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2.47 करोड़ रुपये की लागत से बने शहर के पांचवें कल्याण मंडपम का लोकार्पण किया सीएम योगी ने

पीएम मोदी के मार्गदर्शन में विकास के पथ पर तेजी से बढ़ रहा उत्तर प्रदेश: सीएम योगी राप्तीनगर विस्तार स्पोर्ट्स सिटी योजना के एलआईजी व ईडब्ल्यूएस आवंटियों को सीएम के हाथों मिला आवंटन पत्र गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विकास कैसे होता है, आज गोरखपुर उसका मॉडल बन चुका है। विकास कैसे होना चाहिए, आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश यह साबित कर रहा है। आज गोरखपुर में सब कुछ है और उत्तर प्रदेश में भी। सीएम योगी शनिवार को वार्ड नंबर-22 जंगल तुलसीराम के बिछिया कॉलोनी में बने शहर के पांचवें कल्याण मंडपम का लोकार्पण करने के बाद उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। यह कल्याण मंडपम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की विधायक निधि से गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) द्वारा 2.47 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है। कल्याण मंडपम के लोकार्पण समारोह में मुख्यमंत्री ने सभी लोगों को देवाधिदेव महादेव की उपासना के महापर्व महाशिवरात्रि की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज विकास के कार्य हर स्तर पर किए जा रहे हैं। अभी केंद्र और प्रदेश सरकार के बजट में युवाओं, महिलाओं सहित समाज के प्रत्येक तबके के लिए ढेर सारी स्कीम आई हैं। ये ढेर सारी स्कीम समय-समय पर प्रारंभ होगी तो उसका लाभ प्रदेशवासियों के साथ गोरखपुरवासियों को भी प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री ने कल्याण मंडपम की आवश्यकता और इसके महत्व को समझाते हुए कहा कि आज से 15-20 साल पहले तक लोग शादी-विवाह के लिए सड़क पर टेंट लगाकर आयोजन करते थे। तब आबादी कम थी, यातायात के साधन कम थे तो कोई समस्या नहीं होती थी। लेकिन, अब घराती हो या बराती, सबको ऐसा स्थान चाहिए, जिससे किसी को असुविधा न हो। हर व्यक्ति महंगे होटल या मैरिज हाउस का खर्च नहीं उठा सकता। अब होटल और मैरिज हाउस जैसी अत्याधुनिक सुविधा कल्याण मंडपम में मिनिमम यूजर चार्ज पर उपलब्ध हो रही है। इतना ही नहीं, कई बार एक ही दिन में हजारों शादियां होने से भी कल्याण मंडपम की उपयोगिता बढ़ रही है। सीएम योगी ने बताया कि गोरखपुर महानगर में पांच कल्याण मंडपम बन गए हैं। इसके अलावा पांच अन्य मंडपम जंगल बेनी माधव,  बशारतपुर, नकहा नम्बर दो, महादेव झारखंडी और सेमरा में बन रहे हैं। अधिकतर में उन्होंने अपनी विधायक निधि से धनराशि दी है। मुख्यमंत्री ने बताया कि आज लोकार्पित बिछिया के कल्याण मंडपम के लिए उन्होंने दो करोड़ रुपये अपनी विधायक निधि से दिए हैं। उन्होंने कहा कि नागरिक कार्यों के लिए नगर निगम, विकास प्राधिकरण की निधि के साथ ही पार्षद, महापौर, विधायक और सांसद निधि का भी इस्तेमाल हो रहा है। कल्याण मंडपमों से वास्तविकता में गरीबों का कल्याण होगा और रोजगार का सृजन भी होगा। नया मॉडल बन रहा बिछिया सीएम योगी ने कहा कि पहले बिछिया की क्या स्थिति थी, सभी जानते हैं। सड़कों की समस्या थी तो जलभराव की भी। अब यहां की सड़कें ऐसी हैं कि जाम लगेगा ही नहीं। यहां से गुजरने वाला जो गोड़धोइया नाला पहले आम दिनों में कीचड़ से पटा रहता था और बरसात में जलभराव का कारण बनता था, वह जलनिकासी का मॉडल बनेगा। नाला बन जाने, एसटीपी चालू हो जाने के बाद लोग उसे देखने आएंगे। बिछिया अच्छी सड़कों और जलनिकासी का नया मॉडल बन रहा है। हर तबके को मिल रही आवास की सुविधा अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हर तबके को आवास की सुविधा मिल रही है। राप्तीनगर विस्तार में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स भी बन रहा है और हर तबके के लिए आवास की सुविधा भी दी जा रही है। ऐसे ही आवास की सुविधा अन्य जगहों पर भी उपलब्ध करवाई जा रही है। मानीराम के पास भी बहुत बड़ी हाउसिंग स्कीम आ रही है। आज सबकुछ है गोरखपुर में सीएम योगी ने कहा कि आज गोरखपुर में सबकुछ है। यहां एम्स आ गया है, मेडिकल कॉलेज सुदृढ़ हो गया है। फर्टिलाइजर कारखाना चल गया है। यहां हर तरफ अच्छी सड़कें और फोरलेन की कनेक्टिविटी है। गोरखपुर से लखनऊ, वाराणसी, नेपाल, देवरिया, कुशीनगर के लिए फोरलेन सड़कें हैं। यहां बाईपास भी बन रहे हैं। अब जाम नहीं लगने पाएगा। जाम से जड़ता आती है, इसलिए गोरखपुर को जाम से मुक्त बनाना है। इसके लिए गोरखपुर के लोग लगातार सहयोग कर अपना योगदान देते हैं। इसके चलते ही विकास के अच्छे परिणाम सामने आते हैं। अब गोरखपुर में उद्योग भी लग रहे हैं। पिछली सरकारें बेईमानी करती थीं, बीमारी लाती थीं अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोगों से स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि जैसा कि हमारे प्रधानमंत्री जी ने कहा था कि पिछली सरकारें बेईमानी करती थीं और बीमारी लाती थीं। हम लोगों ने बेईमानी को रोका है और बीमारी को पूरी तरह से समाप्त कर दिया। आज इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारी नहीं है। लेकिन, यह हम सबका दायित्व है कि शुद्धता और स्वच्छता पर ध्यान दें। गंदगी न होने दें, कूड़ा सड़क या नाली में न फेकें। सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल न करें। पर्यावरण बचाएंगे तभी आपको पर्यावरण बचाएगा मुख्यमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण की सीख देते हुए कहा कि आप पर्यावरण को बचाएंगे तभी पर्यावरण आपको बचाएगा। दिल्ली की हालत देखिए, वहां घुटन भरी जिंदगी हो गई है। ऐसा लगता है कि जैसे गैस चैंबर में हों। एयर क्वालिटी इंडेक्स काफी खराब स्थिति में है। आंखों में जलन और सांस लेने में दिक्कत होती है। डॉक्टर बुजुर्गों, बीमार लोगों और बच्चों को घर से बाहर जाने से मना करते हैं, जबकि गोरखपुर में कितना शानदार माहौल है। कहीं कोई दिक्कत नहीं, कहीं कोई दमघोंटू माहौल नहीं। जब हम धरती माता के प्रति अपने उत्तरदायित्व का निर्वहन करेंगे तो धरती माता भी उसी प्रकार का आशीर्वाद देकर कल्याण करेंगी। हम सबको योगदान देना होगा, गंदगी न करनी है और न ही करने देनी है। सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान नहीं होने देना है। जो न माने, उसके बारे में प्रशासन को बताएं सीएम योगी ने कहा कि रामगढ़ताल इतना अच्छा बन गया है, लेकिन कुछ लोग आज भी वहां झूठे पत्तल, डिब्बे आदि डाल देते हैं। इससे गंदगी होगी, मच्छर पनपेंगे, बीमारी होगी। इन सबसे बचना चाहिए और कोई गलत कर रहा तो उसको रोकना भी चाहिए। अगर वह … Read more

