samacharsecretary.com

बाबा साहेब का महापरिनिर्वाण दिवस शनिवार को, श्रद्धांजलि सभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ होंगे सम्मिलित

भारतरत्न, बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर महासभा कार्यालय परिसर, लखनऊ में होगा श्रद्धांजलि सभा का आयोजन लखनऊ सामाजिक न्याय के अग्रदूत, बोधिसत्व 'भारत रत्न' बाबा साहेब डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर जी के महापरिनिर्वाण दिवस पर शनिवार को श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित होंगे और बाबा साहेब के अस्थिकलश पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। कार्यक्रम का शुभारंभ बौद्ध भिक्षुओं द्वारा बुद्ध वंदना एवं त्रिशरण पंचशील के पाठ से होगा। श्रद्धांजलि सभा का आयोजन भारतरत्न बोधिसत्व बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर महासभा कार्यालय परिसर, हजरतगंज, लखनऊ में किया जाएगा।      'भारत रत्न' बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर जी के महापरिनिर्वाण दिवस पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति, बाबा साहेब और उनके सामाजिक न्याय के मूल्यों के प्रति उनकी श्रद्धा की परिचायक होगी। यह श्रद्धांजलि सभा न केवल बाबा साहेब के आदर्शों को पुनर्जीवित करेगी, बल्कि सामाजिक समानता और न्याय की उनकी विरासत को नई ऊर्जा भी प्रदान करेगी। इस अवसर पर बाबा साहेब के अस्थिकलश कक्ष में भावपूर्ण वंदना, पुष्पार्पण और सामाजिक न्याय पर केंद्रित उनके संदेशों का पाठ किया जाएगा। श्रद्धांजलि सभा में प्रदेश के दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य एवं डॉ. ब्रजेश पाठक भी उपस्थित रहेंगे। साथ ही पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह, समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण, एमएलसी डॉ लालजी प्रसाद ‘निर्मल’ व लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहेंगे।

