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जापान में हाई-स्पीड ट्रेन पर CM योगी का रोमांचक अनुभव, 600 किमी/घंटा की रफ्तार में मुस्कुराहट बनी यादगार

लखनऊ / टोक्यो   सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपनी जापान यात्रा के आखिरी दिन यामानाशी में हाई स्पीड मैग्लेव ट्रेन का सफर किया. हाइड्रोजन ग्रीन एनर्जी प्लांट के बाद 600 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हाई स्पीड मैगलेव ट्रेन का अनुभव योगी आदित्यनाथ के लिए रोमांच भरा रहा. लीनियर मैग्लेव ट्रेन 500 किमी की स्पीड से चलती है. अभी जापान की बुलेट ट्रेन 300 किमी की स्पीड से दौड़ती है. लीनियर मोटर कार 500 की स्पीड से चलती है. अभी की जो जापान की बुलेट ट्रेन है, उसकी स्पीड 300 किलोमीटर प्रतिघंटा है. वहीं यह लीनियर मैग्लेव ट्रेन चुंबकीय बल से चलती है या कहें हवा में 500 की स्पीड में उड़ती है. सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ इस रोमांचक ट्रेन पर सफर तय किया.  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जापान यात्रा के दूसरे दिन यामानाशी प्रांत में ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट का दौरा किया. इस दौरान योगी ने पानी से हाइड्रोजन और बिजली बनाने की तकनीक को समझा. टोक्यो से यामनाशी जाते हुए तुलसी नाम की एक साध्वी तुलसी अपने साथियों से योगी से मिलीं. साध्वी तुलसी ने बताया कि वे जापान में हिंदू और जैन धर्म का प्रचार कर रही हैं. उनके साथ मौजूद एक छोटे बच्चे ने योगी आदित्यनाथ के चरण स्पर्श करके संस्कृत में मंत्र भी सुनाया. योगी को यह दृश्य देखकर प्रसन्नता हुई और उन्होंने जापानी भक्तों को प्रसाद रूप में चॉकलेट दी. सीएम योगी आदित्यनाथ यामानाशी प्रांत पहुंचे तो वहां बड़ी संख्या में स्कूल के बच्चों ने उनका स्वागत किया. हाथों में भारत-जापान का झंडा पकड़े बच्चों के साथ योगी ने कुछ समय बिताया. इसके अलावा यामानाशी में रहने वाले स्थानीय लोगों ने योगी को एक खास पेंटिंग भी भेंट की. यामानाशी जापान में आधुनिक खेती और तकनीक के लिए जाना जाता है. यहां हाइड्रोजन एनर्जी, रोबोटिक सेंटर और हाई स्पीड ट्रेन का सेंटर है. इसके साथ ही विश्व प्रसिद्ध माउंट फ्यूजी पहाड़ भी आकर्षण का केंद्र है. मैग्लेव ट्रेन का सफर न सिर्फ रोमांचक रहा, बल्कि भविष्य की परिवहन तकनीक की झलक भी लेकर आया. जापान की अत्याधुनिक मैग्लेव ट्रेन चुंबकीय शक्ति पर आधारित है, जो इसे पारंपरिक ट्रेनों से बिल्कुल अलग बनाती है. यह ट्रेन पटरियों से ऊपर उठकर चलती है, यानी घर्षण लगभग खत्म हो जाता है और यही वजह है कि इसकी रफ्तार 500 से 600 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच जाती है. यामानाशी टेस्ट ट्रैक पर इस ट्रेन ने अपनी उच्चतम क्षमता का प्रदर्शन किया, जिसे देखकर मुख्यमंत्री भी प्रभावित नजर आए. वर्तमान में जापान की बुलेट ट्रेन लगभग 300 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलती है, लेकिन मैग्लेव तकनीक इस गति को दोगुना करने की दिशा में एक बड़ा कदम है. शिंकानसेन पहले ही दुनिया में तेज और सुरक्षित यात्रा का प्रतीक बन चुकी है, और अब मैग्लेव इसे और आगे ले जाने की तैयारी में है. इस दौरान मुख्यमंत्री ने हाइड्रोजन आधारित ग्रीन एनर्जी प्लांट का भी अवलोकन किया.  मैग्लेव ट्रेन का सफर पूरी तरह से स्मूद और झटकों से मुक्त होता है. ट्रेन के अंदर बैठकर ऐसा महसूस होता है जैसे कोई विमान जमीन के बेहद करीब उड़ रहा हो. इस अनुभव को साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने इसे भविष्य की यात्रा बताया. 9 साल के कार्यकाल में सीएम योगी का दूसरा विदेश दौरा जिस हाई-स्पीड मैग्लेव ट्रेन में योगी आदित्यनाथ ने सफर किया, वह पारंपरिक ट्रेनों से बिल्कुल अलग है. यह ट्रेन पटरी को छूती नहीं, बल्कि चुंबकीय तकनीक के सहारे ट्रैक से ऊपर हवा में तैरते हुए तेज रफ्तार से दौड़ती है. बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 22 फरवरी से सिंगापुर और जापान के दौरे पर हैं, जो उनके नौ साल के कार्यकाल की दूसरी विदेश यात्रा है. इससे पहले 2017 में उन्होंने म्यांमार का सीमित दौरा किया था. लंबे अंतराल के बाद यह विदेश दौरा खास माना जा रहा है, क्योंकि इसका उद्देश्य प्रदेश में निवेश आकर्षित करना और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर को नई गति देना है.  

