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सीएम योगी का बड़ा बयान: यूपी में जनजातीय संरक्षण को मिलेगी नई रफ्तार

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश सरकार जनजातियों के संरक्षण और प्रोत्साहन के लिए मिशन मोड में काम कर रही है। पहले नौकरी में उनको उचित भागीदारी नहीं मिल पाती थी। उनके कोटे की पूरी सीटें नहीं भर पाती थीं। हमने पुलिस की 60244 भर्तियां की तो इसमें आरक्षित कोटे की सभी सीटें अनुसूचित जातियों और जनजातियों से ही भरी। यह दर्शाता है कि सरकारी योजनाओं में उनको उचित भागीदारी मिल रही है। उनकी शिक्षा का स्तर बढ़ रहा है।   उन्होंने कहा कि धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा का जीवन सबके लिए प्रेरणादायी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके व्यक्तित्व और कृतित्व को पूरा देश जान सके, यह अवसर जनजातीय गौरव पखवाड़ा के माध्यम से पूरे देश को उपलब्ध कराया है। मुख्यमंत्री इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में जनजातीय भागीदारी महोत्सव के उद्घाटन अवसर पर बोल रहे थे। इस मौके पर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह, समाज कल्याण विभाग के राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार असीम अरुण मौजूद रहे। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ सोमवार को जनजातीय संस्कृति, परंपरा और गौरव के रंगों में सराबोर रही। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, गोमती नगर में जनजाति भागीदारी उत्सव का शुभारंभ करते हुए न सिर्फ ढोलक की थाप से कार्यक्रम की शुरुआत की, बल्कि कहा कि जनजातीय समाज भारतीय संस्कृति की आत्मा है, जिसने हजारों वर्षों तक प्रकृति और परंपरा के संतुलन को बनाए रखा। यह विशेष उत्सव भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है, जो 13 से 18 नवंबर 2025 तक चलेगा। इसमें उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनजातीय समूहों के लोक कलाकार, कारीगर, छात्र और प्रतिनिधि अपनी कला, संस्कृति और परंपरा का प्रदर्शन करेंगे।  

योगी आदित्यनाथ बोले: जो भ्रष्टाचार करते हैं, वे राष्ट्रगान से भी कतराते हैं

बाराबंकी  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रीय एकता यात्रा के शुभारंभ के दौरान कहा कि कोई भी मत, मजहब या जाति राष्ट्र से बड़ा नहीं हो सकता। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि राष्ट्र प्रथम होना चाहिए और वंदे मातरम के विरोध को राष्ट्रीय एकता की सबसे बड़ी बाधा बताया। योगी ने लोगों से ऐसे चेहरों को पहचानने की अपील की जो सरकारी योजनाओं का लाभ तो लेते हैं, लेकिन वंदे मातरम गाने से इनकार करते हैं। मुख्यमंत्री ने जातिवाद, परिवारवाद और क्षेत्रवाद को समाज के लिए हानिकारक बताया और कहा कि मत-मज़हब के नाम पर विभाजन स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती समारोह के अवसर पर 1734 करोड़ रुपये की 254 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को चेक और प्रमाण-पत्र भी वितरित किए गए। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वंदे मातरम भारत माता की वंदना है और इसका विरोध करने वाले वास्तव में भारत माता का विरोध करते हैं। उन्होंने बताया कि यह गीत गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर द्वारा स्वरबद्ध किया गया और स्वतंत्रता संग्राम के समय क्रांतिकारियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहा। उन्होंने कहा कि इस गीत का विरोध नए भारत की राष्ट्रीयता की भावना के विपरीत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह वर्ष महत्वपूर्ण है क्योंकि सरदार पटेल की 150वीं जयंती, वंदे मातरम की रचना के 150 वर्ष, भगवान बिरसा मुंडा की जयंती तथा भारतीय संविधान के 75 वर्ष पूरे हो रहे हैं। उन्होंने महाकुंभ और अयोध्या में राम मंदिर के भव्य निर्माण का भी उल्लेख किया, जहां 25 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन का कार्यक्रम है। योगी आदित्यनाथ ने ब्रिटिश शासन की नीतियों पर कहा कि अंग्रेज भारत की एकता नहीं चाहते थे। उन्होंने बताया कि कैसे सरदार पटेल ने 563 रियासतों को भारत में सम्मिलित कर देश की अखंडता सुनिश्चित की। जूनागढ़ के नवाब और हैदराबाद के निजाम के भारत में विलय से इनकार करने पर सरदार पटेल ने सख्त रुख दिखाया, जिससे दोनों को झुकना पड़ा। मुख्यमंत्री ने कुछ सेक्युलरवादियों पर निशाना साधते हुए कहा कि नवाब मोहम्मदाबाद, जो मुस्लिम लीग का कोषाध्यक्ष था, पाकिस्तान के लिए धन एकत्र करता था और बाद में भागकर पाकिस्तान चला गया। उन्होंने कहा कि ऐसी संपत्तियां ‘शत्रु संपत्ति’ हैं और इन पर केवल भारत सरकार और नागरिकों का अधिकार है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एकता देश की आन, बान और शान है। वंदे मातरम को बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने स्वाधीनता आंदोलन के लिए अमृत मंत्र के रूप में रचा था और क्रांतिकारी इसे गाते हुए फांसी पर चढ़ जाते थे। योगी ने राष्ट्र सुरक्षा और एकता के मार्ग में व्यक्तिगत दुश्मनी या मित्रता को बाधा न बनने देने की अपील की। मुख्यमंत्री ने चेताया कि देश विदेशी हमलावरों द्वारा इसलिए गुलाम हुआ क्योंकि उन्होंने भारतीयों को आपस में लड़ाया। उन्होंने कहा कि इतिहास आत्मावलोकन का अवसर देता है और उससे प्रेरणा लेकर भविष्य को सशक्त बनाना चाहिए।

