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मध्य प्रदेश में मंत्री-कार्यशैली पर समीक्षा, मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारी तेज

भोपाल मध्य प्रदेश में सत्ता और संगठन में बड़े बदलाव की सुगबुगाहट तेज हो गई है. निगम, मंडल और प्राधिकरणों में नियुक्तियों को लेकर जोर-शोर से चर्चा चल रही है. इसके साथ ही मंत्रिमंडल विस्तार की खबरें भी सुर्खियों में हैं. पिछले कुछ दिनों में मध्य प्रदेश से लेकर दिल्ली तक बड़े नेताओं की मुलाकातों का सिलसिला लगातार जारी है. पिछले दो दिनों में ही 10 से अधिक बड़े नेताओं ने एक-दूसरे से मुलाकात की है, जिसने इन बदलावों की अटकलों को और हवा दी है. नेताओं की मुलाकातों का सिलसिला मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर से मुलाकात की. वहीं, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से चर्चा की. इसके अलावा, संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा और हेमंत खंडेलवाल ने भी दिल्ली में कई बड़े नेताओं से मुलाकात की. इन मुलाकातों में संगठन और सरकार के बीच तालमेल, नियुक्तियों और मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल जैसे मुद्दों पर बातचीत होने की संभावना जताई जा रही है.  मध्य प्रदेश के कमिश्नर और कलेक्टरों की भोपाल में दो दिन चली कांफ्रेंस के बाद अब मुख्यमंत्री डा मोहन यादव अपनी सरकार के मंत्री व विधायकों के कामकाज की समीक्षा करेंगे। वह मंत्रियों के साथ वन-टू-वन बैठक करके विभागवार उनके कामकाज की समीक्षा करेंगे। विभागवार मंत्रियों के प्रदर्शन का आकलन किया जाएगा और इसके आधार पर मंत्रियों के कामकाज की ग्रेडिंग तय होगी। जल्द ही मंत्रियों के साथ बैठक का दौर शुरू करने की तैयारी है। यही वजह रही कमिश्नर कलेक्टरों की कांफ्रेंस में किसी भी मंत्री से शामिल नहीं किया गया। विधायकों को चार साल का रोडमैन बनाने के लिए कहा कांफ्रेंस में मुख्यमंत्री ने मंत्रियों के प्रभार वाले जिलों की स्थिति का आकलन किया है। इस आधार पर अब वह मंत्रियों से जानेंगे कि उन्होंने 20 माह में अपने प्रभार के जिलों में क्या-क्या कार्य किए। इसी तरह मुख्यमंत्री डॉ. यादव पार्टी के विधायकों के कामकाज को भी देखेंगे। उल्लेखनीय है कि विधायकों को चार साल का रोडमैप बनाने के लिए कहा गया था। उन्होंने अपने विधायक निधि का जनकल्याण में कितना उपयोग किया, इसकी रिपोर्ट भी तैयार कराई गई है। यह रिपोर्ट मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी। इधर, मुख्यमंत्री ने पहले ही मंत्रियों के परफारमेंस की एक रिपोर्ट तैयार कराई है, जो केंद्रीय नेतृत्व को भेजी गई थी। सिंहस्थ -2028 से कार्यों से जुड़े से 12 विभागों की मुख्यमंत्री अलग से बैठक लेंगे। मंत्रिमंडल विस्तार के संकेत मुख्यमंत्री जिस तरह से मंत्रियों के कामकाज पर नजर बनाए हुए हैं उससे मंत्रिमंडल विस्तार के संकेत मिल रहे हैं। पूर्व में मुख्यमंत्री द्वारा अपने मंत्रियों के कामकाज की रिपोर्ट तैयार कराने के बाद इसकी प्रबल संभावना देखी जा रही है। मंत्रिमंडल विस्तार होता है तो क्षेत्रीय संतुलन साधने के हिसाब कुछ पूर्व मंत्रियों को फिर मौका दिया जा सकता है। वर्तमान में मुख्यमंत्री सहित 31 मंत्री हैं। नियम के अनुसार 35 मंत्री हो सकते हैं। इन बिंदुओं पर होगी चर्चा     कितने मंत्रियों ने गांव में रात्रि विश्राम किया और गांव में चौपाल लगाई।     प्रभार के जिलों में प्रतिमाह दौरा कर रहे हैं या नहीं।     मंत्रियों की अपने प्रभार के जिलों में अधिकारियों के साथ कैसा तालमेल हैं।     पार्टी संगठन के कामकाज में सहभागिता कैसी है।     केंद्र से मिले अभियानों को सफल बनाने में कितने मंत्रियों का प्रदर्शन अच्छा रहा।     कितने मंत्रियों से आमजन व पार्टी कार्यकर्ता संतुष्ट है या नहीं।  