बच्चों के मसीहा बने सीएम योगी: शिक्षा, उपचार और सहायता—सब कुछ तुरंत

लखनऊ नर्सरी में एडमिशन कराने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पास पहुंची मासूम बच्ची की जिद हो या चॉकलेट की मांग करने वाले बच्चों की हठ। जिन मुख्यमंत्री का नाम सुनकर अपराधी कांप उठते हैं, बच्चे उन्हीं से मिलकर सहजता से अपनी जिद मनवा लेते हैं। कहते हैं, 'बच्चे मन के सच्चे', वे अपने दिल की भावना को अत्यंत निश्छलता से प्रकट कर देते हैं, यही भाव उस समय सामने आया, जब सीएम योगी आदित्यनाथ को देखते ही एक छोटी बच्ची ने उन्हें सैल्यूट किया। सीएम ने भी मुस्कुराते हुए बच्ची को खूब मन लगाकर पढ़ने के लिए कहा। उनका यह बाल प्रेम उनके कोमल हृदय व सर्वसुलभ होने के साथ-साथ जनसेवा, संवेदना व सुशासन की जीवंत तस्वीर प्रस्तुत करता है। मुख्यमंत्री के बच्चों से जुड़ाव और उनके साथ भावनात्मक संवाद के कई दृश्य समय-समय पर सामने आते रहते हैं। विगत सोमवार को ‘जनता दर्शन’ में मां के साथ आई बच्ची अनाबी अली से सीएम का संवाद इन दिनों चर्चा में है। अपने एडमिशन के लिए जिद, फिर एबीसीडी व कविता सुनाकर अनाबी ने सीएम का दिल जीत लिया। मकर संक्रांति पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गोरखनाथ मंदिर में एक बच्चे से “और क्या चाहिए” पूछना और उसका मासूम जवाब सुनकर खिलखिलाकर हंसना भी उनके बालप्रेम को प्रकट करता है। बच्चों से अत्यंत आत्मीयता से संवाद और उनके भविष्य को लेकर त्वरित निर्णय मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता को प्रदर्शित करते हैं। बीते दिनों ‘जनता दर्शन’ में दो साल की अनन्या से संवाद भी लोगों के मन को छू गया। इसी तरह 31 दिसंबर को मेजर की बेटी अंजना भट्ट ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपने मकान पर कब्जे की शिकायत की, जिस पर मुख्यमंत्री ने 24 घंटे के भीतर न सिर्फ मकान को कब्जा मुक्त कराया, बल्कि आरोपियों पर एफआईआर व तत्काल गिरफ्तारी भी कराई। यह मामला सीएम की जन समस्याओं के प्रति गंभीरता को प्रकट करते हुए स्पष्ट संदेश देता है कि वे कानून व्यवस्था, बच्चों, महिलाओं और कमजोर वर्गों से जुड़े मामलों का समाधान कराने में तनिक भी विलंब नहीं करते। कानपुर की मूक-बधिर युवती खुशी गुप्ता की कहानी भी इन दिनों हर किसी की जुबां पर है। मुख्यमंत्री से मिलने की उसकी जिद और अकेले पैदल चलकर लखनऊ पहुंचने की जानकारी जब सीएम योगी आदित्यनाथ को मिली तो उन्होंने उसे बुलाकर उसके बनाए चित्रों को स्वीकार किया और उसके शिक्षित-सुरक्षित भविष्य का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री के अपनत्व से भाव-विभोर खुशी की ‘अनकही भावनाओं’ ने 25 करोड़ प्रदेशवासियों के बीच मुख्यमंत्री की ‘प्रदेश ही परिवार’ धारणा की विश्वसनीय तस्वीर पेश की। ‘जनता दर्शन’ के जरिए लखनऊ की अनाबी अली, कानपुर की मायरा, गोरखपुर की पंखुड़ी और मुरादाबाद की वाची का स्कूल में एडमिशन कराना भी सीएम योगी की संवेदनशीलता का हिस्सा है। कानपुर की नन्ही मायरा ने कहा था कि मैं बड़ी होकर डॉक्टर बनना चाहती हूं। इस पर सीएम ने तत्काल उसका प्रवेश कराने का निर्देश दिया। वाची ने कहा कि मैं पढ़ना चाहती हूं, सीएम ने उसका भी प्रवेश कराया। गोरखपुर की पंखुड़ी की फीस माफ कराने के साथ ही उसे पुनः विद्यालय भेजना भी सुनिश्चित कराया। 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस परेड में आए बच्चे सीधे सीएम योगी के पास पहुंच गए। सभी ने सीएम के साथ फोटो खिंचवाई, उनसे बातचीत की। सीएम ने उन्हें दुलारा और एक नन्ही बच्ची को गोद में लेकर अपना वात्सल्य भाव प्रकट किया। बीते सितंबर में ‘जनता दर्शन’ में कानपुर की रायपुरवा निवासी एक वृद्ध मां अपने कैंसर पीड़ित बेटे का दर्द लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पास पहुंची थीं। उनकी तकलीफ देखकर सीएम द्रवित हो गए और कैंसर पीड़ित बेटे को एंबुलेंस से सीधे कल्याण सिंह सुपर स्पेशियिलिटी कैंसर इंस्टीट्यूट भिजवाकर उसका इलाज प्रारंभ कराया। ऐसे अनेक उदाहरण हैं, जो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बाल प्रेम, जनसेवा, संवेदना व सुशासन की जीवंत तस्वीर प्रस्तुत करते हैं।