निवेश के मोर्चे पर यूपी को बढ़त: योगी सरकार ने सिंगापुर में किए 6,650 करोड़ के समझौते, हजारों युवाओं को मिलेगा रोजगार

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सिंगापुर दौरे का आगाज प्रदेश के लिए बड़ी निवेश उपलब्धि के साथ हुआ। दौरे के पहले ही दिन यूनिवर्सल सक्सेस ग्रुप के साथ कुल 6,650 करोड़ रुपए के तीन महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इन निवेश प्रस्तावों के तहत ग्रुप हाउसिंग, लॉजिस्टिक्स पार्क और हाइपरस्केल डेटा सेंटर जैसी रणनीतिक परियोजनाएं विकसित की जाएंगी, जिनसे 20 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार मिलने का अनुमान है। सीएम योगी ने निवेशकों के साथ बैठक में उत्तर प्रदेश की नीतिगत स्थिरता, बेहतर कनेक्टिविटी, मजबूत औद्योगिक ढांचे और तेजी से विकसित हो रहे इंफ्रास्ट्रक्चर की जानकारी साझा की। उन्होंने प्रदेश सरकार की ओर से निवेशकों को हर स्तर पर सहयोग और त्वरित स्वीकृति देने का आश्वासन दिया। साथ ही डेटा सेंटर परियोजना के लिए समूह को लखनऊ आने का आमंत्रण भी दिया गया। अंतरराष्ट्रीय थीम आधारित ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट पहले एमओयू के तहत यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास 100 एकड़ भूमि पर अंतरराष्ट्रीय थीम आधारित टाउनशिप विकसित की जाएगी। इस परियोजना में 3,500 करोड़ रुपए का निवेश प्रस्तावित है। परियोजना के 2027 तक शुरू होने की योजना है और इससे करीब 12,000 लोगों को रोजगार मिलेगा। यह प्रोजेक्ट जेवर एयरपोर्ट क्षेत्र को वैश्विक स्तर की पहचान दिलाने में सहायक साबित होगा। कानपुर-लखनऊ हाईवे पर लॉजिस्टिक्स पार्क दूसरी परियोजना के अंतर्गत कानपुर-लखनऊ हाईवे पर 50 एकड़ भूमि में लॉजिस्टिक्स पार्क विकसित किया जाएगा। इस परियोजना में 650 करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा, जिससे लगभग 7,500 रोजगार सृजित होंगे। वर्ष 2027 में शुरू होने वाली यह परियोजना प्रदेश की औद्योगिक गतिविधियों और निर्यात क्षमता को नई गति देगी। नोएडा/ग्रेटर नोएडा में हाइपरस्केल डेटा सेंटर पार्क तीसरे एमओयू के तहत नोएडा और ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में 10 एकड़ भूमि पर 40 मेगावाट आईटी पावर क्षमता वाला हाइपरस्केल डेटा सेंटर पार्क स्थापित किया जाएगा। इस परियोजना में 2,500 करोड़ रुपए का निवेश प्रस्तावित है और करीब 1,500 लोगों को रोजगार मिलेगा। इसे वर्ष 2028 तक शुरू करने की योजना है। यह कदम उत्तर प्रदेश को देश के अग्रणी डेटा सेंटर हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई मजबूती सिंगापुर दौरे के पहले दिन हुए ये समझौते उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा देने, शहरी विकास को बढ़ावा देने और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन सुनिश्चित करने की दिशा में अहम उपलब्धि माने जा रहे हैं। सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से प्रदेश में निवेश का वातावरण और मजबूत होगा तथा युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।  

सीएम योगी के सिंगापुर दौरे के पहले दिन यूपी को मिली बड़ी निवेश सफलता, लगभग 20 हजार करोड़ रुपये के एमओयू हस्ताक्षरित

निवेश के साथ कौशल विकास को भी मिला वैश्विक सहयोग, डेटा सेंटर और ग्रीन एनर्जी पर विशेष फोकस यूनिवर्सल सक्सेस ग्रुप, गोल्डन स्टेट कैपिटल, पीआईडीजी और एवीपीएन ने जताई निवेश के लिए प्रतिबद्धता आईटीईईएस के साथ तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा सहयोग को लेकर हुआ समझौता सिंगापुर/लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सिंगापुर दौरे के पहले दिन उत्तर प्रदेश को निवेश और कौशल विकास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियां प्राप्त हुईं। आधिकारिक बैठकों और निवेशकों के साथ संवाद के बीच कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं और कंपनियों ने राज्य सरकार के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। पहले दिन कुल 19,877 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों पर सहमति बनी, जो प्रदेश की अर्थव्यवस्था और रोजगार सृजन के लिए अहम माने जा रहे हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सभी निवेशकों के समक्ष स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश सरकार निवेशकों को पारदर्शी नीतिगत ढांचा, त्वरित स्वीकृतियां और बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। हस्ताक्षरित किए गए समझौता ज्ञापनों में एक बड़ा प्रस्ताव यूनिवर्सल सक्सेस ग्रुप की ओर से आया, जिसने ग्रुप हाउसिंग, लॉजिस्टिक पार्क और डेटा सेंटर परियोजनाओं में 6,650 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव रखा है। इन परियोजनाओं से शहरी विकास, औद्योगिक गतिविधियों और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर को नई गति मिलने की उम्मीद है। इसी क्रम में गोल्डन स्टेट कैपिटल (जीएससी) ने उत्तर प्रदेश में 100 मेगावाट क्षमता के डेटा सेंटर की स्थापना के लिए 8,000 करोड़ रुपये निवेश करने की घोषणा की। यह परियोजना राज्य को देश के अग्रणी डेटा सेंटर हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इसी तरह, प्राइवेट इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट ग्रुप (पीआईडीजी) ने नवीकरणीय ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन और कृषि सह सोलर (एग्री-पीवी) परियोजनाओं में 2,500 करोड़ रुपये निवेश का समझौता ज्ञापन किया। इसके अतिरिक्त एवीपीएन लिमिटेड ने भी नवीकरणीय ऊर्जा और एग्री-पीवी क्षेत्र में 2,727 करोड़ रुपये के निवेश की प्रतिबद्धता जताई। इन पहलों से उत्तर प्रदेश के हरित ऊर्जा लक्ष्यों को मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री की सिंगापुर विजिट के पहले दिन निवेश के साथ-साथ कौशल विकास पर भी विशेष ध्यान दिया गया। तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण (टीवीईटी) को सुदृढ़ करने के लिए आईटीई एजुकेशन सर्विसेज (आईटीईईएस) के साथ सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। इस साझेदारी के तहत आईटीईईएस शैक्षणिक विकास, बुनियादी ढांचे के उन्नयन, नेतृत्व और क्षमता निर्माण, आईएसक्यू प्रमाणन तथा क्वालिटी एश्योरेंस जैसे क्षेत्रों में परामर्श और तकनीकी सहयोग प्रदान करेगा। इसका उद्देश्य उत्तर प्रदेश की कौशल व्यवस्था को वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित करना है।

