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CM मोहन का सामूहिक विवाह पर बयान: 251 नवदंपतियों को आशीर्वाद देते हुए कहा- पारिवारिक बोझ घटता है

इंदौर  इंदौर के सांवेर क्षेत्र स्थित क्षिप्रा की बूढ़ी बरलाई में आयोजित 251 जोड़ों के सामूहिक विवाह सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी 251 नवदंपतियों को आशीर्वाद प्रदान किया और उनके सुखद, समृद्ध वैवाहिक जीवन की कामना की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सामूहिक विवाह जैसे आयोजन समाज को एकजुट करने और सामाजिक समरसता को मजबूत करने का माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से परिवारों पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ कम होता है और सभी वर्गों को समान अवसर मिलता है। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में अपने पुत्र के सामूहिक विवाह समारोह का भी उल्लेख किया और बताया कि उन्होंने स्वयं इस परंपरा को अपनाकर समाज को सकारात्मक संदेश देने का प्रयास किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सामूहिक विवाह समारोह न केवल सादगी और संस्कारों को बढ़ावा देते हैं, बल्कि सामाजिक कुरीतियों को दूर करने में भी सहायक होते हैं। उन्होंने आयोजकों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज के लिए प्रेरणादायी हैं और भविष्य में भी इन्हें प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। इस अनूठे आयोजन में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन और स्थानीय लोग मौजूद रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान उल्लास और उत्सव का माहौल बना रहा, जहां नवविवाहित जोड़ों को समाज और सरकार दोनों का सहयोग व आशीर्वाद मिला। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने साहिबजादों की शहादत को किया नमन

सिख वीरों के बलिदान की गाथाओं को शामिल किया जायेगा शैक्षणिक पाठ्यक्रम में भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रथम गुरु गुरुनानक देव से लेकर 10वें गुरु तक सिख धर्म के सभी गुरु महाराज और उनके परिवारों ने देश की रक्षा के लिए कुर्बानियां दीं। भारतीय इतिहास में सिख वीरों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। वीर बाल दिवस, 10वें सिख गुरु, गुरु गोविंद सिंह के छोटे बेटों की असाधारण वीरता और शहादत की याद दिलाता है। साहिबजादा फतेह सिंह और जोरावर सिंह की शहादत पर हर वर्ष वीर बाल दिवस मनाने की शुरुआत प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने की। बहुत छोटी उम्र में साहिबजादों ने अन्याय के सामने झुकने से इनकार कर दिया और धर्म व सच्चाई की रक्षा के लिए महान साहस दिखाया। उनका जीवन हमें सिखाता है कि सच्चाई, हिम्मत और आत्मसम्मान सबसे बड़ी ताकत हैं। आज का दिन भारतीय युवाओं को वीरता, ईमानदारी और दृढ़ता के मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरित करता है। सच्चाई और धर्म की रक्षा के लिए वीर साहिबजादों के बलिदान को जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता है। राज्य सरकार गुरु गोविंद सिंह और सिख वीरों के बलिदान की गाथाओं को शैक्षणिक पाठ्यक्रम में शामिल करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरु गोविंद सिंह के साहिबजादों की शहादत को समर्पित वीर बाल दिवस पर गुरुद्वारा हमीदिया रोड पहुंच कर माथा टेका तथा संगत को संबोधित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुद्वारे में मौजूद बच्चों के साथ बैठकर कीर्तन का श्रवण किया और बच्चों को दुलार भी किया। गुरुद्वारा हमीदिया रोड के आयोजन में संपूर्ण व्यवस्थाओं का संचालन बच्चों ने किया। गुरुद्वारे में बच्चों द्वारा कीर्तन दरबार का संचालन किया गया और चित्र प्रदर्शनी भी लगाई गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल में गुरु नानक देव के प्रकाश पर्व के आयोजन के लिए राज्य सरकार द्वारा सहयोग प्रदान किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रथम गुरु नानक देव जी की उज्जैन यात्रा और उज्जैन स्थित गुरुद्वारा इमली साहब का उल्लेख करते हुए कहा कि सिख गुरुओं ने सदैव मानवता का मार्ग दिखाया है, उनके आदर्श हमारे लिए प्रेरणा के केंद्र रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने "वीर बालक दिवस" पर पार्टी कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचकर दशम गुरु साहिब श्री गुरु गोविंदसिंह के साहिबजादों के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। संत सिपाहियों द्वारा अखाड़ा गत्तका प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में वरिष्ठ विधायक एवं प्रदेशाध्यक्ष श्री हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि देश की आजादी में सिख वीरों ने कुर्बानियां दी हैं। वीर बाल दिवस के माध्यम से युवा पीढ़ी को धर्म और देश की रक्षा के लिए प्रेरणा मिलती है। भारत वीर साहिबजादों के बलिदान को सदैव याद रखेगा। अरेरा कॉलोनी गुरुद्वारा कमेटी के अध्यक्ष श्री पजिंदर सिंह ने ऐतिहासिक रूप से धर्म संस्कृति की रक्षा में सिख वीरों द्वारा दिए गए योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि सिख धर्म गुरुओं ने मुगलों का मुकाबला करने के लिए सिख वीरों की फौज बनाई। गुरु गोबिंद सिंह ने खालसा पंथ की शुरुआत की। नामधारी सिखों ने गौमाता की रक्षा के लिए अंग्रेजों से संघर्ष किया। आजाद हिंद फौज की स्थापना में भी खालसा पंथ ने अहम भूमिका निभाई थी। इस अवसर पर सांसद भोपाल श्री आलोक शर्मा, प्रदेशाध्यक्ष तथा वरिष्ठ विधायक श्री हेमंत खंडेलवाल, विधायक श्री भगवानदास सबनानी, जिलाध्यक्ष श्री रवीन्द्र यती, वरिष्ठ समाजसेवी सुश्री नेहा बग्गा सहित समाज के प्रतिनिधि उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की कुटीर और ग्रामोद्योग विभाग की समीक्षा