CM मोहन यादव का संवेदनशील कदम: कफ सिरप कांड में बीमार बच्चों का हाल जानने पहुंचे नागपुर

भोपाल/ छिंदवाड़ा  छिंदवाड़ा में कफ सिरप से हुई बच्चों की मौत का आंकड़ा अब 21 तक पहुंच गया है. नागपुर के अस्पताल में भर्ती पांच वर्ष के एक और बच्चे मयंक सूर्यवंशी ने दम तोड़ दिया है. इस बीच मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव गुरुवार को नागपुर पहुंचे. वे यहां अस्पताल में भर्ती बच्चों के स्वास्थ्य का हाल जानने के साथ उनके परिजनो से भी मुलाकात करेंगे. अस्पताल में भर्ती बच्चों का हेल्थ अपडेट लेंगे सीएम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव नागपुर में एम्स, न्यू हेल्थ सिटी हॉस्पिटल और गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज नागपुर (जीएमसी) में भर्ती बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी लेंगे. साथ ही उनके परिजनों और अस्पताल प्रबंधन से बात करेंगे. वर्तमान में छिंदवाड़ा के चार बच्चों का इलाज नागपुर में चल रहा है इनमें से दो बच्चे एम्स नागपुर में, एक न्यू हेल्थ सिटी हॉस्पिटल और एक गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज नागपुर में भर्ती है. इसके पहले सीएम डॉ. यादव ने हाल ही में छिंदवाड़ा में भी परिवारों से मुलाकात की थी. इस मौके पर सीएम ने पीड़ित परिवारों से कहा था कि यह सिर्फ आपकी नहीं, मेरी और हम सबकी पीड़ा है. आपके बच्चों का दुख मेरा भी है. वेदना की इस घड़ी में मैं और पूरी सरकार आपके साथ है. उन्होंने कहा कि सभी दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है. घटना से पीड़ित परिजन को सभी प्रकार की शासकीय मदद तत्परता से मुहैया कराई जाएगी. मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों को सांत्वना देते हुए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि इसका ध्यान रखा जाए कि ऐसी दुर्घटनाएं फिर न हों. उच्चस्तरीय जांच जारी बता दें, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस घटना की उच्च स्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं. उन्होंने दोषियों को न बख्शने की बात कही है. पीड़ित बच्चों का इलाज ठीक तरीके से हो, इसके लिए प्रशासनिक टीम भी तैनात कर दी गई है. सरकार ने कड़ी कार्रवाई करते हुए तीन अधिकारियों- उप-औषधि नियंत्रक-नियंत्रण प्राधिकारी औषधि प्रशासन भोपाल शोभित कोष्टा, औषधि निरीक्षक जबलपुर शरद जैन और औषधि निरीक्षक छिंदवाड़ा गौरव शर्मा को निलंबित कर दिया है. फूड एंड ड्रग कंट्रोलर का ट्रांसफर कर दिया गया है. तमिलनाडू से कंपनी का मालिक गिरफ्तार मध्य प्रदेश पुलिस ने इस मामले में बड़ा एक्शन लेते हुए चेन्नई से कफ सिरप निर्माता कंपनी श्रीसन फार्मास्यूटिकल्स के मालिक रंगनाथन गोविंदन को गिरफ्तार कर लिया है. इस कफ सिरप में 48 फीसदी डायएथिलीन ग्लाईकॉल मिला था. इसी जहरीले रसायन की वजह से बच्चों की किडनी खराब हुई और 21 बच्चे काल के गाल में समा गए.  