अपराधियों पर योगी का बड़ा बयान: कानून से नहीं मानोगे तो गोली की भाषा समझाई जाएगी

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर अपनी सरकार की नीति को एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है। अपराधियों के खिलाफ पुलिस की मुठभेड़ की कार्रवाइयों पर उठने वाले सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अपराध और अपराधियों के प्रति हमारी 'जीरो टॉलरेंस' की नीति है और इसमें किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि टिप्पणी की जाती है कि पुलिस ने गोली क्यों मारी? सीएम योगी ने पूछा कि पुलिस गोली न मारे तो क्या गोली खाए? कहा कि जो जिस भाषा में समझेगा उसे उसी भाषा में समझाया ही जाएगा। सीएम योगी मंगलवार को लखनऊ में आयोजित पहले फार्मा कान्क्लेव को संबोधित कर रहे थे। सीएम योगी का यह बयान ऐसे समय आया है जब पिछले ही हफ्ते इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी में हो रहे हाफ एनकाउंटर (पैर में गोली मारने की घटनाओं) पर सवाल उठाते हुए कहा था कि पुलिस के पास दंड देने का हक नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने तय किया है कि कानून सभी के लिए बराबर है। कोई अपना या पराया नहीं है। यदि कोई अपना व्यक्ति भी गलत करेगा तो उस पर वही कठोर कानून लागू होगा जो किसी माफिया पर लागू होता है। उन्होंने कहा कि हमने हमेशा प्रयास किया कि कार्रवाई कानून के दायरे में रहकर हो, लेकिन अगर सामने वाला अपराधी कानून से भयभीत नहीं है, तो उसे उसी की भाषा में समझाना तात्कालिक परिस्थिति की मांग हो जाती है। पुलिस को पिस्तौल और प्रशिक्षण दिया जाता है सीएम योगी ने कहा कि बहुत बार लोग सवाल उठाते हैं कि पुलिस ने गोली क्यों मार दी। मैं पूछता हूं कि पुलिस गोली न चलाए तो क्या गोली खाए? यह दोनों काम एक साथ नहीं चल सकता। अगर अपराधी को गोली चलाने की स्वतंत्रता है तो पुलिस के पास भी पिस्तौल इसीलिए है कि वह उसका डटकर मुकाबला करे। उन्होंने आगे कहा कि पुलिस का प्रशिक्षण ही इसीलिए होता है कि कोई अपराधी जिस भाषा को समझता है, उसे उसी भाषा में जवाब दे सके। सीएम योगी ने अपनी सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि जब पुलिस ने अपराधियों को उनकी भाषा में समझाना शुरू किया, तभी प्रदेश में बदलाव आया है। पिछले 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश के बड़े-बड़े त्योहार शांति से संपन्न हुए हैं। कहीं कोई अराजकता नहीं है। आज प्रदेश में कहीं दंगा-फसाद, गुंडा टैक्स या अराजकता की बात नहीं होती है। सुरक्षा के इसी माहौल के कारण आज उत्तर प्रदेश देश और दुनिया के लिए निवेश का बेहतरीन गंतव्य (Investment Destination) बन चुका है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार और अपराध के खिलाफ यह लड़ाई बिना किसी भेदभाव के जारी रहेगी। जीरो टॉलरेंस का मतलब यह है कि अगर शासन-प्रशासन से जुड़ा कोई व्यक्ति भी गलत करेगा, तो उसे भी माफिया की तरह ही कानूनी परिणाम भुगतने होंगे। उनके इस बयान को पुलिस बल का मनोबल बढ़ाने और अपराधियों को आखिरी चेतावनी देने के तौर पर देखा जा रहा है।  

24 घंटे में खाली हुई 65 हजार एकड़ जमीन

लखनऊ  भारत किसी के आगे नहीं झुकेगा: सीएम योगी ‘उत्तर प्रदेश फार्मा कॉन्क्लेव 1.0’ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हम प्रधानमंत्री जी व अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आभारी हैं, जिन्होंने रोलबैक करते हुए भारत के टैरिफ को कम किया है और भारत को एक विश्वसनीय सहयोगी के रूप में माना है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत अपनी नीतियों पर अडिग था, और इसका परिणाम है ‘सत्यमेव जयते’। यह पहले भी हुआ है और आगे भी होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह विकसित भारत और बढ़ते भारत की यात्रा का प्रमाण है, जहां भारत एक जिम्मेदार और भरोसेमंद वैश्विक साझेदार के रूप में अपनी भूमिका निभा रहा है। मुख्यमंत्री ने आगाह भी किया कि भारत की इस बढ़ती ताकत से कुछ लोग सशंकित भी हैं, इसलिए देश को विश्वसनीय सहयोगियों के साथ आगे बढ़ते हुए सतर्कता और विवेक के साथ कार्य करना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 से पहले जिस भारत को गंभीरता से नहीं लिया जाता था, आज वही भारत अपनी नीतियों पर दृढ़ रहते हुए वैश्विक शक्तियों को भी संवाद और सहयोग के लिए विवश कर रहा है। भारत अब अपनी शर्तों पर आगे बढ़ रहा है और स्वयं अपना नियंता बन रहा है, जो यह स्पष्ट करता है कि आज देश वैश्विक चुनौतियों और दबावों के बीच आत्मविश्वास, नीति-स्थिरता और निर्णायक नेतृत्व के साथ अपने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देते हुए आगे बढ़ रहा है। 24 घंटे में खाली हुई 65 हजार एकड़ जमीन ‘उत्तर प्रदेश फार्मा कॉन्क्लेव 1.0’ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 में जब हम लोग सत्ता में आए थे, उत्तर प्रदेश के अंदर कहीं जमीन ढूंढते हुए नहीं बनती थी। कोई लैंड नहीं मिल पाती थी, क्योंकि उस पर लैंड माफिया ने कब्जा कर रखा था। हमने भू-माफिया टास्क फोर्स गठित की और मैंने कहा, 24 घंटे का समय दे रहा हूं। उत्तर प्रदेश के अंदर जिस भी सरकारी भूमि पर जिस भू माफिया ने कब्जा किया है, उसको तत्काल छोड़ दे। 24 घंटे के बाद जब हम कारवाई करेंगे तो उसको जमीन तो छोड़नी ही पड़ेगी, लेकिन साथ-साथ उसने जो कमाई की होगी, उसकी ब्याज सहित वसूली करेंगे। आप आश्चर्य करेंगे कि हमारी 65000 एकड़ लैंड खाली हुई थी। यह हमारा लैंड बैंक बना था। उस लैंड बैंक में हमने निवेश भी करवाए। इनसेट-3 फार्मा कॉन्क्लेव में 10 हजार करोड़ के एमओयू पर सहमति, 5525 करोड़ के 11 एमओयू का आदान-प्रदान *‘उत्तर प्रदेश फार्मा कॉन्क्लेव 1.0’ के दौरान राज्य के फार्मास्यूटिकल सेक्टर में 10  हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश से जुड़े समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर सहमति बनी है, जिसमें औषधि, चिकित्सा उपकरण एवं संबंधित क्षेत्रों में 5,525 करोड़ रुपये के 11 एमओयू का आज मंच पर औपचारिक आदान-प्रदान किया गया। प्रमुख निवेशकों में अर्ना फार्मा व बायोजेंटा लाइफ साइंसेज ने 1,250-1,250 करोड़ रुपये, शुक्रा फार्मास्यूटिकल्स ने 737 करोड़, वाल्टर बुशनेल एंटरप्राइज ने 590 करोड़, झानविका लैब्स ने 553 करोड़, कोरो हेल्थ ने 418 करोड़, मार्क लेबोरेटरीज ने 300 करोड़, हाई ग्लांस लैबोरेटरीज ने 120 करोड़, रासपा फार्मा ने 107 करोड़, रोमसंस मेडवर्ल्ड ने 100 करोड़ और कोटक हेल्थकेयर ने 100 करोड़ रुपये के निवेश की प्रतिबद्धता जताई, जिससे उत्तर प्रदेश के फार्मा निवेश के नए केंद्र के रूप में उभरने को मजबूती मिली है। इन निवेश प्रस्तावों से फार्मा इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूती, नवाचार को बढ़ावा और हजारों नए रोजगार अवसर सृजित होने की संभावना है।