प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा महत्वपूर्ण अतिथियों को भेंट के रूप में दिया जा रहा है प्रदेश का महेश्वरी स्टोल प्रदेश के हैण्डलूम और हस्तशिल्प उत्पादों की सोशल मीडिया पर उपस्थिति बढ़ाएं मां अहिल्यादेवी को समर्पित 52 डिजाइन की साड़ियों का संग्रह होगा विकसित – महेश्वर के किले पर उकरे गए डिजाइन बनेंगे आधार भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हैण्डलूम और हस्तशिल्प से जुड़ी गतिविधियां महिलाओं की दक्षता और क्षमता का सदुपयोग करते हुए उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में सहायक हैं। इन गतिविधियों से स्व-सहायता समूहों औरलाड़ली बहनों को जोड़ते हुए मृगनयनी तथा कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग के अन्य ब्राण्ड के विक्रय केन्द्रों का विस्तार जिला स्तर तक किया जाए। इन ब्राण्डों की फ्रेंचाइजी भी निजी उद्यमियों और समूहों को प्रदान की जाए। लाड़ली बहनों को लूम तथा चरखे उपलब्ध कराकर उत्पादन आरंभ करने के लिए चयनित जिलों में पॉयलेट प्रोजेक्ट लिए जाएं। इस गतिविधि में निजी पहल को भी प्रोत्साहित किया जाए। प्रदेश के हैण्डलूम और हस्तशिल्प की सोशल मीडिया के माध्यम से राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मार्केट में प्रस्तुति दर्ज कराई जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग की 2 वर्ष की उपलब्धियों तथा आगामी 3 वर्ष की कार्य योजना के संबंध में शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास में आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दिलीप जायसवाल, अपर मुख्य सचिव श्री नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव श्री के.सी. गुप्ता सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बैठक से पहले 'एक जिला-एक उत्पाद' (ओडीओपी) के उत्पाद भेंट किए गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हस्तशिल्प और हैण्डलूम से जुड़े विभाग के ब्राण्ड- मृगनयनी, विंध्या वैली, कबीरा और प्राकृत के उत्पाद मध्यप्रदेश पर्यटन की इकाइयों और प्रदेश के प्रमुख धार्मिक केन्द्रों तथा लोकों में विक्रय के लिए आकर्षक रूप से प्रदर्शित किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने साड़ी पहनने की गौरवशाली परम्परा को प्रोत्साहित करने के लिए इंदौर में हुए साड़ी वॉकथान जैसे आयोजन प्रदेश के अन्य शहरों में करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रेशम उत्पादन गतिविधियों का प्रदेश के अन्य जिलों में विस्तार करने तथा इस गतिविधि में निजी भागीदारी को प्रोत्साहित करने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न प्रकार के उत्पादों के जीआई टैग प्राप्त की जानकारी का संकलन एकीकृत रूप से किया जाए। बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री कार्यालय में अतिथियों को भेंट करने के लिए प्रदेश के हेरिटेज महेश्वरी स्टोल का चयन किया गया है। विभाग द्वारा यह स्टोल विशेष रूप से गोंड पेंटिंग और बेलमेटल से सुसज्जित लकड़ी के बॉक्स में प्रदाय किए जा रहे हैं। इन स्टोल की मांग विदेशी दूतावासों से भी प्राप्त हुई है। बैठक में बताया गया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देशानुसार माँ अहिल्यादेवी की 300वीं जयंती के उपलक्ष में महेश्वर के किले पर उकरे गए डिजाइन के अनुसार मां अहिल्यादेवी को समर्पित 52 डिजाइन की साड़ियां तैयार कराई जा रही हैं। रेशम समृद्धि योजना का विस्तार प्रदेश के सभी जिलों में किया जा रहा है। बैठक में बताया गया कि इंदौर में 7 मार्च को आयोजित साड़ी वॉकथान में 27 हजार महिलाओं द्वारा भागीदारी की गई। कुनो चीता अभ्यारण्य में विक्रय के लिए प्रदेश की 35 से अधिक क्रॉफ्ट पर चीता थीम पर नए गिफ्ट आयटम बनाए जा रहे हैं। बैठक में विगत दो वर्ष की उपलब्धियों के संबंध में बताया गया कि –     प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम में 2568 ग्रामोद्योग इकाइयों को स्वीकृति प्रदान की गई। कुल 63 करोड़ रूपए अनुदान राशि वितरित की गई तथा बैंकों से 252 करोड़ रूपए का ऋण स्वीकृत कराया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत 6300 नवीन रोजगार सृजित हुए।     कौशल उन्नयन विकास कार्यक्रम में 1710 लोगों को प्रशिक्षण तथा 1197 का प्लेसमेंट कराया गया।     विभाग द्वारा 10 करोड़ रूपए की सामग्री का उत्पादन किया गया तथा एम्पोरियम से 23 करोड़ रूपए की सामग्री का विक्रय हुआ।     भोपाल में जवाहर चौक और भोपाल हाट में नवीन एम्पोरियम आरंभ किए गए।     जिला स्तर पर 49 और राज्य स्तर पर 30 प्रदर्शनियों के साथ ही नई दिल्ली, मुम्बई, रांची, कलकत्ता और छत्तीसगढ़ में प्रदर्शनियां लगाई गईं।     डिजिटल मीडिया के माध्यम से आउटरिच का लगातार विस्तार किया जा रहा है। आगामी तीन वर्ष की कार्ययोजना     ग्वालियर तेलघानी केन्द्र का उन्नयन कर, वहां उत्पादन बढ़ाना।     उज्जैन, देवास, सागर, महेश्वर और बुरहानपुर में स्फूर्ति योजना में खादी वस्त्र उत्पादन, प्रोसेस कार्य, चर्म सामग्री निर्माण का विस्तार करना।     भोपाल में बुटिक एवं ब्लॉक प्रिंट, जरी-जरदोजी, सिलाई और माटीकला पर केन्द्रित सामान्य सुविधा केन्द्र की स्थापना।     बुनकरों के लिए ई-कॉमर्स प्लेटफार्म उपलब्ध कराना।     एक हजार बुनकरों को डिजाईन विकास, मार्केट लिंकेज आदि में सहायता।     1700 बुनकरों को प्रशिक्षण तथा 800 बुनकरों को उन्नत उपकरण उपलब्ध कराना।     प्रदेश के भीतर और बाहर प्रमुख महानगरों में 270 मेलों/प्रदर्शनियों का आयोजन कर बुनकरों और शिल्पियों को मार्केट उपलब्ध कराना।     खादी वस्त्र उत्पादन क्षमता को दुगना करना।     देवास के ग्राम बालगढ़ में 15 करोड़ की लागत से पोनी प्लांट की स्थापना।     जबलपुर में खादी ग्रामोद्योग एम्पोरियम का नवीनीकरण।  