छिंदवाड़ा हादसे पर CM का कड़ा कदम: खांसी सिरप मामले में कई अफसरों पर गिरी गाज

 भोपाल  मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने खांसी की सिरप कोल्ड्रिफ (Coldrif) से जुड़ी घटना पर सख्त रुख अपनाते हुए डिप्टी ड्रग कंट्रोलर और ड्रग इंस्पेक्टर को निलंबित करने के आदेश दिए हैं. सीएम ने बताया कि राज्य सरकार ने तमिलनाडु सरकार से इस सिरप बनाने वाली कंपनी के खिलाफ कार्रवाई करने का आग्रह किया है. वहीं, तमिलनाडु सरकार ने इस घटना का संज्ञान लेते हुए कंपनी के सभी उत्पादों पर प्रतिबंध लगा दिया है. सीएम मोहन यादव ने कहा, 'मैं प्रभावित परिवारों के साथ खड़ा हूं. कांग्रेस पार्टी के पास केवल आरोप लगाने के अलावा और कोई काम नहीं है.' उन्होंने साफ किया कि सरकार दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी और ऐसी घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. छिंदवाड़ा और बैतूल जिलों में 16 बच्चों की मौत के बाद पुलिस ने वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रवीन सोनी को गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तारी से कुछ घंटे पहले उन्होंने मीडिया से बातचीत कर अपना पक्ष रखा था. छिंदवाड़ा ड्रग्स इंस्पेक्टर गौरव शर्मा को सस्पेंड किया गया है. जबलपुर के ड्रग्स इंस्पेक्टर शरद जैन को भी सस्पेंड किया गया है. डिप्टी डायरेक्टर खाद्य और औषधि प्रशासन को भी निलंबित किया गया है. इतना ही नहीं, डायरेक्टर शोभित कोष्टा को भी सस्पेंड कर दिया गया है. वहीं खबर है कि ड्रग्स कंट्रोलर को भी हटाया जा सकता है. वहीं कफ सीरप से एक दर्जन से ज्यादा बच्चों की मौत और डॉक्टर की गिरफ्तारी पर मेडिकल टीचर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ राकेश मालवीय ने सोमवार को कहा कि अमानक, मिलावटी दवाओं के खिलाफ हम दो साल से आवाज उठा रहे हैं लेकिन शासन-प्रशासन ने हमारी नहीं सुनी. लैब और टेस्टिंग एजेंसी ने सीरप को पास किया था और अब डॉ प्रवीण सोनी को गलत ठहरा कर जेल भेज दिया है. इसमें डॉक्टर की कोई गलती नहीं है. उन्होंने प्रोटोकॉल के हिसाब से इलाज किया. डॉक्टर की सम्मान के साथ जल्द रिहाई हो. इस मामले में हम चुप नहीं बैठेंगे. आज बैठक कर रणनीति बनाई जाएगी. घटना बहुत दुखद है. हम सबकी भावनाएं पीड़ित परिवारों से जुड़ी हुई हैं. डॉ. सोनी ने क्या कहा? डॉ. सोनी ने कहा कि वे कई सालों से इस कंपनी की दवाएं लिख रहे हैं और यह कहना गलत है कि डॉक्टर दवा की फॉर्मुलेशन तय करते हैं. उन्होंने बताया कि उन्हें हमेशा सील पैक और तैयार दवाएं मिलती हैं. उनका कहना था कि सिरप एक दिन की दवा नहीं है और उन्होंने दर्जनों बच्चों को इसका प्रिस्क्रिप्शन दिया था. स्वास्थ्य अधिकारियों की सलाह पर उन्होंने अपने निजी क्लिनिक में शिशुओं को देखना भी बंद कर दिया था. 16 बच्चों की मौत से सनसनी छिंदवाड़ा और बैतूल जिलों में 16 बच्चों की मौत के बाद यह मामला सामने आया. अधिकारियों के अनुसार 11 बच्चों की मौत परासिया उपखंड में, 2 की छिंदवाड़ा शहर में, 1 की चौरई तहसील में और 2 की मौत बैतूल जिले में हुई. लैब रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि कोल्ड्रिफ सिरप में 48.6 प्रतिशत डाइएथिलीन ग्लाइकोल (DEG) पाया गया, जो बेहद जहरीला रसायन है और किडनी फेल होने के साथ मौत तक का कारण बन सकता है. CM मोहन यादव ने की कार्रवाई मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घटना का संज्ञान लेते हुए डॉ. सोनी को तत्काल निलंबित कर दिया. साथ ही पूरे प्रदेश में कोल्ड्रिफ सिरप की बिक्री और वितरण पर रोक लगा दी गई. पुलिस ने डॉ. सोनी और सिरप बनाने वाली कंपनी स्रेसुन फार्मास्यूटिकल्स के खिलाफ ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं में केस दर्ज किया है. डॉक्टरों की चेतावनी इस बीच, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) की छिंदवाड़ा इकाई की अध्यक्ष कल्पना शुक्ला ने चेतावनी दी है कि यदि डॉ. सोनी को जल्द रिहा नहीं किया गया तो सभी डॉक्टर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे.

