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भोपाल में 2000 एकड़ क्षेत्र में बनेगी नॉलेज एंड एआई सिटी

साइंस सिटी प्रोजेक्ट के लिये 25 एकड़ भूमि होगी आवंटित मध्यप्रदेश, भारत में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का बनेगा हब 15 हजार 896 करोड़ का निवेश और 64 हजार से अधिक के रोजगार के अवसर प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत में तकनीकी विकास का प्रारंभ हुआ स्वर्णिम युग एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव में उद्योगपतियों ने निवेश के प्रति जताई रूचि भोपाल  एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश अब अंतरिक्ष तकनीक के क्षेत्र में एक नई उड़ान भरने जा रहा है। हम बहुत जल्द स्पेस टेक पॉलिसी-2025 लागू करने जा रहे हैं, जिससे राज्य में सैटेलाइट डेटा, रिमोट सेंसिंग और स्पेस स्टार्ट-अप्स को प्रोत्साहन मिलेगा। भोपाल में 2000 एकड़ भूमि पर नॉलेज एण्ड एआई सिटी विकसित की जायेगी। यह सिटी आधुनिक हाईटेक सिटी और सायबर सिटी की तर्ज पर बनाई जायेगी। यहां विश्वस्तरीय संस्थान, अनुसंधान केन्द्र और स्टार्ट-अप्स एक साथ आएंगे जिससे मध्यप्रदेश भारत का एआई हब बन जायेगा। साइंस सिटी प्रोजेक्ट के लिये 25 एकड़ भूमि आवंटित्‍की जा रही है। यहां विज्ञान, नवाचार, और तकनीकी अनुसंधान के लिये अत्याधिक सुविधाएं विकसित की जायेंगी। यह परियोजना आने वाले वर्षों में हमारे युवाओं और विद्यार्थियों के लिये ज्ञान और प्रयोग का केन्द्र बनेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेन्टर में आयोजित मध्यप्रदेश टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0 में शामिल निवेशकों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत में तकनीकी विकास का स्वर्णिम युग प्रारंभ हुआ है। इस दिशा में मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य के तकनीकी और औद्योगिक क्षेत्र को नई गति देने के लिये मध्यप्रदेश टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0 का आयोजन इंदौर में किया है। यह आयोजन प्रदेश को भारत में उभरते टेक्नालॉजी मानचित्र पर अग्रणी स्थान दिलाने में की दिशा में ऐतिहासिक कदम सिद्ध हुआ है। राज्य सरकार की प्रगतिशील नीतियां, सुदृढ़ बुनियादी ढांचा, निवेश अनुकूल वातावरण और कुशल मानव संसाधन ने मध्यप्रदेश को ग्लोबल निवेशकों के लिये आकर्षण का केन्द्र बना दिया है। आईटी, एआई, सेमी कंडक्टर, ड्रोन, फिनटेक, क्लाउड और इएसबीएम जैसे क्षेत्रों में प्रदेश की प्रगति तीव्र गति से हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इन्दौर में मध्यप्रदेश टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0 में कुल 68 कार्य हुए जिनमें उद्घाटन, भूमि-पूजन, आवंटन-पत्र वितरण, एग्रीमेंट, एमोयू, नीति एवं पोर्टल लॉन्च सहित उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन मीटिंग हुई। इनसे प्रदेश में कुल 15 हजार 896 करोड़ का निवेश आएगा साथ ही 64 हजार 85 रोजगार के अवसर सृजित होंगे। यह आयोजन प्रदेश की तकनीकी और औद्योगिक प्रगति की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इन्वेस्टर्स समिट से अप्रेल 2025 में हुए टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 1.0 तक लगभग 99 निवेश प्रस्ताव हुए थे, जिससे लगभग 34 हजार करोड़ रूपये के निवेश और 2 लाख लोगों के लिये रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं। इसमें 27 प्रोजेक्ट, जमीन आवंटन के साथ अन्य कार्यप्रगतिरत है। साथ ही 8 प्रोजेक्ट साइट विजिट के चरण में है, जो प्राप्त प्रस्तावों का 47 प्रतिशत है। मात्र 8 महिने में लगभग 6 हजार करोड़ का निवेश एवं 50 हजार लोगों का रोजगार का सपना साकार हुआ है। यह मध्यप्रदेश की टेक ड्रिवन ग्रोथ का सकारात्मक परिणाम है। 