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योगी सरकार का नया विकास खाका, मेरठ-कानपुर-मथुरा होंगे विशेष शहरों की तर्ज पर विकसित

 लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को मेरठ, कानपुर और मथुरा-वृंदावन के समग्र शहरी विकास की समीक्षा करते हुए कहा कि तीनों शहरों का विकास केवल निर्माण-कार्य पर आधारित न हो, बल्कि उसमें स्थानीय पहचान, सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक शहरी सुविधाओं का संतुलन साफ दिखाई दे. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं को चरणबद्ध ढंग से लागू किया जाए और काम समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा हो. बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए तीनों मंडलों के मंडलायुक्त मौजूद रहे. बताया गया कि अयोध्या, वाराणसी, गोरखपुर और प्रयागराज की तर्ज पर अब मेरठ, कानपुर और मथुरा-वृंदावन में समेकित विकास मॉडल लागू किया जा रहा है. इसके तहत कुल 478 परियोजनाओं को चिन्हित किया गया है, जिनमें मेरठ में 111, कानपुर में 109 और मथुरा-वृंदावन में 258 परियोजनाएं शामिल हैं. सभी परियोजनाओं को अल्पकालिक, मध्यमकालिक और दीर्घकालिक श्रेणियों में विभाजित किया गया है. पहले चरण के रूप में वर्ष 2025-26 में तीनों शहरों की 38 प्राथमिक परियोजनाओं पर काम प्रस्तावित है. इनमें यातायात सुधार, चौराहों का पुनर्विकास, मल्टीलेवल पार्किंग निर्माण, हरित क्षेत्र विस्तार, सड़क और पेवमेंट सुधार, बिजली लाइनों को भूमिगत करने, जल प्रबंधन और पर्यटन सुविधाओं को उन्नत करने से जुड़े कार्य शामिल हैं. मेरठ: ग्रीन कॉरिडोर मॉडल पर बिजली बम्बा बाईपास टेड इन लेगेसी, राइजिंग टू टुमॉरो” की अवधारणा पर आधारित है. योजना का फोकस औद्योगिक पहचान को बनाए रखते हुए शहर को आधुनिक ट्रैफिक, सार्वजनिक परिवहन और हरित ढांचे से जोड़ना है. प्रमुख प्रस्तावों में मैनावती मार्ग चौड़ीकरण, मल्टीलेवल पार्किंग निर्माण, मास्टर प्लान की प्रमुख सड़कों का विकास, ग्रीन पार्क क्षेत्र का अर्बन डिजाइन सुधार, मकसूदाबाद में सिटी फॉरेस्ट और बोटैनिकल गार्डन, वीआईपी रोड सुधार, रिवरफ्रंट लिंक, ग्रीनफील्ड कॉरिडोर और मेट्रो विस्तार शामिल है. ग्रेटर कानपुर के रूप में नए विस्तार क्षेत्र का मॉडल भी प्रस्तुत किया गया. मथुरा-वृंदावन: विजन-2030 के तहत धार्मिक पर्यटन मॉडल मथुरा-वृंदावन के लिए मास्टर प्लान को “विजन-2030” के रूप में प्रस्तुत किया गया. योजना का फोकस धार्मिक पर्यटन, यात्री सुविधाओं और शहर की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करना है. प्रमुख प्रस्तावों में स्ट्रीट फसाड डेवलपमेंट, मल्टीलेवल पार्किंग, बस पार्किंग, शहर के प्रमुख प्रवेश द्वारों का सौंदर्यीकरण, नए मार्गों का निर्माण, बरसाना–गोवर्धन–राधाकुंड कॉरिडोर सुधार, परिक्रमा मार्ग पर आधुनिक सुविधाएं, तथा नगर सीमा से धार्मिक स्थलों तक संकेतक और प्रकाश व्यवस्था शामिल है. निजी निवेश पर जोर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि परियोजनाओं को लागू करने में नवाचार और आधुनिक प्रबंधन को प्राथमिकता दी जाए. जहां संभव हो, पीपीपी मॉडल अपनाया जाए और निजी क्षेत्र के सहयोग से रेवेन्यू शेयरिंग की व्यवस्था विकसित की जाए. उन्होंने कहा कि शहरों के विकास का उद्देश्य ऐसा ढांचा तैयार करना है जो यातायात को सुगम बनाए, सार्वजनिक परिवहन और पैदल यात्रियों को प्राथमिकता दे तथा शहर अधिक हरित और स्वच्छ बने. मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि आवश्यक होने पर परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त बजट उपलब्ध कराया जाएगा.

पीएम मोदी के नेतृत्व में किसानों के सम्मान व कल्याण के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रही डबल इंजन सरकारः सीएम योगी

पीएम नरेंद्र मोदी ने कोयम्बटूर से जारी की किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त देश के 9 करोड़ से अधिक किसानों के खाते में आई 18000 करोड़ से अधिक की राशि, उत्तर प्रदेश के 2.15 करोड़ से अधिक किसान भी हुए लाभान्वित  सीएम योगी ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त का उपहार देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति जताया आभार  बोले सीएम- पीएम मोदी ने सशक्त कृषि व आत्मनिर्भऱ किसान के संकल्प को किया दृढ़  उप्र के कृषि विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिली नई ऊर्जाः मुख्यमंत्री  लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त का उपहार देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार जताया। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कोयम्बटूर से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त जारी की। इससे देश के 9 करोड़ से अधिक किसानों के खाते में 18000 करोड़ रुपये आए। वहीं इससे उत्तर प्रदेश के भी 2.15 करोड़ से अधिक किसान लाभान्वित हुए।  सशक्त कृषि-आत्मनिर्भर किसान के संकल्प को किया और दृढ़ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ पर लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के यशस्वी नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार अन्नदाता किसानों के सम्मान एवं कल्याण हेतु निरंतर समर्पित भाव से कार्यरत है। आज इसी शृंखला में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु के कोयंबटूर में आयोजित 'दक्षिण भारत प्राकृतिक कृषि शिखर सम्मेलन-2025' में देश भर के 9 करोड़ से अधिक किसान बंधुओं को 18,000 करोड़ रुपये से अधिक राशि की किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त हस्तांतरित कर सशक्त कृषि और आत्मनिर्भर किसान के संकल्प को और दृढ़ किया है। उप्र के कृषि विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिली नई ऊर्जा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पोस्ट में लिखा कि उत्तर प्रदेश के 2.15 करोड़ से अधिक किसानों को भी इस किस्त का प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त हुआ है, जिससे राज्य के कृषि विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा मिली है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस उपहार के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार जताया।