CM योगी का क्रांतिकारी कृषि मॉडल: जानिए कैसे डबल फसल से दोगुनी कमाई होगी

लखनऊ यूपी में किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को नई दिशा देने के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ ने गन्ना आधारित तिलहनी और दलहनी अंतःफसली यानी इंटरक्रॉपिंग खेती को लागू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होने कहा है कि उत्तर प्रदेश को कृषि क्षेत्र में नई छलांग दिलाने का सबसे प्रभावी तरीका गन्ना के साथ तिलहनी एवं दलहनी अंतःफसली खेती को बड़े पैमाने पर लागू करना है। यह मॉडल गन्ना किसानों की आय को केवल दोगुना नहीं, बल्कि बहु-गुणित करने की क्षमता रखता है।   मुख्यमंत्री सोमवार को इस विषय पर आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। सीएम ने बताया कि गन्ने के साथ सरसों, मसूर, उर्द और मूंग जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों की अंतःफसल (इंटरक्रॉपिंग) से किसानों को अतिरिक्त उत्पादन मिलेगा। इससे खेती की लागत कम होगी और पूरे वर्ष स्थिर आय सुनिश्चित हो सकेगी।उन्होंने कहा कि इस मॉडल की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि गन्ने की पैदावार प्रभावित किए बिना किसानों को अतिरिक्त फसल, अतिरिक्त लाभ और जोखिम से सुरक्षा मिलती है। प्रदेश में कृषि योग्य भूमि का क्षैतिज विस्तार अब संभव नहीं है। ऐसे में ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी के लक्ष्य को हासिल करने के लिए इकाई क्षेत्रफल से अधिक उत्पादन ही एकमात्र रास्ता है। उन्होंने गन्ना आधारित अंतःफसली खेती को यूपी के कृषि भविष्य का नया मॉडल बताते हुए कहा कि यह किसानों को अधिक उत्पादन, अधिक कमाई और जोखिम से सुरक्षा प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री ने इस योजना को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक मिशन मोड में लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में 29.50 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गन्ने की खेती होती है, जिसमें 14.64 लाख हेक्टेयर नया बोया गया क्षेत्र और 14.86 लाख हेक्टेयर पेड़ी शामिल है। इतने बड़े क्षेत्र में तिलहन और दलहन की अंतःफसल जोड़ने से उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और प्रदेश तथा देश को तिलहन-दलहन के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता मिलेगी। सीएम योगी ने निर्देश दिया कि कृषि विज्ञान केंद्र और कृषि विश्वविद्यालयों के माध्यम से वैज्ञानिक आधार पर अंतःफसल का चयन किया जाए। उन्होंने आईआईएसआर की सिफारिशों के अनुसार रबी में सरसों-मसूर और जायद में उर्द-मूंग को प्राथमिकता देने की बात कही। साथ ही वर्षवार रोडमैप और सहायता-अनुदान की स्पष्ट व्यवस्था करने के निर्देश दिए।  

