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धर्मध्वजा की स्थापना से गदगद CM योगी, अयोध्या में बोले नए युग की शुरुआत का संदेश

अयोध्या  राम नगरी अयोध्या में धर्म ध्वजारोहण कार्यक्रम संपन्न हो गया. इस मौके पर मुख्य रूप से पीएम नरेंद्र मोदी, सीएम योगी आदित्यनाथ, संघ प्रमुख मोहन भागवत और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल शामिल रहीं. ध्वजारोहण के बाद सीएम योगी बेहद खुश नजर आए. उन्होंने कार्यक्रम में आए हजारों लोगों को मंच से संबोधित करते हुए कहा कि अयोध्या में राम मंदिर ध्वजारोहण एक नए युग का प्रारंभ है. सीएम योगी ने कहा कि यह मंदिर 140 करोड़ भारतीयों की आस्था और आत्मसम्मान का प्रतीक है. ध्वजारोहण यज्ञ की पूर्णाहूति नहीं, 'नए युग का शुभारंभ' है अयोध्या धाम में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर भगवा ध्वज के आरोहण समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और संघ प्रमुख मोहन भागवत की उपस्थिति में इस क्षण को 'नए युग का शुभारंभ' बताया. उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर 140 करोड़ भारतीयों की आस्था, सम्मान व आत्मगौरव का प्रतीक है. मुख्यमंत्री ने इस संघर्ष में योगदान देने वाले सभी संतों, योद्धाओं और श्रीरामभक्तों को नमन किया. मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि राम मंदिर पर फहराता केसरिया ध्वज धर्म, मर्यादा, सत्य-न्याय व राष्ट्रधर्म का प्रतीक है. यह उस सत्य का उद्घोष है कि धर्म का प्रकाश अमर है और रामराज्य के मूल्य कालजयी हैं. संकल्प का कोई विकल्प नहीं होता उन्होंने कहा कि संकल्प का कोई विकल्प नहीं होता. आज भारत विकास और विरासत का बेहतरीन समन्वय देख रहा है, जहां बिना भेदभाव के 80 करोड़ लोगों को राशन और 50 करोड़ को निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधा मिल रही है, जो रामराज्य की उद्घोषणा है. मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि 500 वर्षों में साम्राज्य बदले, लेकिन आस्था अडिग रही. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के मार्गदर्शन में अयोध्या अब संघर्ष से निकलकर 'उत्सवों की वैश्विक राजधानी' बन रही है.  बकौल मुख्यमंत्री योगी- रामलला की नगरी अब आस्था, आधुनिकता व अर्थव्यवस्था के नए युग में प्रवेश कर चुकी है. महर्षि वाल्मीकि अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं के साथ यह देश की पहली सोलर सिटी के रूप में भी विकसित हो रही है. धर्म की ज्योति कभी बुझती नहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगे कहा कि ये ध्वज इस बात का प्रमाण है कि धर्म की ज्योति कभी बुझती नहीं और रामराज्य के सिद्धांत अमर हैं. उन्होंने यह भी कहा कि 2014 में जब नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने, तब करोड़ों भारतीयों के मन में जो विश्वास जागा था, आज उसी विश्वास का प्रतीक ये भव्य राम मंदिर बनकर खड़ा है.  

CM योगी की पाती: श्रीराम मंदिर में ध्वजारोहण से शुरू होगा नया युग, कल पीएम मोदी करेंगे कार्यक्रम

अयोध्या  अयोध्या में श्रीराम मंदिर के मुख्य शिखर पर 25 नवंबर को ऐतिहासिक ध्वजारोहण समारोह आयोजित हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंदिर के शिखर पर केसरिया भगवा ध्वज फहराएंगे, जो त्रेता युग की प्राचीन परंपराओं को पुनर्जीवित करने का प्रतीक माना जा रहा है। इससे पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों के नाम एक पाती लिखी है जिसमें उन्होंने कहा है कि वो प्रार्थना करते हैं कि धर्म-ध्वजा की पुनर्स्थापना से प्रदेश में सुख, शांति और समृद्धि का नया युग आरंभ हो। उन्होंने इस पत्र में लिखा है कि ये हम सभी प्रदेशवासियों के लिए आनंद और गौरव का क्षण है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में अयोध्या में हो रहा कार्य प्रभु श्रीराम के जीवन मूल्यों से प्रेरित है। सौहार्द एवं सौमनस्य का यह पुनः प्राप्त वातावरण के पीछे अनन्य श्रद्धा, रामभक्तों की आस्था तथा सनातन संस्कृति के गौरवगान है। पीएम मोदी करेंगे अयोध्या के श्रीराम मंदिर में ध्वजारोहण  अयोध्या में श्रीराम मंदिर के मुख्य शिखर पर मंगलवार को होने वाले ऐतिहासिक ध्वजारोहण समारोह की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। विवाह पंचमी के पावन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोपहर 12 बजकर 6 मिनट पर अभिजीत मुहूर्त में केसरिया ध्वज फहराएंगे, जो भगवान राम की सूर्यवंशीय परंपरा का प्रतीक है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि यह ध्वज सूर्य के प्रतीक के साथ अंकित है, जो दिव्य ऊर्जा, सद्गुण और ज्ञान का प्रतिनिधित्व करता है। समारोह से पूर्व 21 से 25 नवंबर तक पांच दिवसीय वैदिक अनुष्ठान चल रहे हैं, जिन्हें 108 आचार्यों द्वारा संपन्न किया जा रहा है। केसरिया ध्वज फहराया जाएगा इस केसरिया ध्वज की कुल ऊंचाई 21 फीट है जिसमें 161 फीट ऊंचे शिखर पर 42 फीट का ध्वजस्तंभ लगाया गया है। इसे अहमदाबाद की एक 80 वर्ष पुरानी कंपनी ने तैयार किया है, जो पैराशूट निर्माण करती है। ध्वज विशेष पैराशूट फैब्रिक और रेशमी साटन धागों से बुना गया है जो सूर्य की तेज किरणों, भारी वर्षा और 60 किमी/घंटा तक की हवाओं का सामना कर सकता है। सीएम योगी की प्रदेशवासियों के नाम पाती इस ऐतिहासिक पल से पहले सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों के नाम पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने लिखा है कि ” 25 नवंबर को अयोध्या का नाम पुनः इतिहास के पृष्ठ पर स्वर्णिम अक्षरों में अंकित होगा। इस अवसर पर हम सभी प्रदेशवासी आनंद और गौरव की अनुभूति कर रहे हैं। कबीरदास जी, अद्वैतवादी आचार्य शंकराचार्य, संत तुलसीदास, मलिक मोहम्मद जायसी, संत रैदास आदि महापुरुषों की तपोभूमि एवं आध्यात्मिक धरोहरों को पुनर्स्थापित करने का यह शुभ क्षण है। प्रभु श्रीराम का नगर सतत् विकास के प्रतिमान स्थापित करता हुआ अद्यतन कला-सौंदर्य एवं संस्कृति के सनातन अध्यात्म एवं आधुनिक स्थापत्य बृहत्तरता के लिए श्रीरामलला धरातल से लेकर अनंत तक उत्कृष्टता की कड़ी बन रहा है, सुरक्षा भी सुदृढ़ हुई है। मुझे श्रीराम की नगरी विश्व मानचित्र पर सांस्कृतिक राजधानी के रूप में अंकित होते देख हर्ष, गौरव का अनुभव हो रहा है और अद्भुत विकास भी। मेरी यही कामना है कि धर्म-ध्वजा की पुनर्स्थापना से प्रदेश में सुख, शांति और समृद्धि का नया युग आरंभ हो।” उन्होंने आह्वान किया कि आइए हम सभी मिलकर रामराज्य के आदर्शों से प्रेरित एक नव–उत्तर प्रदेश के निर्माण का संकल्प लें।