ग्रीन इन्वेस्टमेंट को लेकर सीएम योगी की सिंगापुर की वैश्विक निवेश कंपनी गोल्डन स्टेट कैपिटल (जीएससी) के निदेशक के साथ सफल बैठक

  स्वच्छ ऊर्जा आधारित ग्रीन इंडस्ट्रियल पार्क और क्लाइमेट फाइनेंस पर रहा सीएम का फोकस कौशल विकास और रोजगार सृजन के साथ सतत विकास मॉडल को बढ़ावा सिंगापुर/लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सिंगापुर दौरे के पहले दिन ही कई सफलताएं दर्ज की हैं। मुख्यमंत्री के साथ बैठक में सिंगापुर की वैश्विक निवेश कंपनी गोल्डन स्टेट कैपिटल (जीएससी) ग्रीन्स के निदेशक सुमित नंदा ने उत्तर प्रदेश में 100 मेगावाट के डेटा सेंटर की स्थापना के लिए ₹8000 करोड़ का निवेश करने की घोषणा की। बैठक में प्रदेश में हरित और सतत निवेश (ग्रीन एंड सस्टेनेबल इन्वेस्टमेंट्स) की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई और स्वच्छ ऊर्जा आधारित परियोजनाओं में सहयोग के विभिन्न आयामों पर विचार-विमर्श हुआ। भविष्य की आवश्यकताओं को केंद्र में रखते हुए इस बैठक में रूफटॉप सोलर परियोजनाओं, बैटरी स्टोरेज और ग्रिड सपोर्ट सॉल्यूशंस, ईवी चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर और स्वच्छ ऊर्जा संचालित ग्रीन इंडस्ट्रियल पार्कों के विकास पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके साथ ही पर्यावरण संबंधित जरूरतों के लिए क्लाइमेट फाइनेंस, कार्बन उत्सर्जन में कमी और नवीकरणीय ऊर्जा संचालन से जुड़े कौशल विकास कार्यक्रमों पर भी बातचीत हुई। इन पहलों के माध्यम से रोजगार सृजन की संभावनाओं पर विशेष बल दिया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बैठक में कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार पर्यावरणीय रूप से टिकाऊ और व्यावसायिक रूप से व्यावहारिक विकास मॉडल के प्रति प्रतिबद्ध है। प्रदेश में निवेश के अनुकूल नीतियां, सुदृढ़ औद्योगिक इकोसिस्टम और तेज निर्णय प्रक्रिया, हरित ऊर्जा क्षेत्र में निवेशकों के लिए आदर्श वातावरण प्रदान कर रही हैं। उन्होंने जीएससी ग्रीन्स को परियोजना विकास और निवेश के अन्य अवसरों का सक्रिय अन्वेषण करने का आमंत्रण भी दिया।

विकास की रफ्तार तेज: मेरठ मेट्रो-नमो भारत प्रोजेक्ट को सीएम योगी ने कहा ऐतिहासिक कदम