सीएम की घोषणा: होम गार्ड जवानों को मिलेगा स्थायी आवास, स्थापना दिवस पर परेड की सलामी ली

भोपाल  मध्य प्रदेश में होम गार्ड्स और नागरिक सुरक्षा संगठन का 79वां स्थापना दिवस इस बार राज्य स्तरीय आयोजन के रूप में मनाया गया। भोपाल स्थित होम गार्ड मुख्यालय में हुए समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे। यहां उन्होंने परेड का निरीक्षण किया, सलामी ली और बल की भूमिका को राज्य के लिए अनमोल बताया। पूरी टुकड़ी का किया निरक्षण मुख्यमंत्री परेड निरीक्षण वाहन से ग्राउंड पर पहुंचे और पूरी टुकड़ी का निरीक्षण किया। इसके बाद होम गार्ड्स की टीम ने उन्हें सलामी देकर सम्मान प्रकट किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि होम गार्ड ऐसा अनुशासित समूह है जो हर चुनौती और हर स्थिति में सबसे आगे खड़ा मिलता है। उन्होंने जवानों के साहस को राज्य की ताकत बताते हुए कहा कि यह बल हमेशा अपने कर्तव्यों को निष्ठा और समर्पण के साथ निभाता है। मुख्यमंत्री ने होम गार्ड परेड निरीक्षण वाहन से परेड का निरीक्षण किया, जिसके बाद होम गार्ड परेड टीम ने उन्हें सलामी दी। मुख्यमंत्री ने जवानों के साहस और अनुशासन की सराहना की। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाेम गार्डस के लिए स्थायी आवास देने की घोषणा की। इसके अलावा, अदम्य साहसिक कार्य सम्मान पुरस्कार देने की बात भी कही। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि होम गार्ड एक ऐसा अनुशासित समूह है जो हर परिस्थिति में अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन करता है। उन्होंने कहा कि “हर प्रस्तुति में, हर चुनौती में, सबसे आगे खड़े रहने वाला यह होम गार्ड का समूह है”। होमगार्ड के लिए की कई अहम घोषणाएं  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने होमगार्ड के जवानों के लिए कई अहम घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंहस्थ 2028 के लिए 5 हजार होमगार्ड जवानों की भर्ती की जाएगी। बेगा, सहरिया और भारिया समुदायों की बटालियन बनाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने 10 टीमों को अदम्य साहस पुरस्कार देने की घोषणा की। प्रत्येक टीम को 51-51 हजार रुपये की राशि दी जाएगी और यह पुरस्कार हर साल प्रदान किया जाएगा।  मुख्यमंत्री ने अनुकंपा अनुदान राशि बढ़ाने की घोषणा की ताकि होमगार्ड के परिवारों को अधिक सहायता मिल सके। हर देवालय में होमगार्ड सुरक्षा प्रदान करेंगे, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित माहौल मिल सके। होमगार्ड के जवानों के लिए स्थायी आवास बनाने की योजना की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने होमगार्ड के दो महीने के सेवा बाध्यकाल को समाप्त करने की भी घोषणा की। अदम्य साहस पुरस्कार और श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वालों का सम्मान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्थापना दिवस के अवसर पर अदम्य साहस सम्मान देने की घोषणा की और विभिन्न जिलों से आए उन अधिकारियों और जवानों को सम्मानित किया जिन्होंने पिछले वर्ष बेहतरीन प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि हर साल इस पुरस्कार को नियमित रूप से दिया जाएगा ताकि उत्कृष्ट कार्य करने वाले जवानों का उत्साह बढ़े। रेस्क्यू टीमों को प्रोत्साहन राशि मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2014 में NDRF के गठन के बाद से रेस्क्यू बलों ने हमेशा उत्कृष्ट काम किया है। उन्होंने कहा कि इंदौर में NDRF और SDRF के जवानों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है जिसका बड़ा उपयोग आगामी सिंहस्थ (Simhastha) में होगा। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने 10 रेस्क्यू टीमों को 51 हजार रुपए पुरस्कार देने की घोषणा की। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले साल होम गार्ड जवानों ने 5 हजार से ज्यादा लोगों की जान बचाई, इसलिए उनकी भूमिका जलदूतों के समान मानी जाती है। स्थायी आवास निर्माण का सीधा आदेश समारोह की सबसे अहम घोषणा होम गार्ड जवानों के लिए स्थायी आवास निर्माण से जुड़ी रही। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हर जवान को सुरक्षित और स्थायी घर उपलब्ध कराने की दिशा में तुरंत काम शुरू करेगी। उन्होंने दो महीने के सेवा बाध्यकाल की अनिवार्यता समाप्त करने की भी घोषणा की। नई भर्ती का ऐलान मुख्यमंत्री ने बताया कि उज्जैन सिंहस्थ के लिए 5 हजार नए होम गार्ड भर्ती किए जाएंगे। इसके साथ ही बेगा, सहरिया और भारिया समुदाय के लिए विशेष बटालियन बनाने की भी घोषणा की गई। उन्होंने अनुकंपा अनुदान राशि बढ़ाने और प्रदेश के हर देवालय में होम गार्ड जवानों के लिए प्रार्थना आयोजित करने की बात भी कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि होम गार्ड पुलिस से न कम है और न अलग। जहां जरूरत पड़ती है, वहां यह बल तुरंत मौजूद होकर जिम्मेदारी निभाता है। 10 रेस्क्यू टीमों को 51 हजार रुपए का पुरस्कार मुख्यमंत्री ने बताया कि 2014 में NDRF का गठन हुआ था और तब से इस बल ने उत्कृष्ट तरीके से अपना कर्तव्य निभाया है। उन्होंने जानकारी दी कि इंदौर में NDRF और SDRF के जवानों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिसका उपयोग आगामी उज्जैन सिंहस्थ में किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि 10 रेस्क्यू टीमों को 51 हजार रुपए का पुरस्कार दिया जाएगा। आवास सुविधाओं की आवश्यकता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने होम गार्ड जवानों के लिए स्थायी आवास निर्माण के आदेश भी दिए। उन्होंने कहा कि सरकार सुनिश्चित करेगी कि हर होम गार्ड को सुरक्षित और स्थायी आवास उपलब्ध कराया जाए।

सीएम मोहन ने बनाया ऐसा माहौल कि उद्योगपतियों को हर चीज की गारंटी, MP में निवेश को लेकर उत्साह