सीएम योगी के नेतृत्व में ऊर्जा प्रबंधन के क्षेत्र में यूपी बना अन्य राज्यों के लिए उदाहरण

बढ़ती महंगाई के बीच यूपी की स्थिर बिजली दरें बनी जनता की ताकत सीएम योगी की मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति, दूरदर्शी योजना और वित्तीय अनुशासन से आम जनता को मिला वास्तविक लाभ राजस्व अधिशेष ने साबित किया, प्रबंधन सही तो व्यवस्था मजबूत ऊर्जा सुधारों ने बनाया यूपी को भरोसेमंद निवेश गंतव्य लखनऊ, उत्तर प्रदेश सरकार ने लगातार छठे वर्ष बिजली दरों में कोई बढ़ोतरी न करके देश के सामने ऐसा उदाहरण प्रस्तुत किया है, जो बताता है कि मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति, दूरदर्शी योजना और वित्तीय अनुशासन एक साथ मिलकर जनता को वास्तविक लाभ पहुंचा सकते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश ने ऊर्जा क्षेत्र में जो सुधार किए हैं, उनकी वजह से आज यूपी देश का पहला राज्य बन गया है, जहां छह वर्षों से बिजली दरें यथावत हैं।      वर्तमान समय में जब देश के कई राज्यों में बढ़ती लागत के कारण बिजली दरें ऊपर जा रही हैं, उसी समय उत्तर प्रदेश ने गरीब, किसान, मजदूर, व्यापारी और मध्यम वर्गीय परिवारों को बड़ी राहत दी है। सरकार का उद्देश्य साफ है कि जनता पर अनावश्यक आर्थिक बोझ नहीं पड़े और घरेलू बजट स्थिर रहे।      इस निर्णय के पीछे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की एक सुव्यवस्थित और दूरदर्शी योजना काम कर रही है। बिजली वितरण कंपनियों ने पिछले वर्षों में ₹15,000 करोड़ से अधिक का राजस्व अधिशेष अर्जित किया है। यह अधिशेष अचानक नहीं आया, बल्कि यह आर्थिक अनुशासन, बिजली चोरी पर नियंत्रण, तकनीक आधारित बिलिंग, लाइन लॉस में कमी, समय पर मेंटेनेंस और बड़े पैमाने पर संरचनात्मक सुधारों का परिणाम है।       प्रदेश में नई विद्युत उत्पादन परियोजनाओं, ट्रांसमिशन नेटवर्क के विस्तार और नवीकरणीय ऊर्जा पर बढ़ते निवेश ने भी लागत नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। बढ़ते माइग्रेशन, उद्योग विस्तार और शहरीकरण के बावजूद सरकार ने सब्सिडी को प्रभावी बनाकर व्यवस्था को संतुलित कर रखा है।     ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में ओवरलोडिंग नियंत्रित करने, केबलिंग को भूमिगत करने, पुराने तारों और ट्रांसफॉर्मरों को बदलने जैसे कार्यों ने बिजली आपूर्ति प्रणाली को मजबूत किया है। ऊर्जा बचत अभियानों और स्मार्ट इलेक्ट्रिक मीटरों के व्यापक क्रियान्वयन ने भी बिलिंग और खपत प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाया, जिससे राजस्व बढ़ा और लीकेज में कमी आई।      बिजली दरों में स्थिरता से उपभोक्ताओं को तुरंत राहत तो मिलती ही है, साथ ही उद्योगों की प्रोडक्शन लागत भी नियंत्रित रहती है। इसका सीधा असर निवेश माहौल पर पड़ता है। निवेशक ऐसे राज्यों को प्राथमिकता देते हैं जहां ऊर्जा की कीमतें स्थिर हों, आपूर्ति सुरक्षित हो और नीतियां पारदर्शी हों। यूपी ने इन तीनों मोर्चों पर भरोसे का वातावरण तैयार किया है। यही कारण है कि आज प्रदेश देश के उभरते औद्योगिक हब्स में अपनी जगह मजबूत कर रहा है।        योगी सरकार का स्थिर बिजली और मजबूत व्यवस्था मॉडल इस बात का प्रमाण है कि जनहित और अर्थव्यवस्था दोनों को साथ-साथ मजबूत किया जा रहा है। गरीब परिवारों की जेब सुरक्षित, किसानों पर सिंचाई लागत का बोझ नहीं, मजदूर और कामगारों पर अतिरिक्त भार नहीं, छोटे व्यापारियों का बजट नियंत्रित और उद्योगों के लिए प्रतिस्पर्धी माहौल को यह संतुलन कर उत्तर प्रदेश में स्थापित किया है।      छह साल से स्थिर बिजली दरें केवल एक घोषणा नहीं, बल्कि सरकार की दूरदर्शिता, प्रबंधन क्षमता और नीतिगत प्रतिबद्धता का जीवंत प्रमाण हैं। उत्तर प्रदेश ने यह दिखा दिया है कि मजबूत इच्छा-शक्ति हो तो जनता को राहत देते हुए भी व्यवस्था को लाभ में रखा जा सकता है।      सौर ऊर्जा के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश तेजी से आगे बढ़ा है। खासतौर पर रूफटॉप सोलर और ग्रिड-कनेक्टेड सोलर प्लांट दोनों में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है। उत्तर प्रदेश में आज शहर या गांवों की छतों पर चमकते सोलर पैनल न सिर्फ बिजली पैदा कर रहे हैं, बल्कि नए भारत की परिकल्पना को साकार भी कर रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति के अंतराल बढ़ता औद्योगिक विस्तार और पर्यावरणीय क्षेत्र में सस्ती और टिकाऊ ऊर्जा की जरूरत को बढ़ाया है। सौर ऊर्जा न सिर्फ पर्यावरण संरक्षण में सहायक है, बल्कि उपभोक्ताओं के बिजली बिल में मददगार साबित हो रही है।      उत्तर प्रदेश में कुल 13,46,040 आवेदन प्राप्त हुए थे। यह स्वयं दिखाता है कि लोग बदलाव के लिए कितने तत्पर थे। मात्र 18 महीनों में 2,81,769 सोलर रूफटॉप संयंत्रों का इंस्टॉलेशन और पिछले 4.5 महीनों में रिकॉर्ड 1,30,000 संयंत्रों की स्थापना ने उत्तर प्रदेश को महाराष्ट्र और गुजरात के बाद देश का तीसरा सबसे बड़ा सौर ऊर्जा उत्पादक राज्य बना दिया।    सौर ऊर्जा क्रांति ने सिर्फ रोशनी नहीं फैलाई बल्कि इसने रोजगार के द्वार भी खोले। अकेले उत्तर प्रदेश में 54,000 से अधिक युवाओं को सीधा रोजगार मिला है। देशभर में सोलर मॉड्यूल निर्माण, इन्वर्टर, वायरिंग, लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन जैसे क्षेत्रों में लाखों नौकरियां सृजित हुईं—यानी यह योजना ऊर्जा के साथ-साथ रोजगार का भी उजाला लेकर आई है।       यूपी बिजली टैरिफ 2025-26 के प्रमुख आंकड़ों के अनुसार, राज्य में लगातार छठे साल बिजली दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जबकि ग्रीन एनर्जी टैरिफ में राहत देते हुए HV कंज्यूमर्स के लिए इसे ₹0.36 से घटाकर ₹0.34 प्रति यूनिट और LV कंज्यूमर्स के लिए ₹0.17 प्रति यूनिट तय किया गया है। डिस्ट्रीब्यूशन लॉस के मामले में मध्यांचल और पश्चिमांचल डिस्कॉम ने FY 24-25 का लक्ष्य पूरा किया, जबकि सबसे कमजोर प्रदर्शन पूर्वांचल का रहा।          आयोग ने FY 2023-24 के लिए 85,082.83 करोड़ रुपये का एआरआर और 1,246.55 करोड़ रुपये का रेगुलेटरी सरप्लस स्वीकृत किया। वहीं FY 2025-26 के लिए 1,10,993.33 करोड़ रुपये का एआरआर और 13.35% डिस्ट्रीब्यूशन लॉस को मंजूरी दी गई है, जिसमें राज्य सरकार 17,100 करोड़ रुपये की सब्सिडी देगी।        इस वर्ष 7,710.04 करोड़ रुपये का रेगुलेटरी गैप दर्ज हुआ है, जबकि 1 अप्रैल 2025 तक यूपीपीसीएल के पास 18,592.38 करोड़ रुपये का जमा रेगुलेटरी सरप्लस उपलब्ध रहेगा। औसत सप्लाई कॉस्ट ₹8.18 और औसत बिलिंग रेट ₹7.61 प्रति यूनिट तय की गई है। आदेश के अनुसार PAN अपडेट, TDS सर्टिफिकेट जारी करने, ओपन एक्सेस क्रॉस-सब्सिडी में तर्कसंगत कमी और TOD टैरिफ को यथावत रखने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि मल्टी स्टोरी बिल्डिंग व टाउनशिप से जुड़े मुद्दों पर जल्द ही अलग कंसल्टेशन पेपर … Read more

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनेश्वर मिश्र पार्क में आयोजित ‘दिव्य गीता प्रेरणा उत्सव’ में की शिरकत

लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि श्रीमद्भगवदगीता के 18 अध्यायों के 700 श्लोक को भारत का हर सनातन धर्मावलंबी जीवन का मंत्र मानकर आदर भाव के साथ आत्मसात करने का प्रयास करता है। श्रीमद्भगवदगीता नई प्रेरणा देती दिखाई देती है। श्रीमद्भगवदगीता धर्म से ही शुरू होती है और अंत में भी उसी मर्म के साथ विराम लेती है। श्रीमद्भगवदगीता धर्म की वास्तविक प्रेरणा है। भारत की मनीषा ने धर्म को कर्तव्य के साथ जोड़कर देखा है। हमने धर्म को उपासना विधि मात्र नहीं माना है। उपासना विधि उसका छोटा सा भाग है। हर व्यक्ति अपने पंथ, संप्रदाय, उपासना विधि के अनुरूप आस्था को तय कर लेता है, लेकिन मुख्य रूप से धर्म हमारे यहां जीवन जीने की कला है। हमने इसे ही ‘वे ऑफ लाइफ’ के रूप में कहा है। मुख्यमंत्री व गोरक्षपीठाधीश्वर महंत योगी आदित्यनाथ ने जनेश्वर मिश्र पार्क में आयोजित ‘दिव्य गीता प्रेरणा उत्सव’ में रविवार को यह बातें कहीं। हमने हर कर्तव्य को पवित्र भाव के साथ माना, सब कुछ होते हुए भी कभी श्रेष्ठता का डंका नहीं पीटा सीएम योगी ने कहा कि श्रीमद्भगवदगीता भगवान की दिव्य वाणी है। सीएम ने श्लोक ‘धर्मक्षेत्रे कुरुक्षेत्रे समवेता युयुत्सवः’ को सुनाया। उन्होंने कहा कि दुनिया में कहीं भी ऐसा नहीं होता होगा, जहां युद्ध का मैदान धर्म क्षेत्र के रूप में जाना जाता हो, लेकिन हमने हर कर्तव्य को पवित्र भाव के साथ माना है। अच्छा करेंगे तो पुण्य और गलत करेंगे तो पाप के भागीदार बनेंगे। यह मानकर हर सनातन धर्मावलंबी अच्छा करने का प्रयास करता है। भारत ने विश्व मानवता को प्राचीन काल से ही संदेश दिया है। हमने कभी नहीं कहा है कि जो मैं कह रहा हूं, वही सब कुछ है या हमारी उपासना विधि सर्वश्रेष्ठ है। सब कुछ होते हुए भी हमने कभी श्रेष्ठता का डंका नहीं पीटा। जो भी आया, उसे शरण दिया। जिसके ऊपर भी विपत्ति और चुनौती आई, सनातन धर्मावलंबी उसके सहयोग के लिए खड़ा हो गया। जहाँ धर्म और कर्तव्य होगा, वहां जय ही होनी है सीएम योगी ने कहा कि भारत की भूमि ने जियो और जीने दो की प्रेरणा दी। ‘अयं निजः परो वेति गणना लघुचेतसाम्। उदारचरितानां तु वसुधैव कुटुम्बकम्’ की प्रेरणा भी भारत की धरती ने ही दी है। हमने पूरी भारत की धरती को धर्म क्षेत्र माना, इसलिए युद्ध का मैदान भी हमारे लिए धर्म क्षेत्र है। यह कर्तव्यों से जुड़ा हुआ क्षेत्र है, क्योंकि धर्म क्षेत्र में युद्ध भी कर्तव्यों के लिए लड़ा जा रहा है। सीएम ने कहा कि अंत में धृतराष्ट्र पूछ ही पड़ते हैं कि बताओ तो क्या होने जा रहा है। इस युद्ध का क्या परिणाम है तो उन्हें बताया जाता है कि युद्ध का परिणाम तो पहले से तय है: यत्र योगेश्वरः कृष्णो यत्र पार्थो धनुर्धरः। तत्र श्रीर्विजयो भूतिर्ध्रुवा नीतिर्मतिर्मम॥ हम मानते रहे हैं कि यतो धर्मस्ततो जयः—जहाँ धर्म और कर्तव्य होगा, वहीं जय होनी है। अधर्म के मार्ग पर चलने वाले की कभी विजय नहीं हो सकती। यही भारत के सनातन धर्म की परंपरा व प्रकृति का अटूट नियम है। भगवान श्रीकृष्ण ने दी निष्काम कर्म की प्रेरणा सीएम योगी ने आज के समय के लिए दो उदाहरण भी दिए। कहा कि ‘स्वधर्मे निधनं श्रेयः, परधर्मो भयावहः’ यानी अपने धर्म और कर्तव्य पर चलकर मृत्यु को वरण करना श्रेयस्कर है, लेकिन स्वार्थ के लिए कर्तव्य से च्युत होना पतन का कारण बनेगा। कभी भी धोखे से यह मत करना। भगवान ने कर्म की प्रेरणा दी, वह कर्म, जिसमें फल की इच्छा न हो। सीएम ने कहा कि बीज लगते ही हम फल की इच्छा करते हैं। बीज सही लगेगा तो पेड़ फलेगा और फल दे ही देगा। भगवान श्रीकृष्ण ने भी निष्काम कर्म की प्रेरणा दी। निष्काम कर्म के प्रेरणास्रोत हैं सरसंघ चालक जी सीएम योगी ने मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघ चालक डॉ. मोहन भागवत को निष्काम कर्म का प्रेरणास्रोत बताया। बोले-राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ शताब्दी महोत्सव के कार्यक्रम से जुड़ रहा है। दुनिया से आए अंबेसडर, हाई कमिश्नर्स हमसे पूछते हैं कि आप लोगों का आरएसएस से जुड़ाव है, तब हम कहते हैं कि हां! हमने स्वयंसेवक के रूप में कार्य किया है। वे इसकी फंडिंग का पैटर्न पूछते हैं, तब हम बताते हैं कि यहां ओपेक के देश या इंटरनेशनल चर्च पैसा नहीं देता। यहां संगठन समाज के सहयोग से खड़ा हो रहा है और समाज के लिए हर क्षेत्र में समर्पित भाव से कार्य करता है। किसी भी पीड़ित की जाति, मत-मजहब, क्षेत्र, भाषा की परवाह किए बिना हर स्वयंसेवक उसकी सेवा को ही अपना कर्तव्य मानता है। आरएसएस ने सेवा के साथ सौदेबाजी नहीं की, लेकिन कुछ लोगों ने सेवा को ही सौदे के माध्यम बना लिया सीएम योगी ने कहा कि राष्ट्र प्रथम के भाव के साथ हर पीड़ित संग खड़ा होना (जो भारत को परम वैभव तक ले जाने में सहायक हो सकता है) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की प्रेरणा है। आरएसएस ने पिछले 100 वर्षों में सेवा के साथ कोई सौदेबाजी नहीं की, लेकिन कुछ लोगों ने दुनिया व भारत में सेवा को ही सौदे के माध्यम बनाया है। वे लोभ, लालच और दबाव से भारत की डेमोग्राफी को बदलने के लिए छल व छद्म का सहारा लेकर अपना ताना-बाना बदलकर भारत की आत्मा पर प्रहार करने का प्रयास कर रहे हैं। इन स्थितियों में भगवान की वाणी श्रीमद्भगवदगीता नई प्रेरणा बन सकती है। 140 करोड़ भारतवासियों के लिए दिव्य मंत्र है श्रीमद्भगवदगीता सीएम ने स्वामी ज्ञानानंद का अभिनंदन करते हुए कहा कि उन्होंने जिओ गीता को जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में इसे बहुत छोटे-छोटे उदाहरण के माध्यम से प्रस्तुत करने का प्रयास किया है। श्रमिक, किसान, महिला, छात्र, नौजवान, नौकरीपेशा, चिकित्सक, अधिवक्ता, व्यापारी, योद्धा, सैनिक के लिए गीता की प्रेरणा क्या है, उन्होंने इसे जिओ गीता के माध्यम से प्रस्तुत किया है। उनकी छोटी-छोटी पुस्तकें अत्यंत प्रेरणादाई होती हैं। श्रीमद्भगवदगीता केवल जेल के कैदियों के लिए नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतवासियों के लिए दिव्य मंत्र है। यह जीवन में सफलता का मार्ग प्रशस्त करने के साथ ही जीवन जीने की कला का मार्ग है। हर व्यक्ति को इसे अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। इस दौरान मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघ चालक डॉ. मोहन … Read more