9 कंपनियों को प्रदाय किए भूमि आवंटन के आशय-पत्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कॉन्क्लेव में निवेश और उद्योग संवर्धन लिए 9 कंपनियों को भूमि आवंटन के लिये आशय पत्र जारी किए गए। इन इकाइयों से प्रदेश में कुल 10.61 करोड़ रुपये का निवेश और लगभग 740 नए रोजगार अवसर सृजित होंगे। इन आशय पत्रों से विभिन्न टेक्नोलॉजी, आईटी और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र की कंपनियों को निवेश के लिए आवश्यक भूमि और संसाधन उपलब्ध कराए जाएँगे जिससे मध्यप्रदेश में उद्यमिता और औद्योगिक विकास को और मजबूती मिलेगी। टॉस, इजीसॉफ्ट कंपनी, ओम्निस बिल्डकेयर एलएलपी, फ्लैट ट्रेडब्रोकिंग सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, असिस्ट क्लिक प्राइवेट लिमिटेड, लॉजिमोंक, मैमथ एग्जॉस्ट्स इंडिया, एमपी ऑनलाइन, रिद्धि एंटरप्राइज को भूमि आवंटन पत्र जारी किए गए हैं। एमओयू पर हस्ताक्षर कॉन्क्लेव में मध्यप्रदेश में निवेश और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने की दिशा में 7 महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इन एमओयू से प्रदेश में लगभग 800 करोड़ रुपये का निवेश होगा तथा 10 हजार 500 से अधिक नए रोजगार अवसर सृजित होंगे। ये एमओयू सिलिकॉन वेफर विनिर्माण संयंत्र, आईटी पार्क विकास, टेक्नोलॉजी रिसर्च, गेमिंग, स्किल डेवलपमेंट एवं नवाचार जैसे उभरते क्षेत्रों से जुड़े हैं। इस पहल में सोमवेदा एंटरप्राइज, डीएवीवी आईटी पार्क, एएनएसआर, गेम डेवलपर एसोसिएशन ऑफ इंडिया, इंडस आंत्रप्रेन्योर्स राजस्थान, मिलिट्री कॉलेज ऑफ टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग महू, कोडयोगी फाउंडेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थान शामिल हैं। राज्य सरकार एवं भारतीय सेना के मिलिट्री कॉलेज ऑफ टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग के मध्य सायबर सुरक्षा एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में संयुक्त अनुसंधान एवं विकास के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते का उद्देश्य रक्षा क्षेत्र और नागरिक तकनीकी क्षेत्र के बीच सहयोग को सुदृढ़ करते हुए अत्याधुनिक तकनीकों के विकास, नवाचार और कौशल वृद्धि को बढ़ावा देना है। यह पहल मध्यप्रदेश को उभरते तकनीकी क्षेत्रों में अग्रणी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।  निवेश के लिये हुए एग्रीमेंट मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में 85.51 करोड़ निवेश के महत्वपूर्ण एग्रीमेंट् पर हस्ताक्षर हुए। इसमें आईआईएसईआर भोपाल के सहयोग से एआई-संचालित ड्रोन प्रौद्योगिकी उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना शामिल है, जिसमें उन्नत प्रयोगशालाएँ और स्टार्ट-अप इनक्यूबेशन सहायता प्रदान की जाएगी। एल एंड टी एड्यूटेक के साथ मिलकर प्रदेश में स्किल ट्रेनिंग हेतु मास्टर सर्विस एग्रीमेंट किया जाएगा, इससे नये तकनीकी क्षेत्रों में युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इसके अंतर्गत एलएनसीटी कॉलेज, ओरिएंटल ग्रुप, बंसल कॉलेज, सेज यूनिवर्सिटी, आईईएस यूनिवर्सिटी शामिल हैं। सायबर सुरक्षा को सुदृढ़ करने सीआईएसओ पोर्टल किया लांच मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सरकारी विभागों में सायबर सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए सीआईएसओ पोर्टल की शुरुआत की। यह सुरक्षित और केंद्रीकृत प्लेटफ़ॉर्म रीयल-टाइम मॉनिटरिंग, थ्रेट इंटेलिजेंस और अनुपालन प्रबंधन को सक्षम बनाएगा, जिससे सरकारी प्रणालियों में सुरक्षा, पारदर्शिता और दक्षता में अभूतपूर्व सुधार होगा। ड्रोन डेटा रिपॉज़िटरी का हुआ शुभारंभ “डिजिटल मध्यप्रदेश” की परिकल्पना को सशक्त करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव  ने ड्रोन डेटा रिपॉज़िटरी (DDR) का भी शुभारंभ किया। यह पहल भूमि प्रबंधन, शहरी नियोजन, वन संरक्षण, सिंचाई और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में ड्रोन-आधारित डेटा के उपयोग … Read more