सरकारी नौकरी में फायदा! यूपी सरकार दे रही उम्र और अनुभव में विशेष लाभ

लखनऊ सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में कुल 32 प्रस्ताव रखे गए, जिनमें से 30 को मंजूरी दी गई। इनमें सबसे महत्वपूर्ण फैसला मुख्यमंत्री फेलो (CM Fellow) को लेकर रहा, जिसके तहत उन्हें यूपी सरकार की भर्तियों में विशेष राहत दी गई है।कैबिनेट के फैसले के अनुसार, अब सीएम फेलो को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) और अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) के तहत होने वाली भर्तियों में आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट मिलेगी। इसके साथ ही, उनके अनुभव के आधार पर अतिरिक्त वेटेज (भारांक) भी दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे प्रतिभाशाली युवाओं को प्रशासनिक अनुभव का लाभ मिलेगा और वे बेहतर ढंग से प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग ले सकेंगे।   बैठक में शिक्षकों के लिए भी बड़ी सौगात का ऐलान किया गया। बेसिक शिक्षा विभाग के 11 लाख 95 हजार 391 शिक्षक और कर्मियों को कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। वहीं, माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधीन 2 लाख 97 हजार 589 शिक्षकों और कर्मचारियों को पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा प्रदान की जाएगी। इसके अलावा, विधानसभा के बजट सत्र की तारीखों की भी घोषणा की गई। विधानसभा का बजट सत्र 9 फरवरी से शुरू होगा और 11 फरवरी को वित्त मंत्री सुरेश खन्ना बजट पेश करेंगे।शहरी विकास से जुड़े प्रस्तावों में वाराणसी के 18 वार्डों में सीवरेज लाइन के लिए 266 करोड़ रुपये और गोरखपुर में 721 करोड़ रुपये की लागत से सीवरेज परियोजना को मंजूरी दी गई। साथ ही उत्तर प्रदेश शहरी पुनर्विकास नीति-2026 को स्वीकृति दी गई, जिसके तहत पुरानी और निष्प्रयोज्य संपत्तियों को तोड़कर नई इमारतें बनाने की अनुमति होगी। बैठक में महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए शोक प्रस्ताव भी पारित किया गया। मंत्रिपरिषद ने इसे अपूरणीय क्षति बताते हुए दिवंगत आत्मा की शांति की कामना की।

धर्म के नाम पर धोखा! सनातन धर्म को नुकसान पहुंचा रहे ‘कालनेमि’, सीएम योगी बोले—सतर्क रहें