योगी सरकार का बड़ा निर्देश: गरीबों और बुजुर्गों के आयुष्मान कार्ड पर मिलेगी प्राथमिकता

मऊ उत्तर प्रदेश सरकार एंव क्रेद्र सरकार की योजनाओं लाभार्थियों तक पहुचाने का जिलाधिकारी ने सख्त निर्देश दिए है। जिला अधिकारी ने कहा कि अंत्योदयकार्ड धारक और 70 वर्ष के ऊपर बुजुर्गों का प्रमुखता से आयुष्मान कार्ड बनाए जाने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा के अनुसार जरुरत मंदों को सरकारी योजनओं का लाभ शतप्रतिसत मिले। कार्य में लापवाही पर करने वाले कर्मचारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। जिलाधिकारी कैंप कार्यालय में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में स्वास्थ्य विभाग की कई महत्वपूर्ण योजनाओं और कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र ने कहा कि जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने के लिए हर स्तर पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जिले में स्वास्थ्य सूचकांकों में सुधार होगा  मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संजय गुप्ता ने बताया कि जिले में आरबीएसके कार्यक्रम के तहत डीईआईसी (डिस्ट्रिक्ट अर्ली इंटरवेंशन सेंटर) स्थापित करने के लिए भूमि की तत्काल आवश्यकता है। इस सेंटर के बनने से जन्म से लेकर 19 वर्ष तक के बच्चों में पाई जाने वाली 4D श्रेणी (जन्मजात दोष, बीमारी, कमी और विकास विलंब/विकलांगता) से संबंधित उपचार जनपद में ही उपलब्ध कराया जा सकेगा। इससे जिले के स्वास्थ्य सूचकांकों में सुधार होगा। आशा कार्यकर्ताओं के भुगतान में किसी प्रकार की देरी न हो  जिलाधिकारी ने डीईआईसी के लिए उपयुक्त स्थान की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। संस्थागत प्रसवों की समीक्षा में दोहलीघाट और फतेहपुर मंडाव के एमओआईसी को लक्ष्य सुधारने के निर्देश दिए गए। साथ ही जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत आशा कार्यकर्ताओं के भुगतान में किसी भी प्रकार की देरी न होने की हिदायत दी गई। उन्होंने कहा कि आशाओं को उनके बढ़ते कार्यों के अनुरूप मानदेय में वृद्धि संबंधित जानकारी देना भी आवश्यक है। अभियान चलाकर 70 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों का बनाया जाय आयुष्मान कार्ड  अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. बी.के. यादव ने बताया कि ई-कवच पोर्टल पर गर्भवती महिलाओं की फीडिंग अनिवार्य है। लापरवाही से जनपद की रैंकिंग प्रभावित हो सकती है। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने अंत्योदय कार्ड धारकों और 70 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों का आयुष्मान कार्ड अभियान चलाकर प्राथमिकता के आधार पर बनाने के निर्देश दिए।   जरूरतमंद परिवारों को जागरूक कर उनका टीकाकरण किया जाय टीकाकरण के संबंध में उन्होंने कहा कि जिले में कोई भी बच्चा टीके से वंचित न रह जाए। जरूरतमंद परिवारों को जागरूक कर उनका टीकाकरण अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए।कुष्ठ रोग उन्मूलन कार्यक्रम और रोगी खोजी अभियान की समीक्षा करते हुए बेहतर रणनीति बनाने पर जोर दिया गया। अपने दायित्वों का ईमानदारी निर्वहन करें अधिकारी  बैठक के दौरान ओपीडी, आईपीडी, आरबीएसके, एम्बुलेंस सेवा, वेक्टर जनित रोग नियंत्रण, जन्म-मृत्यु पंजीकरण, आभा आईडी, परिवार कल्याण कार्यक्रम, आयुष्मान कार्ड, क्षय रोग और कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम सहित कई योजनाओं की प्रगति पर चर्चा की गई। अंत में जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे समय से कार्यालय में उपस्थित रहें और अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करें।  