जनसेवा और सादगी का उदाहरण: मुख्यमंत्री मोहन यादव बेटे की शादी सामूहिक विवाह में

भोपाल   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक बार फिर सादगी और सामाजिक समरसता की मिसाल पेश करने जा रहे हैं। उन्होंने अपने छोटे बेटे डॉ. अभिमन्यु यादव का विवाह किसी भव्य आयोजन में नहीं, बल्कि सामूहिक विवाह सम्मेलन में कराने का निर्णय लिया है। यह पहला अवसर होगा जब कोई मुख्यमंत्री अपने पुत्र का विवाह सामूहिक समारोह में संपन्न कराएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हमेशा अपने जीवन और कार्यशैली में सादगी को प्राथमिकता दी है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने पारिवारिक आयोजन को भी समाजहित से जोड़ा है।  जानकारी के अनुसार, 30 नवंबर को उज्जैन में आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में मुख्यमंत्री के पुत्र डॉ. अभिमन्यु यादव, डॉ. इशिता यादव के साथ सात फेरे लेंगे। इशिता, खरगोन जिले के किसान दिनेश यादव की पुत्री हैं। अभिमन्यु और इशिता की सगाई लगभग पांच महीने पहले भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास में संपन्न हुई थी। डॉ. अभिमन्यु ने भोपाल में रहकर एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की और पढ़ाई के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री निवास के बजाय कॉलेज हॉस्टल में रहे। बेटे अभिमन्यु की शादी उज्जैन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तय किया है कि उनके छोटे बेटे डॉ. अभिमन्यु यादव का विवाह 30 नवंबर को उज्जैन के होटल अथर्व में आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में होगा। इस आयोजन में 21 जोड़े एक साथ परिणय सूत्र में बंधेंगे। मुख्यमंत्री के बेटे के विवाह का हिस्सा बनना इस सम्मेलन को प्रतीकात्मक रूप से और भी खास बना देगा। डॉ. अभिमन्यु का विवाह डॉ. इशिता यादव से होगा, जो खरगोन जिले के प्रख्यात किसान दिनेश यादव की पुत्री हैं। दोनों की सगाई इसी वर्ष, लगभग पांच महीने पहले, भोपाल के मुख्यमंत्री निवास में संपन्न हुई थी। अभिमन्यु की सादगी और आत्मनिर्भरता की कहानी मुख्यमंत्री के पुत्र डॉ. अभिमन्यु यादव ने भोपाल में रहकर चिकित्सा शास्त्र की पढ़ाई पूरी की। दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने पढ़ाई के दौरान मुख्यमंत्री निवास की बजाय कॉलेज हॉस्टल में रहना चुना। उनका कहना था कि छात्र जीवन का असली अनुभव और अनुशासन हॉस्टल में ही मिलता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भी उस समय साफ कहा था कि – “मुख्यमंत्री निवास किसी विद्यार्थी के लिए नहीं, बल्कि राज्य के प्रशासनिक कार्यों के लिए होता है। पढ़ाई की असली जगह कॉलेज और हॉस्टल हैं।” यह सोच दर्शाती है कि उन्होंने अपने बच्चों में भी अनुशासन, आत्मनिर्भरता और ज़मीन से जुड़े रहने की सीख दी है। सादगी से भरा विवाह, समाज के लिए संदेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने परिवारजनों को पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि अभिमन्यु की शादी सादगी से, बिना दिखावे के और सामूहिक विवाह सम्मेलन में ही होगी। इस आयोजन में गरीब और सामान्य परिवारों की बेटियों की भी शादियां होंगी, जिससे यह समारोह समाज के हर वर्ग के लिए प्रेरणादायक बन जाएगा। मुख्यमंत्री के इस निर्णय से यह संदेश जाता है कि उच्च पद पर रहते हुए भी व्यक्ति अपनी जड़ों और सामाजिक संवेदनाओं से जुड़ा रह सकता है। उज्जैन में मिथक तोड़कर पेश की थी नई सोच मुख्यमंत्री मोहन यादव पहले भी सामाजिक परंपराओं में नई सोच के लिए चर्चा में रहे हैं। उनके मुख्यमंत्री बनने के बाद यह सवाल उठा था कि महाकाल की नगरी उज्जैन में मुख्यमंत्री को रात्रि विश्राम नहीं करना चाहिए, क्योंकि वर्षों से यह एक प्रचलित मान्यता रही है। लेकिन मोहन यादव ने इस मान्यता को तोड़ते हुए कहा – “मैं महाकाल का भक्त और पुत्र हूं, मेरे लिए उज्जैन मेरा घर है, और महाकाल की नगरी में रुकना मेरे लिए सौभाग्य की बात है।” उस रात उन्होंने उज्जैन में रात्रि विश्राम कर यह मिथक समाप्त किया और यह दिखाया कि श्रद्धा और कर्म के बीच कोई विरोध नहीं, बल्कि संतुलन संभव है। सादगी और परिवार की मर्यादा का उदाहरण मुख्यमंत्री मोहन यादव उन विरले नेताओं में से हैं जिनका परिवार कभी भी शासकीय आवास में स्थायी रूप से नहीं रहा। वे अपने परिवार को राजनीति से दूर रखते हैं और हमेशा आम जीवनशैली अपनाने पर ज़ोर देते हैं। उनका मानना है कि नेता की पहचान उसके आचरण और सादगी से होती है, न कि उसके पद से। यही कारण है कि आज वे अपने बेटे की शादी भी समाज की बेटियों के साथ एक ही मंच पर करवा रहे हैं — यह केवल एक विवाह नहीं, बल्कि एक संदेश है – “समानता और सादगी का।” बताया जा रहा है कि सामूहिक विवाह सम्मेलन में सभी समाजों के 20 जोड़े शामिल होंगे। इसमें मुख्यमंत्री की तरफ से ही सभी जोड़ों को गिफ्ट भी दिया जाएगा। बता दें मुख्यमंत्री समाज के लोगों को पहले से ही सादगी और सरल जीवन यापन करने के लिए प्रेरित करते आए हैं।  डॉ. मोहन यादव की पहचान हमेशा एक ऐसे जननेता के रूप में रही है जो परंपरा और आधुनिकता दोनों को समान महत्व देते हैं। मुख्यमंत्री बनने के बाद भी उनका परिवार शासकीय आवास में शिफ्ट नहीं हुआ। वे अपने परिवार को सरकारी सुख-सुविधाओं से दूर रखते हैं।  

