के सापेक्ष 02 करोड़ रूपये की धनराशि खातों में हस्तान्तरित की गयी। एनआईसी में आयोजित कार्यक्रम में मा0 विधायक सिकंदराबाद लक्ष्मी राज सिंह, सीडीओ निशा ग्रेवाल द्वारा योजनाओं के लाभार्थी किसानों/परिजनों को संकेतिक चेक का वितरण किया गया। जनपद में 41 लाभार्थियों में से एक लाभार्थी नीरज सिंह ग्राम नौसाना तहसील सदर जनपद बुलंदशहर की पुत्री की आज 21 फरवरी 2026 को शादी है ।मृतक किसान की पत्नी नीरज सिंह के खाते में 05 लाख रुपए की धनराशि आज हस्तांतरित हुई । जिला प्रशासन की ओर से ग्राम नोसाना में लाभार्थी के घर पहुंचकर परिवारजनों को मा0 मुख्यमंत्री द्वारा आज दिए गए आर्थिक सहायता धनराशि के खाते में अंतरित होने के बारे में अवगत कराया गया ।शादी के दिन ही आर्थिक सहायता की धनराशि मिलने पर परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई, परिवार के सदस्यों के द्वारा मा0 मुख्यमंत्री का विशेष धन्यवाद देते हुए आभार व्यक्त किया गया। योजना का लाभ तत्परता से दिलाए जाने के लिए जिलाधिकारी महोदया का भी आभार जताया।  

पवित्र जैतखाम की पूजा-अर्चना के साथ मुख्यमंत्री ने शुरू की सतनाम सद्भाव पदयात्रा

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के मोवा स्थित सतनाम भवन परिसर से “विशाल सतनाम सद्भाव पदयात्रा” का शुभारंभ किया. उन्होंने धार्मिक विधि-विधान के साथ पदयात्रा को हरी झंडी दिखाकर पावन गिरौदपुरी धाम के लिए रवाना किया. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पवित्र जैतखाम की पूजा-अर्चना कर गुरु घासीदास बाबा का पुण्य स्मरण किया तथा प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की. मुख्यमंत्री साय ने पदयात्रा में शामिल श्रद्धालुओं और सामाजिक बंधुओं से आत्मीय संवाद करते हुए कहा कि गुरु घासीदास बाबा का “मनखे-मनखे एक समान” का संदेश संपूर्ण मानव समाज के लिए प्रेरणास्रोत है. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पदयात्रा समाज में सद्भावना, समरसता और भाईचारे को और सुदृढ़ करेगी. साय ने कहा कि राज्य सरकार समाज के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है तथा सामाजिक हितों को गति देने हेतु विशेष प्राधिकरण का गठन भी किया गया है. पदयात्रा के उपरांत विशाल मेले के आयोजन की जानकारी भी उन्होंने दी. कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि यह पदयात्रा सामाजिक समरसता, मानव कल्याण और एकता के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है. उन्होंने सभी से सामाजिक भेदभाव और द्वेष से ऊपर उठकर राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया. उन्होंने विश्वास जताया कि यह यात्रा गुरु घासीदास बाबा के संदेशों को जन-जन तक पहुंचाएगी. कार्यक्रम में धर्मगुरु गुरु बालदास साहेब, विधायक ललित चंद्राकर, विधायक मोतीलाल साहू, फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुमोना सेन, छत्तीसगढ़ रजककार विकास बोर्ड के अध्यक्ष प्रहलाद रजक, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, संत समाज के प्रतिनिधि एवं सर्व समाज के प्रबुद्धजन उपस्थित रहे. गौरतलब है कि रायपुर से गिरौदपुरी धाम तक प्रस्तावित “विशाल सतनाम सद्भाव पदयात्रा” का आयोजन 18 से 22 फरवरी 2026 तक किया जाएगा. पदयात्रा का उद्देश्य सामाजिक समरसता, आपसी भाईचारा और सद्भाव का संदेश जन-जन तक पहुंचाना है. इस दौरान गिरौदपुरी धाम मेले में विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए.

गोरखनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री ने किया जनता दर्शन का आयोजन, करीब 150 लोगों से मुलाकात कर सुनीं समस्याएं

  मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए निर्देश- निष्पक्षता, संवेदनशीलता और तत्परता से करें जन समस्याओं का निराकरण गोरखपुर, गोरखपुर प्रवास के दौरान लगातार दूसरे दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर में जनता दर्शन का आयोजन कर लोगों से मुलाकात की और समस्याएं सुनकर अधिकारियों को निस्तारण के निर्देश दिए। रविवार को देवाधिदेव महादेव की आराधना के विशेष पर्व महाशिवरात्रि पर आनुष्ठानिक व्यस्तता में भी उन्होंने जनसेवा का अनुष्ठान जारी रखा। जनता दर्शन में आए लोगों से मुख्यमंत्री ने कहा, ‘चिंता मत करें, हर समस्या का समाधान होगा, सबकी भरपूर मदद की जाएगी।’ जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देशित किया कि हर पीड़ित व्यक्ति की समस्या पर संवेदनशीलता से ध्यान दें और तत्परता से उसका निष्पक्ष और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित कराएं। रविवार सुबह गोरखनाथ मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करीब 150 लोगों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को उनका समाधान करने के निर्देश दिए। कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों तक मुख्यमंत्री खुद पहुंचे। एक-एक कर सबकी समस्याएं सुनीं। उन्हें आश्वस्त किया कि वह सभी की समस्याओं का समाधान कराएंगे। किसी को भी घबराने की आवश्यकता नहीं है। प्रार्थना पत्रों को उन्होंने अधिकारियों को हस्तगत करते हुए निर्देश दिया कि हर समस्या का निस्तारण त्वरित, गुणवत्तापूर्ण और संतुष्टिप्रद होना चाहिए। जनता दर्शन में कुछ लोग इलाज में आर्थिक मदद की गुहार लेकर पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने उनसे कहा कि इलाज में धन की कमी बाधक नहीं होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इलाज में अस्पताल के इस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द पूर्ण कराकर शासन में भेजें। मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से इलाज के लिए पर्याप्त राशि दी जाएगी। इस दौरान सीएम ने अधिकारियों से कहा कि जो लोग पात्र हैं और किसी कारण से उनका आयुष्मान कार्ड नहीं बन पाया है, उनके आयुष्मान कार्ड बनवाए जाएं ताकि उन्हें इलाज के लिए परेशान न होना पड़े। सीएम ने पुकारा, ‘ओ भोलू’ और भाव विह्वल हो दौड़ आया गोवंश दृढ़ संकल्पों वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की एक सुपरिचित पहचान गोसेवक की भी है। जब भी वह गोरखनाथ मंदिर प्रवास पर होते हैं गोशाला में जाकर गोसेवा उनकी दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा रहती है। रविवार सुबह भी मंदिर की गोशाला में जाकर उन्होंने गोसेवा की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गायों और गोवंश को अपने हाथों से रोटी-गुड़ खिलाया। सीएम योगी यहां कई गोवंश को उनके लिए रखे नामों से बुलाते हैं। रविवार सुबह उन्होंने एक गोवंश को जब यह कहकर पुकारा, ‘ओ भोलू’ तो श्याम रंग का यह बछड़ा भाव विह्वल होकर सीएम योगी की तरफ दौड़ पड़ा। मुख्यमंत्री ने भोलू को खूब दुलारा और उसे अपने हाथों से रोटी-गुड़ खिलाया। मंदिर की गोशाला में जब भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहुंचते हैं तो प्रायः एक मोर भी उनके इर्द-गिर्द आ जाता है। मुख्यमंत्री ने मोर को भी दुलारा और अपने हाथों से रोटी के टुकड़े करके उसे खिलाया। मंदिर परिसर में सीएम ने बच्चों पर लुटाया प्यार, कराया अन्नप्राशन रविवार सुबह गोरखनाथ मंदिर परिसर के भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नजर परिजनों के साथ मंदिर आए बच्चों पर पड़ी तो उन्होंने बच्चों को अपने पास बुला लिया, उन पर खूब प्यार लुटाया। उन्होंने बच्चों से उनका नाम और पढ़ाई के बारे में पूछा। उनसे ठिठोली भी की और फिर स्नेहाशीष से खूब पढ़ने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री ने इन सभी बच्चों को अपने हाथ से चॉकलेट भी दी। इस अवसर पर उन्होंने एक बच्चे को गोद में लेकर अन्नप्राशन भी कराया।