दिव्यांगजन को विशेष अवसर देने पर बल, वंचित समाज को मुख्यधारा में लाया जाएगा

महिला और बाल विकास पर विशेष प्राथमिकता, महिलाएं देश और समाज की मुख्य धुरी कामकाजी महिलाओं के लिए पिंक इंडस्ट्रियल पार्क बनेगा, पिंक ट्रांसपोर्ट की भी व्यवस्था उत्तर प्रदेश 2047 तक बनेगा विकसित प्रदेश, AI और महिला सशक्तिकरण से होगा वास्तविक विकास  स्टेकहोल्डर वर्कशॉप में सामाजिक सुरक्षा पर बनी रणनीति विकसित उत्तर प्रदेश विजन-2047 पर एक साथ 9 विभागों ने साझा की अपनी रणनीति समाज कल्याण विभाग की स्टेकहोल्डर वर्कशॉप में योजना के क्रियान्वयन पर दिया गया जोर लखनऊ उत्तर प्रदेश को 2047 तक विकसित प्रदेश बनाने के लिए समाज कल्याण विभाग ने बुधवार को गोमतीनगर स्थित भागीदारी भवन में विभागीय स्टेकहोल्डर वर्कशॉप आयोजित की। यह वर्कशॉप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समावेशी व सक्षम उत्तर प्रदेश के संकल्प को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुई। इसमें प्रदेश के 9 विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रतिभाग कर उज्जवल भविष्य की नई परिकल्पना और नीतियों को दिशा देने वाले महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए। 2047 तक प्रत्येक क्षेत्र में होगा समेकित विकास समाज कल्याण विभाग की इस कार्यशाला का उद्देश्य सशक्त समाज, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, तकनीकी प्रगति, महिला सशक्तिकरण और सतत विकास की दिशा में आवश्यक नीतिगत हस्तक्षेपों पर विचार-विमर्श करना था। हितधारकों के सामूहिक विमर्श ने राज्य के दीर्घकालिक विकास एजेंडे को नई दिशा देने का कार्य किया। ‘उत्तर प्रदेश बनेगा बदलाव का मॉडल’ समाज कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव एल. वेंकटेश्वर लू ने कहा कि विजन 2047 केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि समाज-केन्द्रित बदलाव का संकल्प है। हमारा लक्ष्य है कि प्रत्येक कमजोर वर्ग महिलाएं, दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिक, बच्चे, अल्पसंख्यक और ट्रांसजेंडर समुदाय तक नीतियों का लाभ तेजी और समानता के साथ पहुंचे। दिव्यांगजन को विशेष अवसर देने की रणनीति पर बल समाज कल्याण विभाग की इस कार्यशाला में इस बात पर जोर दिया गया कि समाज के हर वर्ग और समुदाय का विकास होगा। उत्तर प्रदेश की आबादी 25 करोड़ है जिसमें 75 लाख दिव्यांगजन हैं। विकसित उत्तर प्रदेश के तहत उनके सर्वांगीण विकास पर काम किए जाने के लिए एक रुपरेखा प्रस्तुत की गई । इस कार्यशाला में दिव्यांगजन के उत्थान पर विशेष चर्चा हुई। उत्तर प्रदेश सरकार नौकरी के साथ साथ, उद्योग के लिए ऋण की भी व्यवस्था कराएगी। वंचित समाज और बुजुर्गों को मुख्यधारा में लाया जाएगा उत्तर प्रदेश विकसित सही मायने में तभी बनेगा जब हाशिए पर पड़ी अनुसूचित जाति, जनजाति ओबीसी और अल्पसंख्यकों को भी शिक्षित और समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही बच्चों और बुजुर्गों की सामाजिक सुरक्षा और विकास पर कार्य करने के लिए प्रतिबद्धता जताई गई। कार्यशाला में बताया गया कि उत्तर प्रदेश में अभी 3 करोड़ वृद्धजन हैं। इनके लिए सेवा साथी एप से रोजगार और स्वावलंबन की दिशा में काम किया जा रहा है। वृद्धजनों के लिए एक व्यापक रणनीति पर चर्चा करते हुए बताया गया कि इनके सामाजिक सुरक्षा का भी ध्यान रखा जाएगा। वृद्धों के लिए आवास बनाने पर भी जोर दिया जाएगा। युवाओं और बच्चे के विकास पर जोर देना होगा उत्तर प्रदेश के विकास में युवा महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं और आगे निभाएंगे। प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार उपलब्ध करना सरकार की प्राथमिकता है जिस पर कई विभाग अपने स्तर पर काम कर रहे हैं। इसके साथ ही जो बच्चे विकास की दौड़ में पीछे छूट गए हैं उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत किया जाएगा।     महिला और बाल विकास पर विशेष प्राथमिकता विकसित उत्तर प्रदेश @47 विजन में महिलाओं के सशक्तिकरण और उनके स्वावलंबन पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई। इसके लिए पिंक इंडस्ट्रियल पार्क बनेगा जो केवल कामकाजी महिलाओं के लिए होगा। इस इंडस्ट्रियल पार्क में केवल महिलाएं ही उद्योग संचालित करेंगी और काम करेंगी। उनके लिए  महिला आधारित पिंक ट्रांसपोर्ट सेवा होगी जिसमें केवल महिलाएं ही यात्रा करेंगी। इस इंडस्ट्रियल पार्क में क्रेच होगा जहां छोटे बच्चों का ध्यान रखा जाएगा। आंगनबाड़ी केंद्रों के जरिए बच्चों को उचित पोषाहार महिला और बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव लीना जौहरी ने कहा कि अगर सही मायने में विकास करना है तो सबको साथ में मिलकर काम करना होगा। हमें केवल योजनाएं ही नहीं बनानी है बल्कि उसका क्रियान्वयन भी करना है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 1890000 आंगनबाड़ी हैं। इसके माध्यम से बच्चों के पोषण का भरपूर ध्यान रखा जा रहा है। इसके माध्यम से हम बच्चों का ध्यान रखते हैं। उनके स्वास्थ्य का ध्यान रखते हैं। जब बच्चें स्वस्थ होंगे तो स्वत: प्रदेश और देश का विकास हो जाएगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सशक्त करने से देश सशक्त होता है। उन्होंने बच्चों के मानसिक विकास पर ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में आंगनबाड़ी केंद्र आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से शिक्षा के केंद्र के रूप में विकसित होंगे ‌ 2047 तक उन्हें प्ले स्कूल की तरह विकसित किया जाएगा।  2047 के लिए एक विस्तृत रुपरेखा पर काम करने का आवश्यकता  पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव सुभाष चंद्र शर्मा ने कहा कि देश काल और परिस्थिति तीनों को ध्यान में रखते हुए काम करना होगा। भारत अन्य देशों के मुकाबले भिन्न है इसलिए इसकी विविधता को देखते हुए कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हमें 2047 में प्रदेश की जनसंख्या को ध्यान में रखते हुए इंफ्रास्ट्रक्चर को विकसित करना होगा।   