सीएम योगी की अगुवाई में बही देशभक्ति की बयार, गूंजा एकता का उद्घोष

लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती समारोह के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री ने किया एकता यात्रा का शुभारंभ रास्ते भर पुष्पवर्षा के बीच हुआ मुख्यमंत्री का जोरदार स्वागत अगणित हाथों में लहराता रहा तिरंगा, सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी हुई प्रस्तुति रानी लक्ष्मीबाई, ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा और भारत माता व बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के चित्रों पर सीएम ने अर्पित की पुष्पांजलि गोरखपुर, “राष्ट्र प्रथम” की भावना में उत्साह, उमंग और उल्लास से सराबोर जनसमूह, अगणित हाथों में लहराता तिरंगा, “वंदे मातरम्” और “भारत माता की जय” के गूंजते स्वर, तथा पुष्पवर्षा की निर्बाध श्रृंखला—इन सभी ने सोमवार को गोरखपुर को देशभक्ति के एक अद्भुत दृश्य का साक्षी बना दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में यह दृश्य लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती समारोह के उपलक्ष्य में निकाली गई एकता यात्रा के दौरान देखने को मिला। मुख्यमंत्री ने अपने गृह विधानसभा क्षेत्र गोरखपुर शहर से इस ऐतिहासिक यात्रा का शुभारंभ किया। नगर निगम परिसर से गीता वाटिका के पास स्थित विश्वंभर पाठक पार्क तक निकली इस यात्रा में एकता और राष्ट्रीय गर्व की भावना पूरी तरह उमड़ पड़ी। मुख्यमंत्री योगी गोलघर काली मंदिर के पास सरदार पटेल चौराहे तक स्वयं पदयात्रा में भी सम्मिलित हुए। यात्रा का शुभारंभ करने से पहले मुख्यमंत्री ने नगर निगम परिसर में अपने गुरुदेव राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन अवेद्यनाथ जी महाराज की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इसके पश्चात नगर निगम पार्क में रानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर प्रथम स्वातंत्र्य समर की वीरांगना को नमन किया। मंच पर पहुंचकर मुख्यमंत्री ने भारत माता और “वंदे मातरम्” के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के चित्रों पर भी पुष्पांजलि अर्पित की।      मंच से अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने सरदार पटेल और “वंदे मातरम्” से जुड़े प्रसंगों के माध्यम से जनसमूह का मार्गदर्शन किया। इसके बाद उन्होंने नगर निगम के बाहर टाउनहाल स्थित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर एकता यात्रा का औपचारिक शुभारंभ किया।     यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री के साथ जलशक्ति मंत्री सहित अनेक जनप्रतिनिधिगण कदम से कदम मिलाकर चल रहे थे। अपार जनसमूह इस यात्रा में शामिल हुआ। लोग तिरंगा झंडा हाथों में लिए “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” के उद्घोष कर रहे थे। जैसे-जैसे यात्रा आगे बढ़ती गई, पूरा मार्ग राष्ट्रीय ध्वज के रंगों में रंग गया। टाउनहाल से लेकर पटेल चौराहा (गोलघर काली मंदिर) तक सड़कों के किनारे खड़े हर उम्र वर्ग के लोगों तथा विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और व्यापारिक संगठनों ने पुष्पवर्षा कर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए सभी का अभिवादन स्वीकार किया। इस दौरान गांधी आश्रम के पास एक बालक सरदार पटेल का चित्र लिए खड़ा था। जिसे मुख्यमंत्री ने बुलाकर उसके हटीं से सरदार पटेल की तस्वीर ली और आशीर्वाद दिया।       यात्रा मार्ग पर जलकल बिल्डिंग, गांधी आश्रम, बलदेव प्लाजा और काली मंदिर के समीप कलाकारों के दलों ने विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया। यात्रा के काली मंदिर पहुंचने पर सीएम योगी ने मां काली और अन्य देव विग्रहों का दर्शन-पूजन किया तथा मंदिर के सामने स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर यात्रा को गंतव्य की ओर रवाना किया।

गोरखपुर की एकता यात्रा में बोले सीएम योगी: जिन्ना के विचारों को जन्म से पहले ही खत्म करना होगा

गोरखपुर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को गोरखपुर में अखिल भारतीय मुस्लिम लीग के नेताओं मोहम्मद अली जिन्ना और मोहम्मद अली जौहर को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि जो लोग राष्ट्रीय गीत "वंदे मातरम" का विरोध करते हैं, वे भारत की एकता और अखंडता का अपमान कर रहे हैं। गोरखपुर में 'एकता यात्रा' और सामूहिक "वंदे मातरम" गायन में शामिल हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, "आज भी, हम उम्मीद करते हैं कि भारत में रहने वाला हर व्यक्ति राष्ट्र के प्रति वफादार रहेगा और इसकी एकता के लिए काम करेगा।" उन्होंने कहा, "अब हमारा कर्तव्य है कि हम उन सभी तत्वों की पहचान करें और उनका विरोध करें जो समाज को विभाजित करते हैं, चाहे वह जाति, क्षेत्र या भाषा के नाम पर हो। ये विभाजन नए जिन्ना पैदा करने की साजिश का हिस्सा हैं।" 'भारत में कोई नया जिन्ना फिर कभी न उभरे…' सीएम योगी ने लोगों से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि भारत में कोई नया जिन्ना फिर कभी न उभरे, और अगर कोई देश की अखंडता को चुनौती देने की हिम्मत करता है, तो "हमें ऐसी विभाजनकारी मंशा को जड़ जमाने से पहले ही दफना देना चाहिए।"   मुख्यमंत्री ने कहा, "भारत के प्रत्येक नागरिक को इस उद्देश्य के लिए एकजुट होना चाहिए।" मोहम्मद अली जिन्ना 1913 से 14 अगस्त 1947, पाकिस्तान के गठन तक अखिल भारतीय मुस्लिम लीग के नेता रहे। इसके बाद, एक साल बाद 1948 में अपनी मृत्यु तक वे पाकिस्तान के पहले गवर्नर-जनरल बने। मोहम्मद अली जौहर अखिल भारतीय मुस्लिम लीग के सह-संस्थापक थे।  