हेट पहनकर खुले आम घूमते दिखे सीएम मोहन यादव, पत्नी संग स्टाइलिश अंदाज में फोटो वायरल

भोपाल  एमपी के सीएम डॉ. मोहन यादव इन दिनों असम के दौरे पर हैं। वे एमपी में इन्वेस्ट करने के लिए पूर्वोत्तर भारत के निवेशकों को लुभा रहे हैं। असम प्रवास के दौरान रविवार को सीएम मोहन यादव पत्नी सीमा यादव के साथ विश्व प्रसिद्ध काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान घूमने गए। यहां वे खुली जीप में हेट पहने स्टाइलिश अंदाज में नजर आए। सीएम मोहन यादव ने काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में वन्यजीवों को बिल्कुल पास से देखा। उन्होंने हाथियों को स्पर्श करते हुए गन्ना खिलाया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एक अजगर से भी रूबरू हुए। भ्रमण के बाद उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश और असम के बीच वन्य जीव पर्यटन में साझेदारी के लिए विशेष पहल की जाएगी। सीएम मोहन यादव चाय बागान भी पहुंचे। यहां उन्होंने मजदूरों और महिलाओं से चर्चा की। चाय बागान के भ्रमण के दौरान सीएम डॉ. मोहन यादव ने चाय उत्पादन की प्रक्रिया समझी। चाय उत्पादकों और मजदूर महिलाओं से काम की बा​रीकियां जानीं। सीएम डॉ. मोहन यादव ने चाय उद्योग को असम का गौरव और अर्थव्यवस्था का प्रतीक बताया। उन्होंने एमपी और असम के बीच व्यापार-उद्योग के साथ ईको-टूरिज्म, वन्य जीव पर्यटन की दिशा में परस्पर सहयोग और साझेदारी को बढ़ाने के लिए पहल करने की बात कही। अजगर को प्राकृतिक आवास में छोड़ा काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में सीएम मोहन यादव अलग अंदाज में नजर आए। वे खुली जीप में हेट पहनकर घूमे और दूरबीन से भी उद्यान के प्राकृतिक सौंदर्य व वन्यजीवों को देखते रहे। उद्यान के हाथियों को सीएम मोहन यादव ने गन्ना खिलाकर दुलार किया। इस दौरान उन्होंने एक अजगर को प्राकृतिक आवास में छोड़ा।   बता दें कि काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान पूर्वी हिमालयी जैव विविधता का प्रमुख केन्द्र है। इसे यूनेस्को द्वारा विश्व-धरोहर घोषित किया गया है। यहां एक सींग वाला गैंडा पाया जाता है। काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में हाथियों की भी खासी संख्या है। यहां जंगली भैंसें, दलदली हिरणों भी पाए जाते हैं। अनेक अन्य प्रकार के वन्य जीवों की बड़ी संख्या के साथ वन्य जीव संरक्षण गतिविधियों के लिए भी काजीरंगा विख्यात है। उद्यान में पक्षियों की विभिन्न प्रजातियां भी हैं। सीएम डॉ. मोहन यादव ने विश्वविख्यात उद्यान में पूरा लुत्फ उठाया। वन्यजीवों के संरक्षण के लिए उद्यान में किए गए नवाचारों के संबंध में अधिकारियों से जानकारी ली।