दुधवा नेशनल पार्क में ईको टूरिज्म को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगें ये प्रस्ताव

दुधवा नेशनल पार्क तक 226 करोड़ रूपये की लागत से होगा सड़कों का चौड़ीकरण व निर्माण विस्टाडोम कोच की यात्रा के अपग्रेडेशन के लिए 19.28 लाख रुपये स्वीकृत दुधवा नेशनल पार्क में 8 करोड़ रूपये की लागत से लगेगे अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप साइनेज लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश इको टूरिज्म बोर्ड ने दुधवा नेशनल पार्क और आसपास के क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। जिसमें दुधवा नेशनल पार्क तक सड़क, रेल और हवाई मार्ग के माध्यम से पर्यटकों की पहुंच को सुगम और सुविधाजनक बनाने पर जोर दिया गया। इन प्रस्तावों का उद्देश्य न केवल प्रदेश में ईको टूरिज्म को बढ़ावा देना है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करना है। राज्य सरकार के अनुमोदन के बाद जल्द ही ये परियोजनाएं धरातल पर उतरी जाएगीं, जो सीएम योगी के विजन के अनुरूप यूपी इको टूरिज्म का हब बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।   लखनऊ से लखीमपुर के बीच शुरू की गई एसी बस सेवा को पूरे इको पर्यटन सत्र तक जारी रखने का प्रस्ताव दुधवा नेशनल पार्क में सड़क मार्ग से पहुंच को सुगम बनाने के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर लखनऊ से लखीमपुर के बीच पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू की गई एसी बस सेवा को पूरे इको पर्यटन सत्र तक जारी रखने का प्रस्ताव रखा गया है। यह सेवा पर्यटकों को दुधवा नेशनल पार्क तक आरामदायक यात्रा प्रदान करेगी। इसी क्रम में, पलिया-मैलानी और बिछिया को जोड़ने वाली नई बस सेवा शुरू करने का सुझाव भी रखा गया है। यूपीएसआरटीसी को भेजे जाने वाले इन प्रस्तावों से नेशनल पार्क के आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी पर्यटन का विस्तार होगा। साथ ही रेलवे मार्ग से दुधवा नेशनल पार्क तक पहुंच को सुगम बनाने के लिए दिल्ली से लखनऊ (मैलानी होते हुए) चलने वाली पुरानी ट्रेन को पुनः बहाल करने और इसमें एसी कोच जोड़ने का प्रस्ताव रखा गया है। यह कदम विदेश एवं दूरदराज के पर्यटकों के लिए विशष रूप से लाभदायक साबित होगा। हिंडन से पलिया तक विमान सेवा शुरू करने का जल्द जारी होगी टेंडर हवाई संपर्क को मजबूत करने के लिए हिंडन से पलिया तक विमान सेवा शुरू करने का टेंडर वायबिलिटी गैप फंडिंग (वीजीएफ) मॉडल पर तैयार किया जा रहा है। पर्यटन विभाग और सिविल एविएशन के समन्वय से यह परियोजना चालायी जाएगी। पात्रता शर्तों में भारत में पंजीकृत कंपनी, 6 सीटों वाले सिंगल व ट्विन इंजन विमान की सेवा शुरू करने का प्रस्ताव है। जिसके लिए निजी व चार्टेड विमान का संचालन करने वाली कंपनियों की सेवा ली जाएगी।बोर्ड की मंजूरी से यह सेवा पर्यटकों को समय की बचत देगी। दुधवा नेशनल पार्क तक 226 करोड़ रूपये की लागत से होगा सड़कों का चौड़ीकरण व निर्माण दुधवा नेशनल पार्क, लखीमपुर खीरी तक सड़क मार्ग के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए पीडब्ल्यूडी के माध्यम से 226.82 करोड़ रुपये की कई परियोजनाओं का प्रस्तावित की गई हैं। इसके तहत लखनऊ से दुधवा तक चार लेन सड़क संपर्क सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विभिन्न चेनेज पर चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण कार्य भी शामिल हैं। जिसमें 21.14 करोड़ रुपये की लागता से पलिया हवाई पट्टी का 3 मीटर से 10 मीटर चौड़ीकरण कार्य, किशनपुर रोड का 32.95 करोड़ रुपये की लागत से 5.7 किमी चौड़ीकरण, लखीमपुर-बिजुआ-भीरा-पलिया मार्ग पर 21.6 करोड़ रूपये की लागत से इंटरलॉकिंग और सिसईया-धौराहरा-पलिया रोड का 134.23 करोड़ रुपये की लागत से 38.35 किमी सुदृढ़ीकरण जैसे कार्यों का प्रस्ताव रखा गया है। इन प्रोजेक्टस के निर्माण से जहां एक ओर नेशनल पार्क आने वाले पर्यटकों की पहुंच सुगम होगी साथ ही आस-पास के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र के लोगों की यातायात व्यवस्था एवं अर्थिक गतिविधियों में भी लाभप्रद साबित होगी। विस्टाडोम कोच की यात्रा के अपग्रेडेशन के लिए 19.28 लाख रुपये स्वीकृत नेशनल पार्क के क्षेत्र में साइनेज की कमी को दूर करने के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 में 8 करोड़ रुपये की परियोजना प्रस्तावित है। जिसमें अंतरराष्ट्रीय/राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप साइनेज स्थापित किए जाएंगे, जो पर्यटकों को दिशा-निर्देश प्रदान करेंगे। इनकी सैंपल डिजाइन पहले से तैयार हैं, जिन्हें अनुमोदन के पश्चात शीघ्र ही पार्क में लगाया जाना है। इनके अलावा, अनुभवात्मक पर्यटन पर फोकस करते हुए 82 क्षमता वाले विस्टाडोम कोच की यात्रा के अपग्रेडेशन के लिए 19.28 लाख रुपये स्वीकृत किए हैं। कतर्नियाघाट वन्यजीव अभ्यारण्य में गेरुआ नदी पर वर्तमान दो बोट के अलावा दो अतिरिक्त बोट सफारी शुरू करने का प्रस्ताव है, जो इको बोर्ड द्वारा संचालित होंगी। ये प्रस्ताव न केवल दुधवा नेशनल पार्क को को पर्यटन हब बनाएंगे, बल्कि स्थानीय निवासियों एवं क्षेत्र में रहने वाले जनजातिय समुदायों के युवाओं को रोजगार के नये मौके देंगे। साथ ही पर्यटन विभाग के अधिकारियों के अनुसार इन परियोजनाओं के सफल क्रियांवयन से नेशनल पार्क में आने वाले वार्षिक पर्यटक संख्या में 30 प्रतिशत वृद्धि की उम्मीद है, जो उत्तर प्रदेश को इको टूरिज्म में अग्रणी राज्य बनाएंगी।