सोनीपत/लखनऊ गोरक्षपीठाधीश्वर एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लव जिहाद, अवैध धर्मांतरण तथा राष्ट्रविरोधी षड्यंत्रों में लिप्त तत्वों को सख्त चेतावनी दी कि हमारी बेटियों के साथ किसी तरह का खिलवाड़ सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अवैध गतिविधियों के प्रति समाज को जागरूक रहना होगा तथा इनका प्रतिकार करने के लिए पूज्य साधु-संतों को भी आगे आना होगा। सीएम योगी गुरुवार को हरियाणा के सोनीपत जिले में मुरथल स्थित बाबा नागे वाला धाम में आयोजित नाथ संप्रदाय के मूर्ति प्राण-प्रतिष्ठा एवं आठ मान के भव्य भंडारा कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। सीएम ने यह भी कहा कि कई कालनेमि धर्म की आड़ में सनातन धर्म को हानि पहुंचा रहे हैं। इनसे भी सतर्क रहना होगा। एक योगी के लिए, एक संत के लिए, एक सन्यासी के लिए, धर्म व राष्ट्र से बढ़कर कुछ नहीं होता। यही उसके जीवन का ध्येय होना चाहिए। उसकी व्यक्तिगत प्रॉपर्टी कुछ नहीं होती। धर्म ही उसकी प्रॉपर्टी है, राष्ट्र ही उसका स्वाभिमान होता है। अगर कोई राष्ट्रीय स्वाभिमान को चुनौती देता है तो हमें खुलकर उसके सामने आकर खड़े हो जाना चाहिए। ऐसे बहुत कालनेमि होंगे, जो धर्म की आड़ में सनातन धर्म को कमजोर करने की साजिश रच रहे होंगे। हमें उनसे सतर्क रहना होगा। उन्होंने कहा कि अवैध धर्मांतरण और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को पूरी तरह नियंत्रित किया जाएगा। इसके साथ ही डेमोग्राफी बदलने की जो साजिश हो रही है, लव जिहाद के नाम पर हमारी बेटियों के साथ जो खिलवाड़ किया जा रहा है। हम उसे रोकेंगे, पूरी शक्ति से रोकेंगे, जागरूकता से रोकेंगे। समाज के जागरूक लोगों और पूज्य संतों को भी इसके लिए आगे बढ़ना होगा। परिवारों को सुसंस्कृत किया जाएगा। सीएम ने कहा कि याद करिए, वर्ष 2009 में केरल के उच्च न्यायालय ने कहा था कि ‘लव जिहाद’ केरल जैसे राज्य को इस्लामी राज्य बनाने की साजिश का हिस्सा है। आज जब मैं देखता हूं तो तमाम राज्यों में बड़े पैमाने पर ये षड्यंत्र हो रहे हैं। हमारी संयुक्त परिवारों की परंपरा पहले संस्कारित होकर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती थी, लेकिन धीरे-धीरे यह परंपरा विखंडित होती दिखाई दे रही है। इसे पुनः जीवित करने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि परिवार, संस्कार और सांस्कृतिक चेतना के माध्यम से ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण होगा। धर्म केवल उपासना विधि नहीं, बल्कि अभ्युदय और उत्थान का मार्ग है, जिसमें भौतिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विकास साथ-साथ चलते हैं। धर्मों के संरक्षण के प्रति हमें जागृत होना पड़ेगा। उनकी पवित्रता, मर्यादा को बनाए रखना होगा। सनातन धर्म व आध्यात्मिक विरासत में नाथ पंथ भारत की प्राचीनतम उपासना विधियों में से एक है। गुरु परंपरा के प्रति गहन श्रद्धा भाव के साथ जनभावनाओं का सम्मान करते हुए इस मूर्ति प्राण-प्रतिष्ठा समारोह एवं भव्य भंडारे का आयोजन किया गया है, जो सचमुच अभिनंदनीय और सराहनीय है। सीएम ने नाथ संप्रदाय और योगी सभा की ओर से उपस्थित सभी पूज्य संतों, योगियों एवं श्रद्धालु जनों का स्वागत और अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि नाथ परंपरा ने सदैव समाज को जोड़ने, साथ लेकर आगे बढ़ने और जीवन को सार्थक ढंग से जीने की प्रेरणा दी है। यही कारण है कि वृहत्तर भारत में उत्तर से दक्षिण, पूरब से पश्चिम तक सिद्ध महंतों और योगियों की एक लंबी श्रृंखला दिखाई देती है। उनके मठ, मंदिर और धर्मस्थल सनातन धर्म के मूल्यों के प्रति नाथ पंथ की