मुख्यमंत्री 7-8 अक्टूबर को करेंगे कॉन्फ्रेंस, कलेक्टर-कमिश्नर सहित सभी विभागों के अफसर होंगे शामिल

भोपाल   मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव 7 और 8 अक्टबूर को कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर भोपाल में कलेक्टर-कमिश्नर, एसपी, आईजी-डीआईजी के साथ पहली कॉन्फ्रेंस करेंगे। इस कांफ्रेंस के आठ मुख्य बिंदु तय किए गए हैं। जिसके बार में मंत्रालय के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव स्तर के अधिकारी जानकारी देंगे। दो दिन की बैठक में तैयार होगा रोडमैप जानकारी के मुताबिक, सीएम डॉ मोहन यादव इस कांफ्रेंस में अपनी प्राथमिकताएं देंगे। जिसमें साल भर का रोडमैप तैयार किया जाएगा और पैमाने पर परफॉर्मेंस मॉनिटर की जाएगी। इस कॉफ्रेंस में नगरीय निकायों के कमिश्नर और जिला पंचायत सीईओ को बुलाया जाएगा। बैठक में सभी के साथ ग्रुप डिस्कशन होगा। वहीं, आईएएस अफसरा और पुलिस विभाग के आला-अफसरों का भी एक सत्र होगा। किस मुद्दे पर कौन से विभाग का अफसर बोलेगा नगरीय प्रशासन विभाग की पीएम आवास योजना, अमृत योजना और स्वच्छ भारत मिशन पर संजय दुबे जानकारी देंगे। गुड गवर्नेंस के राजस्व मामलों का निपटारा और डिजिटलाइजेशन, भूमि अधिग्रहण समेत कई अन्य मुद्दों पर संजय कुमार शुक्ला जानकारी देंगे। क्राउड मैनेजमेंट, रोड सेफ्टी, क्रिमिनल लॉ और एयर एंबुलेंस के मुद्दे पर शिवशेखर शुक्ला जानकारी देंगे। सिकल सेल, पोषण, अस्पताल के जुड़े मुद्दों पर संदीप यादव जानकारी देंगे। वहीं, स्किल डेवलपमेंट, एमएसएमई लोन स्कीम, उद्योगों को जमीन का आवंटन, पीएम गतिशक्ति, स्टार्टअप सहित दूसरे मामलों की जानकारी राघवेंद्र कुमार सिंह देंगे। खाद-बीज, नरवाई प्रबंध, प्राकृतिक खेती, सिंचाई की प्लानिंग, दूध उत्पादन सहित दूसरे मामलों की जानकारी अशोक वर्णवाल देंगे। एडमिशन और ड्रॉप आउट रेट, शिक्षा की गुणवत्ता समेत दूसरे मामलों की जानकारी देने का जिम्मा संजय गोयल पर है। पीएम जनमन, दजगुआ, पीएम आवास व स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), मनरेगा, आजीविका मिशन, पंचायती राज, ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण, इको सेंसेटिव जोन समेत कई दूसरे मामलों की जानकारी दीपाली रस्तोगी देंगी। 

मंदिर की अनोखी परंपरा: आरती के दौरान माता का झूला अपने आप झूलता है, सीएम मोहन यादव ने बताई कहानी