किसानों को राहत: छत्तीसगढ़ में धान खरीदी की अवधि बढ़ी, 4–5 फरवरी को भी होगी खरीद

रायपुर राज्य सरकार ने धान खरीदी की समय अवधि दो दिन बढ़ा दी है। अब चार और पांच फरवरी को भी धान खरीदी की जाएगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंगलवार को इसकी घोषणा की। पत्रकारों से चर्चा में उन्होंने कहा कि समीक्षा में जानकारी मिली कि कुछ किसानों के टोकन नहीं कट पाए हैं, कुछ पंजीयन नहीं कर पाए। इसलिए समय अवधि बढ़ाई जा रही है। राज्य के ऐसे किसान जो पंजीकृत है और जिनका टोकन कट चुके है, उन किसानों का धान खरीदा जाएगा। मुख्यमंत्री ने धान खरीदी के दिवस में बढ़ोतरी की  ने अपनी पड़ताल के बाद खबर प्रकाशित कर सरकार को चेताया था कि टोकन कट जाने के बाद भी प्रदेश के लगभग ढाई लाख किसानों का धान नहीं बिक पाया है। इसके बाद राज्य सरकार ने मामले को संज्ञान में लिया। कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने भी जिलों से जानकारी मांगी थी और इसके बाद मुख्यमंत्री ने धान खरीदी के दिवस में बढ़ोतरी कर दी। अब तक 140 लाख टन धान की खरीदी 15 नवंबर 2025 से शुरू धान खरीदी का महाभियान के तहत 31 जनवरी 2026 तक 25 लाख 11 हजार से अधिक किसानों से लगभग 140 लाख टन धान की खरीदी की गई है। धान खरीदी के एवज में इन किसानों को 33 हजार 149 करोड़ रुपये का भुगतान बैंक लिकिंग व्यवस्था के तहत किया जा चुका है। राज्य में इस वर्ष 27 लाख 43 हजार 145 किसानों ने पंजीयन कराया है। 2,740 धान उपार्जन केंद्रों के माध्यम से खरीदी की प्रक्रिया हुई है। शासन की यह व्यवस्था सुनिश्चित कर रही है कि वास्तविक किसान को ही लाभ मिले और बिचौलियों अथवा फर्जी प्रविष्टियों की कोई गुंजाइश न रहे। यह भी पढ़ें- रायपुर-दुर्ग के बीच सफर होगा और भी आसान, सिरसा गेट और खुर्सीपार में बनेंगे ग्रेड सेपरेटर, ₹77 करोड़ मंजूर ये किसान होंगे धान बेचने के पात्र   ऐसे किसान जिन्होंने 10 जनवरी 2026 के बाद टोकन के लिए आवेदन तो किया था, लेकिन उनका भौतिक सत्यापन अभी तक पूरा नहीं हो पाया है।  वे किसान जिन्होंने 10 जनवरी 2026 के बाद आवेदन किया और सत्यापन के दौरान जिनके पास वास्तव में धान का स्टॉक (बचा हुआ धान) पाया गया है।  ऐसे किसान जिन्हें 28, 29 या 30 जनवरी 2026 के लिए टोकन जारी किया गया था, लेकिन वे किसी भी कारणवश निर्धारित तिथि पर अपना धान नहीं बेच पाए थे। हमने धान खरीदी की समीक्षा की है। कुछ किसान जिनका टोकन कट गया था और धान नहीं बेच पाए थे और कुछ किसानों का पंजीयन नहीं हो पाया था। इसलिए दो दिन और किसानों का धान खरीदेंगे। – विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़    