निवेश को मिलेगी रफ्तार: FDI बढ़ाने के लिए सीएम योगी का अधिकारियों को कड़ा आदेश

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को प्रदेश में विदेशी निवेश को नई रफ्तार देने के लिए चल रहे प्रयासों की उच्चस्तरीय समीक्षा करते हुए साफ कहा कि उत्तर प्रदेश अब सिर्फ निवेश की संभावना नहीं, बल्कि निवेश के भरोसे का राज्य बन गया है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि हर निवेशक के साथ संवाद लगातार बना रहना चाहिए और किसी भी स्तर पर देरी की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि 'स्पीड, स्टेबिलिटी और सपोर्ट' यही नए उत्तर प्रदेश की पहचान होनी चाहिए। बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के सितंबर 2025 तक की अवधि में उत्तर प्रदेश को 683 मिलियन अमेरिकी डॉलर का विदेशी निवेश प्राप्त हुआ है और राज्य का कुल संचयी विदेशी निवेश अक्टूबर 2019 से अब 2,754 मिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच चुका है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि चालू अवधि में प्रदेश को 5,963 करोड़ रुपए का विदेशी निवेश प्रवाह मिला है, जो पिछले वर्षों की तुलना में तेज वृद्धि को दर्शाता है। मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि एफडीआई-एफसीआई-फॉर्च्यून 500 नीति-2023 के तहत अब तक 11 निवेश आवेदकों ने 13,610 करोड़ रुपए के प्रस्ताव दिए हैं। इसके अलावा 22 आवेदनों के माध्यम से 17,810 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं और 56 हजार करोड़ रुपए के निवेश से जुड़े 29 आवेदन पाइपलाइन में हैं। यह भी बताया गया कि जापान, अमेरिका, बेल्जियम, यूनाइटेड किंगडम, पोलैंड और सिंगापुर उत्तर प्रदेश के प्रमुख निवेश साझेदार बने हुए हैं। सीएम को अवगत कराया गया कि जापान, दक्षिण कोरिया, ताइवान, जर्मनी, फ्रांस, सिंगापुर और खाड़ी देशों के लिए बनाए गए विदेशी देश डेस्क लगातार सक्रिय हैं। दूतावासों, उच्चायोगों और व्यापार संघों से निरंतर संवाद चल रहा है। निवेशकों के साथ 100 से अधिक वन-टू-वन बैठकें हो चुकी हैं। जापान व्यापार संगठन और सिंगापुर अंतरराष्ट्रीय वाणिज्य मंडल के साथ होने वाले समझौते भी निवेश के ठोस अवसरों में बदले जा रहे हैं। खाड़ी सहयोग परिषद सेक्टर डेस्क की समीक्षा में बताया गया कि दिल्ली, नोएडा, मुंबई, लखनऊ और कानपुर में अब तक 6 गोलमेज बैठकें हो चुकी हैं, जिनसे 83 कंपनियों के साथ सीधा संवाद बना और करीब 5,000 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव सामने आए। सूचना प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स और विनिर्माण क्षेत्र में सबसे अधिक रुचि दिखी, जबकि बैंकिंग, वित्त, बीमा, फार्मा, लाइफ साइंस, मीडिया और मनोरंजन क्षेत्रों को उच्च संभावनायुक्त बताया गया। मुख्यमंत्री ने ललितपुर फार्मा पार्क को लेकर भी स्पष्ट निर्देश दिए कि इससे जुड़े अवसंरचना कार्यों में और तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि कई बड़ी दवा कंपनियों ने यहां निवेश में रुचि दिखाई है, ऐसे में उनसे लगातार संवाद बनाए रखा जाए और भूमि, बिजली, पानी जैसी सुविधाएं समय पर सुनिश्चित हों। जापान डेस्क की समीक्षा में बताया गया कि डेंसो के ब्राउनफील्ड विस्तार परियोजना पर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट और दस्तावेजी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। कांसाई फार्मास्युटिकल इंडस्ट्री एसोसिएशन की 125 जापानी कंपनियों के साथ फॉलोअप चल रहा है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर के सहयोग से ग्रीन हाइड्रोजन उत्कृष्टता केंद्र की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। टोयोटा समूह, सुमितोमो और मारुबेनी से निवेश को लेकर लगातार बातचीत जारी है। जापान डेस्क के अंतर्गत कुल 20,000 करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा गया है। ताइवान डेस्क को लेकर मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि यहां प्रयास और तेज किए जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि ताइवान के निवेशकों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखा जाए, केवल रोड शो तक सीमित न रहा जाए। बैठक में बताया गया कि 40 से अधिक कंपनियां चिन्हित की गई हैं और लगभग 100 करोड़ रुपए के निवेश की पाइपलाइन तैयार है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना क्षेत्र को इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां एचसीएल-फॉक्सकॉन का 3,700 करोड़ रुपए का निवेश मजबूत आधार बनेगा। कानपुर को तकनीकी वस्त्र और स्पोर्ट्सवेयर केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना भी सामने रखी गई। दक्षिण कोरिया डेस्क की समीक्षा में बताया गया कि सैमसंग, एलजी, केएच वेटेक और ड्रीमटेक जैसी कंपनियों के साथ निवेश को लेकर बातचीत आगे बढ़ चुकी है। एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स का गौतमबुद्ध नगर में करीब 850 करोड़ रुपए का विस्तार प्रस्तावित है, जबकि लोट्टे समूह का लगभग 400 करोड़ रुपए का निवेश प्रक्रियाधीन है। मुख्यमंत्री ने कोरियाई कंपनियों के लिए भी संवाद और सुविधाकरण को और मजबूत करने के निर्देश दिए। सिंगापुर डेस्क के अंतर्गत टेमासेक, सरकारी निवेश कोष, पीएसए, डीबीएस, कैपिटललैंड-असेंडास, केपेल और सेम्बकॉर्प जैसे निवेशक यूपी में लगातार रुचि दिखा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सभी विदेशी डेस्क द्वारा नियमित अंतराल पर राउंड टेबल बैठकें होती रहनी चाहिए। उन्होंने इन्वेस्ट यूपी की टीम से कहा कि हर निवेशक के साथ एकल संपर्क बिंदु तय हो, ताकि उसे प्रणाली में भटकना न पड़े। मुख्यमंत्री ने उद्योगों को गति देने के लिए ‘प्लग एंड प्ले’ मॉडल पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि यदि निवेशक को पहले दिन से तैयार अवसंरचना मिलेगी, तो वह तेजी से काम शुरू कर सकेगा और यही मॉडल उत्तर प्रदेश को अन्य राज्यों से आगे ले जाएगा। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां कंपनियों के कॉरपोरेट और मुख्यालय खोलने के लिए उन्हें प्रेरित किया जाए। मुख्यमंत्री ने बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण को लेकर यह भी निर्देश दिए कि वहां आवश्यक मानव संसाधन की कमी न रहे।

गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री करेंगे अध्यक्षता, एसडीआरएफ के उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी होंगे मुख्य अतिथि