अवैध घुसपैठ पर बड़ी कार्रवाई: यूपी सरकार बनाएगी खास डिटेंशन सेंटर

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को अवैध घुसपैठ पर त्वरित और सख्त कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की कानून व्यवस्था, राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक समरसता सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक जिला प्रशासन अपने क्षेत्र में रहने वाले अवैध घुसपैठियों की पहचान सुनिश्चित करें और नियमानुसार कार्रवाई शुरू करें। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया है कि घुसपैठियों को रखने के लिए प्रत्येक जनपद में अस्थायी डिटेंशन सेंटर बनाए जाएं। इन केंद्रों में विदेशी नागरिकता के अवैध व्यक्तियों को रखा जाएगा और आवश्यक सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने तक वहीं आवास सुनिश्चित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि डिटेंशन सेंटर में रखे गए अवैध घुसपैठियों को तय प्रक्रिया के तहत उनके मूल देश भेजा जाएगा। इन केंद्रों में विदेशी नागरिकता वाले अवैध प्रवासियों को रखा जाएगा और आवश्यक सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने तक वहीं आवास सुनिश्चित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि डिटेंशन सेंटर में रखे गए अवैध घुसपैठियों को तय प्रक्रिया के तहत उनके मूल देश वापस भेजा जाएगा। दरअसल, नेपाल से खुली सीमा साझा करता हैं। जहां दोनों देशों के नागरिक बिना रोक-टोक आ-जा सकते हैं, लेकिन अन्य देशों के लोगों पर जांच लागू होती है। योगी आदित्यनाथ ने तीन नवंबर को बिहार में चुनाव प्रचार के दौरान दावा किया था कि यदि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सत्ता में लौटता है, तो घुसपैठियों को राज्य से बाहर निकाला जाएगा और उनकी संपत्ति गरीबों में बांटी जाएगी। योगी माघ मेले की तैयारियों की समीक्षा के लिए प्रयागराज पहुंचे उधर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को आगामी माघ मेले की तैयारियों की समीक्षा करने और गंगा पूजन करने प्रयागराज पहुंचे। उन्होंने कहा कि सभी सहयोगियों के साथ माघ मेले की तैयारी करने,गंगा पूजन और हनुमान मंदिर में दर्शन पूजन करने का सौभाग्य मिला। उन्होंने कहा कि नौ महीने के बाद मुझे यह अवसर फिर से प्राप्त हुआ है कि मां गंगा का पूजन कर माघ मेले की तैयारी को हम आगे बढ़ा सकें।  

उत्तर प्रदेश में अब तक 4.25 करोड़ से अधिक आयुष्मान कार्ड हो चुके हैं जारी, बरेली बना प्रदेश में नंबर वन

कैंसर, किडनी और हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों के निःशुल्क इलाज के लिए वर्ष 2023-24 में 700 करोड़ रुपये से अधिक किए गए खर्च 'वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज' पहल के तहत यूपी में स्थापित हो चुके हैं 80 से अधिक सरकारी या निजी मेडिकल कॉलेज मिशन इंद्रधनुष के तहत यूपी में 10 लाख से अधिक छूटे हुए बच्चों का टीकाकरण सम्पन्न आगरा जिला अस्पताल में संचालित निःशुल्क हीमोडायलिसिस यूनिट, गरीब किडनी रोगियों के लिए बनी वरदान  यूपी में 28,000 से अधिक स्वास्थ्य केंद्रों पर ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन सुविधा उपलब्ध, ग्रामीणों को मिल रही विशेषज्ञ सलाह लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के साथ-साथ गरीब और वंचित वर्गों को प्राथमिकता दी है। सीएम योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में आयुष्मान भारत योजना से लेकर पेंटावैलेंट वैक्सीनेशन जैसी योजनाएं प्रदेश में लाखों परिवारों के लिए संजीवनी साबित हो रही हैं। साथ ही सीएम के विजन के अनरूप चल रही कई राज्य स्तरीय योजनाओं के सफल क्रियान्वयन ने 2017 के बाद प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था के परिदृश्य में अमूलचूल बदलाव लाया है। इसी क्रम में बरेली मंडल ने आयुष्मान योजना में प्रदेश में नंबर वन का रिकॉर्ड कायम किया है, जबकि आगरा के जिला अस्पताल में निशुल्क हीमोडायलिसिस यूनिट गुर्दा रोगियों के लिए वरदान बनी हुई है। आंकड़ों से साफ है कि सरकार का फोकस न केवल उपचार पर, बल्कि रोकथाम और पहुंच पर भी है। उत्तर प्रदेश में योगी सरकार की वर्ष 2017 से प्राथमिकता रही है कि राज्य के  गरीब एवं वंचित वर्ग के मरीजों का न केवल अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध हो साथ ही इलाज के कारण पड़ने वाले वित्तीय बोझ को न्यूनतम किया जाए। इसी क्रम में सीएम योगी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश में आयुष्मान योजना का सफल क्रियान्वयन हुआ है। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) डैशबोर्ड के अनुसार, उत्तर प्रदेश में अब तक 4.25 करोड़ से अधिक आयुष्मान कार्ड जारी हो चुके हैं, जो राज्य की एक-चौथाई आबादी को 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर प्रदान करता है। यूपी स्वास्थ्य विभाग की नवंबर 2024 की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2023-24 में गंभीर बीमारियों जैसे कैंसर, किडनी और हृदय रोगों के निःशुल्क इलाज पर 700 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए। जिसमें प्रमुख हिस्सा प्रदेश के गरीब परिवारों को इलाज के लिए मिली प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता का है। इसके अलावा सीएम योगी की 'वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज' पहल के तहत 80 जिलों में वर्तमान में 80 से अधिक अब सरकारी या निजी मेडिकल कॉलेज स्थापित हो चुके हैं। यह पहल ग्रामीण और छोटे शहरों के मरीजों को आसानी से सुपर-स्पेशियलिटी इलाज मुहैया करा रही है। बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देते हुए योगी सरकार ने टीकाकरण अभियान में अभूतपूर्व सफलता प्राप्त की है। इस क्रम में राज्य में पेंटावैलेंट वैक्सीन (पेंटा वैक्सीन) का कवरेज राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-5 के अनुसार 92 प्रतिशत से अधिक तक पहुंच गया है। 2017 में यह 50 प्रतिशत से कम था, लेकिन अब प्रदेश के अधिकांश बच्चों को इस टीकाकरण अभियान से कवर किया जा चुका है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के आंकड़ों के मुताबिक उत्तर प्रदेश में प्रति माह 20,000 से अधिक नियमित टीकाकरण सत्र आयोजित हो रहे हैं। इसके साथ ही केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार मिशन इंद्रधनुष के तहत यूपी में 10 लाख से अधिक छूटे हुए बच्चों का टीकाकरण भी किया चुका है। सीएम योगी की टीकाकरण की ये आक्रामक नीति के तहत विशेष रूप से वंचित परिवारों के बच्चों को प्राथमिकता दी जा रही है। आयुष्मान योजना में प्रदेश के बरेली मंडल का प्रदर्शन सर्वश्रेष्ठ रहा है। पीएमजेएवाई पोर्टल के अनुसार नवंबर 2025 तक बरेली में योजना के तहत जारी किये गये 900 करोड़ रुपये के क्लेम में से 90 प्रतिशत राशि का भुगतान किया जा चुका है, जो प्रदेश में सर्वोच्च है। कुल 4.53 लाख से अधिक क्लेम सेटल किये जा चुके हैं। बरेली स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार योजना के तहत बरेली में 1 लाख से अधिक गरीब मरीजों को निःशुल्क इलाज हुआ है। तो वहीं लक्ष्य के 95 प्रतिशत से अधिक गोल्डन कार्ड का वितरण किया जा चुका है। इस योजना के तहत  5.14 लाख मरीजों का फ्री इलाज कर बरेली ने प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया। 12 लाख से अधिक कार्ड बनाए गए, जिसमें छह सदस्यीय पात्र परिवारों और 60 वर्ष से ऊपर के बुजुर्गों की 100 प्रतिशत कवरेज की गई है। जिसके चलते बरेली अब आयुष्मान का सुपर मॉडल बन चुका है। इसी क्रम में आगरा जिला अस्पताल में पीपीपी मॉडल पर संचालित निःशुल्क हीमोडायलिसिस यूनिट ने जनवरी से अक्टूबर 2025 तक 726 मरीजों को 8,712 बार डायलिसिस की सुविधा प्रदान की है। 10 अत्याधुनिक मशीनों से लैस यह यूनिट गुर्दा रोगियों के लिए जीवन रेखा बन चुकी है। योगी सरकार की यह सुविधा राज्य के गरीब मरीजों को निजी अस्पतालों की महंगी दरों से मुक्ति दिलाती है साथ ही उन्हें अत्याधुनिक और जरूरी इलाज आसानी से उपलब्ध करवा रही है।   सीएम योगी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य ढांचे का तेजी से आधुनिकीकरण किया है। जिसके तहत प्रदेश में वर्तमान में 80 से अधिक सरकारी व निजी मेडिकल कॉलेज बन चुके हैं। जिनमें 3,500 आईसीयू बेड और 2,000 वेंटिलेटर की सुविधा उपलब्ध हैं। साथ ही प्रदेश में 28,000 से अधिक स्वास्थ्य केंद्रों पर ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन सुविधा ग्रामीणों को विशेषज्ञ सलाह दे रही है।  