76 अधिकारियों का बड़ा जिम्मा, वन क्षेत्रपालों को मिला पदस्थापना आदेश

भोपाल  प्रशासनिक नजरिए से 7 नवंबर का दिन मध्यप्रदेश के लिए कुछ खास होगा। इस दिन प्रदेश को 8 सौ से ज्यादा नए अधिकारी, कर्मचारी मिलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इन नव-चयनित सरकारी सेवकों को समारोहपूर्वक नियुक्ति एवं पदस्थापना आदेश प्रदान करेंगे। शुक्रवार को राजधानी के कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में यह कार्यक्रम आयोजित होगा। खास बात यह है कि यहां 76 वन क्षेत्रपालों को भी पदस्थापना आदेश प्रदान किए जाएंगे। इसके साथ ही इन्हें प्रदेश के वनों के संरक्षण, संवर्धन का अहम दायित्व दे दिया जाएगा। 7 नवम्बर को पूर्वान्ह 11.30 बजे से कार्यक्रम शुरु होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव यहां वन एवं लोक स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा विभाग के कुल 877 अधिकारी-कर्मचारियों को नियुक्ति एवं पदस्थापना आदेश प्रदान करेंगे। इनमें वन विभाग के 543 नव-नियुक्त वनरक्षक एवं वन क्षेत्रपाल और लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के 334 नव-नियुक्त विशेषज्ञ एवं नर्सिंग ऑफिसर शामिल हैं। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग में मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग भर्ती परीक्षा वर्ष 2024-25 से चयनित 75 निश्चेतना विशेषज्ञ, 62 सर्जरी विशेषज्ञ, 106 शिशु रोग विशेषज्ञ एवं 91 नर्सिंग ऑफिसर को नियुक्ति आदेश दिए जाएंगे। वन विभाग में मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मण्डल, भोपाल द्वारा आयोजित वनरक्षक भर्ती परीक्षा वर्ष 2022-23 में चयनित 467 नव-नियुक्त वनरक्षकों को पदस्थापना आदेश दिए जाएंगे। इन्होंने वन प्रशिक्षण विद्यालयों में वानिकी प्रशिक्षण पूर्ण कर लिया है। साथ ही मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित वन क्षेत्रपाल भर्ती परीक्षा वर्ष 2020-21 से चयनित 76 वन क्षेत्रपाल को भी पदस्थापना आदेश प्रदान किए जाएगे। इन्होंने देश की विभिन्न प्रशिक्षण अकादमियों में 18 माह का प्रशिक्षण पूरा किया है। द्वितीय श्रेणी (Class II) के राजपत्रित अधिकारी बता दें कि मध्यप्रदेश में वन क्षेत्रपाल (Range Forest Officer) द्वितीय श्रेणी (Class II) के राजपत्रित अधिकारी होते हैं। ये राज्य वन सेवा (State Forest Service – SFS) के अंतर्गत आते हैं जोकि वन मंडल अधिकारी (DFO) के अधीन रहकर कार्य करते हैं। प्राय: इन्हें एक वन रेंज (Forest Range) का प्रभार दिया जाता है। वनों के संरक्षण, संवर्धन का अहम दायित्व वन क्षेत्रपालों का ही रहता है। वृक्षों की कटाई, वन उत्पादों का संग्रहण और वन क्षेत्र का प्रबंधन भी इनके कार्यों में शामिल है।

महिला शक्ति को सलाम: CM मोहन यादव ने ‘क्रांति’ सहित महिला क्रिकेट टीम को दी बड़ी सौगात

   भोपाल मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने बड़ी घोषणा की हैं। छतरपुर की रहने वाली भारतीय महिला क्रिकेटर क्रांति गौड़ को एक करोड़ रुपये प्रोत्साहन राशि देने का ऐलान किया है। वहीं सीएम ने वर्ल्ड कप जीतने पर महिला क्रिकेटरों की जमकर तारीफ भी की हैं। सीएम डॉ मोहन यादव सोमवार को एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी के कार्यालय के नए भवन का लोकार्पण करने पहुंचे थे। जहां उन्होंने बड़ा ऐलान किया हैं। मुख्यमंत्री ने महिला विश्व कप की सदस्य क्रांति गौड़ को एक करोड़ रुपये प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की हैं। इसके साथ ही पूरी टीम की जमकर तारीफ की और सभी को बधाई दी हैं। इससे पहले उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट कर लिखा- बेटियों ने लहराया भारत का परचम…आईसीसी महिला विश्व कप-2025 भारत के नाम कर मां भारती को गौरवान्वित करने वाली BCCIWomen की खिलाड़ियों को बधाई एवं हार्दिक अभिनंदन। यह विजय ‘नए भारत’ की नारी शक्ति की नई उड़ान है। जय हो। आपको बता दें कि क्रांति गौड़ का जन्म छतरपुर जिले के छोटे कस्बे घुवारा में हुआ। उनके पिता एक रिटायर्ड पुलिस कांस्टेबल है। क्रांति के छह-भाई बहन है। महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप में भारतीय टीम की तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 8 मैचों में 9 विकेट हासिल किये और अपनी टीम को इस मुकाम तक पहुंचाया।

बिहार में गरजे मोहन यादव: कांग्रेस को बताया राम और सीता के विरोधी विचारों वाली पार्टी