गोरखपुर से सीएम योगी का बड़ा फैसला — हर स्कूल में गूंजेगा ‘वंदे मातरम्’

गोरखपुर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में एकता पदयात्रा के दौरान बड़ा एलान किया है। सीएम योगी ने कहा कि अब यूपी के सभी स्कूलों में ‘वंदे मातरम्’ का नियमित और जरूरी गायन किया जाएगा। गोरखपुर में 'एकता यात्रा' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह कदम नागरिकों में भारत माता और मातृभूमि के प्रति श्रद्धा और गौरव की भावना को प्रेरित करेगा। उन्होंने कहा, "राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के प्रति सम्मान की भावना होनी चाहिए। हम उत्तर प्रदेश के प्रत्येक स्कूल और शिक्षण संस्थान में इसका गायन अनिवार्य करेंगे।" सीएम आदित्यनाथ ने कहा कि जाति, क्षेत्र, भाषा के नाम पर बांटने वाले तत्वों की पहचान करना हमारा कर्तव्य है। ये नए जिन्ना बनाने की साजिश का हिस्सा हैं। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि भारत में फिर कभी कोई नया जिन्ना न उभरे; विभाजनकारी इरादे को जड़ जमाने से पहले ही दफना देना होगा। गोरखपुर में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 'एकता यात्रा' और 'वंदे मातरम' सामूहिक गायन कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि 30 अक्तूबर को देशभर के हर जिले में 'रन फ़ॉर यूनिटी' के रूप में राष्ट्रीय एकता दौड़ का आयोजन किया गया। इस दौरान, भाजपा ने भी महान वल्लभभाई पटेल के जीवन और कार्यों पर केंद्रित कार्यक्रमों का आयोजन शुरू किया। सरकारी स्तर पर भी कई कार्यक्रम शुरू किए गए। चाहे स्वदेशी की बात हो या आत्मनिर्भरता के कार्यक्रम, राष्ट्रीय एकता के मुद्दों को संबोधित करने वाली पहल को आगे बढ़ाया गया है, साथ ही देश भर में व्यापक जनजागरण अभियान भी चलाए गए हैं…"  

BJP का यूनिटी मार्च, सीएम योगी की अगुवाई में GBC-5 के लिए बढ़ाई गई तैयारियां

लखनऊ  लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों के तहत भाजपा ने सोमवार से यूनिटी मार्च शुरू कर दिया। यह पदयात्राएं 20 नवंबर तक होंगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह चौधरी, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक सहित प्रदेश सरकार के मंत्री, सांसद और विधायक पदयात्राओं का नेतृत्व कर रहे हैं। सीएम योगी गोरखपुर में यूनिटी मार्च की अगुवाई कर रहे हैं। पार्टी से मिली जानकारी के मुताबिक, इन यात्राओं का आयोजन विधानसभा क्षेत्रों के स्तर पर होगा। पदयात्राओं के दौरान जनमानस को सरदार पटेल के ऐतिहासिक निर्णयों और राष्ट्रीय एकता में उनके योगदान के बारे में बताया जाएगा। उधर, उत्तर प्रदेश में जल्द आयोजित होने वाले ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी (जीबीसी-5) के आयोजन को लेकर सोमवार को कंपनी के चयन पर विचार किया जाएगा। इसके लिए इंवेस्ट यूपी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) विजय किरण आनंद की अध्यक्षता में छह सदस्यीय समिति का गठन कर दिया है। समिति में इन्वेस्ट यूपी के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी, वित्त नियंत्रक, महाप्रबंधक (विधि) व महाप्रबंधक (निवेश प्रोत्साहन) को सदस्य तथा महाप्रबंधक (इवेंट) को सदस्य सचिव बनाया गया है। औद्योगिक विकास विभाग ने जीबीसी के लिए विभिन्न विभागों को दिए गए लक्ष्यों की प्राप्ति की समीक्षा भी शुरू कर दी है। इन्वेस्ट यूपी की टीमें रोजाना 29 विभागों के साथ संपर्क कर लक्ष्य की प्राप्ति की रिपोर्ट ले रही हैं। अभी तक करीब तीन लाख करोड़ रुपये की निवेश परियोजनाओं का लक्ष्य प्राप्त किया जा चुका है। शेष दो लाख करोड़ रुपये के लक्ष्य को भी अगले एक सप्ताह में प्राप्त करने की कोशिश की जा रही है। यूपी के सभी स्कूलों में वंदे मातरम् गाना जरूरी, CM योगी ने किया ऐलान सीएम योगी आदित्यनाथ ने यूपी के सभी स्कूलों और शिक्षण संस्थाओं में वंदे मातरम् का गायन अनिवार्य करने का ऐलान किया है। सोमवार को उन्होंने गोरखपुर में एकता यात्रा का आरंभ करने से पहले कहा कि हम इसे अनिवार्य करेंगे जिससे हर नागरिक के मन में अपनी मातृभूमि के प्रति श्रद्धा और सम्मान का भाव जागृत हो। नया जिन्ना चुनौती दे इससे पहले उसे दफन करना होगा, एकता यात्रा में गरजे योगी सीएम योगी ने कहा कि जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर विभाजन देश में नए जिन्ना को पैदा करने की साजिश का हिस्सा है। अब भारत के अंदर फिर से कोई नया जिन्ना पैदा न होने पाए। वो जिन्ना यदि पैदा होने की कोशिश करता है तो इससे पहले कि वो भारत की एकता को चुनौती दे हमें उसे दफ्न कर देना होगा।