सीएम योगी के निर्देशानुसार प्रदेश में युवा व महिला उद्यमियों को स्वरोजगार से जोड़ने पर फोकस

लखनऊ,  उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार युवाओं को कौशल, पूंजी और बाजार से जोड़कर राज्य में सूक्ष्म व परंपरागत उद्योगों की नई क्रांति खड़ी कर रही है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (CM-YUVA) के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1.70 लाख युवाओं को लाभान्वित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जबकि हर वर्ष 1 लाख से अधिक नए सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना का प्रयास किया जा रहा है। योगी सरकार की नीतियों का मूल उद्देश्य युवा, महिला और पारंपरिक हस्तशिल्प सभी को एक साझा आर्थिक विकास मॉडल से जोड़ना है। इस व्यापक दृष्टि ने स्वरोजगार, उद्यमिता और रोजगार सृजन की दिशा में प्रदेश में नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त किया है। युवा उद्यमिता को नई दिशा दे रही सीएम युवा योजना सीएम युवा योजना के तहत प्रदेश के 21 से 40 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को 5 लाख रुपये तक के उद्योगों और सेवा परियोजनाओं पर 100 प्रतिशत ब्याज-मुक्त तथा बिना गारंटी ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके साथ ही, परियोजना लागत पर 10 प्रतिशत मार्जिन मनी का अनुदान भी दिया जा रहा है। न्यूनतम 8वीं पास और किसी मान्यता प्राप्त संस्था से कौशल प्रशिक्षण प्राप्त युवा इस योजना के लिए पात्र हो सकते हैं। प्रशिक्षण के बाद इनमें से अनेक युवा न सिर्फ खुद उद्यमी बन रहे हैं, बल्कि अन्य युवाओं और महिलाओं को भी रोजगार दे रहे हैं। इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में उद्योग आधारित आर्थिक गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जो राज्य की अर्थव्यवस्था को नए आयाम दे रही है। पारंपरिक कलाओं को मिली संजीवनी योगी सरकार ने ओडीओपी योजना के जरिए पारंपरिक हस्तकला एवं हस्तशिल्प को नया जीवन दिया है, जो 2017 से पहले समाप्ति के कगार पर थे। प्रदेश का शजर उद्योग इसका सबसे सशक्त उदाहरण है। देश में केवल केन नदी की रेत में मिलने वाला यह कीमती शजर पत्थर कभी मात्र कुछ हस्तशिल्प परिवारों की आजीविका का सहारा था। लेकिन सरकार ने इसे ओडीओपी से जोड़कर न सिर्फ इसका बाजारीकरण किया, बल्कि इसे जीआई टैग भी दिलाया। नतीजा यह रहा कि शजर उद्योग से जुड़े परिवारों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। यह बदलाव इस बात का प्रमाण है कि सरकारी सहयोग, प्रशिक्षण और वित्तीय मदद कैसे किसी विलुप्तप्राय उद्योग को दोबारा जीवित कर सकती है। चाहें विश्वकर्मा श्रम सम्मान हो या टूलकिट वितरण हो, इन कार्यक्रमों के जरिए प्रदेश में कारीगरों को कुशल बनाकर उनकी आर्थिक उन्नति सुनिश्चित की जा रही है। उल्लेखनीय है कि शजर उद्योग के साथ ही प्रदेश भर में ओडीओपी के माध्यम से महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों, कारीगरों और युवाओं को नए बाजार, प्रशिक्षण और डिजिटल प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराए गए हैं। इससे हजारों महिलाओं को स्वरोजगार मिला है और वे अपने उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने में सक्षम हुईं हैं। महिला स्वावलंबन, परंपरागत कारीगरी और आधुनिक विपणन का यह संगम अब उत्तर प्रदेश की नई आर्थिक पहचान बनता जा रहा है।