गोरखपुर महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के 93वें संस्थापक सप्ताह समारोह का भव्य शुभारम्भ गुरुवार (4 दिसंबर) को सुबह 9:30 बजे से गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में होगा। मुख्य अतिथि के रूप में राज्य आपदा प्रबंध प्राधिकरण एसडीआरएफ के उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट योगेंद्र डिमरी उपस्थित रहेंगे।  महाराणा प्रताप इण्टर कॉलेज के क्रीडांगन में आयोजित यह कार्यक्रम पूर्वांचल का अति प्रतिष्ठित एवं सबसे बड़ा अकादमिक कार्यक्रम है। 7 दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम में विविध प्रकार की अकादमिक एवं क्रीड़ा प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं। अकादमिक प्रतियोगिताओं में गोरखपुर मंडल के 125 से अधिक शिक्षण-प्रशिक्षण संस्थान प्रतिभाग करते हैं, जबकि भाषण एवं खेल-कूद की प्रतियोगिताओं जैसे वॉलीबाल, बास्केटबाल में पूरे प्रदेश से प्रतिभागी अपनी प्रतिभागिता सुनिश्चित करते हैं।  महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद संस्थापक सप्ताह समारोह संचालन समिति के सदस्य डॉ. नितीश शुक्ल ने बताया कि बुधवार को कार्यक्रम स्थल पर मुख्य अतिथि और समारोह अध्यक्ष के संबोधन के बाद मुख्य अतिथि शिक्षा परिषद के दर्जनों संस्थाओं के विद्यार्थियों द्वारा निकाली जाने वाली भव्य शोभा यात्रा की सलामी लेंगे। शोभा यात्रा महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद परिसर से निकलकर अपने निर्धारित मार्ग से होते हुए जिला परिषद रोड पर स्थित शताब्दी द्वार से पुनः महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद परिसर में प्रवेश करेगी। उद्घाटन समारोह को भव्य बनाने के लिए एक हजार से अधिक शिक्षक कर्मचारी एवं स्वयं सेवक लगे रहेंगे। शोभा यात्रा के दौरान अनुशासन, श्रेष्ठ पथ संचलन के साथ-साथ जन-जागरण को प्रदर्शित करने वाली झांकिया एवं नारे मुख्य आकर्षण होंगे।

फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में शिवानी का अभिनव प्रयोग देश-दुनिया में लिख रहा सफलता की नई कहानी

शिवानी तथा नीलम के स्टार्टअप्स को योगी आदित्यनाथ की सरकार ने सराहा, राष्ट्रीय स्तर पर दिलाई पहचान लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार के स्टार्टअप कल्चर को बढ़ावा देने की पॉलिसी प्रदेश में महिला उद्यमियों को सशक्त करने का माध्यम बन रही है। प्रदेश में ऐसे कई उदाहरण हैं जो महिला उद्यमिता और नवाचार के नए प्रतिमान गढ़ रहे हैं। यूं तो प्रदेश के हर जिले में सफलता की ऐसी कहानियां आमतौर पर दिख जाएंगी, मगर इसमें विशेष उल्लेख है बुंदेलखंड की महिलाओं का, जिनकी सफलता नई कहानियां लिखने का काम कर रही है। झांसी की कई महिलाओं के स्टार्टअप्स इस समय देश और प्रदेश में चर्चा के केंद्र में हैं, जिनमें से एक है शिवानी के बेर से बने प्रोडक्ट तो दूसरा है नीलम की कबाड़ से बनी कलाकृतियां। इन दोनों को ही सरकार की ओर से सम्मान और प्रोत्साहन प्रदान किया गया है। शिवानी ने बेर से बनाए अनूठे प्रोडक्ट झांसी जिले की रहने वाली शिवानी बुंदेला ने फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में कदम बढ़ाते हुए बेर के ऐसे-ऐसे प्रोडक्ट बनाए हैं, जो किसी का भी ध्यान अपनी ओर खींच लेते हैं। बेर से जूस, जैम, चॉकलेट और टॉफी बना चुकी शिवानी अभी हाल के दिनों में एक नया प्रोडक्ट सामने लेकर आयी हैं, जो है बेर से बना स्नैक्स। शिवानी के स्टार्टअप को आगे बढ़ाने में झांसी स्मार्ट सिटी, उद्यान विभाग और एमएसएमई ने काफी मदद प्रदान की। जी 20 के आयोजन में शिवानी के स्टार्टअप को गिफ्टिंग पार्टनर बनाया गया था और काफी सराहना मिली थी। शिवानी ने अपने ब्रांड को अब्रोसा नाम दिया है। शिवानी लगभग 250 किसानों से बेर खरीद रही हैं जबकि उनके स्टार्टअप के माध्यम से 20 से अधिक महिलाओं को रोजगार के अवसर मिले हैं। उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो के तीनों संस्करणों में शिवानी हिस्सेदारी निभा चुकी हैं। अभी कुछ समय पहले शिवानी को यूनाइटेड नेशन्स एनवायरनमेंट प्रोग्राम के तहत एग्रो फॉरेस्ट्री को बढ़ावा देने की जिम्मेदारी मिली है। फिलहाल इनके क्लाइंट्स में आदित्य बिरला समूह, एनबीसीसी, इरकॉन, ह्युंडई, एमिटी विश्वविद्यालय, एसकेएन, अवाडा जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों का नाम शुमार है।  बेकार को आकार देकर नीलम ने बनाई पहचान बेकार सामानों से कलाकृतियां तैयार करने वाली झांसी की नीलम सारंगी के स्टार्टअप बेकार के आकार को उत्तर प्रदेश सरकार ने सम्मानित करने के साथ ही प्रोत्साहित भी किया है। झांसी नगर निगम के साथ मिलकर स्वच्छता अभियान के अंतर्गत निष्प्रयोज्य सामानों से पार्कों में सुंदर कलाकृतियां तैयार करने का काम किया। योगी सरकार ने नीलम सारंगी को अनूठे स्टार्टअप के लिए नवदेवी सम्मान प्रदान किया है। नीलम का स्टार्टअप इस समय बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के इंक्यूबेशन सेंटर में पंजीकृत है। नीलम ने अपने स्टार्टअप के साथ उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो, स्टार्टअप महाकुंभ और राइज हैकथान जैसे आयोजनों में हिस्सेदारी निभाई है। नीलम इस समय स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को आत्मनिर्भरता का प्रशिक्षण प्रदान कर रही हैं। महिलाओं को मिल रही आत्मनिर्भरता की प्रेरणा शिवानी बुंदेला ने बताया कि उनके स्टार्टअप को बढ़ावा देने में सरकार और प्रशासन ने काफी मदद की है। उनके स्टार्टअप के माध्यम से बेर से बने उत्पादों को प्रोत्साहित किया जा रहा है और बर्बाद होने वाले बेर को बचाने की कोशिश की जा रही है। बहुत सारी महिलाओं को इससे रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं। वहीं, नीलम सारंगी के अनुसार नगर निगम, स्मार्ट सिटी, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय और उत्तर प्रदेश सरकार ने उनके स्टार्टअप 'बेकार को आकार' को प्रोत्साहित करने में मदद की। अब कोशिश है कि महिलाओं को यह हुनर सिखाकर उन्हें आत्मनिर्भरता की ओर प्रेरित किया जाए।