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिल्ली-मेरठ के बीच 'नमो भारत' रैपिड रेल और मेरठ मेट्रो कॉरिडोर के शुभारंभ को नए उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा का स्वर्णिम अध्याय बताया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेरठ दौरे को लेकर भी प्रतिक्रिया दी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "नए उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा में आज एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी क्रांतिधरा मेरठ में 'मेरठ मेट्रो' और 'नमो भारत' ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर 'नए उत्तर प्रदेश' की विकास यात्रा को गति प्रदान करेंगे। साथ ही आधुनिक कनेक्टिविटी के साक्षी बन रहे जनपद मेरठ को लगभग 12,930 करोड़ रुपए की अलग-अलग विकास और लोक-कल्याणकारी परियोजनाओं की सौगात प्रदान करेंगे।" प्रधानमंत्री का उत्तर प्रदेश आगमन पर उनका स्वागत करते हुए सीएम योगी ने 'एक्स' पोस्ट में लिखा, "प्रधानमंत्री मोदी 82 किमी लंबे दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर को राष्ट्र को समर्पित करते हुए आरआरटीएस के शेष खंडों का उद्घाटन करेंगे। यह कदम एकीकृत शहरी और क्षेत्रीय परिवहन के लिए नई मिसाल स्थापित करेगा।" भाजपा के राज्यसभा सांसद संजय सेठ ने भी प्रधानमंत्री मोदी के मेरठ आगमन पर उनका स्वागत किया है। उन्होंने 'एक्स' पोस्ट में लिखा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 फरवरी को 82 किमी लंबे दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत रैपिड रेल कॉरिडोर का लोकार्पण और मेरठ मेट्रो कॉरिडोर का शुभारंभ करेंगे। इस ऐतिहासिक पहल से दिल्ली-मेरठ के बीच यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी व क्षेत्रीय आर्थिक एकीकरण, व्यापार, निवेश और रोजगार अवसरों को नई गति मिलेगी।" इससे पहले, मेरठ दौरे को लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने 'एक्स' पोस्ट में लिखा, "उत्तर प्रदेश समेत देशभर में रेल कनेक्टिविटी के तेज विस्तार के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। इसी दिशा में रविवार को दोपहर करीब 12:30 बजे मेरठ में देश की सबसे तेज मेरठ मेट्रो और नमो भारत ट्रेन के उद्घाटन का सौभाग्य मिलेगा। इसके बाद नमो भारत रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम के दूसरे खंडों के शुभारंभ के साथ ही दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर को राष्ट्र को समर्पित करूंगा। इस दौरान कई विकास परियोजनाओं को शुरू करने का भी सुअवसर मिलेगा।"

सीएम योगी का म्यांमार यात्रा के बाद पहला विदेशी दौरा, 23-24 सिंगापुर और 25-26 फरवरी को जापान प्रवास

सिंगापुर की 25 और जापान की 8 कंपनियों के शीर्ष प्रतिनिधियों से करेंगे मुलाकात जी-टू-बी संवाद और राउंड टेबल मीटिंग में निवेशकों से होगा सीधा संवाद प्रवासी भारतीयों और स्कूली बच्चों से बातचीत कर साझा करेंगे बदले यूपी की कहानी डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, ऑटोमोबाइल और ग्रीन एनर्जी निवेश पर रहेगा जोर वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की दिशा में अहम पहल लखनऊ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपनों के उत्तर प्रदेश को ‘मैन्युफैक्चरिंग हब ऑफ इंडिया’ बनाने के लक्ष्य के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सिंगापुर और जापान के चार दिवसीय दौरे पर आज रवाना होंगे। 2017 की म्यांमार यात्रा के बाद यह मुख्यमंत्री का पहला विदेशी दौरा होगा, जिसे प्रदेश की निवेश कूटनीति और औद्योगिक विस्तार की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 23-24 फरवरी को सिंगापुर और 25-26 फरवरी को जापान प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री 33 वैश्विक कंपनियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर प्रदेश में निवेश, तकनीकी सहयोग और औद्योगिक विस्तार के नए अवसरों पर चर्चा करेंगे। इस यात्रा की खास बात यह होगी कि मुख्यमंत्री जी-टू-बी (गवर्नमेंट टू बिजनेस) बैठकों और राउंड टेबल मीटिंग के जरिए निवेशकों से सीधे संवाद करेंगे। यूपी के सीईओ की तरह वे निवेशकों से प्रदेश के औद्योगिक रोडमैप, नीति स्थिरता और कारोबारी संभावनाओं पर स्पष्ट और परिणाम केंद्रित बातचीत करेंगे। प्रवासी भारतीयों और उत्तर प्रदेश वासियों को संबोधित करने के साथ वे स्कूली बच्चों से भी संवाद करेंगे और प्रदेश की विकास यात्रा साझा करेंगे। सरकार का मानना है कि 25 करोड़ नागरिकों की शक्ति उत्तर प्रदेश को उत्पादन और उपभोग दोनों का केंद्र बनाती है। विशाल श्रमबल, बड़ा बाजार और तेजी से विकसित हो रहा इंफ्रास्ट्रक्चर ‘मैन्युफैक्चरिंग हब ऑफ इंडिया’ के विजन की मजबूत आधारशिला हैं। सिंगापुर की 25 कंपनियों के प्रतिनिधियों से मिलेंगे सीएम योगी सिंगापुर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री 25 कंपनियों के प्रतिनिधियों से मिलेंगे। गूगल और एसटीटी ग्लोबल जैसे निवेशकों के साथ डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर, जापफा ग्रुप और ओलम इंटरनेशनल के साथ एग्रीबिजनेस, मैपलट्री और एआई सैट्स के साथ लॉजिस्टिक्स नेटवर्क तथा एवीपीएन, जीएससी ग्रीन्स और ईडीपीआर सनसीप के साथ क्लीन व सौर ऊर्जा निवेश पर चर्चा होगी। ग्रीनफील्ड वेंचर्स और ड्रीमट्रस्ट के साथ हॉस्पिटैलिटी व थीम पार्क, यूनिवर्सल सक्सेस ग्रुप के साथ पैकेजिंग, सेम्बकॉर्प के साथ इंडस्ट्रियल पार्क और सिंगापुर एयरलाइंस इंजीनियरिंग कंपनी के साथ एविएशन क्षेत्र में सहयोग की संभावनाएं तलाशी जाएंगी। टेमासेक, जीआईसी और ब्लैकस्टोन जैसे वैश्विक निवेश फंड्स के साथ पूंजी निवेश, जबकि फुलर्टन फाइनेंशियल, डीबीएस बैंक और वर्टेक्स वेंचर्स के साथ फिनटेक व स्टार्टअप सहयोग पर भी बातचीत होगी। जापान में आठ प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे मुख्यमंत्री जापान प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री आठ प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। कुबोटा और सुजुकी के साथ ऑटोमोबाइल निवेश, टोक्यो इलेक्ट्रॉन के साथ सेमीकंडक्टर, तोशिबा के साथ इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग तथा टोयो डेंसो, जापान एविएशन इलेक्ट्रॉनिक्स और नागासे एंड कंपनी के साथ ऑटोमोबाइल सप्लाई चेन सहयोग प्रमुख एजेंडा रहेंगे। कनाडेविया के साथ ग्रीन हाइड्रोजन और मारुबेनी के साथ हॉस्पिटैलिटी व रियल एस्टेट निवेश पर भी चर्चा होगी। जी-टू-बी और राउंड टेबल बैठकों के जरिए करेंगे संवाद दौरे के दौरान आयोजित जी-टू-बी और राउंड टेबल बैठकों में मुख्यमंत्री प्रदेश की औद्योगिक नीति, भूमि बैंक, एक्सप्रेसवे नेटवर्क, लॉजिस्टिक्स व्यवस्था और कौशल विकास से जुड़े पहलुओं पर निवेशकों के साथ संवाद करेंगे। सरकार को उम्मीद है कि इन बैठकों से निवेश प्रस्तावों को गति मिलेगी और संयुक्त परियोजनाओं का रास्ता साफ होगा। मुख्यमंत्री की यह यात्रा न केवल निवेश आकर्षित करने का प्रयास है, बल्कि वैश्विक मंच पर ‘ब्रांड यूपी’ को सशक्त रूप से स्थापित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने में अहम कदम चार दिन के इस दौरे में मुख्यमंत्री निवेशकों के सामने नए उत्तर प्रदेश की तस्वीर रखेंगे, जहां मजबूत कानून व्यवस्था, नीति स्थिरता और तेज कनेक्टिविटी निवेश के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री का यह दौरा प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ाने और ‘मेक इन यूपीवन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था’ को वैश्विक स्तर पर मजबूती देने में अहम साबित हो सकता है।