न्यूजीलैंड ने वनडे स्क्वॉड का किया ऐलान, फिट होकर लौटे मैट हेनरी

लखनऊ बिहार विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के स्टार प्रचारक की भूमिका में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के लोग लालटेन लेकर आते थे, केरोसिन बेच देते थे। फिर अंधेरे में डकैती डालते थे। अराजकता पैदा करना इनका जन्मसिद्ध अधिकार है। लौरिया के विधायक, भाजपा प्रत्याशी व भोजपुरी कलाकार विनय बिहारी के पक्ष में एक जनसभा को संबोधित करते हुये उन्होंने कहा ' पशुओं का चारा खाने वाले आपका राशन भी नहीं छोड़ेंगे। यह लोग विकास, गरीब कल्याण की योजनाएं रोक देंगे और फिर से जंगलराज पैदा करेंगे। यूपी में माफिया की छाती पर बुलडोजर गड़गड़ाकर चलता है  कांग्रेस व राजद के समय में बिहार में 60 से अधिक जातीय नरसंहार हुए थे। अपहरण की 30 हजार से अधिक घटनाएं हुईं। व्यापारी, इंजीनियर, चिकित्सक, बेटियों का लगातार अपहरण होता था। सरकार कारर्वाई की बजाय अपहरणकर्ताओं के सामने नतमस्तक होकर मध्यस्थता की बात करती थी। महागठबंधन में हिम्मत नहीं है कि अपराधियों पर जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्य कर सके।' उन्होने कहा ' यूपी को देखें, जब वहां माफिया की छाती पर बुलडोजर गड़गड़ाकर चलता है तो उनके आका भी थर-थर कांपते हैं। कांग्रेस, राजद खानदानी माफिया को गले से लगाते हैं कांग्रेस, राजद व इनके पाटर्नर आमजन की आस्था का अपमान, दंगाइयों को प्रश्रय, व्यापारियों का सरेआम अपहरण करने वालों और खानदानी माफिया को गले से लगाते हैं। इनकी संवेदना गरीबों के प्रति नहीं, बल्कि माफिया-गुंडों के प्रति है।' योगी ने कहा कि राजद, कांग्रेस वाले बहकाने आएंगे। जब यह 15 वर्ष सत्ता में थे तो नौजवानों को ठगते थे। नौकरी के बहाने उनकी जमीन हड़प डाली थी। अपहरण उद्योग बन चुका था। नया उद्योग नहीं लगता था। नीतीश कुमार के नेतृत्व में अपहरण उद्योग बंद हुआ। गुंडागर्दी रोकने पर प्रभावी कदम उठाए गए। विकास कार्यों को तेजी से बढ़ाया गया। अब नए भारत का नया बिहार है। जब बिहार समृद्ध होता है तो भारत समृद्ध होता है। अब लालटेन का समय नहीं …एलईडी की दूधिया रोशनी का समय  उन्होने लोगों से अपील की कि जिन्होंने 2005 के पहले बिहार के जंगलराज, अराजकता, गुंडागर्दी, भ्रष्टाचार को देखा है, वे वर्तमान पीढ़ी को भी बताएं। अब लालटेन का समय नहीं है। बिहार पीएम मोदी के मार्गदर्शन व नीतीश बाबू के नेतृत्व में एलईडी की दूधिया रोशनी में सुशासन की सुद्दढ़ नींव बनाने की ओर अग्रसर हुआ है। एनडीए ने पिछले 20 वर्ष राजद व कांग्रेस के पापों के गड्ढों को भरने, अराजकता-भ्रष्टाचार को नियंत्रित करने व सुशासन की आधारशिला को सुद्दढ़ करने में लगाया। समृद्ध बिहार की नींव पुख्ता करने के लिए प्रदेश बढ़ चुका है, इसलिए एनडीए सरकार बिहार में फिर से आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की योजनाओं को गिनाते हुये कहा कि मोदी सरकार ने 11 वर्ष में विकास की अनेक योजनाएं चलाईं तो बिहार में भी विकास की हर योजनाएं हैं। कांग्रेस की सरकार के समय में 50 हजार रुपये में सिलेंडर ब्लैक होता था, जबकि मोदी जी ने 10 करोड़ गरीबों को फ्री में रसोई गैस का सिलेंडर दिया।    भोजपुरी कलाकार दिनेश लाल यादव को बीजेपी ने सांसद बनाया  योगी ने कहा कि भोजपुरी की मिठास दुनिया में हर जगह पहुंची है। भोजपुरिया लोगों ने बंजड़ दीपों को भी उपजाऊ बनाने का कार्य किया है। भोजपुरी संस्कृति जहां भी गई, उस क्षेत्र को उपजाऊ बनाया। बिहार मैथिली और भोजपुरी छठ गीतों के माध्यम से वैश्विक पहचान दिलाने वाली शारदा सिन्हा की भी धरा है। उन्हें पद्म पुरस्कार एनडीए सरकार ने ही दिया। उन्होने कहा ' कलाकार भगवान की अनमोल धरोहर होते हैं। कला का सम्मान होना चाहिए। एनडीए ने भोजपुरी के बड़े कलाकार को लौरिया से मैदान में उतारा है। हमने भी यूपी में भोजपुरी के दो कलाकारों को चुनाव लड़ाया। मैंने गोरखपुर से अपनी संसदीय सीट छोड़कर भोजपुरी कलाकार रवि किशन को दी। भोजपुरी कलाकार दिनेश लाल यादव को भी हमने आजमगढ़ से सांसद बनवाया था। सुशासन की सुद्दढ़ नींव में ही स्वर्णिम बिहार की संकल्पना साकार होगी। लौरियावालों को अर्जुन की तरह एकटक निशाना केवल कमल के फूल पर रखकर ईवीएम बटन दबाना है। ईवीएम 14 को खुलेगी तो एनडीए की सरकार बनेगी  योगी ने कहा कि एनडीए के समर्थन में पहले चरण में बिहार की माताओं, किसानों, नौजवानों का उत्साह दिखा। बिहार की धरती पर 65 फीसदी मतदान बताता है कि 14 नवंबर को ईवीएम खुलेगी तो फिर एक बार एनडीए सरकार का नारा साकार होगा। उन्होने कहा कि आज वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण हुए हैं। 

