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TMC के रवैये पर योगी का प्रहार: राष्ट्रपति के प्रति दुराग्रह बताया राजनीतिक अहंकार

लखनऊ पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के प्रवास के दौरान प्रोटोकॉल का उल्लंघन और कार्यक्रम स्थल में अचानक बदलाव का विवाद बढ़ता जा रहा है. इसे लेकर भाजपा नेता लगातार ममता सरकार को घेर रहे हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे लेकर बंगाल सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने राष्ट्रपति के साथ किए गए व्यवहार को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है. उन्होंने इसकी निंदा की है. योगी ने एक्स पर लिखा है कि ‘राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के प्रति पश्चिम बंगाल में हुआ व्यवहार अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण, निंदनीय और अक्षम्य है. यह केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि भारतीय लोकतंत्र, मातृशक्ति और जनजातीय समाज की अस्मिता का अपमान है. राष्ट्रपति का पद भारतीय गणतंत्र की सर्वोच्च संवैधानिक गरिमा का प्रतीक है. इस पद के सम्मान के साथ किसी भी प्रकार की असंवेदनशीलता अस्वीकार्य है.’ इसे भी पढ़ें : अब ‘धर्मयुद्ध’ की जरूरत है…शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने हिंदुओं को दिया बड़ा मैसेज, 11 मार्च को करने जा रहे कुछ बड़ा योगी ने आगे लिखा कि ‘संथाल संस्कृति और मा. राष्ट्रपति जी के प्रति TMC का यह दुराग्रह उनके राजनीतिक अहंकार और ओछी मानसिकता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है. संपूर्ण देश इस कृत्य से आहत है. पश्चिम बंगाल सरकार को अपने इस अमर्यादित आचरण के लिए देश से अविलंब सार्वजनिक क्षमा मांगनी चाहिए.’ ये है पूरा मामला दरअसल, पूरा विवाद राष्ट्रपति मुर्मू के उत्तर बंगाल दौरे के दौरान सामने आया. राष्ट्रपति दार्जिलिंग जिले में 9वें अंतरराष्ट्रीय संथाल सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं थीं. पहले कार्यक्रम बिधाननगर (फांसीदेवा ब्लॉक) में प्रस्तावित था, जहां बड़ी संख्या में संथाल आदिवासी समुदाय के लोग पहुंच सकते थे. लेकिन राज्य प्रशासन ने सुरक्षा, भीड़भाड़ और अन्य कारणों का हवाला देकर कार्यक्रम को बागडोगरा एयरपोर्ट के पास गोशाईपुर (या गोसाईंपुर) में स्थानांतरित कर दिया. राष्ट्रपति ने खुद इस बदलाव पर नाराजगी जताई और कहा कि नया स्थान छोटा था, जिससे कई लोग पहुंच नहीं पाए.