उज्जैन  एमपी में नवरात्र का उल्लास चरम पर है। जगह जगह कन्या पूजन और भोज आयोजित किए जा रहे हैं। उज्जैन में ऐसे ही एक कार्यक्रम में सीएम डॉ. मोहन यादव भी शामिल हुए। उन्होंने विक्रमादित्य क्लॉथ मार्केट में कन्या पूजन किया। उज्जैन में सीएम मोहन यादव ने 369 करोड़ के विकास कार्यों का भूमिपूजन भी किया। इस मौके पर उन्होंने प्राचीन हरसिद्धि माता मंदिर में नित्य होनेवाले एक चमत्कार का भी जिक्र किया। सीएम मोहन यादव ने बताया कि कैसे आरती के समय माता का झूला अपने आप झूलने लगता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को उज्जैन पहुंचे और अनेक कार्यक्रमों में शामिल हुए। उन्होंने नवरात्रि पर्व के अवसर पर कन्या पूजन भी किया। उज्जैन में 121 स्थानों पर एक साथ कार्यक्रम आयोजित कर 25 हजार कन्याओं का पूजन किया गया।   सायंकाल की आरती शुरु होते ही अपने आप झूलने लगता झूला मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर उज्जैन के प्राचीन हरसिद्धि माता मंदिर की विशेषताओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 2 हजार साल पुराने अतीत को याद करें तो हरसिद्धि माता का एक रूप यह भी है कि रात में उज्जैन में रहना और दिन में गुजरात में रहना। सीएम मोहन यादव ने मंदिर में होनेवाली अनूठी घटना भी बताई। उन्होंने कहा कि अद्भुत तो तब होता है जब सायंकाल की आरती शुरु होते ही झूला अपने आप झूलने लगता है। माता के यहां से निकल जाने का अहसास होता है। सुबह की आरती होते ही माता अपने आप आ जाती है, झूला फिर प्रारंभ हो जाता है। सीएम मोहन यादव ने कहा कि उज्जैन में कदम-कदम पर ऐसे ऐसे कई रहस्यों के साथ वास्ता आता है। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद बालयोगी उमेशनाथ महाराज, विधायक अनिल जैन कालूहेडा, सतीश मालवीय, महापौर मुकेश टटवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

लाड़ली बहनों के लिए खुशखबरी! अक्टूबर से मिलेगी ज्यादा राशि, सीएम मोहन यादव का ऐलान

भोपाल  मध्य प्रदेश सरकार की लाड़ली बहना योजना की 29वीं किस्त अक्टूबर में जारी की जाएगी। इस बार लाभार्थियों को ₹1,250 के बजाय ₹1,500 रुपये मिलेंगे। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हाल ही में घोषणा की थी कि दिवाली के अगले दिन यानी भाई दूज से योजना की राशि बढ़ाई जाएगी। राशि में बढ़ोतरी लाड़ली बहना योजना के तहत अब लाभार्थियों को प्रति माह ₹1,500 मिलेंगे। अगस्त में भी कुछ लाड़ली बहनों के खाते में ₹1,500 आए थे, जिसमें ₹1,250 की मूल राशि और ₹250 अतिरिक्त राखी के शगुन के रूप में शामिल थे। भविष्य में और बढ़ोतरी सरकार ने यह भी कहा है कि 2028 तक राशि बढ़ाकर ₹3,000 प्रति माह कर दी जाएगी। योजना की शुरुआत ₹1,000 मासिक भुगतान के साथ हुई थी, जिसे बाद में ₹1,250 किया गया था। यह योजना राज्य की बेटियों को आर्थिक रूप से सशक्त और संबल प्रदान करने के लिए बनाई गई है। इसके माध्यम से 12.7 मिलियन से अधिक महिलाओं के खातों में सीधे वित्तीय सहायता दी जा रही है।  भाईदूज से लाड़ली बहनों को 1500 रुपए का एलान  मुख्यमंत्री डाॅ मोहन यादव ने कहा कि "लाड़ली बहनों हाथ खड़े करो, जिन जिनको पैसे मिल रहा है. आप बताओ बहन को भी मिल रहा है और भाई को भी मिल रहा है. हमारे पास कोई पैसे की कमी नहीं है, किसानों की जिंदगी जितनी बेहतर कर सकते हैं, हम लगातार उस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं और बहनों चिंता मत करो. ये कांग्रेसी कुछ भी कहें, लेकिन इसी दिवाली के बाद भाईदूज से आपको भी 1500 रुपए महीने मिलना चालू हो जाएगा. मोहन यादव बोले- हमारे पास पैसे की कमी नहीं हम अपने किसान भाईयों और लाड़ली बहनों को किसी तरह की कमी नहीं आने देंगे. किसान भाईयों को केंद्र और राज्य सरकार की किसान सम्मान निधि मिलेगी, तो लाड़ली बहनों के लिए दीपावली के बाद भाईदूज को 1500 रुपए मिलेंगे.