भोपाल/पटना मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 29 अक्टूबर को बिहार के बांका जिले की कटोरिया विधानसभा, भागलपुर जिले की नाथनगर विधानसभा और मधेपुरा जिले की आलमनगर विधानसभा में चुनाव प्रचार किया। इस दौरान उन्होंने जनता से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के पक्ष में समर्थन मांगा। उनकी सभा में जनसैलाब उमड़ पड़ा। सीएम डॉ. यादव ने कहा कि आज बिहार में अद्भुत काम हुए हैं। कांग्रेस की सरकारों ने किसानों की अवहेलना की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार किसान सम्मान निधि प्रदान की। बिहार में 74 लाख किसानों को सम्मान निधि मिल रही है। बहनों को 10-10 हजार रुपये की आर्थिक मदद मिल रही है। बहनें एक-एक पैसे का उपयोग परिवार के लिए करती हैं। बहनें खाली पेट रहने के बाद भी परिवार का ख्याल रखती हैं। उनकी वजह से हमारा परिवार आगे बढ़ता है। उन्होंने कटोरिया विधानसभा से एनडीए प्रत्याशी के लिए कहा कि पूरन लाल पूरनमासी का चांद है। मैं आप सबके भरोसे पूरन लाल को विजय की माला पहनाता हूं। आप सब इन्हें समर्थन दें और कमल का फूल खिलाएं। सीएम डॉ. मोहन ने नाथनगर विधानसभा से मिथुन यादव और अलामपुर विधानसभा से नरेंद्र नारायण के समर्थन में जनता से वोट देने की अपील की।   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि बिहार के अंदर आगे बढ़ने-विकास करने की अपार क्षमता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दुनिया भारत को सम्मान की दृष्टि से देख रही है। एनडीए सरकार के जरिये बिहार और देश आगे बढ़ें। हमारा मानना है कि हर घर का बेटा आगे बढ़ना चाहिए। भारतीय जनता पार्टी एक मात्र ऐसी पार्टी है जो हर वर्ग को आगे बढ़ने का मौका देती है। उन्होंने कहा कि मेरे घर में कोई विधायक नहीं, कोई सांसद नहीं, मंत्री का तो सवाल ही नहीं उठता, मुख्यमंत्री की तो सोच भी नहीं सकते थे। उसके बावजूद एक किसान और यादव परिवार के व्यक्ति को भाजपा आगे बढ़ाती है। इस जातिवाद के माहौल में हमारी पार्टी सोचती है कि हर व्यक्ति आगे बढ़ना चाहिए। सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास-सबका प्रयास के भाव के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विश्व की सबसे बड़ी पार्टी को आगे लेकर चलते हैं। कांग्रेसियों ने कुछ नहीं सोचा सीएम डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक के बाद एक धार्मिक पर्यटन के केंद्र बनते जा रहे हैं। कभी कोई कल्पना कर सकता है कि भगवान राम-कृष्ण के देश में उनका ही विरोध होगा। कांग्रेसी किस मुंह से चुनाव लड़ रहे हैं। कांग्रेसियों ने तो सवाल किया कि इसका क्या प्रमाण है कि भगवान राम कहां पैदा हुए। कांग्रेस के बड़े-बड़े नेताओं ने हाई कोर्ट-सुप्रीम कोर्ट में शपथ पत्र देकर भगवान राम पर प्रश्न खड़े किए। माता सीता ने बिहार में जन्म लेकर राम राज्य की स्थापना की। हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सीता माता के जन्म स्थान को भी भव्य तीर्थ स्थल बना रहे हैं। कांग्रेस और उनके साथियों की इतनी सरकारें रहीं, लेकिन किसी ने इस ओर नहीं सोचा। पीएम मोदी के नेतृत्व में बदल रहा देश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नाथनगर विधानसभा में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में देश बदल रहा है। साल 2005 के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार ने भी करवट बदली है। प्राचीन काल में बिहार अंग प्रदेश का हिस्सा था, जिसकी राजधानी चंपानगर थी। भारत अपने गौरवशाली अतीत को साथ लेकर आगे बढ़ते हुए सभी वर्गों के कल्याण के लिए कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर अयोध्या में श्रीराम का भव्य मंदिर बनवाया। कांग्रेस वाले तो कोर्ट में भी श्रीराम के बजूद को चुनौती देते हैं।

मोहन यादव का बयान: राहुल गांधी को डूब मरना चाहिए, बोले- PM मोदी ने बढ़ाया देश का मान

भोपाल /चंपारण शेरा बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष ताबड़तोड़ प्रचार कर रहे हैं। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव शुक्रवार को पश्चिम चंपारण शेरा बाजार खेल मैदान में जनसभा को संबोधित किया।मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि, 'राहुल गांधी और कांग्रेस को डूब मरना चाहिए। विदेश में जाकर देश का अपमान करते हैं और सेना के पराक्रम पर सबूत मांगते हैं। प्रधानमंत्री के जरिए भाजपा ने राष्ट्रपति मुर्मू को देश के सर्वोच्च पद पर पहुंचाया। महादलित आयोग भाजपा ने बनाया। ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा पीएम मोदी ने दिया।' कांग्रेस-राजद वादे करने वाली पार्टियां ऐसे नेता को जिताइए जो देश की सुरक्षा और सम्मान के लिए हमेशा खड़ा रहता है। कांग्रेस और राजद जैसी पार्टियां सिर्फ वादे करती हैं, जबकि भाजपा जनता के विश्वास और राष्ट्रहित के लिए काम करती है। 'नीतीश कुमार के नेतृत्व में बनेगी सरकार' इधर, केंद्रीय मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में फिर से सरकार बनेगी। 2005 से पहले बच्चे-बच्चियां स्कूल नहीं जाते थे। नीतीश कुमार के आने के बाद शिक्षा- व्यस्था में सुधार हुआ। आज मुख्यमंत्री साइकिल योजना से बच्चे ट्रिन-ट्रिन करते पढ़ने जाते हैं। लोगों को सड़क और बिजली मिली। सेना की बहादुरी पर सवाल क्यों उठाते हैं? मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राहुल गांधी पर तीखा तंज करते हुए कहा कि जब नेता सेना की बहादुरी पर सवाल उठाते हैं, तो ऐसे नेताओं को "डूब मरना चाहिए।" उनका कहना था कि देश की सुरक्षा में हमारी सेना का अहम योगदान है, और इसे सवालों के घेरे में लाना गलत है। खुर्शीद फिरोज पर संजय जायसवाल ने कसा तंज इस दौरान भाजपा सांसद डॉ. संजय जायसवाल ने जदयू के पूर्व मंत्री खुर्शीद फिरोज अहमद पर तंज कसते हुए कहा कि 2020 में भाजपा ने चुनाव प्रचार हर जगह बड़े जोश और मजबूती से किया, लेकिन सिकटा विधानसभा क्षेत्र में प्रचार नहीं किया। उन्होंने कहा कि उस समय सिकटा से “नकामा लूटेरा” प्रत्याशी चुनाव में खड़ा था, जो सड़क तक को डकार जाता था। सांसद ने आगे कहा कि जनता अब ऐसे नेताओं की वास्तविक छवि को भली-भांति समझ चुकी है और विकास, रोजगार और जनहित के मुद्दों पर ध्यान दे रही है। महात्मा गांधी की कांग्रेस और आज की कांग्रेस में अंतर मोहन यादव ने कांग्रेस पार्टी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि महात्मा गांधी की कांग्रेस और आज की कांग्रेस में बहुत अंतर है। उनका कहना था कि महात्मा गांधी ने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान कांग्रेस का नेतृत्व किया, लेकिन आज के नेताओं की न तो भाषा की समझ है, न ही शालीनता। बिहार का विकास और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का योगदान मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने बिहार के विकास को लेकर भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना की। उन्होंने कहा कि 2005 के बिहार और आज के बिहार में भारी अंतर है। आज बिहार नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है, जो कि एनडीए और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में संभव हो सका है। विकास की नई ऊंचाइयों पर बिहार मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि बिहार में पिछले कुछ वर्षों में बड़े बदलाव आए हैं। आज के बिहार में लोग बेहतर जीवन स्तर का आनंद ले रहे हैं। उन्होंने उदाहरण के तौर पर बताया कि पहले गया से पटना पहुंचने में चार घंटे लगते थे, अब डेढ़ घंटे में सफर पूरा हो जाता है। एनडीए का योगदान बिहार चुनाव 2025 में चुनावी सभा में एनडीए सरकार के योगदान को भी प्रमुखता से बताया। डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने इस बदलाव को विकासशील बिहार की पहचान बताया। उनका कहना था कि बिहार में हो रहे बदलाव प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों के कारण ही संभव हो पाए हैं।