विश्वास से मजबूत हुआ उत्तर प्रदेश, सीएम योगी बोले- यही हमारी असली ताकत

आगरा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समाज, सरकार और संस्थाएं एक साथ एक दिशा में सोचना शुरू करती हैं तो उसका परिणाम विश्वास में बदलता है। विश्वास ही हमारी सबसे बड़ी पूंजी होनी चाहिए। इसके लिए लोगों को प्रयास करना होता है। यूपी आज विश्वास का प्रतीक बना है। सीएम याेगी शनिवार को आगरा में यथार्थ हॉस्पिटल का लोकार्पण करने के बाद उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने अपने संबोधन में 9 वर्ष में उत्तर प्रदेश में मेडिकल क्षेत्र में आए सकारात्मक बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि स्वास्थ्य से बढ़कर कुछ भी नहीं है। स्वास्थ्य सुविधा सही, सस्ती और विश्वसनीय होनी चाहिए। सीएम ने आशा जताई कि यथार्थ ग्रुप अवश्य परिणाम देगा और लोगों को स्वस्थ जीवन देकर पुण्य अर्जित करेगा। सरकार भी इस क्षेत्र में हर सहयोग देने को तैयार है। उन्‍होंने कहा कि हर व्यक्ति को अच्छी स्वास्थ्य सुविधा का अधिकार मिलना चाहिए और हर संप्रभु देश को अपने नागरिकों को यह सुविधा देनी चाहिए। 11 वर्ष में पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत को दुनिया में नई पहचान मिली है। हम सभी नए भारत का दर्शन कर रहे हैं। उन्‍होंने कहा कि दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभरते भारत को देख रहे हैं। यहां विरासत व विकास के अद्भुत समन्वय का स्वरूप है तो समग्र विकास की सभी अवधारणाओं को भी साकार रूप से उद्घाटित होते हुए देख रहे हैं। हाईवे, एक्सप्रेसवे, मेट्रो, रेलवे की नई लाइनें और टेक्नोलॉजी के साथ ही वंदे भारत, अमृत भारत, नमो भारत में यात्रा करने का आनंद प्राप्त हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अपने स्तर पर प्रयास कर रही है, लेकिन जब सरकार व समाज मिलकर कार्य करते हैं तो परिणाम कई गुना आता है। इस क्षेत्र में निजी निवेश आज की आवश्यकता है। स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के लिए आवश्यक है कि सरकार भी प्रयास करे और निजी क्षेत्र भी आगे आए। निजी क्षेत्र की तरफ से सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के लिए सरकार नई पॉलिसी लेकर आ रही है। नए मेडिकल कॉलेज के लिए भी कोई निवेश करता है तो सरकार सहयोग कर रही है। सीएम योगी ने यथार्थ ग्रुप का आह्वान किया कि किसी जनपद में मेडिकल कॉलेज बनाने के लिए आगे आएं। उन्‍होंने कहा कि मेडिकल काउंसिल ने अपनी शर्तों को सरल किया है। यह सबसे अच्छा समय है, जब नए मेडिकल संस्थान स्थापित करके नौजवानों के लिए यूपी को मेडिकल की उच्चतम शिक्षा का केंद्र बना सकते हैं। सरकार हर सहयोग के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह यथार्थ ग्रुप का आठवां हॉस्पिटल है। अष्टसिद्धि के रूप में आगरा के अंदर हॉस्पिटल की स्थापना की है। अष्टसिद्धि होती है तो नवनिधि भी प्राप्त होती है, यह हॉस्पिटल उसका प्रतीक बनेगा। पहले देश में एक एम्स था, अटल जी ने इसकी संख्या छह और पीएम मोदी ने 23 तक पहुंचा दी। आईआईटी, आईआईएम, एनआईटी, ट्रिपल आईटी की लंबी श्रृंखला खड़ी हुई। जब देश बढ़ रहा है तो सबसे बड़ी आबादी का राज्य भी पीछे नहीं है। 2017 के पहले यूपी में केवल 17 मेडिकल कॉलेज थे, आज 81 मेडिकल कॉलेजों का संचालन हो रहा है। उन्‍होंने कहा कि पहले प्रदेश में ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन माफिया’ हावी थे। पहले सरकारों की सोच माफिया तक सीमित थी तो उन्होंने माफिया पैदा किए, जबकि डबल इंजन सरकार ने हर जनपद को मेडिकल कॉलेज दिया। आज प्रदेश में दो एम्स (रायबरेली व गोरखपुर) संचालित हो रहे हैं। डबल इंजन सरकार ने विकास व वेलफेयर स्कीम लागू की हैं। छह करोड़ से अधिक लोग गरीबी रेखा से निकलकर सामान्य जीवन व्यतीत कर रहे हैं। सीएम ने कहा कि एक समय ऐसा था, जब कोई व्यक्ति बीमार होता था तो पूरे परिवार में कोहराम मच जाता था, सामान गिरवी रखने पर मजबूर हो जाता था। आज मोदी जी ने स्वास्थ्य बीमा के रूप में आयुष्मान भारत का कवर दिया है। यूपी में 5.60 करोड़ लोगों को गोल्डन कार्ड जारी किए गए हैं। यह संख्या बहुत जल्द 10 करोड़ तक पहुंचने वाली है। राज्य में शिक्षामित्रों, शिक्षकों, अनुदेशकों, आंगनबाड़ी व आशा वर्कर और रसोइयों की संख्या 10 लाख से अधिक है। इन्हें भी पांच लाख की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करा दी गई है। उन्‍होंने कहा कि स्वास्थ्य सुविधा के दृष्टिगत मुख्यमंत्री राहत कोष से 1300 करोड़ रुपए उपलब्ध कराए गए हैं। यूपी के हर जनपद में फ्री डायलिसिस, सीटी स्कैन समेत अनेक सुविधाएं मुहैया कराने के साथ ही दुनिया की नई तकनीकें लाने का कार्य भी प्रारंभ किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मेडटेक के लिए आईआईटी कानपुर व एसजीपीजीआई लखनऊ में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बन रहे हैं। दवाएं बाहर से न आएं, बल्कि इनका प्रोडक्शन यूपी में हो, इसके लिए ललितपुर में 1500 एकड़ में फॉर्मा पार्क विकसित कर रहे हैं। मेडिकल उपकरणों की भी मैन्युफैक्चरिंग यूपी में हो, इसके लिए यमुना एक्सप्रेसवे में 350 एकड़ में मेडिकल डिवाइस पार्क की स्थापना हो रही है। प्रदेश में आज टेलीमेडिसिन की व्यवस्था की गई है। सीएम योगी ने कहा कि हर क्षेत्र में नया करने का प्रयास हुआ है। सरकार बनने के बाद सामूहिक प्रयास हुआ तो पूर्वी उत्तर प्रदेश में इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारी समाप्त हो गई। 40 वर्ष में इससे 50 हजार से अधिक मौतें हुई थीं। डेंगू, कालाजार, मलेरिया, चिकनगुनिया को समाप्त करने की दिशा में यूपी सरकार, भारत सरकार के साथ मिलकर अपने सर्विलांस कार्यक्रम को बढ़ा रही है। कोविड के दौरान सरकार द्वारा सामूहिक प्रयास से इसे नियंत्रित किया गया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 50 क्यूआरटी वाहनों को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