सीएम युवा उद्यमी योजना, रोजगार मेला व ओडीओपी योजना की बढ़ी विश्व स्तर पर प्रतिष्ठा

  ओडीओपी योजना के तहत यूपी के परंपरागत एवं स्थानीय शिल्प को आईआईटीएफ 2025 में मिल रही वैश्विक पहचान आईआईटीएफ 2025 में प्रदेश के युवाओं की भागीदारी बन रही युवाओं की रचनात्मकता और उद्यमशीलता के प्रदर्शन का मंच   लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी नेतृत्व में उत्तर प्रदेश एक युवा केंद्रित विकास की लहर का साक्षी बन रहा है, जिसका प्रत्यक्ष प्रमाण हमें भारत अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला 2025 (आईआईटीएफ) में देखने को मिल रहा है। इस वर्ष आईआईटीएफ 2025 में यूपी की भागीदारी ने न केवल प्रदेश के युवाओं की रचनात्मकता और उद्यमशीलता को उजागर कर रही है, बल्कि योगी सरकार की युवा प्रतिभाओं को नवाचार एवं आत्मनिर्भरता के लिए प्रोत्साहित करने और विकास के अवसर सृजित करने की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित कर रही है। सीएम योगी के विजन में प्रदेश में चलाए जा रहे रोजगार मेला, सीएम युवा कार्यक्रम और ओडीओपी योजना उत्तर प्रदेश के युवाओं को सशक्त बना रही हैं। जो न केवल राज्य के युवाओं को नौकरी के अवसर प्रदान करने, उनके कौशल का विकास करने और उनमें उद्यमिता व नवाचार को बढ़ावा दे रही है। जहां रोजगार मेले युवाओं को रोजगार से जोड़ते हैं, तो वहीं सीएम युवा कार्यक्रम का ध्येय उनके कौशल और क्षमताओं को मजबूती प्रदान करना है। सीएम युवा कार्यक्रम प्रदेश के युवाओं को कौशल, मार्गदर्शन और संसाधनों से लैस करता है ताकि वे अपने उद्यमों को शुरू कर सकें ताकि वे ऐसे उद्यम या व्यवसाय स्थापित कर सकें, जो दूसरों के लिए भी रोजगार सृजित कर सकें। सीएम योगी आदित्यनाथ की महत्वाकांक्षी योजना ओडीओपी, उन्हें उनके अपने ही जनपद में स्थानीय कौशलों को सफल व्यवसायों में बदलने में मदद करता है। सीएम योगी की इस योजना का अनुकरण वर्तमान में देश के अन्य राज्य भी कर रहे हैं। आईआईटीएफ में अपने उत्पादों का प्रदर्शन करने वाले कई युवाओं ने साझा किया कि योगी सरकार की इन योजनाओं ने कैसे उनके स्टार्ट अप आइडिया, उनके परंपरागत व स्थानीय कौशलों को फलते-फूलते उद्यमों में बदलने में मदद की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सपना एक ऐसे भविष्य का है जहां उत्तर प्रदेश के युवा नौकरी तलाशने वाले न होकर नौकरी सृजित करने वाले बनें, जो आने वाले समय में उत्तर प्रदेश में नवाचार और आत्मनिर्भरता को गति दें, साथ ही राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत बनाएं। योगी सरकार की युवा-अनुकूल नीतियों ने राज्य के विकास को तेज करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कौशल उन्नयन से लेकर स्टार्टअप समर्थन तक राज्य प्रशासन ने एक ऐसा वातावरण तैयार किया है जो युवाओं को अपनी महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए सशक्त बनाता है। राज्य सरकार की ये पहलें केवल व्यक्तियों की मदद ही नहीं कर रही हैं, बल्कि वे उत्तर प्रदेश के समग्र विकास के आधारभूत ढांचे को मजबूत भी कर रही हैं। जिसमें नई विचारधाराएं, तकनीकी नवाचार और ऊर्जावान भागीदारी मुख्यधारा में आ रही हैं। आईआईटीएफ और यूपीआईटीएस जैसे अंतरराष्ट्रीय व प्रतिष्ठित मंचों में राज्य के युवा उद्यमियों की बढ़ती उपस्थिति योगी सरकार की सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता का मजबूत प्रतिबिंब है। जिस तरह से राज्य के युवा आत्मविश्वास के साथ आगे आ रहे हैं, हैंडीक्राफ्ट से लेकर कृषि-आधारित उद्योगों तक विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार ला रहे हैं, उत्तर प्रदेश अवसरों और उद्यमिता का केंद्र बनकर उभर रहा है। योगी सरकार का युवाओं को सशक्त बनाने पर ध्यान एक मजबूत, आत्मनिर्भर और वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी राज्य की राह प्रशस्त कर रहा है।