मेरठ दौरे पर सीएम योगी आदित्यनाथ, प्रधानमंत्री के कार्यक्रम की व्यवस्थाओं का लेंगे जायजा

मेरठ     प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रविवार के मेरठ दौरे को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं।  पीएम से पहले शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मेरठ पहुंचे हैं। वह सभास्थल सहित अन्य इंतजामों का जायजा लेंगे। सीएम की मौजूदगी में तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाएगा। प्रधानमंत्री के आगमन की तैयारियों की समीक्षा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। इस दौरान वह सभास्थल, मंच व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, सुरक्षा घेरा, पार्किंग और वीआईपी मूवमेंट की रूपरेखा का जायजा लेंगे। अधिकारियों को पहले ही निर्देश दिए जा चुके हैं कि सभी तैयारियां तय समय सीमा में पूरी कर ली जाएं।   अफसरों के अनुसार मुख्यमंत्री पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक भी कर सकते हैं। इसमें सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष जोर रहेगा। प्रधानमंत्री के दौरे को देखते हुए बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है। शहर में प्रमुख मार्गों की बैरिकेडिंग, चेकिंग अभियान और ट्रैफिक डायवर्जन प्लान पर काम तेज कर दिया गया है। सभास्थल पर साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय, बिजली और बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।   ये बोले डीएम मुख्यमंत्री दोपहर दो बजे मेरठ पहुंचकर प्रधानमंत्री के दौरे से संबंधित तैयारियों का जायजा लेंगे। सुरक्षा और यातायात से जुड़े पहलुओं को परखा जा रहा है। प्रशासन की ओर से पीएम के दौरे की तैयारी से जुड़े बिंदुओं की सीएम को जानकारी दी जाएगी। –  डॉ. वीके सिंह, डीएम रैपिड रेल के मोदीपुरम तक के कॉरिडोर और मेरठ मेट्रो का उद्घाटन करेंगे पीएम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 फरवरी को मेरठ में रैपिड रेल के मोदीपुरम तक के कॉरिडोर और मेरठ मेट्रो का उद्घाटन करेंगे। उनके दौरे को लेकर एसपीजी कमांडो ने पहले ही डेरा डाल लिया है। मोहिउद्दीनपुर में जनसभा स्थल के बाद शताब्दीनगर और मेरठ साउथ मेट्रो स्टेशनों के अलावा हेलिपैड का भी एसपीजी ने निरीक्षण किया। बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड के साथ पुलिस-प्रशासन भी मुस्तैद है।