भोपाल दुनिया के उद्योगपतियों को मध्यप्रदेश रास आ रहा है। वे प्रदेश में करोड़ों रुपये का निवेश और हजारों लोगों को रोजगार देने के लिए तैयार हैं। इन निवेशकों को दूसरे राज्यों से भी उद्योग स्थापित करने के लिए निमंत्रण हैं, लेकिन वे व्यापार के लिए मध्यप्रदेश को ही चुन रहे हैं। दरअसल, उद्योगपतियों-इंवेस्टर को राज्य के मुखिया डॉ. मोहन यादव का व्यवहार बेहद पसंद आ रहा है। उनका व्यवहार देख बिजनेसमैन को अपने बिजनेस और सुरक्षा की गारंटी नजर आ रही है। इसलिए वे देश के दिल को प्राथमिकता दे रहे हैं। कुछ इंवेस्टर के उद्योगों का तो कुछ ही महीनों में भूमि-पूजन से लोकार्पण भी होने जा रहा है। इन सब बातों को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का कहना है कि इससे राज्य के विकास की गति का पता चलता है। प्रदेश की नई उद्योग नीति पूरे देश में मॉडल बनकर उभरेगी।     गौरतलब है कि, देश-प्रदेश के उद्योगपति मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की प्रशंसा करते नहीं थक रहे। इसी कड़ी में जैस्कन ग्रुप के चेयरमैन समीर गुप्ता ने भी बड़ी बात कही। एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि देश का विकास जिस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हो रहा है, ठीक उसी तरह मध्यप्रदेश का विकास मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में हो रहा है। मक्सी में निवेश करने का केवल एक ही कारण है वह है मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का स्वभाव और स्नेह। गुप्ता ने कहा कि जिस तरह उन्होंने हमारा स्वागत किया, वह अद्भुत है।  8 हजार करोड़ का निवेश समीर गुप्ता ने कहा कि हमें अन्य राज्यों से भी निमंत्रण थे, लेकिन हमने निवेश के लिए मक्सी का ही चयन किया। हम तीन साल में यहां 8 हजार करोड़ का निवेश करने वाले हैं। मुझे यह घोषणा करने में प्रसन्नता हो रही है कि हमारे निवेश का पहला चरण 15 जुलाई 2026 में पूरा हो जाएगा। मैं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से निवेदन करूंगा कि वे उस वक्त भी समय निकालकर उसका उद्घाटन करने आएं।  तेजी से विकास कर रहा प्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि  समीर गुप्ता का वक्तव्य यह बता रहा है कि आज भूमि-पूजन हुआ और जुलाई में लोकार्पण हो जाएगा। सात महीने के अंदर जिस कारखाने का भूमि-पूजन होकर लोकार्पण हो जाए तो इससे राज्य के विकास की गति का पता चलता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व देश विकसित होने की ओर बढ़ रहा है। क्या है मध्यप्रदेश की उद्योग नीति  सरकार ने इसी साल औद्योगिक संवर्धन नीति-2025 को स्वीकृति दी। इसका उदेश्य प्रदेश में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने और राज्य की वर्तमान जीडीपी को 2.9 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर वर्ष 2030 तक लगभग 6 लाख करोड़ रुपये करने में उद्योगों का योगदान बढ़ाना है। निवेशकों को एक समग्र औद्योगिक ईको सिस्टम प्रदान करने के लिए विश्व स्तरीय औद्योगिक अधोसंरचना का विकास करना, एनवायरनमेंटली सस्टेनेबल इंडस्ट्रियल ग्रोथ और संतुलित क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देना, राज्य में रोजगार के अवसरों को बढ़ाना, विशेष रूप से रोजगार-गहन क्षेत्रों पर जोर देते हुए अगले पांच वर्षों में लगभग 20 लाख नए रोजगार के अवसर सृजित करना,निवेशक सुविधा में सुधार करना और राज्य में व्यापार करने की प्रक्रिया को सरल बनाना और प्रदेश की योजनाओं को उद्योगों की आवश्यकताओं के साथ संरेखित कर भविष्य के लिए प्रशिक्षित कार्यबल तैयार करना है।

महेंद्र नागर निष्कासित, CM मोहन का स्पष्ट संदेश: किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा

गुना   मध्य प्रदेश की भाजपा हाईकमान ने गुना किसान हत्या के आरोपी महेंद्र नागर को बीजेपी से निष्कासित कर दिया गया है। ग्राम गणेशपुरा के बूथ अध्यक्ष रहे महेंद्र नागर समेत 13 ज्ञात और एक अज्ञात आरोपी के विरुद्ध फतेहगढ़ थाने में हत्या का मामला दर्ज हुआ है। आरोप है कि 6 बीघा जमीन को लेकर हुए विवाद में आरोपियों ने पड़ोसी रामस्वरुप की हत्या कर दी। महेंद्र नागर का इलाके में दबदबा था। मामला सामने आने के बाद एसपी अंकित सोनी के निर्देश पर बनी पुलिस की टीमों ने एक आरोपी को हिरासत में ले लिया है। बाकी आरोपी भी पुलिस के रडार पर हैं, जिनकी भी जल्दी ही गिरफ्तारी होने की बात सूत्र बता रहे हैं। CM मोहन बोले- किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा मामले में सीएम मोहन ने संज्ञान लेते हुए पुलिस और प्रशासन को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जमीनी विवाद से शुरू हुआ था मामला यह पूरा विवाद गुना जिले के गणेशपुरा गांव का है, जहां नागर समाज के दो पक्षों में जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। यह विवाद हिंसक झड़प में बदल गया और 40 वर्षीय किसान रामस्वरूप नागर की थार गाड़ी से कुचलकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने इस मामले में 14 नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या, षड्यंत्र और अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

श्रद्धा और आस्था का सैलाब: चित्रकूट दीपावली मेले में पहले दिन लाखों की भीड़, CM मोहन आज करेंगे परिक्रमा