मुख्यमंत्री ने सरगुजा ओलंपिक के लोगो और शुभंकर “गजरु” का किया अनावरण

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित एक गरिमामयी समारोह में बस्तर ओलम्पिक की तर्ज पर आयोजित होने वाले सरगुजा ओलंपिक के प्रतीक चिन्ह (लोगो) एवं शुभंकर “गजरु” का अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने सरगुजा अंचल के लोगों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अब बस्तर की भांति सरगुजा की खेल प्रतिभाओं को भी अपनी क्षमता दिखाने का सशक्त मंच मिलेगा।  मुख्यमंत्री ने 12 खेल विधाओं में लगभग 3 लाख 50 हजार खिलाड़ियों के पंजीयन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह संख्या सरगुजा अंचल के युवाओं के उत्साह, ऊर्जा और खेल के प्रति समर्पण को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि बस्तर ओलम्पिक में जनभागीदारी ने इसे राष्ट्रीय स्तर पर खास पहचान दिलाई है और अब वही उत्साह सरगुजा ओलंपिक को भी नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। पंजीयन से यह स्पष्ट है कि सरगुजा पूरे मनोयोग और उमंग के साथ इस आयोजन के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री ने आयोजन की तैयारियों की विस्तृत जानकारी लेते हुए सफल आयोजन की अग्रिम शुभकामनाएं भी दीं।   उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  अरुण साव ने सरगुजा ओलंपिक के शुभंकर और लोगो के अनावरण कार्यक्रम में कहा कि इस आयोजन से सरगुजा के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा और कौशल दिखाने का अच्छा मंच मिलेगा। इसके विजेता खिलाड़ियों को राज्य की प्रशिक्षण अकादमियों में सीधे प्रवेश दिया जाएगा। उन्हें यूथ आइकॉन घोषित कर युवाओं व बच्चों को खेलों से जुड़ने और खेलने के लिए प्रेरित किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि सरगुजा ओलंपिक 2026 का लोगो इस अंचल की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विरासत और खेल भावना का जीवंत प्रतीक है। लोगो के केंद्र में मैनपाट स्थित प्रसिद्ध टाइगर पॉइंट जलप्रपात को दर्शाया गया है, जो हरियाली, ऊर्जा और निरंतर प्रवाह का प्रतीक है। मध्य भाग में अंकित “सरगुजा ओलंपिक 2026” आयोजन की स्पष्ट पहचान के साथ स्थानीय गौरव और अस्मिता को अभिव्यक्त करता है।   चारों ओर 12 खेलों के प्रतीक चिन्ह समावेशिता और समान अवसर का संदेश देते हैं। रंगों का संयोजन आयोजन की जीवंतता, उत्साह और एकता को प्रकट करता है। लाल रंग का विशेष सांस्कृतिक महत्व पहाड़ी कोरवा जनजाति की परंपराओं से भी जुड़ा है, जहाँ यह शक्ति, साहस और जीवन-ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। यह रंग सकारात्मकता और संरक्षण का भाव लिए हुए दैवीय शक्ति और मानव जीवन के गहरे संबंध को दर्शाता है।     इसी प्रकार सरगुजा ओलम्पिक 2026 का शुभंकर गजरु को रखा गया है, जो सरगुजा अंचल की प्राकृतिक व सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। आदिवासी समाज में हाथी को बल, धैर्य, बुद्धिमत्ता और एकता का प्रतीक माना जाता है। इसकी विशेषताएँ—शक्ति, अनुशासन, संतुलन और निरंतर प्रयास—खेल भावना से जुड़ी हैं तथा झुंड में चलने की प्रवृत्ति टीम वर्क और सामूहिक सहभागिता का संदेश देती है।  विकासखंड, जिला और संभाग स्तर पर आयोजित होगी खेल प्रतिभाएं सरगुजा ओलंपिक के लिए 28 दिसंबर 2025 से 25 जनवरी 2026 तक पंजीयन किया गया है, जिसमें 06 जिलों से लगभग 03 लाख 50 हजार लोगों ने पंजीयन कराया है। इसमें 1 लाख 59 हजार पुरुष और 01 लाख 89 हजार महिलाओं ने आयोजन में अपना पंजीयन कराया है। कबड्डी, खो-खो, तीरंदाजी, फुटबॉल, वॉलीबॉल, हॉकी, कुश्ती, रस्साकसी समेत 12 विधाओं में विकासखंड, जिला तथा संभाग स्तरीय प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएगी।    समारोह में उप मुख्यमंत्री  अरुण साव, मुख्य सचिव  विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  सुबोध कुमार सिंह, सचिव  राहुल भगत, सचिव खेल  यशवंत कुमार, संचालक खेल मती तनुजा सलाम सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।

बिहार में सीएम पर आपत्तिजनक टिप्पणी का मामला, आरोपी गिरफ्तार

बेतिया, बिहार पुलिस सोशल मीडिया पर लगातार नजर बनाए हुए है। इस पर आपत्तिजनक पोस्ट को लेकर कार्रवाई भी की जा रही है। ऐसा ही एक मामला पश्चिम चंपारण जिले में देखने को मिला जब सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री के खिलाफ अमर्यादित, आपत्तिजनक टिप्पणी कर माहौल को बिगाड़ने की कोशिश करना एक व्यक्ति को महंगा पड़ गया। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। दरअसल, यह पूरा मामला पश्चिम चंपारण जिले के शिकारपुर थाना क्षेत्र का है। बताया गया कि सरस्वती पूजा के अवसर पर मूर्ति विसर्जन के समय सेक्टर पुलिस पदाधिकारी को सूचना प्राप्त हुई कि सरस्वती पूजाकी मूर्ति विसर्जन के अवसर पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में बिहार के मुख्यमंत्री के संबंध में अमर्यादित, असंसदीय भाषाओं का प्रयोग करते हुए एक व्यक्ति द्वारा अपने फेसबुक आईडी से एक बेहद शर्मनाक और आपत्तिजनक वीडियो को वायरल किया जा रहा है। इस वीडियो के सामने आते ही क्षेत्र में सौहार्दपूर्ण वातावरण के बिगड़ने की आशंका बन गई। मामले के संज्ञान में आते ही पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। इस संबंध में पुलिस अवर निरीक्षक सोनू कुमार के लिखित आवेदन के आधार पर शिकारपुर थाना में एक मामला दर्ज किया गया। जांच के क्रम में यह बात सामने आई कि यह वीडियो सिसवा गांव के वार्ड नंबर 11 के रहने वाले राजू कुमार द्वारा जानबूझकर सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा है। पुलिस के एक अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि शिकारपुर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए नामजद आरोपी राजू कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी से पूछताछ कर यह जानने की कोशिश की जा रही है कि इसके पीछे उसकी मंशा क्या थी? पुलिस ने ऐसे लोगों को चेतावनी भी दी है कि आस्था पर चोट करने वाले और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाले किसी को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस सोशल मीडिया की लगातार निगरानी कर रही है।  