लखनऊ की रहने वाली महिला सात महीने के बच्चे को लेकर पहुंचीं मुख्यमंत्री आवास

मां ने लगाई मासूम के जीवन की गुहार, सीएम योगी ने तत्काल करवाई इलाज की व्यवस्था  लखनऊ की रहने वाली महिला सात महीने के बच्चे को लेकर पहुंचीं मुख्यमंत्री आवास  बच्चे को हृदय से संबंधित है परेशानी, मुख्यमंत्री आवास से एंबुलेंस से भिजवाया गया केजीएमयू  ‘जनता दर्शन’ में प्रदेश भर से आए 60 से अधिक फरियादी, मुख्यमंत्री ने एक-एक की सुनी समस्या  जवानों से बोले सीएम- आप ड्यूटी कीजिए, आपके परिवार की जिम्मेदारी सरकार पर  लखनऊ  सोमवार की सुबह एक मां के जीवन में उम्मीद की किरण लेकर आया, जब वह ‘जनता दर्शन’ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलीं। उन्होंने अपनी आर्थिक स्थिति का जिक्र करते हुए सात माह के मासूम की बीमारी के इलाज के लिए आर्थिक सहयोग का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने महिला की बात सुनी और तत्काल उन्हें एंबुलेंस से केजीएमयू भिजवाया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर हृदय संबंधी बीमारी से जूझ रहे बच्चे का इलाज शुरू हो गया। वहीं ‘जनता दर्शन’ में प्रदेश भर से 60 से अधिक फरियादी आए, मुख्यमंत्री ने सभी के पास पहुंचकर उनकी शिकायतें सुनीं और अधिकारियों को समय से निराकरण का निर्देश दिया।  लखनऊ की रहने वाली महिला बेटे के इलाज की फरियाद लेकर पहुंचीं लखनऊ के राजेंद्र नगर, ऐशबाग की रहने वाली एक महिला सोमवार सुबह मुख्यमंत्री आवास में लगाए गए 'जनता दर्शन' में पहुंचीं। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बताया कि उनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। वे किराए के मकान में रहकर अत्यंत सीमित संसाधन में जीवनयापन कर रही हैं। उनके सात माह के मासूम को हृदय से संबंधित बीमारी है। उसके इलाज के लिए आर्थिक सहायता कर दी जाए। मुख्यमंत्री ने उस बच्चे को दुलारा-पुचकारा और महिला को आश्वस्त किया कि आप बेफिक्र रहिए, सरकार मदद करेगी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने उस बच्चे को तत्काल एंबुलेंस से केजीएमयू भिजवाया और वहां कुलपति को निर्देशित किया कि बच्चे के उपचार की तत्काल व्यवस्था की जाए। मुख्यमंत्री के आदेश के उपरांत वहां मासूम का इलाज प्रारंभ हो गया है।  आपके परिवार की जिम्मेदारी सरकार पर 'जनता दर्शन' में बुलंदशहर निवासी अर्धसैनिक बलों के जवान भी पहुंचे। उन्होंने मुख्यमंत्री से अपनी जमीन के कब्जे संबंधी शिकायत की। इस पर मुख्यमंत्री ने उनसे प्रार्थना पत्र लिया और कहा कि आपकी ड्यूटी देश की सीमा या देश की आंतरिक सुरक्षा में लगी होगी, आप ड्यूटी निभाइए। आपके परिवार की जिम्मेदारी सरकार पर है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इस मामले की जांच कराने और जल्द समाधान का निर्देश दिया।  ‘जनता दर्शन’ में आए 60 से अधिक फरियादी  ‘जनता दर्शन’ में सोमवार को प्रदेश भर के 60 से अधिक फरियादी पहुंचे। मुख्यमंत्री स्वयं सभी के पास पहुंचे। एक-एक करके सभी का प्रार्थना पत्र लिया और समस्याएं सुनीं, फिर संबंधित अधिकारियों को निराकरण के आदेश दिए। इस दौरान जमीन कब्जा, आर्थिक सहयोग, पुलिस, बिजली समेत अनेक विभागों से जुड़ी समस्याओं को लेकर लोग पहुंचे थे। सीएम ने फरियादियों को आश्वस्त किया कि आपकी सुरक्षा और सेवा सरकार का कर्तव्य है। सरकार पहले दिन से ही इस इस ध्येय के साथ कार्य कर रही है।