यूपी में शिक्षामित्रों की बढ़ी सैलरी, ₹18,000 मासिक मानदेय; अनुदेशकों को भी राहत

लखनऊ यूपी बजट सत्र के दौरान विधानसभा में बोल रहे सीएम योगी ने शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को लेकर बड़ी घोषणा कर दी। सीएम योगी ने कहा, शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ा दिया है। अप्रैल से शिक्षामित्रों को अब 18 हजार रुपये मिलेंगे। पहले इन्हें 10 हजार रुपये मिलते थे। साथ ही अनुदेशकों का मानदेय नौ हजार रुपये से बढ़ाकर 17 हजार रुपये कर दिया गया है। अप्रैल से दोनों लोगों को बढ़ा हुआ मानदेय मिलना शुरू हो जाएगा। इसके अलावा सीएम योगी ने कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय के लिए 580 करोड़ रुपये, 16 लाख ट्यूबवेल को 3000 करोड़ के खर्च से फ्री बिजली देने की घोषणा की है। हर न्याय पंचायत में बनाए जाएंगे डिजिटल उद्यमी, 50 प्रतिशत होंगी महिलाएं महिलाओं को लेकर घोषणा करते हुए सीएम योगी ने कहा, प्रदेश में आठ हजार न्याय पंचायत हैं। हर न्याय पंचायत में डिजिटल उद्यमी बनाए जाएंगे। इसके अलावा हर न्याय पंचायत पर महिला उद्यमी विपणन केंद्र बनाए जाएंगे। इसमें 50 प्रतिशत महिलाएं होंगी। जिन्हें 10 लाख तक का मुफ्त ऋण दिया जाएगा। उत्तर प्रदेश के एक करोड़ सेल्फ हेल्प ग्रुप के लिए न्याय पंचायत स्तर पर 100 करोड़ के खर्च से महिलाओं के लिए शॉपिंग कॉम्पलेक्स खोले जाएंगे। सीएम योगी ने कहा, हर साल यूपी में 60 लाख संस्थागत प्रसव करवाने के लिए अस्पतालों को इंपैनल किया जाएगा। इसमें लिए 1000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। 25 लाख युवाओं को फ्री टूल किट देगी यूपी सरकार युवाओं को लेकर घोषणा करते हुए सीएम योगी ने कहा, यूपी में अब एआई गेम चेंजर होने वाला है। सीएम योगी ने कहा, कामकाजी युवाओं को एआई टूल किट्स उपलब्ध करवाए जाएंगे। यूपी सरकार 25 लाख युवाओं को फ्री टूल किट देगी। साथ ही स्टार्टअप और इनोवेशन में सहयोग भी किया जाएगा। एआई कृषि क्षेत्र में भी बड़ी भूमिका निभाएगा। यूपी में रोबोटिक्स तकनीकी को बढ़ावा दिया जाएगा। 50 प्रतिशत शहरीकरण का काम होगा। माल ढुलाई, खाद का छिड़काव भी एआई रोबोट से होगा। सीएम योगी ने विपक्ष पर बोला हमला विधानसभा में बजट सत्र पर बोल रहे सीएम योगी ने विपक्ष पर निशाना साधा। सीएम योगी ने कहा, सपा सरकार में चेहरा देखकर समाजवादी पेंशन दी जाती थी। समाजवादी पेंशन स्कीम केवल समाजवादियों को ही मिलती थी। कम से कम गरीब ब्राह्मण को पेंशन दे देते। सीएम योगी कहा, सपा सरकार में हर साल इंसेफेलाइटिस से 1500 से 1700 SC- ST बच्चों की मौतें होती थीं। 2019 के बाद से इंसेफेलाइटिस का उन्मूलन हो चुका है। हमने किसी की जाति नहीं देखी। सपा की 4 बार सरकार बनी, लेकिन आपने विचार तक नहीं किया। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय पर तंज कसा। कहा, आप सच्चे समाजवादी हैं। समाजवादी विचारधारा के साथ चले, वो अलग बात है कि आपके साथ शिवपाल जी जैसे लठैत ने भी चलने की कोशिश की। आपने कुछ जनपदों की पहचान ऐसी बना दी थी कि लोग होटल में कमरा नहीं देते थे, लेकिन हम लोगों ने व्यवस्था बदली, परसेप्शन बदल गया। आज लोग कहते हैं, अच्छा आप यूपी से आए हैं।  