चित्रकूट दीपावली में आस्था और भक्ति से सराबोर चित्रकूट में पांच दिवसीय दीपावली मेले का शुभारंभ हो गया है। पहले ही दिन लगभग आठ लाख से अधिक श्रद्धालु मां मंदाकिनी के तटों पर उमड़े और श्रीकामदगिरि की परिक्रमा की। अनुमान है कि अगले पांच दिनों में 50 लाख से अधिक श्रद्धालु धर्मनगरी पहुंचकर राजाधिराज मत्यगजेंद्र का जलाभिषेक करेंगे और दीपदान भी करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को चित्रकूट पहुंचेंगे और कामदगिरि परिक्रमा करेंगे। उनके आगमन को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं के पुख्ता इंतजाम किए हैं। मंदाकिनी तट पर दीपों की जगमगाहट कई दशकों बाद चित्रकूट को इस तरह भव्य रूप में सजाया गया है। मंदाकिनी नदी के दोनों तटों को अत्याधुनिक लाइटिंग और विजुअल डिस्प्ले से सजाया गया है। पूरा क्षेत्र दीपमालाओं की आभा में नहाया नजर आ रहा है। श्रद्धालुओं के लिए परिक्रमा पथ पर साफ-सफाई, पेयजल और प्रकाश व्यवस्था की विशेष सुविधाएं दी गई हैं। मेला क्षेत्र को 11 जोन में बांटा गया चित्रकूट मेले में श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए पूरे मेला क्षेत्र को 11 जोन में विभाजित किया गया है। प्रत्येक जोन में कार्यपालिक मजिस्ट्रेट और सुरक्षा बल तैनात हैं। एएसपी (ग्रामीण) प्रेमलाल कुर्वे के अनुसार, मेले में 1500 से अधिक पुलिसकर्मी ड्यूटी पर लगाए गए हैं। कमांड सेंटर से निगरानी इस बार मेले की सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए पहली बार कमांड सेंटर बनाया गया है। कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस और एसपी हंसराज सिंह ने विकास प्राधिकरण स्थित इस सेंटर से सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से भीड़ प्रबंधन की समीक्षा की। इस दौरान अपर कलेक्टर विकास सिंह भी मौजूद रहे, जिनकी उपस्थिति में कड़ी निगरानी के साथ मेले का संचालन किया जा रहा है।   'अभी आठ लाख ले अधिक भक्त आ चुके हैं' अपर कलेक्टर विकास सिंह ने बताया कि पहले दिन चित्रकूट में आठ लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे हैं। उन्होंने परिक्रमा कर भगवान कामतानाथ के दर्शन किए और घाट पर स्नान भी किया। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु सभी आवश्यक इंतजाम किए हैं।    मेले में ऑटो-वाहनों का किराया तय, वसूली पर कार्रवाई चित्रकूट मेले में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिला प्रशासन ने ऑटो और अन्य वाहनों के किराए तय किए हैं। एआरटीओ रामप्रकाश सिंह ने बताया कि रेलवे स्टेशन कर्वी से रामघाट तक किराया 20 रुपये, सीतापुर तक 15 रुपये, बेड़ी पुलिया तक 10 रुपये, हनुमान धारा मार्ग से रामघाट तक 30 रुपये और सती अनुसूइया-गुप्त गोदावरी होकर लौटने तक 90 रुपये निर्धारित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि स्टेशन से रामघाट तक ऑटो बुक कराने पर 200 रुपये किराया लगेगा। एआरटीओ ने चेतावनी दी है कि तय दर से अधिक किराया वसूलने वाले चालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।  

सिवनी में पुलिस पर बड़ी गाज: हवाला लूट मामले में SDOP-एसआई सहित 5 गिरफ्तार, 6 अब भी फरार

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिवनी लूट मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। सिवनी एसडीओपी पूजा पांडे सहित 11 पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है। इनमें से 5 आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। इसमें एसडीओपी सिवनी पूजा पांडे, एसआई अर्पित भैरम, कॉन्सटेबल योगेंद्र, नीरज और जगदीश शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था बनाए रखना, अपराध मुक्त वातावरण बनाना और नागरिकों की सुरक्षा पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों का मुख्य दायित्व है। अपने कर्तव्यों से हटकर कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को राज्य सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिवनी प्रकरण में जो भी दोषी पाए गए हैं, उनके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई के साथ कानूनी कार्रवाई भी होगी। प्रदेश में कानून सबके लिए बराबर है। कानून का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कोई भी हो। राज्य सरकार प्रदेश में सुशासन स्थापित करने सतत रूप से कार्य कर रही हैं, इस दिशा में किसी का हस्तक्षेप सहन नहीं होगा। मध्य प्रदेश पुलिस महकमे को झकझोर देने वाले सिवनी हवाला लूट मामले में पुलिस महानिदेशक (DGP) कैलाश मकवाना के सख्त निर्देशों के बाद बड़ी कार्रवाई की गई है। इस मामले की मुख्य आरोपी मानी जा रही SDOP (नगर पुलिस अधीक्षक/अनुविभागीय अधिकारी पुलिस) पूजा पाण्डेय और एसआई (उप-निरीक्षक) अर्पित भैरम सहित कुल 5 पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। ​गिरफ्तार आरोपियों पर डकैती, अवैध रूप से रोकना, अपहरण और आपराधिक षडयंत्र जैसी गंभीर धाराओं (बीएनएस 310(2), 126(2), 140(3), 61(2) के तहत अपराध क्रमांक 473/2025, थाना लखनवाड़ा) के तहत मामला दर्ज किया गया है। ​हालांकि, एफआईआर में नामजद कुल 11 आरोपी पुलिसकर्मियों में से 6 पुलिसकर्मी अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। ​डीजीपी के निर्देश पर पुलिस की इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि खाकी वर्दी में छिपे अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। इस चर्चित मामले ने पूरे प्रदेश में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ये भी हैं आरोपी सिवनी मामले में आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 310(2) डकैती, 126(2) गलत तरीके से रोकना, 140(3) अपहरण और 61(2) आपराधिक षडयंत्र के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तार किये गये 5 अधिकारी एवं कर्मचारियों के अलावा जिनके विरूद्ध एफआईआर दर्ज की गई, उनमें प्रधान आरक्षक माखन, प्रधान आरक्षक राजेश जंघेला, प्रधान आरक्षक रविंद्र उईके, आरक्षक रितेश वर्मा, एसएएफ आरक्षक केदार और एसएएफ आरक्षक सुभाष सदाफल शामिल हैं।