एक मॉडल सामुदायिक पर्यटन स्थल के रूप में ग्राम केरे को किया जाएगा विकसित

रायपुर, जशपुर जिले को एक प्रमुख इको-पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में आज मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय बगिया में आयोजित कार्यक्रम में भारत के अग्रणी होमस्टे प्लेटफॉर्म होमस्टेज़ ऑफ इंडिया, छत्तीसगढ़ शासन और जशपुर जिला प्रशासन के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया गया। इसके अंतर्गत ग्राम केरे को एक मॉडल सामुदायिक पर्यटन ग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने ग्राम केरे में तैयार किए गए होमस्टे का शुभारंभ किया गया।   एमओयू के अंतर्गत जशपुर का पहला संगठित होमस्टे ग्राम बनाने की दिशा में कार्य होगा। एक सुव्यवस्थित एवं विस्तार योग्य होमस्टे-आधारित ग्रामीण पर्यटन पारिस्थितिकी तंत्र की स्थापना होगी। इस पहल के माध्यम से स्थानीय परिवारों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, सतत आजीविका को सुदृढ़ किया जाएगा तथा क्षमता निर्माण और कौशल विकास के जरिए युवाओं एवं महिलाओं में उद्यमिता को प्रोत्साहन दिया जाएगा। इस परियोजना का मूल उद्देश्य स्थानीय संस्कृति, परंपराओं एवं प्राकृतिक विरासत का संरक्षण एवं संवर्धन करना है, ताकि पर्यटन विकास समावेशी, समुदाय-स्वामित्व वाला और पर्यावरण की दृष्टि से सतत बना रहे तथा क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान सुरक्षित रहे। मुख्यमंत्री श्री साय की उपस्थिति में हुए इस समझौता का ज्ञापन पर कलेक्टर जशपुर श्री रोहित व्यास तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विनोद वर्मा और होमस्टेज़ ऑफ इंडिया प्रा. लि. के प्रतिनिधियों ने हस्ताक्षर किए।  अधिकारियों ने बताया कि यह पहल राज्य सरकार की इको-पर्यटन, समावेशी विकास एवं समुदाय-नेतृत्व वाले आर्थिक विकास की परिकल्पना के अनुरूप है। स्थानीय संस्कृति और प्रकृति पर आधारित प्रामाणिक पर्यटन अनुभवों के माध्यम से यह परियोजना जशपुर की पहचान को सशक्त करेगी और उसे राष्ट्रीय स्तर पर मुख्य पर्यटन मानचित्र में स्थापित करने में सहायक होगी।

पहली बार उप्र के दौरे पर आए हैं राष्ट्रीय भाजपा अध्यक्ष, मुख्यमंत्री के साथ पहुंचे मंदिर

वैदिक मंत्रोच्चार के बीच बांके बिहारी के दर्शन कर मांगा 'विकसित भारत' का आशीर्वाद विधायक के घर पहुंच मुख्यमंत्री व भाजपा अध्यक्ष ने जताया शोक मथुरा,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन ने रविवार को बांके बिहारी की चौखट पर हाजिरी लगाई। दोनों नेताओं ने आराध्य के चरणों में शीश झुकाकर विधि-विधान से वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और नितिन नबीन ने ठाकुर जी के समक्ष दीपक प्रज्ज्वलित किया और पुष्प अर्पित किए। इस दौरान सीएम योगी ने ठाकुर जी से प्रदेश की सुख-समृद्धि और 'विकसित भारत' के संकल्प की सिद्धि के लिए प्रार्थना की। दर्शन के बाद मंदिर सेवायतों द्वारा उन्हें प्रसाद भेंट किया गया। भाजपा अध्यक्ष पद पर निर्वाचित होने के बाद पहली बार उत्तर प्रदेश की धरा 'ब्रज भूमि' पर पहुंचे नितिन नबीन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ संग आध्यात्मिक व राजनीतिक कार्यक्रम में शिरकत की। इस अवसर पर केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, राष्ट्रीय महासचिव दुष्यंत गौतम भी साथ रहे। सीएम योगी के साथ कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण, बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह, महापौर विनोद अग्रवाल, राज्यसभा सांसद तेजवीर सिंह, विधायक श्रीकांत शर्मा, मेघश्याम सिंह, राजेश चौधरी, पूरन प्रकाश, विधान परिषद सदस्य अशोक कटारिया, ओमप्रकाश सिंह, क्षेत्रीय अध्यक्ष दुर्विजय सिंह शाक्य, जिलाध्यक्ष निर्मल पांडेय आदि ने भी बांके बिहारी के दर्शन कर पूजा अर्चना की। इनसेट विधायक के घर पहुंच मुख्यमंत्री व भाजपा अध्यक्ष ने जताया शोक बांके बिहारी मंदिर में दर्शन के उपरांत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन मांट विधायक राजेश चौधरी के आवास पहुंचे। विधायक की मां का हाल में ही निधन हो गया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन ने विधायक की मां के चित्र पर पुष्प अर्पित कर शोक व्यक्त किया और शोकाकुल परिवार को सांत्वना दी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव: वैश्विक व्यापार में भारत बना पसंदीदा साझेदार