CM मोहन यादव आज आएंगे इंदौर, हातोद के रेशम केंद्र गोशाला में मनाएंगे गोवर्धन पूजा

इंदौर  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (CM Mohan Yadav) आज (22 अक्टूबर) इंदौर और विदिशा जिलों का दौरा करेंगे। इस दौरान वे इन जिलों में आयोजित गोवर्धन पूजा कार्यक्रम में शामिल होंगे। आइए जानते हैं मुख्यमंत्री के दौरे का पूरा शेड्यूल और उनके जरिए किए जाने वाले कार्यक्रमों के बारे में… सीएम मोहन यादव का आज का कार्यक्रम भोपाल से इंदौर रवाना होंगे सुबह 11:35 बजे मुख्यमंत्री सुबह 11:35 बजे भोपाल से इंदौर के लिए रवाना होंगे। तय कार्यक्रम के अनुसार वे दोपहर 12:20 बजे इंदौर के हातोद क्षेत्र में स्थित रेशम केंद्र गौशाला, खजूरिया जाएंगे। यहां सीएम गोवर्धन पूजा कार्यक्रम में शामिल होंगे। इंदौर कार्यक्रम के बाद दोपहर 2:00 बजे सीएम इंदौर एयरपोर्ट से भोपाल के लिए रवाना होंगे। नगर निगम की हातोद स्थित रेशम केंद्र गोशाला में गोवर्धन पूजा का आयोजन बुधवार को किया गया है। इस आयोजन में शामिल होने के लिए सीएम डॉ.मोहन यादव आ रहे है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि सीएम डॉ. मोहन यादव इस अवसर पर गोवर्धन पूजा संपन्न करेंगे और गो सेवा से जुड़े कामों का अवलोकन करेंगे। आयोजन की शुरुआत दोपहर 12 बजे से होगी। प्रोग्राम में नगर निगम के जनप्रतिनिधि, नगर निगम के अधिकारी और स्थानीय लोग बड़ी संख्या में शामिल होंगे। बता दे कि गोशाला में आयोजन को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। भोपाल से विदिशा जाएंगे सीएम सीएम मोहन यादव दोपहर 2:30 बजे भोपाल से विदिशा जिले के ग्राम पथरिया पहुंचेंगे। यहां वे स्थानीय कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके बाद दोपहर 2:50 बजे ग्राम पथरिया से विदिशा के ग्राम बल्ला खड़ी जाएंगे। यहां भी वे स्थानीय कार्यक्रम में शामिल होंगे। भोपाल वापसी इसके बाद मुख्यमंत्री दिन के कार्यक्रम का समापन कर शाम 4:00 बजे भोपाल वापस लौटेंगे।

CM मोहन यादव की बिहार में रैली, कांग्रेस पर साधा निशाना – कहा युवाओं के भविष्य से किया खिलवाड़