प्रतिबद्धता को प्रस्तुत करते हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ को साकार होते हुए देख रहा है। यह हमारा सौभाग्य है कि लगभग एक हजार वर्षों तक विदेशी आक्रांताओं का सामना करते हुए गुलामी की जंजीरों को तोड़कर भारत पुनः अपने वैभव की ओर अग्रसर है। हालांकि, एक समय ऐसा भी आया, जब लोगों को लगने लगा था कि गुलामी हमारी नियति बन गई है, लेकिन भारत की चेतना ने अंगड़ाई ली और देश फिर उठ खड़ा हुआ। आजादी के अमृत काल में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में जो अभियान आगे बढ़ाया जा रहा है, उसमें भारत और सनातन धर्म का कल्याण एक-दूसरे से जुड़ा हुआ है। दोनों को अलग-अलग करके नहीं देखा जा सकता। सनातन धर्म मजबूत होगा तो विश्व मानवता के कल्याण का मार्ग भी सुदृढ़ होगा। इसलिए भारत का सशक्त होना भी आवश्यक है। सीएम योगी ने कहा कि धार्मिक, आध्यात्मिक या राजनीतिक नेतृत्व ऐसे हाथों में होना चाहिए, जो देश को नई दिशा दे सकें और विकास की उन ऊंचाइयों तक पहुंचा सकें, जहां भारत डेढ़-दो हजार वर्ष पहले था। बीते 11 वर्षों में भारत ने एक शानदार यात्रा की है। कभी किसी ने कल्पना की थी कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण होगा? संघर्ष तो था, लेकिन दृढ़ इच्छाशक्ति के कारण आज डबल इंजन की सरकार डबल ताकत और डबल स्पीड के साथ परिणाम दे रही है। गुलामी के ढांचे टूटे, अयोध्या में रामलला के भव्य मंदिर का निर्माण हुआ और आज सनातन धर्म की ध्वजा पूरे वैभव के साथ फहरा रही है। उन्होंने कहा कि काशी में बाबा विश्वनाथ धाम का कायाकल्प भी इसका जीवंत उदाहरण है। पहले दस श्रद्धालुओं का एक साथ दर्शन कर पाना कठिन था, आज 50 हजार श्रद्धालु एक साथ और प्रतिदिन डेढ़ से दो लाख श्रद्धालु दर्शन कर रहे हैं। अयोध्या धाम में प्रतिदिन डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालु आ रहे हैं। कहीं कोई भय नहीं, कोई अफरातफरी नहीं। प्रयागराज में मौनी अमावस्या के दिन साढ़े चार करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में स्नान किया। 

भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के नितिन नबीन कुशल नेतृत्व, संगठनात्मक अनुभव और दूरदर्शिता की सीएम योगी ने की सराहना

सीएम ने जताई आशा, उत्तर प्रदेश को भी निरंतर प्राप्त होता रहेगा मार्गदर्शन नई दिल्ली/लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारतीय जनता पार्टी के नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से मुलाकात की और उन्हें बधाई के साथ उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। सीएम योगी ने मंगलवार को नई दिल्ली स्थित भारतीय जनता पार्टी कार्यालय में नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष को पुष्पगुच्छ भेंट किया और अपने सोशल मीडिया एकाउंट ‘एक्स’ पर पोस्ट करके भी उन्हें पार्टी का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने पर शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि "आपके कुशल नेतृत्व, संगठनात्मक अनुभव और दूरदर्शिता से पार्टी को नई ऊर्जा-दिशा मिलेगी तथा लोकतांत्रिक मूल्यों को और मजबूती प्राप्त होगी।" सीएम ने आशा जताई कि उत्तर प्रदेश को भी आपका निरंतर मार्गदर्शन प्राप्त होता रहेगा। मुख्यमंत्री ने अपनी पोस्ट में लिखा कि पूर्ण विश्वास है कि आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के यशस्वी मार्गदर्शन में आप अंत्योदय के पथ पर चलते हुए अपनी निष्ठा व समर्पण से संगठन को नई ऊंचाइयां प्रदान करेंगे एवं सभी कर्मठ कार्यकर्ताओं में 'राष्ट्र प्रथम' के भाव को और सुदृढ़ करेंगे। आपके उज्ज्वल कार्यकाल हेतु अनंत शुभकामनाएं।