लखनऊ पहली बार लोकतंत्र में कानून व्यवस्था किसी चुनाव में मुद्दा बनी और इसी का परिणाम है कि आजादी के बाद पहली बार किसी सरकार ने अपना 5 वर्ष का कार्यकाल पूरा करने के बाद दोबारा सरकार बनायी। पुलिस विभाग ने वर्ष 2017 के बाद बिगड़े, अराजक, दंगाग्रस्त और कर्फ्यूग्रस्त राज्य को बदल करके सेफ यूपी के रूप में स्थापित किया। उत्तर प्रदेश को बीमारू राज्य से भारत की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बनाने की शुरुआत कड़ी सुरक्षा से ही होती है। विकास की पहली शर्त सुरक्षा है। इसे उत्तर प्रदेश पुलिस ने साबित किया है। ये बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को लोकभवन सभागार में कहीं। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 50 क्यूआरटी वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मुख्यमंत्री ने होंडा इंडिया फाउंडेशन द्वारा उत्तर प्रदेश पुलिस को 50 क्यूआरटी दोपहिया वाहन प्रदान किए जाने की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने में मदद करेगी। यह समारोह उसी विश्वास और सहयोग का प्रतीक है, जिसमें शासन, प्रशासन और उद्योग जगत मिलकर प्रदेश के विकास और सुरक्षा को नई मजबूती प्रदान कर रहे हैं।    मॉडल पुलिसिंग के तीन महत्वपूर्ण स्तंभ इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी और मोबिलिटी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी का परसेप्शन चेंज करने के लिए कई कदम उठाए गए तो कुछ रिफॉर्म किये गये। इसके नतीजे हम सबके सामने हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस में वर्ष 2017 में पीआरवी के वाहन 9,500 थे। आज इनकी संख्या प्रदेश में 15,500 से अधिक है। वहीं वर्ष 2017 में टू व्हीलर मात्र 3,000 थे। आज इनकी संख्या 9,200 से अधिक है। यह केवल संख्या नहीं है, इसने पुलिस के रिस्पॉन्स टाइम को न्यूनतम लाने में सफलता प्राप्त की है। आपातकालीन स्थिति में जितनी त्वरित कार्रवाई और सहायता पहुंचाएंगे, वही ट्रस्ट में बदलती है। वह ट्रस्ट ही ट्रांसफॉर्मेशन का कारण बनता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मॉडल पुलिसिंग के तीन महत्वपूर्ण स्तंभ बताएं हैं। इनमें इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी और मोबिलिटी शामिल है। वर्ष 2017 से पहले पुलिस विभाग का बजट अटकते-अटकते 16,000 करोड़ तक पहुंच पाता था और वह भी खर्च नहीं हो पाता था। वर्षों पहले जिले बने थे, लेकिन जिला मुख्यालय, पुलिस लाइन भी नहीं बनी थी। ऐसे में पुलिस क्या परिणाम देती? पुलिस के पास पुराने असलहे थे, कोई सुविधा नहीं थी। उस दौरान अवस्थापना सुविधाएं जीरो थीं।। टूटे हुए बैरक में पुलिसकर्मी रहने को मजबूर थे। आज प्रदेश के 55 जिलों में सबसे ऊंची इमारत उत्तर प्रदेश पुलिस के जवानों की बैरक है। यहां बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके साथ ही प्रदेश में लगातार मॉडल थानों और मॉडल फायर स्टेशनों का निर्माण किया जा रहा है, जिससे पुलिस और आपदा सेवाओं को आधुनिक स्वरूप दिया जा सके। पहले प्रदेश में पुलिस प्रशिक्षण की क्षमता केवल 3 हजार थी मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 में जब सरकार ने बड़े स्तर पर पुलिस भर्ती की प्रक्रिया शुरू की तो उस समय उत्तर प्रदेश में पुलिस प्रशिक्षण की क्षमता बहुत सीमित थी। एक साथ लगभग 3000 पुलिसकर्मियों को ही प्रशिक्षण दिया जा सकता था। सरकार के सामने चुनौती थी कि लंबे समय से पुलिस भर्ती नहीं हुई थी और युवाओं में भर्ती को लेकर उत्सुकता थी, लेकिन प्रशिक्षण क्षमता सीमित होने के कारण भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाना कठिन था। किसी भी भर्ती प्रक्रिया को पूरा करने में लगभग 9 महीने का समय लग जाता था। ऐसे में राज्य सरकार ने अन्य राज्यों से संपर्क किया। दो-तीन राज्यों ने सहयोग के लिए सहमति दी। इसके अलावा सेना और अर्द्धसैनिक बलों से भी बातचीत की गई, जिन्होंने सहयोग देने की बात कही। इन सभी प्रयासों के बाद किसी तरह प्रशिक्षण क्षमता को बढ़ाकर लगभग 17 से 20 हजार तक पहुंचाया गया। इसके बाद अन्य राज्यों तथा सैन्य प्रशिक्षण केंद्रों की मदद से इसे करीब 30 हजार तक ले जाया गया, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। आज प्रदेश में 60,244 पुलिस कांस्टेबलों की भर्ती की गई है और इन सभी को उत्तर प्रदेश के अपने प्रशिक्षण केंद्रों में ही प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रदेश में विकसित किए गए नए पुलिस प्रशिक्षण केंद्रों और इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण यह संभव हो पाया है। हर जिले में तैनात की गईं दो-दो मोबाइल फॉरेंसिक यूनिट मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष जुलाई में देश में तीन नए आपराधिक कानून लागू किए गए। इन कानूनों के तहत सात वर्ष से अधिक की सजा वाले मामलों में फॉरेंसिक साक्ष्य अनिवार्य किए गए हैं। वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में केवल दो फॉरेंसिक लैब थीं, लेकिन अब उनकी संख्या बढ़कर 12 हो गई है। इसके साथ ही प्रदेश में विश्वस्तरीय स्टेट फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट भी स्थापित किया गया है, जो उत्तर प्रदेश पुलिस के अधीन संचालित हो रहा है। इस संस्थान में डिग्री, डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स भी संचालित किए जा रहे हैं। इसके माध्यम से पुलिस कर्मियों के साथ-साथ उन युवाओं को भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिनकी रुचि फॉरेंसिक विज्ञान के क्षेत्र में है। प्रत्येक जिले में ए-ग्रेड की छह फॉरेंसिक लैब निर्माणाधीन हैं। इसके अलावा हर जिले में दो-दो मोबाइल फॉरेंसिक यूनिट भी तैनात की गई हैं, जो घटनास्थल पर पहुंचकर साक्ष्य संग्रह और जांच में मदद कर रही हैं। प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था को और सशक्त बनाने के लिए कई नई इकाइयों का गठन किया गया है। राज्य में स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स (एसएसएफ) का गठन किया गया है और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) भी सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है। इसके अलावा पहली बार पीएसी में महिला बटालियन का गठन किया गया है। अब तक तीन महिला बटालियन गठित की जा चुकी हैं और तीन नई बटालियनों के गठन की प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है। सुरक्षित बेटियां और व्यापारी प्रदेश और देश के विकास में ग्रोथ इंजन की भूमिका निभा रहे मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस व्यवस्था में इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी और मोबिलिटी को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास प्रारंभ किए गए। इन सभी को मिलाकर जब टेक्नोलॉजी और ट्रांसफॉर्मेशन एक साथ काम करते हैं तो रिजल्ट आता है। यही कॉमन मैन के ट्रस्ट का आधार बनता है। आज देश और दुनिया के बड़े निवेशक उत्तर प्रदेश में निवेश करना चाहते हैं। … Read more