भोपाल/पटना  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 16 अक्टूबर को बिहार की राजधानी पटना में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर प्रचार किया। उन्होंने पटना की कुम्हरार निर्वाचन क्षेत्र के कदमकुआं और बिक्रम विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत पार्वती स्कूल स्पोर्ट्स ग्राउंड में विशाल जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने विधानसभा कुम्हरार में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी संजय गुप्ता और बिक्रम नर्वाचन क्षेत्र में सिद्धार्थ सौरव के पक्ष में जनता से वोट की अपील की। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में लगातार तीसरी बार एनडीए की सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश का आर्थिक तंत्र बदल रहा है। सीएम डॉ. यादव की रैलियों में हुजूम उमड़ पड़ा। वे जैसे ही मंच पर आए, लोगों ने एनडीए और बीजेपी के समर्थन में नारे लगाना शुरू कर दिए। इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मैं विक्रमादित्य की नगरी से आता हूं और विक्रम विधानसभा में आने का अलग ही आनंद है। विक्रम नाम से ही सुशासन, दान, वीरता का भाव प्रकट होता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में हमारी सरकार मध्यप्रदेश में विकास के कई काम कर रही है। बिहार में नीतीश कुमार एनडीए सरकार में मुख्यमंत्री है। उन्होंने सुशासन के सिद्धांतों से बिहार को विकास की नई गति प्रदान की है। बिहार हर काल में अच्छा ही करता है। अवंतिका उज्जैनी और पाटिलपुत्र का 2 हजार साल पुराना रिश्ता है। जब सम्राट अशोक को गद्दी संभालने का अवसर मिला तो वे उज्जैन में थे और वहीं से बिहार लौटे थे। बिहार ने झेला है जंगलराज सीएम डॉ. यादव ने कहा कि बिहार महात्मा गौतम बुद्ध की धरती है। इस चुनाव में हमारे प्रत्याशी सिद्धार्थ ने निस्वार्थ भाव से जनता की सेवा की है। बिहार की जनता ने कभी जंगलराज भी झेला है। कांग्रेस और विपक्षी दलों की सरकारों में लाइसेंस, कोटा और परमिट राज चलता था। कांग्रेस के राज में देश की हालत दयनीय हो गई थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने युवाओं की योग्यता का गला घोंटा और बिहार को बर्बाद किया। उसके बाद हाथ में लालटेन पकड़ा दी। बिहार की ऐसी दुर्दशा तब है, जब देश में सबसे ज्यादा आईएएस यहीं से निकलते हैं। एनडीए में मौजूद है लोकतंत्र मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण ने लोकतंत्र की रक्षा की। हमारी पार्टी और एनडीए में एक चाय बेचने वाला भी प्रधानमंत्री बन सकता है, क्योंकि यहां लोकतंत्र है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का भी इतिहास यही है। आज लोकतंत्र को बचाने की चुनौती है। उन्होंने कहा कि दूसरी ओर, लाल किताब वाले की बुद्धि को अजीरण हो गया। भाषा और भाव कैसा हो, पता ही नहीं। सुप्रीम कोर्ट में बार-बार माफी मांगते हैं, लेकिन सुधरने को तैयार ही नहीं हैं। कांग्रेस परिवारवादी पार्टी है। अयोध्या के बाद अब बारी मथुरा की मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश के आर्थिक तंत्र में बदलाव आया है। आज गरीबों को 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिल रहा है। दुनिया में भारत की साख बढ़ रही है। कांग्रेसी तो भगवान श्रीराम के अस्तित्व पर भी सवाल उठाते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने रामजी के लिए फैसला दे दिया है, अब बारी मथुरा की है। जमुना किनारे भी कन्हैया मुस्कुराएंगे। नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में लगातार तीसरी बार एनडीए की सरकार बनेगी।  

किसानों के चेहरों पर लौटी मुस्कान, भावांतर योजना से मिला लाभ: सीएम मोहन यादव का बयान

भोपाल  भावांतर योजना को लेकर मध्यप्रदेश के किसान बेहद उत्साहित हैं। इस योजना की राशि का लाभ मिलने पर किसानों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को अनोखे अंदाज में धन्यवाद दिया। किसानों ने 12 अक्टूबर को इंदौर के देपालपुर और उज्जैन में जबरदस्त ट्रैक्टर रैली निकाली। सैकड़ों किसान सड़कों पर निकले और प्रदेश के मुखिया का आभार व्यक्त किया। इस मौके पर प्रदेश के अन्नदाता ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संकट की घड़ी में किसानों को आर्थिक मदद दी है। यह मदद किसानों के जीवन में बदलाव लाएगी। किसानों ने कहा कि सीएम डॉ. यादव ने यह मदद तब दी है, जब त्योहार सिर पर खड़ा है। दूसरी ओर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने श्योपुर जिले से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये देपालपुर के किसानों से बात की। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का मानना है कि किसानों की समृद्धि ही प्रदेश की प्रगति का आधार है। इसी भावना के साथ मध्यप्रदेश सरकार ने सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए भावांतर योजना लागू की है। बता दें, आज देपालपुर में किसानों का उत्साह देखते ही बनता था। किसानों ने 11 अक्टूबर की रात ही ट्रैक्टर रैली की सारी तैयारियां कर ली थीं। ट्रैक्टरों पर अलग-अलग तरह के स्लोगन और पोस्टर लगाए गए। उसके बाद किसान एक जगह इकट्ठे हुए और सैकड़ों ट्रैक्टरों को लेकर देपालपुर की सड़कों पर निकल पड़े। किसानों ने रैली से शुरू होने से अंत तक सीएम डॉ. यादव के समर्थन में नारे लगाए। दूसरी ओर, उज्जैन में किसानों की ट्रैक्टर रैली कृषि उपज मंडी परिसर से शुरू होकर आगर रोड, चामुंडा माता चौराहा, फ्रीगंज ओवर ब्रिज, तीन बत्ती चौराहा होते हुए दशहरा मैदान पहुंची। इस रैली में शामिल ट्रैक्टरों पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रति आभार व्यक्त करने वाले कई पोस्टर और बैनर लगे थे। किसान कल्याण के लिए संकल्पित सरकार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कुछ दिनों पहले ही कहा था कि प्रदेश सरकार किसानों को सोयाबीन का उचित मूल्य दिलवाने के लिए संकल्पित है। भावांतर योजना के तहत किसानों को राहत देने का फैसला सरकार ने किसान संघों के सुझाव पर किया है। बता दें, किसान पहले की ही तरह सोयाबीन को मंडियों में बेचेगा। मंडी में अगर उन्हें एमएसपी से कम कीमत मिलेगी तो सरकार इस घाटे की भरपाई करेगी। यानी फसल के विक्रय मूल्य और एमएसपी के अन्तर की राशि सरकार देगी। कब से प्रभावशील होगी योजना मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए भावांतर योजना लागू ही है। प्रदेश में ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन की प्रक्रिया 3 अक्टूबर से प्रारंभ हो चुकी है, जो 17 अक्टूबर तक जारी रहेगी। योजना 24 अक्टूबर से प्रभावशील होगी। इस योजना के मुताबिक, अगर किसानों का सोयाबीन न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से कम कीमत पर बिकता है तो सरकार किसानों के घाटे की भरपाई करेगी।   