भोपाल रोजगार मूलक व्यवसाय उद्योग स्थापना पर दी जायेगी मदद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसी भी प्रदेश की पहचान उसके केवल नक्शे से नहीं, बल्कि उपलब्धियों से भी होती है। आज मध्यप्रदेश अपनी प्रभावी नीतियों और उनके सफल क्रियान्वयन के कारण न केवल देश में बल्कि वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान बना रहा है। प्रदेश औद्योगिक विकास की दिशा में तेजी से अग्रसर है और निवेश के लिए उद्यमियों को आकर्षित कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम दावोस की वार्षिक बैठक में सहभागिता के बाद जबलपुर में महाकौशल चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्री के व्यापारियों एवं उद्यमियों द्वारा आयोजित अभिनंदन समारोह में यह बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संबोधन में कहा कि वर्ष 2014 के पहले की स्थिति अब पूरी तरह बदल चुकी है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत निरंतर प्रगति पथ पर आगे बढ़ रहा है और आज दुनिया का हर देश व्यापार और निवेश के लिए भारत से जुड़ने को उत्सुक है। कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री  राकेश सिंह, महापौर  जगत बहादुर सिंह 'अन्नू', सांसद  आशीष दुबे, विधायक  अशोक रोहाणी, डॉ. अभिलाष पांडे सहित व्यापारिक एवं व्यावसायिक संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की बैठक में 200 से अधिक देशों ने भाग लिया, लेकिन सबसे अधिक फोकस भारतीय प्रतिनिधिमंडल पर रहा। भारत सरकार के साथ-साथ देश के 10 राज्यों ने भी इस मंच पर अपनी प्रभावी उपस्थिति दर्ज कराई, जिसमें मध्यप्रदेश विशेष रूप से उभरकर सामने आया। विशेषकर नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में प्रदेश ने वैश्विक निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में पवन ऊर्जा, सौर ऊर्जा एवं पॉवर सेक्टर के माध्यम से सस्ती बिजली का उत्पादन किया जा रहा है और मात्र 2 रुपये 10 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसी भी राज्य के विकास के लिए आर्थिक समृद्धि अत्यंत आवश्यक है। राज्य यदि आर्थिक रूप से समृद्ध नहीं होगा तो विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में कठिनाई आएगी। मध्यप्रदेश आज एक आर्थिक शक्ति के रूप में उभर रहा है, जहां सड़क, बिजली, पानी और लैंड बैंक जैसी आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराकर हर प्रकार के उद्योग-व्यवसाय को आगे बढ़ने का अवसर दिया जा रहा है। वर्ष 2025 को मध्यप्रदेश में उद्योग रोजगार वर्ष के रूप में मनाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि भारत की विकास दर विश्व में सबसे तेज है। इसमें भी मध्यप्रदेश सभी राज्यों में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। मध्यप्रदेश जनसंख्या के आधार पर देश में 5वें स्थान पर है। प्रदेश युवा शक्ति के मामले में पहले स्थान पर है। प्रदेश की प्रभावी नीतियों के कारण बेरोजगारी दर के मामले में मध्यप्रदेश देश के उन तीन राज्यों में शामिल है जहां बेरोजगारी की दर सबसे कम है। उन्होंने बताया कि त्रिपुरा और तेलंगाना जैसे छोटे राज्यों की तुलना में, लगभग 9 करोड़ की आबादी होने के बावजूद मध्यप्रदेश में बेरोजगारी दर कम होना प्रदेश की बड़ी उपलब्धि है। साथ ही प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय में लगातार वृद्धि हो रही है, जो समृद्धि का संकेत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार रोजगार मूलक उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रोत्साहन दे रही है। उद्योगों की स्थापना पर 30 प्रतिशत कैपिटल सब्सिडी प्रदान की जा रही है, वहीं एमएसएमई सेक्टर को 60 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जा रही है। राज्य के संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने के लिए नई नीतियां बनाई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि देश में सबसे तेज गति से मेडिकल कॉलेज मध्यप्रदेश में खोले जा रहे हैं। मेडिकल कॉलेज खोलने के इच्छुक उद्यमियों को 25 एकड़ भूमि मात्र एक रुपये की दर से उपलब्ध करायी जा रही है। साथ ही निजी क्षेत्र के मेडिकल कॉलेजों में नीट के माध्यम से चयनित छात्रों को फीस भुगतान के लिए राज्य सरकार द्वारा ऋण सुविधा भी दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शहरी क्षेत्र औद्योगिकीकरण होने से तेजी से आगे बढ़ते हैं। प्रदेश के महानगरों के विकास के लिए औद्योगिकीकरण को प्रोत्साहित किया जा रहा है। जबलपुर शहर के समग्र विकास के लिए मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा। इसमें जबलपुर से 50 किलोमीटर के दायरे में आने वाले सभी शहरों को शामिल किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज यदि देश में कहीं चीता परिवार का विस्तार हो रहा है तो वह मध्यप्रदेश में हो रहा है, जो पूरे एशिया के लिए गर्व की बात है। पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रदेश में हेलीकॉप्टर सेवा प्रारंभ की गई है, जिसमें 45 मिनट की यात्रा का किराया मात्र 3500 रुपये रखा गया है, जो अन्य राज्यों की तुलना में काफी कम है। इससे प्रदेश में पर्यटन को नई गति मिलेगी।  