सीएम योगी के विजन पर नागरिकों से मिल रहे हैं रचनात्मक सुझाव

सीएम योगी के विजन “समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश @2047” से बदलेगी उत्तर प्रदेश की तस्वीर सीएम योगी के विजन पर नागरिकों से मिल रहे हैं रचनात्मक सुझाव समृद्धि का शताब्दी पर्व महाभियान के अंतगर्त प्रदेशवासियों को विगत 8 वर्ष के विकास के बारे में दी गई जानकारी 75 जनपदों के नोडल अधिकारियों एवं प्रबुद्ध जनों द्वारा नागरिकों से विकास हेतु रोड मैप पर चर्चा कर लिया गया फीडबैक सोनभद्र, बदाऊं, गौतमबुद्ध नगर से नागिरकों ने विकसित प्रदेश बनाने को लेकर दिए सुझाव इंफ्रास्ट्रक्चर, परिवहन, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में विकास को लेकर मिली सलाह पर्यटन क्षेत्र में वृद्धि से उत्तर प्रदेश बनेगा वन ट्रिलियन इकॉनमी डॉलर की अर्थव्यवस्था भारत की ऊर्जा राजधानी सोनभद्र में पर्यटन विकास की असीम संभावनाएं बदाऊं में शहरी-ग्रामीण क्षेत्रों के विकास से विकसित होगा प्रदेश लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश को विकसित प्रदेश बनाने के लिए “समर्थ उत्तर प्रदेश विकसित उत्तर प्रदेश @2047- समृद्धि का शताब्दी पर्व महाभियान” के विजन पर कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 2047 तक उत्तर प्रदेश को विकसित प्रदेश बनाने के लेकर दृढ़संकल्पित हैं। इसके अंतर्गत 75 जनपदों में नोडल अधिकारियों एवं प्रबुद्ध जनों द्वारा भ्रमण कर विभिन्न लक्षित समूहों-छात्र, शिक्षक, व्यवसायी, उद्यमी, कृषक, स्वयं सेवी संगठन श्रमिक संघठन, मीडिया एवं आम जनमानस के साथ विगत 8 वर्षों से प्रदेश की विकास यात्रा के संबंध में जानकारी दी गई तथा विकास हेतु रोड मैप पर चर्चा कर फीडबैक प्राप्त किया गया। भारत की ऊर्जा राजधानी सोनभद्र में पर्यटन विकास की असीम संभावनाएं इसके अंतर्गत सोनभद्र से निशांत वर्मा का सुझाव है कि सोनभद्र जिसे "भारत की ऊर्जा राजधानी’’ के रूप में जाना जाता है, 2047 तक एक प्रमुख पर्यावरण-सांस्कृतिक पर्यटन केंद्र बनने की स्थिति में है। यह India 2047 और टिकाऊ शहरों (SDG 11) और सभ्य कार्य (SDG 8) पर संयुक्त राष्ट्र SDG का समर्थन करता है। जिले के अनूठे आकर्षण- 1400 मिलियन वर्ष पुराने जीवाश्मों वाला सलखन जीवाश्म पार्क, लखनिया दरी जलप्रपात, रिहंद बांध और विजयगढ़ किला एकीकृत पर्यटन सर्किट के लिए व्यापक संभावनाएं प्रदान करते हैं। पीएम गति शक्ति के तहत बेहतर सड़क और रेल संपर्क के साथ, सोनभद्र 2030 तक पर्यटकों के आगमन में 12-15% वार्षिक वृद्धि हासिल कर सकता है। इसका लक्ष्य 2047 तक सालाना 5-6 मिलियन पर्यटकों का आगमन करना है। पर्यावरण-पर्यटन, साहसिक खेलों, सांस्कृतिक उत्सवों और आदिवासी हस्तशिल्प को बढ़ावा देने से समावेशी आजीविका का सृजन होगा। विरासत संरक्षण, बुनियादी ढांचे के विकास और सामुदायिक भागीदारी में संतुलन बनाकर सोनभद्र पूर्वी उत्तर प्रदेश के पर्यटन प्रवेश द्वार के रूप में उभर सकता है, जो 2047 तक भारत की अनुमानित 1 ट्रिलियन डॉलर की पर्यटन अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देगा। बदाऊं में शहरी-ग्रामीण क्षेत्रों के विकास से विकसित प्रदेश संभव बदाऊं से अक्षत कुमार सिंह ने भी विजन “समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश @2047” के लिए सुझाव दिया है। उनका कहना है कि शासन और सार्वजनिक सेवा वितरण को मज़बूत करने के लिए सरकार को सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अवसंरचना और डिजिटल परिवर्तन में निवेश करना होगा। ई-गवर्नेस प्लेटफॉर्म का एक मज़बूत नेटवर्क बनाने से पारदर्शिता, दक्षता और तेज नागरिक सेवाएं संभव होगी। क्लाउड आधारित प्रणालियां, एआई-संचालित विश्लेषण और सुरक्षित डिजिटल रिकॉर्ड भ्रष्टाचार को कम कर सकते हैं। मैन्युअल देरी को कम कर सकते हैं। ग्रामीण और अर्थ-शहरी क्षेत्रों को किफायती इंटरनेट पहुंच और डिजिटल साक्षरता कार्यक्रमों से लैस किया जाना चाहिए ताकि सभी नागरिक समान रूप से लाभान्वित हो सकें। सरकारी विभाग सूचनाओं को निर्बाध रूप से साझा करने और त्वरित निर्णय लेने को सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीकृत डेटा प्रबंधन प्रणालियों को अपना सकते हैं। संवेदनशील डेटा और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए साइबर सुरक्षा उपायों को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए। आईटी में सार्वजनिक-निजी भागीदारी को प्रोत्साहित करने से नवाचार और लागत प्रभावशीलता को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा, सुगम लेनदेन के लिए डिजिटल भुगतान प्रणालियों और मोबाइल एप्लिकेशन का विस्तार किया जाना चाहिए। आईटी को पूरी तरह से अपनाकर, सरकार एक आधुनिक, पारदर्शी और नागरिक केंद्रित प्रशासन स्थापित कर सकती है जो दीर्घकालिक विकास को बढ़ावा देता है। गौतमबुद्ध नगर में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार से होगा विकास गौतमबुद्ध नगर से बबली प्रजापति जी के अनुसार स्वास्थ्य सेवा में सुधार के लिए सुझाव निवारक और सामुदायिक चिकित्सा पर जोर, स्वास्थ्य सेवा शिक्षा में निवारक और सामुदायिक चिकित्सा को अधिक महत्व दिया जाना चाहिए। निजी संस्थानों में फीस को नियंत्रित और निजी संस्थानों और मानद विश्वविद्यालयों में फीस और शुल्कों को विनियमित करके आयुर्वेदिक शिक्षा को सस्ता और अधिक सुलभ बनाया जाना बाहिए। आयुष औषधालयों और अस्पतालों के उन्नयन पर भी जोर देने की बात कही। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकारी आयुष औषधालयों और अस्पतालों का उन्नयन किया जाना चाहिए और नए आयुष औषधालयों की स्थापना की जानी चाहिए। ये भी सुझाव आया कि प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में आयुष सुविधाओं की स्थापना होनी चाहिए। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पतालों में आयुष सुविधाओं की सह-स्थापना की जानी चाहिए। आयुष जन स्वास्थ्य कार्यक्रम को बढ़ावा देने की भी सलाह दी। आयुष जन स्वास्थ्य कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। शिक्षा और प्रशिक्षण में सुधार के लिए सुझाव, शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम, आयुष शिक्षकों और पेशेवरों के लिए नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम, कार्यशालाएं और सेमिनार आयोजित किए जाने चाहिए। आम जनमानस की राय एवं सुझाव पोर्टल से प्राप्त हुए समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश @2047 के बारे में प्रदेश के नागरिकों से samarthuttarpradesh.up.gov.in पर अब तक कुल 9,374,946 फीडबैक प्राप्त हुए हैं। जिनमें से 7,237,136 सुझाव ग्रामीण क्षेत्रों से और 2,137,810 सुझाव नगरीय क्षेत्रों से आए हैं। इनमें 4,683,375 सुझाव आयु वर्ग 31 वर्ष से कम, 4,255,453 सुझाव 31-60 वर्ष के आयु वर्ग, तथा 436,118 सुझाव 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग से प्राप्त हुए है। विभिन्न क्षेत्रों से प्राप्त सुझावों का विवरण निम्न प्रकार है: कृषि-2541,739, पशुधन एवं डेरी 387.087, इंडस्ट्री-377,585 आईटी एवं टेक. 281,887, पर्यटन-224,551, ग्रामीण विकास 1.843,620, इनक्रा-86,074, संतुलित विकास-129,157, समाज कल्याण-704,711, नगरीय एवं स्वास्थ्य-632,799, शिक्षा क्षेत्र- 1,988,044 तथा सुरक्षा सम्बंधित 177.690 सुझाव मिले है। जनपदों के अनुसार फीडबैक में टॉप पाच में जौनपुर (842.482) संभल (807,236), गाजीपुर (352,817), गाजियाबाद (291,166) और हरदोई (221.580) शामिल हैं। वहीं बॉटम पाँच में गौतमबुद्ध नगर (51.325), मधुरा (55,019), इटावा (55.399), बलरामपुर 157.553), और बागपत (60.233) से न्यूनतम फीडबैक … Read more

वीरांगना ऊदा देवी पासी की प्रतिमा का अनावरण करेंगे रक्षा मंत्री व सीएम योगी

वीरांगना ऊदा देवी पासी का बलिदान दिवस रविवार 16 नवम्बर को स्वाभिमान समारोह का भी उद्घाटन करेंगे रक्षा मंत्री व मुख्यमंत्री  रविवार को सेक्टर-19 वृंदावन कॉलोनी, पासी चौराहा लखनऊ में होगा आयोजन लखनऊ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को प्रदेश की राजधानी लखनऊ में वीरांगना ऊदा देवी पासी की प्रतिमा का अनावरण करेंगे। शौर्य, त्याग व बलिदान की प्रतिमूर्ति वीरांगना ऊदा देवी पासी का रविवार को बलिदान दिवस है। इस दौरान स्वाभिमान समारोह का भी उद्घाटन होगा। यह आयोजन रविवार सुबह 10 बजे सेक्टर-19 वृंदावन कॉलोनी, पासी चौराहे पर होगा। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक समेत कई जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे। गौरतलब है कि वीरांगना ऊदा देवी पासी ने 1857 के प्रथम भारतीय स्वाधीनता संग्राम में अपने अदम्य साहस व पराक्रम से 36 अंग्रेज सैनिकों को मौत के घाट उतारकर वीरगति का वरण किया था। इसलिए वीरांगना ऊदा देवी के बलिदान दिवस पर यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है।