सीएम योगी का संदेश: वंदे मातरम सिर्फ गीत नहीं, राष्ट्रभक्ति का प्रेरणास्रोत है

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण है। आजादी के आंदोलन का मंत्र बने वन्दे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर पीएम मोदी ने इस दिवस को स्मृति दिवस के रूप में आयोजित करने के लिए देशवासियों को नई प्रेरणा दी। सीएम ने कहा कि वन्दे मातरम् भारत की आजादी का अमर मंत्र बन गया था। उस दौरान विदेशी हुकूमत के द्वारा दी जाने वाली अनेक यातनाओं, प्रताड़नाओं की परवाह किए बिना भारत का हर नागरिक (स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, क्रांतिकारी) वन्दे मातरम् गीत के साथ गांव, नगर, प्रभातफेरी के माध्यम से भारत की सामूहिक चेतना के जागरण के अभियान से जुड़ चुका था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वन्दे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में अपनी बातें रखीं। इस दौरान राष्ट्रगीत का सामूहिक गायन हुआ और स्वदेशी का संकल्प भी लिया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रगीत के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय को नमन किया। मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। लोकभवन में उपस्थित लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय द्वारा आयोजित कार्यक्रम का लाइव प्रसारण भी देखा। सीएम योगी ने कहा कि 1875 में रचा गया यह गीत केवल आजादी का ही गीत नहीं रहा, बल्कि देश के अंदर आजादी के मंत्र को बढ़ाने में भी सफल हुआ। वन्दे मातरम् गीत संस्कृत व बांग्ला की सामूहिक अभिव्यक्ति को भले ही प्रदर्शित करता हो, लेकिन यह संपूर्ण भारत को राष्ट्र माता के भाव के साथ जोड़ने का अमर गीत बन गया। इसने भारत की शाश्वत अभिव्यक्ति को देशवासियों के सामने प्रस्तुत किया था। सीएम ने कहा कि जब विदेशी हुकूमत ने 1905 में बंग-भंग के माध्यम से भारत की भुजाओं को काटने का दुस्साहिक निर्णय लिया था, उस समय भी इस गीत ने पूरे भारतवासियों को एकजुट होकर प्रतीकार करने की प्रेरणा दी। उसके बाद के कालखंड में जब भी किसी क्रांतिकारी ने फांसी के फंदे को चूमा, तब उसके मुख से वंदे मातरम् मंत्र ही निकलता रहा। वन्दे मातरम् ने किया संपूर्ण भारत की सामूहिक अभिव्यक्ति का प्रतिनिधित्व   सीएम योगी ने कहा कि भारत की आजादी के आंदोलन के दौरान भी जब स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने कोई स्लोगन, फ्लैग दिया तो वन्दे मातरम् उसका स्वर बना। वन्दे मातरम् संपूर्ण भारत की सामूहिक अभिव्यक्ति का प्रतिनिधित्व करते हुए पूरे देश को एकता के सूत्र में बांधने वाला मंत्र बना। इस गीत ने हर भारतीय के मन में यह भाव रचने का प्रयास किया कि व्यक्ति जाति-मत-मजहब से ऊपर उठकर राष्ट्र के बारे में सोच सके और राष्ट्रप्रथम के भाव के साथ राष्ट्रमाता के प्रति सामूहिक अभिव्यक्ति हो। सीएम योगी ने वंदे मातरम् को भारत की भक्ति-शक्ति के सामूहिक शाश्वत अभिव्यक्ति का सामूहिक स्वरूप बताया। सीएम ने कहा कि वन्दे मातरम् के अमरगीत के साथ उसके 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में हम सभी इसके रचयिता को भी याद कर रहे हैं। संविधान सभा ने इस गीत को 24 जनवरी 1950 को भारत के राष्ट्रगीत के रूप में मान्यता दी। यह अमर गीत भारत को नई दिशा देने में हुआ है सफल सीएम योगी ने कहा कि यह भले ही बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के आनंद मठ के उस अमर उपन्यास पर आधारित है, जिन्होंने भारत व बंगाल में उस दौरान भूख से तड़पती, अकाल-अभाव से ग्रसित जनता के उन स्वरों को, जिसे संन्यासियों ने बाद में आंदोलन का रूप दिया। लेकिन वास्तव में यह अमर गीत भारत को नई दिशा देने व भारत की सामूहिक चेतना को आगे बढ़ाने में सफल हुआ है। आज इसके 150 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। यह गीत 150 वर्ष से भारत को प्रतिनिधित्व देते हुए नई राष्ट्रीयता का भाव पैदा करने में सफल हुआ है। कर्तव्यों के प्रति आग्रही बनाता है वन्दे मातरम् सीएम योगी ने कहा कि हम सब वन्दे मातरम् का हिस्सा हो सकते हैं। वन्दे मातरम् किसी उपासना विधि, किसी जाति-व्यक्ति का महिमा मंडन करने के प्रति नहीं, बल्कि हमारे कर्तव्यों के प्रति आग्रही बनाता है। सीएम ने बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर द्वारा 26 नवंबर 1949 को भारत के संविधान की ड्राफ्टिंग प्रति सौंपने का भी जिक्र किया। सीएम ने पीएम मोदी के उस कथन की चर्चा की औऱ कहा कि हम देश में रहते हैं, अधिकारों की बात करते हैं पर क्या कभी कर्तव्य के बारे में स्मरण किया है। कर्तव्य ऐसा हो, जो वर्तमान व भावी पीढ़ी के भविष्य को भी उज्ज्वल बना सके। वन्दे मातरम् राष्ट्रमाता के प्रति हमारे कर्तव्यों के प्रति हमें आग्रही बनाता है। उत्तर प्रदेश पिछले 8 वर्ष में जिन ऊंचाइयों की ओर अग्रसर हुआ है, यह हमारे कर्तव्यों की ही अभिव्यक्ति है। नागरिक जब स्वार्थ से उठकर कर्तव्य के मार्ग पर बढ़ता है तो सही मायने में वह वन्दे मातरम् का गान कर रहा होता है सीएम योगी ने कहा कि जब एक शिक्षक अपने छात्र को संस्कारवान बनाता है, जब जवान विपरीत परिस्थितियों (सियाचीन ग्लेशियर में जो जवान खड़ा होगा, वहां तापमान माइनस 40 होगा और  मई-जून में राजस्थान के रेगिस्तान में जो जवान सीमाओं की रक्षा कर रहा होगा, वह 55 डिग्री टेंपरेचर में भी गर्मी की परवाह किए बिना सीमाओं की सुरक्षा के लिए जूझता है) का सामना करते हुए भी देश की सीमाओं की रक्षा के लिए अडिग खड़ा रहता है। जब किसान खेती की उर्वरता को बढ़ाते हुए अन्न उत्पादन करता है और जब भारत का हर नागरिक स्वार्थ से उठकर कर्तव्यों के मार्ग पर बढ़ता है तो सही मायने में वह वन्दे मातरम् का गान कर रहा होता है। इस दौरान मुख्य सचिव एसपी गोयल, प्रमुख सचिव (गृह) संजय प्रसाद, पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण, कृषि उत्पादन आयुक्त दीपक कुमार आदि मौजूद रहे।  