अयोध्या में 52 एकड़ में बनेगा वर्ल्ड-क्लास मंदिर संग्रहालय

योगी सरकार अयोध्या के समावेशी विकास के लिए दृढ़संकल्पित लखनऊ अयोध्या में योगी सरकार द्वारा विश्वस्तरीय मंदिर संग्रहालय को अतिरिक्त जमीन देने के फैसले से रामनगरी में खुशी की लहर है। संत समाज और व्यापारी वर्ग ने अयोध्या के विकास के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद दिया है। अयोध्यावासियों ने कहा कि शहर को वैश्विक सांस्कृतिक राजधानी के रूप में स्थापित करने की दिशा में ये एक बड़ा कदम है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में यह निर्णय लिया गया कि प्रस्तावित विश्वस्तरीय मंदिर संग्रहालय अब पहले से लगभग दोगुने क्षेत्र 52.102 एकड़ में विकसित किया जाएगा। संग्रहालय परियोजना का निर्माण और संचालन टाटा सन्स अपने सीएसआर फंड से करेगा। विश्वस्तरीय संग्रहालय बनाने की दिशा में बड़ा कदम वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि टाटा सन्स ने इस अत्याधुनिक मंदिर संग्रहालय को एक गैर-लाभकारी मॉडल पर विकसित करने की इच्छा जताई है। इसके लिए कम्पनी एक्ट 2013 की धारा 8 के तहत एक गैर लाभकारी एसपीवी बनाया जाएगा, जिसमें केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। संग्रहालय संबंधी त्रिपक्षीय एमओयू भारत सरकार, यूपी सरकार और टाटा सन्स के बीच 3 सितंबर 2024 को ही हस्ताक्षरित हो चुका है। 52 एकड़ में बनेगा भव्य और विशाल संग्रहालय राज्य सरकार ने पहले अयोध्या के मांझा जमथरा गांव में 25 एकड़ नजूल भूमि उपलब्ध कराने की अनुमति दी थी, लेकिन टाटा सन्स ने संग्रहालय की भव्यता और भविष्य की संभावनाओं को देखते हुए अधिक भूमि की मांग की थी। इसी आधार पर अब अतिरिक्त 27.102 एकड़ भूमि आवास एवं शहरी नियोजन विभाग से पर्यटन विभाग को हस्तांतरित की जाएगी। इस प्रकार कुल 52.102 एकड़ जमीन पर यह अद्वितीय सांस्कृतिक परिसर आकार लेगा। अयोध्या में विश्वस्तरीय संग्रहालय के लिए अतिरिक्त जमीन मिलने पर संत समाज भी उत्साहित है। संत दिवाकराचार्य ने योगी सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि अयोध्या के गौरव को पुनर्स्थापित करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जो कर रहे हैं वो अतुलनीय है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में पर्यटक बढ़ने से लोगों को रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं। इससे अयोध्यावासियों का आर्थिक उन्नयन हो रहा है।   अयोध्या को मिलेगी नई सांस्कृतिक पहचान चिन्ह योगी सरकार का मानना है कि मंदिर संग्रहालय के तैयार होने से अयोध्या को नया सांस्कृतिक पहचान चिन्ह मिलेगा, साथ ही हजारों प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बनेंगे। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा और ध्वजारोहण समारोह के बाद अयोध्या में पर्यटकों की संख्या में कई गुना बढ़ोतरी हुई है। अब रोजाना 2 से 4 लाख श्रद्धालु और पर्यटक अयोध्याधाम पहुंच रहे हैं। युवा पीढ़ी, विदेशी पर्यटकों और भारतीय विरासत में रुचि रखने वालों को आकर्षित करने के लिए यह संग्रहालय एक नया केंद्रीय आकर्षण साबित होगा और शहर की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई पर ले जाएगा।  अयोध्यावासी योगी सरकार के फैसले से उत्साहित  अयोध्या व्यापार मंडल के अध्यक्ष पंकज गुप्ता ने विश्वस्तरीय मंदिर संग्रहालय को अतिरिक्त जमीन मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए योगी सरकार की भूरि-भूरि प्रशंसा की है। उन्होंने कहा कि अयोध्या का बहुत बड़ा सौभाग्य है कि अब 52 एकड़ में एक विश्वस्तरीय संग्रहालय बनेगा। पंकज गुप्ता के अनुसार इससे अयोध्यावासी बहुत प्रसन्न हैं। उन्होंने कहा कि मंदिर संग्रहालय में प्रभु श्रीराम के जीवन चरित्र का दर्शन होगा जो बड़ी संख्या में पर्यटकों को अपनी ओर खींचेंगा। पर्यटकों की संख्या बढ़ने से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि अयोध्यावासी योगी सरकार के इस फैसले से अत्यंत उत्साहित हैं।