मध्य प्रदेश में मंत्री-कार्यशैली पर समीक्षा, मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारी तेज

भोपाल मध्य प्रदेश में सत्ता और संगठन में बड़े बदलाव की सुगबुगाहट तेज हो गई है. निगम, मंडल और प्राधिकरणों में नियुक्तियों को लेकर जोर-शोर से चर्चा चल रही है. इसके साथ ही मंत्रिमंडल विस्तार की खबरें भी सुर्खियों में हैं. पिछले कुछ दिनों में मध्य प्रदेश से लेकर दिल्ली तक बड़े नेताओं की मुलाकातों का सिलसिला लगातार जारी है. पिछले दो दिनों में ही 10 से अधिक बड़े नेताओं ने एक-दूसरे से मुलाकात की है, जिसने इन बदलावों की अटकलों को और हवा दी है. नेताओं की मुलाकातों का सिलसिला मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर से मुलाकात की. वहीं, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से चर्चा की. इसके अलावा, संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा और हेमंत खंडेलवाल ने भी दिल्ली में कई बड़े नेताओं से मुलाकात की. इन मुलाकातों में संगठन और सरकार के बीच तालमेल, नियुक्तियों और मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल जैसे मुद्दों पर बातचीत होने की संभावना जताई जा रही है.  मध्य प्रदेश के कमिश्नर और कलेक्टरों की भोपाल में दो दिन चली कांफ्रेंस के बाद अब मुख्यमंत्री डा मोहन यादव अपनी सरकार के मंत्री व विधायकों के कामकाज की समीक्षा करेंगे। वह मंत्रियों के साथ वन-टू-वन बैठक करके विभागवार उनके कामकाज की समीक्षा करेंगे। विभागवार मंत्रियों के प्रदर्शन का आकलन किया जाएगा और इसके आधार पर मंत्रियों के कामकाज की ग्रेडिंग तय होगी। जल्द ही मंत्रियों के साथ बैठक का दौर शुरू करने की तैयारी है। यही वजह रही कमिश्नर कलेक्टरों की कांफ्रेंस में किसी भी मंत्री से शामिल नहीं किया गया। विधायकों को चार साल का रोडमैन बनाने के लिए कहा कांफ्रेंस में मुख्यमंत्री ने मंत्रियों के प्रभार वाले जिलों की स्थिति का आकलन किया है। इस आधार पर अब वह मंत्रियों से जानेंगे कि उन्होंने 20 माह में अपने प्रभार के जिलों में क्या-क्या कार्य किए। इसी तरह मुख्यमंत्री डॉ. यादव पार्टी के विधायकों के कामकाज को भी देखेंगे। उल्लेखनीय है कि विधायकों को चार साल का रोडमैप बनाने के लिए कहा गया था। उन्होंने अपने विधायक निधि का जनकल्याण में कितना उपयोग किया, इसकी रिपोर्ट भी तैयार कराई गई है। यह रिपोर्ट मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी। इधर, मुख्यमंत्री ने पहले ही मंत्रियों के परफारमेंस की एक रिपोर्ट तैयार कराई है, जो केंद्रीय नेतृत्व को भेजी गई थी। सिंहस्थ -2028 से कार्यों से जुड़े से 12 विभागों की मुख्यमंत्री अलग से बैठक लेंगे। मंत्रिमंडल विस्तार के संकेत मुख्यमंत्री जिस तरह से मंत्रियों के कामकाज पर नजर बनाए हुए हैं उससे मंत्रिमंडल विस्तार के संकेत मिल रहे हैं। पूर्व में मुख्यमंत्री द्वारा अपने मंत्रियों के कामकाज की रिपोर्ट तैयार कराने के बाद इसकी प्रबल संभावना देखी जा रही है। मंत्रिमंडल विस्तार होता है तो क्षेत्रीय संतुलन साधने के हिसाब कुछ पूर्व मंत्रियों को फिर मौका दिया जा सकता है। वर्तमान में मुख्यमंत्री सहित 31 मंत्री हैं। नियम के अनुसार 35 मंत्री हो सकते हैं। इन बिंदुओं पर होगी चर्चा     कितने मंत्रियों ने गांव में रात्रि विश्राम किया और गांव में चौपाल लगाई।     प्रभार के जिलों में प्रतिमाह दौरा कर रहे हैं या नहीं।     मंत्रियों की अपने प्रभार के जिलों में अधिकारियों के साथ कैसा तालमेल हैं।     पार्टी संगठन के कामकाज में सहभागिता कैसी है।     केंद्र से मिले अभियानों को सफल बनाने में कितने मंत्रियों का प्रदर्शन अच्छा रहा।     कितने मंत्रियों से आमजन व पार्टी कार्यकर्ता संतुष्ट है या नहीं।