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वन्दे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम को किया संबोधित

भारत की आजादी का अमर मंत्र बन गया था वन्दे मातरम्ः सीएम योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वन्दे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम को किया संबोधित वन्दे मातरम् का किया गया सामूहिक गायन व लिया गया स्वदेशी का संकल्प प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय द्वारा आयोजित कार्यक्रम का किया गया लाइव प्रसारण उत्तर प्रदेश पिछले 8 वर्ष में जिन ऊंचाइयों की ओर अग्रसर हुआ है, यह हमारे कर्तव्यों की ही अभिव्यक्ति हैः सीएम योगी बोले- आजादी के मंत्र को बढ़ाने और भारत को नई दिशा देने में सफल हुआ वंदे मातरम् गीत कर्तव्यों के प्रति आग्रही बनाता है वन्दे मातरम्ः सीएम योगी 150 वर्ष से भारत को प्रतिनिधित्व देते हुए राष्ट्रीयता का भाव पैदा करने में सफल हुआ है यह गीतः योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रगीत वन्दे मातरम् के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय को किया नमन लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण है। आजादी के आंदोलन का मंत्र बने वन्दे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर पीएम मोदी ने इस दिवस को स्मृति दिवस के रूप में आयोजित करने के लिए देशवासियों को नई प्रेरणा दी। सीएम ने कहा कि वन्दे मातरम् भारत की आजादी का अमर मंत्र बन गया था। उस दौरान विदेशी हुकूमत के द्वारा दी जाने वाली अनेक यातनाओं, प्रताड़नाओं की परवाह किए बिना भारत का हर नागरिक (स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, क्रांतिकारी) वन्दे मातरम् गीत के साथ गांव, नगर, प्रभातफेरी के माध्यम से भारत की सामूहिक चेतना के जागरण के अभियान से जुड़ चुका था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वन्दे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में अपनी बातें रखीं। इस दौरान राष्ट्रगीत का सामूहिक गायन हुआ और स्वदेशी का संकल्प भी लिया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रगीत के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय को नमन किया। मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। लोकभवन में उपस्थित लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय द्वारा आयोजित कार्यक्रम का लाइव प्रसारण भी देखा। सीएम ने कोविड प्रबंधन की भी चर्चा की सीएम योगी ने 100 वर्ष पूर्व देश के अंदर आई महामारी का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय भारत की आबादी कुल 30 करोड़ थी और इस महामारी से मरने वालों की संख्या भी करोड़ों में थी। गांव के गांव साफ हो गए थे। स्वतंत्र भारत में कोविड जैसी महामारी का संक्रमण भी दुनिया ने झेला है। इस महामारी के दौरान शासन-प्रशासन हो या अल्पवेतन भोगी, जान की परवाह किए बिना सभी के मन में एक ही भाव था कि इसे नियंत्रित करना है और इसके समाधान का रास्ता निकालना है। सीएम योगी ने कहा कि भारत और भारतीयता, नागरिकों के बारे में संवेदनशील तरीके से वह नेतृत्व ही सोच सकता है, जो उस भावना से ओतप्रोत हो। आजादी के मंत्र को बढ़ाने में सफल हुआ वन्दे मातरम् सीएम योगी ने कहा कि 1875 में रचा गया यह गीत केवल आजादी का ही गीत