अनाधिकृत विद्युत उपयोग सहित पुरानी देनदारियों का होगा समाधान, ब्याज में 100% माफी और मूलधन में 25% राहत

आसान किस्तें, औसत खपत के आधार पर बिल समायोजन और स्थानीय कैंपों के माध्यम से हर उपभोक्ता तक पहुंचाने की तैयारी लखनऊ उत्तर प्रदेश में एक दिसंबर से प्रारंभ हो रही बिजली बिल राहत योजना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार का वह महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी कदम माना जा रहा है, जिसका सीधा लाभ आम नागरिकों और छोटे बिजली उपभोक्ताओं तक पहुंचेगा। इस योजना का उद्देश्य प्रदेश के घरेलू और छोटे व्यावसायिक उपभोक्ताओं को बिजली बिल के बोझ से राहत देना और उन्हें एक सरल, सम्मानजनक समाधान प्रदान करना है। इस योजना का लाभ उपभोक्ता एक दिसंबर 2025 से 28 फरवरी 2026 तक उठा सकेंगे। इस योजना के अंतर्गत पहली बार 100 प्रतिशत ब्याज और सरचार्ज माफी और मूलधन में 25 प्रतिशत की छूट का प्रावधान किया गया है। 2 किलो वाट तक छोटे घरेलू उपभोक्ता तथा एक किलोवाट तक के कनेक्शन वाले व्यावसायिक ग्राहकों को विशेष लाभ मिलेगा। इससे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार का विजन स्पष्ट होता है कि बिजली उपभोक्ताओं के साथ सहानुभूतिपूर्ण और सहयोगात्मक व्यवहार स्थापित किया जाए। यूपीपीसीएल के चेयरमैन डॉ. आशीष कुमार गोयल ने समीक्षा बैठक में कहा कि आम जनता के हित को सर्वोपरि रखते हुए सरकार बकाया बिलों के समाधान के लिए यह व्यापक राहत योजना लेकर आयी है। आसान किस्तों की सुविधा और बढ़े हुए बिलों को औसत खपत के आधार पर स्वचालित रूप से समायोजित करने की व्यवस्था से उपभोक्ताओं को वास्तविक आर्थिक राहत मिलेगी। विशेष रूप से उन उपभोक्ताओं के लिए यह योजना बड़ी राहत का माध्यम बनेगी जो पूर्व में अनाधिकृत विद्युत उपयोग से जुड़े प्रकरणों में उलझे थे। इस योजना के अंतर्गत ऐसे प्रकरणों में चल रहे मुकदमों का निस्तारण कराया जाएगा, जिससे प्रभावित परिवारों को लंबी कानूनी प्रक्रियाओं से छुटकारा मिलेगा।  इस योजना में पंजीकरण सरल प्रक्रिया से होगा, जिसे www. uppcl.org के माध्यम से ऑनलाइन या अपने स्थानीय बिजली खंड कार्यालय में जाकर पूरा किया जा सकता है। उपभोक्ताओं को विस्तृत सूचना उपलब्ध कराने के लिए सरकार द्वारा विशेष अभियान शुरू किया गया है, जिसमें नोटिस, पंपलेट, सूचना पत्र और गांव तथा शहरी क्षेत्रों में शिविर आयोजित किए जाएंगे। यह योजना गरीब परिवारों, छोटे दुकानदारों, किसान उपभोक्ताओं और ग्रामीण क्षेत्रों के पात्र बिजली ग्राहकों के लिए विशेष रूप से लाभकारी साबित होगी। ब्याज माफी और मूलधन में छूट तत्काल राहत देती है, वहीं आसान किस्तों का विकल्प मासिक आर्थिक दबाव कम करेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यह प्रयास न केवल उपभोक्ताओं को राहत देगा बल्कि राज्य की विद्युत व्यवस्था में अनुशासन और विश्वास की नई नींव भी स्थापित करेगा। सरकार का संकल्प स्पष्ट है कि हर उपभोक्ता को न्यायपूर्ण, सुलभ और सरल ऊर्जा व्यवस्था मिले, जिससे प्रदेश के नागरिक ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक राहत का लाभ समान रूप से प्राप्त कर सकें।