CM मोहन ने पीड़ित परिवारों से की मुलाकात, बोले– इस दुख की घड़ी में हम साथ हैं

खंडवा मुख्यमंत्री मोहन यादव खंडवा के पंधाना पहुंचे और यहां हादसे में हताहत हुए परिवारों को सांत्वना दी। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक-एक कर सभी पीड़ित परिवारों से बात की और उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने सभी पीड़ित परिवारों को चार-चार लाख रुपए की आर्थिक सहायता के चेक भी दिए। इस पूरी घटना पर दुख व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि यह हादसा बहुत ही हृदयविदारक है।  “इस दुख की घड़ी में मैं सभी पीड़ित परिवारों के साथ हूं। मैं उनका दुख साझा करने के लिए स्वयं यहां आया हूं। हमने सरकार की ओर से सभी मृतकों के परिवारों की मदद करने की पूरी कोशिश की है।” उन्होंने बताया कि घटना में मृतकों के परिवारों को चार लाख रुपए, गंभीर रूप से घायल लोगों को एक लाख रुपए और कम घायल हुए लोगों को 50-50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके अलावा, जिन्होंने इस घटना में लोगों को बचाने का काम किया, उन्हें 26 जनवरी को पुरस्कार दिया जाएगा और 51,000 रुपए के साथ उन्हें सम्मानित किया जाएगा।  सीएम ने पीड़ित परिवारों से की मुलाकात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शाम 3.40 बजे खंडवा के पाडलफाटा गांव पहुंचे। यहां प्रशासन ने एक टेंट के नीचे सभी पीड़ित परिवारों को बुलवा लिया था। सीएम ने करीब 25 मिनट तक पीड़ित परिवारों से चर्चा की। उन्होंने कहा कि मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए की मुआवजा राशि दी गई हैं। घायलों को 50 हजार रुपए और गंभीर घायलों को एक-एक लाख रुपए की राशि दी जाएगी। साथ ही जामली के जिन ग्रामीणों ने लोगों की जान बचाई हैं, उन युवाओं को भी पुरस्कृत किया जाएगा। एक ही वक्त जली 11 चिताएं खंडवा में विसर्जन के दौरान हुए हादसे में जान गंवाने वाले 11 लोगों का शुक्रवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया। गुरुवार को जहां शोभायात्रा में सभी डीजे पर डांस कर रहे थे, आज वहीं परिजन का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे गांव में शोक का माहौल है। जिस 8 साल की चंदा का शव सबसे आखिरी में पानी से निकाला गया था, उसकी दो छोटी बहनें हैं। दोनों बहनें चंदा के शव के आसपास खेलती रहीं। वे इस बात से अनजान हैं कि उनकी बड़ी बहन चंदा की मौत हो चुकी है। बता दें, खंडवा में गुरुवार को दुर्गा विसर्जन के दौरान डैम के बैकवाटर में ट्रैक्टर-ट्रॉली पलट जाने से 11 लोगों की जान चली गई थी। ट्रॉली में दुर्गा प्रतिमा के साथ करीब 30 लोग सवार थे। जान गंवाने वालों में 8 साल की बच्ची से लेकर 25 साल तक की महिला शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने विजयादशमी के अवसर पर खंडवा और उज्जैन जिले में घटित अलग-अलग घटनाओं में नागरिकों की असामयिक मृत्यु पर गहरा दु:ख व्यक्त किया है. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से दिवंगत नागरिकों की आत्मा की शांति और प्रभावित परिवारों को यह दु:ख सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की है. मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में विजयदशमी के दिन एक बड़ा हादसा हो गया था. माता की प्रतिमा विसर्जन से लौट रहे ग्रामीणों से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली नदी में गिर गई थी, यह हादसा पंधाना थाना क्षेत्र के जामली गांव के पास आबना में हुआ था. गांव में भारी पुलिस बल तैनात पंधाना सिविल अस्पताल से शवों को एक-एक कर एम्बुलेंस से गांव लाया गया। संवेदनशील हालात को देखते हुए प्रशासन ने पाडला फाटा में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। एडिशनल एसपी महेंद्र तारणेकर और डीएसपी हेडक्वार्टर अनिल सिंह चौहान मौके पर मौजूद रहे। मंत्री विजय शाह और पटवारी गांव पहुंचे मंत्री विजय शाह ने पाडलफाटा में मृतकों के परिजन से घर-घर जाकर मुलाकात की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पीड़ित परिवारों के साथ है। हर संभव मदद की जाएगी। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी भी गांव पहुंचे और मृतकों के परिजनों से मुलाकात की। इन मृतकों की हुई पहचान  इस हादसे में अब तक 11 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है. मृतकों में शर्मिला (16 वर्ष), आरती (18 वर्ष), दिनेश (16 वर्ष), उर्मिला (16 वर्ष), गणेश (16 वर्ष), किरण (14 वर्ष), पातलीबाई (22 वर्ष), रेव सिंह (12 वर्ष), आयुष (10 वर्ष), संगीता (16 वर्ष), और चंदा (8 वर्ष) शामिल हैं. सीएम मोहन ने मदद का किया ऐलान मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने नई दिल्ली प्रवास में दोनों जिले की घटनाओं की जानकारी प्राप्त होते ही उज्जैन और खंडवा कलेक्टर को इन घटनाओं में दिवंगत नागरिकों के परिजन को 4-4 लाख रुपये की सहायता राशि देने के निर्देश दिए. इसके साथ ही इन घटनाओं में घायल हुए व्यक्तियों का समुचित उपचार सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए हैं. उन्‍होंने पोस्‍ट में आगे लिखा, "मृतकों के निकटतम परिजनों को 4-4 लाख रुपये की सहायता राशि और घायलों को नजदीकी अस्पताल में समुचित उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं. देवी मां दुर्गा से सभी घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ और शोक संतप्त परिजनों को संबल हेतु प्रार्थना है." यह दर्दनाक हादसा उस समय हुई जब ट्रैक्टर-ट्रॉली पुलिया पार कर रही थी. अचानक संतुलन बिगड़ने से ट्रैक्टर-ट्रॉली नदी में जा गिरी. ट्रॉली में महिलाओं और बच्चों सहित करीब 14 से ज्यादा लोग सवार थे. हादसे के तुरंत बाद अफरा-तफरी मच गई. ग्रामीणों ने अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों को बचाने का प्रयास किया. ट्रैक्टर-ट्रॉली तालाब तक ले जाने को लेकर दो अलग-अलग बातें 1. कोटवार ने रोका, ट्रैक्टर ड्राइवर नहीं माना… जामली गांव के लोगों ने बताया कि तालाब तक जाने वाली पुरानी सड़क पर एक पुलिया है। तालाब में ज्यादा पानी होने पर यह पुलिया डूब जाती है। इन दिनाें तालाब में पानी कम है, तो पुराने रोड पर तालाब के पास एक कोटवार लोकेंद्र बारे की ड्यूटी भी लगी थी। कोटवार ने ट्रैक्टर ड्राइवर को तालाब के अंदर जाने से रोका भी था, लेकिन वो नहीं माना। पुलिया पर हल्का पानी था। पुलिया पार करते समय ट्रैक्टर का पहिया नीचे उतर गया। ट्राली में ही ग्रामीणों के साथ दुर्गा प्रतिमा भी रखी हुई थी। लोग मूर्ति और ट्रॉली के नीचे दब गए। लोकेंद्र बारे ने बताया कि ड्राइवर नशे में लग रहा था। 2. तैरना जानते थे फिर भी जान नहीं बची… प्रत्यक्षदर्शी जालम सिंह ने बताया कि ड्राइवर दीपक किराड़े ट्रैक्टर … Read more