महिला पत्रकारों ने अध्ययन भ्रमण में जताया मुख्यमंत्री का आभार

रायपुर. पहली बार छत्तीसगढ़ की महिला पत्रकारों के दल ने किया अध्ययन भ्रमण, खुशियों भरी मुस्कान के साथ जताया मुख्यमंत्री का आभार मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में गुजरात के अध्ययन भ्रमण से लौटे महिला पत्रकारों के दल ने मुलाकात की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महिला पत्रकार अपने साहस से लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को मजबूत कर रही हैं। मैं उन सभी महिलाओं के साहस को नमन करता हूं जो पत्रकारिता जैसे चुनौतीपूर्ण पेशे में रह कर समाज में सकारात्मक योगदान दे रही हैं।  मुख्यमंत्री को महिला पत्रकारों के दल ने गुजराती अंगवस्त्र और पुष्पगुच्छ भेंट कर पहली बार छत्तीसगढ़ से महिला पत्रकारों के दल को अन्य राज्य के अध्ययन भ्रमण पर भेजने के लिए उनका आभार जताया। महिला पत्रकारों ने मुख्यमंत्री को विशेष रूप से धन्यवाद देते हुए कहा कि विगत वर्ष महिला दिवस पर उन्होंने मुख्यमंत्री के समक्ष महिला पत्रकारों को भी अध्ययन भ्रमण पर भेजे जाने की इच्छा व्यक्त की थी। उन्हें बहुत खुशी है कि मुख्यमंत्री ने उन सभी की इस इच्छा को पूरा किया।  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने महिलाओं से चर्चा के दौरान कहा कि इस अध्ययन भ्रमण के दौरान आप सभी ने गुजरात विधानसभा, सोमनाथ ज्योतिर्लिंग, राजकोट, पोरबंदर सहित अन्य महत्वपूर्ण स्थलों के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व को समझा है। आने वाले समय में ये अनुभव आपकी कलम को और भी समृद्ध करेगा, जिसका लाभ पत्रकारिता जगत के साथ ही आपके पाठकों भी मिलेगा।  मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार का यह तीसरा वर्ष है। इस वर्ष को हम महतारी गौरव वर्ष के रूप में मना रहे हैं। मुख्यमंत्री ने महिला पत्रकारों से उनके अध्ययन भ्रमण के अनुभवों को किताब के रूप संजोने के लिए भी प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि यह ना सिर्फ आपके लिए इस भ्रमण को हमेशा के लिए यादगार बनाएगा बल्कि अन्य लोग भी आपकी किताब को पढ़कर गुजरात के बारे में अपनी जानकारी बढ़ा सकेंगे।  मुख्यमंत्री ने कहा कि गुजरात एक समृद्ध और मॉडल राज्य है। गुजरात की एक खासियत यह भी है कि वहां सहकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हुआ है। अमूल सहकारिता का एक जीवंत उदाहरण है, जिसमें मुख्यतः महिलाएं शामिल है। छत्तीसगढ़ में भी हम सहकारिता को बढ़ावा दे रहे हैं। केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी देश के सहकारिता मंत्री भी हैं। उनके मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ में भी सहकारिता के लिए बहुत कार्य हो रहा है। सहकारिता इस बात का प्रतीक है कि मिलकर करने से बड़ा काम भी आसान होता है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में हम सभी प्रक्रियाओं का डिजिटलीकरण कर रहे हैं। मंत्रालय में अब ई-फाइल प्रणाली लागू है। मुख्यमंत्री श्री साय ने महिला पत्रकारों से अपनी गुजरात यात्रा के अनुभव को साझा करते हुए बताया कि गुजरात का सीएम डैशबोर्ड देश का सबसे एडवांस्ड मॉनिटरिंग सिस्टम है जिसके माध्यम से एक जगह बैठकर ही पूरे प्रदेश पर नजर रखी जा सकती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के विकास की नींव रखी थी, हम गुजरात जैसी व्यवस्थाओं को यहां भी लागू कर रहे हैं।  