उत्तर प्रदेश के विकास और वैश्विक निवेश की नई पहचान बनने जा रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्टः सीएम योगी

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री के साथ किया नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निरीक्षण उत्तर प्रदेश के विकास और वैश्विक निवेश की नई पहचान बनने जा रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्टः  सीएम योगी  निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, समयबद्धता और विभागीय समन्वय पर दिया जोर-   सीएम योगी  नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट परियोजना की प्रगति के सम्बंध में अधिकारियों के साथ की उच्चस्तरीय बैठक, दिये आवश्यक दिशा निर्देश गौतमबुद्धनगर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  जेवर में निर्माणाधीन नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निरीक्षण किया। उन्होंने टर्मिनल, उद्घाटन समारोह स्थल, सुरक्षा प्रबंधन, यातायात व्यवस्था समेत विभिन्न निर्माण गतिविधियों की वास्तविक प्रगति का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री के साथ केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के राम मोहन नायडू भी मौजूद रहे। सीएम ने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश के विकास और वैश्विक निवेश की नई पहचान बनने जा रहा है, इसलिए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, समयबद्धता और विभागीय समन्वय सर्वोच्च प्राथमिकता पर होना चाहिए।  सिक्योरिटी क्लीयरेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करें सीएम  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बताया गया कि एयरपोर्ट को अभी तक एयरोड्रम लाइसेंस प्राप्त नहीं हुआ है। इस पर उन्होंने निर्देश दिया कि ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी और सीआईएसएफ अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर सभी सुरक्षा मानकों को तत्काल पूर्ण किया जाए। साथ ही शीघ्र अति शीघ्र सिक्योरिटी क्लीयरेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया पूरी की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “एयरपोर्ट प्रदेश की महत्वाकांक्षी परियोजना है, इसलिए जहां भी सुरक्षा या अन्य कार्य शेष हैं, उन्हें तेज गति और सर्वोत्तम गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए।”  सीएम का निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, समयबद्धता और विभागीय समन्वय पर जोर  मुख्यमंत्री ने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश के विकास और वैश्विक निवेश की नई पहचान बनने जा रहा है, इसलिए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, समयबद्धता और विभागीय समन्वय सर्वोच्च प्राथमिकता पर होना चाहिए। उन्होंने संबंधित एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि उद्घाटन समारोह की तैयारियों को पूर्ण करें। उद्घाटन के समय एयरपोर्ट एक रनवे के साथ क्रियाशील होगा, जिसकी वार्षिक यात्री क्षमता लगभग 1.2 करोड़ होगी। पूरी क्षमता पर विकसित होने पर जेवर एयरपोर्ट में कुल 5 रनवे होंगे, इसका विस्तार 11,750 एकड़ तक होगा और यह प्रतिवर्ष 30 करोड़ यात्रियों को सेवा देने में सक्षम होगा, जो इसे विश्व के सबसे बड़े एयरपोर्ट्स में शामिल कर देगा। निरीक्षण व बैठक के दौरान लोक निर्माण राज्यमंत्री बृजेश सिंह, विधायक धीरेंद्र सिंह, राज्यसभा सांसद सुरेंद्र नागर मौजूद रहे। सीएम ने सचिव नगर विमानन मंत्रालय, अपर मुख्य सचिव नागरिक उड्डयन, निदेशक नागरिक उड्डयन, डीजी डीजीसीए, डीजी नगर विमानन सुरक्षा, डीआईजीसीआईएसएफ, एयरपोर्ट एथोरिटी ऑफ इंडिया, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के सीईओ और नोडल ऑफिसर, जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन तथा निर्माण एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में परियोजना की वर्तमान स्थिति, आगामी कार्ययोजना और उद्घाटन समारोह की तैयारियों पर विस्तृत पावर प्रेजेंटेशन के माध्यम से जानकारी प्रस्तुत की गई।