न दंगा, न कर्फ्यू—बदल चुका है यूपी: सीएम योगी ने गिनाई सरकार की उपलब्धियां

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को विधान परिषद में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान विपक्ष पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि प्रदेश 'फियर जोन' से 'फेथ जोन' में परिवर्तित हो चुका है। उन्होंने कहा, “न कर्फ्यू है, न दंगा है, बल्कि यूपी में सब चंगा है।” सीएम योगी ने सदन में राज्यपाल के प्रति कथित अभद्र व्यवहार को लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विरुद्ध बताते हुए कहा कि संवैधानिक प्रमुख का सम्मान करना हम सबका दायित्व है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष का आचरण उसकी नकारात्मक सोच को दर्शाता है।  उन्होंने कहा कि पिछले नौ वर्षों में प्रदेश ने अपराध और अव्यवस्था से अनुशासन, कर्फ्यू से कानून के राज, उपद्रव से उत्सव और अविश्वास से आत्मविश्वास तक की यात्रा तय की है। डबल इंजन सरकार की स्पष्ट नीति, साफ नीयत और निर्णायक नेतृत्व ने शासन-प्रशासन की दिशा बदली है। उन्होंने दावा किया कि 2017 के बाद प्रदेश में कोई साम्प्रदायिक दंगा नहीं हुआ। पहले 'वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया' जैसी स्थिति थी, गुंडा टैक्स और अवैध वसूली आम बात थी, जबकि अब जीरो टॉलरेंस नीति लागू है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज 'टेक्नोलॉजी, ट्रस्ट और ट्रांसफॉर्मेशन' के मॉडल के रूप में उभर रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी का उल्लेख करते हुए कहा कि देश इमर्जिंग टेक्नोलॉजी और एआई के क्षेत्र में नई दिशा तय कर रहा है और उत्तर प्रदेश भी उसी सोच के अनुरूप आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश अब रेवेन्यू सरप्लस राज्य बनने की ओर अग्रसर है और निवेश, नवाचार व पारदर्शिता का केंद्र बन रहा है। सीएम योगी ने कहा, “विरासत से युक्त विकास ही उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है।” उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने राजनीतिक स्वार्थ में राष्ट्र प्रतीकों और आस्था स्थलों का अपमान किया। उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण, काशी में काशी विश्वनाथ धाम का विकास और प्रदेश के प्रमुख तीर्थस्थलों का कायाकल्प नई पहचान का प्रतीक है। धर्मस्थल केवल आस्था नहीं, बल्कि राष्ट्रचेतना के केंद्र भी हैं। मुख्यमंत्री ने महाराजा सुहेलदेव के स्मारक और विश्वविद्यालय, लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा स्थापना सहित सांस्कृतिक विरासत से जुड़े कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने प्रयागराज में महाकुंभ और माघ मेले का जिक्र करते हुए कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं की भागीदारी सुशासन और सुरक्षा पर बढ़े विश्वास का प्रमाण है। जो प्रदेश पहले दंगों के लिए जाना जाता था, वह आज दीपोत्सव, देव दीपावली और रंगोत्सव के लिए पहचाना जा रहा है। सीएम ने बताया कि पिछले वर्षों में 2.19 लाख से अधिक पुलिसकर्मियों की भर्ती की गई, जिनमें 20 प्रतिशत पद महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए। महिला पुलिसकर्मियों की संख्या 10 हजार से बढ़कर 44 हजार से अधिक हो गई है। उन्होंने कहा कि सात पुलिस कमिश्नरेट, साइबर थाने, फॉरेंसिक लैब और आधुनिक पुलिसिंग मॉडल से कानून-व्यवस्था मजबूत हुई है। प्रदेश में 12 अत्याधुनिक फॉरेंसिक लैब संचालित हैं और सभी 75 जिलों में फॉरेंसिक वैन की व्यवस्था की गई है। पीएसी की 34 कंपनियों को पुनर्जीवित करने और तीन महिला बटालियन- वीरांगना झलकारी बाई, अवंती बाई और ऊदा देवी- के गठन का भी उन्होंने उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब भय, अराजकता और अविश्वास की पहचान से निकलकर विकास, निवेश, आस्था और आत्मविश्वास के नए युग में प्रवेश कर चुका है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को विधान परिषद में गिनाईं उपलब्धियां