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, सनातन पर प्रश्न उठाने वालों को होली जैसे पर्व का अहसास नहीं

गोरखपुर रंगोत्सव के पावन अवसर पर बुधवार दोपहर बाद गोरखनाथ मंदिर में गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सीएम योगी ने होली मिलन कार्यक्रम में उमड़े लोगों पर फूलों की वर्षा की और सभी को होली की हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं दीं। समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने वाली ताकतें ही सदैव विजयी होती हैं।  गोरखनाथ मंदिर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन सभागार में आयोजित होली मिलन समारोह में सीएम योगी ने कहा कि समाज में हमेशा दो प्रकार की ताकतें होती हैं। एक अच्छी सोच वाली ताकतें और दूसरी नकारात्मक सोच वाली ताकतें। नकारात्मक सोच वाली ताकतें हमेशा विध्वंसात्मक गतिविधियों को प्रश्रय देती हैं, जबकि सकारात्मक सोच वाली ताकतें अच्छी कार्ययोजना के साथ आगे बढ़ती हैं और उनका परिणाम हमेशा सुखद होता है। शांति, आनंद, उल्लास और उमंग के साथ होलिकोत्सव का आयोजन भी सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का सुफल है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि देश और दुनिया में रहने वाले सनातन धर्मावलंबियों ने उमंग और उत्साह के साथ समरसता के महापर्व होली का आयोजन कर अपनी विरासत पर गर्व की अनुभूति की। सनातन धर्म की श्रेष्ठता पर वही लोग प्रश्न करते हैं, जिन्हें होली जैसे पर्व का अहसास नहीं होता है। होली जैसे पर्व में न भेदभाव होता है और न ही छुआछूत होती है। सनातन धर्म के पर्व व त्योहार किसी न किसी महत्वपूर्ण परिवर्तनकारी घटना से जुड़े हैं। इनके माध्यम से हमारी ऋषि परंपरा ने समाज को नई दिशा, धर्म और कर्तव्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी है। सनातन धर्म के पर्व व त्योहार एकांकी नहीं होते बल्कि उनमें सामूहिकता का भाव होता है। समाज का हर तबका इसमें सहभागी बनता है।    सही दिशा में सोचता है भारत मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के दौर में दुनिया में अव्यवस्था है, पर भारत में शांति और उल्लास के साथ पर्व मनाए जा रहे हैं। इसका कारण यह है कि भारत की सोच सकारात्मक रही है। भारत सही दिशा में सोचता है। भारत ने कभी किसी को बुरा नहीं कहा, बुरा नहीं किया। और, जब बुरा किया नहीं, कहा नहीं तो बुरा सहा भी नहीं है।   राष्ट्र प्रथम की भावना से हो नागरिक दायित्वों का निर्वहन सीएम योगी ने कहा देश की प्रगति के लिए हम सभी को अपने अपने क्षेत्र में राष्ट्र प्रथम की भावना से नागरिक दायित्वों का निर्वहन करना होगा। भक्ति को राष्ट्रभक्ति से जोड़ना होगा। भगवान श्रीराम, श्रीकृष्ण और नृसिंह हर कालखंड में होंगे, जरूरत हनुमान, अर्जुन और प्रह्लाद जैसी भक्ति भावना जगाने की है।  सीएम योगी ने उठाया होली गीतों का आनंद, खेली फूलों की होली होली मिलन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुपरिचित लोकगायक राकेश श्रीवास्तव व उनकी टीम की तरफ से प्रस्तुत होली गीतों का आनंद उठाया। सांसद रविकिशन ने भी होली गीत सुनाया। होली गीत सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने उपस्थित लोगों पर पुष्पवर्षा कर फूलों की होली खेली। इस अवसर पर कई जनप्रतिनिधि, साधु-संत और बड़ी संख्या में नागरिकों की सहभागिता रही।

चुनाव से पहले बड़ा दांव? भारतीय जनता पार्टी सक्रिय, योगी आदित्यनाथ कैबिनेट में बदलाव की चर्चा