25 नवंबर का दिन बनेगा स्वर्णिम,ध्वजारोहण के साथ मंदिर पूर्णता की ओर

सुरक्षा अभेद्य, आधार अनिवार्य,अतिथियों के लिए विशेष व्यवस्था तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की घोषणा,ध्वजारोहण मंदिर निर्माण यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव होम स्टे से कारसेवकपुरम तक ठहरने की व्यापक तैयारी, भोजन-पानी की पूरी व्यवस्था रामलला के दर्शन और प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम दोपहर 2 बजे तक चलेगा अयोध्या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सीधे निगरानी में अयोध्या एक बार फिर इतिहास के स्वर्णिम क्षण का साक्षी बनने जा रही है। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के भव्य निर्माण के बाद अब 25 नवंबर को एक और ऐतिहासिक अध्याय लिखा जाएगा, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंदिर के मुख्य शिखर पर ध्वजारोहण करेंगे। इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंदिर परिषद में मौजूद रहेंगे। यह क्षण न केवल मंदिर की पूर्णता का संदेश पूरे विश्व तक पहुंचाएगा, बल्कि सदियों से रामभक्तों की आस्था और संघर्ष का प्रतीक बनकर उभरेगा। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा कि ध्वजारोहण के साथ मंदिर निर्माण यात्रा अपने सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुंचेगी। यह आयोजन हर रामभक्त के लिए अविस्मरणीय और आध्यात्मिक रूप से अत्यंत ऊर्जावान होगा। छह हजार विशिष्ट अतिथि होंगे शामिल ट्रस्ट की ओर से आयोजित इस भव्य समारोह में पूर्वी उत्तर प्रदेश, अयोध्या मंडल तथा आसपास के जिलों से करीब छह हजार चुनिंदा मेहमान शामिल होंगे। सभी मेहमानों को 24 नवंबर को ही अयोध्या पहुंचने का अनुरोध किया गया है, ताकि किसी प्रकार की भीड़ या असुविधा की स्थिति न बने। प्रवेश के लिए सुबह 7:30 बजे से 9:00 बजे तक का समय निर्धारित किया गया है, जिसके लिए सभी को अधिकृत पास प्रदान किए जाएंगे। दोपहर दो बजे तक चलेगा कार्यक्रम ध्वजारोहण कार्यक्रम दोपहर लगभग दो बजे तक चलेगा। सुरक्षा कारणों से आधार कार्ड साथ लाना अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा कोई भी व्यक्ति लाइसेंसी रिवॉल्वर या किसी प्रकार का हथियार लेकर मंदिर परिसर में प्रवेश नहीं कर सकेगा। महासचिव चंपत राय ने स्पष्ट अपील की है कि मेहमान समारोह में बिना किसी हथियार के ही आएं। भोजन-पानी और ठहरने की विशेष व्यवस्था भीड़ और असुविधा से बचाने के लिए इस बार प्रशासन और ट्रस्ट ने बड़े स्तर पर तैयारियां की हैं। ठहरने के लिए आश्रम, होम स्टे, बाग बिगेसी, कारसेवकपुरम आदि स्थानों पर लगभग तीन हजार लोगों के लिए ठोस व्यवस्था की गई है। शेष मेहमानों को अन्य सुरक्षित स्थलों पर ठहराया जाएगा। मंदिर परिसर के भीतर ही बैठने की उचित व्यवस्था रहेगी। सभी मेहमानों के लिए भोजन एवं पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। समारोह के दौरान मेहमान रामलला के दर्शन करेंगे तथा कार्यक्रम के अंत में सभी को पवित्र प्रसाद वितरित किया जाएगा। यह प्रसाद रामलला की कृपा एवं आशीर्वाद का प्रतीक माना जा रहा है। अयोध्या के विकास और मंदिर की महिमा का वैश्विक संदेश यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि अयोध्या के तेजी से बदलते स्वरूप और राम मंदिर की भव्यता का वैश्विक प्रदर्शन भी है। प्रधानमंत्री द्वारा मंदिर के मुख्य शिखर पर किया जाने वाला ध्वजारोहण इस बात का प्रतीक होगा कि सदियों की प्रतीक्षा के बाद रामलला अब अपने दिव्य और भव्य मंदिर में विराजमान हैं। चंपत राय का कहना है कि यह ध्वजारोहण मंदिर निर्माण के अंतिम चरण की औपचारिक घोषणा जैसा होगा, जिसके बाद दुनिया को यह संदेश जाएगा कि मंदिर का स्वरूप अब पूर्णता की ओर अग्रसर है। योगी सरकार के निर्देश पर प्रशासन ने झोंक दी है पूरी ताकत  कार्यक्रम को भव्य और त्रुटिहीन बनाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रशासन, पुलिस और ट्रस्ट लगातार तैयारी में जुटे हैं। सुरक्षा के अभेद्य इंतजाम किए गए हैं। यातायात व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन, अतिथियों की सुरक्षा और सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। कुल मिलाकर, 25 नवंबर का दिन अयोध्या के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज होने वाला है। मंदिर के शिखर पर फहराते ध्वज और प्रधानमंत्री मोदी का यह ऐतिहासिक क्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए भी स्मरणीय बन जाएगा।