मुख्यमंत्री से महिला पत्रकारों ने गुजरात अध्ययन भ्रमण के अनुभवों को साझा किया। सुश्री निशा द्विवेदी ने कहा कि इस टूर के माध्यम से उन्हें गुजरात के समृद्ध इतिहास और संस्कृति से रुबरू होने का अवसर मिला। सुश्री दामिनी बंजारे ने मुख्यमंत्री को बताया कि उनके 8 वर्षों के पत्रकारिता के करियर में पहली बार है जब महिलाओं का दल अध्ययन भ्रमण पर गया है। कोरिया की सुश्री नूरजहां ने बताया कि यह पहली बार है जब महिलाओं को इस रूप में प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी महिला पत्रकारों को ये मौका मिलता रहेगा।  मुख्यमंत्री को महासमुंद की पत्रकार सुश्री उत्तरा विदानी ने बताया कि गुजरात विधानसभा के भ्रमण में बहुत अच्छा लगा। वहां की खास बात यह देखने को मिली कि बच्चों सहित आमजन को विधानसभा की कार्यवाही को सुगमता से देखने का अवसर दिया जाता है। दुर्ग की पत्रकार सुश्री कोमल धनेसर ने कहा कि छत्तीसगढ़ के रजत जयंती वर्ष में 25 वर्षों में यह पहला अवसर है जब महिला पत्रकारों को ऐसा मौका मिला है। उन्होंने कहा कि जब हम भ्रमण पर निकले थे तो बहुत सारे अनजाने चेहरे थे और लौटे हैं तो नए दोस्त और नई बॉन्डिंग के साथ।  रायपुर की पत्रकार सुश्री नेहा श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री को बताया कि हम सभी पत्रकार अलग- अलग संस्थानों में काम करते हैं। व्यस्तता की वजह से हमारी बात नहीं हो पाती। ये टूर रूटीन से अलग एक अनुभव रहा जिसमें नये दोस्त बने। सुश्री रचना नितेश ने मुख्यमंत्री को बताया कि ये अनुभव ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से समृद्ध करने वाला था। उन्होंने कहा कि एक खास बात ये रही कि हमारे दल में महिला पत्रकारों की 3 पीढ़ियां शामिल थीं। हमें बहुत कुछ सीखने को मिला।  बस्तर की पत्रकार सुश्री प्रियंका जायसवाल ने बताया कि छत्तीसगढ़ की पहचान बस्तर से है। टूर पर जाते समय नए माहौल की वजह से मन में कई आशंकाएं थीं। मगर बाद में यह अनुभव बहुत सुखद रहा। कोरबा की सुश्री राजश्री गुप्ते ने बताया कि 8 दिनों के इस टूर में ऐसा लगा कि हमने अपने बचपन को फिर से जी लिया है।  मुख्यमंत्री श्री साय को महिला पत्रकारों ने बताया कि कई लोगों की यह पहली हवाई यात्रा भी थी। जिस पर मुख्यमंत्री ने बड़ी आत्मीयता से पत्रकारों से कहा कि जो पहली बार हवाई यात्रा करते हैं उन्हें पार्टी देनी पड़ती है। मुख्यमंत्री की बात सुनकर पूरे सभागार में हंसी गूंज उठी।  महिला पत्रकारों ने मुख्यमंत्री श्री साय से एक रोचक वाकया भी साझा किया। उन्होंने बताया कि गुजरात भ्रमण के दौरान उनका इंटरेक्शन कुछ फ्रेंच पर्यटकों से हुआ। यह जानने पर की महिला पत्रकार छत्तीसगढ़ से हैं, फ्रेंच पर्यटक ने कहा- ओह सीएम विष्णुदेव छत्तीसगढ़ ! ये सुनकर उन्हें बहुत गर्व हुआ कि छत्तीसगढ़ राज्य को विदेशी नागरिक भी मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नाम से पहचान रहे हैं।  महिला पत्रकारों ने जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों का भी आभार जताया जिन्होंने आठ दिवसीय इस अध्ययन भ्रमण में उनका पूरा ख्याल रखा। इस अवसर पर  आयुक्त जनसंपर्क डॉ रवि … Read more