नहीं रहा, बल्कि देश के अंदर आजादी के मंत्र को बढ़ाने में भी सफल हुआ। वन्दे मातरम् गीत संस्कृत व बांग्ला की सामूहिक अभिव्यक्ति को भले ही प्रदर्शित करता हो, लेकिन यह संपूर्ण भारत को राष्ट्र माता के भाव के साथ जोड़ने का अमर गीत बन गया। इसने भारत की शाश्वत अभिव्यक्ति को देशवासियों के सामने प्रस्तुत किया था। सीएम ने कहा कि जब विदेशी हुकूमत ने 1905 में बंग-भंग के माध्यम से भारत की भुजाओं को काटने का दुस्साहिक निर्णय लिया था, उस समय भी इस गीत ने पूरे भारतवासियों को एकजुट होकर प्रतीकार करने की प्रेरणा दी। उसके बाद के कालखंड में जब भी किसी क्रांतिकारी ने फांसी के फंदे को चूमा, तब उसके मुख से वंदे मातरम् मंत्र ही निकलता रहा। वन्दे मातरम् ने किया संपूर्ण भारत की सामूहिक अभिव्यक्ति का प्रतिनिधित्व सीएम योगी ने कहाकि भारत की आजादी के आंदोलन के दौरान भी जब स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने कोई स्लोगन, फ्लैग दिया तो वन्दे मातरम् उसका स्वर बना। वन्दे मातरम् संपूर्ण भारत की सामूहिक अभिव्यक्ति का प्रतिनिधित्व करते हुए पूरे देश को एकता के सूत्र में बांधने वाला मंत्र बना। इस गीत ने हर भारतीय के मन में यह भाव रचने का प्रयास किया कि व्यक्ति जाति-मत-मजहब से ऊपर उठकर राष्ट्र के बारे में सोच सके और राष्ट्रप्रथम के भाव के साथ राष्ट्रमाता के प्रति सामूहिक अभिव्यक्ति हो। सीएम योगी ने वंदे मातरम् को भारत की भक्ति-शक्ति के सामूहिक शाश्वत अभिव्यक्ति का सामूहिक स्वरूप बताया। सीएम ने कहा कि वन्दे मातरम् के अमरगीत के साथ उसके 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में हम सभी इसके रचयिता को भी याद कर रहे हैं। संविधान सभा ने इस गीत को 24 जनवरी 1950 को भारत के राष्ट्रगीत के रूप में मान्यता दी। यह अमर गीत भारत को नई दिशा देने में हुआ है सफल सीएम योगी ने कहा कि यह भले ही बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के आनंद मठ के उस अमर उपन्यास पर आधारित है, जिन्होंने भारत व बंगाल में उस दौरान भूख से तड़पती, अकाल-अभाव से ग्रसित जनता के उन स्वरों को, जिसे संन्यासियों ने बाद में आंदोलन का रूप दिया। लेकिन वास्तव में यह अमर गीत भारत को नई दिशा देने व भारत की सामूहिक चेतना को आगे बढ़ाने में सफल हुआ है। आज इसके 150 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। यह गीत 150 वर्ष से भारत को प्रतिनिधित्व देते हुए नई राष्ट्रीयता का भाव पैदा करने में सफल हुआ है। कर्तव्यों के प्रति आग्रही बनाता है वन्दे मातरम् सीएम योगी ने कहा कि हम सब वन्दे मातरम् का हिस्सा हो सकते हैं। वन्दे मातरम् किसी उपासना विधि, किसी जाति-व्यक्ति का महिमा मंडन करने के प्रति नहीं, बल्कि हमारे कर्तव्यों के प्रति आग्रही बनाता है। सीएम ने बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर द्वारा 26 नवंबर 1949 को भारत के संविधान की ड्राफ्टिंग प्रति सौंपने का भी जिक्र किया। सीएम ने पीएम मोदी के उस कथन की चर्चा की औऱ कहा कि हम देश में रहते हैं, अधिकारों की बात करते हैं पर क्या कभी कर्तव्य के बारे में स्मरण किया है। कर्तव्य ऐसा हो, जो वर्तमान व भावी पीढ़ी के भविष्य को भी उज्ज्वल बना सके। वन्दे … Read more

सीएम योगी ने सीतामढ़ी के परिहार से गायत्री देवी व सुरसंड में जदयू के नागेंद्र राउत के पक्ष में की रैली