अयोध्या योगी सरकार में विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है

अयोध्या के विकास में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और सीएम योगी की दूरदर्शी सोच का योगदान 2031 तक अयोध्या को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस आध्यात्मिक शहर बनाने का प्लान  लखनऊ अयोध्या आज विश्व के मानचित्र पर धार्मिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और विकसित शहर के रूप में समृद्धि और विकास के नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। अयोध्या के विकास का श्रेय उत्तर प्रदेश के दूरदर्शी और दृढ़संकल्पित मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जाता है। श्रीराम मंदिर के निर्माण के पहले से ही सीएम योगी अयोध्या को उसके गौरवशाली इतिहास को पुन: वापस दिलाने के लिए योजना पर काम कर रहे हैं। अयोध्या में आज देशी विदेशी पर्यटक बड़ी तादाद में आ रहे हैं और अर्थव्यवस्था के विकास में अपना योगदान दे रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिशा निर्देश में रामनगरी के विकास के लिए अनेकों प्लान बनाए गए हैं और उसको विभिन्न विभागों के साथ मिलकर धरातल पर उतारा जा रहा है।     अयोध्या मास्टर प्लान 2031 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए एक व्यापक मास्टर प्लान तैयार किया और उसके क्रियान्वयन के लिए संबंधित विभागों को कड़े निर्देश दिए। शहर के नगर नियोजन के लिए 1000 करोड़ से ज्यादा धनराशि उपलब्ध कराकर एक व्यापक शहरी खाका खींचा। ये मास्टर प्लान 133.67 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में विकास की योजनाओं को मूर्त रूप दे रहा है।  इसके जरिए अयोध्या को एक आधुनिक, सतत, और आध्यात्मिक नगर के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस बात का भी ध्यान रखा जा रहा है कि रामनगरी में बढ़ती पर्यटकों की संख्या के अनुसार इंफ्रास्ट्रक्चर को तैयार किया जाए। अयोध्या में जनवरी-जून, 2025 के बीच करीब 24 करोड़ पर्यटक आए। अनुमान लगाया जा रहा है कि साल के अंत तक पर्यटकों की संख्या का आंकड़ा 50 करोड़ पार कर जाएगा। यही वजह है कि अयोध्या में पर्यटकों की हर सुख सुविधा का ध्यान रखा जा रहा है। इसमें इस बात का खास ध्यान रखा गया है कि सड़कों, जल निकासी, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, आवास और हरित क्षेत्रों के उन्नयन पर विशेष फोकस रहे।  अयोध्या ग्रीनफील्ड टाउनशिप अयोध्या ग्रीनफील्ड टाउनशिप के तहत 1407 एकड़ में 2180 करोड़ रुपये की ज्यादा लागत से स्मार्ट और पर्यावरण-अनुकूल टाउनशिप विकसित हो रही है। इस टाउनशिप योजना का विकास वैदिक प्रस्तार योजना के तहत हो रहा है। इसका उद्देश्य भविष्य में बढ़ने वाले पर्यटकों की संख्या और जनसंख्या दबाव को संतुलित ढ़ंग से प्रबंधित करना है।  महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा अयोध्या में हर साल पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है। रामलला के दर्शन के लिए न केवल देश बल्कि विदेशी श्रद्धालु भी बड़ी संख्या में आ रहे हैं। ऐसे में अयोध्या में एक अत्याधुनिक हवाई अड्डे की भी आवश्यकता थी। इसी को ध्यान में रखते हुए डबल इंजन सरकार ने 1450 करोड़ की लागत से आधुनिक एयरपोर्ट का विकास किया। महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा 2023 से सफलतापूर्वक संचालित है। इस एयरपोर्ट में 6000 वर्ग मीटर का टर्मिनल और बड़े विमानों के लिए रनवे है। यह एयरपोर्ट अयोध्या को भारत के प्रमुख शहरों और अंतरराष्ट्रीय शहरों से जोड़ता है।   अयोध्या धाम जंक्शन रेलवे स्टेशन अयोध्या में आने वाले पर्यटकों की सुविधा का ध्यान रखने के लिए रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास और आधुनिकीकरण किया गया है। रेलवे स्टेशन को तीन मंजिला बनाया गया है। इस रेलवे स्टेशन में लिफ्ट, एस्केलेटर, फूड प्लाजा और प्रतीक्षालय जैसी आधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं। ये रेलवे स्टेशन लाखों की संख्या में आने वाले पर्यटकों को सुविधाएं प्रदान कर रहा है।  आउटर रिंग रोड अयोध्या शहर में ट्रैफिक के दबाव को कम करने के लिए 67.17 किलोमीटर लंबी, 4/6 लेन की अयोध्या आउटर रिंग रोड परियोजना पर काम हो रहा है। यह परियोजना लगभग 3,935 करोड़ की लागत से बनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य शहर में बढ़ते ट्रैफिक के दबाव को कम करना और पड़ोसी जिलों लखनऊ, रायबरेली, सुल्तानपुर, बाराबंकी, बस्ती और गोंडा से आने वालों को सुविधाजनक यातायात व्यवस्था देना है। इसके जरिए राष्ट्रीय राजमार्गों सुविधाजनक संपर्क स्थापित करना है।   राम की पैड़ी का आधुनिकीकरण पर्यटकों को अयोध्या आकर दिव्यता और भव्यता का अनुभव हो इसके लिए करीब 24 करोड़ की लागत से राम की पैड़ी का कायाकल्प किया गया है। इसमें 350 मीटर लंबी सीढ़ी, 20000 दर्शकों के लिए विशाल दर्शक दीर्घा और मिनी एम्पीथिएटर को बनाया गया है। इसमें दर्शकों के लिए एक सेल्फी प्वाइंट का निर्माण किया गया है जिसमें भगवान राम की भव्य मूर्तियां स्थापित की गई हैं।  गुप्तार घाट पुनर्विकास मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन का ही परिणाम है कि जो गुप्तार घाट पहले उपेक्षित था आज वही घाट सुंदरता का प्रतिमान बन गया है। लगभग 77 करोड़ की लागत से गुप्तार घाट को पुनर्विकसित किया गया है। इसमें लगभग 1 किमी लंबा तटबंध, खुला रंगमंच, पार्क और आधुनिक जलक्रीड़ा और नौकायन सुविधाएं उपलब्ध हैं।  होटल और आवास सुविधाएं करोड़ों की संख्या में आने वाले पर्यटकों को सुख सुविधा प्रदान करने के लिए प्रमुख होटल कंपनियां 350 करोड़ से अधिक का निवेश कर रही हैं। इससे अयोध्या में न केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी बल्कि स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा अयोध्या की प्राचीनता को अक्षुण्ण रखने के लिए योगी सरकार का विशेष निर्देश है। इसी वजह से राम कथा संग्रहालय, तुलसी स्मारक भवन, परिक्रमा मार्ग विकास को संरक्षित और संवर्धित किया गया है। इसी तरह पर्यटकों को वाहन पार्किंग में असुविधा न हो उसके लिए मल्टी लेवल कार पार्किंग का भीड़भाड़ वाली जगहों पर निर्माण किया जा रहा है।