लखनऊ प्रदेश में राजनीतिक पदचापों की ध्वनि दूर तक पहुंचने लगी है। पिछले दिनों राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने कई अहम विषयों को छेड़ते हुए प्रदेश को मथा, वहीं अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भाजपा के सभी छह क्षेत्रों में समन्वय बैठकों में पहुंच रहे हैं। राजनीतिक पंडितों का कहना है कि अब ‘ट्रिपल एस’ यानी सरकार, संगठन और संघ के मॉडल पर चुनावी तार को कसा जा रहा है। पार्टी अंदरूनी घमासान, यूजीसी एवं जातीय उबाल से होने वाले नुकसान से निपटने की रणनीति बना रही, वहीं नाराज कार्यकर्ताओं को साधने की कसरत भी तेज की गई है। सरकार, संघ और भाजपा की प्रदेश स्तर पर समन्वय बैठक नियमित अंतराल पर होती रहती है, जिसमें सरकार के कार्यों के साथ ही अनुषांगिक संगठनों के अभियानों एवं आगामी कार्यक्रमों की चर्चा होती है, साथ ही जनप्रतिनिधियों एवं कार्यकर्ताओं के बीच सामंजस्य बढ़ाने पर जोर दिया जाता ह, लेकिन अब पार्टी के सभी छह क्षेत्रों में बैठकें हो रही हैं। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के साथ ही योगी भी पहुंच रहे हैं। राजनीतिक, सामाजिक एवं स्थानीय विषयों पर विमर्श 28 फरवरी को लखनऊ में आयोजित बैठक में योगी, पंकज, प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह के साथ ही संघ के सभी बड़े पदाधिकारी शामिल हुए। एक मार्च को वाराणसी और दो मार्च को गोरखपुर क्षेत्र में बैठक आयोजित की गई। बैठक में राजनीतिक, सामाजिक एवं स्थानीय विषयों पर विमर्श हुआ। होली के बाद पांच मार्च को पश्चिम क्षेत्र की समन्वय बैठक गाजियाबाद, छह मार्च को कानपुर और सात को ब्रज क्षेत्र की बैठक आगरा में होगी। समन्वय बैठकों की टाइमिंग विशेष रूप से बड़े राजनीतिक संकेत दे रही है। खासकर, ऐसे समय में जब प्रदेश संगठन में बड़े पैमाने पर बदलाव करने के साथ ही योगी मंत्रिमंडल में फेरबदल की भी चर्चा तेज है। प्रदेश अध्यक्ष चौधरी का कहना है कि सप्ताहभर में गाजियाबाद, कानपुर एवं आगरा में समन्वय बैठक होगी। इन बैठकों में प्रमुख मुद्दों के साथ ही क्षेत्रीय स्तर के विषयों पर भी स्वाभाविक तौर पर चर्चा होगी।  

प्रदेश सरकार का बड़ा फैसला: सभी कैंटोनमेंट अस्पताल आयुष्मान योजना से जुड़े

लखनऊ यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान कार्ड) के लाभार्थियों को बड़ी सौगात देने जा रहे हैं। सरकार प्रदेश के सभी कैंटोनमेंट अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड धारकों को इलाज की सुविधा देने जा रही है। जल्द ही स्टेट हेल्थ एजेंसी (साचीज) प्रदेश के 12 कैंटोनमेंट अस्पतालों से एमओयू साइन करने जा रही है। प्रदेश में कुल 13 कैंटोनमेंट अस्पताल हैं। प्रयागराज कैंटोनमेंट अस्पताल में पहले से ही आयुष्मान कार्ड धारकों का इलाज किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान कार्ड) के लाभार्थियों को बड़ी सौगात देने जा रहे हैं। सरकार प्रदेश के सभी कैंटोनमेंट अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड धारकों को इलाज की सुविधा देने जा रही है। जल्द ही स्टेट हेल्थ एजेंसी (साचीज) प्रदेश के 12 कैंटोनमेंट अस्पतालों से एमओयू साइन करने जा रही है। प्रदेश में कुल 13 कैंटोनमेंट अस्पताल हैं। प्रयागराज कैंटोनमेंट अस्पताल में पहले से ही आयुष्मान कार्ड धारकों का इलाज किया जा रहा है। इसके सफल परिणाम को देखते हुए योगी सरकार ने प्रदेश के अन्य 12 कैंटोनमेंट अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड धारकों को इलाज मुहैया कराने का निर्णय लिया है। साचीज की सीईओ अर्चना वर्मा ने बताया कि जनवरी-2026 से प्रयागराज के कैंटोनमेंट अस्पताल में आयुष्मान कार्ड धारकों का निशुल्क इलाज किया जा रहा है। यहां पर मरीजों को कार्डियोलाॅजी, नेफ्रोलॉची, मेडिकल एंड सर्जिकल अनकालॉजी आदि गंभीर बीमारियों के इलाज की सुविधा दी जा रही है। इसके साथ ही मुफ्त ओपीडी अप्वाइंटमेंट, मुफ्त जांच व गंभीर मरीजों को मुफ्त परिवहन की सुविधा दी जा रही है, जिसके सफल परिणाम सामने आए हैं। इसी कड़ी में प्रदेश के अन्य 12 कैंटोनमेंट अस्पतालों के साथ एमओयू साइन किया जाएगा। इसके लिए स्टेट हेल्थ एजेंसी (साचीज) द्वारा औपचारिक प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। एमओयू के बाद लखनऊ, कानपुर, मेरठ, बरेली, वाराणसी, अयोध्या, शाहजहांपुर, मथुरा, आगरा, फतेहपुर, झांसी और बबीना के कैंटोनमेंट अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड धारक मरीजों का इलाज सुनिश्चित किया जाएगा। इन अस्पतालों के जुड़ने से प्रदेश में आयुष्मान योजना के तहत पैनल्ड अस्पतालों की संख्या और अधिक बढ़ जाएगी। साचीज की एसीईओ डॉ. पूजा यादव ने बताया कि कैंटोनमेंट अस्पतालों के साथ समन्वय से आयुष्मान कार्ड धारक को बेहतर विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध होंगी। विशेष रूप से गंभीर और जटिल बीमारियों से ग्रस्त मरीजों को उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी। साथ ही, गंभीर रोगियों के लिए पिक एंड ड्रॉप की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मरीजों को अस्पताल तक पहुंचने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने बताया कि सभी कैंटोनमेंट अस्पतालों में आवश्यक प्रक्रियाओं को आयुष्मान योजना के अनुरूप ढाला जा रहा है। एमओयू के बाद इन अस्पतालों को योजना के पोर्टल से जोड़ा जाएगा, जिससे मरीजों के इलाज, बिलिंग और क्लेम सेटलमेंट की प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरी की जा सकेगी। योगी सरकार की पहल से सेना क्षेत्र के अस्पतालों की आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का लाभ आम नागरिकों को भी मिलेगा। स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ने वाला दबाव भी संतुलित होगा। कैंटोनमेंट अस्पतालों को आयुष्मान योजना से जोड़ने का निर्णय गरीब और जरूरतमंद नागरिकों के लिए बड़ी राहत साबित होगा।