गीता भवन निर्माण को बढ़ावा, नगरीय निकायों में जमीन सिर्फ 1 रुपये में उपलब्ध कराएगी सरकार

भोपाल  कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद अब नगरीय प्रशासन ने प्रदेशके नगरीय निकायों में गीता भवन बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। पहले चरण में उन निकायों में इनका निर्माण होगा जहां जमीन उपलब्ध है। विभाग ने सभी निकायों से जमीन की जानकारी मांगी है। जिनके पास जमीन उपलब्ध नहीं है उन्हें सरकार एक रुपए में जमीन देगी। इनका निर्माण पीपीपी मोड पर होगा। इन्हें सामाजिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए यहां बड़े हॉल के साथ लायब्रेरी भी होगी। इससे वहां छात्र भी बैठकर अध्ययन कर सकेंगे। यहां ई-लायब्रेरी की भी व्यवस्था की जाएगी। फैक्ट फाइल     413 निकायों में बनाए जाएंगे गीता भवन     सामाजिक-सांस्कृतिक केंद्र के साथ ही युवाओं की शिक्षण गतिविधियों के लिए लायब्रेरी भी होंगी पांच साल में सारे भवन बनाने का लक्ष्य मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव(CM Mohan Yadav) ने सभी नगरीय निकायों में गीता भवन बनवाने की घोषणा की थी। इसके बाद इन पर काम शुरू हुआ है। नगरीय विकास विभाग ने सभी 413 निकायों में पांच साल में गीता भवन बनाने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए जिन निकायों में जमीन उपलब्ध है वहां निर्माण के लिए जल्द एजेंसी तय करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी ताकि निर्माण कार्य जल्दी शुरू हो सके। आबादी से तय होगा भवन का आकार योजना के अनुसार 5 लाख से ज्यादा जनसंख्या वाले नगर निगमों में 1500 बैठक क्षमता के भवन बनाए जाएंगे। 5 लाख तक की जनसंख्या वाले नगर निगमों में 1 हजार की बैठक क्षमता वाला गीता भवन तैयार किया जाएगा। कुछ छोटी नगर पालिकाओं में 500 की बैठक क्षमता के गीता भवन भी तैयार किए जाएंगे। इन्हें भविष्य की जरूरतों के अनुसार भी तैयार किया जाएगा तो आबादी बढ़ने पर भी यह उपयोगी रहें। कमर्शियल स्पेस भी होगा गीता भवन का जो निजी डेवलपर विकास करेगा उसे उसके बदले कुछ कमर्शियल स्पेस उपलब्ध कराया जाएगा। नगरीय निकाय की भी कुछ दुकानें होंगी। इनके किराए से मेंटेनेंस का प्रबंध होगा। यहां साहित्य सामग्री बिक्री केन्द्र भी रहेगा। गीता भवन में कैफेटेरिया-स्वल्पाहार गृह की सुविधा भी होगी। यहां लायब्रेरी में पढ़ने वालों के लिए एसी, पंखे और ठंडे पानी की व्यवस्था रहेगी। ऑडीटोरियम में प्रवचन, सामाजिक, सांस्कृतिक आयोजन हो सकेंगे।