CM योगी का एक्शन मोड: डीएम-Commissioner को कड़े निर्देश, बड़े सर्च ऑपरेशन की तैयारी

बरेली  यूपी सरकार ने बरेली मंडल के सभी डीएम और बरेली के कमिश्नर को सख्त निर्देश जारी किए है। सरकार की तरफ से जारी निर्देश में कहा गया है कि बरेली, पीलीभीत, बदायूं और शाहजहांपुर के अधिकारी क्षेत्र में गैर-कानूनी तरीके से रह रहे रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान करने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू करें। इस संबंध में बरेली के मंडलायुक्त भूपेंद्र एस. चौधरी ने मंडल के जिलाधिकारियों को अस्थायी हिरासत केंद्र बनाने का निर्देश दिया है, जहां पहचाने गए गैर-कानूनी अप्रवासियों को तब तक रखा जाएगा जब तक उनका सत्यापान और जांच का काम पूरा नहीं हो जाता और प्रक्रिया के मुताबिक उन्हें उनके देश वापस नहीं भेज दिया जाता। चौधरी ने कहा कि कई बांग्लादेशी नागरिकों पर शक है कि वे असम या पश्चिम बंगाल के निवासी बनकर ईंट भट्टों, फैक्ट्रियों और दूसरी जगहों पर काम कर रहे हैं और उनके पास भारतीय दस्तावेज भी हैं। उन्होंने कहा कि उनकी भाषा और हाव-भाव से शक पैदा हुआ है। चौधरी ने कहा, पहचान में मदद के लिए, जरूरत पड़ने पर त्रिपुरा से भाषा विशेषज्ञों को बुलाया जाएगा। स्थानीय बांग्ला बोलने वाले निवासी भी पहचान और सत्यापन प्रक्रिया में मदद करेंगे। बरेली जिले के अधिकारियों और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने कहा कि अगर किसी के पास नकली आधार कार्ड, वोटर पहचान पत्र या दूसरे नकली कागजात मिले, तो उसके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की जाएगी। बरेली पुलिस ने जून में दो महीने लंबे अभियान में झुग्गी-झोपड़ियों और खानाबदोश बस्तियों में रहने वाले कई संदिग्ध लोगों की पहचान की थी। पुलिस के अनुसार जिले में दस से ज़्यादा बांग्लादेशी नागरिकों के गैर-कानूनी तरीके से रहने की पुष्टि हुई थी। पुलिस ने बताया कि अगस्त में, प्रेमनगर इलाके से बांग्लादेशी मूल की तीन बहनों को नकली पहचान का इस्तेमाल करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने कहा कि एक और मामले में, नकली पहचान के साथ रह रहे एक बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया गया था। बीते दिनों मुख्यमंत्री ने घुसपैठियों की तलाश करके उन्हें वापस भेजने का निर्देश दिया था। पहचान का सत्यापन होने तक उन्हें जिला स्तर पर अस्थायी हिरासत केंद्र में रखने के लिए कहा गया है। जिलाधिकारियों को को अस्थायी हिरासत केंद्र बनाने और तैयारियां तेज करने के निर्देश दिए हैं।  