जापान की सुपरफास्ट मैग्लेव ट्रेन ने CM योगी को किया इम्प्रेस, 500 KM/H स्पीड पर दिया थम्स अप

लखनऊ जापान दौरे पर गए यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने यामानाशी में मैग्लेव ट्रेन में सफर किया। इस दौरान ट्रेन की स्पीड 500 किमी/घंटे की थी। हवा से बातें करती ट्रेन की रफ्तार देख योगी भी दंग रह गए। उन्होने ट्रेन के स्पीड बोर्ड के साथ फोटो भी खिचवाई। और फिर थम्स अप का साइन दिखाया। इस दौरान वे बार-बार ट्रेन की स्पीड देख रहे थे। जो वाकई चौंकाने वाली थी। मुख्यमंत्री ने करीब 100 किमी की दूसरी ट्रेन से तय की। मैग्लेव ट्रेन को आधुनिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम का भविष्य माना जा रहा है। चुंबकीय तकनीक के कारण ट्रेन और ट्रैक के बीच प्रत्यक्ष संपर्क समाप्त हो जाता है,जिससे घर्षण लगभग शून्य हो जाता है। यही कारण है कि यह ट्रेन 500 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की गति हासिल करने में सक्षम है। आपको बता दें सीएम योगी की जापान यात्रा का आज आखिरी दिन है। किस तकनीक पर दौड़ती है मैग्वेल ट्रेन? मैग्लेव ट्रेन शक्तिशाली चुंबकों की मदद से पटरियों के ऊपर तैरते हुए चलती है। ट्रेन और ट्रैक के बीच सीधा संपर्क नहीं होता। यह ट्रेन 500 किमी/घंटा या उससे अधिक की गति हासिल कर सकती है। जापान की मैग्लेव प्रणाली, जिसे Central Japan Railway Company संचालित करती है, विश्व की सबसे तेज़ ट्रेनों में शामिल है। पहियों और पटरी के बीच संपर्क न होने से घर्षण बहुत कम होता है, जिससे गति अधिक और ऊर्जा दक्षता बेहतर होती है। भविष्य की हाई स्पीड ट्रांसपोर्ट तकनीक पारंपरिक ट्रेनों की तुलना में मैग्लेव में कंपन और शोर कम होता है,जिससे सफर अधिक आरामदायक बनता है। उन्नत नियंत्रण प्रणाली और ट्रैक डिजाइन के कारण दुर्घटना की संभावना बेहद कम मानी जाती है। यांत्रिक घिसावट कम होने से रखरखाव की आवश्यकता भी अपेक्षाकृत कम होती है। तेज, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प होने के कारण मैग्लेव को भविष्य की हाई-स्पीड ट्रांसपोर्ट तकनीक माना जाता है। ग्रीन हाइड्रोजन तकनीक को लेकर MoU साइन जापान दौरे के दौरान यूपी सरकार और यामानाशी प्रांत के बीच ग्रीन हाइड्रोजन तकनीक को लेकर ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस समझौते के तहत उत्तर प्रदेश के उच्च तकनीकी संस्थानों के छात्रों को जापान में उन्नत प्रशिक्षण दिया जाएगा और सीखी गई तकनीक को प्रदेश की इंडस्ट्री, सार्वजनिक परिवहन और ऊर्जा क्षेत्र में लागू किया जाएगा। यामानाशी में आयोजित यूपी इन्वेस्टमेंट रोड शो को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने शासन की कार्यप्रणाली को ‘रिएक्टिव’ से बदलकर ‘प्रोएक्टिव’ बनाया है। उन्होंने जोर दिया कि यही बदलाव प्रदेश की तेज आर्थिक प्रगति की नींव बना है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने टोक्यो में जी2जी (गवर्नमेंट टू गवर्नमेंट) और जी2बी (गवर्नमेंट टू बिजनेस) स्तर की बैठकों में भाग लिया, जहां जापानी उद्योग समूहों के साथ व्यापक संवाद हुआ।  