बिहार विधानसभा चुनाव यूपी के मुख्यमंत्री ने बिहार की पूर्व उप मुख्यमंत्री व बेतिया विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी रेणु देवी के लिए की कमल खिलाने की अपील  अब बिहार में भी यूपी की तरह माफिया राज समाप्त होगा, जो खानदानी माफिया हैं, उनकी उलटी गिनती शुरू हो चुकी है बेतिया में बोले योगी- राजद के समय सड़क और पुल का भी हो जाता था अपहरणः योगी  योगी ने चेताया- माफिया व अपराधियों को जब भी सत्ता का स्वाद चखाओगे तो कीमत चुकाओगे विपक्षी दलों पर किया प्रहार, बोले- बिजली एनडीए देगी, लालटेन की लाइट में मोबाइल-लैपटॉप नहीं चार्ज कर पाएंगे योगी ने राजद को घेरा- यह लोग लालटेन दिखाकर बंद कर देते थे, फिर रात में डकैती डालते थे  आरजेडी-कांग्रेस ने बिहार को लूट, अपहरण और भ्रष्टाचार की राजधानी बनाया थाः सीएम योगी  बोले- आज हो रहे मतदान के रूझान बता रहे हैं कि 14 नवंबर को फिर एनडीए सरकार का नारा बुलंद होगा सीतामढ़ी/पश्चिमी चंपारण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बिहार विधानसभा चुनाव प्रचार में ताबड़तोड़ रैली निरंतर जारी है। गुरुवार को उन्होंने पहली रैली में परिहार से भाजपा प्रत्याशी गायत्री देवी और सुरसंड से जदयू प्रत्याशी नागेंद्र राउत के पक्ष में वोट मांगा। दूसरी रैली में पूर्व उप मुख्यमंत्री व बेतिया से भाजपा उम्मीदवार रेणु देवी के लिए की कमल खिलाने तथा तीसरी रैली में बगहा से राम सिंह, राम नगर से नंद किशोर रामजी को जिताने की अपील की। सीएम ने राजद व कांग्रेस पर करारा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने भारत को बदला है। जो काम कांग्रेस 65-70 वर्ष में नहीं कर पाई, मोदी जी ने 11 वर्ष में कर दिया। 46 करोड़ बैंक अकाउंट खोल दिए गए, जिससे गरीबों, महिलाओं व लाभार्थियों का पैसा सीधे अकाउंट में जाता है। पीएम ने कांग्रेस व राजद की दलाली को रोक दिया है, इसलिए यह लोग मोदी जी को गाली देते हैं। उन्होंने कहा कि आज हो रहे मतदान के रूझान बता रहे हैं कि 14 नवंबर को फिर एनडीए सरकार का नारा बुलंद होगा।  बिहार की जनता अब ठगी के मायाजाल में नहीं फंसेगी  सीएम योगी ने सीतामढ़ी में कहाकि जिन लोगों ने भगवान श्रीराम और मां जानकी पर सवाल उठाए, उन्हें सबक सिखाना है, क्योंकि जो राम का नहीं है, वह हमारे किसी काम का नहीं है। उन्होंने कहा कि परिहार-गोरखपुर के बीच आस्था और संस्कार का गहरा रिश्ता है। यहाँ के लोग गोरखनाथ बाबा को खिचड़ी चढ़ाने आते हैं, गोरखपुर के बाजारों में यहीं के लोगों की पहचान है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी व सीएम नीतीश कुमार के नेतृत्व में भारत-बिहार की तस्वीर और तकदीर बदली है, वहीं राजद-कांग्रेस ने बिहार को भ्रष्टाचार और अराजकता में झोंक दिया था। बिहार की जनता अब ठगी के मायाजाल में नहीं फंसेगी। सीएम योगी ने कहा कि अब बिहार में भी यूपी की तरह माफिया राज समाप्त होगा। जो खानदानी माफिया हैं, उनकी उलटी गिनती शुरू हो चुकी है। जैसे उत्तर प्रदेश में माफिया पस्त हुआ, वैसे ही बिहार में भी एनडीए की सरकार बनते ही माफिया का अंत निश्चित है।  योगी ने चेताया- माफिया को जब भी सत्ता का स्वाद चखाओ तो कीमत चुकाओगे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दूसरी रैली में कहाकि राजद काल में इंजीनियर, डॉक्टर, बच्चे, व्यापारियों के साथ ही सड़क, पुल का भी अपहरण हो जाता था। पेशेवर माफिया व अपराधी इनके शागिर्द थे। यूपी में माफिया को अब बुलडोजर से रौंद दिया गया है। सीएम ने मतदाताओं को चेताया कि माफिया व अपराधियों को सत्ता का स्वाद नहीं चखने देना चाहिए। जब भी इन्हें सत्ता का स्वाद चखाओगे तो कीमत चुकाओगे। सीएम योगी ने कहाकि राजद के समय बिजली नहीं आती थी, जबकि अब तीन करोड़ लोगों के घर में बिजली कनेक्शन दिए गए। उन्होंने मतदाताओं से कहा कि आप लालटेन की लाइट में मोबाइल-लैपटॉप नहीं चार्ज कर पाएंगे। बिजली तो एनडीए ही देगी। यह लोग लालटेन दिखाकर बंद कर देते थे, फिर रात में डकैती डालते थे। कांग्रेस, राजद व सपा वाले जाति के नाम पर बांटने का कार्य कर रहे हैं। सीएम ने मतदाताओं को आगाह किया कि बंटे थे तो कटे थे। बंटना नहीं है, एकजुट होकर कांग्रेस-राजद के माफियाराज व जंगलराज का मुंहतोड़ जवाब देना है। अंग्रेजों की विरासत के अनुसार कांग्रेस ने किसानों को भूखमरी की ओर ढकेला तो राजद ने उनका शोषण किया। इन लोगों ने समृद्ध बिहार बनने के सपनों को जंगलराज में बदलकर नौजवानों, नागरिकों के सामने पहचान का संकट खड़ा किया।  पशुओं का चारा खाने वालों और जमीन कब्जाने वालों से रहें सावधान सीएम योगी ने तीसरी रैली में कहा कि महागठबंधन झूठ का पुलिंदा है। ये वही लोग हैं जो गरीबों की जमीन पर कब्जा करते थे, पशुओं का चारा खा जाते थे और नौजवानों की नौकरी में सेंध लगाते थे। कांग्रेस और राजद की नीतियों ने बिहार की गौरवशाली पहचान को कलंकित किया है। इनके शासन में बिहार ‘जंगलराज’ में तब्दील हो गया था। लूट, हत्या, अपहरण उद्योग बन गया था। राजद के 15 साल के शासन में 30,000 से अधिक अपहरण हुए, लेकिन 2005 में नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए सरकार बनने के बाद बिहार ने सुशासन की राह पकड़ी। बिहार में आज विकास की सभी योजनाएं हैं। एनडीए सरकार ने ‘लखपति दीदी’ बनाकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया है। सीएम ने अयोध्या में बने राम मंदिर, राम दरबार, जटायु, गिलहरी, महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट,  मां शबरी के नाम पर बने रसोई और निषादराज के नाम पर बने रैनबसेरे का जिक्र करते हुए कहा कि यह कृतज्ञता ज्ञापित करने की संस्कृति है। कांग्रेस व राजद कृतज्ञता ज्ञापित करना नहीं सिखा सकती।