स्वदेशी वस्तुओं की खरीदी करेंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जीएसटी की दरों में कटौती के बारे में व्यापारियों को देंगे जानकारी भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार (22 सितंबर को) भोपाल के ऐतिहासिक 'चौक बाजार में' नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी के प्रचार अभियान में शामिल होंगे। कार्यक्रम का शुभारंभ दोपहर 2:30 बजे भवानी मंदिर, सोमवारा चौक पर होगा, जहां मुख्यमंत्री डॉ. यादव के जीएसटी प्रचार अभियान का स्वागत किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शारदीय नवरात्र की घट स्थापना अवसर पर यहां कर्फ़्यू वाली माता मंदिर में दर्शन-पूजन कर शुभाशीष प्राप्त करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव चौक बाजार में ही पुलिस चौकी से दीपाली साड़ी प्रतिष्ठान तक पैदल भ्रमण करेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री बाजार में खरीददारी करने आये ग्राहकों और व्यापारियों से जीएसटी के बारे में चर्चा करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव व्यापारियों को जीएसटी रेजोल्यूशन की प्रतियां वितरित करेंगे और व्यापारियों को समझाइश देकर जीएसटी को लेकर उनकी जिज्ञासाओं का समाधान भी करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रचार अभियान के दौरान स्वदेशी हैंडलूम्स और खादी कपड़े से बने परिधानों की खरीददारी करेंगे। साथ ही विभिन्न भुगतान माध्यमों के बारे में जानकारी देकर आमजन को डिजिटल पेमेंट प्रणाली अपनाने का संदेश भी देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव अपरान्ह 3 बजे श्री मोतीलाल मन्नूलाल धर्मशाला पहुंचेंगे, जहां वे व्यापारिक, वाणिज्यिक एवं सामाजिक संगठनों के करीब 300 प्रतिनिधियों से रूबरू होकर संवाद करेंगे। संवाद के दौरान केंद्र सरकार द्वारा जीएसटी की दरों में कटौती किए जाने से क्रेता-विक्रेता को होने वाले लाभों की जानकारी दी जायेगी।  

डॉ. यादव ने जताई सरकार की प्रतिबद्धता: जनता के लिए विकास और सुरक्षा सर्वोपरि

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वरिष्ठ नेताओं और मंत्रियों की उपस्थिति में सेवा पखवाड़ा के संबंध में हुई बैठक में कहा कि  राज्य सरकार विकास, जनकल्याण और सुराज के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितंबर से प्रदेश में सेवा पखवाड़ा का आयोजन किया जा रहा है। प्रदेश में अब सेवा पखवाड़ा की गतिविधियो ंको सत्ता और संगठन मिलकर तेज गति देंगे। इसको लेकर शनिवार को मुख्यमंत्री निवास में बैठक हुई।  बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार विकास, जनकल्याण और सुराज के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में 17 सितंबर से सेवा पखवाड़ा आरंभ किया गया है। साथ ही आमजन को जीएसटी  रिफॉर्म्स के लाभ दिलाने तथा आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान के अंतर्गत जन-जन को स्वदेशी अभियान में शामिल करने के उद्देश्य से भी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। अभियान में आमजन की सक्रिय भागीदारी से सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास और सबका प्रयास तथा वोकल फॉर लोकल की भावना के अनुरूप गतिविधियां जारी हैं।  मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रत्येक वार्ड और ग्राम स्तर तक गतिविधियों का प्रभावी व्यवस्थित और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 'स्वच्छता ही सेवा अभियान', 'एक बगिया मां के नाम' और 'एक पेड़ मां के नाम' के अंतर्गत पौधरोपण, नमो पार्क तथा नमो उपवन विकसित करने, विद्यालय स्तर पर खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन, जनसामान्य को स्थानीय उत्पादों और हस्तशिल्प सामग्री खरीदने के लिए प्रोत्साहित करने जैसी गतिविधियां जनभागीदारी से संचालित की जा रही हैं। विद्यालयों और महाविद्यालयों में 'विकसित भारत' थीम पर निबंध, वाद-विवाद और चित्रकला प्रतियोगिताएं तथा संगोष्ठियां भी हो रही हैं। बैठक में उप मुख्यमंत्री  जगदीश देवड़ा, उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री  प्रहलाद सिंह पटेल, लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक हेमंत खण्डेलवाल सहित शिवप्रकाश और हितानंद शर्मा उपस्थित थे।