संस्कृत श्लोक सुनाकर जापान के बच्चे ने जीता CM योगी का दिल, भावुक कर गया पल

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दो दिवसीय दौरे पर जापान गए हैं। मुख्यमंत्री के साथ मंत्री नंद गोपाल नंदी सहित अन्य अधिकारी भी गए हैं। इस दौरान सीएम योगी और एक बच्चे की शानदार तस्वीर सामने आई है। इस पल का वीडियो सीएम योगी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट भी किया है। दरअसल, जापान के यामानाशी की ओर जाते समय रास्ते में भारतीय मूल के लोग सीएम योगी से मिलने पहुंचे, जिनमें एक बच्चा भी शामिल था। इस दौरान सीएम योगी ने बच्चे को चॉकलेट दी, तो उसने दंडवत प्रणाम करते हुए उनके पैर छुए। इस पर सीएम योगी ने खुश होते हुए आशीर्वाद दिया। इसके बाद बच्चे ने संस्कृत में श्लोक भी सुनाए। सीएम योगी ने इस पल के वीडियो को एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, "संस्कारों की पावन परंपरा का स्पंदन, सनातन संस्कृति के स्वर्णिम आलोक से आलोकित उगते सूरज की पावन धरा।" बताया जा रहा है कि ये वीडियो उस समय का है, जब सीएम योगी अपनी टीम के साथ टोक्यो से यामानाशी जा रहे थे। तभी रास्ते में कुछ भारतीय मूल की महिलाएं और बच्चे मिलने पहुंचे थे। मुख्यमंत्री से मिलने पहुंची एक महिला उपहार भी लेकर आई थी, जिसे सीएम योगी ने स्वीकार किया। इससे पहले सीएम योगी ने जापान में भारतीय मूल के समुदाय को भी संबोधित करते हुए भाजपा सरकार में हुए कामों को गिनाया। इसके साथ ही सपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले यूपी की पहचान कर्फ्यू, दंगों और बिजली संकट से होती थी। बता दें कि सीएम योगी का जापान दौरा आज खत्म हो रहा है। सीएम योगी का ये दौरा यूपी में निवेश और रोजगार की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सीएम ने जापान दौरे के दौरान कई बड़ी कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ मुलाकात की और यूपी में निवेश के लिए आमंत्रित किया। सीएम योगी ने कंपनियों के प्रतिनिधियों को आश्वासन दिया कि अब यूपी में कोई दिक्कत नहीं होगी, क्योंकि उनकी सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर और कानून व्यवस्था को लेकर बड़े स्तर पर काम किया है।

जापान में हाई-स्पीड ट्रेन पर CM योगी का रोमांचक अनुभव, 600 किमी/घंटा की रफ्तार में मुस्कुराहट बनी यादगार

लखनऊ / टोक्यो   सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपनी जापान यात्रा के आखिरी दिन यामानाशी में हाई स्पीड मैग्लेव ट्रेन का सफर किया. हाइड्रोजन ग्रीन एनर्जी प्लांट के बाद 600 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हाई स्पीड मैगलेव ट्रेन का अनुभव योगी आदित्यनाथ के लिए रोमांच भरा रहा. लीनियर मैग्लेव ट्रेन 500 किमी की स्पीड से चलती है. अभी जापान की बुलेट ट्रेन 300 किमी की स्पीड से दौड़ती है. लीनियर मोटर कार 500 की स्पीड से चलती है. अभी की जो जापान की बुलेट ट्रेन है, उसकी स्पीड 300 किलोमीटर प्रतिघंटा है. वहीं यह लीनियर मैग्लेव ट्रेन चुंबकीय बल से चलती है या कहें हवा में 500 की स्पीड में उड़ती है. सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ इस रोमांचक ट्रेन पर सफर तय किया.  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जापान यात्रा के दूसरे दिन यामानाशी प्रांत में ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट का दौरा किया. इस दौरान योगी ने पानी से हाइड्रोजन और बिजली बनाने की तकनीक को समझा. टोक्यो से यामनाशी जाते हुए तुलसी नाम की एक साध्वी तुलसी अपने साथियों से योगी से मिलीं. साध्वी तुलसी ने बताया कि वे जापान में हिंदू और जैन धर्म का प्रचार कर रही हैं. उनके साथ मौजूद एक छोटे बच्चे ने योगी आदित्यनाथ के चरण स्पर्श करके संस्कृत में मंत्र भी सुनाया. योगी को यह दृश्य देखकर प्रसन्नता हुई और उन्होंने जापानी भक्तों को प्रसाद रूप में चॉकलेट दी. सीएम योगी आदित्यनाथ यामानाशी प्रांत पहुंचे तो वहां बड़ी संख्या में स्कूल के बच्चों ने उनका स्वागत किया. हाथों में भारत-जापान का झंडा पकड़े बच्चों के साथ योगी ने कुछ समय बिताया. इसके अलावा यामानाशी में रहने वाले स्थानीय लोगों ने योगी को एक खास पेंटिंग भी भेंट की. यामानाशी जापान में आधुनिक खेती और तकनीक के लिए जाना जाता है. यहां हाइड्रोजन एनर्जी, रोबोटिक सेंटर और हाई स्पीड ट्रेन का सेंटर है. इसके साथ ही विश्व प्रसिद्ध माउंट फ्यूजी पहाड़ भी आकर्षण का केंद्र है. मैग्लेव ट्रेन का सफर न सिर्फ रोमांचक रहा, बल्कि भविष्य की परिवहन तकनीक की झलक भी लेकर आया. जापान की अत्याधुनिक मैग्लेव ट्रेन चुंबकीय शक्ति पर आधारित है, जो इसे पारंपरिक ट्रेनों से बिल्कुल अलग बनाती है. यह ट्रेन पटरियों से ऊपर उठकर चलती है, यानी घर्षण लगभग खत्म हो जाता है और यही वजह है कि इसकी रफ्तार 500 से 600 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच जाती है. यामानाशी टेस्ट ट्रैक पर इस ट्रेन ने अपनी उच्चतम क्षमता का प्रदर्शन किया, जिसे देखकर मुख्यमंत्री भी प्रभावित नजर आए. वर्तमान में जापान की बुलेट ट्रेन लगभग 300 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलती है, लेकिन मैग्लेव तकनीक इस गति को दोगुना करने की दिशा में एक बड़ा कदम है. शिंकानसेन पहले ही दुनिया में तेज और सुरक्षित यात्रा का प्रतीक बन चुकी है, और अब मैग्लेव इसे और आगे ले जाने की तैयारी में है. इस दौरान मुख्यमंत्री ने हाइड्रोजन आधारित ग्रीन एनर्जी प्लांट का भी अवलोकन किया.  मैग्लेव ट्रेन का सफर पूरी तरह से स्मूद और झटकों से मुक्त होता है. ट्रेन के अंदर बैठकर ऐसा महसूस होता है जैसे कोई विमान जमीन के बेहद करीब उड़ रहा हो. इस अनुभव को साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने इसे भविष्य की यात्रा बताया. 9 साल के कार्यकाल में सीएम योगी का दूसरा विदेश दौरा जिस हाई-स्पीड मैग्लेव ट्रेन में योगी आदित्यनाथ ने सफर किया, वह पारंपरिक ट्रेनों से बिल्कुल अलग है. यह ट्रेन पटरी को छूती नहीं, बल्कि चुंबकीय तकनीक के सहारे ट्रैक से ऊपर हवा में तैरते हुए तेज रफ्तार से दौड़ती है. बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 22 फरवरी से सिंगापुर और जापान के दौरे पर हैं, जो उनके नौ साल के कार्यकाल की दूसरी विदेश यात्रा है. इससे पहले 2017 में उन्होंने म्यांमार का सीमित दौरा किया था. लंबे अंतराल के बाद यह विदेश दौरा खास माना जा रहा है, क्योंकि इसका उद्देश्य प्रदेश में निवेश आकर्षित करना और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर को नई गति देना है.  