CM मोहन यादव का बड़ा फैसला: RTE छात्रों की फीस भुगतान के लिए 489 करोड़ रुपये जारी

भोपाल  शासकीय विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा दे रही मध्य प्रदेश सरकार शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत प्राइवेट स्कूलों में एडमिशन लेने वाले विद्यार्थियों की भी फ़ीस जमा करती है, हर साल की तरह इस साल भी मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ये फ़ीस प्राइवेट स्कूलों के खातों में ट्रांसफर करेंगे। मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अन्तर्गत अशासकीय विद्यालयों में निःशुल्क अध्ययन करने वाले बच्चों की 489 करोड़ रुपये फीस प्रतिपूर्ति की राशि सिंगल क्लिक से सीधे स्‍कूलों के खातों में ट्रांसफर करेंगे। ये  कार्यक्रम हरदा जिले के खिरकिया नगर में 29 सितम्बर, 2025 को होगा। 8 लाख 45 हजार विद्यार्थियों की फीस दी जायेगी राज्य शिक्षा केन्द्र की अपर मिशन संचालक हरसिमरन प्रीत कौर ने बताया कि निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार वर्ष 2023-24 के अशासकीय विद्यालयों के प्रेषित प्रस्ताव पर नियमानुसार पोर्टल से जनरेटेड इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट के माध्यम से फीस प्रतिपूर्ति की कार्यवाही की गयी है। प्रदेश के 20 हजार 652 अशासकीय विद्यालयों में शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत नि:शुल्क अध्ययनरत करीब 8 लाख 45 हजार विद्यार्थियों की फीस की प्रतिपूर्ति की जायेगी। 19 लाख बच्चे अब तक हो चुके लाभान्वित उल्‍लेखनीय है कि प्रदेश में शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 के अंतर्गत गैर अनुदान प्राप्त अशासकीय विद्यालयों में वंचित समूह एवं कमजोर वर्ग के बच्चों को उनके ग्राम, वार्ड अथवा पड़ोस में स्थित स्कूल की प्रथम प्रवेशित कक्षा की न्‍यूनतम 25 प्रतिशत सीटों पर निःशुल्क प्रवेश दिये जाने का प्रावधान है। पूर्व के वर्षों में प्रवेशित छात्रों की संख्या को देखा जाये तो सत्र 2011-12 से लागू इस प्रावधान के तहत अशासकीय स्कूलों में नि:शुल्‍क अध्‍ययन से लगभग 19 लाख बच्चे लाभान्वित हो चुके हैं।