यूपी के फाजिलनगर का बदलेगा नाम, योगी सरकार ने शुरू की प्रक्रिया

 गाजियाबाद यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में एक और स्थान का इस्लामिक नाम बदलने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि फाजिलनगर का नाम बदलकर जैन आस्था के मुताबिक किया जाएगा। मुख्यमंत्री रविवार को गाजियाबाद के मुरादनगर में स्थित श्री तरुण सगराम पारसनाथ अतिशय तीर्थ धाम में गुफा मंदिर उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जैन मुनि परंपरा तप, त्याग और नैतिक जीवन का संदेश देती है, जो समाज को दिशा देने में महत्वपूर्ण है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि कुशीनगर के फाजिलनगर का नाम जैन समाज की ऐतिहासिक आस्था के अनुरूप ‘पावा नगर’ किया जाएगा। पावा वह पवित्र स्थल है जहां भगवान महावीर के महापरिनिर्वाण का विश्वास किया जाता है, इसलिए क्षेत्र की पहचान को उसके आध्यात्मिक महत्व के अनुरूप सम्मान देना जरूरी है। कुशीनगर जिले में फाजिलनगर का महत्वपूर्ण कस्बा है, जो अपनी भौगोलिक स्थिति और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए जाना जाता है। यह पूर्वी उत्तर प्रदेश को बिहार से जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित होने के कारण व्यापार और आवागमन का बड़ा केंद्र है। योगी आदित्यनाथ ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रस्तुत नौ संकल्पना परिकल्पना को जैन समाज अपने अनुशासित जीवन, स्वावलंबन, सेवा कार्य और समाज सुधार की प्रेरणा से साकार कर रहा है। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिकता ही वह शक्ति है जो समाज में संतुलन, समरसता और स्थायी विकास सुनिश्चित करती है। कार्यक्रम में उपस्थित प्रसन्न सागर महाराज ने कहा कि भारत की परंपरा त्याग, तप और साधना की भूमि रही है। राजनीति में सनातन धर्म की सहभागिता यह दर्शाती है कि राष्ट्र आज आध्यात्मिक मूल्यों पर आगे बढ़ रहा है। इस दौरान तरुण सागर तीर्थ एवं तरुण क्रांति मंच ट्रस्ट की ओर से मुख्यमंत्री से गुरुकुल, गौशाला और आयुर्वेदिक स्कूल खोलने की मांग भी रखी गई। ट्रस्ट ने कहा कि इससे युवाओं को शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति, पशुपालन और आयुर्वेदिक उपचार पर आधारित ज्ञान मिलेगा, जो समाज निर्माण में सहायक सिद्ध होगा।  

गाजियाबाद में भगवान पार्श्वनाथ की मूर्ति और मंदिर स्थापना कार्यक्रम में शामिल होंगे सीएम योगी

सीएम योगी एक दिवसीय दौरे पर गुरुवार को पहुंचेंगे गाजियाबाद, दिल्ली और गौतमबुद्ध नगर में भी रहेंगे गाजियाबाद में भगवान पार्श्वनाथ की मूर्ति और मंदिर स्थापना कार्यक्रम में शामिल होंगे सीएम योगी गौतमबुद्ध नगर में जेवर एयरपोर्ट का करेंगे निरीक्षण, संबंधित अधिकारियों के साथ करेंगे बैठक दिल्ली के भारत मंडपम में रहेंगे सीएम योगी, वाई.पी.ओ. गोल्ड के साथ करेंगे बैठक  लखनऊ,  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक दिवसीय दौरे पर 27 नवंबर को गाजियाबाद पहुंचेंगे। यहां से वो गौतमबुद्ध नगर और दिल्ली भी जाएंगे। सीएम योगी के दौरे को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली है। सीएम योगी इस दौरान विभिन्न कार्यक्रमों में सम्मिलित होंगे। गाजियाबाद में भगवान पार्श्वनाथ की मूर्ति, मंदिर स्थापना कार्यक्रम में होंगे शामिल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सबसे पहले 10:55 बजे गाजियाबाद के हिंडन एयरपोर्ट पहुंचेंगे। इसके बाद वो यहां से आईटीएस कॉलेज, मुरादनगर हेलीपैड जाएंगे। यहां से सीएम योगी कार द्वारा 11.20 बजे मुरादनगर में कार्यक्रम स्थल तरुण सागर तीर्थ जाएंगे। सीएम यहां 11.20 बजे से 12.20 बजे के बीच भगवान पार्श्वनाथ की मूर्ति और मंदिर स्थापना कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे। नोएडा में जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का करेंगे निरीक्षण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 12.50 बजे गौतमबुद्ध नगर के जेवर एयरपोर्ट पहुंचेंगे। यहां सीएम योगी 12.50 से 13.50 के बीच जेवर एयरपोर्ट का निरीक्षण करेंगे और संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। नोएडा में मेदांता सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल का करेंगे उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 14.35 बजे नोएडा के सेक्टर 113 के हेलीपैड पहुंचेंगे। सीएम योगी 14.50 बजे से 15.40 बजे के बीच मेदांता सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद सीएम योगी कार द्वारा 16.10 बजे दिल्ली के भारत मंडपम जाएंगे। यहां वो 16.15 बजे से 17.30 बजे तक रहेंगे। यहां सीएम योगी वाई.पी.ओ. गोल्ड के साथ बैठक करेंगे। इसके बाद सीएम योगी 18.05 बजे गाजियाबाद के हिंडन एयरपोर्ट पहुंचेंगे, जहां से वो लखनऊ के लिए रवाना होंगे।