सीएम योगी के निशाने पर रही कांग्रेस व समाजवादी पार्टी लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्यपाल के अभिभाषण पर सोमवार को विधान परिषद में धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस व सपा को निशाने पर रखा। उन्होंने पुलिस व कानून व्यवस्था पर भी अपनी बातें रखीं। सीएम योगी ने कहा कि देश व प्रदेश विरासत पर गौरव की अनुभूति करता है। विरासत से युक्त विकास ही उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला होती है। जिन्होंने भारत की आत्मा पर प्रहार किया और आस्था को रौंदा, उन आक्रांताओं का महिमामंडन कोई राजनीतिक स्वार्थ के लिए करे, नए भारत का नया उत्तर प्रदेश यह स्वीकार नहीं करेगा। देशद्रोही तत्वों के समर्थन में बयानबाजी या राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति अपमानजनक टिप्पणी करना राष्ट्रद्रोह से कम नहीं है। सीएम योगी ने कहा कि वंदे मातरम का 150वां वर्ष चल रहा है। पीएम मोदी ने राष्ट्रगीत को देश में अनिवार्य रूप से लागू करने के लिए नोटिफिकेशन जारी कराया। राष्ट्रगीत भारत की आन, बान व शान का प्रतीक है। इन प्रतीकों व राष्ट्रनायकों का सम्मान भारतीयों का दायित्व बनता है। आक्रांताओं का महिमा मंडन और राष्ट्र प्रतीकों (तिरंगा, राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत व महापुरुषों) का अपमान करने वाले संविधान की अवहेलना कर रहे हैं। जनता की आंखों में धूल झोक रही कांग्रेस व सपा सीएम ने आरोप लगाया कि कांग्रेस व सपा एक तरफ संविधान के नाम पर जनता की आंखों में धूल झोक रही है तो दूसरी तरफ राष्ट्रगीत वंदे मातरम का विरोध कराया जा रहा है। इनके सदस्य कह रहे हैं कि हम वंदे मातरम नहीं गाएंगे। हिंदुस्तान में रहकर राष्ट्रगीत न गाना नहीं चलेगा। यह संविधान निर्माताओं और बाबा साहेब भीम राव आंबेडकर का अपमान है। वंदे मातरम को 24 जनवरी 1950 को राष्ट्रगीत के रूप में मान्यता मिली थी। हर भारतीय का दायित्व है कि इन प्रतीकों को सम्मान दे। सीएम ने कहा कि गाजी भारत की परंपरा और संस्कृति को रौंदने आया था, सपा के लोग इस गाजी के मेले का समर्थन करते हैं। श्रावस्ती के तत्कालीन नरेश महाराज सुहेलदेव के नेतृत्व में हिंदु राजाओं ने उसे रौंद डाला। डबल इंजन सरकार ने महाराज सुहेलदेव को सम्मान दिया। बहराइच के चित्तौड़ा में उनका भव्य स्मारक और उनके नाम पर विश्वविद्यालय भी बनाया। धर्मस्थल केवल आस्था नहीं, बल्कि राष्ट्रचेतना के भी केंद्र सीएम योगी ने कहा कि डबल इंजन सरकार ने लोकमाता अहिल्या बाई होल्कर को सम्मान दिया। पीएम मोदी ने लोकमाता की भव्य प्रतिमा काशी विश्वनाथ धाम में स्थापित कराई। समाजवादी पार्टी लोकमाता के नाम पर गुमराह कर रही है। यह लोग राम मंदिर, काशी विश्वनाथ मंदिर का विरोध और ऐसे तत्वों को प्रश्रय देते हैं। उनकी यह प्रवृत्ति दिखाती है कि आस्था के प्रति इनके मन में सम्मान नहीं है। सपा सरकार ने कांवड़ यात्रा, जन्माष्टमी, अयोध्या की 84 कोसी परिक्रमा को रोक दिया था। प्रतिपक्ष के दलों ने अपने समय में दीपोत्सव, रंगोत्सव कार्यक्रम को रोका था। कांग्रेस ने उच्चतम न्यायालय में कहा था कि श्रीराम-श्रीकृष्ण मिथक थे। सपा ने रामभक्तों पर गोलियां चलाई थीं। मंदिर निर्माण के मार्ग में बाधा पैदा करने के लिए अधिवक्ता तैयार किए थे, लेकिन हम लोग कहते हैं कि हिंदुस्तान में भारत की आस्था को कोई कैद नहीं कर सकता है। आज अयोध्या में प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर बन गया है। देश-प्रदेश से हर दिन लाखों श्रद्धालु आ रहे हैं। धर्मस्थल केवल आस्था नहीं, बल्कि राष्ट्रचेतना के भी केंद्र हैं। सशक्त भारत की अटल आधारशिला बनाने के लिए हमारी सरकार ने आस्था को बढ़ाया सीएम योगी ने कहा कि भारत की आत्मा के प्रति सम्मान का भाव रखना और कार्य करना गौरव की बात है। डबल इंजन सरकार ने विरासत पर गौरव की अनुभूति के साथ ही प्रेरणा, सम्मान व बेहतर भविष्य की ठोस कार्ययोजना के साथ कार्य किया है। प्रधानमंत्री ने आजादी के अमृत महोत्सव के समय विकसित भारत के लिए पंच प्रण की बात की थी, उसी से प्रेरणा लेकर हम लोगों ने सशक्त भारत की अटल आधारशिला बनाने के लिए आस्था को बढ़ाया है। प्रयागराज, अयोध्या, काशी, मथुरा-वृंदावन, विंध्याचल, चित्रकूट, शुकतीर्थ, संभल, बरेली, नैमिषारण्य समेत बौद्ध, जैन, सिख व पौराणिक-ऐतिहासिक महत्व से जुड़े तीर्थस्थलों का समग्र विकास किया है। यूपी की पहचान अब दीपोत्सव, देव दीपावली व रंगोत्सव से सीएम योगी ने कहा कि यूपी की पहचान अब दीपोत्सव, देव दीपावली, रंगोत्सव से होती है। यह केवल आयोजन नहीं, बल्कि इसने भारत के आध्यात्मिक गौरव के वैश्विक उत्सव के रूप में पहचान बनाई है। आज हर भारतीय अयोध्या के दीपोत्सव, काशी के देव दीपावली और मथुरा-वृंदावन के रंगोत्सव से आत्मिक भाव से जुड़ा है। कर्फ्यू न दंगा, यूपी में सब चंगा मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से उत्तर प्रदेश में कोई सांप्रदायिक दंगा नहीं हुआ। यूपी में न कर्फ्यू है, न दंगा है, यहां सब चंगा है। महिलाओं को सुरक्षा व व्यापारियों को भयमुक्त वातावरण दिया गया। 8-9 वर्ष में 2.19 लाख पुलिसकर्मियों की भर्ती हुई, इसमें 20 फीसदी महिलाओं के लिए आरक्षण सुनिश्चित किया गया। जब हम लोग आए थे, तब यूपी पुलिस में 10 हजार महिला कार्मिक थीं, आज यह संख्या 44 हजार से अधिक हो गई है। पुलिस की ट्रेनिंग क्षमता में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। 2017 में हमें पुलिस भर्ती करनी थी, लेकिन राज्य के पास ट्रेनिंग क्षमता नहीं थी। मिलिट्री, पैरा मिलिट्री व अन्य राज्यों के ट्रेनिंग सेंटर हायर किए थे। इस बार 60,200 पुलिस कार्मिकों की भर्ती हुई और इनका प्रशिक्षण यूपी के ट्रेनिंग सेंटर में ही हो रहा है। पुलिस की अवस्थापना सुविधा में अभूतपूर्व परिवर्तन हुआ है। खपरैल के बैरक की जगह पुलिस कार्मिकों के लिए हाईराइज बिल्डिंग में बनाई गईँ हैं। सीएम ने गिनाई स्मार्ट पुलिसिंग की विशेषताएं सीएम योगी ने कहा कि 7 पुलिस कमिश्नरेट मॉडर्न पुलिसिंग का नया मॉडल प्रस्तुत कर रहा है। साइबर थाना व साइबर सेल इनकी पहचान को और तेजी से बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि फॉरेंसिक साइंस ईकोसिस्टम आधुनिक पुलिसिंग औऱ वैज्ञानिकों साक्ष्यों के लिए अनिवार्य है। तीन नए कानून लागू होने के बाद पूरे देश के अंदर सात वर्ष से अधिक की सजा के लिए फॉरेंसिक एविडेंस अनिवार्य किया गया है। प्रदेश में पहले केवल दो फॉरेंसिक लैब थीं। आज ए ग्रेड के 12 लैब प्रारंभ हो चुके हैं, जबकि … Read more