निवेश के मोर्चे पर यूपी को बढ़त: योगी सरकार ने सिंगापुर में किए 6,650 करोड़ के समझौते, हजारों युवाओं को मिलेगा रोजगार

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सिंगापुर दौरे का आगाज प्रदेश के लिए बड़ी निवेश उपलब्धि के साथ हुआ। दौरे के पहले ही दिन यूनिवर्सल सक्सेस ग्रुप के साथ कुल 6,650 करोड़ रुपए के तीन महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इन निवेश प्रस्तावों के तहत ग्रुप हाउसिंग, लॉजिस्टिक्स पार्क और हाइपरस्केल डेटा सेंटर जैसी रणनीतिक परियोजनाएं विकसित की जाएंगी, जिनसे 20 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार मिलने का अनुमान है। सीएम योगी ने निवेशकों के साथ बैठक में उत्तर प्रदेश की नीतिगत स्थिरता, बेहतर कनेक्टिविटी, मजबूत औद्योगिक ढांचे और तेजी से विकसित हो रहे इंफ्रास्ट्रक्चर की जानकारी साझा की। उन्होंने प्रदेश सरकार की ओर से निवेशकों को हर स्तर पर सहयोग और त्वरित स्वीकृति देने का आश्वासन दिया। साथ ही डेटा सेंटर परियोजना के लिए समूह को लखनऊ आने का आमंत्रण भी दिया गया। अंतरराष्ट्रीय थीम आधारित ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट पहले एमओयू के तहत यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास 100 एकड़ भूमि पर अंतरराष्ट्रीय थीम आधारित टाउनशिप विकसित की जाएगी। इस परियोजना में 3,500 करोड़ रुपए का निवेश प्रस्तावित है। परियोजना के 2027 तक शुरू होने की योजना है और इससे करीब 12,000 लोगों को रोजगार मिलेगा। यह प्रोजेक्ट जेवर एयरपोर्ट क्षेत्र को वैश्विक स्तर की पहचान दिलाने में सहायक साबित होगा। कानपुर-लखनऊ हाईवे पर लॉजिस्टिक्स पार्क दूसरी परियोजना के अंतर्गत कानपुर-लखनऊ हाईवे पर 50 एकड़ भूमि में लॉजिस्टिक्स पार्क विकसित किया जाएगा। इस परियोजना में 650 करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा, जिससे लगभग 7,500 रोजगार सृजित होंगे। वर्ष 2027 में शुरू होने वाली यह परियोजना प्रदेश की औद्योगिक गतिविधियों और निर्यात क्षमता को नई गति देगी। नोएडा/ग्रेटर नोएडा में हाइपरस्केल डेटा सेंटर पार्क तीसरे एमओयू के तहत नोएडा और ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में 10 एकड़ भूमि पर 40 मेगावाट आईटी पावर क्षमता वाला हाइपरस्केल डेटा सेंटर पार्क स्थापित किया जाएगा। इस परियोजना में 2,500 करोड़ रुपए का निवेश प्रस्तावित है और करीब 1,500 लोगों को रोजगार मिलेगा। इसे वर्ष 2028 तक शुरू करने की योजना है। यह कदम उत्तर प्रदेश को देश के अग्रणी डेटा सेंटर हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई मजबूती सिंगापुर दौरे के पहले दिन हुए ये समझौते उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा देने, शहरी विकास को बढ़ावा देने और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन सुनिश्चित करने की दिशा में अहम उपलब्धि माने जा रहे हैं। सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से प्रदेश में निवेश का वातावरण और मजबूत होगा तथा युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।