CM योगी का कड़ा कदम: नोएडा में इंजीनियर की मौत पर SIT जांच, जल्द मांगी रिपोर्ट

नोएडा नोएडा में सॉफ्टफेयर इंजीनियर की मौत मामले में सीएम योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया है। उन्होंने इस मामले में तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया है और कहा है कि उन्हें पांच दिनों के अंदर एसाईटी की रिपोर्ट चाहिए। नोएडा के सेक्टर 150 में युवराज मेहता की गाड़ी पानी से भरे गड्ढे में गिर गई थी। काफी कोशिशों के बाद भी युवराज को बचाया नहीं जा सका। परिवारवालें और घटना के समय मौजूद लोग रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान लापरवाही बरतने का आरोप लगा रहे हैं। इस बीच कुछ अधिकारियों पर ऐक्शन लिए जाने और बिल्डर के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने की भी खबर है।   वहीं मामला बढ़ता देख अब खुद सीएम योगी ने इस पर संज्ञान लिया है। सीएम के निर्देश पर घटना की जांच के लिए 3 सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया है। इस एसआईटी का नेतृत्व मेरठ मंडलायुक्त करेंगे। मंडलायुक्त मेरठ के अलावा, मेरठ के एडीजी जोन व चीफ इंजीनियर पीडब्लूडी भी एसीआईटी में शामिल होंगे। ये एसआईटी पांच दिनों के अंदर अपनी रिपोर्ट सीएम योगी को सौंपेगी।  

नव ऊर्जा और सकारात्मकता का पर्व: मौनी अमावस्या पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संदेश

लखनऊ संगम नगरी प्रयागराज में 'मौनी अमावस्या' के महास्नान पर्व पर स्नान के लिए श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित भाजपा नेताओं ने इस अवसर पर देश-दुनिया से आए करोड़ों श्रद्धालुओं को अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "दान, व्रत और त्याग की प्रेरणा देने वाले आस्था के महापर्व मौनी अमावस्या की सभी श्रद्धालुओं और प्रदेश वासियों को हार्दिक बधाई। मोक्षदायिनी माँ गंगा और सूर्यदेव की कृपा से सभी की मनोकामनाएं पूर्ण हों, जीवन में नव ऊर्जा, नव उत्साह और नव उमंग का संचार हो, यही कामना है। हर हर गंगे!" उन्होंने आगे लिखा कि आस्था के महापर्व मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर पवित्र संगम स्नान के लिए पधारे सभी पूज्य अखाड़ों, धर्माचार्यों, संतगणों, साधकों, कल्पवासियों और श्रद्धालुओं का आत्मीय अभिनंदन। मोक्षदायिनी माँ गंगा और भगवान सूर्य की कृपा से सभी की मनोक्षणाएं पूर्ण हों, जीवन में नई ऊर्जा, नया उत्साह और नया संकल्प जगे, यही प्रार्थना है। हर हर गंगे! राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "लोक-आस्था के पावन पर्व मौनी अमावस्या पर सभी प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं! पवित्र संगम और विभिन्न पावन नदियों में स्नान-दान के इस महापर्व पर भगवान श्रीहरि से प्रार्थना है कि वे सभी के जीवन में सुख, शांति और अटूट समृद्धि का संचार करें।" उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "समस्त देश एवं प्रदेशवासियों को पवित्र नदियों में स्नान, दान-पुण्य व लोक आस्था के महापर्व मौनी अमावस्या की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं! मौनी अमावस्या के अवसर पर माघ मेला में पावन स्नान हेतु पधारे समस्त साधु-संतों, कल्पवासियों एवं श्रद्धालुओं का सादर अभिनन्दन!" उन्होंने आगे लिखा कि माघ मेला के पवित्र अवसर पर प्रयागराज के पावन संगम में आस्था की डुबकी से समस्त पूज्य साधु-संतों एवं कल्पवासियों की तपस्या सफल हो तथा समस्त श्रद्धालुओं के जीवन में पुण्य, शांति और अभिलाषित फल की प्राप्ति हो, यही मंगलकामना है। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री जसवन्त सिंह सैनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "दान, व्रत, मौन और त्याग की प्रेरणा देने वाले आस्था के पावन पर्व मौनी अमावस्या की समस्त श्रद्धालुओं एवं प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं। मोक्षदायिनी माँ गंगा एवं सूर्यदेव की कृपा से सभी की मनोकामनाएं पूर्ण हों तथा जीवन में नव ऊर्जा, नव उत्साह और नव उमंग का संचार हो, यही मंगलकामना है। हर हर गंगे!"