माघ मेले की तैयारी पर बड़ा ऐक्शन: प्रयागराज पहुंचेंगे सीएम योगी

प्रयागराज उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को प्रयागराज दौरे पर रहेंगे और माघ मेले की तैयारी को लेकर आई ट्रिपलसी सभागार में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे, तथा सभी अधिकारियों के साथ मेले को भव्य और दिव्य बनाने की चर्चा करेंगे। योगी शनिवार को एक विवाह समारोह में भी शामिल होने के लिए प्रयागराज पहुंचेंगे। इन कार्यक्रमों में शामिल होंगे सीएम  सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री आई ट्रिपल सी सभागार में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे। उसके उपरांत गंगा पूजन करने के बाद एक शादी समारोह में शामिल होने के बाद वह लखनऊ के लिए प्रयागराज से प्रस्थान करेंगे, जिसको लेकर प्रशासन तैयारी में लगा हुआ है। वहीं, सीएम योगी के दौरे को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी गई है। उनकी सुरक्षा व्यवस्था के भी पुख्ता इंतजाम किए गए है।  बैठक में करेंगे इन मुद्दों पर चर्चा  गौरतलब है कि अगले वर्ष लगने वाले माघ मेले को भव्य और दिव्य बनाने के लिए मुख्यमंत्री योगी प्रयागराज दौरे पर रहेंगे। साथ ही साथ 2024 और 2025 में महाकुंभ के तर्ज पर इस बार का माघ मेला रहेगा। योगी माघ मेले को लेकर पुलिस प्रशासन के साथ भी बैठक करेंगे और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए किस तरीके का इंतजाम किए गए हैं इस पर भी चर्चा कर सकते हैं।  

नितीश कुमार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए सीएम योगी

लखनऊ  बिहार में नई सरकार के गठन के अवसर पर आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल हुए। नितीश कुमार के शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत एनडीए के तमाम मुख्यमंत्रियों को आमंत्रित किया गया था। मुख्यमंत्री योगी जैसे ही पटना एयरपोर्ट पर पहुंचे तो समर्थकों के बीच अद्भुत उत्साह देखने को मिला। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को देखते ही लोगों ने जय श्री राम के नारे लगाए। बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में नीतीश कुमार ने गुरुवार को 10वीं बार शपथ ली। मुख्यमंत्री योगी की यह उपस्थिति न सिर्फ दोनों राज्यों के बीच बढ़ते राजनीतिक और विकासात्मक संबंधों को मजबूत करती है, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर सहयोग और समन्वय को नई दिशा प्रदान करती है। हाल ही में संपन्न हुए बिहार विधानसभा चुनाव में उन्होंने एनडीए के पक्ष में सक्रिय भूमिका निभाई थी। चुनाव प्रचार के दौरान मुख्यमंत्री योगी ने बिहार के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में अनेक जनसभाओं को संबोधित किया था। उनके प्रभावशाली वक्तव्यों, जनसंपर्क शैली और जनता के बीच उनकी लोकप्रियता ने पार्टी के पक्ष में सकारात्मक माहौल तैयार करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में चलाए गए चुनाव अभियान के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति ने पार्टी और कार्यकर्ताओं में नया उत्साह और ऊर्जा भरी थी। चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में विकसित भारत के लिए सुरक्षा, विकास, सुशासन और सांस्कृतिक पहचान जैसे मुद्दों पर जनता के बीच स्पष्ट और सशक्त संदेश दिए। बिहार की जनता के प्रति उनकी आत्मीयता और भरोसेमंद नेतृत्व शैली ने न केवल मतदाताओं को प्रभावित किया बल्कि भाजपा संगठन को भी मजबूत आधार प्रदान किया। शपथ ग्रहण समारोह में उनकी उपस्थिति इस बात का भी प्रतीक है कि भारतीय जनता पार्टी केवल राजनीतिक दृष्टिकोण से ही नहीं बल्कि विकासात्मक और सामाजिक सहयोग के दृष्टिकोण से भी दोनों राज्यों के बीच संबंधों को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। उत्तर प्रदेश और बिहार, दोनों राज्यों के बीच सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक रिश्ते सदियों से जुड़े रहे हैं। ऐसे में दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों का एक साथ आना भविष्य में आपसी सहयोग की संभावनाओं को और व्यापक बनाता है।